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IND बनाम NZ: फाइनल में केवल ट्रॉफी ही नहीं, प्राइज मनी भी बदल सकती है किस्मत

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। दोनों ही टीमें इतिहास रचने को तैयार है। अगर न्यूजीलैंड आज जीतता है तो टी20 क्रिकेट को एक नया विजेता मिलेगा, क्योंकि न्यूजीलैंड आज तक टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाया है। वहीं अगर भारत जीतता है तो तीन बड़े कारनामे होंगे। पहला भारत बैक टू बैक टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा। वहीं आज तक किसी टीम ने तीन टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीते। इसके अलावा कोई टीम आज तक घर पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाई है। आईए जानते हैं भारत और न्यूजीलैंड में से जीतने वाली टीम को कितनी प्राइज मनी मिलेगी। इकनॉमिक्स टाम्स के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने टूर्नामेंट के 2026 एडिशन के लिए कुल $13.5 मिलियन (₹120 करोड़ से ज्यादा) के प्राइज़ पूल की घोषणा की है, जो 2024 इवेंट की तुलना में लगभग 20% ज्यादा है। भारत और श्रीलंका में होस्ट किए गए मैचों के साथ, मजबूत ब्रॉडकास्टिंग डील और स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू ने ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए कुल प्राइज फंड को बढ़ाने में मदद की है। टी20 वर्ल्ड कप विजेता और उप-विजेता प्राइज मनी ट्रॉफी उठाने वाली टीम को $3 मिलियन (लगभग ₹27.48 करोड़) मिलेंगे, जबकि रनर-अप को $1.6 मिलियन (लगभग ₹14.65 करोड़) मिलेंगे। इसका मतलब है कि चाहे इंडिया जीते या न्यूजीलैंड, दोनों टीमों को अच्छी-खासी रकम मिलने की गारंटी है। इसके अलावा सेमीफाइनल में हारकर बाहर होने वाली साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड की टीम को $790,000 (लगभग ₹7.24 करोड़) की प्राइज मनी से नवाजा जाएगा। वहीं सुपर 8 से बाहर होने वाली टीमों को $380,000 (लगभग ₹3.48 करोड़) की प्राइज मनी मिलेगी। इसमें पाकिस्तान, मेजबान श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसी तगड़ी टीमें शामिल हैं। ग्रुप-स्टेज टीमों के लिए प्राइज मनी टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। ग्रुप स्टेज में बाहर होने वाली टीमों को भी $250,000 (लगभग ₹2.29 करोड़) मिलेंगे, जिससे यह पक्का होगा कि हिस्सा लेने वाली हर टीम को प्राइज मनी मिले।

प्रधानमंत्री ने TMC को घेरा, कहा – ‘यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है’

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के बहिष्कार को लेकर टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे संविधान व लोकतंत्र का अपमान बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान के साथ समझौता किया गया और यह न केवल राष्ट्रपति बल्कि देश के संविधान का भी अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। लेकिन इस महत्वपूर्ण और पवित्र कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान देने के बजाय टीएमसी ने उसका बहिष्कार किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और वह हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण को लेकर चिंतित रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से कार्यक्रम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई। टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार प्रधानमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह अव्यवस्था के हवाले कर दिया। उनका कहना था कि यह घटना केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान और उसकी मूल भावना का भी अनादर है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की महान परंपरा में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर केंद्र सख्त इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब तलब किया गया है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना “ब्लू बुक” के नियमों का उल्लंघन बताया है।

मिडिल ईस्ट तनाव से सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, सोना 1.70 लाख, चांदी 3 लाख की ओर

