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मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा प्रदेश में नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से स्कूल शिक्षा में लगातार बदलाव आ रहा

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से स्कूल शिक्षा में लगातार बदलाव आ रहा है। इन बदलाव की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों के माध्यम से जानकारी को बच्चों और उनके अभिभावकों तक पहुँचाने पर जोर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह मंगलवार को मंत्रालय में टॉस्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अशासकीय सदस्य के रूप में रविन्द्र कन्हरे, अशोक कडेल, अखिलेश श्रीवास्तव, श्रीमती मेघा मुक्तिबोध और सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता मौजूद थीं। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने स्कूलों में पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा पर जिन ट्रेडों पर शिक्षा दी जा रही है, उनका लगातार अपडेट किया जाना भी जरूरी है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले शैक्षणिक-सत्र में शासकीय स्तर पर अधिक संख्या में पूर्व प्राथमिक शाला खोलने की आवश्यकता है। प्रदेश में अभी कक्षा-1 से नीचे की 4473 प्री-एजुकेशन क्लॉस में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इन शालाओं में करीब एक लाख बच्चे दर्ज हैं। इन्हें पीएम पोषण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने शासकीय स्कूलों को उत्सव केन्द्र के रूप में विकसित करने की बात भी कही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में बच्चों को शिक्षा के दिलचस्प कंटेंट मिलें, इसके लिये शैक्षणिक क्षेत्र की निजी संस्थाओं से एमओयू किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये 13 समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के सुझाव के आधार पर शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये बेहतर से बेहतर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये विशेष अभियान चलाते हुए कक्षा-9 से कक्षा-12 तक के 17 हजार अतिशेष शिक्षकों का युक्ति-युक्तकरण और 20 हजार शिक्षकों की उच्च पद प्रभार से पदपूर्ति की गयी है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एनईपी लागू होने के बाद अब तक 50 हजार शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। एनसीईआरटी के डिजिटल टीचर्स ट्रेनिंग प्लेटफार्म पर 3 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश में कक्षा-1 से 8 तक के 2050 सरकारी स्कूलों की 4100 कक्षाओं को स्मार्ट क्लॉस के रूप में बदला जा रहा है। प्रदेश में करीब 2 लाख शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिये टेबलेट की राशि उपलब्ध करायी गयी है।  

ग्वालियर गौरव सम्मान से शहर की 8 विभूतियाँ सम्मानित होंगी, तबला दिवस के तहत तबला वादन भी होगा

भोपाल ग्वालियर के लाड़ले सपूत एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर को इस साल भी “ग्वालियर गौरव दिवस” के रूप में हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले की 8 विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान प्रदान करेंगे। ग्वालियर गौरव दिवस के आयोजन में सुप्रसिद्ध सिने व भजन गायक सुरेश वाडकर एवं उनके बैंड की प्रस्तुतियाँ दी जाएगी। समारोह में श्रद्धेय अटल जी के जीवन चरित्र पर केन्द्रित लघु फिल्म भी दिखाई जायेगी। साथ ही प्रदर्शनी भी लगेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पिछले साल ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित ताल दरबार कार्यक्रम के दौरान की गई घोषणा के अनुपालन में ग्वालियर गौरव दिवस के अवसर पर तबला दिवस भी मनाया जायेगा। इस अवसर पर शहर के कलाकार तबला वादन प्रस्तुत करेंगे। ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में गौरव दिवस का अवलोकन होगा। इन विभूतियों का होगा सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर गौरव दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा, खेल, योग, चिकित्सा, समाज सेवा, पर्यावरण एवं संस्कृति का संरक्षण, बालिका सशक्तिकरण इत्यादि विधाओं में उल्लेखनीय काम कर रहीं ग्वालियर की 8 विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित करेंगे। इन विभूतियों में साहित्यकार एवं शिक्षाविद् जगदीश तोमर, अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सुकरिश्मा यादव, योग गुरू अखिलेश पचौरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.एन. अयंगर, पर्यावरण संरक्षक पद्मबाबा सेवा सिंह, निराश्रित एवं असहाय लोगों की सेवा में जुटीं स्वर्ग आश्रम संस्था, अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन का काम कर रही उद्भव स्पोर्ट्स एण्ड कल्चर एसोसिएशन और बालिका सशक्तिकरण की सशक्त हस्ताक्षर ग्वालियर की प्रतिभावान बालिका सुआद्या दीक्षित शामिल हैं। ग्वालियर में लगेगा तीन दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर से ग्वालियर में तीन दिवसीय विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर का उदघाटन करेंगे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के सहयोग से एलएनआईपीई (लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजीकल एज्यूकेशन) में यह शिविर आयोजित हो रहा है।  

