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पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा अब कहलाएंगे जाम साहब, जामनगर राजघराने के बनाए गए वारिस

जामनगर पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा को नवानगर का अगला जाम साहब घोषित किया गया है, जिसे अब जामनगर के नाम से जाना जाता है. यह गुजरात के कच्छ की खाड़ी के दक्षिणी तट पर ऐतिहासिक हालार क्षेत्र में स्थित एक भारतीय रियासत है. नवानगर के महाराजा जाम साहब ने एक बयान में इस बात की पुष्टि की. अजय जडेजा जिस जामनगर शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उसकी क्रिकेट में काफी समृद्ध विरासत है. प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी का नाम जडेजा के रिश्तेदारों केएस रंजीतसिंहजी और केएस दलीपसिंहजी के नाम पर रखा गया है. वहीं इस साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की यात्रा के दौरान वारसॉ में जाम साहब ऑफ नवानगर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी. जाम साहब ऑफ नवानगर स्मारक गुजरात के नवानगर (आधुनिक जामनगर) के पूर्व महाराजा जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रंजीतसिंहजी के सम्मान में बनाया गया है. उन्हें ‘अच्छे महाराजा’ के रूप में सम्मानित किया जाता है, उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनके असाधारण मानवीय प्रयासों के लिए याद किया जाता है. जडेजा के पिता दौलतसिंहजी जडेजा जामनगर लोकसभा से तीन बार सांसद रहे. उनकी मां केरल के अलप्पुझा की मूल निवासी हैं. जडेजा का विवाह जया जेटली की बेटी अदिति जेटली से हुआ है और उनके दो बच्चे ऐमन और अमीरा हैं.

प्रदेश में पहली बार भव्य शस्त्र पूजन: मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्री और अधिकारी ने किया ऐतिहासिक आयोजन..

 भोपाल डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भोपाल के पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन किया। मैहर में राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान ने तुमड़े की प्रतीकात्मक बलि दी।मध्यप्रदेश में दशहरे के मौके पर शनिवार को मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री अलग-अलग जगहों पर शस्त्र पूजन कर रहे हैं। भोपाल में नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, मेयर मालती राय और पुलिस कमिश्नर मौजूद रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव और मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर में रहेंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धार जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री के निर्देश थे कि सभी मंत्री प्रभार के जिले में शस्त्र पूजन करेंगे लेकिन अब सिर्फ सीएम और 6 मंत्री ही प्रभार के जिलों में शस्त्र पूजन करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सबसे पहले खरगोन जिले के महेश्वर में बूढ़ी जीन परिसर में शस्त्र पूजन करेंगे। इसके बाद सीधे राजवाड़ा परिसर स्थित अहिल्या बाई होल्कर की राजगद्दी पर माल्यार्पण करेंगे। फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। वे खरगोन में 83 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 43 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। वे यहां मां रेवा गोशाला में गौ पूजन कर जिले की सभी पंजीकृत गोशालाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। सीहोर: मंत्री करन सिंह वर्मा और राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया पूजन सीहोर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और पिछड़ा वर्ग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने पुलिस परेड ग्राउंड में शस्त्र पूजन किया। मुरैना: सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने दी प्रतीकात्मक बलि दशहरा के पावन पर्व पर मुरैना पुलिस लाइन में भी शस्त्र पूजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद शिव मंगल सिंह तोमर ने मां काली की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद हवन पूजन और आरती की गई। सबलगढ़ विधायक सरला रावत, पुलिस महानिरीक्षक चंबल रेंज सुशांत कुमार सक्सेना समेत कई अफसर मौजूद रहे। मैहर: राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान ने शस्त्र पूजन के बाद बलि दी मैहर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान रहीं। पुलिस लाइन के शस्त्रागार में पूजा के बाद मंत्री ने तुमड़े की प्रतीकात्मक बलि दी। भिंड: मंत्री राकेश शुक्ला और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने शस्त्र पूजन किया भिंड के पुलिस लाइन शस्त्रागार में मंत्री राकेश शुक्ला ने शस्त्र पूजन किया। हवन के बाद आरती की गई। भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एसपी असित यादव और एएसपी संजीव पाठक भी मौजूद रहे। कैबिनेट बैठक से पहले लिया था फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 सितंबर को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों से कहा था कि इस वर्ष दशहरा पर्व शस्त्र पूजन के साथ मनाया जाएगा। सभी मंत्री अपने प्रभार के जिलों के पुलिस शस्त्रागार में शस्त्र पूजन करेंगे। बाद में मीडिया से चर्चा में यादव ने कहा था कि शस्त्र पूजन में मंत्रियों के अलावा विधायकों को भी विधानसभा क्षेत्र में मौजूद रहकर शामिल होना है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम इंडिया का ऐलान,ये खिलाड़ी रोहित का सेनापति

मुंबई भारत ने अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली घरेलू सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है. रोहित शर्मा टीम के कप्तान होंगे. वहीं जसप्रीत बुमराह उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे, जबकि बाकी टीम में सभी खिलाड़ी जाने-पहचाने अंदाज में नजर आएंगे. BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने शुक्रवार (11 अक्टूबर) को टीम का ऐलान क‍िया.   यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ सीरीज में लगभग वही टीम है, जो हाल में बांग्लादेश के ख‍िलाफ खेलने उतरी थी. लेकिन यश दयाल को मौका नहीं म‍िला है. वहीं इस टीम में ट्रैवल‍िंग रिजर्व के तौर पर हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव और प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिला है. यहां एक बात और गौर करने वाली है कि बांग्लादेश के ख‍िलाफ सीरीज में  भारतीय टीम का कोई भी उपकप्तान नहीं था, ऐसे में अब बुमराह को ज‍िम्मेदारी देने का आशय है कि वह आने वाले समय में रोह‍ित के बाद टीम के रेड बॉल फॉर्मेट के कप्तान होंगे. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के शुरुआती मैचों में रोहित के खेलने की संभावना नहीं है. ऐसे में यह तय हो गया है क‍ि अब बुमराह ही भारत की कमान शुरुआती मैचों में ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ संभालेंगे. शमी को नहीं म‍िला मौका… मोहम्मद शमी को लेकर उम्मीद जताई जा रही थी कि उनको इस सीरीज में मौका म‍िलेगा, लेकिन अभी उनके नाम पर BCCI ने व‍िचार नहीं क‍िया. बांग्लादेश सीरीज में एक भी टेस्ट नहीं खेल पाए सरफराज खान, व‍िकेटकीपर ध्रुव जुरेल, ऑलराउंडर अक्षर पटेल और स्प‍िनर कुलदीप यादव की स्क्वॉड में जगह बरकरार है. शमी की संभवत: ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ सीरीज में वापसी हो सकती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों के लिए भारत की टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप ट्रैवलिंग रिजर्व: हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ऐसी है न्यूजीलैंड की टीम, केन शुरुआती मैच नहीं खेलेंगे बात न्यूजीलैंड टीम की हो तो केन विलियमसन कमर में खिंचाव के कारण भारत के खिलाफ सीरीज के शुरुआती हिस्से से बाहर हैं. विलियमसन को श्रीलंका दौरे में कमर में खिंचाव हो गया था और वह दौरे के पहले हिस्से में न्यूजीलैंड में ही रहेंगे. 34 साल के व‍िल‍ियमसन की जगह बाएं हाथ के युवा मार्क चैपमैन को टीम में शामिल किया गया है. 30 साल के चैपमैन ने 23 वनडे और 76 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका नहीं मिला है. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने न्यूजीलैंड ए के लिए छह प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिसमें 2020 में भारत ए के खिलाफ शतक भी शामिल है. लेकिन 2022 के बाद से वह न्यूजीलैंड ए के लिए नहीं खेले हैं, जब उन्होंने बेंगलुरु में प्रथम श्रेणी मैच में 92 और 45 रन बनाए थे. टीम की कमान टॉम लैथम के हाथ में है; क्योंकि श्रीलंका से 2-0 की हार के बाद टिम साउथी ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. माइकल ब्रेसवेल अपने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए रवाना होने से पहले भारत में होने वाले पहले टेस्ट के लिए ही उपलब्ध रहेंगे. दूसरे और तीसरे टेस्ट के लिए ब्रेसवेल की जगह ईश सोढ़ी टीम में शामिल होंगे. श्रीलंका के पूर्व स्पिनर रंगना हेराथ भी श्रीलंका में स्पिन गेंदबाजी कोच के रूप में सलाहकार की भूमिका निभाने के बाद कोचिंग स्टाफ के हिस्से के रूप में भारत आएंगे. न्यूजीलैंड की भारत के ख‍िलाफ टेस्ट सीरीज के ल‍िए टीम: टॉम लैथम (कप्तान), टॉम ब्लंडेल (विकेट कीपर), माइकल ब्रेसवेल (केवल पहला टेस्ट), मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, विल ओ’रुरके, एजाज पटेल, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, मिचेल सेंटनर, बेन सियर्स, ईश सोढ़ी (केवल दूसरा और तीसरा टेस्ट), टिम साउथी, केन विलियमसन, विल यंग न्यूजीलैंड का भारत दौरा 16 अक्टूबर: पहला टेस्ट, बेंगलुरु 24 अक्टूबर: दूसरा टेस्ट, पुणे 1 नवंबर: तीसरा टेस्ट, मुंबई  

लाड़ली लक्ष्मी योजना : बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

लाड़ली लक्ष्मी योजना : बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना ने राज्य में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके सकारात्मक परिणामों ने अन्य राज्यों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिये प्रेरित किया है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन और प्रभावी परिणामों ने अन्य प्रदेशों को इस तरह की योजनाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे बालिकाओं की स्थिति में सुधार देखा गया है। मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना राज्य सरकार की एक ऐसी अनूठी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जीवन में सुधार लाना और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है। यह योजना बालिकाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए 2007 में शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य फोकस लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में वर्ष 2023-24 में 935.8 करोड़ का व्यय हुआ है। योजना में प्रति वर्ष औसतन 1000 करोड़ का व्यय अनुमानित है। वर्तमान प्रावधान अनुसार वर्ष 2027-28 में 21 वर्ष पूर्ण कर रही बालिकाओं के लिए लगभग 1313 करोड़ राशि की आवश्यकता होगी। अब तक लाड़ली लक्ष्मी योजना में लगभग 48 लाख 86 हज़ार 832 बालिकाओं का पंजीयन किया गया है, जिन्हें अब तक 524.91 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। वर्ष 2024-25 में कुल 1 लाख 21 हज़ार 425 बालिकाओं का पंजीयन हुआ है। इस वर्ष अब तक 48.88 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। वर्तमान प्रावधान अनुसार मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना वर्ष 2027 से 2032 में वित्तीय भार वर्ष 2007 में प्रारंभ हुई इस योजना में इस वर्ष 40 हज़ार 854 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ था। वर्ष 2027-28 में ये बालिकाएँ 21 वर्ष पूर्ण करेंगी। छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि पर 904.49 करोड़, 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रति बालिका को देय राशि 1 लाख के मान से 408.54 करोड़ की राशि, कुल 1313.03 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। इसी प्रकार वर्ष 2008-09 में कुल 1 लाख 86 हज़ार 803 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ, जिन्हें 1209.31 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2028-29 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 1868.03 करोड़ की राशि देय होगी यानी कुल 3068.38 करोड़ रुपये की राशि का व्यय अनुमानित है। वर्ष 2009-10 में 2 लाख 13 हज़ार 874 बालिका पंजीकृत हुईं, जिन्हें 1270.97 करोड़ की छात्रवृत्ति बांटी गई। वर्ष 2029-30 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 2138.74 करोड़ की राशि देय होगी। इस पर कुल 3409.71 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित होगा। वर्ष 2010-11 में पंजीकृत 3 लाख 5 हज़ार 228 बालिकाओं को 1291.39 करोड़ की छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गई। वर्ष 2030-31 में 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3052.28 करोड़ रुपये, कुल 4343.87 करोड़ की राशि का व्यय होगा। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में वर्ष 2011-12 में 3 लाख 80 हज़ार 260 बालिकाओं का पंजीकरण कर 1329.26 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ दी गईं। इन बालिकाओं को वर्ष 2031-32 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 3802.6 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। इस पर कुल 5131.80 करोड़ रुपये की राशि का व्यय अनुमानित है। अन्य प्रदेशों पर लाड़ली लक्ष्मी योजना का असर मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी बालिकाओं के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए इसी प्रकार की योजनाओं की शुरुआत की है। दिल्ली दिल्ली सरकार ने लाड़ली योजना शुरू की, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के विभिन्न चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान करना और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार करना है। उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है, जो लड़कियों की शिक्षा और उनके जन्म से लेकर विवाह तक की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। बिहार बिहार में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह योजना लाड़ली लक्ष्मी योजना से प्रेरित है और इसी प्रकार की संरचना का पालन करती है। राज्यों के नीतिगत सुधार कई राज्यों ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की सफलता को देखते हुए बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए अपने नीतिगत ढांचे में बदलाव किए हैं। इन योजनाओं का ध्यान बालिकाओं के जन्म के बाद उन्हें वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा में सहायता प्रदान करना है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों में भी बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने में मदद की है। समाज में बेटियों को बोझ मानने की धारणा को बदलने में यह योजना महत्वपूर्ण रही है। अन्य राज्यों ने इसे एक उदाहरण के रूप में देखा और समाज में बेटियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए ऐसी योजनाओं को अपनाया। लिंग अनुपात में सुधार लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के साथ-साथ लिंग अनुपात में सुधार करना भी है। इसकी सफलता ने अन्य प्रदेशों को भी लिंग अनुपात को संतुलित करने की दिशा में प्रेरित किया है। इस तरह की योजनाओं से कई राज्यों में बालिकाओं के जन्म और शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ी है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के सफल क्रियान्वयन ने राष्ट्रीय स्तर पर बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि सरकारें और समाज मिलकर बालिकाओं के उत्थान के लिए काम करें, तो यह न केवल महिलाओं, बल्कि पूरे समाज के लिए उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। इस योजना के दूरगामी प्रभाव को देखकर यह कहा जा सकता है कि मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना एक मॉडल के रूप में उभरी है, जिसने देशभर में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अन्य राज्यों को नई दिशा दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव महेश्वर और इंदौर में करेंगे शस्त्र-पूजन, प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी पर्व की बधाई

प्रदेश में शस्त्र-पूजन के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा दशहरा पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण की प्रतीक देवी अहिल्याबाई को समर्पित होगा शस्त्र-पूजन कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव महेश्वर और इंदौर में करेंगे शस्त्र-पूजन, प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी पर्व की बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे पर्व उमंग और उल्लास के प्रतीक होते हैं। इस वर्ष प्रदेश में दशहरा पर्व सरकार और समाज मिलकर धूमधाम के साथ मनाएंगे और शस्त्र-पूजन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष का दशहरा पर्व महिला सशक्तिकरण और सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्याबाई को समर्पित रहेगा। देवी अहिल्याबाई ने देश भर में जन-कल्याण के अनेक महती कार्य संपन्न करवाए। इन कार्यों की स्मृति और देवी अहिल्याबाई के योगदान से आज की पीढ़ी को अवगत करवाने और उनके सम्मान में दशहरा पर्व पर शस्त्र-पूजन के कार्यक्रम होंगे। मंत्री, सांसद, विधायक और जन-प्रतिनिधि भी करेंगे अपने-अपने क्षेत्रों में शस्त्र-पूजन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस दशहरा पर्व पर भारत की प्राचीन शस्त्र-पूजन परंपरा में सरकार के मंत्रीगण सहित सांसद, विधायक और जन-प्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में पुलिस शस्त्रागार, कोतवाली और थानों में होने वाले शस्त्र-पूजन एक विभाग तक सीमित न होकर जनता का पर्व बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं देवी अहिल्याबाई की राजधानी रहे शहर महेश्वर और उनकी छावनी रहे इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे। लोकमाता अहिल्याबाई का व्यक्तित्व, जीवन और चरित्र हम सबके लिये आदर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष मना रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई का व्यक्तित्व, जीवन और चरित्र हम सबके लिये आदर्श है। वे एक तपोनिष्ठ, धर्मनिष्ठ,कर्मनिष्ठ शासक एवं प्रशासक रही है। उनसे हम सबको प्रेरणा लेना चाहिये। देवी अहिल्याबाई ने धर्म के साथ शासन व्यवस्था चलाने का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका धर्म तथा राज्य व्यवस्था में विशेष महत्व है। उनका मुख्य ध्येय था कि उनकी प्रजा कभी भी अभावग्रस्त और भूखी नहीं रहे। उनके सुशासन की यशोगाथा पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने समाज-सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। अहिल्याबाई हमेशा अपनी प्रजा और गरीबों की भलाई के बारे में सोचती थी, साथ ही वे सदैव गरीबों और निर्धनों की हरसंभव सहायता के लिए तत्पर रहती थी। उन्होंने समाज में विधवा महिलाओं की स्थिति पर भी खासा काम किया और उनके लिए उस वक्त बनाए गए कानून में बदलाव भी किया था। शस्त्र-पूजन के लिये मंत्रियों को जिले एवं स्थान आवंटित “दशहरा पर्व” पर प्रदेश में होने वाले शस्त्र-पूजन कार्यक्रम के लिये राज्य मंत्रि-परिषद के सदस्यों को जिले आवंटित किये गये हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भोपाल, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा, मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह खण्डवा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धार, मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मंत्री राकेश सिंह जबलपुर, मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर, मंत्री उदय प्रताप सिंह गाडरवाड़ा (नरसिंहपुर), मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मण्डला, मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, मंत्री रामनिवास रावत विजयपुर श्योपुर, मंत्री एदल सिंह कंषाना मुरैना, मंत्री सुनिर्मला भूरिया झाबुआ, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर, मंत्री विश्वास सारंग भोपाल, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ग्वालियर, मंत्री नागर सिंह चौहान सतना, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, मंत्री राकेश शुक्ला भिण्ड, मंत्री चैतन्य काश्यप रतलाम, मंत्री इंदर सिंह परमार शाजापुर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सीहोर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल सीधी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल राजगढ़, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन सिंह पटेल विदिशा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार रायसेन, राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल बरेली (रायसेन), राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सतना, राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अनूपपुर और राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह सिंगरौली में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगी।  

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी इजरायली गोलाबारी का शिकार हुए, 600 भारतीय सैनिकों पर मंडरा रहा खतरा

बेरुत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है. इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है. बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी इजरायली गोलाबारी का शिकार हो गए थे. 600 भारतीय सैनिक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का हिस्सा हैं और इजराइल-लेबनान सीमा पर 120 किलोमीटर लंबी ब्लू लाइन पर तैनात हैं. क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव और हमलों के बीच भारत इन सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. ‘ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित’ विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘हम ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र परिसर का सभी को सम्मान करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए.’ अस्पताल में भर्ती UN शांति सैनिक विदेश मंत्रालय की ओर से यह बयान संयुक्त राष्ट्र के यह कहने के एक दिन बाद आया है कि ‘लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के नकौरा मुख्यालय और आसपास के स्थानों पर इजरायली बलों द्वारा बार-बार हमला किया गया. आज सुबह, दो शांति सैनिक घायल हो गए.’ संयुक्त राष्ट्र ने कहा, ‘गनीमत रही, इस बार चोटें गंभीर नहीं हैं, लेकिन वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं.’ UN सैनिकों पर हुए हमले बता दें कि मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान के हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. इस तनावपूर्ण माहौल में, दक्षिणी लेबनान की सीमा पर शांति बहाल करने के लिए तैनात संयुक्त राष्ट्र की UNIFIL (United Nations Interim Force in Lebanon) की टुकड़ी पर भी हमले हो रहे हैं. हाल ही में इस हमले में दो शांति सैनिक घायल हुए हैं. एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह जानबूझकर UNIFIL को निशाना बना रहा है, जबकि UNIFIL का कहना है कि इजरायल अपने हवाई हमलों के जरिए संयुक्त राष्ट्र की शांति सैनिक टुकड़ी के बेस के पास हमले कर रहा है, ताकि वह उसे मानवीय ढाल (Human Shield) के रूप में इस्तेमाल कर सके. दक्षिणी बेरूत में भी हो रहे हमले अब हालात और खतरनाक हो गए हैं, क्योंकि इजरायली हवाई हमले दक्षिण लेबनान से राजधानी बेरूत तक पहुंच गए हैं. दक्षिणी बेरूत पर जारी हमले अब बेरूत शहर के केंद्र में भी हो रहे हैं. बेरूत में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, जहां हाल ही में दो स्थानों पर इजरायली हवाई हमले हुए. इन हमलों में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.  

न्यूजीलैंड चार टेस्ट मैचों में हार के बाद भी वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की रेस में बनी हुई

भारत के खिलाफ हमें स्वतंत्र और निडर होकर खेलना होगा : लैथम टीम को  भारत के खिलाफ आगामी तीन मैचों की सीरीज में स्वतंत्र रूप से और निडर होकर खेलना होगा  : लैथम न्यूजीलैंड चार टेस्ट मैचों में हार के बाद भी वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की रेस में बनी हुई क्राइस्टचर्च  न्यूजीलैंड के नए टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी टीम भारत के खिलाफ आगामी तीन मैचों की सीरीज में स्वतंत्र रूप से और निडर होकर खेले। न्यूजीलैंड को पिछले चार टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन फिर भी वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की रेस में बने हुए हैं। पिछले महीने श्रीलंका दौरे पर मिली 0-2 के हार के बाद न्यूजीलैंड के निवर्तमान कप्तान टिम साउदी ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद लैथम को कमान मिली है। उनकी पहली चुनौती भारत दौरा है, जहां उन्होंने 36 मैचों में से सिर्फ दो जीते हैं। लैथम की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड टीम 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक बेंगलुरु, पुणे और मुंबई में तीन टेस्ट मैच खेलेगी। लैथम ने भारत दौरे पर बात करते हुए कहा, “यह एक चुनौतीपूर्ण दौरा होगा और मुझे उम्मीद है कि हम अधिक स्वतंत्रता और बिना डर के खेलेंगे। अगर हम ऐसा करते हैं तो हमारे जीतने की संभावना ज्यादा होगी। हमने देखा है कि पिछले कुछ वर्षों में कई विदेशी टीमों ने अच्छा किया है और उन पर दबाव बनाया है। लेकिन इसके लिए आपको खासतौर पर बल्ले से आक्रामक होना होगा। हम निर्णय लेंगे कि हमें वहां कैसा खेलना है और खिलाड़ियों को भी एक अच्छा अप्रोच दिखाना होगा। उम्मीद है कि हम उस अप्रोच को वहां लागू कर सकेंगे।” न्यूजीलैंड ने आखिरी बार भारत में 1988 में टेस्ट मैच जीता था और देश में उनके पिछले दौरे में कानपुर में रोमांचक मुकाबला ड्रॉ रहा था। उन्हें मुंबई में एजाज पटेल के एक पारी में 10 विकेट के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले लैथम ने 2020 से 2022 तक केन विलियमसन की जगह यह भूमिका निभाई थी। लैथम ने आगे कहा, “हमने श्रीलंका में कुछ अच्छी चीजें की, हालांकि परिणाम हमारे पक्ष में नहीं गया। सिर्फ एक पारी को छोड़ दिया जाए तो बल्ले के साथ हमारा अप्रोच बहुत सही था। हम उसी चीज को जारी रखना चाहते हैं और कोशिश करेंगे कि हम अच्छा क्रिकेट खेलें, जिस पर हमें गर्व हो। उम्मीद है कि हम ऐसा कर सकेंगे।”  

अस्पताल में सुरक्षित माहौल और सुरक्षा की मांग कोई विलासिता नहीं है- आईएमए

कोलकाता इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर जूनियर डॉक्टरों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से शीघ्र इनका समाधान करने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि जूनियर डॉक्टरों की मांग कोई विलासिता नहीं है बल्कि कामकाजी माहौल के लिए अनिवार्य शर्त है, जिन्हें सरकार आसानी से पूरा कर सकती है। आईएमए ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे वरिष्ठ के रूप में इस मुद्दे को गंभीरता से देखें और समाधान करें। पिछले सात दिनों से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। यह हड़ताल कोलकाता के धर्मतला में हो रही है, जहां शनिवार रात से डॉक्टर अनशन पर बैठे हुए हैं।  देर रात को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अनिकेत महतो की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्र में आईएमए ने लिखा, पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों का अनशन लगभग एक सप्ताह से चल रहा है। हम उनकी मांगों का समर्थन करते हैं। आपके तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। अस्पताल में सुरक्षित माहौल और सुरक्षा की मांग कोई विलासिता नहीं है, बल्कि यह अनिवार्य है। हम आपसे आग्रह करते हैं कि एक वरिष्ठ और राज्य की मुखिया के रूप में इस मुद्दे का समाधान करें। पूरे देश के डॉक्टर इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उन्हें विश्वास है कि आप जूनियर डॉक्टरों की ज़िंदगी बचाएंगी। एक दिन पहले यानी  अखिल भारतीय निवासी डॉक्टर संघ ने भी ममता बनर्जी को पत्र लिखा। इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे देश में चिकित्सा सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। एक ही दिन में ममता को लगातार दो पत्र मिलने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है। उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले कार्निवल को रद्द करने की भी अपील की है, ताकि मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक ध्यान दिया जा सके।      

हाइफ़ा पर हिज़्बुल्लाह का ‘सबसे बड़ा’ रॉकेट हमला, इजरायल की कमजोर नस बनी !

तेल अवीव हिज्बुल्लाह ने हाइफा की खाड़ी में ताबड़तोड़ करीब 100 रॉकेट दागे. कुछ को इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. लेकिन कुछ गिरे. जिससे दो लोगों की मौत हो गई. 8 जख्मी हो गए. किरयत श्मोना में 20 रॉकेट गिरे. मौत भी यहीं हुई है. ये एक कपल था, जो अपने कुत्ते के साथ घूम रहा था. इन्हें प्रोटेक्टिव बंकर में घुसने का मौका नहीं मिला. इसलिए रॉकेट से निकले शार्पेनल की वजह से मारे गए. हाइफा की खाड़ी के पास वाले इलाके में तीन लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. इजरायली फोर्स ने कहा कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट खुले इलाके में गिरे हैं. कुछ को हमने रोक दिया. इजरायली पुलिस और बम स्क्वाड किरयत श्मोना में कई घरों की जांच की है. पुलिस ने लोगों को ऐसी जगहों पर जाने को मना किया है, जहां पर रॉकेट गिरे हों. क्योंकि उनमें जिंदा विस्फोटक होने की आशंका है. अगर वो फटे तो नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं हाइफा के बारे में… येरूसल और तेल-अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर हाइफा है. 2022 के मुताबिक यहां करीब तीन लाख लोग रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा बहाई समुदाय के लोग रहते हैं. माउंट कारमेल के पठारी ढलानों पर बसे इस शहर का इतिहास 3000 साल पुराना है. कांस्य युग में स्थापित हुए इस शहर सबसे पहले डाई (Dye) बनाने का काम होता था. पूरी दुनिया में यह इसी काम के लिए प्रसिद्ध था. यहां कई साम्राज्य आए और गए. बेबिलोनियन, पर्सियन, इजरायलाइट्स आदि. 1948 की फिलिस्तीन जंग में जब हाइफा में युद्ध हुआ तो यहां की अरब आबादी शहर छोड़कर भाग गई थी. इसके बाद यह शहर इजरायल का हिस्सा बन गया. हाइफा एक बंदरगाह शहर है. खाड़ी का इलाका करीब 63.7 वर्ग किलोमीटर का है. इजरायली रक्षामंत्री ने दी ईरान को चेतावनी इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि ईरान ने 1 अक्तूबर को बड़ा हमला किया था. लेकिन उसे जबाव में तगड़ा हमला मिलेगा. उसका हमला आक्रामक था लेकिन सटीक नहीं. हमारा हमला घातक और पिनप्वाइंट एक्यूरेट होगा. सबसे जरूरी बात कि ये हैरान कर देगा. उन्हें पता भी नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है. इस बीच द जेरुसलम पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमला नहीं करेगी. उसका फोकस मिलिट्री बेस और इंटेलिजेंस साइट्स होंगे.  

बाड़मेर में सूअरों का आतंक, कलेक्टर टीना डाबी ने पेश किया सूअरों के आतंक का समाधान

बाड़मेर  राजस्थान के बाड़मेर में आईएएस टीना डाबी की मौजूदगी में जिला परिषद के बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में सूअरों के आतंक का मुद्दे को लेकर बवाल उठा। इस दौरान धनाउ प्रधान ने सूअरों के आतंक को लेकर नाराजगी व्यक्ति की और इसका समाधान पूछा। इस पर डीएफओ ने जो जवाब दिया, उससे बैठक में मौजूद सभी लोग भी हंस पड़े। इस दौरान डीएफओ सविता दहिया ने तंज कसा। सविता दहिया ने सूअरों के आतंक को लेकर यहां तक कह दिया कि हम यहां से पकड़कर सूअरों को पाकिस्तान छोड़ सकते हैं और क्या कर सकते हैं? बाद में बाड़मेर कलेक्टर आईएएस टीना डाबी ने हस्तक्षेप कर मामले को संभाला। टीना डाबी ने कहा कि वो सूअरों को पकड़वाकर नीलामी करवाएंगी। ‘यहां से सूअरों को पकड़ कर पाकिस्तान छोड़ सकते हैं, और क्या?’ जिला परिषद् की बैठक में आवारा सूअरों के आतंक को लेकर मुद्दा काफी गर्माया। इस दौरान धनाउ प्रधान शम्मा खान ने अधिकारियों से पूछा कि चैहटन, सेड़वा सहित पूरे जिले में सूअरों का आतंक है। उन्होंने बताया कि सूअर कई बार बच्चों, बुजुर्गों पर भी अटैक कर चुके हैं। सूअर किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। आखिर किसानों को इससे कैसे निजात मिलेगी? इसका क्या सॉल्यूशन है? प्रधान शम्मा खान की बात का जवाब देते हुए डीएफओ सविता दहिया ने तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि हम इन सूअर को पकड़ कर पाकिस्तान छोड़ सकते हैं और क्या कर सकते हैं। यह सुनकर बैठक में मौजूद लोग भी मुस्कुराए बिना नहीं रह पाए। ब्लॉक वाइज सूअरों का ऑक्शन करवाएंगे: टीना डाबी जिला परिषद में सूअरों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बाद में कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि ‘सूअरों के आतंक का मामला गंभीर है। मैं जब से आई हूं, ऐसी शिकायतें ज्यादा आ रही है। जनप्रतिनिधियों और किसानों ने बताया है कि मवेशियों के बच्चों और इंसानों पर सूअरों ने अटैक किया है। हम इसमें जल्द ब्लॉक वाइज अखबार में विज्ञापन देकर ऑक्शन (नीलामी) करवाएंगे। हम अखबार में नोटिस देंगे, अगर सुअर किसी के पालतू है तो इन्हें ले लीजिए। अन्यथा हम सूअरों की नीलामी करवा देंगे। यह सब काम विकास अधिकारी के जरिए होगा।’

जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए संघ के नाम का अनावश्यक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं :RSS

तिरुवनंतपुरम केरल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राज्य विधानसभा के अंदर सत्तारूढ़ और विपक्षी सदस्यों द्वारा संगठन के खिलाफ की गई कथित ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के लिए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। दक्षिणपंथी संगठन ने कहा कि यह ‘निंदनीय’ है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सदन के अंदर और बाहर यह निराधार आरोप लगा रहे हैं कि इस साल आयोजित हुए त्रिशूर पूरम में व्यवधान पैदा करने के पीछे संघ का हाथ था। ‘त्रिशूर पूरम’ केरल के त्रिशूर में आयोजित होने वाला एक वार्षिक हिंदू मंदिर उत्सव है। यह हर साल पूरम के दिन त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में आयोजित किया जाता है। संघ के वरिष्ठ नेता और प्रांत कार्यवाहक (उत्तर केरल) एन. ईश्वरन ने पूछा कि किस आधार पर वे ऐसी “गलत” बातें बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ नेता इस मामले को लेकर जल्द ही राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमशीर से मुलाकात करेंगे। संघ नेता ने आरोप लगाया कि मंत्री, विधायक और नेता प्रतिपक्ष सहित जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए संघ के नाम का अनावश्यक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी अनुमति नहीं है। संघ के पास ऐसे विवादों में हस्तक्षेप करने का न तो समय है और न ही रुचि है।’’ ईश्वरन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विवादों में संघ का नाम घसीटने का प्रयास ‘दुर्भावनापूर्ण’ है और ऐसे प्रयासों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के त्रिशूर पूरम और सबरीमाला तीर्थयात्रा जैसे प्रतिष्ठित उत्सवों में जानबूझकर तनाव और विवाद पैदा करने के लिए ये आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रतिष्ठित त्रिशूर पूरम उत्सव में हुए व्यवधान को लेकर केरल विधानसभा में बुधवार को तीखी बहस हुई। विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की जानकारी में ऐसा हुआ जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने न्यायिक जांच की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि मामले की व्यापक जांच जारी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ कुछ समय से यह आरोप लगा रहा है कि संघ नेताओं के साथ विजयन द्वारा गुप्त सहमति जताए जाने के बाद और उनकी जानकारी में उत्सव में व्यवधान पैदा किया गया। ऐसा कहा जाता है कि त्रिशूर पूरम अनुष्ठानों में कथित तौर पर पुलिस हस्तक्षेप हुआ था और इसके बाद हुए विवादों ने इस वर्ष अप्रैल में आयोजित वार्षिक उत्सव की चमक को फीका कर दिया था।  

सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे

सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी अपने राज्यों में चलाएंगे ‘कैच दी रेन’ का  जन आंदोलन : सीआर पाटिल 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे सूरत  सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे। सूरत में बसे बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान मूल के व्यापारी इन राज्यों में सैकड़ों रिवर्स बोरिंग बनवाने में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने शुक्रवार को सूरत के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2021 में ‘कैच दी रेन’ की योजना बनाई थी। इसके तहत बरसाती पानी को बेकार बहने के बजाय उसे जमीन में नीचे उताकर भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाएगा। इसके तहत खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में ही जमीन के नीचे के जल को रिचार्ज करेगा, जिसका बाद में कई तरह से उपयोग हो सकेगा। पाटिल ने कहा कि गुजरात में इस अभियान का अच्छा रेस्पांस देखने को मिला है। गुजरात में जन भागीदारी के तहत वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अभी तक 24 हजार 800 रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट आया था। सरकार ने इसके बाद राज्य में कार्यरत एनजीओ, संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों को साथ लेकर करीब 80 हजार रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट प्राप्त करने में सफलता पाई है। राज्य में कुल 2 लाख से ऊपर रिवर्स बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है। सूरत में बसे मूल बिहार के व्यापारियों-उद्यमियों ने भी वहां के 5 राज्यों के सभी गांवों में बोर करने का निश्चय किया है। पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के जल संचय जल भागीदारी को जन आंदोलन में परिवर्तित करने के तहत सूरत को अपना कर्मभूमि बनाने वाले मूल राजस्थान के व्यापारियों-उद्यमियों ने राजस्थान के सभी गांवों में 4-4 रिवर्स बोर के जरिये बरसाती पानी को जमीन में उतारने का निश्चय किया है। इसके अलावा जन भागीदारी के तहत ही मध्य प्रदेश में भी 3500 बोर बनाना तय किया है। इसी के तहत आगामी 13 अक्टूबर को शाम चार बजे सूरत के इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें राजस्थान के मुख्मंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में सूरत के व्यापारी-उद्यमी रिवर्स बोर बनाने के लिए अपने-अपने मूल राज्य के गांवों के नामों की सूची सौंपेंगे। इन राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के लिए सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी के जरिए स्वागत कार्यक्रम भी किया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में गुजरात सरकार के मंत्री कनुभाई देसाई, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, सूरत के महापौर दक्षेश मावाणी, विधायक संगीता पाटिल, शहर भाजपा प्रमुख निरंजन झांझमेरा और उद्यमी सांवर प्रसाद बुधिया, प्रमोद चौधरी, कैलाश हाकिम तथा कई अन्य लोग मौजूद रहे।  

असम : हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था

गुवाहाटी असम भाजपा अपने वर्तमान सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख नए सदस्य बनाने के 100 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, असम में भाजपा की सदस्यता 58 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य इकाई ने हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था। कुल 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 91 ने पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरे असम में बेहतरीन प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस त्योहारी सीजन में भी लोग हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। यह वाकई अभूतपूर्व है। केंद्रीय नेता भी हमारे प्रदर्शन से बहुत खुश हैं।” वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “असम के 91 विधानसभा क्षेत्रों में अब ‘बीजेपी सदस्यता 2024’ के तहत 40 हजार से ज्यादा सदस्य शामिल हुए हैं। बेहाली, करीमगंज उत्तर और मजबत निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को 40 हजार से ज्यादा सदस्य बनाने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई। 58.31 लाख नए सदस्यों के साथ असम भाजपा अपने निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत के करीब है।” राज्य में भाजपा नेता सदस्यता अभियान में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएम सरमा ने पहले कहा था, “हमारी पार्टी कॉलेज या विश्वविद्यालय चुनाव नहीं लड़ती है। हालांकि, उन्हें हमारी पार्टी का सदस्य बनाने में कोई रोक नहीं है। मैं ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा में युवाओं को शामिल करने पर जोर दें। वे भविष्य में इस देश के लिए हमारे मिशन को आगे बढ़ा सकते हैं।” इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि असम देश में पार्टी के सदस्यता अभियान में 85 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करके देश में सबसे आगे है।  

यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन 3 नवंबर को बंद किए जाएंगे

उत्तरकाशी  गंगोत्री धाम के कपाट अभिजीत मुहूर्त में अन्नकूट पर्व के अवसर पर 2 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन 3 नवंबर को बंद किए जाएंगे। परंपरा अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने के मुहूर्त शारदीय नवरात्र के अवसर पर तय किए जाते हैं।  गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने दोनों धामों के कपाट बंद करने के शुभ मुहूर्त की घोषणा की। गंगोत्री धाम में भगवती गंगा के कपाट 2 नवंबर को दोपहर 12:14 बजे बंद होंगे। मां भगवती गंगा की डोली गंगोत्री से प्रस्थान कर रात्रि में भगवती मंदिर मारकंडेय में विश्राम करेगी और 3 नवंबर को मुखवा गांव में शीतकालीन प्रवास के लिए विराजमान हो जाएगी। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि परंपरा अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन तय किया जाता है। इस वर्ष, मां गंगा की डोली 3 नवंबर को अपने मायके मुखवा में छह महीने के शीतकालीन प्रवास के लिए पहुंचेगी। इस अवसर पर मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। यमुनोत्री धाम के कपाट भी परंपरानुसार दशहरे के दिन तय किए गए मुहूर्त के अनुसार 3 नवंबर को भैया दूज पर बंद होंगे। यमुनोत्री धाम के रावल आशीष उनियाल ने बताया कि 3 नवंबर को सोमेश्वर देवता की डोली के साथ मां यमुना की डोली खरसाली गांव के लिए रवाना होगी, जहां शीतकालीन प्रवास होगा।  

राशिफल शनिवार 12 अक्टूबर 2024

मेष राशि- धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। सन्तान के स्वास्थ्‍य में सुधार होगा। रहन-सहन में कुछ दि‍क्‍कतें बनी रहेंगी। भवन के रखरखाव एवं साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वृषभ राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होना। खर्च भी बढ़ेंगे। यात्रा पर जा सकते हैं। घर-परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। भाई-बहन के सहयोग से कारोबार का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। कारोबार का विस्तार हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। पिता का सहयोग मिलेगा। खर्च अधिक रहेंगे। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। धार्मि‍क कार्यों में रुचि‍ बढ़ेगी। कर्क राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। परिवार में शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क बन सकते हैं। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। मानसिक शान्ति रहेगी। शैक्ष‍िक कार्यों में सफलता के योग बन रहे हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। अफसरों का सहयोग मिलेगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। खर्चों से परेशान हो सकते हैं। किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं। बातचीत में सन्तुलन बनाए रखें। कन्या राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। आय वृद्धि के साधन विकसित हो सकते हैं। तुला राशि- कार्यों के प्रति जोश एवं उत्साह रहेगा। माता-पिता का सानिध्य मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य का भी ध्यान रखें। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। वृश्चिक राशि- मन अशान्त हो सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिश्रम अधिक रहेगा। माता-पिता का साथ रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान हो सकता है। नौकरी में कठिनाइयों का सामना हो सकता है। धनु राशि- आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परिवार से दूर किसी दूसरी स्थान पर जा सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में अफसरों का सहयोग मिलेगा। मकर राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। कारोबार के लिए यात्रा पर जाना हो सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सतर्क रहें। आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। माता के सहयोग से धन की प्राप्‍त‍ि होगी। म‍ित्रों के साथ यात्रा के योग हैं। कुंभ राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मन अशान्त रहेगा। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होगा। मीन राशि- मानसिक शान्ति‍ रहेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है।

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