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1.5 लाख पदों पर रेलवे में भर्ती का मौका, युवाओं के लिए जानें पूरी डिटेल

 नई दिल्ली भारतीय रेल में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में भारतीय रेलवे की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि सभी खर्च पूरे करने के बाद भी अब रेलवे के पास साल के अंत में छोटा राजस्व अधिशेष बच भी रहा है. ये न केवल आर्थिक मजबूती लेकर आया है बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी लेकर आया है.  राशियों का दिया जायजा  रेल मंत्री ने बताया कि साल 2024-2025 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियों 99.22 फीसदी रहा. इसका साफ मलतब यही है कि रेलवे अपने खर्चों को अच्छी तरह से बैलेंस कर रहा है. इस बीच रेलवे की ग्रॉस ट्रैफिक रेवेन्यू 2 लाख 65 हजार करोड़ से ज्यादा रही, जिसमें से 2,660 करोड़ रुपये अधिशेष रहे.  पिछले 10 सालों में दी इतनी नौकरी  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 सालों में यानी 2024 से 2024 के बीच रेलवे में करीब 5 लाख से अधिक भर्ती की गई हैं. इनमें ट्रैक मेंटेनेंस, लोको पायलट, टेक्नीशियन, क्लर्क, इंजीनियर और ग्रुप-डी समेत कई पद शामिल हैं.  इस साल 1.5 लाख नौकरियों पर फोकस  उन्होंने आगे बताया कि तीसरे कार्यकाल में रेलवे में 1.5 लाख नौकरियां देने की प्रोसेस जारी है. मंत्री के मुताबिक, कई भर्तियों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हालांकि, कई पदों के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.  इस तरह से बढ़ेगा रोजगार  पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे बजट को बढ़ाकर 11,486 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे नई लाइनें, स्टेशन और परियोजनाओं की शुरुआत होगी. इनसे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. पंजाब, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी नई रेल परियोजनाओं से आने वाले समय में नौकरियों के मौके बढ़ने की उम्मीद है.      

रेल यात्रियों को राहत: RAC टिकट पर रिफंड की संभावना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले समय में एक बड़ी राहत मिल सकती है। संसद की एक शक्तिशाली समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले वैसे यात्रियों को किराये का कुछ हिस्सा वापस करना चाहिए जिन्हें पूरा किराया देने के बावजूद ट्रेन में पूरी बर्थ नहीं मिल पाती है। संसद में 4 फरवरी को पेश की गई लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, आरएसी श्रेणी के यात्रियों को कंफर्म टिकट के बराबर ही पूरा किराया देना पड़ता है, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें केवल बैठने के लिए आधी सीट (बर्थ) ही मिलती है। समिति ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना बर्थ सुविधा के पूरा किराया वसूलना न्यायोचित नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा, “समिति का मानना है कि चार्ट तैयार होने के बाद भी यदि यात्री आरएसी श्रेणी में ही रहता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती है तो उससे पूरा किराया लेना गलत है। मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे ऐसे यात्रियों को किराये का आंशिक हिस्सा वापस मिल सके।” फिलहाल, आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक यदि आरएसी ई-टिकट को ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल नहीं की जाती। ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलता है। समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। इन 13 ट्रेनों में RAC पर पाबंदी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ने इस साल की शुरुआत से आरएसी नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 13 आधुनिक ट्रेनों में आरएसी टिकट धारकों को बोर्डिंग यानी ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (संतरागाछी) – ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (हावड़ा)-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (सियालदह)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम उत्तर-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस नागरकोइल जंक्शन-मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय को अब यह तय करना है कि वह इस पार्शियल रिफंड की गणना कैसे करेगा और इसे यात्रियों के खातों में डिजिटल रूप से वापस भेजने के लिए अपने सॉफ्टवेयर (CRIS/IRCTC) में क्या बदलाव करेगा।

भोपाल मंडल का बड़ा कदम: 9 महीनों में ट्रैक कायाकल्प से सुरक्षित सफर की तैयारी

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ट्रैक नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से ट्रैक अनुरक्षण से जुड़े संरक्षा-आधारित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भोपाल मंडल में कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर), थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर), थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर), थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर) तथा डीप स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य आवश्यक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर उच्च संरक्षा मानकों के अनुरूप निष्पादित किए जा रहे हैं। नौ माह में हुआ व्यापक ट्रैक नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह की अवधि में 100.741 ट्रैक किलोमीटर में सीटीआर, 121.23 ट्रैक किलोमीटर में टीआरआर, 80.245 ट्रैक किलोमीटर में टीएसआर तथा 80.250 समतुल्य यूनिट्स में टीटीआर का कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त 55 टर्नआउट्स एवं 168.391 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग भी की गई।  

भोपाल स्टेशन पर खुला MP का पहला और देश का दूसरा होटल, सिर्फ 200 रुपए में मिलेगी AC रूम की सुविधा

भोपाल  रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू हो गई है। अब यहां यात्री कम दाम में आराम से ठहर सकेंगे। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर प्रदेश का पहला पॉड होटल खुल गया है। इस होटल में यात्रियों को 200 रुपए प्रति घंटे से ठहरने की सुविधा मिलेगी। यह होटल जापान से प्रेरित है और इसमें छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे कमरे बने हैं। IRCTC की वेबसाइट और स्टेशन पर ही इसकी बुकिंग की जा सकती है। देश का दूसरा सबसे बड़ा होटल यह पॉड होटल उन यात्रियों के लिए बहुत अच्छा है जो कम पैसे में आरामदायक जगह ढूंढ रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भोपाल स्टेशन पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा। मुंबई सेंट्रल के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा पॉड होटल है। मुंबई में यह होटल 2021 में शुरू हुआ था। पॉड होटल क्या होता है? पॉड होटल को कैप्सूल होटल भी कहते हैं। यह जापान से आया ट्रेंड है। इसमें छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे कमरे होते हैं। इन कमरों में यात्रियों को ठहरने की सुविधा मिलती है। कम जगह में भी यहां अच्छी सुविधाएं दी जाती हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है। इसकी योजना 20 अक्टूबर 2019 को बनी थी। लगभग 6 साल बाद यह यात्रियों के लिए उपलब्ध हो रहा है। बुकिंग के लिए यात्री के पास पीएनआर नंबर होना जरूरी है। कमरों का किराया हुआ तय रेलवे ने उद्घाटन से पहले होटल को पूरी तरह से तैयार कर लिया है। कमरों का किराया भी तय कर दिया गया है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर दो तरह के पॉड रूम हैं: सिंगल और फैमिली पॉड। पहले खबर आई थी कि इसका उद्घाटन अप्रैल में होगा। उस समय रेलवे के जीएम शोभना बंदोपाध्याय और डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी भी आने वाले थे। क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पॉड होटल में यात्रियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। पूरे होटम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेंगे। गर्मी से बचने के लिए AC लगा है। इंटरनेट के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई भी है। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। सर्दियों में गर्म पानी के लिए गीजर भी लगा है। सामान रखने के लिए लॉकर और लगेज रूम भी हैं। मोबाइल और दूसरे डिवाइस चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट भी दिए गए हैं। किसी भी खतरे से निपटने के लिए होटल में फायर फाइटिंग सिस्टम भी है। मनोरंजन के लिए हर पॉड में टीवी भी लगा है। तैयार होने के लिए मेकअप मिरर भी है।

वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के मार्गदर्शन में भोपाल से बीना के बीच विशेष चैकिंग अभियान चलाया

