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प्रशिक्षण से अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मिलेगा मदद

रायपुर राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यशाला का  सफलतापूर्वक समापन हुआ। अटल नगर, नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में 20 और 21 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ करना, नीति-निर्माण को डेटा आधारित बनाना और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना था। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों के लिए मूल्यांकन, क्यों, कब और कैसे विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के अधिकारियों को मानिटरिंग और इवैल्यूएशन के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गयी। योजनाओं की प्रगति प्रभाविता को ट्रैक करने और परिणामों का विश्लेषण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। मूल्यांकन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योजनाओं के प्रभाव को मापने के लिए लॉजिकल फ्रेमवर्क और थ्योरी ऑफ चेंज का उपयोग, डेटा संग्रह की पद्धतियां, प्रभावी नीति निर्माण के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यशाला में मूल्यांकन में आने वाली चुनौतियां और समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला में प्रोग्राम/स्कीम इवैल्यूएशन के महत्व, उसके विभिन्न प्रकार, तरीकों, रूपरेखा (फ्रेमवर्क) और गुणवत्ता आश्वासन (क्वालिटी एश्योरेंस) पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रभावी मूल्यांकन से न केवल योजनाओं की सफलता और विफलता का विश्लेषण किया जा सकता हैए बल्कि सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान डेटा संग्रह, विश्लेषण तकनीक, निगरानी एवं मूल्यांकन के सर्वाेत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रभाव मूल्यांकन, प्रक्रियात्मक मूल्यांकन और परिणाम मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने बताया कि आयोग मूल्यांकन हेतु संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उपाय अपना रहा है। आने वाले समय में नीति निर्माण को डेटा संचालित और प्रभावी बनाने इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पारदर्शी और सटीक मूल्यांकन आवश्यक है। यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा। कार्यशाला के समापन अवसर पर राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और डी.एम.ई.ओ. टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, कि भविष्य में राज्य नीति आयोग और डी.एम.ई.ओ. इस तरह की और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित शासन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। कार्यशाला में डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार के निदेशक अबिनाश दास व उनकी एक्सपर्ट टीम द्वारा आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, डाटा गर्वनेंस क्वालिटी इंडेक्स एवं लॉजिकल फ्रेमवर्क तथा मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन के बारे में प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा की गई। उक्त कार्यशाला में सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, योजना विभाग सहित अन्य विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये।

विश्व जलदिवस पर ‘ग्लेशियर संरक्षण‘ थीम पर एक सेमिनार का आयोजन आज

जबलपुर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स लोकल सेंटर साउथ सिविल लाइन्स जबलपुर के तत्वावधान में आज शाम 06 बजे से विश्व जलदिवस पर ‘‘ग्लेशियर संरक्षण‘‘ थीम पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष इंजी. सुरेन्द्र सिंह पवार ने बताया कि इस सेमिनार में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. राजीव चांडक मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जबलपुर के सीनियर जियोलॉजिस्ट श्री ए.एस. खान मुख्य वक्ता के रूप में अपना व्याख्यान देंगे। लोकल सेंटर के चेयरमेन श्री संजय कुमार मेहता, संयोजक डॉ. संजय के वर्मा, मानसेवी सचिव डॉ. राजीव जैन, आयोजक सचिव श्री राजेश ठाकुर एवं सहसंयोजक श्री मनीष वाजपेई ने इस महत्वपूर्ण सेमिनार में इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों एवं अन्य से उपस्थिति की अपील की है।

मार्च के शेष 10 दिन बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे

इन्दौर मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मार्च के राजस्व संग्रहण महा अभियान एवं उपभोक्ता सुविधा के मद्देनजर इंदौर, उज्जैन, रतलाम जिले सहित मालवा निमाड़ के सभी 434 जोन, वितरण केंद्र के तहत बिजली बिल भुगतान केंद्रों को अगले दस दिनों 22 से 31 मार्च तक प्रतिदिन खुले रखने का निर्णय लिया हैं। भुगतान केंद्र शनिवार, रविवार को अवकाश के दिन के साथ ही गुड़ी पड़वा 30 मार्च, ईद उल फितर 31 मार्च के अवकाश के दिन भी खुल रहेंगे। बिजली उपभोक्ता बकाया देयकों का इन केंद्रों पर कार्यालय अवधि में भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा कैशलेस तरीके से देयकों का घर बैठे पेटीएम, फोन पे, गुगल पे, अमेजान इत्यादि माध्यमों, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से भुगतान किया जा सकता हैं। कैशलेस बिजली बिल भुगतान पर प्रत्येक बिल पर निर्धारित छूट प्रदान की जाती हैं, यह कैशलेस छूट अगले बिल में स्पष्ट उल्लेखित होती हैं।