मुंबई  मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के रूप में कीमती धातुओं (सोना-चांदी) में खरीदारी का रुख किया, जिससे इस सप्ताह भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, साथ ही व्यापक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी। हालांकि दिन के दौरान कुछ समय कीमतों में हल्की गिरावट और मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर सोने और चांदी की कीमतों का रुझान अभी भी मजबूत और तेजी वाला बना हुआ है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी जारी रही और कीमतें 1,65,000 रुपए के रेजिस्टेंस स्तर को पार कर 1,69,880 रुपए तक पहुंच गईं। हालांकि शुक्रवार को कारोबार के अंत में सोना लगभग स्थिर रहा और 1,61,675 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से थोड़ा कम था। वहीं, एमसीएक्स पर 5 मई की डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी का रुख जारी रहा। चांदी की कीमत 2,85,000 रुपए के स्तर को पार कर लगभग 3,00,000 रुपए के करीब पहुंच गई। बाजार में इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बाद इनमें हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण ब्रेकआउट स्तरों के आसपास ट्रेडरों की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन बाजार में अधिक अस्थिरता को देखते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी संकेतक बताते हैं कि सोने की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ है। अगर सपोर्ट स्तर मजबूत रहता है तो सोना 1,70,000 रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि यदि कीमत 1,57,000 रुपए से नीचे जाती है, तो गिरावट बढ़कर 1,50,000 रुपए तक जा सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि 2,55,000 से 2,65,000 रुपए का दायरा चांदी के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बन चुका है। यदि तेजी जारी रहती है तो कीमत 3,00,000 से 3,05,000 रुपए तक जा सकती है। लेकिन यदि कीमत 2,60,000 रुपए से नीचे आती है, तो कुछ समय के लिए बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखी जा सकती है। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मजबूत रहे और 5,158 से 5,181 डॉलर के दायरे में कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद स्तर 5,078 से 5,099 डॉलर से अधिक है। वहीं, कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखी गई और यह लगभग 84.31 डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 85.34 डॉलर और न्यूनतम स्तर 81.79 डॉलर रहा।

राजनांदगांव में तेज गर्मी, 38° तक पहुंचा पारा; अगले कुछ दिनों में तापमान 2-3° बढ़ने की संभावना

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। दिन में तेज धूप और साफ मौसम के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी के कारण अब कई घरों में एसी और कूलर भी चालू होने लगे हैं।  मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार उड़ीसा और उसके आसपास के क्षेत्र में लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी क्षेत्र से एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। हालांकि इन मौसमी परिस्थितियों का प्रदेश के मौसम पर फिलहाल कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का असर धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। राजधानी रायपुर में रविवार सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। इसके बाद दिन में आसमान साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। रायपुर में आज हल्की धुंध के आसार राजधानी के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक आज (8 मार्च) को शहर में हल्की धुंध (हेज) रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले दो दिन भी मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई सिनोप्टिक सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी कारण अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। साथ ही कहीं भी बारिश या मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।. फरवरी में ठंड कम रही रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी में मौसम में बदलाव देखने को मिला, दो-तीन दिन कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रही। इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। रायपुर में 1893 को पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को पड़ी थी। उस दिन तापमान सिर्फ 5 डिग्री तक गिर गया था। वहीं सबसे ज्यादा गर्म दिन 28 फरवरी 2009 रहा, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था। यानी फरवरी में भी कभी-कभी मई जैसी गर्मी पड़ सकती है। 4 फरवरी 1917 को सिर्फ 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह फरवरी के लिहाज से बहुत ज्यादा बारिश मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिमी बारिश हुई थी। दिन में तेज धूप से बढ़ रही गर्मी मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दिन में धूप तेज हो रही है, जबकि रात का तापमान अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर के समय गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के मध्य तक प्रदेश में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और स्पष्ट होने की संभावना है। 

पाकिस्तान के भाव भारत पर असर, नोएडा में पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी

नई दिल्ली  ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध के कारण भारत में भी पेट्रोल व डीजल महंगा होने वाला है। इसकी आशंका पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के काफी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। वहां लंबी लाइन लगी थी। ज्यादातर लोग कार व बाइक के टैंक को पूरा भरवा रहे थे। वहीं प्रशासन भी लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में हैं। अफसरों का कहना है कि युद्ध का असर हर जगह है। पेट्रोलियम कंपनियां यहां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।   ईंधन की आपूर्ति पर पड़ा असर खाड़ी देशों में युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान पर हमले के कारण ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहां से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल जाता है। आपूर्ति बंद होने पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी है। इस कारण अन्य देशों में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अगर युद्ध जारी रहा तो भारत में भी तेल की कीमतें जल्द बढ़ जाएंगी। पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें शनिवार को शहर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका रही। इस कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर शाम को काफी भीड़ रही। ग्रेनो वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ रही। बाइक और कारों की लंबी लाइन लगी थीं। ज्यादातर लोग बाइक व कार का टैंक फुल करवा रहे थे। ताकि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के कारण उनकी जेब ढीली होने से बच सके। अफसर बोले- अभी आशंका है हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आशंका है, लेकिन इस संबंध में कंपनियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने संबंधी कोई आदेश नहीं है। पाकिस्तान में 55 रुपये प्रति लीटर का उछाल खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस कारण वहां पर पेट्रोल की कीमतें 335 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिका और यूरोप में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। जबकि इस्राइल में भी कीमतें बढ़ी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश, समाज और परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।  

तकनीकी खराबी से हड़कंप: राज्यपाल गुरमीत सिंह का हेलीकॉप्टर श्रीनगर में उतारा गया

श्रीनगर गढ़वाल टिहरी से लौट रहे राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी के तौर पर श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर उतार दिया। जिससे किसी तरह की अनहोनी टल गई। फिलहाल राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही अगली उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा। कोतवाली निरीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि राज्यपाल पुलिस गेस्ट हाउस में हैं। तकनीकी खराबी ठीक होते ही वह यहां से रवाना होंगे।

TVK नेता विजय का वादा, आम जनता के लिए सोने और पैसों की गारंटी

तमिलनाडु विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में कहा कि जब उनकी पार्टी टीवीके सत्ता में आएगी, तो सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर 60 वर्ष की आयु तक की सभी महिलाओं को मासिक सहायता प्रदान की जाएगी। अभिनेता-नेता तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार शाम को विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए कई वादों की घोषणा की जिनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए हर महीने 2,500 रुपये, साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त, मैरिज सीर स्कीम के तहत आठ ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना, शिक्षा सहायता, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन करना शामिल हैं। व्यापक कल्याण दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में विजय ने कहा कि राज्य में जन्मे हर बच्चे को सरकार की ओर से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी, जो परिवारों और बच्चों की भलाई के प्रतीक के रूप में होगी। विजय ने मामल्लापुरम में टीवीके के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में दिए गए अपने भाषण में महिलाओं को सशक्त बनाने, परिवार कल्याण में सुधार तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से महिलाओं पर केंद्रित प्रमुख वादों की झड़ी लगा दी और वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इन्हें लागू किया जाएगा। उनकी एक प्रमुख घोषणा यह थी कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला परिवार प्रमुखों को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के तुरंत बाद यह स्कीम लागू की जाएगी, जिससे घरों में केंद्रीय भूमिका निभाने वाली बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक सहायता और सम्मान मिलेगा। उन्होंने “अन्नापूर्णी सुपर 6” स्कीम की भी घोषणा की, जिसके तहत हर परिवार को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। इस स्कीम का उद्देश्य परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और खाना पकाने तथा घरेलू जिम्मेदारियों को संभालने वाली महिलाओं को सहायता प्रदान करना है। शादी के दौरान महिलाओं को सहायता देने के लिए विजय ने “अन्नन सीर”(पारंपरिक उपहार या दहेज सामग्री जो नई दुल्हन को उसके माता-पिता देते हैं) स्कीम की घोषणा की। इस पहल के तहत सरकार हर योग्य महिला की शादी के लिए सोना और एक सिल्क साड़ी प्रदान करेगी। इस स्कीम का उद्देश्य शादियों के दौरान परिवारों पर आर्थिक दबाव कम करना है। विजय ने आगे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने वाला एक समर्पित सरकारी विभाग बनाने का वादा किया। यह विभाग कल्याण कार्यक्रमों को मजबूत करने, सुरक्षा उपाय लागू करने और इन समूहों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए काम करेगा। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने ‘कामराज शिक्षा आश्वासन स्कीम’ का वादा किया। इस पहल का उद्देश्य कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को बिना ड्रॉपआउट के शिक्षा पूरी करने की गारंटी देना है। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार हर ऐसे छात्र के माता-पिता या अभिभावक को सालाना 15,000 रुपये देगी, जिसकी पढ़ाई बिना रुकावट पूरी हो। एक अन्य पहल “वेत्री पयानम” (विजय यात्रा) स्कीम के तहत उन्होंने प्रदेश भर में सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वादा किया। इस उपाय से महिलाओं की गतिशीलता में सुधार, रोजगार के अवसर बढ़ना और यात्रा व्यय कम होना अपेक्षित है। वर्तमान में द्रमुक सरकार की “विदियाल पयानम” योजना केवल लोकल बसों तक सीमित है, लेकिन इंट्रा-स्टेट या इंटर-स्टेट एक्सप्रेस बसों में नहीं। पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने पर ध्यान देते हुए उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य भर में 500 विशेष सुरक्षा टीमें गठित की जाएंगी। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन वाहनों में स्मार्ट पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिससे महिला यात्रियों को आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज न्याय सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कहा कि सरकार “अंजलाई अम्मल फास्ट-ट्रैक अदालत” का गठन करेगी। ये अदालतें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों को संभालेंगे, ताकि तेज ट्रायल और समयबद्ध न्याय मिल सके। विजय ने मासिक धर्म स्वच्छता और पहुंच सुधारने के उद्देश्य से एक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के तहत राशन दुकानों के माध्यम से महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरित करने का भी वादा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता, छोटे व्यवसाय और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इन कल्याण घोषणाओं की लंबी सूची को टीवीके का एक बड़ा राजनीतिक बयान माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी तमिलनाडु में अपनी पहली प्रमुख चुनावी लड़ाई की तैयारी कर रही है। महिलाओं, परिवारों और शिक्षा पर विशेष फोकस करके विजय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि पार्टी सत्ता में आई तो सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण उसके शासन एजेंडे के मुख्य विषय होंगे।  

