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18 मई को परीक्षा, चार शहरों में परीक्षा केंद्र, पशुपालन व डेयरी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती हुई शुरू

इंदौर पशुपालन व डेयरी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) ने सहायक संचालक व पशु चिकित्सा के लिए लिखित परीक्षा रखी है। 18 मई को भर्ती परीक्षा रखी गई है, जो प्रदेशभर के अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाएगी। अप्रैल दूसरे सप्ताह तक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। आयोग ने परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी। ऑफलाइन होगी परीक्षा अधिकारियों के मुताबिक उम्मीदवारों को 9 मई से प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। सहायक संचालक पशु चिकित्सा, सहायक शल्यक और पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी के 192 पद रिक्त हैं। इनमें 72 अनारक्षित, 42 एसटी, 17 एससी, 45 ओबीसी और 16 ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित हैं। आयोग ने 27 दिसंबर 2024 को अधिसूचना निकाली थी। 20 जनवरी से 19 फरवरी तक पंजीयन की प्रक्रिया रखी गई। करीब साढ़े तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। परीक्षा ऑफलाइन पद्धति पर करवाई जाएगी। इसमें उम्मीदवारों को प्रश्नों के जवाब ओएमआर शीट पर देने होंगे। उम्मीदवारों के लिए गाइडलाइन जारी गाइडलाइन के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से घंटेभर पहले उम्मीदवारों को केंद्र पर पहुंचना होगा। अलग-अलग दो स्तर पर उम्मीदवारों की जांच की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति रहेगी। प्रवेश पत्र के साथ ही फोटो, आइडी प्रूफ भी उम्मीदवारों को साथ में रखना होगा। ओएसडी रवींद्र पंचभाई का कहना है कि 9 मई को प्रवेश पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। उम्मीदवार इन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। चार शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में परीक्षा केंद्र बनाएंगे।

दुबई : शेखों के साथ पार्टी में गई मशहूर मॉडल, 7 दिन बाद सड़क पर ऐसी हालत में मिली

