Day: October 1, 2020
MP : बाथरूम के शावर पर लटका मिला इंजीनियर का शव, पत्नी पर ड्रग्स देकर हत्या का आरोप
भोपाल। रायसेन. मध्य प्रदेश के रायसेन निवासी एक इंजीनियर का शव कर्नाटक के बैंगलोर में मिला है. इंजीनियर का शव बाथरूम के शावर पर लटका हुआ मिला. इंजीनियर के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसकी दोस्त कंपनी मालिक पर ड्रग्स व शराब पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है. रायसेन के बरेली निवासी मृतक दिनेश मीना बैंगलोर में जॉब करता था. वह अपनी पत्नी शिवानी गोयल के साथ वहीं रहता था. बीते 23 सितंबर को फ्लैट के बाथरूम के शावर से शव लटका मिला. इसके बाद बाद परिजनों ने रायसेन पुलिस को एक आवेदन दिया है. रायसेन पुलिस को परिजनों ने आवेदन में कहा है कि 23 सितम्बर को दिनेश ने वीडियो कॉल के जरिये बहन से बात की. उसने बताया कि पत्नी शिवानी गोयल कंपनी के मालिक राजीव गुप्ता और पत्नी की सहेली साक्षी डरा धमका कर ड्रग्स देते हैं. इंजीनियर की मौत के बाद परिजन बैंगलोर शव लेने पहुंचे थे, जहां वहां की पुलिस ने भी कुछ बात सुनने से इनकार कर दिया. बरेली थाना प्रभारी मनोज दुबे ने बताया है बैंगलोर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कुछ निर्णय लिया जाएगा. आवेदन बैंगलोर तक भेजा जा रहा है। पिता ने लगाए आरोप इंजीनियर दिनेश मीना के पिता राजाराम मीना ने उसकी पत्नी व दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजाराम का कहना है कि दिनेश ने पत्नी व उसके दोस्तों की हरकतों के बारे में बताया था. दिनेश ने घरवालों को ये भी बताया था कि उसे जबरिया ड्रग्स व शराब दी जाती है. उसने दुर्घटना होने के संकेत दिए थे. बैंगलोर में उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. इसके बाद अब रायसेन में मामले की शिकायत की गई है.
MP : चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर बीजेपी प्रत्याशी को साफा पहनाने दौरान हार्ट अटैक, मौत
धार. धार की बदनावर सीट पर से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव अब बीजेपी के संभावित उम्मीदवार हैं. उनके दौरे के बीच एक दुखद घटना घट गयी. एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें साफा पहनाते हुए बीजेपी के एक बुज़ुर्ग सक्रिय सदस्य को ऐसा दिल का दौरा पड़ा कि वहीं उनकी मौत हो गयी. दौलतपुरा में ऐसे आयी मौत धार के बदनावर में उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है. बीजेपी के संभावित उम्मीदवार राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव भी गाँव गाँव चुनाव प्रचार करने में लगे हुए हैं. वो जगह-जगह जन सभाएं कर रहे हैं. लोगों से मेल मुलाकात कर रहे हैं. ऐसा ही एक कार्यक्रम बदनावर सीट के अंतर्गत आने वाले दौलतपुरा गांव में चल रहा था. ये क्या हुआ… दौलपुरा गांव में मंच सजा था. पूरे गांव में हलचल थी. पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह का यहां कार्यक्रम था. स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत में लगे थे. उन्हीं के बीच पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य चंदन सिंह उन्हें साफा पहनाने मंच पर आए. चंदन सिंह राजवर्धन को राजस्थानी साफा पहनाना चाहते थे. वो पूरे सलीके से उनके सिर पर साफा बांध रहे थे. साफा लगभग पूरा बंध चुका था बस आखिरी लपेटा मारकर वो उसे कसने की तैयारी में थे कि बस ये क्या. वो साफे के कपड़े की किनार पकड़े-पकड़े ही अचानक गिर पड़े. मौत से हड़कंप कार्यक्रम स्थल पर एकदम हड़कंप मच गया. सब एकदम हतप्रभ रह गए. मंच पर आसपास खड़े लोग चंदन सिंह को संभालने के लिए दौड़े. लपक कर सबने चंदन सिंह को उठाया. वो बेहोश हो चुके थे. कार्यकर्ता उन्हें लेकर अस्पताल भागे. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. राजवर्धन सिंह को साफा बांधने के दौरान चंदन सिंह को हार्ट अटैक आया था. उसी ने उनकी जान ले ली.