भोपाल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के मार्गदर्शन में भोपाल से बीना के बीच विशेष चैकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा के दौरान स्वच्छता एवं टिकटिंग प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस विशेष चैकिंग अभियान का नेतृत्व मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे द्वारा किया गया। अभियान के तहत प्लेटफॉर्म और गाड़ियों में सघन टिकट जांच की गई, साथ ही बीना स्टेशन पर कैटरिंग स्टॉल्स की गुणवत्ता और स्वच्छता की भी गहनता से जांच की गई। इस कार्रवाई में कुल 88 यात्रियों से 38,440 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इनमें 39 यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जबकि 42 यात्री अनियमित पाए गए। इसके अतिरिक्त 7 यात्रियों को गंदगी फैलाने के आरोप में 1,300 रुपये का चालान भी किया गया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, जनता खाने की उपलब्धता और अन्य यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा यात्रियों को एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल माध्यम से टिकट लेने के लिए जागरूक किया गया, जिससे टिकटिंग प्रक्रिया और सरल और पारदर्शी हो सके। इस विशेष अभियान में मुख्य टिकट निरीक्षक मुख्यालय श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव, मुख्य टिकट निरीक्षक बीना श्री आर. के. गोस्वामी, स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) श्री आशीष अवस्थी, मंडल वाणिज्य निरीक्षक श्री मधुकर निगम, मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक श्री सुशील पांडेय सहित टिकट चैकिंग स्टाफ, आरपीएफ एवं सीएचआई की टीम शामिल रही। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करके न केवल राजस्व की हानि को रोका जा रहा है, बल्कि ईमानदार यात्रियों को भी एक सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल प्रदान किया जा रहा है।”

इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही नई रेल लाइन, इंदौर -देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी, रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा

जबलपुर जबलपुर से इंदौर के बीच नई रेल लाइन गाडवारा-बुदनी होकर नहीं इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही। ये लाइन इंदौर-देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी। इस रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा। इस नई लाइन के बनने के बाद जबलपुर से इंदौर के सफर का समय दो घंटे तक कम हो जाएगा। जबलपुर-इंदौर (गाडरवारा एवं बुदनी होकर) नई रेल लाइन की प्रगति पर नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी द्वारा पूछे गए सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में ये जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बुदनी से इंदौर के बीच नई रेल लाइन निर्माण कार्य प्रक्रिया में है। इस परियोजना के गाडरवारा-बुदनी रेलखंड के दोनों अंतिम स्टेशन पूर्व से इटारसी होकर रेलमार्ग से जुड़े हुए हैं। आठ साल पुरानी परियोजना दोनों के मध्य नवीन रेल लाइन से उनकी दूरी में ज्यादा अंतर नहीं आ रहा है। इसलिए गाडरवारा-बुदनी के मध्य नई रेल लाइन बिछाना तर्कसंगत नहीं है। आठ वर्ष पुरानी परियोजना- जबलपुर(गाडरवारा)-इंदौर (मांगलियागांव) नई रेल लाइन की घोषणा वर्ष 2016-17 के बजट में हुई थी। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में था। वर्ष 2021-22 के बजट में एक हजार रुपये के आवंटन से परियोजना की बंद फाइल फिर खुल गई। उसके बाद के बजट में भी परियोजना को आवंटन जारी हुए। गत दो बजट में आवंटन बढ़ने के बाद परियोजना के इंदौर-बुदनी रेलखंड में रेल लाइन निर्माण प्रक्रिया ने गति पकड़ी। इंदौर-बुदनी का कार्य जारी लोकसभा में रेल मंत्री ने बताया कि इंदौर (मांगलियागांव) और बुदनी के बीच (205 किलोमीटर) नई रेल लाइन का कार्य 3261.82 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है। मार्च-2024 तक 948.37 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना को 1107.25 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। चार किमी का अंतर इटारसी होकर गाडरवारा से बुदनी रेल मार्ग से जुड़ा है, जिसकी दूरी 141 किमी है। इंदौर नई रेल लाइन परियोजना में प्रस्तावित गाडवारा-बुदनी रेलखंड की दूरी 137 किमी है। मात्र चार किलोमीटर की दूरी कम करने के लिए अलग से लाइन बिछाना रेलवे को अब खर्चीला लग रहा है।

रेलवे के इंजीनियरों का कमाल: खराब मदरबोर्ड की मरम्मत कर बचाए लाखों रुपये

रेलवे के इंजीनियरों का कमाल: खराब मदरबोर्ड की मरम्मत कर बचाए लाखों रुपये आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम: रेलवे कर्मचारियों ने किया इन-हाउस समाधान भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के अंतर्गत इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी ने एक अभिनव पहल करते हुए रेलवे के संसाधनों का न केवल कुशलतापूर्वक उपयोग किया, बल्कि उल्लेखनीय आर्थिक बचत भी सुनिश्चित की है। वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता(कर्षण चल स्टॉक) इटारसी शेड  श्री नीरज कुमार शर्मा के अनुसार इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी में वर्तमान में 269 थ्री-फेज इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव किया जाता है, और प्रत्येक लोकोमोटिव में लगा स्पीडोमीटर ट्रेन की वर्तमान गति दर्शाकर चालक दल को सुरक्षित परिचालन में मदद करता है। वर्ष 2024-25 के दौरान, गलत तरीके से मेमोरी कार्ड लगाने के कारण कुल 65 स्पीडोमीटर (55 AAL मेक एवं 10 Laxven मेक) के मदरबोर्ड के पिन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन कार्डों की बाजार से नई खरीद के बजाय, शेड के अनुभवी तकनीकी दल ने इन-हाउस मरम्मत का सराहनीय निर्णय लिया। इस महत्वपूर्ण पहल का नेतृत्व इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के E-5 सेक्शन के एसएसई श्री दीपक यादव, जेई श्री अनुराग बढ़खने, टेक्निशियन-I श्री नितिन पटेल एवं टेक्निशियन-II श्री धर्मेंद्र चौरे ने किया। शेड अधिकारियों के निर्देशन में इस टीम ने अपने तकनीकी ज्ञान और उपलब्ध संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग करते हुए क्षतिग्रस्त मदरबोर्ड की सफल मरम्मत की। इस अभिनव प्रयास से भारतीय रेलवे को ₹13,22,675/- की उल्लेखनीय बचत हुई है। बाजार में AAL मेक के एक मदरबोर्ड की कीमत ₹18,685 और Laxven मेक की कीमत ₹29,500 है। टीम ने अपने कुशल प्रबंधन, तकनीकी दक्षता और संसाधनों के समुचित उपयोग से रेलवे की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा कि भोपाल मंडल की यह पहल न सिर्फ तकनीकी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि रेलवे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, लगन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक भी है। पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल, इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के इस उल्लेखनीय प्रयास की सराहना करता है।  

अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, बनेगें देश के आधुनिक स्टेशन

 विदिशा / साँची विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। ये दोनों स्टेशन “अमृत स्टेशन योजना” के तहत पुनर्विकास के अंतर्गत हैं, और इस निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेना था। विदिशा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – यात्री सुविधाओं एवं पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान डीआरएम एवं पीसीई ने विदिशा रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्लेटफार्म विस्तार, यात्री प्रतीक्षालय, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की प्रगति का मूल्यांकन किया। इसके अलावा, स्टेशन पर यात्री सूचना प्रणाली, पेयजल सुविधाओं एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साँची रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – ऐतिहासिक शहर में उन्नत रेलवे सुविधाओं की दिशा में कदम इसके बाद निरीक्षण दल साँची रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया गया। साँची, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, यहां स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन यात्री हॉल, स्वच्छता सुविधाएं, टिकट काउंटर, पार्किंग एरिया और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रमुख मुख्य अभियंता अशुतोष ने कहा कि साँची रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यों में पर्यावरणीय पहलुओं एवं यात्रियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जल्द पूरा होगा काम विदिशा एवं साँची स्टेशन के पुनर्विकास कार्य प्रगति पर हैं और निर्धारित समयसीमा में इन्हें पूरा किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न किया जाए ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव मिल सके।

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है.

मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी, प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य.

मुंबई मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. रेलवे स्‍टेशन के ऊपर ही मॉल, ऑफिस स्‍पेस और रिटेल शॉप भी होंगी. यह प्रोजेक्‍ट रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ सरकार के लिए मोटा राजस्‍व भी पैदा करेगा. थाणे रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म 10ए के पास 9,000 वर्गमीटर एरिया में इस प्रोजेक्‍ट को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही 24,280 वर्गमीटर का लीज स्‍पेस भी रहेगा. इस जगह को 60 साल की लीज पर दिया जा सकता है. प्रोजेक्‍ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रहेगा. इस रेलवे स्‍टेशन के पास कनेक्टिविटी का पूरा ख्‍याल रखा गया है, जिसे बस और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा. क्‍या-क्‍या सुविधाएं होंगी रेलवे स्‍टेशन के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही रेलवे की सुविधाएं भी यहां दी जाएंगी. इससे जुड़ा ही बस का डेक बनाया जाएगा, जहां से लोकल बस पकड़ी जा सकेगी. नीचे के 2 फ्लोर पर यह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी. ऊपर के फ्लोर को कॉमर्शियल यूज के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इन फ्लोर पर शॉपिंग और रिटेल शॉप बनाई जाएंगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि लोगों को सुविधाएं भी उपलब्‍ध कराएगा. ऊपर के फ्लोर पर फूड कोर्ट और रेस्‍तरां भी बनाए जाएंगे. यहां बच्‍चों के लिए गेमिंग जोन होगा, जबकि ऑफिस के लिए भी बड़ा स्‍पेस तैयार किया जा रहा है. होटल और सर्विस अपार्टमेंट के अलावा इस पर कोचिंग इंस्‍टीट्यूट भी बनाया जाएगा. किन जगहों के लिए होगी कनेक्टिविटी इस स्‍टेशन पर ट्रेन के अलावा अन्‍य साधनों की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पर 2.24 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो ईस्‍टर्न एक्‍सप्रेसवे को सीधे रेलवे स्‍टेशन से जोड़ेगा. प्‍लेटफॉर्म 10 के पास से बस मूवमेंट के लिए डेक बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरकर बस पकड़ने के लिए दूर न जाना पड़े. इस प्रोजेक्‍ट को रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर बना रहे हैं.

रतलाम-महू-खंडवा-अकोला रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी, सर्वे की मंजूरी

 रतलाम मध्यप्रदेश में रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में एक और लाइन का प्रस्ताव रेलवे ने किया है। इस रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी। इसके सर्वे की मंजूरी रेलवे ने दे दी है।  इंदौर से खंडवा के बीच अब डबल लाइन होगी। इससे इंदौर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मुख्य लाइन का काम पहले से ही चल रहा है। डबल ट्रैक के सर्वे लिए रेलवे ने 2.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत मालूम हो, रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के जरिए इंदौर का डेड एंड खत्म हो सकेगा। महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव कनेक्ट होंगे। बजट में पिछले साल इस प्रोजेक्ट को 910 करोड़ मिले थे। 2008 में प्रोजेक्ट को विशेष दर्जा मिला है। इसकी लागत 2 हजार करोड़ से ज्यादा है। रेलवे ने पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख दो बड़ी सुरंगें भी हैं। इसके पहले 4 किमी की टनल का टेंडर भी किया जा चुका है। मिलेंगी ज्यादा ट्रेनें वन विभाग की जमीन को छोड़कर कई हिस्सों में काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से खंडवा तक एक लाइन और डालने की मांग रेलवे से की थी। सर्वे के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकेगी। डबल लाइन होने से इंदौर को ज्यादा ट्रेनें मिल सकेंगी। 2 हजार करोड़ से अधिक खर्च ज्ञात होता है कि रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज परियोजना से इंदौर का डेड एंड समाप्त हो सकेगा। सीधा महाराष्ट्र से जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव जुड़ेंगे। पिछले साल बजट में इस परियोजना को 910 करोड़ रुपये मिले थे। 2008 में योजना को विशिष्ट दर्जा दिया गया है। इसका खर्च दो हजार करोड़ से अधिक है। पातालपानी से बलवाड़ा तक विस्तृत रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर रेलवे ने बनाए हैं। इसमें दो सबसे महत्वपूर्ण सुरंगें भी हैं। इससे पहले चार किमी की एक टनल भी टेंडर की गई है। अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग वन विभाग की जमीन के अलावा कई स्थानों पर काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने रेलवे से इंदौर से खंडवा तक एक अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग की थी। सर्वे के बाद ही अगले कदम उठाया जा सकेगा। डबल लाइन बनाने से इंदौर अधिक ट्रेनें पा सकेगा।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।

रेलवे सुरक्षाकर्मियों ने यात्री को लौटाया, राजस्थान-सिरोही के एसी वेटिंग रूम में मिले दो मोबाइल और नकदी व सामान

सिरोही। सिरोही में आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा शुक्रवार को गत 25 दिसंबर 2024 को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में मिले दो मोबाइल, नकदी और अन्य सामान को संबंधित यात्री को लौटा दिया। खोया सामान पाकर यात्री ने रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की प्रशंसा की। इस मामले में गत 25 दिसंबर 2024 को रेलवे सुरक्षाबल को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में लेडीज पर्स पड़े होने की सूचना मिली। इस पर प्लेटफॉर्म पर तैनात हेड कांस्टेबल अशरफ अली और कांस्टेबल हजारीलाल वहां पहुंचे तथा पर्स को खोलकर देखा तो उसमें सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल व 11,245 रुपये की नकदी मिली। रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा वहां मौजूद यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो किसी ने भी अपना नहीं होना बताया। इसके बाद संबंधित यात्री से संपर्क किया गया तो उसके सवारी गाड़ी आला अलहजरत एक्सप्रेस में सफर करने एवं एसी वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने के दौरान ये सामान भूलवश छूटने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को गांव मवा कहोलन, तहसील अम्ब बस स्टाॅप मावा कहोलन के पास जिला उना मावा काहोला उप्पेरली (126) उना, हिमाचल प्रदेश निवासी रवि कुमार शर्मा पुत्र अशोक कुमार शर्मा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर उपस्थित हुआ। तस्दीक के बाद रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिहं एवं सहायक उपनिरीक्षक सोहन सिंह द्वारा सामान को संबंधित यात्री को सुपर्द कर दिया गया। यात्री के सामान की कीमत 72 हजार रुपये बताई गई है। रक्तदान कर मनाया जन्मदिन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई ने बताया कि युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष एवं आबूरोड नगर मंडल महामंत्री दीपेश अग्रवाल के जन्मदिन पर रक्तदान करके मनाया। भाजपा हमेशा से ही सेवा वाली राजनीति करती है और रक्तदान से बड़ा सेवा कार्य कोई हो ही नहीं सकता। रक्तवीर एवं महामंत्री दीपेश अग्रवाल ने बताया कि वो हर शुभ प्रसंग पर रक्तदान देने का प्रयत्न करते हैं। इसी क्रम में आज अपने 40वें जन्मदिन और 32वीं बार रक्तदान किया और कहा कि रक्तदान जीवन में बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है और रक्तदान देने से लोग प्रेरित भी होते हैं। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई, पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सम्बरीया, ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, महामंत्री राधेश्याम शाक्य, हरेंद्र सिंह एवं मीडिया प्रभारी पुलिन छंगाणी मौजूद रहे।

