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मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल्याणियों का पुनर्विवाह एक पवित्र कार्य सामाजिक समरसता का महाकुंभ मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह : पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव गढ़ाकोटा में 3,219 नव दंपत्ति बंधे परिणय सूत्र में मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।  

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं.” परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.” राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि.” उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें.” नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति.” महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।  

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के साथ जीएसटी कलेक्‍शन रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. इससे पहले सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि अब ये रिकॉर्ड भी टूट चुका है. मार्च 2025 में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया है. जनवरी से मार्च तक कितना रहा जीएसटी कलेक्‍शन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% की ग्रोथ है. फरवरी में जीएसटी कलेक्‍शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.1% की ग्रोथ रही. वहीं जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन रहा, जो 12.3% की ग्रोथ को दिखाता है. जीएसटी कलेक्‍शन में हर महीने बढ़ोतरी की बड़ी वजह देश में घरेलू मांग की बढ़ोतरी रही है. इन जगहों पर ज्‍यादा हुआ जीएसटी कलेक्‍शन लक्षद्वीप में जीएसटी कलेक्‍शन में 287% की ग्रोथ हुई है. राज्यों में, अरुणाचल प्रदेश ने 66% की ग्रोथ दर्ज की है, जबकि मेघालय और नागालैंड में क्रमशः 50% और 42% की वृद्धि हुई है. हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने भी दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है. इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. कब लागू हुआ था जीएसटी? बता दें, देश में  1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर अप्रत्यक्ष कर है. जीएसटी के 4 प्रकार हैं, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. कभी-कभी उपकर भी लगाया जाता है. भारत में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए GST की दरें 4 स्लैब में विभाजित किया गया है, 5% जीएसटी, 12% जीएसटी, 18% जीएसटी और 28% जीएसटी. देश में GST लागू होने के बाद जीएसटी परिषद ने कई बार विभिन्न उत्पादों के लिए जीएसटी दरों में संशोधन किया है.  

आगर मालवा में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया. जिले की मुख्य अनाज मंडी में खुले में रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश में पूरी तरह भीग गया. अचानक बदले मौसम के कारण हुई तेज बारिश से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. बुधवार को तेज धूप और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की बेमौसम बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को नुकसान पहुंचाया था. व्यापारियों ने उम्मीद की थी कि मंगलवार के बाद मौसम साफ रहेगा और वे गेहूं को समेट सकेंगे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने उनकी बाकी उम्मीदें भी तोड़ दीं. मंडी के व्यापारी संजय बंसल, विजय कोठारी और बंटी ने कहा कि लगातार दो दिनों से हुई बारिश ने अनाज को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खुले में रखा गया गेहूं पूरी तरह पानी में भीग चुका है और आशंका है कि इतनी नमी के बाद गेहूं सड़ सकता है, जिससे यह किसी काम का नहीं रहेगा. व्यापारियों ने प्रशासन से इस नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि अनाज मंडी में पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें गेहूं खुले में रखना पड़ा था. अब जब मौसम ने इस तरह धोखा दिया है, तो लाखों रुपये का माल खराब हो गया है. फिलहाल व्यापारी नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं. बेमौसम बारिश ने जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है, वहीं मंडी में खुले में रखा गया अनाज भी इसकी चपेट में आ गया है.  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव सामूहिक विवाह में भी हुए शामिल, 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव के घुमका में विकास कार्यों के भूमिपूजन और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घुमका नगर पंचायत में एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में घुमका में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इनमें विद्युतीकरण के लिए नौ लाख 85 हजार रुपए, सड़क में बोर्ड लगाने के लिए नौ लाख 83 हजार रुपए तथा तीन द्वारों के लिए दस-दस लाख रुपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घुमका में आयोजित सामूहिक विवाह में 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। साव ने सभी जोड़ों को आशीष प्रदान करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल भी दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत यहां 20 जोड़ों का विवाह हो रहा है, 40 परिवारों में खुशियां आ रही हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है, सामूहिक विवाह के साथ ही एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार हर व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार हर परिवार के आवास और इलाज की व्यवस्था के साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से बेटे-बेटियों के विवाह की चिंता भी दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन कल्याणकारी है। सांसद संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है, सामूहिक विवाह में 20 दम्पति परिणय सूत्र में बंधे हैं, उनके जीवन में कृपा और समृद्धि आए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव घुमका नगर पंचायत की सोच के अनुरूप सुंदर शहर की परिकल्पना से समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल ने भी सभी नवदम्पत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इससे गरीब एवं जरूरतमंदों को मदद मिल रही है। राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव और समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया

नैनीताल उत्तराखंड के नैनीताल में बुधवार रात सांप्रदायिक बवाल हो गया। मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना से नाराज स्थानीय लोगों और संगठनों ने देर रात तक कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ के साथ मस्जिद में पथराव किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर उस्मान नाम के आरोपी को हिरासत में ले लिया था। मल्लीताल और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस की भी तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात समुदाय विशेष के एक व्यक्ति पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगा। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर लोगों से मारपीट कर दी। मल्लीताल क्षेत्र की मस्जिद पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। आरोपी को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले आई। ऐसे में उग्र लोगों ओर कई संगठनों ने देर रात कोतवाली पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। नैनीताल में तनावपूर्ण माहौल के बीच देररात तक पुलिस और भीड़ के बीच आरोपी को लेकर खींचतान चलती रही। हंगामे के दौरान इलाके में अफरा तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। लोग घबराकर अपने घरों में दुबक गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद मल्लीताल और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने का निर्णय लिया। पुलिस लाइन से तुरंत बल मंगाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और गश्त बढ़ा दी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने को निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। प्रशासन किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को रोकने के लिए तत्पर है। सैकड़ों की भीड़ कोतवाली में जमा रही घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग कोतवाली में इकट्ठा हो गए। लोग रात 12:30 बजे के बाद तक वहां मौजूद रहे और पुलिस अधिकारियों से किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को सख्त सजा देने की मांग करते रहे। भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी वर्गों के लोग शामिल थे। सभी लोगों का एक ही सवाल था बेटियां कब सुरक्षित होंगी? कोतवाली परिसर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने कहा, ऐसी घटनाओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जनता, प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में निकाला जुलूस नैनीताल में सामने आई दुष्कर्म की घटना के विरोध में कई स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके लिए शहर में रात को जुलूस निकालकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कहा, यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन होगा। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। संगठनों ने प्रशासन को चेताया कि किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी इस विरोध में देखी गई। संगठनों का कहना था कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कोतवाली पहुंचा। पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की हुई घटना के विरोध में एकत्र हुई भीड़ जब कोतवाली पहुंची, तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने संयम बरतते हुए हालात को बिगड़ने से रोका। कुछ युवकों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, जिसे समय रहते नियंत्रण में लिया गया। कुछ स्थानों पर हंगामा और नारेबाजी भी हुई। कोतवाली में तैनात अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया, ताकि भीड़ को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सके। पुलिस ने किसी भी प्रकार की हिंसा से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि मल्लीताल क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी उस्मान को हिरासत में ले लिया गया है। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई पुलिस कर रही है। लोग देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उनके साथ गाली-गलौच की गई। रेस्टोरेंट के शीशे और काउंटर तक लाठी-डंडों से तोड़ दिए गए। सामान सड़क पर फेंक दिया गया। गाड़ीपड़ाव क्षेत्र में मारपीट के दौरान एकमात्र पुलिसकर्मी पिट रहे समुदाय विशेष के युवक को बचाने आया। लेकिन उसे भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। युवक के सिर पर लोहे की बेंच आदि से हमला किया गया।

पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को रसातल तक धकेल दिया है. इस बीच भारत की ओर से होने वाली संभावित सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान अलर्ट पर है. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान के नैविगेशन सिस्टम पर बड़ी चोट की है. सूत्रों का कहना है कि भारत ने पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा इस्तेमाल में लाए जा रहे ग्लोबल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के सिग्नल को बाधित करने के लिए एडवांस्ड जैमिंग सिस्टम की तैनाती की है. इन्हें पश्चिमी सीमा पर तैनात किया गया है. भारत के जैमिंग सिस्टम से जीपीएस, GLONASS और बैदू सहित सैटेलाइट आधारित नैविगेशन प्लेटफॉर्म बाधित होंगे. इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा किया जा रहा है. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने का फैसला किया. पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा. बता दें कि जैमिंग सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का हिस्सा है, जिसे रेडियो फ्रीक्वेंसी सिगनलों को बाधित करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इससे कई बार गलत सिग्नल भेजकर दुश्मनों के उपकरणों को भ्रमित भी किया जाता है. भारत द्वारा तैनात किए गए ये सिस्टम हाई फ्रीक्वेंसी जैमिंग सिस्टम हैं, जो विशेष रूप से सैन्य अभियानों में उपयोग होने वाले GNSS सिग्नलों को लक्षित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन के बाद LOC के कई सेक्टरों में गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारतीय सेना ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशनल अलर्ट जारी कर दिया गया है. दरअसल, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार एक्शन मोड में है और पाकिस्तान पर सख्त फैसले ले रही है. इस बीच, नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान पिछले सात दिन से लगातार सीजफायर तोड़ रहा है और हल्के हथियारों से रातभर फायरिंग कर रहा है. लेकिन बुधवार को पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. उसने अब जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग की है. रक्षा सूत्रों का कहना है कि मंगलवार सुबह तक पाकिस्तानी सेना सिर्फ नियंत्रण रेखा पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी, लेकिन अब उसने बुधवार रात जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की है, जिसके बाद पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है.  

झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा : शिवराज सिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को किया संबोधित —————————————————- -जातिगत जनगणना सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए -राहुल गांधी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लगानी चाहिए -झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है -कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है -कांग्रेस का नकली चेहरा सामने आता है, असली सूरत छिपी रहती है -सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाई -शिवराज सिंह चौहान भोपाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर कहा कि, ये सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए की जाएगी। मैं जातिगत जनगणना कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। ये जाति की राजनीति नहीं है, सुशासन की आधारभूत नींव है, समाज के हर वर्ग को न्याय देने का प्रयास है, जो पूरे पारदर्शी तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि, राष्ट्र और समाज के व्यापक हित में जातिगत जनगणना का उपयोग किया जाएगा। वहीं इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तो काम नहीं करती है, और जब विपक्ष में आती है तो जातिगत जनगणना जैसी मांग करती है। हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और हैं।   झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, आज कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूँ कि, वर्षों तक देश में कांग्रेस की सरकारें रही, इतने सालों तक जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? उनके पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा था कि, वह जाति के आधार पर आरक्षण के भी विरोधी हैं। पत्र रिकार्ड में मौजूद हैं, उन्होंने हमेशा जाति और जातिगत जनगणना का विरोध किया। काका कालेलकर की रिपोर्ट किसने दबाई थी। कांग्रेस ने हमेशा जातिगत जनगणना का विरोध किया। झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है। कर्जा माफ करेंगे, बिजली बिल माफ करेंगे और बेरोजगारी भत्ता ऐसे कई झूठ कांग्रेस ने हमेशा से बोले हैं।    राहुल गांधी को संविधान पढ़ने की ट्यूशन लेनी चाहिए केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि, आज वो कह रहे हैं कि, तेलंगाना में हुआ है। मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि, तेलंगाना में जातिगत जनगणना नहीं हुई है, सर्वे हुआ है। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी जी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस आज विज़न की बात करती हैं, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है। विभाजनकारी नीतियाँ रहीं हैं, समाज को तोड़ने का रहा है, लेकिन हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसको मूल मंत्र मानकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राजनीतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने यह फैसला किया है कि अब जनगणना के साथ, जातियों की गणना भी होगी। यह फैसला ऐतिहासिक है, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जातिगत जनगणना पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। समाज के सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए देश के हित में होगी। इंदिरा गांधी ने जातिगत जनगणना का विरोध किया केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1980 के दशक में जब मण्डल कमीशन आया तब इंदिरा गांधी ने ही विरोध किया था। वीपी मण्डल की जातिगत जनगणना की मांग को तत्कालीन गृहमंत्री ज्ञानी ज़ेल सिंह ने खारिज किया था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ, स्वर्गीय राजीव गांधी का रुख क्या था, उस समय जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? फिर श्रीमती सोनिया गांधी पॉवर में आईं, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनकी सरकार आई, तब उन्होंने पार्लियामेंट में आश्वस्त किया था कि, वो जातिगत जनगणना पर कैबिनेट में विचार करेंगे। मंत्रीमण्डल का एक समूह बना “ग्रुप ऑफ मिनिस्टर“ तब भी जातिगत जनगणना नहीं हुई बस एक सर्वे ही हुआ। मैं पूछना चाहता हूं कि, क्यों श्रीमती सोनिया गांधी ने, क्यों स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना नहीं कारवाई और उस समय सर्वे के एसईसीसी के जो आँकड़े थे, उसमें भी हजारों त्रुटियाँ थीं। वो लगभग अस्वीकार कर दिया गया था, तब कांग्रेस कहाँ थी। पत्रकार वार्ता के पूर्व पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा के दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के शिवपुरी, इंदौर, धार, हरदा, छिंदवाड़ा और पन्ना जिलों में हुए कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6 जिलों के सामूहिक विवाह सम्मेलनों को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुए कार्यक्रम में परिणय सूत्र में बंधे 2205 जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के शिवपुरी, इंदौर, धार, हरदा, छिंदवाड़ा और पन्ना जिलों में हुए कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य जन्म वर्षों के पुण्य का फल है और सनातन संस्कृति में प्रत्येक व्यक्ति को जीवनकाल में 16 संस्कारों से होकर गुजरना होता है। इसमें विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। अग्नि को साक्षी मानकर 7 फेरों के माध्यम से 7 जन्मों का संकल्प लिया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय तृतीया पर 6 जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनों में शामिल नव दंपतियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल होकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अक्षय तृतीया है और इस दिन जो मिलता है वो हमेशा बढ़ता ही जाता है। जिसका कभी क्षय नहीं हो, वो अक्षय है। उन्होंने छिंदवाड़ा में 929, पन्ना में 915, आनंदधाम शिवपुरी में 80, इंदौर में 121, पंधानिया जिला धार में 80 एवं ग्राम नया गांव जिला हरदा में 80 नव दंपतियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विवाह बंधन में बंध रहे सभी जोड़ों के उज्जवल, सुखद-स्वस्थ जीवन और उनके दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष बजट में बेटी-बहनों के कल्याण के लिए 27 हजार 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश के महिला सशक्तिकरण के मॉडल का कई राज्य अनुसरण कर रहे हैं। राज्य सरकार औद्योगिक विकास और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण और कृषकों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं। राज्य सरकार भी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत ग्राम परिच्छा पौहरी, जिला शिवपुरी, ग्राम झलारिया, तह. सांवेर, जिला इन्दौर, ग्राम पंधानिया, धरमपुरी, जिला धार, ग्राम नयागांव तह. टिमरनी, जिला हरदा, इनर ग्राउंड (डी.डी.सी कॉलेज) नयापुर रोड, छिंदवाड़ा और ग्राम पंचायत बनौली, कुआंताल धाम, पवई, जिला पन्ना में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनो में उज्जैन से वर्चुअली शामिल हुऐ। एनआईसी कक्ष उज्जैन में विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा मौजूद थे।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल कॉन्क्लेव के निवेशकों को MP में प्लॉट लेना महंगा हो गया

भोपाल  मध्यप्रदेश में मई में निवेशक और उद्योगपति औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट के लिए आवेदन कर सकेंगे। अब नई कलेक्टर गाइडलाइन के रेट लागू होने के बाद प्लॉट 30 से 50% तक महंगे हो गए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल कॉन्क्लेव में आए निवेशकों को भी प्लॉट लेना महंगा हो गया है। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने अपने औद्योगिक पार्कों में 319 प्लॉट निकाले हैं। एमएसएमई पोर्टल के जरिए प्लॉट आवंटन प्रक्रिया एक मई से शुरू होने जा रही है। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्ययम उद्यमों के लिए लगभग 1100 प्लॉट उपलब्ध होंगे। एमएसएमई में प्रक्रिया में बदलाव के चलते पिछले करीब सात माह से प्लॉट(Property Rate) आवंटन बंद था। इस संबंध में उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि भूमि आवंटन के लिए पोर्टल बनाया गया है। इसी पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। ऑनलाइन ही प्रस्ताव मंगाकर ई-ऑक्शन के माध्यम से प्लॉट आवंटन किया जाएगा। अब पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्लॉट आवंटन बंद कर दिया गया है। प्लॉट्स की नई दरें जारी कर दी गई हैं। इसी के अनुसार आवंटन होगा। पीथमपुर में जमीन सबसे ज्यादा महंगी नई कलेक्टर गाइडलाइन में प्रदेश में जमीन के औसतन रेट 30% तक बढ़े हैं। कुछ स्थानों पर 50% तक। एमपीआइडीसी के इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन, देवास, जबलपुर, ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में रेट ज्यादा बढ़े हैं। पीथमपुर में 50% तक रेट बढ़े हैं। जीआइएस, रीजनल कॉन्क्लेव में इन्हीं क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव ज्यादा आए हैं। निवेशक यदि अब जमीन आवंटन कराएंगे तो 50% ज्यादा रेट देना होगा। एमएसएमई के औद्योगिक क्षेत्रों में भी मक्सी, उज्जैन, ग्वालियर, सुभाषनगर सागर, भोपाल के गोविंदपुरा आदि क्षेत्रों मेंरेट ज्यादा बढ़े हैं। एमपीआइडीसी के प्लॉट 15 जिलों में एमपीआइडीसी ने धार, झाबुआ, भिण्ड, मुरैना, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, रतलाम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, राजगढ़, विदिशा, कटनी, मंडला और जबलपुर जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 319 प्लॉट निकाले हैं। एमपीआइडीसी से प्लॉट आवंटन के लिए 9 मई को ऑनलाइन ऑक्शन होगा।

मई में 11 दिन बैंकों में रहेगा अवकाश, देख लीजिए पूरी लिस्ट

नई दिल्ली आज  गुरुवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई 2025 को बैंक देश के ज्यादतर राज्यों में बंद रहेंगे। यानी ग्राहक गुरुवार को बैंक जाकर अपना काम नहीं निपटा सकते।  यहां जानें RBI ने कल गुरुवार 1 मई 2025 की छुट्टी क्यों दी है और किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई को क्यों बंद रहेंगे बैंक? गुरुवार 1 मई को बैंक महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, कोलकाता, गोवा, आंधप्रदेश जैसे तमाम राज्यों में बंद रहेंगे। महाराष्ट्र में बैंक महाराष्ट दिवस के कारण बैंक बंद हैं। वहीं, बाकि सभी राज्यों में बैंक लेबर डे के कारण नहीं खुलेंगे। यहां बैंक लेबर डे के कारण बंद हैं। 1 मई को बंद रहेंगे बैंक 1 मई (गुरुवार) – मजदूर दिवस / महाराष्ट्र दिवस: बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, गुवाहाटी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, इंफाल, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। मई में छुट्टियों की पूरी लिस्ट 4 मई (रविवार) – रविवार 9 मई (शुक्रवार) – रवींद्रनाथ टैगोर जयंती: कोलकाता में बैंक बंद रहेंगे। 10 मई (शनिवार) – मई महीने का दूसरा शनिवार 11 मई (रविवार) – रविवार 12 मई (सोमवार) – बुद्ध पूर्णिमा: अगरतला, आइज़ोल, बेलापुर, भोपाल, देहरादून, ईटानगर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, शिमला और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 16 मई (शुक्रवार) – राज्य दिवस: गंगटोक में बैंक अवकाश रहेगा। 18 मई (रविवार) – रविवार 24 मई (शनिवार) – चौथा शनिवार 25 मई (रविवार) -रविवार 26 मई (सोमवार) – काजी नजरुल इस्लाम की जयंती: अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 29 मई (गुरुवार) – महाराणा प्रताप जयंती: शिमला में बैंक बंद रहेंगे। क्या ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस मिलेंगी? हालांकि बैंक शाखाएं इन छुट्टियों पर बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, IMPS, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। ग्राहक फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अन्य ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बैंक शाखा से जुड़े काम समय से पहले निपटा लें, ताकि छुट्टियों के दौरान कोई असुविधा न हो। 46 दिन तक स्कूलों में छूट्टी मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों(School Holiday) में गर्मी की छु‌ट्टी की घोषणा कर दी है। इस बीच छात्रों को गर्मी से राहत मिलेगी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन छुट्टियों की घोषणा हुई है। 1 मई से लेकर 15 जून तक स्टूडेंट्स को 46 दिन की छुट्टी मिलने वाली है। जबकि शिक्षकों को एक महीने की छुट्टी मिलेगी

