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भाकपा के प्रदेश सचिव ने कहा- प्रियंका गांधी को वॉकओवर नहीं देगी कम्युनिस्ट पार्टी उतारेगी उमीदवार

TI's luxurious hotel demolished by bulldozer, major action taken by forest department

नई दिल्ली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मंगलवार को कहा कि वह वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाद्रा के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारेगी। भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में शामिल भाकपा के पास वायनाड लोकसभा सीट है और उसका उम्मीदवार उपचुनाव में चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा, “इसमें संदेह क्या है? भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ऐसा कुछ नहीं करेंगे जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुकूल हो। हम निश्चित रुप से वहां अपना उम्मीदवार उतारेंगे।” प्रियंका गांधी वाद्रा की उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर बिनॉय विश्वम ने कहा कि कांग्रेस को किसी भी क्षेत्र में अपना उम्मीदवार चुनने की पूरी स्वतंत्रता है। वाम नेता ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी की योजना वायनाड सीट खाली करने की थी, तो उन्हें राहुल गांधी जैसे एक प्रमुख नेता को दक्षिण में लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता एनी राजा ने हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि राहुल गांधी ने यह सीट 364422 मतों से जीती थी। उन्हें कुल 647445 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर रहीं एनी राजा को मात्र 283023 वोट मिले थे और उन्हें 364422 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। वायनाड से तीसरे नंबर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन रहे थे जिन्हें 141045 वोट मिले। नयी दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की एक बैठक के बाद कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट बरकरार रखेंगे और वायनाड सीट खाली करेंगे। उन्होंने कहा कि वायनाथ से राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाद्रा चुनाव लड़ेंगी। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में वायनाड और रायबरेली दोनों सीट पर जीत हासिल की थी। उन्हें चार जून को आए लोकसभा चुनाव के नतीजों के 14 दिनों के अंदर एक सीट खाली करनी थी।  

किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि पर किसानों ने जताई खुशी, सभी किसान भाइयों ने हर्ष व्यक्त किया

रोहतक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी दौरे के दौरान किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 20 करोड़ रुपए की 17वीं किस्त जारी की, जिससे 9 करोड़ 26 लाख किसान लाभान्वित हुए। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की ओर से 30,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को कृषि सखियों के रूप में प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। पीएम मोदी के इस कदम के बाद लाभान्वित किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं है। सभी किसान भाइयों ने प्रधानमंत्री के इस कदम पर हर्ष व्यक्त किया है। रोहतक के एक किसान ने पीएम मोदी के इस कदम पर कहा कि किसान सम्मान निधि से हम जैसे किसान भाइयों को बहुत फायदा मिला है। कई बार खाद सहित अन्य छोटी-मोटी सामग्री लेने के लिए हमारे पैसे नहीं होते हैं। यह योजना काफी उपयोगी है। हालांकि, हम इस योजना से खुश हैं, लेकिन हमारी मांग है कि इसके अंतर्गत मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाए। हमारे खर्चे बढ़ गए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए कई बार अधिक राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे में हमारी प्रधानमंत्री से मांग है कि वो इस राशि को बढ़ाएं ताकि हमारी जरूरतें पूरी हो सके। किसानों का कहना है कि किसान सम्मान निधि से मिलने वाली 6 हजार रूपए की राशि को 12 हजार रूपए किया जाए ताकि हमारी जरूरतों की पूर्ति हो सके। वहीं, हमें इस बात की भी खुशी है कि यह राशि हमें हमारे खाते में मिलती है। बीच में कोई मिडिल मैन नहीं है। रोहतक के अन्य किसान ने किसान सम्मान निधि योजना पर कहा कि हमें अच्छा लगता है, जब हमारे खाते में पैसे आते हैं। बीच में कोई मिडिल मैन नहीं होता। हमारी कई प्रकार की छोटी-मोटी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पहले हमें इन्हीं जरूरतों के लिए दूसरों पर आश्रित होना पड़ता था, लेकिन आज हमारी हर प्रकार की जरूरत आसानी से पूरी हो जा रही है और यह सब कुछ अगर किसी के प्रयास की वजह से हो पा रहा है, तो वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिनके प्रति हम सभी किसान भाई अपना आभार प्रकट करते हैं। रोहतक के एक अन्य किसान ने भी इस योजना को लेकर अपनी खुशी व्यक्त की। किसान ने कहा कि किसान सम्मान निधि से हमें बहुत फायदा हुआ है। ट्रैक्टर का किराया, खाद, बीज की कीमत की वसूली हो जाती है। पहले हमें इन सब चीजों के लिए दूसरों से पैसा लेना पड़ता था, लेकिन अब ये सारी जरूरतें हमें आसानी से प्राप्त हो जा रही हैं।