आज से शुरू होगा सात दिवसीय विशाल पुस्तक मेला, मिलेगी अतिरिक्त छूट

ग्वालियर स्कूली बच्चों को उचित दाम पर किताबें, ड्रेस व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मेला परिसर स्थित दस्तकारी हाट बाजार (शिल्प बाजार) में आज दोपहर 2 बजे सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) शुरू होगा। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित हो रहे इस पुस्तक मेले का औपचारिक शुभारंभ इस दिन सायंकाल 5.30 बजे विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह एवं सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगणों की मौजूदगी में होगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अभिभावकों व स्कूली विद्यार्थियों से पुस्तक मेले का लाभ उठाने की अपील की है। पुस्तक विक्रेताओं (ग्वालियर डिवीजन चिल्ड्रन बुक सेलर एसोसिएशन) ने पुस्तक मेले से किताबें, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदने पर सभी तरह के डिस्काउंट (छूट) के अलावा अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन द्वारा पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही कहा है कि पुस्तक मेले से विद्यार्थियों व अभिभावकों को सभी तरह के डिस्काउंट के अलावा पुस्तकों की खरीदी पर 5 प्रतिशत, स्टेशनी पर 10 प्रतिशत तथा यूनीफॉर्म व अन्य सामग्री की खरीदी पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जायेगी। शिल्प बाजार परिसर में 22 मार्च से 29 मार्च तक आयोजित होने जा रहे इस पुस्तक मेले में ग्वालियर जिले में संचालित सभी प्राइवेट स्कूलों की पुस्तकों के सेट, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म सस्ती दर पर खरीदी जा सकेंगीं। मेले में पुस्तकों व स्टेशनी इत्यादि की 81 दुकानें लगेंगीं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने लिया मेले की तैयारियों का जायजा कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को शिल्प बाजार पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही इससे पहले अधिकारियों की बैठक लेकर पुस्तक मेले के सुव्यवस्थित आयोजन के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले में पेयजल, शौचालय व प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था की जाए। साथ ही पेड फूड स्टॉल भी लगाए जाएं। उन्होंने पुस्तक मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा व विद्युत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने पर भी विशेष जोर दिया। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने यह भी निर्देश दिए कि पुस्तक मेला परिसर में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए जाएं। जगह-जगह डस्टबिन रखें, जिससे मेले में कचरा न फैले। उन्होंने पुस्तक मेला परिसर की सुबह-शाम नियमित सफाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने सड़क आवागमन व्यवस्थित रखने और बच्चों के सुरक्षित आवागमन का ध्यान रखने पर विशेष बल दिया।  इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम व श्री टी एन सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

GST में बड़ा बदलाव, कर चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से बदल रहा है नियम

