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निर्माण कार्यों में लायें गति, समानांतर रूप से खरीदें आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों में गति लाने और समानांतर रूप से आवश्यक उपकरण और फर्नीचर खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की उपलब्धता भी साथ ही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों से पूर्व में ही चर्चा की जाए तथा उनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने उपस्थित विधायक गण से भी कहा कि वे उनके क्षेत्र विशेष के कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति आदि से समय-समय पर अवगत कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने  निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लैंड एलॉटमेंट की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और जनहितकारी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारी प्राथमिकता पर ध्यान दें। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्‍द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र/आरोग्य मंदिर से संबंधित विभिन्न पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सागर जिले में उक्त सभी कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 447 करोड़ रुपए है जो विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, पीआईएयू, हाउसिंग बोर्ड आदि से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय नवीन भवन के शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार बीना अस्पताल के रिनोवेशन /नवीनीकरण तथा वहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बंडा पीएचसी में बाउंड्री वॉल को प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 15वें वित्त के तहत कार्यों को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह संवेदनशील रहकर कार्य करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम लाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन एक प्रभावी योजना है जिसका सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य केन्‍द्रों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक , सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। विधायक श्री शैलेंद्र जैन, श्री वीरेंद्र लोधी, श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- टेली मेडिसिन का सफल क्रियान्वयन और पीएचसी की भीड़ बीएमसी के परफॉर्मेंस ऑडिट की तरह करेगा कार्य

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में टेली मेडिसिन सेंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे मरीज की बात हो सकेगी एवं उचित उपचार प्राप्त हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भीड़ एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्थापित टेली मेडिसिन सेंटर में आने वाले कॉल्स की संख्या बीएमसी के परफॉर्मेंस ऑडिट की तरह कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि टेली मेडिसिन योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा की प्राथमिकता वाली योजना है। योजना से गांव-गांव के पीड़ित व्यक्ति को विषय विशेषज्ञ डॉ. की निशुल्क सलाह मिल सकेगी एवं उनका समय पर इलाज हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित विशेष रूप से आरोग्य मंदिरों में टेली मेडिसिन सुविधा शुरू की जाए। डॉक्टरों की सूची चस्पा की जावे एवं उनके फोन नंबर भी संबंधित सीएचओ, बीएमओ को उपलब्ध कराएं जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल टेली मेडिसिन/ वीडियो कॉन्फ्रेंस/वर्चुअल माध्यम से उनका उपचार दिया जा सके। उप मुख्यमंत्री ने टेली मेडिसिन सुविधा से की मरीज एवं डॉ. से बातचीत उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने टेली मेडिसिन सेंटर का लोकार्पण किया और मौके पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरकोटी से डॉ. राहुल एवं वहां उपस्थित मरीज से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की, उनके उपचार की जानकारी ली और टेली मेडिसिन सुविधा के बारे में जाना। इस दौरान टेली मेडिसिन के नोडल डॉ. भूपेंद्र रोहित ने पीड़ित व्यक्ति के ब्लड प्रेशर, शुगर एवं होने वाली पीड़ा की जानकारी ली, अन्य सवाल पूछे और संबंधित को खून की जांच कराने को कहा साथ ही आवश्यक दवाएं बताईं। बीएमसी के डॉ. रमेश पांडे ने बताया कि टेली मेडिसिन के लिए डॉ. रुचि जयसवाल, डॉ. अंकित जैन, डॉ. दिनेश जैन, डॉ. पीयूष जैन को नियुक्त किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर और भी विशेषज्ञ डॉ. टेली मेडिसिन सुविधा के लिए उपलब्ध रहेंगे। विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में हृदय रोग की आधुनिक मशीनरी एवं विशेषज्ञ डॉ. की आवश्यकता की बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस विषय पर शासन द्वारा पीपीपी मोड पर सेवाएं प्रदान करने की कार्रवाई चल रही है, शीघ्र ही इस पर निर्णय होगा और सागर वासियों को हृदय रोग का इलाज भी मिल सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी, डॉ. मनीष जैन, डॉ. सौरभ जैन सहित मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों के चिकित्सक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

देश भर के बड़े शहरों में गिरोह फैलाए, एनजीओ में डोनेशन दिलवाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी

भोपाल एनजीओ में डोनेशन दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का भोपाल पुलिस ने भांडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। गिरोह के सरगना संदीप पांडे ने देशभर के प्रमुख शहरों में एजेंट बैठा रखे थे, जो एनजीओ संचालकों को करोड़ों का डोनेशन दिलवाने का लालच देते और उनसे सिक्योरिटी अमाउंट के तौर पर लाखों रुपये हड़प लेते। ये रुपये एक कंपनी के बैंक खाते में जाते थे, जो वास्तव में फर्जी थी। इसी तरह ठगों ने भोपाल के एक एनजीओ संचालक से धोखाधड़ी की थी। कंपनी के ब्लैकमनी को व्हाइट करने के बहाने से देता था लालच     एसआई सुनील रघुवंशी ने बताया कि मूलत: उत्तरप्रदेश के रानीगंज का रहने वाला संदीप पांडे मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है।     उसने पुणे, बेंगलुरु, इंदौर और नागपुर समेत कई बड़े शहरों में ऐसे एजेंट तैयार किए थे, जो कि एनजीओ संचालकों को डोनेशन दिलवाने का लालच दे और उन क्लाइंटों से संपर्क करवाए।     संदीप एनजीओ संचालकों को बताता कि उसकी कंपनी में ब्लैकमनी है, वह करोड़ों की मोटी राशि उनके एनजीओ में ट्रांसफर करेगा।     फिर एनजीओ वापस उस कंपनी को आधी राशि व्हाइट मनी के तौर पर लौटा देगा। इस तरह लालच देकर वह पिछले दिनों भोपाल में ग्रंथ एजुकेशन सोसायटी के संचालक से 18 लाख की ठगी कर चुका है। कई एजेंटों के संपर्क मिले एसआइ सूर्यवंशी ने बताया कि आरोपित के पास मिले फर्जी कंपनी के बैंक खाते में इस प्रकार के कई डीडी मिले हैं, जिससे करोड़ों की ठगी का अनुमान है। आरोपित के संपर्क कई एजेंटों से है, जो दूसरे शहरों में बैठकर उसके लिए काम करते हैं। आरोपित के पुराने रिकार्ड को खंगाला जा रहा है।

भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में मेडिटेक टेक्सटाइल सेक्टर की पहली यूनिट का निर्माण कार्य में तेज़ी: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में मेडिटेक टेक्सटाइल सेक्टर की पहली अत्याधुनिक यूनिट का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय बताते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादन इकाइयों का आना, इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश अब पारंपरिक के साथ विशेषीकृत और उच्च गुणवत्ता वाले उद्योगों के लिए भी पसंदीदा स्थल बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस यूनिट से न केवल भोपाल बल्कि पूरे प्रदेश को उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। मेडिटेक टेक्सटाइल सेक्टर का यह निवेश, मध्यप्रदेश को मेडिकल टेक्सटाइल, हाईजीन और हेल्थ सपोर्टिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार निवेश लाने की नीति पर नहीं, निवेश को जमीन पर उतारने की कार्य संस्कृति पर काम कर रही है। इस यूनिट का निर्माण जर्मनी की विश्व प्रसिद्ध टीडब्ल्यूई ग्रुप और भारत के अनुभवी ओबीटी ग्रुप के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा. लि. नामक यह कंपनी अचारपुरा में लगभग 160 करोड़ रु. की लागत से उच्च तकनीक आधारित उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रही है। यूनिट में महिलाओं और बच्चों के हाईजीन उत्पादों में प्रयुक्त टेक्सटाइल कंपोनेंट्स जैसे ADL, टॉप शीट और बैक शीट का निर्माण किया जाएगा। इन उत्पादों की भारत में अब तक आयात पर निर्भरता रही है। यह यूनिट चालू होने पर देश को आत्मनिर्भर बनाएगी और मेडिटेक टेक्सटाइल उत्पादों में ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थापित करेगी। उत्पादन के पहले चरण में ही 200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने जा रहा है, वहीं यूनिट के स्केल बढ़ने पर यह संख्या कई गुना तक पहुंचने की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा विकसित अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में यह यूनिट एक उदाहरण बनेगी कि कैसे सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचा और उद्योगों के अनुकूल माहौल किसी भी वैश्विक निवेशक के लिए भरोसे का केंद्र बन सकता है। कंपनी ने उपलब्ध ज़मीन, बिजली, परिवहन और अन्य सुविधाओं को निर्माण के लिए उपयुक्त बताया है। तकनीकी मानकों पर यह यूनिट भारत में अपने क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक फैक्ट्री होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्पष्ट विजन के साथ नई औद्योगिक रणनीति अपनाई है जिसमें ‘निवेश और निर्माण’ को साथ लेकर चलना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निवेशक अब मध्यप्रदेश में तेज़ फैसलों, सहज प्रक्रियाओं और भरोसेमंद माहौल के चलते बड़े निर्णय ले रहे हैं। मेडिटेक टेक्सटाइल जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र में इस तरह का निवेश इसी विश्वास का परिणाम है। यूनिट के निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरणीय संतुलन का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यहां बिना बॉयलर के संचालन होगा और उत्पादन प्रक्रिया से जल अथवा वायु प्रदूषण नहीं होगा। हाईजीन और हेल्थ सेक्टर से जुड़ी यह यूनिट स्वच्छ भारत और आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है। टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा. लि. की ओर से बताया गया कि यह यूनिट पूरे देश में उनकी पहली और प्रमुख इकाई होगी। यह मेडिटेक टेक्सटाइल के क्षेत्र में देश में तकनीकी उत्पादन की शुरुआत मानी जाएगी। जर्मनी से उच्च स्तरीय तकनीकी सहयोग के साथ यह यूनिट भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक नई दिशा तय करेगी। राज्य सरकार इस यूनिट को टेक्सटाइल ओडीओपी, पीएम मित्र पार्क और क्लस्टर पॉलिसी से जोड़कर क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को पहले से ही राष्ट्रीय पहचान प्राप्त है और अब मेडिटेक, टेक्निकल और हाईजीन टेक्सटाइल में यह यूनिट उस पहचान को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश मेडिटेक टेक्सटाइल जैसे उच्च श्रेणी के उत्पादों के लिए एक हब के रूप में स्थापित होगा, जहां नवाचार, तकनीक और रोजगार तीनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। यह निवेश केवल एक यूनिट नहीं बल्कि राज्य के औद्योगिक भविष्य का मजबूत संकेत है।

