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महाकुंभ में फिर लगी आग, कई पंडाल चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

Fire broke out again in Mahakumbh, many pandals got affected; no casualties महाकुंभ के सेक्टर 22 छतनाग झूंसी में बने टेंट सिटी में बृहस्पतिवार को आग लग गई। आग लगने नके कारणों का पता नहीं चल सका है। जब तक लोग कुछ समझ पाते आगे ने विकराल रूप धारण कर लिया। टेंट सिटी के दर्जन भर से अधिक टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सूचना पाकर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुूंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

अखिलेश ने महाकुंभ में बैठक को बताया राजनीतिक, बोले- वक्फ की जमीन कब्जाना चाहती भाजपा

Akhilesh called the meeting in Mahakumbh political, said – BJP wants to capture Waqf land राजधानी लखनऊ में बुधवार को सपा ने जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि मनाई। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर सपा मुखिया ने सूबे की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने महाकुंभ में हो रही योगी कैबिनेट की बैठक को राजनीतिक बताया। सपा मुखिया ने कहा कि महाकुंभ राजनीति की जगह नहीं है। भाजपा वहां पर राजनीति कर रही है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए। मिल्कीपुर चुनाव को लेकर भी सरकार को घेरा। कहा कि मिल्कीपुर चुनाव को लेकर भाजपा ने पुलिस को आगे कर दिया है। एक दिन पहले लखनऊ में वक्फ संशोधन अधिनियम पर हुई जेपीसी की बैठक पर भी सपा मुखिया ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोग वक्फ की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। ये लोग समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं।

कन्नौज स्टेशन पर निर्माणाधीन लिंटर गिरा: तीन की हालत नाजुक, 35 मजदूरों के दबने की खबर; बढ़ सकता है आंकड़ा

kannauj accident the lintel of railway station कन्नौज जिले में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का लिंटर भरभरा कर गिर गया। इसमें 35 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में घायल तीन की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि कई लोगों के मरने की आशंका है। मौके पर पहुंचा पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। घटना की सूचना पर मंत्री असीम अरुण भी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने अधिकारियों को घायलों क उपचार व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा,12 एम्बुलेंस भी पहुंच गई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका के 50 कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हैं।

बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की मौत: मजिस्ट्रियल जांच में हत्या के आरोप खारिज, हार्ट अटैक से हुई मौत

Death of Mukhtar Ansari in Banda Jail

Death of Mukhtar Ansari in Banda Jail: Magisterial investigation dismissed murder charges, death due to heart attack. राजीव रंजन झाउत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद रहे माफिया मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर की गई मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्तार की मौत जहर से नहीं, बल्कि हार्ट अटैक के कारण हुई थी। इस रिपोर्ट को जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। हत्या के आरोप खारिजमुख्तार अंसारी की मौत बीते 28 मार्च को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में हुई थी। मौत के बाद मुख्तार के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसे धीमा जहर (स्लो पॉइजन) दिया गया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई। लेकिन मजिस्ट्रियल जांच में इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है। जांच के दौरान बैरक में मिले गुड़, चना और नमक की जांच की गई, लेकिन इनमें किसी भी तरह का जहर नहीं पाया गया। एडीएम ने की थी जांचमुख्तार अंसारी की मौत की जांच एडीएम (वित्त राजस्व) राजेश कुमार को सौंपी गई थी। एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के तहत लगभग पांच महीनों तक गहन अध्ययन किया गया। इस दौरान जेल अधिकारियों, डॉक्टरों सहित 100 से अधिक लोगों के बयान लिए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ मुख्तार को दिए गए खाने की भी जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी साक्ष्य में जहर देने की बात सामने नहीं आई। परिजनों ने नहीं दिया बयानरिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्तार के किसी भी परिजन ने जांच के दौरान बयान नहीं दिया। एडीएम राजेश कुमार द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि मुख्तार अंसारी की मौत हार्ट अटैक से हुई थी और इसमें कोई साजिश नहीं पाई गई। शासन को भेजी गई रिपोर्टमजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद एडीएम राजेश कुमार ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्तार अंसारी की मौत में किसी तरह का जहर देने का आरोप निराधार था और यह एक प्राकृतिक मृत्यु थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस मामले पर लगाए गए सभी सवालों का अंत हो गया है, और मुख्तार की मौत को लेकर उठी सभी शंकाएं दूर हो गई हैं।

