कलम के धनी और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे हरीश
Harish was a master of pen and an embodiment of humility. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंसी (आईकॉम) पर शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं श्रीराम एक्सप्रेस के संपादक हरीश उपाध्याय के आकस्मिक निधन पर रविवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। शहर के पत्रकार, समाज सेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की | साथ ही उनका पुण्य स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति व शोक संतृत्प परिवार को साहस और धैर्य प्रदान करने के लिए दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान डॉ. सुरेश सम्राट ने कहा कि उनकी पत्रकारिता में लंबी व सफल पारी रही। पत्रकारिता का माहौल बदलने पर रचनात्मकता की गुंजाइश खोजी। साहित्य को बढ़ावा दिया। राज एक्सप्रेस के संपादक अनुराग त्रिवेदी ने कहा वे विनम्र स्वभाव की प्रतिमूर्ति थे। राकेश अचल ने उनके पत्रकारिता के मूल्यों का उल्लेख किया। आईकॉम के डायरेक्टर डॉ. केशव पाण्डेय ने पत्रकारिता जीवन की उनकी उपलब्धियों को याद कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को जीवन में आत्मसात किया और उसे जीकर दिखाया। अपनी कलम से राष्ट्रहित, समाज हित की पत्रकारिता की। सादगी, सरलता, और सहजता के साथ वे विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। पत्रकारिता में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रिंट से पत्रकारिता की शुरूआत करने वाले हरीश उपाध्याय वास्तविक रूप से कलम के धनी थे। श्रद्धांजलि सभा को स्वर्गीय हरीश उपाध्याय के भाई गिरीश उपाध्याय, पुत्र अक्षत उपाध्याय सहित श्रीराम एक्सप्रेस के प्रधान संपादक प्रकाश नारायण शर्मा, रविंद्र झारखरिया, सुरेंद्र माथुर, आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री, रवि शेखर, राजेश अवस्थी लावा, महेश मुदगल, सुजाता संग्राम सिंह, रामबाबू कटारे एवं विजय पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इनका मानना था कि स्वर्गीय हरीश उपाध्याय ने ग्वालियर की कला, संस्कृति, सभ्यता, साहित्य, परिवेश और लोकरंग को अपनी पत्रकारिता के जरिए आगे रखा। उनका आकस्मिक निधन ना केवल पत्रकारिता के लिए बल्कि हर आम ओ खास के लिए अपूरर्णीय क्षति है। मौजूद लोगों ने उपाध्याय के परिवारजनों को इस वज्रघात को सहने की हिम्मत देने के साथ उनकी पुण्य आत्मा को श्री चरणों में जगह देने की प्रार्थना की। पुष्पाजंलि अर्पित करने वालों में विजय पाराशर, पीडी पाण्डेय, सुनील शर्मा, रामचरण रुचिर, सुनील भदौरिया, डॉ. वंदना प्रेमी, केसी राजपुरिया, आदेश सक्सेना, डॉ. आदित्य भदौरिया, विवेके सुड़ेले, जितेंद्र जादौन, प्रमोद पचौरी, भूपेंद्र प्रेमी, अनिल कांत, मनीष मौर्य, हरिओम गौतम, अरविंद जैमिनी, मनोज अग्रवाल, राजेंद्र मुदगल, आलोक द्विवेदी, गौरव शर्मा एवं मनीष शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे।