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एक ही परिवार के 4 लोगों की सामूहिक हत्या, वाराणसी में दिल दहलाने वाली घटना

वाराणसी वाराणसी में भेलूपुर के भदैनी इलाके में तांत्रिक के कहने पर शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता ने अपने पूरे परिवार का खात्मा कर दिया है। पत्नी नीतू गुप्ता (42), बेटा नवनेंद्र (20) और सुबेंद्र (15), बेटी गौरांगी (16) की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस कारोबारी की तलाश कर ही रही थी कि उसकी भी लाश दूसरे घर के पास मिल गई। बगल में पिस्टल भी मिला है। माना जा रहा है कि उसने आत्महत्या कर ली है। जघन्य हत्याकांड की जानकारी मिलते ही सनसनी फेल गई। बताया जाता है कि इस घर में इससे पहले भी पांच हत्याएं हो चुकी हैं। पिता, दो गार्ड, भाई और उसकी पत्नी की भी हत्या हुई थी। पड़ोसियों की मानें तो हत्या में कारोबारी जेल भी गया था। पुलिस अब उस तांत्रिक की तलाश कर रही है जिसके कहने पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। पड़ोसियों के अनुसार तांत्रिक ने कारोबारी से कहा था कि उसकी पत्नी कारोबार में बाधा है। इस कारण वह दूसरी शादी के चक्कर में भी पड़ा था। अक्सर इसे लेकर पति-पत्नी में झगड़ा होता था। घर में कारोबारी की मां भी थी लेकिन काफी बुजुर्ग होने के चलते वह ठीक से न तो बोल पा रहीं और न चल-फिर पाती हैं। अब वह ही अकेली बची हैं। कारोबारी राजेंद्र गुप्ता को पैसे की कोई कमी नहीं थी। उसके पास शहर में कुल चार घर हैं। दो घर तो 50-50 कमरों के हैं। जिस घर में हत्यकांड को अंजाम दिया गया है उसमें 20 कमरे का किराया 80 हजार आता था। 30 कमरों का रेंट दो लाख से ज्यादा था। इसके अलावा भदैनी में ही दूसरे घर से भी करीब दो लाख से ज्यादा रेंट मिलता था। इसके अलावा उसके पास देसी शराब के ठेके और रिक्शा का गैराज है। 100 रिक्शा से ज्यादा है। जघन्य वारदात का पता मंगलवार की दोपहर तब लगा जब नौकरानी रेनू वर्मा घर पर काम करने के लिए आई। नौकरानी ने बताया कि मैं यहां 5 साल से काम कर रही हूं। सबकुछ अच्छा चल रहा था। सोमवार शाम को मैं खाने बनाने आई तो घर में सिर्फ दो बच्चे थे। मैं खाना बनाकर करीब 6.30 बजे चली गई। इसके बाद सबरे सबसे पहले सफाई करने वाली रीता पहुंची। उसने आवाज दी लेकिन किसी का जवाब नहीं मिलने पर उसने दरवाजा खटखटाया। हल्के से धक्के में दरवाजा खुल गया। देखा तो कमरे में चारों लोगों की लाश पड़ी है। आसपास खून बिखरा था। यह देखते ही रीता बेहोश हो गई। तत्काल पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जाता है कि मारा गया बड़ा बेटा नवनेंद्र बेंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर था। वह दिवाली पर छुट्‌टी लेकर घर आया था। घर पर छठ मनाने की तैयारियां चल रही थीं। छोटा बेटा और बेटी डीपीएस में पढ़ते थे।

निजी संपत्ति अधिग्रहण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, कहा कि सरकार निजी संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकती

नई दिल्ली  निजी संपत्ति का सरकार सार्वजनिक हितों के लिए अधिग्रहण कर सकती है या नहीं, इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ ने बहुमत से अपने फैसले में कहा है कि सभी निजी संपत्ति को सरकार नहीं ले सकती है। पीठ ने 8-1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है। 9 जजों की पीठ ने सुनाया फैसला चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से फैसला सुनाया है। पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस ऋषिकेश रॉय, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस राजेश बिंडल और जस्टिस ए जी मसीह शामिल हैं। सीजेआई ने 9 जजों की बेंच के मामले में बहुमत से फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर के पिछले फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है। जस्टिस अय्यर के विचार से सहमत नहीं सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था का मकसद विकासशील देश की चुनौतियों से निपटना है, ना कि किसी एक आर्थिक ढांचे में बंधे रहना। कोर्ट ने माना कि बीते 30 सालों में बदली हुई आर्थिक नीतियों के कारण भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है। जस्टिस अय्यर के इस विचार से सुप्रीम कोर्ट सहमत नहीं है कि निजी संपत्ति को भी सामुदायिक संपत्ति माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि भारत की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य किसी खास आर्थिक मॉडल को फॉलो करना नहीं है। बल्कि, उसका उद्देश्य एक विकासशील देश होने के नाते आने वाली चुनौतियों का सामना करना है। सीजेआई बोले- तीन जजमेंट हैं सुप्रीम कोर्ट ने निजी संपत्ति से जुड़ी 16 याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। जिसमें मुंबई के प्रॉपर्टी मालिकों की याचिका भी शामिल है। मामला 1986 में महाराष्ट्र में हुए कानून संशोधन से जुड़ा है, जिसमे सरकार को प्राइवेट बिल्डिंग को मरम्मत और सुरक्षा के लिए अपने कब्जे में लेने का अधिकार मिला था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संशोधन भेदभावपूर्ण है। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि इस मामले में तीन जजमेंट हैं – उनका और छह अन्य जजों का, जस्टिस नागरत्ना का आंशिक सहमति वाला और जस्टिस धुलिया का असहमति वाला।

