LATEST NEWS

मंत्री सारंग ने कहा सहकारिता विभाग पूरी प्लानिंग के साथ हर सोसायटी और विभागीय परिसरों में पौधरोपण करें

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारिता विभाग पूरी प्लानिंग के साथ हर सोसायटी और विभागीय परिसरों में पौधरोपण करें। उन्होंने इसके लिये राज्य संघ और बीज संघ को इसकी जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन और छायादार सहित उपयोगी प्रजाति के पौधो का रोपण किया जाये। मंत्री सारंग ने कहा कि मास्टर प्लान इस तरह का हो कि संरक्षण और संवर्धन के साथ साल भर में लाखों पौधे लगे। मंत्री सारंग ने गुरूवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम के तहत अपेक्स बैंक परिसर में अशोक का पौधा रोपा। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने भी पौधरोपण किया। सनातन धर्म पर्यावरण का देता है संदेश मंत्री सारंग ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण-संवर्धन करना और आगे आने वाली पीढ़ी को जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारी संस्कृति, सनातन, दर्शन, धर्म, विचार सब पर्यावरण से जुडा हुआ है। पर्यावरण का अर्थ है पेड़, पौधे, पहाड, नदियाँ और ईको सिस्टम से मनुष्य पशु-पक्षी सब जुडें हैं। भारतीय संस्कृति नदी को वॉटर बॉडी नहीं मानती, हमारा अध्यात्म दर्शन नदी को माँ मानता है। नर्मदा मैया और गंगा मैया की हम अर्चना करते है, पर्वत को भगवान स्वरूप पूजते है। गोवर्धन पर्वत और कामतानाथ जी की हम परिक्रमा करते है। महिलाएँ साल भर में 5-6 ऐसे त्यौहार मनाती है जिसमें पेड़ों की परिक्रमा की जाती है। हरतालिका तीज जैसे त्यौहारों का विशेष महत्व है। यही नहीं भगवान का वाहन पशु-पक्षी हैं। शिवजी जहां एक ओर नाग को धारण किये है वहीं जटाओं के जरिये माँ गंगा को पृथ्वी पर लाये है। हमारा पूरा दर्शन, सनातन, धर्म, विचार पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। विकास हो विरासत के साथ मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास की बात की तो विरासत को साथ लेकर चलने की बात की। विकास का मतलब पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचें और पेड़ भी नहीं कटे। कारखाने लगना विकास और भविष्य की लिये जरूरी है। इसलिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के माध्यम से निर्णय लिया कि जितना औद्योगिक क्षेत्र बने उतना वन भी लगाया जाये। प्रधानमंत्री मोदी “एक पेड़ माँ के नाम” का संदेश यही है कि पृथ्वी माँ को चिरस्थायी बनाने के लिये पौधरोपण करें। यहीं नहीं अपने माता-पिता के नाम, अपने परिजन के जन्म दिवस और सालगिरह जैसे अवसरों पर समाज के उज्जवल भविष्य के लिये पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण कर आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिये उपयोगी, दीर्घकालीन उपहार सौपकर जायें, इससे हम रहे न रहे हमारी याद बनी रहे। इस अवसर पर प्रबंध संचालक विपणन संघ अलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरूण माथुर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

जलवायु की चुनौतियाँ हम सभी के सामने हैं और इसमें हर व्यक्ति की भूमिका :मंत्री सारंग