दिसम्बर महीने में दूसरी बार डाउन हुई आईआरसीटीसी की साइट, क्या है इसकी वजह

मुंबई ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाली IRCTC की वेबसाइट एक बार फिर डाउन हो गई है. इस बार आईआरसीटीसी की तरफ से इसे लेकर कोई भी अपडेट नहीं दिया गया है. तमाम लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि वो तत्काल टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि IRCTC की वेबसाइट डाउन है. बता दें कि IRCTC की वेबसाइट से लोग सिर्फ टिकट ही बुक नहीं करते हैं, बल्कि अपना स्टेटस और पीएनआर जैसी चीजों के लिए भी यहां जाते हैं. ऐसे में तमाम लोगों को वेबसाइट और ऐप डाउन होने से परेशानी हो रही है. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस क्योंकि लाखों लोग IRCTC ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में अगर ये डाउन हो जाए तो सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर करने लगते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी परेशानी बताई और कहा कि तत्काल टिकट बुक कराने के वक्त ही ऐसा क्यों होता है. लोगों ने आईआरसीटीसी को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए. मेंटेनेंस की वजह से डाउन होती है साइट ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप डाउन हुआ हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है. कई बार आईआरसीटीसी की तरफ से पहले से ही जानकारी दी जाती है कि मेंटेनेंस की वजह से आधे या एक घंटे के लिए साइट में दिक्कत आ सकती है. हालांकि इस बार ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई. क्योंकि लोगों ने सोशल मीडिया पर IRCTC को टैग कर सवाल पूछे हैं, ऐसे में जल्द ही इस बार के आउटरेज को लेकर भी जवाब आ सकता है. हालांकि करीब एक घंटे तक ही ये समस्या लोगों को हुई, उसके बाद वेबसाइट ने वापस काम करना शुरू कर दिया. फिलहाल आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर अपना पीएनआर चेक कर सकते हैं या फिर टिकट बुक करा सकते हैं.

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more

प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा

महाकुंभ में भक्तों को ट्रेन बिलासपुर से मिले,पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से मिलकर रखी माँग बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेल महाप्रबंधक ने शीघ्र करेंगे दिया आश्वासन कुलियों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से की चर्चा,कुलियों की स्वास्थ्य सेवा,रोजी और बच्चों की पढ़ाई और यूनिफार्म की समस्या प्रमुख थी बिलासपुर बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी । आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे की मांग पर रेलवे जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने कहां है कि प्रयागराज में जो महाकुंभ होने वाला है उसमें बिलासपुर रेलवे जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, इसके लिए जल्द ही रेलवे बोर्ड से नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। जनवरी माह से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है उसके पहले ही छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए महाकुंभ में स्नान करने तथा यात्री सुविधा को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे जोन महा प्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की और महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग रखी । अब बिलासपुर जून के अंतर्गत बिलासपुर मुख्य स्टेशन,  सहित रायपुर, दुर्ग ,छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों से महाकुंभ स्पेशल ट्रेन की सुविधा लोगों कोमिलेगी। इससे कटनी मार्ग में गौरेला पेंड्रा मरवाही के भी श्रद्धालुओं को महाकुंभ जाने के लिए सीधे यात्री सुविधा मिलेगी।  पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक के प्रति आभार जताया और कहा है कि  प्रयागराज में महाकुंभ जो जनवरी माह में शुरू होने जा रहा है यहां के लोगों की आस्था है और यात्री सुविधा का लाभ यहां के लोगों को मिले इसके लिए ज़ोन महाप्रबंधक के द्वारा रेलवे बोर्ड के माध्यम से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर अच्छी पहल की जा रही है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल में बिलासपुर जोन में यात्री सुविधा का विस्तार हो रहा है और आने वाले समय में यात्री सुविधा का लाभ बिलासपुर के लोगों को मिलेगा ।पूर्व विधायक ने भरोसा दिलाया है कि नए साल में बिलासपुर के लोग जो महाकुंभ में स्नान करने जाएंगे स्पेशल ट्रेन चलने से उन्हें लाभ मिलेगा। वे खुद महाकुंभ में जाने की तैयारी कर रहे हैं। आज जोन महाप्रबंधक से पूर्व विधायक ने यात्री सुविधा विस्तार को लेकर,कई मुद्दों पर चर्चा की। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज कुलियों की समस्याओं को लेकर ज़ोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की। शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक को बताया कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर रेलवे स्टेशन में काम करने वाली कुलियों को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। रेलवे स्कूल में उनके बच्चों को  प्रवेश नहीं मिल रहा है ‌ । यहां के लगभग 200  कुलियों को वर्दी भी प्राप्त नहीं हो रही है। कुलियो के लिए कॉमन रूम भी उपलब्ध कराया जाए। बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर में 200 कुली  काम कर रहे हैं यह सभी गरीब परिवार से हैं।  रेलवे महाप्रबंधक मीनू इटियारा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे के द्वारा कुलियों के संदर्भ में लाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया है। और जल्द ही कुलियों की समस्याओं का समाधान जो महाप्रबंधक के द्वारा किया जाएगा। । पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक को बताया किबिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय के स्टेशन का सौंदरीकरण किया जा रहा है जिसमें कुलियों के लिए एक रूम की सुविधा दी जाये। कुलियों को साल में तीन बार वर्दी उपलब्ध कराई जाए। उनके परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा तथा रेलवे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध रेलवे के द्वारा किए जाने की मांग पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक के समक्ष रखी है। जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे से कहा है कि   कुलियों की समस्याओं को लेकर जल्द में वे निर्णयक लेगी ‌ कुलियों को समय पर वर्दी मिलनी चाहिए और कुलियों के बच्चों के लिए रेलवे स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए हुए पहल करेंगे।  साथ ही कुलियों के परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहल करेंगे। रेलवे कुली कल्याण समिति के सदस्यों से जल्द ही बातचीत होगी। महाप्रबंधक नहीं अभी कहां है कि कुली हमारे रेलवे परिवार के सदस्यहैं। उनके बच्चों को चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए।  दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति के  अध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ,अनिल कश्यप, अनुपा यादव,  जितेंद्र भारद्वाज, राजकुमार मनहर, नवरंगी जयकुमार, मुकेश कुमार बंजारे,विक्रम ध्रुव,रामचरण वस्त्रकर,  रामा राव, पूर्व विधायक शैलेश पांडे से मिलकर समस्या रखी थी और आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात कर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर के 200 से अधिक कार्यरतकुलियों की समस्या रखी।

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.  

भोपाल मंडल वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे

भोपाल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल (Railway Bedroll) देने के मामले में इन दिनों चर्चा में है. वहीं भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) की ओर से बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों (AC Train) में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं. सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री (प्रेस) की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारियों का क्या कहना है? भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, “हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है.” भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है. जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं. लिनन धुलाई की प्रक्रिया ऐसी है :     छंटाई और निरीक्षण: उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है.     प्री-ट्रीटमेंट: दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो.     स्वचालित धुलाई: लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है. पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके.     सुखाने की प्रक्रिया: धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है.     प्रेसिंग और फोल्डिंग: सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है.     गुणवत्ता नियंत्रण: हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है. यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है. इन ट्रेनों में की जाती है भोपाल मंडल से आपूर्ति वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है. इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर आर पी खरे ने बताया, “हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं.” यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है. इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके.