योग गुरु बाबा रामदेव ने सीएम डॉ मोहन यादव से की मुलाकात, योग गुरु ने सिंहस्थ 2028 के लिए दिया आशीर्वाद

उज्जैन  योग गुरु बाबा रामदेव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में उत्साहवर्धन किया और सफलता की कामना की। इस पर राज्य के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव ने बाबा रामदेव का आभार व्यक्त किया। योग गुरु बाबा रामदेव आज यानी के बुधवार को उज्जैन पहुंचे। जहां बाबा ने महाकाल मंदिर पहुंचकर भस्म आरती में शामिल हुए। बता दें कि, इस दौरान रामदेव ने नंदी हॉल से भस्म आरती का दर्शन किया और पूरे समय ‘जय श्री महाकाल’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। वहीं आरती के बाद योग गुरु ने मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। बाबा रामदेव ने सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की इसके बाद योग गुरु बाबा रामदेव ने राज्य के सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। वहीं मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेवा का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही शाल, श्री फल और भगवान महाकाल की तस्वीर भी भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन के स्थानीय विधायक अनिल जैन भी मौजूद रहे। वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में उत्साहवर्धन किया और सफलता की कामना की। इस पर राज्य के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव ने बाबा रामदेव का आभार व्यक्त किया।

MP के नाम हुई बड़ी उपलब्धि, UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय लिस्ट में शामिल हुईं ये तीन विरासत

भोपाल मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों को सफलता प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल पर यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन (यूनेस्को) की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी ने मध्य प्रदेश की तीन विरासतों को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में सम्मिलित किया है। इन विरासतों में भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा हैं। प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि आगामी वर्षों में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की अंतर्राष्ट्रीय सूची में इन्हें सम्मिलित किया जा सकता है। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हम मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासतों को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। सूची में नामांकित होने से यह अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेंगे। अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में वे परंपराएं, प्रथाएं, ज्ञान और कौशल शामिल हैं, जो हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले हैं और भविष्य की पीढ़ियों को दिए गए हैं। मूर्त विरासतों में स्मारक या भौतिक कलाकृतियां शामिल होती हैं, वहीं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत एक संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्तियों को संदर्भित करती है। इसमें मौखिक परंपराएं, कलाएंं, सामाजिक अनुष्ठान, उत्सव के कार्यक्रम, प्रकृति के बारे में ज्ञान और पारंपरिक शिल्प शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने किया था आवेदन भारत के किसी भी हिस्से से किसी भी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता के लिए आवेदन यूनेस्को की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी को प्रस्तुत किए जाते हैं। यह एजेंसी राष्ट्रीय सूची को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में शामिल करने के लिए मध्य प्रदेश के भगोरिया आदिवासी नृत्य, नर्मदा परिक्रमा और गोंड आदिवासी चित्रकला इंटेजिबल कल्चरल हेरीटेज (आईसीएच) को नामांकित करने के लिए आवेदन विगत वर्ष 2024 में किया था। पाटनगढ़ की गोंड आदिवसी चित्रकला, कला का ऐसा रूप से जो स्थानीय गोंड जनजाति द्वारा 1400 वर्षों से अधिक समय से सहेजी गई है। यह कला प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। दीवार के भित्त चित्र हों या जीवन शैली के उत्पाद, इन सभी को जीवंत रंगों, जटिल रचनाओं और मनमोहक अभिव्यक्ति के माध्यम से तैयार किया जाता है। चूंकि यह समुदाय प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनसे प्रेरणा लेकर वे इसे चित्रकला में प्रदर्शित भी करते हैं। परंपरागत रूप से यह कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचती हैं। इन चित्रकलाओं में जहां पेड़–पौधों को कैनवास पर उकेरा जाता है वहीं पशुओं के साथ–साथ आकाश, सूर्य, चंद्रमा आदि का भी सुंदर चित्रण देखने को मिलता है। आकार और प्रयोग में लाई गई जटिलताओं के आधार पर इन्हें बनाने में 2 दिन से लेकर 2 महीने तक का समय लगता है। कई बार बड़ी कलाकृतियों को समूहों में तैयार किया जाता है। नर्मदा परिक्रमा यह एक पवित्र आध्यात्मिक तीर्थयात्रा है, जिसमें देवी के रूप में पूजनीय मां नर्मदा नदी के चारों ओर 3500 किलोमीटर नंगे पैर परिक्रमा की जाती है। यह यात्रा भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। यह ऐतिहासिक घाटों, मंदिरों और पवित्र शहरों से होकर गुजरती है। नर्मदा परिक्रमा की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसका वर्णन महाकाव्यों और प्राचीन पवित्र ग्रंथों में मिलता है। यह परिक्रमा छह से आठ महीनों की अवधि में की जाती है। नर्मदा का तट ध्यान और तपस्या की भूमि भी रहा है, जिसे सांस्कृतिक रूप से कई महान ऋषियों और संतों की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। श्रद्धालु चलते समय लगातार मां नर्मदा की स्तुति करते हुए “नर्मदे हर!” का जाप करते हैं। यात्रा अमरकंटक स्थित मां नर्मदा के उद्गम से शुरू होकर पुन: उस बिंदु पर वापस आने के बाद पूरी मानी जाती है। तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद, भक्तों को ओंकारेश्वर मंदिर जाना होता है जो भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। भगोरिया आदिवासी नृत्य भगोरिया आदिवासी नृत्य और महोत्सव भील जनजाति के बीच खुशी, एकता और परंपरा का एक जीवंत उत्सव है। भगोरिया आदिवासी नृत्य भील समुदाय के भगोरिया त्यौहार का एक अभिन्न अंग है, जो होली के त्यौहार से सात दिन पहले मनाया जाता है। यह त्यौहार पूरे समुदाय व रिश्तेदारों से मिलने के साथ–साथ आनंद से सराबोर होने का अवसर होता है। यह त्यौहार फसल कटाई के मौसम का भी प्रतीक है। भील समुदाय के साथ-साथ भीलाला और पटेलिया जैसे स्थानीय आदिवासी समुदाय भी यह त्यौहार मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह त्यौहार भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने की परंपरा के रूप में शुरू हुआ था। गांव भगोर में भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित एक मंदिर भी मौजूद है (ऐसा माना जाता है कि यह नाम शिव और पार्वती के लिए एक और नाम भाव-गौरी से लिया गया है)। इस दौरान सभी गांवों के निवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पैदल आते हैं। पुरुष धोती और सिर पर साफा पहनते हैं। वे अपने पारंपरिक हथियार और कमर में घंटी की बेल्ट भी पहनते हैं। महिलाएं दुपट्टे के साथ घाघरा और पोल्की पहनती हैं। जनजातीय पुरुष और महिलाएं चांदी के पारंपरिक आभूषण पहनते हैं। समूह पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों जैसे मांदर, कुंडी, पीतल की थाली और बांसुरी का वादन करते हुए समूह नृत्य करते हैं।

मध्य प्रदेश में कहीं भीषण गर्मी का कहर जारी, 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती

भोपाल मध्यप्रदेश के लगभग 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी शामिल हैं। इसका कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का एक्टिव होना है। हालांकि, इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई को प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। खासकर उज्जैन संभाग में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इधर, नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच-मंदसौर में लू का अलर्ट है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पिछले दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। पूर्वी हिस्से में मंगलवार को भी बारिश हुई। बुधवार से कुछ जिलों में ही असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान और गुजरात से जुड़े जिलों में हीट वेव यानी, लू चल सकती है। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 3 दिन तक रह सकता है। पिछले 24 घंटे कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं बाकी हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में भी तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। धूप ने तोड़े 5 साल के रिकॉर्ड, गर्मी से सड़कों पर पसरा सन्नाटा  इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। यह दिन न केवल अप्रैल का, बल्कि पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज धूप है। गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं और 11 बजे बाद सड़कें सूनी हो गई हैं। पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा   पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जिलों में मौसम बदला, बारिश भी हुई इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। सिवनी, दमोह, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली। वहीं, रीवा, कटनी, शहडोल, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, मंडला, रायसेन, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में भी मौसम बदला रहा। मंडला में ओले भी गिरे। दूसरी ओर, 8 शहर ऐसे हैं, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से ऐसा मौसम है। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। हालांकि, गर्मी का असर बरकरार रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री, इंदौर में 42.6 डिग्री, ग्वालियर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 43 डिग्री और जबलपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया। कहीं लू तो कहीं बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, सीधी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर रहेगा. मंगलवार को दमोह, सिवनी, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली, जबकि मंडला में ओले गिरे. वहीं भोपाल, सीहोर, रीवा, सतना, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में मौसम का मिजाज बदला रहा. मौसम विभाग के अनुसार,  2 और 3 मई को मध्य प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने के आसार हैं. बीते दिन  शाजापुर में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में  तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस, धार-रायसेन-नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा सागर और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा और दमोह में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस, खरगोन में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 42.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में 40 … Read more

भारत को Sweden से मिला Anti-armour हथियार, पाकिस्तान के लिए बनेगा काल

नई दिल्ली/ स्टॉकहोम  पहलगाम आतंकी हमले के बीच आशंका है कि भारत और पाकिस्तान युद्ध में फंस सकते हैं। इन सबके बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सशस्त्र बलों को AT4 Anti-Armor वीपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है। साब इंडिया ने कहा है कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में SAAB इंडिया ने कहा है कि “हमें भारतीय सशस्त्र बलों को हमारे AT4 Anti-Armor हथियार प्रणाली की सफल डिलीवरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। AT4 कम दूरी की लड़ाई के लिए एक भरोसेमंद सिंगल-शॉट समाधान के रूप में भारत के शस्त्रागार में शामिल हो गया है। भारत ने AT4CS AST वैरिएंट खरीदा है, जिसमें इमारतों, दुश्मनों के बंकरों और शहरी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।” भारतीय सेना AT4 Anti-Armor से शहरी युद्ध के अलावा पहाड़ी इलाकों में बंकर बनाकर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट हमला कर सकती है। इसके अलावा इसे काफी कम स्थान से दागा जा सकता है। कई बार जवानों के पास हथियार चलाने के लिए काफी कम स्थान होता है या फिर इमारतों में छिपकर भी इसे फायर किया जा सकता है। भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए इसे स्वीडिश कंपनी साब से खरीदा है और इस वक्त, जब पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ है, AT4 Anti-Armor भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा। AT4 Anti-Armor सिस्टम की खासियत AT4 Anti-Armor को जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं। ये एक मानव-पोर्टेबल हथियार है, जिसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है। ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाते होते हैं। ये एक रिकॉइललेस हथियार है, जिसे एक ही सैनिक ऑपरेट कर सकते हैं। इसकी लंबाई सिर्फ एक मीटर होती है और इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है। एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है। इसमें प्री लोडेड हीट वारहेड होता है, जो टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पैदल सेना के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एक सैनिक छिपकर आराम से किसी टैंक को उड़ा सकता है। इसका इस्तेमाल काफी आसान होता है और फायर करने के लिए इसे कुछ ही सेकंड्स में तैयार किया जा सकता है। बख्तरबंद गाड़ियों, फोर्टिफाइड पोजिशन्स, और लो-फ्लाईंग हेलीकॉप्टरों के खिलाफ ये काफी असरदार है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांसीसी सैनिक करते हैं। यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। रूसी टैंकों को उड़ाने के लिए इसका जमकर इस्तेमाल किया गया है। हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है, लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किए गए कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार सिस्टम का इस्तेमाल करती आ रही है। इसका उत्पादन भारत में भारत डायनेमिक्स करती है। AT4 में कार्ल-गुस्ताफ वाली सारी खूबियां हैं। AT4-CS एक हल्का, पोर्टेबल, पूरी तरह से डिस्पोजेबल एंटी-टैंक हथियार है जिसे भारतीय सेना और वायुसेना ने 2022 में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत चुना था। पता चला है कि करीब 2,000 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था। इसका वजन करीब 9 किलोग्राम है और इसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ का इस्तेमाल भारतीय सेना द्वारा 1976 से किया जा रहा है और यह कंधे से दागा जाने वाला मुख्य हथियार रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना कार्ल गुस्ताफ़ के लगभग सात अलग-अलग प्रकारों का इस्तेमाल कर रही है। कार्ल गुस्ताफ़ के गोला-बारूद की रेंज अलग-अलग है, जिसकी अधिकतम रेंज 1,500 मीटर तक है। एंटी-टैंक गोला-बारूद की रेंज 500 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ के पुराने संस्करण और पुराने गोला-बारूद का निर्माण भारत में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और अब नए बने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है।

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