आज केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से बुधवार को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन का ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है। यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती को सार्थक करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने जब नदी जोड़ो से संबंधित विषय रखा था उस समय उन्हें एनजीटी संस्था पर्यावरण से जुड़ी अन्य संस्थाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन अब सारे समाधान हो गए हैं। अब नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका सभी मित्रों से भी आग्रह है कि यह एक प्रकार से देश के विकास के उत्सव का माहौल है, इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत से सिंचाई, पेयजल और उद्योग को पर्याप्त पानी देने की महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह एक तरह से ऐतिहासिक घटना है। इससे बुंदेलखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे। इन जिलों में पानी की कमी की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन होता था। दूसरी नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध और चंबल (पीकेसी) है, जो चंबल और मालवा क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। चंबल क्षेत्र कष्ट में इसलिए था क्योंकि वहां पर खेती के अवसर कम थे। परियोजना से मुरैना, ग्वालियर, भिण्ड, गुना,शिवपुरी, राजगढ़ और उसके आगे पश्चिमी मालवा तक रतलाम, नीमच और मंदसौर तक कुल 11 जिलों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को पीकेसी के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस परियोजना की शुरूआत के साथ न केवल हमारे लिए पीने का पानी, उद्योग और 8 लाख हैक्टेयर से अधिक का रकबा इससे सिंचित होगा। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नवकरणीय ऊर्जा का संयंत्र स्थापित हुआ है। भविष्य में बनने वाले बड़े-बड़े जलाशय और डेम प्रदेश की उन्नति में सहायक होंगे। ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है, जो यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्ची आदरांजलि होगी।  

मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार करने का कार्य किया है। स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से हो रहा है। मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड अंचल इस परियोजना के क्रियान्वयन का लाभ प्राप्त कर संपूर्ण अंचल ही नहीं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी की जयंती के एक दिन पहले भोपाल में मंत्रालय के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में सुशासन दिवस मनाया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस अवसर पर प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदंड स्थापित करने, शासन की व्यवस्थाएं पारदर्शी, जनकल्याण के हित में और जवाबदेही से ओत-प्रोत करने की शपथ ली है। निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्व. वाजपेयी के संकल्प को मध्प्रदेश ज्यादा से ज्यादा कार्य कर योगदान देगा। यही स्व. वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों की प्रशंसा की। उन्होंने पं. दीनदयाल परिसर में स्व. वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित प्रदर्शनी का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।  

महाकुंभ के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया, 12 जनवरी तक 16 गाड़ियां कैंसिल

भोपाल दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद मंडल के काजीपेट-विजयवाड़ा खंड के मोटूमारी जंक्शन स्टेशन पर इंटरलाकिंग कार्य चल रहा है। इस कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। यह ट्रेनें हुईं निरस्त ट्रेन 22646 कोच्चुवेली-इंदौर एक्सप्रेस 28 दिसंबर से चार जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 22645 इंदौर-कोच्चुवेली एक्सप्रेस 30 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12511 गोरखपुर-कोचूवेली एक्सप्रेस 26 दिसंबर से पांच जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12512 कोचूवेली-गोरखपुर एक्सप्रेस 31 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12521 बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस 23 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12522 एर्नाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस दिनांक 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 01927 कानुपर-मदुरै स्पेशल 25 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 01928 मदुरै-कानुपर स्पेशल 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 04717 हिसार-तिरुपति स्पेशल 28 दिसंबर एवं चार जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 04718 तिरुपति-हिसार स्पेशल 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 06509 केएसआर बेंगलुरू – दानापुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 06510 दानापुर – केएसआर बेंगलुरू एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन एक जनवरी एवं आठ जनवरी को निरस्त रहेगी। भोपाल मंडल की पैसेंजर, मेमू ट्रेनें हुईं निरस्त महाकुंभ के कारण भोपाल मंडल में यात्री ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। रेल प्रशासन ने अपरिहार्य कारणों से कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया है। यात्री यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ये ट्रेनें हुईं निरस्त 27 दिसंबर से 28 फरवरी तक ट्रेन 06603-06604 – बीना-कटनी मुडवारा-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू ट्रेन 06623-06624 – कटनी-बरगवां-कटनी मेमू स्पेशल ट्रेन 11606-11605 – भोपाल-बीना मेमू ट्रेन 06632 – बीना-भोपाल पैसेंजर स्पेशल मेमू 28 दिसंबर से 1 मार्च तक ट्रेन 06631 – भोपाल-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू  

