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राहुल की कोशिशें नाकाम, भूपेन बोरा भाजपा में जाएंगे; घर आकर CM हिमंत से की मुलाकात

गुवाहाटी  असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे को लेकर नया ट्विस्ट नजर आ रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने  दावा किया कि 22 फरवरी को भाजपा ज्वॉइन करेंगे। उन्होंने यह भी कहाकि उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी भाजपा में आएंगे। बता दें कि सोमवार को भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में शीर्ष नेतृत्व के मनाने पर उन्होंने अपने फैसले पर फिर से विचार करने की बात कहते हुए इस्तीफा वापस ले लिया था। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाया था। लेकिन मंगलवार को उनके भाजपा जॉइन करने की बातें होने लगीं। हिमंत बोले उनके लिए घरवापसी हिमंत ने अपने बयान में कहाकि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहले ही उनकी जॉइनिंग अप्रूव कर दी है। भाजपा में उनका स्वागत है। उन्होंने कहाकि भूपेन बोरा को वह सभी सम्मान दिया जाएगा, जिसके वह हकदार हैं। भाजपा से जुड़ना उनके लिए घरवापसी जैसा होगा, क्योंकि यह उनके जैसे लोगों की ही पार्टी है, जो अपने पिता की विरासत वाली सियासत नहीं करते हैं। इससे पहले सरमा, गुवाहाटी के घोरमारा इलाके में बोरा के आवास पर गए, जहां उनकी पत्नी और बेटे ने मुख्यमंत्री की आरती की और स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बोरा के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं और वादा किया था कि वह उन्हें विधानसभा चुनाव में सुरक्षित सीट से जीतने में मदद करेंगे। दिन में क्या बोले थे भूपेन बोरा वहीं, आज दिन में कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि वह केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूछे जाने पर मंगलवार रात तक इस बारे में अपना अंतिम निर्णय घोषित करेंगे कि वह इस्तीफा वापस लेंगे या नहीं। बोरा ने आज सुबह पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले वह अपने शुभचिंतकों, करीबी सहयोगियों और लखीमपुर जिले के लोगों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करना चाहेंगे, जहां से वह ताल्लुक रखते हैं। बोरा ने बिना नाम लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि वह असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) में रहने को तैयार हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं, जो स्पष्ट रूप से पार्टी के धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन की ओर इशारा था। उन्होंने कहाकि मैंने अपने त्यागपत्र में भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है। आरोप भी लगाया था बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके नाम का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया गया। हुसैन के धुबरी लोकसभा सीट से चुने जाने के बाद समागुरी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। पार्टी का टिकट उनके बेटे तंजील हुसैन को दिया गया था, जो भाजपा के दीप्लू रंजन शर्मा से चुनाव हार गए थे। बोरा ने दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में, कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का विरोध किया था और मैंने इस संबंध में पार्टी आलाकमान को कई बार पत्र लिखा था। चुनावों के बाद, गठबंधन खत्म हो गया और पिछले लोकसभा चुनाव में हुसैन को इसका सबसे बड़ा फायदा हुआ, उन्होंने एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल को रिकॉर्ड अंतर से हराकर सीट जीती।

भोपाल कोर्ट ने राहुल गांधी को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भोपाल कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है। कोर्ट ने राहुल को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए हैं। 9 मई को राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वो हाजिर नहीं हुए थे। यह मामला 2018 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने झाबुआ की एक चुनावी रैली में कहा था कि शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स लीक में है। बाद में शिवराज पर की गई टिप्पणी वापस ले ली गई, लेकिन कार्तिकेय पर बयान बरकरार रखा। जिसे कार्तिकेय ने इसे झूठा और मानहानि करने वाला बताया था। बयान के बाद कार्तिकेय ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था।

राहुल गांधी को मंत्री सारंग ने कहा आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता ….

भोपाल  राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है , महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद से राहुल गांधी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय राहुल अमेरिका दौरे पर हैं और उन्होंने एक बार फिर वहां भारत के चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को एमपी के मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब दिया है सारंग ने कहा आप चुने हुए सांसद है, आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है, बता दें राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाई और भारत की चुनाव प्रक्रिया की बुराई की है वहीं दिग्विजय सिंह ने मस्जिद के सामने से हिंदू जुलूस पर सवाल उठाये हैं और खड़गे ने नेशनल हेराल्ड केस में भाजपा पर निशाना साधा है। बोस्टन में राहुल ने फिर उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बोस्टन शहर के दौरे पर पहुंचे वहां उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से बात करते हुए महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने युवा थे, उससे ज्यादा वोट डाले गए, ये एक सच्चाई है, हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े मिले थे, लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब वोटिंग बंद हो जानी चाहिए थी, उस समय 65 लाख लोगों ने वोट डाला। चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने आगे कहा  ये शारीरिक रूप से मुमकिन ही नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं, और यदि इसका हिसाब लगाएं तो मतलब ये है कि रात 2 बजे तक लोग लाइन में लगे रहे और पूरी रात वोटिंग चलती रही, जोकि सच नहीं है ऐसा हुआ ही नहीं, उन्होंने कहा हमारे लिए ये स्पष्ट था कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता कर लिया है, सिस्टम में कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है, ये बिल्कुल साफ दिख रहा है, हमने यह बात खुलकर कही है और मैंने खुद कई बार यह बात दोहराई है। सारंग ने राहुल गांधी पर किया पलटवार राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि फिर राहुल गांधी का बचपना सामने आया है वे हमेश अंतर राष्ट्रीय मंच पर भारत का अपमान करते हैं वे भूल जाते हैं कि उन्हें यदि वहां बोलने का मौका मिल रहा है तो एक सांसद के तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपकी निजी कोई पहचान नहीं है। भारत को विदेश में बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए सारंग ने कहा  वहां जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए, आप विपक्ष में है सरकार की आलोचना कीजिये लेकिन भारत में कीजिये विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना अपमानित करना देश द्रोह की श्रेणी में आता है, हो सकता है अप मीडिया की सुखियों में आने के लिए ये सब बोलते हैं लेकिन इससे भारत के मान सम्मान कम होता है। सारंग का सवाल , राहुल, प्रियंका, सोनिया संसद कैसे पहुंच गए सारंग ने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है तो राहुल गांधी संसद में कैसे पहुंच गए? प्रियंका गांधी कैसे पहुंच गई, सोनिया गांधी कैसे लगातार सांसद चुनी जाती रहीं, कांग्रेस इतनी सीटें कैसे जीते गई? अपनी हार का ठीक किसी और पर फोड़ना बचपना ही है, इसलिए वे इस तरह की बातों को करना बंद करें। गुना एसपी को हटाने की वजह बताई दिग्विजय सिंह ने गुना के एसपी को हटाये जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया और भाजपा पार्षद पर कार्रवाई होने की वजह से एसपी को हटाया गया है उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा पार्षद पहले भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बचा लिया, उन्होंने कहा मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है। भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता दिग्विजय के बयान पर सारंग ने पलटवार करते हुए कहा दिग्विजय सिंह भारत में पाकिस्तान की भाषा ना बोले, क्या हिन्दुओं का जुलूस मस्जिदों के सामने से नहीं निकलेग?  तुष्टिकरण की राजनीति करना, सनातन विरोधी मानसिकता के साथ जीवन जीना मियां दिग्गी की आदत है , इसलिए वे पूरे देश में बदनाम हैं।  उन्होंने कहा भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता। नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? उधर नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई कह रहे हैं, सारंग ने इस पर प्रहार करते हुए कहा नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मामले की बात कर रहे हैं वो 2012 में शुरू हुआ, नेशनल हेराल्ड का सच जनता के सामने है।  

इलाहाबाद हाईकोर्ट राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सख्त, केंद्र सरकार को स्पष्ट रिपोर्ट दस दिन में देने का आदेश दिया

लखनऊ कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह दस दिनों में इस सम्बन्ध में याची की ओर दाखिल प्रत्यावेदन को निस्तारित करें और नागरिकता को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट दें। अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया है। पिछली सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडे ने अदालत को बताया था कि याची के शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, संबंधित मंत्रालय ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के बारे में विवरण मांगते हुए ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखा है और इसलिए सरकार को शिकायत पर निर्णय लेने के लिए समय चाहिए। उल्लेखनीय है कि मामले में याची की ओर से दलील दी गई है कि उसके पास तमाम दस्तावेज और ब्रिटिश सरकार के कुछ ई-मेल हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि राहुल गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं और इस कारण से वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लोकसभा सदस्य का पद नहीं धारण कर सकते। इसी आधार पर याची ने राहुल गांधी की सांसद पद पर बने रहने के खिलाफ अधिकार पृच्छा रिट जारी करने का आदेश देने की भी मांग की है। इसके साथ ही याचिका में राहुल गांधी के इस प्रकार से दोहरी नागरिकता धारण करने को भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत अपराध बताते हुए, सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश देने की भी मांग की गई है। याची का यह भी कहना है कि उसने दोहरी नागरिकता के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी को दो-दो बार शिकायतें भेजीं लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने पर वर्तमान याचिका दाखिल की गई है।

हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीडी सावरकर मानहानि मामले में राहत देने से इनकार किया

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीडी सावरकर मानहानि मामले में राहत देने से इनकार किया, जो लखनऊ में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित है।गांधी ने पिछले साल दिसंबर में उन्हें आरोपी के तौर पर समन करने के अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में गांधी ने सेशन कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसमें शिकायतकर्ता एडवोकेट नृपेंद्र पांडे द्वारा जून 2023 में उनकी शिकायत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को अनुमति दी गई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि गांधी के पास CrPC की धारा 397 (BNSS की धारा 438) के तहत सेशन जज के समक्ष जाने का उपाय उपलब्ध है। इसे देखते हुए न्यायालय ने उनकी याचिका का निपटारा किया। जैसा कि बताया गया, गांधी को पिछले साल दिसंबर में अभियुक्त के रूप में अदालत ने तलब किया, जिसमें पाया गया कि गांधी ने अपने भाषण के माध्यम से और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाषण से पहले विचलित करने वाले पर्चे के माध्यम से समाज में नफरत और दुर्भावना फैलाई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सावरकर अंग्रेजों के सेवक थे और उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली। एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिविजन)/एसीजेएम, लखनऊ, आलोक वर्मा ने दिसंबर में पारित अपने आदेश में कहा, “प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से छपे पर्चे और पर्चे बांटना दर्शाता है कि राहुल गांधी ने समाज में नफरत और दुश्मनी फैलाकर राष्ट्र की बुनियादी विशेषताओं को कमजोर और अपमानित किया।” यह आदेश एडवोकेट पांडे द्वारा दायर शिकायत मामले पर पारित किया गया, जिसमें दावा किया गया कि गांधी ने समाज में नफरत फैलाने के इरादे से राष्ट्रवादी विनायक दामोदर सावरकर को अंग्रेजों का सेवक कहा, और कहा कि उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली थी। याचिका में कहा गया, “राष्ट्रवादी विचारधारा के महान नेता कांतिवीर दामोदर स्वतंत्रता के इतिहास में निर्भीक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत माता को उनकी गुलामी से मुक्त कराने के लिए अंग्रेजों के अमानवीय अत्याचारों को सहन किया और गांधी जी ने सावरकर जी के प्रति हीन भावना फैलाने के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया और घृणास्पद बातें कहीं।”  

मध्य प्रदेश कांग्रेस में होगा बड़ा बदलाव, कांग्रेस लांच करेगी नया प्रोजेक्ट, राहुल गांधी करेंगे मॉनिटरिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश में कांग्रेस बड़े परिवर्तन की तरफ आगे बढ़ रही है. आला कमान ने देशभर में 2 राज्यों में एक बड़ा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इनमें में से एक राज्य मध्य प्रदेश भी है. अब पार्टी ग्रामीण स्तर पर पंचायत कांग्रेस कमेटी और शहरी क्षेत्र में मोहल्ला और कॉलोनी कमेटियों का गठन करने जा रही है ताकि हर घर में कांग्रेस की पहुंच हो. कांग्रेस को यह बड़ा फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि लंबे अरसे से मध्य प्रदेश में पार्टी सत्ता से दूर है और लोकसभा के चुनाव में भी भाजपा ने यहां 29 सीटों पर क्लीन स्वीप किया. इस प्रोजेक्ट के लिए दूसरे राज्य के तौर पर गुजरात को चुना गया है. वहां पर भी परिस्थितियों कुछ इसी तरीके की हैं. मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब संगठनात्मक पदों को ताकतवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. प्रदेश में अब ब्लॉक और जिला अध्यक्ष को संगठनात्मक ढांचे में विधायक से बड़ा माना जाएगा. प्रदेश में कई जिलों में बड़े परिवर्तन भी होंगे. कई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को बदला जाएगा कांग्रेस ने इसके लिए प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. भोपाल ,उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ पार्टी में ग्रामीण स्तर तक परिवर्तन देखने मिलेंगे. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक करेंगे. अधिवेशन में घोषित होंगी कमेटी मध्य प्रदेश में कांग्रेस जल्द एक बड़ा अधिवेशन करने की तैयारी में है जिसमें पंचायत और मोहल्ला- कॉलोनी कांग्रेस कमेटीयों की घोषणा की जाएगी. इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. कांग्रेस में फ्रेंचाइजी सिस्टम वहीं जमीन से प्रदेश संगठन को खड़ा करने में जुटी कांग्रेस की तैयारी पर तंज कसते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. जहां पर फ्रेंचाइजी पॉलिसी चलती है. अभी मध्य प्रदेश की फ्रेंचाइजी जीतू पटवारी के पास है तो वह जैसा चाह रहे हैं वैसा हो रहा है. इससे धरातल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है. आलाकमान के साथ कई दौर की बैठक मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए पीसीसी ने स्ट्रक्चर बनाकर एआईसीसी को भेजा था जिस पर पार्टी आला कमान की मोहर लग चुकी है. इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कई दौर की मुलाकात शीर्ष पदाधिकारीयों, पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी और अन्य नेताओं से हो चुकी है. कांग्रेस की माने तो जल्द ही इस प्रोजेक्ट के नतीजे दिखने लगेंगे, एक नई कांग्रेस मध्यप्रदेश में खड़ी होगी.

राहुल गांधी अपने बयान को लेकर फिर मुश्किल में फंसे, संभल कोर्ट ने भेजा नोटिस

संभल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं. संभल की कोर्ट ने राहुल गांधी को 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का नोटिस भेजा है. पूरा मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं बल्कि इंडियन स्टेट के साथ है. हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 15 जनवरी को बयान दिया था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडिया स्टेट से है. सिमरन गुप्ता ने इस बयान को भारतीयों की भावनाएं भड़काने वाला बताया और अधिकारियों से शिकायत की थी. अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर, सिमरन गुप्ता ने 23 जनवरी को संभल के चंदौसी जिला कोर्ट में मामला दर्ज कराया. एडीजे सेकंड कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. राहुल गांधी का बयान संविधान के प्रति अनादर सिमरन गुप्ता का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भारतीय संविधान के प्रति अनादर को दर्शाता है. साथ भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता के लिए भी खतरा है. सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर हिंदुओं के खिलाफ बयान देकर उनकी भावनाएं भड़काने का भी आरोप लगाया है. 4 अप्रैल को पेश होने का आदेश बता दें कि सिविल जज सीनियर डिवीजन विशेष न्यायाधीश (एमपी एमएलए कोर्ट) ने सिमरन गुप्ता के प्रार्थना पत्र को ख़ारिज कर दिया था. जिसके बाद सिमरन गुप्ता ने अपने वकील सचिन गोयल के माध्यम से जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दायर किया. जिस पर एडीजे सेकेंड निर्भय नारायण राय की अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है.

राहुल गांधी को भोपाल अदालत का समन, 9 मई को पेश होने के आदेश, मामला मानहानि से जुड़ा हुआ

भोपाल जिला कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समन भेजा है। राहुल गांधी पर 2018 के मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के दौरान मानहानि का आरोप है। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान के खिलाफ पनामा पेपर्स में नाम होने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने उन्हें 9 मई को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला झाबुआ में हुई एक चुनावी रैली से जुड़ा है। झाबुआ की रैली में लगाए थे आरोप राहुल गांधी ने झाबुआ में एक रैली को संबोधित किया था। इस रैली में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान पर पनामा पेपर्स लीक में नाम आने का आरोप लगाया था। बाद में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान पर लगे आरोपों को वापस ले लिया, लेकिन कार्तिकेय चौहान पर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कोई सफाई नहीं दी। इसी बात पर कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। कार्तिकेय ने लगाए थे आरोप कार्तिकेय चौहान का कहना है कि 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ की रैली में राहुल गांधी ने उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए। इन बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। यह मामला अब तक अनरजिस्टर्ड था, लेकिन अब कोर्ट ने इसे दर्ज कर लिया है और राहुल गांधी को समन जारी किया है। भोपाल के न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने यह समन जारी किया है। राहुल गांधी को 9 मई को कोर्ट में पेश होना होगा। शिवराज पर दिए बयान को लिया वापस राहुल गांधी ने रैली में कहा था कि ‘केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स में है।’ हालांकि बाद में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर दिए गए बयान को वापस ले लिया। लेकिन कार्तिकेय चौहान पर कही गई बात को नहीं बदला। कार्तिकेय ने मामला कराया था दर्ज इस पर कार्तिकेय ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था.कार्तिकेय का आरोप है कि 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ की रैली में राहुल गांधी ने झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे.इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.मामला अब तक अनरजिस्टर्ड था,लेकिन कोर्ट ने इसे दर्ज कर लिया है. कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी कर अब पेश होने को कहा है.राहुल गांधी को समन न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने जारी​ किया है.

कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप! सोनिया गांधी को गंगा में स्नान करते हुए देखा गया था

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के द्वारा महाकुंभ को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया था। इसके बावजूद उनकी पार्टी के कई नेताओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद लोगों की नजर गांधी परिवार के अगले कदम पर जा टिकी है। आपको बता दें कि एक रैली के दौरान खरगे ने यह सवाल उठाया था कि क्या गंगा में पवित्र स्नान करने से देश में गरीबी समाप्त हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उनका दावा था कि उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना के लिए ऐसे बयान दिए थे। उनके बयान के बीच INDIA गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव और उनकी पत्नी ने सबसे पहले कुंभ में स्नान किया। हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, उनके बेटे, राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट सहित कई कांग्रेसी स्नान करने के लिए प्रयागराज की यात्रा कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह और उनके बेटे, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सचिन पायलट ने कुंभ में जाकर स्नान किया। इन सभी नेताओं को यह समझ है कि ‘हिंदू आस्था’ एक ऐसा विषय है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जो गलती हुई थी, उसे दोहराया नहीं जा सकता। आपको बता दें कि कांग्रेस ने इसे सरकारी आयोजन कहकर छोड़ दिया था। हालांकि पार्टी ने बाद में मंदिर जाने का दावा किया था, लेकिन अब तक कोई प्रमुख नेता अयोध्या में नहीं दिखाई दिए हैं। कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप हैं। 2001 में सोनिया गांधी को गंगा में पवित्र स्नान करते हुए देखा गया था। उस समय भाजपा उनके धर्म और उनकी जाति को लेकर सवाल उठाती थी। आपको बता दें कि इंदिरा गांधी हिंदू थीं और हमेशा ‘रुद्राक्ष’ पहनती थीं।

राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई , वो जमानती अपराध, क्या जाएगी सांसदी

नई दिल्ली संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड के बाद बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बीजेपी ने हत्या की कोशिश का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115 और 117 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। दरअसल, गुरुवार सुबह संसद में अमित शाह द्वारा आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बीजेपी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस और बीजेपी सांसद आमने-सामने आ गए और प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। भाजपा ने राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। संसद में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उनके द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने को लेकर है यह शिकायत हुई है। इसमें विस्तार में बताया है कि आज घटनाक्रम जो हुआ, जहां एनडीए के सांसद शांतिपूर्वक तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगैंडा को बेनकाब कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी अपने गठबंधन के सांसदों के साथ उस तरफ कूच करते हैं। जब सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग कहते हैं कि ये संसद में जाने का रास्ता है तो जिस तरह का राहुल गांधी का रवैया था, उन्होंने गुस्सा दिखाया। इस परिवार को अपने आप को कानून से ऊपर मानने की आदत पड़ गई है। बीजेपी की महिला सांसद ने भी लगाया गंभीर आरोप वहीं, बीजेपी की नगालैंड से महिला सांसद फांनोन कोन्याक ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बेहद करीब आकर खड़े हो गए, जिससे मैं असहज हो गई थी। हम बेहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी आए और मेरे ऊपर चिल्लाने लगे। किसी महिला सांसद पर इस तरह चिल्लाना राहुल को शोभा नहीं देता है। मैं बहुत दुखी हूं और सुरक्षा चाहती हूं। राहुल की गिरफ्तारी में हायर अथॉरिटी से लेनी होगी परमिशन अनिल सिंह कहते हैं कि पुलिस इस मामले में सीरियस धाराओं में केस रजिस्टर नहीं करेगी। यह सिंपल मारपीट का मामला बनेगा। इन सब मामले में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि, राहुल गांधी को गिरफ्तार करने के मामले में हायर अथॉरिटी से परमिशन लेने की जरूरत है। अगर, ये तय हो जाए कि इससे शांति भंग हो सकती है और दंगे भड़क सकते हैं। ऐसे में पुलिस राहुल को अरेस्ट कर सकती है। केस दर्ज हुआ तो 7 साल तक की हो सकती है जेल एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, राहुल पर जो भी केस दर्ज होगा, वो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार होगा। पहले इंडियन पीनल कोड की धारा 151 के तहत जो केस दर्ज होता। वह अब BNS के 189(5) के तहत दर्ज होगा। यानी इसके तहत 5 से अधिक लोग गैरकानूनी तरीके से एक जगह जुटते हैं तो यह केस दर्ज होगा। सिंपल चोट लगने पर 115(2) और गंभीर चोट लगने पर 117(2) लगेगा। इन दोनों ही मामलों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदर्शन शाह के खिलाफ, चोट दूसरे सांसद को, ये जमानती अपराध सु्प्रीम कोर्ट में एडवोकेट अलिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, धक्का-मुक्की के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी, वो जमानती अपराध होंगे। दरअसल, राहुल गांधी अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर किसी दूसरे सांसद को चोट लगती है तो यह संज्ञेय यानी जानबूझकर किया गया अपराध नहीं होगा। ऐसे अपराध में उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है। अगर, यही चोट अमित शाह को लगती तो यह माना जाता कि राहुल ने जान-बूझकर यह अपराध किया होगा। तब उन पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हो सकता था। सिंपल धाराओं में केस दर्ज तो 1 सााल तक की सजा वहीं, जान से मारने की धमकी या कोशिश पर बीएनएस की धारा 110 के तहत केस दर्ज होगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। तुम्हारा जो है! वहीं, बीएनएस की धारा 115(2) के तहत सामान्य केस दर्ज हुआ तो 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, ये भी जमानती ही होगा। संसद के सदस्यों को ये मिले हैं विशेषाधिकार, राहुल को भी मिले संसद के सदस्यों को ये विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इनमें है-संसद में बोलने की स्वतंत्रता। संसद या उसकी किसी समिति में कुछ कहने या वोट देने पर सदस्य को अदालत में किसी भी कार्यवाही से छूट। संसद से प्रकाशित किसी रिपोर्ट, कागजात या कार्यवाही पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ये भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं संसद की कार्यवाही की वैधता को लेकर अदालतों की ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। संसद की कार्यवाही को बनाए रखने के लिए जो अधिकारी या सांसद शक्तियों का प्रयोग करते हैं, वे अदालत के अधिकारक्षेत्र से बाहर होते हैं। संसद की कार्यवाही से संबंधित किसी सत्य रिपोर्ट का समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर उसे किसी न्यायिक कार्यवाही से छूट दी जाती है, जब तक यह साबित न हो कि यह बदनीयती से किया गया है। हालांकि, किसी भी ऐसे मामले में वीडियो सबूत जरूरी होता है।

भाजपा सांसद प्रताप सारंगी संसद में सीढ़ियों से गिरे, बोले- राहुल गांधी ने धक्का दिया

 नई दिल्ली बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी संसद में चोटिल हो गए हैं। सारंगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है।सारंगी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया जो मेरे ऊपर गिर गए जिसके बाद मैं नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था जब राहुल गांधी आए और एक सांसद को धक्का दिया। राहुल गांधी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने मुझे रोका, मुझे सदन के भीतर जाने से रोका गया। मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे धमकाया गया। बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को लेकर विवाद जारी है। विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी नीली कपड़े पहनकर पहुंचे। इस घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रह्लाद जोशी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए हैं. प्रताप सांरगी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल पहुंच गए हैं. – संसद परिसर में बीजेपी सांसद से धक्का-मुक्की की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी गई है. – बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रताप सारंगी का हालचाल जाना. अस्पताल से आने के बाद पात्रा ने बताया कि फिलहाल प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत आईसीयू में हैं. दोनों का बहुत खून बह गया है. उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. – केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी सामंतवादी हैं. सामंतवादी राहुल ने धक्का दिया. ये देश उनकी जागीर नहीं है. ये परिवार करना क्या चाहता है. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में धक्का मुक्की को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी से सवाल करना चाहता हूं कि ये शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करने की जगह नहीं है. अगर सब लोग अपनी ताकत का प्रदर्शन करने लगेंगे तो संसद कैसे चलेगी? पहलवानी दिखाने का क्या मतलब है? ये कराटे या कुंगफू की जगह नहीं है. ये किसी राजा की निजी संपत्ति नहीं है बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है. यह स्मार्टनेस दिखाने की जगह नहीं है. संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल ने शारीरिक ताकत दिखाई है. ये बॉक्सिंग का अखाड़ा नहीं है. मैं राहुल गांधी का धिक्कार करता हूं. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल गांधी को सांसदों के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. – सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रताप सारंगी मामले में बीजेपी प्रोटेस्ट के वीडियो खंगाल रही है. धक्के के आरोप को वेरिफाई करने के लिए अगर राहुल द्वारा बीजेपी सांसद को धक्का देने का वीडियो मिलता है तो बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करा सकती है. – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं. प्रताप सिंह सारंगी का हाल-चाल जानने मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कैमरे में सब कैद है. मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था. बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया. खड़गे जी को भी धक्का दिया. हमें धक्का-मुक्की से हमें कुछ नहीं होता है. बीजेपी रे सांसद हमें संसद में जाने से नहीं रोक सकते. राहुल ने कहा कि मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि ये संसद का एंट्रेंस हैं. बीजेपी के सांसद मुझे धकेल रहे थे, धमका रहे थे. बीजेपी के सांसदों ने एंट्रेंस रोक दी. वे मुझे लगातार धक्का दे रहे थे और धमका रहे ते. अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन कर रही कांग्रेस इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हां किया है, ठीक है.. धक्का मुक्की से कुछ होता नहीं है.  मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. बता दें कि इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे.

PMML का राहुल को लेटर- नेहरू के डॉक्यूमेंट्स लौटाएं, 2008 में सोनिया ने म्यूजियम से मंगवाए थे

नई दिल्ली भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्र लौटाने के लिए सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखा गया है। यह पत्र PMML यानी प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय की ओर से लिखा गया है। हालांकि, अब तक इसे लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खबर है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास इन पत्रों को करीब 16 साल पहले पहुंचाया गया था। 10 दिसंबर को PMML के सदस्य रिजवान कादरी की ओर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे अपील की गई है कि सोनिया गांधी की तरफ से वापस बुलाए गए ओरिजिनल लेटर लौटाएं या उनकी फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी दाखिल करें। खास बात है कि सितंबर में भी सोनिया गांधी से पत्र लौटाने का अनुरोध किया गया था। साल 1971 में इन पत्रों को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (अब PMML) में जमा कराए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर साल 2008 में 51 बॉक्स में ये लेटर वापस सोनिया गांधी को भेज दिए गए थे। खास बात है कि तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली UPA सरकार थी। पंडित नेहरू के पत्र इन पत्रों में नेहरू समेत इतिहास के कई बड़े नामों के बीच संवाद हैं। इनमें एडविना माउंटबेटन, एल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसिफ, बाबू जगजीवन राम, गोविंद वल्लभ पंत समेत कई लोग शामिल हैं। PMML की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है, ‘हम समझते हैं कि ये पत्र नेहरू परिवार के लिए निजी महत्व रख सकते हैं। हालांकि, PMML का मानना है कि ऐतिहासिक सामग्री तक… आसान पहुंच बनाना स्कॉलर्स और रिसर्चर्स की काफी मदद कर सकता है।’ रिजवान कादरी ने चिट्ठी में क्या लिखा? कादरी ने अपनी चिट्टी में आगे लिखा है,  2008 में तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुरोध पर इन दस्तावेजों का एक संग्रह पीएमएमएल से वापस ले लिया गया था। हम समझते हैं कि ये दस्तावेज ‘नेहरू परिवार’ के लिए व्यक्तिगत महत्व रखते होंगे। मगर पीएमएमएल का मानना है कि ये ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज हैं और इन तक पहुंच आवश्यक है। सोनिया गांधी से भी की थी लेटर लौटाने की मांग कादरी ने  बातचीत में बताया कि सितंबर 2024 में भी मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि 2008 में नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय से वापस लिए गए 51 डिब्बों को लौटा दिए जाएं या हमें उन्हें देखने और स्कैन करने की अनुमति दी जाए या फिर उनकी एक प्रति हमें प्रदान की जाए ताकि हम उनका अध्ययन कर सकें। इस पर अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। तो मैंने विपक्ष के नेता और उनके बेटे राहुल गांधी से उन्हें वापस लाने में हमारी मदद करने का अनुरोध किया। हमें उम्मीद है कि विपक्ष के नेता के रूप में वे इस पर गौर करेंगे और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराएंगे।” नेहरू ने किसके नाम लिखी थी चिट्ठी बता दें कि नेहरू ने ये चिट्टी अपने शासनकाल में जयप्रकाश नारायण, बाबू जगजीवन राम, एडविना माउंटबेट, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ और गोविंद बल्लभ समेत अन्य भारतीय इतिहास से संबंधित लोगों के कई महत्वपूर्ण पत्र वहां थे। रिजवान कादरी ने बताया कि ये लेटर जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल ने 1971 में नेहरु मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी (अब पीएमएमएल) को दिए थे। बता दें कि15 जून, 2023 नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी सोसाइटी’ रखने का फैसला किया गया था।  

जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक राहुल कुमार वसूले, आज एक प्रगतिशील कृषक हैं