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है।

Railway का बड़ा ऐलान, 650 ट्रेनों में जोड़े जाएंगे 1000 डिब्बे, 1 लाख यात्रियों को होगा फायदा

भोपाल  रेलवे ने बीते तीन माह में ही विभिन्न ट्रेनों में सामान्य श्रेणी (जीएस) के लगभग छह सौ नए अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। ये सभी कोच नियमित ट्रेनों में जोड़े गए हैं। नवंबर माह में जीएस श्रेणी के एक हजार से ज्यादा कोच लगभग साढ़े छह सौ नियमित ट्रेनों में जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना व प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इस श्रेणी के यात्रियों को अधिकतम सुविधा मुहैया कराने की दिशा में रेलवे विभिन्न दिशाओं में कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर के तीन माह के दौरान जीएस श्रेणी के कुल 583 नए कोचों का निर्माण किया गया। साथ ही इन नवनिर्मित कोचों को 229 नियमित ट्रेनों में जोड़ा गया है। इससे रोजाना हजारों अतिरिक्त यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस नवंबर माह तक जीएस श्रेणी के कुल एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होकर रेलवे के बेड़े में जुड़ जाएंगे। इन्हें 647 नियमित ट्रेनों में जोड़ा जाएगा। इन डिब्बों के शामिल होने से रोजाना करीब एक लाख अतिरिक्त सवारी रेल यात्रा के सफर का लाभ उठा पाएंगे। नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा कार्यकारी निदेशक ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में रेलवे के बेड़े में ऐसे गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के दस हजार से ज्यादा जीएस कोचों को शामिल कर लिया जाएगा। इनमें छह हजार से ज्यादा जीएस कोच होंगे, जबकि बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नान एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। जीएस श्रेणी के ये नवनिर्मित तमाम कोच एलएचबी के होंगे। हादसे की स्थिति में इन कोचों में नुकसान भी कम से कम होगा। यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों की नई सुविधाओं को लेकर जानकारी दी है। कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य कोच में यात्रा करने वाले यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर तीन महीने में 583 नए जनरल कोच का निर्माण किया गया। इन कोचों को नियमित 229 ट्रेनों में जोड़ा गया है। ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ने से यात्रियों का सफर आसान हुआ है। साथ ही हर दिन अतिरिक्त यात्रियों की यात्रा सुखद हो रही है। एक हजार से ज्यादा नए सामान्य कोच होंगे तैयार     रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने आगे योजनाओं को लेकर बताया कि बताया कि नवंबर तक सामान्य श्रेणी के एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होंगे। ये नए कोट जल्द रेलवे के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इन कोचों को नियमित 647 ट्रेनों में लगाया जाएगा। इन कोच के ट्रेनों में लगने से रोजाना करीब 1 लाख अतिरिक्त यात्री सफर का लाभ उठा पाएंगे। सामान्य कोच के यात्रियों का सफर होगा आसान कार्यकारी निदेशक ने आगे बताया कि सामान्य कोच से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए जनरल कोच का निर्माण तेजी से किया रहा है। अगले दो साल में रेलवे के बेड़े में गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के 10 हजार से ज्यादा जनरल कोच शामिल होंगे। इनमें छह हजार से ज्यादा सामान्य कोच और बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नॉन एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। LHB डिजाइन के नए जनरल कोच रेलवे के बेड़े में शामिल नए जनरल कोच LHB डिजाइन के होंगे। इन डिब्बों से सफर आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगी। पारंपरिक आईसीएफ रेल बोगी के मुकाबले ये नए LHB कोच हल्के और बेहद मजबूत हैं। हादसे की स्थिति में इन बोगियों को नुकसान कम होगा।

अब रतलाम-चंदेरिया, नागदा-भोपाल सेक्शन में कवच लगने से नीमच, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी

रतलाम  ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के साथ ही सुरक्षा को लेकर रेलवे संसाधन मजबूत कर रहा है। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के साथ ही रतलाम रेल मंडल में रतलाम से चंदेरिया और नागदा से भोपाल तक का सेक्शन भी कवच युक्त होगा। इसके लिए रेल मंडल से टेंडर जारी हो गए हैं। काम पूरा करने के लिए दो साल की समय सीमा रखी गई है। इससे नीमच, मंदसौर के साथ ही उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा सकेगी। रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेल मंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के 789 किमी में से 503 में ट्रायल पूरा     इधर मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों के मरम्मत, ओएचई का रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व का री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाए गए हैं।     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका है। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है। क्या है कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। इससे 200 किमी प्रति घंटे तक की गति को समायोजित किया जा सकता है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। यह काम भी किए ट्रैक पर पशु आदि न आए, इसके लिए नागदा-गोधरा खंड में लगभग 56 करोड़ की लागत से रेलवे ट्रैक के दोनों ओर कुल 160 किलोमीटर बाउंड्रीवाल का निर्माण होना है। करीब 100 किमी की बाउंड्रीवाल बनाई जा चुकी है।

5647 अप्रेंटिस पदों पर रेलवे में भर्ती, जानें योग्यता, आवेदन की पूरी प्रक्रिया

मुंबई पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने अप्रेंटिस पदों पर बंपर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सुनहरा मौका उन युवाओं के लिए है जो रेलवे में करियर बनाना चाहते हैं और तकनीकी क्षेत्र में कौशल सीखना चाहते हैं। NFR की इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 5647 पद भरे जाएंगे, जो देशभर के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। योग्य उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट nfr.indianrailways.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 4 नवंबर, 2024 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे इस बड़े अवसर का लाभ उठा सकें और रेलवे में अपने करियर की शुरुआत कर सकें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आवेदन की शुरुआत 4 नवंबर, 2024 से हो चुकी है और अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 है। वैकेंसी डिटेल्स     कटिहार (KIR) और टिंधारिया (TDH) कार्यशाला: 812 पद     अलीपुरद्वार (APDJ): 413 पद     रंगिया (RNY): 435 पद     लुमडिंग (LMG): 950 पद     तिनसुकिया (TSK): 580 पद     न्यू बोंगाईगांव कार्यशाला (NBQS) और इंजीनियरिंग कार्यशाला (EWS/BNGN): 982 पद     डिब्रूगढ़ कार्यशाला (DBWS): 814 पद     NFR मुख्यालय (HQ)/मालिगांव: 661 पद आयु सीमा आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 15 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नोटिफिकेशन में दी गई अंतिम तिथि के अनुसार)। सेलेक्शन प्रोसेस सेलेक्शन यूनिट, ट्रेड और कम्युनिटी-वाइज मेरिट पोजीशन के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट मैट्रिक में प्राप्त अंकों (कम से कम 50% अंक) और संबंधित ट्रेड में ITI के अंकों के औसत पर आधारित होगी। आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क ₹100/- है। SC, ST, PwBD, EBC और महिला उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। एप्लीकेशन में सुधार यदि आवेदन जमा करने के बाद किसी जानकारी में बदलाव या सुधार करना चाहते हैं, तो ₹50/- का शुल्क प्रति अवसर देना होगा। हालांकि, रजिस्ट्रेशन की जानकारी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।

राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि ‘भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।’ बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह ‘अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं’, जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा ’60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं’, जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि ‘ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।’

नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई

अंबाला दिपावली, छठ पूजा और गुरुपर्व के दौरान रेलवे ट्रैक, ट्रेन, स्टेशन, पुल और रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है। इसी कड़ी में आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा अंबाला मंडल के सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है। इसलिए त्योहारों के दौरान धार्मिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ट्रेन और संवेदनशील स्थानों पर असामाजिक तत्व शरारत करके तोड़फोड़ कर सकते हैं। त्योहारों के मद्देनजर पूरे मंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार की तरफ जाने वाली ट्रनों में भी अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए अपेक्षित भारी भीड़ को देखते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए। लगातार जारी रहे पेट्रोलिंग रेलवे ट्रैक की सुरक्षा एवं ट्रेनों के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक ड्यूटी पर तैनात स्टाफ एवं अधिकारी पूरी तरह से आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और लगातार पेट्रोलिंग जारी रखें। रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में अगर कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तो उसकी निगरानी रखें और सूचना उच्चाधिकारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अतिरिक्त कर्मचारी तैनात इसके अलावा ट्रेन में तैनात सुरक्षा स्टाफ को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, कहीं भी कोई शक की वस्तु व्यक्ति नजर आए तो इसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम पर साझा की जाए। वहीं, ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहें। स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग त्योहारों के दिनों में कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबधित प्रभारी की होगी। शक होने पर ट्रेन में चढ़ने व उतरने वाले और रेलवे स्टेशन पर आने वाले व्यक्तियों और उनके सामान की जांच गहनता से की जाए। त्योहारों के मद्देनजर जीआरपी, जिला पुलिस और आरपीएफ की ओर से स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग की जाए। इस दौरान खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क साधा जाए ताकि यदि कोई विशेष सूचना प्राप्त हो तो तत्काल कार्रवाई करके अप्रिय घटना को रोका जा सके। भीड़भाड़ के दौरान रेलवे स्टेशन पर बने रेलवे पुल यानी फुट ओवरब्रिज खाली होने चाहिएं ताकि यात्री आराम से चढ़-उतर सकें और भगदड़ की नौबत न आए। चप्पे-चप्पे की सीसीटीवी से निगरानी स्टेशन के चप्पे-चप्पे की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जाए और कर्मचारी लगातार इस पर नजर जमाए रहे। इस दौरान यात्रियों को जहरखुरानी व सामान चोरी की घटनाओं से बचाने के लिए लगातार जागरूक करते रहें। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों तथा सफाई करने वाले कर्मचारियों से भी संपर्क में रहें। रेलवे स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढि़यों के संचालन में कोई अवरोध उत्पन्न न हो, अनारक्षित डिब्बों में यात्रियों को व्यवस्थित रूप से बैठाना तथा ट्रेन में सीट बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सुरक्षा को लेकर डॉग दस्ते की भी मदद ली जाए।

400 पुलिसकर्मियों पर रेलवे ने लगाया फाइन, चेतावनी के बावजूद कर रहे थे बिना टिकट यात्रा, लगा मोटा जुर्माना

गाजियाबाद प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने पिछले डेढ़ महीने में गाजियाबाद और कानपुर के बीच विभिन्न स्थानों पर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले 400 से अधिक पुलिसकर्मियों का जुर्माना किया है। विशेष अभियानों का संचालन कर रहे यातायात अधिकारियों ने पाया कि अधिकतर पुलिसकर्मी वातानुकूलित डिब्बों और पेंट्रीकार में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी। त्रिपाठी ने कहा, ‘बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों से न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि रेलवे को भी वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए, हमने अनधिकृत यात्रा की जांच के लिए सख्त कदम उठाए हैं और हम अपने प्रयासों में काफी सफल रहे हैं।’ भारतीय रेलवे टिकट निरीक्षण कर्मचारी संगठन (एनसीआर जोन) के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि कई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं, वातानुकूलित कोचों में घुस जाते हैं और खाली सीटों पर लेट जाते हैं। कुमार ने कहा, ‘वे अधिकृत यात्रियों के लिए सीट खाली नहीं करते हैं और यहां तक कि उन्हें और रेलवे अधिकारियों को भी धमकाते हैं।’ रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों ने यातायात अधिकारियों और टिकट निरीक्षकों को धमकी दी कि अगर उन पर जुर्माना लगाया गया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने चेतावनी भरे पत्र और परिपत्र जारी किए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों से बिना टिकट के ट्रेनों में यात्रा न करने को कहा गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि इन पत्रों का उन पर कोई खास असर नहीं हुआ है।’

फेस्टिवल सीजन में कई ट्रेनें कैंसिल, भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनों को रद्द किया

भोपाल त्योहारों के समय ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को ये खबर निराश कर सकती है। रेल प्रशासन ने भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस(Bhopal-Singrauli Express) समेत कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। इसके साथ ही कई ट्रेनों की रूट भी डायवर्ट किए गए हैं। ऐसे में त्योहारों पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले ये खबर जरूर पढ़ लें, कहीं आपकी ट्रेन भी तो नहीं हुई कैंसिल….  दरअसल जबलपुर मण्डल के कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर यार्ड रिमॉडलिंग और 4 रेललाइन में सुधार का काम किया जा रहा है। इसके चलते वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे से शुरू होने और गुजरने वाली कई ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है। इसके आलावा कई ट्रेनों के रुट डाइवर्ट कर दिए गए है। ये ट्रेन हुए निरस्त 1 – जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 11651) – 18 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। 2 – सिंगरौली-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 11652) – 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। 3 – भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22165 ) – 19, 22, 23 और 26 अक्टूबर को निरस्त रहेगी। 4 – सिंगरौली-भोपाल एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22166 ) – 22, 24, 25 और 29 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। 5 – सिंगरौली-निजामुद्दीन एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22167) – 20, 23 और 27 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। 6 – निजामुद्दीन-सिंगरौली एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22168) – 21, 24 और 28 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। इन ट्रेनों के हुए रुट डाइवर्ट मदार जंक्शन-कोलकाता एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 19608) – 21 और 28 अक्टूबर 2024 को मदार जंक्शन से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। कोलकाता-मदार जंक्शन एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 19607) – 17 और 24 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। संतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 18009 ) – 18 और 25 अक्टूबर 2024 को संतरागाछी से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। अजमेर-संतरागाछी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 18010 ) – 20 और 27 अक्टूबर 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 13025 ) – 21 और 28 अक्टूबर 2024 को हावड़ा से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। भोपाल-हावड़ा एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 13026 ) – 23 अक्टूबर 2024 को भोपाल से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी।

