Tribal family homeless due to administration’s action in Sidhi, Kamleshwar Patel protested
सीधी, । जिले के डैनीहा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से हाहाकार मच गया। इस कार्रवाई में लगभग 100 आदिवासी परिवारों के घर जमींदोज कर दिए गए, जिनमें ज़ालिम कोल, लखन कोल, मोहन कोल और मसाली कोल जैसे परिवार शामिल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें अपना सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया।
पीड़ित परिवारों का दावा है कि वे पिछले 80 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे थे। कार्रवाई के बाद अधिकांश परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हो गए, जबकि कुछ को अस्थायी आश्रय स्थल ‘रंग बसेरा’ में शरण दी गई है।
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सीधी ज़िले के डेनिहा गाँव में सैकड़ों आदिवासी परिवारों के आशियानों पर बुलडोज़र चलाकर उन्हें रातों-रात बेघर कर दिया गया।
— MP Congress (@INCMP) May 30, 2025
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल मौके पर पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से… pic.twitter.com/8kDzcShMWl
कोर्ट के आदेश पर चली कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई सिविल कोर्ट के आदेश पर की गई थी। जानकारी के अनुसार, मृगेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने करीब 20 वर्ष पहले अतिक्रमण हटाने की याचिका दायर की थी, जिस पर 2020 में निर्णय आया था। हाल ही में कोर्ट ने फिर से प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
कमलेश्वर पटेल पहुंचे मौके पर, बताया अमानवीय
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग 12 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सीधी कलेक्टर को फोन कर पीड़ितों की व्यथा सुनाई।
पटेल ने इस कार्रवाई को “अन्यायपूर्ण और अमानवीय” करार देते हुए कहा,
“अगर अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो पहले इन आदिवासी परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।”
कलेक्टर बोले – पहले से जानकारी नहीं थी
सीधी कलेक्टर ने सफाई दी कि उन्हें इस कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा और प्रभावितों को राहत पहुंचाई जाएगी।