वृंदावन ग्राम योजना से गोवंश संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, दुग्ध उत्पादन, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर फोकस

भोपाल  ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश के 313 विकासखंडों में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार उन ग्रामों का चयन करेगी, जहां न्यूनतम जनसंख्या दो हजार और कम से कम पांच सौ गोवंश होंगे। इसका एक आधार पशुओं के लिए चारे, पानी के साथ परिवहन की अच्छी व्यवस्था भी रखा गया है। ग्राम का चयन प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर करेंगे। योजना के पर्यवेक्षण के लिए जिला अधिकारियों की समिति भी बनाई जाएगी। देश में दूध का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है। प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित खेती रोजगार देने के साथ अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और इसे विस्तार देने के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में एक वृंदावन ग्राम बनाने का निर्णय लिया है। गोवंश संरक्षण, संवर्धन इस ग्राम में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, प्राकृतिक खेती के लिए जैविक खाद के उपयोग, उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम चिन्हित करने और पर्यवेक्षक के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। मार्केटिंग के साथ ब्रांडिंग पर रहेगा जोर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वृंदावन ग्राम में गाय से प्राप्त उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए स्व-सहायता समूह तैयार किए जाएंगे। इन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। स्थानीय, राष्ट्रीय मेल, किसान बाजारों और प्रदर्शनी में उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। चारा उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा चारा उत्पादन के लिए कृषि विभाग किसानों को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए फसल की जानकारी दी जाएगी। गोचर भूमि का संरक्षण और विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित कराया जाएगा। राज्य बजट के साथ सीएसआर का होगा उपयोग वृंदावन ग्राम के लिए वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति राज्य के बजट के अलावा विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से कराई जाएगी। इसके लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग जिलों से प्राप्त विभिन्न कंपनियों के कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के प्रस्तावों पर समन्वय करेगा।

