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रणजीत हनुमान मंदिर में राम नवमी और हनुमान जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा

इंदौर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में राम नवमी और हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी है। आयोजन में क्या कुछ ऐसे लेकर पूरी प्लानिंग भी की जा चुकी है। आगामी रविवार को भक्त मंडल के सदस्यों के साथ ऐसे लेकर बैठक की जाएगी।। रणजीत हनुमान मंदिर में राम नवमी और हनुमान जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के मुख्य पुजारी  ने बताया- आयोजन को लेकर भक्त मंडल के प्रमुख सदस्यों के साथ एक बैठक हाल ही में की जा चुकी है। बैठक में तय किया गया है कि राम नवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। 6 अप्रैल को रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन प्रभु श्री राम शीश महल में विराजेंगे। पूरे मंदिर परिसर को शीश महल की तरह तैयार किया जाएगा। आयोजन की शुरुआत में सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायण की स्थापना होगी। 8.30 से भगवान राम का महाभिषेक शुरू किया जाएगा। सुबह 9 बजे से श्रृंगार शुरू किया जाएगा। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव आरती की जाएगी। शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव पर मथुरा-वृंदावन का दृश्य मंदिर के पुजारी ने बताया- 12 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर मथुरा-वृंदावन का दृश्य यहां देखने को मिलेगा। 11 अप्रैल की रात में बाबा का महाभिषेक किया जाएगा। बाबा का श्रृंगार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर साल अलग-अलग थीम पर मंदिर सजाया जाता है। इस बार पूरा मथुरा-वृंदावन की थीम यहां देखने को मिलेगी। भगवान के श्रृंगार से लेकर सजावट यहां तक की मंदिर के पुजारी और भक्त मंडल के सदस्य भी वहीं की वेशभूषा में रहेंगे। महिलाओं को भी गोपियों की वेशभूषा में आने के लिए कहा जाएगा। इसके साथ ही मथुरा-वृंदावन से मंदिर को सजाने के लिए टीम भी अप्रैल माह की शुरुआत में आ जाएगी। मंदिर परिसर में गोमाता को भी लाया जाएगा। रविवार को होगी बैठक, देंगे जिम्मेदारी  आयोजन को लेकर भक्त मंडल के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। इसे लेकर रविवार को एक बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गई है। बैठक में बड़ी संख्या में भक्त मंडल के सदस्य शामिल होंगे। हर साल की तरह इस साल भी क्या कुछ व्यवस्था रहेगी इसे लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी।

योजना 97 के मुख्य मार्ग पर बड़े कमर्शियल प्लॉट तो अंदर 800 से 2400 वर्ग फीट के आवासीय प्लॉट होंगे

इंदौर  एमपी के इंदौर शहर की प्राइम लोकेशन पर इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) 1293 प्लॉटों की कॉलोनी काटने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट से योजना 97 के पार्ट 2 व 4 की 210 एकड़ जमीन का केस जीतने के बाद प्लान तैयार हो गया है, जिसे आइडीए की बोर्ड बैठक में मंजूरी दी जाएगी। योजना के मुख्य मार्ग पर बड़े कमर्शियल प्लॉट तो अंदर 800 से 2400 वर्ग फीट के आवासीय प्लॉट होंगे। कार्रवाई को सही माना 1984 में आइडीए ने बिजलपुर, तेजपुर गड़बड़ी गांव में योजना 97 पार्ट 2 व 4 घोषित की थी। इसमें से 89 हेक्टेयर (210 एकड़) जमीन को लेकर किसान कोर्ट गए। दो फैसले आइडीए के खिलाफ आए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आइडीए के अधिग्रहण की कार्रवाई को सही माना। यह जमीन राजेंद्र नगर रेती मंडी से एबी रोड और रीजनल पार्क के सामने है। आइडीए सीईओ आरपी अहिरवार ने बताया कि योजना में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। मुख्य मार्ग पर बड़े और व्यावसायिक प्लॉट तो पीछे आवासीय प्लॉट रहेंगे। योजना में सभी सुविधाओं का ध्यान रखेंगे। बोर्ड बैठक में स्वीकृति के बाद निर्माण को लेकर टेंडर जारी होगा। सवा तीन सौ करोड़ होंगे खर्च आइडीए ने योजना 97 में काफी काम किया था, जिसे आगे बढ़ाया जा रहा है। पुरानी सड़कों को आकार दे रहे हैं तो नई सड़कों का भी निर्माण हो रहा है। मास्टर प्लान की सड़कों के टेंडर जारी कर दिए हैं। आइडीए ने पिछली बोर्ड बैठक में योजना के विकास को लेकर प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। योजना 97/2 में 118.35 करोड़ तो 97/4 में 207 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जमीन पर हैं कब्जे सुप्रीम कोर्ट से केस जीतने के बाद भी आइडीए ने अब तक जमीन का कब्जा नहीं लिया है। इसका फायदा जमीन के कुछ जालसाज उठा रहे हैं। रीजनल पार्क के सामने तेजी से अवैध निर्माण हो रहे हैं। अलग-अलग हिस्से बनाकर लोगों को किराए पर जगह दे दी है, जिनसे किराए के रूप में बड़ी राशि ली जा रही है। दीपावली के समय थोक पटाखा बाजार से दस लाख रुपए लिए गए थे। इस गड़बड़ी में आइडीए के कुछ अफसरों की मिलीभगत का भी आरोप है। यह भी हो चुकी है गड़बड़ी योजना 97 लाने पर जमीन मालिकों ने कोर्ट में याचिका लगाई थी और हाईकोर्ट ने दो फैसले उनके पक्ष में दिए थे। इसके आधार पर तत्कालीन अफसरों ने जमकर चांदी काटी। जमीन मालिकों को एनओसी जारी कर दी गई, जिसके आधार पर टीएंडसीपी से नक्शे पास हो गए। बवाल होने पर एनओसी निरस्त की गई। फिर वस्तुस्थिति देने में गड़बड़ी हुई। इसे आधार बनाकर कुछ जमीनों के नक्शे पास हो गए, जिन पर बिल्डिंग बन गई है।

टैरिफ धमकी पर तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान, कहा- PM मोदी और ट्रंप अच्छे दोस्त, ‘सीधे टॉप लेवल पर चल रही बात’

नई दिल्ली नई दिल्ली पहुंचीं अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा कि टैरिफ के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच टॉप लेवल पर सीधी बातचीत हो रही है। गबार्ड ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मैंने भारत सरकार के अधिकारियों से बात की है। मुझे यह देखकर खुशी हुई कि भारतीय अधिकारी इसे नकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के बजाय सकारात्मक ले रहे हैं। अच्छे समाधान की तलाश गबार्ड ने आगे कहा कि जैसे पीएम मोदी अपने देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के लिए उपलब्ध अवसरों को सर्वोत्तम हित में देख रहे हैं। ठीक उसी प्रकार राष्ट्रपति ट्रंप भी अमेरिकी लोगों और आर्थिक हितों यही करने में जुटे हैं। पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप बेहतरीन समाधान की तलाश में हैं। टॉप लेवल पर चल रहा सीधा संवाद तुलसी गबार्ड ने कहा कि सबसे सकारात्मक बात यह है कि हमारे पास दो ऐसे नेता हैं, जिन्हें मुद्दों की सामान्य समझ है और अच्छे समाधान की तलाश में हैं। सीधा संवाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर चल रहा है। मगर विभिन्न सचिवों और कैबिनेट सदस्यों के बीच यह तय करने में अहम होगा कि आगे का रास्ता कैसा होगा? मैं व्यक्तिगत रूप से उत्साहित हूं क्योंकि भारत और अमेरिका में निजी क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी है।   साझेदारी को मजबूत करने का बड़ा अवसर तुलसी गबार्ड ने कहा कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहरी दोस्ती है। यही दोस्ती दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को बढ़ाने की आधारशिला है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे नए प्रशासन के साथ संबंधों की दिशा पीएम मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान तय हुई। जैसा कि आप जानते हैं कि वे पहले से ही अच्छे दोस्त हैं। यह भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर था।   इन क्षेत्रों पर मजबूत होगी साझेदारी गबार्ड ने कहा कि यहां विभिन्न भारतीय सरकारी और खुफिया अधिकारियों के साथ हुई हमारी बैठकों का आधार यह रहा है कि कैसे हम अपने संबंधों को मजबूत करना जारी रख सकते हैं? न केवल खुफिया बल्कि हम वाणिज्य, व्यापार, रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र पर भी विचार कर रहे हैं। मैं अमेरिका-भारत साझेदारी में केवल अवसर ही देख रही हूं। बातचीत के दौरान तुलसी ने महाभारत समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

PM मोदी के इस बयान का मुरीद हुआ चीन, जमकर की तारीफ, चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा दोहराई