देवी अहिल्या इन्दौर और ताइवान के विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व में सेमी-कंडक्टर और चिप-डिजाइन क्षेत्र के सिरमौर ताइवान के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर द्वारा शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधी गतिविधियों के लिए किए जा रहे एमओयू से मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और निवेशकों के लिए प्रगति के नए द्वार खुलेंगे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने ताइवान के छह अलग-अलग विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है। राज्य सरकार की हरसंभव कोशिश होगी कि ताइवान के साथ प्रदेश के संबंध प्रगाढ़ हों और शासन स्तर पर एमओयू क्रियान्वयन में कोई कठिनाई नहीं आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा टिकाऊ भविष्य के लिए पर्यावरण प्रबंधन विषय पर इंदौर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ कार्यक्रम को समत्व भवन भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में इन्दौर में आई-शु यूनिवर्सिटी ताइवान तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए साथ ही विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद तथा भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। जैसे हम स्वयं की चिंता करते हैं वैसे ही ब्रह्मांड की चिंता करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टिकाऊ भविष्य के लिए पर्यावरण प्रबंधन विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिदृश्य में बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी संस्कृति पर्यावरण के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए हमें प्रेरित करती है, हमारे वेद यह शिक्षा देते हैं कि जैसे हम स्वयं की चिंता करते हैं वैसे ही ब्रह्मांड की चिंता करें। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर नवाचार करने में अग्रणी रहा है इस उद्यमशीलता के लिए विश्वविद्यालय बधाई का पात्र है। पर्यावरण की दृष्टि से मध्य प्रदेश पर्याप्त संपन्न है। विश्व के सम्मुख मौजूद पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी हर स्तर पर प्रयास कर रही है। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण और जन-जन में पर्यावरण की प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के अनेक बिंदु समाहित हैं। इन्दौर में लगाये जायेंगे 51 लाख पौधे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्रम में राज्य सरकार ने साढ़े 5 करोड़ पौधे लगाने का प्रण किया है। इस अभियान में इंदौर में भी 51 लाख पौधे लगाए जाएंगे। प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एक पखवाड़े तक चलाया गया अभियान पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा और प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही। इन्दौर में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इन्दर सिंह परमार, इन्दौर सांसद श्री शंकर लालवानी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. रेणु जैन, आई-शु यूनिवर्सिटी ताइवान के प्रेसिडेंट डॉ. कुआंग तथा अन्य अधिकारी व विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

अब आरोपितों से पूछताछ EOW कार्यालयों में ही होगी, नए भवनों में बनेंगे लॉकअप

भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) आरोपितों से पूछताछ अपने ही भवनों में करेगा। अब नए बनने वाले सभी भवनों में इसके लिए लाकअप की व्यवस्था भी की जाएगी। पहले से बने भवनों में भी लाकअप के लिए जगह देखी जा रही है। अभी आरोपितों को जिला पुलिस बल के थानों में रखा जाता है। जहां आरोपितों को रखा जाएगा वहां पर रात में पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता होगी।   अलग-अलग पाली में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सुरक्षा के लिए लगानी होगी। इसके अतिरिक्त खान-पान की व्यवस्था भी करनी होगी। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने कहा कि नए भवनों की आरोपितों को रिमांड पर रखने की व्यवस्था रहेगी। आवश्यकता होने पर उन्हें पूछताछ के लिए यहां रखा जा सकेगा। ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त भोपाल स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में भी इसी तरह की व्यवस्था की जा रही है।