भोपाल जलवायु परिवर्तन को भारतीय कृषि के लिए एक तात्कालिक और गंभीर संकट बताते हुए, मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल में आयोजित “क्षेत्रीय नीति संवादः जलवायु परिवर्तन और इसका कृषि पर प्रभाव” विषयक कार्यक्रम में जलवायु चेतना और सामूहिक प्रयासों को गति देने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा, “जलवायु की चुनौतियाँ हम सभी के सामने हैं और इसमें हर व्यक्ति की भूमिका है। अब समय है कि हम सभी मिलकर निर्णायक कदम उठाएं।” सस्टेनेबिलिटी मैटर्स द्वारा इंडियागरी और सॉलिडरिदाद के सहयोग से आयोजित इस संवाद में कृषि वैज्ञानिकों, नीति विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और किसानों ने हिस्सा लिया। सभी का उद्देश्य था- जलवायु के अनुकूल कृषि की दिशा में सामूहिक और वैज्ञानिक समाधान खोजने का प्रयास करना। मंत्री सारंग ने यह भी आश्वस्त किया कि इस तरह के संवादों को राज्य सरकार पूरा समर्थन देगी ताकि व्यावहारिक समाधान सामने आएं। उन्होंने कहा, “ऐसे विचार-मंथन अत्यंत आवश्यक हैं क्योंकि इन्हीं से ठोस नीतियाँ और सहयोगी मॉडल तैयार होते हैं।” सॉलिडरिदाद के जनरल मैनेजर डॉ. सुरेश मोटवानी ने जलवायु-संवेदनशील कृषि और बदलते मौसम में अनुकूलन’ विषय पर सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा, “सच्ची जलवायु लचीलापन खेत स्तर से शुरू होती है, लेकिन इसके लिए नवाचार और समेकित नीति समर्थन भी जरूरी है। अब कृषि केवल उत्पादन नहीं, बल्कि आजीविका, पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य सुरक्षा की रक्षा का माध्यम भी है।” कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने जल-गहन खेती की बजाय माइक्रो-इरिगेशन, वॉटर शेड डेवलपमेंट और विकेन्द्रीकृत जल शासन जैसे टिकाऊ उपायों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जलवायु विज्ञान को जोड़ने वाली संस्थागत संरचनाओं की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि किसानों की आवाज भी जलवायु योजना में शामिल हो। सस्टेनेबिलिटी मैटर्स के कार्यकारी निदेशक और ग्रेमैटर्स कम्युनिकेशंस के निदेशक डॉ. नवनीत आनंद ने संवाद को अकादमिक चर्चा से आगे ले जाकर नीति-निर्माण से जोड़ने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, “हमें जलवायु चिंता से जलवायु कार्रवाई की ओर बढ़ना होगा। मध्यप्रदेश में कृषि की गहराई और नवाचार को अपनाने की तत्परता है, जिससे यह राज्य नेतृत्व करने में सक्षम है। यह मंच विज्ञान, मिट्टी, नीति और स्थिरता को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है।” इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, भोपाल के जलवायु परिवर्तन अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. भास्कर सिन्हा ने विधायकों को जागरूक करने और केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं के प्रमाची मूल्यांकन के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता बताई। संवाद के दौरान दो प्रमुख पैनल चर्चाएँ आयोजित की गई, जिनमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सहित अनेक प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स 2025 के आयोजन के साथ हुआ, जिसमें देशभर में कृषि क्षेत्र में स्थायी बदलाव लाने वाले अग्रणी प्रयासों को सम्मानित किया गया। इस वर्ष आठ श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। सॉइल हेल्थ चैंपियन का सम्मान निको रूज़ेन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर रिजनरेटिव एग्रीकल्चर और बिहार कृषि विभाग को संयुक्त रूप से मिला। बिहार कृषि विभाग को क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर और वॉटर कंजर्वेशन श्रेणियों में भी सम्मानित किया गया। एग्री एक्रेस को एजीटेक स्टार्ट-अप ऑफ़ द ईयर घोषित किया गया, जबकि दिलीप धाकड़ को उनके मधुमक्खी पालन स्टार्ट-अप डी-मालवा के लिए यंग अग्रिप्रेन्योर अवार्ड से नवाजा गया। कम्युनिटी-लेड एग्रीकल्चर सस्टेनेबिलिटी अवार्ड भरतखंड कंसोर्टियम ऑफ़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी एलटीडी. को दिया गया। प्रोग्रेसिव फार्मर रिकॉग्निशन श्रेणी में शिवेंद्र सिंह राजपूत (ग्राम बधेर), संजना बामनिया (ग्राम धानखेड़ी, सीहोर) और प्रेम सिंह (ग्राम भीलखेड़ा, विदिशा) को जलवायु-संवेदनशील कृषि में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह भोपाल संवाद एक राष्ट्रीय श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका अगला आयोजन चंडीगढ़, पटना और गुवाहाटी में होगा, ताकि भारत की कृषि के लिए एक’ क्षेत्रीय रूप से सुसंगत और समावेशी जलवायु कार्य योजना तैयार की जा सके।  

प्लान तैयार कर कार्यों को स्वीकृत कराया जाये जिससे जल्द से जल्द से कार्य शुरू हो और भविष्य में खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले: मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भविष्य की दृष्टि से खेल अधोसंरचना विकास के कार्य करने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्लान तैयार कर कार्यों को स्वीकृत कराया जाये जिससे जल्द से जल्द से कार्य शुरू हो और भविष्य में खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले। मंत्री श्री सारंग बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम खेल एवं युवा कल्याण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने खेल अधोसंरचना विकास की दृष्टि से सिविल विंग बनाने को भी कहा, जिससे इन्फ्रास्टेक्चर का रख-रखाव हो सके। खेलों एमपी यूथ गेम्स की तैयारी अभी से करें मंत्री श्री सारंग पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के लिये इसका आयोजन करवाने को कहा। उन्होंने विकासखंड स्तर पर भी पारम्परिक खेलों पर ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने समर कैम्प का समापन होने के पहले खिलाड़ियों की स्पर्धा भी कराई जाए। जिससे खिलाड़ियों का हुनर सामने आये। साथ ही उन्होंने खेलों एमपी यूथ गेम्स के लिये आवश्यक तैयारी अभी से करने के निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इसके लिये समय तालिका निर्धारित करें। इस संबंध में कमेटी की मीटिंग भी करें। पार्थ योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले मंत्री श्री सारंग ने पार्थ योजना के 9 स्थान भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, सागर, रीवा, मुरैना, शहडोल और जबलपुर के अधिकारियों से चर्चा की और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने निर्देश दिये कि इसमें बच्चों की स्ट्रेंथ पूरी रहे इस बात का ध्यान रखे। उच्च स्तर से जिला कलेक्टर को इस संबंध में निर्देश जारी किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि टारगेट ग्रुप पर फोकस किया जाये। खिलाड़ियों का परफॉमेंस चार्ट मंत्री श्री सारंग ने खेल अकादमियों के खिलाड़ियों का परफॉमेंस चार्ट बनाने को कहा। उन्होंने खिलाड़ियों की कॉउंसलिंग करने के निर्देश भी दिये। बैठक में बीएचईएल खेल परिसर और प्रकाश तरण पुष्कर पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता, उप सचिव श्री अजय श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