यूपी की दो IPS अफसरों की रोमांटिक जोड़ी: लेडी सिंघम और सख्त एसपी की लव स्टोरी

 संभल यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए. उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। कई बड़े मामलों में निभाई अहम भूमिका बरेली में तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई. धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और हत्या के मामलों में पुलिस टीमों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया. संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रियता के कारण पुलिस की कार्यवाही को गति मिली और कई मामलों में कम समय में खुलासा संभव हुआ। सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं केके बिश्नोई दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए. नवंबर 2024 में संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने कम समय में हालात को नियंत्रित कर लिया था. हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कानून व्यवस्था संभालने की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर तक हुई। बिजली चोरी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई संभल में पुलिस ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक अपराधों पर भी कार्रवाई की. बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन पकड़े गए. इसके अलावा जिले में एक बड़े बीमा घोटाले का भी खुलासा हुआ. जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये के फर्जी दावों की जांच की गई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चित जोड़ी पुलिस सेवा में काम करने वाले अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में दो तेजतर्रार अधिकारियों का जीवनसाथी बनने का फैसला अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. दोनों अधिकारियों को उनके काम को लेकर प्रदेश स्तर पर पहचान मिल चुकी है. कई मौकों पर उनकी कार्यशैली की चर्चा भी होती रही है. अब यह जोड़ी जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही है. 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाला विवाह समारोह दोनों परिवारों के लिए खास होगा. कानून व्यवस्था संभालने वाले दो सख्त अधिकारी अब निजी जीवन में भी एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें लेंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह जोड़ी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है. गोरखपुर से शुरू हुई थी प्रेम कहानी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल में तैनाती से पहले 29 महीने तक गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात रहे थे. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी करीब माने जाते हैं और जब भी मुख्यमंत्री गोरखपुर मठ आते थे, तो बिश्नोई सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी के साथ कमान संभालते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2021 बैच की आईपीएस अंशिका वर्मा से हुई थी, जो उस समय वहां एएसपी के पद पर तैनात थीं. संभल की संवेदनशीलता और CM का भरोसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील जिले संभल की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केके बिश्नोई को वहां भेजने का फैसला किया था. संभल में जॉइनिंग से पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश मिले थे. संभल हिंसा पर बड़ी कार्यवाही करने वाले बिश्नोई को उनके साहसिक नेतृत्व के लिए 2025 में ‘मुख्यमंत्री मेडल’ से सम्मानित किया गया था। माता-पिता के साथ CM की वो यादगार तस्वीर मुख्यमंत्री मेडल सम्मान समारोह के दौरान आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के माता-पिता, गंगा देवी और सुजाना राम बिश्नोई की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ … Read more

स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली विवादित, यूपी में बिजली बिल में बड़ी वापसी तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस की जाए। आयोग ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनकी कुल लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि बिजली बिलों में समायोजित कर लौटाई जाए।   यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की है। उस दिन पाॅवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में बताया गया कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। इसमें सिंगल फेज पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे। इस संबंध में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में याचिका दाखिल कर इस वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 353357 नए कनेक्शन जारी किए थे, जिनसे यह अतिरिक्त राशि वसूली गई। आयोग के आदेश के बाद परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की ओर से आयोग का आभार जताया।

नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह की जीत, 4 बार के पीएम ओली को हराया, RSP सरकार बनाने की ओर

काठमांडू  आरएसपी के बालेंद्र शाह ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराकर नेपाल में अगली सरकार बनाने की राह पर कदम रखा. पिछले साल पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग को लेकर हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनाव में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया. रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – सीपीएन-यूएमएल – के अध्यक्ष ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 35 वर्षीय बालेन ने 74 वर्षीय ओली के 18,734 वोट के मुकाबले 68,348 वोट हासिल किए. रात साढ़े आठ बजे तक घोषित परिणामों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने अब तक घोषित 87 सीटों के परिणाम में 70 सीट पर जीत दर्ज की है. चुनाव निकाय के आंकड़ों में कहा गया कि आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीट जीतकर सूपड़ा-साफ कर दिया तथा देश भर में 52 सीट पर आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने दस सीट जीतीं और नौ सीटों पर आगे है. सीपीएन (यूएमएल) ने सिर्फ तीन सीट जीतीं और आठ सीट पर आगे है. इसके आलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने दो सीट जीतीं और पांच सीटों पर आगे है. वहीं, श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) तीन सीट पर आगे है और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है. जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है। नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतों की गिनती बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम 5 बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती जारी थी. भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा था, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच, ओली ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई.” नेपाल पिछले 18 साल में 14 सरकार देख चुका है. ओली ने बालेन को बधाई देते हुए कहा, “मैं कामना करता हूं कि आपका पांच साल का कार्यकाल निर्बाध, सफल हो और हार्दिक बधाई हो। ओली ने 2022 की एक तस्वीर संलग्न की जिसमें वह रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेन को तबला भेंट करते हुए दिख रहे हैं, जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था और मधेस के जनकपुर से अपने पहले चुनाव अभियान की शुरुआत की थी. पार्टी इस प्रांत में दूसरे दलों का सूपड़ा साफ करती दिख रही है।

खिताबी जंग में टीम इंडिया के 5 सितारे, सूर्या के लिए होंगे निर्णायक ‘ब्रह्मास्त्र’

