LATEST NEWS

भोपाल इंदौर ग्वालियर समेत कई जिलों में आज जोरदार बारिश होने की संभावना

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple

भोपाल भोपाल में आज तेज बारिश का अलर्ट है। एक इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं इंदौर अगले 24 घंटे में हल्की बारिश का अनुमान है। ग्वालियर में मंगलवार को गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। जबलपुर में अगले 24 घंटे और आने वाले दिनों में जबलपुर में तेज बारिश का अलर्ट है। उज्जैन में भी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 31 में से 21 जिलों में 2 से 63 प्रतिशत अधिक बारिश हो गई। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से के जबलपुर-रीवा समेत 23 जिलों में से 19 में 72 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। भोपाल में जून में ही 63 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां हैं। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जून माह में भोपाल में 63% ज्यादा हुई बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राजधानी भोपाल में अभी तक 63 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल में एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। जोकि 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस बार 23 जून को मानसून ने आमद दी। मौसम विभाग का तेज बारिश को लेकर अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। गुना, रायसेन के सांची और भीमबेटका, विदिशा के उदयगिरि और सागर में आकाशीय बिजली चमकने या गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं भोपाल, शाजापुर, सीहोर, अशोकनगर, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, दमोह, मंडला में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, राजगढ़, बालाघाट, डिंडोरी, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया के रतनगढ़, भिंड, खंडवा, खरगोन के महेश्वर, हरदा, देवास और कटनी में भी बारिश हो सकती है। अगले 5 दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का जारी रहेगा दौर मौसम विभाग, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अगले 5 दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से पूर्वी बंगाल की खाड़ी से बारिश की एक्टिविटी तेज होगी। इससे पूर्वी हिस्से के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। 4 जुलाई को कई जिले भीगेंगे। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। 15 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने बताया, कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बारिश का दौर चल रहा है। पिछले 24 से 48 घंटे में कई जगहों पर अति भारी बारिश भी हुई है।

कहीं हल्की तो कहीं जमकर बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश हो रही है। प्रदेश के उत्तरी जिलों में इन दिनों गरज चमक के साथ भारी बारिश हो रही है। साथ ही तेज हवाएं भी चल रही है। प्रदेश में लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहने से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आज मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाएं चल रही है। बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं कई इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों के जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिण भाग में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधि में हल्की कमी होने की संभावना है। हालांकि ज्यादातर भागों में बारिश की गतिविधि जारी रहेगी और गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेगी। इसके बाद फिर प्रदेशभर में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, एक द्रोणिका उत्तरी पंजाब से उत्तर हरियाणा, उत्तरी उत्तर प्रदेश, उत्तरी बिहार, उप हिमालय और पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित चक्रवती परिसंचरण और असम होते हुए मिजोरम तक समुद्र तल से 0. 9 किलोमीटर पर स्थित है। एक चक्रवती परिसंचरण उप हिमालय, पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के क्षेत्र में औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों में भारी बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में दर्ज किया गया है, यहां अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री नारायणपुर में रहा। राजधानी रायपुर में 30.5, माना एयरपोर्ट में 30, बिलासपुर में 28.2, पेंड्रा रोड में 27.6, अंबिकापुर में 26.9, जगदलपुर में 30.9 और दुर्ग में 29.02 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।

MP के 13 जिलों में आज बारिश का अनुमान, ग्वालियर में 43 डिग्री के पार रहा तापमान

भोपाल र्मदापुरम में बुधवार को बारिश के चलते दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। रायसेन में नदी में पानी आने से जेसीबी डूब गई।मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते बुधवार को कई शहरों में मौसम बदला रहा। बारिश हुई, आकाशीय बिजली गिरने के मामले भी सामने आए और आंधी भी चली। ऐसा ही मौसम गुरुवार को भी रहेगा। जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के 13 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। हल्की बारिश के साथ आकाशीय बिजली की कई घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने कहा, आसमान में गहरे काले बादल हों तो सुरक्षित स्थान पर जाएं। न पेड़ के नीचे खड़े न हों और न ही समूह में बैठें। ग्वालियर में 43 डिग्री रहा मध्यप्रदेश में बुधवार को सर्वाधिक 43 डिग्री तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, शहडोल, रीवा, चित्रकूट, कटनी, पृथ्वीपुर, नरसिंहपुर, राजगढ़ और सीधी भी सर्वाधिक गर्म रहे। गुरुवार को कहां कैसा रहेगा मौसम     गुरुवार को सागर, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, उमरिया छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, बालाघाट में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।     शहडोल, सिंगरौली, अनूपपुर, सिवनी, सीहोर, भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है।   किसान 23 जून तक तैयार करें धान की नर्सरी कृषि वैज्ञानिकों ने बताया, मानसून आने के बाद जून के आखिरी और जुलाई के दूसरे सप्ताह तक बोवनी के लिए बेहतर समय है। 4 इंच बारिश होने के बाद बोवनी की जा सकती है। सिंचाई की सुविधा है तो 23 जून तक धान की नर्सरी तैयार कर लें। कपास सोयाबीन की बोवनी खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर के लिए खेत तैयार कर लें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा है, वह हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी कर लें। किसानों को यह सलाह मानसून आने के बाद जून के आखिरी या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बोवनी कर सकते हैं। पर्याप्त बारिश होने या फिर सिंचाई की सुविधा होने पर 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए किसान खेत तैयार कर लें। कपास या सोयाबीन की बोवनी मानसून आने के बाद खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी करें।

भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई

नई दिल्ली भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत के बाद से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून आने की स्थिति बन रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि भारत में एक से 18 जून के बीच 64.5 मिमी बारिश हुई, जो लंबी अवधि के 80.6 मिमी के औसत (एलपीए) से 20 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने बताया कि एक जून से अब तक उत्तर-पश्चिम भारत में 10.2 मिमी बारिश (सामान्य से 70 प्रतिशत कम), मध्य भारत में 50.5 मिमी (सामान्य से 31 प्रतिशत कम), दक्षिण प्रायद्वीप में 106.6 मिमी (सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक) तथा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत में 146.7 मिमी (सामान्य से 15 प्रतिशत कम) बारिश हुई। दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 मई को निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। इसके बाद 26 मई को चक्रवात रेमल के साथ ही मानसून दक्षिण के अधिकांश हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के मध्य के कुछ हिस्सों तक पहुंचा था। केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य से क्रमशः दो और छह दिन पहले 30 मई को मानसून ने दस्तक दे दी थी। केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सभी हिस्सों, दक्षिणी महाराष्ट्र के अधिकतर क्षेत्रों, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा के कुछ भागों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों, सिक्किम और सभी पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में 12 जून तक मानसून दस्तक दे चुका था। आईएमडी ने कहा, ‘‘उपरोक्त क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद मानसून आगे नहीं बढ़ा…।’’ आईएमडी ने बताया कि देश के 11 मौसम उप-प्रभागों में एक से 18 जून के बीच सामान्य से लेकर बहुत अधिक बारिश हुई है, जबकि 25 उप-प्रभागों में बहुत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, देश भर में जून में औसत बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है।  