अयोध्या राम मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला ,भागलपुर से गिरफ्तार हुआ मकसूद अंसारी

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple पटना ! अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी का कनेक्शन भागलपुर से भी जुड़ गया है. इंस्पेक्टर रजनीश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम ने बरारी थानाक्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली से आमिर के सहयोगी मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है उसके पास से पुलिस टीम चार मोबाइल भी बरामद किया है जिसमें उसकी तरफ से फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप पर अयोध्या धाम मंदिर उड़ाने की धमकी दी गई थी. यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को भी मारने की धमकी दी थी. बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी और अयोध्या धाम मंदिर को उड़ाने से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं. वहीं, शुक्रवार की देर रात यूपी पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश लेकर चली गई. भागलपुर की पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार अयोध्या से आई पुलिस टीम तकनीकी निगरानी में मकसूद को बांका जिले के अमरपुर सुल्तानपुर के पास से गिरफ्तार किया है, लेकिन अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम के अधिकारियों का दावा है कि मकसूद को बड़ी खंजरपुर के मस्जिद गली वाले उसके घर से गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी आनंद कुमार के निर्देश पर इंस्पेक्टर अभय शंकर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सहयोग के लिए लगाया गया तब उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. पुलिस टीम बरारी थाने की पुलिस के सहयोग से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने का प्रयास करती रही, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य जांच कराते हुए उसे वहां के न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है. कई चौंकाने वाली मिली जानकारी अयोध्या से आई पुलिस टीम मकसूद अंसारी लेकर देर रात अयोध्या के लिए रवाना हो गई है. मकसूद आमिर से कई बार बात कर चुका है. तकनीकी जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं. बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर निवासी मरहूम हाजी जौहर अंसारी के पुत्र मकसूद जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन से जुड़े आमिर के संपर्क में था उससे जुड़े देश विरोधी पोस्ट भी शेयर किया करता था. साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है. संगठन के नाम पर भी लाखों रुपये इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. यूपी एसटीएफ भी पहुंची थी साथ यूपी से एसटीएफ की टीम भी सादे लिबास में इनोवा गाड़ी से पहुंची थी जो वहां से आई स्पेशल टीम के साथ ही थी फिर मकसूद को लेकर रवाना हो गई.

हार के उपहार के बाद भी तारीफ…सीएम योगी को लेकर बदले केशव मौर्य के सुर तो अखिलेश ने कसा तंज

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya's tone changed regarding CM Yogi

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya’s tone changed regarding CM Yogi, Akhilesh took a jibe. उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव में कम सीटें जीतने के बाद से ही तनाव देखा गया था, जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कहा, योगी आदित्यनाथ देश के सबसे अच्छे सीएम हैं. मौर्य के इस बयान पर अब अखिलेश यादव ने तीखा तंज किया है. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा था, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है, जिस पर अब अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर तंज करते हुए कहा, कोई उप डबल हार के उपहार के बाद भी डबल इंजन का प्रशंसा-प्रमाणपत्र बांट रहे हैं. अखिलेश यादव ने किया तीखा तंजयूपी में दो डिप्टी सीएम हैं, एक केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे ब्रजेश पाठक, जिस पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा, अगर माननीय सही काम कर रहे होते तो दो उप मुख्यमंत्री की क्या जरूरत पड़ती, इसका मतलब या तो वो सही काम नहीं कर रहे हैं या फिर बाकी दो बेकाम हैं, नाकाम हैं, और उनका काम दरबारी चारण की तरह करना बस स्तुतिगान है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाध मौर्य पर हमला करते हुए आगे कहा, अगर उप सच में उपयोगी होते हैं, तो दिल्ली के मंडल में भी होने चाहिए थे, परंतु हैं नहीं! इसका जवाब देंगे उप या रहेंगे चुप? केशव प्रसाद मौर्य ने की सीएम योगी की तारीफउत्तर प्रदेश में बहुत जल्द उप चुनाव होने हैं, इसी के चलते रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मिर्जापुर के मझवां पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपने संबोधन में सीएम योगी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है. उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, दुनिया में पीएम मोदी जैसा कोई दूसरा नेता है क्या, साथ ही मौर्य ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा, देश में योगी आदित्यनाथ जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री है क्या? डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी के बीच लोकसभा चुनाव के बाद से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे थे, जिसके बाद अब मौर्य के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा, दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता हमारे पीएम मोदी हैं और देश में जब सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना होती है तो सबसे अच्छा काम सीएम योगी की अगुवाई में किया जा रहा.

