प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री : कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Monsoon makes a strong entry in the state: Heavy rain alert in many districts
Monsoon makes a strong entry in the state: Heavy rain alert in many districts
Monsoon brought great news, there will be heavy rain in 16 districts
Heat wave will continue in Eastern India for five days: Dust storm in some areas of Madhya Pradesh भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गर्म हवाएं चलीं। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चली।देश के पूर्वी हिस्से, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले पांच दिनों तक लू की स्थिति जारी रह सकती है। उधर, ओडिशा में भीषण गर्मी के चलते अब तक 36 लोगों की जान चली गई। बुधवार को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश हुई। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। प्रचंड गर्मी के बाद उत्तर पश्चिम भारत में कुछ स्थानों पर अब अगले दो दिन आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। कहीं-कहीं जोरदार बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गर्म हवाएं चलीं। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चली। इस दौरान उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और निकटवर्ती मध्य भारत के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान 43-46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक था। इस दौरान उत्तर प्रदेश के झांसी में सबसे अधिक तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तमिलनाडु और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर भारी तो कुछ पर बहुत भारी बारिश हुई। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघायल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र में भी कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। वहीं, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई। आईएमडी के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
extreme heat continues: Heat wave days will double in June, monsoon loses momentum केरल से पूर्वोत्तर पहुंचने के बाद मानसून ने अपनी गति खो दी गई है। जिसके चलते लोगों को बारिश के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है, हालांकि मानसून के केरल पहुंचने के बाद गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मौसम विभाग की हाल ही में इसको लेकर बुरी खबर दी है। दरअसल, मौसम विभाग के अनुसार मानसून केरल पहुंचने के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों में आगे बढ़ा, लेकिन अब इसने अनी गति खाे दी है, ऐसे में जिन राज्यों में सामान्य तौर पर केरल के बाद मानसून आ जाता है, उन्हें अब बारिश के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा। इन राज्यों में महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के राज्य भी शामिल हैं। इसके अलावा यह खबर उन राज्यों के लिए भी चिंताजनक है, जहां लोग तेज गर्मी और लू का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो मानसून को फिलहाल रफ्तार पकड़ने में और समय लगेगा। जिसके बाद कुछ राज्यों में बारिश हो सकती है। ऐसे में दक्षिण महाराष्ट्र और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में मानसून के पहुंचने में देरी हो सकती है। किसी भी राज्य के लिए रेल अलर्ट नहीं गर्मी को लेकर फिलहाल राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि कुछ राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें लंबे समय तक धूप में न रहने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में ऑरेंज अलर्टमौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब हरियाणा सहित पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हीटवेव से 40 लोगों की मौतदेश के कई राज्यों में भीषण गर्मी का दौर जारी है। इसी के चलते शुक्रवार को गर्मी की वजह से करीब 40 लोगों ने दम तोड़ दिया है। बताया गया कि इनमें से करीब 25 लोग उत्तर प्रदेश और बिहार में चुनावी ड्यूटी में तैनात थे।
Weather: Entire UP is in the grip of heat wave, mercury reached near 49 degrees in Prayagraj, know when will you get relief from heat. पूरा यूपी भीषण गर्मी से तप रहा है। बुधवार को प्रयागराज सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 48.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताए हैं। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से बुधवार को भीषण लू की चपेट में रहे। जिन इलाकों में लू नहीं रही, वहां चल रही गर्म हवा लू का एहसास करा रही थी। बुधवार को प्रयागराज का अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री पहुंच गया, जबकि कानपुर 48.4 डिग्री के साथ दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बुधवार को भीषण गर्मी के बीच अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक रहा। जबिक रात का पारा भी 6 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ। इन तीनों शहरों में भी मई कभी इतनी गर्म नहीं रहीमौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, कानपुर, सुल्तानपुर और फुरसतगंज मई में कभी भी नहीं हुआ है। फुरसतगंज में पारा कभी 47 डिग्री रहा ही नहीं। इन तीनों शहरों में बुधवार को दिन का तापमान 48.4, 46 डिग्री और 47.2 डिग्री दर्ज हुआ है। भीषण लू के प्रभाव में रहे ये शहरआगरा 48 डिग्रीहमीरपुर 47.6झांसी 47.5वाराणसी 47.4उरई 47.4चुर्क 47.0फतेहपुर 46.2इटावा 45.4बहराइच 45 आगे कैसा रहेगा मौसम, ये भी जानें आगामी 4-5 दिनों के दौरान प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र पुरवा हवाओं की सक्रियता बढ़ेगी। बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं संभावित बारिश के कारण तापमान में संभावित क्रमिक गिरावट आ सकती है। परिणामस्वरूप, पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू की परिस्थितयों में 30 मई से क्रमिक सुधार होने से फ़िलहाल 1 जून से प्रदेश को लू से निजात मिलने की सम्भावना है।
Monsoon may hit Kerala and Northeast; Hope for relief from record breaking heat आईएमडी केरल में मानसून के आगमन की घोषणा तब करता है, जब 10 मई के बाद किसी भी समय केरल के 14 केंद्रों और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा होती है। इसके अलावा आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (ओएलआर) के कम होने और हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिमी की ओर होने पर भी ध्यान दिया जाता है। दक्षिण पश्चिम मानसून पूर्वानुमान से एक दिन पहले आज यानी गुरुवार को केरल तट और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को बताया था कि अगले 24 घंटों के दौरान केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी। मौसम कार्यालय ने 15 मई को केरल में 31 मई तक मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया था। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि रविवार को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से गुजरे चक्रवात रेमल ने मानसून के प्रवाह को बंगाल की खाड़ी की ओर खींच लिया है, जो पूर्वोत्तर में मानसून के जल्दी आने का एक कारण हो सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार केरल में पिछले कुछ दिन से भारी बारिश हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप मई में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और असम में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि पांच जून है। आईएमडी ने कहा कि इस अवधि के दौरान दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव, कोमोरिन, लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। आईएमडी केरल में मानसून के आगमन की घोषणा तब करता है, जब 10 मई के बाद किसी भी समय केरल के 14 केंद्रों और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा होती है, आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (ओएलआर) कम होता है और हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिमी की ओर होती है।
Heat is wreaking havoc in the state, mercury crossed 45, heatwave alert issued in 10 districts प्रदेश में नौतपा के पहले दिन से तापमान में बढ़ोतरी होती जा रही है. इसी बीच 10 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. प्रदेश में गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है. आज नौतपा का दूसरा दिन है. इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 10 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है.वहीं नौतपा के पहले दिन प्रदेश के 21 जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया. इस दौरान खंडवा, खरगोन और शाजापुर में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया. यहां पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं मौसम विभाग की मानें तो आज प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इन जिलों में रेड अलर्ट मौसम विभाग जिन जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है उनमें राजगढ़, मुरैना, श्योपुरकलां, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़ शामिल हैं. इन जिलों में ऑरेंट अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार झाबुआ, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, शाजापुर, देवास, खंडवा, खरगोन, इंदौर, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झज्ञबुआ शामिल हैं. जबकि भोपाल, विदिशा, सीहोर, नरसिंहपुर, रायसेन, उमरिया जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए शासन और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में नजर आ रहा है. डॉक्टरों को छुट्टियों पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रोक लगाई गई है.अस्पतालों में लू, वायरल और अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहे है. जिसको देखते हुए डॉक्टरों को छुट्टियों पर रोक लगाई गई है.
Monsoon alert: Cyclone will hit Bengal coast today उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा में आज और कल भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, 27 मई को मयूरभंज में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 26 मई को मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात रेमल प. बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा के बीच रविवार रात टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि चक्रवाती तूफान 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकरा सकता है। इस दौरान समुद्र में 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाके डूब सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को 27 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में न जाने को कहा है। वहीं, रेमल के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मिजोरम से लेकर बिहार तक बारिश होने की संभावना है। 21 घंटे ठप रहेगा कोलकाता एयरपोर्ट चक्रवात रेमल के चलते कोलकाता एयरपोर्ट से रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक 21 घंटे के लिए उड़ानों का संचालन निलंबित रहेगा। भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में नौ आपदा राहत टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा बंगाल में एनडीआरएफ की 12 टीमें भी तैनात की गई हैं। पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में तेज हवाएं चलने का अनुमान मौसम विभाग ने कहा, उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा में आज और कल भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, 27 मई को मयूरभंज में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 26 मई को मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 मई को असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में हल्की बारिश होने का अनुमान है। बिहार के कुछ स्थानों पर भी बारिश हो सकती है। चक्रवात रेमल के चलते बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर रविवार शाम छह बजे से 12 घंटे के लिए सभी कार्गो और कंटेनर हैंडलिंग कार्यों को बंद करने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने 26-27 मई को दक्षिण 24 परगना में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और उत्तर 24 परगना में 90 से 100 किमी प्रति घंटे से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। विभाग ने कोलकाता, हावड़ा, नादिया और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
There will be no relief from the heat yet, the Meteorological Department has issued a red alert in many states भोपाल। उत्तर भारत के मैदानी इलाके बीते पांच दिनों से भयंकर लू की चपेट में हैं। अब मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए हीट वेव का रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट जिन राज्यों के लिए जारी किया गया है, उनमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश का नाम शामिल है। गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित मौसम विभाग ने कहा है कि गर्मी को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। निचले पहाड़ी इलाकों में भी तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को देश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। इनमें राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाके शामिल हैं। गर्मी के चलते इन इलाकों में आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। गुजरात के कई इलाकों में भीषण गर्मी के साथ ही उमस हालात को और खतरनाक बना रही है। हरियाणा के सिरसा में मंगलवार को अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि देश में सबसे ज्यादा है। गर्मी का भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा भारी असर मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मंगलवार को भी राजस्थान के झुंझुनु के पिलानी में अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत में गर्मी के मौसम में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे निम्न आय वर्ग की आय भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गर्मी के चलते 2030 तक 3 करोड़ से भी ज्यादा नौकरियां जा सकती हैं। गर्मी से उत्पादकता भी प्रभावित हो रही है और इसके चलते भारत की जीडीपी को भी भारी नुकसान हो सकता है।
Bhopal will be very hot at the end of May: Temperature will reach 43° भोपाल। मई के महीने में भोपाल में भीषण गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। 10 में से 8 साल टेम्प्रेचर 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। साल 2016 में यह रिकॉर्ड 46.7 डिग्री रहा था। हालांकि, इस बार अब तक गर्मी के तेवर थोड़े नरम रहे हैं, लेकिन रविवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने 20 मई से तेज गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी किया है। 25 मई से नौतपा की शुरुआत भी हो रही है। इसके चलते भी गर्मी और लू का असर रहेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से मध्य प्रदेश के साथ भोपाल में भी मई महीने में आंधी, बारिश-ओले का दौर चला। इस वजह से दिन का टेम्प्रेचर ज्यादा नहीं बढ़ा। 7 मई को टेम्प्रेचर 42.4 डिग्री पहुंचा था। इसके बाद 19 मई, रविवार को पारा 43 डिग्री पर आ गया। एक ही दिन में डिग्री की बढ़ोतरी हुई। इस महीने 4 बार पारा 41 डिग्री पार रहा। 10 दिन में टेम्प्रेचर में उतार-चढ़ाव मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिन में भोपाल में दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 10मई को पारा 41.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि 19 मई को यह 43 डिग्री दर्ज किया गया। इधर, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। 