मध्यप्रदेश में प्री-मानसून खूब बरस रहा, जबलपुर समेत 22 जिलों में आज आंधी-बारिश

भोपाल मध्यप्रदेश में प्री-मानसून खूब बरस रहा है। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। भोपाल में तड़के 5 बजे से रिमझिम पानी गिरा। जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 22 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। दूसरी ओर, ग्वालियर और दतिया में गर्मी का असर भी रहेगा। आज प्रदेश के 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 22 जिलों में आंधी के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर और दतिया में गर्मी का असर देखने को मिलेगा। बीते दिन की बात करें तो मंगलवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म ग्वालियर रहा। यहां का टेमप्रेचर 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां अटका मानसून मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, अभी मानसून महाराष्ट्र में अटका हुआ है, जिसकी वजह से अगले 2 से 3 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इसके बाद मानसून आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में एंटर होगा। फिलहाल, वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसकी वजह से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। यहां आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट आज बड़वानी, देवास, सीहोर, खरगोन, विदिशा, दमोह, नरसिंहपुर, शिवपुरी, सागर,छिंदवाड़ा, पन्ना, कटनी, पांढुर्णा, दमोह, जबलपुर, सिवनी, डिंडोरी, अनूपपुर, रीवा, बालाघाट, मऊगंज, मंडला में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट वहीं, आज इंदौर, धार, बुरहानपुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, श्योपुरकलां, रायसेन, नर्मदापुरम, मुरैना, छतरपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, सतना, मैहर, उमरिया, में गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट है। यहां रहेगा गर्मी का असर प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश होगी तो वहीं ग्वालियर, दतिया में गर्मी का असर भी रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह – कृषि विज्ञान ने किसानो को मानसून आने के बाद और 4 इंच बारिश होने के बाद ही बोवनी करने की सलाह दी है। – जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का ही समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बोवनी कर सकते हैं। –  किसान 23 जून तक धान की नर्सरी के लिए खेत तैयार कर लें। जैसे ही पर्याप्त बारिश होती है तो धान लगाना शुरू कर दें। – मानसून आने के बाद पर्याप्त बारिश होने के बाद ही कपास और सोयाबीन की बोवनी करें। इससे पहले बोवनी करने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। – ऐसे किसान जिनके पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी कर सकते हैं। अरहर की बुवाई के लिए खेत तैयार कर सकते हैं। जल्द शुरू होगी मॉनसूनी बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश में मॉनसून की एंट्री पहले 15 जून से पहले ही होने वाली थी. हालांकि, मॉनसून की रफ्तार में आए परिवर्तन की वजह से यह कुछ दिनों की देरी के साथ मध्यप्रदेश पहुंच रहा है. माना जा रहा है कि 21-22 जून तक मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों में मॉनसूनी बारिश होने लगेगी.

भूस्खलन में लाचुंग और आसपास के क्षेत्रों से 15 और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया

गंगटोक  सिक्किम के भूस्खलन प्रभावित मंगन जिले के लाचुंग और आसपास के क्षेत्रों से  15 और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य स्वयंसेवकों की मदद से, फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि दिन में और भी पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके साथ ही मंगन जिला प्रशासन ने संपत्ति को हुए नुकसान और सड़क अवरुद्ध होने के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को जिले के सभी सरकारी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी हेम कुमार छेत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि मंगन प्रखंड के मानुल, सिंघिक, मंगन तथा मांगशिला क्षेत्र और लिंगदोंग प्रखंड के ही ग्याथांग, पासिंगदोंग, लिंग्ज़्या, तिंगवोंग और गोर क्षेत्र में सरकारी स्कूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे। आदेश में कहा गया कि स्कूलों के प्रधानाचार्य और कर्मचारी कार्यक्षेत्र पर ही रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को उत्तरी सिक्किम के लाचुंग से 64 पर्यटकों को मंगन कस्बे तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने पैदल चलने वाले लोगों के लिए तथा वाहनों के सुगम आवागमन के लिए लकड़ी के अस्थायी पुल बनाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 12 जून से लगातार हो रही बारिश ने मंगन में कहर बरपाया, जिससे कई जगह भूस्खलन हुआ और जिले के ज्यादातर हिस्सों से संपर्क टूट गया। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध होने के कारण लाचुंग में लगभग 1,200 पर्यटक फंस गए। पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के चलते सिक्किम में कम से कम छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इलाकों में संपत्ति को काफी नुकसान हुआ और बिजली, खाद्य आपूर्ति तथा मोबाइल नेटवर्क भी बाधित है। उन्होंने बताया कि सांकलांग में नवनिर्मित झूला पुल के ढहने के बाद स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि यह उत्तरी सिक्किम और जोंगु को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग था। एक बयान में कहा गया, ‘‘मौसम और भारी वर्षा के कारण पैदा हुए हालात से निपटने की कवायद के तहत बीआरओ ने उत्तरी सिक्किम से संपर्क जल्द से जल्द बहाल करने के लिए जनशक्ति और सरकारी तंत्र जुटाकर काम शुरू कर दिया है।’’   केन्द्रीय गृहमंत्री ने की आईटीबीपी की माउंटेन रेस्क्यू टीम की सराहना, कहा-बहादुर हिमवीरों पर हमें गर्व है  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लाहौल और स्पीति में एक बचाव अभियान चलाने के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की माउंटेन रेस्क्यू टीम की सराहना की है। ‘एक्स’ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि हमें अपने बहादुर हिमवीरों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी की माउंटेन रेस्क्यू टीम ने हाल ही में लाहौल और स्पीति की दुर्गम चोटियों पर एक चुनौतीपूर्ण खोजी अभियान चलाया और एक अमरीकी नागरिक का पार्थिव शरीर वापस लेकर आए, जिनकी पैराग्लाइडिंग करते हुए एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के अनुरोध पर आईटीबीपी टीम के सदस्य 14,800 फीट की चढ़ाई कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए मानवता की भावना दिखाते हुए पार्थिव शरीर को वापस लाए। उन्होंने कहा कि मानवता के प्रति आईटीबीपी का समर्पण प्रशंसनीय है। उल्लेखनीय है कि लाहौल और स्पीति में काजा के पास लापता हुए 31 वर्षीय अमेरिकी पैराग्लाइडर मिस्टर बॉकस्टहलर ट्रेवर के अवशेषों को 48 घंटे से अधिक समय तक चले सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव मिशन में से एक के बाद आईटीबीपी पर्वतारोहियों द्वारा 14800 फीट से नीचे लाया गया। पार्थिव शरीर को पुलिस थाना काजा ले जाया गया है।      

