LATEST NEWS

नरसिंहपुर में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह में शामिल हुए मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह कार्यक्रम पीजी कॉलेज नरसिंहपुर के आॉडिटोरियम में हुआ। मंत्री पटेल ने वर्ष 2024 के लिए जिले की टीबी मुक्त 161 ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा प्रदान कर सम्मानित किया। मंत्री पटेल ने कहा कि जिले की अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी रोग मुक्त पंचायत बनाने के लिये लगातार प्रयास करें। टीबी की बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए आमजन में जागरूकता लाना बहुत जरूरी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के सरपंच महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। टीबी रोग किन कारणों से होता है और इनसे कैसे बचाव करें? यह जानकारी लोगों तक पहुंचना जरूरी है। टीबी रोग के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता रहेगी, तो पंचायत स्वतः टीबी रोग मुक्त हो जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा कि टीबी का समय पर पता चल जाये और इसका पूरा उपचार हो जाए तो, यह पूरी तरह से रोकथाम और उपचार योग्य रोग है। इसमें घबराने वाली बात नहीं है। टीबी को छुपाएं नहीं और न कोई भी व्यक्ति इसे बताने में संकोच न करे। सरकार इस बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए निःशुल्क सुविधा प्रदान करती है। उन्होंने समाज में इस बीमारी से संबंधित भ्रम की जानकारी देते हुए कहा कि लोग इस बीमारी को कलंक के रूप में देखते हैं। इसे छूने से फैलने वाली बीमारी समझा जाता है। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को परिवार से दूर रखते है। हमें इन सभी भ्रम को दूर करना होगा। यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। मंत्री पटेल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा दिनों तक खांसी हो तो जांच अवश्य करायें। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को टीबी की वैक्सीन लगायी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और आमजन भी इसमें अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। टीबी मरीजों के उपचार, स्वास्थ्य और पोषण की व्यवस्था के साथ जन-जागरुकता के लिए व्यापक प्रचार- प्रचार किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मंत्री पटेल ने मंच से निर्देश देते हुए कहा कि ज़िले की जो पंचायतें चिन्हित की गई है, वहाँ वैक्सीनेशन कैंप किए जाने की जानकारी पूर्व से ही दी जाये। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक महेन्द्र नागेश, पं. रामस्नेही पाठक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले, पुलिस अधीक्षक श्रीमती मृगाखी डेका, सीईओ जिला पंचायत दलीप कुमार, सीएमएचओ डॉ एस एस ठाकुर, डॉ. विनय ठाकुर, समस्त बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, पुरस्कार प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, अधिकारी- कर्मचारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली भारत में दूरसंचार सेवाओं की कीमतें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं ताकि वे अपने राजस्व में सुधार कर सकें। कंपनियां पहले भी टैरिफ में वृद्धि कर चुकी हैं जैसे दिसंबर 2019 नवंबर 2021 और जुलाई 2024 में। राजस्व वृद्धि की योजना रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार कंपनियां प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) को बढ़ाने के लिए कीमतों में वृद्धि करेंगी। इसका मतलब है कि उपभोक्ता प्रीमियम प्लान की ओर रुख करेंगे जिससे कंपनियों के राजस्व में वृद्धि होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र वर्तमान में एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है जहां प्रतिस्पर्धा कम हो गई है और कंपनियां अब अधिक बार टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार उद्योग में निवेश और ग्राहकों के डाटा खपत को देखते हुए रिटर्न अभी भी कम है इसलिए कंपनियां आने वाले वर्षों में अधिक बार टैरिफ बढ़ाएंगी। कंपनियों का राजस्व हुआ दोगुना रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच सालों में दूरसंचार कंपनियों का राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। उनकी लाभप्रदता में भी सुधार हो रहा है परिचालन लागत स्थिर हो रही है और मार्जिन मजबूत हो रहे हैं। 5जी सेवाओं के आने के बाद कंपनियों ने अपने पूंजीगत खर्च में कमी की है जिससे वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में मुक्त नकदी प्रवाह में बढ़ोतरी हो सकती है। 2जी ग्राहकों की संख्या में गिरावट रिपोर्ट के अनुसार 4जी और 5जी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत में 2जी ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। अगले पांच से छह वर्षों में 2जी ग्राहकों की संख्या नगण्य हो सकती है। वर्तमान में 25 करोड़ ग्राहक 2जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और इनमें से वोडाफोन आइडिया के पास 40 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं जबकि एयरटेल के पास 23 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं। महंगे डाटा प्लान की ओर रुझान दूरसंचार ग्राहक अब 2जी से 4जी सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं और पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इसके कारण प्रति उपयोगकर्ता समग्र राजस्व में सुधार हो रहा है। इसके अलावा डाटा की खपत भी बढ़ रही है और ग्राहक अब अधिक कीमत वाले डाटा प्लान चुन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रोमिंग और ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाओं की मांग में भी वृद्धि हो रही है। स्टारलिंक के लिए चुनौतीपूर्ण होगा भारत में विस्तार एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक अब भारत में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ समझौता करने के बाद स्टारलिंक वोडाफोन आइडिया से भी बातचीत कर रही है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टारलिंक को भारत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत में नियामकीय बाधाएं, उच्च आयात कर और सस्ते ब्रॉडबैंड सेवाओं के कारण स्टारलिंक के लिए कीमतों का सही निर्धारण करना मुश्किल हो सकता है। उपग्रह संचार क्षेत्र का विस्तार भारत का उपग्रह संचार क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की पहल जैसे कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और दूरसंचार अधिनियम-2023 ने इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। ओपन एफडीआई नीतियां, क्वांटम सैटेलाइट तकनीक में प्रगति और वीसैट नेटवर्क का विस्तार इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रकार भारत का दूरसंचार क्षेत्र भविष्य में और अधिक महंगा हो सकता है लेकिन इसके साथ ही इसमें कई नई तकनीकी और व्यापारिक पहल भी सामने आ सकती हैं।  