दुबई दुबई में एक हाई-प्रोफाइल पार्टी में शामिल होने के बाद एक यूक्रेनी मॉडल की हालत गंभीर हो गई. उसे सड़क किनारे टूटी हुई रीढ़ की हड्डी, हाथ और पैर के साथ पड़ा पाया गया. 20 साल की इस OnlyFans मॉडल की हालत इतनी खराब थी कि वह बोल भी नहीं पा रही थी. बताया जा रहा है कि वह अरब शेखों के एक रहस्यमयी पोर्टा पॉटी पार्टी में शामिल हुई थी, जहां अमीर लोगों की घिनौनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया जाता है. यह मामला तब सामने आया जब मॉडल 8 दिनों तक लापता रही. उसने अपने दोस्तों को बताया था कि उसे दुबई के एक होटल में पार्टी के लिए आमंत्रित किया गया है. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला. मॉडल के परिवारवालों और दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. जब वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिली, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. उसकी मां ने बताया कि मॉडल के पास न तो उसके दस्तावेज थे, न फोन और न ही कोई और सामान. क्रूरता की शिकार बनी मॉडल? स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मॉडल को एक सीक्रेट पार्टी में ले जाया गया, जहां वह शेखों और प्रभावशाली लोगों के बीच फंस गई. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उसे कई दिनों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई, फिर उसे मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया गया. दुबई में होने वाली पोर्टा पॉटी पार्टियों के बारे में कहा जाता है कि इसमें सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और मॉडल्स को मोटी रकम देकर बुलाया जाता है, फिर उनसे अमानवीय काम करवाए जाते हैं. चार सर्जरी के बाद भी हालत गंभीर इस दर्दनाक घटना के बाद मॉडल की चार बड़ी सर्जरी कराई गई, लेकिन अब भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि उसके ठीक होने में लंबा समय लग सकता है. इस बीच रूस की एक वकील, कट्या गॉर्डन ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया और मॉडल्स को चेतावनी दी कि वे इस तरह के आयोजनों से दूर रहें. उन्होंने कहा कि दुबई में ऐसी पार्टियों का चलन बढ़ता जा रहा है, जहां महिलाओं को यातनाएं दी जाती हैं और उनकी जिंदगी खतरे में डाल दी जाती है. महिलाओं को चेतावनी इस घटना के बाद कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मॉडल्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ऐसे खतरनाक ऑफर्स से बचने की सलाह दी है. यह पहली बार नहीं है जब पोर्टा पॉटी पार्टीज का मामला सामने आया हो. इससे पहले भी कई महिलाओं के लापता होने और प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. वकील गॉर्डन ने कहा कि लड़कियों, महिलाओं से मेरी अपील है सिर्फ पैसों के लिए ऐसी पार्टियों में मत जाओ, यह तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर सकता है. दोस्तों की उम्मीदें बनी हुई हैं मॉडल के परिवारवाले और दोस्त उसकी जल्द से जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं. एक दोस्त ने कहा, ‘हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वह ठीक हो जाए. हम उन सभी का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने उसे ढूंढने और जानकारी देने में मदद की.’ हालांकि, यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और दुबई में होने वाली इन गुप्त पार्टियों की सच्चाई को उजागर करने की मांग तेज हो रही है. यह कैसी सेक्स पार्टी थी जिसमें मॉडल ने भाग लिया? यह कितना भयानक रहा होगा! यह सेक्स पार्टी क्या है? इसके बारे में कुछ ही जानकारी मिली है। दुबई में ये पार्टियां अमीर शेखों की यौन इच्छाओं को शांत करने के लिए होती हैं। इसके लिए वे तेल के पैसे को पानी की तरह बहाते हैं। वे किसी भी देश की अमीर मॉडल और अभिनेत्रियों को पैसे से खरीदने की क्षमता रखते हैं। ये पार्टियां निजी जगहों पर गुप्त रूप से आयोजित की जाती हैं। यहां आने वालों को कभी-कभी सेक्स गुलाम के रूप में भी रखा जाता है। सेक्स के नाम पर यहां हर तरह की विकृतियां होती हैं। ऐसा माना जाता है कि वह ऐसी ही एक विकृत पार्टी में अमीरों की विकृति का शिकार हुई थी। स्थानीय मीडिया ने बताया कि शायद इन अमीर शेखों ने उसे यौन गुलाम बनाकर कई दिनों तक इस्तेमाल किया और अंत में सड़क पर फेंक दिया। इन शेखों द्वारा आयोजित पार्टियों के