तीन दिन के अंदर बहाल होगा डीआरएम तिराहे का रास्ता, रेलवे का काम बाकी

भोपाल भोपाल के डीआरएम तिराहे का रास्ता मंगलवार को खुलने से रह गया। यहां मेट्रो ने तो अपनी बैरिकेडिंग और सामान हटा दिया, लेकिन रेलवे का ट्रैक की साइड में गड्‌ढे को भरने का काम बाकी है। ऐसे में रास्ते को खोलने का निर्णय अगले 2 से 3 दिन के लिए टाल दिया गया है तिराहे पर मेट्रो ने 200 टन वजनी कंपोजिट स्टील ब्रिज की लॉन्चिंग की है। इसी के नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो गुजरेगी। चूंकि, डायवर्सन 15 अक्टूबर तक ही था, इसलिए मेट्रो ने सड़क बनाने के बाद अपना सामान भी हटा दिया था। पुलिस ने भी दो दिन तक निरीक्षण किया। इसी बीच रेलवे के एक निर्माण के चलते रास्ते को खोलने का निर्णय टाल दिया गया। नाले का निर्माण हो रहा तिराहे पर ट्रैक के साइड में नाले का निर्माण हो रहा है। इसके चलते रास्ता नहीं खोला गया है। हालांकि, रेलवे निर्माण के आसपास शेड लगा रहा है। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि बुधवार या गुरुवार को ही रास्ता खोल दिया जाए। 5 लाख आबादी को राहत मिलेगी रास्ता खुलने से करीब 5 लाख आबादी को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। यहां से होशंगाबाद रोड की कॉलोनी, अवधपुरी, बीडीए, एम्स, अलकापुरी, साकेतनगर, अमरावतखुर्द समेत सैकड़ों कॉलोनी जुड़ी हैं। यहां के लोग इसी सड़क का उपयोग करते थे, लेकिन मार्च में मेट्रो स्टील ब्रिज के निर्माण के चलते यह बंद कर दी गई थी। तभी से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। 8 महीने से 7Km तक का ज्यादा फेरा डीआरएम तिराहे की सड़क आईएसबीटी से वीर सावरकर ब्रिज के नीचे से होते हुए होशंगाबाद रोड को जोड़ती है। यही रास्ता मार्च यानी 8 महीने से बंद है। इससे ट्रैफिक का पूरा दबाव सावरकर सेतु से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक बढ़ गया।     बेतरतीब ट्रैफिक प्लान के कारण साकेत नगर और शक्ति नगर की अंदरुनी सड़कों पर भी ट्रैफिक का भार है, क्योंकि आरआरएल तिराहे और आईएसबीटी की तरफ से आने-जाने वाला 30% ट्रैफिक इन्हीं अंदरुनी सड़कों से होकर आता-जाता है। इससे ISBT से होशंगाबाद रोड की ओर जाने वाले लोगों को 5 से 7 किलो मीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।     डायवर्सन की वजह से एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। विश्वकर्मा नगर में एक 10 साल के दीपक सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।     हबीबगंज नाके के पास किराना, एव्हरफ्रेश समेत अन्य दुकानें भी आठ महीने से बंद है। इससे कारोबार चौपट हो गया है। ऊपर से मेट्रो, नीचे से गुजरेंगी गाड़ियां RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके से डीआरएम स्टेशन के बीच 2 स्टील ब्रिज से मेट्रो गुजरेगी। इसके लिए पिछले 8 महीने से काम चल रहा है। 4 सितंबर को 3 घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक पर पिलर के ऊपर 65 मीटर लंबा और 400 टन वजनी ब्रिज का स्ट्रक्चर रख दिया गया था। वहीं, तिराहे के 200 टन वजनी और 48 मीटर लंबे कंपोजिट ब्रिज को भी रख दिया है। इसके नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी।  

दक्षिण रेलवे ने कावराईपेट्टई ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया

चेन्नई  दक्षिण रेलवे ने कहा है कि तमिनाडु में कावराईपेट्टई में हुयी ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है और आज से चरणबद्ध तरीके से सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। रेलवे की ओर से देर रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि शुक्रवार रात कावराईपेट्टई में मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर के कारण चेन्नई-गुम्मिडीपुंडी खंड में मेल/एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। बागमती एक्सप्रेस के दस डिब्बे और मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। सात घायल यात्रियों को नियमानुसार अनुग्रह राशि दी गई। इस हादसे के कारम चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में रेल यातायात बाधित रहा। सेक्शन से गुजरने वाली करीब 20 मेल/एक्सप्रेस सेवाएं रद्द कर दी गईं, कुल 60 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित/विनियमित/पुनर्निर्धारित किया गया। चेन्नई उपनगरीय सेवाएं चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में निलंबित कर दी गईं और मिंजुर तक ईएमयू स्पेशल और दूसरे छोर पर सुलुरुपेटा से गुम्मिडिपंडी तक चलाई गईं। दक्षिणी रेलवे ने राज्य और जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से बचाव कार्य शुरू किया। विज्ञप्ति के अनुसार यात्रियों की सहायता और बचाव अभियान चलाने के लिए 500 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। आधुनिक उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं से लैस दक्षिणी रेलवे की दुर्घटना राहत ट्रेनें पास के टोंडियारपेट यार्ड से लाई गईं। बागमती एक्सप्रेस के फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए पोन्नेरी जैसे नजदीकी स्टेशनों पर ले जाया गया, जहां तत्काल ध्यान देने के लिए पांच मेडिकल टीमें मौजूद थीं। फंसे हुए यात्रियों को डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल पहुंचाने के लिए विशेष ईएमयू सेवाओं की व्यवस्था की गई। डॉ. एमजीआर सेंट्रल पहुंचने वाले यात्रियों को विशेष सहायता डेस्क ने सहायता प्रदान की। दुर्घटना के आठ घंटे के भीतर फंसे यात्रियों के लिए दरभंगा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। वैकल्पिक ट्रेन सेवा, बागमती एक्सप्रेस के समान संरचना वाली एक विशेष ट्रेन, फंसे हुए यात्रियों को डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से दरभंगा ले जाने के लिए व्यवस्थित की गई थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि रेलवे के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल जांच और भोजन और पानी के प्रावधान के बाद कल तड़के 04.45 बजे डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से रवाना हुई।इस विशेष ट्रेन में 1,800 से अधिक यात्रियों को ठहराया गया। इस बीच, पटरी से उतरे डिब्बों को फिर से पटरी पर लाने के लिए पांच भारी अर्थ मूवर्स, तीन जेसीबी और दो 140 टन के क्रेन की तैनाती के साथ बहाली का काम तुरंत शुरू हो गया। टीमों ने चौबीसों घंटे काम किया और साइट पर निर्बाध काम की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई। दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह, अतिरिक्त महाप्रबंधक, डीआरएम/चेन्नई, एडीआरएम/चेन्नई और जोन के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों और बहाली कार्यों की बारीकी से निगरानी की। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्कल), बेंगलुरु ने 12 अक्टूबर को दुर्घटना स्थल का वैधानिक निरीक्षण किया। विज्ञप्ति के अनुसार सीआरएस ने पटरियों, सिग्नलों, इंटरलॉकिंग पैनलों, ब्लॉकों और प्वाइंटों, कोचों और लोको की गहन जांच की और अधिकारियों तथा घायल यात्रियों से भी बातचीत की। सीआरएस 16 और 17 अक्टूबर को वैधानिक जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि कावराईपेट्टई में बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, यूपी मेनलाइन से पटरी से उतरे कोचों और वैगनों को साफ कर दिया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन के ०9 एसी कोच और एक पावर कार सहित कुल 10 कोचों और मालगाड़ी के दो वैगनों को क्रेन का उपयोग करके हटा दिया गया है।  

रेलवे ने NTPC की 11000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई

रेलवे में सरकारी नौकरी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रेजुएट्स और अंडरग्रेजुएट लेवल की 11 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया था, वे अब बढ़ी हुई तारीख तक आवेदन कर सकते हैं. ताजा अपडेट के अनुसार, रेलवे में नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) अंडरग्रेजुएट लेवल के लिए 27 अक्टूबर और ग्रेजुएट लेवल के लिए 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. ग्रेजुएट लेवल के आवेदन 14 सितंबर से शुरू हुई थे और अंडरग्रेजुएट लेवल के आवेदन 21 सितंबर से शुरू हुए थे. RRB NTPC Vacancy Details: यहां देखें वैकेंसी डिटेल्स ग्रेजुएट लेवल चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर: 1736 पद स्टेशन मास्टर: 994 पद गुड्स ट्रेन मैनेजर: 3144 पद जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट: 1507 पद सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 732 पद कुल खाली पद: 8113   अंडरग्रेजुएट लेवल कमर्शियल कम टिकट क्लर्क: 2022 पद अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट: 361 पद जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 990 पद ट्रेन्स क्लर्क: 72 पद कुल खाली पद: 3445 अंडरग्रेजुएट लेवल: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) परीक्षा या समकक्ष परीक्षा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. ध्यान रहे जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए, जबकि एसएसी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों का केवल पास होना काफी है. अगर आयु सीमा की बात करें तो योग्य आवेदकों की उम्र 1 जनवरी 2025 को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष तक ही होनी चाहिए. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मानदंड के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह है कि वे आवेदन से पहले नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें. अभी अप्लाई करने के लिए यहां क्लिक करें- ग्रेजुएट लेवल: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से बैचलर डिग्री प्राप्त कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. अगर आयु सीमा की बात करें तो योग्य आवेदकों की कम से कम उम्र 01 जनवरी 2025 को 18 वर्ष और अधिकतम 36 वर्ष (कोविड-19 की वजह से एक बार तीन वर्ष की छूट दी गई है) तक ही होनी चाहिए. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को रेलवे भर्ती नियम के आधार पर अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. अधिक जानकारी नोटिफिकेशन में चेक कर सकते हैं. आवेदन शुल्क जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपये, एससी/एसटी/ दिव्यांग उम्मीदवारों को 250 रुपये और सभी महिला उम्मीदवारों को 250 रुपये फीस जमा करने होगी.  