50 किमी की नर्मदा परिक्रमा ओंकारेश्वर से शुरू होगी, यात्रा 11 से 15 नवम्बर तक

बड़वाह निमाड़ एवं मालवा के ग्रामीणों की आस्था और विश्वास से जुडी मां नर्मदा की पांच दिवसीय 49वीं धार्मिक ओंकारेश्वर नर्मदा लघु परिक्रमा पंचक्रोशी यात्रा 11 नवंबर से शुरू होगी। करीब 50 किमी की दुर्गम यात्रा में हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर से अंजरुद, सनावद, टोकसर, सेमरला, बड़वाह, सिद्धवरकूट होते हुए वापस 15 नवंबर को ओंकारेश्वर पहुंचकर नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करेंगे। इस संबंध में एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या एवं एसडीओपी अर्चना रावत ने जनपद पंचायत सभा ग्रह में ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और सरपंचों की बैठक ली। एसडीएम ने कहा कि पंचकोशी यात्रा हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। यात्रा प्रारंभ होने के पहले व्यवस्थाएं पुख्ता करें। पंचकोसी नर्मदा यात्रा में ऐसी होंगी व्यवस्थाएं एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि संबंधित विभाग को नाव की सूची जल्द उपलब्ध कराएं, नावों की जांच करके उन्हें अनुमति पत्र दिए जाएंगे। यात्रा मार्ग के समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव तथा विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत यात्रा मार्ग पर मुरम, कंटीली झाड़िया हटाना, साफ-सफाई कराई जाए।     लाइट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए हैं। टैंकर, टेंट, प्रकाश तथा अस्थाई शौचालय की व्यवस्था भी करके रखें। यात्रा गुजरने के पश्चात आवश्यक साफ-सफाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग को जगह-जगह स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाने को कहा गया है। – अर्चना रावत, एसडीओपी लोहे से बनी नावों पर प्रतिबंध, क्षमता से ज्याता सवारी न बैठाए नाविक बाबूलाल केवट ने कहा- टोकसर से 25 नाव श्रद्धालुओं को पार कराते हैं। एसडीएम ने कहा, सभी का एस्टीमेट बनाकर दे। नाव में क्षमता से ज्यादा सवारी को न बैठाई जाए। अच्छी नाव केवल चलना चाहिए, जो टूटी हो वह नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, लोहे की नाव से श्रद्धालुओं को पार नहीं कराने दिया जाएगा और नावों में चालक के साथ यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा। किस दिन कहां पर क्या व्यवस्था     पहला दिन 11 नवंबर: श्रद्धालु ओंकारेश्वर से शुरू होगी। ग्राम अंजरुद में बाघेश्वरी माता के दर्शन करेंगे। मंदिर के आसपास गंदगी दूर करने एवं लाइट व्यवस्था के लिए सचिव को कहा। रात्रि विश्राम सनावद में होगा। धर्मशाला, मंडी परिसर, शासकीय भवनों आदि में यात्रियों के लिए पेयजल, रौशनी, शौचालय की व्यवस्थाओं के लिए कहा।     दूसरा दिन 12 नवंबर: यात्री बडूद से टोकसर गोमुख घाट पहुचेंगे। कई यात्रियों को नर्मदा पार कर सेमरला भेजा जाएगा। दोनी घाटों पर बेरिकेड्स के लिए पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी,नाव में सुरक्षा उपकरण,स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाएगी। पुलिस सहायता केंद्र रहेंगे। गोताखोरों की तैनाती रहेगी।         तीसरा दिन 13 नवंबर: यात्रा बड़वाह पहुंचेगी। टोकसर एवं सेमरला में रुके यात्री बड़वाह पहुंचेंगे। मंडी, नागेश्वर सहित अन्य स्थानों पर नगर पालिका, लाइट, पानी, शौचालय एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करेगी। नपा दिन में दो बार सफाई करवाएगी। मेडिकल कैंप लगाएंगे।     चौथा दिन 14 नवंबर: सुबह बड़वाह से प्रस्थान होगा। कोठावां, मोदरी में रात्रि विश्राम। चिकित्सक कैंप लगाकर स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां रखेंगे। पानी के टैकर रखे जाएंगे। वन विभाग के कर्मचारी यात्रा संबन्धित व्यवस्थाए लगाने में सहयोग देंगे। महोदरी,कड़ियांकुंड, सिद्ध्वरकूट में रात्रि विश्राम।     पांचवां दिन 15 नवंबर : बांध द्वारा सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। ओंकारेश्वर दर्शन कर यात्रा समाप्त होगी। एनएसडीसी को पत्र लिखकर बांध से निकलने की अनुमति मांगी जाएगी। यात्रा की तैयारियों पर चर्चा एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या और एसडीओपी अर्चना रावत ने यात्रा की तैयारियों के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की। एसडीएम ने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होनी चाहिए। एसडीओपी अर्चना रावत ने नावों की सुरक्षा और उनकी स्थिति जांचने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यात्रा व्यवस्थाएं नावों की सुरक्षा: सभी नाविकों को लाइफ जैकेट पहनने और क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। लोहे की नावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। सफाई और स्वास्थ्य: यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस सहायता केंद्र और गोताखोरों की तैनाती भी की जाएगी।  

अटेली के पूर्व विधायक नरेश यादव का लम्बी बीमारी के बाद निधन

अटेली हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक नरेश यादव का मंगलवार (5 नवंबर) को निधन हो गया। नरेश यादव 61 साल के थे। लंबे समय से पेट में इन्फेक्शन होने की वजह से उनका गुरुग्राम के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। पूर्व विधायक के दोस्त राकेश प्रधान ने बताया कि आज 2 बजे के करीब उनके पैतृक गांव राताकलां में उनका अंतिम संस्कार होगा। नरेश यादव का जन्म 1 फरवरी 1963 को हुआ था। वह हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष भी थे। 2005 में उन्होंने कांग्रेस के राव नरेंद्र सिंह को हराकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव जीता था। उनके साथी एडवोकेट मुकेश कुमार व टीलू सरपंच ने कहा कि नरेश यादव वैसे तो कांग्रेसी नेता थे, लेकिन उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में इनेलो बसपा प्रत्याशी ठाकुर अतरलाल का साथ दिया था।  

गुरुग्राम में संतुलन बिगड़ने पर पिलर से टकराई कार…12 फीट हवा में उछली, 2 छात्रों की दर्दनाक मौत

 गुरुग्राम  गुरुग्राम में आज सोमवार 4 नवंबर को भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बारे में पता लगते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। दोनों मृत छात्रों के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 12 फीट उछली कार जानकारी के मुताबिक तीनों छात्र कार में सवार होकर कॉलेज जा रहे थे। अक्षित, दक्ष और ध्रुव की कार जब सोहना एलिवेटेड फ्लाईओवर पर गांव अलीपुर के पास बॉम्बे गोल चक्र पर पहुंची तो कार का अचानक संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने से कार डिवाइडर से जा टकराई और 12 फीट उछलकर पिलर से टकरा गई। हादसे के वक्त कार वहां से गुजर रही बाइक और कार के ऊपर जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही दिल्ली के घिटोरनी के नाथूपुर के रहने वाले अक्षित (18) और दक्ष (19) की मौके पर मौत हो गई। हादसे में एक छात्र समेत दो लोग घायल हो गए। सीसीटीवी भी खंगाले गए हादसे के दौरान फ्लाईओवर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, पुलिस ने वहां से गुजर रहे सभी वाहनों को पीछे रोक लिया। हादसे के दौरान मौजूद लोग कार के पास पहुंच गए तीनों छात्रों को बाहर निकाला गया, जिनमें दो की मौत हो चुकी थी। एक छात्र और दूसरी कार के ड्राइवर मोहित और गंभीर रूप से घायल बाइक सवार पलवल तीनों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल पर आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया है।

ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा किए गए हमले की मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निंदा की

बठिंडा कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में 3 नवंबर 2024 को हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा किए गए हमले की पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निंदा की है। उन्होंने बठिंडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला अपना पक्ष रखा। सीएम भगवंत मान ने कहा- जो कनाडा में बीते दिनों हुआ, वे निंदनीय है। पंजाबी कनाडा को दूसरा घर मानते हैं। कोई नहीं चाहता कि ये हिंसक घटना हो। मैं इसकी निंदा करता हूं। भारत सरकार से मांग करता हूं कि कनाडा सरकार से बात करें। जो भी एक्शन लेना है लें, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं ना हों। हम सरबत का भला मांगने वाले लोग हैं। पूरी दुनिया में बसे हैं, पंजाबी शांतिमय हैं और मेहनत से बाहर जाते हैं। कुछ लोगों का ऐसी बात करना निंदनीय सीएम मान ने कहा कि अगर कुछ लोग ऐसी बातें करते हैं तो ये निंदनीय है। इससे ये साबित नहीं होता कि सभी पंजाबी ऐसे होंगे। इस घटना की सख्त शब्दों में निखेदी करता हूं। दोनों समुदाय हमारे ही हैं, भारत सरकार से मांग करता हूं कि कनाडा सरकार से संपर्क करें, ताकि ऐसी घटना दोबारा से ना हो। हमारे यहां से हर दूसरे-तीसरे घर से लोग विदेश में बसे हैं। कनाडा दूसरे घर की तरह हैं। वे शादियां और त्योहार मनाने यहां आते हैं। यहां के लोगों को रोजगार भी मिलता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि संबंध ठीक रहने चाहिए और दोनों सरकारों में बातचीत भी होनी चाहिए। धर्म की राजनीति सही नहीं सीएम मान ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि धर्म की अगर कोई राजनीति करते हैं तो ये गलत है। खासकर उन देशों में इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि कनाडा में हुई घटना की विश्व भर में निंदा की जा रही है। कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की गतिविधियों पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है, और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है। इस विवाद में कई बार पंजाब की स्थिति और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए गए हैं। हिंदू मंदिर के बाहर हुआ था विवाद कनाडा के ब्रैम्पटन में रविवार को हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। उन्होंने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीते दिन कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हमें कनाडा सरकार से कार्रवाई की उम्मीद है। ऐसी घटनाएं हमें कमजोर नहीं कर सकतीं। मंदिर में चल रहा था कॉन्सुलर कैंप कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में उच्चायोग ने हिंदू सभा मंदिर के बाहर कॉन्सुलर कैंप लगाया था। यह कैंप भारतीय नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगा था। इसमें जीवन प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के 40 साल पूरे होने को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे खालिस्तानी वहां पहुंचे और उन्होंने लोगों पर हमला कर दिया।

आप विधायक जसवन्त सिंह गज्जनमाजरा को हाईकोर्ट से मिली जमानत, मंत्री तरनप्रीत सौंध करेंगे स्वागत