2024 में Swiggy से सबसे ज्यादा मंगाया गई डिश, हर सेकंड मिले 2 ऑर्डर

मुंबई स्विगी ने 2024 के लिए अपनी साल के अंत की रिपोर्ट जारी की है, जो विभिन्न खाद्य-संबंधी रुझानों के बारे में जानकारी देती है। (ध्यान दें कि सभी आँकड़े 1 जनवरी, 2024 और 22 नवंबर, 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा पर आधारित हैं)। पिछले साल की तरह, बिरयानी भारत में ऑर्डर की जाने वाली सबसे लोकप्रिय डिश बन गई है – विशेष रूप से इस डिलीवरी ऐप के माध्यम से। स्विगी ने 2024 में 83 मिलियन बिरयानी ऑर्डर किए। इसने बताया कि इसका मतलब है कि देश में प्रति मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर की गईं (लगभग हर सेकंड में 2 ऑर्डर)। बिरयानी के बाद, स्विगी ने डोसा की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला, जिसके इस साल 23 मिलियन ऑर्डर किए गए। स्विगी ने सबसे पसंदीदा डिश के बारे में अन्य आँकड़े भी दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चिकन बिरयानी इस व्यंजन का सबसे पसंदीदा संस्करण है। इस साल स्विगी को इसके लिए 49 मिलियन ऑर्डर मिले। इन स्विगी ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा भारत के दक्षिणी राज्यों के लोगों का है। हैदराबाद 2024 में 9.7 मिलियन बिरयानी ऑर्डर के साथ “बिरयानी लीडरबोर्ड” में सबसे ऊपर है। इसके बाद बेंगलुरु (7.7 मिलियन ऑर्डर) और चेन्नई (4.6 मिलियन) का स्थान है। हर मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर साल 2024 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2025) की शुरुआत होने वाली है. इस बीच फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने साल 2024 खत्म होने से पहले अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 1 जनवरी 2024 से 22 नवंबर 2024 के बीच किए गए ऑर्डर में सबसे फेवरेट व्यंजनों के बारे में बताया गया है. 8.3 करोड़ ऑर्डर्स के साथ Biryani इस साल भी भारत में ऑर्डर किए जाने वाले सबसे पसंदीदा डिश बनी है. स्विगी के मुताबिक, देश में हर मिनट 158 प्लेट बिरयानी के ऑर्डर मिले हैं.  बिरयानी के ऑर्डर में सबसे आगे हैदराबाद रहा है, जहां पर 97 लाख बिरयानी ऑर्डर की गईं. डोसा दूसरे पायदान पर पहुंचा बिरयानी के बाद सबसे ज्यादा जो डिश ऑर्डर की गई है, वो Dosa है, जिसके ऑर्डर का आंकड़ा 1 जनवरी से 22 नवंबर के बीच 23 मिलियन या 2.3 करोड़ ऑर्डर रहा है. Swiggy की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म की क्विक डिलीवरी सर्विस, बोल्ट ने भी सुर्खियां बटोरीं. बीकानेर में, मिठाई के शौकीन व्यक्ति को महज 3 मिनट में आइसक्रीम के तीन फ्लेवर मिले, जो स्विगी के संचालन की गति को प्रदर्शित करता है. इस साल मिठाइयों में रसमलाई और सीताफल आइसक्रीम पसंदीदा रहे. एक व्यक्ति खा गया ₹50000 का पास्ता बिरयानी में चिकन बिरयानी सबकी पहली पसंद बनी. तो इसके साथ ही स्विगी के ग्राहकों के फेवरेट फूड लिस्ट में पास्ता को भी शामिल किया गया है, इसकी लोकप्रियता ऐसी रही, कि बेंगलुरु के एक अकेले यूजर ने ही अलग-अलग टेस्ट की पास्ता डिश पर 49,900 रुपये खर्च डाले. रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात को 12 से 2 बजे के बीच ऑर्डर की जाने वाली सबसे पसंदीदा डिश में चिकन बर्गर पहली, जबकि बिरयानी दूसरी थी. मुंबई के कपिल ने पहुंचाए सबसे ज्यादा ऑर्डर स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि साल 2024 वास्तव में स्वादिष्ट रोमांच से भरपूर वर्ष रहा. हमें अपनी इस यात्रा के केंद्र में होने पर गर्व है, जिससे भारत भर में लाखों लोगों को उनके पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका स्विगी के जरिए मिला. उन्होंने कहा कि स्विगी के डिलीवरी पार्टनरों (Swiggy Delivery Partners) वास्तव में 2024 के गुमनाम नायक बने, जिन्होंने सामूहिक रूप से 1.96 अरब किलोमीटर की यात्रा डिलीवरी करने के दौरान की. स्विगी ने अपनी रिपोर्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की लिस्ट में टॉप पर कपिल कुमार पांडे रहे, जिन्होंने मुंबई में 10,703 डिलीवरी पूरी की और कोयंबटूर की कलीश्वरी एम 6,658 ऑर्डर के साथ महिला डिलीवरी पार्टनर्स में सबसे अव्वल रहीं. स्विगी के अनुसार, रात 12 से 2 बजे के बीच की भूख मिटाने के लिए बिरयानी दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद थी। चिकन बर्गर पहली पसंद थे। ट्रेनों में सबसे ज़्यादा ऑर्डर किए जाने वाले खाने में बिरयानी भी शामिल थी (स्विगी ने IRCTC के साथ मिलकर ट्रेन रूट पर खास स्टेशनों पर डिलीवरी के लिए एक समर्पित फीचर का इस्तेमाल किया है)। साल की शुरुआत में, स्विगी ने यह भी खुलासा किया था कि भारत में रमज़ान 2024 के दौरान प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बिरयानी की लगभग 6 मिलियन प्लेटें ऑर्डर की गईं। सबसे ज़्यादा ऑर्डर हैदराबाद शहर में किए गए, जहाँ इस अवधि के दौरान स्विगी पर बिरयानी की एक मिलियन से ज़्यादा प्लेटें ऑर्डर की गईं (अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें )। स्विगी की साल के अंत की रिपोर्ट से एक और दिलचस्प जानकारी एक ख़ास खाने के शौकीन के इस व्यंजन के प्रति प्रेम के बारे में थी। कोलकाता में एक स्विगी उपयोगकर्ता ने 1 जनवरी, 2024 को सुबह 4.01 बजे बिरयानी ऑर्डर की, जिसने साल की एक स्वादिष्ट शुरुआत को चिह्नित किया!