13-14 मई की रात में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री रहा था, जो पिछली 3 रातों से 28.8 डिग्री चल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में लू का असर भी चलेगा। रात में भी गर्म हवाएं चल सकती है। अगले 4 दिन भोपाल में ऐसा रहेगा मौसम 20 मई: दिन-रात गर्मी का असर देखने को मिलेगा। बादल भी रहेंगे। दिन का टेम्प्रेचर 42 से 43 डिग्री के आसपास रहेगा। 21 मई: दिन के टेम्प्रेचर में 1 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने पारा 43 डिग्री तक जा सकता है। 22 मई: दिन में 43 से 44 और रात में पारा 30 से 31 डिग्री तक पहुंच सकता है। 23 मई: गर्मी का असर रहेगा। टेम्प्रेचर 41 से 43 डिग्री तक पहुंच सकता है।10 साल में 5 बार पारा 45-46 डिग्री के पार रहा वर्ष 2014 से 2023 तक 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो एक बार टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 46.7 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं, 4 बार पारा 45 डिग्री या इससे अधिक रहा। सबसे ज्यादा गर्मी वर्ष 2015, 2016, 2017, 2018 और 2022 में पड़ी थी। बाकी सालों में टेम्प्रेचर 45 डिग्री से नीचे ही रहा।
Hail is becoming a disaster in Madhya Pradesh, destroying the lives of farmers. मध्यप्रदेश में इन दिनों बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है. किसानों की खड़ी फसल ओलावृष्टि की वजह से तबाह हो गई है. छतरपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना सहित मध्यप्रदेश के अधिकतर इलाकों में बीते तीन दिन से ओलावृष्टि हो रही है. छतरपुर ! मध्यप्रदेश में इन दिनों बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है. किसानों की खड़ी फसल ओलावृष्टि की वजह से तबाह हो गई है. छतरपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना सहित मध्यप्रदेश के अधिकतर इलाकों में बीते तीन दिन से ओलावृष्टि हो रही है. ओले भी बड़े आकार के हैं और इनकी वजह से मध्यप्रदेश के लगभग हर जिले में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. ओलावृष्टि के कारण बर्बाद फसल को देखकर किसानों की हालत खराब हो गई है. बर्बाद फसल के बीच एक किसान के रोने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. कुल मिलाकर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने मध्यप्रदेश में बीते तीन दिन से आफत बरपा रखी है.
5 year record of rain broken in Bhopal: hailstorm also fell along with strong storm भोपाल में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश हुई। लालघाटी, कोलार इलाके में छोटे आकार के ओले भी गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, टीन शेड उखड़ गए। बीजेपी ऑफिस के बाहर लगे फ्लैक्स-बैनर भी उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ भी गिरे हैं। इस कारण पीएचक्यू ऑफिस के पास और अयोध्या बायपास समेत कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती हुई गुजरी। इससे पहले साल 2018 में फरवरी महीने में आखिरी बार बारिश हुई थी। मंगलवार को बारिश होते ही 5 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। 74 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं भोपाल में 3 से 4 बजे के बीच 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा की यह रफ्तार राजा भोज एयरपोर्ट के एटीसी टॉवर में रिकार्ड की गई। एयरपोर्ट स्थित एटीसी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार हवाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चली। इसलिए बदला मौसम IMD, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंधप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं भी चल रही हैं। जिससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। गर्मी, बारिश और ठंड का रहता है ट्रेंड राजधानी में फरवरी के महीने में रात में ठंड, दिन में गर्मी और बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो 20 फरवरी के बाद दिन का टेम्प्रेचर 43 31 डिग्री के पार पहुंच जाता है। वहीं, रातें भी ठंडी रहती हैं। इस बार भी अब तक ऐसा ही मौसम रहा। कई दिन तक पारा 30 डिग्री के पार ही रहा। हालांकि, पिछले पांच साल से बारिश नहीं हुई है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 74 साल पहले 11 फरवरी 1950 की रात में टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 1.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, पिछले 10 साल में पारा सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक कम रहता है।
Light drizzle expected in the state from today; Fog effect can be seen in most of the districts of the state. भोपाल। उत्तर भारत में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसका असर मध्यप्रदेश में 20 फरवरी से दिखाई देगा। ग्वालियर-चंबल में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे पहले बंगाल की खाड़ी से नमी आने की वजह से प्रदेश में बूंदाबांदी हो रही है। शुक्रवार को छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी और डिंडोरी में मौसम बदला रहा। बालाघाट जिले के मलाजखंड में हल्की बारिश भी हुई। वहीं, शनिवार को जबलपुर, कटनी समेत 11 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से नमी आने की वजह से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदला है। मलाजखंड में शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं, कई शहरों में बादल रहे। शनिवार से उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसके असर से 20-21 फरवरी को ग्वालियर-चंबल में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं।इन जिलों में आज रहेगा कोहरारीवा संभाग के साथ शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह और छतरपुर जिलों में। यहां विजिबिलिटी 200 से 800 मीटर तक रह सकती है।भोपाल में 19 फरवरी से फिर बादल छाएंगे राजधानी भोपाल में अगले 2 दिन मौसम साफ रहेगा, लेकिन 19 फरवरी से फिर से बादल छाएंगे। इसके अगले 4 दिन तक बादल रहेंगे। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है।