प्रदेश में आज प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी, जबलपुर-छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट

भोपाल मानसून की एंट्री से पहले मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की बारिश हो रही है। सोमवार को इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, दिन के टेम्प्रेचर में भी गिरावट हुई। मंगलवार को प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी रहेगी। इसके चलते जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट है। यहां बारिश के साथ 50-60 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। इधर, मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून आने के बाद 4 इंच बारिश होने पर ही बोवनी करें। मॉनसून की एंट्री से पहले सोमवार को प्रदेश के इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी रहने की संभावना है जताई जा रही है। इसके चलते जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट है। इन जिलों में बारिश के साथ 50 से 60 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून आने के बाद 4 इंच बारिश होने पर ही बुआई की शुरुआत करें। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मॉनसून अभी एक जगह पर स्थिर है और आगे नहीं बढ़ रहा है। मॉनसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग का रेड अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा  के लिए रेड अलर्ट है। यहां तेज आंधी और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, शाजापुर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, रायसेन में भी गरज-चमक की स्थिति रहेगी। साथ ही हरदा,नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, दमोह, पन्ना, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सतना, रीवा, मैहर और सिंगरौली में गर्मी का असर रहेगा। पंचमढ़ी ठण्डा ओर चित्रकूट गर्म मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सोमवार को भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में आंधी, बारिश का दौर रहा। इस वजह से प्रदेश के भोपाल, पचमढ़ी और रायसेन सोमवार को सबसे ठंडे रहे। यहां दिन का तापमान 34.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कई जिले ऐसे भी हैं, जहां पर गर्मी का असर देखने को मिला। सतना का चित्रकूट सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा वहीं बड़े शहरों में इंदौर में 38.4 डिग्री, जबलपुर में 36.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 38.5 डिग्री रहा है वंही प्रदेश का चित्रकूट सबसे गर्म रहा है यंहा का पारा 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। टॉप 10 शहरों का तापमान मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के टॉप-10 गर्म शहरों में निवाड़ी का पृथ्वीपुर, ग्वालियर, सतना, छतरपुर का बिजावर, खजुराहो, सिंगरौली, शिवपुरी, सीधी और शहडोल शामिल हैं। पृथ्वीपुर में 45.7 डिग्री, ग्वालियर में 45.1 डिग्री, सतना में 44.9 डिग्री, बिजावर में 44.8 डिग्री, खजुराहो में 44.4 डिग्री, सिंगरौली में 44 डिग्री, शिवपुरी में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री और शहडोल में पारा 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। किसानों को यह सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मानसून के आने के बाद जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बुआई कर सकते हैं। पर्याप्त बारिश होने या फिर सिंचाई की सुविधा होने पर 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए किसान खेत तैयार कर लें ओर जून के आखिरी या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। कपास या सोयाबीन की बोवनी मानसून आने के पश्चात भूमि में पर्याप्त नमी होने पर ही करें। अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढेंचा की बुआई करें। मोसम विभाग के भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया की प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से बारिश हो रही है। 18 जून को लोकल सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहेगा। इसके चलते जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का रेड अलर्ट है। बाकी जगहों पर भी आंधी, बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में देरी से आएगा मॉनसून, IMD ने नई तारीख बताकर बढ़ा दी टेंशन