आयोजकों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। वहां रूसी और यूक्रेनी मॉडल और ओनलीफैंस पोर्न स्टार की बहुत मांग है। एक मॉडल को एक पार्टी में भाग लेने के लिए लगभग $100,000 (लगभग 85 लाख रुपये) का भुगतान किया जाता है। लेकिन इतने पैसे के बदले में इन महिलाओं को उन अमीर पुरुषों की काली इच्छाओं को पूरा करना होता है। इसके लिए उन्हें गंभीर दुर्व्यवहार के लिए तैयार रहना पड़ता है। “पोर्टा पाटी पार्टी” में होती है सेक्स स्लेवरी इस कार्यक्रम को “Porta potty” भी कहा जाता है। यानी बहुत ही भयानक और अपमानजनक यौन क्रियाएं करने वाली पार्टी। यहां भारी मात्रा में धन का लेन-देन होता है। “पोर्टा पाटी पार्टियों के बारे में घोटाले सालों से चल रहे हैं। यहां शेख लड़कियों को मारते हैं, उनके बाल काटते हैं और उनसे हर तरह की सेक्स स्लेवरी करवाते हैं। उन्हें जंजीरों से बांधकर हफ्तों तक जमीन के नीचे रखा जा सकता है। वहां उनका ही कानून चलता है। इसलिए कानून इनका कुछ नहीं कर सकता। यहां जाने वाली महिलाओं ने वीडियो बनाकर चेतावनी दी है कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए सहमत न हों, कमजोर होने पर आप मर भी सकते हैं। इन अरब देशों के शेखों के पास पैसा है, सत्ता है, तेल है। लेकिन उनके देश में कामुकता को दबाने वाले सख्त कानून हैं। इसलिए वे दुबई आकर मजे करते हैं। इसके साथ ही वे इस विकृति का प्रदर्शन करते हैं।    

राजधानी भोपाल की सेट्रंल जेल में कैदियों की ईद पर मायूस, जेल में मुलाकात पर रोक, कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

भोपाल  भोपाल सेंट्रल जेल में इस बार ईद पर मुस्लिम कैदियों को अपने परिवार वालों से खुलकर मिलने का मौका नहीं मिलेगा। जेल प्रशासन ने जेल में चल रहे निर्माण कार्य को इसका कारण बताया है। इस फैसले से कैदियों और उनके परिवार वाले नाराज हैं। हर साल राखी, ईद और दीपावली जैसे त्योहारों पर कैदियों को अपने परिवार वालों से खुलकर मिलने दिया जाता था। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और जेल डीजी को पत्र लिखा है। वहीं, भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने जेल प्रशासन के फैसले को सही ठहराया है। उनका कहना है कि जेल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने इस बारे में कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल में कई गंभीर अपराधी बंद हैं। कैदियों की सुरक्षा के लिए और गंभीर कैदी स्थिति का फायदा उठाकर भाग न जाएं, इसके लिए जेल प्रबंधन ने यह नियम बनाया है।कांग्रेस पार्टी का रवैया गैरजिम्मेदाराना है और वह बेकार की राजनीति करती है। जब जेल में स्थिति सामान्य हो जाएगी तो पहले की तरह विशेष मुलाकात का प्रावधान होगा। 3500 से ज्यादा कैदी मौजूद सेंट्रल जेल में अभी 3500 से ज्यादा कैदी हैं। जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि जेल में निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए इस बार ईद पर खुली मुलाकात नहीं हो पाएगी। हालांकि, सामान्य मुलाकात की व्यवस्था जारी रहेगी। कांग्रेस विधायक की नाराजगी इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि पिछले 40-45 सालों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है। इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि दूसरे धर्मों के लोगों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का मौका देती है। जेल डीजी को लिखा मुस्लिम विधायक ने लेटर इस फैसले के खिलाफ भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “पिछले 40-45 वर्षों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है और इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय के परिजनों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का अवसर देती है. जेल प्रबंधन के इस फैसले से बंदियों और उनके परिवारों में रोष है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ईद पर खुली मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.” यह पहली बार है जब जेल प्रशासन ने निर्माण कार्य का हवाला देकर त्योहार पर खुली मुलाकात को प्रतिबंधित किया है. इस निर्णय ने शहर में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है और लोग इस परंपरा को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं. अब सबकी नजरें डीजीपी के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.

रामनवमी के अवसर पर चित्रकूट नगर में 11 लाख दीपक से होगा रोशन, तैयारियां जोरों पर

 चित्रकूट  रामनवमी के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले चित्रकूट नगर गौरव दिवस की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। इस बार भी 11 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है। नगर गौरव दिवस का आयोजन 6 अप्रैल को किया जाएगा। राज्य शासन के संस्कृति संचालनालय द्वारा चित्रकूट में प्राकट्य पर्व का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। यह आयोजन वर्ष 2022 में शुरू किया गया था और इस वर्ष इसका चौथा संस्करण है। विभिन्न समूहों को सौंपे गए लक्ष्य चित्रकूट नगर गौरव दिवस के दीपोत्सव के लिए विभिन्न समूहों से चर्चा कर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सीएमओ विशाल सिंह ने बताया कि दीपोत्सव के लिए कई समूहों और संगठनों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सगुरु ने 1.51 लाख दीपक जलाने का संकल्प लिया है। वहीं डीआरआई, ग्रामोदय, नगर परिषद चित्रकूट, मदन गोपाल दास प्रमुख द्वार, होटल यूनियन, मिथलेश पटेल सीवर प्रोजेक्ट और व्यापार मंडल ने प्रत्येक 1.01 लाख दीपक जलाने की सहमति दी है। इसके अलावा कई अन्य लोगों ने 11 हजार से 5 हजार दीपकों का सहयोग देने की इच्छा जताई है। एक साथ रोशन होंगे दीपक दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए लगभग 15 हजार स्वयंसेवक (वॉलेन्टियर) लगाए जाएंगे। सभी स्वयंसेवक अपने नियत स्थानों पर शाम 4 बजे तक एकत्रित हो जाएंगे और साढ़े 6 बजे तक दीपक जलाने की तैयारी पूरी कर लेंगे। 7 बजे सायरन बजते ही दीपक प्रज्जवलन का कार्य शुरू होगा और 10 मिनट के भीतर सभी दीपक एक साथ रोशन हो जाएंगे। प्राकट्य उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्कृति संचालनालय द्वारा रामनवमी के अवसर पर प्राकट्य पर्व का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राघव प्रयाग घाट, बिजावर मंदिर और नयागांव चित्रकूट में किया जाएगा। इस पर्व के तहत बघेली लोकगायन, शबरी नृत्य नाटिका और भक्ति गायन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। चित्रकूट नगर गौरव दिवस की तैयारियों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों का भी उत्साह देखने को मिल रहा है। दीपोत्सव के माध्यम से चित्रकूट को एक नई रोशनी और पहचान मिलने की उम्मीद है। रामनवमी पर आयोजित होने वाला यह भव्य आयोजन आस्था और संस्कृति के अनूठे संगम का प्रतीक बनेगा।

जंगली हाथियों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए प्रोजेक्ट एलीफेंट की मांग, बांधवगढ़ में हाथियों की संख्या अब 80 के करीब पहुंची