बीजिंग चीन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी के बयान की सराहना करते हुए चीन ने कहा कि ड्रैगन और हाथी के बीच बैले नृत्य एकमात्र विकल्प है। चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा दोहराई है। हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में कहा था कि दोनों देशों को मतभेद की जगह संवाद को प्राथमिकता देना चाहिए।पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में दोनों सेनाओं के बीच 2020 में हुई झड़प के बाद तनाव पैदा हुआ। इसे कम करने के लिए राष्ट्रपति शी के साथ बातचीत हुई। इसके बाद भारत-चीन सीमा पर स्थिति सामान्य हुई। पड़ोसियों के बीच मतभेद स्वाभाविक पीएम मोदी ने आगे कहा कि पड़ोसियों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं। मगर हमारे प्रयासों का उद्देश्य यह तय करना है कि मतभेद विवादों में न बदल जाएं और मतभेद के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी जाए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने एक समय वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 50 फीसद से अधिक का योगदान दिया था। हमारा सहयोग पारस्परिक रूप से न केवल लाभकारी है बल्कि वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए भी जरूरी है। चीन ने की पीएम मोदी की सराहना पीएम मोदी के इसी बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चीन ने पीएम मोदी के हालिया बयान पर ध्यान दिया है। चीन इसकी सराहना  करता है। माओ ने आगे कहा कि पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सफल द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक ने संबंधों के सुधार और विकास के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया। दोनों पक्षों ने आम समझ पर ईमानदारी से काम किया और सकारात्मक रिजल्ट हासिल किया। 2000 वर्ष पुराने आपसी संबंध चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि 2000 से अधिक वर्षों के आपसी संबंधों के इतिहास में दोनों देशों ने दोस्ताना आदान-प्रदान जारी रखा। दोनों देशों ने एक-दूसरे से सीखा। दो सबसे बड़े विकासशील देशों के तौर पर चीन और भारत ने अपने विकास और पुनरोद्धार के काम को साझा किया। एक-दूसरे की सफलताओं को समझा और उनका समर्थन किया। माओ ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब से अधिक लोगों के मौलिक हितों और क्षेत्रीय देशों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करता है। उन्होने कहा कि यह वैश्विक दक्षिण के मजबूत करने और विश्व शांति के ऐतिहासिक प्रवृत्ति का अनुसरण करता है। एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें दोनों देश चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों को ऐसे साझेदार बनना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें। ड्रैगन और हाथी के बीच बैले नृत्य एकमात्र विकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि आम सहमति को लागू करने के लिए चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ को एक अवसर के रूप में लेगा। द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और विकास के पथ पर आगे बढ़ाएगा।

सरकार छत्रपति संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेगी, लेकिन महिमामंडन की अनुमति देगी: : फडणवीस

नई दिल्ली औरंगजेब को लेकर देश में सियासी संग्राम चल रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदू संस्थानों ने संभाजीनगर में मौजूद मुगल शासक औरंगजेब के मकबरे को तोड़ने की चेतावनी दी है। वहीं, भाजपा विधायक टी राजा ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को तोड़ना ही उनका संकल्प है। इसी बीच महाराष्ट्र में कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने सीएम देवेंद्र फडणवीस की तुलना औरंगजेब से कर दी। देवेंद्र फडणवीस भी औरंगजेब की तरह क्रूर: कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि औरंगजेब एक बेहद क्रूर मुगल शासक था। वह सत्ता के लिए धर्म का इस्तेमाल करता था। आज देवेंद्र फडणवीस भी उसी तरह क्रूर हैं और धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिमामंडन की अनुमति नहीं: सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार छत्रपति संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेगी, लेकिन मुगल राजा के महिमामंडन की अनुमति देगी, जबकि कट्टरपंथी संगठनों द्वारा कब्र को हटाने के लिए बार-बार आह्वान और विरोध किया जा रहा है। विधानसभा में सीएम फडणवीस ने कहा कि हम औरंगजेब की कब्र की रक्षा करेंगे, लेकिन उसकी या उस स्थान की महिमामंडन की अनुमति नहीं देंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर का महिमामंडन किया जाएगा, न कि औरंगजेब की कब्र का। औरंगजेब की तारीफ करने वालों की खैर नहीं: सीएम फडणवीस वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आज भिवंडी के शिवक्षेत्र मराडे पाडा में छत्रपति शिवाजी महाराज मंदिर (शक्तिपीठ) का लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इस देश में अगर कोई औरंगजेब की कब्र को लेकर महिमा मंडन करने की कोशिश करेगा, तो उसे फाड़ कर रख देंगे। सीएम फडणवीस ने आगे कहा कि  छत्रपति शिवाजी महाराज के कारण ही हम इस देश में अपने इष्ट देवताओं के मंदिरों के दर्शन कर पाए. उन्होंने देश और धर्म के लिए लड़कर स्वराज्य की स्थापना की। मकबरे की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात हिंदू संगठनों ने चेतावनी के बाद मकबरे की सुरक्षा के मद्देनजर शहर में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।पुलिस को आशंका है कि अगर भीड़ औरंगजेब की मकबरे तक पहुंच गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। बता दें कि पुलिस-प्रशासन ने मकबरे के लिए सीधी एंट्री पर रोक लगाई दी गई है। अगले आदेश तक मकबरे में सीधे प्रवेश पर रोक है। बता दें कि ये मकबरा संभाजीनगर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर खुलताबाद में स्थित है। अबू आजमी ने की थी औरंगजेब की तारीफ कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी के कुछ दिनों पहले औरंगजेब को एक कुशल शासक बताया था। उन्होंने कहा था कि औरंगजेब ने मंदिर के साथ-साथ मस्जिद भी तुड़वाए थे। सपा नेता के बयान पर सियासी हंगामा खड़ा हो गया था। मामले ने जब तूल पकड़ा तो अबू आजमी ने अपने बयान को वापस ले लिया।