चंडीगढ़  मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा की जमानत याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। उन्हें  हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। हाईकोर्ट के जस्टिस महाबीर सिंह सिंधू ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पिछले सप्ताह इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अमरगढ़ से आम आदमी पार्टी के विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा को गत वर्ष ईडी ने गिरफ्तार किया था। गज्जन माजरा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिए एक बैंक से 41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। निचली अदालत ने खारिज कर दिया था जमानत याचिका उसी मामले में गज्जन माजरा के खिलाफ ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्होंने मोहाली की जिला अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। नाभा जेल में बंद हैं विधायक माजरा आप विधायक गज्जन माजरा गिरफ्तारी के बाद से ही नाभा जेल में बंद हैं। हालांकि, कुछ समय पहले वह जेल में फिसलकर गिर गए थे। फिर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद वे बीमार हुए तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे कि सरकार उन्हें बीमारी के बहाने अस्पताल में भर्ती कराकर वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है। हालांकि, मामला गरमाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। एक रुपए वेतन लेने का किया था ऐलान जब 2022 में आम आदमी पार्टी की पंजाब में सरकार बनी थी। इस दौरान विधायक जसंवत सिंह गज्जनमाजरा चर्चा में आए थे। उन्होंने उस समय ऐलान किया था कि पंजाब की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। ऐसे में वह पूरी सैलरी नहीं लेंगे। बल्कि एक रुपया वेतन लेंगे। ताकि पंजाब के खजाने पर बोझ न पड़े। उनका यह कदम काफी समय तक चर्चा में रहा था।

रियल मैड्रिड कोच एंसेलोटी ने कहा- वालेंसिया में बाढ़ के बाद फुटबॉल बंद हो जाना चाहिए

मैड्रिड रियल मैड्रिड ने चैंपियंस लीग में एसी मिलान के खिलाफ ताजा मुकाबले में जीत दर्ज की। बाढ़ के कारण वालेंसिया के खिलाफ उनका सप्ताहांत का मैच स्थगित हो गया था। वालेंसिया क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि कोच कार्लो एंसेलोटी ने सोमवार को स्वीकार किया कि वह मंगलवार के मैच को भी स्थगित देखना चाहते हैं। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एंसेलोटी, जिन्होंने एसी मिलान को भी कोचिंग दी है, ने वालेंसिया बाढ़ के बारे में बात की और संकेत दिया कि वह मंगलवार के मैच को भी स्थगित करना पसंद करेंगे। एंसेलोटी ने कहा, फुटबॉल एक उत्सव है, और जब सब कुछ ठीक हो, जब आपका परिवार ठीक हो और सब कुछ ठीक हो, तो आप जश्न मना सकते हैं और पार्टी कर सकते हैं। जब लोग ठीक नहीं हैं, तो आपको जश्न नहीं मनाना चाहिए। एंसेलोटी ने कहा कि एक कहावत है, शो चलता रहना चाहिए हालांकि ऐसा नहीं है और फुटबॉल बंद हो जाना चाहिए। रियल मैड्रिड को पिछले सप्ताह खेले गए कोपा डेल रे नॉकआउट प्रतियोगिता के पहले दौर से भी छूट दी गई है, इसका मतलब है कि यह कार्लो एंसेलोटी की टीम का 26 अक्टूबर को क्लासिको में एफसी बार्सिलोना से घरेलू मैदान पर 4-0 की हार के बाद पहला गेम होगा। यह क्लब द्वारा बैलन डी’ओर के समारोह का बहिष्कार करने के बाद पहला मैच भी है, क्योंकि उसे पता चला था कि विनीसियस जूनियर को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार नहीं मिलने वाला है, बल्कि यह पुरस्कार मैनचेस्टर सिटी के रोड्रिगो हर्नांडेज़ को मिलने वाला है। एंसेलोटी पिछले सप्ताह अपने खिलाड़ियों के साथ काम करने में सफल रहे हैं और वर्तमान में केवल लंबे समय से चोटिल डेविड अलाबा और दानी कार्वाजल ही उपलब्ध नहीं हैं। उनकी टीम ने अब तक अपने तीन चैंपियंस लीग खेलों में से दो में जीत और एक में हार का सामना किया है, हालांकि उन्हें अपने पिछले यूरोपीय खेल में बोरूसिया डॉर्टमुंड के खिलाफ़ घरेलू मैदान पर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था, जिसमें वे 2-0 से पीछे थे, लेकिन विनीसियस की हैट्रिक ने उन्हें 5-2 से जीत दिलाने में मदद की।  