उमरिया  जंगल में जिस तरह से पर्यटक बाघ देखने के लिए उत्सुक होते हैं, उसी तरह से जंगली हाथियों को भी खुले जंगल में देखना पर्यटकों के लिए रोमांचकारी होता है। यह रोमांच पर्यटकों को देश के दक्षिण भारत में ही मिल पाता है, लेकिन अब इसकी संभावना मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी नजर आने लगी है। वर्ष 2018 में यहां आए जंगली हाथी, अब सहज होने लगे हैं। अब इन्हें जंगल में जिप्सियों को देखकर कोई भय नहीं होता और वे सामान्य ढंग से अपनी गतिविधियों में जुटे रहते हैं। जबकि पहले यह जंगली हाथी पर्यटकों के वाहन को देखकर उन्हें दौड़ाने की कोशिश करते थे। सभी हिस्सों में दिखाई देने लगे हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लगभग सभी हिस्सों में जंगली हाथी दिखाई देने लगे हैं। दरअसल, हाथियों के छोटे-छोटे झुंड बन गए हैं और यह झुंड जंगल के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देते हैं। कई जगह तो अकेला हाथी भी दिखाई देता है। बांधवगढ़ के खितौली, मगधी, ताला में हाथियों के छोटे झुंड और अकेला हाथी नजर आता है, जबकि पनपथा और पतौर में ज्यादा संख्या में जंगली हाथी नजर आते हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर खितौली और ताला में पर्यटकों ने जंगली हाथी को देखा और रोमांचित हुए। अब 80 के करीब पहुंच गई हाथियों की संख्या यहां खास बात यह है कि कहीं भी जंगली हाथियों ने पर्यटकों को देखकर उन पर हमले का प्रयास नहीं किया। पार्क प्रबंधन के अनुसार बांधवगढ़ में जंगली हाथियों की संख्या करीब 80 है। बता दें कि वर्ष 2018 में जब जंगली हाथियों ने बांधवगढ़ में प्रवेश किया तो वे पर्यटकों के लिए खतरा बन गए थे। वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक खितौली में कई महीने तक पर्यटन रोकना पड़ गया था। इसी तरह से ताला में भी पर्यटन पर रोक लगा दी गई थी। इसकी वजह यह थी कि जंगली हाथियों ने अलग-अलग घटनाओं में पर्यटकों के वाहनों को काफी दूर तक दौड़ाया था। इस तरह की घटनाओं के चलते पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से पर्यटन रोक दिया था। सुरक्षा पर पूरा ध्यान जंगल में जंगली हाथियों की मौजूदगी की वजह से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए शुरू से ही जिप्सी चालक और गाइड को अलर्ट किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए बांधवगढ़ के डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि जिप्सी चालकों और गाइड को लगातार इस बात की हिदायत दी जाती है कि वह जंगली हाथी दिखने पर उनसे एक निश्चित दूरी बनाकर रखें, ताकि पर्यटक खतरे में ना आएं। प्रोजेक्ट एलीफेंट है जरूरी टाइगर रिजर्व में जिस तरह से प्रोजेक्ट टाइगर चलाया जाता है और उनकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए काम होता है, उसी तरह से जंगली हाथियों के लिए भी प्रोजेक्ट एलीफेंट की मांग लंबे समय से मध्य प्रदेश में हो रही है। प्रोजेक्ट एलीफेंट आ जाने से जंगली हाथियों की तरफ पर्यटकों को भी आकर्षित कराया जा सकेगा।

अब खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए पेनकार्ड को जरूरी कर दिया गया

ग्वालियर अभी तक खाद्य कारोबारी (Food merchants) अपना टर्नओवर (Tornover) कम बताकर रजिस्ट्रेशन की जद से बच जाया करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इस पर रोक लगाने के लिए नियमों में परिवर्तन लाते हुए पेनकार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। लाइसेंस के लिए करने होंगे नये आवेदन नए नियमों में अब खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए पेनकार्ड को जरूरी कर दिया गया है। खाद्य कारोबारियों को इसे सब्मिट करना पड़ेगा। पेनकार्ड से लिंक के नए नियम को एफएसएसएआई ने 13 नवंबर 2024 को आदेश निकालकर जारी किया था, अब इसे लागू कर दिया गया है। ग्वालियर शहर में फिलहाल करीब 16 हजार रजिस्टर्ड खाद्य कारोबारी काम कर रहे हैं। खाद्य कारोबारियों को अब ये करना है  एफएसएसएआई लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए अब पेन अनिवार्य है। मोडिफिकेशन टैब के अंतर्गत नॉन-फॉर्म सी लाइसेंस मोडिफिकेशन (बिना शुल्क के) के माध्यम से अपने पेन की जानकारी अपडेट करें। एफएसएसएआई से नियमित अपडेट और अलर्ट प्राप्त करने के लिए यूजर प्रोफाइल अनुभाग के अंतर्गत अपने संपर्क विवरण को जारी रखें। परेशानी आने पर कारोबारी हेल्पलाइन नंबर 1800112100 पर भी संपर्क कर सकते हैं। पेनकार्ड को ऐसे कर सकेंगे लिंक इसके लिए खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई के फोसकॉस.एफएसएसएआई.जीओवी.इन पोर्टल पर जाना होगा। होम पेज पर रजिस्ट्रेशन में जाकर केओबी लिस्ट पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एलिजेबल केओबी पर क्लिक करना पड़ेगा। इसके बाद चेकबॉक्स में पेनकार्ड की जानकारी सब्मिट करना पड़ेगी। तत्पश्चात मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी को भी भरना पड़ेगा।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बड़ी सफलता, आतंकियों से चल रही मुठभेड़ में ढेर किए 5 आतंकी, 4 पुलिसकर्मी भी शहीद