MP : सिलावट और राजपूत को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा, जानें क्यों ?
भोपाल। मध्य प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाले 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। ऐसा पहली बार होगा, जब 14 मंत्री उपचुनाव लड़ेंगे। लेकिन इसमें दो मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद गंवाना पड़ेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल 20 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। इसलिए मतदान के दिन यानि 3 नवंबर को ये दोनों बगैर मंत्री पद के मैदान में होंगे। दोनों ने कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 21 अप्रैल को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। नियमों के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति 6 माह से ज्यादा समय के लिए मंत्री नहीं रह सकता है, जो विधानसभा का सदस्य न हो। इस हिसाब से 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की यह समय-सीमा समाप्त हो जाएगी। इस समय-सीमा में उपचुनाव की प्रक्रिया भी पूरी नहीं होगी। गोविंद सिंह राजपूत सुरखी और तुलसी सिलावट सांवेर से अपनी परंपरागत सीटों से उप चुनाव लड़ रहे हैं। सिंधिया के समर्थन में 10 मार्च को 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण कमलनाथ सरकार गिर गई थी और चौथी बार शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शिवराज ने 28 दिन बाद 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल का गठन किया था, इसमें सिंधिया खेमे के तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। शिवराज सरकार के इन 14 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर कांग्रेस के 25 पूर्व विधायकों के इस्तीफे से सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ सरकार गिर गई। बाद में ये सभी भाजपा में शामिल हो गए, तब इनमें से भाजपा ने 14 को मंत्री पद से नवाजा। इन उप चुनावों में इन बगैर विधायकी के मंत्री बने मंत्रियों की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। इसमें खास ये है कि 20 अक्टूबर को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट का मंत्रिपद खत्म हो जाएगा। 3 नवंबर के ये दोनों बगैर मंत्री रहे मैदान में होंगे। इन 14 मंत्रियों में इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया और गिर्राज दंडोतिया शामिल हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि प्रावधान यही है कि 6 माह तक ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल का सदस्य रखा जा सकता है, जो विधानसभा का सदस्य नहीं है। इस अवधि में उसका विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो निर्धारित अवधि के बाद संबंधित व्यक्ति अपने आप ही मंत्री पद से हट जाता है। 21 अक्टूबर को सिलावट और राजपूत को मंत्री बने 6 माह हो जाएंगे। आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है और अब मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं हो सकता है। इसलिए दोनों नेताओं को मंत्री पद से हटना पड़ेगा।
MP : गैंगरेप … पीड़िता को अगवाकर 200 मीटर दूर खेत में ले गए थे लड़के, पीड़िता के से मारपीट
खरगोन। खरगोन जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर झिरन्या के मारुगढ़ गांव में तीन लड़कों ने 15 साल की लड़की को अगवा कर गैंगरेप करने की घटना को अंजाम दिया है। पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के दौरान घर में मौजूद पीड़िता के बड़े भाई के साथ भी आरोपियों ने जमकर मारपीट की और जल्दबाजी में बाइक छोड़कर भाग निकले। इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा – खरगोन में मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की घटना, सीहोर में फिर एक किसान की खुदकुशी की घटना, भोपाल में युवा की रोजगार ना मिलने पर खुदकुशी की घटना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पता नहीं शिवराज सरकार कब नींद से जागेगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी? कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा- खरगोन में यूपी जैसी घटना, मध्यप्रदेश के खरगोन में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ तीन अज्ञात बदमाशों ने दुष्कर्म किया और लड़की के भाई से मारपीट की। शिवराज जी, यही राक्षसराज वापस लाने के लिये विधायक ख़रीदे थे..? “बेशर्म राज” यह है घटनाक्रम घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। तीनों आरोपियों ने 15 साल की किशोरी को अगवाकर 200 मीटर दूर खेत में ले जाकर गैंगरेप किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान घर में मौजूद बड़े भाई के साथ आरोपियों ने जमकर मारपीट की। भाई ने फोन पर परिजन और पुलिस को सूचना दी। घटना के कुछ देर के बाद तीन आरोपी भी दिखे। वह बाइक लेने आए थे, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई तो उसे छोड़कर भाग गए। उनकी उम्र 20-30 साल के बीच है। पुलिस को शक है कि वे क्षेत्र के होकर इंदौर आने-जाने वाले हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक युवक (19) और छोटी बहन (15) के साथ खेत में टापरी बनाकर एक साल से मजदूरी कर रहे थे। पीड़िता ने कहा- मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था ताकि चिल्ला न सकूं रात करीब 3 बजे परिजन पीड़िता को लेकर गांव पहुंचे। यहां पीड़िता रोती रही। सुबह करीब 6 बजे पीड़िता की मां पहुंची तो उसने घटनाक्रम बताया। दो घंटे के बाद पुलिस को शिकायत की। पीड़िता ने बताया कि तीनों ने मुंह पर कपड़ा बांधा था। इसमें दो युवक आदिवासी बोली में बात कर रहे थे। जबकि एक हिंदी व निमाड़ी बोल रहा था। मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था। ताकि में चिल्ला न सकूं। ज्यादती के बाद मुझे गाली-गलौच करते हुए खूब लात-घूंसों से मारपीट की। मेरा गला दबा रहे थे। मुझे लगा अब नहीं बच सकेंगे। इसके बाद मुझे छोड़कर भाग गए। भाई को लकड़ियों से पीटा, परिजनों ने तलाशा तो रास्ते में बहन घायल मिली पीड़िता के भाई ने बताया रात 1 बजे तीन लोग आए और भाई से पीने के लिए पानी मांगा। इसके बाद वे चले गए। 10 मिनट के बाद दोबारा आए। इस बार शराब मांगी। इंकार किया तो मारपीट शुरू कर दी। दो बदमाश बहन को उठाकर खेतों की ओर ले जाने लगे। मैंने विरोध किया तो मुझे लकड़ियों से मारा। किसी तरह उनसे छूटकर गांव की तरफ भागा। खेत मालिक व बामनपुरी में परिजनों को मोबाइल से सूचना दी। इसके बाद बाइक लेकर 5 परिजन पहुंचे। परिजन ढूंढते हुए आईटीआई कॉलेज की ओर पहुंचे। यहां रास्ते मंे बहन घायल मिली। वे आसपास दिखे तो परिजनों ने तीनों का पीछा किया, लेकिन वह नहीं मिले। आरोपियों ने पीड़िता के भाई को लकड़ियों से पीटा। उसकी जांघों में सूजन आ गया। पीठ पर लकड़ी के निशान है। आरोपी जिस बाइक से आए थे वह 3 माह पहले ही इंदौर से चोरी हुई है। पुलिस ने बाइक को आसपास के लोगों से तस्दीक कराई। ताकि घटना की जानकारी मिल सके। किसी ने बाइक के बारे में जानकारी नहीं मिली। ग्रामीणाें के अनुसार पीड़िता के 5 भाई है। वह 5वीं तक पढ़ाई करने के बाद भाई के साथ खेत पर ही रहती थी। घटनास्थल से 200 मीटर दूर आईटीआई कॉलेज और पास में निर्माणाधीन कन्या परिसर भी है। एसपी शैलेंद्र चौहान के अनुसार इंदौर में बाइक के फुटेज की जांच कर रहे हैं। आरोपी क्षेत्र के हो सकते हैं, जिनका इंदौर आना-जाना हो। पीड़िता का मेडिकल कराकर अपहरण व गैंगरेप का केस दर्ज किया है। जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।
राहुल गांधी गिरफ्तार, धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिरे, गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे थे
नोएडा । उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पहली बार रोका तो दोनों कार से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के इकोटेक-1 थाना इलाके में पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिर गए। पुलिसवाले ने राहुल की कॉलर भी पकड़ी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल के हाथ में चोट लगी है। राहुल ने कहा, “पुलिस ने मुझे धक्का दिया, लाठी चार्ज किया, मुझे जमीन पर गिराया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी ही चल सकते हैं? क्या सामान्य आदमी नहीं चल सकता। हमारी गाड़ियां रोकी गई थीं, इसलिए हमने पैदल चलना शुरू किया। मैं गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलना चाहता हूं, ये मुझे रोक नहीं पाएंगे।” राहुल ने पुलिस से पूछा कि किस धारा में आप मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं, जनता और मीडिया को बताइए? पुलिस ने कहा कि सर, वो सबको बता दिया जाएगा। आपने धारा-188 का वॉयलेशन किया है। धारा 188 क्या है? 1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में जिक्र है कि अगर कोई कानून के निर्देशों और नियमों को तोड़ता है, तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे सजा भी दी जा सकती है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी यह धारा लगाई जा सकती है। 