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कल मध्य प्रदेश जायेंगे और खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के दृष्टिकोण से देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से रोजगार के कई अवसरों का सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। वह 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों की आधारशिला भी रखेंगे। ये भवन स्थानीय स्तर पर सुशासन के लिए ग्राम पंचायतों के कार्य और जिम्मेदारियों के व्यावहारिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के सरकार के मिशन में योगदान देगी। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी मदद करेगी।

दिल्ली से हटाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियां, पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में सुधार के संकेत, 369 पर AQ

नई दिल्ली पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम के बदले मिजाज और पूर्वानुमानों में पलूशन से राहत मिलने के संकेत हैं। दिल्ली में मंगलवार को प्रदूषण के स्तर में सुधार देखा गया। शाम को एक्यूआई 369 अंकों के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। सोमवार को यह गंभीर श्रेणी में था। इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली एनसीआर में लगाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियों को हटाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, पलूशन को काबू में रखने के लिए ग्रैप 1, 2 और 3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी। पिछले तीन दिनों के दौरान AQI की स्थिति 1- 22 दिसंबर 409 मौसम के बदले मिजाज से सुधार पर एक्यूआई राजधानी के मौसम में बदलाव और हवा की गति में परिवर्तन होने से प्रदूषण के स्तर में कमी देखी जा रही है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह से ही सुधार पर है। दिल्ली में मंगलवार को शाम 4 बजे AQI 369 पर था। समिति का कहना है कि यह आंकड़ा ग्रैप-4 लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय सीमा से 31 अंक नीचे है। मौसम विभाग ने दी गुड न्यूज दरअसल, मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली एनसीआर में 26, 27 और 28 दिसंबर को बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई है। 27 दिसंबर को हवा की स्पीड भी तेज रहने का अनुमान है। इससे पलूशन के स्तर में भी कमी देखी जा सकती है। अनुमान है कि वाले दिनों में दिल्ली का AQI 300-400 के बीच में रह सकता है। इन कार्यों पर लगी रोक हटी ग्रैप-4 की पाबंदिया हटने से दिल्ली के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के दाखिल होने पर लगी रोक हटा ली जाएगी। साथ ही नेशनल हाइवे और फ्लाईओवर समेत सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध भी हटा लिए जाएंगे। 16 दिसंबर को लगी थीं ग्रैप-4 की पाबंदियां उल्लेखनीय है कि वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद 16 दिसंबर से पूरे एनसीआर में ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू थीं। ग्रैप-4 के तहत दिल्ली एनसीआर में सभी प्रकार की निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।

शेख हसीना की मुश्किलें नहीं हो रही कम, पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले के आरोप में जांच शुरू