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के खजरी गांव के राहुल कुमार वसूले आज एक प्रगतिशील कृषक हैं। इसके साथ-साथ वे जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक भी हैं। कभी 15 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले राहुल ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद पावर प्लांट में कार्य किया। लेकिन परिवार के स्वास्थ्य पर रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैविक व प्राकृतिक खेती की राह चुनी। बी.टेक और एम.बी.ए. की शिक्षा लेने के बाद राहुल ने लगभग 15 वर्षों तक पॉवर प्लांट में कार्य किया, लेकिन अपने पिता और पुत्र को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में खोने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं की मूल जड़ रासायनिक खेती से पैदा हुआ अनाज और सब्जियां हैं। इस गहरी सोच के बाद उन्होंने वर्ष 2018 में अपनी नौकरी छोड़कर जैविक खेती करने का फैसला किया। जैविक खेती को समझने और इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए राहुल ने राज्य सरकार की मदद से देश के विभिन्न संस्थानों और वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, केंचुआ खाद और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार करना सीखा। साथ ही इज़राइल की तकनीक से संरक्षित खेती और मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक तरीके भी अपनाये। राहुल की प्रगतिशीलता से उन्हें 1 से 3 दिसंबर 2024 तक पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘मिलेनियर फॉर्मर ऑफ इंडिया 2024’ जैसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में आगरा में उन्हें जैविक इंडिया अवार्ड मिला। वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गौ आधारित जैविक कृषि अवार्ड में भी राहुल को सम्मानित किया गया। जैविक खेती का मॉडल राहुल के पास 10 एकड़ भूमि है, जहां वे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, मूंग, और सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों का उपयोग कर अपनी उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। इसके अलावा वे दुग्ध और मशरूम उत्पादन भी कर रहे हैं। राहुल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है “रसायनमुक्त नवरत्न आटा,” जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, काला गेहूं और अन्य अनाज भी शामिल हैं। यह आटा उनके जैविक प्र-संस्करण यूनिट में तैयार होता है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस यूनिट से क्षेत्र के 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी मिला है। राहुल पहले 15 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, अब खेती करने के बाद उनका का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके उत्पाद गुरुग्राम, नोएडा, पुणे, मुंबई जैसे शहरों तक भेजे जा रहे हैं। राहुल ने “श्रीराम जैविक कृषक समूह” की स्थापना की, जिससे 600 से अधिक किसान जुड़े हैं। वे सभी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हैं। उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी रसायनमुक्त खेती की ओर मोड़ दिया है। अपनी सफलता से प्रफुल्लित होकर राहुल कहते हैं कि सही सोच और मेहनत से हम न केवल अपनी, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।  

बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने दो-टूक कहा अब जवाबदेही तय की जाएगी तथा कठोर निर्णय लिए जाएंगे

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब बीते दिन ही नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं को फटकार लगाई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर समझौता हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में खड़गे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया है, और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है। बैठक में नेताओं ने महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर चर्चा की। कई नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। ‘हमें कठोर निर्णय लेने होंगे’ पार्टी प्रमुख खड़गे ने कहा कि चुनावी हार के मद्देनजर “कठोर निर्णय” लेने होंगे और जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि नेताओं को चुनाव परिणामों से सबक लेना होगा. हालांकि, उन्होंने माना कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को “संदिग्ध” बना दिया है. कांग्रेस प्रमुख ने यह भी पूछा कि पार्टी के राज्य नेता विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों और राष्ट्रीय नेताओं पर कब तक निर्भर रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रतिरोध का संगठन है और पार्टी नेताओं को इस पर भरोसा रखना चाहिए. करीब साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में 81 नेताओं ने हिस्सा लिया. राहुल बोले- एक्शन लीजिए वहीं राहुल गांधी ने खड़गे से पार्टी के खराब परिणामों के मद्देनजर “सख्ती से काम लेने” का आग्रह किया. पीटीआई के मुताबिक, जब चुनावों को लेकर जवाबदेही तय करने की बात हो रही थी तो राहुल गांधी ने कहा, ‘‘खरगे जी, एक्शन लीजिए.’’ आपसी बयानबाजी से हुआ नुकसान- खड़गे खड़गे ने कांग्रेस के भीतर कलह पर निशाना साधते हुए कहा, “सबसे अहम बात जो मैं बार-बार कहता हूं कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है. जब तक हम एक होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे?” उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने प्रतिद्वंद्वियों के “प्रचार और गलत सूचना” का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए एक रणनीति विकसित करनी होगी.  खड़गे ने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हम अनुशासन का सख्ती से पालन करें… पार्टी के पास अनुशासन का हथियार भी है. लेकिन हम अपने कार्यकर्ताओं को किसी बंधन में नहीं डालना चाहते.” महाराष्ट्र चुनाव के बारे में उन्होंने कहा, “छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में माहौल हमारे पक्ष में था. लेकिन केवल माहौल पक्ष में होने भर से जीत की गारंटी नहीं मिल जाती/ हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा. क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पाते?” उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘हमें पर्याप्त मेहनत करने के साथ समयबद्ध तरीके से रणनीति बनानी होगी. हमें अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। हमें मतदाता सूची बनाने से लेकर वोट की गिनती तक रात-दिन सजग, सचेत और सावधान रहना होगा। हमारी तैयारी आरंभ से मतगणना तक ऐसी होनी चाहिए कि हमारे कार्यकर्ता और ‘सिस्टम’ मुस्तैदी से काम करें.’ EVM के पक्ष में चिदंबरम विचार-विमर्श के दौरान, कुछ नेताओं ने ईवीएम के खिलाफ पार्टी प्रमुख के रुख के खिलाफ जाने वालों की आलोचना की और कहा कि इससे नेतृत्व और उठाए गए मुद्दों की छवि खराब होती है. खड़गे द्वारा ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर संदेह जताए जाने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के पक्ष में बात की. पार्टी महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर चिंताओं को लेकर आंदोलन और रैलियां होंगी और इंडिया ब्लॉक के दल इसमें शामिल होंगे.पार्टी महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव, संगठन के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मामलों पर विचार करने के लिए आंतरिक समितियों का गठन करने का फैसला किया है. चुनावी परिणामों पर जताई हैरानी  उन्होंने कहा कि हरियाणा के बाद, पैनल के सदस्य महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे और वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और नुकसान का आकलन करेंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में, वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में चुनावी नतीजे “सामान्य समझ से परे हैं और यह लक्षित हेरफेर का एक स्पष्ट मामला प्रतीत होता है.” सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कहा गया है कि हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन सभी अपेक्षाओं के विपरीत रहा है. प्रस्ताव में कहा गया कि “चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं, जिन्होंने राज्य में परिणाम को प्रभावित किया है, जिन्हें अनदेखा किया गया है.” सीडब्ल्यूसी ने “स्वीकार किया” कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का प्रदर्शन हैरान करने वाला रहा है. कांग्रेस कार्यसमिति ने कहा, “पार्टी को अपने नैरेटिव को मजबूत करते रहना चाहिए. इसमें पूर्ण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना, राजनीतिक संरक्षण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में बढ़ते एकाधिकार पर नियंत्रण और निरंतर मूल्य वृद्धि और बढ़ती बेरोजगारी शामिल है.” राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी कार्यसमिति ने फैसला किया कि चुनावी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को राष्ट्रीय आंदोलन का मुद्दा बनाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ लेगी। जवाबदेही और सख्त फैसले खड़गे ने कहा कि हार से सबक लेते हुए कठोर निर्णय लेने होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों और नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अनुशासन और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी कलह और बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी का आग्रह राहुल गांधी ने खड़गे से खराब प्रदर्शन के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए कहा, “खड़गे जी, अब एक्शन लीजिए।” चिदंबरम का ईवीएम समर्थन बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के खिलाफ खड़गे के बयान से असहमति जताई और इसका … Read more

राहुल गांधी अपने हालिया छपे लेख को लेकर निशाने पर राजपरिवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीया कुमारी ने घेरा

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इस बार वह अपने एक आर्टिकल के कारण चर्चा में हैं, जो एक अखबार में पब्लिश हुआ है और कहा जा रहा है, इस लेख में नेता प्रतिपक्ष ने राज परिवारों पर निशाना साधा है. इस लेख को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है और देश के राज परिवारों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. सोशल मीडिया पर इस लेख को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. राहुल गांधी ने क्या लिखा, जिस पर है आपत्ति? राहुल गांधी ने लेख में लिखा है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की आवाज अपनी व्यापारिक शक्ति से नहीं बल्कि अपने शिंकजे से कुचली थी. ‘ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के राजा- महाराजाओं को डराकर-धमकाकर और उन्हें घूस देकर भारत पर राज किया. उन्होंने यह भी लिखा कि, ईस्ट इंडिया कंपनी खत्म हो गई लेकिन उसने जो डर पैदा किया था, वह फिर से दिखाई देने लगा है. एकाधिकारवादियों की एक नई पीढ़ी ने उसकी जगह ले ली है.’ कंपनी ने हमारे अधिक लचीले महाराजाओं और नवाबों के साथ साझेदारी करके, रिश्वत देकर और धमकाकर भारत का गला घोंटा. इसने हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क को नियंत्रित किया. हमने अपनी आजादी किसी अन्य राष्ट्र से नहीं खोई; हमने इसे एक एकाधिकारवादी निगम से खो दीया जिसने एक जबरदस्ती तंत्र चलाया.’ क्या बोलीं डिप्टी सीएम दिया कुमारी? राहुल गांधी के इस आर्टिकल पर विवाद खड़ा हो गया है.  राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने इस लेख की कड़ी निंदा करते हुए प्रतिक्रिया दी है और एक्स पर लिखा. ‘मैं आज एक संपादकीय में भारत के पूर्व शाही परिवारों को बदनाम करने के राहुल गांधी के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं. एकीकृत भारत का सपना भारत के पूर्व राजपरिवारों के सर्वोच्च बलिदान के कारण संभव हो सका है, ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों की आधी-अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाए गए निराधार आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.’ ‘छवि खराब कर रहे हैं राहुल गांधी’ राजस्थान की डिप्टी CM दिया कुमारी ने सख़्त एतराज़ जताया है. दिया कुमारी ने कहा है कि राहुल गांधी इतिहास की ग़लत व्याख्या कर देश के रजवाड़ों की छवि ख़राब कर रहे हैं. राजा-महराजाओं के योगदान के बिना अखंड भारत की कल्पना नहीं की जा सकती हैं. वह बेकार की बातें कर रहे हैं. राजा-महाराजाओं ने आज़ादी के लड़ाई में अपना अमूल्य योगदान दिया है. ग़ौरतलब है कि दीया कुमारी के पिता महाराजा भवानी सिंह कांग्रेस पार्टी के नेता थे और जयपुर से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं. राजस्थान में अभी अलवर राजघराने के पूर्व महराज भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस के महासचिव है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा वहीं ग्वालियर के शाही परिवार सिंधिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी को घेरा है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं है. भारत की समृद्ध विरासत के बारे में राहुल की अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक मानसिकता ने सभी हदें पार कर दी हैं. ‘अगर राहुल गांधी वास्तव में देश का उत्थान करना चाहते हैं, तो उन्हें भारत माता का अपमान बंद कर, असली भारतीय नायकों के बारे में जानना चाहिए. महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेनम्मा, और रानी वेलु नचियार जैसे योद्धाओं ने स्वतंत्रता के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया था. भारत की विरासत का संबंध केवल “गांधी” नाम से नहीं है. भारतीय इतिहास का आदर करें, अन्यथा उसके बारे में बोलकर बेतुके दावे न करें.’  