4 साल पहले राहुल-प्रियंका को नोएडा जाने से रोका गया था 2016 में भी राहुल और प्रियंका गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मुलाकात करने के लिए नोएडा पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा था। प्रियंका का सवाल प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि गैंगरेप की शिकार लड़की के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? हाथरस के मामले में प्रियंका लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री से 3 सवाल पूछे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि परिजन से जबरदस्ती छीनकर पीड़ित के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया? गांव को छावनी बनाया गया पीड़ित के गांव में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति पीड़ित के घर तक न पहुंच सके, इसके लिए गांव के बाहर मेन रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं। मीडिया को भी गांव में आने की परमिशन नहीं है। गांव के एंट्री पॉइंट पर एडीएम लेवल के अधिकारी भी तैनात हैं। पुलिस ने कहा- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा है कि अलीगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर जख्मों की बात है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि योगी को उनकी जगह पर यानी गोरखनाथ मठ भेज देना चाहिए। अगर उन्हें वह भी पसंद नहीं तो राम मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की घटनाओं का सभी को दुख है और चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के नतीजे जल्द नजर आएंगे। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के जरिए तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका राहुल-प्रियंका के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित के गांव तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक दिया। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। क्या है पूरा मामला? हाथरस जिले के चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले में दलित युवती से गैंगरेप, कमर और पैर तोड़ दिए
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले के गैंसड़ी इलाके में दलित युवती से गैंगरेप की घटना सामने आई है। यहां 22 साल की छात्रा को पहले किडनैप किया। फिर नशे के इंजेक्शन से बेहोश कर 2 आरोपियों ने दुष्कर्म किया। लड़की की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने साहिल और शाहिद नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या का केस दर्ज किया गया है। युवती कॉलेज की फीस जमा करने के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो घरवालों ने फोन किया, लेकिन फोन बंद था। शाम करीब 7 बजे युवती गंभीर हालत में रिक्शे से घर पहुंची। उसके हाथ पर कैनुला लगा था, बेहोशी की हालत में थी। बोल भी नहीं पा रही थी। परिजन तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। फिर डॉक्टर के कहने पर लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही युवती की मौत हो गई। ‘पेट में बहुत तेज जलन है, हम मर जाएंगे’ लड़की की मां ने बताया कि बेटी कॉलेज से लौट रही थी, रास्ते में कार में आए 3-4 लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे नशे के इंजेक्शन देकर दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने बेटी की कमर और पैर भी तोड़ दिए, इसलिए न तो वह खड़ी हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी। बस इतना ही कह पाई कि पेट में बहुत तेज जलन हो रही है, हम मर जाएंगे। पुलिस ने कहा- किराना स्टोर का मालिक ही मास्टरमाइंड पुलिस का कहना है कि वारदात गैंसड़ी गांव में एक किराना स्टोर के पीछे के कमरे में हुई। पीड़ित की सैंडल उसी कमरे के बाहर मिली हैं। दुकान मालिक ही घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपियों ने दुष्कर्म और मारपीट के बाद पास के ही डॉक्टर से पीड़ित का इलाज करवाने की कोशिश की थी। पुलिस ने अंतिम संस्कार में फिर जल्दबाजी दिखाई न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में पुलिस ने हाथरस के मामले की तरह ही जल्दबाजी दिखाई। बलरामपुर की पीड़ित का का अंतिम संस्कार भी भारी पुलिस बल की तैनाती में मंगलवार रात को ही करवा दिया गया। यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की सहमति से ही अंतिम संस्कार किया गया।
