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लोकायुक्त की कार्रवाई परिवहन अधिकारी और एजेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार, इस काम के बदले मांगी थी 10 हजार की घूस

बड़वानी  मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ताजा मामला बड़वानी जिले से सामने आया है. जहां लोकायुक्त की टीम ने जिला परिवहन अधिकारी और एक एजेंट को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने अंजाम दिया है. दरअसल, जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े ने एजेंट विवेक मलतारे के जरिए लाइसेंस रिन्युअल समेत 22 अन्य कार्यों के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. शिकायतकर्ता चेतन शर्मा ने जब अपने लंबित कार्य के लिए आरटीओ से संपर्क किया तो उन्होंने एजेंट से मिलने को कहा गया. एजेंट ने आरटीओ का हवाला देते हुए 30 हजार रुपए की मांग की. इस पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई. लोकायुक्त टीआई प्रतिभा तोमर के अनुसार, बुधवार दोपहर को अंजड़ नगर स्थित गायत्री मंदिर के पास एजेंट विवेक मलतारे को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. विवेक मलतारे परिवहन कार्यालय का अधिकृत एजेंट है. लोकायुक्त ने आरटीओ रीना किराड़े और एजेंट विवेक मलतारे दोनों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की है.

राजधानी भोपाल से होगी प्रदेशभर में बसों की निगरानी, बीमा-फिटनेस खत्म होते ही जाएगा संदेश

भोपाल बाणगंगा चौराहा हादसे से सबक लेते हुए परिवहन विभाग ने प्रदेश में बसों की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। हादसे में जिस बस से महिला डॉक्टर की मौत हुई थी, उसका फिटनेस सर्टिफिकेट ही नहीं था। अब ऐसी लापरवाही रोकने के लिए एक केंद्रीकृत निगरानी सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिसकी कमान भोपाल में बने कंट्रोल रूम के हाथ में होगी। भोपाल स्थित परिवहन आयुक्त के कैंप ऑफिस में यह कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां से पूरे मध्यप्रदेश की बसों के फिटनेस, परमिट, पीयूसी और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) की निगरानी की जाएगी। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था की जिम्मेदारी एआरटीओ स्तर के अधिकारियों को दी गई है। पूरे प्रदेश से जुटाया जा रहा डेटा राज्यभर से पंजीकृत 57 हजार बसों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बसों का रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, पीयूसी और VLTD की स्थिति शामिल है। यह सारा डेटा कंप्यूटर में फीड कर एक एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जो दस्तावेजों की वैधता खत्म होने से पहले ही अलर्ट भेजेगा। अलर्ट सिस्टम देगा पहले से सूचना सिस्टम में ऐसा अलर्ट फीचर जोड़ा गया है, जो किसी दस्तावेज की वैधता खत्म होने से 7 दिन पहले कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर अलर्ट दिखाएगा। जैसे अगर किसी बस का परमिट 15 तारीख को समाप्त हो रहा है, तो 8 तारीख से ही अलर्ट दिखने लगेगा। चिन्हित बसों की जानकारी संबंधित जिले के आरटीओ को भेजी जाएगी, जो बस मालिक को नोटिस जारी कर दस्तावेज अपडेट कराने को कहेगा। तय समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     तीन चरणों में लागू होगा प्रोजेक्ट     पहला चरण: 26 हजार शैक्षणिक बसें     दूसरा चरण: 20 हजार यात्री बसें     तीसरा चरण: 11 हजार औद्योगिक संस्थानों की बसें पहले चरण की मॉनिटरिंग इसी महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी। भोपाल आरटीओ का नया प्रभार बाणगंगा हादसे के बाद भोपाल आरटीओ रहे जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया था। उनके स्थान पर सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही, निलंबन के बाद खाली हुए नरसिंहपुर जिला परिवहन अधिकारी का कार्यभार जबलपुर की संभागीय उप परिवहन आयुक्त रमा दुबे को दिया गया है। सचिव परिवहन विभाग मनीष सिंह ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। हर जिले से रजिस्टर्ड बसों की जानकारी मंगाई जा रही है। इसमें रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, पीयूसी की वैधता और वीएलटीडी की स्थिति शामिल है। सारा डेटा कंप्यूटर में फीड कर एक एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। तीन चरणों में शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण की मॉनिटरिंग इसी महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी। परिवहन विभाग बुलवा रहा है 57 हजार बसों की जानकारी, आरटीओ को बताएंगे बस का फिटनेस कब खत्म हो रहा है नोटिस से पहले अलर्ट जैसे ही अलर्ट सिस्टम में कोई बस चिन्हित होगी, उसका डेटा संबंधित जिले के आरटीओ को भेजा जाएगा। वहां से बस मालिक को नोटिस भेजकर दस्तावेज समय रहते अपडेट कराने को कहा जाएगा। तय समय तक अपडेट नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। कैसे काम करेगा सिस्टम: डिप्टी टीसी किरण शर्मा ने बताया कि सॉफ्टवेयर में ऐसा अलर्ट सिस्टम होगा, जो किसी भी दस्तावेज की वैधता खत्म होने से 7 दिन पहले स्क्रीन पर जानकारी ब्लिंक करेगा। मसलन, अगर किसी बस का परमिट 15 तारीख को खत्म हो रहा है, तो 8 तारीख से ही कंट्रोल रूम में अलर्ट आने लगेगा। रितेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार बाणगंगा चौराहा पर अनफिट बस से हुए हादसे के बाद खाली हुए भोपाल आरटीओ के पद का प्रभार रितेश तिवारी को सौंपा गया है। अब तक वह जिला परिवहन अधिकारी सीहोर थे। अब उन्हें भोपाल क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनका मूल पद सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी है। तीन दिन पहले बाणगंगा चौराहा पर हुए हादसे के बाद भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने भोपाल आरटीओ रहे जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया था। तब जितेंद्र शर्मा के पास नरसिंहपुर जिले के आरटीओ का भी अतिरिक्त प्रभार था। उनके निलंबन आदेश के बाद नरसिंहपुर जिला जिला परिवहन अधिकारी का पद भी खाली हो गया था। इसलिए जबलपुर कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त रमा दुबे को नरसिंहपुर जिला परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सचिव परिवहन विभाग मनीष सिंह ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिए हैं।

सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी किये

भोपाल स्कूल बस हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को निलंबित किये जाने के बाद अब परिवहन विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को उनकी जगह जिम्मेदारी सौंपी है, उन्हें भोपाल आरटीओ की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। मध्य प्रदेश में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है इस बीच विभाग प्रशासकीय दृष्टि से भी अधिकारियों की पदस्थापनाएं कर रहे हैं, परिवहन विभाग ने आज दो अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अलग अलग जिलों में पदस्थ किया है उन्हें ये जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। सीहोर जिला परिवहन अधिकारी को भोपाल का अतिरिक्त प्रभार परिवहन विभाग ने आज गुरुवार 15 मई को आदेश जारी करते हुए खाली पड़े भोपाल आरटीओ पद को अतिरिक्त प्रभार देकर भर दिया है, विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल का नया आरटीओ पदस्थ किया है। इस महिला अधिकारी को नरसिंहपुर जिले की जिम्मेदारी   इसी तरह कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त जबलपुर में पदस्थ सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रमा दुबे को नरसिंहपुर के जिला परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है, आदेश में कहा गया है ये अतिरिक्त प्रभार प्रशासकीय द्रष्टि स एकिये जा रहे हैं इसलिए दोनों अधिकारी तत्काल कार्यभार ग्रहण करें।

सौरभ शर्मा, चेतन और शरद की मुसीबतें और बढ़ने वाली, प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड संभव

भोपाल  काली कमाई के आरोप में जेल में बंद मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। लोकायुक्त पुलिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है। ईडी ने इसके लिए सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष न्यायालय में आवेदन किया है। मामले में न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान जेल अभिरक्षा से सौरभ, चेतन और शरद को भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।     प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड मिलती है।     इसके बाद तीनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जाएगी।     बता दें कि इसके पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय से अनुमति लेकर ईडी ने जेल में तीनों से पूछताछ की थी।     तीनों से अलग-अलग लगभग छह-छह घंटे पूछताछ की गई।     चेतन और शरद के अतिरिक्त खुद सौरभ से उसकी अघोषित संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई।     बताया जा रहा है कि तीनों ने रटा-रटाया जवाब ही दिया है। सबसे बड़ा प्रश्न लोकायुक्त छापे के अगले दिन में कार में मिला 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकदी को लेकर था।     पूछताछ में तीनों ने साफ कह दिया कि सोना और नकदी उनकी नहीं है।     बता दें कि यह सोना चेतन सिंह गौर की कार में मिला था।     चेतन ने सभी जांच एजेंसियों से पूछताछ में कहा है कि कार का उपयोग सौरभ और उसके कार्यालय के कर्मचारी कर रहे थे।     ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद आयकर विभाग भी कोर्ट से अनुमति लेकर इनसे पूछताछ करेगा।  