कठुआ जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में कम से कम पांच आतंकवादी ढेर हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। वहीं चार पुलिसकर्मियों के शहीद होने की पुष्टि हो चुकी है। जिले के सुदूर वन क्षेत्र में पहले हुई मुठभेड़ वाली जगह के पास शुक्रवार को, ड्रोन के जरिए एक और पुलिसकर्मी का शव देखा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में यह चौथा पुलिसकर्मी शहीद हुआ है। सुरक्षा बलों ने तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन भी भारी गोलीबारी और विस्फोटों की तेज आवाजें सुनाई देती रहीं। पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने आज सुबह विभिन्न दिशाओं से क्षेत्र में प्रवेश किया। अधिकारियों ने बताया कि सुबह होते ही अभियान फिर से शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य मारे गए आतंकवादियों और पुलिसकर्मियों के शवों को निकालना, एक लापता पुलिसकर्मी को ढूंढना तथा इलाके में किसी भी संभावित खतरे को खत्म करना था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल सावधानीपूर्वक बढ़ रहे हैं क्योंकि माना जा रहा है कि दो और आतंकवादी वहां छिपे हुए हैं। पहले उन्हें मृत मान लिया गया था, लेकिन ड्रोन द्वारा उनके शव नहीं देखे जा सके। अधिकारियों ने बताया कि राजबाग के घाटी जूथाना में जखोले गांव के निकट आतंकवादियों के खिलाफ अभियान गुरुवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के नेतृत्व में सेना और सीआरपीएफ की मदद से की गई जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए। एक उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सहित पांच पुलिसकर्मी कथित तौर पर गोलीबारी के स्थान के पास फंस गए, जो घने पेड़ों से घिरे एक नाले के पास था। इससे तनाव और बढ़ गया। सडीपीओ (​​एक डीएसपी रैंक के अधिकारी) को बृहस्पतिवार देर शाम घायल अवस्था में घटनास्थल से निकाला गया, जबकि उनके तीन निजी सुरक्षा अधिकारी मृत पाए गए। आज सुबह एक पुलिसकर्मी का शव देखा गया। एसडीपीओ के अलावा तीन और पुलिसकर्मियों को कठुआ अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अभियान में सेना के दो जवान घायल हुए हैं। बचे हुए आतंकियों का सफाया करने के लिए सेना ने स्निफर डॉग्स और ड्रोन तैनात किए हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यहां 9 से 10 आतंकवादी छिपे हो सकते हैं।

यूपी में महंगी होगी बिजली, मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी किया

लखनऊ प्रदेश में अब बिजली महंगी होने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पांच वर्षों तक बिजली की दरों को तय करने संबंधी मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी कर दिया है। नए रेगुलेशन के तहत अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयोग बिजली की दरों को तय करने की अब प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि पावर कारपोरेशन की बिजली कंपनियों द्वारा चार माह पहले दाखिल किए गए 1.16 लाख करोड़ रुपये के एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकता) संबंधी प्रस्ताव को आयोग जल्द ही स्वीकार कर जनसुनवाई करेगा। नियमानुसार प्रस्ताव स्वीकारने के अधिकतम 120 दिनों में आयोग को नई बिजली की दरें घोषित करनी होती है। मौजूदा बिजली की दरों से एआरआर में 13 हजार करोड़ रुपये के दिखाए गए घाटे को देखते हुए साढ़े पांच वर्ष बाद 15 से 20 प्रतिशत तक बिजली की दरों में इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर न लग पाने के कारण दिन-रात बिजली की दरें फिलहाल एक समान ही रहेंगी।   आयोग द्वारा जनसुनवाई के बाद तैयार किया गया मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025, अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली अप्रैल से अगले पांच वर्ष यानी 2029 तक लागू रहेगा। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।   बिजली कंपनियों के एआरआर को ध्यान में रखते हुए बिजली की दरों का निर्धारण नियामक आयोग रेगुलेशन के तहत ही करता है। आयोग द्वारा नए रेगुलेशन के मसौदे में भविष्य के निजीकरण का प्रविधान था लेकिन जनसुनवाई के दौरान विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा इस पर उठाई गई आपत्तियों का नतीजा रहा कि लागू किए गए नए रेगुलेशन में भविष्य के निजीकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में 42 जिलों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने संबंधी राह फिलहाल कठिन हो गई है। नए रेगुलेशन में कहा गया है कि पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव पर ही आयोग रात-दिन के लिए बिजली की अलग-अलग दरें तय करेगा। अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पहली अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू करने को कह रखा है लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबंधन पहले ही आयोग से कह चुका है कि वर्ष 2027-28 तक इसे प्रदेश में लागू करना मुश्किल है। कारण है कि सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में अभी दो वर्ष लगने की उम्मीद है। बिना स्मार्ट मीटर के रात-दिन के लिए अलग-अलग दरों को व्यवस्था को नहीं लागू किया जा सकता। उद्योगों की तरह घरेलू सहित अन्य उपभोक्ताओं की बिजली के मामले में टीओडी (टाइम आफ डे) टैरिफ की व्यवस्था लागू होने पर 24 घंटे बिजली की दर एक समान न होकर अलग-अलग समय में कम-ज्यादा होती है। यह मौजूदा दर से 10 से 20 प्रतिशत तक महंगी या सस्ती हो सकती है। चूंकि आयोग ने नए रेगुलेशन में केंद्र सरकार व केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सभी नियम-कानून को शामिल किया है इसलिए आरडीएसएस (संशोधित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत तय ज्यादा लाइन हानियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। बिजली चोरी के चलते लाइन हानियां के एवज में दरें बढ़ने पर कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, नए रेगुलेशन में कंपनियां के वास्तविक खर्चे को ही आयोग मंजूरी देगा। उतनी ही बिजली खरीदी जा सकेगी जितनी आयोग ने अनुमन्य की होगी। बिजली कंपनियों के मनमाने खर्चे पर अंकुश लगने से उनकी वित्तीय स्थिति में अब सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है। बिजली दरों में बढ़ोतरी से लेकर निजीकरण का करेंगे विरोध वर्मा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि नियामक आयोग ने नए रेगुलेशन से बिजली महंगी होने का रास्ता खोल दिया है लेकिन दरों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए उपभोक्ता परिषद संघर्ष करेगा। वर्मा ने कहा नए रेगुलेशन से बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकलने वाले 33,122 करोड़ रुपये के सरप्लस में कमी आएगी क्योंकि अब बिजली चोरी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। परिषद अध्यक्ष के अनुसार बिजली कंपनियों के मौजूदा वार्षिक राजस्व आवश्यकता के आकलन से उपभोक्ताओं पर बिजली कंपनियों का तीन से चार हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकलने का अनुमान है। विदित हो कि पूर्व में आयोग ने बिजली चोरी से कारपोरेशन को होने वाले नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से करने पर रोक लगा दी थी। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि रात-दिन के लिए अलग बिजली दर को अभी दो-तीन वर्ष पावर कारपोरेशन ही लागू करने की स्थिति में नहीं है। जब कारपोरेशन इस संबंध में आयोग में प्रस्ताव दाखिल करेगा तब विरोध करेंगे क्योंकि इससे गरीब उपभोक्ताओं को ज्यादा नुकसान होगा।  