सीवेज लाइन बिछाने के काम में कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए: मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने  नरेला विधानसभा क्षेत्र के समस्त 17 वार्डों के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नरेला क्षेत्र में लगभग 268 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक घरों को सीवेज सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व वार्डवार सर्वे कर, प्रत्येक घर, गली और नाली की सटीक मैपिंग की जाए ताकि कार्ययोजना वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रत्येक कॉलोनी में एक बार में अधिकतम 200 मीटर क्षेत्र में ही खुदाई की जाए। आईटी तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करें मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए ताकि क्षेत्र का सटीक डिजिटल डेटा तैयार हो सके। साथ ही, उन्होंने एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे नागरिकों को कार्य की प्रगति की जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो कार्य बैठक में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर घर में चैंबर बनाया जाये साथ ही दो वार्डों के मध्य एक पंप स्टेशन बनाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नरेला विधानसभा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगी।

सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में नवाचारों और उपलब्धियों की होगी प्रस्तुति :मंत्री सारंग

भोपाल रवीन्द्र भवन, भोपाल में 13 अप्रैल को राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरूवार को सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, कार्यक्रम की व्यवस्थाएं एवं जन सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन को भव्य और जनोपयोगी बनाने की दिशा में प्राथमिकता बैठक के दौरान मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन न केवल सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि आने वाले समय की दिशा और दशा तय करने का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सम्मेलन की प्रत्येक गतिविधि सुव्यवस्थित, उद्देश्यपूर्ण और जनोपयोगी होनी चाहिए, जिससे सहभागी लाभार्थियों और आमजन को सकारात्मक संदेश जाए। सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में नवाचारों और उपलब्धियों की होगी प्रस्तुति राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन के दौरान सहकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों और योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों) के व्यवसाय विविधीकरण के अंतर्गत हुए प्रयासों की लघु फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुति दी जाएगी। सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण :         चिन्हित पैक्स के व्यवसाय वृद्धि हेतु स्वीकृत ऋण पत्रों का वितरण।         पैक्स बांगरोद, जिला रतलाम को धर्मकांटा स्थापना हेतु ₹15 लाख का प्रोजेक्ट ऋण (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रतलाम)।         पैक्स मेंहदवानी, जिला मंडला को कोदो-कुटकी ग्रेडिंग प्लांट स्थापना हेतु ₹60 लाख का प्रोजेक्ट ऋण (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, मंडला)।         पैक्स गोगांवा, जिला खरगोन को सुपर मार्केट निर्माण हेतु ₹120 लाख का ऋण (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम)।         चिन्हित दुग्ध सहकारी संस्थाओं को माइक्रो एटीएम का वितरण, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा।         नए सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण, जिससे वे खेती-बाड़ी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।         एचपीसीएल द्वारा पैक्स सुसनेर, जिला आगर मालवा को पेट्रोल पंप आवंटन का एल.ओ.आई. प्रदान किया जाएगा।         पैक्स सांची, जिला रायसेन और मेजेस्टिक ग्रुप, मंडीदीप के बीच पूसा बासमती धान के कल्टीवेशन और प्रोक्योरमेंट हेतु सीपीपीपी के अंतर्गत अनुबंध किया जाएगा।         जन औषधि केंद्र, पैक्स कुआं, जिला कटनी को ड्रग लाइसेंस का वितरण भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में सस्ती एवं सुलभ दवाएं उपलब्ध होंगी।  

