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अविश्वास प्रस्ताव पर बहस से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण, संसद में जोरदार हंगामे की संभावना

नई दिल्ली बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं। इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है। सरकार भी कर सकती है पलटवार एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है। इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं। उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी? हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।  

मातृ स्वास्थ्य में नई पहल: गर्भवती महिलाएं अब व्हाट्सएप से करा सकेंगी अपना पंजीयन

भोपाल सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। घर बैठे ही वाट्एसेप पर जानकारी भेजने से उनका पंजीकरण हो जाएगा। अस्पताल पहुंचते ही उनका पर्चा तैयार होगा और प्राथमिकता से उनकी जांच और उपचार होगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने इसके लिए 9301089967 वाट्सएप नंबर जारी किया है। कई दिनों के अध्ययन के बाद लागू व्यवस्था अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अस्पतालों की स्थिति का अध्ययन किया गया। जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर भी निरीक्षण किया।   हाईरिस्क गर्भवतियों के लिए अलग सेंटर जयप्रकाश जिला अस्पताल भोपाल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सेंटर बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्स तैनात रहेंगे। महिलाओं और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। गर्भवतियों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है। वाट्एसेप पर जानकारी मिलते ही उनका पर्चा बनाकर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा।

बिजली उपभोक्ताओं को झटका! MP में घाटे की भरपाई के लिए बढ़ सकती हैं बिजली दरें

भोपाल प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये बिजली चोरी नहीं रोक पा रही हैं। तकनीकी व अन्य कारणों से लाइन लॉस जारी है। बड़े बकायादारों पर करोड़ रुपए बकाया है। उसकी शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पा रही है। इन कमजोरियों की सजा हर बार बिजली के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को दी जाती रही है। इस बार भी कंपनियों के प्रबंधन ने पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं के सामने यही नौबत ला दी है। असल में मध्य, पूर्व व पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनियों ने विधानसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में 9 साल के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया है। इसके अनुसार, पूर्व क्षेत्र कंपनी को 16188.48 करोड़, पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी को 3767 करोड़ व मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को 14605.88 का घाटा हुआ। इस तरह तीनों कंपनियों ने 9 सालों में 34 हजार 561 करोड़ का घाटा हुआ है। नौ साल से घाटे में पूर्व और मध्य क्षेत्र कंपनी चिंता की बात ये है कि घाटे को कम करने के लिए 4000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बावजूद पिछले नौ सालों से पूर्व और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां घाटे में चल रही है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बात करें तो इसका घाटा साल 2018-19 में सबसे ज्यादा 2896 करोड़ था। उसके बाद 2022-23 में 2451 करोड़ पर था। अब 2024-25 वित्तीय वर्ष में 1047 करोड़ दिखाया है। ऐसे ही मध्य क्षेत्र वितरण कंपनी का बात करें तो साल 2018-19 में घाटा सबसे ज्यादा 3837 करोड़ पर था। उसके बाद साल 2024-25 में 1570 करोड़ का घाटा दिखाया गया है। ये कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं।   घाटा दिखाकर दाम बढ़ाने की सिफारिश प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों में से सिर्फ पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने बीच के वर्षों में 2440 का लाभ दिखाया है। इन कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग को भी इसी तरह घाटा बताकर दाम बढ़ाने संबंधी सिफारिशें भेजी थीं। आयोग ने कंपनियों के प्रस्ताव का परीक्षण लगभग पूरा कर लिया है। यदि ये सिफारिशें मान ली गई तो 1 अप्रेल के बाद कभी भी बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर पौने वो करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह हाल तब है जब कंपनियों को उक्त घाटा पाटने के लिए बीते वर्षों में केंद्र व राज्य ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों करोड़ रुपए दिए हैं। हाल के वर्षों में तीनों बिजली कंपनियोंको 4 हजार करोड़ से अधिक की राशि भी मिली थी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच बनी नजीर पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच नजीर बनी है। पिछले चार वित्तीय वर्षों की बात करें तो साल 2021 से 2024 के बीच पश्चिम कंपनी भी लगातार 1790, 1130 और 125 करोड़ के घाटे में रही है। लेकिन साल 2024-25 में पश्चिम कंपनी को 730 करोड़ का लाभ हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियां पश्चिम के फायदे के फॉर्मूले को क्यों नहीं अपना रही है। विभाग के अनुसार, पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के साथ ही स्मार्ट मीटर और नई तकनीक अपनाने में पहल की। बिल वसूली, फीडर सेपरेशन, डिजिटल मॉनीटरिंग व एनालिटिक्स की भी मदद लेकर नुकसान कम करने का प्रयास किया है। कंपनी का दावा है कि इससे उन्होंने नुकसान कम करने में सफलता पाई।