मैं जम्मू- कश्मीर के गांदरबल में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की हम कड़ी निंदा करता हूं: खरगे

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। श्री खरगे ने सोमवार को कहा, ‘‘मैं जम्मू- कश्मीर के गांदरबल में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की हम कड़ी निंदा करता हूं जिसमे कई श्रमिक और एक डॉक्टर मारे गए हैं। लक्षित हिंसा का यह अमानवीय और घृणित कृत्य से भारत जम्मू-कश्मीर में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण से पीछे नहीं हटेगा। एक राष्ट्र के रूप में, हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक साथ हैं। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।” श्री गांधी ने कहा, ‘‘गांदरबल में आतंकवादी हमले में एक डॉक्टर और प्रवासी मज़दूरों समेत कई लोगों की हत्या बहुत ही कायरतापूर्ण और अक्षम्य अपराध है। सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादियों का यह दुस्साहस जम्मू-कश्मीर में निर्माण का क्रम और लोगों का विश्वास कभी नहीं तोड़ पाएगा। आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में पूरा देश एकजुट है।” श्रीमती वाड्रा ने कहा, ‘‘जम्मू- कश्मीर के गांदरबल में कायराना आतंकी हमले में पांच मजदूरों समेत छह नागरिकों की हत्या अत्यंत निंदनीय है। निर्दोष नागरिकों की हत्या करके आम जनता के बीच हिंसा और दहशत फैलाने जैसे कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध हैं। इसके खिलाफ पूरा देश एकजुट है। शोक- संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।”  

देवगुराडिया में रावण के दस सिरों के स्थान पर राहुल गांधी-प्रियंका लगाकर दहन करने पर कांग्रेस नेता भड़क गए

इंदौर  इंदौर के देवगुराडिया में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के फोटो रावण के दस सिरों के स्थान पर लगाकर दहन करने पर कांग्रेस नेता भड़क गए। रावण दहन के दौरान बने वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को बड़ी संख्या में कांग्रेसी पुलिस थाने पहुंचे। युकां जिला अध्यक्ष दौलत पटेल ने आरोप लगाया कि दशहरा उत्सव समिति में भाजपा नेता शामिल थे और उन्होंने जानबूझकर यह कृत्य किया। इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के खुड़ैल थाना में दोपहर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देवगुराडिया दशहरा समिति पर एफआइआर की मांग की है। हालांकि पुलिस ने अभी तक के दर्ज नहीं किया है। ओवैसी-ममता के चेहरे रावण के वायरल वीडियो में कांग्रेस नेताओं के साथ ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी के चेहरे भी लगाए गए थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इंदौर. इंदौर के देवगुराडिया में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के फोटो रावण के दस सिरों के स्थान पर लगाकर दहन करने पर कांग्रेस नेता भड़क गए। रावण दहन के दौरान बने वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को बड़ी संख्या में कांग्रेसी पुलिस थाने पहुंचे। युकां जिला अध्यक्ष दौलत पटेल ने आरोप लगाया कि दशहरा उत्सव समिति में भाजपा नेता शामिल थे और उन्होंने जानबूझकर यह कृत्य किया। इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के खुड़ैल थाना में दोपहर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देवगुराडिया दशहरा समिति पर एफआइआर की मांग की है। हालांकि पुलिस ने अभी तक के दर्ज नहीं किया है। ओवैसी-ममता के चेहरे रावण के वायरल वीडियो में कांग्रेस नेताओं के साथ ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी के चेहरे भी लगाए गए थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

राहुल गांधी के भाषणों का असर कांग्रेस को मिली जम्मू और हरियाणा में हार!

नई दिल्ली आजकल मीडिया में इस बात के बहुत चर्चे थे कि कांग्रेस नेता राहुल का मेकओवर हो गया है. राहुल गांधी की बातें देश की जनता प्रधानमंत्री से भी अधिक सुन रही है. काग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने तो बकायदा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी हैंडल के आंकड़ों की तुलना करते हुए इसे साबित भी किया था. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि राहुल गांधी आजकल कुछ भी बोलते हैं सभी नैशनल टीवी चैनल उनको कवर करते हैं क्योंकि जनता उन्हें सुनना चाह रही है. पर जब आप बेवजह की बातें करने लगते हैं तो जनता के लिए वे बातें ओवरडोज हो जातीं हैं. क्या ऐसा ही कुछ राहुल गांधी के साथ भी हुआ है? क्योंकि जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसा एक मजबूत साथी का समर्थन होने के बावजूद कांग्रेस का वहां से सफाया हो गया है.कांग्रेस को जम्मू में केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी वाली सीट ही मिल सकी है. जबकि नेशनल कान्फ्रेंस ने जम्मू की कई सीटें हिंदू प्रत्याशी खडे़ कर भी जीत लिए हैं. यहां तक कि जम्मू कश्मीर बीजेपी प्रेसिडेंट रविंद्र रैना को भी हराने वाला नेशनल कॉन्फेंस का एक हिंदू प्रत्याशी ही है. यहां हिंदू प्रत्याशी और मुस्लिम प्रत्याशी का नाम इसलिए लिया जा रहा है ताकि यह बताया जा सके वोटों का ध्रुवीकरण कम से कम जम्मू में हिंदू मुस्लिम के नाम पर नहीं हुआ है. इसके बावजूद जम्मू में कांग्रेस की दाल नहीं गली है. 1- हरियाणा और जम्मू में नहीं चला राहुल गांधी की बातों का जोर राहुल गांधी ने इस बार के चुनावों में बीजेपी में चुनाव प्रचार के महारथी कहे जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी से भी कहीं अधिक रैलियां , सभाएं और रोड शो किया. पर जाट बेल्ट तक में कांग्रेस की हालत खराब रही. कांग्रेस की लहर के बावजूद बीजेपी अगर हरियाणा में तीसरी बार पूरे बहुमत के साथ अगर सरकार बनाने जा रही है तो इसका मतलब है कि राहुल गांधी का करिष्मा काम नहीं किया है. उनके साथ उनकी बहन प्रियंका भी पूरी तरह लगी हुईं थीं. जम्मू में भी अब तक की सबसे बड़ी हार कांग्रेस को देखने को मिली है. कांग्रेस जम्मू कश्मीर में 32 सीटों पर चुनाव लड़ी, जिनमें से 10 सीटों पर मुस्लिम कैंडिडट उतारे और 22 हिंदुओं को टिकट दिया.पर जम्मू में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली. जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस को कुल 42 सीटों पर जीत मिली है जिसमें कुछ सीटें उसने जम्मू में हिंदू कैंडिडेट खडा़ कर भी जीत लिया है. पर कांग्रेस जम्मू से साफ हो गई है. कश्मीर में उसे 6 सीटें मिलीं हैं पर वो सभी मु्स्लिम कैंडिडेट वाली सीटें आईं हैं.मतलब साफ है कि कांग्रेस की स्थिति बीजेपी से तो खराब रही है नेशनल कॉन्फ्रेंस से भी खराब रहीं. इसका एक और मतलब निकलता है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस को मिली सीटें भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की बदौलत ही आईं हैं. जाहिर है कि हरियाणा और जम्मू में कांग्रेस को मिली हार से राहुल गांधी के भाषणों और मुद्दों को तो टार्गेट किया जाएगा. 2-जाति जनगणना का मुद्दा क्या उल्टा पड़ गया हरियाणा में हरियाणा में जिस तरह कांग्रेस को हार मिली है और जिस तरह बीजेपी के प्रत्य़ाशियों को जाट सीटों पर वोट मिले हैं उसका सीधा मतलब है कि जाति जनगणना का मुद्दा नहीं चला है. हरियाणा में ओबीसी वोटर्स ने बीजेपी का साथ पूरी ईमानदारी के साथ दिया है.विनेश फोगाट का मुकाबला बीजेपी के एक ओबीसी कैंडिडेट से था. बीजेपी को भी ऐसा लग रहा था कि योगेश बैरागी कहीं विनेश के सामने टिक नहीं रहे हैं. इसलिए ही शायद बीजेपी ने यहां कम ध्यान दिया. पर विनेश के मुकाबले योगेश को केवल 6 हजार वोट कम मिले हैं. ये बताता है कि विनेश को पिछड़ी जातियों के वोट नहीं मिले.मतलबा साफ है कि राहुल गांधी के सामाजिक न्याय की बातें हरियाणा की जनता को हजम नहीं हुईं. 3-जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी कभी नहीं भाएगी कांग्रेस के कोर वोटर्स को राहुल गांधी अपने गुरु ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा की इच्छानुसार कई बार देश की संपत्तियों के बंटवारे की बात करते रहे हैं. इसके साथ ही जाति जनगणना के पीछे उनका इरादा है कि देश में अमीरों की संपत्ति का बंटवारा किया जा सके. वैसे तो हरियाणा में उन्होंने इस मुद्दे पर जोर नहीं दिया नहीं तो जाटों का वोट भी कांग्रेस को नहीं मिलता . क्योंकि हरियाणा में जाटों के पास सबसे अधिक जमीन है.वह कभी नहीं चाहेंगे कि उनकी जमीन का बंदरबांट हो.दरअसल राहुल गांधी की ये विचारधारा उन्हें वामपंथ के नजदीक ले जाती है. जबकि वामपंथी विचारधार अब पूरी दुनिया से खत्म हो चुकी है. 4-संविधान बचाओ- आरक्षण बचाओ नारे की हवा निकली हरियाणा में जिस तरह दलितों ने बीजेपी या अन्य को वोट दिया है उससे नहीं लगता है कि अब संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ का मुद्दा रह गया है. हो सकता है कि दलितों का वोट बीजेपी को नहीं मिला हो. पर यह भी तय है कि कम से कम कांग्रेस को नहीं मिला है. लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में दलित वोटों जरूर विपक्ष को गए थे. हरियाणा के विश्वेषण से ऐसा लगता है कि दलित वोटों पर प्रभाव इस नारे का नहीं था. इसके लिए यूपी चुनावों की फिर से विश्लेषण करना होगा. 5-अडानी और अंबानी के खिलाफ एजेंडा राहुल गांधी के भाषणों में अब भी अडानी और अंबानी छाए रहते हैं. बार-बार वो याद दिलाते हैं कि राम मंदिर के उद्घाटन के समय अडानी-अंबानी और अमिताभ बच्चन दिखे. गरीब , दलित और पिछड़े नहीं दिखे. वो अपने भाषणों में साबित करते हैं कि पीएम मोदी जो भी करते हैं वो अपने दोस्तों अडानी और अंबानी के लिए करते हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस सरकारें अडानी- अंबानी के साथ मधुर रिश्ते रखती हैं इसका जवाब वो नहीं देते. हरियाणा में चुनाव के दौरान उन्होंने एक दिन कहा कि अंबानी के घर शादी में कौन गया था. आपने देखा वहां मोदी गए थे पर मैं नहीं गया था.जाहिर है कि अडानी-अंबानी की बातें लोगों को अब ओवरडोज हो रही हैं.    

सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में समन जारी

मुंबई  महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक अदालत ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में उन्हें समन जारी किया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नासिक, दीपाली परिमल केडुस्कर ने गांधी को इस संबंध में एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि ‘‘एक देशभक्त व्यक्ति के खिलाफ दिया गया बयान प्रथम दृष्टया अपमानजनक प्रतीत होता है।’’ गांधी को मामले की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से या अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होना होगा, जिस पर अभी निर्णय होना बाकी है। शिकायतकर्ता एक गैर सरकारी संगठन के निदेशक हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने हिंगोली में गांधी द्वारा संबोधित एक संवाददाता सम्मेलन और नवंबर 2022 में कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए भाषण को सुना और देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने इन दोनों मौकों पर अपने भाषण और दृश्य चित्रणों से वीर सावरकर की प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और समाज में उनकी छवि को धूमिल करने की भी कोशिश की। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांधी ने कहा कि ‘‘सावरकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिन्न हैं’’ और यह टिप्पणी मानहानिकारक प्रतीत होती है। शिकायतकर्ता ने कहा कि गांधी ने इसके बाद आरोप लगाया कि ‘‘सावरकर ने हाथ जोड़कर रिहाई के लिए प्रार्थना की और उन्होंने ब्रिटिश सरकार के लिए काम करने का वादा भी किया।’’ अदालत ने सभी दलीलों पर गौर करने के बाद कहा, ‘‘रिकॉर्ड में प्रस्तुत साक्ष्यों पर गौर करने पर, अभियुक्त द्वारा एक देशभक्त व्यक्ति के खिलाफ दिए गए बयान प्रथम दृष्टया मानहानिकारक प्रतीत होते हैं।’’ मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले में कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। इसके बाद अदालत ने गांधी के खिलाफ मानहानि और जानबूझकर अपमानित करने से संबंधित धाराओं के तहत नोटिस जारी किया।    

राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली में पोस्टर, पूछा- क्या आपको वोट देने वाला हिंदू हिंसक है

 रायबरेली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को एकदिवसीय दौरे पर रायबरेली में हैं। इस बीच, संसद में हिंदू धर्म को लेकर दिए गए उनके बयान के विरोध में यहां पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में कांग्रेस नेता से एक या दो नहीं, बल्कि कई सवाल पूछे गए हैं। पोस्टर में राहुल गांधी से पूछा गया कि आपको वोट देने वाला क्या हिन्दू मतदाता हिंसक है? आप किस धर्म के हो, स्पष्ट करो? रायबरेली का मतदाता भविष्य में आपको वोट क्या गाली खाने के लिए देगा? इन पोस्टरों पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह ओछी मानसिकता वाले लोगों की करतूत है। दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में हिंदू धर्म पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “जो अपने आपको हिंदू कहते हैं, वो 24 घंटे नफरत और हिंसा करते हैं।“ राहुल के इस बयान पर पीएम मोदी ने सदन में खड़े होकर विरोध जताते हुए कहा था, “इस तरह से नेता प्रतिपक्ष द्वारा पूरे समुदाय को हिंसक बताना उचित नहीं है।” इस पर फिर राहुल गांधी ने कहा था, “पीएम मोदी और आरएसएस हिंदू समाज नहीं है। मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं, जो कि हिंदू धर्म के नाम पर दिन-रात राजनीति करते हैं।“ कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को एकदिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे हैं। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत पूजन-अर्चन से की। पूजा के बाद वो भूमऊ गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां वो कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद यह उनका दूसरा दौरा है। इससे पहले, वो कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लेने रायबरेली पहुंचे थे। रायबरेली उनकी मां सोनिया गांधी की परंपरागत सीट रही है, लेकिन इस बार वो राजस्थान सीट से राज्यसभा पहुंच गई हैं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां से राहुल गांधी को चुनावी मैदान में उतारा ।

कांग्रेस अग्निवीर ही नहीं एमएसपी जैसे कई मुद्दो्ं पर बीजेपी को बैकफुट पर डालने के लिए हथकंडे अपनाए

नई दिल्ली अग्निवीर पर राहुल गांधी और कांग्रेस ने संसद में और संसद के बाहर जो नरेटिव सेट करना चाहा फिलहाल उस पर लगाम लगती दिख रही है. सेना के क्लैरिफिकेशन के बाद शहीद अग्निवीर परिवार ने भी मान लिया है कि उसे अब तक उसे 98 लाख रुपये मिल चुके हैं और 67 लाख की रकम और मिलने वाली है. इसके अलावा पंजाब सरकार से भी एक करोड़ रुपया अतिरक्त परिवार को मिला है. सेना से मिले 98 लाख रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल भी सामने आ चुकी है. शायद इन्ही सब कारणों का नतीजा है कि कांग्रेस ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर बिल्कुल चुप्पी साध ली है. पर देर शाम तक कांग्रेस की ओर से पहले रणदीप सुरजेवाला ने पीसी करके सफाई देने की कोशिश की. फिर राहुल गांधी का भी बयान आ गया. अब कांग्रेस इंश्योरेंस की रकम मिलने की बात कहकर झेंप मिटाना चाहती है. कांग्रेस को समझना चाहिए कि इंश्योरेंश के लिए भी प्रिमियम जमा करना होता है, और सरकार सभी अस्थाई कर्मचारियों के लिए इतनी बड़ी रकम की इंश्योरेंश नहीं कराती. दरअसल कांग्रेस आज कल भारतीय जनता पार्टी के ही तरीके से आक्रामक ढंग से खेल रही है. झूठ या सच किसी भी तरीके से सामने वाली पार्टी पर हावी होना है. अग्निवीर ही नहीं एमएसपी आदि जैसे कई मुद्दो्ं पर बीजेपी को बैकफुट पर डालने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए गए. पर अग्निवीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विवाद खड़ा करके कांग्रेस ने भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाया है. जिन परिवारों से सेना के सबसे निचले लेवल की भर्तियां होती हैं उन तक जो गलतफहमियां पैदा हो चुकी हैं उन्हें खत्म होने में महीनों में लग जाएंगे. झूठ बातों का नरेटिव सेट करना भारतीय राजनीति में सबसे बड़े बुराई के रूप में उभरी है. राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस हथकंडे का इस्तेमाल सभी पार्टियां करने लगी हैं. लेकिन अग्निवीर को लेकर जिस तरह की बातें संसद में हुई हैं, वे फिक्र बढ़ाने वाली हैं – और इस मामले में सेना की भी एंट्री होने से बात और भी सीरियस हो जाती है. इसलिए जरूरी है कि अग्निवीर ही नहीं किसी भी तरह का झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने वाले बयानों को रोकने के लिए जल्द से जल्द कोई कदम उठाया जाना चाहिये. लोकसभा में झूठ गंभीर मुद्दा है, पर होगा कुछ नहीं लोकसभा भारतीय लोकतंत्र का मंदिर है. यहां पर सत्ता पक्ष या विपक्ष, किसी भी पक्ष के लोग झूठ बोलते हैं तो उस पर तत्काल एक्शन की व्यवस्था होनी चाहिए. पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में राहुल गांधी के झूठ पर झूठ बोले जाने पर कार्रवाई करने की अपील की थी. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजा है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ-साफ कहा है कि गांधी परिवार का सदस्य होने के नाते राहुल गांधी सदन को गुमराह करके बच नहीं सकते हैं, उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा. पर ऐसा कुछ होता नजर नहीं आता. गृहमंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के अग्निवीर योजना, हिंदुत्व, किसानों के मुद्दे पर जो भी बयान दिया, उस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से नेता प्रतिपक्ष के बयानों की जांच की मांग की थी. शाह ने कहा, बयानों के सत्यापन का निर्देश दिया जाए और हमें संरक्षण प्रदान किया जाए. राहुल गांधी ने भाषण के अंत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की कई बातें तथ्यात्मक और सत्य नहीं है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इन बातों का सत्यापन किया जाए. जिसपर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, सत्यापन किया जाएगा. पर एक्शन के नाम पर कुछ नहीं होने वाला है. क्योंकि झूठ का सहारा सभी लेते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान भी लगातार झूठ बोला गया पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान दूषित चुनाव अभियान पर एक बयान देकर एक बहस को जन्म दे दिया था. सिंह ने कहा था कि अतीत में किसी भी प्रधान मंत्री ने समाज के एक विशिष्ट वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए ऐसे घृणित, असंसदीय और असभ्य शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है. पर मनमोहन सिंह ने केवल एक चश्मे से ही वर्तमान को देखा. जबकि झूठे प्रचार से गलत नरेटिव सेट करने की कोशिशें इस बार के चुनावों इंडिया गठबंधन की ओर से ज्यादा हुईं.एक उदाहरण देखिए नरेंद्र मोदी फिर पीएम बन गए तो देश में फिर चुनाव नहीं होंगे. रूस की तरह देश में एक दलीय प्रणाली की शुरूआत होगी और पुतिन की तरह नरेंद्र मोदी स्थाई रूप से देश के शासक बन जाएंगे. संविधान खतरे में है, आरक्षण खतरे में है का नरेटिव सेट करने की कोशिश कितनी हास्यास्पद थी. इसका फायदा भी विपक्ष को मिला. पर क्या देश में अब तक संविधान संशोधन नहीं होते रहे हैं. कांग्रेस राज में कितने संविधान संशोधन हुए हैं. क्या संविधान खतरे में पड़ गया. इसी तरह आरक्षण समाप्त करने का भ्रम फैलाना देश की जनता के साथ गद्दारी से कम नहीं था. अरविंद केजरीवाल का सीएए विरोध तो इतना हास्यास्पद था कि सीधे इसके लिए केस होना चाहिए था. चुनाव प्रचार के शुरूआती दिनो में कई दिन टीवी पर वे आते और यही कहते कि इस कानून के बन जाने के बाद करोड़ों पाकिस्तानी दिल्ली में आकर बस जाएंगे. हमारी नागरिक सुविधाओं का क्या होगा. जबकि हर कोई जानता है कि इस कानून के लागू होने के बाद भी मुट्ठी भर लोग ही पाकिस्तान से भारत आकर नागरिकता ले सकते हैं. यह कानून इसलिए लाया गया है कि भारत में दशकों से जो लोग रहे हैं उन्हें देश की नागरिकता मिल सके. लगातार झुठ बोलने वाले नेताओं पर लगाम के लिए उठाने होंगे कदम अग्निवीर पर कांग्रेस का झूठ सुनियोजित लगता है. क्योंकि राहुल ने अग्निवीर के परिवार का जो विडियो जारी किया उसमें परिवार से बातचीत चुनाव प्रचार के दौरान की है. स्पष्ट है कि एक बार भी कांग्रेस की ओर से यह प्रयास नहीं किया गया कि दोबारा शहीद परिवार से बातकर के पूछें कि उसे पूरी रकम मिली की नहीं. यह … Read more