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा के वार्ड 37, राजेंद्र नगर में नवीन स्टेडियम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा के वार्ड 37, राजेंद्र नगर में नवीन स्टेडियम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आधुनिक खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियाँ युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम के निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों को व्यायाम के साथ ही युवाओं को खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल संचालक राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव, खेल प्रेमी एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर नये खिलाड़ियों को करेंगे तैयार मंत्री सारंग ने कहा कि यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात है। यहाँ विभिन्न खेलों के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसी क्रम में क्षेत्र में खेल मैदानों का उन्नयन किया जायेगा साथ ही क्लस्टर बनाकर नये खिलाड़ियों को तैयार करेंगे। स्टेडियम में नागरिकों के लिये विभिन्न सुविधाएं होंगी उपलब्ध मंत्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टेडियम का निर्माण लगभग 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें से लगभग 4,000 वर्गमीटर में खेल मैदान विकसित किया जाएगा। यह स्टेडियम खिलाड़ियों की विभिन्न आवश्यकताओं एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने बताया कि स्टेडियम परिसर में इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, और मल्टीपरपज़ हॉल की सुविधा उपलब्ध होगी। खेल गतिविधियों के अलावा, यहाँ एक मंच (स्टेज) भी बनाया जाएगा, जहाँ सांस्कृतिक एवं खेल से संबंधित आयोजनों का संचालन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए कार एवं बाइक पार्किंग, लैंडस्केप एरिया, कार्यालय कक्ष, और बाउंड्री वॉल का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और संरचना को मजबूती मिलेगी। दो चरणों में होगा निर्माण प्रथम चरण में फुटबॉल तथा अन्य खेल के मैदान का विकास, वॉलीबाल कोर्ट का निर्माण, मैदान सुरक्षा दीवार, भव्य प्रवेश द्वार, हाइ मास्ट प्रकाश व्यवस्था (रात्रि खेल हेतु), खिलाड़ियों के लिए डग हाउस, जनसुविधा केंद्र, पाथवे (मॉर्निंग/इवनिंग वॉक हेतु) एवं स्टेज उन्नयन का कार्य किया जायेगा। वहीं द्वितीय चरण में बैडमिंटन कोर्ट,मल्टी परपज हॉल (टेबल टेनिस, बोर्ड गेम्स, लाईब्रेरी, इनडोर खेल), ओपन जिम, प्रबंधन कार्यालय तथा स्टोर एवं पार्किंग तथा लैंड स्कैप का निर्माण किया जायेगा।  

वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप, राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा : मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल  केंद्र सरकार ने लोकसभा में बुधवार को वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को पेश कर दिया। इसके समर्थन में राजधानी में मुस्लिम समाज ने जमकर आतिशबाजी और पटाखे फोड़ कर समर्थन दिखाया। वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चाओं के बीच मध्यप्रदेश के सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल का आम मुसलमान से कोई विरोधाभास नहीं है, बल्कि कुछ अमीर मुस्लिम नेता, जो वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बेजा कब्जा किए बैठे हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिम समाज ने दिखाया समर्थन, झूठे प्रचार करने वालों को दिया जवाब   मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में हजारों मुस्लिम भाइयों और बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वक्फ संशोधन बिल का खुलकर समर्थन किया है। यह उन नेताओं के लिए करारा तमाचा है, जो इस बिल को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के सही उपयोग और आम मुसलमान के हित में लाया गया है। वक्फ संपत्तियों पर बेजा कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप मंत्री सारंग ने कहा कि यह बिल केवल उन लोगों के पेट में दर्द पैदा कर रहा है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। यह आम मुसलमान के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता लाने और गरीब मुस्लिम समुदाय को इसका सही लाभ दिलाने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं, लेकिन भोपाल में मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए समर्थन ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया है। मंत्री सारंग ने जोर देकर कहा कि जो लोग इस बिल को पढ़ेंगे, वे इसका विरोध नहीं करेंगे। यह बिल पढ़ने के बाद विरोध नहीं करेगा कोई मंत्री सारंग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना आवश्यक है। यह कानून मुस्लिम समाज को मजबूत करने और उनकी संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल के मुस्लिम समाज ने जिस तरह से इस बिल का समर्थन किया है, वह यह साबित करता है कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने वाला है।

वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ :मंत्री सारंग

भोपाल वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी। इसको लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान में आतंकवादी हमले करता हैं, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार होता है और मुंबई में आतंकवादी हमले होते हैं, तब किसी ने काली पट्टी नहीं बांधी। कश्मीर में पंडितों पर हुए अत्याचार के समय भी पट्टी नहीं बांधी गई। सारंग ने कहा कि बिना वक्फ बोर्ड बिल को पढ़े इसका विरोध करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि यह केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ है। इसके अलावा, भोपाल में ईदगाह के बाहर फलस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर पहुंचने पर मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त विचारधारा को उन्माद फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रियंका गांधी द्वारा संसद में फिलीस्तीन के बैग को लेकर दिए गए बयान पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता तुष्टिकरण की राजनीति के लिए गिरने की हद तक जा रहे हैं। सारंग ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं, लेकिन प्रियंका गांधी को उन हिंदुओं के समर्थन में कोई पहल करने का समय नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि ईद के मौके पर इस तरह के बैनर लगाकर अराजकता फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सारंग ने देशवासियों से कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में रहते हुए फिरकापरस्ती की मानसिकता रखते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि अगर वे हिंदुस्तान की धरती पर हैं, तो उन्हें हिंदुस्तान की सोच को समझना होगा।  

मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश देश में नम्बर-1 पर

भोपाल  मध्यप्रदेश प्रत्येक विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला पहला राज्य बनेगा, दरअसल सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के जवाब के बाद उनके दोनों विभागों के लिये 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार की अनुदान मांगे सर्व-सहमति से पारित कर दी गई, यह मांगे मध्यप्रदेश के बजट सत्र में चर्चा के दौरान पारित की गई। बीज का नया ब्रॉण्ड “चीता” जल्द होगा लांच सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उनके दोनों विभागों की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में इस वर्ष को मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार बीज की दिशा में काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास है। बीज संघ के माध्यम से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। इसमें भी मध्यप्रदेश लीड करेगा। उन्होंने कहा कि पैक्स को अग्रणी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिये एम-पैक्स की अवधारणा की गयी है। प्राथमिक समिति केवल क्रेडिट का काम न कर बहुउद्देश्यीय बनायी जा रही है। दो पैक्स को पेट्रोल की डीलरशिप भी मिली है। प्रत्येक विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला पहला राज्य बनेगा मध्यप्रदेश, सदन में 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार की अनुदान मांगे सर्व-सहमति से पारित पैक्स कम्प्यूटराइजेश में मध्यप्रदेश नम्बर-1 पर मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश देश में नम्बर-1 पर है। सभी पैक्स संस्थाओं के कम्प्यूटराइजेशन का कार्य लगभग हो चुका है। सहकारिता विभाग में भर्ती के मामले में भी मध्यप्रदेश अव्वल है। आईबीपीएस के माध्यम से विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया करवायी जा रही है। इसी संस्था के माध्यम से रिजर्व बैंक और नाबार्ड में भी भर्तियाँ होती हैं। पैक्स और अपैक्स दोनों के होंगे चुनाव, सहकार सभा भी होगी मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पैक्स और अपैक्स दोनों के चुनाव भी होंगे। पंचायत स्तर तक जाकर खाद का वितरण करने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। जल्द ही सहकार सभा भी आयोजित की जायेगी, जिसमें सभी को जुड़ने का मौका मिलेगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति हो सके, इस पर काम किया जा रहा है। कृषि विकास दर में सहकारिता का बहुत बड़ा योगदान मंत्री सारंग ने कहा कि हमने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से लगभग 2300 करोड़ के 19 एमओयू किये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर में सहकारिता का बहुत बड़ा योगदान है। खाद-बीज, शार्टटर्म लोन और उपार्जन के माध्यम से सही दाम किसानों को मिल सके, यही सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने सहकारी आंदोलन मंत्री सारंग ने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये सहकारी आंदोलन मजबूत होना चाहिये। इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने केन्द्र में सहकारिता विभाग का गठन कर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह जैसे कुशल नेतृत्व में सहकारिता विभाग का दायित्व दिया। केन्द्र और राज्य सरकार में बड़े और छोटे भाई की भूमिका रही है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में काम हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के लिये काम कर रही है। विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नई पार्थ (पीएआरटीएच) योजना और एमपीवायपी योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश युवा पोर्टल की शुरूआत की है। मध्यप्रदेश सरकार ज्ञान (जीवायएएन) की अवधारणा पर काम कर रही है। मंत्री सारंग के वक्तव्य के बाद विधानसभा में उनके दोनों विभाग सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण की 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार रुपये की अनुदान मांगों को सर्व-सम्मति से पारित किया गया।

ई-पैक्स प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारिता का संकल्प नए आयाम स्थापित करेगा। सहकारिता के माध्यम से ही समृद्धि स्थापित होगी। जरूरत है मेहनत, लगन और पारदर्शिता की। मंत्री सारंग ने कहा कि नवाचार से किये गये कार्य के जरिये व्यक्ति नई ऊंचाईयों को पा सकता है। मंत्री सारंग बुधवार को अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में पैक्स कम्प्यूटराईजेशन योजनांतर्गत ई-पैक्स प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम पर राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सहकारिता विभाग में 25 अनुकम्पा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति आदेश भी प्रदान किये। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल भी उपस्थित थे। ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित करें मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित हो। नित नये नवाचार के जरिये अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा पूरी दुनिया में उदाहरण है जिन्होंने काम किया लोग उन्हें ही याद रखते है। इसलिये स्वयं अपने व्यक्तित्व निर्माण के साथ उत्कृष्ट कार्य करें, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिले और लोग उन्हें याद रखे। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम मंत्री सारंग ने कहा की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सीखने की चाहत सफल बनाती है। सहकारिता के माध्यम से ही अर्थ-व्यवस्था का उन्नयन किया जा सकता है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। कम्प्यूटराइजेशन की इस बड़ी मुहिम में पारदर्शिता के साथ हमारा प्रयास सफल रहा। सीपीपीपी मॉडल की सराहना मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश का नया सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक पा्रयवेट पारटरशिप) मॉडल की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में सराहना हुई। यही नहीं राज्य सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में 2500 करोड़ के एम.ओ.यू. भी किये। मंत्री सारंग ने सहकारिता विभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने वालों को भी जिम्मेदारी के साथ दिये गये काम को सम्पादित करने को कहा। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि पारदर्शिता, निपुणता और व्यावसायिकता के साथ काम करें। इस मौके पर उन्होंने एक मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया। अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। आयुक्त सह पंजीयक मनोज पुष्प, पी.एस. तिवारी और बी.एस. शुक्ला उपस्थित रहे। अनुकंपा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति पत्र मंत्री सारंग ने इंदौर की कु. प्रेरणा सोनी, टीकमगढ़ की श्रीमती तरूणा झाम और श्रीमती ऊषा सेन, नरसिंहपुर की कु. पूर्णिमा गहलोद, शाजापुर की कुमारी सौम्या मालवीय, महाराष्ट्र वर्धा की कु. योगिता सतपाल, सतना की श्रीमती शुभांगी श्रीवास्तव और श्रीमती सुभद्रा सिंह, जबलपुर की कु. कंचन दाहिया और श्रीमती भावना तिवारी, रतलाम की सुनेहा सोलंकी, सागर के ओजस्वा यादव और अमित जाटव, बालाघाट के विजय राज सोनवे, रीवा के संजय रत्नाकर, सीहोर मुकेश कुमार और दीपेश सिसोदिया, विदिशा के विनोद रायकवार, बैतूल के हेमंत प्रधान, मुरैना के अक्षय चौहान, रीवा के देशराज वर्मा, भोपाल के शुभम पांचाल, श्योपुर के जयकुमार रेगर, सिवनी के आशीष कोरी और सीधी के राजेश कुमार पटले को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।  

राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया : मंत्री सारंग

भोपाल भारत में खेलों के विकास को नई दिशा देने के लिए हैदराबाद में दो दिवसीय ‘खेल चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में भाग लेने मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी हैदराबाद पहुंचे हैं। खेल विकास में नई रणनीतियों पर जोर शिविर के दौरान खेल मंत्रालय द्वारा नए खेल बुनियादी ढांचे के विकास, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया है। खेलों के स्वर्णिम युग की ओर भारत इस चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि भारत को आगामी ओलंपिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में एक मजबूत खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जाए। इस आयोजन में किए गए मंथन से निकले विचार और रणनीतियां खेलों के क्षेत्र में भारत के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मध्यप्रदेश खेलों के उन्नयन और नवाचारों में अग्रणी राज्य मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक्स, पैरालंपिक्स, एशियन गेम्स और नेशनल गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कई पदक अर्जित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मंत्री सारंग ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के पहले “फिट इंडिया क्लब” की स्थापना, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान और अन्य नवाचार किए गए हैं, जो खेलों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री सारंग का हुआ भव्य स्वागत हैदराबाद पहुंचने पर कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों, तेलंगाना खेल विभाग के अधिकारियों और MY भारत के युवाओं ने मंत्री सारंग का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। शिविर में मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, उपलब्धियों और श्रेष्ठ प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। वहीं मंत्री सारंग खेलों में मध्यप्रदेश द्वारा किए जा रहे नवाचार, खिलाडियों को दी जा रही उच्च श्रेणी की सुविधाएं और प्रशिक्षण पर भी चर्चा करेंगे।  

मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया

भोपाल मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों को भारत के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार “अर्जुन अवार्ड’’ से सम्मानित किया जायेगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस बड़ी उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। दोनों खिलाड़ियों की लगन, मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार को हासिल करने के काबिल बनाया है। सारंग ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि हमारे अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगी। उल्लेखनीय है कि रुबीना जबलपुर की रहने वाली है और कई साल से एमपी शूटिंग एकेडमी भोपाल में ट्रेनिंग ले रही हैं, वहीं कपिल परमार सीहोर के रहने वाले हैं। दोनों खिलाड़ी पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट हैं। कपिल परमार ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में 5 सितंबर 2024 को मेंस के -60 किग्रा J1 वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी के साथ वे जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रुबिना ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। रुबिना एमपी की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने पैरालंपिक में पदक हासिल किया है। राष्ट्रपति 17 जनवरी को पुरस्कार प्रदान करेंगी युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने आज राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 की घोषणा की। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को 17 जनवरी, 2025 सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। उल्लेखनीय है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने विभिन्न खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है। ‘खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार’ पिछले चार वर्षों की अवधि में अच्छे प्रदर्शन तथा नेतृत्व, खेल कौशल और अनुशासन की भावना दिखाने के लिए दिया जाता है। अर्जुन अवार्ड के लिए आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे और खिलाड़ियों/प्रशिक्षकों/ संस्थाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी. रामसुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा विचार किया गया और इसमें प्रख्यात खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता में अनुभव रखने वाले गणमान्य व्यक्ति और खेल प्रशासक शामिल थे।  