प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन भारत-न्यूजीलैंड संबंध को मजबूत बनाने पर सहमत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके न्यूजीलैंड समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार का विस्तार करने, रक्षा सहयोग को गहरा करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। हैदराबाद हाउस में वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया। रविवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचे लक्सन नौ साल में न्यूजीलैंड के दौरे पर आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के भारत के प्रति गहरे लगाव का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, “हम सभी ने देखा कि किस तरह उन्होंने कुछ दिन पहले ऑकलैंड में होली खेलकर उत्सव मनाया। न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के समुदाय के प्रति उनका स्नेह इस यात्रा पर उनके साथ आए बड़े प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर प्रमुख सम्मेलन रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में पीएम लक्सन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी चर्चा में व्यापार, सुरक्षा और निवेश सहित कई विषयों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को संस्थागत बनाने पर सहमति जताई, जिसमें संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा उद्योग में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते समुद्री सुरक्षा सहयोग पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं के बीच चर्चा का एक और केंद्र बिंदु व्यापार था। भारत-न्यूजीलैंड पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इससे डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में आपसी व्यापार और निवेश की संभावना बढ़ेगी।” नेताओं ने खेल कूटनीति पर भी जोर दिया और भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक खेल संबंधों को मान्यता दी। पीएम मोदी ने कहा, “हमने 2026 में अपने दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि दोनों देश खेल विज्ञान, मनोविज्ञान और चिकित्सा में सहयोग करेंगे, साथ ही खिलाड़ियों के आदान-प्रदान और कोचिंग कार्यक्रमों की सुविधा भी प्रदान करेंगे।

पोषण भी-पढ़ाई भी पर एक दिवसीय कार्यशाला का भोपाल के होटल रेडिसन में होगा आयोजन

भोपाल “पोषण भी-पढ़ाई भी” कार्यक्रम के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला बाल विकास विभाग के संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला कार्यक्रम अधिकारियों के उन्मुखीकरण के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भोपाल के होटल रेडिसन में 18 मार्च को प्रात: 9:30 बजे किया जा रहा है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगी। केन्द्र सरकार के “पोषण भी-पढाई भी” कार्यक्रम के तहत प्रदेश की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकताओं को नेशनल करिकल्म फॉर अर्ली चाईल्डहूड केयर एण्ड एजुकेशन 2024 (आधारशिला) एवं नेशनल फ्रेमवर्क फॉर अर्ली चाईल्डहूड स्टीमूलेशन 2024 (नवचेतना) के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। दो चरणों में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 से 22 मार्च 2025 और 24 से 26 मार्च को होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पालकों को बाल विकास को प्रेरित करने के संबंध में जागरूक करने, पोषण संबंधी गतिविधियों, 3-6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और बच्चों में दिव्यांगता एवं विकास में देरी के संबंध में पालकों को जागरूक करने जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।  

होरी हो ब्रजराज का मानव संग्रहालय में मंचन आज

भोपाल होली के पारम्परिक गीत-संगीत और नृत्य के वासंती रंग 18 मार्च को मंगलवार की शाम 6:30 बजे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के मुक्ताकाश में बिखरेंगे। टैगोर लोक कला एवं संस्कृति केन्द्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा ‘होरी हो ब्रजराज’ का रंगारंग आयोजन मानव संग्रहालय, विश्वरंग फाउंडेशन, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी, वनमाली सृजनपीठ तथा पुरू कथक अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। लोक रंगों में छलकती फागुनी छवियों की यह दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना क्षमा मालवीय के निर्देशन में मंचित होगी। इस प्रदर्शन में शहर के 50 से भी ज़्यादा कलाकार हिस्सा लेंगे। इस रूपक की मूल संकल्पना कवि-कथाकार संतोष चौबे ने की है। वाचिक स्वर कला समीक्षक विनय उपाध्याय का है। संगीत संयोजन संगीतकार संतोष कौशिक ने किया है। होली की दृश्य-छवियों पर केन्द्रित चित्र प्रदर्शनी ‘बिम्ब-प्रतिबिम्ब’ भी आकर्षण का केन्द्र होगी। प्रस्तुति में दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क है।  