एक रेलवे स्टाफ का कहना है कि वह राहुल गांधी के निरीक्षण को फिल्म की शुटिंग समझकर देखने वहां पहुंचा था

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाकर करीब 50 लोको पायलट्स से मुलाकात की और उनकी परेशानियों को जाना. राहुल के रेलव स्टेशन के दौरे को लेकर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जिन लोको पायलटों से मुलाकात की, वे कहीं और से लाए गए थे और वे भारतीय रेलवे लॉबी से नहीं थे. रेलवे के मुताबिक, राहुल गांधी 8 कैमरामैन के साथ नई दिल्ली स्टेशन पहुंचे थे. रेलवे के मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि वे स्टेशन पर फिल्म या रील बना रहे हैं. उत्तर रेलवे के मुख्य पीआरओ दीपक कुमार ने कहा कि रेलवे द्वारा एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि राहुल अपने साथ कुछ कैमरामैन लेकर आए थे और रील बनाते हुए देखे गए हैं. वहीं एक स्टाफ का कहना है कि वह राहुल गांधी के निरीक्षण को फिल्म की शुटिंग समझकर देखने वहां पहुंचा था. बीजेपी ने साधा निशाना वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ऐसा लगता है कि तीसरी बार असफल हुए राहुल गांधी दोपहर में लोको पायलटों से मिलने गए, उनके साथ आठ कैमरामैन और एक निर्देशक भी थे.आप उनकी गिनती कर सकते हैं…इससे भी ज़्यादा अजीब बात यह है कि वे रियल लोको पायलटों से नहीं मिले. पूरी संभावना है कि वे पेशेवर अभिनेता थे, जिन्हें उनकी टीम ने बुलाया था.’ राहुल गांधी ने की थी लोको पायलटों से मुलाकात इससे पहले राहुल गांधी ने अपनी इस मुलाकात को लेकर कहा था, ‘नई दिल्ली में देश भर से आए 50 लोको पायलटों से मुलाकात की. प्रतिदिन हज़ारों ट्रेन यात्रियों की ज़िम्मेदारी होती है इनके कंधों पर है मगर, देश के यातायात की ये रीढ़ सरकार की उपेक्षा और अन्याय का शिकार हैं. बिना उचित आराम और सम्मान के काम करने पर विवश हैं. उनकी समस्याएं सुन कर उनकी आवाज़ बुलंद करने का आश्वासन दिया – पहले भी किया है, और न्याय मिलने तक करता रहूंगा.’ कांग्रेस ने साधा था सरकार पर निशाना कांग्रेस ने कहा कि लोको पायलट 46 घंटे के बाद साप्ताहिक आराम मांगते हैं. इसका मतलब है कि शुक्रवार दोपहर को घर लौटने वाला ट्रेन चालक रविवार सुबह से पहले ड्यूटी पर नहीं लौटेगा. विमान के पायलटों को भी आमतौर पर इतना ही आराम मिलता है. लोको पायलट्स ने ये भी मांग की कि लगातार दो रातों की ड्यूटी के बाद एक रात का आराम मिलना चाहिए और ट्रेनों में ड्राइवरों के लिए बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए. आराम की कमी की वजह कर्मचारियों की कमी है, क्योंकि सरकार ने लोको पायलटों की सभी भर्तियां रोक दी हैं. कांग्रेस ने कहा कि पिछले 4 सालों में रेलवे भर्ती बोर्ड ने हजारों पदों पर रिक्तियों के बावजूद एक भी लोको पायलट की भर्ती नहीं की है. पायलटों ने आशंका जताई कि यह जानबूझकर उठाया गया कदम मोदी सरकार द्वारा रेलवे का निजीकरण करने की योजना है. पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी ने लोको पायलटों को आश्वासन दिया कि वे रेलवे के निजीकरण और भर्ती की कमी का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं. उन्होंने उनकी चिंताओं को सुना और पर्याप्त आराम की उनकी मांग का पूरा समर्थन किया. साथ ही उम्मीद जताई कि इससे हादसों में काफी कमी आएगी.  

इस साल जुलाई में रेलवे का नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा वर्तमान समयसारणी को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ाया

नई दिल्ली आप यदि ट्रेन से सफर (Train Journey) करते होंगे तो आपको पता होगा कि आमतौर पर हर साल रेलवे (Indian Railways) एक जुलाई से नया टाइम टेबल लागू करता है। कभी-कभार इसे लागू करने में देरी भी हो जाती है। इस साल भी इसी तरह की देरी हो रही है। जी हां, रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को चिट्ठी लिख कर सूचित किया है कि इस साल एक जुलाई को नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा है। अभी जो टाइम टेबल चल रहा है, उसी की अवधि को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कब जारी होता है ट्रेन एट ए ग्लांस? रेलवे में एक परंपरा है, नया टाइम टेबल जारी करने की। रेलवे बोर्ड के स्तर पर जो अखिल भारतीय टाइम टेबल जारी किया जाता है, उसे ट्रेन एट ए ग्लांस (Trains At A Glance) के नाम से जाना जाता है। इसमें सिर्फ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समय सारिणी होती है। इसी के साथ जोनल स्तर पर भी टाइम टेबल का प्रकाशित किया जाता है। इसमें पैसेंजर और लोकल ट्रेन की भी समय सारिणी होती है। आमतौर पर यह हर साल एक जुलाई से प्रभावी होता है। इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस साल नया टाइम टेबल नहीं पीटीआई की एक खबर के अनुसार रेलवे बोर्ड इस साल नया टाइम टेबल जारी नहीं कर रहा है। दरअसल, इस समय बोर्ड ट्रेनों के समय और परिचालन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। रेल मंत्रालय इसे और अधिक कुशल बनाना चाहता है इसलिए नए टाइम टेबल की रिलीज की तारीख 1 जनवरी, 2025 तक बढ़ा दी गई है। नया टाइम टेबल जारी होने तक पुराना टाइम टेबल ही लागू रहेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 27 जून, 2024 को ही 17 ज़ोन के सभी महाप्रबंधकों को एक सरकुलर जारी किया और उनसे मौजूदा टाइम टेबल को 31 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने के लिए कहा। जोनल रेलवे का टाइम टेबल भी वही रहेगा बोर्ड के पत्र जारी होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने भी 28 जून को एक पत्र जारी किया। इसमें बताया गया कि ट्रेन एट ए ग्लांस 2024 अब 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसलिए अब PRYJ (प्रयागराज), JHS (झांसी) और AGC (आगरा कैंट) की मौजूदा कार्य समय सारणी की वैधता भी 31 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी जाती है। इस आलोक में अब नया टाइम टेबल 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसी तरह का एक सरकुलर उत्तर पश्चिम रेलवे ने भी जारी किया है। इस सरकुलर में सभी चार डिवीजनों, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और अजमेर के डीआरएम को मौजूदा समय सारिणी के अनुसार काम करने के लिए कहा गया है।

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