पटाखों पर बैठो और ऑटो जीतो… लड़कों ने लगाई शर्त, फिर देखा दोस्त की मौत का तमाशा

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दीपावली के दिन एक शख्स की उसके दोस्तों की लगाई गई शर्त की वजह से मौत हो गई. 31 अक्टूबर को दीपावली पर कोनानकुंटे में 32 साल के शबरीश को उसके दोस्तों पटाखों से भरे डिब्बे के ऊपर बैठा दिया गया. उसके दोस्तों ने वादा किया था कि अगर वह पटाखों के डिब्बे पर बैठने की शर्त जीत लेगा, तो उसे एक ऑटोरिक्शा खरीद कर देंगे. चंद पैसे पाने की आस में शबरीश कुछ सोचे बिना पटाखों के डिब्बों पर बैठ गया. इसमें विस्फोट होते ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है. DCP साउथ लोकेश के मुताबिक, दीपावली पर शबरीश और उसके दोस्तों ने जमकर शराब पी. फिर सभी पटाखे फोड़ने लगे. इसी दौरान दोस्तों ने शबरीश को पटाखों से भरे डिब्बे पर बैठने का चैलेंज दिया. नशे में धुत शबरीश ने बिना सोचे चैलेंज मान लिया. दोस्तों ने कहा था कि अगर वह पटाखों पर बैठने का चैलेंज जीत गया तो उसे ब्रांड न्यू ऑटो खरीदकर देंगे. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि 4 लड़के शबरीश को पटाखों के डिब्बे पर बैठाते हैं. फिर इनमें से कोई आग लगा देता है. चंद सेकेंड में तेज धमाका होता है और शबरीश लुढ़कते हुए जमीन पर गिर जाता है. फिर धुआं कम होते ही उसके दोस्त उसे घेर लेते हैं. बाद में उसकी मौत हो जाती है. इस घटना के बाद शबरीश के परिवार ने उसके 6 दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. पुलिस इन 6 लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है.

अरबपतियों की सूची में उथल-पुथल, अंबानी और जुकरबर्ग को झटका, जानिए क्यों लगा है झटका

मुंबई दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में इस समय बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर बीते 24घंटे में दुनिया के टॉप-10अरबपतियों में से 9को भारी नुकसान हुआ है।वहीं दूसरी ओर भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर टॉप-15से बाहर चली गई है। एलन मस्क, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग को हुआ तगड़ा नुकसान ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीरों में शामिल टॉप-10अरबपतियों को पिछले एक दिन में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें सबसे बड़ा झटका टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क को लगा है। उनकी संपत्ति 4.39अरब डॉलर घटकर 258अरब डॉलर रह गई है। वहीं, अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में भी 1.94अरब डॉलर की कमी आई, जिससे उनकी नेटवर्थ 218अरब डॉलर रह गई। इसके अलावा, फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में भी 2.23अरब डॉलर की गिरावट आई और अब उनकी कुल संपत्ति 199अरब डॉलर है। बिल गेट्स के लिए खुशखबरी, बाकी सभी को नुकसान टॉप-10अरबपतियों की सूची में एकमात्र नाम जो फायदा में रहा, वह माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का है। उनके नेटवर्थ में 373मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनकी कुल संपत्ति 157अरब डॉलर हो गई है। वहीं, अन्य अरबपतियों में लैरी एलिसन को 538मिलियन डॉलर, बर्नार्ड अर्नाल्ट को 353मिलियन डॉलर, लैरी पेज को 1.49अरब डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 1.39अरब डॉलर, स्टीव बाल्मर को 610मिलियन डॉलर और वॉरेन बफे को 2.76अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में भारी गिरावट भारत के दो प्रमुख उद्योगपति, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, जो कभी टॉप-15अरबपतियों की सूची में शामिल थे, अब इस सूची से बाहर हो गए हैं। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी गिरावट का असर इन दोनों के साम्राज्य पर पड़ा है, जिसके चलते उनकी संपत्ति में भी कमी आई है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में पिछले एक महीने में लगभग 5प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे उनकी नेटवर्थ में 2.72अरब डॉलर (लगभग 22,882करोड़ रुपये) की कमी आई है, और अब उनकी कुल संपत्ति 98.8अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के साथ मुकेश अंबानी अब दुनिया के 17वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वहीं, गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर 92.3अरब डॉलर रह गई है, जिसमें 2.06अरब डॉलर (लगभग 17,330करोड़ रुपये) की गिरावट आई है। इसके साथ ही वह अब दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध हैं। दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट हाल के दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों में आई गिरावट का प्रभाव दुनिया के कई शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ा है, जिससे उनकी रैंकिंग में बदलाव आया है। विशेष रूप से भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में आई गिरावट ने उन्हें टॉप-15 सूची से बाहर कर दिया है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