NASA देगा 9 महीने की ओवरटाइम के लिए सुनीता विलियम्स को कितनी सैलरी, वापसी का रास्ता साफ

वाशिंगटन अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की 8 दिन के मिशन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण 9 महीने से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फंसी रहना एक लंबी और दिलचस्प कहानी बन चुकी है। अब नासा ने स्पेशल स्पेसक्राफ्ट भेजकर इन दोनों की पृथ्वी पर वापसी का रास्ता साफ किया है। लेकिन क्या इसके लिए उन्हें ओवरटाइम वेतन मिलेगा? आइए जानते हैं पूरी कहानी। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 2024 के जून महीने में नासा के मिशन के तहत 8 दिन के लिए अंतरिक्ष गए थे। यह मिशन अमेरिका के बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान द्वारा आयोजित किया गया था। मिशन की अवधि पूरी करने के बाद वे वापस आना चाहते थे, लेकिन अचानक तकनीकी समस्याओं के कारण उनका अंतरिक्ष यान ISS पर ही फंस गया। इस वजह से उन्हें तय समय से कहीं अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़ा। फंसे नहीं, बल्कि काम कर रहे थे! मीडिया में यह खबर थी कि दोनों अंतरिक्ष यात्री ISS पर “फंसे” हुए थे। लेकिन नासा के मुताबिक, वे वहां फंसे नहीं थे। दरअसल, दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां पूरी तरह से सक्रिय थे और नासा के लिए विभिन्न कार्य कर रहे थे। नासा के अनुसार, वे संघीय कर्मचारी हैं, जो अपनी नियमित सैलरी प्राप्त कर रहे हैं, जैसे पृथ्वी पर किसी कर्मचारी को उसकी नियमित नौकरी के दौरान मिलती है। ओवरटाइम वेतन का क्या हुआ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 9 महीनों के लिए सुनीता और बुच को अतिरिक्त ओवरटाइम वेतन मिलेगा? इस सवाल का जवाब दिया है नासा की रिटायर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन ग्रेस (कैडी) कोलमैन ने। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों को ओवरटाइम या अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता। जब वे अंतरिक्ष में होते हैं, तो उनकी नौकरी वही होती है जो वे पृथ्वी पर करते हैं, और वे अपनी नियमित सैलरी प्राप्त करते रहते हैं। लेकिन, उन्हें एक छोटा सा डेली स्टाइपेंड (प्रतिदिन का भत्ता) जरूर मिलता है, जो आकस्मिक खर्चों के लिए होता है। यह भत्ता 4 डॉलर (लगभग 347 रुपये) प्रतिदिन होता है। इस हिसाब से, सुनीता और बुच को अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर लगभग 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे। यह एक आकस्मिक खर्च का रूप है, जो सैलरी के अलावा होता है। नासा में काम करने वाले संघीय कर्मचारियों का वेतन सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नासा के जीएस-15 वेतन ग्रेड में आते हैं, जो संघीय कर्मचारियों का सबसे उच्चतम स्तर होता है। इस ग्रेड में कर्मचारियों को सालाना लगभग 1.08 करोड़ रुपये से लेकर 1.41 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलती है। यह वेतन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए निर्धारित किया जाता है। स्पेशल स्पेसक्राफ्ट के जरिए वापसी अब दोनों की वापसी की प्रक्रिया भी बहुत दिलचस्प है। इन दोनों को लेने के लिए नासा ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को भेजा है। यह स्पेसक्राफ्ट 19 मार्च तक इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस ला सकता है। इस ड्रैगन कैप्सूल के जरिए, वे नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ लौटेंगे। क्यों है यह मिशन महत्वपूर्ण? यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने न केवल नासा के नियमित क्रू रोटेशन मिशन को पूरा किया, बल्कि यह दो अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी का रास्ता भी साफ कर दिया। इस मिशन से यह भी साबित होता है कि निजी कंपनियों की अंतरिक्ष उड़ान सेवाएं, जैसे स्पेसएक्स, अब नासा के साथ मिलकर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  

जाने क्या है डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऑरेंज लिस्ट, जिसमें पाकिस्तान के साथ रूस का भी आया नाम