जस्टिस वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर का नोटिफिकेशन जारी, नहीं काम आया विरोध

नई दिल्ली कैशकांड विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा का ट्रांसफर करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया है। जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर किए जाने का इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील विरोध कर रहे हैं। होली वाले दिन जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित घर में आग लग गई थी, जिसके बाद वहां से बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। मामला सामने आने के बाद जांच की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में इन हाउस जांच करवा रहा है। साथ ही, कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर भी कर दिया था, जिसको लेकर आज सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी। जस्टिस वर्मा से इलाहाबाद हाई कोर्ट जाकर कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी में स्थित सरकारी आवास पर 14-15 मार्च की रात आगजनी की घटना के दौरान कथित रूप से बेहिसाब धन मिलने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की गुहार वाली याचिका पर विचार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया कि इन-हाउस जांच पूरी हो जाने बाद सभी रास्ते खुले हैं। पीठ ने कहा कि चूंकि इन-हाउस जांच चल रही है, इसलिए इस स्तर पर इस रिट याचिका पर विचार करना उचित नहीं होगा। अगर जरूरत पड़ी तो देश के मुख्य न्यायाधीश प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 22 मार्च को इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की एक समिति गठित की थी, जो अपना काम कर रही है। पीठ ने याचिकाकर्ता मैथ्यूज जे नेदुम्परा से पूछा, ”हमने अर्जी देखी है कि हमें इस स्तर पर इस पर क्यों विचार करना चाहिए।” याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच देश का काम नहीं है और आम जनता पूछता रहता है कि 14 मार्च को कोई प्राथमिकता क्यों दर्ज नहीं की गई। आग के दौरान कथित तौर पर मिले रुपये क्यों जब्त नहीं किए गए और दिल्ली फायर चीफ ने क्यों कहा कि कोई रुपया बरामद नहीं हुआ। हालांकि, अदालत तमाम दलीलें सुनने के बाद याचिका पर फिलहाल विचार करने से इनकार कर दिया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शहडोल जिले के धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा 25 करोड़ रुपए की लागत से 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क निर्माण व अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है। उन्होंने कहा कि धनपुरी नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे वॉटर पार्क, स्विमिंग पुल व अन्य विकास कार्यों से धनपुरी के लोग ही नहीं बल्कि शहडोल संभाग के लोग भी इससे लाभांवित होंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि धनपुरी नगर पालिका सशक्त नगर पालिका है और इसे अधिक विकसित करने का संकल्प लें और उसे पूरा करें। धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 25 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले लगभग 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क, स्विमिंग पूल, क्लब हाउस, रैन डांस, रेस्टोरेंट, पार्किंग व अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। विधायक श्री जयसिंह मरावी, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका धनपुरी श्रीमती रविंदर कौर सहित स्थानीय जन प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शोध शिखर विज्ञान पर्व 2025 में प्रमुख वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और सहयोगी संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शोध और नवाचार सम्मेलन शोध शिखर 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष इस कार्यशाला का विषय ‘विकसित भारत-नया भारत’ है। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. नम्रता पाठक, वैज्ञानिक-जी, एनजीपी और एसएमपी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST), डॉ. अरविन्द रानाडे, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, अहमदाबाद, डॉ. अमिताभ मिश्रा, डीजेएम और हेड (बायो-फार्मा), राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की। कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए डॉ. रचना चतुर्वेदी ने बताया कि शोध शिखर युवाओं को शोध तथा नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत तथा अन्य राष्ट्रीय विकास की योजनाओं को जोड़ने की एक अनोखी पहल है।शोध शिखर के अंतर्गत अनुशोधन व नवनिर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें विद्यार्थी व शोधार्थी शोध पत्रों व शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं। यह महोत्सव सस्टेनेबल डेवलवमेंट गोल, लोकल टू ग्लोबल, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, ग्रीन इंडिया, जैसे राष्ट्रीय मिशन में शोध के माध्यम से योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करता है। हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं : डॉ. अमिताभ मिश्रा  डॉ. अमिताभ मिश्रा ने अपने उद्बोधन में बताया कि हिक्स कंपनी द्वारा विकसित एक नवाचारी थर्मामीटर जानकारी साझा की। इस थर्मामीटर का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के लिए एक उपयोगी और तकनीकी दृष्टिकोण से प्रभावी समाधान प्रदान करना था। डॉ. मिश्रा ने इस थर्मामीटर के पीछे के विचार को साझा करते हुए कहा, हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं। हिक्स कंपनी ने यह थर्मामीटर इस सोच के साथ विकसित किया था कि यह समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। ऐसे नवाचारों के माध्यम से हम न केवल तकनीकी क्षेत्र में कदम बढ़ा सकते हैं, बल्कि समाज के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के योगदान को भी सराहा गया, जहां डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के प्रति अपनी उम्मीद व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इस स्पार्क को देखता हूँ, और मुझे पूरा यकीन है कि यह विश्वविद्यालय समाज और देश को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण योगदान देगा।” रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का विजन 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान : श्री अरविंद रानाडे अरविंद रानाडे ने विजन 2047 के संदर्भ में सरकार की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है और आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और समाज को सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाओं और पहलुओं पर काम कर रहा है। श्री रानाडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, विजन 2047 केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है, जिसमें हम भारत को अगले 25 वर्षों में एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकियों से लैस राष्ट्र के रूप में देखेंगे। मुझे खुशी है कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस विजन को साकार करने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, और नवाचार के क्षेत्रों में लगातार प्रयास कर रहा है। राष्ट्र की उन्नति के लिए युवाओं को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ना होगा : डॉ. नम्रता पाठक श्रीमती नम्रता पाठक ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उनका मानना है कि वैज्ञानिकों को सहयोग प्रदान करके ही राष्ट्र की उन्नति संभव है। श्रीमती नम्रता पाठक ने कहा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित कर रहा है और उन्हें रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर प्रदान कर रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि DST के कई कार्यक्रम युवाओं को नवीनतम शोध, तकनीकी विकास और नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे। शोध के लिए विचार प्रक्रिया और अनुसंधान में मातृभाषा को महत्व देना चाहिए: डॉ अतुल कोठारी डॉ. अतुल कोठारी ने अपने उद्बोधन में शोध और शिक्षा के लिए मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया। उनके अनुसार, जब शोधकर्ता अपनी मातृभाषा में विचार करते हैं और लिखते हैं, तो वे अपने विचारों को अधिक स्पष्ट और सटीक रूप से व्यक्त कर पाते हैं, जिससे अनुसंधान का स्तर और प्रभाव बढ़ता है। डॉ. कोठारी ने यह भी कहा कि मातृभाषा को अनुसंधान की प्रक्रिया में शामिल करने से न केवल विचारों की स्पष्टता बढ़ती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक शोध का प्रभाव पहुंचे। उनके मुताबिक, शोधकर्ताओं के लिए अपनी मातृभाषा में अनुसंधान करना और उसे साझा करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल व्यक्तिगत समझ को सशक्त बनाता है, बल्कि समाज में विज्ञान और ज्ञान के प्रसार को भी बढ़ावा देता है।

महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए कॉन्स्टेबल, आपत्तिजनक वीडियो वायरल, SP ने कर दिया सस्पेंड

नई दिल्ली राजस्थान के जालौर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल का महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। यह घटना सरवाना पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल हनुमान राम से जुड़ी है, जो एक महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। जानकारी के मुताबिक, महिला कॉन्सटेबल की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है। गुड़ामालानी क्षेत्र के एक गांव में हाइवे किनारे खड़ी स्विफ्ट कार में संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। जब वे पास पहुंचे, तो उन्होंने कांस्टेबल और महिला को आपत्तिजनक हालत में पाया। ग्रामीणों ने इस घटना के वीडियो बना लिए और हंगामा किया। SP ने कर दिया सस्पेंड वीडियो वायरल होने के बाद, जालौर के पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल हनुमान राम को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, सांचौर के डिप्टी एसपी कांबले शरण गोपीनाथ को मामले की जांच सौंपी गई है।   इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की छवि पर सवाल उठे हैं। कांस्टेबल हनुमान राम करीब चार साल पहले उदयपुर से जालौर स्थानांतरित हुए थे और विभिन्न थानों में तैनात रहे हैं। फिलहाल वे सांचौर के सरवाना थाने के अंतर्गत डूंगरी पुलिस चौकी में पदस्थ थे। यह पहली बार नहीं है जब पुलिसकर्मियों से जुड़ी आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुई है। पहले भी सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी और अश्लील वीडियो के मामलों में पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए हैं, जिससे विभाग की साख पर असर पड़ा है।

सिलीगुड़ी में रोजगार की मांग करते हुए DYFI का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस गोले, लाठीचार्ज भी किया

सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ मोर्चा खोला है। डीवाईएफआई कार्यकर्ता शुक्रवार को राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। इस मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की। डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं पर दागे गए आंसू गैस के गोले कार्यकर्ताओं ने पहले ही इस प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी थी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उत्तरकन्या तक जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जब कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर नहीं रूके तो सुरक्षाकर्मियों ने डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे। ये कार्यकर्ता राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या, मिनी सचिवालय की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा? DYFI द्वारा किए जा रहे विरोध मार्च पर एक प्रदर्शनकारी रत्ना चौबे ने कहा कि युवा शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। हम उनके साथ मौजूद थे। जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को पीटा। DYFI की मीनाक्षी को गिरफ्तार किया गया। हमारी तरफ से कोई हिंसा नहीं हुई, यह सब शांतिपूर्ण था। युवा बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस को इस बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है। जल्द शुरू होगी आवाजाही उल्लेखनीय है कि डीवाईएफआई के विरोध मार्च पर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीसीपी राकेश सिंह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब स्थिति शांतिपूर्ण है। यातायात की नियमित आवाजाही जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी।

सीएसके ने आरसीबी के खिलाफ जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला, प्लेइंग XI में हुए ये बदलाव

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) आईपीएल 2025 का 8वां मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऋतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। सीएसकी की प्लेइंग XI में एक बदलाव हुआ है। नाथन एलिस की जगह मथीशा पथिराना टीम में आए हैं। वहीं आरसीबी में भुवनेश्वर कुमार की टीम में एंट्री हुई है। उनके आने से रसीख सलाम को बाहर बैठना होगा। दोनों ही टीमें अपना-अपना पहला मुकाबला जीतकर यहां पहुंची है, ऐसे में चेन्नई और बेंगलुरु दोनों की नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर होगी। आरसीबी ने ओपनिंग मुकाबले में केकेआर को पटखनी दी थी, वहीं सीएसके ने अपने पहले मैच में एमआई को हराया है। आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल में आरसीबी पहले तो सीएसके चौथे पायदान पर है। भुवनेश्वर कुमार भी चोट से परेशान भुवनेश्वर कुमार चोट के कारण सीजन के पहले मैच में नहीं खेल पाए थे। दिनेश कार्तिक ने खुलासा किया कि भुवनेश्वर कुमार ने मैच से दो दिन पहले गेंदबाजी की और उन्हें अच्छा महसूस हुआ। भुवनेश्वर ने मैच की पूर्व संध्या पर थोड़ी देर गेंदबाजी भी की। हालांकि, आरसीबी उनके साथ कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहेगी। आरसीबी की संभावित XI विराट कोहली, फिल साल्ट (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, यश दयाल, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा सीएसके की संभावित XI राहुल त्रिपाठी, रचिन रवींद्र, रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), शिवम दुबे, दीपक हुडा, रवींद्र जड़ेजा, सैम कुरेन, एमएस धोनी (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, नाथन एलिस, नूर अहमद, खलील अहमद

एसी के ब्लास्ट होने से अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में लगी आग, अफरा-तफरी मची, जान बचाते हुए गिरी लड़कियां

नई दिल्ली ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में एक बड़ी घटना घटी, जब अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एक एयर कंडीशनर (एसी) के ब्लास्ट होने से लगी, और ये आग इतनी तेजी से फैल गई कि हॉस्टल में मौजूद लड़कियां किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में कामयाब हुईं। आग के दौरान कुछ लड़कियां हॉस्टल की बालकनी से लटकते हुए और सीढ़ियों का सहारा लेते हुए बाहर निकलीं। एक सोशल मीडिया वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियां अपनी जान की परवाह किए बिना बिल्डिंग से उतरने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन एक लड़की का संतुलन बिगड़ जाता है और वह फर्स्ट फ्लोर से गिरकर नीचे गिर जाती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गिरने के बाद लड़की को चोट लगने की आशंका जताई जा रही है, जबकि आसपास के लोग उसकी मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हॉस्टल में आग के चलते धुएं का गुबार भी दिखाई दे रहा था, जिससे हालात और खतरनाक हो गए थे। वीडियो में एक लड़की एसी के आउटडोर यूनिट पर बैठकर नीचे उतरने की कोशिश करती है, लेकिन सीढ़ियों पर पैर रखने से पहले ही उसका पैर फिसल जाता है और वह गिर जाती है। इस घटना को देख रहे लोग घबराए हुए थे और जल्दी से उसे मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना न केवल हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दिल्ली एनसीआर में हजारों छात्र-छात्राएं पीजी और हॉस्टल में रहते हुए अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण ऐसी घटनाओं का सामना करते हैं। सरकार की अनदेखी और सुरक्षा नियमों की अवहेलना के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो किसी भी छात्र के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

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