‘तुम नागिन हो’… स्कूल के वॉ़ट्सऐप ग्रुप में महिला टीचर को भेजा GIF,बीएसए ने टीचर को कर दिया सस्पेंड

'You are a serpent'… GIF sent to female teacher in school's WhatsApp group

‘You are a serpent’… GIF sent to female teacher in school’s WhatsApp group, BSA suspended the teacher बरेली ! रामगंगा के किनारे बिरिया नारायनपुर प्राइमरी स्कूल में एक टीचर ने अपनी महिला साथी टीचर को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में नागिन कह दिया. इसके साथ ही टीचर पर और भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. बीएसए ने टीचर को सस्पेंड कर दिया हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपको हैरानी होगी. यहां एक स्कूल के टीचर ने अपनी महिला साथी महिला टीचर को नागिन कह दिया वो भी व्हाट्सएप ग्रुप में. सुनने में थोड़ा अजीब जरूर है लेकिन सच है. टीचर ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में जीआईएफ पोस्ट में महिला टीचर को नागिन कह दिया. इसके साथ ही टीचर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. दरअसल ये पूरा मामला बरेली के रामगंगा के किनारे बिरिया नारायनपुर प्राइमरी स्कूल का हैं. बताया जा रहा है कि यहां तैनात टीचर अवनीत कुमार पर आरोप लगा है कि वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाई लिखाई नहीं कराते हैं. इसके साथ ही वह स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में तंज भरे मैसेज, जीआईएफ और इमोजी डालते रहते हैं. साख ही अपने वरिष्ठ शिक्षकों को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं. उन्होंने अपनी साथी शिक्षिका को नागिन कहते हुए एक जीआईएफ पोस्ट की की. दूसरे शिक्षकों को धमकाने का आरोपइसके अलावा टीचर अवनीत कुमार पर यह भी आरोप है कि उन्होंने स्कूल में टीचर को बंद कर दिया था, साथ ही वह अक्सर स्कूल में देरी से भी पहुंचते आते हैं. टीचर पर एक आरोप यह भी है कि वह राजनीति में सक्रिय है और एक पार्टी से जुड़ा हुआ है. इसी वजह से समय पर स्कूल में नहीं आता है और राजनीति में होने की वजह से वह अन्य टीचरों को धमकाता रहता है. टीचर को किया गया सस्पेंडफिलहाल शिकायत के बाद बीएसए ने टीचर को सस्पेंड कर दिया हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. घटना के बाद से स्कूल में खलबली है. वहीं अपने ऊपर कार्रवाई होने के बाद टीचर अवनीत कुमार शिक्षिका से माफी मांग रहा है. वहीं इस पूरे मामले में बरेली के बीएसए संजय कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर टीचर को सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

High Court’s decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute Shri Krishna Janmabhoomi Case: मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में 1 अगस्त यानी गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल की गई 15 याचिकाओं की पोषणीयता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच का फैसला दोपहर 2:00 बजे आने की उम्मीद है. इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 31 मई को अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था. हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल की गई 18 याचिकाओं में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को श्री कृष्ण जन्म स्थान बताकर उसे हिंदुओं को सौंपे जाने की मांग की गई है. विवादित परिसर में हिंदुओं को पूजा अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की गई है. काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर सर्वे की मांगविवादित परिसर का अयोध्या के राम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है. अयोध्या विवाद की तर्ज पर इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई सीधे तौर पर कर रहा है. मथुरा की जिला अदालत में दाखिल की गई याचिकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए अपने पास मंगा लिया था. दाखिल की गई 18 में से 15 याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है. तीन याचिकाओं को अलग कर दिया गया था. शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत आपत्ति दाखिल की थी. मुस्लिम पक्ष ने याचिकाओं की पोषणीयता को चुनौती दी थी. मुस्लिम पक्ष की तरफ से कई दलीलें पेश की गई थी. मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज किए जाने की मांग की है. मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों के बिंदु पर ही दोपहर 2:00 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. हाईकोर्ट से आने वाले फैसले से ही यह तय होगा कि मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष की याचिकाएं सुनवाई के लायक है या नहीं. अगर हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष की आपत्ति खारिज हो जाती है तो ही हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर आगे सुनवाई हो सकेगी.