नई दिल्ली भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों में काफी बदलाव किया है. इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम लागू होने जा रहा है. इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करना है. इसकी मदद से राज्य सरकारें एक ही जगह पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित मात्रा में टैक्स वसूल करेंगी. ISD मैकेनिज्म को लागू करने के लिए 2024 के फाइनेंस एक्ट के तहत सेंट्रल जीएसटी एक्ट में संशोधन किया गया है. यह मैकेनिज्म उन व्यवसायों को सुविधा देता है जो कई राज्यों में संचालित होते हैं. इसके तहत व्यवसाय अपनी एक हेडक्वार्टर में कॉमन इनपुट सर्विस के इनवॉइस को सेंट्रलाइज कर सकते हैं. इससे उन शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट का समान वितरण संभव होता है जो शेयर्ड सर्विसेज का इस्तेमाल करती हैं. इनपुट टैक्स क्रेडिट का प्रॉफिट इनपुट टैक्स क्रेडिट यह वो टैक्स होता जो व्यवसाय अपनी खरीद पर चुकाते हैं. इसे आउटपुट टैक्स से घटाया जा सकता है, जिससे व्यवसाय की कुल जीएसटी देनदारी कम हो जाती है. नए नियमो के तहत ISD सिस्टम का इस्तेमाल होना अनिवार्य होगा जिससे ITC सही वितरण हो सके. नए नियम क्या है पहले बिजनेस करने वालों के पास कॉमन ITC को अपने अन्य GST रजिस्ट्रेशन में आवंटित करने के लिए दो ऑप्शन थे. इसमें दो ऑप्शन यह थे कि ISD मैकेनिज्म या क्रॉस-चार्ज मेथड, लेकिन अब 1 अप्रैल 2025 से ISD का इस्तेमाल न करने पर रेसिपिएंट लोकेशन के लिए ITC नहीं दी जाएगी. अगर ITC का गलत वितरण होता है तो टैक्स अथॉरिटी ब्याज सहित राशि वसूल करती है. इसके साथ ही अनियमित वितरण के लिए जुर्माना भी लगेगा, जो ITC की राशि या 10 हजार रुपए से भी अधिक होगा. जीएसटी सिस्टम माना जा रहा है कि यह बदलाव जीएसटी सिस्टम को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशी में एक और बड़ा कदम है. ISD सिस्टम से न केवल राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू वितरण होगा, बल्कि व्यवसायों को भी अपनी टैक्स देनदारियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी. यह कदम टैक्स की चोरी रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए काफी अच्छी साबित होगी.  

कोर्ट ने कहा कि वेश्या के साथ पकड़ा जाना देह व्यापार और मानव तस्करी की श्रेणी में नहीं आता

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आरोपी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई कार्यवाही को रद्द कर दिया। कार्यवाही रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि वेश्या के साथ रंगरलियां मनाना मानव तस्करी और देह व्यापार नहीं है। गाजियाबाद के रहने वाले विपुल कोहली की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कार्यवाही रद्द कर दी। मामला दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र का है। गाजियाबाद जिले में एलोरा थाई स्पा सेंटर में पुलिस ने 20 मई 2024 को छापेमारी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने याचिकाकर्ता को महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था। पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ मानव तस्करी और देह व्यापार का मुकदमा दर्ज किया था। एसीजेएम कोर्ट की ओर से मामले का संज्ञान लेते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ समन जारी किया गया था। जिसके खिलाफ याची ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में अपनी दलील रखी। वकील ने कोर्ट को बताया कि याची न तो स्पा सेंटर का मालिक है और न ही महिलाओं को देह व्यापार में ढकेलने का आरोपी है। याची ग्राहक है। उसने ली गई सेवाओं के बदले भुगतान किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है।

मध्य प्रदेश में कर्मचारी को मनपसंद स्थानों पर मिलेगा ट्रांसफर ! जल्द तबादले से बैन खुल जाएंगे

भोपाल  एमपी में पुरानी तबादला नीति पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नए सिरे से काम शुरू कर दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल के अंत तक या उसके पहले बैन खुल जाएंगे। जिसके बाद कर्मचारी मनपसंद स्थानों पर तबादला की अर्जी लगा सकेंगे, उस पर सुनवाई होगी और तबादले किए जाएंगे।  कर्मचारी वर्ग 2 वर्षों से तबादलों का इंतजार कर रहा है, बीते साल चुनाव के चलते उक्त नीति अटकी थी। जबकि वर्ष 2023 में भी ज्यादातर कर्मचारी चुनाव की आपाधापी में तबादला अर्जी नहीं दे सके थे। जल्द ही उन्हें लाभ मिलेगा। नीति लगभग तैयार सामान्य प्रशासन विभाग के सूत्रों के मुताबिक तबादला नीति लगभग तैयार है, जिसमें कुछ बदलाव प्रस्तावित हैं, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में एक बैठक होनी है। इसके बाद नीति कैबिनेट बैठक में जाएगी। बता दें, जनवरी में सरकार ने उच्च प्राथमिकता वाले तबादलों के रास्ते खोले थे।

अजय माकन ने गृह मंत्रालय पर चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंदर आती है

नई दिल्ली राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर शुक्रवार को चर्चा की जा रही है। इस दौरान कांग्रेस सांसद अजय माकन ने कहा कि पूरे देश में दिल्ली में महिलाओं, बच्चों और वृद्धों के साथ सबसे अधिक आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा उन्होंने पंजाब का जिक्र करते हुए बताया कि वहां ड्रग्स और विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके तार सीमा पार से जुड़े हैं। अजय माकन ने गृह मंत्रालय के कार्यकाल पर चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंदर आती है। पूरे देश में प्रत्येक एक लाख पर 66 महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं, लेकिन दिल्ली के अंदर प्रत्येक लाख महिलाओं में 144 महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं। पूरे देश में सबसे अधिक महिलाओं के प्रति अपराध दिल्ली में होते हैं। ऐसे ही पूरे हिंदुस्तान में प्रत्येक 1 लाख बच्चों पर 36 बच्चों के साथ अपराध होते हैं। दिल्ली में प्रति लाख में 134 बच्चों के साथ अपराध होते हैं। इसी तरह वृद्धों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी दिल्ली पूरे देश में नंबर वन है। उन्होंने कहा कि पहले ड्रग्स और नारकोटिक्स आते हैं, फिर गैंगवार और टेररिज्म आता है। केरल और पंजाब के अंदर नशे के मामले बहुत अधिक हो गए हैं। पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोन के जरिए ड्रग्स के पैकेट आ रहे हैं। पंजाब के पुलिस स्टेशनों में ग्रेनेड से हमले हो रहे हैं। वर्ष 2022 से लेकर अब तक 15 प्रमुख घटनाएं हुई हैं, जिनमें आरपीजी रॉकेट ग्रेनेड जैसे हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे समूहों से जुड़े लोग हत्या में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में विदेशी ग्रेनेड समेत विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। जिन विदेशी ग्रेनेड का इस्तेमाल संसद और मुंबई हमले में हुआ था, वैसे ही ग्रेनेड का इस्तेमाल पंजाब में हो रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि एक गहरी साजिश है। यह साजिश सीमा पार से हो रही है। यदि यह सब सीमा पार से हो रहा है तो इसे रोकने का काम बीएसएफ का है, गृह मंत्रालय का है। मुंबई में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के करीब 31,000 मामले लंबित हैं, कोलकाता में 15,000, बेंगलुरु में 18,000, हैदराबाद में 10,000 और दिल्ली में 77,000 मामले अदालतों में लंबित हैं। माकन के मुताबिक 2016 तक दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ होने वाले 29,000 मामले अदालतों में लंबित थे। लेकिन, अब यह बढ़कर 77,000 हो गए हैं। बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को देखें तो मुंबई में 10,000 मामले अदालतों में लंबित हैं, बेंगलुरु में 3,000, हैदराबाद में 1,600, कोलकाता में 3,000 और दिल्ली में 19,000 ऐसे मामले अदालतों में लंबित हैं। इन लंबित मामलों के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दिनों सरकारी रिकॉर्ड में आंदोलन को अपराध की श्रेणी में रखा जा रहा है। आंदोलन करने वाले हमारे किसान क्या अपराधियों की श्रेणी में रखे जाएंगे? विरोध-प्रदर्शन करने का लोकतंत्र के अंदर जो अधिकार दिया गया था, एक तरह से उसे समाप्त कर दिया गया है। हमारे देश की युवा आबादी नशे का शिकार हो रही है। वर्ष 2010 और 2014 के बीच में ड्रग्स की घटनाएं 33,000 थी। 2022 की एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि यह घटनाएं बढ़कर 1 लाख 15 हो गई हैं। केवल 10 वर्षों के अंदर नशे (ड्रग्स) की घटनाओं में 247 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां पूरे देश में ड्रग्स के मामले 247 परसेंट बढ़े हैं, वहीं दिल्ली के अंदर ड्रग्स की घटनाएं 546 प्रतिशत बढ़ी हैं। सिंथेटिक ड्रग्स का नशा बहुत ही खतरनाक है, जिसकी आदत लगने के बाद इसका छूटना बेहद मुश्किल हो जाता है।

सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश-सांसदों-विधायकों के कॉल और मैसेज का तुरंत जवाब दें अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के कॉल या मैसेज का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि कुछ अधिकारी विधायकों के पत्रों, फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने विधायकों और सांसदों के साथ व्यवहार करते समय पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (जीएडी) नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्देशों का अक्षरशः सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई मौका नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा। परिपत्र में प्रशासन, सांसदों और विधायकों के आधिकारिक व्यवहार के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी साझा की गई है, जिसे जीएडी ने 2020 में तैयार किया था। इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त संचार पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि सांसद या विधायक द्वारा मांगी गई सूचना प्रदान की जानी चाहिए, जब तक कि वह ऐसी प्रकृति की न हो कि उसे देने से इनकार किया जा सके।इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त प्रत्येक संचार की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर उत्तर दिया जाना चाहिए।

कोर्ट से कई शर्तों पर अब्बास अंसारी को जमानत मिली, ढाई साल बाद जेल से बाहर, ईद से पहले परिवार में छाईं खुशियां

लखनऊ मुख्तार अंसारी का विधायक बेटा अब्बास अंसारी ढाई साल से भी अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शुक्रवार को बाहर आ गया। अब्बास को सात मार्च को सुप्रीम कोर्ट से कई शर्तों पर अब्बास अंसारी को जमानत मिली थी। करीब 15 दिनों बाद कोर्ट का परवाना कासगंज जेल पहुंचा और अब्बास को रिहाई मिल सकी है। मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए ईद से पहले यह बड़ी खुशी है। रमजान के महीने में जुमे के दिन अब्बास के बाहर आने को भी उसके समर्थक खुदा की मेहरबानी मान रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास में रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कहा है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ का दौरा करने से पहले प्राधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही अदालत की बिना अनुमति के उत्तर प्रदेश नहीं छोड़ सकेंगे। अदालतों में पेश होने से एक दिन पहले पुलिस अधिकारियों को जानकारी भी देंगे। अब्बास अंसारी को पिछले विधानसभा चुनाव के कुछ समय बाद ही 4 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उनके ऊपर सबसे बड़ा मामला हेट स्पीच का था। इसके बाद 6 सितंबर 2024 को उनके ऊपर गैंगस्टर लग गया था। अब्बास पहले चित्रकूट जेल में थे। यहां पत्नी निकहत के साथ अवैध रूप से मुलाकात करते पकड़े जाने पर कासगंज जेल भेजा गया था। निकहत को भी गिरफ्तार कर चित्रकूट जेल में रखा गया था। निकहत को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया था। अब्बास ने 2022 का विधानसभा चुनाव ओपी राजभर की पार्टी सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीता था। तब सुभासपा और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। सपा का साथ छोड़कर भाजपा से गठबंधन करने पर जब सवाल उठे तो ओपी राजभर ने अब्बास को सपा का भेजा हुआ प्रत्याशी बताया था। अब अब्बास के बाहर आने से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह सुभासपा की बैठकों जाते हैं या उससे दूरी बनाकर रहते हैं। विधानसभा में भी उनकी सीट पर नजर रहेगी।

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, “आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?” उन्होंने कहा, “अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।” विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा- 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद हो जाएगा समाप्त