ढाका बांग्लादेश में पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके स्वजनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। यह घोटाला ढाका से कुछ दूर स्थित रूपपुर पावर प्लांट को रूस की सरकारी एजेंसी रोसातोम बनवा रही है जिससे कुछ भारतीय कंपनियां भी जुड़ी हुई हैं। जानिए क्या है मामला यह बांग्लादेश का पहला परमाणु ऊर्जा प्लांट है जिसे ढाका से 160 किमी पश्चिम स्थित रूपपुर में रूस ने डिजाइन किया है। रूपपुर एनपीपी प्रोजेक्ट को लेकर लगाए गए आरोपों से रोसातोम ने इन्कार किया है। रूस सरकार के कारपोरेशन का कहना है कि वह पारदर्शी नीतियों के प्रति प्रतिबद्ध है। वह अपने हितों और प्रतिष्ठा के लिए कोर्ट में जाएगी। शेख हसीना पर लगे हैं ये आरोप वहीं, 77 वर्षीय अपदस्थ पीएम शेख हसीना पर आरोप है कि पांच अरब डालर के रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट की पूरी रकम को उन्होंने अपने मलेशिया के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया है। इस मामले में शेख हसीना के अलावा, उनके बेटे सजीब वाजेब ज्वाय (अमेरिका में रहते हैं), उनकी भांजी व ब्रिटिश ट्रेजरी मिनिस्टर ट्यूलिप सादिक भी आरोपित हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दो दिन पहले बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पूछा कि भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एससीसी) ने अभी तक रूपपुर पावर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के पांच अरब डालर कथित रूप से शेख हसीना के मलेशिया के एकाउंट में ट्रांसफर किए जाने पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। हसीना, ज्वाय और ट्यूलिप की इस हेराफेरी को क्या अवैध नहीं घोषित किया जाना चाहिए? एसीसी के दस्तावेजों के अनुसार रूपपुर पावर प्लांट में भ्रष्टाचार होने की बात नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एनडीएम) के अध्यक्ष बाबी हज्जाज ने उजागर की थी। शेख हसीना पर लगे हैं कई अन्य आरोप उल्लेखनीय है कि हसीना अपदस्थ किए जाने के बाद यानी पांच अगस्त से भारत में शरण लिए हुए हैं। 16 साल के शासन और लगातार तीसरी बार सत्ता में निर्वाचित होने के बाद शेख हसीना पर और उनके सहयोगियों पर हत्याओं और प्रदर्शनों के भी आरोप लगाए गए हैं। हसीना के प्रत्यारोपण की मांग बता दें कि हाल के दिनों में ही बांग्लादेश नें भारत से शेख हसीना के प्रत्यारोपण के लिए पत्र लिखा था। भारत ने इस नोट के मिलने की बात स्वीकार की है। इस नोट को लेकर पिछले दिनों भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि, “हमें बांग्लादेश उच्चाोग से एक नोट वर्बल प्राप्त हुआ है जो प्रत्यर्पण से संबंधित है। इस बारे में हमारे पास साझा करने के लिए और कोई सूचना नहीं है।”

बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ मशहूर कंपनी डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली अपने कई उत्पादों के लिए मशहूर कंपनी डाबर ने बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उसके उस विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें कथित तौर पर उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अपमानजनक विज्ञापन चलाने के आरोप हैं। मंगलवार को दायर अपनी याचिका में डाबर ने आरोप लगाया है कि पतंजलि आयुर्वेद उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ अपमानजनक विज्ञापन चला रही है। याचिका में डाबर ने पतंजलि को तुरंत अपमानजनक विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए आदेश देने की मांग की है। डाबर की अर्जी पर जस्टिस मिनी पुष्करणा ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और अंतरिम आदेशों पर विचार करने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया  है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब डाबर ने अपनी अर्जी डालकर इस पर सुनवाई की गुहार की, तब जस्टिस पुष्करणा ने शुरू में इसे मध्यस्थता के लिए भेजने की इच्छा जताई, लेकिन डाबर ने बार-बार इस मामले में तत्काल राहत की गुहार लगाई तो उन्होंने अंततः मामले की सुनवाई करने का फैसला किया। डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि पतंजलि आयुर्वेद एक आदतन अपराधी है। इसके साथ ही उन्होंने इस साल की शुरुआत में पतंजलि के खिलाफ दर्ज अवमानना ​​याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लेख किया, जिसमें पतंजलि, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने अखबारों में लिखित माफीनामा छपवाया था। डाबर ने अपनी अर्जी में कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव के एक विज्ञापन से व्यथित है, जिसमें वह कहते हैं, “जिनको आयुर्वेद और वेदों का ज्ञान नहीं, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि और च्यवनऋषि की परंपरा में ‘असली’ च्यवनप्राश कैसे बना पाएंगे?” (यह बताते हुए कि केवल पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश ही ‘असली’/प्रामाणिक है; और बाजार में अन्य च्यवनप्राश के निर्माताओं को इस परंपरा के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और परिणामस्वरूप, वे सभी नकली/’साधारण’ हैं)। सिब्बल के अनुसार, अन्य च्यवनप्राश को ‘साधारण’ कहना यह दर्शाता है कि वे घटिया हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की पतंजलि का विज्ञापन च्यवनप्राश की पूरी श्रेणी को अपमानित करता है, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक दवा है। सिब्बल ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि सभी च्यवनप्राश को प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लिखित विशिष्ट फॉर्मूलेशन और अवयवों का पालन करना चाहिए, जिससे “साधारण” च्यवनप्राश की धारणा भ्रामक और डाबर जैसे प्रतिस्पर्धियों के लिए हानिकारक हो है क्योंकि इस सेगमेंट में 61.6% बाजार की हिस्सेदारी डाबर की है। सिब्बल ने यह तर्क भी दिया कि पतंजलि का विज्ञापन न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है, बल्कि अन्य ब्रांडों को बदनाम भी कर रहा है, क्योंकि उनके विज्ञापन से यही संदेश जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं के पास च्यवनप्राश बनाने की सही ज्ञान और आवश्यक तरीका है बाकी सभी इस मामले में अनाड़ी और दोयम दर्जे के उत्पादक हैं।