Hathras पीड़ित परिवारों से मिलकर बोले Rahul Gandhi, ‘राजनीति नहीं होनी चाहिए, प्रशासन की गलती है’

हाथरस कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार सुबह हाथरस पहुंचे. यहं उन्होंने भगदड़ पीड़ित से मुलाकात की. उन्होंने इससे पहले अलीगढ़ पहुंचकर भी पीड़ितों से मुलाकात की थी.   उन्होंने हाथरस के ग्रीन पार्क में पीड़ितों से मुलाकात की. सभी पीड़ित इसी पार्क में इकट्ठा हुए थे. वह भगदड़ में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी से मिले. ये सभी हाथरस के नवीपुर खुर्द के रहने वाले हैं. राहुल गांधी इस हादसे में दम तोड़ चुकी ओमवती के परिवार के लोगों से भी मिले. बता दें कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में हाथरस जिले के बीस और शहर के दस लोग शामिल हैं. राहुल गांधी ने क्या कहा? हाथरस पीड़ितों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि बहुत परिवारों को नुकसान हुआ है, बहुत लोगों की मौत हुई है. मैं इसको राजनीतिक प्रिज्म से नहीं कहना चाहता हूं. मगर प्रशासन की कमी तो है, गलतियां तो हुई हैं. ये पता लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लेकिन सबसे जरूरी बात ये है कि मुआवजा सही मिलना चाहिए क्योंकि ये गरीब परिवार हैं और मुश्किल का समय है इनके लिए. तो मुआवजा ज्यादा से ज्यादा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि पीड़ितों को दिल खोलकर मुआवजा देना चाहिए. ये गरीब लोग है, इनको पैसे की जरूरत है. अगर पैसा एक साल बाद देंगे तो इसका कोई फायदा नहीं होगा. वहां पुलिस की तरफ से व्यवस्था सही नहीं थी, ऐसा परिवार वालों ने बताया है. जो चिंता की बता है. राहुल गांधी शुक्रवार सुबह अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने यहां प्रेमवती के परिवार और शांति देवी के बेटे से मुलाकात की. राहुल गांधी पिलखना गांव के जिस घर पहुंचे थे, वहां हाथरस भगदड़ में घायल हो चुके दो पीड़ित परिवार के लोग भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ पहुंचकर पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि वह संसद में इस मामले को उठाएंगे और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे. अलीगढ़ में एक पीड़ित परिवार की सदस्य ने बताया कि राहुल गांधी ने हमें मदद का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा कि पार्टी के माध्यम से हमारी पूरी मदद की जाएगी. उन्होंने हमसे पूरी घटना के बारे में पूछा कि घटना कैसे हुई थी. अलीगढ़ में भगदड़ पीड़ितों ने क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचकर हाथरस की भगदड़ में दम तोड़ चुकी प्रेमवती की बहू सोनिया से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सोनिया ने आज तक को बताया कि मेरी सास में अंधविश्वास भरा हुआ था. अब अंधविश्वास का पर्दा हट गया. वो भगवान होता तो क्या अपने भक्तों को नहीं बचाता? हमने अपनी सास की मौत के बाद बाबा की फोटो उठाकर फेंक दी है. हाथरस में 3 पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी राहुल अलीगढ़ से सीधे हाथरस पहुंचेंगे, जहां वह तीन पीड़ित परिवारो से मिलेंगे. वह हाथरस भगदड़ में जान गंवा चुकीं मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी के परिवार से भी मुलाकात करेंगे. बता दें कि मुन्नी देवी और आशा देवी हाथरस के नवीपुर खुर्द की रहने वाली हैं. वह इस हादसे में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी, आशा देवी और घायल माया देवी के परिवार से मिलेंगे. वह जिला अस्पताल में  भर्ती हैं. राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उत्तर प्रदेश के हाथरस में इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक आयोजन में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इस घटना में स्वयंभू भगवान ‘भोले बाबा’ उर्फ ​​नारायण साकार हरि की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. आयोजन समिति से जुड़े छह लोग गिरफ्तार उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को कार्यक्रम की आयोजन समिति से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की आंतरिक जांच रिपोर्ट में प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को पता चला है. मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम हाथरस हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी शलभ माथुर ने कहा कि मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम रखा गया है. पुलिस जल्द ही कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाएगी. आईजी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी. बाबा का रोल सामने आया, तो उसके खिलाफ करवाई की जाएगी. हालांकि FIR में भोले बाबा का नाम नहीं है. लेकिन भोले बाबा के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है. उनके फॉलोअर्स हर शहर में हैं, ऐसे में कई शहरों में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं. बाबा ने नौकरी से वीआरएस लिया था, न्यायिक आयोग इसमें प्रशासनिक लापरवाही की जांच करेगा. आईजी ने कहा कि जिन आरोपियों को पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया है, वह आयोजन समिति के मेंबर हैं. आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे. पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें 2 महिलाएं शामिल हैं. आरोपी खुद ही क्राउड मैनेजमेंट का काम करते थे. इस काम के लिए प्रशासन का हस्तक्षेप इन्हें स्वीकार नहीं था. वहीं, जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ के बाद 21 शवों को आगरा, 28 को एटा, 34 को हाथरस और 38 को अलीगढ़ ले जाया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हाथरस त्रासदी की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया, जो इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि भगदड़ के पीछे कोई साजिश थी. पैनल दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.  

लोकसभा में बीजेपी को खुली चुनौती देने के बाद राहुल गांधी जल्द गुजरात में अपनी सक्रियता बढ़ा सकते है

अहमदाबाद  कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही गुजरात के मोर्चे पर सक्रिय होंगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता विपक्ष के तौर पर बोलते हुए बीजेपी को गुजरात में हराने की चुनौती दी थी। इसके बाद सवाल खड़ा हुआ था कि राहुल गांधी ने बीजेपी को इतनी बड़ी चुनौती कैसे दे दी? अब राहुल गांधी के गुजरात में सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। राज्य में हिंदू वाले बयान को लेकर जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं तो वहीं इसी बीच राहुल गांधी गुजरात का पहला दौरा सकते हैं। इसके संकेत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने दिए हैं। गोहिल ने कहा कि बीजेपी के हमले के दौरान बब्बर शेर की तहत मुकाबला करने वाले कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए राहुल गांधी जल्द राज्य का दौरा करेंगे। गोहिल ने कहा कि कांग्रेस दफ्तर के बाहर हुई झड़प के मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। गोहिल ने 6 जुलाई को पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं को अहमदाबाद आने की अपील की है। संभावना जताई जा रही है कि अगर अहमदाबद पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो राहुल गांधी छह जुलाई को भी अहमदाबाद पहुंच सकते हैं।अहमदाबाद में सात जुलाई को 18 किलोमीटर लंबी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलनी है। लंबे समय बाद आमना-सामना गुजरात में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है, लेकिन राज्य में पिछले कई सालों में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। जिसमें दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधी झड़प हुई हो। अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस की मौजूदगी में पथराव हुआ था। 2013 तक ऐसी घटनाएं दोनों पार्टियों की युवा इकाईयों के बीच छात्र राजनीति में होती थीं। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने हिंदू धर्म को लेकर जो भी कहा है वह एकदम सही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। लोकसभा में बीजेपी को क्लीन स्वीप से रोकने और राजकोट अग्निकांड हादसे पर पूरे शहर के बंद करके गोहिल ने अपना कद बढ़ाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अब राहुल गांधी सीधे तौर पर गुजरात में अपनी सक्रियता बढ़ा सकते हैं। लोकसभा चुनावों नहीं आए थे लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर नहीं आए थे। प्रियंका गांधी ने सिर्फ वलसाड और बनासकांठा में सभाएं की थी। गोहिल के बयान को राजनीतिक हलकों में बड़ी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। संभावना है कि राहुल गांधी राज्य में पंचायत चुनावों से पहले पूरी तरह से सक्रिय हो सकते हैं। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी के राज्य में नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की कवायद भी शुरू हो सकती है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य की दो विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होना है। पार्टी दोनों सीटों पर मजबूती से लड़ेगी। माणावदर सीट को पार्टी इंडिया अलांयस के तहत आम आदमी पार्टी के लिए छोड़ सकती है। इसी महीने एंट्री संभव राहुल गांधी ने लोकसभा में बीजेपी को सीधी चुनौती फेंकते हुए कहा था कि हम आपको गुजरात में हराएंगे। उनके बयान का मतलब 2027 के चुनावों से था। गुजरात की 182 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 92 सीटों का है। कांग्रेस ने पिछले चुनावों में 17 सीटें जीती थीं, हालांकि 2017 के चुनावों में पार्टी ने 77 सीटें जीती थीं। तब बीजेपी पिछले दो दशक में पहली बार दो अंकों पर आ गई थी। बीजेपी को 99 सीटें मिली थी। पार्टी को उस चुनाव में 41.44 फीसदी वोट मिले थे। बीजेपी के खाते में 49.05 प्रतिशत वोट गए थे। राहुल गांधी के नेता विपक्ष बनने के बाद प्रदेश इकाई गुजरात में उनकी सक्रियता बढ़ाना चाहती है। इसकी शुरुआत इसी महीने हो सकती है। चर्चा यह भी है कि राहुल गांधी अपने दौरे में राजकोट टीआरपी गेम जोन के पीड़ितों से मिलने के लिए भी जा सकते हैं। राहुल गांधी अपने दौरों में मोरबी ब्रिज हादसे, वडोदरा हरनी नाव हादसे के पीड़ितों से भी मिलने जा सकते हैं। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति पीड़ितों को न्याय दिलाने को लेकर बड़े कार्ययोजना पर काम कर रही है। सूत्रों की मानें तो पार्टी आने वाले दिनों के इसका ऐलान कर सकती है। टीम राहुल गांधी का हिस्सा जिग्नेश मेवाणी राजकोट में सक्रिय हैं।  

राहुल गांधी के यूपी में वापसी , वायनाड छोड़ रायबरेली से ही सांसद बनना क्यों चुना?

लखनऊ राहुल गांधी लोकसभा चुनाव 2024 में दो सीटों से लड़े थे। एक केरल की वायनाड सीट थी, तो दूसरी यूपी की रायबरेली सीट थी। दोनों सीटों पर राहुल गांधी को जीत मिली थी। सोमवार को राहुल गांधी ने वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया है। अब यहां पर उपचुनाव होगा। कांग्रेस की ओर से उप चुनाव में प्रियंका गांधी को प्रत्याशी बनाया गया है। यह उनका राजनीतिक डेब्यू है, जिसको लेकर कांग्रेस अलर्ट हो गई है। आखिर राहुल गांधी ने वायनाड सीट को छोड़कर रायबरेली को ही क्यों चुना, जबकि वायनाड सीट पर 2019 में जीत मिली थी और अमेठी में हार गए थे, तो इसके पीछे कई सियासी मायने हैं। खोई जमीन बनाने पर कांग्रेस का फोकस उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के बाद न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा, बल्कि यूपी की राजनीति में कई तरह की चर्चाओं का जन्म हुआ। यूपी में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज एक सीट पर संतोष करना पड़ा था, तो वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में काफी जद्दोजहद के बावजूद यूपी की सिर्फ दो विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ चुनाव लड़कर कांग्रेस ने छह सीटें जीती हैं, जिसके बाद यूपी में अपनी खोई हुई राजनीति को मजबूत करने में कांग्रेस जुट गई है। यूपी में कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता वैसे कांग्रेस पार्टी की यूपी में सक्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता कि लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार यूपी में बेहद सक्रिय नजर आया। प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ सोनिया गांधी ने भी जनता से इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान की अपील की। यहीं नहीं सोनिया ने अपने बेटे (राहुल गांधी) को रायबरेली की जनता को सौंपने की बात भी कही और बेटे के लिए प्रचार भी किया था। यूपी में मिली जीत के बाद से कांग्रेस ने यूपी में और सक्रियता बढ़ा दी है। जीत के बाद राहुल गांधी ने रायबरेली में आभार सभा की। 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव भी सपा के साथ मिलकर लड़ने के संकेत दिए हैं। अगर ऐसा होता है, तो कांग्रेस को यूपी में फिर संजीवनी मिल जाएगी। वहीं, अगर सपा की ओर से विधानसभा चुनाव में बात नहीं बनी, तो कांग्रेस उसकी तैयारी अभी से कर दी है। 1952 से रायबरेली पर गांधी परिवार का कब्जा कांग्रेस पार्टी के इस फैसले के बाद कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पहला ये कि राहुल गांधी ने उस सीट को चुना जहां से गांधी परिवार 1952 से जीतता आ रहा। रायबरेली से राहुल के दादा फिरोज गांधी, दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी पहले भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। इंदिरा के पति फिरोज गांधी ने 1952 में पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इंदिरा गांधी ने 1967 से 1977 के बीच 10 साल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, 1977 में इंदिरा गांधी को हार मिली थी। 2004 से सोनिया ने संभाली रायबरेली की कमान 1980 में इंदिरा गांधी ने दो सीटों रायबरेली और अविभाजित आंध्र प्रदेश में मेडक से चुनाव लड़ा। दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। इंदिरा गांधी ने रायबरेली सीट छोड़ दी और मेडक को बरकरार रखा था। 1980 के बाद से गांधी परिवार के वफादार अरुण नेहरू, शीला कौल और कैप्टन सतीश शर्मा ने 2004 तक रायबरेली से जीत हासिल की। इनके बाद सोनिया गांधी यहां से लड़ती रहीं और 2019 तक यहीं से सांसद रहीं। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में सोनिया ने इस सीट को राहुल के जिम्मे सौंपकर यहां से प्रतिधिनित्व करने का मौका दिया, क्योंकि ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक विरासत रायबरेली, गांधी परिवार के लिए हमेशा से एक मजबूत गढ़ रहा है। यूपी में बीजेपी को कड़ी चुनौती देना चाहते हैं राहुल राहुल गांधी का यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत सियासी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह भारतीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा संदेश है। यूपी, देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां की सियासत का राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव है। राहुल गांधी का यूपी में रहकर राजनीति करना बीजेपी के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यूपी में बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत है और इस मजबूती को 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के जरिए तोड़ने की कोशिश करेगी। वहीं, परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी चाह रहे थे कि राहुल रायबरेली का प्रतिनिधित्व करें। इसके अलावा रायबरेली की जीत इस लिहाज से भी बड़ी है कि परिवार ने अमेठी की खोई सीट भी हासिल कर ली। माना जा रहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यहा फैसला लिया गया है। केरल के वायनाड के बजाय उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद रहना क्यों चुना, हम इसके पांच कारण आपको बता रहें हैं… 1) यूपी में खोई जमीन पाने की उम्मीद 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में छह सीटें जीतीं. 2019 में उसे सिर्फ रायबरेली सीट पर जीत मिली थी. इंडिया ब्लॉक ने यूपी में 43 सीटें जीतीं, जिनमें से 37 समाजवादी पार्टी ने जीतीं. यह एनडीए के लिए एक बड़ा झटका था, जिसने 2019 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 62 सीटें जीती थीं. 2024 के चुनाव में, एनडीए सिर्फ 36 सीटें जीतने में कामयाब रही, जबकि बीजेपी को 33 सीटें हासिल हुईं. वोट शेयर के मामले में सबसे बड़ी हार मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को हुई. इसका वोट शेयर 19% से घटकर 9% र​ह गया.  ये वोट मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस को भी मिले। अगर एसपी ने बीएसपी के वोट शेयर का 6-7% हासिल किया, तो कांग्रेस को 2-3% का फायदा हुआ. कांग्रेस को उम्मीद है कि वह उत्तर प्रदेश में दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण वोटों का फायदा उठा सकती है. राहुल गांधी द्वारा वायनाड के बजाय रायबरेली सीट चुनने का पहला कारण यही नजर आता है.  2) रणनीति बदलाव और आक्रामक रुख 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे से उत्साहित … Read more

भारतीय टीम 20 जून को सुपर 8 के अपने पहले मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना करने के लिए तैयार : राहुल द्रविड़

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने फ्लोरिडा में भारत के आखिरी टी-20 विश्व कप लीग मैच के गीले आउटफील्ड के कारण रद्द होने के बादर कनाडा टीम की प्रशंसा की है। भारतीय खिलाड़ी बारबाडोस में 20 जून को सुपर 8 के अपने पहले मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना करने के लिए तैयार हैं। बीसीसीआई ने  ड्रेसिंग रूम में कनाडा के खिलाड़ियों और स्टाफ सदस्यों के साथ द्रविड़ की विशेष बातचीत का एक वीडियो साझा किया है। शनिवार को द्रविड़ को कनाडा के कोच पुबुदु दासनायके से हस्ताक्षरित जर्सी मिली। भारतीय मुख्य कोच ने टूर्नामेंट में उनके प्रयासों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में उभरने के लिए कनाडाई टीम की सराहना की। द्रविड़ ने बीसीसीआई द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा,, दोस्तों, बहुत-बहुत धन्यवाद। निजी तौर पर, मैं आप लोगों द्वारा इस टूर्नामेंट में दिए गए शानदार योगदान को स्वीकार करना और उसकी सराहना करना चाहता हूँ। आप लोग ईमानदारी से हम सभी के लिए एक महान प्रेरणा हैं, जिन्होंने हमें दिखाया है कि हम वास्तव में इस खेल से प्यार करते हैं। इस टूर्नामेंट को खेलने, क्वालीफाई करने, यहाँ आने और इस टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आप लोग जिस तरह के त्याग करने को तैयार हैं, उसके लिए बधाई हो। आप सभी ने अच्छा काम किया। उन्होंने कहा, मैं बस इतना ही कहूंगा कि आप इसे आगे बढ़ाते रहें। आप लोग प्रेरणादायी हैं। न केवल दूसरे लोग, बल्कि मुझे यकीन है कि आप अपने देश के युवा लड़कों और लड़कियों को भी खेल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसलिए, ईमानदारी से कहूं तो परिणाम मायने नहीं रखते। मुझे लगता है कि आप प्रेरणास्रोत बन रहे हैं, यह बात दुनिया के लिए बहुत अच्छी है। गुरुवार को अफगानिस्तान के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले से पहले भारतीय टीम बारबाडोस पहुंची। बारबाडोस पहुंचने के बाद, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या काफी उत्साहित थे और उन्होंने आयोजन स्थल के व्यंजनों का आनंद लेने की इच्छा जताई। हार्दिक ने कहा, हम बारबाडोस में हैं, समुद्र तट पर जाने, अच्छी धूप का आनंद लेने और साथ ही खूबसूरत साफ नीले पानी का आनंद लेने के लिए उत्सुक हैं। एक ही समय में शानदार लोगों के साथ इतना शानदार टूर्नामेंट खेलने के लिए इससे बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।    

राहुल और प्रियंका गांधी आज आएंगे Raebareli, मतदाताओं का आभार जताने

 रायबरेली लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने एक बार बेहतर प्रदर्शन किया है. कांग्रेस ने इस बार 99 सीटें जीती हैं. इसी कड़ी में राहुल गांधी ने इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ा था. उन्हें दोनों सीटों पर जीत हासिल हुई है. राहुल गांधी में इस बार रायबरेली और वायनाड से चुनाव लड़ा था. उन्होंने दोनों सीटों पर 3 लाख से ज्यादा वोटों पर जीत हासिल की है. इसी कड़ी में लोगों को धन्यवाद देने के लिए वो आज  11 जून को रायबरेली जाएंगे. 11 जून को जाएंगे रायबरेली जानकारी के अनुसार, राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी आज 11 जून को रायबरेली जाएगी. इस दौरान वो वहां के लोगों को मिलेंगी और उन्हें धन्यवाद कहेंगी. इसके अलावा 12 जून को राहुल गांधी वायनाड भी जा सकते हैं. रायबरेली और वायनाड में हासिल की बड़ी जीत राहुल गांधी पहली बार रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे. उनसे पहले सोनिया गांधी यहां से सांसद थी. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सोनिया गांधी ने इस बार लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था. उन्होंने अपनी सीट को राहुल गांधी को दे दिया था. राहुल गांधी ने यहां से 3,90,030 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी. इस चुनाव में उन्हें  6,87,649 वोट मिले थे जबकि प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के दिनेश प्रताप सिंह को 2,97,619 वोट मिले थे. वायनाड सीट पर भी राहुल गांधी ने एक बड़ी जीत हासिल की है. उन्होंने सीपीआई की प्रत्याशी एन्नी राजा को 3,64,422 मतों से हराया है. यहां पर उन्हें कुल 6,47,445 वोट मिले थे. छोड़नी पड़ेगी एक सीट नियमों के अनुसार, उम्मीदवार सिर्फ एक ही सीट से सांसद रह सकता हैं. इसी वजह से राहुल गांधी रायबरेली या वायनाड की सीट को छोड़ना पड़ सकता है. हालांकि उम्मीद की जा रही हैं कि वो  वायनाड की सीट को छोड़ सकते हैं.

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