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पहलगाम पर कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा-आतंकियों के पास धर्म पूछने का समय नहीं होता

नागपुर महाराष्ट्र में कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान दिया है। यूपी, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा समेत कई राज्यों के मासूम पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारने के मामले में विजय वडेट्टीवार का कहना है कि ऐसी बातें गलत हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि आखिर आतंकियों के पास इतना समय ही कहां होता है कि वे किसी के कान में जाकर पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा नहीं हुआ है। आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। इस मामले में जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यही देशवासियों की भावना है। इसकी बजाय घटना को कोई और रंग या मोड़ देना गलत होगा। विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘पहलगाम की जिम्मेदारी तो सरकार को लेनी चाहिए। वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी। आखिर 200 किलोमीटर तक आतंकी कैसे आ जाते हैं। क्या यह आपका इटेंलिजेंस फेल नहीं है।’ वडेट्टीवार ने कहा कि इस गलती को मानने की बजाय आपका फोकस इस बात पर है कि धर्म पूछकर मारा गया। क्या आतंकियों के पास इतना समय होता है कि वह लोगों के पास जाएं और कान में पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन होना चाहिए। आखिर इतनी सुरक्षा चूक कैसे हो गई। इस पर विचार करना चाहिए, लेकिन इस मामले में दूसरी तरफ ध्यान ले जाना गलत है। रॉबर्ट वाड्रा की बयान पर आई सफाई, बोले- गलत समझा गया बता दें कि इस मामले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा भी विवादित बोल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह हमला इसलिए हुआ है क्योंकि मुसलमानों में यह भावना है कि उन्हें कमजोर किया जा रहा है। वह ऐसा महसूस करते हैं और इसी के चलते हमला हुआ है। रॉबर्ट वाड्रा की इस बात को लेकर खूब विवाद हुआ तो अंत में वह पलट गए। अब रॉबर्ट वाड्रा का कहना है कि उनके बयान को गलत ढंग से समझा गया था। मेरा कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ ऐक्शन लेना चाहिए और वहां यदि सुरक्षा पुख्ता होती तो इस तरह का अटैक हिंदू समाज पर नहीं होता।

एमपी में अगले चार दिन बारिश ओले का अलर्ट, कई जिलों में गर्मी करेगी परेशान, अगले 4 दिन रहेगा असर

भोपाल मध्य प्रदेश (MP) के मौसम  में बदलाव देखने को मिल रहा है अलग-अलग स्थान पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर (Arabian Sea) में नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को जबलपुर समेत 11 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है, जबकि इंदौर, भोपाल और उज्जैन में गर्मी का असर रहेगा। अगले 4 दिन तक ओले, बारिश और आंधी का दौर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में लू का भी अलर्ट है। इससे पहले रविवार को बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखा गया। पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर चला। छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में शाम को बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। वहीं, पश्चिमी हिस्से में गर्मी का असर रहा। सोमवार को जिन जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और कटनी शामिल हैं। सिंगरौली, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास में गरज-चमक और बूंदाबांदी हो सकती है। 29-30 अप्रैल और 1 मई को भी बारिश का दौर बना रहेगा, लेकिन लू और तेज गर्मी का असर भी देखने को मिल सकता है। ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन में लू और रात में बारिश का अलर्ट है। नौगांव में 10 डिग्री लुढ़का पारा, कई जिलों में बारिश हुई इससे पहले रविवार को बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखा गया। पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर चला। छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में शाम को बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। वहीं, पश्चिमी हिस्से में गर्मी का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के नौगांव में एक ही दिन में 10 डिग्री पारा लुढ़क गया। यहां शनिवार को तापमान 43 डिग्री था, जो रविवार को 33 डिग्री पर आ गया। छिंदवाड़ा में 4 डिग्री, खजुराहो में 4.2 डिग्री, सीधी में 6 डिग्री, सिवनी में 2 डिग्री, मलाजखंड में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। रतलाम सबसे गर्म रहा, पारा 43.4 डिग्री रहा प्रदेश में रविवार को रतलाम सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, गुना में 41.6 डिग्री, धार-खरगोन में 41.2 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 40.2 डिग्री और शिवपुरी में पारा 40 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.2 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री रहा। बाकी जिलों में तापमान 40 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। सबसे ठंडा सीधी रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री रहा। एक दिन में 10 डिग्री लुढ़का पारा मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के नौगांव में एक ही दिन में 10 डिग्री पारा लुढ़क गया। यहां शनिवार को तापमान 43 डिग्री था, जो रविवार को 33 डिग्री पर आ गया। छिंदवाड़ा में 4 डिग्री, खजुराहो में 4.2 डिग्री, सीधी में 6 डिग्री, सिवनी में 2 डिग्री, मलाजखंड में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में 43 डिग्री पार पारा प्रदेश में रविवार को रतलाम सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, गुना में 41.6 डिग्री, धार-खरगोन में 41.2 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 40.2 डिग्री और शिवपुरी में पारा 40 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.2 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री रहा। बाकी जिलों में तापमान 40 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। सबसे ठंडा सीधी रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री रहा। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी बना रहेगा। अगले चार दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम 28 अप्रैल: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट,जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। सिंगरौली, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास में गरज-चमक का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन में बादल छा सकते हैं, पर गर्मी का असर बना रहेगा। 29 अप्रैल: ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर,गुना, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, देवास, खरगोन और खंडवा में लू चलने का अलर्ट है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 30 अप्रैल: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया,भिंड में दिन में लू चलेगी, जबकि रात में हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, गुना, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा एवं बुरहानपुर में लू चल सकती है। रीवा, मऊगंज, सीधी और अनूपपुर में बूंदाबांदी के आसार है। 1 मई: इंदौर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन,अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर में लू का अलर्ट है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया में दिन में लू और रात में बारिश हो सकती है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, रायसेन, जबलपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मैहर और सतना में बारिश का अलर्ट है।

हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था

इंदौर पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर गोली मारने की घटना ने देशभर के हिंदुओं को झंकझोर दिया है। लोग उससे उबरे भी नहीं थे कि इंदौर से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इसमें एक हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने सिर्फ इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था। ट्रेन के उसी जनरल कोच में सफर कर रहे वर्ग विशेष के 10 से 15 लोगों ने उसे पहलगाम वाली रील्स देखने से रोका। छात्र ने उनसे कहा कि इस रील्स में क्या गलत है। तो उन्होंने गाली–गलौज करते हुए एक साथ उसपर हमला कर दिया। वे यहीं नहीं रुके आराेपियों ने उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। घटना रविवार अलसुबह की है। इस मामले में छात्र अपनी शिकायत लेकर रेलवे पुलिस के पास पहुंचा तो वहां पर उससे केवल आवेदन ले लिया गया और मेडिकल करवाकर अगले दिन आने का कह दिया गया। इसके बाद छात्र 20 घंटे से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भटक रहा है, लेकिन रेलवे पुलिस ने अभी तक इतने गंभीर मामले में एफआईआर तक नहीं की है। पहलगाम हमले की रील्स देखने पर भड़के इंदौर में पढ़ने वाले एक छात्र को ट्रेन में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देखना भारी पड़ गया। शुजालपुर निवासी 23 वर्षीय छात्र रविवार अलसुबह लगभग 4 बजे भोपाल–इंदौर पैसेंजर ट्रेन से इंदौर आ रहा था। उसने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने के दौरान वह जिस सीट पर बैठा था उसके आसपास काफी बड़ी संख्या में वर्ग विशेष के लोग बैठे थे। इस दौरान जब ट्रेन लक्ष्मीबाईनगर से इंदौर के बीच पहुंची तो वह अपने मोबाइल में कुछ रील्स देख रहा था। इसी दौरान कुछ रील्स पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित भी आ गईं तो वह उन्हें भी देखने लगा। यह सब उसके आसपास बैठे वर्ग विशेष के लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने छात्र को रील्स देखने से मना किया। जब युवक ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इन रील्स में क्या गलत है तो उनमें से एक लड़के ने कहा कि हमें पता है तुम यह हमारे कारण देख रहे हो। युवक ने कहा कि यह तो देशभक्ति की बात है, इसमें क्या गलत है तो वे बोले कि अपना ये देश प्रेम ट्रेन के बाहर दिखाना। इसके बाद उन्होंने युवक के साथ गाली–गलौज करते हुए हमला कर दिया। मुंह और हाथ पर मारे घूसे से निकल आया खून छात्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस दौरान उसकी वर्ग विशेष के लोगों से हाथापाई हो गई। जिसमें से एक व्यक्ति ने उसके मुंह और हाथ पर किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसमें उसके मुंह और हाथ में से खून निकल आया। इसके बाद वह व्यक्ति भीड़ का सहारा लेकर वहां से भाग गया। इस दौरान जब छात्र ने उसका पीछा करना चाहा तो वर्ग विशेष के अन्य लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और महिलाएं आगे आ गईं और छात्र से विवाद करने लगीं। जीआरपी थाने में शिकायत छात्र जीआरपी थाने पहुंचा तो सब इंस्पेक्टर सियाराम ने आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि बाद में आना। पीड़ित ने कहा कि वो थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार का डेढ़ घंटे तक इंतजार करता रहा लेकिन वो लंच करके नहीं आईं। जीआरपी थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि आवेदन देने के बाद छात्र को जीआरपी थाने बुलाया गया था लेकिन वह अभी नहीं आया है। शिकायत के मुताबिक वह पहलगाम की रील देख रहा था जिसको लेकर कुछ युवकों ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की है। छात्र के थाने आने के बाद अज्ञात व्यक्तियों को कार्रवाई की जाएगी। डरा हुआ है पीड़ित छात्र लाइव हिन्दुस्तान ने पीड़ित छात्र से भी फोन पर संपर्क किया। उसने बताया कि वह एक कॉलेज में फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। पूरे घटनाक्रम को दोहराते हुए पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद से वह काफी डरा हुआ है। उसने अपनी पहचान गोपनीय रखने की अपील की है। स्टेशन से बाहर निकल, काट डालेंगे घटना के बाद आक्रोषित छात्र ने जब वर्ग विशेष के लोगों पर एफआईआर कराने का कहा तो वे बोले कि हम ये सब कानून नहीं मानते हैं। हमारा अलग संविधान चलता है और हम उसके हिसाब से ही न्याय करते हैं। स्टेशन के बाहर तो निकल के दिखा तुझे वहीं काट डालेंगे। चंदननगर अलग देश, वहां आ मत जाना छात्र ने बताया कि उसने वर्ग विशेष के लोगों से यह भी कहा कि यह भारत देश है और इसमें सभी के लिए कानून एक जैसा है। इस पर वे बोले कि हम चंदननगर में रहते हैं और वहां पर अलग कानून चलता है। चंदन नगर अपने आप में एक अलग देश है। वहां आकर देख लेना तुझे चीर-फाड़ देंगे।  चलती ट्रेन से फेंकने की भी कोशिश की छात्र ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट के बाद घायल हालत में वह ट्रेन के गेट के पास आकर बैठ गया था। इस दौरान कुछ वर्ग विशेष के लोग वापस आए और उससे बदसलूकी करने लगे। जब छात्र ने इसका विरोध किया तो उनमें से कुछ ने छात्र को पकड़ा और चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। वो तो शुक्र है कि वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें रोक लिया। सब इंस्पेक्टर ने आवेदन लिया और बोला- कल आना इस घटना के बाद छात्र अलसुबह ही रिपोर्ट लिखाने अपने साथियों के साथ जीआरपी थाने पहुंचा था। इस पर वहां मौजूद सब इंस्पेक्टर सियाराम ने उससे आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि कल सुबह रिपोर्ट लिखाने आ जाना। इस पर छात्र के साथ आए लोगों ने टीआई से बात करने का भी कहा, लेकिन फिर भी उसे सुबह आने का कह दिया। FIR के लिए डेढ़ घंटे तक बैठा रहा, लेकिन टीआई लंच करके नहीं लौटीं छात्र ने बताया कि रविवार को दोपहर में भी वह घटना के चार गवाहों को साथ लेकर रिपोर्ट लिखाने के लिए जीआरपी थाने गया था, लेकिन तब टीआई लंच करने के लिए चली गईं थी। इस पर उसके साथियों ने टीआई से फोन पर बात भी … Read more

एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना

आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व ओंकारेश्वर में सोमवार से : राज्य मंत्री लोधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देशभर के प्रमुख साधु- संत वैश्विक एकात्मता का महायज्ञ में होंगे शामिल एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना ओंकारेश्वर में 28 अप्रैल से 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन भोपाल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव पर “आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व” का भव्य आयोजन 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर एकात्म धाम परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “एकात्म पर्व” को एक दिव्य, सांस्कृतिक और बौद्धिक महाकुंभ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि  “एकात्म पर्व” का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना तथा विश्वबंधुत्व एवं एकात्मता की भावना को पुनः जागृत करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, साधकों और संस्कृति प्रेमियों को इस अद्वितीय पर्व में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं। एकात्म पर्व का शुभारंम 28 अप्रैल सोमवार को सुबह 7 बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान से होगा। इसके बाद शोभा यात्रा नर्मदा के अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पावन पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विविध प्रकार के आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएँ प्रमुख रहेंगी। आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति होगी। इसमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और माँ पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित हैं। एकात्म धाम ओंकारेश्वर में विभिन्न सत्रों में चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भाग लेंगे। 1 मई को विशेष सत्र “रील टू रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरी टेलिंग” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे। प्रकटोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ.यादव होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकटोत्सव में शामिल होंगे। पर्व के अंतिम दिन 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव के अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। समापन दिवस पर प्रातःकाल विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा। सायं 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा टट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलित कर नर्मदा आरती की जाएगी। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य पाँच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। इस श्रृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर, और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। 1 मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा। 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अद्वैतामृतम् से लाभान्वित होंगे श्रोता एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से प्रात: 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।  

तामिया-पातालकोट में आदिवासियों ने राजकुमारी की 22 लाख की अंगूठी लौटाई, इनाम के 5 लाख रुपए लेने से किए मना

 छिंदवाड़ा सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा पहुंची चेक गणराज्य की राजकुमारी जित्का क्लेट की खोई हुई शादी की अंगूठी को पातालकोट के आदिवासियों ने खोजकर ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है. इस अंगूठी की कीमत करीब 22 लाख रुपए थी और इसे खोजने के लिए राजकुमारी ने 5 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया था. लेकिन आदिवासियों ने इसे अपनी मेहमान और बहन मानते हुए केवल 41 हजार रुपए ही स्वीकार किए. यह घटना देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है. यह पूरा मामला छिंदवाड़ा के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा से जुड़ा है, जो पातालकोट की जड़ी-बूटियों से रोगियों का इलाज करते हैं. प्रकाश टाटा ने बताया कि 6 महीने पहले वे यूरोप के दौरे पर थे, जहां मैक्स इन द वर्ल्ड कंपनी ने उन्हें छह देशों में आयुर्वेद और योग के शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात चेक गणराज्य की प्राग निवासी राजकुमारी और फैशन डिजाइनर जित्का क्लेट से हुई. जित्का स्पाइन की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिसका इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा में संभव नहीं था. प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक दवाओं से उनका इलाज शुरू किया, और छह महीने में उन्हें काफी राहत मिली. जित्का ने प्रकाश टाटा से पातालकोट की अनमोल जड़ी-बूटियों के बारे में सुना था और इसे देखने की इच्छा जताई. इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को वे दिल्ली से नागपुर और फिर छिंदवाड़ा पहुंचीं. प्रकाश टाटा ने उन्हें अपने घर पर ठहराया और अगले दिन 17 अप्रैल को जिले के पर्यटन स्थलों की सैर कराई. छोटा महादेव पर नींबू पानी बेचने वाले मनोज ने संभाली कमान घटना के बाद छोटा महादेव पर नींबू पानी की दुकान चलाने वाले मनोज विश्वकर्मा ने यह जिम्मा उठाया कि राजकुमारी की अंगूठी ढूंढकर वापस की जाएगी। मनोज ने आसपास के गांवों से एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी युवकों को बुलाया। युवाओं ने तय किया कि जब तक अंगूठी नहीं मिलती, कोशिश जारी रहेगी। फिर शुरू हुआ संघर्ष — झरने के ठंडे पानी में उतरकर घंटों रेत निकालना, पत्ते हटाना और उसे छानना। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और दो दिन बाद रेत के बीच से वह कीमती अंगूठी मिल गई। राजकुमारी ने कहा- पांच लाख दूंगी, आदिवासियों ने मना कर दिया अंगूठी मिलने की खबर जब राजकुमारी तक पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की पेशकश की। लेकिन युवाओं ने पैसा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘आप हमारी मेहमान हैं। हम आपके दर्द की कीमत नहीं लगा सकते।’ आदिवासियों ने बस अपनी मेहनत की मजदूरी के रूप में 41 हजार रुपए लिए। भावुक होकर राजकुमारी बोलीं- भारतीय संस्कृति को सलाम राजकुमारी ने इस घटना के बाद कहा, ‘भारत ने एक बार फिर दिल जीत लिया। यहां के लोग सिर्फ जमीन से नहीं, दिल से भी जुड़े हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी। इलाज के लिए आई थीं, लेकिन यहां के लोगों की ईमानदारी ने उनके दिल का भी इलाज कर दिया। क्यों आईं थीं छिंदवाड़ा? दरअसल, राजकुमारी इटका क्लेट अपने स्पाइन के आयुर्वेदिक इलाज के लिए छिंदवाड़ा पहुंची थीं। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें डॉ. टाटा के आयुर्वेदिक उपचार की जानकारी मिली थी। इलाज के दौरान ही उन्होंने तामिया और पातालकोट घूमने की इच्छा जताई थी। यहीं घूमने के दौरान छोटा महादेव झरने पर यह वाकया हुआ, जिसने भारत की मेहमाननवाजी और आदिवासियों की ईमानदारी को दुनिया के सामने एक मिसाल के रूप में खड़ा कर दिया। छोटा महादेव में खोई अंगूठी प्रकाश टाटा ने जित्का को पातालकोट, तमिया और छोटा महादेव जैसे मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल दिखाए. छोटा महादेव में एक प्राकृतिक झरना है, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. जित्का वहां झरने में मस्ती करने लगीं और पानी व रेत उछालने लगीं. इसी दौरान उनकी शादी की हीरे जड़ी अंगूठी कहीं गिर गई, जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी. अंगूठी गुम होने पर जित्का की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने और वहां मौजूद पर्यटकों ने करीब आठ घंटे तक अंगूठी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली. प्रकाश टाटा ने जित्का को सांत्वना दी और कहा, “चिंता मत करो, भोलेनाथ की कृपा से अंगूठी मिल जाएगी.” इसके बाद जित्का ने अंगूठी खोजने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की और छिंदवाड़ा वापस आ गईं. उस रात चिंता के कारण वे देर रात 2 बजे तक सो नहीं पाईं. आदिवासियों की मेहनत और ईमानदारी अगले दिन 18 अप्रैल को छोटा महादेव में छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले स्थानीय आदिवासियों ने अंगूठी की खोज शुरू की. उन्होंने पहले पेड़ों के पत्तों को हटाकर और झाड़ू लगाकर मैदान को साफ किया, लेकिन अंगूठी नहीं मिली. फिर उन्होंने झरने के पास रेत में खोज शुरू की, जहां जित्का मस्ती कर रही थीं. काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें वह हीरे की अंगूठी मिल गई. आदिवासी युवकों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रकाश टाटा को दी. प्रकाश टाटा ने जित्का को फोन कर बताया कि उनकी अंगूठी मिल गई है. जित्का को पहले विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंगूठी देखने की इच्छा जताई. मनोज विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर अंगूठी दिखाई, जिसे देखकर जित्का की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा, “दुनिया में इतने ईमानदार लोग कहीं नहीं देखे. 22 लाख की अंगूठी मिलने के बाद भी इन्होंने हमें बताया.” 5 लाख के इनाम को ठुकराकर लिए ₹41 हजार जित्का तुरंत प्रकाश टाटा के साथ छोटा महादेव पहुंचीं. वहां अंगूठी देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की कोशिश की, लेकिन आदिवासियों ने यह राशि लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “आप हमारी मेहमान हैं, हमारी बहन हैं. हम आपसे इतना पैसा नहीं लेंगे.” जित्का के आग्रह पर उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए स्वीकार किए. इस दौरान जित्का ने आदिवासियों के साथ सेल्फी भी ली और वादा किया कि अगली बार छिंदवाड़ा आने पर वे उनके लिए गिफ्ट लाएंगी.जित्का 19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से अपने देश चेक गणराज्य के लिए रवाना हो गईं.        

खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं , पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली

रतलाम/मंदसौर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया था। दर्शन के लिए जा रही एक ईको वैन बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कुएं में जा गिरी। हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए। घायलों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में 8 लोग रतलाम जिले के, 2 उज्जैन के और 2 मंदसौर जिले के निवासी थे। रतलाम के खोजनखेड़ा गांव से एक साथ 6 अर्थियां उठीं, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एमपी के मंदसौर में रविवार दोपहर ईको वैन बाइक से टकराकर कुएं में गिर गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि दो बच्चों समेत 4 लोग घायल हैं। मरने वालों में 8 लोग रतलाम जिले जबकि 2-2 लोग उज्जैन और मंदसौर जिले के रहने वाले थे। रतलाम जिले के खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं तो पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली गई। वहीं, 4 अन्य लोगों के अंतिम संस्कार उज्जैन और मंदसौर में किए गए। घरों से अर्थियां निकलते ही परिजन बिलखने लगे। ये देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो उठीं। आंतरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास हुआ। वैन सवार करीब 14 लोग उज्जैन जिले के उन्हेल से नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आंतरी माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी वैन की एक बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही वैन बेकाबू हो गई और कुएं में जा गिरी। इस हादसे में वैन में सवार 14 में से 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा एक बाइक सवार और एक शख्स, जो बचाव कार्य के लिए कुएं में उतरा था, उसकी भी मौत हो गई। घायल बच्चा बोला- बाइक वाला ठीक सामने आ गया घायल देवेंद्र गहलोत ने बताया- हम हराखेड़ी, उज्जैन में रहते हैं। मेरे साथ कार में मम्मी, नानी और मामा थे। हम आंतरी माता के दर्शन करने जा रहे थे। बाइक वाला हमारे ठीक सामने आ गया। हम भिड़े तो कुएं में गिर गए। मैं निकलने की कोशिश कर रहा था तो पीछे से एक व्यक्ति आया और मुझे निकालकर खाट पर ले गया। हमको फिर लोगों ने ऊपर खींच लिया तो हम हॉस्पिटल आ गए। उसके बाद कुछ नहीं पता। रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद रहे डिप्टी सीएम देवड़ा हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपने स्तर पर रेस्क्यू शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंची। एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम रस्सियों के सहारे कुएं में उतरी और रेस्क्यू ऑपरेशन किया। मौके पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी पहुंचे थे। वे पूरे समय मौके पर ही रहे। कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि इस हादसे में कुल 16 लोग शामिल थे, जिनमें दो बच्चे भी थे। पहले बच्चों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। गाड़ी बड़ी मुश्किल से बाहर लाई गई है। कुएं में जहरीली गैस के कारण बचाने गए मनोहर सिंह की भी मौत हुई है। उन्होंने 2-3 लोगों को बाहर निकाला था। मुझे जैसे ही घटना के बारे में पता चला, मैं सीधा यहीं आ गया। क्रेन की मदद से निकाली शवों से लदी वैन मौके पर क्रेन भी बुलाई गई। क्रेन की मदद से वैन को कुएं से बाहर निकाला गया। वैन में शव लदे थे। आगे की ओर एक महिला का शव लटकता दिखा। इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कुछ शव कुएं में थे। जिसके बाद मोटर लगाकर कुएं का पानी निकाला। फिर बाकी के शवों को बाहर निकाला गया। यह साफ नहीं हो पाया है कि ईको वैन सीएनजी थी या एलपीजी। एसडीईआरएफ के जवानों ने बताया कि कुएं की गहराई लगभग 80 फीट है। इतनी गहराई में सांस लेने में समस्या होती ही है। इसके अलावा यह वाहन गैस का था, जिसके चलते कुएं के अंदर अभी तक गैस जमा है। मनोहर ने मौत से पहले 4 लोगों को निकाला मृतकों में वैन सवारों को बचाने के लिए कुएं में उतरे ग्रामीण मनोहर सिंह भी शामिल हैं। वे लोगों को बचाने कुएं में उतर गए थे। इन्होंने 4 लोगों को कुएं से बाहर भी निकाला। लेकिन इस दौरान कुएं में बनी जहरीली गैस से इनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा की घोषणा मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसमें से 2-2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तो 2-2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से दिए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए।  

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 855 अंक चढ़कर खुला सेंसेक्स …

मुंबई फ्लैट शुरुआत के बाद बाजार में  तेजी की रफ्तार बढ़ी है। RIL और दिग्गज बैंकों के दम पर निफ्टी डेढ़ सौ प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के करीब पहुंचा है।  बैंक निफ्टी भी 858  प्वाइंट उछला आया।  मिडकैप और स्मॉल कैप में भी रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच सरकारी बैंकों में आज जोरदार खरीदारी नजर आ रही है।  निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। फार्मा और रियल्टी में भी रौनक देखने को मिल रही है, लेकिन IT शेयरों में आज मुनाफावसूली दिख रही है। Reliance Industries पर जेफरीज की राय Jefferies ने Reliance Industries पर ₹1,660 का प्राइस टारगेट रखते हुए “BUY” रेटिंग बनाए रखा है, जिसमें जियो के फ्री कैश फ्लो प्रोफाइल और होम ब्रॉडबैंड में ग्रोथ को पॉजिटिव रहा। कारोबारी साल 2026 में रिटेल में आगे की ग्रोथ, टैरिफ ग्रोथ और जियो की संभावित लिस्टिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए प्रमुख ट्रिगर्स हो सकते हैं। . ओपन होते ही पकड़ ली रफ्तार बीएसई के सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 79,212.53 की तुलना में सोमवार को उछलकर 79,343.63 पर कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही देर में ये लंबी छलांग लगाते हुए 79,668.58 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी शुरुआत से ही तेजी पकड़े रखी. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,039.35 के स्तर से उछलकर 24,070.25 पर खुला और फिर कुछ ही देर में ये भी 24,152.20 के लेवल पर कारोबार करता दिखाई दिया. यही नहीं महज आधे घंटे के कारोबार के दौरान ही Sensex 650 अंक चढ़कर 79,932 के लेवल पर कारोबार करने लगा. Nifty भी 155 अंक चढ़कर 24,200 के आस-पास कारोबार करता नजर आया.   1321 शेयरों ने की तेज शुरुआत बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर 1321 कंपनियों के स्टॉक्स ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की थी, तो वहीं 1213 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे. वहीं 174 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला था. शुरुआती कारोबार में Reliance Industries, Dr Reddy’s Labs, M&M, Bharat Electrinics, Trent के शेयरों में तेजी, जबकि  Shriram Finance, HCL Tech, Maruti Suzuki, Hero MotoCorp और Nestle के स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई थी. Mukesh Ambani का शेयर सरपट भागा शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (India’s Richest Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (RIL Stock) खुलने के साथ ही करीब 3 फीसदी तक उछल गया. खबर लिखे जाने तक ये 1339.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर 18.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. अन्य शेयरों की बात करें, तो M&M Share (1.80%), ICICI Bank Share (1.50%), SBI Share (1.40%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में Mazgaon Dock Share (5.08%), Kalyan Jewellers Share (3.75%),Ajanta Pharma Share (2.90%) और Lupin Share (2.70%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Barbeque Share 9.37% और DCB Bank Share 7.10% की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. शुक्रवार को गिरावट में रहा था बाजार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भले ही शेयर मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए हों, लेकिन बीते पूरे सप्ताह ये फायदे में रहे. पिछले शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex 588.90 अंक गिरकर 79,212.53 के लेवल पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 207.35 अंक टूटकर 24,039.35 के लेवल पर बंद हुआ था. एशियाई बाजारों से मिले थे ये संकेत   बात ग्लोबल संकेतों की करें, तो एशियाई बाजारों में मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां Gift Nifty बढ़त के साथ ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा है और खुलने के साथ ही 80 अंक के आस-पास उछल गया था. तो वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) भी 233 अंकों की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आ रहा है. वहीं दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.

विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा मेडिकल हब बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाहर जाने वाले लगभग पचास प्रतिशत जटिल रोगी अब रीवा में ही इलाज करा रहे हैं। विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा। चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार अनुसंधान से नई तकनीकों से अधिक कारगर उपचार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इस तरह के आयोजनों से चिकित्सकों को आपस में संवाद करने और अपने ज्ञान को बेहतर करने का अवसर मिलता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रविवार को रीवा में तीसरी डायबीटिक फुट कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खान-पान की आदतों और जीवनशैली के कारण डायबिटीज का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण पैरों में कई तरह की जटिलता आती हैं और कई बार पैर काटने पड़ते हैं। यह कार्यशाला लोगों को जागरूक करने और रीवा में डायबीटिक फुट की प्रभावी उपचार व्यवस्था बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यशाला में चिकित्सकों ने समर्पण के भाव से जो संवाद किया है उसके सुखद परिणाम निकलेंगे। रीवा में चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शीघ्र ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो रहा है। इसमें कैंसर के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिकतम मशीनें रहेंगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड योजना से उपचार कराने में भी रीवा प्रदेश में सबसे आगे हैं। कार्यशाला में इंडियन कोडायट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सूरी ने कहा कि 2009 में संस्था का गठन किया गया। डायबिटीज के कारण पैरों में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इनका समय पर इलाज न होने पर पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य डायबिटिक फुट के उपचार की सुविधाएं मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर उपलब्ध कराने की है। हम दो साल तक यदि जागरूकता अभियान चलाएं तो मध्यप्रदेश को पाँच साल में डायबिटिक फुट के रोग से मुक्त कर देंगे।  

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।  

केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।  

सोमवार 28 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष: आज नई चीजों की खोज करें, जिससे सोचने का नया तरीका विकसित होगा। ऐसे बिजनेस पर विचार करना अच्छा है, जिनमें विभिन्न संस्कृति के लोगों को पढ़ाने, लिखने या उनके साथ जुड़ने की आवश्यकता होती है। कुछ सिंगल लोग लॉंग डिस्टेंस रिलेशनशिप में आ सकते हैं। वृषभ: आज अपने स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दें। सीखने और उत्सुक रहने का आपका व्यक्तिगत स्वभाव मददगार होगा। यह विदेश में व्यावसायिक अवसरों की तलाश करने या शिक्षा में निवेश करने का भी अनुकूल समय हो सकता है। मिथुन: अपने जीवन पर ध्यान केंद्रित करें। काम की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ठोस बदलाव करें। आपका प्रेम जीवन अधिक गंभीर हो सकता है। सिंगल लोग ऑफिस या जिम में किसी स्पेशल से मिल सकते हैं। कपल्स को यह क्लियर करना चाहिए कि वे हेल्दी लाइफस्टाइल बनाने की दिशा में काम करें। कर्क: मुश्किल परिस्थितियों का आंकलन करने और छिपी हुई जानकारी खोजने में आपका कौशल इस समय विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा। आपकी लव लाइफ आज के दिन काफी रोमांटिक होने वाली है। सिंह: आज भावनात्मक संतुलन को प्रभावित करने वाले पिछले मुद्दों से निपटने का एक अच्छा समय है। उन पदों के बारे में सोचें, जिनके लिए खोज, योजना या अन्य लोगों की संपत्ति के साथ काम करने की आवश्यकता होती है। आर्थिक रूप से निवेश के अवसर मिल सकते हैं। कन्या: आज पैसों के मैनेजमेंट से जुड़ी जॉब्स के लिए अप्लाई करते समय मुद्दों के बारे में बढ़ती जागरूकता जरूरी है। कमिटेड लोगों को अपने फ्यूचर के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाने पर बातचीत में शामिल होना चाहिए। तुला: आपकी कड़ी मेहनत करने और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता को पहचान मिलेगी। सिंगल लोग ऑफिस में किसी से मिल सकते हैं। कमिटेड हैं, तो रोमांच वाली गतिविधियों का आयोजन करें, जो दोनों को पेशेवर जीवन का तनाव दूर करने में मदद करेगी। वृश्चिक: आप फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर सिक्योर कर सकते हैं, जिन्हें मैनेजमेंट की आवश्यकता होती है। गले, गर्दन और थायरॉयड से जुड़ी समस्याओं के प्रति सावधान रहें। अगर आप पूरे दिन कंप्यूटर के सामने बैठते हैं तो सही पोश्चर में रहने की कोशिश करें। धनु: कपल्स आज लॉंग डिस्टेंस ट्रैवल करने की योजना बना सकते हैं। आपका नेतृत्व कौशल और रणनीतिक सोच सामने आएगी। आपको अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जिससे काम का बोझ बढ़ सकता है। आपके करियर संबंधी दायित्व आपके प्रेम जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। मकर: आज उन जॉब्स के बारे में सोचें, जिनमें बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न रहे। लॉंग टर्म फाइनेंशियल प्लांस की जांच करना व अच्छे रिटर्न वाले इन्वेस्टमेंट के बजाय ज्यादा स्टेबल इन्वेस्टमेंट पर ध्यान केंद्रित करना अब जरूरी हो सकता है। कुंभ: आज आपकी चीजों को समझने की क्षमता मददगार साबित हो सकती है। पैसों के मामले में सतर्क रहें और कोई भी डीसीजन लेने से पहले दो बार सोचें। सिंगल व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जो अपने विचारों में शांत हों। मीन: मीन राशि आप अपनी क्षमता का पता लगाने के लिए अधिक इच्छुक महसूस करेंगे। अपनी क्रिएटिविटी का पता लगाने का दिन है। जब इंटरव्यू के दौरान या जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करते समय अपनी स्किल्स दर्शाने की बात आती है तो संकोच न करें।

बड़ा फैसला: किश्तवाड़ में सेना की वर्दी और लड़ाकू पैटर्न वाले कपड़े की बिक्री, सिलाई और भंडारण पर प्रतिबंध लगा

किश्तवाड़ पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए सेना के जवान एक से एक बड़े फैसले ले रहे हैं। इस बीच सैन्य अधिकारियों ने कहा कि किश्तवाड़ में सेना की वर्दी और लड़ाकू पैटर्न वाले कपड़े की बिक्री, सिलाई और भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसला राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए लिया गया है। किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार शवन ने वर्दी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने नियमों और प्रतिबंधों का एक सेट जारी करते हुए कहा कि सेना की वर्दी खरीदने और सिलने पर रोक लगा दिया गया है। अगर कहीं ऐसा होता है तो निकटतम पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दें।

माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा, वन्यजीवों पर मंडरा रहा खतरा, वन विभाग के बचाव के प्रयास जारी

शिवपुरी टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं शिवपुरी जिले में हाल ही में घोषित माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा है। तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे वन्यजीवों पर भी संकट गहरा गया है। शनिवार को सुरवाया और बल्लारपुर क्षेत्र के जंगलों में आग भड़क उठी, जो एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। बीते 15 दिन में टाइगर रिजर्व के सुरवाया, बल्लारपुर, भरकुली गेट, सुभाषपुरा और सतनवाड़ा क्षेत्र में कई बार आग लग चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाघों समेत अन्य जानवर खतरे में टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पार्क प्रबंधन आग पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रहा है। बीडी-सिगरेट से फैली आग, वन विभाग के प्रयास जारी पार्क के रेंजर आर.के. दीक्षित ने बताया कि किसी ने पार्क की बाउंड्री के पास जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकी, जिससे आग भड़की। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। पिछले एक महीने में माधव टाइगर रिजर्व के करीब दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, वन विभाग आगजनी की घटनाओं को रोकने में असफल रहा है।  

आतंकी हमले के बाद भी जैसलमेर में बिक रही सेना जैसी वर्दियां, तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो गंभीर खतरा

जैसलमेर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद सेना जैसे कपड़े आम लोगों को बेचे जा रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में सेना की वर्दी पहनकर किए गए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है। इस भयावह घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के संवेदनशील सीमा जिले जैसलमेर में बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज भी सेना और अर्द्धसैनिक बलों जैसी वर्दियों की खुलेआम बिक्री जारी है। यह लापरवाही न केवल सेना की गरिमा को चोट पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। सेना जैसी वर्दी पहनकर हमला, सुरक्षा में बड़ी सेंध 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। आतंकियों ने सेना की वर्दी का सहारा लेकर पहले खुद को सुरक्षाबलों के बीच मिला लिया और फिर अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने यह साफ कर दिया कि यदि किसी असामाजिक तत्व को सेना या पुलिस जैसी वर्दी आसानी से उपलब्ध हो जाए तो वह कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। इस घटना के बाद देशभर में इस बात पर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि सेना और सुरक्षा बलों की वर्दी जैसी पोशाकें बाजारों में कैसे बिक रही हैं। जैसलमेर में बाजारों में मिल रही वर्दियां जैसलमेर जैसे संवेदनशील सरहदी जिले, जहां से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहां भी बाजारों में सेना, बीएसएफ, और पुलिस जैसी वर्दियां बिना रोक-टोक बिक रही हैं। कई दुकानों पर कॉम्बैट प्रिंट के कपड़े, जैकेट, टी-शर्ट और टोपी खुलेआम बेची जा रही हैं। हालांकि दुकानदार दावा करते हैं कि वे पहचान और सत्यापन के बाद ही सामान बेचते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ये वर्दी जैसे कपड़े खरीद सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म को अनाधिकृत रूप से पहनना या बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। सेना जैसी वर्दी का उत्पादन केवल कुछ अधिकृत मिलों को ही करने की अनुमति है, जिनमें पंजाब के फगवाड़ा और महाराष्ट्र की दो मिलें प्रमुख हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि कॉम्बैट प्रिंट कपड़े बनाने, बेचने और पहनने पर सख्त निगरानी रखी जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। सेना के पुराने आदेश भी हवा में पठानकोट हमले के बाद सेना ने खासतौर पर निर्देश दिया था कि आम जनता को सेना जैसे कपड़े न बेचे जाएं और निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी कॉम्बैट पैटर्न की यूनिफॉर्म इस्तेमाल न करने को कहा गया था। इसके बावजूद आज जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध है। न कोई सख्त निगरानी है न ही प्रशासन की ओर से कोई सघन अभियान चलाया जा रहा है। जांच और निगरानी की सख्त जरूरत जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को बाजारों में सेना की वर्दी जैसे कपड़ों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे कपड़े बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यदि पहलगाम जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया तो सीमावर्ती जिलों में भी आतंकी तत्व सेना या सुरक्षा बलों की वर्दी का दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।  

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बम की धमकी, मचा हड़कंप, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया

तिरुवनंतपुरम रविवार को तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया। सभी टर्मिनलों की गहन तलाशी ली जा रही है और यात्रियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। धमकी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बम निरोधक दस्ते तैनात एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बयान जारी करते हुए बताया कि धमकी भरा ईमेल मिलते ही बम निरोधक दस्ते को सक्रिय कर दिया गया। टर्मिनल के अंदर और बाहर हर कोना छाना जा रहा है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती जा रही है। यह धमकी ऐसे समय आई है जब तिरुवनंतपुरम शहर के कई होटलों को भी शनिवार को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल मिले थे। हिल्टन होटल समेत कई प्रमुख होटलों में बम स्क्वॉड ने तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, उस समय कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी और धमकियों को फर्जी करार दिया गया था। पुलिस कर रही है जांच, ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही अभी तक किसी बम का पता नहीं चला है, लेकिन धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अधिकारी ने कहा कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी सक्रियता से जांच हो रही है। साइबर सेल की टीमें भी ईमेल ट्रेस करने में लगी हैं। केरल में पिछले कुछ महीनों में बम धमकी ईमेल की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जिला कलेक्टरेट, राजस्व विभागीय कार्यालयों और केरल उच्च न्यायालय जैसे अहम स्थानों को भी निशाना बनाया गया है। हर बार पुलिस ने गहन तलाशी के बाद किसी भी वास्तविक खतरे से इनकार किया है और धमकियों को झूठा बताया है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। जांच एजेंसियां हर संभव कदम उठा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार के खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट और शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

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