आतंकवादियों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देना, शायद पाकिस्तान में एक प्रथा है: विक्रम मिसरी

नई दिल्ली ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद पाकिस्तान बौखला उठा है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने बुधवार रात देश के 15 शहरों पर मिसाइल हमले की कोशिश की। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इसी बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। पाकिस्तान के हमले को किया गया नाकाम: कर्नल सोफिया कुरैशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, आज सुबह, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया। भारतीय प्रतिक्रिया पाकिस्तान के समान ही तीव्रता के साथ उसी क्षेत्र में रही है। हमने सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया। हमने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया। पाकिस्तान हमले में 16 निर्दोष लोगों की गई जान:  व्योमिका सिंह विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा  ने आगे जानकारी दी कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टर में मोर्टार और भारी कैलिबर तोपों का उपयोग करते हुए नियंत्रण रेखा पर अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। पाकिस्तानी गोलीबारी के कारण 3 महिलाओं और 5 बच्चों सहित 16 निर्दोष लोगों की जान चली गई है। वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम भारत ने ने नष्ट कर दिया है। पाकिस्तान ने UNSC में आतंकी संगठन TRF के समर्थन में बयान दिया था। टीआरएफ ने ही पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते हैं। विक्रम मिसरी ने कहा, “मुझे यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था। पाकिस्तान बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और कई देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों का भी घर है। आपने पिछले कुछ दिनों में देखा होगा कि उनके रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने ऐसे आतंकवादी समूहों के साथ अपने देश की संलिप्तता को स्वीकार किया है।” आतंकियों के जनाजे में क्या कर रही सेना: विदेश मंत्रालय विक्रम मिसरी ने कहा कि “जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है। ऑपरेशन सिंदूर में जिन ठिकानों पर हमले किए गए थे, वहां मारे गए लोग आतंकवादी थे। आतंकवादियों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देना, शायद पाकिस्तान में एक प्रथा है।” विक्रम मिस्री ने कहा,”पाकिस्तान की ओर से कोई भी आगे की कार्रवाई, जिनमें से कुछ हम आज देख रहे हैं, कुछ और नहीं बल्कि पाकिस्तान द्वारा एक बार फिर से बढ़ाई गई कार्रवाई है, और इसका उचित तरीके से जवाब दिया जाएगा और दिया भी जा रहा है।”

पाकिस्तान की अदालत में हाफिज सईद ने कई वर्षों से आतंकी फंडिंग के मामलों में उनकी दोषसिद्धि को रद किया जाए

लाहौर मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने पाकिस्तान की एक अदालत में याचिका दायर कर आतंकी फंडिंग के मामलों में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है। अदालत के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सईद और जमात-उद-दावा के कुछ अन्य नेताओं ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आग्रह किया है कि कई वर्षों से आतंकी फंडिंग के मामलों में उनकी दोषसिद्धि को रद किया जाए। 1 करोड़ डॉलर का रखा है इनाम संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित सईद को आतंकी फंडिंग के मामलों में जुलाई, 2019 में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका ने उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। बताया जाता है कि सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। हालांकि इस तरह की अपुष्ट खबरें हैं कि वह जेल में नहीं है और किसी सुरक्षित स्थान पर रह रहा है।

सभी 75 जिलों के कमिश्नर और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी, 25 लाख किसानों की बदलेगी तकदीर!