दूषित पानी त्रासदी में 36 मौतें: हाईकोर्ट में 16 मार्च को होगी सुनवाई, CBI जांच की मांग

इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में सीबीआइ जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर हुई है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में शुक्रवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची। कोर्ट ने विस्तार से बहस के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है। याचिका अभिभाषक पुनीत शर्मा की ओर से वकील अनिल ओझा ने लगाई। एफआइआर तक दर्ज नहीं कहा है, दूषित पानी से 36 लोगों की जान चली गई, पर किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई। अफसरों को बचने का पूरा मौका दिया गया। सिर्फ अफसरों को पद से हटा दिया। उन पर क्रिमिनल केस दर्ज कर जांच होनी चाहिए।   पूर्व निगमायुक्त, प्रदूषण बोर्ड समेत सरकार को बनाया पार्टी – जानबूझकर टेंडर होने के बाद फाइलें दबाई गईं। यह षड्यंत्र के तहत होता नजर आ रहा है। याचिका में तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव को नामजद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार समेत निगमायुक्त को भी पार्टी बनाया गया है। – दिल्ली के उपकार सिनेमा हॉल अग्निकांड का उदाहरण भी दिया गया। अग्निकांड में लोगों की जान जाने पर अफसरों पर एफआइआर दर्ज कर जांच की गई थी।

यातायात होगा आसान: 42.76 करोड़ से पांच सड़कों के चौड़ीकरण का काम शुरू

ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार क्षेत्र में पांच प्रमुख सड़क निर्माण होने से कई गांव सीधे शहर से जुड़ जाएंगे। वहीं रहवासियों को बदहाल मार्ग से छुटकारा मिलेगा। 42.76 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़कें बनेंगी। बजट पास हो गया है, अब सिर्फ डीपीआर बनाकर टेंडर निकाले जाने का इंतजार बना है। बागवई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बनने वाले बायपास से भितरवार के रहवासियों को लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। 25 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा इन प्रमुख सड़कों के निर्माण होने से 25 से ज्यादा गांवों का पहुंच मार्ग सुगम होगा। इन सभी सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा। उक्त सड़क निर्माण को लेकर विभाग ने सेटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है और एस्टीमेट बनाने में जुटा है। डबरा स्थित मकोड़ा टेकनपुर मार्ग बनने से कई गांवों के अलावा बिलौआ के कई गांवों के पहुंच मार्ग तक पहुंचना आसान हो जाएगा। एसडीओ लोक निर्माण विभाग रवि श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ जगह नवीन तो कुछ जगह पुरानी सड़क को उखाड़ कर नई सड़क बनाई जाएगी। बागवई बाईपास 15 मीटर चौड़ा बनेगा। सेटेलाइट नक्शा तैयार किया गया है, डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा।   ये सड़कें बनेंगी मकौड़ा टेकनपुर मार्ग काफी समय से बदहाल बना हुआ है। लोगों का इस मार्ग से निकलना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार 8.1 किमी तक सड़क निर्माण का बजट पास हो गया है। सड़क 4 मीटर चौड़ी बनेगी, 10.53 करोड़ रुपए का बजट पास इसके लिए पास हुआ है। ये मार्ग बनने से मकौड़ा, कल्याणी, टीसीपी, हाइवे स्थित बौना, ऊधलपाड़ा, बझेरा, करीब ८ गांव के रहवासी लाभांवित होंगे। करहिया से लेकर मकरध्वज मंदिर तक जाने वाला 3 किमी की खराब सड़क को फिर से बनाया जाएगा। 3.90 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। इस सड़क के बनने से नैनागिरी आदिवासी बस्ती, दुबई और मेहगांव को फायदा होगा। नरवर करैरा जाने के लिए अभी भितरवार से बाजार से अंदर होते हुए जाना पड़ता है। लेकिन बागवाई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बायपास के निर्माण होने से फिर भितरवार के अंदर उन वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। जिससे भितरवार के मुख्य मार्ग पर जाम नहीं लगेगा और जाम से निजात मिलेगी। 20 करोड़ रुपए की राशि का बजट पास है। 6 किलोमीटर तक डामरी सड़क बनेगी। 15 मीटर चौड़ा यह बाइपास निर्माण होगा।  घाटीगांव क्षेत्र की पार से जखा वाया इमलिया मार्ग तक 2.1 किलोमीटर की नवीन सड़क बनेगी। जिसके लिए 2.73 करोड़ रुपए का बजट पास किया है।  सिमरिया तिराहे से लेकर रेलवे फाटक तक मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य शुरू है। दो किलोमीटर दूरी तक डामरी सड़क का निर्माण कार्य होगा, गिट्टी बिछाई जा चुकी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से यह निर्माण कार्य होगा। 4 मीटर चौड़ी सड़क बन रही है। वहीं सड़क के दोनों तरफ करीब 300 पेड़ लगाए जाने की भी योजना है।