अखिलेश यादव की सपा नेताओं को चेतावनी : बीजेपी नेताओं की नो एंट्री, न करें उनकी पैरवी

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

Akhilesh Yadav’s warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के नेताओं को बीजेपी नेताओं से दूर रहने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी नेताओं को समाजवादी पार्टी में लेने की पैरवी करेगा, उसे वो बाहर कर देंगे. ऐसा कहकर अखिलेश अपना माहौल बनाए रखना चाहते हैं. वो ये बताना चाहते हैं कि बीजेपी में भगदड़ मची है. बीजेपी में सब अपने लिए बेहतर रास्ते तलाश रहे हैं. इस बीच उनके लिए चुनौती लोकसभा चुनाव वाले नतीजों को विधानसभा चुनाव में दोहराने की है. यूपी विधानसभा चुनाव साल 2027 की शुरुआत में होने हैं. तब तक समाजवादी पार्टी का माहौल टाइट कैसे रहे, इसीलिए अखिलेश ने चेतावनी वाला ये दांव चल दिया है. अखिलेश यादव दो साल के ब्रेक के बाद फिर से दिल्ली की राजनीति में हैं. सुबह जब वो संसद के लिए निकल रहे थे, पश्चिमी यूपी के एक नेता उनसे मिलने पहुंच गए. वो अखिलेश की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अखिलेश से मिलाने के लिए वो अपने साथ बीजेपी के एक नेता को लेकर गए थे. न टिकट की गारंटी दी और न मिलने को तैयार हुए अखिलेश वो चाहते थे कि बीजेपी के नेता को अखिलेश टिकट देने की गारंटी दें. मगर, अखिलेश दूसरे मूड में थे. न उन्होंने टिकट की गारंटी दी और न ही बीजेपी के नेता से मिलने को तैयार हुए. बीजेपी नेता दिल्ली में अखिलेश के घर के बाहर अपनी गाड़ी में बैठे रहे. अखिलेश ने तो समाजवादी पार्टी के उस नेता को दोबारा ऐसा काम न करने की नसीहत भी दे डाली. ये सच है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही समाजवादी पार्टी कैंप का जोश हाई है. पार्टी ने अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 37 सीटें जीती हैं. जबकि यूपी बीजेपी में घमासान मचा है. आपसी गुटबाज़ी चरम पर है. बीजेपी में एक नेता दूसरे का काम लगाने में जुटा है. ऐसे में बीजेपी के कुछ नेता अभी से समाजवादी साइकिल की सवारी के जुगाड़ में हैं. अचानक अखिलेश से मिलने पहुंचे थे फैजाबाद सांसद फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद इन दिनों हमेशा अखिलेश यादव के आसपास ही नजर आते हैं. अचानक से पार्टी के अंदर और बाहर उनकी अहमियत बढ़ गई है. एक दिन अचानक वो लखनऊ में अखिलेश से मिलने पहुंचे. वो बीजेपी के एक नेता को समाजवादी पार्टी में लेने की जिद करने लगे. अखिलेश ने बहुत समझाया लेकिन अवधेश मानने को तैयार नहीं हुए. अखिलेश यादव दोनों तरह के मजे लेने के मूड में हैं. वो चाहते हैं कि यूपी के गांव-गलियों तक ये बात फैल जाए कि बीजेपी अब डूबती नैया है. वहां नेताओं में पार्टी छोड़ने की होड़ मची है लेकिन लोगों को लेकर वो अपनी पार्टी की सेहत खराब नहीं करना चाहते हैं. दलबदलू नेताओं के कारण उनकी पार्टी में बवाल न हो जाए, इसका वो विशेष ध्यान रख रहे हैं. यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस तरह के आरोप अखिलेश पर लगे थे. इसका नुकसान भी उन्हें चुनाव में हुआ. इसीलिए इस बार वो कोई गलती दोहराने के मूड में नहीं हैं.

सरकार बचाने के लिए, बिहार एवं आन्ध प्रदेश सरकार को दिया भारी-भरकम बजट: फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government: Faizabad MP Awadhesh Prasad Budget 2024: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश में विपक्ष यह आरोप लगातार लगा रहा है कि राज्य के हिस्से कुछ नहीं आया. इस बीच फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘यह जो अल्पमत की सरकार है उसे बचाने का बजट है. इसमें लगभग पूरे देश की अनदेखी की गई है. इसमें अयोध्या, उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है. यह कुर्सी बचाने का बजट है इसलिए दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है और बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है, यह भाजपा को महंगा पड़ेगा.”

कांवड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट के आदेश पर SC ने लगाई रोक… सरकार को नोटिस जारी

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government 1 उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया था आदेश2 एमपी-उत्तराखंड में भी लागू हुई थी व्यवस्था3 फैसले के खिलाफ दायर हुई थी 3 याचिकाएं नई दिल्ली (Kanwar Yatra nameplate controversy)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। यह रोक शुक्रवार, 26 जुलाई तक लगाई गई है। उसी दिन अगली सुनवाई होगी। जस्टिस हृषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई के दौरान कुछ अहम टिप्पणी भी की। जजों ने कहा कि दुकानदारों को मालिक की पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। हां, दुकानदारों को यह जरूर बताना होगा कि उनके यहां शाकाहारी या मांसाहारी, कौन-सा खाना मिलता है। यूपी में योगी सरकार के इस फैसले को एक गैर सरकार संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुल मिलाकर तीन याचिकाएं कोर्ट के समक्ष थीं। बता दें, योगी सरकार की यह पहल पिछले दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी में पहले कहा गया था कि चुनिंदा जिलों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी, लेकिन बाद में सीएम कार्यालय से आधिकारिक रूप से जारी आदेश में बताया गया कि यह पूरे प्रदेश के लिए है। क्या था योगी सरकार का आदेशकावड़ यात्रा मार्ग में आने वाली दुकानों के बाहर संचालक का नाम लिखा हो।भोजनालयों, ढाबों, ठेलों समेत खाने-पीने की अन्य दुकानों के लिए आदेश जारी।सावन में कांवड़ यात्रियों की शुचिता को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।आदेश जारी होते ही बहस छिड़ गई। कुछ ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम में भेद करना चाहती है। पूरे देश की नजर थी फैसले परसुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूपी ही नहीं, पूरे देश की नजर थी। कारण यह है कि दुकानों के बाहर दुकानदार का नाम लिखने का मुद्दा अन्य राज्यों तक भी पहुंच गया था। उत्तराखंड में ऐसा ही आदेश जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी विधायकों ने इसके समर्थन में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुनवाई सोमवार को हुई, जिस दिन पवित्र सावन माह आरंभ हुआ है।

अखिलेश यादव का बड़ा ऑफर… ‘सौ विधायक लाओ, सरकार बनाओ

Akhilesh Yadav's big offer…'Bring 100 MLAs, form government'

Akhilesh Yadav’s big offer…’Bring 100 MLAs, form government’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा में राजनीतिक चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर कहा है कि मानसून ऑफर है-100 लाओ और सरकार बनाओ। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगर भाजपा में कोई भी नेता 100 विधायकों का समर्थन जुटा लेता है तो सपा मुख्यमंत्री पद के लिए उसे समर्थन दे सकती है। इसे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाओं के बीच दिल्ली से केशव के लखनऊ लौटने पर अखिलेश ने कटाक्ष भी किया है- लौट के बुद्धू घर को आए। यहां बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य ने भी बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक्स के जरिये हमला बोलते हुए उन्हें सपा बहादुर की संज्ञा देते हुए कहा था कि यूपी और केंद्र दोनों ही जगह मजबूत सरकार है। 2017 की तरह 2027 में भी हम यूपी में सरकार बनाएंगे। उन्होंने सपा के पीडीए को धोखा करार दिया था।

उत्तर प्रदेश में चौधराहट की जंग : योगी या मौर्य

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya राजीव रंजन झा लखनऊ ! केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में जो पका रहे हैं , वह आश्चर्यजनक है । यूं तो पिछले एक साल से मौर्य और बृजेश पाठक दोनों ही दिल्ली में अमित शाह के दरबार में पड़े रहे हैं , लेकिन कार्यसमिति की लखनऊ बैठक में प्रकारांतर से योगी पर बरस कर उनके भाव पार्टी में और चढ़ गए हैं । मौर्य अब अमित शाह की मदद से योगी को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं । मौर्य ओबीसी कोटे से आते हैं और याद कीजिए कि यूपी में ओबीसी का वोट इस बार मोदी के बजाय सपा को गया । तो क्या यह केशव प्रसाद मौर्य के इशारे पर हुआ ?मौर्य यूपी भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं , संगठन पर उनका प्रभाव है , हालांकि 2022 में वे खुद अपनी विधानसभा सीट हार गए थे । एक सवाल यह भी कि क्या यूपी में बीजेपी को हरवाने के लिए केशव प्रसाद ने अखिलेश से सांठगांठ की और ओबीसी वोट इंडी गठबंधन को डलवा दिया ? क्या योगी को हटाकर खुद सीएम बनने के लिए भूपेंद्र चौधरी के साथ मिलकर यह खेल मौर्य ने खेला ? क्या योगी को मुख्यधारा से हटाने के लिए अमित शाह ने खुद ही मौर्य को मोहरा बनाया ? याद आता है केजरीवाल का एक बयानप्रचार के लिए जमानत पर बाहर आकर उन्होंने भाषण देते हुए कहा था कि चुनाव के बाद यूपी से योगी को हटा दिया जाएगा । तब सभी ने उनका उपहास उड़ाया था । अब लगता है कि बीजेपी में यदि भीतर कुछ पक रहा था तो केजरीवाल को कैसे पता था ? कल शाम मौर्य के साथ नड्डा और अमित शाह ने दो घंटों तक क्या बातचीत की ? क्या अमित शाह में चुनाव के बाद इतनी शक्ति बची है कि वे योगी को हटा सकें ? क्या केशव प्रसाद मौर्य में योगी की नाराजगी के साथ यूपी को संभालने की ताकत है ? लगता तो नहीं था , पर दिखाई कुछ और दे रहा है । यूपी के लिए योगी जरूरी हैंसच कहें तो भाजपा के पास योगी के स्तर का दूसरा नेता नहीं है । उन्हें मोदी के बाद केंद्र में पीएम पद पर लाने की अटकलों में केवल इतना दम है कि योगी युवा संत नेता हैं । अन्यथा राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अरसे से पीएम मैटीरियल के रूप में भाजपा के पास मौजूद हैं । खैर ! ये बातें अभी दूर की कौड़ी हैं चूंकि मोदी के पास अभी पांच साल सरकार चलाने का जनादेश मौजूद है । केशव प्रसाद को दिल्ली क्यों बुलाया गयापीछे पीछे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली क्यों आए , इसका खुलासा होने में अभी देर लगेगी । लेकिन एक बात समझ लीजिए । बीजेपी और देश की बहुसंख्यक जनता के लिए जैसे मोदी जरूरी हैं , वैसे ही यूपी के लिए योगी जरूरी हैं । चुनाव में बीजेपी बहुत जल चुकी है । ऐसे में योगी को छेड़ना आग से खेलने के समान है । बीजेपी आलाकमान लोकसभा चुनाव में काफी गंवा चुकी है । केशव प्रसाद मौर्य को ज्यादा हवा देना भाजपा के लिए एक और आत्मघाती कदम साबित हो सकता है ।

भाजपा में कुर्सी की लड़ाई में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया ; अखिलेश यादव

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में कुर्सी की लड़ाई चल रही है जिससे कि शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। जनता के लिए सोचने वाला भाजपा में कोई नहीं है। अखिलेश यादव ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि भाजपा की कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में, उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम भाजपा दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। जनता के बारे में सोचनेवाला भाजपा में कोई नहीं है। बता दें कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। इसे लेकर पार्टी में सियासी आग भड़क उठी। केशव मौर्य एक महीने में प्रदेश में कैबिनेट व अन्य बैठकों में भी नहीं पहुंचे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को दिल्ली बुलाकर भी बात की। इससे सरकार और संगठन में मनमुटाव होने की बात सामने आई।

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