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 25 लाख नए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में प्रदेश के सभी 75 जिलों के कमिश्नर और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पहले ही 71 लाख किसानों को मिला लाभ मिली जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 71 लाख से अधिक किसानों को केसीसी की सुविधा प्रदान की है। अब इस अभियान को और तेज कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है। बैंकों की मदद से हो रहा वितरण सहकारी और व्यावसायिक बैंकों की मदद से किसानों को यह कार्ड मुहैया कराया जा रहा है। भारत सरकार ने भी सभी पात्र किसानों को इस योजना का लाभ देने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि उन्हें फसली ऋण जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकें। किसानों के भविष्य को आर्थिक मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में बदलने की है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना इसी नीति का हिस्सा है, जिससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती है और वे साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचते हैं। फसली ऋण में तेजी, आय में बढ़ोतरी केसीसी योजना के तहत किसानों को कम ब्याज पर बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे बीज, खाद और अन्य जरूरी चीजें खरीद सकें। इससे पैदावार में बढ़ोतरी होती है और कृषि आय में सुधार देखने को मिलता है। जिला स्तर पर चलेगा विशेष अभियान आने वाले वर्ष में राज्य सरकार 25 लाख नए किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाने जा रही है। पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।  

भारत-पाक में तनाव के बीच सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोना 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता

मुंबई ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच एक गुड न्यूज है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो सोने-चांदी के जेवर खरीदने की सोच रहे हैं। सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट है। 24 कैरेट सोना आज 8 मई को 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 96024 रुपये पर आज गया है। जबकि, चांदी 1174 रुपये सस्ती होकर 94600 रुपये प्रति किलो के भाव से खुली। बता दें सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर वाला है। इस साल सोना 20384 रुपये चढ़ा 22 अप्रैल 2025 को सोना 99100 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था। 31 दिसंबर 24 को सोना 76045 रुपये प्रति 10 के रेट से खुला था और चांदी 85680 रुपये प्रति किलो से। इस दिन सोना 75740 रुपये पर बंद हुआ। चांदी भी 86017 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इस साल सोना करीब 20384 रुपये और चांदी 8920 रुपये महंगी हो चुकी है। बिना जीएसटी 18 कैरेट, 22 कैरेट और 23 कैरेट गोल्ड के भाव आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी आज 1396 रुपये सस्ता होकर 96374 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर को करीब 1284 रुपये टूटकर 87958 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर खुला। 18 कैरेट गोल्ड का भाव भी 1052 रुपये सस्ता होकर 72018 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 820 रुपये कम होकर 56174 रुपये पर आ गई है।

अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, जवाब देने की गलती मत करना

वाशिंगटन आतंकियों के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान आतंकियों की मौत का बदला लेने की धमकी दे रहा है। इस बीच अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे ऐसा सोचना भी नहीं चाहिए। अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को ‘तानाशाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की जवाबी कार्रवाई पर कोई पलटवार करने की गलती न करे। भारत ने आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की- रो खन्ना भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ अलग-अलग आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल से हमले किए। भारत ने आतंकियों के खिलाफ इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया है। CNN से बातचीत में रो खन्ना ने कहा, “दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। सबसे जरूरी चीज इस समय तनाव को कम करना है। पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष नागरिक मारे गए। भारत ने एक जवाबी कार्रवाई की जो कुछ आतंकवादी नेटवर्कों को समाप्त करने में सहायक रही। अब सबसे जरूरी है कि हालात शांत हों।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को भारत-पाकिस्तान के बीच इस गंभीर स्थिति को समझने और कूटनीतिक रूप से सुलझाने में मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा, “अंग्रेजों ने विभाजन और हिंदू-मुस्लिमों के बीच धार्मिक विभाजनों को बढ़ावा दिया था। हमें इस क्षेत्र की जटिलताओं को समझते हुए एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।” मुनीर पर सीधा हमला, इमरान खान की रिहाई की मांग रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर को तानाशाह बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “असीम मुनीर एक तानाशाह हैं जिन्होंने कोई वैध चुनाव तक नहीं होने दिया। उन्होंने इमरान खान को जेल में डाल दिया है। वहां अब कोई ईमानदार आवाज बाकी नहीं बची है।” उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए। रो खन्ना ने कहा, “हम पाकिस्तान को IMF से कर्ज देते हैं, वे उस पर निर्भर हैं। हमें यह कहना चाहिए कि इमरान खान को रिहा किया जाए, कोई भी जवाबी हमला न किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।” न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं: अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ये पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी सांसद ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश ने पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। रिश ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंताजनक है। मैं पहलगाम के हमलावरों के खिलाफ न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयास का समर्थन करता हूं, लेकिन मैं दोनों पक्षों के नागरिकों के प्रति सावधानी बरतने और सम्मान का आग्रह करता हूं।’’ वहीं एक अन्य सांसद श्री थानेदार ने भारत के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने के हमारे सहयोगी देश के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता हूं।’’ थानेदार ने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और इसका उचित जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ अपने सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा रहना चाहिए। यह साझा खतरों का सामना करने, निर्दोष लोगों की जान बचाने और लोकतंत्र, मानवाधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों की रक्षा करने के लिए अमेरिका-भारत के बीच गहन सहयोग का समय है।’’ भारत ने पाकिस्तान में घुसकर मारा जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के 15 दिन बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ को निशाना बनाया था, जो भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