अब मध्यप्रदेश की पुलिस आयुक्त व्यवस्था में लागू होगा यूपी मॉडल, ग्रामीण क्षेत्र भी आएंगे दायरे में

भोपाल इंदौर व भोपाल के बाद अब जबलपुर और ग्वालियर में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने से पहले मध्य प्रदेश सरकार इसमें बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था में पुलिस आयुक्त प्रणाली वाले जिले के ग्रामीण क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वर्ष 2022 में लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त व्यवस्था में बदलाव कर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिला दिया था। इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी तैयारी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि शहरी और देहात क्षेत्र अलग-अलग होने से किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। शिवराज सरकार ने लागू की थी व्यवस्था मध्य प्रदेश में दिसंबर 2021 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने इंदौर और भोपाल में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू की थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के थानों को अलग कर दिया गया था। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग व्यवस्था होने से कानून व्यवस्था में दिक्कत आ रही है। सीमा विवाद भी होता है। समन्वय बनाने में मुश्किल होती है। पूरे जिले में एक जैसी व्यवस्था यही कारण है कि अब पूरे जिले में एक जैसी व्यवस्था की जाएगी। एक कारण यह भी है कि भोपाल और इंदौर में लगभग तीन चौथाई शहरी थाने हैं, इसलिए जिले के सभी थानों को एक व्यवस्था में लाना बेहतर माना जा रहा है। बता दें कि भोपाल में 38 शहरी और सात ग्रामीण, इंदौर में 34 शहरी और 13 ग्रामीण थाने हैं। इस तरह की आ रही दिक्कत पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक दिक्कत कानून-व्यवस्था बनाने में समन्वय को लेकर आती है। देहात पुलिस के पास संसाधन कम हैं। उन्हें पुलिस आयुक्त कार्यालय से सहायता लेनी पड़ती है। देहात में पुलिस लाइन ऑफिस भी नहीं हैं। बल की भी उनके पास कमी रहती है। पुलिस आयुक्त व्यवस्था में आने पर संसाधनों का समुचित उपयोग हो सकेगा। ग्वालियर व जबलपुर में जल्द होगी लागू सरकार ने ग्वालियर और जबलपुर में इसी वर्ष पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी इसकी घोषणा की थी। पुलिस मुख्यालय की CID शाखा दोनों शहरों में होने वाले अपराध के आंकड़े एकत्र कर रही है। इसी आधार पर निर्धारित होगा कितना बल आवश्यक होगा। इसके बाद पद स्वीकृत करने की प्रक्रिया होगी। इस वर्ष अंत तक दोनों शहरों में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ सीएम साय करें बृजमोहन को मंत्री पद से बर्खास्त : कांग्रेस अध्यक्ष

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले दिनों सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को उन्होंने इस्तीफा सौंपा। हालांकि वो मंत्री पद पर छह महीने तक बने रहेंगे। अब इस मामले में विपक्ष ने सवाल उठाया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बृजमोहन अग्रवाल को तत्काल बर्खास्त करें? अग्रवाल सांसद का चुनाव जीतने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिये हैं। दीपक बैज ने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि वो विधायक के साथ ही मंत्री पद से भी इस्तीफा दे देते, लेकिन उन्होंने मंत्री पद के लालच में सारी नैतिकताओं को किनारे कर दिया। संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना सही नहीं है। इससे सिद्ध होता है कि बीजेपी नेता सत्ता और पद लोलुपता होते हैं। सत्ता में बने रहना ही उनके लिये सब कुछ होता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि कांग्रेस राज्यपाल से भी मांग करती है कि यदि बृजमोहन मंत्री पद से खुद इस्तीफा नहीं देते है या मुख्यमंत्री उनको नहीं हटाते हैं तो राज्यपाल स्वयं उनको मंत्री पद से बर्खास्त कर एक नजीर प्रस्तुत करें। राज्य में संवैधानिक नैतिकता की रक्षा का दायित्व राज्यपाल के पास ही है। राज्य की जनता उनसे अपेक्षा कर रही है कि वो बृजमोहन को तत्काल बर्खास्त करें। ली चुटकी, कहा- यह सब बीजेपी में ही संभव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोई सांसद पद पर तत्काल निर्वाचित व्यक्ति यह कहकर मंत्री पद नहीं छोड़ रहा है कि वह छह महीने तक मंत्री बना रह सकता है। यह सब बीजेपी में ही संभव है। भाजपा और मुख्यमंत्री बताये कि क्या वह भी अग्रवाल के इस निर्णय के साथ है या राजनैतिक सुचिता को देखते हुये मुख्यमंत्री उन्हें बर्खास्त करेंगे। ‘बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग’ बैज ने कहा कि कोई व्यक्ति बिना विधानमंडल का सदस्य रहते हुये भी छह महीने तक मंत्री पद धारित कर सकता है। उसे छह महीने के अंदर सदन का सदस्य निर्वाचित होना होता है, लेकिन बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग हैं। उन्होंने सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया है। यहां पर छह महीने के अंदर सदस्य के निर्वाचन की अपेक्षा वाली बात लागू नहीं होती है। ऐसे में संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है।

बंगाल में हिंसा का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेताओं को कार्यकर्ताओं ने ही घेरा, कहा- किसी ने परवाह नहीं की…

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so

कोलकाता पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का जायजा लेने पहुंचे भाजपा के केंद्रीय नेताओं को अपने ही कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ा। भाजपा की 4 सदस्यीय केंद्रीय टीम जब दक्षिण 24 परगना जिले के अम्ताला पहुंची तो वहां पार्टी के ही लोगों ने घेर लिया और विरोध करने लगे। इन लोगों का कहना था कि हमें टीएमसी के लोगों ने बुरी तरह पीटा और घर छोड़कर भागना पड़ गया। इतनी हिंसा के बाद भी पार्टी के नेताओं ने हमारी परवाह नहीं की और कोई हाल पूछने भी नहीं आया। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इन लोगों का कहना था कि हमें हिंसा के चलते विस्थापित होना पड़ा है। इससे पहले सोमवार को भाजपा नेताओं की टीम कूचबिहार गई थी, जहां हिंसा पीड़ित पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। भाजपा ने जिन नेताओं को हालात का जायजा लेने के लिए बंगाल भेजा है, उनमें वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, बिप्लब देब, राज्यसभा सांसद बृजलाल और कविता पाटीदार शामिल हैं। यह टीम उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रही है, जिन्हें हिंसा के चलते बेघर होना पड़ा है। टीएमसी के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के बाद भाजपा के लोगों पर हमला बोल दिया। कूचबिहार, दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब ने कहा कि चुनाव के बाद हिंसा करना टीएमसी की आदत पड़ गई है। टीएमसी वाले जितना जल्दी अपना रवैया बदल लेंगे, उनके लिए उतना ही अच्छा होगा। वहीं टीएमसी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि इससे दिखता है कि उनके बीच आपस में ही जंग है। किस तरह भाजपा के कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उन्होंने चुनाव बाद हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सब बातें गलत हैं। भाजपा तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।  

स्कूल चलें हम अभियान में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा सीएम राइज स्कूल मल्हारगढ़ के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ सीएम राइज स्कूल में स्कूल के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। स्कूल चलें हम अभियान के तहत यह कार्यक्रम प्रदेश के साथ-साथ सभी जिलों तथा जिलों के प्रत्येक विद्यालय में आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने स्कूल में प्रवेश पाने वाले नवीन बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया तथा उन्हें मंच से ही पुस्तके भी भेंट की। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं। आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम प्रदेश के साथ-साथ जिले में भी मनाया जा रहा है। बच्चों का स्वागत कर स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। बच्चों का मन सच्चा होता है, उनको जैसा चाहे वैसा गढ़ा जा सकता है, लेकिन यह जिम्मेदारी पालक और शिक्षक की होती है कि उन्हें सही मार्ग दिखाए। सीएम राइज स्कूल के माध्यम से बच्चों को न सिर्फ अच्छा वातावरण मिल रहा है बल्कि बेहतर शिक्षा भी मिल रही है। श्री देवड़ा ने स्कूल में बच्चों को समझाया कि किस तरह शिक्षक की बात मानना चाहिए, किस तरह शिक्षा हमें अच्छे भविष्य की ओर ले जाती है। बचपन सीखने के लिए होता है, इसलिए सभी मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करें। उन्होंने कलेक्टर को भी निर्देश दिये कि सीएम राइज स्कूल में अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश करवाए, जिससे अधिक से अधिक बच्चे नि:शुल्क बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बहुत जल्द गांधी सागर का पानी मल्हारगढ़ के खेतों तक पहुंचेगा। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर शुद्ध पीने का पानी पहुंचेगा, इन दोनों योजना के कार्य प्रगति पर है, जल्द ही कार्य पूर्ण हो जाएंगे। मल्हारगढ़ में 50 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्कूल परिसर में ही पौधारोपण किया तथा सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आहवान किया।  

मोदी श्रीनगर में मनाएंगे योग दिवस, मंत्री जाधव ने कहा कि इस बार योग दिवस की थीम है, ‘योग स्वयं और समाज के लिए

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नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी इस साल योग दिवस के मौके पर श्रीनगर में होने वाले आयोजन में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम डल झील के पास ही स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित किया जाएगा। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। जाधव ने कहा कि इस बार योग दिवस की थीम है, ‘योग स्वयं और समाज के लिए।’ जाधव ने कहा कि इस थीम का अर्थ है कि कैसे हम योग से खुद की आतंरिक शक्ति बढ़ा सकते हैं और समाज का भी कल्याण इससे संभव है। मंत्री ने कहा कि योग से शारीरिक, मानसिक औक आध्यात्मिक विकास होता है। इसके अलावा समाज में भी सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपील की है कि गांवों में हर व्यक्ति तक योग दिवस का संदेश पहुंचाया जाए और उन्हें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें। यही नहीं इस दौरान उन्होंने दृष्टिहीनों के लिए ब्रेल लिपि में एक पुस्तक भी रिलीज की, जो योग पर आधारित है। यह पुस्तक बच्चों को योग सीखने और उसका अभ्यास करने में मदद करेगी। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने योग दिवस के प्रस्ताव को माना था और तब से ही हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस के अलावा पीएम मोदी इस सप्ताह के रविवार से दोबारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम शुरू करने वाले हैं। आगामी 30 जून को एक बार फिर आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यकम ‘मन की बात’ में देशवासियों के साथ विचार साझा करेंगे। मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर खुद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘आपको यह बताते हुए प्रसन्न्ता हो रही है कि चुनाव के कारण कुछ महीने के अंतराल के बाद ‘मन की बात’ की एक बार फिर से वापस हो रही है। इस महीने का कार्यक्रम 30 जून को होगा। आप सब इस कार्यक्रम के लिए ‘माईगोव ओपन फोरम’ या ‘नमो एप’ पर अपने विचार साझा करें। आप 1800117800 पर अपने संदेश रिकार्ड भी कर सकते हैं।’ चुनाव से पहले बंद हुआ था ‘मन की बात’ कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद देशवासियों के साथ संवाद के लिए आकाशवाणी पर मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ शुरू किया था। उनके दूसरे कार्यकाल में भी यह कार्यक्रम हर महीने प्रसारित किया गया। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले गत मार्च में आम चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने पर यह कार्यक्रम बंद हो गया था। मोदी ने इसी महीने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है और इसी महीने से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण शुरू करने की घोषणा कर दी है। यह मन की बात की 111 वीं कड़ी होगी।  

पिपलानी से खजूरीकला सड़क निर्माण में तेजी लायें : राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल बावड़ियाकला को होशंगाबाद रोड से जोड़ने वाले बाबूलाल गौर रेलवे ओव्हर-ब्रिज पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाये। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस, ब्रिज कॉर्पोरेशन और एमपीईबी के अधिकारी 19 जून को मौका-मुआयना कर यातायात में सुधार के लिये किये जाने वाले कार्यों का प्रतिवेदन दें। यातायात पुलिस स्मार्ट सिटी के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करायें। यह निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिये। बैठक में श्रीमती गौर ने पिपलानी से खजूरीकला निर्माणाधीन मार्ग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मार्ग में आ रहे बिजली के खम्बों की शिफ्टिंग में हो रहे विलंब पर नाराजगी व्यक्त की। श्रीमती गौर ने कहा कि बिजली खम्बों की शिफ्टिंग अगले एक हफ्ते में किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में नगर निगम, राजस्व, लोक निर्माण विभाग, एमपीईबी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  

शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ कर दिया है। इन स्कूलों में विश्व स्तरीय बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टीचिंग, नि:शुल्क वाहन सुविधा, एक्सपोजर विजिट के साथ-साथ अन्य आधुनिक संसाधनों की सुविधा विद्यार्थियों को प्राप्त होगी। अन्य विद्यालयों में भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश के 416 विद्यालयों में पीएमश्री योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन सुविधाओं का अन्य शालाओं में भी विस्तार होगा। प्रदेश के विद्यार्थी महापुरूषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के पथ पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्कूल चलें हम अभियान 2024 के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाला में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दुलार कर, तिलक लगाकर व पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपर-100 योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में जेईई एडवासं में आईआईटी में प्रवेश लेने वाले शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ग्राम सालीचौका जिला नरसिंहपुर के श्री पवनराय, ग्राम रक्सहाकलॉ जिला रीवा के श्री शीतल सिंह, सतना जिले ग्राम अतरार के श्री साहिल पाल, भोपाल के श्री रविराज विश्वकर्मा का सम्मान भी किया। स्कूल शिक्षा स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सफल जीवन जीने की प्रेरणा और अनुभव प्रदान करने के भी महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश की सभी व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। इसी क्रम में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का सकारात्मक प्रभाव हमारी वर्तमान पीढ़ी में परिलक्षित होगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में देश में अग्रणी रहा है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कर मध्यप्रदेश देश में आगे रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण ने शाला स्तर पर ज्ञानार्जन और मित्रता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ विद्यालय के परिवेश के बारे में सोचना और उसे बेहतर बनाना आवश्यक है। विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश और मार्गदर्शन दें, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करते हुए नैतिक मूल्यों के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गुरूकुल में अपनी प्रतिभा और योग्यता के बल पर विभिन्न विद्याओं और कलाओं में दक्षता अर्जित की, साथ ही दुनिया के सामने मित्रता का भी श्रेष्ठतम उदाहरण प्रस्तुत किया। जनजातीय कार्यमंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगियों परीक्षाओं की तैयार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ की गई सुपर-100 योजना का विस्तार सभी संभागों तक किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व प्रोटेम विधानसभा स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

राजस्थान-दौसा में जमीन विवाद में महिलाओं के पथराव में सात पुलिसकर्मी घायल

दौसा. दौसा जिले के सिकंदरा थाना अंतर्गत रेटा गांव में दो चचेरे भाइयों के आपसी में विवाद में बीच बचाव कराने गई पुलिस पर ही लोगों ने पथराव कर दिया। इस हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक पक्ष की चार महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार रेटा गांव की खारवाल की ढाणी में दो भाइयों के बीच बाउंड्री वॉल को लेकर झगड़े की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस के पहुंचते ही दूसरे पक्ष के लोग भड़क गए और पुलिस पर पथराव करने लगे इस दौरान सात पुलिसकर्मियों को चोट आई। उधर, दौसा जिला पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा के अनुसार दो चचेरे भाइयों के बीच विवाद में बीच बचाव के लिए गई पुलिस को दूसरे पक्ष के लोगों ने देखते ही पहले तो पथराव शुरू कर दिया और बाद में महिलाओं को आगे कर दिया, ताकि वो पुलिस को कार्रवाई करने से रोक सकें। इस बीच पुलिस ने अपना बीच बचाव करने के लिए उन महिलाओं को धक्का-मुक्की करके जैसे तैसे हटाया, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस मामले पर दौसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि एक पक्ष के लोग पिछले दिनों पानी की टंकी पर इसी मामले को लेकर चढ़कर दबाव बना रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने जैसे-तैसे समझा करके उन लोगों को टंकी से नीचे उतारा था। इस जमीन पर निर्माण चल रहा था। दूसरा पक्ष बार-बार उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा था। इसी विवाद में बचीबचाव के लिए पुलिस को रेटा गांव के खारवाल की ढाणी में समझाइश करने गई थी। सिकंदरा थाना अधिकारी महावीर सिंह की माने तो मौके पर दूसरे पक्ष की महिलाएं पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पुलिस वालों वालों को पकड़ने लगीं। इसी धक्का-मुक्की का वीडियो बनाकर दूसरे पक्ष ने वायरल किया है। अब इस झगड़े के बीच पुलिस ने भी अपनी तरफ से वीडियो बनाकर मीडिया के सामने जारी किया है। इस सारे प्रकरण में पुलिस ने एक पक्ष की चार महिलाएं समेत सात लोगों की गिरफ्तारी की है। जमीनी विवाद का यह मामला दो चचेरे भाइयों के बीच पिछले 10 साल से लगातार चल रहा है।

बंगाल हादसे ने उजागर की कमी- रेलवे के 69 हजार किलोमीटर नेटवर्क में महज 1500 KM में ‘कवच’

नई दिल्ली सोमवार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भीषण रेल हादसा हुआ। यहां खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से आ रही मालगाड़ी ने टक्कर मार दिया। इस हादसे में 6 साल के बच्चे समेत कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद रेल यात्रा के दौरान यात्रियों के सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत में स्वदेशी रूप से तैयार की गई  स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ चर्चा में है। इसे आरडीएसओ ने तीन भारतीय फर्मों के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित किया है। कवच एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के चलने पर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करने के लिए भारत में निर्मित एक प्रणाली है। दार्जिलिंग में यह पटरियों पर नहीं लगी हुई थी, जहां दो ट्रेनें टकरा गई। वर्तमान में कवच सिर्फ 1,500 किलोमीटर के ट्रेन ट्रैक (दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र में) में ही काम कर रही है। भारतीय रेलवे लगभग 69,000 किलोमीटर की कुल लंबाई के मार्ग का प्रबंधन करता है। विकास के दौरान कवच को दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र में वाडी-विकाराबाद-सनतनगर और विकाराबाद-बीदर में 25 स्टेशनों को कवर करते हुए 264 किलोमीटर की लंबाई के लिए लगाया गया था। 2020-21 के दौरान, सिस्टम को 32 स्टेशनों को कवर करते हुए अतिरिक्त 322 किलोमीटर के लिए इंस्टॉल किया गया था। वहीं 2021-22 में, सिस्टम को 77 स्टेशनों को कवर करते हुए और 859 किलोमीटर में लगाया गया था। इसके साथ ही कवच अब 1,445 किलोमीटर में लगाया जा चुका है। इसमें 133 स्टेशन, 29 एलसी गेट और 74 इंजनों को कवर करने वाले 68 किलोमीटर रूट में स्वचालित सिग्नलिंग शामिल हैं। मनमाड – मुदखेड़ – निजामाबाद – सीताफलमंडी – कुरनूल – गुंतकल (सिकंदराबाद और गुंतकल स्टेशनों को छोड़कर); परभणी – बीदर – विकाराबाद – वादी और वादी – सनतनगर जैसे जगहों पर कवच लगाया जा चुका है। ट्रिब्यून ने एक रेलवे अधिकारी के हवाले से बताया कि मुंबई-हावड़ा और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर अन्य 3,000 किलोमीटर मार्ग पर प्रगति हो रही है। कैसे काम करता है कवच? यदि ड्राइवर समय पर ब्रेक लगाने में सफल नहीं हो पाता है तो कवच स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है। आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग पटरियों और स्टेशन यार्ड और सिग्नल पर पटरियों की पहचान करने और ट्रेन और उसकी दिशा का पता लगाने के लिए लगाए जाते हैं। जैसे ही सिस्टम सक्रिय होता है, ट्रेन को सुरक्षित रूप से गुजरने देने के लिए 5 किमी के दायरे की सभी ट्रेनें बगल के ट्रैक पर रुक जाती हैं। ऑन बोर्ड डिस्प्ले ऑफ सिग्नल एस्पेक्ट (OBDSA) लोको पायलटों को खराब मौसम में भी सिग्नल देखने में मदद करता है। आमतौर पर, लोको पायलटों को सिग्नल देखने के लिए खिड़की से बाहर देखना पड़ता है। सुरक्षा प्रणाली रेड सिग्नल के पास पहुंचने पर लोको पायलट को सिग्नल भेजती है और सिग्नल को ओवरशूट करने से रोकने के लिए खुद ही ब्रेक लगाती है।  