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में कहा, “मैं देश को बताना चाहता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। नक्सलवादियों ने समानांतर सरकारें बनाई, समानांतर सरकारें चलाईं। नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे नरेंद्र मोदी सरकार का 10 साल का विजन है।” गृह मंत्री शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की है। इनके हर प्रकार के कम्युनिकेशन और आवाजाही का रेखांकन किया। ड्रोन और सैटेलाइट सर्विलांस किया। डाटा एनालिसिस करके अपने सुरक्षा बलों को लैस किया, जिसके आधार पर सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के मुकाबले अभी नक्सलवाद से जुड़ी हिंसक घटनाएं और सुरक्षाबलों के मारे जाने की संख्या में काफी कमी आई है। कांग्रेस शासनकाल में 126 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। अब ऐसे केवल 12 जिले बचे हैं। अगले वर्ष 31 मार्च तक ये जिले भी नक्सलवाद से मुक्त हो जाएंगे। पहले नक्सल प्रभावित जिलों में एक भी नाइट लैंडिंग हेलीपैड नहीं थे। सुरक्षा बलों को मजबूती प्रदान करने के लिए ऐसे 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड बनाए गए हैं। नक्सलियों के कई करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। हमने इन इलाकों में विकास के लिए बजट को 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का काम किया है। हाईवे बनाए और ग्रामीण सड़कें बनाई हैं। मोबाइल टावर लगाए हैं। पूरा नक्सल एरिया अब मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आए परिवर्तन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में 33 सालों से वहां रात को सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे, हमारे शासन में वहां खुले हैं। 34 साल से ताजिया के जुलूस की इजाजत नहीं थी, हमारे शासन में दी गई। जी-20 की बैठक में दुनिया भर के डिप्लोमेट्स वहां शांति से गए। कश्मीर की संस्कृति, खूबसूरती, भोजन और संगीत का अनुभव करके अपने देश लौटे हैं। इस देश में लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए हम सब गए थे। प्रधानमंत्री और हमारे तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर यात्रा निकाली थी। हमें लाल चौक जाने की परमिशन नहीं मिल रही थी। जब जिद की तो सेना की सुरक्षा में वहां जाकर आनन-फानन में ध्वज वंदन करके वापस आना पड़ा। आज उसी लाल चौक पर ‘हर घर तिरंगा कार्यक्रम’ में एक भी घर ऐसा नहीं था, जहां तिरंगा न हो। उन्होंने आगे कहा कि श्रीनगर में फॉर्मूला-4 रेसिंग कार का आयोजन हुआ। उसी लाल चौक पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मां शारदा देवी के मंदिर में दशकों के बाद दीपावली और सरस्वती पूजन हुआ। खीर भवानी का अष्टमी महोत्सव 22 साल बाद मनाया गया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि गांवों से सुविधाओं के लिए पलायन हो रहा है। जिस देश के बॉर्डर के गांव खाली हो जाते हैं, उस देश के बॉर्डर कभी सुरक्षित नहीं रह सकते, इसलिए एक नई अप्रोच के साथ पहले जिसे देश का अंतिम गांव कहा जाता था, अब उसे देश का पहला गांव कहा जाता है। मैं दावे से कहता हूं कि सुविधाओं की दृष्टि से भी यह गांव अगले 10 वर्ष में देश के प्रथम गांव होंगे। इसके लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लाया गया है। इसके अंतर्गत 90 प्रतिशत केंद्र का अनुदान है और 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा है। इस अनुपात में इन गांवों के लिए पैसा दिया जाता है। शुरुआत में 4,800 करोड़ रुपए के आवंटन से हमने 652 गांव को इसमें शामिल किया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के 455, उत्तराखंड के 51, हिमाचल के 75, सिक्किम के 46 और लद्दाख के कई गांव शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक विकास में चंबल क्षेत्र सुनहरा अध्याय लिख रहा है