भारत यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर हुए एक दर्जन नासा वैज्ञानिक, वजह है चौंकाने वाली

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन (GLEX) में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा है। नासा के कम-से-कम एक दर्जन अंतरिक्ष यात्रियों और वैज्ञानिकों को इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें अपनी भागीदारी रद्द करनी पड़ी। सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पैसों की कमी के चलते नासा के प्रतिनिधि भारत नहीं आ पाए। 35 देशों के प्रतिनिधि, चीन, जापान, कनाडा और यूरोप की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, 1700 से अधिक प्रतिनिधि और दस अंतरिक्ष यात्री इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। लेकिन इस भव्य सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी से कोई नहीं आया। आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नासा का प्रतिनिधित्व इस बार इसलिए नहीं हो सका क्योंकि उन्हें यात्रा और भागीदारी के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराए गए। यह सम्मेलन अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और सहयोग पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। इसे वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। ट्रंप सरकार की नई नीतियां बनी बाधा बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद उनकी सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की है। इसके चलते नासा के कई मिशन रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं, जिनमें मंगल ग्रह से सैंपल लेकर आने वाला मिशन भी शामिल है। इन कटौतियों का असर नासा के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर भी पड़ा है। भारत के लिए गौरव का क्षण भारत ने पहली बार GLEX की मेजबानी की है और इस वर्ष इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इतिहास की सबसे अधिक भागीदारी देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री संघ और ISRO द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कद को भी दर्शाता है। एक IAF सदस्य ने बताया कि नासा इस समय अंदरूनी बदलाव के दौर से गुजर रहा है और प्रमुख विभागों के प्रमुख भी अभी स्थायी रूप से नियुक्त नहीं हुए हैं, जिससे इसकी उपस्थिति और भी मुश्किल हो गई। नासा की अनुपस्थिति के बावजूद सम्मेलन सफल भले ही नासा की अनुपस्थिति ने कुछ सवाल खड़े किए हों, लेकिन सम्मेलन में अन्य देशों की सक्रिय भागीदारी और रिकॉर्ड संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बना दिया है। सम्मेलन में अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य, चंद्र और मंगल मिशनों, और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत के गगनयान मिशन और आगामी चंद्रयान-4 मिशन के बारे में जानकारी शेयर की। इसके अलावा, निजी अंतरिक्ष कंपनियों, जैसे कि स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन, के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया।

अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही

नई दिल्ली केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस एयरस्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बात की पुष्टि की है। बुधवार रात भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान और पीओके में कम से कम 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूत हो गए थे। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आतंकियों के कम से कम 12 ऐसे ही ठिकाने अभी बचे हुए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, संकट के समय में हम सरकार के साथ हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो भारत जवाबी हमला करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन की ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं दी जा सकती है। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं ने सशस्त्र बलों को उनकी कार्रवाई के लिए बधाई दी । सर्वदलीय बैठक में क्या बोले राहुल गांधी खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में कहा कि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ ठिकाने पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि वह कुछ गोपनीय जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकती। श्री खरगे ने कहा कि इस तरह की संकट की घड़ी में हम सरकार पर इसके लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं और राष्ट्र हित में सरकार के साथ खड़े हैं। गांधी ने कहा कि हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जैसा कि खरगे जी ने कहा है सरकार ने कहा है कि वह कुछ बातों पर चर्चा नहीं करना चाहती। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजु ने कहा कि राजनीतिक दल जनता की आवाज होते हैं और सभी नेता एक स्वर में बोल रहे हैं और यह सरकार की सफलता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार घटनाक्रम हो रहा है इसीलिए अधिकारियों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसके अलावा इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव , द्रमुक के टी आर बालू , एआईएमआईएम के असद्दुदीन ओवैसी , तृणमुल कांग्रेस के सुदीप्त बंदोपाध्याय , शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह , मार्क्सवादी पार्टी के जॉन ब्रिटास , लोकजन शक्ति पार्टी के चिराग पासवान, बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा और द्रमुक के तिरूचि शिवा ने बैठक में हिस्सा लिया।

बिलासपुर में वारंट तामीली में लापरवाही एसएसपी सख्त, एक महिला आरक्षक समेत चार निलंबित

बिलासपुर पुलिस विभाग में वारंट तामीली में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना तोरवा से जुड़े एक आपराधिक मामले में साक्षियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तीन आरक्षकों और एक महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार, थाना तोरवा में विचाराधीन एक आपराधिक प्रकरण में गवाहों की कोर्ट में उपस्थिति नहीं हो पाई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई. इस मामले की जांच एसएसपी द्वारा कराई गई, जिसमें संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई. निलंबित किए गए पुलिसकर्मी:     आरक्षक राजू सिन्हा (थाना तोरवा)     आरक्षक मनोज कुलमित्र (थाना तोरवा)     आरक्षक रोहित पाटले (थाना तोरवा)     महिला आरक्षक शोभा तिर्की (जिला पुलिस कार्यालय में नियुक्त) इन चारों पर प्रारंभिक जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को समंस और वारंटों की समय पर तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

US की नौकरी ठुकराई, अब DCP सुनीति को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनियुक्ति, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी सुनीति को संयुक्त राष्ट्र (UN) में प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिल गई है। गृह मंत्रालय (MHA) से स्वीकृति मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार आगामी चार दिनों में उन्हें कार्यमुक्त कर देगी। फिलहाल सुनीति नोएडा कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर तैनात हैं। कौन हैं आईपीएस सुनीति? मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली सुनीति का प्रशासनिक सफर अनुशासन, सेवा भाव और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन जल्द ही उन्होंने तकनीकी क्षेत्र को छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गौतम बुद्ध नगर में एएसपी (ग्रामीण) और एसपी (साइबर क्राइम) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। खासकर साइबर अपराध की रोकथाम और तकनीकी जांच में उनकी दक्षता के लिए उन्हें विभाग में एक अलग पहचान मिली। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था में प्रतिनियुक्ति किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान का अवसर होती है। सुनीति की यह नियुक्ति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिए भी गर्व का विषय है। चंडीगढ़ की रहने वाली हैं सुनीति तेज तर्रार आईपीएस सुनीति का जन्म चंडीगढ़ में 18 नवंबर, 1986 को हुआ। वह एक मिडिल क्लास में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता सुरेश कुमार इंजीनियर और मां अनिला गृहिणी हैं। सुनीति ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से शुरू की। पांचवीं क्लास के बाद साइकिल से स्कूल जाना उनके जीवन में एक जरूरी बदलाव लेकर आया। माता-पिता ने सुनीति को हमेशा खुलकर जीने की आजादी दी। उन्होंने वर्ष 2002 में सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन में उत्तीर्ण की। 2013 में तीसरे प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी एक्‍जाम सुनिति ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नोएडा की एक कंपनी में जॉब भी की है। तब उनका सालाना पैकेज 10 लाख रुपये था। सुनीति के लिए नौकरी तो थी, लेकिन सुकून नहीं था। उनके अंदर देश सेवा करने का जुनून सवार हुआ। सुनीति ने कंपनी के अमेरिका भेजे जाने के ऑफर को ठुकराते हुए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और परीक्षा क्रैक कर अपने सपने को साकार कर आईपीएस बन गईं। यूपीएसएसी की परीक्षा में दो बार सुनीति को विफलता हाथ लगी। लेकिन इसके बाद वह अपनी मेहनत और लगन से तीसरे प्रयास में 2013 में सफल हो गईं। पहली पोस्टिंग मथुरा में आईपीएस बनने के बाद सुनीति की पहली पोस्टिंग 2015 में यूपी के मथुरा जिले में हुई। फिर सहारनपुर में एसीपी और और सीओ सिटी के पद पर जिम्मेदारी दी गई। इस बीच उन्होंने बतौर सीओ सिटी सहारनपुर में हत्या व लूट के कई संगीन मामलों को सॉल्व किया। उनके कामों को देखते हुए शासन ने सुनीति को नोएडा में एसपीआरए का पद सौंपा। आईपीएस सुनीति ने अपने निडर अंदाज से 50-50 हजार रुपये के दो कुख्यात इनामी अपराधियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया। जरायम की दुनिया में कुख्यात भाटी गैंग के कई शूटरों को पकड़कर उन्होंने सलाखों के पीछे पहुंचाया। नोएडा के अपराधों पर लगाया लगाम गौतमबुद्ध नगर में क्राइम की स्थितियां अन्य जिलों से अलग थीं। यहां गुटों के बीच आपसी संघर्ष और संगठित अपराध के नेटवर्क का बोलबाला था। सुनीति ने क्राइम के नेटवर्क को तोड़ने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी निपुणता और सफल कार्रवाई के बाद वर्ष 2019 में उनको औरैया एसपी के रूप में जिले की कमान सौंपी गई। आईपीएस सुनीति के लिए उनके जीवन में यह पहला अवसर था जब उन्हें पूरे जिले की कमान उनके हाथ में थी। कानून व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी थी, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया। वकील हत्‍याकांड में एमएलसी को करवाया अरेस्‍ट इस दौरान आईपीएस सुनीति के जीवन में अहम मोड़ आया। मार्च 2020 में नारायणपुर क्षेत्र में एक अधिवक्ता और उनकी बहन की हत्या हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी। सुनीति ने क्राइम स्थल पर पहुंचकर जब मामले की गहराई से जांच पड़ताल की, तो पता चला कि जमीन विवाद के चलते एमएलसी कमलेश पाठक पीछे से इस घटना को अंजाम दिया था। आईपीएस सुनिति ने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और एमएलसी को गिरफ्तार किया। औरैया में हेल्‍पलाइन नंबर जारी करवाया महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आईपीएस अधिकारी ने जनपद में एक हेल्पलाइन भी जारी की। इसके अतिरिक्त, महिला आईपीएस अधिकारी ने औरैया में एक पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने महज 24 घंटे के भीतर दोषी को अरेस्ट कर 30 दिन के अंदर सजा दिलवा दी। यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार इतनी तेजी से सुलझाया गया था। यह उनके काम के प्रति समर्पण का परिचायक था। 2016 में साथी इंजीनियर के साथ किया प्रेम विवाह महिला आईपीएस सुनीति को कठिन मेहनत और देश सेवा के लिए डीजीपी के सिल्वर और गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। अपने कार्यकाल के दौरान 2013 बैच की आईपीएस सुनीति ने औरैया के बाद एसपी अमरोहा, एसपी कानपुर देहात, एसपी एडमिन और डीसीपी गौतमबुद्ध नगर जैसे अन्य पद भी संभाले हैं। आईपीएस सुनीति ने अपने साथी इंजीनियर के साथ वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया। इस निर्णय में परिवार ने उनका साथ दिया। उनके पति एक आईटी कंपनी में प्राइवेट जॉब करते है।

बलूचिस्तान में बलूच बागियों ने उड़ा दिए 12 पाकिस्तानी सैनिक, वीडियो देख दहल जाएंगे जनरल मुनीर