इंदौर में ‘आधार कार्ड’ में नाम, एड्रेस, फोटो बदलवाना आसान, खुले 150 से अधिक आधार सेंटर

 इंदौर अगर आपको आधार कार्ड से जुड़ा कोई भी काम कराना है तो ये खबर आपके काम की है। एमपी के इंदौर शहर में बीते कई दिनों से आधार कार्ड में नाम, फोटो और पता चेंज कराने वाले लोगों की लंबी लाइनें लग रही थी। जानकारी के मुताबिक रोज करीब 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंच रहे थे। शहर के कई सेंटरों में भीड़ एकत्रित हो रही थी। जिसके कारण कई लोग अपना काम नहीं करा पा रहे थे, उन्हें घर वापस लौटना पड़ रहा था। बनाए गए 155 सेंटर इस अव्यवस्था के देखते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने इसकी मॉनीटरिंग बढ़ा दी है। अब शहर के करीब 155 सेंटर पर आधार कार्ड से जुड़े काम किए जा रहे है। अगर आप भी अपने आधार कार्ड में कोई चेंज कराना चाहते है तो अपने नजदीकी सेंटर पर जा सकते हैं। ये सेंटर्स बैंक व अस्पतालों में भी बनाए गए हैं। बढ़ाई गई मशीनों की संख्या आधार सेंटर्स की मॉनिटरिंग करने के लिए पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन और जिला ई-गर्वनेंस अधिकारी अतुल दुबे भी लगे हुए हैं। सर्विस प्रोवाइडर को भी कहा गया है कि वे उपभोक्ताओं के परेशानियों का हल तुरंत करें। साथ सेंटर्स पर मशीनों की संख्या को भी बढ़ा दिया गया है। जानिए कहां-कहां पर करा सकतें हैं करेक्शन -खेल प्रशाल, रेसकोर्स रोड (यहां चार सेंटर हैं) -सिटी यूनियन बैंक द मेग्नेट न्यू पलासिया -धन ट्राइडेंट पीयू-4, विजय नगर -फड़नीस कॉम्प्लेक्स एमजी रोड -एमपीजीबी निपानिया -आरबीएल बैंक लि. ग्राउंड फ्लोर बिजनेस सेंटर आरएनटी मार्ग -यूबीआई स्कीम-78 -यूको बैंक एचआईजी मेन रोड -यूको बैंक विजय नगर -यूनियन बैंक ऑफ इंडिया नर्सिंग बाजार -यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर सेकंड फ्लोर सिटी सेंटर -बीएसएनएल एक्सचेंज तिलक पथ -सीएससी आधार डेमोग्राफिक अपडेट सेंटर विजय नगर -बैंक बीसीयूसीएल गुलजार कॉलोनी -श्रीसांई साइबर कैफे मेन रोड गणेश नगर -7 विराट नगर मूसाखेड़ी -2-अयोध्यापुरी कॉलोनी, प्रेस कॉम्प्लेक्स वैभव इंटरप्राइजेस-57 चाणक्य कॉम्प्लेक्स , सुंदरम कॉम्प्लेक्स भंवरकुआं, श्रीराम नगर पालदा, श्री सांई ऑनलाइन परदेशीपुरा -क्लॉथ मार्केट पोस्ट ऑफिस जीपीओ -जीएनसी आड़ा बाजार गुरु नानक चौक, वल्लभ नगर, मनोरमागंज -आधार पंजीयन केंद्र सेंट्रल म्यूजियम, शा. पीसी सेठी हॉस्पिटल, नगर निगम जोन 12 , जोन 18, जोन 11 , जोन, 9 कनाड़िया रोड पर संचार नगर आदि।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे

भोपाल राजभवन में “कर्मयोगी बनें” विषय पर 28 मार्च 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यशाला में शामिल होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व-विधाओं के साथ संयोजित कर उपयोग करने का प्रशिक्षण देना है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में कर्मयोग के सिद्धांतों के समावेश, विकास और सेवा का वातावरण बना कर सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव, पी.एम. एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेज के प्राचार्य सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक शामिल होंगे। तकनीकी सत्र “शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा में कर्मयोग” विषय पर दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक होगा। इस सत्र के मुख्य वक्ता मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग और केन्द्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के सदस्य प्रो. बालासुब्रमण्यम, ग्लोबल कन्वर्टर यूनाइटेड कॉन्शसनेस के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आई.आई.टी. कानपुर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. के. राधाकृष्णन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की कुलपति प्रो. शांतिधुलीपुडी पंडित होंगे। “एक कर्मयोगी शिक्षाविद्-चुनौतियां और उसके समाधान” विषय पर चर्चा एवं संवाद सत्र का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।  

उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों पर ‘एक के साथ एक फ्री’ ऑफर मामले में आतिशी ने हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में शराब की दुकानों पर ‘एक के साथ एक फ्री’ ऑफर दिया जा रहा है, जिससे भारी भीड़ उमड़ रही है और शराब की दुकानों पर मारामारी हो रही है। आतिशी ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। आतिशी ने पूछा कि क्या योगी सरकार इस योजना के जरिए उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है? उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ‘संस्कारी पार्टी’ होने का दावा करती है, लेकिन अब वह खुद ही शराब को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लिया है, या फिर इसमें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की सहमति भी शामिल है? अगर भाजपा इस फैसले से सहमत नहीं है, तो पार्टी के नेता इसके विरोध में कब सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा जब दिल्ली में शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, तो अब उत्तर प्रदेश में शराब की एक के साथ एक फ्री बोतल देने को क्या कहा जाएगा? अगर भाजपा के अनुसार यह भ्रष्टाचार है, तो फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सीएम ऑफिस पर कब छापा मारेगी? खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है और इसी के चलते कुछ चुनिंदा शराब की दुकानों पर यह ऑफर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह ऑफर हर दुकान पर उपलब्ध नहीं है, बल्कि कुछ ही ठेकों पर इसे लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह ऑफर केवल कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही दिया गया है। यह वार्षिक लाइसेंस अवधि के समाप्त होने से पहले स्टॉक खत्म करने की रणनीति का एक हिस्सा है। एक्साइज डिपार्टमेंट का वार्षिक लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद यह ऑफर उपलब्ध नहीं रहेगा।

समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है: अखिलेश यादव

लखनऊ मेवाड़ के शासक राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन के विवादित बयान पर अब पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की, मतलब ‘इतिहास’ की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है। हम कमजोर से कमजोर हर एक व्यक्ति को भी सम्मान दिलाना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं हो सकता। समाजवादी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रही।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा, ”भाजपा ने इतिहास के कुछ विषयों को सदैव राजनीतिक लाभ उठाने के लिए और देश को धार्मिक-जातिगत आधार पर विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया है। हमारे सांसद ने सिर्फ एक पक्षीय लिखे गए इतिहास और एक पक्षीय की गई व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है।” अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, ”हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की, मतलब ‘इतिहास’ की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती। राज काज के निर्णय अपने समय की परिस्थितियों की मांग के हिसाब से लिए जाते थे। इतिहास की घटनाओं के आधार पर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चल सकती। भाजपा सरकार को अपनी भेदकारी आदत को सुधारकर जनता के रोजी-रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कुछ ध्यान देना चाहिए। भाजपा दरारवादी पार्टी है।” बता दें कि सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने संसद में कहा था, “मुझे यह जानना है कि बाबर को भारत में लाने वाला कौन था? क्या इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा ने नहीं बुलाया था?”

कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन हाजिर नहीं हुए, अब नया समन भेजा

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम ल‍िए बगैर उन पर किए गए विवादित टिप्पणी को लेकर स्टैंड-अप कमीडियन कुणाल कामरा की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने उनकी मोहलत की मांग को खारिज करते हुए बुधवार को दूसरा समन भेजा और पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया। कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज को 11 बजे हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन कामरा हाजिर नहीं हुए और हाजिर होने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा था। पुलिस ने उनकी मांग को खारिज कर नया समन भेजा है। खार पुलिस ने हैबिटेट स्टूडियो से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। पुलिस की मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं होने के मामले में कामरा ने फोन पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया क‍ि वह अभी मुंबई से बाहर हैं, इस वजह से वह पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मुंबई आकर पुलिस के सामने पेश होने के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय चाहिए। खार पुलिस ने कामरा को मंगलवार को ही समन भेजा था। वह घर पर नहीं मिले तो उन्हें व्हाट्सएप पर भी समन भेजा गया। उन्हें सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। खार पुलिस की एक टीम उनके घर भी गई और उनके माता-पिता को भी समन की एक प्रति दी। इससे पहले कुणाल कामरा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में हैबिटेट क्लब में हुई तोड़फोड़ की निंदा की और कहा कि अपनी टिप्पणी के लिए वह माफी नहीं मांगेंगे। कमीडियन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “हैबिटेट केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है।” उन्होंने आगे लिखा, “किसी कमीडियन के शब्दों के लिए किसी आयोजन स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना टमाटर ले जा रही एक ट्रक को इसलिए पलट देना, क्योंकि परोसा गया बटर चिकन आपको पसंद नहीं आया।” उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर कामरा ने कहा था, “भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार का उपयोग केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें इसके विपरीत विश्वास दिलाए। मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।”

संभल की सड़कों और छतों पर नमाज की अनुमति नहीं, पीस कमेटी की बैठक में पुलिस ने दिए निर्देश