भोपाल समय से पहले ही दस्तक देने वाला मॉनसून अब धीमा पड़ता नजर आ रहा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे मध्य प्रदेश के इसके इंतजार में कुछ और दिन बिताने होंगे। वहीं, छिटपुट बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में उमस बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अरब सागर और कमजोर पड़ने के कारण मॉनसून धीमा हो गया है। हालांकि, राजधानी भोपाल में बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। आमतौर पर मध्य प्रदेश में मॉनसून की दस्तक 15 जून के आसपास हो जाती है, लेकिन राज्य में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि मॉनसून फिलहाल गुजरात में अटका हुआ है और इसकी वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम का कमजोर पड़ना है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं की मॉनसून राज्य में 19-20 जून को आ सकता है। राज्य में बालाघाट और डिंडोरी के जरिए मॉनसून की दस्तक हो सकती है। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, भोपाल में मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने कहा, ‘अभी के लिए राज्य में प्री मॉनसून गतिविधियां ही चलती रहेंगी। भोपाल, इंदौर और जबलपुर मंडलों में सोमवार को बारिश के आसार हैं। जबकि, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिले लू का सामना करते रहेंगे।’ कहां पहुंचा मॉनसून IMD ने बताया है कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, बिहार के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल नजर आ रही हैं। विभाग ने सोमवार को बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में छिटपुट या मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में हवा आंधी के साथ बारिश की संभावना है.  कुछ जिलों में चढ़ा पारा  इधर हवा-आंधी बारिश के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में तापमान भी अपने तीखे तेवर दिखा रहा है, यहां पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है. शनिवार को प्रदेश में खजुराहो सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि बिजावर, छतरपुर में 45.0, सीधी में 44.4, रीवा में 44.2, सिंगरौली में 44.1, सतना में 44.1, नौगांव में 44.0, शहडोल में 43.6, दमोह में 43.5 और ग्वालियर में 43.3 डिग्री दर्ज किया गया है.

मध्यप्रदेश में देरी से आएगा, राजधानी में तेज हवा के बाद बारिश-बिजली

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक तरफ प्री मानसून की बारिश हो रही है और दूसरी तरह आधा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी में तप रहा है। बीते दिन रविवार को सतना जिले के का चित्रकूट प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा था। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं, सिवनी में प्री मानसून की बारिश हुई थी। इस दौरान बिजली गिरने से चार महिलाएं घायल हो गई हैं। जिनका अस्पताल में इलाज चल जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में दो-तीन दिन में बालाघाट-डिंडोरी से मानसून एंटर होगा। सभावना जताई जा रही है कि 21 जून से प्रदेश में जोरदार बारिश होगी। फिर से धीमी हुई मानसून की गतिविधि मौसम विभाग के  सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी मानसून की गति धीमी हो गई है। इस कारण यह कुछ दिन लेट हो सकता है। अब तक पूरब की ओर से आ रहे मानसून ने अपना रुख बदल दिया है, अब वह पश्चिम की ओर से सक्रिय हुआ है। ऐसे में 2-3 दिन में यह पूरी तरह एक्टिव हो सकता है। इससे संभावना जताई जा रही है कि 21 जनू से प्रदेश् में जोरदार बारिश देखने को मिलेगी।  अभी साउथ-वेस्ट राजस्थान के हिस्से में चक्रवाती घेरा और उत्तर प्रदेश से मेघालय तक एक ट्रफ लाइन एक्टिव है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम में हवा का घेरा होने से नमी आ रही है। इससे प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की एक्टिविटी हो रही है।    आज कैसा रहेगा प्रदेश का मौसम जबलपुर, सागर, देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपुपर में आंधी, बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर, सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, श्योपुर कलां, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, आगर- मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और झाबुआ में गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में दिखे मौसम के दो रूप इससे पहले रविवार को प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिले थे। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। हालांकि, कहीं-कहीं धूप भी निकली, लेकिन तापमान 40 डिग्री के अंदर रहा। वहीं, सिवनी में बारिश हुई जबकि सतना जिले का चित्रकूट सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां एक बार फिर से 46.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे गर्म शहरों में खजुराहो, पृथ्वीपुर, चित्रकूट, ग्वालियर, नौगांव, सिंगरौली, सीधी, रीवा, ग्वालियर और टीकमगढ़ शामिल रहे। रविवार को प्रदेश के सबसे गर्म 10 शहरों में इतने डिग्री रहा था पारा     चित्रकूट-46.5     पृथ्वीपुर-46.0     खजुराहो-46.0     छतरपुर-45.8     ग्वालियर-45.7                                     नौगांव-45.0     सतना-44.9     सिंगरौली-44.3     रीवा-43.6     सीधी-43.6 प्रदेश के बड़े शहरों का अधिकतम तापमान     भोपाल-39.6 डिग्री     जबलपुर-39.5 डिग्री     उज्जैन-38.6 डिग्री     इंदौर-36.3 डिग्री     ग्वालियर-45.7 डिग्री  

