The pandal echoed with the hymns of Shyam, Chadhokar family organised Khatu Shyam Bhajan Sandhya.
स्थानीय सहित छिंदवाड़ा के कलाकारों ने दी भजन संध्या की प्रस्तुति।
हरिप्रसाद गोहे
आमला। रविवार, रात गोविंद कालोनी क्षेत्र में स्थित चढ़ोकार निवास पर चढ़ोकार परिवार द्वारा बाबा खाटू श्याम भजन संध्या का आयोजन आयोजित किया गया। जिसमे स्थानीय कलाकार महेन्द्र मानकर, एवं छिंदवाड़ा की मशहूर भजन गायिका अनुराधा ने एक से बढ़कर एक बाबा खाटू श्याम भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्याम भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उक्त आयोजन नगर में भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का अनूठा संगम बन गया।

कार्यक्रम में नगर सहित आसपास क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वरविहार ग्रुप के संचालक सुरेंद्र मानकर द्वारा किया गया। उन्होंने श्री श्याम बाबा का मनमोहक दरबार सजाया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बाबा के दरबार को फूलों, दीपों और रंगीन रोशनी से सजाया गया था।
आरती के पश्चात छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिससे वातावरण में सुगंध और भक्ति दोनों का अद्भुत समावेश हुआ। इसके बाद आमला शहर के प्रसिद्ध गायक महेंद्र मानकर ने कीर्तन की शुरुआत की। उनके द्वारा गाए गए भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महेंद्र मानकर ने एक के बाद एक कई लोकप्रिय और भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए, जिनमें “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम”, “तेरे दर पे आया हूँ श्याम”, “श्याम तेरा दीवाना” जैसे गीतों ने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति का भाव जगा दिया। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल श्याम नाम के जयकारों से गूंज उठा। भजन संध्या की शोभा तब और बढ़ गई जब छिंदवाड़ा की प्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा मंच पर पहुंचीं।

उन्होंने अपनी भक्ति और संगीत से वातावरण को और अधिक ऊर्जावान बना दिया। अनुराधा ने “तीन बार के धारी तीनों बाण चलाओ ना”, “मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब कुछ तेरा सरकार”, “जरीब की पगड़ी बांधे सुंदर आंखों वाला”, “करके इशारे बुलाई गई रे बरसाने की छोरी”, “बांके बिहारी तेरे कजरारे नैन”, “तु कृपा कर बाबा कीर्तन करवाऊंगी”, “श्याम बाबा तेरे पास आए हैं चरणों में तेरे अरदास लाया हूं”, “सुन लो कन्हैया अर्जी हमारी”, “सियाराम जी के चरणों के दास बालाजी” जैसे एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए।उनकी हर प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और युवा सभी भक्ति के इस माहौल में भावविभोर होकर नृत्य करते नजर आए। देर रात तक कीर्तन चलता रहा और पंडाल में “जय श्री श्याम”, “श्याम बाबा की जय” के जयकारे गूंजते रहे। भजन संध्या का यह आयोजन न केवल भक्तिभाव से ओत-प्रोत रहा, बल्कि इसने समाज में एकता, प्रेम और भक्ति का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में गौशाला परिवार, व्यापारी संघ, नगर के समाजसेवी, महिला मंडल और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

रात लगभग 12 बजे कार्यक्रम का समापन छप्पन भोग के प्रसाद वितरण के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के चरणों में प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की सफलता पर आयोजन समिति और यशवंत चढ़ोकार परिवार का नगरवासियों ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भक्तों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में भक्ति और सद्भाव का वातावरण बनता है और नई पीढ़ी में भी भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था जाग्रत होती है।