संभल संभल में ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एएसपी श्रीश्चंद ने स्पष्ट किया कि कोतवाली संभल क्षेत्र में मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी।  सड़कों पर किसी भी हालत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से नमाज मस्जिद या ईदगाह के अंदर ही अदा की जाती रही है और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है। संभल में संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने ईद, नवरात्र के मद्देनजर पीस कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए। इस दौरान एएसपी श्रीशचंद्र, एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी ने लोगों को शांति बनाए रखने का संदेश दिया। बैठक के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया। एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा कि सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। किसी को भी नियमों के खिलाफ जाकर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संभल के सीओ अनुज चौधरी फिर से बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बुधवार को संभल में पीस कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा कि अगर आप ईद की सेवई खिलाना चाहते हैं तो आपको गुजिया भी खानी पड़ेगी। इससे पहले भी अनुज चौधरी उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने कहा था कि साल में 52 दिन जुमा और एक दिन होली होती है।  जिसको रंगों से परेशानी हो वो घर में नमाज पढ़ें। सीओ अनुज चौधरी ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करना। हम केवल इतना चाहते हैं कि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई भी उपद्रव न हो।  

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने की तैयारी शुरू, गर्मी की छुट्टी के दौरान भी खुलेंगे स्कूल, लगेंगे समर कैंप

लखनऊ परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए अब गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप लगाए जाएंगे। इनमें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के साथ ही अतिरिक्त गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। समर कैंप 20 मई से 15 जून के बीच चयनित विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे।समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखते हुए सीखने के लिए प्रेरित करना है। विभाग इस पर लगभग 200 करोड़ खर्च करेगा। यह पहल न सिर्फ बच्चों के शैक्षिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उनकी छिपी प्रतिभाओं को निखारने में भी मददगार साबित होगी। अब तक इस तरह की कवायद सिर्फ निजी विद्यालयों में ही होती है। विभाग के अनुसार कैंप में फाउंडेशनल लिट्रेसी और न्यूमेरेसी (एफएलएन) पर आधारित गतिविधियां होंगी। जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, योग, खेलकूद, विज्ञान-तकनीक आधारित प्रयोग, कला-सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण के प्रति उन्हें जागरूक बनाया जाएगा। कैंप सुबह डेढ़ घंटे तक ही आयोजित किए जाएंगे। शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षकों की देखरेख में कैंप का संचालन होगा। कैंप में बच्चों को सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के तहत गुड़ की चिक्की, बाजरे का लड्डू, रामदाना लड्डू, गुड़-चना और लैया पट्टी जैसी पौष्टिक खानपान की चीजें भी दी जाएंगी।  

शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा- प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार के लिये एससीईआरटी को सुदृढ़ करने की जरूरत

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार के लिये राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसके लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाये। शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से निरंतर अपडेट रखा जाये। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह बुधवार को मंत्रालय में नई शिक्षा नीति-2020 की टॉस्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में टॉस्क फोर्स के सदस्यों ने विभिन्न विषयों से जुड़े सुझाव दिये। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्य से लगे शिक्षकों पर प्रशासनिक कार्यों का भार कम किया जाये। शिक्षक शालाओं में उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग करें, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये प्राध्यापकों को जिम्मेदारी दी गयी है। वे उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिये स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) देने के बाद उनके पुन: प्रवेश की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करेंगे। शिक्षा विभाग का मैदानी अमला शालावार इसकी समीक्षा करना सुनिश्चित करे। बैठक में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर योग की शिक्षा देने का भी सुझाव दिया गया। नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन बैठक में बताया गया कि 4473 पूर्व प्राथमिक शालाओं में करीब एक लाख बच्चे दर्ज हैं। इन शालाओं के शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल और शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के साथ पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में दर्ज बच्चों को पीएम पोषण उपलब्ध कराने के लिये शिक्षा पोर्टल पर प्रावधान किया गया है। करीब 40 हजार आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। मिशन अंकुर के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में लर्निंग किट और जादूई पिटारा उपलब्ध कराया गया है। कक्षा-1 और 2 के बच्चों और अभिभावकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिये एफएलएन मेला आयोजित किया गया है। इस मेले के माध्यम से छोटे बच्चों के अभिभावकों को बच्चे की क्षमता के बारे में कार्ड दिये जाने की व्यवस्था है। फ्लोर गेम के अंतर्गत बच्चों को पढ़ाई में रुचि जागृत करने के लिये खेल आधारित शिक्षा की व्यवस्था की गयी है। ड्रॉप आउट कम करना और शिक्षा की सार्वभौमिक पहुँच विद्यार्थियों के लिये ऑनलाइन ट्रेकिंग की व्यवस्था की गयी है। इस वर्ष छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल की व्यवस्था शैक्षिक सत्र के साथ हो, इसके लिये विभाग द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें अप्रैल माह में ही उपलब्ध करा दी जायेंगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में 3471 हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अत्याधुनिक आईसीटी लैब तैयार की गयी है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के 44 हजार शिक्षकों को टेबलेट के लिये राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। टॉस्क फोर्स समिति की बैठक में अध्यक्ष प्रदेश एवं शुल्क विनियामक समिति श्री रवीन्द्र कान्हेरे, हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ैल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल श्री कृष्णदेव त्रिपाठी, पूर्व आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, पूर्व अपर संचालक लोक शिक्षण श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।  

अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए खोले जा रहे दरवाजे और सेना की तीनों शाखाओं में दी जाएगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) देहरादून में पहली बार महिला अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह बदलाव तीन साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया है, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) खड़गवासला में महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू की गई थी। अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं और उन्हें सेना की तीनों शाखाओं में ट्रेनिंग दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि महिलाएं भी एनडीए की परीक्षा में बैठ सकती हैं और सेना में अफसर बन सकती हैं। इसके बाद से महिलाओं के लिए सेना में कदम रखने का रास्ता खुल गया है। अब तक, आइएमए में महिलाओं को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है। एनडीए और आइएमए में महिलाओं की ट्रेनिंग: अभी तक, 145 महिलाओं को कर्नल की रैंक दी जा चुकी है और 115 महिलाएं यूनिट की कमान संभाल चुकी हैं। वर्तमान में, एनडीए में 126 महिला अफसरों की ट्रेनिंग चल रही है। इनमें से आठ महिलाओं ने थल सेना को अपने करियर का विकल्प चुना है। इन महिला अधिकारियों को आइएमए में एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें कमीशन मिल जाएगा। महिलाओं का बढ़ता कदम: महिलाओं के लिए यह बदलाव भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सेना में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी। यह कदम सेना की कार्यशक्ति में विविधता लाने और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले समय में, यह देखा जाएगा कि महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग और उनके योगदान से सेना में कैसे बदलाव आता है।    

देवास में वाहन टेंडर के लिए इंजीनियर ने मांगे 70 हजार रुपये, 25 हजार लेते पुलिस ने पकड़ा

देवास विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपित कार्यपालन यंत्री का नाम आनंद अहिरवार है। उसने विविकं में वाहन के अटैचमेंट के टेंडर के एवज में रिश्वत मांगी थी। यह था पूरा मामला लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के अनुसार पुष्पराज राजपूत निवासी लक्ष्मीबाई सोनकच्छ ने शिकायत की थी। आवेदक ने बताया था कि वह बिजली कंपनी सोनकच्छ में आउटसोर्स कर्मचारी है। उसका चारपहिया वाहन विविकं सोनकच्छ कार्यालय में किराए से अटैच है, जिसका प्रति 11 माह में टेंडर होता है। वाहन के लिए टेंडर डाला था। अधिक रेट के टेंडर पर वाहन अटैच करने के लिए कार्यपालन यंत्री आनंद अहिरवार ने 70 हजार रुपये मांगे। इस पर लोकायुक्त टीम ने जांच शुरू की। आवेदक को योजना बताई व रिश्वत के 25 हजार रुपये अहिरवार को देने को कहा। 26 मार्च को आवेदक अहिरवार के कार्यालय पहुंचा और 25 हजार रुपये दिए। इस दौरान सिविल ड्रेस में लोकायुक्त पुलिस भी बाहर मौजूद रही। जैसे ही अहिरवार ने रिश्वत के रुपये लिए, उसे रंगेहाथ गिरफ्तार किया।  