PM मोदी क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा, कहा- यहां तो हमला करते हैं

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली में क्रिसमस सेलिब्रेशन के एक इवेंट में शामिल हुए थे। इसका आयोजन कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने किया था। इस पर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘वहां वे बिशप का सम्मान करता है और क्रिब को लेकर श्रद्धा दिखाते हैं। यहां वे क्रिब को तबाह करना चाहते हैं।’ बता दें कि क्रिब क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान की जाने वाली उस सजावट को कहा जाता है, जो ईसा मसीह के जन्म को दर्शाती है। उन्होंने पलक्कड़ के सरकारी स्कूलों में क्रिसमस सेलिब्रेशन के आयोजनों में बवाल किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। इनमें से एक घटना में चित्तूर में तीन वीएचपी नेताओं को अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दूसरी घटना में उपद्रवियों की तलाश जारी है। आरोप है कि पलक्कड़ के नालेपल्ली इलाके के अपर प्राइमरी स्कूल में क्रिसमस मनाया जा रहा था। इस दौरान के. अनिल कुमार के नेतृत्व में वीएचपी के तीन नेता पहुंच गए थे। आरोप है किन इन लोगों ने क्रिसमस के सेलिब्रेशन पर सवाल उठाया और उसे रोकने की कोशिश की। इन लोगों ने कहा कि आखिर आप लोग क्रिसमस मनाते हैं, लेकिन जन्माष्टमी का सेलिब्रेशन क्यों नहीं किया जाता। इसके अलावा टीचर्स और अन्य लोगों के सांता क्लॉज की ड्रेस पहनने को लेकर भी सवाल उठाया। वीएचपी के नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 329 (3), 296 (b), 351 (2) और 132 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा एक अन्य स्कूल में क्रिसमस के क्रिब को नुकसान पहुंचाया गया। स्कूल को शुक्रवार को बंद कर दिया गया और सेमेस्टर एग्जाम के बाद छुट्टियां हैं। फिर भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। इन्हीं दो घटनाओं को लेकर बिशप ने पीएम नरेंद्र मोदी के क्रिसमस सेलिब्रेशन में जाने को लेकर तंज कसा है। हालांकि भाजपा की ओर से स्नेह यात्रा की शुरुआत भी की गई है। इसके तहत केरल में भाजपा के नेता क्रिसमस के कार्य़क्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि हमें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाना होगा और उनके बीच पैदा हुई भ्रांतियों को दूर करना होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बाद अब आतिशी के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार उतारने जा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में 35 सीटों के लिए उम्मीदवार कों नामों पर चर्चा हुई। इसमें अलका लांबा सहित पर 28 नामों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अलका लांबा को आतिशी के सामने कालकाजी विधानसभा सीट पर उतारने की तैयारी है। वहीं, सीमापुरी सीट से राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं मनीष सिसोदिया की सीट जंगपुरा से फरहाद सूरी को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। इनके अलावा बिजवासन से देवेंद्र सहरावत और मटिया महल सीट से आसिम अहमद कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि 35 सीटों पर चर्चा के लिए आज हुई कांग्रेस की बैठक में 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, जबकि 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी बाकी है। बता दें कि, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बता दें कि, कांग्रेस 2013 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी 2015 से दिल्ली में अपने दम पर सत्ता में काबिज है। उससे पहले कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि, 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अधिक खराब रहा और वो अपना खाता तक नहीं खोल सकी। गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल कर बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

ऑस्ट्रेलिया का रहा है दबदबा, भारत ने भी चखा है जीत का स्वाद, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मेलबर्न में