मध्यप्रदेश में तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना

भोपाल देश में चक्रवाती तूफान रैमल के चलते इस वर्ष मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। मानसून की गति भी अच्छी बनी हुई थी, लेकिन अब मानसून थोड़ा कमजोर हो गया है। इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री देरी से होगी। इस समय मानसून गुजरात में पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री कब तक होगी आइए जानते हैं.. मानसून कब कहां पहुंचा देश में मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था, इसी दिन 30 मई को यह तमिलनाडु में भी सक्रिय हो गया। इसके बाद मानसून पश्चिम बंगाल में 31 मई, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में 2 जून, तेलंगाना एवं गोवा में 4 जून के बाद अब यह 6 जून को महाराष्ट्र में सक्रिय हुआ। इसके बाद मानसून छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी में 3-4 दिन में मानसून पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के 7 राज्यों असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और मिजोरम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और गरज के बारिश की संभावना जताई है। ऐसा मौसम 7 दिन तक रह सकता है। इधर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में 15-18 जून तक सीवियर हीटवेव (तेज लू) का अलर्ट जारी किया गया है। Monsoon in MP मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भी दो दिन हीटवेव की स्थितियां बन सकती हैं। मानसून गुजरात पहुंचा गुजरात में मानसून आधिकारिक तौर पर आ चुका है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है। इसके चलते मौसम विभाग ने अगले 6 दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को सूरत, बनासकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद, नवसारी, वलसाड समेत कई जिलों में गरज के साथ बारिश हुई। इन जिलों में आज भी तेज बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में मानसून 3-4 दिन में पहुंच सकता है। कमजोर पड़ा मानसून देश के दक्षिणी राज्यों में समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। अर्थ साइंस के पूर्व सेक्रेटरी माधवन राजीवन ने कहा कि अगले 8-10 दिन तक Monsoon in MP मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। बिहार और झारखंड में 16 से 18 जून तक मानसून के पहुंचने का अनुमान है। यह 20 से 30 जून के बीच उत्तर प्रदेश और 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है। इधर देश के कई राज्यों में मौसम बदलेगा। IMD के मुताबिक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऐसा मौसम 4-5 दिन रह सकता है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री लेट हुई  मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून के तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना है। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में एंटर होने के बाद मानसून की अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दोनों ब्रांच कमजोर हो गई है। IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 10 से 14 जून के बाद मानसून स्थिर है। इससे वह कमजोर हो गया है। इसलिए मध्यप्रदेश में इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। प्रदेश के दक्षिण हिस्से में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। यहां हवा की गति भी अधिक है। एमपी में बारिश एवं आंधी मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जिसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को एमपी के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में आंधी का यलो अलर्ट है। दूसरी ओर, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में गर्म हवाएं भी चल सकती है। मानसून के कब कहां पहुंचने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार मानसून बिहार 18 जून, झारखंड 13 से 17 जून, गुजरात 19 से 30 जून, मध्य प्रदेश में 21 जून, उत्तर प्रदेश 18 से 25 जून, उत्तराखंड 20 से 28 जून, हिमाचल प्रदेश 22 जून, लद्दाख एवं जम्मू 22 से 29 जून, दिल्ली 27 जून, पंजाब 26 जून से 1 जुलाई, हरियाणा 27 जून से 3 जुलाई, चंडीगढ़ 28 जून और अंत में राजस्थान 25 जून से 6 जुलाई तक पहुंचेगा। मानसून राजस्थान होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है।

मध्यप्रदेशमें जल्द दस्तक देगा मानसून! 39 जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में 17-18 जून को मानसून की एंट्री हो सकती है। इससे पहले, प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी है। कहीं तेज बारिश हो रही है, तो कहीं आकाशीय बिजली गिरने-चमकने या आंधी का दौर है। मौसम वैज्ञानिकों ने बता दिया है कि मानसून की गतिविधियां कब से मध्यप्रदेश में शुरू हो जाएंगी. मध्यप्रदेश में बीते कई दिनों से लोग 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी को झेल रहे हैं और अब सभी को मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 27 जिलों में प्री मानसून एक्टिविटी हो सकती हैं. इसका मतलब है कि इन 27 जिलों में से किसी भी जिले में अचानक तेज बारिश और आंधी आ सकती है, जिससे मौसम में ठंडक घुलेगी और गर्मी की तीव्रता कम हो सकेगी. आखिर मौसम में इस बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मध्यप्रदेश के आसपास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है. इस वजह से आंधी-बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है.यह अगले कुछ दिनों तक कायम रहेगी. मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश में 18 जून तक मानसून के हर हाल में आ जाने की पूरी संभावना बनी हुई है और यह मध्यप्रदेश में उसके दक्षिणी इलाकों से प्रवेश कर सकता है. यानी बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी आदि शहरों में पहले मानसून की दस्तक हो जाएगी. मध्य प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बेतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार,  उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगरमालवा, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट,पन्ना,दमोह,सागर और पांढुर्ना में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना और मैहर में लू चलने की संभावना है. सबसे अधिक तापमान खजुराहो में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान जताया है. बीते 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान राजगढ़ में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 17-18 जून से मिल सकती है राहत केरल में एक दिन पहले दस्तक देने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे राज्य में मानसून के समय पर पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग की ओर से बताया गया केरल में मानसून की एंट्री के बाद करीब 15 दिन में ये मध्य प्रदेश में एंट्री ले सकता है. ऐसे में 17- 18 जून तक प्रदेशवासियों को लू की लपटों और प्रचंड गर्मी से राहत मिल सकती है. 

अगले 7 दिनों में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, और सिक्किम में तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली मॉनसून की उत्तरी सीमा नवसारी, जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, बीजापुर, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम, और इस्लामपुर से होकर गुज़र रही है। इसके कारण अगले 3-4 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पूर्वोत्तर असम और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके उत्तर-पश्चिम बिहार से नागालैंड तक जाने की संभावना है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर राज्यों तक तेज़ हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 7 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया है कि 14 तारीख को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 18 जून को अरुणाचल प्रदेश और 15-18 जून के दौरान मेघालय में भारी बारिश होगी। आईएमडी के पूर्वानुमान के मताबिक, अगले 5 दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा में तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 14, 17 और 18 जून को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव में अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश भी हो सकती है। आईएमडी ने कहा है कि मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में गरज के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। लू का अलर्ट मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ लू को लेकर भी चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 14-18 तारीख के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति की संभावना है। 14-15 जून के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड में गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलेगी। 16 जून को झारखंड में यह स्थिति बनी रहेगी। अगले 5 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। 16 और 17 जून को कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना है।  