बोलन घाटी पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत का रुख पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक है। भारत ने मंगलवार और बुधवार की रात को जोरदार एयर स्ट्राइक पीओके के अलावा पाकिस्तान तक के अंदर घुसकर की हैं। इन हवाई हमलों में करीब 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। यही नहीं मुरीदके से लेकर बहावलपुर तक लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने ध्वस्त किए गए हैं। इस बीच पाकिस्तान को आंतरिक स्तर पर भी करारा झटका लगा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के विद्रोहियों ने बोलन घाटी में पाकिस्तानी सैनिकों से भरे एक वाहन को रिमोट बम से उड़ा दिया। इस धमाके में वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के बम निरोधी दस्ते को टारगेट करते हुए एक आईईडी ब्लास्ट भी किया, जिसमें दो सैनिक मारे गए हैं। इस तरह बलूचों के हमले में एक दिन के अंदर 14 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। भारत से सीमा पर पैदा हुए तनाव और एयरस्ट्राइक के बीच पाक को यह करारा झटका लगा है। पहला हमला बलोच लिबरेशन आर्मी ने बोलन घाटी के शोरकंड इलाके में किया। इस अटैक में 12 सैनिकों की मौत हो गई,जो एक मिशन पर गाड़ी में सवार होकर जा रहे थे। इनका नेतृत्व स्पेशल ऑपरेशंस कमांडर तारिक इमरान कर रहे थे। इसके अलावा सूबेदार उमर फारूक भी इस हमले में मारे गए हैं। दूसरे बम धमाके में पाक के दो सैनिकों की मौत बीएलए की ओर से किया गया रिमोट बम धमाका इतना ताकतवर था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। दूसरा हमला बीएलए ने कच्छ के कुलाग तिगरान में किया। यहां भी बीएलए विद्रोहियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। यह बुधवार को दोपहर करीब पौने तीन बजे किया गया। इस हमले में बम निरोधक दस्ते के दो जवान मारे गए हैं, जो पाकिस्तानी सेना से ही जुड़े थे। इस तरह पाकिस्तान की सेना को एक दिन के अंदर अपने 14 सैनिक बीएलए से लड़ाई में खोने पड़े हैं। BLA के प्रवक्ता बोले- सेना नहीं, ये चीन के रक्षक हैं इन हमलों के बाद बलोच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जियांद बलोच का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि आप देख सकते हैं कि कैसे पाकिस्तान की सेना बस चीन के बनाए प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा में लगी रहती है। यह पाकिस्तान की सेना नहीं है बल्कि एक बिजनेस ग्रुप है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान की सेना के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेंगे।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान ने की भीषण गोलीबारी, अब तक 13 नागरिकों की मौत

श्रीनगर पाकिस्तान अपने आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बुरी तरह बौखलाया हुआ है. वह बिना किसी उकसावे के एलओसी के पास लगातार गोलीबारी कर रहा है. गुरुवार को उसने लगातार 14वें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया है.  ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च होने के बाद भी पाक ने कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी और अखनूर इलाके में गोलीबारी (Pakistan Ceasefire) की और मोर्टार गोले दागे थे. इस घटना में चार बच्चों और एक सैनिक समेत  कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हुए हैं. ये जानकारी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है. पाकिस्तानी सेना ने यह गोलाबारी भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद की. यह पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी में से एक है. बॉर्डर पर पाकिस्तान की बौखलाहट पाकिस्तान की अंधाधुंध गोलाबारी की वजह से सैकड़ों लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. ऐसा इसलिए क्योंकि इस गोलाबारी में मकान, वाहन और एक गुरुद्वारा समेत विभिन्न इमारतें नष्ट हो गईं. इससे सबसे अधिक प्रभावित पुंछ जिले और राजौरी तथा उत्तरी कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा में सीमावर्ती निवासियों में दहशत उत्पन्न हो गई. अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप दुश्मन पक्ष के कई लोग हताहत हुए हैं, क्योंकि गोलीबारी में शामिल उनकी कई चौकियां नष्ट कर दी गई हैं. दोनों देशों के बीच 25 फरवरी, 2021 को संघर्षविराम समझौते के नवीनीकरण के बाद यह पहली बार है कि इतनी भारी गोलाबारी देखी गई है. पुंछ में 13 लोगों की मौत, मकान-वाहनों को नुकसान अधिकारियों ने बताया कि सभी 13 लोगों की मौत पुंछ जिले में हुई, जबकि 42 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई है.  पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी, गुलपुर, केरनी और यहां तक ​​कि पुंछ जिला मुख्यालय से भी गोलाबारी की सूचना है, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों आवासीय मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है. गोलाबारी में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में हुई मुश्किल  सीमा पार से गोलाबारी बुधवार दोपहर तक तेज रही और बाद में रुक-रुक कर जारी रही, जो अगले कुछ घंटे तक ज़्यादातर पुंछ सेक्टर तक ही सीमित रही. अधिकारियों ने बताया कि भारी गोलाबारी के कारण स्थानीय लोगों को पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. गोलाबारी में पुंछ बस स्टैंड भी क्षतिग्रस्त हो गया और कई बसें क्षतिग्रस्त हो गईं. पुंछ नगर में एक गुरुद्वारा और आस-पास के मकानों पर तोप का गोला गिरने से तीन सिखों की मौत हो गई. पंजाब की कई पार्टियों ने इस घटना की निंदा की है. बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सीमा पार से हुई गोलाबारी में पांच बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए जबकि राजौरी जिले में तीन अन्य घायल हो गए. उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में गोलाबारी के कारण कई घरों में आग लग गई.  

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