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। पर्थ टेस्ट भारत के नाम रहा, जबकि एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी करते हुए पिंक बॉल टेस्ट में दमदार जीत हासिल की। तीसरा मैच बारिश के कारण ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। वहीं चौथा मैच सीरीज के लिहाज से दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया का काफी दबदबा रहा है और पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो ऑस्ट्रेलिया की टीम मेलबर्न में विपक्षी टीम पर हावी रही है। पैट कमिंस के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एडिलेड और ब्रिसबेन में भारत पर दबाव बनाया था और ज्यादातर समय खेल में आगे रही थी। हालांकि ब्रिसबेन में भारतीय टीम ने दमदार वापसी की थी और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 100 रन के अंदर सात विकेट गंवा दिए थे। हालांकि मेलबर्न में रोहित की टीम के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वहीं चौथे मैच से पहले कई विवादों ने भी भारतीय खेमे में हलचल पैदा की है। विराट कोहली का एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को तस्वीर लेने से रोकना, फिर जडेजा का इंग्लिश रिपोर्ट को जवाब ना देना और फिर प्रैक्टिस के लिए दी गई यूज्ड पिच को लेकर भी सवाल उठे हैं। मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर 116 टेस्ट मैच खेले हैं। यहां पर पहला टेस्ट 1877 में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 67 मैच जीते हैं और 32 में उसे हार मिली है, जबकि 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। 2010 से ऑस्ट्रेलिया ने कुल 14 मैच खेले हैं, जिसमें नौ में उसे जीत मिली है और तीन गंवाए हैं, दो ड्रॉ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में पिछले 14 साल में तीन मैच गंवाए हैं और उनमें से दो मैच भारत ने जीते हैं। 2018 और 2020 में भारत ने जीत हासिल की थी। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस मैदान पर पारी और 157 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर संघ प्रमुख के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया, हिंदुओं के नेता नहीं

मुंबई संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर संत समाज उबल रहा है। इस बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर संघ प्रमुख के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया है। मुंबई में ANI से बातचीत में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, “…वह किसी संगठन के प्रमुख हो सकते हैं लेकिन वह हिंदू धर्म के प्रमुख नहीं हैं कि उनकी बात हम मानते रहें। वह हमारे अनुशासक रहे हैं, हम उनके अनुसार नहीं चल सकते।” उन्होंने आगे कहा, “मैं बीस बार कह रही हूं कि हिन्दू धर्म की व्यवस्था के लिए वह ठेकेदार नहीं हैं। हिंदू धर्म की व्यवस्था हिन्दू धर्म के आचार्यों के हाथ में है। संपूर्ण भारत के भी वह प्रतिनिधि नहीं हैं।” जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि जो हमारी ऐतिहासिक वस्तुएं हैं, वह हमें मिलनी ही चाहिए और हमें लेनी भी चाहिए, चाहे जैसे मिले। भले इसके लिए साम, दाम, दंड, भेद क्यों न अपनाना पड़े। रामभद्राचार्य के अलावा और कई संतों ने भी मोहन भागवत के बयान की आलोचना की है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी भागवत के उस बयान पर उनकी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि हर जगह मंदिर ढूंढ़ने की इजाजत नहीं दी सकती। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पुणे में एक व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कहा , “धर्म प्राचीन है और धर्म की पहचान से ही राम मंदिर बनाया गया है। यह सही है, लेकिन सिर्फ मंदिर बन जाने से कोई हिंदुओं का नेता नहीं बन सकता। हिंदू धर्म सनातन धर्म है और इस सनातन और सनातन धर्म के आचार्य सेवाधर्म का पालन करते हैं। यह मानव धर्म की तरह सेवा धर्म है। सेवा करते समय हमेशा चर्चा से दूर रहना हमारा स्वभाव है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग बिना दिखावे के लगातार सेवा करते हैं, वे सेवा की इच्छा रखते हैं। सेवा धर्म का पालन करते हुए हमें अतिवादी नहीं होना चाहिए और देश की परिस्थिति के अनुसार मध्यम मार्ग अपनाना चाहिए। मानव धर्म ब्रह्मांड का धर्म है और इसे सेवा के माध्यम से प्रकट किया जाना चाहिए। हम विश्व शांति की घोषणा करते हैं , लेकिन अन्य जगहों पर अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है? इस पर ध्यान देना जरूरी है। पेट भरने के लिए जो जरुरी है, वह करना चाहिए , लेकिन घर-गृहस्थी से परे जो कुछ भी हमें मिला है, उसका दोगुना सेवा के रूप में देना चाहिए।”

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