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का जो सपना देखा है, चंबल क्षेत्र उसमें सुनहरा अध्याय लिख रहा है। चंबल की भूमि उपजाऊ है, कमाऊ है, साथ ही टिकाऊ भी है। चंबल जैसा टिकाऊ जज्बा और कहीं देखने को नहीं मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के मालनपुर में एक हजार करोड़ रूपए की लागत से एलिक्सर इण्डस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की आधुनिक मेगा इकाई का भूमिपूजन करते हुए यह बात कही। इस मौके पर रेडीमेड गारमेंट ग्वालियर की सात इकाईयों और मुरैना जिले के औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा की 11 इकाईयों का भी भूमिपूजन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चंबल अब डर के नाम से नहीं बल्कि विकास के नाम से पहचाना जाता है। इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच और प्रदेश सरकार के संकल्प के कारण अनेक औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं। इन औद्योगिक इकाईयों के प्रारंभ होने से बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (वर्चुअल), जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य, विधायक गोहद श्री केशव देसाई, लहार विधायक श्री अमरीश शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह नरवरिया एवं एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमेन श्री अरुण गोयल सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिये हर संभव कार्य किया जा रहा है। इन्वेस्टर समिट व रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के माध्यम से न केवल देश बल्कि विदेशों से भी इन्वेस्टरों को आमंत्रित करने का कार्य किया गया है, जिसके सार्थक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी अनेक औद्योगिक इकाईयां स्थापित हो रही हैं, जिनके माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही किसानों के हित में भी अनेक निर्णय लिए गए हैं। चंबल – काली सिंध – पार्वती लिंक परियोजना क्षेत्र में खुशहाली लेकर आयेगी। इस परियोजना से चंबल को सर्वाधिक लाभ प्राप्त होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि चंबल क्षेत्र औद्योगिक रूप से विकसित हो रहा है। यह हम सबके लिये प्रसन्नता की बात है। औद्योगिक विकास से न केवल क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि यहां के युवाओं को बेहतर रोजगार भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से मालनपुर में एक हजार करोड रूपए के निवेश से जो नई इकाई प्रारंभ हो रही है, वह इस क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी। ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश में औद्योगिक विकास का बेहतर माहौल बना है, जिसके सार्थक परिणाम हमें सम्पूर्ण प्रदेशभर में दिखाई दे रहे हैं।  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक विकास के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के रेडीमेड गारमेंट पार्क में भी नई औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं, इससे ग्वालियर के युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सकेगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी औद्योगिक विकास की दिशा में अनुकरणीय कार्य हो रहा है। मालनपुर में एक हजार करोड रूपए की नवीन इकाई स्थापित होने से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अरुण गोयल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विशेष प्रयासों से ही मालनपुर में नई इकाई की स्थापना हो सकी है। मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। प्रदेश सरकार उद्योगों के विकास के लिये हर संभव सहयोग कर रही है।

कोर्ट में पेश नहीं होने पर जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, कभी भी हो सकती हैं गिरफ्तार

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली दिग्गज एक्ट्रेस और पूर्व सांसद जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया गया है। उन पर अदालत की सुनवाई में बार-बार अनुपस्थित रहने के आरोप लगे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की अनुमति मिलने के बाद भी अभद्र टिप्पणी मामले में जया प्रदा बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश नहीं हुईं। बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एमपी सिंह की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल तारीख तय कर दी। कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अब गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर सकती है।   क्या है पूरा मामला? दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने रामपुर के कटघर क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें रामपुर के पूर्व सांसद आजम खां, मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, अब्दुल्ला आजम, फिरोज खां, आयोजक मोहम्मद आरिफ और रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर खां शामिल थे, ने भाषण दिया था। आरोप है कि इस दौरान जयाप्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई। इस पर रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने आजम खां सहित अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। जयाप्रदा के बयान दर्ज होने थे, जिसके लिए उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद वे बृहस्पतिवार को सुनवाई में शामिल नहीं हुईं।  फिलहाल, इस मामले पर जया प्रदा या उनके वकील की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि क्या वे जल्द ही कोर्ट में हाजिर होती हैं या फिर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालनपुर में एलिक्जर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की इकाई का भूमिपूजन किया

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर व मालनपुर प्रवास पर पधारे। ग्वालियर, भिण्ड व मुरैना जिले को औद्योगिक इकाईयों की सौगात देने आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजमाता विजयाराजे सिंधिया विमानतल पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। भोपाल से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला भी मुख्यमंत्री के साथ आए थे। मालनपुर व ग्वालियर में कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपरान्ह लगभग 5 बजे विमानतल पहुँचकर वायुमार्ग द्वारा भोपाल के लिये प्रस्थान किया। विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वागत के लिये भाजपा जिला अध्यक्ष शहर श्री जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव तथा सर्वश्री कमल माखीजानी, दीपक शर्मा व विनोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण पहुँचे थे। इस अवसर पर संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद सक्सेना, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित सांघी, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मालनपुर में एलिक्जर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की इकाई का भूमिपूजन किया। साथ ही ग्वालियर रेडीमेड गारमेंट पार्क की 7 एवं मुरैना जिले के औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा की 11 इकाईयों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इसके बाद ग्वालियर में विधायक श्री प्रीतम लोधी व पार्षद श्री अनिल सांखला के निवास पर पहुँचकर शोक संवेदनायें व्यक्त की।

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