हिमंत विस्वा सरमा ने अपनी कैबिनेट में किया फेरबदल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग रखा अपने पास

47 IAS-IPS officers transferred in the state: Sanjeev Singh becomes Commissioner of Bhopal Division

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट में फेरबदल किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी अपने पास ही रखा और इसका कार्यभार भी संभाल लिया। इससे पहले इस मंत्रालय का पदभार केशव महंत के पास था, जो साल 2021 से इस पद पर बने हुए थे। केशव महंत को मिली नई जिम्मेदारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक,  केशव महंत को अब नई जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा के गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद (AGP) के सदस्य महंत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन तथा सूचना प्रौद्योगिकी के अपने पहले के विभागों के अलावा परिवहन, आबकारी और मत्स्य पालन विभाग की भी जिम्मेदारी संभालेंगे।   परिमल शुक्लाबैद्य ने दिया इस्तीफा मालूम हो कि परिवहन, आबकारी और मत्स्य पालन विभाग पूर्व मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य के पास था। हालांकि, सिलचर लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसको राज्यपाल ने स्वीकार भी कर लिया है। सीएम के पास है इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी मालूम हो कि  सीएम सरमा के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अलावा, गृह, कार्मिक, लोक निर्माण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और किसी अन्य मंत्री को आवंटित न किए गए किसी अन्य विभाग का कार्यभार संभालते रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीआईपी मार्ग पर काफिला रुकवा कर किया आचार्य विनम्र सागर जी का स्वागत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वीआईपी मार्ग भोपाल में जैन मुनि श्री विनम्र सागर जी के भोपाल आगमन पर उनका स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जैन मुनियों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया। छिंदवाड़ा प्रवास से लौटते हुए राजकीय विमानतल से मुख्यमंत्री निवास जाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नजर वीआईपी मार्ग से पैदल यात्रा कर जा रहे जैन मुनियों के दल पर पड़ी और उन्होंने वाहनों का काफिला रुकवा कर सभी का स्वागत किया। आचार्य जी ललितपुर (उत्तर प्रदेश) से जैन मुनियों के दल के साथ पधारे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल आगमन पर जैन मुनि और उनके सहयोगियों का स्वागत किया।  

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