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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कांग्रेस में वापसी की इच्छा प्रकट की

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines

नई दिल्ली देश पूर्व राष्ट्रपति और दिग्गज कांग्रेसी रहे दिवंगत प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कांग्रेस में वापसी की अपनी इच्छा प्रकट की है। इसके लिए उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की कार्य संस्कृति पर भी सवाल उठाया है। आपको बता दें कि  उन्होंने 2021 में कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए टीएमसी जॉइन कर ली थी। उन्होंने टीएमसी छोड़ने और कांग्रेस में वापसी की इच्छा प्रकट करते हुए कहा, “टीएमसी की कार्य संस्कृति कांग्रेस से बिल्कुल मेल नहीं खाती है। मैंने सोचा कि अब बहुत हो गया। दिल्ली आने के बाद मैंने कांग्रेस आलाकमान से समय मांगा है।” उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान मुझे तुरंत शामिल होने के लिए कहते हैं तो मैं शामिल हो जाऊंगा। मैं पूरी तरह से स्वतंत्र हूं और कांग्रेस पार्टी में अपना योगदान देने के लिए तैयार हूं।” अभिजीत मुखर्जी ने कहा,”2019 में मैं जिन कारणों से चुनाव हार गया, उनके बारे में जानता हूं। मैं खुलकर इसके बारे में नहीं कह पाऊंगा। आलाकमान भी इसके बारे में जानते हैं। 2.5 साल तक मैंने कांग्रेस द्वारा मुझे जो भी काम दिया गया उसे पूरा किया। लेकिन पार्टी ने मुझे पर्याप्त काम नहीं दिया। चाहे इसके जो भी कारण रहे हों।” आपको बता दें कि उन्होंने 2019 में कांग्रेस के सिंबल पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। प्रणब दा के बेटे ने आगे कहा, ”मुझे धीरे-धीरे एक खास व्यक्ति और एक खास समूह द्वारा हाशिए पर डाल दिया गया। इसी दौरान ममता दीदी ने मुझे बुलाया। मैंने उनसे मिलने का समय मांगा था। उन्होंने मुझे टीएमसी शामिल होने का प्रस्ताव दिया। पार्टी में शामिल होने के बाद मुझे ऐसा कोई काम नहीं मिला। उनकी कार्य संस्कृति ने मुझे निराश नहीं किया, लेकिन कांग्रेस के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं खाती है।” टीएमसी की कार्य संस्कृति की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने सोचा कि अब बहुत हो गया। इसलिए दिल्ली वापस आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे अप्रत्यक्ष रूप से पूछा कि मैं चुप क्यों हूं। उन्होंने मुझे सक्रिय होने के लिए कहा। मैंने वरिष्ठ हाईकमान से समय मांगा, शायद मैं एक या दो दिन में उनसे मिल सकूं। अगर वे मुझे तुरंत शामिल होने के लिए कहते हैं, तो मैं कांग्रेस में शामिल हो जाऊंगा।”  

16,500 रुपए चाय का बकाया राशि लेने बैंक के बाहर धरने पर बैठा चाय वाला

Amla police revealed the theft in Andhariya, goods worth 5 lakh 50 thousand recovered, accused arrested.

जौनपुर  जौनपुर जिले से है, जहां पर मंगलवार देर शाम एसबीआई के बैंक मैनेजर शेखर आनंद के स्थानांतरण के बाद विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह के दौरान एक चाय विक्रेता ने बैंक मैनेजर पर 16,500 रुपए की चाय की बकाया राशि होने का आरोप लगाते हुए पैसे की मांग की। लेकिन, बैंक मैनेजर ने चाय विक्रेता की मांग को अनसुना कर दिया।  प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पैसा न मिलने पर चाय विक्रेता बैंक के बाहर धरने पर बैठकर हंगामा करने लगा। इस घटना की जानकारी मिलते ही व्यापार मंडल के कुछ पदाधिकारी चाय विक्रेता के समर्थन में वहां पहुंच गए और बकाया पैसे देने की मांग करने लगे। यह मामला बदलापुर थाना क्षेत्र के बरौली वार्ड में स्थित एसबीआई बैंक का है।

जुलाई में इस दिन से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त, कर सकेंगे जनेऊ, मुंडन, गृह प्रवेश; सिर्फ 8 दिन बजेगी शहनाई