MP : सीहोर में किसान ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, 7 लाख का बैंक का कर्ज था
सीहोर। प्रकृति की मार से बर्बाद हुए किसान अब खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं। इसका कारण यह है कि एक तरफ सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तो दूसरी तरफ बैंक और सोसायटियों के कर्ज की चिंता उनको सता रही है। बुधवार को गांव नापलाखेड़ी में 55 वर्षीय एक किसान ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन पर 7 लाख का बैंक का कर्ज था और फसलें खराब होने से वे बहुत परेशान थे। जबकि इस मामले में प्रशासन पारिवारिक विवाद बता रहा है। इसी दिन केंद्र सरकार की टीमे भी नुकसान का निरीक्षण करने आई थी। मृतक के बड़े बेटे संतोष वर्मा ने बताया कि उनकी 6 एकड़ जमीन है। इसमें सोयाबीन बोई थी जो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। घर सहित अन्य कामों के लिए उन्होंने बैंक और सोसायटी से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। फसलें खराब होने के बाद से ही वे चिंता में थे कि आखिर कर्ज कैसे चुकाएंगे। कुछ दिनों से वे ज्यादा परेशान थे। बेदाखेड़ी में देखा खेत आष्टा | बुधवार को टीम भोपाल-इंदौर हाईवे पर स्थित बेदाखेड़ी गांव पहुंची। गांव के अंतिम छोर पर रुकी और 10 मिनट रूककर एक किसान का खेत देखा तथा चर्चा कर आगे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाबरी, डोडी में भी कुछ देर फसलों का जायजा लिया। बेदाखेड़ी गांव में किसान हिम्मत सिंह के खेत पर पहुंचकर फसल को देखा। 10 मिनट के अंतराल में रोड किनारे के खेत देखने के बाद किसानों से चर्चा कर निकल गए। बहुत देर कर दी आते-आते भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम ने जिले में विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम उस समय आई है जब 70 प्रतिशत से अधिक रकबे में फसलों की कटाई हो चुकी है। टीम में संयुक्त सचिव भारत सरकार राजवीर सिंह, ,अवर सचिव हरित कुमार शाक्य शामिल थे। इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, कलेक्टर अजय गुप्ता भी टीम के साथ रहे।
Bigg Boss 14: सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां, हर हफ्ते लेंगी 25 लाख रुपए
मुंबई। टेलीविजन का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो एक बार फिर से नए सीजन के साथ वापसी करने को तैयार है. शो के 14 सीजन को लेकर फैंस खासा एक्साइटेड है खासकर कंटेस्टेंट की लिस्ट को लेकर. इस बार सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां. शो के शुरू होने से पहले ही राधे मां सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं. वहीं अब मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी फीस से लेकर मेकर्स से एक बात पर असहमति तक कई तरह के चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. बिग बॉस के घर में मेकर्स ने राधे मां की एंट्री कंफर्म कर दी है. बीते मंगलवार राधे मां का एक वीडियो कलर्स चैनल के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया गया था, जिसमें वो बिग बॉस के घर में एंट्री लेती दिख रही थीं. वहीं बैकग्राउंड में उनकी आवाज भी सुनाई दे रही थी. इस बीच मीडिया रिपोर्ट में राधे मां की फीस को लेकर दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राधे मां की फीस इतनी तगड़ी है कि वो ‘बिग बॉस 14’ की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली कंटेस्टेंट बन गई हैं. इस रिपोर्ट में बिग बॉस फैन पेज के हवाले से बताया जा रहा है कि राधे मां को बिग बॉस के घर में रहने के लिए हर हफ्ते 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. ये ऑफर इस सीजन में आने वाले सभी कंटेस्टेंट से ज्यादा है. हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके अलावा स्पॉटबॉय की एक रिपोर्ट में राधे मां और शो के मेकर्स बीच असहमति का दावा किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बिग बॉस के मेकर्स ने उनसे उनका त्रिशूल घर के बाहर ही छोड़कर जाने के लिए कहा था लेकिन राधे मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं. बताया जा रहा है कि बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स के लिए नियम है कि वो कोई ऐसी चीज घर में लेकर नहीं जा सकते जिससे सामने वाले को नुकसान पहुंच सके. अब देखना होगा कि इस असहमति का अंजाम क्या होगा.