संपत्ति कर का दायरा बढ़ा: 9 साल बाद 10 हजार नई प्रॉपर्टी जुड़ेंगी, निगम को होगा फायदा

खंडवा नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। सर्वे में मिलीं 10 हजार नई संपत्तियां नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। जिसे एमआईसी फाइनल टच देगी। टैक्स शुरु होने से निगम की आय हर साल एक से डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। निगम की डिमांड 11.50 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो जाएगी। वर्ष 2017 के बाद 2026 में नई संपत्तियां नगर निगम ने वर्ष 2017 के बाद नई संपत्तियों पर वर्ष 2026 में टैक्स लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे का कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरु हुआ था। इस दौरान 10 हजार 887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं हैं। निगम ने इन संपत्तियों का डिटेल सर्वे तैयार किया है। अभी 46,346 संपत्तियों टैक्स के दायरे में हैं। इन संपत्तियों से करीब 11.50 करोड़ रुपए टैक्स की डिमांड है। अब नई संपत्तियों को मिलाकर एक से डेड़ करोड़ रुपए नया टैक्स जनरेट होगा।

मोटरों के अत्यधिक दोहन से भालीवाड़ा जलाशय का जलस्तर घटा, बढ़ी चिंता

सिवनी/भालीवाड़ा कुरई के ग्राम भालीवाड़ा स्थित जलाशय में जल संकट गहराता जा रहा है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है। इसके बावजूद भी विद्युत मोटर पम्प लगातार लगातार जलाशय से पानी निकाला जा रहा है। मछुआ मांझी समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलाशय में अब केवल 1 से 2 दिन का पानी ही शेष बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। जलाशय में पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बड़ी बात यह है कि समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं बादलपार पुलिस चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत विभाग ने बनाया पंचनामा विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण तथा ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। जलाशय में 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। बताया जाता है कि बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन एवं सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। खुले तार दे रहे हादसे को न्योता जलाशय में लगे कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। कलेक्टर से कर चुके हैं लिखित शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसानों को नहर के माध्यम से सिंचाई करने से कभी नहीं रोका गया, लेकिन नहर से नीचे का पानी जलाशय में आ जाने के बाद भी लगभग 50 मोटर पम्पों का संचालन समझ से परे है। उनका कहना है कि जलाशय में अभी भी प्रर्याप्त पानी है जिससे मछलियां जीवित रह सकती हैं, बशर्ते पानी की निकासी तत्काल रोकी जाए।

एंटी-एजिंग की क्रांतिकारी खोज: क्या 150 साल जीना अब संभव है

जुटे वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। चीन के शेनझेन स्थित एक स्टार्टअप ने एक ऐसी प्रयोगात्मक दवा विकसित करने का दावा किया है, जो इंसानी शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर उसे 150 वर्ष तक जीवित रहने में मदद कर सकती है। यह शोध मुख्य रूप से शरीर के भीतर मौजूद उन ‘घातक’ कोशिकाओं को निशाना बनाता है, जो बुढ़ापे और बीमारियों की जड़ मानी जाती हैं। क्या है ‘जॉम्बी सेल्स’ का रहस्य? वैज्ञानिक भाषा में इन्हें सेनेसेंट सेल्स कहा जाता है, लेकिन अपनी प्रकृति के कारण ये ‘जॉम्बी सेल्स’ के नाम से मशहूर हैं। ये वे कोशिकाएं हैं जो बूढ़ी हो चुकी हैं और अब विभाजित नहीं होतीं। ये खत्म होने के बजाय शरीर में जमा रहती हैं और जहरीले रसायनों का स्राव करती हैं, जिससे सूजन बढ़ती है। यही कोशिकाएं हृदय रोग, गठिया और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देती हैं। अंगूर के बीज से निकलेगा ‘जवानी का अर्क’ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रयोगात्मक दवा में अंगूर के बीज से निकाले गए विशेष तत्वों का उपयोग किया गया है। यह दवा ‘सेनोलिटिक’ (Senolytic) श्रेणी की है, जिसका मुख्य कार्य शरीर को स्कैन करके इन ‘जॉम्बी कोशिकाओं’ को चुन-चुनकर नष्ट करना है। कैसे काम करेगी यह गोली? कंपनी का दावा है कि जब शरीर से खराब कोशिकाएं हट जाएंगी, तो:     ऊतकों (Tissues) को होने वाला नुकसान कम होगा।     शरीर की आंतरिक सूजन में भारी गिरावट आएगी।     अंगों की कार्यक्षमता फिर से युवा जैसी होने लगेगी। शुरुआती जानवरों के परीक्षण में इसके उत्साहजनक परिणाम मिले हैं, जहां जीवों की शारीरिक शक्ति में सुधार और उम्र के लक्षणों में कमी देखी गई है। विशेषज्ञों की चेतावनी: अभी राह लंबी है भले ही यह खबर सुनने में क्रांतिकारी लगे, लेकिन वैश्विक विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। लैब के नतीजों को इंसानों पर प्रभावी साबित करने के लिए कई चरणों के कड़े परीक्षणों की जरूरत है। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि ये दवाएं स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान न पहुंचाएं। किसी भी ऐसी दवा को आम जनता के लिए उपलब्ध होने में अभी कई वर्षों का समय लग सकता है।

अहमदाबाद की पिच में बदलाव ने बढ़ाया रोमांच, T20 वर्ल्डकप 2026 फाइनल में किसे मिलेगा लाभ?

अहमदाबाद आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। ये वही मैदान है, जहां भारतीय टीम को पिछली दो आईसीसी इवेंट की हार झेलनी पड़ी है। हालांकि वो दोनों मुकाबले काली मिट्टी से तैयार की गई पिच पर खेले गए थे लेकिन आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल के लिए खास मिट्टी से पिच तैयार की गई है। इस बार अलग मिट्टी से बनाई गई है पिच फाइनल के लिए जो पिच बनाई गई है, उस पर इस टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच मुकाबला खेला गया है, जहां साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए थे। जवाब में कनाडा की टीम 156 रन ही बना सकी थी। इसका मतलब है कि अगर पिच इसी तरह व्यवहार करती है तो हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। अगर उस मुकाबले पर नजर डालें तो दो बातें सामने निकलकर आती हैं। पहली, गेंदबाजों के लिए यह पिच कब्रगाह बनती नजर आ सकती है और दूसरी, बल्लेबाज यहां बड़ी पारियां खेल सकते हैं।   अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो फाइनल के लिए पिच तैयार की गई है, उसमें मिक्स मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। मतलब गेंद को उछाल मिलेगी और बल्लेबाज बड़े शॉट आसानी से खेल पाएंगे। आपको बता दें कि भारतीय टीम T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में आज तक न्यूजीलैंड को हरा नहीं सकी है। दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने हुई हैं और तीनों बार भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि एक रिकॉर्ड यह भी है कि आज तक न्यूजीलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है। दूसरी ओर भारतीय टीम दो बार चैंपियन रही है और चौथा फाइनल खेल रही है, जबकि न्यूजीलैंड का यह सिर्फ दूसरा फाइनल है। इस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है और फाइनल में जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी तो टीम इंडिया जीत की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। किसका टूटेगा सपना? हालांकि न्यूजीलैंड के कप्तान ने साफ कर दिया है कि अगर ट्रॉफी जीतने के लिए कुछ लोगों का दिल तोड़ना पड़े, तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। अब देखना यह होगा कि भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल टूटता है या न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का सपना। मुकाबला शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि 6:30 बजे टॉस होगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार पर इस मैच को लाइव देखा जा सकता है। साथ ही डीडी स्पोर्ट्स पर भी इस मैच का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

खसरे ने बढ़ाई चिंता: MP के 4 जिलों में 12 मरीज मिले, रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे अभियान शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर संक्रामक बीमारी खसरे (मीजल्स) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 के बाद, अब 2026 में प्रदेश के चार जिलों- अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर में खसरे के 12 नए मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मिल रहे नए केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित जिलों की स्थिति: कहां कितने मरीज? स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है:     बुरहानपुर (बरौली गांव): यहां स्थिति सबसे गंभीर है, जहां भेजे गए सभी 5 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। संक्रमितों की उम्र 2 से 25 वर्ष के बीच है।     दतिया (आगोरा गांव): यहां 8 में से 3 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां संक्रमितों की आयु सीमा 0 से 40 वर्ष तक है।     शिवपुरी (गुदर गांव): खनियाधाना क्षेत्र में 5 में से 3 केस पॉजिटिव आए हैं (उम्र 4 से 15 वर्ष)।     अलीराजपुर (कांडा-चुलिया): जोबट क्षेत्र में 6 में से 1 केस पॉजिटिव मिला है। संक्रमण फैलने का मुख्य कारण ‘टीकाकरण में चूक’ खसरे के दोबारा उभरने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।     विमुक्त और घुमक्कड़ समुदायों के लगातार स्थान बदलने के कारण बच्चों का नियमित टीकाकरण चक्र टूट जाता है।     महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से कई बच्चे वैक्सीन की अनिवार्य डोज से वंचित रह गए थे। बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है खसरा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा न केवल श्वसन तंत्र पर हमला करता है, बल्कि बच्चों में अंधेपन (Blindness) का भी एक बड़ा कारण है। दुनिया भर में हर साल करीब 60 हजार बच्चे इसके कारण अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। प्रमुख लक्षण और जटिलताएं     तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल चकत्ते।     उल्टी, डायरिया और गंभीर डिहाइड्रेशन।     जटिल मामलों में निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis)। बचाव और सरकारी प्रयास     नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य संचालनालय ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है।     मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाइयां और विटामिन-ए सॉल्यूशन दिया जा रहा है। विटामिन-ए की दो डोज संक्रमण की गंभीरता को कम करने में सहायक होती हैं।     विशेषज्ञों का कहना है कि मीजल्स-रुबेला (MR) वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाना ही इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।     ग्रामीणों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि संक्रमित मरीज को अलग (Isolate) रखें और साफ-सफाई व पोषण का विशेष ध्यान दें।

टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले ग्लैमर का तड़का, रिकी मार्टिन की परफॉर्मेंस के साथ होगी क्लोजिंग सेरेमनी

अहमदाबाद टी20 विश्व कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाना है। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को और न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल मुकाबले से पहले क्लोजिंग सेरेमनी होगी। इंटरनेशनल पॉप सुपरस्टार रिकी मार्टिन क्लोजिंग सेरेमनी में अपनी प्रस्तुति देंगे। आईसीसी ने इसकी पुष्टि की है। मार्टिन एक खास तौर पर तैयार किया गया लाइव परफॉर्मेंस देने वाले हैं। भारतीय समयानुसार कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होगा। अपनी दमदार आवाज, स्टेज पर जबरदस्त मौजूदगी और दुनिया भर में लैटिन पॉप गानों के लिए लोकप्रिय इस गायक की प्रस्तुति की खबर सुन फैंस रोमांचित हैं। गायक से उम्मीद है कि वह मैच देखने आए फैंस को एक रोमांचक और यादगार अनुभव देंगे। आईसीसी ने अपने आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, “टी20 विश्व कप की पार्टी अब और बड़ी हो गई है। हमें यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि वैश्विक आइकॉन और सुपरस्टार रिकी मार्टिन आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले क्लोजिंग सेरेमनी के मुख्य आकर्षण होंगे। आप इस कार्यक्रम को मिस नहीं करना चाहेंगे।” आईसीसी ने बताया है कि फाइनल के दिन स्टेडियम के गेट दोपहर 3.30 बजे खुलेंगे। रिकी मार्टिन का कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होगा।इस कार्यक्रम के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम कुल चौथी बार और लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। टीम इंडिया ने 2007 में खेला गया पहला टी20 विश्व कप जीता था। इसके बाद 2024 में खेले गए पिछले विश्व कप में भी टीम इंडिया चैंपियन रही थी। अगर भारतीय टीम न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीतने में सफल रहती है, तो लगातार 2 बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन सकती है। न्यूजीलैंड दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। आखिरी बार न्यूजीलैंड ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल खेला था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था।

महिला हॉकी विश्व कप 2026 की राह पर भारत, क्वालिफिकेशन के लिए आज से बड़ी चुनौती

हैदराबाद भारत की महिला नेशनल फील्ड हॉकी टीम रविवार से हैदराबाद, तेलंगाना में शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। सभी 8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स हैं। प्रत्येक ग्रुप से 2-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच होगा। टूर्नामेंट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें विश्व कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी। इसके अलावा, हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी टूर्नामेंट में जगह मिलेगी। आने वाले वर्ल्ड कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों के कॉम्पिटिशन में 16 टीमें होंगी, जिसमें हर कैटेगरी में नौ टीमें पहले ही क्वालिफिकेशन हासिल कर चुकी हैं। भारत हैदराबाद में शानदार प्रदर्शन के लिए मजबूत घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगा। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में खेलेगी। भारत अभी दुनिया में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है, जो दुनिया भर में सातवें स्थान पर है। भारत टूर्नामेंट में विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। इंडियन टीम अपने कैंपेन की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। 9 मार्च और 11 मार्च को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ मैच होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक वर्ल्ड कप के आठ एडिशन खेल चुकी है। सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में रहा था, जब टीम चौथे स्थान पर रही थीं। टूर्नामेंट से पहले, “भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही मुश्किल मैचों की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।”  

फाइनल मुकाबले पर आकाश चोपड़ा की राय: अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती जरूर खेलें

नई दिल्ली भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप फाइनल के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन में अभिषक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती का समर्थन किया है। आकाश ने खिताबी मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया है। अपनी एक्स प्रोफाइल पर जारी किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि टीम फाइनल में पहुंच चुकी है और मुझे नहीं लगता कि टीम खिताबी मुकाबले में कोई बदलाव होना चाहिए। खराब प्रदर्शन के बाद भी अभिषेक और वरुण प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हो सकते हैं। चोपड़ा ने कहा, “वरुण और अभिषेक का कोई खास प्रदर्शन न होने के बावजूद, आप फाइनल में पहुंच गए हैं, इसलिए मुझे लगता है कि आप फाइनल में टीम में कोई बदलाव नहीं करना चाहेंगे।” उन्होंने कहा, “अभिषेक अभी भी नंबर 1 टी20 बल्लेबाज है। वहीं, मैं स्पिन गेंदबाजी में वरुण के साथ जाऊंगा। कुलदीप को लाने का लालच हो सकता है, लेकिन मैं वरुण को चुनूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब सब कुछ बदल जाएगा, इसलिए मैं बिना किसी बदलाव के वाली प्लेइंग इलेवन का समर्थन करूंगा।” अभिषेक मौजूदा टूर्नामेंट में रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सात पारियों में 12.71 के कम औसत से सिर्फ 89 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 55 रन की पारी खेलने वाले अभिषेक यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट हुए थे। वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वरुण चक्रवर्ती ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की थी, लेकिन सुपर 8 और सेमीफाइनल में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। वरुण ने सेमीफाइनल में 4 ओवर में 64 रन लुटाए थे। फाइनल के लिए आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह।  

08 मार्च 2026 राशिफल: मेष, वृष, मिथुन समेत सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? जानें भविष्यफल

मेष राशि- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से स्थितियां संभल सकती हैं। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। सेहत के मामले में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लाभदायक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति से सलाह लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर हल्की सतर्कता बरतें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने प्रयास का परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके लिए मददगार साबित होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में भागदौड़ बढ़ सकती है और कुछ नए कार्य भी सामने आ सकते हैं। ऑफिस में अपनी बात सोच-समझकर रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। परिवार का सहयोग आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत का असर भी देखने को मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है। सेहत सामान्य रहेगी लेकिन थकान हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का हो सकता है। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का विचार बन सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन शांत और सामान्य रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।

PLA में उथल-पुथल की आहट, शी जिनपिंग के एंटी-करप्शन अभियान से हिली चीनी सेना: रिपोर्ट

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

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