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वॉशिंगटन पोस्ट में कर्मचारियों की छंटनी, शशि थरूर के बेटे ईशान की नौकरी भी गई

नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में से एक ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा झटका दिया है. अखबार ने अपने कुल स्टाफ के लगभग एक-तिहाई (300 से अधिक कर्मचारियों) की छंटनी कर दी है.इस बड़ी छंटनी की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और अखबार के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार ईशान थरूर भी आए हैं. उन्होंने अखबार में बिताए अपने वर्षों की सेवा और अचानक समाप्त हुए अपने कार्यकाल पर भावुक प्रतिक्रिया दी और इसे यह न्यूज़रूम और वैश्विक पत्रकारिता के लिए ‘बेहद दुखद दिन’ बताया. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“आज अंतरराष्ट्रीय स्टाफ के अधिकांश साथियों और कई अन्य शानदार सहकर्मियों के साथ मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से ले-ऑफ कर दिया गया है. हमारा न्यूज़रूम और खासकर वे बेहतरीन पत्रकार, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की उनके लिए दिल से बहुत दुखी हूं.” एक अलग पोस्ट में उन्होंने खाली न्यूज़रूम की तस्वीर साझा करते हुए इसे बस “एक बुरा दिन” बताया. ईशान ने अख़बार में अपने काम को याद करते हुए कहा कि 2017 में ‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम की शुरुआत करना उनके लिए सम्मान की बात थी जिसका मकसद पाठकों को वैश्विक मामलों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना था. उन्होंने उन लगभग पांच लाख सब्सक्राइबर्स का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने वर्षों तक उनकी रिपोर्टिंग को पढ़ा और सराहा. वॉशिंगटन पोस्ट ने बड़ी संख्या में छंटनियों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है. अखबार ने अपने स्पोर्ट्स सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके साथ ही कई विदेशी ब्यूरो और बुक कवरेज सेक्शन पर भी ताला लग गया है. सबसे चौंकाने वाला फैसला मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की पूरी रिपोर्टिंग टीम और संपादकों को हटाना रहा. पूर्व संपादकों ने की आलोचना अखबार के पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टिन बैरन ने इस कदम को “खुद ब्रांड का खात्मा करना” करार दिया है. वहीं वर्तमान प्रबंधन का कहना है कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार खुद को ढालने के लिए यह “दर्दनाक लेकिन जरूरी” फैसला था. काहिरा ब्यूरो चीफ क्लेयर पार्कर और युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करने वाली लिजी जॉनसन जैसी दिग्गज पत्रकारों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. वहीं पत्रकारिता के शिक्षाविदों और पूर्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि ये कटौतियां दुनिया के सबसे प्रभावशाली न्यूजरूम्स में से एक को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती हैं. काहिरा ब्यूरो प्रमुख क्लेयर पार्कर ने एक्स पर बताया कि उन्हें अख़बार की पूरी मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम के साथ नौकरी से निकाल दिया गया है. उन्होंने इस फैसले को “समझ से परे” बताया. वहीं लिजी जॉनसन जिन्होंने हाल ही में युद्ध क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में यूक्रेन से रिपोर्टिंग की थी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी नौकरी से हटा दिया गया है. पूरे पत्रकारिता जगत में इस फैसले को लेकर गुस्सा और हैरानी देखने को मिली. द अटलांटिक में लिखे एक लेख में वॉशिंगटन पोस्ट की पूर्व पत्रकार ऐश्ले पार्कर ने चेतावनी दी कि लगभग 150 वर्षों से अमेरिकी लोकतंत्र का स्तंभ रहे इस अखबार की मौजूदा दिशा उसकी विरासत को गंभीर खतरे में डाल रही है. एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने इस फैसले को “दर्दनाक लेकिन ज़रूरी” बताया. उन्होंने स्टाफ से कहा कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार ढलने के लिए संगठन हर किसी के लिए सब कुछ नहीं बन सकता. कंपनी की बैठक के बाद कर्मचारियों को ईमेल के जरिए उनके भविष्य के बारे में बताया गया.   

ट्रेड डील पर सरकार घिरी? शशि थरूर बोले—खुश होने से पहले शर्तें देश के सामने रखिए

नई दिल्ली मंगलवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार से स्पष्टता की मांग की। थरूर ने कहा कि भले ही भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ (शुल्क) को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसद करना सकारात्मक हो सकता है, लेकिन सरकार को इसके सभी पहलुओं और विवरणों को सार्वजनिक करना चाहिए। थरूर ने कहा कि वे इस डील को लेकर जश्न मनाना चाहेंगे लेकिन पहले सरकार बताए तो कि मसला क्या है? शशि थरूर की मुख्य आपत्तियां एएनआई से बात करते हुए थरूर ने सरकार की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा- हमारे पास राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट हैं; क्या संसदीय लोकतंत्र में इतना ही काफी है? क्या भारत सरकार को देश की जनता को यह नहीं समझाना चाहिए कि इस सौदे में वास्तव में क्या है? उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर समझौते के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। थरूर ने कहा कि यदि अमेरिका भारत को अपने कृषि उत्पादों का बड़ा बाजार बनाना चाहता है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर अमेरिका 500 अरब डॉलर के व्यापार की बात कर रहा है, जबकि भारत का कुल आयात बिल लगभग 700 अरब डॉलर है, तो क्या भारत को अन्य देशों से आयात कम करना पड़ेगा। थरूर ने कहा- विपक्ष सिर्फ इतना जानना चाहता है कि इस समझौते में है क्या। अगर यह अच्छी खबर है तो हम खुशी-खुशी इसका स्वागत करेंगे, लेकिन सरकार को देश को बताना चाहिए कि इसमें कौन-सी शर्तें शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी के तीखे सवाल कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर सरकार से कई कड़े सवाल पूछे हैं- घोषणा का तरीका: कांग्रेस ने आपत्ति जताई कि युद्धविराम की तरह इस व्यापार समझौते की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा की गई। यह भी कहा गया कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर हुआ है। ‘जीरो’ टैरिफ का डर: ट्रंप के दावे के अनुसार, भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को ‘शून्य’ करने पर सहमत हो गया है। कांग्रेस का मानना है कि इससे भारतीय बाजार पूरी तरह अमेरिका के लिए खुल जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। रूसी तेल पर पाबंदी: सबसे बड़ा सवाल रूसी तेल को लेकर है। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या मोदी सरकार ने ट्रंप के दावे के अनुसार रूस से मिलने वाले रियायती तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जता दी है? विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते को केवल सोशल मीडिया घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार संसद और जनता के सामने इस सौदे का पूरा कच्चा चिट्ठा रखे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा कैसे की जा रही है।

सैमसन की नाकामी पर थरूर का रिएक्शन वायरल, कहा– किस्मत खराब; ईशान किशन को बताया भरोसेमंद खिलाड़ी

नई दिल्ली T20 वर्ल्ड कप से पहले भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली। आखिरी मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रनों से शिकस्त दी। हालांकि, लोकल स्टार और विकेटकीपर संजू सैमसन एक बार फिर फ्लॉप रहे। उनकी पारी को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सैमसन की किस्मत साथ नहीं दे रही है। सैमसन को लेकर थरूर ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि उनकी किस्मत ही खराब है। लेकिन बाकी हमारे लिए, इस मैदान पर रिकॉर्ड स्कोर, पूरी सीरीज का रिकॉर्ड स्कोर, टी20आई (T20i) में बनाए गए सबसे ऊंचे स्कोर में से एक। इतने सारे छक्के, इतने सारे चौके, बहुत सारा एक्शन… इंडिया वर्ल्ड कप के लिए बहुत अच्छी स्थिति में दिख रही है और इसीलिए हर कोई उत्साहित है…।’ इस दौरान उन्होंने भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘शानदार! वह खिलाड़ी वाकई टैलेंटेड हैं और आप जानते ही हैं कि यह फॉर्म का भी सवाल है। वह सचमुच फॉर्म में है, और जाहिर है, संजू फॉर्म में नहीं है… लेकिन यह एक जबरदस्त ट्रीट थी… हम टी20 वर्ल्ड कप के लिए अच्छी स्थिति में हैं…।’ भारत बनाम न्यूजीलैंड किशन के पहले टी20 शतक और उनके साथ अर्शदीप सिंह ने पांच विकेट लेकर न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को पांचवें और आखिरी मैच में भारत को 46 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पंड्या ने आखिरी ओवरों में 17 गेंद में 42 रन बनाकर भारत को उसके टी20 इतिहास में चौथी बार 250 रन के पार पहुंचाया। न्यूजीलैंड की टीम जवाब में 19.4 ओवर में 225 रन पर आउट हो गई । भारत के लिये तेज गेंदबाज अर्शदीप ने 51 रन देकर पांच विकेट लिए। उन्होंने पहले दो ओवर में 40 रन दिए और टिम सीफर्ट का विकेट लिया लेकिन इसके बाद अगले दो ओवर में 11 रन देकर चार विकेट चटकाए। न्यूजीलैंड के लिये फिन एलेन ने 38 गेंद में 80 रन बनाये लेकिन लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। भारत का स्कोर पावरप्ले के बाद दो विकेट पर 54 रन था। इसके बाद सूर्यकुमार और ईशान ने मोर्चा संभाला। चोट के कारण चौथे टी20 से बाहर रहे ईशान ने मैदान के चारों ओर स्ट्रोक्स लगाए।  

हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं: शशि थरूर

वाशिंगटन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी पर दिये गए ‘सरेंडर’ वाले बयान पर लगातार चर्चा जारी है. अब इस बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एंट्री हो गई है. शशि थरूर ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के आउटरिच मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं. शशि थरूर की टीम अभी अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में है. इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में शशि थरूर ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर से एक पत्रकार ने पूछा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों का मुद्दा लगातार उठ रहा है. इस महिला पत्रकार ने कहा कि ये एक ऐसा सवाल है जिस पर आपकी पार्टी लगातार प्रश्न पूछ रही है. कल ही आपकी पार्टी के नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया? इस सवाल के जवाब में शशि थरूर ने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के प्रति अगाध आस्था है, हम अमेरिका के राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं. ‘किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है’ ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिका के गए भारत के आउटरिच मिशन की अगुआई कर रहे शशि थरूर ने इस मसले पर भारत के रूख को स्पष्ट करते हुए साफ-साफ कहा, “जैसा मैंने कहा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करता रहेगा, हमें पाकिस्तानियों के साथ वही भाषा बोलने में कोई परेशानी नहीं है. हम ताकत की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है…” थरूर ने कहा कि, “वहीं अगर दूसरी ओर अगर वे आतंकवाद के ढांचे को नष्ट करना चाहते हैं, हम उनसे बात कर सकते हैं, अगर वे गंभीर कदम उठाते हैं और ऐसा दिखाते हैं कि पाकिस्तान भारत के साथ सामान्य रिश्ते रखना चाहता है तो हम निश्चित रूप से बात करने को तैयार हैं और इसके लिए हमें किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी.” उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में भारत को रुकने के लिए मनाने की जरूरत नहीं थी. किसी को हमें रुकने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी क्योंकि हम उन्हें बता रहे थे कि जैसे ही पाकिस्तान रुकेगा, हम रुकने के लिए तैयार हैं. इसलिए अगर उन्होंने बदले में पाकिस्तानियों से कहा, बेहतर होगा कि आप रुक जाएं क्योंकि भारतीय रुकने के लिए तैयार हैं और उन्होंने ऐसा ही किया. और यह उनकी ओर से एक बढ़िया इशारा है. लेकिन सिर्फ पाकिस्तान और वही बता सकते हैं कि आखिरकार हुआ क्या था. कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत ने जो भी बात की सकारात्मक सोच के साथ की. उन्होंने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के लिए बहुत सम्मान है, हमारी अमेरिका के साथ कहीं ज्यादा अहम रणनीतिक साझेदारी है. इसे हम एक मसले को लेकर क्या बात हुई उस पर इस रिश्ते को संकट में डालना नहीं चाहेंगे. क्या था राहुल गांधी का बयान बता दें कि राहुल गांधी 3 जून को मध्य प्रदेश में थे. उन्होंने वहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि, ‘मैं बीजेपी और आरएसएस वालों को अच्छे से जान गया हूं. इनको थोड़ा सा दबाओ तो डर कर भाग जाते हैं.’ राहुल ने आगे कहा, “उधर से ट्रंप ने फोन किया और इशारा किया कि मोदी जी क्या कर रहे हो? नरेंदर, सरेंडर. और ‘जी हुजूर’ कर के मोदी जी ने ट्रंप के इशारे का पालन किया.” बीजेपी ने कहा ये सेना का अपमान भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस बयान को देश और सेना का अपमान बताया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य एवं पराक्रम को ‘सरेंडर’ कहकर संबोधित करना, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ-साथ 140 करोड़ भारतवासियों का भी घोर अपमान है. नड्डा ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तानी भी ऐसा कहता तो हम उस पर हंसते भी लेकिन जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में तबाही मचाई, उसके बाद पाकिस्तान की जनता से लेकर उसकी सेना और उसके प्रधानमंत्री ने भी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की लेकिन राहुल गांधी ऐसा बोल रहे हैं!  यह देशद्रोह से कम नहीं है. बता दें कि 7 मई को भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर 10 मार्च तक चला. जब पाकिस्तान के अनुरोध को मानते हुए भारत ने युद्धविराम की बात मान ली.  

अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो उसे मध्यस्थता नही कहा जाएगा- थरूर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए टीम इंडिया ग्लोबल मिशन पर है. शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हो गया है. ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में पाकिस्तान के काले कारनामों से रूबरू कराएगा. इससे पहले थरूर ने  बातचीत में भारत की भूमिका, विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक को लेकर रुख स्पष्ट किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर भी टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में पारदर्शिता और संवाद की परंपरा रही है, लेकिन इसे ‘मध्यस्थता’ कहना गलत होगा. थरूर ने कहा, आप हमारी सरकार का रुख बहुत अच्छे से जानते हैं. किसी भी संकट के दौरान उन देशों के साथ हमेशा संपर्क होता है, जो फोन करते हैं और मदद मांगते हैं. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई औपचारिक मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई है. ना ऐसा कोई अनुरोध आया, ना ही भारत ने ऐसी कोई पहल की है. थरूर ने उदाहरण देकर समझाया थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, और हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो क्या उसे मध्यस्थता कहा जाएगा? मुझे नहीं लगता है. उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, हमारे विदेश मंत्री हमेशा यह बात सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं कि किसने उनसे संपर्क किया. जब भी किसी अन्य विदेश मंत्री ने उन्हें कॉल किया, उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है. थरूर उन सात संसदीय समूहों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा रहा है. ‘भारत का रुख साफ है…’ थरूर ने कहा है कि जब वे विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो वहां वो भारत का स्पष्ट और एकजुट रुख पेश करेंगे. उन्होंने कहा, यह बेहद अहम है, जब दुनिया भारत को देख रही है, हम सब एक ही पेज पर हों. थरूर ने बताया कि सरकार की ओर से जो ब्रीफिंग दी गई, उसका मकसद भी यही था कि सभी सांसद एक साझा रुख को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा, हम सब इस भावना के साथ जा रहे हैं कि हम देश की ओर से बोल रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के आंतरिक मतभेद उनके विदेश दौरे को प्रभावित करेंगे तो थरूर ने स्पष्ट किया कि हम जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होते हैं तब हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, पार्टी का नहीं. घरेलू राजनीति की चर्चा का स्थान संसद या देश के मंच हैं. न कि अंतरराष्ट्रीय सभाएं. किन देशों के दौरे पर हैं थरूर? शशि थरूर ग्रुप 5 की अगुवाई कर रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में LJP, JMM, TDP, BJP और शिवसेना के सांसद भी शामिल हैं.  डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्या बयान दे रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मदद की है और यह व्यापार वार्ताओं के जरिए संभव हुआ. उन्होंने कहा, मैं नहीं कहना चाहता कि मैंने किया, लेकिन मैंने मदद की. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का परिणाम था.  

‘लड़ते-लड़ते…’, विनेश फोगाट के संन्यास पर शशि थरूर की पोस्ट ने जीता दिल, जानें

'Fighting-fighting…', Shashi Tharoor's post on Vinesh Phogat's retirement won hearts, know

‘Fighting-fighting…’, Shashi Tharoor’s post on Vinesh Phogat’s retirement won hearts, know Shashi Tharoor reaction on Vinesh Phogat retirement: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनके रिटायरमेंट पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सिस्टम से पक गई लड़की’. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विनेश फोगाट की फोटो को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले विनेश फोगाट को वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था. शशि थरूर ने कही ये बात विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस सिस्टम से पक गई है ये लड़की लड़ते-लड़ते थक गई है ये लड़की.’

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