आज और कल पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना

नई दिल्ली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अगले 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताया है। मौसम एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम समेत 12 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की बात भी कही है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लि रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी लू की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13-17 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है। 13 और 14 तारीख को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और ओडिशा में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक 1 जून को सीजन शुरू होने के बाद से भारत में सामान्य से एक प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन राज्यों में बारिश के आसार आईएमडी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के दौरान मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में चलेगी लू मौसम अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और ओडिशा जैसे उत्तरी और पूर्वी राज्यों में चार-पांच दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि मौसम मॉडल गर्मी से जल्द राहत का संकेत नहीं दे रहे हैं। मॉनसून में देरी का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। मॉनसून आगमन में देरी मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए दावा किया है कि पश्चिमी क्षेत्रों में समय से पहले मॉनसून के पहुंचने के बाद उसकी गति कमजोर पड़ गई है। मुंबई में मॉनसून तय समय से करीब दो दिन पहले पहुंच गया, लेकिन मध्य और उत्तरी राज्यों में इसके आगमन में देरी हो सकती है। उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और 46 डिग्री सेल्सियस (108 डिग्री फारेनहाइट से 115 डिग्री फारेनहाइट ) के बीच है। जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस (5 डिग्री फारेनहाइट और 9 डिग्री फारेनहाइट) अधिक है।

MP में तेजी से आ रहा मानसून, आज 35 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों कई जिलों में भारी बारिश तो कहीं जिलों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों को कवर कर चुका मानसून अब मध्य प्रदेश में 3-4 दिन की देरी से पहुंचेगा. इसके पीछे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सिस्टम कमजोर होने की वजह मानी जा रही है. मौसम विभाग की माने तो 19 तारीख तक प्रदेश में मानसून की दस्तक हो सकती है, तो वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग की तरफ से कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इन जिलों में किया बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग की माने तो बालाघाट, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, और सिवनी के लिए मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी भापोल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन और रतलाम के लिए आंधी और गरज चमक के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया है. कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी प्रदेश भर में इन दिनों मौसम के दो मिजाज देखने मिल रहे हैं. कई जिलों में बारिश के बाद गर्मी से राहत देखी गई है, तो कई जिलों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. बीते दिन खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म जगह रही यहां 45.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. विजावर- 45.3, निवाड़ी-45.0, ग्वालियर-44.6, नौगांव-44.6, सिंगरौली-44.4, रीवा-44.2, सतना-44.1, सीधी- 43.8, दमोह-43.5 तापमान दर्ज किया गया है.

एमपी में प्री-मानसून एक्टिविटी, छिंदवाड़ा-सिवनी, मंडला-बालाघाट में आज आंधी-बारिश

भोपाल मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी जारी हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से आंधी, बारिश का दौर है। मंगलवार को धार में तेज बारिश हुई, जबकि 10 से ज्यादा जिलों में आंधी चली। बुधवार को भी आंधी-बारिश होने का अनुमान बुधवार को श्योपुरकलां, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और अनूपपुर में आंधी, गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी। बुधवार को भी आंधी-बारिश होने का अनुमान है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट है। दूसरी ओर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सिंगरौली में गर्म हवा भी चलेगी। बुधवार को श्योपुरकलां, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और अनूपपुर में आंधी, गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी। प्रदेश में दो तरह का मौसम     मंगलवार को प्रदेश में दो तरह का मौसम देखने को मिला। दोपहर में धार में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। वहीं, रतलाम, झाबुआ, आगर, बैतूल, आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, बालाघाट, उज्जैन, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा, इंदौर, मंडला, डिंडोरी में भी मौसम बदला रहा। इससे पहले कई शहरों में गर्मी का असर भी रहा।     सबसे गर्म रीवा रहा। यहां दिन का टेम्प्रेचर 44.6 डिग्री रहा। प्रदेश के टॉप-10 सबसे ज्यादा तापमान वाले शहर में सिंगरौली, सीधी, सतना, ग्वालियर, शहडोल, खजुराहो, शिवपुरी, जबलपुर और उमरिया शामिल हैं। सिंगरौली में 44.3 डिग्री, सीधी में 44 डिग्री, सतना में 43.3 डिग्री, ग्वालियर में 42.8 डिग्री, शहडोल में 42.4 डिग्री, खजुराहो में 41.4 डिग्री, शिवपुरी में 41 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री और उमरिया में 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा।     बड़े शहरों में भोपाल में 39.3 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 42.8 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री और उज्जैन में पारा 37.8 डिग्री दर्ज किया गया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet