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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत के विजन को मूर्त रूप देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी स्तरों पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मंत्रालय में ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर के प्रतिनिधि मंडल से शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश में नवजात शिशुओं में कंजेनिटल मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए न्यू बॉर्न स्क्रीनिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रयोगशाला की स्थापना से जन्म के कुछ दिनों के भीतर ही शिशुओं में गंभीर आनुवांशिक विकारों की पहचान की जा सकेगी, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनहितैषी तकनीकों को प्राथमिकता देती है। इस प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक परीक्षण उपरांत सकारात्मक विचार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने बताया कि स्क्रीनिंग लैब में चार प्रमुख आनुवांशिक विकारों कंजेनिटल हाइपोथायरोडिज्म, कंजेनिटल एड्रेनल हाइपरप्लेशिया, ग्लूकोज-6-फास्फेट डीहाइड्रोजनेज डेफिशियेंसी और गैलेक्टोजीमिया की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर द्वारा यह सेवा केरल में पहले से ही प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व के अन्य देशों में इस तकनीक के सफल प्रयोगों और परिणामों की जानकारी भी साझा की। कंपनी द्वारा संचालित मोबाइल टेस्टिंग वैन सेवाओं की जानकारी दी। इसमें मैमोग्राफी और सिकल सेल स्क्रीनिंग की सुविधाएँ हैं। यह सेवा वर्तमान में तमिलनाडु में कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में सांदीपनि विद्यालय और अन्य विद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.के. गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, रीवा को सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चनों को त्वरित रूप से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के प्रस्तावित उन्नयन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कर प्रस्तावों को सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रीवा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता से किया जाये, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें शिक्षा के लिये शहर आने की असुविधा न हो। आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पीआईयू, एवं एप्को के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में नवीन टेलीमेडिसिन सेंटर का किया लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि टेलीमेडिसिन सेवा से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ेगी। इस नवाचार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के मरीजों को विशेषज्ञों द्वारा बेहतर इलाज एवं परामर्श प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के टेलीफोन के माध्यम से विस्तार के लिए प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ई-संजीवनी पोर्टल प्रारंभ किया गया है। इस पोर्टल के द्वारा मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से घर बैठे नि:शुल्क परामर्श ले सकते है। टेलीमेडिसिन सेवा से मरीजों की रेफरल संख्या भी कम होगी, जिससे मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में दबाव कम होगा। मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञों से उपचार सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गुरुवार को गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल में नवीन टेलीमेडिसिन सेंटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, डीन गांधी चिकित्सा महाविद्यालय श्रीमती कविता सिंह सहित विभिन्न विभागों के एचओडी, डॉक्टर्स, प्रोफेसर, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों, मेडिकल स्टॉफ की भर्ती की जा रही है। जिससे मेडिकल स्टॉफ की कमी की पूर्ति होगी। इन विशेषज्ञों की तैनाती ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी समस्या के जड़ से समाधान के लिए जिद और जुनून की आवश्यकता है। टेलिमेडिसिन सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह सेवा स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि इस सेवा का प्रभावी तरीके के क्रियान्वयन किया जाए। टेलीमेडिसिन सेवा से जुड़े विशेषज्ञ प्रोफेसर्स और डॉक्टर्स प्रत्येक मरीज को बेहतर से बेहतर इलाज प्रदान करें। इस सेवा का व्यापक प्रचार करें जिससे कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस सुविधा का ज्यादा के ज्यादा लाभ प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमीदिया चिकित्सालय 70 वर्षों के अधिक समय से प्रदेश के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है। यहां की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल कैंपस में जर्जर भवनों का रिनोवेशन किया जायेगा। उन्होंने कमला नेहरू हॉस्पिटल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में परिवर्तित करने की बात भी कही। इस दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टेलीमेडिसिन हब रूम से सीहोर के मरीज और चिकित्सकों से चर्चा की। उन्होंने प्रेरणा सेवा ट्रस्ट द्वारा हॉस्पिटल को भेंट किए गए ई-रिक्शा का लोकार्पण किया। उन्होंने हॉस्पिटल में स्थापित बेबी फीडिंग रूम का लोकार्पण भी किया। थैलेसीमिया डे केयर सेंटर के बच्चों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। गांधी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक सुनील टंडन ने कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और नवाचारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स प्रमोटर्स ग्रुप सरगुजा ने 251 पौधों का रोपण किया है। चिकित्सालय के समस्त क्लिनिकल विभाग का सहयोग प्राप्त कर आने वाले मरीजों को त्वरित एवम उचित उपचार दिए जाने के उद्देश्य से इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और अधीक्षक कार्यालय द्वारा एक एसओपी जारी की गई है।चिकित्सालय में शव वाहन, नवीन कैथ लैब, सीटी-स्केन और एमआरआई जांच सुविधा की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमीदिया चिकित्सालय आने वाले मरीजों के त्वरित एवम उचित इलाज किए जाने के लिए लगातार प्रयासरत है।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कैबिनेट द्वारा स्वीकृत पदों पर समय-सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत पदों पर समय-सीमा में करें भर्ती : उप मुख्यमन्त्री शुक्ल यूजी पीजी सीट के लिए अधोसंरचना विकास और उपकरण खरीदी कार्य प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमन्त्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कैबिनेट द्वारा स्वीकृत पदों पर समय-सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कैबिनेट द्वारा स्वीकृत पदों पर समय-सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा स्वीकृत पदों की भर्ती में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने यूजी/पीजी सीट्स के अपग्रेडेशन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। साथ ही आवश्यक उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया को भी निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए जिससे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सभी मापदंड निर्धारित समय में पूरे किए जा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नियमित फॉलो-अप कर कार्यों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने यह भी निर्देश दिए कि ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ क्रियान्वित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिंदी में एमबीबीएस के लिए आवश्यक पुस्तकों की उपलब्धता मेडिकल कॉलेज में सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पीआईयू द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों को तत्काल रेखांकित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थलों पर निर्माण एजेंसियों को भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है अथवा अन्य कोई प्रशासनिक विभागीय अवरोध या असमंजस की स्थिति है, उसकी स्थिति उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराई जाए, ताकि उनका प्राथमिकता से निराकरण कार्य को गति दी जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामंजस्य एवं विभागीय सक्रियता की कमी से कार्यों में विलंब पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करना स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। भुगतान में विलंब विभागीय उदासीनता उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किए गए कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में विलंब से कार्य की गति प्रभावित होती है और यह विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी स्वयं मैदानी निरीक्षण कर कार्यों की सघन मॉनिटरिंग करें तथा 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम योजना के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, अंडर ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट सीट अपग्रेडेशन, सीसीबी सहित सभी अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की एवं स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और उपकरण एवं फर्नीचर की खरीदी का कार्य समानांतर रूप से किया जाए। जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने और सेवा प्रदाय में विलम्ब न हो। बैठक में बताया गया कि सिवनी, नीमच और मंदसौर में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ये संस्थान सेवा में आ चुके हैं। वहीं छतरपुर, दमोह, राजगढ़ और सीआईएमएस छिंदवाड़ा में कार्य प्रगतिरत हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में यूजी सीट्स अपग्रेडेशन के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में मेडिकल कॉलेज में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सागर में कार्य प्रगतिरत है। पीजी सीट्स के अपग्रेडेशन के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में निर्माण एवं संसाधन उन्नयन कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में यह जानकारी दी गई कि पीआईयू द्वारा राज्य में वर्तमान में 217 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनके लिए 1054 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 24 कार्यों के लिए 283 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, परंतु वे अभी प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। 5 कार्य विभिन्न कारणों से अवरुद्ध हैं। कुल 246 कार्यों के लिए 1027 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जानी शेष है। नर्सिंग कॉलेज मंदसौर में बाउंड्री वॉल निर्माण, छिंदवाड़ा में होस्टल और कॉलेज भवन का कार्य, सतना एवं राजगढ़ में लैंड डेवलपमेंट कार्य प्रगतिरत है। नीमच में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज के लिए टेंडर की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 352.5 करोड़ रुपए की मांग प्रस्तुत की गई थी, जिसके विरुद्ध अब तक 40.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से ₹12.81 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है, 52.32 करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं। राजगढ़ और छिंदवाड़ा के लिए 22.13 करोड़ एवं 14 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। दमोह, छतरपुर में आंशिक राशि व्यय की गई है, जबकि जबलपुर को पूरी मांग के अनुरूप राशि प्राप्त हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मांग अनुसार बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, पीआईयू के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज़, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक सुगमता से पहुंचें। इन नई सीटों से भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण तथा दूरस्थ अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में सशक्त किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा चिकित्सकों को अवसर मिलेगा, बल्कि अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि यह मान्यता राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण, मानव संसाधन की नियुक्ति और प्रशिक्षण की निरंतर प्रक्रिया का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में प्रत्येक जिला चिकित्सालय एक अत्याधुनिक उपचार और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो। स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एनबीईएमएस, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल शिवपुरी में डीजीओ (डिप्लोमा इन गाइनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स) की 4 सीटें एवं डीए (डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया) की 2 सीटें, जिला अस्पताल रतलाम में डीओ (डिप्लोमा इन ऑप्थाल्मोलॉजी) की 2 सीटें तथा जिला अस्पताल भोपाल में डीजीओ की 4 नई सीटों को एनबीईएमएस द्वारा मान्यता दी गई है। इस मान्यता के साथ ही प्रदेश में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है।  

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल इस बात की है कि उपलब्ध बजट का समय पर प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गति तेज करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्रालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूंजीगत बजट की योजना अनुसार प्रगति, निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति, उपकरणों की खरीदी और एजेंसीवार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी है कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त बजट का अधिकतम उपयोग कर सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। बैठक में परियोजना संचालक नीरज कुमार सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि पीआईयू, बीडीसी और बी एंड आर सहित सभी कार्यान्वयन एजेंसियों की मासिक आधार पर भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा एजेंसियों को समय पर सचेत कर कार्यों को गति प्रदान की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों सहित समस्त चिकित्सकीय संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए। साथ ही उपकरणों की खरीदी में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मंडला, श्योपुर, राजगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों और पीजी व यूजी पाठ्यक्रमों के लिए उपकरणों की खरीदी की भी गहन समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट कहा कि कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा और बजट उपयोग की त्रि-सूत्रीय रणनीति पर कार्य कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। बैठक में जानकारी दी गई कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा 430 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत की गई है। इसका उपयोग अस्पताल एवं औषधालयों के भवन निर्माण में किया जा रहा है। प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय सीमा को 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, ताकि निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाई जा सके। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) में 476 करोड़ रुपये और मेडिकल एजुकेशन में सेंट्रली स्पॉन्सर्ड योजनाओं के तहत 365.67 करोड़ रुपये की राशि विभाग के पास उपलब्ध है, जिसके त्वरित उपयोग के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए ताकि केंद्र से आवंटन समय से प्राप्त हो सके। केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये, पीजी पाठ्यक्रम सुदृढ़ीकरण के लिए 206 करोड़ रुपये, एमबीबीएस सीट वृद्धि के लिए 150 करोड़ रुपये और नवीन नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये की प्रावधानित राशि के उपयोग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडला, श्योपुर, राजगढ़, बुधनी, छतरपुर, दमोह और सिंगरौली में चल रहे अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लागत संशोधन, अनुबंध वृद्धि एवं प्रशासनिक स्वीकृति जैसे प्रकरणों में विभाग शीघ्र निर्णय लेकर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करे। सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद की समीक्षा

सागर उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों में गति लाने और समानांतर रूप से आवश्यक उपकरण और फर्नीचर खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की उपलब्धता भी साथ ही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों से पूर्व में ही चर्चा की जाए तथा उनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने उपस्थित विधायक गण से भी कहा कि वे उनके क्षेत्र विशेष के कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति आदि से समय-समय पर अवगत कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने  निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लैंड एलॉटमेंट की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और जनहितकारी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारी प्राथमिकता पर ध्यान दें। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्‍द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र/आरोग्य मंदिर से संबंधित विभिन्न पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सागर जिले में उक्त सभी कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 447 करोड़ रुपए है जो विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, पीआईएयू, हाउसिंग बोर्ड आदि से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय नवीन भवन के शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार बीना अस्पताल के रिनोवेशन /नवीनीकरण तथा वहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बंडा पीएचसी में बाउंड्री वॉल को प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 15वें वित्त के तहत कार्यों को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह संवेदनशील रहकर कार्य करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम लाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन एक प्रभावी योजना है जिसका सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य केन्‍द्रों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक , सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। विधायक शैलेंद्र जैन, वीरेंद्र लोधी, श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, कलेक्टर संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में खाली पद जल्द भरें जायेंगे, डिप्टी सीएम ने अफसरों को दिए निर्देश, बोले- टाइम लिमिट पर फोकस करें

भोपाल मध्य प्रदेश में तबादलों से बैन हटने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती का कार्य एक निश्चित समय-सीमा का निर्धारण कर शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने इस समय चल रही भर्ती प्रक्रिया की अपडेट जानकारी अधिकारियों से ली। भर्ती प्रक्रिया सरल बनाने संशोधन की भी बात मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में यह निर्देश स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों की बैठक में दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिए जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों के लिए परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक मलिका निगम नागर, संचालक कर्मचारी चयन मंडल संकेत मालवीय और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अनिल सुचारी की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाए। स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करे। मंत्री बोले- प्रस्तावों को गंभीरता से लें बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिये जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करें और प्रस्ताव के विषय में वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाये।  राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा कर्मचारियों के ग्रेड-पे और एनएचएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समतुल्य सुविधाएं देने आदि पर विचार करने के निर्देश दिए।  

स्वास्थ्य संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल की समाप्ति के संबंध में उप मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी गयी है। स्वास्थ्य संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल की समाप्ति के संबंध में उप मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 22 अप्रैल 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अप्रेजल, स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, समकक्षता निर्धारण, ग्रेज्युटी, अर्जित एवं मेडिकल अवकाश तथा अन्य मांगों पर यथोचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश द्वारा उप मुख्यमंत्री शुक्ल के आश्वासन पर सहर्ष हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, प्रदेश महामंत्री भारतीय मजदूर संघ कुलदीप सिंह गुर्जर सहित संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य के लिए सुलभ, उच्च गुणवत्ता युक्त और व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, आधुनिक मेडिकल कॉलेजों का सुदृढ़ आधार और समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठाने के उद्देश्य से, उन्हें 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा देने के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगी साथ ही यह निर्णय चिकित्सकों की कमी की पूर्ति करने में भी सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेजों का अधोसंरचना विकास , अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था अन्य आवश्यक कार्य भी समय से पूर्ण किए जाएँ। शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल (ई-एचआरएमएस) की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय से विभागीय कार्य में गति आएगी और सेवाओं में सुधार होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है, लेकिन संस्कार देने का कार्य समाज करता है। विकास को वरदान बनाता है संस्कार। संस्कार से ही सशक्त समाज की रचना होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ड्रीम वर्ल्ड गार्डन एवं रिसोर्ट गोम्मटगिरि इंदौर में आयोजित बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव के अवतार है बागेश्वर और ऋषि कश्यप के वंशज है, जिनका संबंध कश्मीर से है। बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज देशभर में फैला है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य के बेहतरी के साथ सामूहिक विवाह जैसे कार्य भी कर रहा है, जो अनुकरणीय है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर रोजगार के क्षेत्र में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिसमें आयुष्मान भारत योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्टार्टअप योजना आदि शामिल है। इन योजनाओं से समाज लाभान्वित हुआ है और उनके जीवन में बदलाव आया। शुक्ल ने कहा कि देश में जितने अधिक रोजगार के अवसर होंगे, भारत उतनी तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनेगा। इसमें हर समाज अपनी भूमिका निभायें। शुक्ल ने युवाओं से आहवान किया कि देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये और नशे से दूर रहें। सामाजिक उत्थान के साथ धार्मिक उत्थान की दिशा में भी कार्य करें, जिससे सनातन धर्म और मजबूत हो। शुक्ल ने इंदौर के नागरिकों की स्वच्छता के संस्कार की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को स्वच्छ बनाने की पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, लेकिन इसमें इंदौर ने अहम भूमिका निभाई। इंदौर के नागरिक स्वच्छता के प्रति बड़े सजग है। वे चॉकलेट के रैपर से केले के छिलके तक को सड़क पर नहीं फेंकते। इसी वजह से इंदौर शहर पूरे देश में लगातार सातवीं बार स्वच्छता में नम्बर वन बना हुआ है। यह साधारण बात नहीं, बगैर इच्छा शक्ति के यह संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारे यहां बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री भी है, जो सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे देश में फैला रहे हैं। वे अपनी गृह क्षेत्र में एक विशाल कैंसर अस्पताल बना रहे है, जिसके शिलान्यास में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु भी शामिल हुए। इतना बड़ा कार्य बिना इच्छा शक्ति के संभव नहीं। पूर्व विधायक आकाश विजयर्वीय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता सहित देश से आये समाजजन उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दतिया में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

दतिया उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर माह तक डॉक्टर्स की नई भर्ती सुनिश्चित कर सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्राथमिक, उप-स्वास्थ्य एवं सामुदायिक केंद्रों सहित आरोग्य मंदिरों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु पर्याप्त बजट की व्यवस्था की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दतिया जिले के अपने अल्प प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवा से जिले के सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक उन्नत विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर गाँव-गाँव में बैठकर मरीजों को परामर्श दे सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार जिला अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनके समय एवं धन की भी बचत होगी। इस अवसर पर कलेक्टर संदीप कुमार माकिन ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि जिला अस्पताल में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिंक अलार्म जैसी नवीन पहल प्रारंभ की गई है। उन्होंने नव निर्मित दतिया एयरपोर्ट की व्यस्थाओं के संबंध में भी अवगत कराया। माँ पीताम्बरा के दर्शन कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दतिया के अल्प प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध पीताम्बरा शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राचीन वन खण्डेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ पीताम्बरा शक्तिपीठ परिसर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र सरकार की “प्रसाद योजना” के अंतर्गत शक्तिपीठ परिसर के सौंदर्यीकरण हेतु स्वीकृत 44.24 करोड़ रूपए की परियोजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का बड़ा ऐलान- प्रदेश के हर जिले में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, दो इसी साल

दतिया डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला अल्प प्रवास पर दतिया पहुंचे. उन्होंने पीतांबरा पीठ पहुंचकर मां बगलामुखी के दर्शन किए. साथ ही पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का अभिषेक किया. मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम ने नेशनल हेराल्ड मामले में कहा, जब कोई गड़बड़ी घोटाला करता है और पकड़ा जाता है, तो वह ये स्वीकार नहीं करता कि उसने गलत किया है. कांग्रेस के नेता भी ऐसा कर रहे हैं. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जिला अस्पताल में आगजनी और अन्य घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी रखी जाएगी. दमोह अस्पताल जैसा मामला सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई गलत काम करने का दुस्साहस न कर सके. सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रकिया चल रही है. इस साल दो जगह मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे. प्रदेश के लिए 12 जगह टेंडर हो चुके हैं, शेष बचे जिलों में भी भविष्य में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. अस्पतालों में मरीजों को टेली मेडिसिन सुविधा मिले, इसके लिए भी शासन प्रयास कर रहा है. प्रदेश के सभी जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज- शुक्ल मीडिया से बातचीत में शुक्ल ने कहा कि जिला अस्पतालों में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। दमोह जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इस वर्ष दो नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। 12 स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। राजेंद्र शुक्ल महाकौशल एक्सप्रेस से सुबह लगभग साढ़े 4 बजे दतिया पहुंचे। सुबह 6 बजे पीतांबरा पीठ में दर्शन के बाद वे ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। ग्वालियर में उनके स्थानीय कार्यक्रम और मेडिकल कॉलेज में जिला प्रशासन के साथ बैठक का कार्यक्रम है। ‘प्रसाद योजना’ से संवरेगी मां पीतांबरा की नगरी गौरतलब है कि पीतांबरा पीठ अब आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है. क्योंकि केंद्र सरकार ने इस दिशा में ‘प्रसाद योजना’ के तहत 44.24 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है. इस योजना से धार्मिक स्थलों का कायाकल्प होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण होगा. योजना का उद्देश्य भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाना है.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिये प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टेली-मेडिसिन सेवा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं के प्रदाय का सशक्त माध्यम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में टेली-मेडिसिन सेवा का शुभारंभ किया। इस सेवा से रीवा और सीधी जिलों के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को वरिष्ठ विशेषज्ञों का परामर्श प्राप्त होगा। इस सेवा के तहत अब संजय गांधी अस्पताल, रीवा के मेडिसिन, शिशु रोग (पेडियाट्रिक्स) तथा स्त्री रोग (गायनी) विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को फोन या अन्य संचार माध्यमों से जरूरी परामर्श देंगे। इससे उन मरीजों को तुरंत लाभ मिलेगा जिन्हें विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता होती है। अब ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विशेषज्ञ सेवाओं के लिए ज़िला मुख्यालय आने की आवश्यकता विशेष परिस्थितियों में ही पड़ेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह सेवा न सिर्फ मरीजों की यात्रा की आवश्यकता को कम करेगी, बल्कि समय, धन और संसाधनों की भी बचत करेगी। साथ ही, इससे प्राथमिक स्तर पर कार्यरत चिकित्सकों को विशेषज्ञों की मदद से त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने में सुविधा होगी। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान व इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टेली-मेडीसिन सेवा का प्रभावी उपयोग “सशक्त व स्वस्थ मध्यप्रदेश” के विजन को धरातल पर उतारने में सहयोगी होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टेली-मेडिसिन कक्ष की व्यस्थाओं का अवलोकन किया एवं विधिवत संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वे अगले सप्ताह प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे। डीन मेडिकल कॉलेज रीवा डॉ. सुनील अग्रवाल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।  

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