 शुक्र ग्रह का उदय आषाढ़ कृष्ण सप्तमी को बुध की राशि मिथुन में हो रहा है. इस राशि परिवर्तन से सभी शुभ और मांगलिक कार्य शादी- विवाह, जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, द्विरागमन, भवन-वाहन, आभूषण की खरीदारी शुरू हो जाएगी.  धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य और सुख- समृद्धि के दाता शुक्र ग्रह 29 अप्रैल को पूर्व दिशा में अस्त हो गए थे. वह 28 जून की शाम 5 बजे पश्चिम दिशा में उदय होंगे. शुभ मुहूर्त शुरू होते ही बाजारों में रौनक दिखनी शुरू हो जाएगी. 9 जुलाई से मुहूर्त शुरू ज्योतिषाचार्य के अनुसार गुरु 2 जून को उदय हो चुके हैं. अब शुक्र 28 जून को उदय हो रहे हैं. हालांकि वे इस समय बाल स्वरूप में होंगे. युवा स्वरूप में वह 3 जुलाई में आ जाएंगे. इस दिन रोहणी नक्षत्र लग जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई से मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. विवाह में शुभ मुहूर्त का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है. शादी के शुभ योग के लिए नौ ग्रहों में गुरु, शुक्र का उदित होना जरूरी माना जाता है. विवाह का आखिरी मुहूर्त भड़ली नवमी 17 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा. चातुर्मास में विवाह मुहूर्त नहीं होते हैं. पंडित पंकज पाठक ने बताया कि भड़ली नवमी पर सिद्ध योग सुबह 07:00 बजे तक है. इसके बाद साध्य योग का निर्माण हो रहा है. साध्य योग व रवि योग का संयोग बन रहा है जो पूरे दिन रहेगा. विवाह का आखिरी मुहूर्त भड़ली नवमी 15 जुलाई को है. इससे पहले विवाह के मुहूर्त 9 से 15 जुलाई तक रहेंगे. कुल आठ दिन मुहूर्त रहेंगे. इसके बाद मुहूर्त सीधे नवंबर में देव उठनी एकादशी से प्रारंभ होंगे.

अकबरनगर में मस्जिद, मदरसे और मंदिर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अकबरनगर (Akbarnagar) में चल रहे ध्वस्तीकरण का काम आखिरकार पूरा हो गया है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) ने 9 दिन तक चलाए गए इस अभियान में 24.5 एकड़ में बने करीब 1800 अवैध मकान, दुकानें और कॉम्प्लेक्स को जमींदोज कर दिया है। वहीं मंगलवार देर यहां धार्मिक स्थलों (मंदिर- मस्जिद) पर भी बुलडोजर चलाया गया है, जिन्हें पहले छोड़ा गया था। अब इलाके में सिर्फ मलबा ही दिख रहा है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। कुकरैल नदी की जमीन पर था अवैध कब्जा कुकरैल नदी की जमीन पर कब्जा कर लोगों ने कॉम्प्लेक्स, शोरूम, दुकानें और बड़ी संख्या में घर बना लिए थे। जब शासन से कुकरैल नदी के सौन्दर्यीकरण का आदेश आया तो सर्वे में पता चला कि पूरा अकबरनगर नदी की जमीन पर ही बसा हुआ है। इसके बाद एलडीए ने ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस के बाद भी कोई भू स्वामी जमीन के मालिकाना हक का दस्तावेज पेश नहीं कर पाया, जिसके बाद एलडीए ने ध्वस्तीकरण का आदेश पास कर दिया। स्थानीय लोगों को अदालत से नहीं मिली राहत इस फैसले के खिलाफ लोग हाईकोर्ट गए, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। बाद में सुप्रीम कोर्ट का रूख किया, पर वहां से भी अवैध कब्जा करने वाले लोगों को कोई राहत नहीं मिली। अदालत के आदेश का पालन करते हुए 10 जून को इलाके में बुलडोजर पहुंचा और 18 जून तक ध्वस्तीकरण का काम चलता रहा। इस अभियान में अवैध बने 1169 आवास और 101 कॉमर्शियल निर्माण ध्वस्त किए गए। ईको टूरिज्म और चिड़ियाघर की योजना एलडीए का यह बुलडोजर विकास कार्यों के लिए चला है। अवैध निर्माणों को तोड़कर ईको टूरिज्म तैयार किया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ में स्थित चिड़ियाघर को भी शिफ्ट करने की योजना है। दिसंबर 2023 से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ था, जिसमें करीब 24.5 एकड़ जमीन पर बने 1800 से अधिक अवैध निर्माण जमींदोज किए गए हैं। सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट, कुकरैल नदी पर बनने वाला रिवर फ्रंट, लखनऊ में एक प्रमुख विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। इस परियोजना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और कोई भी अधिकारी इसमें लापरवाही नहीं करना चाहता। रिवर फ्रंट की प्लानिंग के अनुसार, बारिश के पानी को इकठ्ठा करके कुकरैल नदी में भरा जाएगा। इसके अलावा, शारदा नहर का पानी भी नदी में छोड़ा जाएगा ताकि जल स्तर को बनाए रखा जा सके। नदी की 6 किलोमीटर लंबाई के साथ एक झील को भी विकसित किया जाएगा। सुन्दरता को चार चांद लगाएगा ये प्रोजेक्ट जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार उस एजेंसी के साथ एक समझौता करेगी जिसने अहमदाबाद में साबरमती रिवर फ्रंट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस समझौते से कुकरैल नदी पर बनने वाला रिवर फ्रंट भी उसी गुणवत्ता और भव्यता के साथ तैयार किया जाएगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के माध्यम से लखनऊ में पर्यटन और स्थानीय विकास को नया आयाम मिलेगा, और यह शहर की सुंदरता में चार चांद लगाएगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कटआउट पर बरसाए फूल

हैदराबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल के जन्मदिन पर जश्न में डूबे हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जहां कांग्रेसी कार्यकर्ता क्रेन पर चढ़कर राहुल के भव्य कटआउट पर फूल बरसा रहे हैं। यही नहीं, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और पटाखे भी फोड़े। इसके अलावा, कांग्रेस कार्यकर्ता डांस करते भी नजर आ रहे हैं। इससे पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं थीं। रेड्डी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राहुल गांधी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई! उनका व्यक्तित्व सभी मुश्किलों से लड़ने का है। उनका दृष्टिकोण वंचितों के साथ खड़ा होना है। त्याग उनकी विरासत है और संघर्ष उनका दर्शन है। वह बुद्धिमान हैं और भविष्य के लिए भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने वाले एकमात्र नेता हैं।” राहुल गांधी का जन्म 19 जून, 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की ज्येष्ठ संतान हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सदस्य हैं। इससे पहले वह केरल के वायनाड से सांसद थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के कुछ नेताओं ने भी बुधवार को राहुल गांधी को उनके जन्मदिन के अवसर पर बधाई दी। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को कमजोरों की आवाज, संविधान के प्रति अटूट आस्था रखने वाला तथा सत्ता को सच का आईना दिखाने वाला बताया।  

मंधाना ने लगातार सेंचुरी जड़कर रचा कीर्तिमान, खतरे में मिताली का धांसू रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर और उपकप्तान स्मृति मंधाना का साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में भी बल्ला जमकर चला। पहले वनडे में 117 रन बनाने वाली मंधाना ने फिर से शतकीय पारी खेली। उन्होंने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 120 गेंदों में 136 रन बनाए, जिसमें 18 चौके और 2 सिक्स शामिल हैं। यह 27 वर्षीय मंधाना के वनडे करियर का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने एक नया कीर्तिमान भी रचा है। दरअसल, मंधाना लगातार दो वनडे मैचों में सेंचुरी जड़ने वाली इकलौती भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं। वह साथ ही लगातार मैचों में शतक जमाने वाली पहली एशियाई महिला क्रिकेटर भी हैं। वहीं, सबसे ज्यादा लगातार सेंचुरी का ओवरऑल रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की एमी सैटरथवेट के नाम दर्ज है। उन्होंने 2016-17 में लगातार चार शतक लगाए थे। मंधाना ने एक और उपलब्धि हासिल की, जिससे मिताली राज का धांसू रिकॉर्ड खतरे में आ गया है। मंधाना ने सातवां वनडे शतक लगाया है। वह सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाली महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से टॉप पर पहुंच गई हैं। पूर्व भारतीय कप्तान और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मिताली ने अपने करियर में सात वनडे सेंचुरी ठोकीं। मंधाना सबसे अधिक वनडे सेंचुरी मारने वाली भारतीय महिला बनने से महज एक कदम दूर हैं। वह फिलहाल जिस फॉर्म में हैं, अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में यह कमाल कर दें तो हैरानी नहीं होगी। साउथ अफ्रीका ने दूसरे वनडे में टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। शेफाली वर्मा (20) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। इसके बाद, ओपनर मंधाना ने दयालन हेमलता (24) के साथ दूसरे विकेट लिए 62 रन जोड़े। हेमलता 23वें ओवर में पवेलियन लौटीं। मंधाना ने कप्तान हरमप्रीत कौर (नाबाद 103) के संग तीसरे विकेट के लिए 171 रन की साझेदारी की। मंधाना 46वें ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 325/3 का स्कोर खड़ा किया।  

राजस्थान-सिरोही में कार से 845 ग्राम अफीम का दूध जब्त

Supreme Court's order: Government should withdraw APAR related order or else we will initiate contempt proceedings

सिरोही. बरलूट पुलिस थाना टीम ने अल्टो कार में ले जाया जा रहा 845 ग्राम अफीम का दूध जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरलूट पुलिस थाना के थानाधिकारी गोपाललाल की अगुवाई में टीम ने बीती रात जावाल में खेतलाजी मंदिर के पास नाकाबंदी की। देर रात 12.50 बजे वहां से तेज गति से गुजर रही उदयपुर पासिंग अल्टो कार को रुकवाकर तलाशी ली गई तो चालक साइड के फाटक को खोलने पर अफीम की गंध आई। कार की जांच की गई तो उसमें एक लाल और नीले कलर की कपड़े की थैली पाई गई। थैली में एक सफेद प्लास्टीक की थैली जिसमें 845 ग्राम अफीम का दूध भरा हुआ था। इस पर अफीम का दूध जब्त कर कैलाश तेली पुत्र प्यारचंद तेली एवं सोहनलाल पुत्र गोपीलाल गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीसी एक्ट में मामला दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। कार्रवाई के बरलूट पुलिस थाना के उपनिरीक्षक भारूराम, कांस्टेबल मघाराम, भीखाराम, मांगीलाल एवं बालाराम सम्मिलित रहे।

देश के चार राज्यों में गवर्नर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वीके सिंह, अश्विनी चौबे, हर्षवर्धन को मिल सकता है मौका

 नई दिल्ली देश के चार राज्यों में गवर्नर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इन चारों राज्यों में अगला राज्यपाल कौन होगा इसे लेकर अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश में आनंदी बेन पटेल, राजस्थान में कलराज मिश्र, गुजरात में आचार्य देवव्रत और केरल में आरिफ मोहम्मद खान का गवर्नर के रूप में कार्यकाल अगले दो से तीन महीने में समाप्त हो जाएगा. वहीं पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने पहले ही इस्तीफा दे रखा है, जो अब तक मंजूर नहीं हुआ. भाजपा ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं को इस बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ाया था. ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भगवा पार्टी अपने इन नेताओं को राज्यपाल बना सकती है. बिहार में अश्विनी चौबे, उत्तर प्रदेश में वीके सिंह, दिल्ली में डॉ. हर्षवर्धन और ऐसे अन्य कई वरिष्ठ नेताओं को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया था. ये सभी नेता राज्यपाल बनने की दौड़ में शामिल हैं. बता दें कि जनरल वीके सिं​ह (रिटायर्ड), डॉ. हर्षवर्धन और अश्विनी चौबे पिछली लोकसभा में बतौर बीजेपी सांसद मौजूद थे. ये तीनों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल रहे थे. वीके सिंह गाजियाबाद, हर्षवर्धन चांदनी चौक और अश्विनी चौबे बक्सर से 2014 और 2019 में लगातार दो बार सांसद चुने गए थे. वीके सिंह ने मोदी सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय में बतौर राज्य मंत्री अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वहीं हर्षवर्धन केंद्र की मोदी सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्री रह चुके हैं. अश्विनी चौबे मोदी सरकार में कंज्यूमर अफेयर्स, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री का प्रभार संभाल चुके हैं. सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार कर रही है. केंद्र को लगता है कि केरल के राज्यपाल ने एलडीएफ सरकार के राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण कार्यों और फैसलों का दृढ़ता से सामना किया और लोगों के सामने उजागर करने में मदद की है. राज्यपाल के रूप में आरिफ मोहम्मद खान का कार्यकाल 6 सितंबर को समाप्त होने वाला है. तय मानदंडों के अनुसार, राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सलाह से राज्यपालों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले उन्हें बदल सकते हैं. राज्यपाल अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक अपना कार्यकाल जारी रख सकते हैं.  

एक बार फिर शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड, सेंसेक्स पहली बार 77,300 अंक के पार हुआ बंद

नई दिल्ली सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को एक बार फिर शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया। उतार-चढ़ाव के कारोबार में सेंसेक्स 77851.63 अंक के ऑल टाइम हाई को टच किया। वहीं, ट्रेडिंग के अंत में सेंसेक्स 36.45 अंक चढ़कर 77,337.59 के नए उच्च स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी की बात करें तो यह 41.90 अंक गिरकर 23,516 अंक पर ठहरा। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक और एसबीआई में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी सेक्टर के इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और एचसीएल जैसे शेयर भी हरे निशान पर बंद हुए। नुकसान वाले शेयरों में टाइटन, एलएंडटी, मारुति, एयरटेल, एनटीपीसी और रिलायंस शामिल हैं। शेयर मार्केट रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलकर अब लाल निशान पर आ गया है। सेंसेक्स 77581 के लेवल पर पहुंचने के बाद दिन के निचले स्तर 76954 के लेवल पर आ गया। निफ्टी भी 121 अंकों की गिरावट के साथ 23436 पर ट्रेड कर रहा है। आज यह 23630 के लेवल पर पहुंचने के बाद एक समय 23412 पर आ गया था। शेयर मार्केट का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन जारी है। आज सेंसेक्स पहली बार 73500 और निफ्टी 23600 के पार खुला है। बीएसई का 30 स्टॉक्स वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज यानी बुधवार को 242 अंकों की उछाल के साथ 77543 के ऑल टाइम हाई से दिन के कारोबार की शुरुआत की। जबकि, निफ्टी भी इतिहास रचते हुए 71 अंकों की बढ़त के साथ 23629 के लेवल पर खुला। मोदी सरकार 3.0 में शेयर मार्केट लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहा है। सेंसेक्स पहली बार 77000 के पार बंद हुआ और मंगलवार को यह ऑल टाइम हाई 77366 के लेवल को छूकर 77301 पर बंद हुआ। आज ग्लोबल संकेत एक और इतिहास रचने का इशारा कर रहे हैं। क्योंकि, एशियाई बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स नैस्डैक व एसएंडपी 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। कल निफ्टी भी पहली बार 32557.90 पर बंद होने में कामयाब रहा।

समिति शताब्दी सम्मान से सम्मानित होंगे प‌द्मश्री डॉ. तिवारी और डॉ. संतोष चौबे

भोपाल श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति के प्रतिष्ठित शताब्दी सम्मान के लिए वर्ष 2023 में प्रख्यात साहित्यकार एवं पदमश्री से सम्मानित डॉ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी और डॉ. संतोष चौबे को प्रदान किया जाएगा। इसमें साहित्यकारद्वय को एक-एक लाख रुपए की सम्मान निधि और मानपत्र भेंट किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में समिति के प्रधानमंत्री अरविंद जवलेकर ने बताया कि डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी सन् 2013 से 2017 तक साहित्य अकादमी के अध्यक्ष रहे। इस पद पर चयनित होने वाले वे हिन्दी के प्रथम लेखक हैं। तिवारी ने महज 28 वर्ष की उम्र में छायावादोत्तर हिन्दी गद्य साहित्य पर आलोचनात्मक ग्रंथ लिखा। भारत सरकार ने उनकी साहित्य साधना के लिए उन्हें वर्ष 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया। प्रादेशिक स्तर पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संतोष चौबे को भी समिति शताब्दी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उपन्यासकार, कहानीकार और कवि होने के साथ डॉ. संतोष चौबे ने अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों का संपादन किया है। समिति शताब्दी से सम्मानित होने वाले साहित्यकारद्वय को शीघ्र आयोजित होने वाले भव्य एवं गरिमापूर्ण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समिति के संयोजक डॉ. पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि ‘इसके पूर्व यह सम्मान डॉ. आनंदप्रकाश दीक्षित, डॉ. रामदरश मिश्र, डॉ.प्रभाकर श्रोत्रिय, जी. गोपीनाथन, डॉ. प्रभात कुमार भट्टाचार्य, डॉ.विजय बहादुर सिंह, डॉ. कमकिशोर गोयनका, डॉ. रमेशचंद्र शाह, बलराम, चित्रा मुद्गल, डॉ. दामोदर खड़से, प्रो. रमेश दवे, ज्योत्सना मिलन, डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, डॉ. श्यामसुंदर दुबे, डॉ. जयकुमार जलज, शिवनारायण, डॉ. कृष्ण अग्निहोत्री, श्रीमती मालती जोशी, बी.एल. आच्छा, राजकुमार कुंभज, डॉ. देवेंद्र दीपक और डॉ.अग्नि शेखर को प्रदान किया गया है।’ सम्मान की चयनप्रक्रिया पर समिति के उपसभापति सूर्यकांत नागर ने बात रखी। संचालन प्रचार मंत्री हरेराम वाजपेयी ने किया। इस अवसर पर समिति पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।

टी20 विश्व कप में विराट के बैट पर मानो जंग सी लगी, लेकिन फॉर्म में वापसी के लिए आकाश चोपड़ा ने बताया अचूक उपाय

नई दिल्ली आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 और फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2024 में विराट कोहली का बल्ला जमकर आग उगल रहा था, लेकिन टी20 विश्व कप 2024 में विराट के बैट पर मानो जंग सी लगी हुई है। लीग राउंड में भारतीय टीम ने तीन मैच खेले, जबकि एक मैच बारिश में धुला। इन तीन मैचों में विराट एक भी पारी दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाए। विराट कोहली की फॉर्म को लेकर फैन्स तो चिंतित हैं, लेकिन क्रिकेट एक्सपर्ट्स और पूर्व क्रिकेटरों को विश्वास है कि विराट कोहली सुपर-8 में रनों का अंबार लगा देंगे। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी फॉर्म में वापसी के लिए विराट कोहली को एक अचूक उपाय बताया है। विराट को लेकर भविष्यवाणी करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि वो अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के साथ ही फॉर्म में वापसी कर लेंगे। जियो सिनेमा के आकाशवाणी शो पर आकाश चोपड़ा ने विराट कोहली के टी20 वर्ल्ड कप 2024 में प्रदर्शन को लेकर कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के साथ फॉर्म में वापसी कर लेनी चाहिए, इसलिए नहीं कि कौन विरोधी टीम है, बल्कि अपने कैलिबर को देखते हुए। जो वेन्यू है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि गेंद बैट पर अच्छे से आएगी इसके अलावा बाउंड्री भी बहुत बड़ी नहीं हैं। मुझे लगता है कि वो पहले तीन मैचों में ओवर एग्रेसिव रहे हैं, अफगानिस्तान के खिलाफ विराट ने अपना पिछला टी20 इंटरनेशनल मैच बेंगलुरु में खेला था, जहां वो छक्का लगाने के चक्कर में आउट हो गए थे। टी20 वर्ल्ड कप में जिस तरह से वो आउट हुए हैं, दिखाता है कि वो शुरू से एग्रेविस अप्रोच के साथ उतर रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि वो खुद को कुछ समय देंगे, फजलहक फारूकी और नवीन उल हक शानदार फॉर्म में हैं, इसके अलावा अफगानिस्तान के पास बढ़िया स्पिन अटैक भी है। अगर विराट खुद को कुछ समय देते हैं, तो ऐसे में उनकी फॉर्म चिंता का सबब नहीं रह जाएगी।’   कैरेबियाई पिचों को लेकर आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘न्यूयॉर्क की पिच टी20 क्रिकेट के लिए सही नहीं थी। बॉलर्स ने डॉमिनेट किया और बैटर्स को संघर्ष करना पड़ा। वेस्टइंडीज की बात करें तो यहां हर वेन्यू की अपनी अलग चुनौती होगी। टरौबा पिच में बहुत कम उछाल है, गुयाना में गेंद काफी ज्यादा घूमती है, बारबाडोस की पिच बढ़िया है। ओवरऑल बैटर्स के लिए पिचें मुश्किल हैं और हाई स्कोरिंग मैच कम ही देखने को मिलेंगे।’  