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, दिखेगा अद्धभुत नज़ारा

अयोध्या अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें एक बड़ी खबर सामने आई। दरअसल,रामनवमी के अवसर पर भगवान रामलला को स्थाई रूप से सूर्य तिलक किया जाएगा। आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, और यह कार्यक्रम देश-विदेश में प्रसारित किया जाएगा, जिससे यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन बन जाएगा। राम मंदिर के चारों द्वार पर महापुरुषों के नाम होंगे अंकित राम मंदिर के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि मंदिर के चारों द्वार का नाम उन महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इस घोषणा की संभावना रामनवमी के दिन की जा सकती है। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, राम मंदिर ट्रस्ट अस्थायी तौर पर कैनोपी और मैट की व्यवस्था करेगा, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके। राम दरबार की स्थापना और दर्शन व्यवस्था राम मंदिर के प्रथम तल पर जल्द ही राम दरबार की स्थापना की जाएगी। यह कार्य मई के पहले 15 दिनों में शुभ मुहूर्त में पूरा होगा। राम दरबार के दर्शन के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिनके माध्यम से हर घंटे 50 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिदिन लगभग 800 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने दी जानकारी श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि मंदिर और उसके परिसर के निर्माण कार्य को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  हालांकि ऑडिटोरियम का निर्माण 2025 के बाद पूरा होगा। मंदिर के निर्माण में तेजी से प्रगति हो रही है और श्रद्धालुओं को जल्द ही एक भव्य स्थल दर्शन के लिए मिलेगा।    

आयुष्मान योजना के तहत होना चाहिए था मुफ्त इलाज, लेकिन बाहर से मंगवाए 28 हजार रुपए के इंजेक्शन

भोपाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के तमाम दावों के बावजूद अस्पतालों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हमीदिया की नई बिल्डिंग में संचालित सुल्तानिया अस्पताल का है, जहां आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के परिजनों को महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े। नवजात के पिता अशोक प्रजापति के अनुसार, उनकी पत्नी रिंकू प्रजापति ने चार मार्च को सुल्तानिया में बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात का हृदय काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डाॅक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और सर्जरी की आवश्यकता होगी। इसके लिए जेके अस्पताल, एम्स भोपाल, बंसल या रायपुर रेफर करने की बात कही गई। अस्पताल में छह मार्च से इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई और 28 हजार रुपये के इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े, जबकि आयुष्मान योजना के तहत इलाज मुफ्त होना चाहिए था। परिजनों को जबरन इंजेक्शन खरीदने के लिए किया मजबूर पिता अशोक प्रजापति का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने जबरन कागजों पर साइन करवाकर उन्हें महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को बाहर की एंबुलेंस से ले जाने की अनुमति नहीं दी और हमीदिया परिसर की एंबुलेंस से ही ले जाने को कहा गया। हमीदिया से बाहर जाने के लिए एक एंबुलेंस का किराया 2500 रुपये था, जबकि बाहर की एंबुलेंस से मात्र 1000 रुपये में यह सेवा मिल सकती थी। मजबूरी में परिजनों को हमीदिया की एंबुलेंस से ही बच्चे को जेके अस्पताल ले जाना पड़ा। जेके अस्पताल में खुलासा, अधिक इंजेक्शन लगाए गए डिस्चार्ज के बाद अशोक प्रजापति के आयुष्मान कार्ड से 22 हजार रुपये काट लिए गए। जब वे अपने बच्चे को जेके अस्पताल लेकर पहुंचे। तो वहां डाक्टरों ने जांच करने के बाद बताया कि नवजात को केवल चार इंजेक्शन ही लगाने थे, लेकिन सुल्तानिया अस्पताल में सात इंजेक्शन लगाए गए। डाॅक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्जरी की जरूरत तो होगी, लेकिन इसे बाद में भी कराया जा सकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल समाजसेवी मुकेश रघुवंशी ने बताया कि इस मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयुष्मान योजना के बावजूद मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet