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रेल यातायात में बड़ा बदलाव: छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 26 ट्रेनें 14-15 फरवरी और अप्रैल में नहीं चलेंगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 26 यात्री ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। यह फैसला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों के चलते लिया गया है। ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और पंजाब की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, कुछ ट्रेनें 14 और 15 फरवरी को, जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित नहीं होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नया बैलेस्टेड ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल के हथबंद–भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके चलते फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 14 और 15 फरवरी को कैंसिल होने वाली ट्रेनों के नाम-     68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर     68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर     58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर     58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 15 फरवरी को ये ट्रेनें कैंसिल रहेंगी     58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर     58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द की जाने वाली ट्रेनों के नाम-     18030 (शालीमार-LTT एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल तक     18029 (LTT-शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल तक     18237 (कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     18238 (अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस): 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक     12410 (निजामुद्दीन-रायगढ़): 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल     12409 (रायगढ़-निजामुद्दीन): 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल     12101 (LTT-शालीमार): 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल     12102 (शालीमार-LTT): 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 23 अप्रैल     12807 (विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन): 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल     12808 (निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम): 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल मेमू और डेमू पैसेंजर      68815 (बल्लारशाह-गोंदिया मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     68816 (गोंदिया-बल्लारशाह मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78805 (गोंदिया-कटंगी डेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78806 (कटंगी-गोंदिया डेमू): 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रद्द की गई ट्रेनों में कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस, शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। इसके अलावा कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी, जिससे दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ ट्रेनें अपने अंतिम गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, गोंदिया–बल्लारशाह रूट की पैसेंजर ट्रेनें अप्रैल माह में हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी। वहीं बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक सीमित किया जाएगा, जिससे दुर्ग से आगे का सफर रद्द रहेगा। यात्रियों का कहना है कि पहले से टिकट बुक करा चुके लोगों के लिए अचानक ट्रेनों का रद्द होना असुविधाजनक है, खासकर शादी और परीक्षा सीजन को देखते हुए। हालांकि रेलवे का तर्क है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी स्टेशन से जरूर जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेन रद्द की गई है, उन्हें टिकट रिफंड या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की सुविधा नियमों के तहत दी जाएगी। आने वाले दिनों में रेलवे द्वारा और ट्रेनों के संचालन में बदलाव की सूचना जारी की जा सकती है।

जबलपुर में रेल यातायात में सुधार: पैसेंजर ट्रेनों में 20 कोच लगेंगे, यात्रियों को मिलेगी राहत

जबलपुर   पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दिए जाने के बाद रेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने सभी रेल जीनों से उन पैसेंजर ट्रेनों की जानकारी मांगी है, जिनमें अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकते है। वर्तमान में अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें 10 से 12 कोच के साथ संचालित हो रही है। योजना के तहत अब इन ट्रेनों में 12 से 20 कोच तक लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही मेमू और डेमू ट्रेनों में भी कोचों की संख्या बढ़ाकर 8 से 12 करने का प्रस्ताव है।  पमरे जोन को मिलेगा विशेष लाभ सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन में संचालित करीब 40 पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। अभी सीमित कोच होने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को भारी परेशानी होती है और कई बार उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ती है। कोचों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम होगी, वहीं स्टेशनों पर भी भीड़भाड़ नियंत्रित होने की उम्मीद है। जबलपुर मंडल में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन जबलपुर रेल मंडल में वर्तमान में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से जबलपुर-नैनपुर पैसेंजर, रीवा-जबलपुर पैसेंजर, जबलपुर-रीवा पैसेंजर, कटनी-चौपन पैसेंजर, कटनी-भुसावल पैसेंजर, बीना-कटनी पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें शामिल है। सीमित कोच होने के कारण कई बार 100 से 150 यात्री मजबूरी में भीड़भाड़ के बीच यात्रा करते है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान मेमू और डेमू ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में एमएसटी धारक यात्री यात्रा करते है, जिससे कई बार ट्रेन में चढ़ने तक में कठिनाई होती है। रीवा-रानी कमलापति के बीच स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा रानी कमलापति के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में एक एक ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना एवं विदिशा स्टेशनों पर रुकेगी। रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान करेगी। इसी तरह रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन रानी कमलापति से रात 22:15 बजे प्रस्थान करेगी।

रुद्राक्ष महोत्सव से पहले सीहोर में रेल सुविधा बढ़ी, दो एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज मिला

 सीहोर  रुद्राक्ष महोत्सव के आयोजन से पहले सीहोरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों से सीहोर रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत हुआ है। इससे धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों तक सीधी रेल यात्रा संभव हो सकेगी।  सीहोर शहर के लिए यह निर्णय किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव से पहले रेलवे द्वारा दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का सीहोर स्टेशन पर स्टॉपेज स्वीकृत किया गया है। इस फैसले से देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब श्रद्धालु बिना भोपाल या अन्य बड़े स्टेशनों पर भटके सीधे सीहोर उतर सकेंगे। सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही सीहोर की रेल कनेक्टिविटी की मांग आखिरकार पूरी हो गई। सांसद शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर सीहोर को बड़े शहरों से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री ने इस मांग को जनहित में स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज को मंजूरी दी। सांसद आलोक शर्मा ने दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों के सीहोर रेलवे स्टेशन पर स्टापेज के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी जारी की है। प्रयागराज और वाराणसी जाने वालों को मिली बड़ी राहत सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी जाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यों के लिए लोगों को पहले भोपाल जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब सीधे सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी तक यात्रा संभव हो सकेगी। यह निर्णय आम नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस का विस्तृत लाभ गाड़ी संख्या 19489/19490 अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन अहमदाबाद, सूरत, रतलाम, उज्जैन, मैहर, सतना, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ती है। सीहोर के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन विकास की नई राह खोलेगी। गाड़ी सं. 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस अहमदाबाद से सोमवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी। अहमदाबाद से एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 9.17 बजे से चलकर आणंद, छायापुरी, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयासराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया होते हुए अगले दिन शाम 6.15 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 19490 गोरखपुर स्टेशन से मंगलवार को छोड़कर प्रतिदिन रात 9.20 बजे रवाना होकर सीहोर स्टेशन गंतव्य दिवस के अगले दिन रात पौने छह बजे के करीब पहुंचेगी और फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हो जाएगी। मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस से बढ़े अवसर सप्ताह में एक दिन चलने वाली मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस भी अब सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। इससे मुंबई और सूरत जैसे औद्योगिक शहरों तक सीधी पहुंच संभव होगी। यह ट्रेन रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए महानगरों से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। एक्सप्रेस ट्रेन 19091 मुंबई बांद्रा से सोमवार को सुबह 5.10 चलकर बोरोवली, वापी, सूरत, बडोदरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर स्टेशनों से होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना,सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया स्टेशन होती हुई अगले दिन मंगलवार को गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह एक्सप्रेस ट्रेन 19092 गोरखपुर से मंगलवार को रात 9.20 बजे से चलकर वापस उन्हीं स्टेशनों से होती हुई बुधवार की शाम पौने छह बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी और फिर विभिन्न स्टेशनों से होती हुई गुरुवार की सुबह साढे़ आठ बजे मुंबई बांद्रा पहुंचेगी। श्रद्धालुओं और सीहोर के विकास को नई दिशा इन ट्रेनों के स्टॉपेज से कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान सीहोर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। यह निर्णय न केवल यात्रा सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सीहोर के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।  

होली के लिए भोपाल-रीवा रूट पर 6 स्पेशल ट्रेनें, कंफर्म टिकट पाएं, देखें पूरा शेड्यूल

भोपाल   होली त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे रानी कमलापति और भोपाल से रीवा के लिए कुल चार जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके अलावा रानी कमलापति दानापुर के बीच भी द्वि-साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से सतना, कटनी, सागर, बीना सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही थी, जो अब मंजूर हो गई है। भोपाल–रीवा के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 01704 गुरुवार 5 मार्च को सुबह 10:30 बजे भोपाल से चलकर रात 8:45 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01703 उसी दिन रात 10:20 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:05 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा में रहेगा। चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें रीवा–रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02192 शनिवार 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे रीवा से रवाना होकर रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02191 उसी दिन रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। रीवा–रानी कमलापति द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (02-02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02186, 2 और 3 मार्च को दोपहर 12:30 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02185 रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों में मिलेगा स्टॉपेज नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा में रहेगा।

एमपी के इस शहर में पहली बार रेल का आगमन, खिलचीपुर से राजगढ़ तक आई उम्मीदों की रेल

 रामगंज मंडी जिला मुख्यालय पर गुरुवार शाम को पहली बार जिला मुख्यालय तक रेल पहुंची है। रामगंज मंडी से चलकर पहली मालगाड़ी शाम को राजगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। बहुप्रतीक्षित भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार ट्रेन के पहुंचते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहे नगरवासी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी के किनारे जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस ऐतिहासिक पल को देखा और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाकर खुशी जाहिर की। मालगाड़ी में लाया गया रेल निर्माण का सामान राजगढ़रेलवे स्टेशन पहुंची इस मालवाहक ट्रेन में रेलवे पटरी सहित रेल निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री लाई गई है। हालांकि फिलहाल ट्रैक अधूरा है और कई स्थानों पर काम जारी है, लेकिन पहली बार जिले में ट्रेन आने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह राजगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच ट्रैक को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। इसी खंड में पहले चरण में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है। मार्च तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्च माह तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी है। पहले चरण में राजगढ़-खिलचीपुर और आगे ब्यावरा तक यात्री ट्रेन चलाने की योजना है। रेल सेवा शुरू होने से राजगढ़ को भोपाल और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, खेती और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक पूरा होगा काम बता दें कि करीब 3050 करोड़ के रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम दिसंबर-2026 तक पूरा करना है। कोटा और भोपाल रेल मंडल में आने वाले उक्त प्रोजेक्ट में कोटा मंडल ने करीब 90 फीसदी काम पूरा करा लिया है। भोपाल मंडल में भी अब तेजी से काम जारी है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का दांवा किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी! भारतीय रेलवे ने लॉन्च की 20 नई ट्रेनें, देखें रूट और टाइमिंग

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने बढ़ती यात्रा मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. 1 फरवरी 2026 से देश के अलग अलग प्रमुख रूटों पर 20 नई ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई है. नई ट्रेनों को लाॅन्च करने के वजह भीड़ कम करना और यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाना है. इन ट्रेनों में अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत और कुछ स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. जिससे लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा आरामदायक और तेज हो सके. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टिकट बुकिंग IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो चुकी है. इसलिए यात्री अपने रूट के हिसाब से पहले ही सीट बुक कर सकते हैं. जान लें किस रूट पर चलेंगी यह नई ट्रेनें. इन शहरों के लोगों को होगा फायदा फरवरी में यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है. नई ट्रेनों का शेड्यूल और रूट प्लान इस तरह बनाया गया है कि देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के प्रमुख शहर पहले से बेहतर कनेक्ट हो सकें. इससे लंबी दूरी की यात्रा का समय घटेग  भीड़ का दबाव कम होगा और कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी. रेलवे मंत्रालय ने Trains At A Glance 2026 के तहत इन ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. अमृत भारत जैसी किफायती और तेज ट्रेनों पर खास फोकस रखा गया है. जिससे मिडिल क्लास और आम यात्रियों को सीधे तौर पर सुविधा मिल सके. इन रूट्स पर चलेंगी नई ट्रेनें ट्रेन नंबर 64033 दिल्ली – शामली मेमू यह ट्रेन शामली और दिल्ली के बीच रोजाना ट्रेवल करने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद होगी पीलीभीत – शाहजहांपुर पैसेंजर  यह ट्रेन लोकल लेवल पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई. इस डेली पैसेंजर ट्रेन के जरिए लोकल ट्रेवल आसान होगी. राजेंद्र नगर – नई दिल्ली अमृत भारत  जो लोग बिहार से दिल्ली जाते हैं. उन लोगों के लिए यह ट्रेन एक बढ़िया ऑप्शन बनकर आई है. साबरमती – जोधपुर वंदे भारत इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत की टाइमिंग में 1 फरवरी से बदलाव किया गया है. जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक टाइमिंग मिल सके. गुजरात और राजस्थान के बीच तेज और आरामदायक सफर का यह बेहतर ऑप्शन बनेगा. कामाख्या – रोहतक अमृत भारत पूर्वोत्तर भारत को हरियाणा से जोड़ने वाली यह वीकली अमृत भारत ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए अहम साबित होगी. इस ट्रेन से दोनों क्षेत्रों के बीच सीधी और किफायती कनेक्टिविटी मजबूत होगी. संबलपुर – इरोड स्पेशल दक्षिण भारत की ओर यात्रा करने वालों के लिए इस स्पेशल ट्रेन की सर्विस बढ़ाई गई है. ओडिशा से तमिलनाडु तक का सफर अब ज्यादा आसान और सीधा हो सकेगा. जिससे लंबी दूरी की यात्रा में राहत मिलेगी. पुरी – राउरकेला वंदे भारत ओडिशा के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए यह सेमी हाई स्पीड वंदे भारत शुरू की जा रही है. इससे राज्य के भीतर तेज, आरामदायक और समय बचाने वाला सफर संभव होगा. धुले – वाराणसी/अयोध्या महाराष्ट्र के धुले से वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों के लिए नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं. तीर्थ यात्रा करने वालों के लिए यह सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा का ऑप्शन देगी.

ट्रेन यात्रियों के लिए Good news! अब सफर से 24 घंटे पहले मिलेगा सीट कन्फर्मेशन का अपडेट

नई दिल्ली  ट्रेन में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे अब एक नया नियम लाने की सोच रहा है। इससे ट्रेन में सीट मिलने को लेकर यात्रियों को होने वाली परेशानी कम हो जाएगी। नए नियम के मुताबिक रेलवे ट्रेन खुलने से 24 घंटे पहले ही चार्ट जारी करने की योजना बना रहा है। ऐसे में यात्री 24 घंटे पहले ही अपनी सीट की स्थिति जान सकेंगे। अभी ट्रेन खुलने से सिर्फ 4 घंटे पहले पता चलता है कि आपकी सीट पक्की हुई या नहीं। इससे दूर से आने वाले यात्रियों को बहुत दिक्कत होती है। उन्हें आखिरी समय तक पता नहीं चलता कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। बता दें कि चार्ट में यह जानकारी होती है कि किस यात्री को कौन सी सीट मिली है। बीकानेर डिवीजन में शुरू हुई योजना एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि यह योजना अभी राजस्थान के बीकानेर डिवीजन में 6 जून से शुरू की गई है। अभी तक कोई परेशानी नहीं आई है। उन्होंने कहा, ‘हम कुछ और हफ्तों तक इसे चलाकर देखेंगे। इससे पता चलेगा कि कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। अगर कोई परेशानी आती है, तो उसे कैसे ठीक किया जाए।’ अधिकारी ने आगे कहा कि कई बार यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही पता चलता है कि उनका वेटिंग लिस्ट वाला टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है। इससे उन्हें बहुत परेशानी होती है। 24 घंटे पहले चार्ट जारी होने से लोगों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलेगी और तनाव भी कम होगा। यात्रियों को यह होगी सुविधा रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस नए सिस्टम से यात्रियों को अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान करने में मदद मिलेगी। उदाहरण के लिए जो यात्री 100 किमी या उससे ज्यादा दूर से आ रहे हैं, उन्हें स्टेशन पहुंचने के लिए बेहतर जानकारी और समय मिलेगा। इससे आखिरी समय में होने वाली परेशानी कम हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस नए नियम का उन लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा जो आखिरी समय में यात्रा करने की योजना बनाते हैं और तत्काल टिकट बुक करते हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि चूंकि तत्काल टिकट ट्रेन के चलने से 24 घंटे पहले बुक किए जाते हैं। इसलिए एक दिन पहले पूरा चार्ट जारी करने से कोई समस्या नहीं होगी। बीकानेर में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली का परीक्षण 6 जून से राजस्थान के बीकानेर डिवीजन में शुरू कर दिया गया है. अब तक इस ट्रायल में किसी तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है. अधिकारी ने बताया कि कुछ और हफ्तों तक इस पायलट प्रोजेक्ट को चलाया जाएगा ताकि सभी तकनीकी पहलुओं को सही तरीके से जांचा जा सके. तत्काल टिकटों पर नहीं पड़ेगा असर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चूंकि तत्काल टिकटों की बुकिंग ट्रेन के प्रस्थान से 48 घंटे पहले ही होती है, इसलिए 24 घंटे पहले सीट कन्फर्मेशन देने में कोई दिक्कत नहीं होगी. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रेलवे कन्फर्म टिकट रद्द होने की स्थिति में दूसरी और तीसरी चार्ट लिस्ट भी जारी करेगा या नहीं. अभी क्या है मौजूदा व्यवस्था? फिलहाल, रेलवे दो बार आरक्षण चार्ट तैयार करता है. पहला चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से चार घंटे पहले और अंतिम चार्ट ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तैयार किया जाता है. यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो यात्रियों को ट्रेन चलने से एक दिन पहले ही कन्फर्म सीट की जानकारी मिल जाएगी, जिससे सफर की तैयारी बेहतर तरीके से की जा सकेगी. रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा और समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो जल्द ही देशभर में इसे लागू किया जा सकता है. क्या और भी लिस्ट जारी होंगी? अभी यह साफ नहीं है कि रेलवे कन्फर्म रिजर्वेशन वाले यात्रियों की दूसरी और तीसरी लिस्ट जारी करेगा या नहीं। क्योंकि ऐसा हो सकता है कि कई यात्री कन्फर्म टिकट होने के बावजूद आखिरी 24 घंटों में अपनी बुकिंग कैंसिल कर दें। एक सूत्र ने कहा कि पहले पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो जाने दीजिए, उसके बाद यात्रियों के हित को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाएंगे। पहले रेलवे रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर दो बार तैयार किए जाते थे। पहला चार्ट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे पहले तैयार किया जाता था और दूसरा या अंतिम, चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तैयार किया जाता था। रेलवे को उम्मीद है कि यह नया नियम यात्रियों को पसंद आएगा।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! मदन महल से रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी

 रायपुर  रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! जबलपुर स्थित मदन महल स्टेशन से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी। रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि यह नई इंटरसिटी ट्रेन मदन महल से सुबह 6:10 बजे रवाना होगी और बालाघाट व गोंदिया होते हुए दोपहर 1:50 बजे रायपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रायपुर से दोपहर 2:45 बजे चलकर रात 10:30 बजे मदन महल पहुंचेगी। इस इंटरसिटी एक्सप्रेस से मदन महल और रायपुर के बीच का सफर महज 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी। बता दें कि वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी। टिकटों की भारी मारामारी से यात्रियों को मिलेगी राहत फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है। यात्रियों को मिलेगी राहत फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है।

नींद ने छीन ली मजदूरों की ज़िंदगी, थककर पटरियों पर ही सो गए थे मजदूर, ट्रेन से कटकर हुई दो की मौत, कई हिस्सों में बंटा शरीर…

बालोद  छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां मजदूरी करने झारखंड से दल्लीराजहरा आए 2 मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं दुर्घटना में 2 मजदूर घायल हुए हैं। हादसा दल्लीराजहरा-कुसुमकसा रेलवे लाइन का है। बताया जा रहा है कि झारखंड से मजदूरी के लिए आए 11 युवक रेलवे लाइन पर दल्लीराजहरा से पैदल चलते हुए कुसुमकसा की ओर जा रहे थे। रास्ते में थकावट के कारण पांच मजदूर रेलवे पटरी पर बैठ गए। इसी दौरान युवकों को नींद आ गई। सुबह 4 बजे के करीब ट्रेन के आने पर पटरी से उठ पाते ही चार युवक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिनमें से दो की मौके पर मौत हो गई, वहीं दो घायल हो गए, जिन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी 11 युवक झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं, जो मजदूरी के सिलसिले में दल्लीराजहरा क्षेत्र में आए थे। इनके अन्य छह साथी आगे निकल गए थे, जो हादसे से बच गए। घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र की है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। 11 मजदूर पहुंचे थे दल्लीराजहरा, 7 आगे निकल चुके थे पुलिस के अनुसार झारखंड से आए 11 मजदूर दल्लीराजहरा पहुंचे थे और सभी पटरी के सहारे पैदल चलते हुए अपने सामान के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान थकान की वजह से चार मजदूर रेलवे ट्रैक पर ही सो गए, जबकि बाकी 7 मजदूर उनसे कुछ दूरी पर आगे निकल चुके थे। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो सोए हुए साथियों को आवाज देकर जगाने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही वहां 2 युवकों के ऊपर से ट्रेन गुजर गई। कई हिस्सों में बिखर गया शरीर, पटरी पर फैला था सामान हादसे की सूचना मिलते ही जब रेलवे और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो दृश्य बेहद भयावह था। ट्रेन से कटने के कारण दोनों युवकों के शव कई हिस्सों में बंट चुके थे, जबकि 2 अन्य युवक पटरी के किनारे तड़पते हुए मिले। आसपास उनका सामान, मोबाइल और बैग बिखरे पड़े थे। जिन्हें दल्लीराजहरा पुलिस ने मौके से जब्त कर लिया है। दल्लीराजहरा पुलिस मौके पर, घायलों का चल रहा इलाज दल्लीराजहरा सीएसपी डॉ. चित्रा वर्मा ने बताया कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। सूचना मिलते ही घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। घायल मजदूरों ने बताया कि वे झारखंड से आए हैं। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और अन्य मजदूरों से पूरी जानकारी ली जा रही है। मृतकों के शवों को मरच्यूरी में शिफ्ट कर दिया गया है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। मृतकों के नाम-     कृष्णा राय, उम्र -20 वर्ष, निवासी-लक्ष्मणपुर, थाना-चपचाची, जिला-धनबाद, झारखंड     ढिल्लू राय, उम्र-19 वर्ष, निवासी-लक्ष्मणपुर, थाना-चपचाची, जिला-धनबाद, झारखंड  

2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी

इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत 2.9 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य हुआ पूरा  इंदौर-दाहोद रेल लाइन के लिए टनल में पटरी बिछाने का काम इसी महीने से शुरू होगा 2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी  इंदौर इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में पिछले तीन वर्षों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 204 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग सेक्शन में पूरा किया जा रहा है। इंदौर-टीही सेक्शन पर रेल कनेक्टिविटी होने के बाद अब टीही से धार सेक्शन का काम चल रहा है। इस सेक्शन में 270 करोड़ की लागत से बन रही 2.9 किमी लंबी टनल की फिनिशिंग का काम जारी है। टीही-धार सेक्शन में 46 किमी के हिस्से में रेल लाइन बिछाने, अर्थवर्क, स्टेशन भवन, आरओबी, अंडरपास आदि काम तेजी से किए जा रहे हैं। टनल की फाइनल फिनिशिंग जारी रेलवे ने टनल का काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि दिसंबर तक इंदौर-धार के बीच ट्रेन संचालन शुरू हो सके। टनल बनने के बाद अब फाइनल फिनिशिंग की जा रही है। अब तक 800 मीटर में लाइनिंग का काम पूरा किया जा चुका है। एक माह से एक साथ पांच मशीनें काम कर रही हैं। पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री के माध्यम से वाटरप्रूफ जियो टेक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। इसके बाद भी पानी का रिसाव होने की स्थिति में ड्रेन लाइन भी बनाई गई है। रेलवे अफसरों के अनुसार इसी माह सुरंग के आधे हिस्से में ट्रैक बिछाने काम भी शुरू कर दिया जाएगा। सुरंग एक नजर में     2007-08 में रेलवे ने आठ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी।     इसके बदले करीब चार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया।     तीन किमी के दायरे में 15 मीटर चौड़ाई की जमीन का किया उपयोग।     सुरंग से दो लाख 34 हजार क्यूबिक मीटर मलबा निकाला गया।     अब तक 800 मीटर हिस्से में टनल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इसलिए जरूरी प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट काफी अहम है। यहां ट्रेन संचालन होने से इंदौर-मुंबई के बीच रेल मार्ग की दूरी कम हो जाएगी। आजादी के बाद अब धार, आलीराजपुर, झाबुआ सहित मप्र और गुजरात के जो क्षेत्र अब तक ट्रेन से अछूते थे, उन्हें ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का गुड्स सीधे मुंबई, साउथ व अन्य पोर्ट पर सीधे चला जाएगा। सागौर रेलवे स्टेशन से ही मल्टी लाजिस्टिक पार्क के लिए रेल लाइन की कनेक्टिविटी रहेगी। स्टेशन से पार्क करीब तीन किमी दूर बन रहा है। 6 साल से चल रहा टनल का काम इंदौर-दाहोद रेल लाइन में टिही टनल का काम ही सबसे अहम था। 6 साल से तीन किलोमीटर लंबी टनल बनाने का काम चल रहा था। रेलवे के द्वारा पिछले साल ही इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया था। टनल के आगे के हिस्से की बात करें तो फिनिशिंग से पीथमपुर, पीथमपुर से गुनावद के बीच रेलवे ने ट्रैक बिछा दिया है। इंदौर से सीधा कनेक्ट होगा धार जल्द ही इंदौर से धार कनेक्ट हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट साल 2008 में स्वीकृत हुआ था। जिसमें पहले टनल का प्रस्ताव नहीं था। बाद से प्रोजेक्ट में आधिकारियों द्वारा टनल को जोड़ा गया। साल 2017-18 में टेंडर जारी किए गए थे। इसके बाद काम शुरु हुआ, लेकिन कोरोना शुरु किया गया था। 2017-18 में टेंडर जारी हुए थे। इसके बाद काम शुरू हुआ। हालांकि, कोविड के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को फ्रीज कर टेंडर शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया। बता दें कि, टिही – पीथमपुर टनल के बनने से अब इंदौर से दाहोद के लिए सीधी रेलवे लाइन उपलब्ध होगी। जिससे इंदौर से दाहोद, गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसानी से किया जा सकेगा।    

रेलवे प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश से गुजरने वाली सोगरिया-दानापुर स्पेशल ट्रेन में अब आसानी से मिलेगी टिकट.

भोपाल  राजस्थान के सोगरिया से बिहार के दानापुर तक जाने वाली सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में अब आम लोग भी यात्रा कर सकेंगे. अब तक इसमें केवल खास लोग ही यात्रा कर सकते थे. दरअसल, इस ट्रेन में अब तक केवल एसी कोच की सुविधा ही उपलब्ध थी. जिसके कारण गरीब आदमी इस ट्रेन में यात्रा करने से कतराता था. हालांकि अब रेलवे प्रशासन ने इस स्पेशल ट्रेन में भी नॉन एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है. जिससे रेल यात्रियों को पर्याप्त संख्या में सीट मिल सके और उन्हें भीड़ में यात्रा न करना पड़े. 4 अगस्त से जुड़ेंगे स्लीपर और जनरल कोच बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार पहुंचने के लिए यह बहुत बढ़िया ट्रेन है, लेकिन इसमें स्लीपर और जनरल कोच नहीं होने से आर्थिक रुप से कमजोर लोग यात्रा नहीं कर पाते थे. साथ ही एसी कोच में कम सीटों के कारण लोगों को वेटिंग में टिकट लेना पड़ता था. लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने साप्ताहिक गाड़ी संख्या 09819/09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना में बदलाव का निर्णय लिया है. इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच का विस्तार 4 अगस्त 2025 से किया जाएगा. अभी 15 एसी कोच के साथ चलती है गरीब रथ वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है, लेकिन यात्रियों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए इसे अब 22 एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है. ये कोच अत्याधुनिक हैं, जिनमें सामान्य कोच से अतिरिक्त सुविधाएं हैं. नए रेक में सभी श्रेणियों के कोच शामिल होंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा. अधिक कोच होने से खत्म होगी वेटिंग की समस्या वरिष्ठ मंडल प्रबंधक वाणिज्य सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे ने गरीब रथ स्पेशल ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच जोड़ने का निर्णय लिया है. ये सभी एलएचबी कोच होंगे. जो पारंपरिक कोचों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और गति में सक्षम होते हैं. इनमें बर्थ की संख्या अधिक होने से वेटिंग लिस्ट की परेशानी कम होगी.” इन स्टेशनों के यात्रियों को मिलेगा ट्रेन का लाभ यह ट्रेन मध्य प्रदेश में पश्चिम मध्य रेल के बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा. नई कोच संरचना के साथ गाड़ी संख्या 09819 और गाड़ी संख्या 09820 दोनों ओर से 5 अगस्त से अगली सूचला तक चलाई जाएगी.  बदलाव के बाद नई कोच संरचना इस प्रकार होगी     02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी     02 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी     07 एसी इकोनोमी कोच     05 स्लीपर कोच     04 सामान्य श्रेणी कोच     01 जनरेटर कार     01 एसएलआरडी (दिव्यांगजन और लगेज के लिए)

खंडवा-सनावद मेमो ट्रेन के फेरे बढ़ाये गए, अब सप्ताह में पांच दिन दो बार चलेगी

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। खंडवा और सनावद के बीच चलने वाली मेमो ट्रेन के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। अब यह यात्री गाड़ी सप्ताह के पांच दिन एक की बजाय दो फेरे लगाएगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं को होगा। खंडवा और सनावद रेलवे स्टेशनों के बीच चलने वाली मेमो ट्रेन मंगलवार से एक की बजाय दो फेरे लगाएगी, और वह भी सप्ताह में पांच दिन। अभी तक यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन तो चलती थी, और शेष दो दिन बुधवार और गुरुवार को मेंटेनेंस के लिए भुसावल भेजी जाती थी। अब भी यही व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन बड़ी राहत यह है कि शेष पांच दिनों में यह ट्रेन अब दिन में दो बार चलेगी, और इसका किराया भी पहले की तुलना में बहुत कम रहेगा। खंडवा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मंगलवार को इस ट्रेन के दूसरे फेरे को हरी झंडी दिखाकर सनावद की ओर रवाना किया। बताया गया है कि अब यह मेमो ट्रेन पहले की तरह स्पेशल कैटेगरी वाली ट्रेन न होकर सामान्य यात्री गाड़ी के रूप में चलेगी, जिससे इसके किराए में भी काफी फर्क पड़ा है। पहले इस ट्रेन के स्पेशल स्टेटस में होने के कारण इसका किराया 50 रुपए था, जो आम यात्रियों के लिए काफी महंगा था। लेकिन अब इस ट्रेन का स्पेशल स्टेटस हटा दिया गया है, जिससे इसका नया किराया मात्र 15 रुपए ही रह गया है। यही नहीं, अब बीच के स्टेशनों के लिए भी इसका टिकट केवल 10 रुपए में उपलब्ध रहेगा। यह ट्रेन खासतौर पर ओंकारेश्वर तीर्थ दर्शन और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। अब यह गाड़ी सुबह 9 बजे खंडवा से रवाना होकर 10:30 बजे सनावद पहुंचेगी। वापसी में सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर सनावद से चलकर दोपहर के 12 बजकर 35 मिनट पर खंडवा वापस आएगी। दूसरे फेरे में दोपहर 1:35 पर खंडवा से रवाना होकर तीन बजे सनावद पहुंचेगी और दोपहर 3:30 बजे सनावद से वापस चलकर 4:55 बजे खंडवा पहुंचेगी।

जबलपुर स्टेशन पर 4 दिन का मेगा रेलवे ब्लॉक, मदनमहल से चलेगी इंटरसिटी एक्सप्रेस

जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) द्वारा जबलपुर रेलवे स्टेशन में विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते 27 मई से 30 मई तक चार दिन के लिए प्रतिदिन तीन घंटे का रेलवे ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान रानी कमलापति- अधारताल-रानी कमलापति इंटरसिटी ट्रेन (गाड़ी नंबर 22187-22188) की सेवाओं में आंशिक बदलाव किया गया है। अब 27 से 30 मई तक रानी कमलापति से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22187 मदनमहल स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट होगी। यह ट्रेन मदनमहल से अधारताल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। वहीं 27 से 30 मई तक अधारताल से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22188 मदनमहल स्टेशन से चलेगी। यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। इससे यात्रियों को परेशानी होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार     गाड़ी संख्या 22187, जो रानी कमलापति से अधारताल जाती है, 27 से 30 मई तक मदनमहल स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट कर दी जाएगी। यानी यह ट्रेन इन तारीखों में मदनमहल से आगे अधारताल तक नहीं जाएगी।     वहीं गाड़ी संख्या 22188, जो अधारताल से रानी कमलापति आती है, इन्हीं तारीखों में मदनमहल स्टेशन से शॉर्ट ऑरिजिनेट होगी। यानी यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल तक नहीं चलेगी। इधर… ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन आज से रोज ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन अब हर दिन किया जाएगा। सोमवार से ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यह ट्रेन अभी तक सप्ताह में केवल पांच दिन चलाई जा रही थी। इसे नियमित रूप से चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। भोपाल से यह ट्रेन दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी और रात 11:58 बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंचेगी। वहीं, ग्वालियर से सुबह 6:20 बजे रवाना होगी और दोपहर 2:35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इधर, प्रयागराज से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन तक नियमित रूप से चलने वाली ट्रेन नंबर 11802 का संचालन सोमवार से ग्वालियर तक किया जाएगा। यह ट्रेन सोमवार को प्रयागराज जंक्शन से सुबह 6:05 बजे रवाना होकर शाम 5:15 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी और इसके बाद रात नौ बजे ग्वालियर स्टेशन पर आएगी। इसी दिन से यह ट्रेन नियमित हो जाएगी।

ग्वालियर से भोपाल के बीच यात्रा करने वाले के लिए अच्छी खबर, अब दिन में भोपाल आएंगे शाम को वापस ग्वालियर लौट सकेंगे, जाने कैसे

भोपाल ग्वालियर से भोपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब वो जिस दिन भोपाल आएंगे, उसी दिन वापस ग्वालियर भी लौट सकेंगे. रेलवे प्रशासन ने यह निर्णय भोपाल-ग्वालियर के बीच यात्रियों के दबाव को कम करने और लंबे समय से की जा रही मांग के बाद लिया है. अब सप्ताह में प्रतिदिन ट्रेन की सुविधा मिलने से ग्वालियर और भोपाल के बीच आवागमन और भी सुगम होगा. इसका सबसे अधिक फायदा प्रतिदिन अप डाउन करने वालों को होगा. अब प्रतिदिन मिलेगी भोपाल इंटरसिटी की सुविधा मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि “भोपाल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा और मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रेन सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है. इसी क्रम में रेल प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ट्रेन संख्या 12197/12198 ग्वालियर-भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेस (भोपाल इंटरसिटी) की सेवा को 5 दिन से बढ़ाकर प्रतिदिन कर दिया गया है.” बुधवार और रविवार को नहीं चलती थी ट्रेन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि “यह गाड़ी अभी तक सप्ताह में 5 दिन (बुधवार और रविवार को छोड़कर) संचालित होती थी. अब यह गाड़ी दिनांक 26 मई 2025 से ग्वालियर और भोपाल दोनों दिशाओं से प्रतिदिन चलाई जाएगी. इस निर्णय से न केवल यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, बल्कि इन दोनों शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा.” इन स्टेशनों पर होगा भोपाल इंटरसिटी का स्टाप भोपाल इंटरसिटी दोनों दिशाओ में ग्वालियर जंक्शन, मोहना, शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, गुना, शाढोरा गांव, अशोकनगर, पिपराइगांव, मुंगावली, बीना जंक्शन, गंज बासौदा, विदिशा, भोपाल जंक्शन पर ठहराव लेती है. इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. अभी यह ट्रेन (12198) ग्वालियर जंक्शन से सुबह 6:20 बजे चलती है और दोपहर 2:35 बजे भोपाल जंक्शन पहुंचती है. भोपाल से ग्वालियर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन 12197, भोपाल जंक्शन से दोपहर 3:15 से चलती है और ग्वालियर जंक्शन पर देर रात 11:58 बजे पहुंचती है. सिंधिया ने की थी मांग, रेलवे ने किया खंडन बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी-ग्वालियर-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सातों दिन चलाने की मांग थी. जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने यह ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया है. इसको लेकर सिंधिया के कार्यालय से 22 मई को प्रेस नोट भी जारी किया गया था. हालांकि 23 मई को रेलवे ने अधिकारिक प्रेस नोट जारी कर बताया कि भोपाल रेल मंडल के यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए भोपाल -ग्वालियर इंटरसिटी को प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया है.

शाजापुर ट्रेन विस्फोट मामले में नाबालिग आरोपी पर बाल अदालत में चलेगा मुकदमा, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

शाजापुर  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल-उज्जैन यात्री ट्रेन विस्फोट मामले में आदेश दिया है कि नाबालिग आरोपी के मामले की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र बाल अदालत के पास है, न कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अधिनियम के तहत विशेष अदालत के पास. उच्च न्यायालय आरोपी के मुकदमे पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल की ओर से मांगी गई सलाह का जवाब दे रहा था. पूरा मामला 8 साल पहले का है. 10 लोग हुए थे घायल दरअसल मार्च 2017 में शाजापुर जिले के जबड़ी स्टेशन पर विस्फोट हूुआ था. इस घटना में 10 लोग घायल हो गए थे. इनमें तीन की हालत गंभीर थी. एनआईए इस मामले की जांच कर रहा है. न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने कहा कि आरोपी से भले ही अब वयस्क की तरह बर्ताव किया जाएगा, लेकिन उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में ही जारी रहेगी. अदालत ने कहा कि इस मामले में किशोर न्याय अधिनियम और एनआईए कानून 2008 दोनों ही लागू होते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में किशोर न्याय अधिनियम को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि यह विशेष कानून है और बच्चों की रक्षा के लिए बनाया गया है. कोर्ट ने कहा कि घटना की तारीख पर नाबालिग की उम्र 18 वर्ष से कम थी. इसलिए मामले को कानून के अनुसार निपटारे के लिए किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया था. कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, भोपाल ने 28 अप्रैल 2024 को इस टिप्पणी के साथ एक आदेश पारित किया है कि हालांकि घटना की तारीख को नाबालिग केवल 17 साल का था, लेकिन वह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट था और अपराधों के परिणामों को समझने के लिए पर्याप्त सक्षम था. आदेश में ये भी कहा उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, मामले को बाल अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन इस अदालत को एनआईए अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया गया था.आदेश में कहा गया कि इस तरह का संदर्भ इसलिए दिया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सी अदालत मामले की सुनवाई करेगी. चाहे वह एनआईए अधिनियम के तहत अधिसूचित अदालत हो या बाल अदालत हो.

बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 1 से 7 जून तक कैंसल रहेगी, अब एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी

जबलपुर  जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित न्यू कटनी जंक्शन से गुजरने वाली 18 ट्रेनें जून के पहले सप्ताह में निरस्त रहेंगी। वहीं, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। इस दौरान रेलवे की ओर कटंगी खुर्द से झलवारा स्टेशन तक निर्मित कार्ड लाइन को जोड़ने का कार्य होगा। रेल लाइन को कटनी ग्रेड सेपरेटर से भी जोड़ा जाएगा। इसके प्रीएनआइ और एनआइ कार्य के ब्लाक के लिए ग्रेड सेपरेटर कार्ड लाइन बनाने वाली कंपनी इरकान की ओर से ब्लाक मांगा गया था। इसे दक्षिण पूर्व मध्य रेल ने स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इससे पूर्व मई माह में कार्य प्रस्तावित किया गया था। इसमें अब परिवर्तन कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है। एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी सिंगरौली रेलमार्ग पर कटंगी-खुर्द से झलवारा स्टेशन कार्ड लाइन से जुड़ने पर न्यू कटनी जंक्शन-एनकेजे यार्ड में मालगाड़ी का दबाव कम होगा। अभी सिंगरौली से बिलासपुर आने-जाने वाली मालगाड़ी का एनकेजे यार्ड में इंजन बदलना पड़ता है। ग्रेड सेरपेटर कार्डलाइन से जुडने के बाद मालगाड़ियां सीधे बिलासपुर से आकर सिंगरौली की ओर आवाजाही कर सकेंगी। एनकेजे यार्ड से ट्रेन का दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों भी आउटर से तेजी से गुजर सकेंगी। ये ट्रेन चलती रहेंगी कार्ड लाइन कार्य की नई कार्ययोजना में यात्रियों को राहत देने के प्रयास किए गए हैं। पूर्व में नर्मदा एक्सप्रेस, रीवा-बिलासपुर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ओर चंदिया-चिरमिरी के मध्य संचालित होने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी निरस्त करने की योजना थी, लेकिन नई अधिसूचना में तीनों ट्रेनों का नाम नहीं है। ये एक्सप्रेस ट्रेन नहीं चलेंगी     11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस दो से सात जून तक।     11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस तीन से आठ जून तक।     18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस एक से सात जून।     18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस तीन से नौ जून तक।     11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस दो, चार व छह जून।     11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच व सात जून।     12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस दो व पांच जून।     12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22867 हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22868 दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस चार व सात जून।     18213 दुर्ग-अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस एक जून।     18214 अजमेर-दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस दो जून।     18205 दुर्ग- नौतनवा एक्सप्रेस पांच जून।     18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस सात जून। ये अनारक्षित ट्रेन भी निरस्त     51755 चिरमिरी-अनूपपुर पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     51756 अनूपपुर-चिरमिरी पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     61601 कटनी-चिरमिरी मेमू दो से सात जून।     61602 चिरमिरी-कटनी मेमू तीन से आठ जून।  

CG में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी,क्योंकि 21 मई से 9 ट्रेनें कैंसिल रहेगी

बिलासपुर रायपुर रेल मंडल के अप व मिडिल लाइन पर एलसी नंबर 378 निपनिया यार्ड ईस्ट एंड पर रिलिविंग गर्डर की डी-लांचिंग की जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए मंगलवार व 21 मई की रात में 21:30 बजे से 1:30 बजे तक अप लाइन पर चार बजे यातायात सह विद्युत ब्लाक 12:55 बजे तक अप और मिडिल लाइन पर रहेगा। अधोसंरचना से जुड़े इस महत्वपूर्ण को पूरा करने के लिए ट्रेनों का परिचालन भी रोका जा रहा है। रेलवे के अनुसार ब्लाक की वजह से 21 मई को 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर और 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। वहीं 22 मई को 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेंजर व 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। दैनिक यात्रियों के लिए दोनों ट्रेनें महत्वपूर्ण हैं। ब्लाक का समय रेल प्रशासन ने आधी रात का चयन किया है, ताकि एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो। 12 दिन अलग-अलग तिथियों में रद रहेगी टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत गामहारीया व सीनी सेक्शन में अधोसंरचना का कार्य टीआरटी मशीन से करने मेगा ब्लाक लिया जाएगा। इसके चलते ट्रेनें भी रद रहेंगी। रद ट्रेनों में 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस शामिल है। यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा 21, 24, 28, 31 मई व 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 तथा 28 जून को नहीं मिलेगी। इसी तरह 21 मई व 4, 11, 18, तथा 25 जून को टाटानगर से रवाना होने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं 22 मई व 5, 12, 19 व 26 जून को बिलासपुर से रवाना होने वाली संख्या 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। इन ट्रेनों का बदलेगा रेलमार्ग 20, 27 मई व 3, 10, 17 व 24 जून को पुरी से रवाना होने वाली 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते चलेगी चलेगी। इसी तरह 22 मई एवं 1, 8, 15, 22 व 29 जून भी 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस इसी परिवर्तित मार्ग गंतव्य तक पहुंचेगी। 20 व 27 मई और 3, 10, 17 व 24 जून को 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कान्ड्रा-सीनी (टाटानगर छोड़कर) के रास्ते चलेगी। इसके अलावा 24 व 31 मई एवं 7, 14, 21 व 28 जून को दुर्ग से रवाना होने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से चलेगी।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के काम ने पकड़ी तेजी, 300 किलोमीटर लंबा पुल तैयार, 27 कास्टिंग यार्ड फाइनल

मुंबई गुजरात के सूरत में 40 मीटर लंबे गर्डर के बनने के साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 300 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण पूरा हो गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) ने  यह जानकारी दी। एनएचएसआरसीएल ने बताया कि 300 किलोमीटर लंबे सुपरस्ट्रक्चर में से 257 किलोमीटर पुल का निर्माण फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से की गई है। अभी क्या है काम की स्थिति एनएचएसआरसीएल के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अभी तक नदियों पर 14 ब्रिज बनाए गए हैं। 37 किलोमीटर लंबा पुल स्पैन बाय स्पैन तकनीक से बनाया गया है। 0.9 किलोमीटर लंबा स्टील का पुल बनाया गया है और 1.2 किलोमीटर लंबा पीएससी पुल बनाया गया है। साथ ही 2.7 किलोमीटर में स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण हुआ है। 300 किलोमीटर के अलावा 401 किलोमीटर में नींव का काम और 326 किलोमीटर में गर्डर कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खासकर फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से इसमें उल्लेखनीय विकास हुआ है। रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कितने किमी लंबा ट्रैक तैयार हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘300 किमी वायडक्ट पूरा हुआ।’ इसका मतलब है कि बुलेट ट्रेन के रास्ते का 300 किलोमीटर का हिस्सा अब खंभों पर बन चुका है। वायडक्ट का मतलब है, पुल जैसा ढांचा जिस पर ट्रेन चलेगी। मुंबई स्टेशन का कितना काम पूरा? मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहा है। यह स्टेशन जमीन के नीचे होगा। यहाँ पर 76 प्रतिशत खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एक खबर के अनुसार, 14.2 लाख क्यूबिक मीटर खुदाई हो चुकी है। कुल 18.7 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी वहां से निकालनी है। यानी मिट्टी निकालने का करीब आधा काम पूरा हो गया है। साइट पर कंक्रीट लैब साइट पर 120 cum/hr क्षमता के तीन बैचिंग प्लांट लगाए गए हैं। बैचिंग प्लांट का मतलब है, वह जगह जहां कंक्रीट (सीमेंट, रेत, गिट्टी का मिश्रण) बनाया जाता है। बैचिंग प्लांट में आइस प्लांट और चिलर प्लांट भी हैं। ये कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। गर्मी में कंक्रीट जल्दी सूख जाता है। इसलिए उसे ठंडा रखना जरूरी है। साइट पर एक आधुनिक कंक्रीट लैब भी है। यहां पानी की पारगम्यता और रैपिड क्लोराइड पेनिट्रेशन टेस्ट जैसी सुविधाएं हैं। इन टेस्ट से कंक्रीट की क्वालिटी पता चलती है। सारे कंक्रीट टेस्ट साइट पर ही होते हैं। कुछ सैंपल अच्छे लैब में भी भेजे जाते हैं। क्या होगा स्टेशन में खास?     प्लेटफॉर्म जमीन से लगभग 26 मीटर नीचे होगा।     यह लगभग 10 मंजिला इमारत जितना गहरा है।     स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे: प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और सर्विस फ्लोर।     खुदाई का काम लगभग 32 मीटर (100 फीट) की गहराई तक किया जा रहा है।     स्टेशन में छह प्लेटफॉर्म होंगे। हर प्लेटफॉर्म लगभग 415 मीटर लंबा होगा। यह 16 कोच वाली बुलेट ट्रेन के लिए काफी है। स्टेशन मेट्रो और सड़क से भी जुड़ा होगा।     स्टेशन में दो एंट्री/एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे लोगों को स्टेशन में आने-जाने में आसानी होगी। स्काईलाइट होगी प्राकृतिक रोशनी के लिए एक स्काईलाइट भी बनाई गई है। स्काईलाइट से दिन में स्टेशन में सूरज की रोशनी आएगी। इससे बिजली की बचत होगी और स्टेशन सुंदर भी दिखेगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश में यातायात और तेज होगा। स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का हो रहा इस्तेमाल बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 27 कास्टिंग यार्ड बनाए गए हैं। स्टील ब्रिज के लिए सात वर्कशॉप स्थापित की गई हैं, जिनमें से तीन गुजरात में और एक उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थापित की गई हैं। एजेंसी ने बताया कि पुल पर तीन लाख से ज्यादा आवाज अवरोधक लगाए गए हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशनों की सड़क और रेल मार्ग से कनेक्टिविटी बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से भारत की रेल तकनीक में बढ़ती क्षमताओं का भी प्रदर्शन हो रहा है। मुंबई अहमदाबाद रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये है, इसमें से 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी और पांच-पांच हजार करोड़ रुपये गुजरात और महाराष्ट्र सरकार देंगी। वहीं बाकी जापान की सरकार कर्ज के रूप में देगी। 

उप्र में दो ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश हुई नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अराजकतत्वों द्वारा दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश को लोको पायलट की सजगता से नाकाम कर दिया गया है. यह पूरी घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच घटी है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं. दोनों ट्रेनों को डिरेल करने की यह घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच की है. यहाx राजधानी एक्सप्रेस (20504) जब लखनऊ की ओर जा रही थी तभी अराजकतत्वों ने डाउन ट्रैक पर अर्थिंग वायर से लकड़ी का गुटखा बांधकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन लोको पायलट ने समय रहते खतरे को देखते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक से अवरोध हटाने के बाद रेल अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद जब राजधानी एक्सप्रेस सकुशल गुजर गई तो पीछे आ रही काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को भी डिरेल करने की कोशिश की गई है. हालांकि, इस बार भी लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता से हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी,आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि कछौना थाना क्षेत्र के दलेलनगर और उमर ताली रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर जीआरपी वह स्थानीय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया. जांच करने के दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा लोहे की पट्टी से बना हुआ था प्रकरण के संबंध में रेलवे विभाग स्थानिक पुलिस द्वारा घटना के समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है साथी ही पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के रहने वाले व्यक्तियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.  

ट्रेन के टॉयलेट में आधा घंटे तक फंसी रही महिला, रेलवे चुकाएगा 40 हजार का जुर्माना

भोपाल  ट्रेन में यात्रा के दौरान हुई असुविधा के लिए यात्री की शिकायत की अनदेखी रेलवे को भारी पड़ गई। इस पर भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह सेवा में कमी के लिए उपभोक्ता को 40 हजार रुपये का हर्जाना अदा करे। उपभोक्ता ने आयोग में परिवाद कर शिकायत की थी कि यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों में तकनीकी खराबी की वजह से उसकी पत्नी करीब आधे घंटे तक टॉयलेट में बंद रह गई थीं। कन्याकुमारी से भोपाल आ रहे थे राजधानी के रविदास नगर के उमेश पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग में भारतीय रेल प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका कहना था कि 20 अप्रैल 2022 को वह त्रिकुल एक्सप्रेस से थर्ड एसी में कन्याकुमारी से भोपाल के लिए परिवार के साथ रवाना हुए थे। इस दौरान उनकी बर्थ फटी हुई थी, टॉयलेट की सीट टूटी थी। उनकी पत्नी टॉयलेट गई तो गेट अंदर से लॉक हो गया। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। इस कारण वह करीब आधे घंटे तक उसमें बंद रहीं। ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ सहयात्रियों की मदद से उन्हें किसी तरह बाहर निकाला जा सका। उन्होंने रेलवे में ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग को उन्होंने कोच के फोटोग्राफ, अपने टिकट की छायाप्रति, रेलवे को की गई शिकायत और वहां से आए जवाब की प्रति भी सौंपी थी। रेलवे ने कस्टमर मानने से ही किया इनकार सुनवाई के दौरान रेलवे ने पहले तो यात्री को कस्टमर मानने से इन्कार कर दिया। यह भी तर्क दिया कि टिकट में यात्रा का अधिकार मिलता है, सुविधाओं का नहीं। टॉयलेट की सुविधा निश्शुल्क होती है, जिस कारण इस मामले को निरस्त किया जाए। जवाब में रेलवे ने यह भी कहा कि शिकायत के बाद मदुरई स्टेशन पर मैकेनिक ने टॉयलेट सीट को सुधारने का प्रयास किया, लेकिन उसे निर्धारित समय पर ठीक नहीं किया जा सका और ट्रेन को अधिक देर तक नहीं रोका जा सकता था। इस तर्क को आयोग ने खारिज कर दिया और रेलवे पर सेवा में कमी का हर्जाना लगाया।

दिव्यांग यात्रियों के लिए : किराये में 25% से 75% तक की विशेष छूट

दिव्यांग यात्रियों के लिए : किराये में 25% से 75% तक की विशेष छूट भोपाल मंडल द्वारा अब तक जारी किए गए 1315 दिव्यांग रियायत कार्ड, जानिए कैसे उठाएं लाभ भोपाल भारतीय रेलवे, विशेष रूप से भोपाल मंडल, दिव्यांग यात्रियों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के नेतृत्व में नवंबर 2023 से अब तक कुल 1315 दिव्यांग रियायत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें रेल यात्रा में अधिक सुविधा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। दिव्यांग रियायत प्रमाणपत्र के प्रारूप में बदलाव : अब दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप भोपाल मंडल दिव्यांग सेल की प्रभारी डॉ. ज्योति तिवारी के अनुसार, रेलवे द्वारा दिव्यांग यात्रियों को 25% से लेकर 75% तक किराये में छूट प्रदान की जाती है। यह छूट विशेष रूप से दृष्टिहीन, मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए लागू है। पूर्व में इन चारों श्रेणियों के लिए रेलवे रियायत प्रमाणपत्र हेतु एक ही प्रारूप (फॉर्म) का उपयोग होता था। परन्तु वर्ष 2025 से रेलवे ने दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-1) तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-2) जारी किया है। विशेष रूप से अब दृष्टिहीनता की 90% या उससे अधिक स्तर पर भी रियायत का प्रावधान किया गया है, जो दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यदि दिव्यांग यात्री के साथ एक सहयोगी (एस्कॉर्ट) यात्रा करता है, तो उसे भी समान रियायत मिलती है। जारी किए गए रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे के सॉफ़्टवेयर में अपडेट कर दी जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय कार्ड की फोटो कॉपी प्रस्तुत कर आसानी से छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग पर भी उपलब्ध है। दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब दिव्यांगजन आसानी से ऑनलाइन माध्यम से रियायत कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज हैं: * जिला चिकित्सा अस्पताल द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र (डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट) * रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जो कि पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पताल से जारी किया गया हो, जिसमें यह उल्लेख हो कि यात्री बिना सहायक (एस्कॉर्ट) के यात्रा करने में असमर्थ है। (इसका प्रारूप भारतीय रेलवे की वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है) * आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाणपत्र * पासपोर्ट साइज फोटो इन दस्तावेजों को भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। सत्यापन के बाद कार्ड जारी कर दिया जाता है और आवेदक को इसकी जानकारी SMS के माध्यम से दी जाती है। आवेदन करते समय सभी जानकारी सही-सही भरना अत्यंत आवश्यक है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया, “हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजन यात्रियों को सहज, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से रेलवे की सुविधाओं का लाभ मिले। रियायत कार्ड बनने की प्रक्रिया को सरल बनाकर हम उनकी यात्रा को अधिक सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक दिव्यांगजन स्वयं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ महसूस करे।” दिव्यांग रियायत कार्ड से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए यात्री भोपाल मंडल यात्री हेल्पलाइन नंबर 9630951262 पर संपर्क कर सकते हैं। भोपाल मंडल का यह प्रयास भविष्य में और भी अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँच बनाने के लिए जारी रहेगा, जिससे “सबका साथ, सबका विकास” की भावना सशक्त हो।

09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन   भोपाल मंडल  के इटारसी स्टेशन पर ठहराव भोपाल    रेल प्रशासन द्वारा समर के दौरान अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लियर करने और उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से 09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन विशेष किराये पर 06-06 ट्रिप चलाने का निर्णय लिया गया है। इस गाड़ी में शयनयान श्रेणी एवं सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के इटारसी, जबलपुर, कटनी एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी। उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (12 सेवाएं)  गाड़ी संख्या 09039 उधना-गया साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 23 मई से 27 जून 2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को उधना स्टेशन से रात 22:00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन इटारसी सुबह 08:30 बजे, जबलपुर 11:50 बजे, कटनी दोपहर 13:20 बजे, सतना 14:30 बजे पहुँचकर, अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन रविवार 03:15 बजे गया स्टेशन पहुंचेगी। (06 ट्रिप)   गाड़ी संख्या 09040 गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 25 मई से 29 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को गया स्टेशन से सुबह 07:10 बजे प्रस्थान कर, सतना सायं 18:40 बजे, कटनी रात 20:00 बजे, अगले दिन जबलपुर 21:50 बजे, पहुँचकर अगले दिन इटारसी मध्यरात्रि 01:20 बजे,अन्य स्टेशनों से होते हुए सोमवार दोपहर 14:00 बजे उधना स्टेशन पहुंचेगी। (06 ट्रिप) ठहराव: चलथान, बारडोली, नंदुरबार, अमलनेर, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम और डेहरी ऑन सोन। रेल यात्रियों से अनुरोध है कि समर स्पेशल ट्रेन की विस्तृत जानकारी स्टेशन, रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन वेबसाइड से प्राप्त कर सकते हैं।

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा एक तरफा विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप): गाड़ी संख्या 04817 विशेष ट्रेन दिनांक 15 मई 2025 (गुरुवार) को जोधपुर स्टेशन से दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 09:40 बजे भोपाल, 11:40 बजे इटारसी एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन शाम 18:00 बजे तिरुपति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी जोधपुर जं., मेड़ता रोड जं., डेगाना जं., मकराना जं., कुचामन सिटी, नवां सिटी, फुलेरा, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर जं., डकनिया तालाब, रामगंज मंडी, नागदा जं., उज्जैन जं., शुजालपुर, भोपाल जं., इटारसी जं., बैतूल, नागपुर जं., वरोरा, बल्हारशाह, सिरपुर कागज़नगर, बेलमपल्ली, मंचेरियल, रामगुंडम, वारंगल, विजयवाड़ा जं., ओंगोल, गुडूर जं., रेणीगुंटा जं., तिरुपति स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।  

एक मई से नमो भारत रैक का शताब्दीनगर स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल शुरू

मेरठ एक मई से नमो भारत रैक का शताब्दीनगर (जागरण चौराहा) स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल शुरू हो गया है। शीघ्र मेरठ सेंट्रल ( फुटबाल चौक) स्टेशन से मोदीपुरम तक मेट्रो रैक का ट्रायल शुरू होगा। अभी तक मेरठ साउथ से फुटबाल चौक स्टेशन तक मेट्रो रैक का ट्रायल जारी है। मेरठ मेट्रो कारिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और पांच किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। तीन अंडरग्राउंड समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन सभी स्टेशन पर मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेगी। मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा आटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पहला स्‍टेशन मेरठ सेंट्रल दिल्ली से मेरठ की दिशा में आगे बढ़ते हुए मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन मेरठ सेंट्रल है जहां केवल मेट्रो का स्टॉप होगा। ये स्टेशन फुटबॉल चौक के नजदीक है, जिसके बाद भैसाली और बेगमपुल स्टेशन भी अंडरग्राउंड सेक्शन का हिस्सा हैं। बेगमपुल स्टेशन पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेंगी, बाकी दोनों स्टेशनों पर केवल मेरठ मेट्रो का स्टॉप होगा। टैंक चौराहे (बेगमपुल के नजदीक) से फिर मेरठ में एलिवेटेड सेक्शन शुरू होता है, जिसमें एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम स्टेशन शामिल हैं। इनमें से मोदीपुरम स्टेशन पर नमो भारत का स्टॉप होगा, बाकी तीन स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के हैं। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किमी इससे पहले मेरठ साउथ से शताब्दी नगर तक नमो भारत के सफल ट्रायल रन किए गए। वहीं, मेरठ सेंट्रल तक के सेक्शन में मेरठ मेट्रो का ट्रायल रन भी जारी हैं। भारत में पहली बार सेमी हाई स्पीड नमो भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही, मेरठ में स्थानीय मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है, जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और 5 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। इसके लिए तीन अंडरग्राउंड समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। ट्रांजिट हब के रूप में विकसित हो रहे स्‍टेशन मेरठ में मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फिलहाल 55 किमी रूट पर चल रहा नमो भारत वर्तमान में नमो भारत ट्रेन न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ के बीच 55 किलोमीटर के सेक्शन पर यात्रियों को सुविधा प्रदान कर रही है। इनमें न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ समेत 11 स्टेशन शामिल हैं। दिल्ली-मेरठ के बीच 82 किलोमीटर संपूर्ण नमो भारत कॉरिडोर के परिचालित होने से ये दूरी महज 55 मिनट में पूरी हो जाएगी। मेरठ मेट्रो समेत इस पूरी परियोजना को इसी साल संचालित करने का लक्ष्य है।

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल से गुजरने वाले ट्रेनें अब सिग्नल के इंतजार में लेट नहीं होंगी, ऑप्टिकल फाइबर सिग्नल सिस्टम शुरू

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने रेल सिग्नल प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है. गौरतलब है कि भारतीय रेल में पहली बार भोपाल मंडल के निशातपुरा यार्ड में ऐसी तकनीक शुरू की गई है, जिसमें सिग्नल ऑपरेशन अब तारों की बजाय ऑप्टिकल फाइबर के जरिए किया जाएगा. अब तक जो सिग्नल प्रणाली चल रही थी, उसमें अलग-अलग तारों के ज़रिए सिग्नलों को कंट्रोल किया जाता था. लेकिन इसमें समय लगता था और कई बार खराबी की संभावना भी रहती थी. यह नई तकनीक ऑप्टिकल फाइबर केबल पर आधारित है, जो पारंपरिक संकेत प्रणाली की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय मानी जा रही है. नई तकनीक में ‘लैम्प आउटपुट मॉड्यूल’ नाम का एक यंत्र लगाया गया है, जो सीधे कंट्रोल रूम से सिग्नल तक ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए सिग्नल भेजता है. यह क्या है? • यह एक नई सिग्नल तकनीक है, जिसमें रेलवे ट्रैक पर लगे सिग्नल अब फाइबर लाइन से सीधा कंट्रोल होंगे. • इसमें कोई भारी वायरिंग नहीं होगी, सब कुछ फाइबर के ज़रिए होगा, जिससे सिग्नल तेज़ी से और बिना रुकावट के काम करेगा. इसका फायदा क्या है? • सिग्नल कभी ‘ब्लैंक’ नहीं होंगे, यानी अगर एक सिग्नल गड़बड़ करे तो भी ट्रेन को सिग्नल का आस्पेक्ट दिखाई देगा. • ट्रेनें ज़्यादा सुरक्षित और समय पर चलेंगी. • सिस्टम के साथ स्वचालित पंखा भी जुड़ा है जो ज़रूरत पड़ने पर खुद चालू होकर मशीन को गर्म होने से बचाता है. • अगर एक लाइन खराब हो जाए तो दूसरी फाइबर लाइन से काम चलता रहेगा – यानी सिस्टम कभी नहीं रुकेगा. • सिग्नल का रख-रखाव आसान और कम खर्चीला होगा. खराबी की आशंका होगी कम सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया, अभी जो सिग्नल प्रणाली थी, उसमें तारों से सिग्नल कंट्रोल करते थे। इसमें समय लगता था। खराबी की आशंका रहती थी। अब नहीं रहेगी। नई तकनीक ऑप्टिकल फाइबर केबल आधारित है। यह ज्यादा विश्वसनीय और तेज है। इनका कहना वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि इस तकनीक की शुरुआत S/SH-15 और S/SH-16 नाम के दो सिग्नलों पर निशातपुरा यार्ड में की गई है. भोपाल से बीना के मध्य रेलखंड पर इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है. योजना के अनुसार, जून 2026 तक पूरे रेलखंड में यह उन्नत प्रणाली सक्रिय कर दी जाएगी. यह तकनीक आगे चलकर देशभर की रेलवे लाइनों को और सुरक्षित और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.  

मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी

भोपाल रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने मई में कई समर स्पेशल वीकली ट्रेन चलाने का ऐलान किया है जो मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को चलाई जाएगी। इसके अलावा एक दर्जन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में भी विस्तार किया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC Bharat Gaurav Train) 31 मई को एक स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है जो उज्जैन ( महाकालेश्वर/ओंकारेश्वर), द्वारका ( नागेश्वर/द्वारिकाधीश ), सोमनाथ ,नासिक (त्रयंबकेश्वर), पुणे (भीमाशंकर ), औरंगाबाद (घृष्णेश्वर )शिर्डी का दर्शन कराते हुए 12 जून को लौटेगी। यह पर्यटक ट्रेन 31 मई को धनबाद, गया, बिहारशरीफ, पटना, आरा, बक्सर समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों के लिए रुकेगी।स्लीपर क्लास के लिए 23,575 व थर्ड एसी क्लास के लिए 39,990 प्रति व्यक्ति होगा। मई में इस हफ्ते से चलेगी ये स्पेशल     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर–गया स्पेशल ट्रेन 10 मई शनिवार को दोपहर 03 बजकर 40 मिनट पर नागपुर से चलकर शाम 04.50 बजे पांढुर्णा ,आमला , बैतूल,इटारसी जबलपुर, सतना पहुंचेगी और अगले दिन 11 मई रविवार को रात 11 बजकर 45 मिनट पर गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 गया– नागपुर स्पेशल ट्रेन 13 मई मंगलवार को गया से रात 08:30 बजे निकलकर पांढुर्णा, आमला, बैतूल, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर से होते हुए 15 मई गुरुवार को दोपहर 03:50 बजे नागपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04607 दरभंगा अमृतसर स्पेशल दिनांक 11.05.2025 से 13.07.2025 (10 ट्रिप) के बीच प्रत्येक रविवार को सुबह 04:00 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 10:30 बजे अमृतसर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04067 नई दिल्ली-भागलपुर-नई दिल्ली स्पेशल (डीडीयू-पटना- किउल-जमालपुर के रास्ते) 11 मई से 9 जुलाई तक प्रत्येक रविवार एवं बुधवार को नई दिल्ली से 14.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.50 बजे डीडीयू, 07.30 बजे पटना एवं 10.40 बजे किउल सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 13.30 भागलपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04068 भागलपुर-नई स्पेशल 12 मई से 10 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरूवार को भागलपुर से 14.30 बजे खुलकर 17.15 बजे किउल, 20.45 बजे पटना एवं अगले दिन 01.10 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 14.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03039 (हावड़ा – न्यू जलपाईगुड़ी) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को हावड़ा से 00:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन न्यू जलपाईगुड़ी 10.45 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03040 (न्यू जलपाईगुड़ी – हावड़ा) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को न्यू जलपाईगुड़ी से 12.45 बजे रवाना होगी और अगले दिन हावड़ा 00:10 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04618 अमृतसर-सहरसा द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 12 मई से 08 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को अमृतसर से 20.10 बजे प्रस्थान कर ब्यास, जालन्धर,अम्बाला कैंट ,सहारनपुर ,मुरादाबाद,बरेली , सीतापुर जं, गोंडा गोरखपुर, छपरा समेत कई स्टेशनों से होकर सहरसा 03.00 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04617 सहरसा-अमृतसर द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 14 मई से 10 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक बुधवार एवं बृहस्पतिवार को सहरसा से 05.00 बजे प्रस्थान कर हाजीपुर ,छपरा,गोरखपुर ,गोंडा ,सीतापुर जं. ,बरेली, मुरादाबाद ,सहारनपुर ,अम्बाला कैंट 08.55 बजे, जलन्धर सिटी ,ब्यास से होते हु्ए अमृतसर 14.00 बजे पहुंचेगी। इन वीकली ट्रेनों की अवधि बढ़ी     गाड़ी सं. 05283 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार क्लोन स्पेशल अब 16 मई से 27 जून तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 05284 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर क्लोन स्पेशल अब 17 मई से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04030 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल  अब 20 मई से आठ जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को चलायी जाएगी।     गाड़ी सं. 04029 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल अब नौ जुलाई तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 04018 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल 10 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04017 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल 11 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार चलाई जाएगी।     गाड़ी संख्या 07046 (चारलापल्ली – नाहरलगुन) समर स्पेशल को 10 मई से 31 मई तक     गाड़ी संख्या 07047 (नाहरलगुन – चारलापल्ली) समर स्पेशल को 13 मई से 03 जून तक की अवधि तक के लिए बढ़ाया गया है।     गाड़ी संख्या 07323 हुबली-बनारस  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक शनिवार को 17 मई से 28 जून, 2025 तक ।     गाड़ी संख्या 07324 बनारस-हुबली  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक मंगलवार को 20 मई से 01 जुलाई 2025 तक ।

रेलवे की राहत वाली खबर: गर्मियों की भीड़भाड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समर स्पेशन ट्रेनें संचालित की जाने की घोषणा

भोपाल  इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। समर वेकेशन के चलते लोग इधर-उधर सफर पर निकल रहे हैं। कोई चारधाम यात्रा में जा रहा है तो कोई अन्य टूरिस्ट स्पॉट का दीदार करना चाहता है। ऐसे में यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल सके और टिकट की समस्या न हो, इसके लिए रेलवे ने इंतजाम किए हैं। दरअसल, गर्मियों की भीड़भाड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समर स्पेशन ट्रेनें संचालित की जाने की घोषणा की गई है। इन ट्रेनों का संचालन मई से जून के बीच किया जाएगा। इससे यात्रियों को टिकट के वेटिग लिस्ट और टिकट कैंसिल की समस्या से राहत मिलेगी। भोपाल मंडल से चलने वाली ट्रेन की लिस्ट ये है। ये है समर स्पेशल ट्रेन पश्चिम रेलवे की तरफ से गाड़ी नंबर 09407/09408 अहमदाबाद-दानापुर-अहमदाबाद साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया गया है। विशेष किराए पर चलाई जाने वाली इस ट्रेन को सात-सात ट्रिप्स के लिए चलाया जाएगा। खास बात यह है कि इस ट्रेन का संचालन मई और जून के दौरान किया जाएगा। जिससे विशेष रूप से बिहार और मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा। ट्रेन के स्टॉपेज के लिए संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा और सतना रेलवे स्टेशन तय किये गए हैं। भोपाल के संत हिरदाराम नगर में रहेगा ठहराव अहमदाबाद से दानापुर (09407) यह रेलगाड़ी 6 मई से 17 जून 2025 तक हर मंगलवार को अहमदाबाद स्टेशन से सुबह 9:20 बजे प्रस्थान करेगी। संत हिरदाराम नगर रात 9:00 बजे, बीना पर मध्य रात्रि 12:10 बजे, सागर 1:30 बजे, दमोह 3:00 बजे, कटनी 6:00 बजे, सतना 7:45 बजे होते हुए ट्रेन बुधवार रात 7:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। दानापुर से अहमदाबाद (09408) : ट्रेन वापसी में 7 मई से 18 जून 2025 तक हर बुधवार को दानापुर से रात 10:30 बजे रवाना होगी। सतना सुबह 8:50 बजे, कटनी मुड़वारा 10:35 बजे, दमोह 12:10 बजे, सागर 1:25 बजे, बीना 4:05 बजे, संत हिरदाराम नगर में 7:00 बजे होते हुए ट्रेन शुक्रवार सुबह 7:15 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।

हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था

इंदौर पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर गोली मारने की घटना ने देशभर के हिंदुओं को झंकझोर दिया है। लोग उससे उबरे भी नहीं थे कि इंदौर से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इसमें एक हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने सिर्फ इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था। ट्रेन के उसी जनरल कोच में सफर कर रहे वर्ग विशेष के 10 से 15 लोगों ने उसे पहलगाम वाली रील्स देखने से रोका। छात्र ने उनसे कहा कि इस रील्स में क्या गलत है। तो उन्होंने गाली–गलौज करते हुए एक साथ उसपर हमला कर दिया। वे यहीं नहीं रुके आराेपियों ने उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। घटना रविवार अलसुबह की है। इस मामले में छात्र अपनी शिकायत लेकर रेलवे पुलिस के पास पहुंचा तो वहां पर उससे केवल आवेदन ले लिया गया और मेडिकल करवाकर अगले दिन आने का कह दिया गया। इसके बाद छात्र 20 घंटे से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भटक रहा है, लेकिन रेलवे पुलिस ने अभी तक इतने गंभीर मामले में एफआईआर तक नहीं की है। पहलगाम हमले की रील्स देखने पर भड़के इंदौर में पढ़ने वाले एक छात्र को ट्रेन में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देखना भारी पड़ गया। शुजालपुर निवासी 23 वर्षीय छात्र रविवार अलसुबह लगभग 4 बजे भोपाल–इंदौर पैसेंजर ट्रेन से इंदौर आ रहा था। उसने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने के दौरान वह जिस सीट पर बैठा था उसके आसपास काफी बड़ी संख्या में वर्ग विशेष के लोग बैठे थे। इस दौरान जब ट्रेन लक्ष्मीबाईनगर से इंदौर के बीच पहुंची तो वह अपने मोबाइल में कुछ रील्स देख रहा था। इसी दौरान कुछ रील्स पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित भी आ गईं तो वह उन्हें भी देखने लगा। यह सब उसके आसपास बैठे वर्ग विशेष के लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने छात्र को रील्स देखने से मना किया। जब युवक ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इन रील्स में क्या गलत है तो उनमें से एक लड़के ने कहा कि हमें पता है तुम यह हमारे कारण देख रहे हो। युवक ने कहा कि यह तो देशभक्ति की बात है, इसमें क्या गलत है तो वे बोले कि अपना ये देश प्रेम ट्रेन के बाहर दिखाना। इसके बाद उन्होंने युवक के साथ गाली–गलौज करते हुए हमला कर दिया। मुंह और हाथ पर मारे घूसे से निकल आया खून छात्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस दौरान उसकी वर्ग विशेष के लोगों से हाथापाई हो गई। जिसमें से एक व्यक्ति ने उसके मुंह और हाथ पर किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसमें उसके मुंह और हाथ में से खून निकल आया। इसके बाद वह व्यक्ति भीड़ का सहारा लेकर वहां से भाग गया। इस दौरान जब छात्र ने उसका पीछा करना चाहा तो वर्ग विशेष के अन्य लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और महिलाएं आगे आ गईं और छात्र से विवाद करने लगीं। जीआरपी थाने में शिकायत छात्र जीआरपी थाने पहुंचा तो सब इंस्पेक्टर सियाराम ने आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि बाद में आना। पीड़ित ने कहा कि वो थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार का डेढ़ घंटे तक इंतजार करता रहा लेकिन वो लंच करके नहीं आईं। जीआरपी थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि आवेदन देने के बाद छात्र को जीआरपी थाने बुलाया गया था लेकिन वह अभी नहीं आया है। शिकायत के मुताबिक वह पहलगाम की रील देख रहा था जिसको लेकर कुछ युवकों ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की है। छात्र के थाने आने के बाद अज्ञात व्यक्तियों को कार्रवाई की जाएगी। डरा हुआ है पीड़ित छात्र लाइव हिन्दुस्तान ने पीड़ित छात्र से भी फोन पर संपर्क किया। उसने बताया कि वह एक कॉलेज में फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। पूरे घटनाक्रम को दोहराते हुए पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद से वह काफी डरा हुआ है। उसने अपनी पहचान गोपनीय रखने की अपील की है। स्टेशन से बाहर निकल, काट डालेंगे घटना के बाद आक्रोषित छात्र ने जब वर्ग विशेष के लोगों पर एफआईआर कराने का कहा तो वे बोले कि हम ये सब कानून नहीं मानते हैं। हमारा अलग संविधान चलता है और हम उसके हिसाब से ही न्याय करते हैं। स्टेशन के बाहर तो निकल के दिखा तुझे वहीं काट डालेंगे। चंदननगर अलग देश, वहां आ मत जाना छात्र ने बताया कि उसने वर्ग विशेष के लोगों से यह भी कहा कि यह भारत देश है और इसमें सभी के लिए कानून एक जैसा है। इस पर वे बोले कि हम चंदननगर में रहते हैं और वहां पर अलग कानून चलता है। चंदन नगर अपने आप में एक अलग देश है। वहां आकर देख लेना तुझे चीर-फाड़ देंगे।  चलती ट्रेन से फेंकने की भी कोशिश की छात्र ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट के बाद घायल हालत में वह ट्रेन के गेट के पास आकर बैठ गया था। इस दौरान कुछ वर्ग विशेष के लोग वापस आए और उससे बदसलूकी करने लगे। जब छात्र ने इसका विरोध किया तो उनमें से कुछ ने छात्र को पकड़ा और चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। वो तो शुक्र है कि वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें रोक लिया। सब इंस्पेक्टर ने आवेदन लिया और बोला- कल आना इस घटना के बाद छात्र अलसुबह ही रिपोर्ट लिखाने अपने साथियों के साथ जीआरपी थाने पहुंचा था। इस पर वहां मौजूद सब इंस्पेक्टर सियाराम ने उससे आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि कल सुबह रिपोर्ट लिखाने आ जाना। इस पर छात्र के साथ आए लोगों ने टीआई से बात करने का भी कहा, लेकिन फिर भी उसे सुबह आने का कह दिया। FIR के लिए डेढ़ घंटे तक बैठा रहा, लेकिन टीआई लंच करके नहीं लौटीं छात्र ने बताया कि रविवार को दोपहर में भी वह घटना के चार गवाहों को साथ लेकर रिपोर्ट लिखाने के लिए जीआरपी थाने गया था, लेकिन तब टीआई लंच करने के लिए चली गईं थी। इस पर उसके साथियों ने टीआई से फोन पर बात भी … Read more

रेल प्रशासन ने कानपुर सेंट्रल-SMVB बेंगलुरु-कानपुर सेंट्रल के बीच साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया

जबलपुर गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त आवाजाही को देखते हुए और उनकी यात्रा संबंधी मांग को पूरा करने के उद्देश्य से रेल प्रशासन ने कानपुर सेंट्रल-एसएमवीबी बेंगलुरु-कानपुर सेंट्रल के बीच साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी विशेष किराये पर 6-6 ट्रिप के लिए संचालित की जाएगी। ट्रेन में वातानुकूलित एवं शयनयान श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे। यह विशेष ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के सतना, कटनी, जबलपुर और इटारसी स्टेशनों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेगी।   कानपुर से कब छूटेगी गाड़ी संख्या 04131, कानपुर सेंट्रल से एसएमवीबी बेंगलुरु के बीच संचालित साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन, 27 अप्रैल से 1 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन से रात 19:50 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन सतना में मध्यरात्रि 02:50 बजे, कटनी में भोर 04:15 बजे, जबलपुर में सुबह 05:35 बजे तथा इटारसी में सुबह 09:25 बजे पहुंचेगी और तीसरे दिन मंगलवार को शाम 18:30 बजे एसएमवीबी बेंगलुरु स्टेशन पहुंचेगी। बेंगलुरु से कब छूटेगी इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 04132, एसएमवीबी बेंगलुरु से कानपुर सेंट्रल के बीच संचालित साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन, 30 अप्रैल से 4 जून 2025 तक प्रत्येक बुधवार को एसएमवीबी बेंगलुरु स्टेशन से सुबह 07:10 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन इटारसी में दोपहर 12:30 बजे, जबलपुर में दोपहर 15:45 बजे, कटनी में शाम 17:05 बजे और सतना में शाम 18:30 बजे पहुंचेगी तथा तीसरे दिन शुक्रवार को मध्यरात्रि 02:00 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। कहां-कहां होगा ठहराव यात्रा के दौरान यह ट्रेन दोनों दिशाओं में फतेहपुर, प्रयागराज, शंकरगढ़, मानिकपुर, सतना, कटनी, जबलपुर, इटारसी, नागपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, बेल्लमपल्ली, मंचेरियल, वारंगल, खम्मम, विजयवाड़ा, चीराला, ओंगोल, नेल्लूर, गुडूर, पेरम्बूर, अरक्कोणम जंक्शन, काटपाडी, जोलारपेट्टई, बांगरपेट और कृष्णराजपुरम स्टेशनों पर ठहरेगी।  

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं की पहली ट्रेन को विधायकों ने दिखाई हरी झण्डी

रायपुर : मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना श्रद्धालु पुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क दर्शन करेंगे विधायकों ने दिखाई भारत गौरव टुरिस्ट ट्रेन को हरी झण्डी श्रद्धालुओं में उत्साह, कहा मुख्यमंत्री ने बुजुर्गाे का किया सपना पूरा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर पांच साल के लम्बे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू हुई है। योजना के तहत आज बिलासपुर जिले के 775 यात्रियों का पहला जत्था पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। बिलासपुर, मुंगेली और जीपीएम जिले के तीर्थ यात्री बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचे जहां पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन द्वारा रवाना किया गया। तीर्थ यात्रा की बरसो पुरानी अभिलाषा पूरी होने पर बुजुर्गाे के आंखों की चमक देखते बन रही थी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार मौजूद थे।      विधायक धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला ने तीर्थ यात्रा पर जा रहे बुजुर्गाे से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने तीर्थ यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी कल्याणकारी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लोगों के बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं वे श्रवण कुमार की भूमिका निभाते हुए लोगों को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। यह योजना शुरू कर सरकार ने अपना एक और वादा निभाया है। बुजुर्गाे की आंखों में बरसो से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए जा रहे बुजुर्गाे की आज बरसो पुरानी तीर्थ यात्रा की अभिलाषा पूरी हुई है। तीर्थ यात्रा को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा गया। सभी समय से पहले ही स्टेशन पहुंच चुके थे। स्टेशन पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। 65 वर्षीय श्रीमती अम्बे सिंह बिलासपुर से यात्रा पर निकली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहले रामलला दर्शन योजना शुरू की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर मुख्यमंत्री ने हम सब बुजुर्गाे की सुध ली है। पंडित ईश्वर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित उम्र के बाद हर किसी बुजुर्ग का सपना होता है कि तीर्थ यात्रा दर्शन के लिए जाए लेकिन पैसों की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है। इस योजना से हमारा सपना पूरा हुआ है।      सिरगिट्टी से यात्रा पर जा रहे चन्द्रपाल सिंह राजपूत ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोगों के लिए तीर्थ यात्रा पर जाना सपने जैसे होता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमारा यह सपना पूरा किया है। जोरापारा सरकण्डा निवासी धनी राम अग्रवाल भी सपत्निक यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना बुजुर्गाे के लिए अमूल्य अवसर है। जगन्नाथ पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। यात्रा के दौरान शासन द्वारा तीर्थयात्रियों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ सहरसा से मुंबई तक अब होगा स्मार्ट और सस्ता सफर भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दिनांक 24 अप्रैल, 2025 को सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी), मुंबई के बीच देश की तीसरी और वर्जन 2.0 में अपग्रेडेड ‘अमृत भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को भी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि ‘अमृत भारत ट्रेन’ भारतीय रेल की एक क्रांतिकारी पहल है, जो कम किराए में हाई-स्पीड, अत्याधुनिक डिज़ाइन और सुविधाओं से भरपूर यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। इसकी अधिकतम गति 130 किमी/घंटा होगी और किराया केवल 45 पैसे प्रति किलोमीटर रहेगा। क्या है खास — वर्जन 2.0 अमृत भारत ट्रेन यह नई अमृत भारत ट्रेन पहले के सेट्स से कहीं अधिक एडवांस है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नये फीचर्स शामिल किए गए हैं: •    कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम की शुरुआत की गई है। •    ऑनबोर्ड कंडिशनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा गियर व व्हील की निगरानी संभव होगी। •    कोच के भीतर अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फोल्डिंग टेबल, मॉबाइल होल्डर, और दिव्यांग अनुकूल शौचालय जैसी सुविधाएं दी गई हैं। •    विशेष डिज़ाइन के चलते यात्री कोच के अंदर झटकों को महसूस नहीं करेंगे। भारतीय रेल का नया दृष्टिकोण इस ट्रेन सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नॉन-एसी होते हुए भी एक प्रीमियम अनुभव देती है। इससे उन यात्रियों को भी फायदा मिलेगा जो सीमित बजट में सफर करना चाहते हैं, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहते। समाज की संवेदनाओं को जोड़ती यह ट्रेन बिहार और मुंबई के बीच यह ट्रेन केवल एक यातायात का साधन नहीं बल्कि लाखों परिवारों की जरूरत और भावनाओं का प्रतीक है। रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक कारणों से वर्षों से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों को अब एक नई उम्मीद और राहत मिलेगी। त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों या सामान्य यात्राओं के दौरान ‘वेटिंग लिस्ट’ जैसी चिंताओं से छुटकारा मिलेगा और अब लोग पूरे आत्मविश्वास से कह सकेंगे “अब चिंता नहीं… अमृत भारत है न!”

भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून को इंदौर से दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रवाना होगी

दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रानी कमलापति व इटारसी से यात्रियों को मिलेगा विशेष लाभ आईआरसीटीसी की भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 9 जून को होगी रवाना भोपाल भोपाल मंडल रेल यात्रियों को नई-नई पर्यटक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इसी क्रम में, भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून 2025 को इंदौर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशन से भी गुजरेगी, जिससे भोपाल मंडल के यात्रियों को यात्रा का सीधा लाभ प्राप्त होगा। यह ट्रेन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल एवं नागपुर स्टेशनों से होते हुए गंतव्य को जाएगी, जहाँ से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस ट्रेन के माध्यम से तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेन्द्रम जैसे दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों का भव्य दर्शन कराया जाएगा। यात्रा कुल 09 रातों/10 दिनों की होगी। इस सुविधा से जुड़ने के लिए रानी कमलापति या इटारसी स्टेशन से यात्री ट्रेन में सवार हो सकते हैं। यात्रा के लिए किराया निम्नानुसार निर्धारित किया गया है: •    ₹18,000 प्रति व्यक्ति (स्लीपर – इकॉनॉमी श्रेणी) •    ₹29,500 प्रति व्यक्ति (3AC – स्टैण्डर्ड श्रेणी) •    ₹38,500 प्रति व्यक्ति (2AC – कम्फर्ट श्रेणी) इस सर्वसमावेशी पैकेज में आरामदायक एलएचबी रेक वाली रेल यात्रा, ऑनबोर्ड एवं ऑफबोर्ड शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों द्वारा स्थानीय दर्शन, होटल में ठहराव, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। इच्छुक यात्री इस टूर की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या अधिकृत एजेंट्स के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए भोपाल, इटारसी या जबलपुर स्टेशन स्थित आईआरसीटीसी कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है। भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बिना लंबी दूरी तय किए ही अपने नजदीकी स्टेशन से इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन सकें।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें इन तारीख को रहेंगी कैंसिल

नर्मदापुरम  उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जंक्शन–गोरखपुर कैंट खंड के मध्य तीसरी लाइन के इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित गाड़ियाँ अपनी निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी.     गाड़ी संख्या 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 17 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 19 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12511 गोरखपुर–कोचुवेली एक्सप्रेस 27 अप्रैल, 01, 02 एवं 04 मई 2025 को रद्द रहेगी.     गाड़ी संख्या 12512 कोचुवेली–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल, 04, 06 एवं 07 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12589 गोरखपुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12590 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12591 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12592 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12597 गोरखपुर–छत्रपति शिवाजी महाराज ट. एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12598 छत्रपति शिवाजी महाराज ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी     गाड़ी संख्या 15017 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15029 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15030 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15045 गोरखपुर–ओखा एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15046 ओखा–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल एवं 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15065 गोरखपुर–पनवेल एक्सप्रेस 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 28, 29 अप्रैल एवं 01, 02, 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15066 पनवेल–गोरखपुर एक्सप्रेस 16, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29, 30 अप्रैल एवं 02, 03, 05 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15067 गोरखपुर–बांद्रा ट. एक्सप्रेस 16, 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15068 बांद्रा ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 18, 25 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20103 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 19 अप्रैल से 02 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20104 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 20 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22533 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22534 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी. गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेन में यात्री लें मजा, रेलवे ने चलाई वापी-दानापुर-वलसाड ट्रेन यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें. उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें.

केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला

माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी  माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस का शुभारंभ  नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात  केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला भोपाल  माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने 13 अप्रैल को गाड़ी संख्या 02055 कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। नई दिल्ली को राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से जोड़ने, पर्यटन व दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने, यात्री सुविधाओं तथा सुगम आवागमन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा नियमित रेल सेवा के रूप में ट्रेन नंबर 20155/20156 डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।  भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर इस ट्रेन का नियमित संचालन 14 अप्रैल को नई दिल्ली से उनकी जन्मस्थली ‘महू’ शहर के डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के बीच किया जा रहा है। माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस को कोटा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर स्टेशन पर यात्रियों में भारी उत्साह दिखाई दिया। माननीय स्पीकर ने अपने संवाद में कहा कि भारतीय रेल केवल परिवहन का साधन नहीं विकास का इंजन है।   इस उद्घाटन कार्यक्रम में वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव, माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव माननीया महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर की रही। इसके अतिरिक्त डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन पर माननीय सांसद उज्जैन श्री अनिल फिरोजिया, माननीय सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी एवं माननीया सांसद राज्यसभा कविता पाटीदार की उपस्थिति रही। रेलवे की ओर से डीआरएम कोटा श्री अनिल कालरा सहित अन्य सभी संबंधित शाखा अधिकारीगण मौजूद रहे।     यह 22 कोच की नई ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर के मध्य नियमित रूप से दिनांक 14 अप्रैल को नई दिल्ली एवं 15 अप्रैल डॉ. अम्बेडकर नगर से चलेगी। गाड़ी संख्या 20156 नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर ट्रेन नई दिल्ली से रात 23.25 बजे प्रस्थान कर कोटा सुबह 05.20 बजे आगमन कर 12.50 बजे गंतव्य स्टेशन डॉ अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 20155 डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली ट्रेन डॉ अम्बेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान कर कोटा 21.25 बजे आगमन कर अगले दिन सुबह 04.25 बजे गंतव्य स्टेशन नई दिल्ली पहुँचेगी।  गाड़ी के ठहराव:- यह नई गाड़ी दोनों दिशाओं में नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर के बीच हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, भरतपुर, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, देवास एवं इंदौर स्टेशनों पर रुकेगी।  नई ट्रेन का लाभ:-  इस नई रेल सेवा के आरंभ होने से राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इन्दौर एवं डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।  राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश राज्यों के अंतर्गत आने वाले पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों जैसे मथुरा, उज्जैन, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, देवास एवं इंदौर के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों राज्यों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा।  इस नई रेल सेवा की सौगात से विधार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं आमजन को सीधा लाभ पहुँचेगा।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सीधी ट्रेन की उपलब्धता होगी।

बेहतर बुनियादी ढांचा, बेहतर तकनीक, बेहतर ट्रेनें- भारतीय रेलवे मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में बेहतर सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए तैयार

 मुंबई आज मुंबई में आयोजित “बेहतर बुनियादी ढांचा, बेहतर तकनीक, बेहतर ट्रेनें” विषय पर मीडिया से बातचीत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया और महाराष्ट्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे में परिवर्तनकारी प्रगति पर प्रकाश डाला। मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर विशेष ध्यान देने के साथ आधुनिकीकरण, बेहतर यात्री अनुभव और बेहतर क्षेत्रीय संपर्क के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता।                          बेहतर बुनियादी ढांचा : केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे का विकास उपनगरीय सेवाओं को बढ़ाने के लिए आधारशिला है। लगभग ₹17,000 करोड़ की लागत वाली परियोजनाएँ, जो 300 किलोमीटर से अधिक नई लाइनों को कवर करती हैं, वर्तमान में तीव्र गति से चल रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य मौजूदा लाइनों पर भीड़भाड़ कम करना, सेवा आवृत्ति में सुधार करना और मुंबई के उपनगरीय यात्रियों की बढ़ती माँग को पूरा करना है।  बेहतर तकनीक: श्री वैष्णव ने उपनगरीय खंड के लिए तैयार अत्याधुनिक सुरक्षा और सिग्नलिंग प्रणाली कवच ​​5.0 के आगामी लॉन्च की घोषणा की। कवच 5.0 से अंतर-ट्रेन हेडवे में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जिससे अधिक ट्रेनें सुरक्षित और कुशलतापूर्वक चल सकेंगी।                 बेहतर रेलगाड़ियाँ : यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़े उन्नयन में, केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि जल्द ही 238 नए वातानुकूलित उपनगरीय रेक पेश किए जाएँगे। इन रेकों को मुंबई के यात्रियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अनोखे ढंग से डिज़ाइन किया गया है, जो अधिक आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव का वादा करते हैं। महाराष्ट्र के सीएम श्री फडणवीस ने यह भी बताया कि मुंबई वन कार्ड जल्द ही लॉन्च किया जाएगा, जो उपनगरीय ट्रेनों, मेट्रो रेल, मोनो-रेल, बेस्ट बसों आदि में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एमएमआर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को बदलने के लिए एक एकल और सभी एकीकृत कार्ड सेट है। इन बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और रोलिंग स्टॉक की उन्नति के साथ-साथ उपनगरीय सेवाओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे लाखों मुंबईकरों के लिए दैनिक परिवहन में नाटकीय रूप से सुधार होगा। मुंबई में रचनात्मक क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व का पहला भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान खोला जाएगा और यह भारतीय रचनात्मक उद्योग के लिए एक विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा केंद्र बनाने के लिए परिवर्तनकारी होगा।           महाराष्ट्र में रणनीतिक रेल परियोजनाएँ: बातचीत के दौरान एक प्रमुख घोषणा गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन का दोहरीकरण थी, जो ₹4,819 करोड़ के निवेश से 240 किलोमीटर का रणनीतिक गलियारा है। यह प्रमुख परियोजना विदर्भ और मराठवाड़ा को जोड़ती है, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और यात्री और माल ढुलाई में तेज़ी आएगी। यह आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र के रेल संपर्क को भी मज़बूत करेगा, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रमुख बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा देने की घोषणा 7 अप्रैल, 2025 को की गई थी, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 18,658 करोड़ रुपये (लगभग) की कुल लागत वाली रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंज़ूरी दी थी। श्री वैष्णव ने आज कहा कि यह परिवर्तनकारी परियोजना उत्तरी और दक्षिणी भारत के बीच यात्री और माल ढुलाई संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। स्वीकृत परियोजना में 240 किलोमीटर लंबे मौजूदा ट्रैक पर व्यापक उन्नयन शामिल है, जिसमें 29 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, 36 प्रमुख पुलों, 338 छोटे पुलों और 67 सड़क अंडर-ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण शामिल है, ताकि परिचालन को सुव्यवस्थित किया जा सके और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।                             श्री वैष्णव ने कहा, “इस दोहरीकरण से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क में काफी सुधार होगा। क्षेत्र के आकांक्षी जिलों में तेजी से विकास होगा।” केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यह यात्रियों और रेल लॉजिस्टिक्स पर निर्भर उद्योगों दोनों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस उन्नयन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।- अन्य उल्लेखनीय रेलवे परियोजनाओं में शामिल हैं: इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महाराष्ट्र भर में 132 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पहल के तहत देश भर में 1,300 स्टेशनों में से कई का निर्माण पूरा होने वाला है, जबकि कई अन्य पर महत्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी गई है।                   भविष्य के लिए एक विजन: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और बड़े पैमाने पर स्टेशन पुनर्विकास कार्यों के साथ-साथ ये महत्वाकांक्षी उपक्रम महाराष्ट्र में परिवहन में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं। भारतीय रेलवे ने राज्य में अभूतपूर्व ₹1,73,804 करोड़ का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में महाराष्ट्र के रणनीतिक महत्व और इसके भविष्य के विकास पथ को रेखांकित करता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस वर्ष मई के महीने में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा उद्घाटन के मद्देनजर वेव्स (विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) की तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया, भारतीय रेलवे द्वारा महाराष्ट्र को रिकॉर्ड बजट आवंटन का महत्व, गोंदिया – बल्लारशाह स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण से क्षेत्र को लाभ। उन्होंने आईआरसीटीसी द्वारा जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज और शानदार मराठा टूर ट्रेन चलाने की भी घोषणा की। महाराष्ट्र के अन्य सांस्कृतिक और तीर्थ स्थलों के साथ-साथ छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास और भव्य विरासत को प्रदर्शित करने के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रेन द्वारा 10 दिनों की यात्रा के लिए एक विशेष क्यूरेटेड टूर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा।

कटनी में बनाया जा रहा ग्रेड सेपरेटर एक एलिवेटेड वायडक्ट, मालगाड़ियों का बायपास होगा

जबलपुर  देश के सबसे लंबे रेल फ्लाईओवर (ग्रेड सेपरेटर) का अप लाइन ट्रैक तैयार हो गया है। दो दिन पूर्व मालगाड़ी दौड़ाकर ट्रैक की संरचना की आंतरिक जांच की गई और ट्रायल सफल रहा। पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत मध्य प्रदेश के कटनी में बनाया जा रहा यह ग्रेड सेपरेटर एक एलिवेटेड वायडक्ट है। यह रेल फ्लाईओवर कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन और कटनी मुड़वारा स्टेशन के ऊपर से बनाया गया है। ये मालगाड़ी के लिए बायपास मार्ग के रूप में कार्य करेगा। अप लाइन सिंगरौली और बीना रेल लाइन को ग्रेड सेपरेटर के माध्यम से सीधा जोड़ती है। बिलासपुर से बीना रेल लाइन को सीधे जोड़ने वाली डाउन लाइन के शेष कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्षांत तक यह एलिवेटेड वायडक्ट रेलवे फ्लाईओवर पूर्ण कर लिए जाने की तैयारी है। ग्रेड सेपरेटर के बन जाने पर मालगाड़ियां कटनी के स्टेशनों को सीधे पार कर जाएंगी। इससे यात्री ट्रेनों के आवागमन का मार्ग सरल होगा। संरक्षा कमियों को जांचा सिंगरौली मार्ग पर कटंगी खुर्द से दमोह रेलमार्ग पर न्यू मझगवां तक कटनी होकर ग्रेड सेपरेटर के अपलाइन की दूरी 15.85 किलोमीटर है। यहां ट्रैक का काम पूरा होने पर दो दिन पूर्व मालगाड़ी चलाकर ट्रायल लिया गया। ट्रैक में संरक्षा कमियों को जांचा गया। ट्रायल में मिली कमियों को दूर किया जा रहा है। ग्रेड सेपरेटर के 17.52 किलोमीटर लंबे डाउन लाइन के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। कुल 34 किलोमीटर लंबे इस ग्रेड सेपरेटर पर अप और डाउन लाइन का ट्रैक एक वायडक्ट का निर्माण करता है। परियोजना पूरी होने और आंतरिक ट्रायल में सफल रहने पर कमिश्नर रेल सेफ्टी (सीआरएस) को बुलाया जाएगा। सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन प्रारंभ होगा। मालगाड़ियों का बायपास होगा ग्रेड सेपरेटर कटनी में रेल बायपास का कार्य करेगा। इसका निर्माण इस प्रकार से किया जा रहा है कि मालगाड़ियों को कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन और कटनी मुड़वारा के स्टेशन एवं यार्ड में प्रवेश न करना पड़े। बिलासपुर और सिंगरौली की ओर से आने वाली मालगाड़ियां स्टेशन एवं यार्ड के ऊपर से जाकर सीधे बीना रेल लाइन से संपर्क स्थापित कर सकें। इसके बनने से मालगाड़ियों का यात्रा समय बचेगा। अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाना संभव होगा। सीआरएस का निरीक्षण कराया जाएगा     कटनी ग्रेड सेपरेटर का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अप लाइन पर अभी संरक्षा संबंधी कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं। उसके बाद सीआरएस का निरीक्षण कराया जाएगा। – हर्षित श्रीवास्तव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेल  

मुंबई-दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान, 2 घंटे में तय करेगी 2000 किमी की दूरी

नई दिल्‍ली  मुंबई और दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान है। यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम कर देगी। संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) का नेशनल एडवाइजर ब्यूरो इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अगर सब ठीक रहा तो 2030 तक यह ट्रेन शुरू हो सकती है। इससे मुंबई और दुबई के बीच 2,000 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 2 घंटे में तय की जा सकेगी। यह बुलेट ट्रेन से भी तेज होगी और पानी के अंदर चलेगी। अब इस प्रोजेक्ट के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं। मुंबई और दुबई के बीच अभी हवाई जहाज से यात्रा करने में काफी समय लगता है। लेकिन, पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन बन जाती है तो यह समय बहुत कम हो जाएगा। इकनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा होगी। यह ट्रेन 600 से 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। एक साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्‍ट यह प्रोजेक्ट कुछ साल पहले शुरू हुआ था। लेकिन, अभी तक इसे पूरी तरह से मंजूरी नहीं मिली है। इस ट्रेन से सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि सामान भी ले जाया जा सकेगा। इसमें कच्चा तेल (क्रूड) भी शामिल है। इस ट्रेन में सफर करने वाले लोग पानी के अंदर की दुनिया को भी देख सकेंगे। नेशनल एडवाइजर ब्यूरो का दावा है कि उन्होंने एक वीडियो भी बनाया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रेन बनने के बाद कैसी दिखेगी। वीडियो को YouTube पर अपलोड किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट में बहुत ज्यादा पैसा लगेगा। यह अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट है। क्या है अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट का आइडिया 6 साल पहले यूएई-इंडिया कॉन्क्लेव अबू-धाबी में दिया था. अब्दु्ल्ला शेही ने इस प्रोजेक्ट की जो रूपरेखा खीची है उसके अनुसार इस प्रोजेक्ट में अल्ट्रा-स्पीड फ्लोटिंग ट्रेनों के माध्यम से भारत के मुंबई को दुबई के फुजैराह से जोड़ने की योजना है. इस परियोजना का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है. फुजैराह बंदरगाह से भारत को तेल का निर्यात होगा और मुंबई के उत्तर में नर्मदा नदी से अतिरिक्त पानी को दुबई लाया जाएगा.  इसके अलावा इस रूट पर ट्रेनें चलेंगी जिससे यात्री भी मुंबई से दुबई और दुबई से मुंबई आ जा सकेंगे. अब्दुल्ला अल शेही के अनुसार अगर ये प्रोजेक्ट सफल होता है तो कई अन्य रुट पर विचार किया जा सकता है. और इसके दायरे में पाकिस्तान, बांग्लादेश के शहर भी आएंगे. अल शेही ने कहा कि हम इस क्षेत्र के लगभग 1.5 अरब लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. उनके लिए विमान के बजाय ट्रेन का उपयोग करना आसान होगा. समंदर के अंदर से होकर गुजरने वाले इस रेल रूट की लंबाई लगभग 2000 किलोमीटर होगी. और इसकी गति 600 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी.   अल शेही के अनुसार, ट्रेन को इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग करके टनल में उठा दिया जाएगा. इसे मैग्लेव तकनीक के रूप में जाना जाता है, जो ट्रेन को 1,000 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचाएगा. इस तरह से दुबई से मुंबई तक की यात्रा मात्र 2 घंटे में पूरी हो सकेगी. अभी विमान से इस सफर को पूरा करने में 2-3 घंटे का समय लगता है. बता दें कि मैग्लैव तकनीक का इस्तेमाल कर ही जापान और चीन में बुलेट ट्रेनें चलती हैं. यह तकनीक ट्रेन को चुंबकीय बल से हवा में उठाकर घर्षण कम करती है, जिससे 1,000 किमी/घंटे तक की रफ्तार संभव होती है. उन्होंने कहा कि ट्रेन कंक्रीट सुरंगों से होकर गुजरेगी जो अरब सागर की सतह से 20-30 मीटर नीचे डूबी होंगी. इन सुरंगों को स्थिरता प्रदान करने के लिए एंकर किया जाएगा. नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अल शेही का मानना है कि इस परियोजना के साथ, UAE यात्रियों और माल दोनों के लिए अरब की खाड़ी में भारत का प्रवेश द्वार बन जाएगा, और यह यूएई की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक बदलाव होगा. क्रांतकारी विचारों के लिए जाना जाता है नेशनल एडवाइजर ब्यूरो बता दें कि नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड एक स्टार्ट अप और बड़े बिजनेस घरानों के लिए काम करने वाला एक सलाहकार फर्म है. दुबई की पानी की समस्या को खत्म करने के लिए इस कंपनी ने अंटार्कटिका से हिमखंड (आइसबर्ग) को खींचकर दुबई के समंदर तक लाने का क्रांतिकारी विचार दिया है. फिर इस आइसबर्ग से पीने योग्य पानी बनाने का विचार पेश किया गया है. क्या दुनिया में चल रही है ऐसी ट्रेंने चैनल टनल (यूके-फ्रांस) इसका सबसे मशहूर उदाहरण है. जो इंग्लैंड और फ्रांस को जोड़ता है. यह 50.45 किलोमीटर लंबी सुरंग 1994 में खुली थी. इसकी गहराई 75 मीटर तक है. इसमें यूरोस्टार ट्रेनें 160 किमी/घंटे की रफ्तार से चलती हैं. भारत ने हाल ही में शुरू किया है अंडरवाटर मेट्रो बता दें कि भारत ने भी हाल ही में अंडरवाटर मेट्रो के सफल संचालन में कामयाबी पाई है. इसे एक साल पहले देश में शुरू किया गया है. यह 520 मीटर लंबी सुरंग है, जो हावड़ा और कोलकाता को जोड़ती है. अंडरवॉटर मेट्रो सर्विस कोलकाता मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन का हिस्सा है. यह देश की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो टनल है, जो हुगली नदी के दोनों छोर पर बसे दो शहरों को जोड़ेगी. इसके लिए 3.8 किलोमीटर की दो अंडरग्राउंड टनल तैयार की गई हैं, जिसमें 520 मीटर का हिस्सा पानी के नीचे है. इसे 45 सेकेंड में क्रॉस किया जाता है. हालांकि, मुंबई-दुबई प्रोजेक्ट की विशाल दूरी (2,000 किमी) और गहरे समुद्र में निर्माण इसे दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा और जटिल प्रोजेक्ट बनाता है. दुनिया में दुबई-मुंबई अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट जैसे कई मिशन पर काम हो रहा है. चीन की योजना समंदर के जरिये रूस और कनाडा को जोड़ने की है. खर्च का अनुमान इस प्रोजेक्ट की लागत का सटीक अनुमान लगाना अभी मुश्किल है क्योंकि यह योजना प्रारंभिक चरण में है. लेकिन चैनल टनल (यूके-फ्रांस) के बनने में लगे खर्चे के आधार पर इसका अनुमान लगाया जा सकता है. चैनल टनल की लागत 1994 में लगभग 21 … Read more

भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों से होकर गुजरेगी

09619/09620 मदार–रांची–मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13-13 ट्रिप) भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 09619/09620 मदार – रांची – मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13-13 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 09619 मदार – रांची ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 09619 मदार – रांची विशेष ट्रेन दिनांक 06 अप्रैल 2025 से 29 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को मदार स्टेशन से दोपहर 13:50 बजे प्रस्थान कर, उसी दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 23:00 बजे रुठियाई, 23:25 बजे गुना, अगले दिन 00:10 बजे अशोकनगर, 00:45 बजे मुंगावली एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद रात 21:25 बजे रांची स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09620 रांची – मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 09620 रांची – मदार विशेष ट्रेन दिनांक 07 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक प्रत्येक सोमवार को रात 23:55 बजे रांची स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 20:18 बजे मुंगावली, 20:58 बजे अशोकनगर, 22:00 बजे गुना, 22:38 बजे रुठियाई एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 09:00 बजे मदार स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में मदार जं., किशनगढ़, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, अटरू, छाबड़ा गुगौर, रुठियाई जं., गुना, अशोक नगर, मुंगावली, मलकहेड़ी, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, ब्यौहारी, बरगवां, सिंगरौली, चोपन, रेणुकूट, गढ़वा रोड जं., डाल्टनगंज, टोरी, लोहरदगा बीएस, रांची स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन भोपाल मंडल के रानी कमलापति और इटारसी से होकर गुजरेगी भोपाल भोपाल मंडल के यात्रियों को एक बार फिर शानदार धार्मिक पर्यटन की सौगात मिल रही है। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन दिनांक 27 मई 2025 को इंदौर से किया जाएगा। यह विशेष ट्रेन श्रद्धालुओं को पुरी, गंगासागर, बाबा बैद्यनाथ, काशी विश्वनाथ, गया, वाराणसी और अयोध्या जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कराएगी। यह ट्रैन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी एवं अनूपपुर स्टेशनों से होते हुए जाएगी| इस यात्रा का सबसे बड़ा फायदा भोपाल मंडल के यात्रियों को मिलने जा रहा है क्योंकि यह ट्रेन रानी कमलापति और इटारसी जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे भोपाल मंडल के हजारों श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त यात्रा के अपने ही नजदीकी स्टेशनों से ट्रेन में सवार होकर इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा समय, खर्च और यात्रा की थकान तीनों से राहत दिलाएगी। यह यात्रा कुल 09 रातें और 10 दिन की होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों — पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी और अयोध्या का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने तीन श्रेणियाँ निर्धारित की हैं, जो यात्रियों की सुविधा और बजट के अनुसार चुनी जा सकती हैं। स्लीपर (इकोनॉमी) श्रेणी में प्रति व्यक्ति किराया ₹17,600/- है, जबकि 3AC (स्टैण्डर्ड) श्रेणी में ₹28,500/- प्रति व्यक्ति शुल्क लगेगा। यदि कोई यात्री अधिक आरामदायक अनुभव चाहता है तो वह 2AC (कम्फर्ट) श्रेणी चुन सकता है, जिसका प्रति व्यक्ति किराया ₹37,500/- निर्धारित किया गया है। आईआरसीटीसी की यह यात्रा एक सर्व समावेशी पैकेज है जिसमें शामिल हैं – एलएचबी कोच वाली आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड शुद्ध शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, होटल में ठहराव की सुविधा, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स, ऑन-बोर्ड सुरक्षा, हाउसकीपिंग सेवाएँ और यात्रा बीमा। भोपाल मंडल के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। रानी कमलापति और इटारसी जैसे स्टेशनों से ट्रेन के गुजरने से यहाँ के श्रद्धालु सीधे इस विशेष यात्रा से जुड़ सकेंगे। इस यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन की जा सकती है। साथ ही आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंटों से भी बुकिंग कराई जा सकती है।

ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों को बड़ी राहत, सप्ताह में 5 दिन चलने वाली ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी अब रोज दौड़ेगी

ग्वालियर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल ने रंग दिखा दिया है. अब ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी रोजाना चलेगी. इससे ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के कारण रेलवे ने नवरात्रि पर ये बड़ी सौगात दी है. ग्वालियर व चंबल संभाग के लोग इस मांग को लगातार उठा रहे थे. लोगों ने इस मांग को केंद्रीय मंत्री सिंधिया के सामने भी उठाया था. उस समय सिंधिया ने लोगों को आश्वस्त किया था कि इस बारे में रेल मंत्री से बात करेंगे. सिंधिया ने रेल मंत्री को लिखा था पत्र अब ग्वालियर से भोपाल तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (12198/97) सप्ताह के सातों दिन चलेगी. अब तक यह ट्रेन केवल सप्ताह में 5 ही संचालित होती थी. बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले को लेकर पिछले साल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा था. इसमें कहा गया था “यात्रियों की संख्या व सुविधा को देखते हुए ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोजाना चलाया जाना चाहिए.” अब रेल मंत्रालय ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने X पर दी जानकारी लोगों ने इस ट्रेन के रोज चलने पर खुशी जताई है. लोगों का कहना है “बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक विकल्प और सुगम आवागमन से शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा.” केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट X पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है. गौरतलब है कि शिवपुरी-गुना-अशोकनगर के सांसद चुने जाने के बाद ही सिंधिया क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं. इसके पहले भी उन्होंने शिवपुरी को रेल सुविधा बढ़ाने की पहल की थी.

जबलपुर से कोयंबतूर के लिए भी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गर्मी की छुट्टियों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा अप्रैल माह में विभिन्न मार्गों पर साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेनें जबलपुर, रानी कमलापति और सोगरिया जैसे स्टेशनों से अयोध्या, पुणे, बांद्रा टर्मिनस, कोयंबटूर, सहरसा, अगरतला, हड़पसर (पुणे), सीएसएमटी और दानापुर के लिए चलाई जाएंगी। रानी कमलापति – अगरतला – रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन 01665 रानी कमलापति-अगरतला साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 03 अप्रैल से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 3:40 बजे रानी कमलापति से रवाना होगी और तीसरे दिन शाम 6:55 बजे अगरतला पहुंचेगी। ट्रेन 01666 अगरतला-रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 06 अप्रैल से प्रत्येक रविवार को शाम 5:20 बजे अगरतला से रवाना होगी और तीसरे दिन शाम 4:35 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। रानी कमलापति-हड़पसर (पुणे)-रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन 01667 रानी कमलापति-हड़पसर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 10 अप्रैल से प्रत्येक गुरुवार को सुबह 8:35 बजे रानी कमलापति से रवाना होगी और दूसरे दिन रात 12:30 बजे हड़पसर पहुंचेगी। ट्रेन 01668 हड़पसर-रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 11 अप्रैल से प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे हड़पसर से रवाना होगी और उसी दिन रात 10:55 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। जबलपुर-अयोध्या-जबलपुर ट्रेन ट्रेन 01701 जबलपुर-अयोध्या साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 02 अप्रैल से प्रत्येक बुधवार को रात 7:40 बजे जबलपुर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 11 बजे अयोध्या पहुंचेगी। ट्रेन 01702 अयोध्या-जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 03 अप्रैल से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 1:30 बजे अयोध्या से रवाना होगी और अगले दिन भोर 4:15 बजे जबलपुर पहुंचेगी। जबलपुर-पुणे-जबलपुर ट्रेन ट्रेन 02132 जबलपुर-पुणे साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 06 अप्रैल से प्रत्येक रविवार को दोपहर 1:50 बजे जबलपुर से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सुबह 6:25 बजे पुणे पहुंचेगी। ट्रेन 02131 पुणे-जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 07 अप्रैल से प्रत्येक सोमवार को सुबह 11:30 बजे पुणे से रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 6 बजे जबलपुर पहुंचेगी। जबलपुर – बांद्रा टर्मिनस – जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन 02134 जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 04 अप्रैल से प्रत्येक शुक्रवार को शाम 5 बजे जबलपुर से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन दोपहर 2:10 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन 02133 बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 05 अप्रैल से प्रत्येक शनिवार को शाम 5:15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी और दूसरे दिन दोपहर 3:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी। जबलपुर – कोयंबटूर – जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन 02198 जबलपुर-कोयंबटूर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 04 अप्रैल से प्रत्येक शुक्रवार को रात 11:50 बजे जबलपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन दोपहर 2:40 बजे कोयंबटूर पहुंचेगी। ट्रेन 02197 कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 07 अप्रैल से प्रत्येक सोमवार को शाम 5:05 बजे कोयंबटूर से रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 8:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। सोगरिया – दानापुर – सोगरिया साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन 09819 सोगरिया-दानापुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 07 अप्रैल से प्रत्येक सोमवार को दोपहर 12:45 बजे सोगरिया से रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 10 बजे दानापुर पहुंचेगी। ट्रेन 09820 दानापुर-सोगरिया साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 08 अप्रैल से प्रत्येक मंगलवार को दोपहर 12:45 बजे दानापुर से रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 11 बजे सोगरिया पहुंचेगी।

कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी

भोपाल लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज़ परिवहन सुनिश्चित करना है। इन पहलों से यात्रा सुविधा में सुधार होगा, लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, तेल आयात में कमी आएगी और CO2( कार्बन डाइऑक्साइड) उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के लिए प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाकर लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है।  इन सुधारों से आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे त्वरित आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,658 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किया जाएगा। परियोजनाओं के निर्माण के दौरान लगभग 379 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होगा।

आज से इंदौर से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा, इंदौर से पटना के लिए स्पेशल ट्रेन भी शुरू हुई

 इंदौर पश्चिम रेलवे ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इंदौर-पुणे स्पेशल ट्रेन के बाद गुरुवार को इंदौर से पटना के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना हुई। वहीं आज से इंदौर से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। रेलवे ने महू-इंदौर-पटना के बीच गुरुवार से स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया है। यह ट्रेन 26 जून तक प्रति गुरुवार महू से और प्रति शुक्रवार पटना से रवाना होगी। महू-इंदौर-पटना एक्सप्रेस गुरुवार शाम 7.15 बजे इंदौर से रवाना हुई और शुक्रवार शाम 6.30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन पटना से शुक्रवार रात 8.20 बजे रवाना होगी और शनिवार रात 11.20 बजे इंदौर पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में फतेहाबाद, उज्जैन, मक्सी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा और दानापुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनामी, स्लीपर जनरल क्लास कोच रहेंगे। आज रवाना होगी दिल्ली स्पेशल ट्रेन इंदौर-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट स्पेशल का संचालन शुक्रवार और रविवार को इंदौर से शाम पांच बजे किया जाएगा। शुक्रवार से यह ट्रेन 29 जून तक संचालित होगी। शुक्रवार को शाम पांच बजे रवाना होकर शनिवार सुबह 5 बजे हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह स्पेशल ट्रेन हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से प्रति शनिवार और सोमवार को सुबह 8.20 बजे रवाना होकर रात नौ बजे इंदौर पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में देवास, उज्जैन, नागदा, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर और मथुरा स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल सेकंड क्लास कोच होंगे।

भारतीय रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में सभी वस्तुओं में 1.68% की वृद्धिशील लोडिंग दर्ज की, घरेलू कंटेनर की लोडिंग में 19.72% की मज़बूत वृद्धि

भारतीय रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में सभी वस्तुओं में 1.68% की वृद्धिशील लोडिंग दर्ज की, घरेलू कंटेनर की लोडिंग में 19.72% की मज़बूत वृद्धि गनी बोरी, हॉट रोल्ड कॉइल, सिरेमिक टाइलें, वॉल केयर पुट्टी और चावल, घरेलू कंटेनर में लोडिंग की जाने वाली पांच प्रमुख वस्तुएं हैं। घरेलू कोयला की लोडिंग 7.4% और उर्वरक 1.2% तक बढ़ी पूर्व रेलवे वित्त वर्ष 2024-25 में क्षेत्रीय रेलवे में माल ढुलाई में 16.11% वृद्धि के साथ अग्रणी भोपाल भारतीय रेलवे थोक वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है जो उद्योग और ऊर्जा के लिए आवश्यक हैं – बिजली संयंत्रों के लिए कोयला, विनिर्माण और निर्माण के लिए लौह अयस्क और तैयार स्टील, सीमेंट, राष्ट्रीय वितरण के लिए खाद्यान्न, कृषि के लिए उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों। लंबी दूरी और थोक वस्तुओं के लिए, रेल परिवहन सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफ़ायती रहा है। यह व्यवसायों के लिए समग्र रसद लागत को कम करने में मदद करता है, जिससे भारतीय सामान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाता है। इसके अलावा, रेलवे देश भर में खानों, कारख़ानों, कृषि क्षेत्रों और बंदरगाहों को बाजारों से जोड़ता है, जिससे निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला सक्षम होती है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, भारतीय रेलवे ने लगभग 1617.38 मीट्रिक टन प्रारंभिक माल ढुलाई हासिल की, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 1590.68 मीट्रिक टन की तुलना में, 26.70 मीट्रिक टन (1.68%) की वृद्धिशील लोडिंग दर्ज की। घरेलू कोयले के लिए लोडिंग में 7.4% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि घरेलू कंटेनर के लिए लोडिंग में 19.72% की वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरक के लिए लोडिंग में 1.25% की वृद्धि दर्ज की गई। पीओएल लोडिंग ने 0.61% की वृद्धि दर्ज की। गनी बोरे, हॉट रोल्ड कॉइल, सिरेमिक टाइलें, वॉल केयर पुट्टी और चावल घरेलू कंटेनर में पांच प्रमुख वस्तुएं हैं। क्षेत्रीय रेलवे द्वारा प्राप्त लोडिंग के संदर्भ में, पूर्व रेलवे ने 16.11 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) ने 7.28% की वृद्धि हासिल की। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 4.21% की वृद्धि हासिल की। उत्तर रेलवे ने 3.89% की वृद्धि हासिल की। पूर्व मध्य रेलवे ने 2.82 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। दक्षिण मध्य रेलवे ने 2.14% की वृद्धि हासिल की। पूर्व तटीय रेलवे ने 1.19% की वृद्धि हासिल की। दक्षिण रेलवे ने 0.80% की वृद्धि हासिल की। दक्षिण पूर्व रेलवे ने 0.36% की वृद्धि हासिल की। भारतीय रेलवे द्वारा कोयले की प्रभावशाली लोडिंग के कारण, भारत में पावर हाउसों का स्टॉक 57 मीट्रिक टन तक पहुंचाया गया।

भोपाल मंडल से गुजरेगी आरक्षित समर स्‍पेशल ट्रेनें

भोपाल  रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा ग्रीष्मकालीन के दौरान उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष किराये पर आरक्षित विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेनें भोपाल मंडल के इटारसी  स्टेशन से होकर गुजरेगी। इन स्पेशल ट्रेनों का विवरण निम्नानुसार है:- आरक्षित विशेष ट्रेन सेवा 1) एलटीटी-दानापुर-एलटीटी द्वि-साप्ताहिक विशेष (50 सेवा) 01009 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 07.04.2025 से 30.06.2025 तक प्रत्येक सोमवार और शनिवार को 12.15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 17.00 बजे दानापुर पहुँचेगी। (25 सेवाएं) 01010 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 08.04.2025 से 01.07.2025 तक प्रत्येक मंगलवार और रविवार को 19.00 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 04.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। (25 सेवाएं) ठहराव : ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जं.,बक्सर एवं आरा। संरचना: एक वातानुकूलित-2 टियर, 5 वातानुकूलित -3 टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड की ब्रेक वैन। 2) एलटीटी-मऊ-एलटीटी द्वि-साप्ताहिक विशेष (48 सेवा) 01123 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 06.04.2025 से 29.06.2025 तक (02.05.2025 को छोड़कर) प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को 12.15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20.20 बजे मऊ पहुंचेगी। (24 सेवाएं) 01124 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 08.04.2025 से 01.07.2025 तक (10.06.2025 को छोड़कर) प्रत्येक रविवार और मंगलवार को 05.50 बजे मऊ से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16.45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। (24 सेवाएं) ठहराव : ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी जंक्शन, जौनपुर जंक्शन और औंरिहार। संरचना: एक वातानुकूलित -2 टियर, 5 वातानुकूलित -3 टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड की ब्रेक वैन। 3) एलटीटी-मऊ-एलटीटी अध्यापक विशेष (टीचर्स स्पेशल) (2सेवा) 01123 अध्यापक विशेष दिनांक 02.05.2025 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से  12.15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20.20 बजे मऊ पहुंचेगी। (1 सेवा) 01124 अध्यापक विशेष दिनांक 10.06.2025 को मऊ से 05.50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16.45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। (1 सेवा) ठहराव: ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी जंक्शन, जौनपुर जंक्शन और औंरिहार। संरचना: एक वातानुकूलित-2 टियर, 5 वातानुकूलित -3 टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड की ब्रेक वैन। 4) एलटीटी-बनारस-एलटीटी द्वि-साप्ताहिक विशेष (48 सेवा) 01053 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 09.04.2025 से 26.06.2025 तक प्रत्येक बुधवार और गुरुवार को 12.15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16.05 बजे बनारस पहुंचेगी (24 सेवाएं) 01054 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 10.04.2025 से 27.06.2025 तक प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार को 20.30 बजे बनारस से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 04.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी (24 सेवाएं) ठहराव: ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर और प्रयागराज छिवकी। संरचना: एक वातानुकूलित-2 टियर, 5 वातानुकूलित -3 टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड ब्रेक वैन। 5) एलटीटी-समस्तीपुर-एलटीटी साप्ताहिक एसी विशेष (24 सेवा) 01043 साप्ताहिक एसी विशेष दिनांक 08.04.2025 से 24.06.2025 तक प्रत्येक मंगलवार को 12.15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 21.15 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी (12 सेवाएं) 01044 साप्ताहिक एसी विशेष दिनांक 09.04.2025 से 25.06.2025 तक प्रत्येक बुधवार को 23.20 बजे समस्तीपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 11.00 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी (12 सेवाएं) ठहराव: ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र जंक्शन, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर। संरचना: एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, तीन वातानुकूलित-2 टियर, 15 वातानुकूलित-3 टियर, 1 पेंट्री कार और 2 जेनरेटर कार । 6) सीएसएमटी-आसनसोल-सीएसएमटी साप्ताहिक विशेष (24 सेवा) 01145 साप्ताहिक दिनांक 07.04.2025 से 23.06.2025 तक प्रत्येक सोमवार को 11.05 बजे सीएसएमटी से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 02.50 बजे आसनसोल पहुंचेगी (12 सेवाएं) 01146 साप्ताहिक विशेष दिनांक 09.04.2025 से 25.06.2025 तक प्रत्येक बुधवार को 21.00 बजे आसनसोल से रवाना होगी और तीसरे दिन 08.15 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी (12 सेवाएं) ठहराव: दादर, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय, सासाराम, देवरिया सदर, गया, कोडरमा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस जं गोमो, धनबाद और कुलटी। संरचना: चार वातानुकूलित-2 टियर, 6 वातानुकूलित-3 टियर, 4 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 1 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड ब्रेक वैन और 1 जेनरेटर कार । 7) पुणे-दानापुर-पुणे द्वि-साप्ताहिक विशेष (50 सेवा) 01481 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 07.04.2025 से 30.06.2025 तक प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को 19:55 बजे पुणे से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 07.30 बजे दानापुर पहुँचेगी (25 सेवाएं)। 01482 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 09.04.2025 से 02.07.2025 तक प्रत्येक बुधवार और रविवार को 08.30 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 17:35 बजे पुणे पहुँचेगी (25 सेवाएं)। ठहराव: दौंड कॉर्ड केबिन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, जलगांव, भुसावल, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा। संरचना: 01 वातानुकूलित 2-टियर, 05 वातानुकूलित 3-टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 04 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 02 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड ब्रेक वैन 08) पुणे-गाजीपुर सिटी-पुणे द्वि-साप्ताहिक विशेष (48 सेवा) 01431 द्वि-साप्ताहिक विशेष दिनांक 08.04.2025 से 27.06.2025 तक प्रत्येक शुक्रवार और मंगलवार को 06:40 बजे पुणे से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20.15 बजे ग़ाज़ीपुर सिटी पहुंचेगी। (24 सेवाएं)। 01432 द्वि-साप्ताहिक दिनांक 10.04.2025 से 29.06.2025 तक प्रत्येक रविवार और गुरुवार को 04:20 बजे गाज़ीपुर सिटी से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16:20 बजे पुणे पहुंचेगी। (24 सेवाएं) ठहराव: दौंड कॉर्ड केबिन, अहमदनगर, मनमाड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी, जौनपुर और औंरिहार जंक्शन। संरचना: 01 वातानुकूलित 2-टियर, 05 वातानुकूलित 3-टियर, 10 शयनयान श्रेणी, 04 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 02 द्वितीय श्रेणी-सह-गार्ड ब्रेक वैन रेल यात्रियों से अनुरोध है कि समर स्पेशल ट्रेनों की विस्तृत जानकारी रेलवे स्टेशन, रेल मदद 139 एवं ऑनलाइन वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें,1 अप्रैल से लेकर 25 मई तक कई गाड़िया केंसिल

  बिलासपुर बिलासपुर रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु ईस्ट कोस्ट रेलवे के सबलपुर रेल मण्डल के टिटलागढ़-लखोली एवं टिटलागढ़-सबलपुर सेक्शन में पुल पुनर्निर्माण कार्य हेतु ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। यह कार्य 1 अप्रैल से मई तक ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरुप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली की कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस तारीख को नहीं चलेंगी ये ट्रेनें 1, 4, 8, 11 एवं 15 अप्रैल को 58213 /58214 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को 58528 विशाखापटनम-रायपुर पैसें. नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को रायपुर से 58527 रायपुर-विशाखापटनम पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को रायपुर से 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेजर नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को जूनागढ़ रोड से चलने वाली 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेजर नहीं चलेगी। इन ट्रेनों को किया गया रद्द ट्रेन संख्या 18205 (दुर्ग-नौतनवा)- 24 अप्रैल और 1 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18206 (नौतनवा-दुर्ग)- 26 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18201 (दुर्ग-नौतनवा)- 25 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18202 (नौतनवा-दुर्ग)- 27 अप्रैल और 5 मई को रद्द. बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन का कार्य बिलासपुर-झारसुगड़ा सेक्शन में चौथी रेलवे लाइन के निर्माण कार्य के चलते 11 से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली 36 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. साथ ही, 44 दिनों तक 4 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा और 3 ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा. कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द? बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68736)-10 से 23 अप्रैल तक. रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68735)-10 से 23 अप्रैल तक. टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113)- 10 से 23 अप्रैल तक. बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114)- 11 से 24 अप्रैल तक. दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (17008)- 11, 15, 18, 22, 25 अप्रैल. सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस (17007)- 8, 12, 15, 19, 22 अप्रैल. पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस (12860)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (12222)- 10, 12, 17, 19 अप्रैल. वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रहने से बढ़ेगी परेशानी ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. खासकर, छत्तीसगढ़ से यूपी, बिहार, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले यात्री अधिक प्रभावित होंगे. रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है. यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे पूछताछ सेवा से ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके.

यात्रियों को 31 मार्च से नवा रायपुर के लिये नियमित रूप से ट्रेन की सुविधा मिलनी शुरू हो जायेगी, PM 30 को दिखाएंगे हरी झंडी

 रायपुर नए कलर लुक में तैयार की गई ये ट्रेन रायपुर से अभनपुर के बीच चलेगी। सिर्फ 10 रुपए की टिकट में ये ट्रेन लोगों को आधे घंटे में रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर पहुंचा देगी। इस ट्रेन को 30 मार्च के दिन PM नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, PM मोदी 30 मार्च की दोपहर रायपुर आएंगे। यहां से बिलासपुर के मोहभाठा में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के लिए 33 हजार 700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और भूमिपूजन करेंगे, इसी कड़ी में इस रेलवे के प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में इस ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानि स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। बता दें कि नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक निरीक्षण वैन से यात्रा कर रेलवे ट्रैक और अन्य सुविधाओं की पूरी तरह से जांच की। कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अधिनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिये पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है। ये हैं ट्रेन का स्टॉपेज नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन रायपुर आरवी ब्लॉक हाट से शुरू होकर , मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर रेलवे स्टेशन तक जायेगी। इस सिलसिले में नया रायपुर अटल नगर में तैयार किए गए सीबीडी रेलवे स्टेशन में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।  स्टेशन के आसपास ये सुविधाएं इस स्टेशन के आस-पास 5.3 किलोमीटर में स्मार्ट सड़क, दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर 35.25 करोड़ की लागत से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 100 बस, 148 कार, टैक्सी और लगभग 250 दोपहिया गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा 23.12 करोड़ की लागत से डेवलप की गई है। वर्चुअली उद्घाटन करेंगे PM मोदी बिलासपुर से प्रधानमंत्री वर्चुअली रायपुर के रेलवे प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 3.30 बजे PM मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां PM 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वहीं, 2,690 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। कलेक्टर SSP इंस्पेक्शन ट्रेन में हुए सवार शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और SSP लाल उमेद सिंह ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक इंस्पेक्शन वैन से यात्रा की। अफसरों ने स्टेशन पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानी स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। इसे नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। ऐसा होगा ट्रेन का शैड्यूल 30 मार्च को गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर – रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल 8 कोच के साथ अभनपुर से 15:30 बजे रवाना होगी। केंद्री, 15:38 बजे, सीबीडी 15:52 बजे, मंदिर हसौद 16:10 बजे, रायपुर 16.55 बजे पहुंचेगी। 31 मार्च से रायपुर अभनपुर रायपुर के बीच सुबह और शाम को 2 मेमो स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। (1) 68760/ 68761 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68760 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 9:00 बजे रवाना होकर 9:18 बजे मंदिर हसोद 9:32 बजे सीबीडी 9:50 बजे केंद्रीय 10:10 बजे अभनपुर पहुंचेगी। यह गाड़ी वापसी में गाड़ी संख्या 68761 अभनपुर रायपुर पैसेंजर अभनपुर से 10:20 बजे रवाना होकर केंद्री 10:28 बजे सीबीडी, 10:42 बजे मंदिर हसौद 11:00 बजे रायपुर 11:45 बजे पहुंचेगी। (2) 68762/68763 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68762 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 16:20 बजे रवाना होकर 16:38 बजे मंदिर हसौद,16.52 बजे सीबीडी, 17:10 बजे केंद्री, 17:30 बजे अभनपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 68763 अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर अभनपुर से 18:10 बजे रवाना होकर 18:18 केंद्री, 18:32 बजे सीबीडी, 18:45 बजे मंदिर हसौद, 19:20 बजे रायपुर पहुंचेगी।

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, देखे कैंसल ट्रेनों की लिस्ट

रायपुर गोरखपुर स्टेशन-गोरखपुर कैंट के बीच नॉन इंटरलोकिंग कार्य के चलते रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर क्षेत्र से बिहार राज्य सफर करने वालो को रेलवे ने बड़ा झटका दिया है। रेलमंडल के आदेश के मुताबिक दुर्ग से नौतनवा के बीच दुर्ग- नौतनवा एक्सप्रेस फिलहाल चार दिनों तक रद्द रहेगी। जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ रेलमंडल में नॉन इंटरलॉकिंग का काम जारी है लिहाजा यह ट्रेन कुछ दिनों के लिए प्रभावित रहेगी। 24 अप्रैल और 1 मई को दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस फिलहाल 26 अप्रैल और 3 मई, 25 अप्रैल और 3 मई व 27 अप्रैल और 5 मई को रद्द रहेगी। रद्द होने वाली गाड़ियां 18205 (दुर्ग-नौतनवा एक्स.) 24अप्रैल व 1 मई को दुर्ग से रद्द 18206 (नौतनवा-दुर्ग एक्स.) 26 अप्रैल व 3 मई को नौतनवा से 18201 (दुर्ग-नौतनवा एक्स.) 25 अप्रैल व 3 मई को दुर्ग से रद्द 18202 (नौतनवा-दुर्ग एक्स.) 27 अप्रैल व 5 मई को नौतनवा से रद्द।

भारत गौरव ट्रैन से करें अमृतसर और वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा – भोपाल मंडल के स्टेशनों से मिलेगी सीधी सुविधा

भारत गौरव ट्रैन से करें अमृतसर और वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा – भोपाल मंडल के स्टेशनों से मिलेगी सीधी सुविधा रानी कमलापति, इटारसी, विदिशा और बीना से होकर गुजरेगी विशेष ट्रैन – तीर्थ यात्रियों के लिए सुनहरा अवसर रीवा आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा “उत्तर दर्शन के साथ गुरुकृपा (अमृतसर) यात्रा” के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रैन का संचालन किया जा रहा है, जो भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों रानी कमलापति, इटारसी, विदिशा एवं बीना से होकर गुजरेगी। यह यात्रा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सुविधाजनक और लाभकारी है। 27 मई 2025 को रीवा से रवाना होने वाली यह विशेष पर्यटक ट्रैन, रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा, बीना और झाँसी होते हुए चलेगी। इन स्टेशनों से यात्री इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकते हैं। 09 रातें / 10 दिन की इस धार्मिक यात्रा में यात्रियों को मथुरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर और वैष्णो देवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस यात्रा का शुल्क प्रति व्यक्ति ₹17,600/- (स्लीपर – इकॉनॉमी श्रेणी), ₹28,700/- (3AC – स्टैण्डर्ड श्रेणी), एवं ₹37,800/- (2AC – कम्फर्ट श्रेणी) निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी कोच में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड शाकाहारी भोजन, पर्यटन स्थलों तक गुणवत्तायुक्त वातानुकूलित बस सुविधा, यात्रा कार्यक्रम अनुसार आवास व्यवस्था, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स की सेवा, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा एवं हाउसकीपिंग जैसी सभी सुविधाएँ सम्मिलित हैं। यह एक पूर्णतः सर्वसमावेशी टूर है। इस पवित्र यात्रा में भाग लेने के इच्छुक यात्री अपनी बुकिंग आई.आर.सी.टी.सी. की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या किसी अधिकृत एजेंट के माध्यम से करा सकते हैं। यह ट्रैन न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से लाभकारी है, बल्कि भोपाल मंडल के यात्रियों को उनके नजदीकी स्टेशनों से ही सीधी सुविधा भी प्रदान करती है, जिससे यात्रा और भी सुगम और सुलभ हो जाती है।

गुना में एक महिला और पुरुष अनोखे बंधन में बंधे, रामप्रसाद से विवाह अनुबंध करने के बाद काजल के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान खिली

गुना मध्य प्रदेश के गुना में एक महिला और पुरुष अनोखे बंधन में बंध गए। कानून भले ही इस अनुबंध को विवाह की मान्यता फिलहाल नहीं देता हो, लेकिन नानाखेड़ी निवासी रामप्रसाद और गोपालपुर की काजल एक-दूसरे को पति-पत्नी मान बैठे हैं। दरअसल, गोपालपुर निवासी काजल सहरिया अपने पूर्व पति के साथ खुश नहीं थी। काजल का आरोप है कि उसका पति बुरी तरह मारपीट करता था। इसलिए वह बच्ची को साथ लेकर 13 मार्च को गुना आ गई और रेलवे ट्रैक पर कूदकर अपनी जान देने का प्रयास कर रही थी। तभी किसी काम से रेलवे स्टेशन पर पहले से मौजूद नानाखेड़ी निवासी रामप्रसाद पारदी ने काजल को पकड़ लिया और पटरियों से दूर ले आए। रामप्रसाद ने काजल की दुखभरी कहानी सुनी तो उन्हें तरस आ गया और काजल को अपने घर ले गए। करीब 5 से 6 दिनों तक रामप्रसाद के परिजनों ने काजल की कहानी सुनकर उसके सामने रामप्रसाद से विवाह का प्रस्ताव रख दिया। रामप्रसाद पारदी की पत्नी का निधन करीब 8 महीने पहले टीबी की बीमारी के चलते हो गया था। उसका एक बेटा भी है। एक जैसी परिस्थितियां होने के चलते दोनों ने मिलकर तय किया कि वे एक-दूसरे का सहारा बनेंगे। फिलहाल रामप्रसाद और काजल ने  को कोर्ट पहुंचकर विवाह का अनुबंध करवा लिया था। बताया जा रहा है कि दोनों नियमानुसार कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया पूरी करेंगे। लेकिन 21 मार्च से काजल और रामप्रसाद एक-दूसरे को पति-पत्नी मान बैठे हैं। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया है। रामप्रसाद के परिजनों और रिश्तेदारों ने काजल को नव दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दी हैं। इस अनोखे रिश्ते को भले ही वैधानिक मान्यता नहीं मिली है, लेकिन समाज और परिजन दोनों को पति- पत्नी स्वीकार कर चुके हैं। रामप्रसाद से विवाह अनुबंध करने के बाद काजल के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान देखने को मिली है। वहीं रामप्रसाद पारदी भी नई जिम्मेदारी मिलने के बाद खुश नजर आ रहा है।  

कंट्रोल से सूचना मिली कि सांक स्टेशन के आसपास छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की छत पर एक बंदर ओएचई लाइन से टकरा सकता, जाने फिर क्या हुआ

 ग्वालियर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक बंदर ने रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों को परेशान कर दिया। कंट्रोल से सूचना मिली कि सांक स्टेशन के आसपास छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की छत पर एक बंदर है। यह बंदर ओएचई लाइन से टकरा सकता है। सूचना के बाद ट्रेन को बानमोर स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा चेक किया गया, लेकिन बंदर नहीं मिला।  इसके बाद सूचना एमपी के ग्वालियर स्टेशन को दी गई, जिस पर डिप्टी एसएस सहित ओएचई स्टाफ और संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन प्लेटफॉर्म एक पर आई। सूचना मिलते ही कुछ देर के लिए ओएचई लाइन को बंद करके बंदर को देखा गया, लेकिन नहीं मिला। दस मिनट खड़ी रही ट्रेन इसके चलते ट्रेन स्टेशन पर दस मिनट तक खड़ी रही। बंदर की सूचना पर वन विभाग से भी कर्मचारी मौके पर आ गए, लेकिन वह छुप गया, जैसे ही ट्रेन चली तो एक बार फिर दिखाई दिया। जिस पर डबरा को सूचना दी गई। स्टेशन पर आरपीएफ के साथ रेलवे कर्मचारियों ने ओएचई लाइन बंद करके सीढ़ी लगाकर बिस्कुट डाले, बंदर का छोटा बच्चा कोच के ऊपर बैठ गया। काफी प्रयास के बाद वह उतरकर भाग गया। इसके चलते ट्रेन को दोपहर 1.26 से 1.40 बजे तक रोका गया। यात्रियों ने बताया कि बंदर राजा की मंडी से चढ़ा था।

चौथी लाइन और विद्युतीकरण का कार्य के चलते, छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 36 ट्रेनों को रद्द

रायपुर  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-झारसुगुड़ा तीसरी/ चौथी लाइन और विद्युतीकरण का कार्य के चलते 11 से 24 अप्रैल 2025 के बीच 36 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। 4 ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित और 3 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया है। यह काम रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन के कोतरलिया स्टेशन पर किया जाएगा. इसका सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़ से हावड़ा रूट पर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. ये ट्रेनें इस तारीख तक रहेंगी रद्द 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर मेमू (11 से 24 अप्रैल) 68736/68735 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (10 से23 अप्रैल) 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (10 से23 अप्रैल) 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) 18109/18110 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) 20828 संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस (16, 23 अप्रैल) 20827 जबलपुर-संतरागाछी एक्सप्रेस (17, 24 अप्रैल) 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्स. (11, 15, 18, 22, 25 अप्रैल) 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्स. (08, 12, 15, 19, 22 अप्रैल) 20822 संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस (12, 19 अप्रैल) 20821 पुणे-संतरागाछी एक्सप्रेस (14, 21 अप्रैल) 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस (10, 14, 17, 21 अप्रैल) 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस (12, 16, 19, 23 अप्रैल) 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस (11, 18 अप्रैल) 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस (13, 20 अप्रैल) 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस (11, 18 अप्रैल) 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस (13, 20 अप्रैल) 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस (09, 10, 16, 17 अप्रैल) 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 22894 हावड़ा-साईंनगर शिरडी एक्सप्रेस (10, 17 अप्रैल) 22893 साईंनगर शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस (12, 19 अप्रैल) 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस (13, 14, 20, 21 अप्रैल) 12129/12130 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (11, 24 अप्रैल) 12859/12860 मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस (11, 24 अप्रैल) 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (10, 12, 17, 19 अप्रैल) 12221 पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (12, 14, 19, 21 अप्रैल) 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस (09, 10, 16, 17 अप्रैल) 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (11, 12, 14, 15, 18, 19, 21, 22 अप्रैल) 12102 शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (13, 14, 16, 17, 20, 21, 23, 24 अप्रैल) Train Cancelled: परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें 12810 हावड़ा-मुंबई मेल एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर 12809 मुंबई-हावड़ा मेल एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (11, 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर 12261 मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (13, 15, 16, 17, 20, 22, 23, 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां 68861/68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल बिलासपुर एवं झारसुगुड़ा के बीच (11 अप्रैल से 5 मई) 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर एवं रायगढ़ के बीच (09, 10, 12, 14, 15, 16, 17, 19, 21, 22 अप्रैल) 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस रायगढ़ एवं बिलासपुर के बीच (11, 12, 14, 16, 17, 18, 19, 21, 23, 24 अप्रैल)

सांसद लालवानी ने14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर महू के लिए विशेष ट्रेनिंग चलाने की मांग रखी

 इंदौर लोकसभा में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से दिल्ली और मुंबई तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इंदौर से दोनो शहरों में रोज हजारों यात्री सफर करते है। उनका सफर आसान बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाना चाहिए। इसके अलावा पटना, रीवा, देहरादून और उदयपुर के लिए ट्रेनों को रोजाना चलाने की मांग भी सांसद लालवानी ने लोकसभा में उठाई। गौतमपुरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज देने का मसला भी सांसद लालवानी ने लोकसभा में उठाया।14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर महू के लिए विशेष ट्रेनिंग चलाने की मांग भी रखी गई हैै। जयंती पर लाखों अनुयायी अलग-अलग प्रदेशों से महू आते है। लालवानी ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पूरे देश में सिर्फ 240 रेलवे की लिफ्ट काम कर रही थी वही पिछले 10 सालों में रेलवे स्टेशन स्टेशनों पर 2,650 लिफ्ट लगी है। यूपीए सरकार के दौरान 588 किलोमीटर रेलवे लाइन का ही इलेक्ट्रिफिकेशन हो पाया वही प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 44,199 किलोमीटर का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कारण इंदौर से दाहोद, इंदौर से खंडवा एवं बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन की सौगात भी मिली है। सांसद लालवानी ने वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के पहले इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग भी रखी है। साथ ही, महू-इंदौर-देवास-उज्जैन लोकल ट्रेन भी चलाने की मांग की है।  

रेलवे ने संधारण कार्य के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया

ग्वालियर उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में पुल क्रमांक 110 के संधारण कार्य के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के कारण रेलवे द्वारा कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया है। इनमें तीन ट्रेनें ग्वालियर से होकर गुजरती हैं। इन तीनों ट्रेनों को मार्च से लेकर अप्रेल माह के बीच परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे (Indian Railways) द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार बरौनी से चलकर ग्वालियर आने वाली ट्रेन 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल को 19 मार्च से लेकर 29 अप्रेल के बीच वाया वाराणसी, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा। इसी प्रकार ट्रेन 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस (MUZAFFARPUR JN SURAT EXPRESS) 23 व 30 मार्च, 6,13, 20 व 27 अप्रेल तथा ट्रेन 15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस (GORAKHPUR OKHA EXPRESS) को 20 व 27 मार्च, तीन, 10, 17 व 24 अप्रेल को गोरखपुर, औडि़हार, जौनपुर, फाफामऊ, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा।

प्रयागराज महाकुंभ में रेलवे ने दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन किया, जिससे श्रद्धालुओं सहायता मिली

जबलपुर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने भारी यात्री दबाव के मध्य ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने जोर दिया। इस समयबद्धता से रेलपथ पर अतिरिक्त ट्रेनों के लिए जगह बनी। दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों के संचालन की सफलता प्राप्त की, जिससे श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचाने में सहायता मिली। पमरे का यह प्रयास अब दूसरे रेल जाने के लिए भी मॉडल बन गया है। अब प्रत्येक पर्व एवं मेला के दौरान यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर पमरे की नीति पर समस्त रेल जोन में ट्रेन संचालन की तैयारी है। इसके लिए रेलवे की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं, पमरे के प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी कारगर रही है, जिसके कारण कहीं पर भी कोई अराजकता की स्थिति निर्मित नहीं हुई। सौ की जगह दो सौ से ज्यादा ट्रेनें चलाई पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर और भोपाल रेल मंडल होकर रेलपथ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित दक्षिण भारत के राज्यों को प्रयागराज से जोड़ता है। इन राज्यों से आने वाली ट्रेनें कटनी-मानिकपुर के रास्ते प्रयागराज पहुंचती हैं। कटनी-मानिकपुर के मध्य सामान्य दिनों में 100-125 यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं, जहां पर महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ ट्रेनें संचालित हुईं। नियमित ट्रेनों के साथ ही स्पेशल ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करके पमरे ने अतिरिक्त ट्रेनों के लिए रेलपथ में गुंजाइश बनाया। महाकुंभ में रेल जोन में सबसे अधिक ट्रेनों को चलाया जा सका। पहले से की तैयारी, सामंजस्य बैठाया महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने और प्रयागराज से नजदीकी को ध्यान में रखकर पमरे ने अतिरिक्त ट्रेन के रैक तैयार किए। आवश्यकता होने पर कम यात्री संख्या वाली ट्रेनों को चिह्नित करके रखा। इसके कारण प्रयागराज में जब भी भीड़ बढ़ी और आवश्यकता होने पर तुरंत ट्रेन के अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने में सफल रहा। इससे यात्री परिवहन की निरंतरता बनाई रखी जा सकीं। भीड़ का आंकलन करके सतना, मैहर, कटनी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन के बाहर तीन से चार हजार वर्गफीट के अस्थाई यात्री विश्राम स्थल विकसित किए। वहां पेयजल, शौचालय से लेकर चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया। बेहतर सुविधा मिलने से यात्री स्टेशन के बाहर ही रुके। ट्रेन आने पर प्लेटफार्म में प्रवेश दिए जाने से कहीं पर भी भीड़ अनियंत्रित नहीं हुई।

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है.

Train Cancel: इस रूट की 50 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल

नई दिल्ली भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने अपनी जिंदगी में कभी ट्रेन से सफर न किया हो. रोजाना भारतीय रेलवे के जरिए देश में करोड़ों की संख्या में यात्री एक शहर से दूसरे शहर सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से 13000 से भी ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाती हैं. अक्सर जब किसी को कहीं दूर का सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन ही होती है. ट्रेन के सफर में आपको बाकी अन्य साधनों से ज्यादा सहूलियत मिलती है. हाल ही में आयोजित हुए महाकुंभ में भी भारतीय रेलवे की ओर से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचाया गया था. लेकिन हाल ही में भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर आई है. रेलवे ने अगले महीने कई ट्रेनों को किया है कैंसिल. सफर पर जाने से पहले देख लें इन ट्रेनों की लिस्ट. अगले महीने इन ट्रेनों को किया है कैंसिल भारतीय रेलवे को रेलवे के संचालन को दूर दराज तक के इलाकों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग रूटों पर नई-नई रेल लाइन जोड़नी पड़ती है. इसके अलावा रेलवे को कई बार रेल ट्रेक्स का रखरखाव भी करना होता है. इन सभी कामों के लिए रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. ऐसा ही इस बार हुआ है. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक डोमिनगढ़-गोरखपुर रेलखंड पर रेल लाइन जोड़ने का काम किया जाना है. इस वजह से कई ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 15047 कोलकाता-गोरखपुर एक्स. 14 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15211/12 दरभंगा-अमृतसर एक्स. 16 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15031/32 गोरखपुर-लखनऊ जं. एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15065 पनवेल-गोरखपुर एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22531/32 छपरा-मथुरा जं. एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस 16 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15005 गोरखपुर-देहरादून एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19409 साबरमती-गोरखपुर एक्स. 17 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15068 बांद्रा टर्मिनेस-गोरखपुर 18 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19410 गोरखपुर-साबरमती 19 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर 19 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14010 आनंद विहार टर्मिनस-बापूधाम मोतीहारी 19 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14009 बापूधाम मोतीहारी-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20104 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12571 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12572 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 21 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12595 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 21 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर12596 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 22 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22549/50 वंदे भारत एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों के कब्जे में पूरी ट्रेन, 200 लोग अभी भी बने हुए हैं बंधक, बंधकों को छुड़ाने में पाकिस्तानी सेना के छूट रहे पसीने

क्वेटा पाकिस्तान के बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक ट्रेन पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है। ट्रेन में 200 से ज्यादा बंधक मौजूद हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल जूझ रहे हैं। ये ट्रेन बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर के लिए जा रही थी। बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से 160 किमी की दूरी पर सिबी शहर के पास पहाड़ी इलाके में ट्रेन पर हमला किया, जब यह क्षेत्र में पड़ने वाली कई सुरंगों से गुजर रही थी। बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बंधकों के कब्जे में होने का दावा किया है। अब तक क्या हुआ? पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से 160 दूर सुरंगों की शृंखला से गुजर रही थी, उस दौरान उस पर हमला किया गया। 9 डिब्बों वाली ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है। अधिकारियों ने अब तक 104 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया है। क्वेटा में पाकिस्तान रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत लगभग 70 यात्री हमले की जगह से लगभग 6 किमी दूर पानिर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में नौ बोगियां जिनमें तकरीबन 500 लोग सवार हैं, जिनमें सेना और सीक्रेट एजेंट की भी अच्छी-खासी तादाद है. पेशावर जा रही ट्रेन जैसे ही टनल में घुसी, उसी वक्त घात लगाकर बैठे बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया. ताजा खबर के मुताबिक अभी तक 104 बंधकों को छुड़ा लिया गया है. रेस्क्यू कराए गए बंधकों में 50 से ज्यादा पुरुष, 30 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे भी हैं. पाकिस्तानी सेना के लिए कितना मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन? सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए हैं. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेहरा कुनरी और गदालर के बीच जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर फायरिंग कर बीएलए के आतंकियों ने उस पर कब्जा किया था. ठ्रेन को टनल नंबर 8 में रोका गया. बोलन के जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर का कहना है कि यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जो सुरंगों से पटा पड़ा है. उन्होंने बताया कि हाईजैक हुई ट्रेन इस समय बोलन दर्रे में खड़ी है. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है, जिस वजह से मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है. इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें भी हैं. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद सेना का मनोबल बना हुआ है. बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. BLA की मांग है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए. BLA की सबसे प्रमुख मांग है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा वहां नहीं होना चाहिए. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी बलूचिस्तान से होकर गुजरता है. BLA इसका विरोध करती है. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने 16 बलूच चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों का खंडन किया है और इसे पाकिस्तानी आर्मी का प्रोपेगैंडा बताया है। बीएलए ने बंधकों को छुड़ाने की खबरों को भी खारिज किया और दावा किया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इंसानियत के नाते छोड़ा गया है। समूह ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और उनका स्थिति पर पूरा नियंत्रण है। हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी समूह ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम छह सैन्य कर्मियों को मार दिया और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रुकना पड़ा। बीएलए ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई अभियान शुरू किया तो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है और 48 घंटे तक इसके पूरा न होने पर हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी दी है। कैसे बीएलए की बढ़ी ताकत? विश्लेषकों का मानना है कि बीएलए की बढ़ती ताकत और उसका मुकाबला करने में राज्य की विफलता पुरानी रणनीतियों पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। वाशिंगटन डीसी में स्थित बलूचिस्तान विशेषज्ञ मलिक सिराज अकबर ने कहा कि बीएलए छोटे पैमाने पर हमले करने से लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन करने तक विकसित हो गया है। समूह अब यात्री ट्रेन पर हमला कर रहा है, जो दिखाता है कि सरकार के पास उन्हें रोकने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही समूह अब मीडिया में बने रहने के तरीकों को सीख गया है, जो उसे नए लड़ाकों की भर्ती के लिए आकर्षित करने में मदद कर रहा है। ट्रेन पर हमले के बाद समूह ने लगातार सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें लगातार घटनाक्रम पर अपडेट दिया है। यही नहीं, इसने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों को भी गलत ठहराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वह दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जहां मोबाइल नेटवर्क और संसाधन पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में पाकिस्तानी आर्मी के लिए एक कड़ा अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है। BLA ने बलूच कैदियों की रिहाई के लिए पाक सरकार को दिया 48 घंटे का … Read more

पाकिस्‍तान :बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने ट्रेन को हाईजैक किया, 500 यात्री बंधक, 6 पाकिस्‍तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया है। इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार हैं। बलूचिस्तान के अलगाववादी गुट बीएलए ने एक बयान जारी कर ट्रेन पर कब्जा करने का दावा किया है। गुट का कहना है कि ट्रेन को हाईजैक करने की कोशिश पाकिस्तान के छह सैन्यकर्मी भी मारे गए हैं। इस संघर्ष के बाद उन्होंने ट्रेन को काबू करते हुए 100 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाने का दावा किया है। हालांकि बंधकों की सही संख्या की जानकारी नहीं मिल सकी है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार की ओर से अभी तक कोई बयान इस संबंध में नहीं आया है। सेना ने भी इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा है। हाईजैक हुई ट्रेन पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी उस पर हमला हुआ। पाक अखबार डॉन के मुताबिक रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने बताया कि नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार थे। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। महिला, बच्चों और बलूच लोगों को छोड़ देने का दावा किया जा रहा है। टनल पर रोकी गई है ट्रेन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारबंद लोगों ने जाफर एक्सप्रेस नाम की इस ट्रेन को बलूचिस्चान में टनल 8 पर रोक रखा है। लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ रहे गुट बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ट्रेन को हाईजैक करने के बाद जारी बयान में कहा गया है कि बंधकों में पाकिस्तानी सेना के जवान और सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल हैं। बीएलए ने कहा है कि उनकी बात ना माने जाने पर इनको नुकसान पहुंचाया जा सकता है। बीएलए ने कहा है कि उन्होंने ट्रेन में महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को रिहा कर दिया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी बंधक पाकिस्तानी सेना के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि विदेशियों को बंध बनाने का उनका इरादा नहीं है। बलूचिस्तान में अलगाववादी बीएलए और पाकिस्तानी सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। ट्रेन हाईजैक की ये घटना इस संघर्ष के तेज होने का इशारा करती है। बीएलए लंबे समय से इस क्षेत्र में स्वायत्तता की मांग कर रहा है। बीएलए लड़ाके पहले भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले करते रहे हैं। हालांकि ट्रेन को हाईजैक करने का ये अपनी तरह का पहला मामला है। बलूचिस्तान प्रांत में बताया जा रहा है कि बोलान इलाके में ट्रेन सुरंग के अंदर पहुंची, जब यह हमला हुआ. मसलन, ट्रेन सुरंग नंबर 8 में ट्रेन जैसे ही पहुंची और ट्रैक पर धमाका हो गया. ट्रेन रुक गई और हमलावरों ने ट्रेन के इंजन पर फायरिंग की और इसमें ड्राइवर जख्मी हो गया. क्वेटा से पेशावर तक चलती है जाफर एक्सप्रेस जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर के बीच हर रोज चलती है. यह एक यात्री ट्रेन है. ये ट्रेन रोहरी-चमन रेलवे लाइन और कराची-पेशावर रेलवे लाइन के एक हिस्से के साथ यात्रा करते हुए, 1,632 किलोमीटर (1,014 मील) की दूरी तय करती है. ये दूरी कवर करने में ट्रेन को 34 घंटे 10 मिनट लगते हैं. पाकिस्तानी सेना के 100 से ज्यादा जवान भी बंधक बलूच लिब्रेशन आर्मी ने एक बयान में कहा है कि उनके पास 100 से भी ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवान बंधक हैं. इस बीच बीएलए ने पाकिस्तानी आर्मी के छह जवानों को मौत के घाट उतार दिया है. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसी तरह की कार्रवाई की जाती है तो सभी को मार दिया जाएगा. बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान का विरोध होता है.

होली पर भगदड़ रोकने को रेलवे की जबरदस्‍त तैयारी, 1450 स्‍पेशल ट्रेनें, स्‍टेशनों पर अस्‍थाई होल्डिंग एरिया…

नईदिल्ली महाकुंभ के बाद होली के मद्देनजर यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे कमर कस ली है। इस बीच  रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने होली के त्योहार के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त ट्रेनों के बारे में जानकारी दी।   होली के अवसर पर 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना दिलीप कुमार ने कहा कि देश में होली का त्योहार बहुत खास है। इस त्योहार पर लोग भारी संख्या में अपने-अपने घर जाते हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हमने तैयारी की है। इस साल होली के अवसर पर हमने 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से चलेंगी। नई दिल्ली, आनंद विहार, अहमदाबाद जैसी जगहों से भी ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। पिछले साल हमने देखा कि होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। इसी पैटर्न के आधार पर हमने ट्रेनों की योजना बनाई है। दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे। होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है। 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था होली को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा हम अपने सोशल मीडिया साइट्स पर भी रोजाना विभिन्न ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने आगे का कि होली के दौरान हमने सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चले, इसमें हम जनता के सहयोग की भी अपेक्षा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है। पिछले पैटर्न के आधार पर रूट किए निर्धारित पिछले साल होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश गए थे. इसी पैटर्न के आधार पर ट्रेनों की योजना बनाई है. दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं. भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे. होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं. सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है. अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. होली के दौरान सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है. दिलीप कुमार ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है.

भोपाल से गुजरते हुए “ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा” के लिए रवाना होगी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन

भोपाल मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा एक विशेष धार्मिक पर्यटन सेवा की शुरुआत की जा रही है। “ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा” के नाम से प्रसिद्ध यह भारत गौरव पर्यटक ट्रेन दिनांक 25 मार्च 2025 को रीवा से रवाना होगी और रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से भी गुजरते हुए यात्रियों को अपने धार्मिक गंतव्यों तक पहुँचाएगी। इस यात्रा में भोपाल एवं आसपास के यात्रियों के लिए भी सीधे अपने नजदीकी स्टेशन से जुड़ने का अनूठा अवसर रहेगा। क्या होगी यात्रा की विशेषता? इस विशेष ट्रेन में 10 रातें और 11 दिन की यात्रा के दौरान यात्री द्वारका, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, शिरडी, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर के पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इस धार्मिक यात्रा में सभी प्रमुख सुविधाओं का ध्यान रखा गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपने आध्यात्मिक सफर का आनंद ले सकें। भोपाल एवं इटारसी के यात्रियों के लिए सुनहरा अवसर यह ट्रेन रानी कमलापति और इटारसी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे भोपाल के तीर्थयात्री भी इस सुव्यवस्थित धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष एलएचबी कोचों की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होगी। इसमें रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन, वातानुकूलित बसों से दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास की व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा, और हाउसकीपिंग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा में सभी कोविड नियमों का पालन किया जाएगा। कैसे करें बुकिंग? इस यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी टिकट प्राप्त कर सकते हैं। भोपाल एवं इटारसी के श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा एक विशेष अवसर है, जहाँ वे आरामदायक रेल सेवा और संपूर्ण सुविधाओं के साथ अपने धार्मिक स्थलों का दर्शन कर सकते हैं। आईआरसीटीसी का यह प्रयास यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और स्मरणीय आध्यात्मिक यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।  

रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू

इंदौर  इंदौर। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का दोनों दिशाओं में 13-13 फेरे चलाने का निर्णय लिया गया है। ग्वालियर इंदौर स्पेशल ट्रेन (01825) तत्काल प्रभाव से 11 मार्च तक और 16 व 17 मार्च को ग्वालियर से दोपहर एक बजे चलकर रात दो बजे इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार वापसी में इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन (01826) तत्काल प्रभाव से 12 मार्च तक और 17 व 18 मार्च को इंदौर शाम सात बजे चलकर अगले दिन सुबह 10.15 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में चलेंगी 4 स्पेशल ट्रेन गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की घोषणा शुरू कर दी है। रतलाम मंडल से होकर चार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें इंदौर-पुणे स्पेशल ट्रेन भी शामिल है। यह ट्रेन पांच मार्च से 25 जून तक प्रति बुधवार इंदौर से शुरू होकर अगले दिन पुणे पहुंचेगी। वर्तमान में इंदौर-पुणे के बीच दो ही नियमित ट्रेनें हैं। इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग भी शुरू हो गई है। इंदौर-पुणे के बीच इंदौर-दौंड और लिंगमपल्ली हमसफर ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसमें लिंगमपल्ली एक्सप्रेस प्रति शनिवार को रवाना होती है। वेटिंग कम करने चलेंगी स्पेशल ट्रेन वहीं इंदौर-दौंड का संचालन रोज होता है, लेकिन दोनों में हमेशा लंबी वेटिंग रहती है। इसी वेटिंग को कम करने के लिए ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। इंदौर-पुणे-इंदौर स्पेशल (09324) पांच मार्च से 25 जून तक इंदौर से प्रति बुधवार सुबह 11.15 बजे चलेगी। यह देवास 11.50 बजे, उज्जैन 12.40 बजे, नागदा 13.57 बजे व रतलाम 14.35 बजे पहुंचेगी। ट्रेन प्रति गुरुवार रात 3.10 बजे पुणे पहुंचेगी। वापसी में पुणे-इंदौर स्पेशल (09323) छह मार्च से 26 जून तक पुणे से प्रति गुरुवार को सुबह 5.10 बजे चलेगी। ट्रेन रतलाम 8.30 बजे, नागदा 9.10, उज्जैन 10.05, देवास 11 और इंदौर रेलवे स्टेशन पर 11.55 बजे पहुंचेगी।

होली पर रेलवे से चलेगी 48 स्पेशल ट्रेनें, यहां देखिए टाइमिंग और ट्रेनों की पूरी लिस्ट

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा होली त्यौहार में अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे से 05 जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। रेलयात्री किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र या ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट से इस होली स्पेशल ट्रेनों के आरक्षण सुविधा का लाभ उठा सकते है। यह स्पेशल ट्रेने 1) गाड़ी संख्या 02186/02185 रीवा-रानी कमलपति-रीवा सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 02186 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 08 एवं 12 मार्च 2025 को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन रात में 21:10 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 02185 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 08 एवं 12 मार्च 2025 को रानी कमलापति स्टेशन से रात 22:15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 07:30 बजे रीवा स्टेशन पहुँचेगी। 2) गाड़ी संख्या 01704/01703 रीवा-रानी कमलपति-रीवा स्पेशल ट्रेन 01-01 ट्रिप :- गाड़ी 01704 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 16 मार्च 2025 को रीवा से सायं 18:45 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन भोर में 04:30 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01703 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 17 मार्च 2025 को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 06:15 बजे प्रस्थान कर उसी दिन सायं 17:10 बजे रीवा स्टेशन पहुँचेगी। 3) गाड़ी संख्या 01705/01706 जबलपुर-दानापुर-जबलपुर स्पेशल ट्रेन 01-01 ट्रिप :- गाड़ी 01705 जबलपुर से दानापुर स्पेशल ट्रेन 11 मार्च 2025 को जबलपुर से रात 19:40 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01706 दानापुर से जबलपुर स्पेशल ट्रेन 12 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से सुबह 11:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन भोर 03:40 बजे जबलपुर स्टेशन पहुँचेगी। यह है होली स्पेशल ट्रेन 4) गाड़ी संख्या 09817/09818 कोटा-दानापुर-कोटा स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 09817 कोटा से दानापुर स्पेशल ट्रेन 08 एवं 15 मार्च 2025 को कोटा से रात 21:05 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सायं 18:30 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 09818 दानापुर से कोटा स्पेशल ट्रेन 09 एवं 16 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से रात 21:15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रात्रि 22:25 बजे कोटा स्टेशन पहुँचेगी। 5) गाड़ी संख्या 01663/01662 रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 01663 रानी कमलापति से दानापुर स्पेशल ट्रेन 12 एवं 15 मार्च 2025 को रानी कमलापति से दोपहर 14:25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01662 दानापुर से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 13 एवं 16 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से सुबह 11:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:50 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी।

महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया

 जबलपुर  महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया है। बुधवार रात से प्रयागराज से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में यात्री दबाव बढ़ गया है। महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से लंबी दूरी की ट्रेन के वातानुकूलित कोच की स्थित जनरल जैसी बन गई है। स्लीपर कोच भी यात्रियों से ठसाठस भरे हुए है। घर आने की हड़बड़ी में अनारक्षित टिकिट लेकर यात्री आरक्षित कोच में चढ़ रहे है। इनकी संख्या अधिक होने से महीनों आरक्षण कराने वाले यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है। ठसाठस भरकर आ रही महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें     आरक्षित कोचों में क्षमता से अधिक यात्री होने से स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने-उतरने में भी यात्री परेशानी से जूझ रहे है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज से अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। ये ट्रेनें ठसाठस भरकर आ रही है।     प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर श्रृद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए जबलपुर होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके कारण भी लंबी दूरी की जबलपुर होकर जाने वाली अन्य ट्रेनों में श्रृद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।     बीच के स्टेशनों से एक्सप्रेस ट्रेन में टिकट आरक्षित कराने वाले यात्री कई बार भीड़ के कारण ट्रेन में सवार होने से चूक रहे हैं। वहीं, दरवाजे तक भीड़ होने के कारण यात्रियों गंतव्य में उतरने के लिए कोच की आपातकालीन खिड़की से बाहर आने की नौबत बन रही है। स्पेशल ट्रेन के रैक रिजर्व प्रयागराज से जबलपुर रेलखंड में सतना और कटनी तक भीड़ का दबाव अधिक है। बुधवार को भी प्रयागराज से जबलपुर की ओर स्पेशल ट्रेन संचालित की गई है। जबलपुर रेल मंडल की ओर स्पेशल अनारक्षित ट्रेन के लिए कुछ रैक रिजर्व रखे गए है। इन ट्रेनों को सतना और कटनी स्टेशन में यात्रियों की भीड़ होने पर जिस दिशा में यात्री अधिक होंगे, वहां तुरंत चलाने के लिए तैयार रखा गया है। श्रृद्धालुओं की आवश्यकतानुसार कटनी से बीना की ओर स्पेशल ट्रेन चलाने की भी योजना है। ताकि प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या से लौटने वाले श्रृद्धालुओं के सतना और कटनी पहुंचने के बाद आगे का रेल संपर्क सुविधा प्रदान किया जा सकें। जबलपुर के रास्ते आयी महानगरी महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी-मुंबई के मध्य संचालित होने वाली महानगरी का मार्ग परिवर्तित किया था। ये ट्रेन बुधवार को अपने निर्धारित पथ पर लौट आयी। जबलपुर के रास्ते संचालित हुई। ट्रेन में प्रयागराज से जबलपुर की ओर यात्री की भीड़ अपेक्षाकृत अधिक रही। रेल अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आयी है। वापसी में भीड़ बढ़ी है, लेकिन यात्री बंटकर आने के कारण पहले जैसी भीड़ की स्थिति नहीं है। जबलपुर से सतना के मध्य रेलवे स्टेशनों में रेल सुरक्षा बल को सतर्क किया गया है। वह ट्रेन आने पर नजर रख रहे है। कोच के दरवाजे बंद होने पर उन्हें खुलवा रहे है, ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में समस्या न हो।

संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया, रेल मंत्री वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया

प्रयागराज  प्रयागराज में डेढ़ माह से चल रहा महाकुंभ भले ही खत्‍म हो गया हो लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे अभी स्‍पेशल ट्रेनों को बंद नहीं करेगा. पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ये ट्रेनें चलती रहेंगी. संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया है. वहीं आज स्‍वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया है. विश्‍व का सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ शिवरात्रि को समाप्‍त हो गया है. लेकिन यहां पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. आज भी संगम तट तक खासी भीड़ देखी जा रही है. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा. क्‍योंकि तमाम श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान भीड़ की वजह से नहीं पहुंच पाए होंगे, वो अब जरूर जाएंगे. रेलमंत्री पहुंचे प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन में जुटे रेल कर्मियों को आभार व्‍यक्‍त करने के लिए आज रेल मंत्री महाकुंभ पहुंचे. उन्‍होंने बताया कि इस मेले की तैयारी ढाई साल पहले से शुरू कर दी गयी है. श्रद्धालुओं को सुविधाजनक सफर कराने के लिए प्रयागराज में कई फ्लाईओवर और गंगा में पुल समेत कई अन्‍य निर्माण कार्य कराए गए हैं. इस दौरान वहां भीड़ का जायजा लिया. जानें भारतीय रेलवे का ‘स्‍पेशल प्‍लान’ रेलवे मंत्रालय के डायरेक्टर इनफॉरमेशन एंड पब्लिसिटी शिवाजी मारुति सुतार ने बताया कि महाकुंभ के लिए स्‍पेशल ट्रेनों को एक साथ नहीं बंद किया जाएगा. इसके लिए रेलवे की टीम लगातार मोनिटर कर रही है कि महाकुंभ के बाद प्रयागराज के लिए टिकटों की बिक्री कितनी हो रही है या फिर प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों में सामान्‍य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ है क्‍या, इनका आंकलन करने के बाद ट्रेनों को चलाने और बंद करने का फैसला किया जाएगा. यानी अगर आपने महाकुंभ के दौरान भीड़ और ट्रेन में रिजर्वेशन न मिलने की वजह से स्‍नान नहीं किया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. विभिन्‍न शहरों से चलाई जा रही स्‍पेशल ट्रेनों से प्रयागराज पहुंचकर स्‍नान कर सकते हैं. चार गुना अधिक चलाई गयीं ट्रेनें भारतीय रेलवे ने पिछले महाकुंभ में 4000 ट्रेनें चलाई थीं, वहीं, इस बार रेलवे की प्‍लानिंग 13000 ट्रेनों की चलाने की थी, लेकिन भीड़ को देखते हुए 16000 के करीब ट्रेनें चलाई गयी हैं. इन ट्रेनों से साढ़े चार से पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने सफर किया है.

प्रयागराज कुंभ जाने वाली ट्रेनें प्रभावित, रेलवे ने 2 ट्रेनें 11 से 13 फरवरी तक प्रभावित होंगी

रतलाम  प्रयागराज महाकुंभ 2025 में लगातार देशभर से श्रद्धालुओं पहुंच रहे हैं. जिससे इन दिनों सड़क मार्ग पर काफी जाम लग रहे हैं. श्रद्धालु अब ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, प्रयागराज मंडल में कुंभ मेला आयोजन के चलते रेलवे को अब कुछ ट्रेनों को निरस्त भी करना पड़ रहा है. वहीं, कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और शर्ट अर्जीनेट भी किया गया है. साथ ही रतलाम मंडल की 2 यात्री ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है. 11 से 13 फरवरी तक ट्रेनें रहेंगी प्रभावित प्रयागराज मंडल में हो रहे महाकुंभ मेला 2025 के चलते रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरने वाली 2 ट्रेनें 11 से 13 फरवरी तक प्रभावित होंगी. ऐसे में रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से प्रयागराज के लिए अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो प्रभावित ट्रेनों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें. प्रयागराज की बजाए खजुराहो से चलेंगी ये ट्रेनें ट्रेन संख्या 14115, डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस 11 और 12 फरवरी को खजुराहो स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी. साथ ही संख्या 14116, प्रयागराज-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 12 और 13 फरवरी 2025 को खजुराहो से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी. यह यात्री गाड़ी प्रयागराज से शुरू नहीं होकर खजुराहो रेलवे स्टेशन से चलेगी रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने कहा, ” जिन यात्रियों ने इन ट्रेनों की पूर्व में ही टिकट बुकिंग करवा ली है वह ट्रेनों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें. ट्रेनों की जानकारी रेलवे की वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.”

कैंसिल रहेंगी ये ट्रेनें, रेलवे ने जारी की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. रोजाना भारत में ट्रेन के जरिए लोग एक शहर से दूसरे शहर ट्रेवल करते हैं. रेलवे की ओर 13,000 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाती हैं. भारतीय रेलवे अपना नेटवर्क लगातार बढ़ाता जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ी जाती हैं. हालांकि इस काम के लिए रेलवे को कई बार कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. जिस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ फरवरी-मार्च में ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के साथ हुआ है. रेलवे ने अलग-अलग रूटों की कई ट्रेनें कैंसिल कीं हैं. सफर पर जाने से पहले देख कर जाएं इन ट्रेनों की लिस्ट. इस वजह से कैंसिल हुईं ट्रेनें भारतीय रेलवे की ओर से जब किसी रेल डिवीजन पर काम होता है. तो उस रूट से जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ता है. हाल ही में रेलवे से मेरी जानकारी के मुताबिक हावड़ा-दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. प्री-इंटरलॉकिंग, इंटरलॉकिंग, यार्ड रि-मॉडलिंग के काम के चलते 134 लोकल ट्रेनों समेत कई और ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 20971 उदयपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20972 शालीमार-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18033-18034 हावड़ा-घाटशिला-हावड़ा मेम 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18011-18012 हावड़ा-चक्रधरपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 08 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस 08 और 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18615 हावड़ा-हटिया क्रिया योग एक्सप्रेस 09 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा संबलेश्वरी एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18005 हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22862 कंटाबाजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22861 हावड़ा-कंटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस 23 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12021-12022 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस 22-23 मार्च के लिए कैंसिल इन ट्रेनों के बदले गए रूट ट्रेन नंबर 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस : 21 मार्च को चार घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 12809 हावड़ा मुंबई मेल : 21 मार्च को 2.30 घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस : 22 मार्च को तीन घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस : 22 मार्च को दो घंटे रि-शिड्यूल की गई.  

भारतीय रेलवे ने 15 फरवरी से शुरू की इन रूट्स पर 10 स्पेशल ट्रेन, वेटिंग होने से पहले बुक कर लें टिकट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने फरवरी में यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते 10 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन फरवरी मेंअलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट बुकिंग करा सकते हैं। गाड़ी संख्य 69233/69234 वड़ोदरा-दाहोद-वड़ोदरा मेमू समेत एक दर्जन ट्रेनें 28 फरवरी तक निरस्त रहेगी।यात्री इन स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद नम्बर 139 या फिर www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES App पर जाकर भी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। फरवरी में चलेगी ये स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09537 राजकोट-बनारस ट्रेन 15 और 19 फरवरी को राजकोट से सुबह 06.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 02.45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09538 बनारस-राजकोट ट्रेन 16 और 20 फरवरी को बनारस से शाम 07.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 04.10 बजे राजकोट पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस 16 व 20 फरवरी को भावनगर से सुबह 5 बजे रवाना होगी, और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस 17 और 21 फरवरी को रात 7:30 बजे बनारस से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे भावनगर पहुंचेगी।यह महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रूकेगी।     गाड़ी संख्या 09453, साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 21.02.25 को (01 ट्रिप) साबरमती से 11.00 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.10 बजे आगमन व 23.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 16.00 बजे बनारस पहुंचेगी।यह महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड,ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगराफोर्ट,इटावा,फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी।     गाड़ी संख्या 09454, बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 22.02.25 को (01 ट्रिप) बनारस से 19.30 बजे रवाना होकर अगले दिन जयपुर स्टेशन पर 13.15 बजे आगमन व 13.20 बजे प्रस्थान कर दिनांक 24.02.25 को 00.30 बजे साबरमती पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09139 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ स्पेशल 22 फ़रवरी को सुबह 8:35 बजे विश्वामित्री से चलकर दाहोद (12:12/12:14), रतलाम (1:35/1:45), नागदा (2:38/2:40), उज्जैन (3:55/4:05) व शुजालपुर (5:58/6:00) बजे होती हुई अगले दिन 20:30 बजे बलिया पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 09140 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ स्पेशल 23 फरवरी को रात 11:30 बजे बलिया से चलकर शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), नागदा (4:40/4:42), रतलाम (5:20/5:30), दाहोद (7:01/7:03) होती हुई सोमवार सुबह 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल  08 फरवरी को नागपुर से 15:00 बजे खुल कर अगले दिन 06:20 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल 09 फरवरी को दानापुर से 14:30 बजे खुल कर 21.25 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए अगले दिन 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। 28 फरवरी तक ये ट्रेने रद्द     ट्रेन नंबर 12355 अर्चना एक्सप्रेस 8, 11, 15, 18, 22, 24 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर12356 अर्चना एक्सप्रेस  9, 12, 16, 19, 23, 25 फरवरी तक ।     ट्रेन नंबर 15655 कामाख्या-माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर 15656 माता वैष्णो देवी कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस 12, 19, 26 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस 12, 14, 19, 21, 26, 28 फरवरी के लिए ।ट्रेन नंबर 12470 जम्मू-कानपुर एक्सप्रेस  11, 13, 18, 20, 25, 27 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12491 बरौनी-जम्मू मोरध्वज एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक।ट्रेन संख्या- 8035/18036, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 9 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12492 जम्मू-बरौनी मोरध्वज एक्सप्रेस  14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14611 गाजीपुर-वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14612 वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर एक्सप्रेस 13, 20 और 27 फरवरी तक ।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार

  जबलपुर  वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार है, जो देश के सबसे तेजी से बढ़ते बेड़े का एक अत्याधुनिक संस्करण है। विश्वस्तरीय, हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सपना अब हकीकत बन चुका है क्योंकि पहली 16-डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 15 जनवरी 2025 को मुंबई-अहमदाबाद खंड में पांच सौ चालीस किलोमीटर की दूरी के लिए अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के कठोर परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा किया। एक पखवाड़े के भीतर ट्रेन को कोटा डिवीजन में लाया गया और पिछले महीने के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक 30 से 40 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जहां इसने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की उच्च गति से आरामदायक यात्रा का अनुभव हासिल किया।    यह उपलब्धि रेलवे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो यात्रियों के लिए एक बेरोकटोक और शानदार यात्रा के अनुभव का वादा करती है। आराम, गति और अत्याधुनिक तकनीक पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आने वाले दिनों में लोगों को रात भर की यात्राओं की नई परिभाषा देने के लिए तैयार हैं। उत्पादन बढ़ाना: प्रगति की ओर    प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद, अप्रैल से दिसम्बर 2025 के बीच नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का उत्पादन निर्धारित है। ये ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए दक्षता और सुविधा के मामले में नए मानक स्थापित करेंगी।    इस स्लीपर ट्रेन को पहली बार उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17 दिसम्बर 2024 को 24 डिब्बों की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 50 रेक के लिए प्रोपल्शन इलेक्ट्रिक्स का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर दो प्रमुख भारतीय निर्माताओं को दिया गया है, जो 2 साल की समय सीमा में तैयार होने की संभावना है। * मेसर्स मेधा 33 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगी। * मेसर्स अलस्टॉम 17 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगा। भविष्य की ओर देखते हुए, 24 डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पूरे पैमाने पर उत्पादन 2026-27 में शुरू होगा, जिससे रेलवे प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी। गति और विलासिता के साथ रेल यात्रा में एक नया अध्याय    इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजों, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफ़ाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। भारत में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर देश भर में चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से रिक्लाइनिंग सीटों और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं। वंदे भारत स्लीपर के साथ, यात्री विश्वस्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस एक शांत, सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा की उम्मीद कर सकते हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित, यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।     जैसे-जैसे भारतीय रेलवे इस परिवर्तनकारी परियोजना के साथ आगे बढ़ रहा है, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल परिवहन की राष्ट्र की कल्पना का प्रमाण है। ट्रेन की विशेषताएं * ट्रेन में 16 डिब्बे हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर। * ट्रेन की कुल क्षमता 1,128 यात्रियों की है ट्रेन में क्रैश बफ़र्स, विरूपण ट्यूब और अग्नि अवरोधक दीवार है। * ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाईफाई है।        भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले, अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाणपत्र जारी करेगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे।

ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा के लिए रवाना होगी आई.आर.सी.टी.सी. की भारत गौरव पर्यटक ट्रैन

ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा के लिए रवाना होगी आई.आर.सी.टी.सी. की भारत गौरव पर्यटक ट्रैन भोपाल मंडल के रानी कमलापति एवं इटारसी से होकर गुजरेगी भोपाल मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष अवसर—आईआरसीटीसी द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन, जो 25 मार्च 2025 को रीवा से रवाना होगी। इस ट्रेन के माध्यम से यात्री ज्योतिर्लिंगों और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। यह विशेष ट्रेन रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, शुजालपुर, इंदौर, देवास, उज्जैन और रतलाम जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जहाँ से यात्री इसमें सवार हो सकते हैं। 10 रातों/11 दिनों की इस यात्रा में द्वारका, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, शिरडी, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का भ्रमण शामिल होगा। आईआरसीटीसी द्वारा इस यात्रा के लिए विशेष रूप से एलएचबी कोच वाली भारत गौरव ट्रेन चलाई जा रही है, जिसमें यात्रियों के लिए सुविधाजनक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा और ऑन-बोर्ड सुरक्षा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctctourism.com) पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। यह यात्रा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए एक अनुकूल विकल्प हो सकती है, जो एक ही यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं।

07113/07114 मचिलीपटनम -दानापुर-मचिलीपटनम कुंभ मेला विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप)

भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल   रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 07113/07114 मचिलीपटनम -दानापुर-मचिलीपटनम  कुंभ मेला विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 07113 मचिलीपटनम -दानापुर कुंभ मेला विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07113 मचिलीपटनम -दानापुर कुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 08 एवं 16 फरवरी 2025 को मचिलीपटनम  स्टेशन से सुबह 11.00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन सुबह 06.05 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए उसी दिन रात 23.55 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 07114 दानापुर-मचिलीपटनम  कुंभ मेला विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07114 दानापुर-मचिलीपटनम  कुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 10 एवं 18 फरवरी 2025 को दोपहर  15.15 बजे दानापुर स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन सुबह 07.10 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 03.00 बजे मचिलीपटनम  स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में गुडिवाड़ा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नाकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जमीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, रामागुंडम, मंचेरियल, बेल्लमपल्ली, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, चंद्रपुर, सेवाग्राम, नागपुर, इटारसी जंक्शन, पिपरिया, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी। कोच संरचना: इस विशेष ट्रेन में 20 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

UP में दो मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर, इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त…चालक घायल, जांच शुरू

फतेहपुर फतेहपुर जिले में खागा कस्बे के पास पांभीपुर इलाके में दो मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों मालगाड़ियों के चालक घायल हो गए हैं। दुर्घटना के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत व बचाव कार्य जारी है। इस हादसे के कारण रेलवे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार दोनों मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं, जिससे उनकी सीधी टक्कर हो गई। इस टक्कर में दोनों गाड़ियों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दोनों चालकों को गंभीर चोटें आईं।  यहां एक ही ट्रैक पर दो माल गाड़ियां आ गई और आपस में भिड़ गई. ऐसे में एक मालगाड़ी का इंजन ट्रैक से उतरकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में गाड़ी के चालक और सहचालक घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. फिलहाल रेलवे के आलाधिकारी मौके पर मौजूद है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है. ये दुर्घटना जिले के खागा कोतवाली के पांभीपुर के पास हुई है. कई ट्रेनों को रोका गया है या मार्ग बदले गए हैं घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। घायल चालकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे के कारण रेलवे यातायात प्रभावित हो गया है। कई ट्रेनों को रोका गया है या उनके मार्ग बदले गए हैं। दोनों ट्रेनों के लोको पायलटों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है। ट्रैक को क्लियर करवाया जा रहा है। हादसा कानपुर-फतेहपुर के बीच खागा में पांभीपुर के पास हुआ। रेड सिग्नल पर खड़ी थी गाड़ी रेलवे सूत्रों ने बताया कि ट्रैक पर रेड सिग्नल था। ऐसे में एक मालगाड़ी खड़ी थी। तभी अचानक पीछे से मालगाड़ी तेज रफ्तार में आई और उसने टक्कर मार दी। हादसे के चलते फ्रेट कॉरिडोर पर रेल यातायात प्रभावित है। कई मालगाड़ियों को रोक दिया गया है। कुछ के रूट बदले गए। रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।  

रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू के 16% की ग्रोथ के साथ 92,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया

नई दिल्ली  रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू के 16% की ग्रोथ के साथ 92,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है। रेलवे को उम्मीद है कि वंदे भारत समेत एसी3 क्लास और प्रीमियम ट्रेनों की बढ़ती मांग से यात्रियों से होने वाली इनकम में उछाल आएगी। इसके उलट माल ढुलाई से होने वाली आय 4.4% की मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक रेलवे के कुल रेवेन्यू में पैसेंजर इनकम का हिस्सा 2022-23 में 26.4% था जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (RE) में बढ़कर 28.6% हो गया है और वित्त वर्ष 2026 में इसके 30.6% तक बढ़ने का अनुमान है। हालांकि माल ढुलाई से होने वाली इनकम रेलवे की कमाई का मुख्य जरिया बनी हुई है। डेटा से पता चलता है कि मार्च तक एसी3 टिकटों से होने वाली इनकम 30,089 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग 20% अधिक है। रेलवे ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट से रेवेन्यू में 23% की बढ़ोतरी होगी और 37,115 करोड़ रुपये की इनकम होगी। दस्तावेजों के मुताबिक दो वर्षों में एक्जीक्यूटिव क्लास और एसी चेयर कार क्लास से होने वाली इनकम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और आगे भी इसमें तेजी आने का अनुमान है। सभी क्लास से फायदा मार्च तक एक्जीक्यूटिव क्लास में सफर करने वाले यात्रियों से राजस्व 698 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 42% अधिक है। वित्त वर्ष 2026 में इसके बढ़कर 987 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसी तरह एसी चेयर कार से रेवेन्यू मार्च तक 4,280 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 2024-25 के बजट अनुमान (BE) को पार कर जाएगा और पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 28.6% की वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार इनकम करीब 5,626 करोड़ रुपये होगी, जो 31% की वृद्धि है। रेल अधिकारियों ने कहा कि पैसेंजर रेवेन्यू में बढ़ोतरी सभी क्लास से होगी क्योंकि रेलवे गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए सामान्य कोच वाली अधिक ट्रेन चलाएगा। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के लिए इंटर-सिटी ट्रेनों में जनरल कोच से अनुमानित राजस्व 1,517 करोड़ रुपये है, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग दोगुना है। किराया बढ़ेगा? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किराये में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना को खारिज किया है। उनका कहना है कि पैसेंजर रेवेन्यू में ग्रोथ यात्रियों की संख्या में वृद्धि से प्रेरित होगी। यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है और इस साल कुल यात्रियों की संख्या बढ़कर 7.5 अरब रहने की उम्मीद है। अगले साल यह संख्या 7.8-7.9 अरब यात्रियों के आसपास होगी। इसलिए रेवेन्यू ग्रोथ पूरी तरह से यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगी।  

बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 11 दिन रद्द, रायपुर-बिलासपुर से आठ कुंभ स्पेशल

रायपुर नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए लोग पहाड़ों और धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं, लेकिन जनवरी तक बिलासपुर से गुजरने वाली एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। वेटिंग लिस्ट 100 से 250 तक पहुंच गई है। हालांकि, जिन लोगों ने एक माह पहले टिकट बुक करा लिया था, उन्हें कंफर्म सीट जरूर मिल गई है। रेलवे आरक्षण केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा सहित अन्य रूट की ट्रेनों में लगातार वेटिंग बढ़ रही है। हावड़ा रूट पर चलने वाली आजाद हिंद्र एक्सप्रेस में वेटिंग 256 तक पहुंच गई है, वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस में 10 जनवरी तक नो रूम है। इन ट्रेनों में नो रूम दिल्ली, मुंबई हावड़ा सहित अन्य रूट की ट्रेनों में इन दिनों वेटिंग बढ़ गई है। हावड़ा रूट पर चलने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस, गीतांजलि एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, हावड़ा सुपरफास्ट, शालीमार एक्सप्रेस, हटिया एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, सारनाथ, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, समता, राजधानी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण लोगों को मजबूरी में दूसरे विकल्प का सहारा लेना पड़ रहा है। रायपुर-बिलासपुर से आठ कुंभ स्पेशल दक्षिण रेलवे से चलने वाली आठ कुंभ स्पेशल रायपुर-बिलासपुर से छूटकर गोंदिया, बालाघाट के रास्ते चलेंगी। ऐसे में राजनांदगांव तक यात्रियों को प्रयागराज में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आने-जाने में सुविधा होगी। कुल मिलाकर दक्षिण रेलवे के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर पांच महाकुंभ स्टेशल अलग-अलग तारीखों में प्रयागराज के बीच आना-जाना करेगी। महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी, इसलिए रिजर्वेशन सबसे अधिक हो रहा है। रेलवे प्रशासन से जारी शेड्यूल के अनुसार वैसे तो देशभर से महाकुंभ के दौरान 3,000 स्पेशल ट्रेनों सहित 13,000 से अधिक ट्रेनें चलाने को तैयार है। दक्षिण रेलवे से चलाने वाली पांच महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया, बालाघाट और नैनपुर होकर जबलपुर के रास्ते प्रयागराज तक चलेंगी। इससे यात्रियों को कंफर्म बर्थ की सुविधा मिलेगी। रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर और वाराणसी रायगढ़-वाराणसी, दुर्ग-वाराणसी एवं बिलासपुर-वाराणसी के मध्य तीन फेरे के लिए ट्रेन नंबर 08251/08252 रायगढ़-वाराणसी-रायगढ़ कुंभ मेला स्पेशल, ट्रेन नंबर 08791/08792 दुर्ग-वाराणसी-दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल एवं ट्रेन नंबर 08253/08254 बिलासपुर-वाराणसी-बिलासपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन वाया बिलासपुर, कटनी, प्रयागराज के मार्ग से चलाई जा रही है। बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 11 दिन रद रेलवे ने एक बार फिर से यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। चक्रधरपुर और रांची रेल मंडल के विभिन्न सेक्शनों में अधोसंरचना का काम कराने रेलवे ने ब्लॉक लिया है। इसके कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस को दोनों तरफ से 11 दिनों के लिए रद कर दिया गया जबकि तीन ट्रेनों को परिवर्तित रूट से चलाया जाएगा। रेलवे मंडल के अधिकारियों ने बताया कि चार जनवरी और छह से 15 जनवरी तक बिलासपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18114 बिलासपुर- टाटानगर एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं पांच जनवरी और सात से 16 जनवरी तक टाटानगर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी होगी। उतर रेलवे के जम्मू तवी स्टेशन में यार्ड रिमाडलिंग समेत अन्य काम कराने रेलवे ने पावर ब्लाक लिया है। इसके चलते सात से दस जनवरी तक जम्मू जाने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनों को रद कर दिया है। रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, सात जनवरी को दुर्ग से चलने वाली ट्रेन नंबर 12549 दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस, आठ जनवरी को दुर्ग से चलने वाली ट्रेन नंबर 20847 दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस, नौ जनवरी को उधमपुर से चलने वाली ट्रेन नंबर 12550 उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस और 10 जनवरी को उधमपुर से चलने वाली 20848 उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद रहेगी। बदले रूट से दौड़ेंगी ये ट्रेनें आठ जनवरी को हैदराबाद से चलने वाली ट्रेन नंबर 07255 हैदराबाद-पटना स्पेशल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग राउरकेला-सिनी-चांडिल-मूरी-कोटशिला जंक्शन होकर चलेगी। 11 जनवरी को मालदा डाऊन से चलने वाली ट्रेन नंबर 13425 मालदाडाऊन-सूरत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से कोटशिला जंक्शन-मूरी-चांडिल-सिनी-राउरकेला होकर चलेगी। सात जनवरी को रक्सौल से चलने वाली ट्रेन नंबर 07052 रक्सौल-सिकंदराबाद स्पेशल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से कोटशिला जंक्शन-मूरी-चांडिल-सिनी-राउरकेला होकर चलेगी।  

भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन गया

नई दिल्ली जब भी दुनिया में मेट्रो ट्रेन की बात होती है, भारत की मेट्रो का भी नाम उसमें प्रमुख रूप से शामिल होता है। दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में मेट्रो रेल नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। भारत में मेट्रो रेल नेटवर्क बढ़कर 1000 किमी का हो गया है। इतने बड़े नेटवर्क के साथ भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के एक्सटेंशन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही वह यूपी के साहिबाबाद और दिल्ली के न्यू अशोक नगर के बीच बने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर लंबे हिस्से का भी उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही दिल्ली के लोग भी नमो भारत ट्रेन में सफर कर मात्र 35 से 40 मिनट में मेरठ पहुंच सकेंगे। दिल्ली में मेट्रो 2002 में शुरू हुई थी। हालांकि भारत में मेट्रो ट्रेन की शुरुआत 1984 में हो गई थी। कोलकाता में पहली मेट्रो ट्रेन चली थी। कितने राज्यों में चलती है मेट्रो? मेट्रो ट्रेन अब सिर्फ दिल्ली और कोलकाता तक ही सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों में इसका विस्तार हो गया है। मेट्रो ट्रेन अब देश के 11 राज्यों के 23 शहरों में चलती है। साल 2014 में यह ट्रेन मात्र 5 राज्यों और 5 शहरों में चलती थी। अभी मेट्रो ट्रेन का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश समेत देश के कई राज्यों में इसे चलाने की तैयारी है। कितना बड़ा हो गया नेटवर्क? भारत मेट्रो रेल नेटवर्क 1000 किलोमीटर का हो गया है। इतने बड़े नेटवर्क के साथ भारत का स्थान चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है। साल 2014 में मेट्रो रेल नेटवर्क मात्र 248 किलोमीटर का था। ऐसे में पिछले 10 वर्षों में मेट्रो नेटवर्क में 3 गुना वृद्धि हुई है। पिछले साल एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि अगले दो-तीन साल में भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क होगा। कितने यात्री करते हैं सफर? देशभर में मेट्रो से आज रोजाना करीब एक करोड़ यात्री सफर करते हैं। पिछले 10 वर्षों में यात्रियों की संख्या में ढाई गुना वृद्धि हुई है। यह संख्या और तेजी से बढ़ती जा रही है। देशभर में मेट्रो में सफर करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की है। दिल्ली में रोजाना औसतन करीब 75 लाख यात्री सफर करते हैं। देश के दूसरे राज्यों में मेट्रो में कम ही यात्री सफर करते हैं। सिर्फ दिल्ली मेट्रो ही फायदे में! इस समय देश के कई हिस्सों में मेट्रो ट्रेन चल रही है। सबसे ज्यादा फायदे में दिल्ली मेट्रो है। देश के कई शहरों में मेट्रो ट्रेन घाटे में चल रही है। उन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी नहीं है। वहीं बात अगर नमो भारत ट्रेन की करें तो इसे भी अभी भरपूर यात्री नहीं मिल रहे हैं। इस ट्रेन में रोजाना औसतन 10 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। दिल्ली मेट्रो की तुलना करें तो अभी सालभर में जितने यात्री नमो भारत में सफर कर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा यात्री दिल्ली मेट्रो में एक दिन में सफर कर लेते हैं। दिल्ली से कनेक्ट होने के बाद उम्मीद है कि नमो भारत में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।

दिल्ली में लगातार तीसरी सुबह धुंध और घने कोहरे का साया, 6 फ्लाइट कैंसिल, 100 से ज्यादा लेट…

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरी सुबह धुंध और घने कोहरे का साया है. ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे गलन भी बढ़ गई है. बेहद कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनों से लेकर उड़ानें तक प्रभावित हो रही हैं. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. IMD ने लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने बताया कि 10 से 12 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे 10 जनवरी को इस क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज भी कई उड़ानें देरी से चल रही है. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट flightradar के मुताबिक, घने कोहरे के कारण आज सुबह 8 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर 6 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 114 उड़ानों में औसतन 18 मिनट की देरी हुई. शनिवार को IGI एयरपोर्ट पर करीब 48 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और 564 उड़ानों में देरी हुई थी. सुबह 8 बजे IGI एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी में थोड़ा सुधार हुआ और यह 50 मीटर हो गई. सुबह 4 से 8 बजे तक जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई. IGI एयरपोर्ट पर आज करीब चार घंटे की जीरो विजिबिलिटी देखी गई. IGI ने एडवाइजरी में कहा, दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक ऑफ जारी है. जो उड़ानें CAT III का अनुपालन नहीं करती हैं, उन पर असर पड़ सकता है. यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान की अपडेट जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें. किसी भी असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है. देरी से चल रही हैं ट्रेनें मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह 5.30 बजे 10 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. शनिवार को भी इसी समय 10.2 डिग्री सेल्सियस तापमान था. कोहरे के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशान पर कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं. दिल्ली में वायु गुणवत्ता भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है. आज सुबह 6 बजे AQI 377 रिकॉर्ड किया गया. कल इसी समय यह 385 था. दिल्ली में 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रही इससे पहले शनिवार को 10 से 12 घंटे तक दिल्ली में घना कोहरा रहा. करीब 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रिकॉर्ड की गई. IMD ने बताया, पालम में शाम छह बजे से सुबह तीन बजे के बीच 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रही, जो इस मौसम की सबसे लंबी अवधि थी. जबकि सफदरजंग केंद्र ने आठ घंटे तक जीरो विजिबिलिटी दर्ज की. शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनें भी प्रभावित हुईं. उत्तर रेलवे ने बताया कि 59 ट्रेनें छह घंटे तक की देरी से चल रही हैं. जबकि 22 ट्रेनें करीब आठ घंटे की देरी से चल रही हैं. आज भी घना कोहरा छाए रहने का अनुमान भारतीय मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के अधिकांश हिस्सों में रविवार को धुंध और मध्यम कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है. कुछ इलाकों में घना कोहरा और आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर में दक्षिण-पूर्व से हवा की गति बढ़कर 8-10 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन शाम और रात तक यह 6 किमी प्रति घंटे से कम हो सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि सुबह के समय ज्यादातर जगहों पर धुंध/मध्यम कोहरा और कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. शाम/रात में धुंध/हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 18 और 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. कहां हो सकती है बारिश? मौसम विभाग ने 6 जनवरी तक जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा होने की भविष्यवाणी की है. 5 जनवरी को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान में और 5- 6 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना है. इसके अलावा, 5 और 6 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में और 6 जनवरी को उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश में गरज के साथ छिटपुट वर्षा होने की संभावना है. 7 और 8 जनवरी को कई पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है. 6 जनवरी को उत्तराखंड में छिटपुट वर्षा और बर्फबारी की संभावना है. वहीं, कश्मीर के कई इलाकों में कोहरे की घनी चादर छाई हुई है, जबकि इस क्षेत्र में व्यापक बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बर्फबारी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी का अनुमान है. अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में क्षेत्र के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है. इससे पहले शनिवार सुबह श्रीनगर समेत कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे हवाई यात्रा प्रभावित हुई. खराब विजिबिलिटी के कारण श्रीनगर एयरपोर्ट पर विमान परिचालन बाधित हुआ, जिससे उड़ानों में देरी हुई. हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, दृश्यता में सुधार होने पर विमान परिचालन फिर से शुरू हो गया और पहला विमान सुबह 11.13 बजे उतरा. मौसम विभाग ने कहा कि मध्यम से मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के जम्मू-कश्मीर पर असर पड़ने की उम्मीद है. ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है. शनिवार रात से सोमवार सुबह के बीच सबसे ज़्यादा बर्फबारी होने की उम्मीद है. इस दौरान कश्मीर और चिनाब घाटी के मध्य और ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी का भी अनुमान है. मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें व्यापक बर्फबारी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी की भविष्यवाणी की गई है. मौसम विभाग ने सड़क और हवाई परिवहन में संभावित अस्थायी व्यवधान की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और व्यवधान कम से कम हो.  

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, रेलवे ने इन रूटों की कई ट्रेनें की कैंसिल, सफर से पहले देख लें लिस्ट

नई दिल्ली रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। भारतीय रेलवे ने रखरखाव और मरम्मत कार्य सहित दूसरे कारणों से 95 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। जिन ट्रेनों को कैसिंल किया गया है वो देश के अलग-अलग शहरों से होकर गुजरती हैं। इसलिए यात्रियों के लिए यह बेहतर होगा कि शुक्रवार (3 जनवरी) को रेलवे स्टेशन के लिए निकलने से पहले एक बार लिस्ट जरूर देख लें। आपको यह चेक कर लेना चाहिए कि आपने जिस ट्रेन से यात्रा के लिए टिकट बुक किया था, फिलहाल उसका क्या स्टेटस है। ट्रेनों का ताजा अपडेट या लाइव लोकेशन नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर देखा जा सकता है। हम आपको यहां पर कुछ प्रमुख ट्रेनों के बारे में बता रहे हैं जो आज नहीं चलेंगी। 3 जनवरी 2025 को कैंसिल कुछ प्रमुख ट्रेनों की लिस्ट – ट्रेन संख्या 14101 प्रयागराज संगम-कानपुर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14102 कानपुर सेंट्रल-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14209 प्रयागराज संगम-लखनऊ ट्रेन संख्या 04101 प्रयागराज संगम-कानपुर अनवरगंज ट्रेन संख्या 04102 कानपुर अनवरगंज-प्रयागराज संगम ट्रेन संख्या 22429 दिल्ली जं. -पठानकोट ट्रेन संख्या 12497 नई दिल्ली-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 14210 लखनऊ-प्रयागराज संगम ट्रेन संख्या 14215 गंगा गोमती एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14234 मनकापुर-प्रयागराज संगम ट्रेन संख्या 14631 देहरादून-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 11905 आगरा कैंट-होशियारपुर ट्रेन संख्या 11906 होशियारपुर-आगरा कैंट ट्रेन संख्या 12318 अमृतसर जंक्शन-कोलकाता टर्मिनल ट्रेन संख्या 12498 अमृतसर जंक्शन-नई दिल्ली ट्रेन संख्या 04652 अमृतसर जंक्शन-जयनगर ट्रेन संख्या 04651 जयनगर-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 04653 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 14603 सहरसा-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 12412 अमृतसर-चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 14609 योग नगरी ऋषिकेश-एसवीडीके कटरा ट्रेन संख्या 14610 एसवीडीके कटरा-योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन संख्या 14632 अमृतसर जंक्शन-देहरादून ट्रेन संख्या 04651 जयनगर-अमृतसर ट्रेन संख्या 04653 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर ट्रेन संख्या 14603 सहरसा जंक्शन-अमृतसर ट्रेन संख्या 14662 जम्मूतवी-बाड़मेर ट्रेन संख्या 12411 चंडीगढ़-अमृतसर जंक्शन ट्रेन संख्या 04258 अयोध्या धाम-मनकापुर मेमू ट्रेन संख्या 04217 वाराणसी-लखनऊ स्पेशल ट्रेन संख्या 04651 हमसफर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन संख्या 04652 हमसफर एक्सप्रेस स्पेशल (अमृतसर जंक्शन – जयनगर) ट्रेन संख्या 07581 तिरुपति-काटपाडी मेमू ट्रेन संख्या 07582 काटपाडी-तिरुपति मेमू ट्रेन संख्या 07660 काटपाडी-तिरुपति मेमू दूसरी ओर, सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के मद्देनजर रेलवे भी यात्रियों की सुविधाओं को लेकर लगातार अपनी सेवाओं में विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज मंडल ने सभी कैटरिंग स्टाल लाइसेंस धारकों को खानपान सामग्री में स्वच्छता के साथ निर्धारित शुल्क पर बिक्री करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त सभी स्टॉल्स पर सामान व्यवस्थित ढंग से रखने, कर्मचारियों को उचित ड्रेस और नेम प्लेट लगाने के साथ ही श्रद्धालुओं को विनम्र व्यवहार के लिए कहा गया है।

आधी रात से लागू हुई नई समय सारिणी, कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का बदल रहा नंबर; यहां देखें

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान न दें… एक जनवरी 2025 से भारतीय रेलवे ट्रेनों की समयसारिणी में बदलाव हुआ । 31 दिसंबर 2024 की रात्रि 12 बजे के बाद यह समयसारिणी लागू हुई । उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो नई समय सारिणी में आगरा-बनारस वंदे भारत समेत कुल 15 ट्रेनों को शामिल किया जा रहा है। दूसरी ओर ओर कोरोना काल में जो ट्रेनें स्पेशल नंबर से चलाई गई थीं, उनका नंबर भी एक जनवरी से पुराना हो जाएगा। यह दो बड़े फैसले होने के चलते स्टेशनों पर लग रहे डिजिटल और साधारण बोर्ड में बदलाव होना तय है। रेलवे की पिछली समय सारिणी एक अक्तूबर 2023 से प्रभावी हुई थी। तब समय सारिणी में उसकी अवधि अक्तूबर 23 से जून 24 दर्शाई गई थी। इस हिसाब से एक जुलाई 24 को नई समय सारिणी लागू होनी थी, लेकिन वह छह माह की देरी से अब एक जनवरी 25 से लागू हो रही है। फिलहाल नई समय सारिणी में एनसीआर से गुजरने वाली कन्याकुमारी-बनारस, आगरा-बनारस, खजुराहो-निजामुद्दीन समेत 15 नई ट्रेनों को शामिल किया गया है। इसके अलावा शिवगंगा समेत दस जोड़ी ऐसी ट्रेनों को भी इसमें दर्शाया गया है, जिनका विस्तार रेलवे द्वारा किया गया है। समय सारिणी में एनसीआर द्वारा संचालित 86 और अन्य जोनल रेलवे की 104 पैसेंजर ट्रेनें जो एनसीआर के प्रयागराज, कानपुर, आगरा आदि स्टेशनों पर आती हैं, उनका नंबर बदल दिया गया है। चार जनवरी से बदल रहा माता वैष्णो देवी जाने वाली ट्रेन का नंबर प्रयागराज के सूबेदारगंज से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली जम्मू मेल का नंबर भी नई समय सारिणी में बदलने जा रहा है। चार जनवरी से इस ट्रेन का सूबेदारगंज से नंबर 20433 और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से 20434 रहेगा। जम्मू मेल समेत एनसीआर से गुजरने वाली कुल 18 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के नंबर बदल रहे हैं। इसके अलावा समय सारिणी में एनसीआर जोन से गुजरने वाली 56 ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव वाले स्टेशनों का भी उल्लेख किया गया है। रात 8:50 की जगह 8:30 बजे रवाना होगी सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस एक जनवरी से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल की 80 ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय में बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत सूबेदारगंज से देहरादून जाने वाली 14113 देहरादून एक्सप्रेस अब रात 8:50 की जगह रात 8:30 बजे रवाना होगी। इसी तरह 22432 उधमपुर-सूबेदारगंज एक्सप्रेस अब यहां दोपहर 12:50 की जगह 12:55 बजे पहुंचेगी। 12404-22404 लालगढ़-प्रयागराज एक्सप्रेस का यहां पहुंचने का समय सुबह 4:45 की जगह 4:50 होने जा रहा है। इसी तरह कानपुर आने वाली छह, कानपुर अनवरगंज की दो, टूंडला की पांच, अलीगढ़ की पांच, खुर्जा की दो, दनकौर की दो, हाथरस किला की दो, हाथरस, फतेहपुर, मानिकपुर, मैनपुरी, फफूंद और इटावा आने वाली एक-एक ट्रेन के समय में बदलाव होने जा रहा है। इसी तरह झांसी मंडल के तमाम स्टेशनों की 17 और आगरा मंडल के स्टेशनों पर आने वाली 29 ट्रेनों के समय में एक जनवरी से बदलाव हो रहा है।  

दिल्ली से सीधे श्रीनगर पहुंचेगी ट्रेन, PM नरेंद्र मोदी करेंगे पहला सफर

 श्रीनगर कश्मीर घाटी को हर मौसम में शेष भारत से जोड़े रखने के लिए सरकार ने लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम किया है. नए साल पर भारतीय रेलवे के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी क्योंकि जनवरी में दिल्ली से श्रीनगर(Shri nagar) को सीधे जोड़ने वाली एक रेल लाइन शुरू होने वाली है. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल ट्रायल चल रहा है कि PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत(Vande Bhaat) एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि PM नरेंद्र मोदी उद्घाटन वाले दिन ट्रेन में यात्रा करेंगे. उत्तरी सर्किल के सेफ्टी कमिश्नर की ओर से 15 जनवरी से पहले अंतिम परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘कटरा रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम चल रहा है. रोड़ी से लदी मालगाड़ी, इंजन को टेस्टिंग के तहत इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है. अंजी नदी पर भी इसे चलाकर देखा जा रहा है.’ इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत की यात्रा कर सकते हैं. उपाध्याय ने कहा कि कटरा से रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम पूरा हो चुका है, जो एक तेजी से चलने वाली प्रक्रिया थी, जिसे पूरा किया गया है.इसके अलावा, यहां सबसे मुश्किल काम था टी-33 टनल का निर्माण, जो अब पूरा हो चुका है. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि अगर सेफ्टी ऑडिट में कोई कमी पाई जाती है तो उसे भी दूर करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहला मौका होगा कि कश्मीर हर मौसम में शेष भारत से किसी योजना के माध्यम से जुड़ा रहेगा, 17 किलोमीटर के रियासी कटरा खंड के चलते. भारतीय रेलवे ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए भी यह गेमचेंजर होगा, उन्होंने कहा कि दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना बड़ा कदम है, यह किसी सपने को सच करने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बड़ा कदम है, इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी. रेलवे अधिकारी ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रेलवे का किराया एयर टिकट से काफी कम है. काजीगुंड बारामूला सेक्शन 2009 में शुरू हुआ था और जून 2013 में बनिहाल काजीगुंड सेक्शन शुरू हुआ था और जुलाई 2014 में उधमपुर से कटरा के बीच 25 किलोमीटर का सफर शुरू हुआ था. इसी साल फरवरी में बनिहाल से सांगलदन रेलवे स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल भी हुआ था. 2005-06 में शुरू हुई इस रेल लाइन पर उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला के बीच 38 सुरंगें बनाई गईं, जिनमें से टी-49 12.75 किलोमीटर लंबी है, जो देश के रेलवे नेटवर्क की सबसे लंबी सुरंग है, और कुल 927 पुल बनाए गए हैं.

रेलवे ने महाकुंभ में 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया, 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी

प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए ना केवल उत्तर प्रदेश प्रशासन बल्कि भारतीय रेलवे ने भी कमर कस ली है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के पवित्र संगम पर आगामी 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जुटा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ के लिये क्षेत्र को तमाम सुविधाओं से लैस करने के मकसद से श्रमिकों की पूरी फौज नदियों के प्रवाह को व्यवस्थित करने, सड़कों को चौड़ा करने और घाटों को समतल करने में जुटी है। वहीं रेलवे ने महाकुंभ के लिए 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसमें से 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि आसपास के 9 रेलवे स्टेशनों पर 560 टिकटिंग पॉइंट की व्यवस्था की जा रही है। प्रयागराज जंक्शन, सुबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छेओकी, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम और झूसी स्टेशन पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि इन पॉइंट्स से रोज करीब 10 लाख टिकट बांटे जा सकते हैं। महाकुंभ मेले को देखते हुए 15 दिन पहले टिकट लेने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रिंग रेल रूट पर भी ट्रेनें चलाई जाएंगी। प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज संगम- जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-माणिकपुर-चित्रकूट-झांसी रूट पर ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे 10 हजार से ज्यादा नियमित और 3 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। स्पेशन ट्रेनों में करीब 1800 छोटे रूट पर और 700 ट्रेनें लंबे रूट पर चलेंगी। इसके अलावा रिंग रूट पर 560 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की नजरिए से 18 हजार से ज्यादा आरपीएफ और एसआरपी के जवानों को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज जंक्शन पर 6 बेड वाले ऑब्जरवेशन रूम का सेटअप तैयार किया गया है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन, ग्लुकोमीटर, नेबुलाइजर और स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इनमें से 116 कैमरे एआई तकनीक से चलते हैं। कहां से चलेंगी ट्रेनें अब तक जिन स्पेशल ट्रेनें की समय सारिणी सामने आई है उनमें मैसूर से लेकर कामाख्या और वलसाड़ से राजकोट तक की ट्रेनें शामिल हैं। इसमें मैसूर-दानापुर-मैसूर एक्स्परेस, कामाख्या-टूंडला-कामाख्या एक्सप्रेस, कानपुर से्ंट्रल-भागलपुर, नाहरलगुन-टुंडला-नाहरलगुन, टाटानगर-टुंडला- टाटानागर, रांची-टूंडला-रांची. पटना-प्रयागराज-पटना. गया-प्रयागराज-गया, विश्वामित्री-बलिया-विश्वामित्री, वलसाड-दानापुर-वलसाड, वापी-गया-वापी, साबरमती-बनारस-साबरमती, भावनगर टर्मिनल-बनारस-साबरमती. अहमदाबाद-जंघई-अहमदाबाद, राजकोट-बनारस-राजकोट, वेरावल-बनारस-वेरावल ट्रेनें शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस मेगा आयोजन को ‘एकता का महाकुंभ’ बताया और लोगों से समाज से नफरत और विभाजन को खत्म करने के संकल्प के साथ इस भव्य धार्मिक समागम से लौटने का आग्रह किया। महाकुंभ आगामी 13 जनवरी को ‘पौष पूर्णिमा’ से शुरू होगा और 45 दिनों के बाद 26 फरवरी को ‘महा शिवरात्रि’ पर सम्पन्न होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिये एक लाख 60 हजार टेंट और डेढ़ लाख शौचालयों की स्थापना की गई है और इनकी साफ-सफाई के लिए 15 हजार सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में पानी की सुविधा देने के लिये 1,250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 67 हजार एलईडी लाइट, दो हजार सोलर लाइट और तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नौ पक्के घाट, सात रिवरफ्रंट सड़कें और 12 किलोमीटर क्षेत्र में अस्थायी घाट निर्माणाधीन हैं। सात बस अड्डे भी बनाए जा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र को सजाने के लिए 15 लाख वर्ग फुट से अधिक के भित्ति चित्र और ‘स्ट्रीट पेंटिंग’ बनाई गई हैं। हालांकि, हर बड़ा आयोजन अपने साथ उतनी ही बड़ी चुनौतियां भी लेकर आता है। कटान की वजह से गंगा नदी अपने मूल मार्ग से दूर चली गई है और महाकुंभ के लिए उपलब्ध भूमि कम हो गई है। इसके अलावा, पांच साल के दौरान नदी के प्रवाह की जद में आ जाने से साल 2019 के कुंभ के लिए इस्तेमाल की गई 3200 हेक्टेयर जमीन कम हो गई है।

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पिछले दो दिनों से तकनीकी समस्या , ट्रेनों में लंबी वेटिंग…

ग्वालियर  नए साल पर छुट्टियों में वैष्णो देवी, हरिद्वार या उत्तर भारत के पर्यटन स्थलों पर जाने का जिन लोगों ने प्लान बनाया है, उन्हें ट्रेनों ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। ट्रेनों में एक लंबी वेटिंग हैं। इस पर भी यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट से रिजर्वेशन करा रहे हैं, तो उसका भी सर्वर डाउन हो रहा है। गुरुवार को सर्वर डाउन होने से लोग रिजर्वेशन नहीं करा सके। वैष्णो देवी, हरिद्वार और दिल्ली जैसे प्रमुख स्थलों के लिए ट्रेनों में रिजर्वेशन लगभग असंभव हो गया है। बढ़ती यात्रियों की संख्या के कारण वेटिंग लिस्ट काफी लंबी हो चुकी है, वहीं कुछ ट्रेनों में तो नो रूम का स्टेटस आ रहा है। इन ट्रेनों में हो रही है मुश्किल     ग्वालियर से वैष्णों देवी जाने के लिए झेलम, मालवा एक्सप्रेस ऐसी ट्रेन हैं जो रोजाना जाती हैं। इनमें आगामी एक जनवरी तक रिजर्वेशन उपलब्ध नहीं है। इनमें वेटिंग 100 से 300 के ऊपर पहुंच गई है।     इसके अलावा अंडमान एक्सप्रेस, हिमसागर एक्सप्रेस व तिरुनावेली जम्मू एक्सप्रेस हैं जो साप्ताहिक या सप्ताह में एक या दो दिन चलने वाली ट्रेन हैं। इनमें भी जगह नहीं मिल रही है। तत्काल में टिकट मिल जाए, तो किस्मत की बात रिजर्वेशन न होने की स्थिति में लोग तत्काल में टिकट को आरक्षित कराने का प्रयास कर रहे है। लेकिन इसमें किस्मत की बात है कि टिकट मिल जाए या न मिले। क्योंकि तत्काल की वेबसाइट शुरू होते ही कुछ ही मिनटों तत्काल का कोटा पूरा हो जाता है। ट्रेन में आरक्षण करने के लिए लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट का सहारा ले रहे हैं। लोड होने की वजह वेबसाइट का सर्वर भी ठप हो रहा है या धीमा चल रहा है। गुरुवार को तो सर्वर डाउन हो गया। इस वजह से लोग न तो तत्काल में रिजर्वेशन करा सके और न ही अन्य दिनों के लिए रिजर्वेशन करा सके। हालांकि शुक्रवार को सर्वर तो डाउन नहीं हुआ, लेकिन काफी धीमा चला। इससे लोग तत्काल में टिकट नहीं करा पाए। यात्री इस तरह से भी कर सकते हैं प्रयास     यदि सामान्य तौर पर आरक्षण नहीं मिल रहा है तो रेलवे स्टेशन पर तत्काल में आरक्षण के लिए समय पर पहुंच जाएं और पहले टिकट लेने का प्रयास करें।     यदि रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कराने जा रहे हैं तो जिस ट्रेन में आरक्षण करा रहे हैं और उसमें वेटिंग आ रहा है तो फार्म वैकल्पिक ट्रेन का नाम भी भर दें। यदि दूसरी ट्रेन में जगह हुई तो उसमें आरक्षण मिल जाएगा।  

इंदौर में यात्रियों की सुविधा को ध्‍यान में रखकर रतलाम मंडल के इंदौर से प्रयागराज के लिए एक फेरा वन वे स्‍पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा

इंदौर भारतीय रेलवे गुरुवार 26 दिसंबर को इंदौर और मुंबई से प्रयागराज के लिए एक फेरा स्पेशल ट्रेन का संचालन करेगा।जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 09333 इंदौर-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन 26 दिसंबर को रात 10 बजे इंदौर से रवाना होग, जो कि अगले दिन 02.40 बजे संत हिरदाराम नगर, 06.00 बजे बीना और मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए शुक्रवार शाम 17.00 बजे प्रयागराज स्टेशन पहुंचेगी। ये रहे स्टॉपेज इस दौरान ट्रेन देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना और मानिकपुर स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। इस विशेष ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे, जिनमें 16 स्लीपर डिब्बे, 4 सामान्य श्रेणी के डिब्बे और 2 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। मुंबई सेंट्रल-प्रयागराज कुंभ मेला विशेष ट्रेन रेलवे की ओर से श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी के तहत गाड़ी संख्या 09013 मुंबई सेंट्रल-प्रयागराज कुंभ मेला विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर और बीना स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 09013 मुंबई सेंट्रल-प्रयागराज कुंभ मेला विशेष ट्रेन 26 दिसंबर को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से प्रात: 11.00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन 1.40 बजे संत हिरदाराम नगर, 4.30 बजे बीना स्टेशन होते हुए शाम 16.30 बजे प्रयागराज स्टेशन पहुंचेगी। ये रहे स्टॉपेज यह ट्रेन बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, उधना जंक्शन, भरूच जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, दाहोद, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना जंक्शन, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी।  

दक्षिण मध्य रेलवे ने महाकुंभ कारण यात्री ट्रेनों का संचालन में बदलाव, कई यात्री ट्रेनें की निरस्त

भोपाल  दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद मंडल के काजीपेट-विजयवाड़ा खंड के मोटूमारी जंक्शन स्टेशन पर इंटरलाकिंग कार्य चल रहा है। इस कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। यह ट्रेनें हुईं निरस्त     ट्रेन 22646 कोच्चुवेली-इंदौर एक्सप्रेस 28 दिसंबर से चार जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 22645 इंदौर-कोच्चुवेली एक्सप्रेस 30 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 12511 गोरखपुर-कोचूवेली एक्सप्रेस 26 दिसंबर से पांच जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 12512 कोचूवेली-गोरखपुर एक्सप्रेस 31 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 12521 बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस 23 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 12522 एर्नाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस दिनांक 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 01927 कानुपर-मदुरै स्पेशल 25 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 01928 मदुरै-कानुपर स्पेशल 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी।     ट्रेन 04717 हिसार-तिरुपति स्पेशल 28 दिसंबर एवं चार जनवरी को निरस्त रहेगी।     ट्रेन 04718 तिरुपति-हिसार स्पेशल 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी।     ट्रेन 06509 केएसआर बेंगलुरू – दानापुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी।     ट्रेन 06510 दानापुर – केएसआर बेंगलुरू एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन एक जनवरी एवं आठ जनवरी को निरस्त रहेगी। भोपाल मंडल की पैसेंजर, मेमू ट्रेनें हुईं निरस्त महाकुंभ के कारण भोपाल मंडल में यात्री ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। रेल प्रशासन ने अपरिहार्य कारणों से कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया है। यात्री यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ये ट्रेनें हुईं निरस्त 27 दिसंबर से 28 फरवरी तक     ट्रेन 06603-06604 – बीना-कटनी मुडवारा-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू ट्रेन 06623-06624 – कटनी-बरगवां-कटनी मेमू स्पेशल ट्रेन 11606-11605 – भोपाल-बीना मेमू ट्रेन 06632 – बीना-भोपाल पैसेंजर स्पेशल मेमू 28 दिसंबर से 1 मार्च तक     ट्रेन 06631 – भोपाल-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू  

रेलवे का महाकुंभ के लिए बड़ा प्लान, 3 हजार स्‍पेशल समेत 13 हजार ट्रेनें चलाएगा रेलवे

प्रयागराज उत्तर प्रदेश सरकार प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। इस विशाल धार्मिक आयोजन में देशभर से करोड़ों लोग शामिल होंगे। महाकुंभ के लिए रेलवे ने देशभर से 3,000 विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि, उत्तर पश्चिम रेलवे से केवल दो विशेष ट्रेनें चलेंगी—एक उदयपुर और दूसरी बाड़मेर से। इसके अलावा, पांच अन्य विशेष ट्रेनें जयपुर सहित उत्तर पश्चिम रेलवे के कई स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। महाकुंभ 2025 में करीब 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्‍मीद है। उनकी सुगम आवाजाही के लिए इंडियन रेलवे ने व्‍यापक तैयारी की है। महाकुंभ 2025 के मद्देनजर रेलवे द्वारा इस बार 3000 स्पेशल ट्रेनों के साथ 13000 से अधिक रेलगाड़ियों का संचालन करेगा। महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर रेलवे अकेले प्रयागराज में ही पिछले 2 साल में 5000 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर चुका है। यह जानकारी प्रयागराज पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। अर्द्धकुंभ से अधिक ट्रेनें चलेंगी उन्‍होंने बताया, प्रयागराज क्षेत्र में सुगम रेल परिचालन के लिए 21 रोड ओवर ब्रिजों और रोड अंडर ब्रिजों का निर्माण किया गया है। वर्ष 2019 में आयोजित कुम्भ मेला में 7000 गाड़ियों का संचालन किया गया था, जबकि इस बार 16000 से भी अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। मध्य प्रदेश से चलेंगी 48 से अधिक कुंभ स्पेशल ट्रेन इसमें भोपाल रेल मंडल सहित मप्र से विभिन्न स्टेशनों से लगभग 48 से अधिक ट्रेनें ठहराव लेकर चलेंगी। 01661-01662 रानी कमलापति-वाराणसी के लिए कुंभ स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। जानिए टाइम और स्टॉपेज की पूरी लिस्ट     रानी कमलापति से ट्रेन 16 जनवरी, 20 जनवरी, 23 जनवरी, 6 फरवरी, 17 फरवरी और 20 फरवरी को चलेगी। वहीं, वाराणसी से ट्रेन 17 जनवरी, 21 जनवरी, 24 जनवरी, 7 फरवरी, 18 फरवरी और 21 फरवरी को चलेगी।     यह ट्रेन मप्र के मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बुधनी, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), इटारसी, सोहागपुर, पिपरिया, गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर, श्रीधाम, मदनमहल, जबलपुर, देवरी, सिहोरा, कटनी, जुकेही, मैहर, सतना, मझगवां से होते हुए उप्र के मानिकपुर, प्रयागराज, मिजार्पुर से होते हुए वाराणसी जाएगी। श्रीधाम एक्सप्रेस नौ, मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से पहुंची भोपाल भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशनों पर रविवार देर रात और सोमवार सुबह यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इसका मुख्य कारण उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में चल रहा तीसरी लाइन का निर्माण कार्य है। संदलपुर-आंतरी स्टेशनों के बीच अप लाइन पर कट और कनेक्शन का काम चल रहा है, जिसके कारण भोपाल सहित मंडल के कई स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों को 22 दिसंबर तक परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा था। इसके साथ ही कोहरे का असर भी ट्रेनों की आवाजाही के समय पर पड़ रहा है। कोहरे के कारण कई ट्रेनों की गति धीमी हो गई है, जिससे ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से गंतव्य पर काफी देरी से पहुंच रही हैं। कुछ ट्रेनें तो डेढ़ घंटे से लेकर नौ घंटे तक की देरी से भोपाल पहुंची। ऐसे में यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यह ट्रेनें पहुंची देरी से     ट्रेन 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 9:35 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12618 मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस 8:06 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12644 हजरत निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस 5:10 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12724 आंध्र एक्सप्रेस 2:15 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12780 हजरत निजामुद्दीन-वास्को डी गामा एक्सप्रेस 2:10 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12626 नई दिल्ली-त्रिवेंद्रम केरला एक्सप्रेस 1:52 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12722 दक्षिण एक्सप्रेस 1:30 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12616 जीटी एक्सप्रेस 1:35 घंटे लेट आई।     ट्रेन 11058 अमृतसर एक्सप्रेस 1:20 घंटे लेट आई।     ट्रेन 12002 शताब्दी एक्सप्रेस 36 मिनट लेट आई।   पहली बार मेमू ट्रेन महाकुंभ 2025 को देखते हुए पहली बार छोटी दूरी के लिए बड़ी संख्या में मेमू ट्रेन का इंतजाम किया जा रहा है। महाकुंभ 2025 की रेगुलर गाड़ियों में दोनों तरफ इंजन लगाया जाएगा जिससे समय की बचत होगी । वहीं श्रद्धालुओं और रेलयात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। बनारस से प्रयागराज के मध्य रेल ट्रैक के दोहरीकरण से ट्रेनों की स्पीड बढ़ी है। इसी खंड में झूंसी से दारागंज के मध्य गंगा नदी पर 100 वर्ष बाद नया रेल ब्रिज बन कर तैयार हो चुका है। फाफामऊ-जंघई के बीच दोहरीकरण होने से ट्रेन परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है। महाकुंभ 2025 के दौरान बेहतर सुविधाओं के लिए विभिन्न स्टेशनों पर 43 स्थायी होल्डिंग एरिया का निर्माण किया गया है। प्रयागराज क्षेत्र के सभी स्टेशनों पर सभी फुट ओवर ब्रिजों पर वनवे ट्रैफिक की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रयागराज क्षेत्र में सुगम रेल परिचालन के लिए 21 रोड ओवर ब्रिजों और रोड अंडर ब्रिजों का निर्माण हो चुका है। 13 को प्रयागराज आ सकते हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 दिसंबर को प्रयागराज आ सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव महाकुम्भ की तैयारियों का अवलोकन करने रविवार प्रयागराज पहुंचे थे। उन्‍होंने प्रयागराज में सबसे पहले झूंसी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों एवं महाकुंभ 2025 की तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके बाद झूंसी स्टेशन के निकट गंगा नदी पर प्रयागराज–वाराणसी रेल मार्ग दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत बने नए ब्रिज संख्या 111 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में फाफामऊ स्टेशन एवं प्रयाग जंक्‍शन का भी निरीक्षण किया और महाकुंभ 2025 की तैयारियों को परखा। इस दौरान रेलमंत्री ने फाफामऊ से प्रयाग तथा प्रयाग से प्रयागराज जंक्‍शन तक विंडो ट्रेलिंग करते हुए रेलपथ की संरक्षा की जानकारी भी ली। इस अवसर पर इन दोनों स्टेशनों पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों से भेंट की। इस दौरान अध्यक्ष रेलवे बोर्ड श्री सतीश कुमार सहित उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे एवं पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एवं संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों के साथ अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के रीवा और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया

जबलपुर यात्रियों की सुविधा और न्यू ईयर पर पड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने मध्य प्रदेश के रीवा और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। इसके अलावा जबलपुर से तीन स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। इस बारे में जानकारी देते हुए भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता ने बताया कि रीवा-मडगांव-रीवा के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दो-दो फेरे लगाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 01703 रीवा-मडगांव स्पेशल ट्रेन 22 दिसंबर और 29 दिसंबर (रविवार) को रीवा से दोपहर 12:00 बजे चलेगी और फिर अगले दिन सोमवार को रात 21:25 बजे मडगांव स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01704 मडगांव-रीवा स्पेशल ट्रेन 23 दिसंबर और 30 दिसंबर (सोमवार) को मडगांव से रात 22:25 बजे प्रस्थान करेगी, और अगले दिन सोमवार को रात 20:08 बजे हरदा, रात 21:30 बजे इटारसी और मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन यानी बुधवार को सुबह 08:20 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा हॉल्ट यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड, नासिक रोड, कल्याण जंक्शन, पनवेल, रोहा, चिपलुन, रत्नागिरी, कंकावली, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, थिविम और करमाली स्टेशनों पर रुकेगी। कुल 24 कोच होंगे, 4 जनरल होंगे इस गाड़ी में कुल 24 कोच होंगे, जिसमें 1 वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (फर्स्ट एसी), 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (सेकंड एसी), 5 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (थर्ड एसी), 11 शयनयान श्रेणी (स्लीपर), 4 सामान्य श्रेणी (जनरल) एवं 2 SLRD कोच शामिल हैं। जबलपुर से चलेगी 3 स्पेशल ट्रेनें इसके अलावा रेलवे ने जबलपुर से 3 स्पेशल ट्रेनें… जबलपुर-पुणे (5 जनवरी से), जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस (3 जनवरी से) और जबलपुर-कोयम्बटूर (3 जनवरी से) ट्रेन चलाने का निर्णय भी लिया है। ये तीनों साप्ताहिक ट्रेनें अगली सूचना तक चलती रहेगीं। जबलपुर से पुणे स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 02132) जबलपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 5 जनवरी से अगली सूचना तक हर रविवार को जबलपुर से दोपहर 13:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सोमवार सुबह 6:25 बजे पुणे पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02131 पुणे-जबलपुर स्पेशल ट्रेन 6 जनवरी से अगली सूचना तक हर सोमवार सुबह 11:30 बजे पुणे से रवाना होगी और अगले दिन मंगलवार को सुबह 6:00 बजे जबलपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन रास्ते में दोनों दिशाओं में जबलपुर, मदन महल, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, हरदा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगांव, बेलापुर, अहमदनगर, दौंड कॉर्ड लाईन और पुणे स्टेशनों पर रुकेगी। जबलपुर से बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 02134) जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 3 जनवरी से अगली सूचना तक हर शुक्रवार को जबलपुर से शाम 17.00 बजे चलेगी और शनिवार को दोपहर 14.10 बजे बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02133 बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर स्पेशल ट्रेन 4 जनवरी से अगली सूचना तक हर शनिवार शाम 17.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से चलकर अगले दिन रविवार को दोपहर 15.10 बजे जबलपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन रास्ते में दोनों दिशाओं में जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, भोपाल, संत हिरदारामनगर, उज्जैन, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस स्टेशनों पर रुकेगी। जबलपुर से कोयम्बटूर स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 02198) यह ट्रेन 3 जनवरी से अगली सूचना तक हर शुक्रवार को जबलपुर से रात 23.50 बजे रवाना होगी और रविवार को दोपहर 14.40 बजे कोयम्बटूर पहुंचेगी। इसी तरह कोयम्बटूर-जबलपुर (गाड़ी संख्या 02197) ट्रेन 6 जनवरी से हर सोमवार को शाम 17.05 बजे कोयम्बटूर से रवाना होगी और बुधवार को सुबह 8.45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, रत्नागिरी, मडगांव, मंगलुरू और कोयम्बटूर स्टेशनों पर रुकेगी।

प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए कंफर्म टिकट का हो गया इंतजाम! रेलवे ने जारी की स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं को कुंभ मेले में जाने की राह आसान करने के लिए रेलवे विभाग द्वारा विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा, जिसकी वजह से श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम हो सके. इस संबंध में रेलवे विभाग द्वारा स्पेशल ट्रेन की सूची भी जारी की गई है. पश्चिम रेल मंडल रतलाम के डीआरएम ने बताया कि जनवरी 2025 में प्रयागराज में आरंभ हो रहे महाकुंभ मेला के दौरान यात्रियों की यात्रा सुगम हो, इसका ध्यान रखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के डॉ. अम्बेडकर नगर से बलिया के मध्य दोनों दिशाओं में  बलिया डॉ. अम्बेडकर नगर-बलिया- कुंभ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा. उज्जैन होते हुए पहुंचेगी इंदौर यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में चार-चार फेरे चलेगी. उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 09371 डॉ. अम्बेडकर नगर-बलिया-कुंभ स्पेशल 22 एवं 25 जनवरी 2025 तथा 08 एवं 22 फरवरी 2025 को डॉ. अम्बेडकर नगर से चलकर रतलाम मंडल के इंदौर , उज्जैन एवं शुजालपुर होते हुए अगले दिन बलिया पहुंचेगी.  इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्‍या 09372 बलिया डॉ. अम्बेडकर नगर कुंभ स्पेशल 23 एवं 26 जनवरी तथा 09 एवं 23 फरवरी 2025 को  बलिया से चलकर रतलाम मंडल के उज्जैन होते हुए इंदौर पहुंचेगी. इन रेलवे स्टेशन से गुजरेगी ट्रेन पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंज बासौदा, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर, औड़िहार और ग़ाज़ीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी. इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे. ये है महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों की पूरी लिस्ट 1. ट्रेन संख्‍या 09031/09032 उधना-बलिया महाकुंभ मेला स्पेशल (04 फेरे) ट्रेन संख्या 09031 उधना-बलिया महाकुंभ मेला स्पेशल उधना से सुबह 06:40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 19:00 बजे बलिया पहुंचेगी. यह ट्रेन 17 जनवरी और 16 फरवरी, 2025 को चलेगी.  ट्रेन संख्या 09032 बलिया-उधना महाकुंभ मेला स्पेशल बलिया से 23:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 12:45 बजे उधना पहुंचेगी. यह ट्रेन 18 जनवरी और 17 फरवरी 2025 को चलेगी.  यह ट्रेन दोनों दिशाओं में भरूच, विश्वामित्री, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंज बासौदा, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, उरई, गोविंदपुरी, फ़तेहपुर, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर, औंड़िहार और ग़ाज़ीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09031 का वडोदरा स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे.  2. ट्रेन संख्‍या 09019/09020 वलसाड-दानापुर महाकुंभ मेला स्पेशल (16 फेरे) ट्रेन संख्‍या 09019 वलसाड-दानापुर महाकुंभ मेला स्पेशल वलसाड से 08:40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 18:00 बजे दानापुर पहुंचेगी. यह ट्रेन 08, 17, 21, 25 जनवरी और 08, 15, 19, 26 फरवरी, 2025 को चलेगी.  ट्रेन संख्‍या 09020 दानापुर-वलसाड महाकुंभ मेला स्पेशल दानापुर से 23:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 09:30 बजे वलसाड पहुंचेगी. यह ट्रेन 09, 18, 22, 26 जनवरी और 09, 16, 20, 27 फरवरी, 2025 को चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में नवसारी, भेस्तान, नंदुरबार, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, चुनार, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा स्टेशनों पर रुकेगी. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे.  3. ट्रेन संख्‍या 09021/09022 वापी-गया महाकुंभ मेला स्पेशल (20 फेरे) ट्रेन संख्या 09021 वापी-गया महाकुंभ मेला स्पेशल वापी से 08:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 19:00 बजे गया पहुंचेगी. यह ट्रेन 09, 16, 18, 20, 22, 24 जनवरी और 07, 14, 18, 22 फरवरी, 2025 को चलेगी.  ट्रेन संख्या 09022 गया-वापी महाकुंभ मेला स्पेशल गया से 22:00 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 10:00 बजे वापी पहुंचेगी. यह ट्रेन 10, 17, 19, 21, 23, 25 जनवरी और 08, 15, 19, 23 फरवरी, 2025 को चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में वलसाड, नवसारी, भेस्तान, नंदुरबार, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, चुनार, पं. दीन दयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर रुकेगी. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे.  4. ट्रेन संख्‍या 09029/09030 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ मेला स्पेशल (02 फेरे) ट्रेन संख्या 09029 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ मेला स्पेशल 17 फरवरी, 2025 को विश्वामित्री से 08:35 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 19:00 बजे बलिया पहुंचेगी.  ट्रेन संख्या 09030 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ मेला स्पेशल 18 फरवरी, 2025 को 23:30 बजे बलिया से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंज बासौदा, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, उरई, गोविंदपुरी, फ़तेहपुर, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर, औंड़िहार और ग़ाज़ीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09029 का वडोदरा स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे.    5. ट्रेन संख्‍या 09413/09414 साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल (10 फेरे) ट्रेन संख्या 09413 साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल साबरमती से 11:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 14:45 बजे बनारस पहुँचेगी. यह ट्रेन 16 जनवरी और 05, 09, 14, 18 फरवरी, 2025 को चलेगी.  ट्रेन संख्या 09414 बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल बनारस से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 00:30 बजे साबरमती पहुँचेगी. यह ट्रेन 17 जनवरी और 06, 10, 15, 19 फरवरी 2025 को चलेगी.  यह ट्रेन दोनों दिशाओं में महेसाणा, पालनपुर, आबू रोड, पिंडवाड़ा, फालना, रानी, मारवाड़, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, बांदीकुई, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टूंडला, इटावा, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज और ज्ञानपुर रोड स्टेशनों पर रुकेगी. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे. 6. ट्रेन संख्‍या 09421/09422 साबरमती-बनारस (वाया गांधीनगर केपिटल) महाकुंभ मेला स्पेशल [06 फेरे] ट्रेन संख्या 09421 साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल साबरमती से 10:25 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 14:45 बजे बनारस पहुँचेगी. यह ट्रेन 19, 23 और 26 जनवरी, 2025 को चलेगी.  ट्रेन संख्या 09422 बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल बनारस से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 01:25 बजे साबरमती पहुँचेगी. यह ट्रेन 20, 24 और 27 जनवरी 2025 को चलेगी.  यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गांधीनगर केपिटल, महेसाणा, पालनपुर, आबू रोड, पिंडवाड़ा, फालना, रानी, मारवाड़, ब्यावर, … Read more

महाकुंभ के पहले पैसेंजर्स की सहूलियत के लिए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला किया

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। यूपी में होने वाले कुंभ को देखते हुए रेलवे ने मध्य प्रदेश दिल्ली यूपी बिहार राजस्थान गुजरात झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन जनवरी से फरवरी तक अलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से बुकिंग करा सकते हैं। रेलवे ने लखनऊ मंडल के बाराबंकी-जाफराबाद रेलखंड में मेगा ब्लॉक के कारण बरेली होते हुए गुजरने वाली चार विशेष ट्रेनों को 18 दिसंबर से जनवरी के पहले सप्ताह तक निरस्त कर दिया है। 8 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। वही अयोध्या-छपरा रूट की कई ट्रेनें गोरखपुर के रास्ते चलाई जाएंगी। प्रयागराज संगम- बस्ती सहित 18 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। जनवरी से चलेगी ये स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 08251 रायगढ़-वाराणसी कुंभ स्पेशल का रायगढ़ से संचालन 25 जनवरी और वापसी में 26 को वाराणसी से किया जाएगा। गाड़ी संख्या 01661 द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 16.01.2025 से 20.02.2025 तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को सुबह 11:10 बजे रानी कमलापति से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुँचेगी। गाड़ी संख्या 01662 द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 17.01.2025 से 21.02.2025 तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को दोपहर 14:45 बजे बनारस से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09801 द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 17.01.2025 से 21.02.2025 तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सुबह 08:15 बजे सोगरिया से प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुँचेगी। गाड़ी संख्या 09802 द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 18.01.2025 से 19.02.2025 तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को दोपहर 14:45 बजे बनारस से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 04811,बाड़मेर-बरौनी स्पेशल(1 ट्रिप) 19 जनवरी को बाड़मेर से सायं 5.30 बजे प्रस्थान कर जोधपुर स्टेशन पर रात्रि 9.20 बजे आगमन व 9.30 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सुबह 9 बजे बरौनी पहुंच जाएगी। गाडी संख्या 04812,बरौनी-बाड़मेर स्पेशल(1 ट्रिप) बरौनी से 21 जनवरी को रात्रि 11 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन जोधपुर स्टेशन पर सुबह 8.45 बजे आगमन व 8.55 बजे प्रस्थान कर दोपहर 1 बजे बाड़मेर पहुंच जाएगी। गाडी संख्या 03021 हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल एक जनवरी से 8 जनवरी तक नियमित एवं 16, 20 और 24 जनवरी को चलेगी. जबकि फरवरी में 5,7,14, 21 और 26 को चलेगी. गाडी संख्या 03022 टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल जनवरी में 2 से 10, 18, 22, 26 और फरवरी 7, 9, 16, 23 और 28 को चलेगी. गाडी संख्या 03023 हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल जनवरी में 20, 22, 23 फरवरी में 16, 17, 18, 20 को चलेगी। ट्रेन संख्या 03024 टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल जनवरी में 21, 23, 24 फरवरी में 17, 18, 19, 21 को चलेगी. गाडी संख्या 03025 हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल 28 फरवरी को चलेगी। ट्रेन संख्या 03026 टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल एक मार्च को चलेगी। गाडी संख्या 03029 हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल 23 जनवरी, 06 और 20 फरवरी को चलेगी। ट्रेन संख्या 03030 टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल 25 जनवरी, 8 और 22 फरवरी को चलेगी। गाडी संख्या 03031 हावड़ा-भिण्ड कुंभ मेला स्पेशल जनवरी में 01, 18 एवं फरवरी में 19 को चलेगी।ट्रेन संख्या 03032 भिण्ड-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल जनवरी में 02, 19, फरवरी में 20 को चलेगी। गाडी संख्या 03033 हावड़ा-भिण्ड कुंभ मेला स्पेशल 26 जनवरी को चलेगी। ट्रेन संख्या 03034 भिण्ड-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल 27 जनवरी को चलेगी। गाड़ी संख्या 09413 साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल साबरमती से 11:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 14:45 बजे बनारस पहुंचेगी। यह ट्रेन 16 जनवरी और 05, 09, 14, 18 फरवरी, 2025 को चलेगी। गाड़ी संख्या 09414 बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल बनारस से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 00:30 बजे साबरमती पहुँचेगी।यह ट्रेन 17 जनवरी और 06, 10, 15, 19 फरवरी 2025 को चलेगी। गाड़ी संख्या 09421 साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल साबरमती से 10:25 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 14:45 बजे बनारस पहुंचेगी।यह ट्रेन 19, 23 और 26 जनवरी, 2025 को चलेगी। गाड़ी संख्या 09422 बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल बनारस से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 01:25 बजे साबरमती पहुंचेगी। यह ट्रेन 20, 24 और 27 जनवरी 2025 को चलेगी। गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल भावनगर टर्मिनस से सुबह 05:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 14:45 बजे बनारस पहुँचेगी। यह ट्रेन 22 जनवरी और 16, 20 फरवरी, 2025 को चलेगी। गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस महाकुंभ मेला स्पेशल बनारस से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 05:00 बजे भावनगर टर्मिनस पहुँचेगी. यह ट्रेन 23 जनवरी और 17, 21 फरवरी 2025 को चलेगी। दिसंबर में रद्द रहेंगी ये ट्रेनें 04651 जयनगर-अमृतसर विशेष 20 दिसंबर से सात जनवरी तक और 04652 अमृतसर-जयनगर विशेष ट्रेन 18 दिसंबर से पांच जनवरी तक निरस्त । 04829 जोधपुर-गोरखपुर विशेष ट्रेन 19, 26 दिसंबर और दो जनवरी को व 04830 गोरखपुर-जोधपुर विशेष ट्रेन 20, 27 दिसंबर व तीन जनवरी को निरस्त । 18 से 31 दिसम्बर तक 14231 प्रयागराज संगम- बस्ती मनवर संगम एक्सप्रेस।18 से 31 दिसम्बर तक 14232 बस्ती-प्रयागराज संगम मनवर संगम एक्सप्रेस। 19 एवं 26 दिसम्बर  तथा 02 जनवरी को 04829 जोधपुर-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन। 20 एवं 27 दिसम्बर को तथा 03 जनवरी को 04830 गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन। 20 एवं 27 दिसम्बर को तथा 03 जनवरी को  09465 अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल ट्रेन। 23 एवं 30 दिसम्बर तथा 06 जनवरी को 09466 दरभंगा-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन। इन ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन 15934 अमृतसर-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस को 20, 27 दिसंबर व तीन जनवरी को रायबरेली, मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, वाराणसी के रास्ते चलाया जाएगा। 14017 रक्सौल-आनंद विहार एक्सप्रेस 19, 26 दिसंबर व दो जनवरी को जाफराबाद, सुल्तानपुर, लखनऊ के रास्ते चलाया जाएगा। 14650 अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस 18, 21, 23, 25, 28, 30 दिसंबर और एक, चार व छह जनवरी को परिवर्तित मार्ग बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर के रास्ते चलाई जाएगी। 15115 छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस 21 व 28 दिसंबर और 15116 दिल्ली-छपरा एक्सप्रेस 22 व 29 दिसंबर को गोरखपुर-गोंडा-बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी। 15557 दरभंगा-आनंद एक्सप्रेस 19, 23, 26, 30 दिसंबर को 15558 आनंद विहार टर्मिनल-दरभंगा एक्सप्रेस 17, 20, 24, 27, 31 दिसंबर को गोरखपुर, गोंडा, बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी। 15716 अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस 31 दिसंबर और दो व छह फरवरी को परिवर्तित मार्ग … Read more

लखनऊ मंडल में नॉन इंटर लॉकिंग कार्यों के चलते गाड़ियाँ प्रभावित

भोपाल  उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बाराबंकी-अयोध्या कैंट-जफराबाद खण्ड पर अयोध्या कैंट स्टेशन यार्ड रिमाडलिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट या मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसका विवरण निम्नानुसार है : मार्ग परिवर्तित गाड़ियाँ : 1 .    गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर – यशवंतपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर – गोरखपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 19, 26, दिसम्बर एवं 02 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी होकर जाएगी । 2 .    गाड़ी संख्या 15101 छपरा – एलएलटी एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 24 एवं 31 दिसम्बर को एवं गाड़ी संख्या 15102 एलएलटी – छपरा एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 19 एवं 26 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 02-02 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय छपरा – गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी – ऐशबाग – कानपुर सेंट्रल होकर जाएगी । शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट गाड़ियाँ: 1.    गाड़ी संख्या 22129 एलटीटी- अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 22, 24, 29,  31 दिसम्बर एवं 05 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22130 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 23, 25, 30 दिसम्बर तथा 01 एवं 06 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I 2.    गाड़ी संख्या 22183 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 18, 21, 25, 28 दिसम्बर एवं 01 व 04 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22184 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 19, 22, 26, 29 दिसम्बर तथा 02 व 05 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I निम्न दो जोड़ी गाड़ियां मार्ग परिवर्तन के साथ साथ सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी : 1.    गाड़ी संख्या 22103 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 23, 30 दिसम्बर एवं 06 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22104 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31, दिसम्बर एवं 07 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप इस मार्ग पर अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी । 2.    गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम – अयोध्या कैंट श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22614 अयोध्या कैंट – रामेश्वरम एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 22, 29 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी ।            इस संबंध में यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की उचित स्थिति की जानकारी स्टेशनों, एनटीईएस, रेल मदद 139 एवं ऑनलाइन प्राप्त कर यात्रा करें।  

जल्द ही उसलापुर से छूटेंगी नर्मदा, रीवा और भोपाल एक्सप्रेस, बिलासपुर रेलवे स्टेशन का दवाब होगा कम

बिलासपुर बहुत जल्द यात्रियों को बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस, बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस समेत कटनी रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने उसलापुर स्टेशन जाना पड़ेगा। रेल प्रशासन इसका प्रपोजल भी तैयार कर रहा है। हालांकि, रेलवे की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। मगर, बिलासपुर रेल मंडल में इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उसलापुर शहर का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन को विकसित भी किया जा रहा है। आधे से ज्यादा कार्य हो चुके हैं। बचे कार्य जल्द पूरा हो जाएंगे। वहीं, बिलासपुर स्टेशन का भी कायाकल्प हो रहा है। 435 करोड़ खर्च कर रेलवे इस स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत जोनल स्टेशन का नया मॉडल भी बना लिया गया है। इस मॉडल पर गौर करें, तो पुरानी बिल्डिंग के सामने एक नई लाइन बिछाई जाएगी। यह पुरानी लाइन से जुड़ेगी। लाइन विस्तार के लिए ट्रेनों की आवाजाही रोकना जरूरी लाइन विस्तार तभी संभव है, जब पुरानी लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन बंद रहे। रेलवे इसकी तैयारी भी कर रही है। जोनल स्टेशन में तीन प्लेटफार्म छह, सात और आठ ऐसे हैं, जहां कटनी रेलखंड की ट्रेनें छूटती हैं। इन ट्रेनों में नर्मदा, रीवा, भोपाल एक्सप्रेस के अलावा बिलासपुर-शहडोल, बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का परिचालन उसलापुर स्टेशन में शिफ्ट किए बिना लाइन विस्तार का कार्य संभव नहीं है। इसलिए रेलवे इस पर जोर दे रही है। बमुश्किल तीन से चार महीने में इस स्टेशन से इन ट्रेनों का परिचालन की उम्मीद है। रेलवे का मानना है कि जब तक अधिक से अधिक ट्रेनों का स्टापेज या परिचालन प्रारंभ नहीं होगा, उस स्टेशन का कद नहीं बढ़ेगा। इसी के तहत पिछले साल रायपुर से आने वाली ट्रेनों का स्टापेज उसलापुर किया गया है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन सीधे दाधापारा से उसलापुर पहुंचती हैं। इससे इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हुआ है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर दवाब होगा कम बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अधिक ट्रेनों की ठहराव की वजह से कहीं न कहीं जोनल स्टेशन में ट्रेनों का दबाव रहता है। इसी दबाव के चलते ट्रेनों को आउटर पर भी रोकना पड़ता है। कई बार मेल, आजाद हिंद एक्सप्रेस को दाधापारा रेलवे यार्ड में रोका गया है। हालांकि, यह स्थिति केवल जोनल स्टेशन में प्लेटफार्म पर जगह नहीं होने के कारण होती है। यदि कटनी रेलमार्ग की इन ट्रेनों को उसलापुर स्टेशन से रवाना किया जाता है और वापसी में इसी स्टेशन में परिचालन समाप्त किया जाता है, तो जोनल स्टेशन में काफी हद तक दबाव कम होगा। उसलापुर में अभी हो रहा है 17 ट्रेनों का ठहराव उसलापुर रेलवे स्टेशन में अभी 17 ट्रेनों का ठहराव है। इनमें आठ नियमित ट्रेनें हैं। अन्य ट्रेनें साप्ताहिक हैं। इन ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी। इससे यात्री भी बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए ही रेल प्रशासन सुविधाओं में विस्तार कर रहा है।

भोपाल से रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन का संचालन16 जनवरी से शुरू होगा

 भोपाल  उत्तर प्रदेश प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तो वही दूसरी तरफ पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। जिसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई हैं।  स्पेशल ट्रेनों का संचालन इंदौर से 21 जनवरी 2025 से होगा। तो वही रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से शुरू होगा। जिसको लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। महाकुंभ  26 फरवरी तक चलेगा। 45 दिन तक चलने वाले इस  महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। जिसको देखते हुए रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ऐसे होगा स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1- रानी कमलापति-बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को संचालित होगी। ट्रेन रानी कमलापति से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी। शाम को जबलपुर और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुंचेगी। 2- बनारस-रानीकमलापति स्पेशल ट्रेन (01662) से 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन भोर में जबलपुर और फिर आरकेएमबी सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी। 3- सोगरिया-बनारस स्पेशल ट्रेन (09801) 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन सोगरिया स्टेशन से सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन सुबह 10.15 बजे बनारस पहुंचेगी। 4- बनारस-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (09802) 18 जनवरी से 19 फरवरी तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस स्टेशन से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इन स्टेशनों से गुजेरेगी गाड़ी रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रानीकमलापति, मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी एवं सोगरिया-बनारस-सोगरिया कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रूठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मूंगावली स्टेशन से होकर गुजरेगी। महाकुंभ मेला में जाने के लिए अंचल के यात्रियों को दपूमरे की स्पेशल ट्रेन का भी लाभ मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल (दपूमरे) तीन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अंचल के अन्य जिलों के श्रृद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी। दपूमरे की बिलासपुर-प्रयारागज छिवकी-वाराणसी स्पेशल ट्रेन (08253/54) रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर चलेगी। इसके अतिरिक्त रायगढ़-वाराणसी (08251/52) और दुर्ग-वाराणसी (08791/92) स्पेशल ट्रेन बिलासपुर-अनूपपुर-शहडोल, उमरिया, कटनी होकर संचालित होगी  

रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया

भोपाल कड़ाके की ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल इंतजाम किया है। रेलवे ने लोगों को बैठकर यात्रा करने के लिए जनरल कोच बढ़ाने का फैसला लिया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया है। इन 28 ट्रेनों में अब 2 की बजाय 4 जनरल कोच(Railways increased genral coaches) होंगे। भोपाल रेल मंडल ने बताया कि सामान्य कोच में सफर करने वाले रेल यात्रियों की संया को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। 28 ट्रेनों में बढ़ी जनरल कोच की संख्या -11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस -22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस -12192/12191 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस -12121/12122 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस -11449/11450 जबलपुर-श्री माता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस -12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस -12189/12190 जबलपुर-हजरत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस -12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस -19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस -19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस -22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस -11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस

पश्चिम मध्य रेलवे ने 14 जोड़ी रेलगाड़ियों में सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या अब अनिवार्य रूप से 04 कर दी

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा रेलवे सामान्य श्रेणी के यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रेलगाड़ियों में द्वितीय सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या में विस्तार किया गया है। इससे सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली 14 जोड़ी यानि 28 महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों में सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या अब अनिवार्य रूप से 04 कर दी गई हैं। जिन गाड़ियों में जनरल कोच लगे है उनमें:- भोपाल मंडल सहित मध्य प्रदेश की इन ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाई     गाड़ी संख्या 19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस (वाया इटारसी),     गाड़ी संख्या 11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस (वाया कटनी मुड़वारा),     गाड़ी संख्या 22181/22182 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12192/12191 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12121/12122 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर एमपी सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 11449/11450 जबलपुर-श्रीमाता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12189/12190 जबलपुर-हज़रत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस,     गाड़ी संख्या 12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। इन सभी गाड़ियों में 4 -4 जनरल कोच लगाने से साधारण श्रेणी के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

वैक्यूम ट्यूब और प्रेशराइज्ड व्हीकल तकनीक से न्यूयॉर्क-लंदन का सफर मात्र 54 मिनट में होगा पूरा, 19 ट्रिलियन डॉलर का सपना होगा पूरा?

वॉशिंगटन अमेरिका और यूके के बीच हवाई यात्रा करने में 8 घंटे का समय लगता है। लेकिन कल्पना कीजिए यह यात्रा आप एक ही घंटे में पूरी कर सकें। एक प्रस्तावित ट्रांसअटलांटिक टनल न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ेगी और यह भविष्य की एक शानदार योजना हो सकती है। 4828 किमी लंबी ट्रांस-अटलांटिक ट्रेन सुरंग बनाने का कॉन्सेप्ट सामने आया है। संभव है कि किसी दिन टेक्नोलॉजी इतनी आगे पहुंच जाए कि यह कॉन्सेप्ट सच हो जाए। यह प्रस्ताव नया नहीं है, लेकिन इसके निर्माण की लंबाई और आवश्यक धनराशि के कारण इसे एक बार असंभव माना गया था। वैक्यूम ट्यूब टेक्नोलॉजी से लेकर प्रेशर व्हीकल का विकास हुआ है। ऐसे में एक बड़ी कीमत के साथ यह कॉन्सेप्ट सच साबित हो सकता है। हवाई यात्रा से दोनों शहरो के बीच 8 घंटे के सफर की तुलना में सिर्फ 54 मिनट का सफर पूरा करना बेहद आकर्षक लग सकता है। लेकिन इसकी लागत ही सुरंग बनने के रास्ते का रोड़ा है। बनाने में कितना आएगा खर्च इस सुरंग की अनुमानित लागत 19.8 ट्रिलियन डॉलर है। फ्रांस और इंग्लैंड को जोड़ने वाली चैनल टनल 37.8 किमी लंबी है, जो छह साल में बनकर तैयार हुई। लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ने वाली इस सुरंग को बनाने में बहुत अधिक समय और धन लगेगा। यह पर्यावरण के अनुकूल भी हो सकता है और हवाई यात्रा से होने वाले भारी वायु प्रदूषण में कटौती कर सकता है। वहीं जिस तरह की ट्रेनों का कॉन्सेप्ट दिया गया है उसके रास्ते में हवा प्रतिरोध नहीं होगा, जिस कारण इसकी गति 4828 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। वैक्यूम के कारण तेज चलेगी ट्रेन? यह टेक्नोलॉजी सुपरलूप ट्रेनों की तरह है, जिसका स्विस इंजीनियरों ने परीक्षण किया और दावा किया कि यह यात्रा का भविष्य बदल सकता है। वर्षों से कई और लोगों ने हाइपरलूप ट्रेन विकसित करने की कोशिश की है, जिसमें नाकामयाबी मिली है। सबसे बड़ी बाधा वैक्यूम सिस्टम, कैप्सूल प्रोपल्शन सिस्टम, स्केलेबिलिटी, सुरक्षा और आर्थिक व्यवहार्यता को बनाए रखना शामिल है।

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने रेलवे धौलपुर से बीना के बीच ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बना रहा , अब गति होगी 160 किमी

भोपाल रेल प्रशासन ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में वंदेभारत, शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 160 किमी होगी। इससे भोपाल व दिल्ली जाने वाले यात्रियों के 25 से 30 मिनट तक की बचत होगी। अभी दिल्ली से आगरा तक रेल ट्रैक की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की है। यहां गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेन 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। वंदेभारत व शताब्दी एक्सप्रेस भी इसी स्पीड से इस सेक्शन में दौड़ रही है। धौलपुर से बीना तक 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। ट्रेनों की स्पीड बाधित न इसके लिए बाउंड्रीवाल बन रही हाईस्पीड सहित एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड बाधित न हो इसके लिए झांसी मंडल के अंतर्गत धौलपुर से बीना के बीच रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बनाने का काम चल रहा है जहां अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। बताया जा रहा है लगभग 200 किमी रेल ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल नहीं है। जिसके चलते मवेशी ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। इससे ट्रेनों की स्पीड बाधित होती है। ट्रैक पर लगाए जा रहे दिशा बदलने वाले स्विच झांसी मंडल ने रेलवे ट्रैक पर टीडब्ल्यूएस (थिक वेब स्विच) लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लगने पर ट्रेनों की स्पीड के साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी। साथ ही आने वाले दिनों में ट्रेनों की स्पीड 130 से बढ़कर 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक हो जाएगी। साथ ही लूप लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 50 किमी तक हो जाएगी। समय बचेगा: भारतीय रेल मिशन 160 किमी. प्रति घंटे पर कार्य कर रही है. वर्तमान में एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है. वहीं, शताब्दी, वंदेभारत, गतिमान और राजधानी जैसी ट्रेनों की गति को 130 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा करने की योजना है. इसके लिए रेलवे ट्रैक को मजबूत और तकनीक को अपग्रेड कर रहा है. गति बढ़ने से दिल्ली और भोपाल जैसे प्रमुख गंतव्यों के यात्रियों का यात्रा समय 25 से 30 मिनट तक कम हो जाएगा. ट्रैफिक नहीं रोकना होगा: वर्तमान में रेल दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में यातायात को रोकना पड़ता है, लेकिन तीसरी लाइन के शुरू होने से ट्रेनों को इस अतिरिक्त लाइन पर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे यातायात बाधित नहीं होगा. ओवर ट्रैफिक में कमी: तीसरी लाइन ओवर ट्रैफिक की समस्या को दूर करेगी। फिलहाल, एक ट्रेन रुकने पर पीछे की ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। नई लाइन बनने से ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों को डायवर्ट करके सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा। यात्री ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ेगी: तीसरी लाइन पर मालगाड़ियों का संचालन होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में अधिक गति और पंक्‍चुलिटी होगी. बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा गति करने का है लक्ष्य 412 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर चल रहा काम : बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश राज्य में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के लगभग 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेलवे ट्रैक पर काम चल रहा है. प्रधानखंटा से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक 412 किलोमीटर में से 231 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 200 किलोमीटर में से 110 किलोमीटर रेलवे ट्रैक फेंसिंग का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा किया जा चुका है. शेष 90 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा. धनबाद रेल मंडल में आने वाले 175 किलोमीटर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड में सें 25 किलोमीटर लंबे घाट सेक्शन छोड़कर शेष 150 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग की जानी है. इनमें से अब तक 121 किलोमीटर का कार्य प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंटेड स्लैब लगाकर पूरा हो चुका है. बाकी बचे 29 किलोमीटर का कार्य क्रैस बैरियर लगाकर अगस्त 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है. कई ट्रेनों को मिलेगा हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा : गोमो. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग का कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर कई ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जायेगी. वहीं कई ट्रेनों को हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा मिल जायेगा. जानकारी के अनुसार ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस तथा दुरंतो एक्सप्रेस को पहले हाई स्पीड का दर्जा प्राप्त था. इसे चलाने के लिए दो लोको पायलट मेल को डयूटी पर लगाया जाता था. रेलवे ने करीब डेढ़ से दो साल पहले उक्त ट्रेनों से हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा छीन लिया. इस कारण इन ट्रेनों में अब एक लोको पायलट मेल के साथ एक सहायक लोको पायलट को डयूटी पर लगाया जा रहा है. क्योंकि रेलवे अब 130 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को ही हाई स्पीड ट्रेन मान रहा है. रेल पटरी के दोनों ओर फेंसिंग कार्य पूरा होते ही ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का रफ्तार बढ़ा कर हाई स्पीड ट्रेन का दर्जा दे दिया जायेगा. मालूम हो कि झांसी की ओर राजधानी एक्सप्रेस 140 किमी/घंटे के रफ्तार से फर्राटे भर रही है.  

महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को बांद्रा की ओर रवाना होगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर  शीतकालीन अवकाश के दौरान ट्रेनों में यात्री दबाव अत्यधिक होता है। इसके चलते लंबी वेटिंग शुरू हो जाती है। रतलाम मंडल द्वारा इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में वेटिंग कम करने के लिए 11 दिसंबर से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। महू-बांद्रा के बीच चलने वाली यह ट्रेन 11 दिसंबर से दो जनवरी तक दोनों ओर से सात-सात फेरे लगाएगी। महू से यह प्रति बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन की बुकिंग सोमवार से शुरू हो जाएगी। महू से बुधवार और शनिवार को चलेगी महू-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल (09302) ट्रेन बुधवार और शनिवार को रात नौ बजे महू से रवाना होकर 9.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। यहां से देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम होकर अगले दिन दोपहर 12.30 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 11 दिसंबर से एक जनवरी तक संचालित होगी। बांद्रा से गुरुवार और रविवार को चलेगी इसी तरह बांद्रा टर्मिनस-महू स्पेशल (09301) ट्रेन प्रति गुरुवार और रविवार दोपहर 3.45 बजे रवाना होगी अगली सुबह 6.50 बजे इंदौर और 7.30 बजे महू पहुंचेगी। यह ट्रेन 12 दिसंबर से 2 जनवरी तक संचालित होगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वड़ोदरा, भरूच, उधना, वापी और बोरीवली में ठहरेगी। ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकंड क्लास कोच होंगे। फतेहाबाद स्टेशन पर तीन लिफ्ट शुरू रतलाम मंडल के फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तीन लिफ्ट रविवार से शुरू हो गई। लिफ्ट का शुभारंभ सांसद शंकर लालवानी और अनिल फिरोजिया ने किया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनी इन लिफ्ट में 20 यात्रियों को ढोने की क्षमता है। लिफ्ट शुरू होने से वरिष्ठ व बीमार यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में सुविधा होगी। वहीं आम यात्रियों को भी भारी सामान लेकर आने-जाने में सहूलियत होगी। कार्यक्रम में डीआरएम रजनीश कुमार सहित अन्य रेल अफसर मौजूद थे।

प्रयागराज महाकुंभ के लिए रेलवे ने कसी कमर, 40 करोड़ तीर्थयात्री आने का अनुमान, रेलवे ने बनाया फुलप्रूफ प्लान

 प्रयागराज भारतीय रेलवे ने अगले साल प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रेलवे का अनुमान है कि इस मेगा इवेंट में करीब 40 करोड़ तीर्थयात्री हिस्सा लेंगे। यह आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। रेलवे इस दौरान 140 नियमित ट्रेनों के साथ 1,225 विशेष ट्रेनें भी चलाएगा। जिनमें से अधिकतर स्नान के मुख्य दिनों के लिए होंगी। तीर्थयात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था रेलवे ने अयोध्या और वाराणसी जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज, प्रयाग, अयोध्या, वाराणसी, और रामबाग जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने के लिए फास्ट रिंग मेमू सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। चित्रकूट जाने वालों के लिए एक अलग रिंग रेल सेवा चलाई जाएगी, जो झांसी, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी और उरई को कवर करेगी। ट्रेनों की संख्या 1,225 विशेष ट्रेनों में से 825 ट्रेनें छोटी दूरी की यात्रा के लिए और 400 लंबी दूरी के लिए होंगी। यह 2019 के अर्धकुंभ के मुकाबले 177% ज्यादा है, जब 533 छोटी दूरी की और 161 लंबी दूरी की ट्रेनें चलाई गई थीं। तीर्थयात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने 1800-4199-139 टोल-फ्री नंबर जारी किया है। इसके अलावा, “कुंभ 2025” नाम का मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है, जो 24×7 कॉल सेंटर से जुड़ा होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश रेलवे इस आयोजन के लिए 933.62 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसमें 494.90 करोड़ रुपये यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और 438.72 करोड़ रुपये सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए रखे गए हैं। प्रयागराज जंक्शन पर 4,000 लोगों की क्षमता वाला एक अतिरिक्त यात्री शेड तैयार किया जा रहा है। टिकटिंग और सुरक्षा रेलवे मेला क्षेत्र सहित सभी स्टेशनों पर 542 टिकट काउंटर लगाएगा, जो रोजाना करीब 9.76 लाख टिकट जारी कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 कैमरे एआई-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस होंगे। 900 करोड़ से ज्यादा खर्च कर रहा रेलवे प्रवक्ता ने कहा कि रेलवे 933.62 करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है, जिसमें यात्री सुविधाओं में वृद्धि के लिए 494.90 करोड़ रुपए और सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए 438.72 करोड़ शामिल हैं. नए स्टेशन भवन और सीसीटीवी व्यवस्था सहित 79 यात्री सुविधाओं पर काम चल रहा है. एक अतिरिक्त यात्री घेरा, जो 4,000 यात्रियों को समायोजित कर सकता है, प्रयागराज जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा. ऐसे चार बाड़े पहले से ही स्टेशन पर उपलब्ध हैं. 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध सभी स्टेशनों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में कुल 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराए गए हैं. प्रवक्ता ने कहा कि ये काउंटर प्रतिदिन 9.76 लाख टिकट वितरित कर सकते हैं. रेलवे सुरक्षा बल 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है. इनमें से लगभग 100 कैमरों में उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए एआई-बेस्ड फेस रिक्ग्निशन सिस्टम होगा.  

कोहरे से निपटने ट्रैक मैन को सिग्नल क्लियर करने पटाखे दिए, वहीं कुछ खास डिवाइस का इस्तेमाल भी किया जा रहा

भोपाल  ठंड की दस्तक के साथ कोहरा अपना असर दिखाता है, जिससे रेल की रफ्तार में बाधा खड़ी होती है। भोपाल रेल मंउल में बाधा रहित ट्रेन संचालन के लिए आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, ट्रैकमैन को पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं। दरअसल, ट्रेन के परिचालन में कोहरा बाधा खड़ी करता है, कोहरे के दौरान दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे लोको पायलट के लिए सिग्नल और ट्रैक की स्थिति का सही तरीके से आकलन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में फॉग सेफ डिवाइस को लोको पायलट की मदद के लिए डिजाइन किया गया है। यह उपकरण सिग्नल की सटीक जानकारी देता है। साथ ही अलग स्थानों पर लगे सिग्नल को विशेष रूप से चेतावनी के साथ बताता है, जिससे ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और निर्बाध रूप से हो सके। इस डिवाइस का होगा इस्तेमाल फॉग सेफ डिवाइस एक जीपीएस आधारित उपकरण है, जो लोको पायलट को उनके मार्ग पर सिग्नलों और अन्य प्रमुख स्थानों की जानकारी देता है। यह उपकरण सिग्नल की दूरी और ट्रेन की गति को स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। इसके अलावा, यह लोको पायलट को अलर्ट भी देता है, जब ट्रेन किसी सिग्नल के करीब होती है। पटाखे से होगा सिग्नल क्लियर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि लोको पायलट को कोहरे के समय फॉग सेफ डिवाइस के साथ ट्रेनों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे अथवा जरुरत के मुताबिक रफ्तार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सिग्नल की सूचना दर्शाने वाले बोर्ड पर चमकीली पट्टी लगाई जा रही है। इसके अलावा स्टेशन मास्टर को विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट (वीटीओ) के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। इससे लोको पायलट को स्टेशन पास होने की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा ट्रैकमैन द्वारा लोको पायलट को रास्ते में सिग्नल होने की चेतावनी देने के लिए पटाखे का उपयोग करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त मात्रा में पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं।

नए साल से बदले जाएंगे 124 ट्रेनों के नंबर, रेलवे ने जारी की सूची

बिलासपुर एक जनवरी से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 124 ट्रेनों का नंबर बदल जाएगा। जिनमें 24 ट्रेनें बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें शामिल हैं। कोरोनाकाल से यह ट्रेनें स्पेशल बनकर चल रहीं थी। इस वजह से नंबर भी बदल दिया गया था। लेकिन, अब स्थिति सामान्य हो गई है। इसलिए रेलवे ने इन ट्रेनों को पुराने नंबर से चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे ने यात्रियों के सुविधाओं का ध्यान रखते हुए एक महीने पहले से ही उन 124 ट्रेनों की सूची जारी कर दी है। बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें ट्रेन इस नंबर से चलेंगी     08210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर स्पेशल     58210 – 08261 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर स्पेशल     58201 – 08262 रायपुर- बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल     58202 – 08263 टिटलागढ़ -बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल     58213 – 08264 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर स्पेशल     58214 -08719 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल     68719 – 08721 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू स्पेशल     68721 – 08727 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल     68727 – 08731 कोरबा-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68731 – 08732 बिलासपुर-कोरबा मेमू स्पेशल     68732 – 08733 गेवरारोड -बिलासपुर मेमू स्पेशल     68733 – 08734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल     68734 – 08735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68735 – 08736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल     68736 – 08737 रायगढ़- बिलासपुर मेमू स्पेशल     68737 – 08738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल     68738- 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68739 – 08740 बिलासपुर- शहडोल मेमू स्पेशल     68740 – 08745 गेवरारोड -रायपुर मेमू स्पेशल     68745 – 08746 रायपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल     68746- 08747 बिलासपुर-कटनी मेमू स्पेशल     68747 – 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68748 – 08861 गोंदिया -झारसुगुडा मेमू स्पेशल     68861 – 08862 झारसुगुडा-गोंदिया मेमू स्पेशल – 68862

रेलवे की भर्ती परीक्षा के लिए कोटा से ग्वालियर के बीच स्पेशल ट्रेन, यहां पर देखें समय सारणी

कोटा  रेलवे की भर्ती परीक्षाएं कोटा में आयोजित होने वाली हैं. इसी की तैयारी को लेकर रेलवे ने अब विशेष ट्रेन चलाई है. यह ट्रेन कोटा से ग्वालियर के बीच आने और जाने का एक-एक फेरा करेगी. कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि 25 नवंबर को कोटा से 09801 कोटा ग्वालियर ट्रेन रवाना होगी. वहीं वापसी में यह ट्रेन 09802 ग्वालियर से कोटा के बीच 26 नवंबर मंगलवार को रवाना होगी. इसी तरह से कोटा से 27 नवम्बर को 09803 ग्वालियर जाएगी, जबकि वापसी में 28 नवम्बर को 0904 आएगी. इस ट्रेन में 6 स्लीपर, चार सामान्य, एक एसएलआर और एक जनरेटर कोच होगा. यह ट्रेन कोटा से बीना होते हुए झांसी और ग्वालियर जाएगी. कोटा और ग्वालियर को मिलकर 9 स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा. कोटा से ग्वालियर ट्रेन की समय सारणी:     कोटा से रवानगी – रात 9:25     बारां – रात 10:13     छबड़ा गुगोर – रात 23:00     रुठियाई – रात 12:05     गुना – रात12:30     अशोकनगर – रात 1:30     बीना – रात 3:40     वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी- सुबह 07:05     ग्वालियर – सुबह 9:25 ग्वालियर से कोटा ट्रेन की समय सारणी     ग्वालियर से रवानगी – सुबह 10:25     वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) – दोपहर 13.20     बीना – शाम 6:00     अशोक नगर – शाम 7:45     गुना – रात 09:05     रूठियाई – रात 09:50     छबड़ा गुगोर – रात 10:31     बारां – रात 11:43     कोटा – रात 02:00 रेलवे भर्ती परीक्षार्थियों के लिए उक्त ट्रेनें कोटा-ग्वालियर के बीच बारां, छबरा गुगोर, रूठियाई, गुना, अशोकनगर, बीना एवं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) स्टेशनों पर रुकेंगी। दोनों परीक्षा स्पेशल ट्रेनें कोटा से रात 21.25 बजे प्रस्थान कर बारां 22.13 बजे आगमन, छबरा गुगोर 23.00 बजे आगमन, रूठियाई 00.05 बजे आगमन, गुना 00.30 बजे आगमन, अशोकनगर 01.30 बजे आगमन, बीना 03.40 बजे आगमन एवं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई(झांसी) 07.05 बजे आगमन कर अगले दिन सुबह 09.25 बजे ग्वालियर पहुंचेंगी। वापसी में ग्वालियर से सुबह 10.25 बजे प्रस्थान कर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) दोपहर 13.20 बजे, बीना 18.00 बजे, अशोकनगर 19.45 बजे, गुना 21.05 बजे, रूठियाई 21.50 बजे, छबरा गुगोर 22.31 बजे बारां 22.43 बजे आगमन कर रात 02.00 बजे कोटा पहुंचेंगी। कोटा से ग्वालियर के बीच चलने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के एसी कोच पूरी तरह से लॉक रहेंगे। इस बारे में संबधित स्टेशनों को जानकारी दे दी गई है। यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की सटीक जानकारी स्टेशन, एनटीईएस अथवा रेल मदद 139 से प्राप्त करें।

चलता-फिरता 7 स्‍टार होटल रेलवे चलाने जा रहा है, ट्रेन में स्‍पा कराइए, जिम जाइए या वाइन/ बीयर पीजिए, सबकुछ मिलेगा

 भोपाल  भारतीय रेलवे और IRCTC की लग्जरी ट्रेनों में से एक गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन एकबार फिर ट्रैक पर उतरने को तैयार है। कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली Golden Chariot Luxury Tourist Train इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। ट्रेन में 13 डबल बेड केबिन, 26 ट्विन बेड केबिन और दिव्यांग मेहमानों के लिए 1 केबिन है। 40 केबिन वाले इस शाही ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं।      इस ट्रेन का नाम गोल्डन चैरियट है जिसका मतलब होता है स्वर्ण रथ। यात्रियों को शाही फील देने के लिए ट्रेन के सभी आलीशान केबिन एयर कंडीशनर और वाई-फाई से लैस हैं। सभी केबिन में गद्देदार फर्नीचर, लग्जरियस बाथरूम, आरामदायक बेड, शानदार टीवी जिसमें कई ओटीटी के मजे लिए जा सकते हैं। ट्रेन में सैलून का भी खास इंतजाम है।    गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन में देशी और विदेशी व्यंजनों का विशेष प्रबंध किया गया है।जिसके लिए रुचि और नालापक नाम के दो बेहतरीन रेस्तरां हैं। जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन इंटरनेशनल ब्रांडों के क्रॉकरी और कटलरी में परोसे जाएंगे। इसके साथ ही बार में बेहतरीन और ब्रांडेड वाइन, बीयर और मदीरा मौजूद है।    यात्रियों की सेहत और आरामदायक सफर के लिए इस गोल्डन चैरियट ट्रेन में आरोग्य स्पा भी हैं, जहां स्पा थेरेपी समेत कई स्पा का आनंद लिया जा सकता है। यही नहीं सेहत का ख्याल रखने के लिए एक हाइटेक जिम भी है जहां वर्काउट के लिए बेहद आधुनिक एक्सरसाइज मशीने हैं। मेहमानों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी ट्रेन सीसीटीवी कैमरे और फायर अलार्म सिस्टम से लैस है। पूरी ट्रेन किसी 7 स्टार होटल से कम नहीं है।    लग्जरी ट्रेन 5 रातें और 6 दिन गुजारने के लिए आपको मात्र 4,00,530 और 5% GST देना होगा। जिसमें रहना, खाना, शराब, प्रवेश टिकट, गाइड आदि शामिल है। अधिक जानकारी के लिए www.goldenchariot.org वेबसाइट पर विजिट करें या फिर goldenchariot@irctc.com पर अपने सवाल भेजें। साथ ही +91 8585931021 पर भी संपर्क किया जा सकता है।   7 स्टार होटल की सारी खूबियों से लैस ट्रेन कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली गोल्डन चैरियट लग्जरी टूरिस्ट ट्रेन (Golden Chariot Luxury Tourist Train) इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। इस लग्जरी ट्रेन में गेस्ट के लिए 13 डबल बेड वाले केबिन और 26 ट्विन बेड के केबिन हैं। इसके साथ ही दिव्यांग मेहमानों के लिए भी केबिन है। 40 केबिन से साथ दौड़ने को तैयार इस शाही ठाठ वाली ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं। 2024-25 के लिए रुट:- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर बांदीपुर, मैसूर, हलेबिदु, चिकमंगलूर, हम्पी, गोवा और वापस बेंगलुरु। दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर मैसूर, कांचीपुरम, महाबलीपुरम, तंजावुर, चेट्टीनाड, कोचीन, चेरतला और वापस बेंगलुरु। 14 दिसंबर, 2024- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 21 दिसंबर, 2024-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 4 जनवरी, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 1 फरवरी, 2025 -कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 15 फरवरी, 2025-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 1 मार्च, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन)।

स्पेशल ट्रेन लेट होने से भड़के यात्री, इंजन की खिड़की का कांच तोड़ लाको पायलट से की अभद्रता

 जबलपुर ट्रेन की धीमी रफ्तार, यात्रियों का तनाव और गुस्सा बढ़ा रही है। यहां तक की यात्री अब अपने गुस्से को ट्रेन और रेल कर्मचारियों पर निकाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जबलपुर के मदनमहल स्टेशन में सामने आया। ज्‍यादा रुकने की वजह से यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा मदनमहल स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने ट्रेन लेट होने का गुस्सा ट्रेन के इंजन और कर्मचारियों पर निकाला। घटना 15 नवंबर की बताई जा रही है। ट्रेन के समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचने और कई स्टेशनों पर अधिक समय तक रुकने की वजह से यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए तत्काल ट्रेन तो रवाना कर दी इस दौरान कुछ यात्रियों ने ट्रेन के इंजन की खिड़की का कांच फोड़ दिया गया। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए तत्काल ट्रेन तो रवाना कर दी और घटना को दबा दिया गया। हरकत में आए रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी     इस बीच एक यात्री ने घटना की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दी     फोटो वायरल होने से हरकत में आए रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी है।     ट्रेन नंबर 06563 हाली डे स्पेशल ट्रेन 12 नंवबर को बैंगलुरू से रवाना हुई थी।     धीमी रफ्तार और कई स्टेशनों पर घंटों रुकने की वजह से ट्रेन के यात्री नाराज हुए। कई बार विरोध जताने के बाद यात्रियों का गुस्‍सा सातवें आसमान पर यात्रियों ने कई बार विरोध जताया। ट्रेन जब 15 नवंबर की सुबह 7.30 बजे मदन महल स्टेशन आकर खड़ी हुई। ट्रेन को करीब आधे घंटे तक खड़ा रखा, जिससे यात्री नाराज हुए और उन्होंने स्टेशन पर हंगामा कर दिया। इसी बीच में कुछ यात्रियों ने लोको इंजन की खिड़की के एक तरफ का कांच फोड़ दिया। लोको पायलट ने किसी तरह से ट्रेन को आगे रवाना किया हंगामा के बीच लोको पायलट ने किसी तरह से ट्रेन को आगे रवाना किया और इसकी सूचना कंट्रोल को भेजी। जबलपुर स्टेशन को रेलवे अधिकारियों ने अटेंंड कर सुरक्षित आगे के लिए रवाना किया। इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीर सामने आने के बाद मामला खुला मामले का ठंडा कर दिया। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीर सामने आने के बाद रेलवे हरकत में आया और अब ट्रेन लेट करने वाले रेलवे कर्मचारी और यात्रियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

नौराजाबाद स्टेशन में तीसरी लाइन जोड़ने का कार्य, कटनी-शहडोल मार्ग पर रेल यातायात रहेगा प्रभावित, 20 ट्रेनें निरस्त

जबलपुर  बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस एवं जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें 21 नवंबर से 30 नवंबर के मध्य निरस्त की गई है। इस दौरान बिलासपुर रेल मंडल के नौराजाबाद स्टेशन में तीसरे रेल लाइन जोड़ने का कार्य होगा। ट्रेन को गोंदिया-नैनपुर-जबलपुर-कटनी होकर चलाया जाएगा इस दौरान बिलासपुर-शहडोल-कटनी होकर चलने वाली बरौनी-गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस (15231/32) परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। 23 से 29 नवंबर के मध्य ट्रेन को गोंदिया-नैनपुर-जबलपुर-कटनी होकर चलाया जाएगा। रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से ट्रेनों के परिचालन की स्थिति जानें रेलवे की ओर से अचानक ट्रेन निरस्त किए जाने से यात्रियों को झटका लगा है। पश्चिम मध्य रेल की आेर से यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से ट्रेनों के परिचालन की स्थिति की जानकारी लेकर यात्रा आरंभ करने का परामर्श जारी किया गया है। पश्चिम मध्य रेल की यह गाड़ियां निरस्त…     23 नवंबर से दो दिसंबर – 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस।     21 से 30 नवंबर – 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस।     23 से 30 नवंबर – 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस।     24 नवंबर से एक दिसंबर – 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस।     22 से 30 नंवबर – 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस।     23 नवंबर से एक दिसंबर – 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस।     25, 27 एवं 29 नवंबर – 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस।     26, 28 एवं 30 नवंबर -11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस।     23 से 30 नवंबर – 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस।     24 नवंबर से एक दिसंबर – 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस। अभी वैवाहिक सीजन चल रहा, नियमित सीधी ट्रेन है जबलपुर से अंबिकापुर और उज्जैन के लिए इंटरसिटी और नर्मदा एक्सप्रेस ही नियमित सीधी ट्रेन है। अभी वैवाहिक सीजन चल रहा है। ट्रेनों का परिचालन निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई विवाह कार्यक्रमों के लिए कई यात्रियों ने पहले से सीट आरक्षित कराया था। वैवाहिक तिथियों के दौरान ही ट्रेनों का परिचालन निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इन ट्रेनों का परिचालन भी रहेगा प्रभावित…     23 नवंबर से एक दिसंबर – 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस।     22 से 30 नवंबर – 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस।     25 एवं 28 नवंबर – 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस।     26 एवं 29 नवंबर – 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस।     26 एवं 29 नवंबर – 22867 दुर्ग-नज़मुद्दीन एक्सप्रेस।     27 एवं 30 नवंबर – 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस।     24 एवं 26 नवंबर – 18203 दुर्ग-कानपूर एक्सप्रेस।     25 एवं 27 नवंबर – 18204 कानपूर-दुर्ग एक्सप्रेस।     24 नवंबर – 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस।     25 नवंबर – 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस। जबलपुर-हावड़ा 11447 शक्तिपुंज एक्सप्रेस रीशेड्यूल जबलपुर-हावड़ा 11447 शक्तिपुंज एक्सप्रेस सोमवार को रीशेड्यूल की गई। हावड़ा से जबलपुर आने वाली गाड़ी सोमवार को विलंब से पहुंची थी। रैक रखरखाव और सफाई के बाद देर रात को ट्रेन प्लेटफार्म पर वापस पहुंची। अपने निर्धारित समय रात 22:20 बजे के स्थान पर लगभग दो घंटे के विलंब से गंतव्य को रवाना हुई। आसपास के नगरों से आए यात्री ट्रेन के रीशेड्यूल किए जाने से परेशान हुए। पमरे को सात में 1414 करोड़ का राजस्व पश्चिम मध्य रेल ने इस वित्तीय वर्ष के सात माह में 1414 करोड़ 65 लाख रुपये का आेरिजनेटिंग राजस्व अर्जित किया है। महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन के निर्देशन में वाणिज्य/परिचालन विभाग ने राजस्व प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास किए। यात्री यातायात से 629 लाख 6 हजार बुक किए गए यात्रियों से 1414 करोड़ 65 लाख रूपये आरिजनेटिंग राजस्व अर्जित किया, जो गत वर्ष इसी अवधि में यात्री यातायात से 1393 करोड़ 3 लाख रुपये की तुलना में राजस्व दो प्रतिशत अधिक है।

अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई

भोपाल मध्य प्रदेश में स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों के लिए रेलवे विभाग की ओर से ‘मेरी सहेली ऑपरेशन’ चलाया जा रहा है. रेलवे की ओर से इस अभियान का उद्देश्य महिला यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सहायता पहुंचाना है. ऑपरेशन मेरी सहेली से अभी तक रेलवे ने 38 हजार 188 महिला यात्रियों की सहायता की है. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बल ने ऑपरेशन मेरी सहेली की पहल की है. इस ऑपरेशन का उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करता है और किसी भी तरह की मुसीबत से उनकी रक्षा करनी है. इस अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने कई तरह के विशेष प्रबंध भी किए हैं, ताकि महिला यात्री यात्रा के दौरान किसी भी तरह से असहज महसूस न करें. इसके अतिरिक्त आरपीएफ ने महिला यात्रियों को सुरक्षा के उपायों और जागरूकता के बारे में भी जानकारी दी है, ताकि उनपर किसी भी तरह का कोई संकट न आए. 38 हजार महिला यात्रियों की मदद ऑपरेशन मेरी सहेली अभियान से लगातार महिला यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है. कोई भी महिला किसी भी संकट से बचने के लिए इस अभियान का में हिस्सा ले सकती है. यही कारण है कि इस अभियान के जरिए महिला यात्री जागरूक हुई हैं और अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई है. मददगार है ‘मेरी सहेली ऑपरेशन’     विशेष सुरक्षा प्रबंध- रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों को विशेष सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है. रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों के लिए महिला आरपीएफ कर्मी भी तैनात किए गए हैं और ट्रेन में महिला गार्ड की व्यवस्था की गई है.     जागरूकता और प्रशिक्षण- महिला यात्री को सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को बताया जा रहा है. इसके अलावा आरपीएफ कर्मी महिलाओं को सुरक्षा उपायों, जैसे कि चोरी, छेड़छाड़ और आपातकालीन स्थिति में किस तरह से मदद प्राप्त करनी है, इन सभी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है.     तत्काल समाधान और सहायता- महिला यात्रियों को किसी भी तरह की मुसीबत में तत्काल और त्वरित समाधान सुनिश्चित कराई जाती है. आरपीएफ ने यात्रियों की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला एक विशेष नंबर भी जारी किया है, ताकि कोई भी यात्री किसी भी तरह की मुसीबत में हेल्पलाइन नंबर पर सहायता मांगे.     आपातकालीन संपर्क- आरपीएफ की ओर से महिला यात्रियों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. जिसमें यात्री किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें.     परिवार को सूचना देना- महिला यात्री को इस अभियान में यह भी सलाह दी जाती है कि किसी भी यात्रा के दौरान यात्रा की जानकारी परिवार के सदस्य के साथ भी साझा करनी चाहिए, ताकि अप्रत्याशित स्थिति में घरवालों से सूचित किया जा सके. आरपीएफ की अपील रेलवे सुरक्षा बल ने महिला यात्रियों से अपील की है वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहें और किसी भी समस्या में आरपीएफ से तुरंत संपर्क करें. आरपीएफ की विशेष हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों का सही उपयोग करके महिला यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित करें और किसी भी तरह की स्थिति में अपना आत्मविश्वास न खोएं. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान महिला यात्री अपने सामान और स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान दें. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सावधान रहें. किसी भी तरह की समस्या होने पर आरपीएफ या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जानकारी दें.

रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानियां, रेलवे ने रद्द किया 49 ट्रेनें, यात्रा करने से पहले देख ले लिस्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ से ट्रेन में सफर करना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए। रेलवे ने एक साथ 49 ट्रेनों के रद्द कर दिया है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी ट्रेन से सफर करने का सोच रहे हैं तो ये खबर जरूर पढ़ लें।  मध्यप्रदेश और यूपी के लिए चलने वाली 24 ट्रेनें 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक अलग-अलग दिनों में कैंसिल की गई हैं। इससे पहले भी 16 से 20 नवंबर तक 25 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। दरअसल, बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 24 से 30 नवंबर तक बिलासपुर-कटनी सेक्शन के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का काम किया जाएगा, जिसके फलस्वरूप रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। वहीं 2 ट्रेनों का रूट बदल दिया है। नई लाइन का काम किया जा रहा रेल प्रशासन ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। बिलासपुर-कटनी रेल लाइन इस रेलवे की एक महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल मार्ग है, जो उत्तर भारत से जोड़ती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल परिचालन को बेहतर बनाने और नई गाड़ियां शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए नई लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। तीसरी लाइन से जोड़ने यार्ड रिमॉडलिंग का काम बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बिलासपुर-कटनी सेक्शन के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमॉडलिंग का काम होगा। यह काम 24 से 30 नवंबर तक किया जाएगा। रद्द होने वाली ट्रेनें    22 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से चलने वाली 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 1 दिसंबर तक इंदौर से चलने वाली 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 21 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18236 बिलासपुर –भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 02 दिसंबर तक भोपाल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 से 30 नवंबर तक जबलपुर से चलने वाली 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 24 नवंबर से 01 दिसंबर तक अम्बिकापुर से चलने वाली 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 22 से 30 नवंबर तक बिलासपुर से चलने वाली 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 23 नवंबर से 01 दिसंबर तक रीवा से चलने वाली 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 25, 27 एवं 29 नवंबर को रीवा से चलने वाली 11751 रीवा-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को चिरमिरी से चलने वाली 11752 चिरमिरी-रीवा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 25 एवं 28 नवंबर को लखनऊ से चलने वाली 12535 लखनऊ-रायपुर गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 26 एवं 29 नवंबर को रायपुर से चलने वाली 12536 रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 26 एवं 29 नवंबर को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 27 एवं 30 नवंबर को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 एवं 26 नवंबर को दुर्ग से चलने वाली 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 25 एवं 27 नवंबर को कानपुर से चलने वाली 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 नवंबर को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 25 नवंबर को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी । 24 से 30 नवंबर तक चिरमिरी से चलने वाली 08269 चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 24 से 30 नवंबर तक चंदिया रोड से चलने वाली 08270 चंदिया रोड-चिरमिरी- पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को चिरमिरी से चलने वाली 05755 चिरमिरी-अनुपपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 26, 28 एवं 30 नवंबर को अनुनपुर से चलने वाली 05756 अनुपपुर- चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी । 23 से 30 नवंबर तक कटनी से चलने वाली 06617 कटनी-चिरमिरी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी । 24 नवंबर से 01 दिसंबर तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी । परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें   23 से 29 नवंबर’ 2024 तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी। 23 से 29 नवंबर’ 2024 तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां-     23 से 29 नवंबर तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी।     23 से 29 नवंबर तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी। इससे पहले 25 ट्रेनें कैंसिल की गईं थीं 16 से 20 नवंबर तक नहीं चलेंगी गाड़ियां इससे पहले रेलवे ने 25 ट्रेनों को कैंसिल किया था। बिलासपुर रेल मंडल के करकेली स्टेशन में तीसरी लाइन को जोड़ने का काम किया जाएगा, जिसके चलते कटनी रूट की गाड़ियां 16 से 20 नवंबर तक नहीं चलेंगी।

इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू होगी

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू हो रही है. यह यात्रा दस दिन की होगी और दक्षिण भारत के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का पर्यटक भ्रमण कर सकेगे. रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत ट्रेन 16 दिसंबर को इंदौर शहर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल स्टेशनों से होते हुए जाएगी, जहां से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे. यह यात्रा नौ रात और 10 दिन की है. इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. आईआरसीटीसी की ओर से पेश सर्व समावेशी टूर में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और लग्‍जरी बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है. बताया गया है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों के लिए आईआरसीटीसी ने भोपाल के अलावा जबलपुर व इंदौर के रेलवे स्टेशन के कार्यालय पर विशेष प्रबंध किए है. राज्य के बड़े हिस्से के लोग बड़ी संख्या में दक्षिण भारत की यात्रा पर जाते हैं. इसी को ध्यान में रखकर इस यात्रा को प्राथमिकता दी गई है. पर्यटन में दिलचस्पी रखने वालों को ध्यान में रखकर ही यह यात्रा शुरू की जा रही है. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का मकसद संस्कृति और धार्मिक विरासत को देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देना है. ट्रेन में इकॉनमी और डीलक्स दोनों तरह की सुविधाएं हैं. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए देश के कई ऐतिहासिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों का दर्शन कराया जाता है.

यात्रियों को बड़ी राहत, स्पेशल ट्रेन के रेलवे बढ़ा दिए फेरे

भोपाल अगर आप छठ पूजा में घर गए थे और अब वापस लौटने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत की है। रेलवे ने त्योहारी सीजन के अतिरिक्त यात्रीभार को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्टेशनों से गुजरने वाली दो विशेष ट्रेनों की अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।  दरअसल, इनमें नांगेड़-पानीपत स्पेशल ट्रेन को 4 ट्रिप में चलाने का फैसला लिया है वहीं एकता नगर (केवड़िया)-रीवा महामना एक्सप्रेस में 2 कोच अस्थाई रुप से दोनों दिशाओं में लगाने का निर्णय लिया हैं। रेलवे के इस कदम से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों के रूट्स पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय और बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे उनकी यात्रा और भी आरामदायक हो जाएगी। इन स्पेशल ट्रेन की अवधि बढ़ाई गई नांदेड- पानीपत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन -गाड़ी संख्या 07437 नांदेड- पानीपत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 14 और 19 नवंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से 5:40 बजे रवाना होकर तीसरे दिन 1:40 बजे पानीपत पहुंचेगी। -गाड़ी संख्या 07438 पानीपत -नांदेड फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 15 और 20 नवंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशऩ से 15:35 बजे रवाना होकर तीसरे दिन 3: 00 बजे नांदेड स्टेशन पहुंचेगी। -ये ट्रेन दोनों दिशाओं में एमपी के भोपाल, इटारसी और खंडवा स्टेशन में रुकेगी। एकता नगर (केवड़िया)- रीवा महामना एक्सप्रेस -गाड़ी संख्या 20905 एकता नगर(केवड़िया)-रीवा महामना एक्सप्रेस 15 से 27 नवंबर तक लगातार चलेगी। -गाड़ी संख्या रीवा महामना- एकता नगर(केवड़िया) एक्सप्रेस 16 से 28 नवबंर तक लगातार चलेगी। ये दोनों दिशाओं में एमपी के खडंवा, इटारसी, गाडरवारा, जबलपुर स्टेशन में रुकेगी। रेलवे ने दी यात्रियों को जानकारी रेलवे विभाग के वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों की बढ़ी हुई अवधि से यात्री ट्रेनों का फायदा ले सकते हैं। यात्री किसी भी कंम्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र, ऑनलाइन आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से आरक्षण की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे सही जानकारी के लिए नजदीकी स्टेशन, एनटीईएस और रेल मदद ऐप 139 का उपयोग करें।

पश्चिम मध्य रेल्वे से गुजरने वाली रेलगाड़ियाँ निरस्त, सूची की जारी

भोपाल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत करकेली स्टेशन में प्री एनआई व एनआई कमीशनिंग के तहत तीसरी लाइन कनेक्टिविटी का कार्य किया जायेगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस कार्य के पूर्ण होते ही गाड़ियों के परिचालन में गतिशीलता आयेगी। इस कार्य के दौरान पश्चिम मध्य रेल्वे से प्रारम्भ/ टर्मिनेट होने वाली एवं गुजरने वाली रद्द रेलगाड़ियाँ का विवरण इस प्रकार है। पश्चिम मध्य रेल्वे से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली प्रारंभिक तिथियों से निरस्त रेलगाड़ियाँ 1) दिनांक 16 से 19 नवम्बर 2024 तक जबलपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 2) दिनांक 17 से 20 नवम्बर 2024 तक अम्बिकापुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 3) दिनांक 15 से 19 नवम्बर 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 4) दिनांक 16 से 20 नवम्बर 2024 तक रीवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 5) दिनांक 18 नवम्बर 2024 को रीवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 6) दिनांक 19 नवम्बर 2024 को चिरमिरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 7) दिनांक 16 से 19 नवम्बर 2024 तक कटनी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 06617 कटनी-चिरमिरी पैसेंजर रद्द रहेगी। 8) दिनांक 17 से 20 नवम्बर 2024 तक चिरमिरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 06618 चिरमिरी-कटनी पैसेंजर रद्द रहेगी। पश्चिम मध्य रेल्वे से गुजरने वाली निरस्त रेलगाड़ियाँ 9) दिनांक 17 नवम्बर 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18203 दुर्ग-कानपूर सेन्ट्रल एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 10) दिनांक 18 नवम्बर 2024 को कानपूर सेन्ट्रल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18204 कानपूर सेन्ट्रल-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 11) दिनांक 14 नवम्बर 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18205 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 12) दिनांक 16 नवम्बर 2024 को नवतनवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18206 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी। रेल्वे की यात्रियों से अपील यात्रीगण कृपया असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।

करकेली में तीसरी लाइन कनेक्टविटी के कारण ट्रेनों को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रद्द करेगी

शाहडोल  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक बार फिर यात्री ट्रेनों को रद्द करने जा रही है। इसके लिए  रेलवे ने पत्र जारी कर दिया है। जारी पत्र के अनुसार करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी करने के कारण लोकल व लंबी दूरी की ट्रेनों को कुछ दिनों के लिए रद्द करेगी। ट्रेनों के रद्द होने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी। इसके पहले भी रेलवे ने बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोडऩे के लिए 3 से 11 अक्टूबर तक कई ट्रेनों को रद्द किया था। वहीं एक महीने बाद अब करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी की जाएगी। बार-बार ट्रेन रद्द होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित रेलवे ने जारी पत्र में उल्लेख किया है कि एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 11265 जबलपुर-अंबिकापुर 16 से 19 नवम्बर तक एवं 11266 अंबिकापुर-जबलपुर 17 से 20 नवम्बर तक रद्द रहेगी। इसी तरह बिलासपुर- रीवा 15 से 19 नवम्बर तक, रीवा- बिलासपुर को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द करेगी। वीकली ट्रेन रीवा- चिरमिरी अप एंड डाउन 18 एवं 19 नवम्बर, दुर्ग- कानपुर को अप एंड डाउन ट्रेन को 17 व 18 नवम्बर, दुर्ग- नवतनवा अप एंड डाउन को 14 एवं 16 नवम्बर तक केंसिल रहेगी। पैंसेजर ट्रेन वीकली चिरमिरी-अनुपपुर अप एंड डाउन को 19 नवम्बर, चिरमिरी- चंदिया अप एडं डाउन को 17 से 19 नवम्बर, कटनी- चिरमिरी अप एंड डाउन को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द किया गया है।

इंदौर में मेट्रो रेल प्रबंधन के एमडी ने बैरिकेड्स हटाने के निर्देश दे दिए, यातायात हो सकेगा सुगम

इंदौर  गांधी नगर से विजयनगर तक तक मेट्रो के रुट पर निर्माण कार्य के साथ रोड पर डिवाइडर निर्माण का कार्य भी पूर्णता पर है। ऐसे में अभी जिन स्थानों पर मेट्रो निर्माण के कारण बैरिकेड्स लगे हैं उन्हें जल्द हटाया जाएगा। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। मेट्रो रेल प्रबंधन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने निर्माण स्थलों पर से अनावश्यक बैरिकेड्स हटाने के निर्देश दिए। भविष्य में जरूरत होने पर ही बैरिकेड्स लगाने की बात कही। खाली स्थानों पर पौधारोपण करने के निर्देश  उन्होंने सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया और इस हिस्से में व्यावसायिक रन शुरू करने के लिए सभी कांट्रैक्टर को संचालन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। एमडी ने मेट्रो स्टेशन के आसपास के खाली स्थानों पर पौधारोपण करने तथा मल्टीमाडल कनेक्टिविटी से संबंधित संरचना विकास की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए। डिपो व प्लेटफार्म की सुविधाओं का निरीक्षण किया एमडी ने सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर डिपो तथा गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर-तीन तक के सभी पांच स्टेशनों के कान्कोर, प्लेटफार्म लेवल पर मौजूदा सुविधाओं व ट्रेन परिचालन के स्थान के निर्माण पहलुओं की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने डिपो परिसर में ट्रेन संचालन से संबंधित विविध कक्षों में मशीनों के लगाए जाने तथा तकनीकी रूप से चल रही तैयारियों, उपकरण कक्ष, टिकट रूम, एस्केलेटर का जायजा लिया। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई चार सप्ताह बाद इंदौर शहर की बदहाल सड़कों को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी। याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग ने दायर की है। कहा है कि पूरे शहर में सड़कें बदहाल हैं। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। सिर्फ इतना ही नहीं शहर में जलजमाव की भी विकराल समस्या है। आधे से ज्यादा शहर में स्टार्म वाटर लाइन नहीं है। गड्ढों में जलजमाव की वजह से शहर में बीमारियां फैल रही हैं। इंदौर में डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जलजमाव और गड्ढों की समस्या से आमजन को राहत दिलवाए लेकिन वे कुछ कर ही नहीं रहे हैं। याचिका में याचिकाकर्ता ने बदहाल सड़कों के फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए हैं। याचिका में मांग की है कि नगर निगम और प्रशासन को निर्देश दिए जाएं ताकि आमजन को राहत मिले।

रेल यात्रियों के लिए सुविधा : रीवा-इंदौर-रीवा के मध्य चलेगी एक-एक फेरे के लिए स्पेशल ट्रिप ट्रेन, ऐसा है शेड्यूल

 रीवा रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए इंदौर और रीवा के बीच स्पेशल सिंगल ट्रिप ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रीवा – इंदौर – रीवा के बीच एक-एक फेरे के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। गाड़ी संख्या 02186/02185 रीवा-इंदौर-रीवा स्पेशल ट्रेन, रीवा से 6 नवंबर 2024 को और इंदौर से 7 नवंबर को एक-एक फेरे के लिए चलेगी। यह गाड़ी रीवा से चलकर सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, संतहिरदा रामनगर और उज्जैन होकर इंदौर स्टेशन पर पहुंचेंगी। ऐसा है शेड्यूल गाड़ी संख्या 02186 रीवा-इंदौर स्पेशल: रीवा से रात 8.45 बजे रवाना होगी। सतना 9.45 बजे, मैहर 10.13 बजे, कटनी 11.05 बजे पहुंचकर अगले दिन जबलपुर मध्यरात्रि 12.20 बजे, नरसिंहपुर 1.35 बजे, पिपरिया 2.40 बजे, इटारसी जंक्शन 4.20 बजे, नर्मदापुरम 5.00 बजे, रानी कमलापति 6.10 बजे, भोपाल 6.30 बजे, संत हिरदाराम नगर 7.00 बजे, उज्जैन 9.00 बजे पहुंचकर सुबह 11.10 बजे इंदौर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 02185 इंदौर-रीवा स्पेशल: इंदौर से दोपहर 1 बजे रवाना होगी। उज्जैन 2.25 बजे, शाम 5.20 बजे संत हिरदाराम नगर, शाम 5.50 बजे भोपाल पर हॉल्ट लेगी। रानी कमलापति स्टेशन पर शाम 6.07 बजे, नर्मदापुरम 7.13 बजे, इटारसी जंक्शन 8 बजे, पिपरिया 9.10 बजे, नरसिंहपुर 10.23 बजे, जबलपुर 11.40 बजे पहुंचकर अगले दिन कटनी मध्य रात्रि 1 बजे, मैहर 1.53 बजे, सतना 2.35 बजे पहुंचकर मध्य रात 3.45 बजे रीवा पहुंचेगी।    

यात्रीगण कृपया ध्यान दें नवंबर में जा रहे हैं ट्रेन से तो हो जाएं सावधान, रेलवे ने कैंसिल कीं ये ट्रेनें

भोपाल भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क माना जाता है। यह देश की लाइफ लाइन है, जो लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है। यहां रोजाना 13,000 से भी अधिक ट्रेनों का संचालन होता है, जिसमें लाखों यात्री सफर करते हैं। भारतीय रेलवे द्वारा समय-समय पर अपने यात्रियों को सुविधा मुहैया कराई जाती है, नियमों में बदलाव भी किए जाते हैं। ट्रेन में अमिर से लेकर गरीब हर वर्ग के लोग ट्रैवल करते हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railways) भीड़-भाड़ को देखते हुए त्योहारी सीजन, गर्मी और सर्दी के दिनों में अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करता है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो। हालांकि, पिछले कुछ समय से रेलवे द्वारा अलग-अलग कार्यों के चलते कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है, तो कुछ ट्रेनों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। आज हम आपको रेलवे द्वारा कैंसिल किए गए उन ट्रेनों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कुछ समय के लिए रद्द कर दिया गया है, तो कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है। कैंसल ट्रेन (Train Cancelled) 8 नवंबर 2024 और 10 नवंबर 2024 को जोधपुर से चलकर भोपाल आने वाली ट्रेन नंबर 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस को कैंसिल कर दिया गया है। वहीं, 9 नवंबर 2024 और 11 नवंबर 2024 को भोपाल से चलकर जोधपुर को जाने वाली भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, जिसकी गाड़ी संख्या 14814 है, इसे रद्द किया गया है। शॉर्ट टर्मिनेटेड ट्रेनें (Short Terminated Trains)     गाड़ी संख्या 12181 जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस है, जो कि 9 नवंबर 2024 को सुबह 11:25 सांगानेर पर शॉर्ट टर्मिनेटेड की जाएगी। यह ट्रेन सांगानेर से अजमेर के बीच चलेगी।     ट्रेन नंबर 12182 अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस 10 नवंबर को सांगानेर से शॉर्ट टर्मिनेटेड होगी। जिसकी टाइमिंग यहां 5:40 होगी।     इसके अलावा, 9 नवंबर 2024 को ट्रेन नंबर 19712 भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस फुलेरा पर शॉर्ट टर्मिनेटेड होगी। यह ट्रेन फुलेरा से जयपुर तक ही चलेगी। कारण यात्री घर से निकलने से पहले एक बार शॉर्ट टर्मिनेटेड ट्रेन और कैंसिल की गई ट्रेनों की लिस्ट अवश्य चेक करें। दरअसल, भारतीय रेलवे द्वारा अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है, ताकि रेलवे कनेक्टिवटी को बढ़ाया जा सके। इसके चलते उत्तर पश्चिम रेलवे पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का काम होने वाला है, इसलिए भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली इन ट्रेनों को रद्द और शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है।

Diwali और छठ पर विशेष रूप से भोपाल मंडल से कुल आठ विशेष ट्रेनें गुजरेंगी

 भोपाल  दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। ये विशेष ट्रेनें एक अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच चलाई जा रही है। इस बार भी त्योहारों के दौरान भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की गई है। विशेष रूप से भोपाल मंडल से आठ विशेष ट्रेनें गुजरेंगी। त्योहारों के समय, विशेषकर दीपावली और छठ पूजा के दौरान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की ओर बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। भोपाल मंडल से गुजरने वाली विशेष ट्रेन     एलटीटी-दानापुर दैनिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01143 एलटीटी मुंबई से सुबह 10:30 बजे चलेगी। दानापुर पहुंचने का समय अगले दिन शाम 6:45 बजे। (22 अक्टूबर से 11 नवंबर) ट्रेन 01144 दानापुर से रात 9:30 बजे चलेगी। एलटीटी मुंबई पहुंचने का समय तीसरे दिन सुबह 4:50 बजे। (23 अक्टूबर से 12 नवंबर)     सीएसएमटी-आसनसोल साप्ताहिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01145 सीएसएमटी मुंबई से हर सोमवार सुबह 11:05 बजे चलेगी। आसनसोल पहुंचने का समय तीसरे दिन राम 2:30 बजे।(21 अक्टूबर से 11 नवंबर) ट्रेन 01146 आसनसोल से हर बुधवार रात 9 बजे चलेगी। सीएसएमटी मुंबई पहुंचने का समय तीसरे दिन सुबह 8:15 बजे।(23 अक्टूबर से 13 नवंबर)     पुणे-दानापुर दैनिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01205 पुणे से 9:30 बजे चलेगी। दानापुर पहुंचने का समय अगले दिन रात 2 बजे।(25 अक्टूबर से 7 नवंबर) ट्रेन 01206 दानापुर से सुबह 5:30 बजे चलेगी। पुणे पहुंचने का समय अगले दिन शाम 6:15 बजे।(27 अक्टूबर से 9 नवंबर)     सीएसएमटी-अगरतला साप्ताहिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01065 सीएसएमटी मुंबई से प्रत्येक गुरुवार सुबह 11:05 बजे चलेगी। अगरतला पहुंचने का समय रविवार रात 1:10 बजे।(31 अक्टूबर और 7 नवंबर) ट्रेन 01066 अगरतला से प्रत्येक रविवार दोपहर 3:10 बजे चलेगी। सीएसएमटी मुंबई पहुंचने का समय बुधवार रात 3:50 बजे।(3 नवंबर और 10 नवंबर)     एलटीटी-मुंबई बनारस साप्ताहिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01053 एलटीटी मुंबई से प्रत्येक बुधवार दोपहर 12:15 बजे चलेगी। बनारस पहुंचने का समय अगले दिन शाम 4:05 बजे।(30 अक्टूबर और 06 नवंबर) ट्रेन 01054 बनारस से प्रत्येक गुरुवार रात 8:30 बजे चलेगी। एलटीटी मुंबई पहुंचने का समय अगले दिन रात 11:55 बजे।(31 अक्टूबर और 07 नवंबर)     एलटीटी-दानापुर द्वि-साप्ताहिक विशेष ट्रेन 01009 एलटीटी मुंबई से हर सोमवार और शनिवार दोपहर 12:15 बजे चलेगी। दानापुर पहुंचने का समय अगले दिन शाम 5 बजे।(26, 28 अक्टूबर, 2 और 4 नवंबर) ट्रेन 01010 दानापुर से प्रत्येक मंगलवार और रविवार शाम 6:15 बजे चलेगी। एलटीटी मुंबई पहुंचने का समय अगले दिन रात 11:55 बजे।(27, 29 अक्टूबर, 3 और 5 नवंबर)     एलटीटी-समस्तीपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01043 एलटीटी मुंबई से प्रत्येक गुरुवार दोपहर 12:15 बजे चलेगी। समस्तीपुर पहुंचने का समय अगले दिन रात 9:15 बजे।(31 अक्टूबर और 07 नवंबर) ट्रेन 01044 समस्तीपुर से प्रत्येक शुक्रवार रात 11:20 बजे चलेगी। एलटीटी मुंबई पहुंचने का समय तीसरे दिन सुबह 07:40 बजे।(01 नवंबर और 08 नवंबर)     एलटीटी-प्रयागराज साप्ताहिक विशेष ट्रेन ट्रेन 01045 एलटीटी मुंबई से प्रत्येक मंगलवार दोपहर 12:15 बजे चलेगी। प्रयागराज पहुंचने का समय अगले दिन सुबह 11:20 बजे।(29 अक्टूबर और 05 नवंबर) ट्रेन 01046 प्रयागराज से प्रत्येक बुधवार शाम 6:50 बजे चलेगी। एलटीटी मुंबई पहुंचने का समय अगले दिन शाम 4:05 बजे।(30 अक्टूबर और 06 नवंबर)

दमोह स्टेशन से असलाना के बीच तीसरी रेल लाइन का ट्रैक कंप्लीट, 120 किमी की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर थर्ड लाइन का किया निरीक्षण

 दमोह दमोह स्टेशन से असलाना के बीच तीसरी रेल लाइन का ट्रैक कंप्लीट हो गया है। इसलिए बुधवार को यहां पर 120 किमी की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर थर्ड लाइन का निरीक्षण अधिकारियों ने किया। जल्द ही इस ट्रेक पर आवागमन शुरू होगा। जबलपुर रेल मंडल के एडीआरएम और रेलवे के सुरक्षा आयुक्त ने तीसरी रेलवे लाइन का निरीक्षण कर लिया है। दमोह से असलाना के बीच ट्रैक सही मिला है, लेकिन सागर रूट पर पथरिया से असलना के बीच में सुनार नदी और कटनी रूट पर घटेरा, बांदकपुर के बीच व्यारमा नदी पर पुल न बनने की वजह से तीसरी लाइन पूरी तरह से कंपलीट नहीं हो पाई है। हालांकि सुरक्षा आयुक्त से स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद इस पर आवागमन चालू हो पाएगा। दमोह स्टेशन मास्टर मुकेश जैन ने बताया कि असलाना से दमोह के बीच में रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन दौड़ाई। इसमें कहीं पर कोई खामी नहीं मिली, लेकिन सुनार नदी पर पुल न बनने की वजह से कुछ समय लग सकता है। इसी तरह की स्थिति घटेरा के पास व्यारमा नदी पर पुल न बनने की समस्या है। यहां पर भी काम चल रहा है। जल्द ही पूरा होने के बाद रेलवे ट्रैक फ्री हो जाएगा। बता दें तीसरी रेल लाइन विस्तारीकरण का यह बहुत बड़ा काम है इससे जहां रेल सुविधाओं में वृद्धि होगी। इसके साथ ही छोटे स्टेशन पर यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले दिनों मलैया मिल फाटक से असलाना स्टेशन तक तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए 52 यात्री ट्रेनों को बंद करना पड़ा था। अब जबकि तीसरी लाइन का काम पूरा हो गया है तो इस ट्रेक पर ट्रेनें चलना शुरू हो जाएंगी और यात्रियों को एक ही समय पर दो यात्री ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी।

थम नहीं रही रेलवे के खिलाफ साजिश, बिरला नगर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिली लोहे की रॉड

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के रायबरेली में असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेन पलटाने का षड्यंत्र फिर सामने आया है। ग्वालियर में सोमवार देर रात बिरला नगर स्टेशन स्टेशन के आउटर पर तीसरी लाइन की पटरियों पर लोहे की मोटी छड़ों को तारों से बांधकर रख दिया गया था। रात लगभग डेढ़ बजे इसी ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी के लोको पायलट को जब छड़ें नजर आईं तो उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और हादसा टला। जीआरपी व आरपीएफ के जवान देर रात मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। काशन आर्डर के कारण मालगाड़ी की गति 12 किमी प्रतिघंटा थी। यदि ट्रेन की गति अधिक होती, तो छड़ें नजर नहीं आती और हादसा होने की आशंका थी। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार लोहे की दो छड़ें कुछ दूरी पर ट्रैक पर थीं। पहली छड़ यदि ट्रेन के पहिए से कट भी जाती, तो ट्रेन को झटका लगता और तब तक दूसरी छड़ पहिए के नीचे आ जाती। ऐसे में ट्रेन के डिरेल होने की पूरी संभावना थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे दिन झांसी मंडल से प्रयागराज मुख्यालय तक हलचल मची रही, क्योंकि इससे पहले भी उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों के आसपास ट्रेन पलटाने का षड्यंत्र रचा जा चुका है। ट्रैक पर लोहे की छड़ें मिलीं     बिरलानगर के पास रेलवे ट्रैक पर लोहे की छड़ें मिली हैं। इसी ट्रैक से मालगाड़ी गुजरनी थी, तभी छड़ें देखकर ट्रेन रोक ली गई। आरपीएफ व जीआरपी ने इसे जब्त किया है और इस मामले में जीआरपी में मामला दर्ज किया गया है। सुरक्षा बल फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं। – मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी रेल मंडल झांसी पहले भी हो चुकी हैं साजिशें     गत पांच अक्टूबर को झांसी-भोपाल रेल लाइन पर दैलवारा-ललितपुर के बीच ट्रैक पर छह फीट का सरिया असामाजिक तत्वों ने रख दिया था। इस दौरान पातालकोट एक्सप्रेस ट्रैक पर थी और उसके पहियों में सरिया फंस गया था।     गत 30 सितंबर को कानपुर के गोविंदपुरी-भीमसेन रेल लाइन पर अग्निशामक सिलेंडर रखा मिला था। इस दौरान पुष्पक एक्सप्रेस गुजर रही थी।     29 सितंबर को महोबा रेलवे ट्रैक पर कबरई और मटोंध स्टेशन के बीच पटरियों पर भारी-भरकम पिलर रखकर पैसेंजर ट्रेन को पलटाने के प्रयास किया गया था।     22 सितंबर को कानपुर के महाराजपुर में प्रेमपुर स्टेशन के पास ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर और बीयर कैन रखी हुई मिली थीं। उस समय मालगाड़ी इस ट्रैक से गुजर रही थी।     17 अगस्त को कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन के नजदीक ही भीमसेन रेल लाइन पर पटरी पर रखे भारी पत्थर के टकराने से साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे डिरेल हो गए थे।  

रायबरेली में बालू के ढेर से ढक गया था ट्रैक, चालक ने पटरी न देख रोकी ट्रेन

 रायबरेली रायबरेली में  रात लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा टल गया. जानकारी के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर पड़े बालू के ढेर को देखकर लोको पायलट ने पैसेंजर ट्रेन रोक दी. बताया जाता है कि सड़क निर्माण के लिए ले जाए जा रहे बालू लदे ट्रक से बालू गिरने के कारण रेलवे ट्रैक पूरी तरह ढंक गया था. पूरा मामला रघुराज सिंह रेलवे स्टेशन के पास का बताया जा रहा है. यहां से रायबरेली रघुराज सिंह पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी. ट्रैक से बालू हटाने के बाद रवाना हुई ट्रेन पुलिस ने बताया कि रविवार को रघुराज सिंह स्टेशन के पास लोको पायलट ने रेल की पटरियों पर बालू का ढेर देखा. जिसके बाद उसने एक ट्रेन को कुछ देर के लिए रोक दिया. एसएचओ देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि बालू को ट्रैक से हटा दिया गया और मार्ग पर रेल यातायात फिर से शुरू कर दिया गया. भदौरिया ने कहा कि रेलवे ट्रैक पर बालू का एक छोटा सा ढेर डाल दिया गया था, जिसके कारण रायबरेली से आने वाली शटल ट्रेन को रोक दिया गया. डंपर चालक ट्रैक पर बालू डालकर हुआ फरार मामले में स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा है, जिसमें रात में डंपरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि रविवार शाम को बालू ढोने वाले एक डंपर चालक ने बालू को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया और भाग गया. अगर लोको पायलट की नजर समय पर नहीं पड़ती तो बड़ा हादसा हो सकता था. आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में ट्रेन को पलटाने की कोशिश की कई खबरें आ चुकी हैं. इससे पहले कानपुर में भी ट्रेन को पलटाने की साजिश वाली खबरआई थी. जहां ट्रैक पर सिलेंडर मिला था. इस मामले की जांच की जा रही है. वहीं, इसके बाद झांसी में टूटी पटरियों पर केरल एक्सप्रेस दौड़ गई थी. ड्राइवर की नजर जब ट्रैक पर पड़ी तो उसने तुरंत ब्रेक लगा दी थी. जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई थी.  

दादर-भुसावल के बीच चलेंगी 140 स्पेशल ट्रेनें, वर्ष के अंत तक मिलेगी सुविधा, क्या है प्लान?

मुंबई  सेंट्रल रेलवे ने दिवाली के कारण ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 विशेष लंबी दूरी की ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। जो कि वर्तमान में नवरात्रि उत्सव के साथ चल रही है। इस फैसले से रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल त्योहारों के दौरान गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी होती है। इनमें गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली त्योहार शामिल हैं। ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 स्पेशल ट्रेनों का समय बढ़ा दिया है। ये है योजना… ट्रेन नंबर 09051 दादर-भुसावल और ट्रेन नंबर 09052 भुसावल-दादर हर सोमवार, बुधवार और गुरुवार को चलेगी और इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। ट्रेन संख्या 09049 दादर-भुसावल चलने वाली (26 यात्राएं) और ट्रेन संख्या 09050 भुसावल-दादर दोनों साप्ताहिक विशेष ट्रेनें प्रत्येक शुक्रवार को चलेंगी। इन ट्रेनों को 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। दोनों ट्रेनों के समय, स्टॉपेज और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वेबसाइट पर रिजर्वेशन खुला सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों के साथ-साथ www.irctc.co.in पर विशेष किराये के साथ सभी स्पेशल ट्रेनों के लिए आरक्षण खुला है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के विस्तृत ठहराव के लिए www.enquiry. Indianrail.gov.in पर जाने या NTES ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। रेलवे शहर में तीन सौ पौधे लगाएगाउधर ‘स्वच्छता सेवा’ के तहत एक हरित पहल के तहत मध्य रेलवे के नागपुर मंडल की ओर से शहर और इसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाए जा रहे हैं। हरित और स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह पहल शुरू की गई है। हाल ही में अपर मंडल रेल प्रबंधक पीएस खैरकर के नेतृत्व में पूरे विभाग में हजारों पौधे लगाए गए। रेलवे का लक्ष्य अकेले नागपुर शहर और उसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाने का है। इस गतिविधि में रेलवे के कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं।

रतलाम स्टेशन के करीब डीजल से भरी मालगाड़ी के दो टैंकर बेपटरी हुए, बाल्टियों और कैन डीजल भरने टूट पड़े लोग

रतलाम    दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रतलाम रेलवे स्टेशन के पास पेट्रोलियम पदार्थ से भरी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. दिल्ली की तरफ जाने वाली डाउन लाइन पर यह हादसा हुआ है. हादसे के बाद मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए एक वैगन से ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव भी होने लगा. हादसे की जानकारी मिलने के बाद रेलवे के आला अधिकारियों सहित एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची है. अधिकारियों का मानना है कि यह भी ट्रेन डिरेल करने की कोई साजिश हो सकती है.  हादसे की सूचना मिलने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान यात्री ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया और कई यात्री ट्रेनें अपने नियमित समय के विपरीत चलने लगी। रेल हादसे की खबर के बाद अधिकारियों में भी  हड़कंप मच गया। यह दुर्घटना गुरुवार रात 9.30 बजे की बताई जा रही है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ौदा की ओर से रतलाम स्टेशन होते हुए बी नागदा साइड जा रही मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूर घटला ब्रिज के आगे अपयार्ड की ओर बेपटरी हो गई। दुर्घटना में दो डिब्बे बे पटरी से उतर गए। उसमे से एक डिब्बा  पलटी भी खा गया। रेलवे के माल गाड़ी के टिकट का डिब्बे में ज्वलनशील पदार्थ (डीजल) भरा हुआ था। इस हादसे के बाद इस रूट से गुजरने वाली कई  यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। इधर दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेन मौके पर पहुंच गई और रूट सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया। साथ ही डीआरएम रजनीश कुमार व अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल में पहुंचे और व्यवस्थाओ पर नजर बनाए रखी । हादसे की जांच के आदेश जारी डीआरएम ने इस हादसे की जांच के भी आदेश दे दिए है। इसके साथी दुर्घटना वाले क्षेत्र में लाउडस्पीकर पर ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाने का भी अनाउंस किया गया जिससे कोई बड़ा हादसा ना हो सके। वही इस संबंध में रेलवे की ओर से जारी सूचना के तहत उन्होंने बताया कि 03 अक्टूबर, 2024 को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेने प्रभावित हुई है। मंडल रेल प्रबंधक सिहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवम कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। रतलाम DRM रजनीश कुमार के अनुसार नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन रात लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य किलोमीटर 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेन प्रभावित हुई है। विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। लापरवाही की भयावह तस्वीर, जान पर खेल कर लोगों ने मचा दी डीजल की लूट… रतलाम में हुए इस हादसे के बाद लापरवाही की भयावह तस्वीर भी सामने आई कि स्थानीय लोगों ने टैंकरों से डीजल लीक होता देखा तो जान की परवाह किए बिना अपने बरतन और प्लास्टिक के केन लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां ऐसे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई और डीजल की लूट मच गई। यह नजारा दिल दहला देने वाला…कैसे लोग अपनी जान पर खेल जाते हैं…। इन ट्रेनों को किया री शेड्यूल -गाड़ी संख्या 09546- नागदा रतलाम स्पेशल 01 घंटे -गाड़ी संख्या 09545- रतलाम नागदा 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 19341- नागदा बिना 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 09382- रतलाम दाहोद -गाड़ी संख्या 09350 दाहोद आनंद 02.00 घंटे लेटेस्ट अपडेट बता दें कि 3 अक्टूबर को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 22.00 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई थी । वैगनों को डिरेल कर तथा ट्रैक एवम OHE का मरम्मत कर डाउन लाइन को 04 अक्टूबर, 2024 को 10.00 बजे फिट दे दिया गया है। कॉशन आर्डर के साथ ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, रेलवे की कई टीमें पहुंचीं ज्वलनशील पदार्थ से भरी मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन के समीप डाउन लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, ये जानकारी लगते ही रेलवे में हड़कंप मच गया. ये मालगाड़ी दिल्ली-मुंबई रूट पर नागदा की ओर जा रही थी. इसी दौरान स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर मालगाड़ी के 2 वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए हुए एक वैगन से डीजल का रिसाव होने की वजह से रेलवे की टीम को ट्रैक से वेगन हटाने में समय लगा. वैगन से हो रहे ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव को रोकने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक्सपर्ट टीम को भी सूचना दी गई है. गनीमत ये रही कि रेलवे की तत्परता से डीजल में आग नहीं लगी, वरना बड़ी घटना हो सकती थी. शुरू की गई हादसे के कारणों की जांच रतलाम डीआरएम रजनीश कुमार ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि ” डिरेल होने की सूचना मिलने पर रेलवे की टीम तत्काल दुर्घटनाग्रस्त वैगन को हटाने और डाउन लाइन पर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर एक्सीडेंट रिलीफ टीम और रेलवे के इंजीनियर रेलवे ट्रैक से वैगन हटाने और डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू करने में जुटे हैं. मालगाड़ी डिरेल होने के कारणों की जांच भी रेलवे की टीम कर रही है.”  

पानी पर रेल चलाने वाले पहला देश बना भारत : लोगों ने रेल मंत्री को दिया धन्यवाद महोदय

India became the first country to run a train on water

India became the first country to run a train on water: People thanked the Railway Minister, Sir. रेल मंत्री की मेहनत को सलाम

रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस सहित 33 ट्रेनें कैंसिल, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए बेहद जरूरी सूचना है. रेलवे के बेहद व्यस्त भुसावल-खंडवा रेल खंड के बीच गेज परिवर्तन और यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य किया जा रहा है. इस दौरान 14 से 23 जुलाई के बीच अप और डाउन की 33 ट्रेनें निरस्त रहेंगी. रेलवे का कहना है कि इस कार्य के पूर्ण होते ही गाड़ियों के परिचालन में गतिशीलता आएगी. इस कार्य के दौरान पश्चिम-मध्य रेल से प्रारंभ या टर्मिनेट होने वाली और गुजरने वाली प्रभावित रेलगाड़ियां का विवरण शेयर किया हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो. निरस्त होने वाली रेलगाड़ियां 1. दिनांक 14 से 22 जुलाई 2024 तक भुसावल से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 11115 भुसावल-इटारसी एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 2. दिनांक 14 से 22 जुलाई 2024 तक इटारसी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 11116 इटारसी-भुसावल एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 3. दिनांक 14 से 22 जुलाई 2024 तक भुसावल से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 19013 भुसावल-कटनी एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 4. दिनांक 15 से 23 जुलाई 2024 तक इटारसी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 19014 कटनी-भुसावल एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 5. दिनांक 14 एवं 21 जुलाई 2024 को रीवा से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 02185 रीवा-सीएसएमटी एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी. 6. दिनांक 15 एवं 22 जुलाई 2024 को सीएसटीएम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 02186 सीएसएमटी-रीवा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी. 7. दिनांक 14 एवं 21 जुलाई 2024 को जबलपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 02132 जबलपुर-पुणे एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी. 8. दिनांक 15 एवं 22 जुलाई 2024 को पुणे से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 02131 पुणे-जबलपुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी. 9. दिनांक 15, 17 एवं 20 जुलाई 2024 को जबलपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या12187 जबपुर-सीएसएमटी गरीबरथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 10. दिनांक 16, 18 एवं 21 जुलाई 2024 को सीएसटीएम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12188 सीएसएमटी-जबलपुर गरीबरथ एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 11. दिनांक 20 जुलाई 2024 को रानी कमलापति से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22172 रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 12. दिनांक 21 जुलाई 2024 को पुणे से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22171 पुणे-रानी कमलापति एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 13. गाड़ी संख्या 01025 दादर-बलिया एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 15.07.2024, 17.07.2024, 19.07.2024 एवं 22.07.2024 को निरस्त रहेगी. 14. गाड़ी संख्या 01026 बलिया-दादर एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 17.07.2024, 19.07.2024, 21.07.2024 एवं 24.07.2024 को  निरस्त रहेगी. 15. गाड़ी संख्या 01027 दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024, 16.07.2024, 18.07.2024, 20.07.2024 एवं 21.07.2024 को निरस्त रहेगी. 16. गाड़ी संख्या 01028 गोरखपुर-दादर एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 16.07.2024, 18.07.2024, 20.07.2024, 22.07.2024 एवं 23.07.2024 तक निरस्त रहेगी. 17. गाड़ी संख्या 04715 बीकानेर-साईंनगर शिर्डी एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 13.07.2024 एवं 20.07.2024 को निरस्त रहेगी. 18. गाड़ी संख्या 04716 साईंनगर शिर्डी-बीकानेर एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024 एवं 21.07.2024 को निरस्त रहेगी. 19. गाड़ी संख्या 05289 मुजफ्फरपुर-पुणे एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 13.07.2024 एवं  23.07.2024 को निरस्त रहेगी. 20. गाड़ी संख्या 05290 पुणे-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 15.07.2024 एवं  22.07.2024 को निरस्त रहेगी. 21. गाड़ी संख्या 05326 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 19.07.2024 को निरस्त रहेगी. 22. गाड़ी संख्या 12167 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-वाराणसी एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024 से 21.07.2024 तक निरस्त रहेगी. 23. गाड़ी संख्या 12168 वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 16.07.2024 से 23.07.2024 तक निरस्त रहेगी. 24. गाड़ी संख्या 15065 गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024, 15.07.2024, 16.07.2024, 18.07.2024, 19.07.2024, 20.07.2024 एवं 21.07.2024 को निरस्त रहेगी. 25. गाड़ी संख्या 15066 पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 15.07.2024, 16.07.2024, 17.07.2024, 19.07.2024, 20.07.2024, 21.07.2024 एवं 22.07.2024 को निरस्त रहेगी. 26. गाड़ी संख्या 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 17.07.2024 को निरस्त रहेगी. 27. गाड़ी संख्या 15068 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 19.07.2024 को निरस्त रहेगी. 28. गाड़ी संख्या 15547 रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 15.07.2024 को निरस्त रहेगी. 29. गाड़ी संख्या 15548 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रक्सौल एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 17.07.2024 को निरस्त रहेगी. 30. गाड़ी संख्या 22455 साईंनगर शिर्डी-कालका एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से  दिनांक 16.07.2024, 20.07.2024 एवं 23.07.2024 को निरस्त रहेगी. 31. गाड़ी संख्या 22456 कालका-साईंनगर शिर्डी एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024, 18.07.2024 एवं 21.07.2024 को निरस्त रहेगी. 32. गाड़ी संख्या 82355 पटना-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 14.07.2024, 17.07.2024 एवं 21.07.2024 को निरस्त रहेगी. 33. गाड़ी संख्या 82356 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-पटना एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से दिनांक 16.07.2024, 19.07.2024 एवं 23.07.2024 को निरस्त रहेगी. पश्चिम मध्य रेल के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि यात्री कृपया असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस या 139 की मदद से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें.

पश्चिम मध्य रेलवे में अप्रैल से जून के बीच ट्रेनों में पांच साल की तुलना में इस वर्ष सबसे ज्यादा यात्रियों ने सफर किया

जबलपुर कंफर्म टिकट वालों के आलावा बेटिकट और वेटिंग वालों ने की बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए रेलवे बोर्ड ने अपने 2015 के आदेश को दोहराते हुए इसका सख्ती से पालन करने कहा। इस आदेश में बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ट्रेन के स्लीपर, एसी कोच में न तो वेटिंग टिकट लेकर यात्रा की जा सकती है और न ही बिना टिकट। टिकट जांच दल ने ऐसे यात्रियों से गंतव्य तक का किराया और जुर्माना न लिया जाए, बल्कि जांच के दौरान अगले स्टेशन तक का किराया-जुर्माना लेकर वहां उतार दिया जाए। हर दिन ऐसे लगभग 110 से 130 यात्री ट्रेन से उतारे जा रहे जबलपुर रेल मंडल ने 15 जून से इस आदेश का सख्ती से पालन किया तो न सिर्फ यात्रियों की भीड़ में 20 से 30 फीसद की कमी आई, बल्कि बिना टिकट और वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने वालों से होने वाली कमाई में भी 30 से 40 फीसद की कमी आ गई है। मंडल में जबलपुर, कटनी, सतना, सागर और दमोह में हर दिन ऐसे लगभग 110 से 130 यात्री ट्रेन से उतारे जा रहे हैं। पिछले तीन माह में ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ बढ़ी है। इसको लेकर न सिर्फ मंडल, बल्कि रेलवे जोन और बोर्ड चिंतित है। भीड़ को कम करने के लिए टिकट जांच दल से कहा गया है कि वे बिना टिकट और वेटिंग टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की गंतव्य तक टिकट न बनाएं, बल्कि अगले स्टेशन की टिकट बनाकर उन्हें वहां उतारें। इस निर्णय से ट्रेनों में भीड़ और आय, दोनों में कमी आई है। सख्ती से पालन किया तो घट गई आय रेलवे बाेर्ड के आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश जबलपुर समेत देशभर के सभी रेल मंडल और जोन को दिए गए हैं। इस आदेश के पालन की वजह से जबलपुर रेल मंडल की आय 30 से 40 फीसदी की कमी आई है। मई माह में मंडल की आय प्रतिदिन औसतन 22 से 24 लाख रुपये थी, जून में यह 14 से 16 लाख प्रति दिन तक पहुंच चुकी है। वहीं जुलाई के पहले सप्ताह की आय में भी 30 से 35 फीसदी की कमी आई है। यही हालात रहे तो बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री से जुर्माने से वसूली की जाने वाली आय में 50 से 60 फीसदी तक की कमी आएगी। गंतव्य की जगह, अगले स्टेशन पर उतारे यात्री जबलपुर रेल मंडल में रेलवे बोर्ड के आदेश पर सख्ती के पालन के निर्देश दिए हैं। इसका असर यह हुआ है कि जबलपुर रेल मंडल हर दिन बिना टिकट यात्री करने वाले और वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वाले, दोनों को गंतव्य की जगह अगले रेलवे स्टेशन पर उतार रहा है। सबसे ज्यादा यात्री वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने वाले जबलपुर मंडल में हर दिनों ऐसे यात्रियों की संख्या करीब 110 से 130 हैं। इनमें जबलपुर में हर दिन औसतन 30, कटनी में 30, सतना में 20, सागर में 20, नरसिंहपुर में 30 उतारे जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा यात्री वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने वाले हैं। भीड़ बढ़ी तो हकीकत आई सामने दरअसल रेलवे विशेषज्ञ ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की वजह पर अध्ययन कर रहे हैं। इस दौरान तीन बड़े कारण नजर आए हैं।     पहला- कोरोना काल के बाद ट्रेन में सफर करने वाले यात्री घटे, लेकिन संख्या बढ़ी।     दूसरा – रेलवे ने स्लीपर और जनरल कोच कम कर, एसी कोचों की संख्या बढ़ाई     तीसरा- काउंटर से ली गई आरक्षित टिकट में सफर करने की अनुमति देना है। इन ट्रेनों में यात्री ज्यादा उतारे     रीवांचल एक्सप्रेस     अमरावती एक्सप्रेस     जनशताब्दी एक्सप्रेस     गोंडवाना एक्सप्रेस     जनता एक्सप्रेस     चित्रकूट एक्सप्रेस     साकेत एक्सप्रेस     पवन एक्सप्रेस     काशी एक्सप्रेस     गोदान एक्सप्रेस  

रेलवे का फैसला 1 जुलाई से बदले हुए नंबरों से चलेंगी मेमू समेत सभी पैसेंजर ट्रेनें

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

भोपाल रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार सभी यात्री ट्रेनें जो PSPC नंबर (यानी ‘0’ से शुरू होने वाले नंबर) के साथ चल रही हैं, उन्हें पुनः नियमित ट्रेन नंबर (जैसे पहले समय में चल रही थी) के साथ चलाया जाएगा. भोपाल मंडल से गुजरने वाली सभी यात्री ट्रेनें (ICF एवं MEMU) का पुनः नंबर निर्धारण किया गया है. वर्तमान में ‘0’ नंबर प्रणाली के बजाय इन्हें नियमित ट्रेन नंबर से चलाया जाएगा. यह परिवर्तन 1.7.2024 से प्रभावी होगा. नई और पुरानी ट्रेन नंबरों की लिस्ट देखें. अधिक जानकारी के लिए यहां संपर्क करें इस परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों की पहचान को आसान बनाना है. सभी यात्रियों की बेहतर सुविधा के लिए वे अपनी यात्रा से पहले नई ट्रेन नंबर की जानकारी प्राप्त कर लें. इस नई व्यवस्था से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए यात्री रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं. एक जुलाई से इन ट्रेनों का बदलेगा नंबर 06603 बीना-कटनी मुडवारा पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61619 से संचालित होगी. 06604 कटनी मुडवारा-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61620 से संचालित होगी. 06607 बीना-गुना पैसेंजर स्पेशल मेमू अब नियमित गाड़ी संख्या 61611 से संचालित होगी. 06608 गुना-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू अब नियमित गाड़ी संख्या 61612 से संचालित होगी. 06619 इटारसी-कोटा पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61617 से संचालित होगी. 06620 कोटा-इटारसी पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61618 से संचालित होगी. 06631 भोपाल-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61631 से संचालित होगी. 06632 बीना-भोपाल पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61632 से संचालित होगी. 06633 कोटा-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61633 से संचालित होगी. 06634 बीना-कोटा पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 61634 से संचालित होगी. 05685 खंडवा-बीड पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51685 से संचालित होगी. 05686 बीड-खंडवा पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51686 से संचालित होगी. 05689 खंडवा-बीड पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51683 से संचालित होगी. 05690 बीड-खंडवा पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51684 से संचालित होगी. 05691 खंडवा-बीड पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51687 से संचालित होगी. 05692 बीड-खंडवा पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51688 से संचालित होगी. 01883 बीना-ग्वालियर पैसेंजर स्पेशल नियमित गाड़ी संख्या 51883 से संचालित होगी. 01884 ग्वालियर-बीना पैसेंजर स्पेशल नियमित गाड़ी संख्या 51884 से संचालित होगी. 01885 बीना-दमोह पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51885 से संचालित होगी. 01886 दमोह-बीना पैसेंजर स्पेशल अब नियमित गाड़ी संख्या 51886 से संचालित होगी. 01819 बीना-ललितपुर पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 64617 से संचालित होगी. 01820 ललितपुर-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू नियमित गाड़ी संख्या 64618 से संचालित होगी.

न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस की टक्कर में अब तक 15 लोगों की मौत

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस की टक्कर में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं. मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी थी. अब पता चला है कि ट्रेन के लोको पायलट ने सिग्नल को नजरअंदाज किया था. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि आज कंचनजंगा ट्रेन का एक्सीडेंट हुआ है. मालगाड़ी के ड्राइवर ने यात्री ट्रेन को टक्कर मारी. शुरुआती जानकारी से पता चला है कि मालगाड़ी के चालक ने सिग्नल की अनदेखी की थी. इस वजह से पैसेंजर ट्रेन के सबसे पीछे का गार्ड का डिब्बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और आगे दो पार्सल वैन के डिब्बे थे, जो क्षतिग्रस्त हुए. उन्होंने बताया कि बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है. मालगाड़ी के ड्राइवर (लोको पायलट) ने सिग्नल को पूरी तरह से नजरअंदाज किया था. इस दुर्घटना में मालगाड़ी के चालक और कंचनजंगा के गार्ड की भी मौत हुई है. अगरतला-सियालदाह रूट पर सभी रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं. मालगाड़ी को रुकना चाहिए था, रेलवे बोर्ड की सीईओ का बयान  रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने कहा कि पीछे से आ रही मालगाड़ी को रुकना चाहिए था। फिर भी ट्रेन नहीं रुकी तो यह जांच का विषय है। इस मामले में दिक्कत यह है कि मालगाड़ी के चालक की भी मौत हो चुकी है।  कंचनजंगा रेल हादसे पर रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने कहा, ‘इस घटना के मामले में ऐसा लगता है कि मानवीय गलती थी। शुरुआती जांच में पता चलता है कि यह मसला सिग्नल को नजरअंदाज कर ट्रेन को आगे बढ़ाने का है।’ उन्होंने कहा कि हमें ‘कवच’ सिस्टम को बढ़ाना होगा, जिसके चलते ट्रेनों की भिड़ंत को टाला जा सकता है। न्यू जलपाईगुड़ी से 30 किलोमीटर दूर हादसा, स्टेशन पर खड़ी थी ट्रेन  उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 30 किलोमीटर दूर इस घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “ट्रेन दुर्घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 60 लोग घायल हैं। इससे पहले, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन में हुआ। बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। रेलवे, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।’  कंचनजंगा रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मदद का ऐलान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी के समीप ट्रेन हादसे पर गहन दुख जताया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रूपये अनुग्रह राशि दिये जाने की घोषणा की। मोदी ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा , ‘पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। अधिकारियों से बात की और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावितों की सहायता के लिए बचाव कार्य जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।’ प्रथम दृष्टया मानवीय चूक का मामला सिन्हा ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस दुर्घटना में मानवीय चूक सामने आई है. लेकिन सही जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगी. हमारी पूरी कोशिश है कि ट्रेन दुर्घटनाओं को रोका जा सके, इसके लिए कवच हमारी प्राथमिकता है. इसे मिशन मोड में बढ़ाया जा रहा है. कैसी हुई दुर्घटना? त्रिपुरा के अगरतला से कोलकाता के सियालदाह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी. ये घटना सोमवार सुबह 8.55 बजे हुई. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग सात किलोमीटर दूर रंगापानी स्टेशन के पास खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने सिग्नल की अनदेखी कर टक्कर मार दी. मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी. इस घटना में कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जिसमें तीन रेलवे कर्मचारी जबकि पांच यात्री हैं. इस घटना में लगभग 50 लोग घायल हैं. बता दें कि ये टक्कर सोमवार सुबह नौ बजे के आसपास उस समय हुई, जब 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदाह जा रही थी. इस टक्कर में कंचनजंगा एक्सप्रेस के दो डिब्बे डिरेल हो गए. हर तरफ चीख-पुकार मच गई. टक्कर लगने की वजह से ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गईं. लोको पायलट अनिल की हादसे में मौत, साथी मोनू अस्पताल में भर्ती  न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से 11 किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित निजबाड़ी रेलवे स्टेशन पर खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच भीषण टक्कर में जख्मी हुए मालगाड़ी के सहायक लोको पायलट मोनू कुमार का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है ।  रेलवे एम्पलाई यूनियन के से उनकी स्थिति को जानने का प्रयास किया तो अचानक सहायक लोको पायलट पूछ बैठे कि मेरा ट्रेन का चालक अनिल भाई जी कैसे हैं। सुनते ही रेलकर्मी को समझ में नहीं आया कि वह क्या बताएं बाकी अपनी स्थिति पर नियंत्रण करते हुए रेलकर्मी ने कहा कि चालक ट्रेन के इंजन के अंदर फंसे हुए हैं उन्हें बाहर निकाला जा रहा है । इसके बाद मोनू काफी चिंतित हो गए और कहां की घटना की जानकारी उनके परिजन को अभी नहीं दिया जाए। इसके बाद यूनियन के कर्मी ने सहायक लोको पायलट को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया ।इधर रेलवे इंप्लाइज यूनियन के मंडल सचिव रुपेश कुमार ने घटना के प्रति कभी दुख जताया है जख्मी रेल कर्मियों को जल्द स्वस्थ होने की कामना ईश्वर से की है वही हादसे में  कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड और मालगाड़ी के लोको पायलट की मौत पर दुख जताया है ।  

बंगाल: न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से मारी टक्कर, उड़े परखच्चे, 5 लोगों की मौत

Investiture ceremony of Kendriya Vidyalaya Student Council concluded

दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है और यहां खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे की शिकार हुई है जिसे पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मारी है. ट्रेन अगरतला से सियालदाह जा रही थी. हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि 20-25 लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ. इसके बाद की जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें साफ दिख रहा है कि टक्कर के बाद मालगाड़ी का कोच दूसरे कोच के ऊपर चढ़ गया. दो बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं जबकि तीन बोगियां डिरेल हो गईं. जो कोच आपस में बुरी तरह टकराकर बुरी तरह फंस गए हैं उन्हें गैस कटर की मदद से काटा जा रहा है. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मौके पर बचाव और राहत का अभियान जारी है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें न्यू जलपाईगुड़ी के रंगापानी में हुई दुर्घटना की सूचना मिली है. बयान के मुताबिक, ‘एक मालगाड़ी सियालदह जाने वाली डीएन कंचनजंगा एक्सप्रेस से पीछे से टकरा गई.’ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एनएफआर जोन में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई है. बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ मिलकर काम कर रहे हैं. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.’ आपातकालीन चिकित्सा दल को मौके पर भेजा गया है. 5-6 लोगों के घायल होने की सूचना है. अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. स्थानीय लोगों की मदद से  भारी बारिश के बीच बचाव अभियान जारी है. यह टक्कर कंचनजंगा एक्सप्रेस के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से सियालदह के लिए रवाना होने के तुरंत बाद हो गई. कंचनजंघा एक्सप्रेस अगरतला से कोलकाता के सियालदह जा रही थी. सियालदाह स्टेशन पर आपातकालीन सहायता डेस्क खोली गई है. कंचनजंगा ट्रेन टक्कर के संबंध में सियालदह में हेल्प डेस्क नंबर:- 033-23508794 033-23833326 हेल्पलाइन नंबर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन (GHY) स्टेशन 03612731621 03612731622 03612731623 लुमडिंग जंक्शन रेलवे स्टेशन (एलएमजी) हेल्पलाइन नं. 03674263958 03674263831 03674263120 03674263126 03674263858 KIR स्टेशन हेल्प डेस्क नंबर- 6287801805 कटिहार हेल्पलाइन नंबर 09002041952 9771441956 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि डॉक्टरों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है.उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “अभी-अभी दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा इलाके में एक दुखद रेल दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं. विस्तृत जानकारी का इंतजार है, बताया जा रहा है कि कंचनजंगा एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकरा गई है. डीएम, एसपी, डॉक्टर, एंबुलेंस और आपदा दल को बचाव, बचाव और चिकित्सा सहायता के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है। युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.”  

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, CG से गुजरने वाली 50 ट्रेनें हुई रद्द,कई का बदला गया रूट, जानें

रायपुर भारतीय रेलवे के विकास कार्य और डेवलपमेंट की बात करते हुए छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 ट्रेनों को फिर रद्द कर दिया गया है। इनमें से कई गाड़ियां 19 जून से 10 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में नहीं चलेंगी। इन ट्रेनों के कैंसिल होने की वजह से कोलकाता, बिहार, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे प्रशासन के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में डेवलपमेंट के कार्य के चलते गाड़ियों का परिचालन कैंसिल किया है। बतादें कि भोपाल रेल मंडल के मालखेड़ी-महादेवखेड़ी रेलवे स्टेशनों को दूसरी रेल लाइन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यह काम 16 जून से 10 जुलाई तक चलेगा। जिससे रेलवे ने ट्रेनों को रद्द किया है। इन ट्रेनों को किया गया रद्द भारतीय रेलवे ने जिन ट्रेनों को रद्द किया है उनमें दिनांक 29 जून एवं 06 जुलाई, 2024 को उदयपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20971 उयदपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  30 जून एवं 07 जुलाई, 2024 को शालीमार से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20972 शालीमार- उयदपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  16, 23, 30 जून एवं 07 जुलाई, 2024 को बीकानेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20471 बीकानेर-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 19, 26 जून एवं 03, 10 जुलाई, 2024 को पूरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20472 पूरी- बीकानेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  29 जून एवं 06 जुलाई, 2024 को शालीमार से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22830 शालीमार- भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  02 एवं 09 जुलाई, 2024 को भुज से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  27 जून एवं 04 जुलाई, 2024 को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18573 विशाखापटनम-भगत की कोठी एक्सप्रेस रद्द रहेगी,   29 जून एवं 06 जुलाई, 2024 को भगत की कोठी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18574 भगत की कोठी-विशाखापटनम एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  05, 06 एवं 09 जुलाई, 2024 को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  06, 07 एवं 10 जुलाई, 2024 को अमृतसर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20808 अमृतसर-भगत की कोठी एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  14, 21 एवं 28 जून, 2024 को पूरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 08475 पूरी-निज़ामुद्दीन स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी, 15, 22 एवं 29 जून, 2024 को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 08476 निज़ामुद्दीन-पूरी स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी,  14 जून से 09 जुलाई, 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18236 बिलासपुर –भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  16 जून से 11 जुलाई, 2024 तक भोपाल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  01 एवं 08 जुलाई, 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18207 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 02 एवं 09 जुलाई, 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18208 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 30 जून एवं 07 जुलाई, 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 01 एवं 08 जुलाई, 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 09 जुलाई, 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12549 दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) एक्सप्रेस रद्द रहेगी, 11 जुलाई, 2024 को शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12450 शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर)-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  03 जुलाई, 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20847 दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  05 जुलाई, 2024 को शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20848 शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर)-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  05 एवं 09 जुलाई, 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  06 एवं 10 जुलाई, 2024 को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  09 जुलाई, 2024 को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22408 निज़ामुद्दीन-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  11 जुलाई, 2024 को अम्बिकापुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22407 अम्बिकापुर- निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  03 एवं 10 जुलाई, 2024 को रानी कमलापति से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी,  04 एवं 11 जुलाई, 2024 को सांतरागाछी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22170 सांतरागाछी रानी कमलापति- एक्सप्रेस रद्द रहेगी।  

शादी के कुछ देर बाद ही दुल्हन की मांग उजड़ी, रेलवे ट्रैक पर मिली दूल्हे की लाश

खंडवा खंडवा जिले में एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिले क सुरगांव बंजारी गांव में बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला शव एक दूल्हे का निकला है। जिसकी मंगलवार दोपहर को शादी हुई थी, देर शाम वह अपनी नई नवेली दुल्हन को लेकर ट्रेन से वापस अपने घर सुहागपुर जा रहा था। लेकिन, रात में अचानक वह लापता हो गया, बुधवार को उसकी पहचान हुई। परिजनों को आशंका है कि रात में बाथरूम जाने के दौरान नींद के झोंकों के चलते वह नीचे गिर गया होगा। पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। रेलवे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम सुरगांव बंजारी के पास रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़ा मिला था। शव की पहचान सोहागपुर निवासी राकेश रामचंदानी उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। राकेश की मंगलवार दोपहर को महाराष्ट्र के जलगांव में शादी हुई थी। वह अपनी दुल्हन और बारातियों के साथ देर शाम जलगांव से गरीब रथ एक्सप्रेस में बैठकर वापस अपने घर सोहागपुर लौट रहा था। लेकिन, देर रात वह अपनी पत्नी के पास मोबाइल छोड़कर बाथरूम चला गया, काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने ट्रेन में उसकी तलाश शुरू की। उसका पता नहीं चलने पर इटारसी रेलवे स्टेशन पर उनकी मिसिंग रिपोर्ट भी लिखवाई थी।   दूल्हे के परिजन और भाजपा पार्षद सुनील ललवानी ने बताया कि मंगलवार को सोहागपुर से एक मैरिज पार्टी जलगांव में शादी करने गई थी। देर रात गरीब रथ एक्सप्रेस से वे लोग वापस सुहागपुर आ रहे थे। इस दौरान उनके कुछ परिजन बुरहानपुर और कुछ खंडवा में भी उतरे। दूल्हा अपनी दुल्हन और कुछ अन्य बारातियों के साथ वापस सोहागपुर आ रहा था। देर रात दूल्हा अपनी पत्नी से बाथरूम जाने की बात कहकर गया, लेकिन फिर वापस नहीं आया। इटारसी पहुंचने से पहले परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, नहीं मिलने पर इटारसी स्टेशन पर उनकी मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई गई।   सुनील ने आशंका जताई कि रात के समय ट्रेन में चलने के दौरान हवा के थपेड़े लगने या नींद का झोंका आने से दूल्हा रिंकू नीचे गिर गया। फिलहाल, घटना एक हादसा लग रही है। शव का पीएम कराने के बाद वापस सोहागपुर ले जा रहे हैं। परिजन विजय मंगवानी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि सुरगांव बंजारी के पास एक युवक का शव मिला है। हमने पहचान के लिए मोबाइल पर फोटो बुलवाकर देखी तो वह रिंकू था। मृतक मौत हादसा लग रही है, हालांकि रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कटनी-बीना सेक्शन के मालखेड़ी स्टेशन पर रेल ट्रैक का अधोसरंचना कार्य शुरू

कटनी कटनी-बीना सेक्शन के मालखेड़ी स्टेशन पर रेल ट्रैक का अधोसरंचना कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में कटनी से गुजरने वाली करीब 1 दर्जन यात्री गाड़ियों को निरस्त किया गया। साथ ही कुछ यात्री ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। पश्चिम मध्य रेल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि जबलपुर मंडल से चलने और कटनी से गुजरने वाली कई ट्रेनों को निरस्त और मार्ग परिवर्तित किया गया है।  गाड़ी संख्या 01885 बीना-दमोह एक्सप्रेस दिनांक 12.06.2024 से 10.07.2024 तक 29 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 01886 दमोह-बीना एक्सप्रेस दिनांक 13.06.2024 से 11.07.2024 तक 29 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 06603 बीना- कटनी मुड़वारा मेमू दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 06604 कटनी मुड़वारा- बीना मेमू दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11272 भोपाल-इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए,  गाड़ी संख्या 11271 इटारसी-भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 22161 भोपाल-दमोह राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 25.06.2024 से 10.07.2024 को 16 ट्रिप के लिए,  गाड़ी संख्या 22162 दमोह-भोपाल राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 26.06.2024 से 11.07.2024 को 16 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11703 रीवा- डॉ अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (त्रिसप्ताहिक) दिनांक 18.06.2024 से 09.07.2024 को 10 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11704 डॉ अंबेडकर नगर-रीवा एक्सप्रेस (त्रिसप्ताहिक) दिनांक 19.06.2024 से 10.07.2024 को 10 ट्रिप के अप एंड डाउन की ट्रेनों को निरस्त किया गया है। इसके अलावा 8 ट्रेने ऐसी हैं जो बीना सेक्शन में चल रहे अधोसरंचना कार्य के चलते परिवर्तित मार्ग कटनी से जबलपुर और सतना होकर पाने गंतव्य तक पहुंचेगी। इसमें गाड़ी संख्या 12121 जबलपुर-निज़ामुद्दीन मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जो दिनांक 5 से 7 जुलाई को जबलपुर मंडल में अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर- कटनी-सतना-वीरांगना लक्ष्मी बाई स्टेशन से होकर गंतव्य को जाएगी। इसी तरह दिनांक 6 औश्र 8 जुलाई को  अपने परिवर्तित मार्ग वाया वापस होगी। वही गाड़ी संख्या 11449 जबलपुर-श्री माता वैष्णोदेवी कटरा एक्सप्रेस दिनांक 9 जुलाई को परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-कटनी- सतना- होकर गंतव्य को जाएगी। ट्रेन नंबर 11466 जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस भी दिनांक 24 जून से 8 जुलाई तक 05 ट्रिप के लिए अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-इटारसी-भोपाल से होकर गंतव्य जाकर लौटेगी। और 12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस जो दिनांक 28 जून से 10 जुलाई तक 13 ट्रिप के लिए अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया कटनी-जबलपुर-इटारसी से होकर गंतव्य को जाने के साथ दिनांक 25 जून से 10 जुलाई 2024 तक 16 ट्रिप के लिए इसी रूट से वापस आने की जानकारी अधिकारी द्वारा साझा की गई है।

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