सौरभ शर्मा पर रेड के बाद RTO में बड़ा फेरबदल, परिवहन आयुक्त समेत 3 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति के ज़ब्ती के बाद परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद हुई है। इसमें परिवहन आयुक्त डी.पी. गुप्ता भी शामिल हैं। भोपाल में हुई छापेमारी के बाद राज्य के परिवहन विभाग पर सवाल उठ रहे थे। इसके चलते 1994 बैच के IPS अधिकारी डी.पी. गुप्ता को ADG पुलिस मुख्यालय (PHQ) नियुक्त किया गया है। गुप्ता फरवरी 2024 में परिवहन आयुक्त बने थे। उनकी जगह 1988 बैच के IPS अधिकारी विवेक शर्मा को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है। विवेक शर्मा पहले PHQ प्लानिंग में ADG थे। इसके अलावा ADG योगेश चौधरी को PHQ प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह तबादले सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की अधिसूचना के बाद हुए हैं। करोड़ों की सपत्ति मिलने के बाद उठने लगे थे सवाल पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ED, आयकर विभाग और लोकायुक्त की SEP ने छापेमारी की थी। इन छापेमारियों में करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है। इसके बाद परिवहन विभाग पर सवाल उठने लगे थे। इन छापेमारियों के बाद ही यह तबादले हुए हैं। इससे साफ़ है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। लावारिस गाड़ी में मिला था 52 किलो सोना लोकायुक्त ने पिछले हफ्ते छापेमारी में सौरभ शर्मा के पास से 7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति बरामद की थी। इसमें 2.87 करोड़ रुपये नकद और 235 किलो चांदी शामिल थी। साथ ही कई रियल एस्टेट निवेश दस्तावेज और एक नकदी गिनने की मशीन भी ज़ब्त की गई। इसके बाद आयकर विभाग ने एक और छापेमारी में भोपाल में एक छोड़ी हुई SUV से 40 करोड़ रुपये के 52 किलो सोने के बिस्कुट और 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की। यह SUV शर्मा के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौड़ के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि यह बरामदगी शर्मा से जुड़ी है। ईडी ने भी दर्ज किया है मामला लोकायुक्त की FIR के बाद ED ने शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। पिछले शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में छापेमारी की गई। ED ने कई जगहों से वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति और लैपटॉप व कंप्यूटर से इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है। सौरभ शर्मा 2015 में अनुकंपा के आधार पर परिवहन विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। उनके पिता सरकारी डॉक्टर थे, जिनकी मृत्यु के बाद उन्हें यह नौकरी मिली थी। शर्मा ने 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। मां, पत्नी और साले के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अधिकारियों का आरोप है कि शर्मा ने भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति अर्जित की। उन्होंने अपनी माँ, पत्नी, साली और करीबी सहयोगी चेतन गौड़ और शरद जयसवाल के नाम पर एक स्कूल और एक होटल भी बनाया। शर्मा के घर और दफ्तर से जब्त किए गए दस्तावेजों से करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चलता है। इससे पता चलता है कि उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी आ रही थी। हालांकि, हो सकता है कि शर्मा को बड़ी मात्रा में नकदी के समय के साथ खराब होने की चिंता रही हो, जिसके कारण उन्होंने कीमती धातुओं को तरजीह दी। आने वाले समय में होगा बड़ा खुलासा इस पूरे मामले से मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक साधारण कांस्टेबल इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बना सकता है, यह जांच का विषय है। आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। सरकार की इस कार्रवाई से यह संदेश ज़रूर जाएगा कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बगैर परमिट चल रहे वाहनों के लिए परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

For vehicles operating without a permit, the responsibility will be assigned to the senior officials of the Transport Department: Chief Minister Dr. Yadav. सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रहें सतर्क, सुनिश्चित करें कि गुना जैसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गुना से लौटकर मुख्य सचिव को दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुना हादसे में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके क्षेत्र में बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुना दुर्घटना के प्रभावितों से भेंट के बाद गुना से लौटकर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि गुना हादसे के लिए दोषी आरटीओ गुना और सीएमओ गुना को निलंबित किया गया है। गुना हादसे के बाद समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध न कराए जाने के कारण नगर पालिका अधिकारी के निलंबन का कदम उठाया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो का दायित्व निर्धारित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो यह भी ध्यान रखा जाएगा। यह संवेदनशील विषय है। इस संबंध में राज्य सरकार ने सजगता से ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध राज्य सरकार आवश्यक रूप से सख्त कार्रवाई करेगी।

अंर्तराज्यीय सीमा नाके से करीब 04 लाख रुपये नकद जब्त आरटीओ और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही ।

MP; Madhya Pradesh; MP Police; Balaghaat; RTO; Checkpost; Joint Operation;

Around 4 lakh rupees in cash were seized from an international border checkpoint, with a joint operation by the customs authorities (RTO) and the police

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