UP मदरसा एक्ट को सुप्रीम कोर्ट की मान्यता, जानें अहम फैसले के मायने

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सर्वोच्च अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें अदालत ने मदरसा एक्ट को संविधान के खिलाफ बताया था. मदरसा एक्ट पर यह फैसला चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनाया है. पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला ठीक नहीं था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मदरसा एक्ट को भी सही बताया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के 16 हजार मदरसों को राहत मिल गई है. यानी अब यूपी में मदरसे चलते रहेंगे. यूपी प्रदेश में मदरसों की कुल संख्या लगभग 23,500 है. इनमें 16,513 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं. यानी ये सभी रजिस्टर्ड हैं. इसके अलावा करीब 8000 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं. मान्यता प्राप्त मदरसों में 560 ऐसे हैं, जो एडेड हैं. यानी 560 मदरसों का संचालन सरकारी पैसों से होता है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. हालांकि, सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि फाजिल और कामिल के तहत डिग्री देना राज्य के दायरे में नहीं है. यह यूजीसी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है. HC ने क्यों रद्द किया था कानून? मदरसा बोर्ड कानून के खिलाफ अंशुमान सिंह राठौड़ नाम के शख्स ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. राठौड़ ने इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी. इसी पर हाईकोर्ट ने 22 मार्च को फैसला सुनाया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 ‘असंवैधानिक’ है और इससे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन होता है. साथ ही राज्य सरकार को मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को सामान्य स्कूलिंग सिस्टम में शामिल करने का आदेश दिया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था, ‘मदरसा कानून 2004 धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन है, जो भारत के संविधान के बुनियादी ढांचे का हिस्सा है.’ अदालत ने ये भी कहा था कि सरकार के पास धार्मिक शिक्षा के लिए बोर्ड बनाने या किसी विशेष धर्म के लिए स्कूली शिक्षा के लिए बोर्ड बनाने का अधिकार नहीं है. क्या है मदरसा एक्ट? उत्तर प्रदेश में 2004 में ये कानून बनाया गया था. इसके तहत मदरसा बोर्ड का गठन किया गया था. इसका मकसद मदरसा शिक्षा को सुव्यवस्थित करना था. इसमें अरबी, उर्दू, फारसी, इस्लामिक स्टडीज, तिब्ब (ट्रेडिशनल मेडिसिन), फिलोसॉफी जैसी शिक्षा को परिभाषित किया गया है. यूपी में 25 हजार मदरसे हैं, जिनमें से लगभग 16 हजार को यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा से मान्यता मिली हुई है. साढ़े आठ हजार मदरसे ऐसे हैं, जिन्हें मदरसा बोर्ड ने मान्यता नहीं दी है. मदरसा बोर्ड ‘कामिल’ नाम से अंडर ग्रेजुएशन और ‘फाजिल’ नाम से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री देता है. इसके तहत डिप्लोमा भी किया जाता है, जिसे ‘कारी’ कहा जाता है. बोर्ड हर साल मुंशी और मौलवी (10वीं क्लास) और आलिम (12वीं क्लास) के एग्जाम भी करवाता है.  

उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर को हटाया गया

भोपाल  मध्यप्रदेश में उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। कांग्रेस के उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे की शिकायत पर विजयपुर रिटर्निंग ऑफिसर को हटा दिया गया है। दरअसल, रिटर्निंग ऑफिसर उदयवीर सिंह सिकरवार पर गंभीर आरोप लगे थे। जांच के बाद आरोप सही पाए गए। जिसके बाद चुनाव आयोग ने सामान्य प्रशासन विभाग को इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस के उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने चुनाव आयोग से रिटर्निंग अधिकारी उदय सिंह सिकरवार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में कहा था​ कि एसडीएम सिकरवार पहले भी बीजेपी के लिए काम करते है। नेता प्रतिपक्ष ने लगाया था आरोप कांग्रेस उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने विजयपुर के रिटर्निंग ऑफिसर उदयवीर सिकरवार पर बीजेपी नेताओं से संबंध होने की शिकायत चुनाव आयोग में की थी. साथ ही, विजयपुर उपचुनाव के दौरान गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था. इसी मामले में संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है और विजयपुर उपचुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर को हटा दिया है. बता दें कि चुनाव से कुछ महीने पहले ही उदयवीर सिंह को विजयपुर का एसडीएम नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी उन्हें 2017 में अटेर और 2018 में मुंगावली उपचुनाव में रिटर्निंग अधिकारी की जिम्मेदारी से हटाया जा चुका है।

शहडोल में पिज्जा में रेंग रहे थे कीड़े, खाद्य विभाग में शिकायत, अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

 शहडोल शहर में एक युवक को पिज्जा में जिंदा कीड़े मिले। घटना का वीडियो बाहर आने के बाद हड़कंप मच गया। इतवारी मोहल्ला निवासी रोहन बर्मन ने स्टेडियम रोड स्थित डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा खरीदा था। घर जाकर डिब्बा खोलते ही उसे पिज्जा में कीड़े रेंगते दिखाई दिए। रोहन ने तुरंत घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पूरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की बात कही है। पिज्जा का शौकीन है पीड़ित रोहन ने बताया कि वह पिज्जा प्रेमी है और अक्सर डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा मंगवाता है। इस बार भी उसने बड़े चाव से पिज्जा ऑर्डर किया था, लेकिन डिब्बा खोलते ही उसकी हालत खराब हो गई। पिज्जा में एक नहीं, बल्कि कई कीड़े घूम रहे थे। दुकान के कर्मचारी क्या बोले इस घटना से घबराए रोहन ने रेस्टोरेंट जाकर शिकायत की। रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने उसे सिर्फ़ सॉरी, गलती हो गई कहकर टरका दिया। रोहन ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर का खाना खाने से बचें और अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। संचालक ने कहा- फंसाने की साजिश घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट के संचालक राज कुमार यादव ने मामले को फंसाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि पिज्जा में कीड़े निकलना संभव ही नहीं है। अधिकारी ने दिए जांच के आदेश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।      

केंद्र सरकार भी 10 हाथियों की मौत पर सख्त, मांगी रिपोर्ट

उमरिया उमरिया जिले में आने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सब यह जानना चाहते हैं कि अचानक से इतने हाथियों की मौत कैसे हुई। राज्य सरकार ने भी इस मामले में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जबकि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर सख्त नजर आ रहा है। पीएमओ ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि अब तक 10 हाथियों की मौत का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल, लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उमरिया में अचानक से 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि सभी हाथियों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी रहती है। फिलहाल, इस घटना के बाद हाथियों की निगरानी के लिए छह विशेष दल गठित किए गए हैं। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। जहां लापरवाही मिलने पर फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी और पनपथा एसडीओ फतेह सिंह निनामा को मामले में सस्पेंड भी किया गया है। सीएम ने इस मामले में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि हाथियों की मौत के मामले में अगर कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी एक्शन हो सकता है। क्योंकि हाथियों ने मौत से पहले बड़ी मात्रा में कोदो खाया था। फिलहाल, जंगली हाथियों पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है। सीएम मोहन यादव ने हाथियों की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पिछले कुछ समय में हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की बात भी सामने आई है। क्योंकि हाथी स्थानीय रहवासी इलाके में भी घुसे हैं, जिससे कई बार स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हाथियों को भगाते हैं, जिससे यहां डर बना रहता है। यही वजह है कि स्पेशल फोर्स गठित करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

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