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तबाही मचा सकते हैं। ये 5 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अपने दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिलाने की ताकत रखते हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए ये 5 प्लेयर्स फाइनल में ब्रह्मास्त्र साबित हो सकते हैं। इसमें जसप्रीत बुमराह से लेकर संजू सैमसन तक का नाम शामिल है। बता दें कि फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। ऐसे में आइए आपको उन 5 प्लेयर्स के नाम बताते हैं, जो अकेले दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिला सकते हैं। भारत के इन 5 खिलाड़ियों पर होंगी नजरें- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 6.62 की इकोनॉमी के साथ रन खर्च करते हुए 10 विकेट अपने नाम किए हैं। बुमराह विश्व कप में सबसे कम इकोनॉमी के साथ रन खर्च करने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में वे भारत को अपने दम पर मुकाबला जिता सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को वर्ल्ड कप के शुरूआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 उन्होंने वापसी की। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली। वे पिछले दोनों मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबले में भी संजू बल्ले से तबाही मचा सकते हैं। 3. हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मैच में 12 गेंदों पर 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसके अलावा गेंद के साथ 19वें ओवर में 9 रन खर्चे थे और भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी। हार्दिक टूर्नामेंट में अब तक दो अर्धशतक लगा चुके हैं और फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। 4. शिवम दुबे शिवम दुबे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मध्य क्रम में स्पिनर्स के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा वे तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉट्स खेलते हैं। शिवम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी 43 रन बनाए थे। इससे पहले भी वे नीदरलैंड्स के खिलाफ अर्धशतक लगा चुके हैं। दुबे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और टीम इंडिया को अपने दम पर मैच जिताने की ताकत रखते हैं। 5. ईशान किशन ईशान किशन इस समय बेहतरीन फॉर्म से गुजर रहे हैं। वे टूर्नामेंट में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। इसके अलावा सेमीफाइनल मैच में भी 18 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली थी। वे पहले अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरूआत कर रहे थे लेकिन अब तीसरे नंबर पर बैटिंग के लिए आते हैं। हालांकि, किशन की आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को फायदा पहुंचा सकती है।  

विशेषज्ञ का आगाह: ईरान युद्ध से कच्चे तेल की कीमतें कर सकती हैं $120 पार

नई दिल्ली इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा का कहना है कि यदि ईरान संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक विस्तारित भू-राजनीतिक संकट वैश्विक आर्थिक गणनाओं को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकता है। एक विशेष बातचीत में शर्मा ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही एक छोटे समय में तेजी से बढ़ चुकी हैं। इस संघर्ष से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थीं, लेकिन अब यह 90 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं।   ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल शनिवार को ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियएट (डब्ल्यूटीआई) का मूल्य 89.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका था। शर्मा के अनुसार, पहले उम्मीद थी कि संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब स्थिति अधिक अनिश्चित लग रही है। शर्मा ने बताया कि देश के बजट अनुमानों और रिजर्व बैंक की गणनाएं तेल की कीमतों को लगभग 70 डॉलर या उससे कम मानकर की गई थीं। यदि कीमतें स्थायी रूप से बढ़ती हैं तो नीति निर्माताओं को अपने अनुमानों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग द्वारा संचालित होती है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि पर इस संकट के व्यापक प्रभाव को कम कर सकती है। लेकिन तेल की उच्च कीमतें व्यापार घाटा, चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा को और बिगाड़ सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से खुदरा महंगाई में 0.2-0.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। एक दशक पहले भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमत 145-147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति फिर से नहीं आएगी। लेकिन यदि संघर्ष बढ़ता है, तो तेल के 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।  

उड़ानें जोखिम में: पायलटों का सामना मिसाइल और ड्रोन खतरों से

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में घमासान के साथ-साथ दुनियाभर में चल रहे सैन्य संघर्षों ने सुरक्षित विमान यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच विमान पायलटों को भयानक तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। बीते ढाई वर्षों में सैन्य संघर्षों में आई तेजी के चलते विमान यात्रा न केवल महंगी हुई है, बल्कि यात्राओं में लगनेवाला समय भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए अपने देश वापस लौटना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, मिसाइलों और ड्रोन से हवाई अड्डों पर हमले ने जमीन से लेकर आसमान तक संकट खड़े कर दिए हैं। पायलटों पर बढ़ा बोझ विमान पायलटों और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन से अफगानिस्तान और इजरायल तक भीषण सैन्य संघर्षों ने पायलटों पर बोझ बढ़ा दिया है। उनके लिए एयर स्पेस बेहद सिकुड़ गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पायलटों का कहना है कि वे सेना के पायलट नहीं है। उन्हें हवा में मौजूद खतरों से निपटने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। मौजूदा संकट की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पायलटों में डर और चिंता गहराने लगी है। इसे देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने मदद के लिए पीयर प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, लेकिन इससे आंशिक मदद ही मिल रही है। जीपीएस स्पूफिंग से भी बढ़ा खतरा विमानन क्षेत्र को जीपीएस स्पूफिंग जैसे खतरों से भी निपटना पड़ रहा है, जिसमें विमानों को उनकी पोजीशन के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। मिसाइल और ड्रोन के हमलों से बचने के लिए विमानों को ज्यादा ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। मिसाइलों के हमले से बचने के लिए विमानों को 15000 फीट से ऊपर उड़ाया जा रहा है। इस मामले में पश्चिम एशिया के पायलट थोड़ा बहुत जोखिम भी उठा रहे हैं। लेबनान में बीते पांच मार्च को बेरूत हवाई अड्डे पर धुएं के बीच एक विमान के उड़ान भरने का वीडियो चर्चा में है। इस क्षेत्र के पायलटों का कहना है कि कोई भी ये गारंटी नहीं दे सकता कि हवाई अड्डों पर हमला नहीं होगा। विमानों के लिए नई चुनौती बन रहे ड्रोन विमानों को ड्रोन से भी खतरे बढ़ने लगे हैं। अपेक्षाकृत शांत इलाकों में भी ड्रोन उड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। आकार में छोटे होने की वजह से ये जल्दी पहचान में नहीं आते और विमानों से टकराने का खतरा बना रहता है। विमानों में ट्रांसपोंडर के जरिये सिग्नल जारी होते रहते हैं, जिससे दूसरे विमानों को एक दूसरे की दूरी और पोजीशन का पता चलता रहता है, लेकिन ड्रोन के मामले में ऐसा नहीं होता। किसी पक्षी की तरह वे विमान से टकरा सकते हैं। यात्री विमानों के लिए इस्तेमाल होनेवाले नियमित राडार पर ड्रोन नजर नहीं आते। अमेरिका में काउंटरड्रोन तकनीक बनानेवाली कंपनी डीड्रोन के मुताबिक अमेरिका में 2025 में 12 लाख ड्रोन उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।  

चुनाव से पहले ममता का मास्टरस्ट्रोक: 10वीं पास युवाओं को हर महीने मिलेगा भत्ता

कोलकाता बंगाल में कुछ दिन बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं और बेरोजगारों के लिए बड़ा दांव खेला। एसआइआर के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन जारी धरना मंच से ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि राज्य के 10वीं पास या उससे उपर के बेरोजगार युवाओं को आज यानी शनिवार से ही अब हर महीने 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। क्या है बांग्ला युवा साथी योजना? चुनाव से पहले बेरोजगारी युवाओं को भत्ता देने के लिए ममता सरकार ने हाल में पेश राज्य बजट में नई बांग्ला युवा साथी योजना की घोषणा की थी। विशेष बात यह है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन ममता ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश देकर सबको चौंका दिया। ममता की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत युवा लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र या युवा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। भूमिहीन मजदूरों को भी मिलेगा सहयोग ममता ने राज्य बजट में युवा साथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए घोषित योजना को भी अप्रैल के बजाय आज से ही शुरू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ युवाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता उन छात्र-छात्राओं और युवाओं को दिया जा रहा है जो फिलहाल किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं। उन्होंने इसे महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं के लिए एक उपहार करार दिया। बंगाल की बेरोजगारी दर में गिरावट ममता ने राज्य में रोजगार के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने उत्कर्ष बांग्ला जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 10 लाख युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है। ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर बकाया फंड को लेकर निशाना साधा और कहा कि छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बावजूद बंगाल की विकास दर (जीएसडीपी) देश में शीर्ष पर है। उन्होंने राज्य में बन रहे छह आर्थिक गलियारों, बीरभूम के देवचा पचामी कोयला ब्लाक में एक लाख नौकरियों की संभावना और आइटी क्षेत्र में बेंगलुरु से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया।  

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