“सहकार से समृद्धि” राज्य स्तरीय संगोष्ठी में शामिल हुए मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिये इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। पैक्स के माध्यम से हर पंचायत तक रोजगार सृजित हो, इसके लिये बहुउद्देश्यीय पैक्स की अवधारणा गठित की गयी है। मंत्री सारंग बुधवार को भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित “सहकार से समृद्धि” राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के पूर्व नई दिल्ली में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 10 हजार नवगठित बहुउद्देश्यीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम से सभी प्रदेशों के सहकारिता विभाग के अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। परिवार सहकारिता का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिये समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है, सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है। परिवार सहकारिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। रोजमर्रा की जिंदगी में भी सहकारिता के बिना कुछ नहीं हो सकता। सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। पैक्स के माध्यम से हों रोजगार सृजित मंत्री सारंग ने कहा कि भागीदारी और बराबरी होने से अच्छे परिणाम निकलने का प्रतिशत बढ़ जाता है। सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने के लिये सभी वर्ग को जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हर पंचायत में पैक्स का लक्ष्य पूर्ण करने में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो। पैक्स के माध्यम से रोजगार सृजित हों और सदस्यों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि पैक्स पशुपालन, मत्स्य-पालन और ऋण वितरण तक ही सीमित नहीं रहे, पैक्स पेट्रोल पम्प और गैस एजेंसी भी चलाये, जिसके पास जगह हो वह शादी हॉल, मैरिज गार्डन भी बनायें, इससे पैक्स मजबूत होगा। संस्कार के साथ सहकारी आंदोलन मंत्री सारंग ने कहा कि अगले साल तक हर पंचायत में पैक्स हो, यही संकल्प लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारा नारा है कि बिना सहकार नहीं उद्धार और बिना संस्कार नहीं सहकार। पूर्ण अनुशासन में संस्कार के साथ सहकारी आंदोलन को मध्यप्रदेश में स्थापित करने के लक्ष्य में सभी का सहयोग आवश्यक है। सहकारी मंथन के माध्यम से हो लक्ष्य निर्धारित मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी लक्ष्य है कि रोजगार सृजित कर हर घर तक रोजगार पहुँचे। इसमें पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। युवा साथियों के माध्यम से हम सुनिश्चित करेंगे कि पैक्स बहुउद्देश्यीय हो जाये। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम सहकारी मंथन के माध्यम से नीचे से लेकर ऊपर तक सभी के साथ संवाद करेंगे और अगले वर्षों का लक्ष्य निर्धारित करेंगे। उत्कृष्ट अधिकारी तैयार करें मंत्री सारंग ने कहा कि उत्कृष्ट काम करने वालों का हमेशा सम्मान होता है। इसलिये आज कार्यक्रम में भी उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि कनिष्ठों को उत्कृष्ट काम करने के लिये तैयार करें, जिससे वे वरिष्ठों की श्रेणी तक आने पर और ज्यादा सफल हो सकें। संभावनाएँ अनंत, तलाशने की जरूरत अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक वर्णवाल ने कहा कि संभावनाएँ अनंत हैं, तलाशने की जरूरत है। पैक्स को बिजनेस बढ़ाने और हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिये सहकारिता संस्थाओं को आपस में भी व्यवसाय करने की जरूरत है। विमोचन कार्यक्रम में मंत्री सारंग ने सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण की मानक परिचालन प्रक्रियाओं पर केन्द्रित पुस्तक, विधि प्रक्रिया एवं सरलीकृत समाधान पर केन्द्रित पुस्तिका और सहकार से समृद्धि कार्यक्रम अंतर्गत महत्वपूर्ण गतिविधियों पर केन्द्रित ब्रोशर का विमोचन किया। सम्मान कार्यक्रम में सीबीएस पर काम करने वाली पूर्णत: कम्प्यूटरीकृत हो चुकी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति नहारगढ़ (मंदसौर) के प्रबंधक पवन जैन, कम्प्यूटर ऑपरेटर सूरज विश्वकर्मा, मनासा (धार) के प्रबंधक राधेश्याम यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनील यादव, सोनकच्छ (देवास) के प्रबंधक संतोष शुक्ला, कम्प्यूटर ऑपरेटर देवेन्द्र सिंह एवं अपेक्स बैंक द्वारा पूरे प्रदेश में 6 अक्टूबर से 10 दिसम्बर तक आयोजित विशेष ऋण महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने हुए अधिकतम ऋण वितरित करने वाले शाखा प्रबंधकों क्रमश: सुनील सिंघल, भरतपुर शाखा (उज्जैन), शैलेन्द्र रावत, फ्रीगंज (उज्जैन) एवं अशोक चंदेल, टी.टी.नगर (भोपाल) को भी पुरस्कृत किया। उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में अपेक्स बैंक ने निर्धारित लक्ष्य 50 करोड़ रूपए के विरुद्ध 50.13 करोड़ रुपए का ऋण इस अवधि में वितरित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक मार्कफेड आलोक कुमार सिंह, उप सचिव मनोज सिन्हा, महाप्रबंधक नाबार्ड कमर जावेद, अपर आयुक्त बी.एस. शुक्ला सहित शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रबंध संचालक, सभी सहकारी संस्थाओं/बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद बोध ने किया और प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता ने आभार माना।  

खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के मंत्री सारंग ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने  भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छोला स्थित खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर के तहत मन्दिर प्रांगण के विस्तारीकरण के रिंग रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉरिडोर मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। पेड़ नहीं काटने के दिये निर्देश मंत्री सारंग ने अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घण्टे तक पैदल रिंग रोड सहित कॉरिडोर के मार्ग में आ रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रिंग रोड के चौड़ीकरण के दौरान किसी भी पेड़ को काटा नहीं जाए। उन्होंने कहा विस्तारीकरण में सभी कार्यों को संबंधित विभागों के समन्वय के साथ किया जाए। पुलिस स्टेशन निर्माण कार्य का जायजा मंत्री सारंग ने छोला क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिस स्टेशन स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समयावधि में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मंत्री ने कहा कि पुलिस स्टेशन का निर्माण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा और जनता को शीघ्र न्याय और सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगा। रहवासियों से लिये सुझाव निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और एमपीईबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के रहवासी भी उपस्थित थे। मंत्री सारंग ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। उन्होंने रिंग रोड मार्ग में आ रहे अवरोधों को दूर करने, सुलभ सहित अन्य भवनों की शिफ्टिंग के सम्बंध में रहवासियों से चर्चा की, जिस पर रहवासियों ने अपनी सहमति दी।  

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत : आयुष मंत्री परमार

वन समितियों में सहकार से समृद्धि के खुलेंगे द्वार : मंत्री सारंग  वन मेले से लघु वनोपजों के संग्रहण एवं विक्रय के नये अवसर मिलते हैं, जो विक्रय श्रृंखला के निर्माण में सहायक होते हैं : मंत्री सारंग प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत : आयुष मंत्री परमार अंतर्राष्ट्रीय वन मेला-2024 का हुआ समापन भोपाल खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेला वनों, वन उत्पादों के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के साथ ही दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को सतत आजीविका के साधन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मंच है। वन मेले से लघु वनोपजों के संग्रहण एवं विक्रय के नये अवसर मिलते हैं, जो विक्रय श्रृंखला के निर्माण में सहायक होते हैं। मेले में वैद्यों द्वारा आयुर्वेद का ज्ञान देने के साथ वन से प्राप्त जड़ी-बूटियों को प्रदर्शित किया जाता है। मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय परम्परा में प्रकृति के साथ ज्ञान एवं व्यवहार अद्भुत एवं आश्चर्यजनक रहा है। उन्होंने सहकार से समृद्धि के साथ संस्कार से सहकार की बात कही। मंत्री सारंग लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को और अधिक भव्यता प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि वनोपज के संग्रहण और विक्रय में समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वनांचलों में रहने वालों के सशक्तिकरण के लिये सहकार अत्यंत आवश्यक है। इससे ही वनों में रहने वालों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। मंत्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने के लिये सहकार आंदोलन चलाया जायेगा। सहकार आंदोलन से सशक्त समाज का निर्माण होता है। मंत्री सारंग ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के सफल आयोजन पर बधाई दी। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव, भारतीय समाज की सभ्यता एवं विरासत है। मंत्री परमार ने कहा कि वन मेला भारतीय सम्पदा, सभ्यता एवं ज्ञान परम्परा को निरंतर आगे बढ़ाने के संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वन मेला का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का व्यापक दृष्टिकोण है। आयुर्वेद भारत की पुरातन चिकित्सा पद्धति है, जो वन औषधियों पर आधारित है। हमारे देश में कृषि के बाद बड़ी आबादी आजीविका के लिये वनोपज पर ही निर्भर है। उनका उद्देश्य वनोपज का दोहन नहीं, बल्कि अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग के साथ वनों का संरक्षण करना भी है। मंत्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वज वनस्पती का महत्व जानते थे, इसलिये प्रकृति के संरक्षण के भाव से परम्परा एवं मान्यताएँ स्थापित कीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अंग नदी, पेड़, पहाड़ एवं सूर्य आदि समस्त के प्रति कृतज्ञता का भाव इनके संरक्षण एवं लोक कल्याण निहित हैं। मंत्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद का आगे बढ़ाने का संकल्प जन-आंदोलन बन रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आयुर्वेद का है। मंत्री द्वय ने वन मेले में वनोपज एवं वन औषधियों के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने वनोपज संघ की स्मारिका “व्यापार एवं विकास’’ एवं ईको-टूरिज्म की “अनुभूति’’ पुस्तिका का विमोचन किया। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शनी, जिला यूनियन, शासकीय एवं निजी स्टॉल, वन-धन केन्द्र एवं आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के स्टॉल के उत्कर्ष प्रदर्शन के लिये प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। मंत्री सारंग, मंत्री परमार और भोपाल नगर निगम मेयर श्रीमती मालती राय को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ विभाष कुमार ठाकुर, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live