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कुल 43 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी में है। इन देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस समेत कई बड़े मुल्क शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन देशों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है। ये लिस्ट हैं- रेड, ऑरेंज और येलो। इनमें से रेड लिस्ट वाले देशों का मतलब है कि उनके यहां के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑरेंज लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा रूस भी इसी सूची में है। इस लिस्ट में कुल 10 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को आंशिक पाबंदियां झेलनी होंगी। दरअसल प्रभावी लोगों और बिजनेस से जुड़े मामलों के लिए आने वालों को एंट्री मिलेगी। वहीं प्रवासियों और पर्यटकों की एंट्री पर पाबंदियां रहेंगी। क्या है ऑरेंज और रेड लिस्ट का मतलब इसके अलावा नागरिकों को एंट्री से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार से गुजरना होगा। पाकिस्तान और रूस के अलावा म्यांमार, बेलारूस, हैती, लाओस, एरिट्री, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और तुर्कमेनिस्तान भी इस नारंगी लिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है। इसमें शामिल देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान और भूटान भी शामिल हैं, जो भारत के पड़ोसी मुल्क हैं। रेड लिस्ट में शामिल अन्य देशों में क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। वहीं 22 देशों को शामिल करते हुए एक येलो लिस्ट का भी ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें शामिल देशों को बताया जाएगा कि वे किन खामियों को दूर कर लें तो पाबंदियों से बच सकते हैं। किन देशों को रखा गया येलो लिस्ट में, बचाव का तरीका भी बताया यदि 60 दिनों की टाइम लिमिट के बीच भी वे खामियों को दूर नहीं कर सके तो फिर पाबंदियां झेलनी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार येलो लिस्ट में शामिल देशों से समय-समय पर पूछा जाएगा कि कौन से यात्री आ रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि इन खामियों को वे दूर कर लेंगे तो उनके नागरिकों को अमेरिका प्रवेश की अनुमति मिलेगी अन्यथा नहीं। इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हैं। इसके अलावा कंबोडिया, कैमरूम, चाड, कॉन्गो, माली, लाइबेरिया, वानुआतू, जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं। यह दूसरी बार है, जब डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन लगाने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में मुस्लिम बहुल 7 देशों के लोगों की एंट्री पर बैन लगाया था। इन देशों में ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल थे।

नाइट ड्यूटी कर रहे रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस विभाग ने जताया शोक

रायसेन ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई फूल सिंह उइके (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सोमवार सुबह उन्हें घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी बेटी पलक को फोन किया। बेटी के थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पल्स नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक एएसआई फूल सिंह उइके रविवार को नाइट ड्यूटी पर थे। सोमवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने थाने में घबराहट और बेचैनी महसूस की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले बेटी पलक को फोन किया और बताया उनकी तबीयत खराब हो रही है। चूंकि सुबह का समय था और थाने में सीमित स्टाफ ही मौजूद था, इसलिए उन्होंने बेटी के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों को भी सूचना दी। बेटी पलक ने तुरंत थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की मदद से पिता को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बेटी पलक अपने पिता को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कमलेश कुमार खुरपुसे जिला अस्पताल पहुंचे और फूल सिंह की बेटी पलक को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है। यातायात थाना प्रभारी लता मालवीय ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद फूल सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला बैतूल रवाना किया गया। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहे, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग मिल सके। फूल सिंह उइके को उनके साथी पुलिसकर्मी एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते थे। उनकी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और व्यवहार के कारण थाने के कर्मचारियों में उनका विशेष सम्मान था। परिवार में पत्नी का पहले ही हो चुका है निधन फूल सिंह उइके के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी का आठ साल पहले कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से उनकी बेटी पलक उनके साथ रायसेन में रह रही थी। फूल सिंह मूल रूप से बैतूल जिले के खंजनपुर के रहने वाले थे और पिछले चार साल से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ थे। उनका बाकी पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में रहता है। पुलिस विभाग ने जताया शोक एएसआई की आकस्मिक मृत्यु से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। सहकर्मियों ने फूल सिंह को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते थे। उनके निधन को पुलिस विभाग ने बड़ी क्षति बताया है।

वरुण चक्रवर्ती से मिस्ट्री स्पिनर : क्रिकेट छोड़ बने आर्किटेक्ट, नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो

नई दिल्ली मिस्ट्री स्पिनर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरुण चक्रवर्ती (33) ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी चमक बिखेरी। हाल ही में सम्पन्न हुई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट 9 विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे हैं। 30 से 40 ट्रायल दिए लेकिन सफल नहीं हुए 13 साल की उम्र में क्रिकेट की शुरूआत करते वाले चक्रवर्ती ने स्पिनर नहीं तेज गेंदबाज का बनने सपना देखा था। लेकिन उन्हें गेंदबाजी का मौका नहीं मिलता था और टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज की कमी के कारण वह इस और चल दिए। 16 की उम्र तक उन्होंने 30 से 40 ट्रायल दिए। लेकिन चयन में सफल नहीं हुए। निराश होकर उन्होंने क्रिकेट को छोड़ने का फैसला लिया और किट अपने दोस्तों को देकर आर्किटेक्चर बनने निकल पड़े। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी की और उसी फील्ड में कुछ साल तक नौकरी भी की। नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो आर्किटेक्ट की नौकरी में मन नहीं लगा और उनका ध्यान तेज गेंदबाज बनने पर था जिस कारण उन्होंने क्रिकेट में वापसी की। लेकिन एक बार प्रैक्टिस में चोटिल हो गए और सभी विकल्प आजमाने के बाद स्पिन गेंदबाजी का रूख किया। यूट्यूब से राशिद खान, अनिल कुंबले और एडम जैम्पा की बॉलिंग देख खुद को तैयारी करने लगे। जुबली क्रिकेट वनडे से IPL और फिर नेशनल टीम तक का सफर 2017 में वरुण ने तमिलनाडु के जुबली क्रिकेट वनडे टूर्नामेंट में 7 मैच में 31 विकेट लिए जिसकी बदौलत उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मौका मिला। 28 की उम्र में वरुण की आईपीएल में एंट्री हुई, जब 2019 में पंजाब ने 8.4 करोड़ रुपए में खरीदा। फिर वे कोलकाता नाइट राइडर से जुड़े और उन्हें मिस्ट्री स्पिनर का तमगा मिला। इसके बाद उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका मिला। श्रीलंका के खिलाफ 25 जुलाई 2021 को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में उन्होंने टी20 क्रिकेट में एंट्री की। इसी दौरान साल 2021 में यूएई में हुए टी-20 विश्वकप में वरुण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें धमकियां भी मिली जिससे वरुण डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। लेकिन उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और प्रैक्टिस भी डबल कर दी। पिछले साल आईपीएल में 21 विकेट लेकर कोलकाता को ट्रॉफी जिताई। इस सीजन के लिए कोलकाता ने उन्हें 12 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। चैम्पियंस ट्रॉफी में तीन मैच में 9 विकेट लेकर वे टूर्नामेंट के दूसरे सफल गेंदबाज और भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। इस साल भारत-इंग्लैंड के बीच हुई टी-20 सीरीज के 5 मैचों में 14 विकेट लेकर वे मैन ऑफ द सीरीज भी बने थे। इस दौरान उन्होंने एक द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया।

मेयर इन काउंसिलगिदवानी को मिली जगह, सदस्यों की सूची जारी

रायपुर रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने आज नगर निगम मुख्यालय के प्रथम तल पर स्थित महापौर कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की. इस दौरान उन्होंने नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) के सदस्यों की सूची जारी की. ये बनाए गए MIC सदस्य दीपक जायसवाल अनामिका सिंह मनोज वर्मा भारती बादल संतोष साहू गायत्री सुनील चंद्राकर सुमन अशोक पांडे महेंद्र कोरियार्ड हेम कुमार सेन सरिता आकाश दुबे संज्ञा अहीकार अमर गिदवानी नन्द किशोर साहू भोला राम साहू

रतलाम में खेत से 40 क्विंटल लहसुन चुरा ले गए चोर, ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे

रतलाम  मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में आने वाले नामली में लहसुन चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर खेत में रखे 40 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं, जब किसान सुबह खेत पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। चोर अपने साथ ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे और उसी में लहसुन रखकर फरार हो गए। किसान मुन्नालाल ने तत्काल पुलिस को सूचना दी किसान का कहना है कि उसने लहसुन खेत में सूखने के लिए रखे थे। चोर मुन्नालाल के खेत से 25 क्विंटल और द्वारका नाम के किसान के खेत से 15 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं। नामली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है, चोरी गए लहसुन की कीमत 2 लाख रुपए बताई जा रही है। नामली थाना प्रभारी पातीराम डावरे के साथ पुलिस बल खेतों में पहुंचा। किसानों से जानकारी ली, आसपास क्षेत्रों में सर्चिंग की। अन्य किसान भी खेतों पर पहुंचे। चोरी गई लहसुन की कीमत करीब 2 लाख रुपए है। किसानों ने बताया कि खेत रोड से काफी अंदर है। आम व्यक्ति वहां पर नहीं पहुंचा सकता। किसानों ने बताया कि चोर मौके से सिर्फ लहसुन ही चुरा ले गए। जबकि, वहां पर अन्य सामान भी रखा था। नहीं चला सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली का पता बता दें कि, नामली में लगातार दूसरे दिन चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार रात अनाज व्यापारी बंकटलाल कुमावत के घर के बाहर से सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली बदमाश चुरा ले गया था। नगर की सड़क से ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाते हुए चोर सीसीटीवी में कैद हुआ था। उसमें 20 क्विंटल सोयाबीन थी। लेकिन, अब तक पुलिस ट्रैक्टर ट्रॉली के बारे में पता नहीं कर पाई है। लगातार दो दिन से हो रही चोरी से नगरवासियों में आक्रोश है।  

PM मोदी ने पॉडकास्टर में शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से जाना जाता

शहडोल  जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल जिले का दौरा किया था, और ये दौरा उन्हें इतना भा गया कि शहडोल जिले के एक छोटे से आदिवासी गांव की तारीफ वे एक बार नहीं बल्कि कई बार कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने शहडोल जिले के इस मिनी ब्राजील की चर्चा अमेरिकन पॉडकास्टर से की है, जो सुर्खियों में है. अमेरिका तक शहडोल के मिनी ब्राजील की गूंज हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत की, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दौरे को भी याद किया. पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से जाना जाता है, उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम था और वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं.” अमेरिकन पॉडकास्ट में मोदी ने शहडोल को किया याद अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा, ” हमारे यहां मध्य प्रदेश एक स्टेट है, सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में. वहां शहडोल करके एक जिला है, वहां बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं. वहां ट्राइबल वुमन के स्वसहायता समूह चलते हैं, उनसे मैं बातचीत कर रहा था. उनसे बातचीत करना मुझे पसंद आता है, ऐसे लोगों से बातचीत करने मिलने गया था, वहीं पर मैंने देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 70 से 80 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे, स्वाभाविक है मैं उनके पास गया. मैंने पूछा कि आप लोग कहां से हैं, तो सभी ने कहा कि हम ‘मिनी ब्राजील से हैं’. विचारपुर गांव को कहते हैं मिनी ब्राजील पीएम ने आगे कहा, ” मैंने कहा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो वो बोले कि हमारे गांव को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं, तो मैंने बोला कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? तो बोले हमारे गांव में हर परिवार में लगभग चार-चार पीढ़ी से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं, और नेशनल प्लेयर 80 के करीब हमारे गांव से निकले हैं, पूरा गांव फुटबॉल को समर्पित है, और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं, तो भारत में जो फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए इसे शुभ संकेत मानता हूं. यह टीम स्पिरिट भी पैदा करता है. मिनी ब्राजील विचारपुर के बारे में गौरतलब है कि मिनी ब्राजील के नाम से पहचान रखने वाला यह गांव शहडोल जिला मुख्यालय से लगा हुआ विचारपुर गांव है, और ये आदिवासी बाहुल्य गांव है. यहां पर फुटबॉल के प्रति लोगों में गजब का क्रेज है. बच्चे हों, बड़े हों, बुजुर्ग हों या लड़के-लड़कियां सभी में फुटबॉल के प्रति जुनून है. क्रिकेट के इस दौर में भी विचारपुर गांव में फुटबॉल का एक अलग ही क्रेज देखने मिलता है. ठंडी हो या बरसात, यहां बच्चे हमेशा फुटबॉल खेलते आपको मिल जाएंगे. विचारपुर में खेलो इंडिया सेंटर करीब डेढ़ साल पहले विचारपुर में ही फुटबॉल के लिए साईं का खेलो इंडिया सेंटर भी खोला गया. यहां विचारपुर की ही फुटबॉल प्लेयर 9 नेशनल खेल चुकीं लक्ष्मी सहीस को सेंटर का कोच बनाया गया है, जो सेंटर में लगातार सुबह-शाम कोचिंग देती हैं. लक्ष्मी बताती हैं कि केंद्र में 20 लड़के और 20 लड़कियां हैं, बाकी गांव के भी बच्चे आते हैं. कुल मिलाकर 50-60 बच्चे हो जाते हैं. हर दूसरे घर में नेशनल प्लेयर विचारपुर के ही रहने वाले और खुद नेशनल खेल चुके प्लेयर अनिल सिंह गोंड बताते हैं, ” विचारपुर में कई पीढियों से लोग फुटबॉल खेल रहे हैं, और फुटबॉल के प्रति इनका गजब क्रेज है. यही वजह है कि इस गांव के हर दूसरे घर में आपको फुटबॉल के नेशनल प्लेयर मिल जाएंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां लड़कों से ज्यादा लड़कियां नेशनल खेली हुई हैं. कुछ लड़कियां तो ऐसी हैं कि अकेले ही 8 से 9 नेशनल गेम्स फुटबॉल में खेल चुकी हैं.”

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