राजस्थान-दौसा में कोर्ट मैरिज के दो माह बाद विवाहिता ने पति पर कराया दुष्कर्म का केस

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment.

दौसा. दौसा के लवाण थाने में एक महिला ने अपने पति पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया है । बताया जा रहा है कि अब महिला ने ससुराल वालों से पीड़ित होकर अपने पति पर यह केस दर्ज करवाया है, जबकि दोनों ने दो महीने पहले ही कोर्ट मैरिज की थी। सूत्रों के अनुसार दौसा जिले के लवाण थाना क्षेत्र का यह युवक दिल्ली में घरों में काम करता था। करीब एक साल पहले यहीं पर उसकी मुलाकात बिहार की इस युवती से हुई, जो धीर-धीरे प्यार में बदल गई। इसी के चलते दोनों ने करीब दो महीने पहले कोर्ट मैरिज कर ली। नांगल डिप्टी एसपी चारुल गुप्ता ने बताया कि बिहार की यह युवती पिछले 2 महीने से लवाण थाना क्षेत्र में इसी युवक के साथ रह रही थी। इस बीच कुछ दिनों पहले दोनों वापस दिल्ली चले गए। इसके बाद महिला वापस लौट आई और अब महिला ने लवाण थाने पर अपने प्रेमी के ऊपर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

राजस्थान-उदयपुर के वार्ड 17 के उपचुनाव नामांकन के बाद चुनाव निरस्त

उदयपुर. नगर निगम के वार्ड 17 के लिए होने वाले पार्षद चुनाव निरस्त कर दिए गए हैं। कल दिन में कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल कराने के बाद रात को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। उल्लेखनीय है कि उदयपुर शहर के विधायक बनने से पूर्व ताराचंद जैन वार्ड 17 से भाजपा के पार्षद थे। जैन 4 वर्ष तक पार्षद पद पर रहे। नवंबर 2023 में विधायक बनने के बाद जैन ने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया था। सात माह से वार्ड 17 का पार्षद पद रिक्त था। इस बीच लोकसभा चुनाव आ जाने से पार्षद का उपचुनाव नहीं कराया जा सका था इसलिए ही राज्य निर्वाचन अधिकारी ने इस माह में उपचुनाव कराने का कार्यक्रम जारी किया था। इसलिए हुए चुनाव निरस्त चुनाव निरस्त होने को लेकर राज्य निर्वाचन अधिकारी के पत्र में हवाला दिया गया है कि राज्य में बनाए गए नए जिलों का परिसीमन शीघ्र करना अपेक्षित है। जिलों के परिसीमन के साथ नगर निगम, नगर पालिका, परिषद के वार्डों का भी परिसीमन किया जाएगा। इसके तहत वार्डों का आकार और संख्या बदली जाएगी, इसी कारण से परिसीमन होने तक उपचुनाव करना संभव नहीं होगा। शायद ही हों उपचुनाव उदयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ का कहना है कि शेड्यूल के मुताबिक नवंबर 2024 में नगर निगम उदयपुर के आम चुनाव कराए जाने हैं, जिसमें अब मात्र पांच माह का समय शेष है। ऐसे में अब उपचुनाव स्थगित होने के बाद दोबारा उपचुनाव कराने का समय ही नहीं बचता। इसी कारण माना जा रहा है कि अब शायद ही उपचुनाव होंगे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली के निशाने पर पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आजम का एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा

नई दिल्ली भारतीय टीम 20 जून को टी20 वर्ल्ड कप 2024 के सुपर 8 का अपना पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। इस मैच में टीम इंडिया की भिड़ंत अफगानिस्तान से होगी, लेकिन ये मुकाबला इसलिए भी खास होगा, क्योंकि भारतीय टीम के ओपनर रोहित शर्मा और विराट कोहली के निशाने पर पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आजम का एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा। विराट और रोहित इस मैच में नहीं तो अगले दो मैचों में बाबर आजम के रिकॉर्ड को धराशायी कर सकते हैं, क्योंकि पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर है। ऐसे में बाबर आजम आगे रन नहीं बना पाएंगे। दरअसल, ये विश्व रिकॉर्ड मेंस टी20आई क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का है। बाबर आजम एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 4100 से ज्यादा रन बनाए हैं। हालांकि, विराट और रोहित उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं। बाबर आजम ने जहां 4145 रन टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाए हैं, तो वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा अब तक 4042-4042 रन बना चुके हैं। इस तरह बाबर आजम से ये दोनों बल्लेबाज 103-103 रन पीछे हैं। जो बल्लेबाज जितनी जल्दी 104 रन बना लेगा, उसके नाम टी20आई में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। हालांकि, जब बाबर आजम जब वापसी करेंगे तो वह भी इन बल्लेबाजों से आगे निकल जाएंगे, लेकिन हाल-फिलहाल में पाकिस्तान की कोई भी टी20 सीरीज नहीं है। ऐसे में रोहित शर्मा या विराट कोहली के नाम ये विश्व रिकॉर्ड कुछ समय तक दर्ज रह सकता है। इतना ही नहीं, विराट और रोहित का ये आखिरी टी20 विश्व कप माना जा रहा है। इसके बाद वे टी20आई क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे तो फिर बाबर आजम के पास मौका होगा कि वे जल्द इनको पीछे छोड़ दें और एक नया कीर्तिमान अपने नाम कर लें, जो वनडे और टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है।  

सुशासन के प्रतीक – छत्रपति शिवाजी महाराज – शिवप्रकाश

Bhujariya festival celebrated with pomp, immersion in Chandrabhaga river.

राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबंधन की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित “धन्यवाद भारत कार्यक्रम” के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को स्मरण करते हुए कहा कि ” कुछ ही दिनों में देश छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याररोहण की 350 वीं वर्षगांठ मनाएगा, उनका जीवन ध्येय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है”। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक ज्येष्ठ शुक्ल त्र्योदशी विक्रम संवत् 1731 को रायगढ़ में हुआ था । पुर्तगाली एवं ब्रिटिशों सहित अनेकों विदेशी लेखकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना विश्व के महानतम सेनापति नेपोलियन, सीजर, सिकन्दर के साथ करते हुए उनकी वीरता, साहस, प्रशासनिक कुशलता एवं युद्ध शैली की प्रशंसा की है । 16 फरवरी 1630 ईस्वी को शिवनेरी किले में शिवाजी महाराज का जन्म शाहजी भोंसले एवं माता जीजाबाई के परिवार में हुआ । उनके जन्म के समय परिस्थितियां कैसी थी इसका वर्णन समर्थ गुरुरामदास महाराज ने अपने 12 वर्ष के भारत भ्रमण के पश्चात् इस प्रकार किया “या भूमंडलाचे ढायी, धर्मरक्षा ऐसा नाही”इस समय इस भूमंडल पर धर्मरक्षक कोई नहीं है । सम्पूर्ण देश में कोई भी मंदिर सुरक्षित नहीं है सामान्य जनता मुगलों के अत्याचार से कराह रही है, किसी भी नदी का जल पवित्र नहीं है जिससे अभिषेक किया जा सके । इस विकट परिस्थिति में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने रणकौशल एवं बुद्धिकौशल से स्वराज की स्थापना की । उनके कुशल प्रशासन को देखने के बाद पुनः स्वंय समर्थ रामदास महाराज ने कहा कि “आचारशील,विचारशील,न्यायशील,धर्मशील, सर्वज्ञ सुशील जाणता राजा” (जाणता अर्थात् सदैव जागरूक)। किसी भी कार्य की सफलता का आधार नेतृत्वकर्ता के सहयोगी कैसे हैं, इस पर निर्भर करता है। शिवाजी महाराज ने सहयाद्रिमें निवास करने वाले सामान्य गरीब, किसान, युवकों में स्वराज की प्रेरणा जगायी । समाज के सामान्य वर्ग से निकले इन्हीं योद्धाओं ने अपने जीवन की बाजी लगाकर स्वराज स्थापना का श्रेष्ठतम कार्य किया । औरंगजेब अपनी सेना के एक – एक सेनापति से तुलना करते हुए शिवाजी महारज के सेनापतियों की विशेषता का वर्णन करते हुए कहता है कि “वे झुकते नहीं, रुकते नहीं, थकते नहीं और बिकते भी नहीं” । छत्रपति शिवाजी महाराज का शासन लोक कल्याण एव पारदर्शिता से युक्त था। अपने वित्त प्रबंधन को लेकर वे सदैव सजग थे । अपने मंत्रालयों की समीक्षा करते समय उन्होंने अपने लेखपाल से पूछ लिया कि कलतक का हिसाब दैनंदनी में चढ़ा अथवा नहीं, नकारात्मक उत्तर होने पर लापरवाही के लिए कठोर दंड भी दिया । लगान के उचित संग्रह में लापरवाही पर देश कुलकर्णी आपाजी से जुर्माना भी लिया एवं पद मुक्त भी किया । भ्रष्टाचार विहीन शासन छत्रपति शिवाजी महाराज के शासन का वैशिष्टय था । भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए उन्होंने रिश्वत लेने पर अपने सौतेले मामा मोहिते को भी कारागार में डाल दिया था। 13 मई 1671 के अपने पत्र में वे लिखते हैं कि अगर आप जनता को तकलीफ देंगे, कार्य सम्पादन में रिश्वत मागेंगे तो जनता को लगेगा कि इससे तो मुगलों का शासन ही अच्छा था । छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने स्वराज संचालन के लिए अष्ट प्रधान शासन प्रणाली की व्यवस्था दी थी। छत्रपति शिवाजी महाराज जहाँ एक दूरदर्शी योद्धा थे, वहीं वह एक कुशल प्रशासक भी थे । स्वदेशी जलपोत निर्माण के लिए मुंबई के पास कल्याण एवं भिवंडी में उनके द्वारा स्थापित जलपोत निर्माण कारखाना, व्यापार एवं सुरक्षा के प्रति उनकी दृष्टि की ओर इंगित करता है । अंग्रेजों से तोप निर्माण की तकनीक न मिलने पर उन्होंने फ्रांस के सहयोग से पुरन्दर किले पर तोपखाना स्थापित कराया । रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का यह मन्त्र वर्तमान की सरकार का मन्त्र भी बना है ।भूमि का मापन, पैदावार का मूल्यांकन, आपदा में होने वाली हानि के मूल्यांकन की व्यवस्था शिवाजी महाराज ने उस समय की थी । सिंचाई के लिए बाँध, तालाबों, कुएँ, बावड़ी एवं जलाशयों का निर्माण उनकी दूरदर्शिता को प्रकट करते हैं । स्वस्थ भूमि, स्वस्थ उत्पाद, स्वस्थ पर्यावरण के लिए फसलों में विविधता, फलदार वृक्षों को लगवाना उनकी कृषि एवं पर्यावरण के प्रति दृष्टि को प्रकट करते है । महिलाओं के प्रति उनके हृदय में सम्मान एवं महिलाओं पर कुदृष्टि डालने पर कठोर दंड उनके शासन की व्यवस्था थी । मुस्लिम महिला गोहरबानू के प्रति उनके उदगार काश मेरी माँ भी इतनी सुन्दर होती, सखोजी गायकवाड़ को दंड उनकी न्यायप्रियता को प्रकट करते हैं। स्वराज के हित को प्रथम रखते हुए उन्होंनेव्यापारिक सम्बन्ध सभी से रखे थे। व्यापार के लिए मध्य एशिया के देशों तक उन्होंने सम्बन्ध बनाये थे । उनमें मस्कट के इमाम भी प्रमुख थे । उन्होंने अन्धविश्वाश एवं कुरीतियों को तोड़ते हुए वैज्ञानिक दृष्टि को अपने राज्य संचालन का आधार बनाया । उनके शासन में वृद्ध, बीमार एवं बच्चों को छोड़कर अन्य किसी के लिए भी मुफ्त सुविधा की व्यवस्था नहीं थी । छत्रपति शिवाजी महाराज की शासन प्रणाली में स्वभाषा एवं स्वसंस्कृति को विशेष महत्व था । गुलामी के प्रतीकों को हटाकर स्वाभिमानी समाज जागृत करने के लिए उन्होंने किलों के नामों का नामांतरण भी किया । उर्दू और फारसी के शब्द बदलकर स्वराज संचालन के लिए 1400 हिन्दी शब्दों का कोष भी बनाया था । छत्रपति शिवाजी महाराज की गुप्तचर व्यवस्था, शत्रु को पहचानने की उनकी अचूक दृष्टि उनको शेष भारतीय राजा -महाराजाओं से अलग करती है । उत्तर भारत की मुग़ल शक्ति एवं दक्षिण की आदिलशाही, कुतुबशाही के भेद का उन्होंने उचित उपयोगकिया था । अंग्रेज व्यापारी स्वभाव के हैं, उन्होंने इसको अच्छे से पहचानकर उसी दृष्टि से उनके साथ व्यवहार भी किया था । शत्रु के साथ “ जैसे को तैसा व्यवहार” (शठे शाठयम समाचरेत) शाइस्ताखान, अफजलखान एवं औरंगजेब से युद्ध करते समय उन्होंने अपनाया था । व्यापार एवं सुरक्षा के लिए नौसेना के महत्व को पहचान कर सिंधुदुर्ग सहित समुद्र किनारे अनेक दुर्गों की स्थापना उन्होंने की थी। अपने धर्म से विमुख हुए लोगों को अपने धर्म में पुनःवापसी भी उन्होंने करायी थी । छत्रपति शिवाजी महाराज ने न केवल हिन्दवी साम्राज्य स्थापित किया, बल्कि सम्पूर्ण समाज में स्वराज, स्वधर्म के प्रति समर्पण की भावना भी जागृत की ।देश भर में स्वराज की रक्षा के लिए संघर्षरत समस्त राजा –महाराजाओं के प्रेरणा पुंज भी वह बने । बुंदेलखंड के महाराजा छत्रसाल, असम के लाचिद बड़फूकन उन्हीं से प्रेरणा लेकर संघर्ष कर रहे … Read more

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