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आम आदमी अंतरिक्ष में जाएगा? सिर्फ 209 रुपये में अंतरिक्ष की सैर कर सकते हैं भारतीय

नई दिल्‍ली अमेरिका की स्‍पेस एक्‍सप्‍लोरेशन एंड रिसर्च एजेंसी (SERA) ने भारत को अपने स्पेस मिशन में शामिल किया है। इस मिशन में भारत के लोग भी अंतरिक्ष की सैर कर सकेंगे। यह मिशन दिग्‍गज उद्योगपति जेफ बेजोस की Blue Origin कंपनी के New Shepard रॉकेट से पूरा होगा। SERA दुनियाभर के लोगों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए काम कर रही है। SERA और Blue Origin मिलकर उन देशों को मौका दे रहे हैं जिनके पास अंतरिक्ष में जाने के लिए ज्‍यादा संसाधन नहीं हैं। इस मिशन के जरिये भारत अंतरिक्ष में अपनी जगह और मजबूत कर सकेगा। इस मिशन के लिए Blue Origin के New Shepard रॉकेट का इस्तेमाल होगा, जो दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रॉकेट लोगों को अंतरिक्ष की सीमा पार कराएगा, जहां से धरती का नजारा देखने लायक होगा। भारत को शाम‍िल करने से SERA उत्‍साह‍ित SERA के संस्थापक जोशुआ स्‍कुर्ला और सैम हचिसन ने इस मिशन में भारत को शामिल करने पर काफी उत्साह जताया है। उनका मानना है कि भारत की अंतरिक्ष में दिलचस्पी और उसका अनुभव इस मिशन को सफल बनाने में काफी मददगार साबित होगा। स्‍कुर्ला ने बताया, ‘हमें भारत के साथ काम करने में खुशी है क्योंकि भारत के पास अंतरिक्ष के क्षेत्र में काफी अनुभव है। भारत दूसरे देशों के लिए एक मिसाल बन सकता है। अपनी ताकत दिखा सकता है। इसलिए हमारी दिलचस्पी बनी रही।’ इस मिशन में जाने के लिए कोई भी भारतीय आवेदन कर सकता है। आवेदन करने के लिए बस 2.5 डॉलर यानी लगभग 209 रुपये देने होंगे। इसके बाद लोगों की वोटिंग के जरिये छह लोगों को चुना जाएगा जो इस मिशन का हिस्सा बनेंगे। वोटिंग तीन चरणों में होगी। हर चरण में कुछ लोग बाहर होते जाएंगे। आखिर में छह लोग चुने जाएंगे। पांच सीटों के लिए देश और क्षेत्र के हिसाब से वोटिंग होगी। जबकि छठी सीट के लिए दुनियाभर के लोग वोट कर सकेंगे। 150 से ज्‍यादा देशों के लोगों को अंतरिक्ष तक पहुंचाना मकसद SERA का मकसद दुनिया के 150 से ज्‍यादा देशों के लोगों को अंतरिक्ष तक पहुंचाना है, खासकर उन लोगों को जिनके पास अंतरिक्ष में जाने के ज्‍यादा मौके नहीं हैं। स्‍कुर्ला का कहना है, ‘हमारा मिशन है कि हम अंतरिक्ष को सभी के लिए आसान बनाएं। हम चाहते हैं कि दुनिया का हर व्यक्ति अंतरिक्ष की खोज में अपनी भूमिका निभा सके।’ इस मिशन में जाने के लिए लोगों को Blue Origin के कुछ शारीरिक मानकों पर खरा उतरना होगा। जो लोग चुने जाएंगे उन्हें Blue Origin के लॉन्च साइट पर तीन दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। हचिसन का कहना है कि लोगों को अपने हीरो चुनने का मौका देकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि यह मिशन लोगों के लिए है। यह तरीका लोगों में अंतरिक्ष के बारे में उत्सुकता जगाएगा। दुनियाभर के देशों को साथ लाएगा। New Shepard की उड़ान के लिए ज्‍यादा कड़ी शारीरिक जरूरतें नहीं हैं जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे। फिल जॉयस ने बताया कि इस मिशन का मकसद सभी को साथ लेकर चलना है। यह मिशन भारत के लिए एक बड़ा मौका है। इससे न सिर्फ भारत के लोग अंतरिक्ष में जा सकेंगे बल्कि भारत दुनिया को यह भी दिखा सकेगा कि वह अंतरिक्ष के क्षेत्र में कितना आगे निकल चुका है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के नामांकन हेतु आॅनलाईन आवेदन 15 जुलाई तक

रायपुर भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए शिक्षकों से आवेदन आनलाईन आमंत्रित किए गए है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचनालय इंद्रावती भवन नवा रायपुर द्वारा समस्त संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय से जारी निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए शिक्षको को स्वयं समस्त प्रविष्टयां आॅनलाईन पोर्टल के माध्यम से करनी होगी। पंजीयन की तिथि 23 जून से 15 जुलाई 2024 तक निर्धारित की गई है।  आवेदन के लिए राज्य एवं केन्द्र शासन से मान्यता प्राप्त विद्यालयों (प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) के शिक्षक पात्र होंगे। नामांकन हेतु सेवा निवृत्त शिक्षक, संविदा शिक्षक, शिक्षा मितान, शैक्षिक प्रशासक एंव निरीक्षक पात्र नहीं होंगे। जारी परिपत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष जिला शिक्षा अधिकारी होंगे तथा राज्य स्तर से संबंधित जिलों के डाईट प्राचार्य प्रतिनिधि सदस्य होंगे। जिन जिलों में डाईट प्राचार्य नहीं है, उनके लिए संभागीय मुख्यालय स्थित डाईट के प्राचार्य को प्रतिनिधि नामांकित किया गया है। साथ ही जिला कलेक्टर द्वारा नांमित प्रतिष्ठित अकादमिक सदस्य होंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों को इस संबंध में अवगत कराते हुए इसका उचित प्रचार-प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकरियों द्वारा शिक्षकों को शिकायत, जांच लंबित नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। चयन समिति को निर्देशित किया गया है कि सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को ही चयनित किया जाए। पुरस्कार हेतु नामांकित शिक्षक को अपना प्रस्तुतीकरण देना होगा। जिले से चयनित प्रविष्टियों को 22 जुलाई तक अंतिम रूप से छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय में आॅनलाईन पोर्टल के माध्यम से ही प्रेषित किया जाए। शिक्षकों द्वारा किसी आवेदन की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। उक्त दिशा निदेर्शों की विस्तार पूर्वक जानकारी हेतु भारत सरकार से प्राप्त पत्रों का अवलोकन कर अग्रिम कार्यवाही करते हुए समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना सुनिश्चित करें।

पाक ने JF 17 fighter jet को न्‍यूक्लियर मिसाइल से लैस कर दिया, भारत के लिए बना सर दर्द

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore

इस्‍लामाबाद  भारत के फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट शामिल करने के बाद पाकिस्‍तान घबराया हुआ है। पाकिस्‍तान की वायुसेना अब अपने जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट को अपग्रेड करने में जुट गई है ताकि परमाणु मिशन के लिए उसे तैयार किया जा सके। पाकिस्‍तान लगातार अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अस्‍पष्‍ट रहा है। जेएफ-17 फाइटर जेट को चीन और पाकिस्‍तान ने मिलकर बनाया है और लंबे समय से ऐसी अटकलें थीं कि इसे परमाणु हमला करने के लिए बनाया गया है। हाल ही में आई एक तस्‍वीर से इस बात की पुष्टि हुई है कि जेएफ 17 फाइटर जेट को टैक्टिकल न्‍यूक्लियर मिसाइल से लैस कर दिया गया है। इस मिसाइल का नाम राड है। अमेरिकी परमाणु वैज्ञानिकों ने पाकिस्‍तानी फाइटर जेट की क्षमता को लेकर यह खुलासा किया है। पाकिस्‍तानी जेएफ-17 विमान को लेकर यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में सिप्री की रिर्पोर्ट में कहा गया था कि पहली बार परमाणु बम के मामले में पाकिस्‍तान से आगे निकल गया है। भारत के पास इस समय 172 परमाणु बम हैं, वहीं पाकिस्‍तान के पास 170 ही हैं। माना जा रहा है कि भारत ने अपने भाभा एटामिक शोध केंद्र में नए परमाणु बम को प्‍लूटोनियम की मदद से बनाया है। पाकिस्‍तान के परमाणु बम यूरेनियम की डिजाइन पर आधारित है। अमेरिकी वैज्ञानिकों की संस्‍था फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्‍ट ने राड 1 मिसाइल की साल 2023 की तस्‍वीरों का विश्‍लेषण किया है। रॉड पाकिस्‍तान की एकमात्र हवा से लॉन्‍च की जाने वाली परमाणु मिसाइल है और इसे जेएफ 17 फाइटर जेट के साथ लैस कर दिया गया है। मिराज की जगह ले रहे जेएफ 17 फाइटर जेट अब तक मिराज III/Vs हवा में प्रतिरोधक क्षमता की भूमिका निभाते थे। राड क्रूज मिसाइल का साल 2007 में पहली बार परीक्षण किया गया था। इसे परंपरागत या परमाणु हमले दोनों के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। पाकिस्‍तान ने मिराज विमानों को सेवा से हटाने का फैसला किया है। मिराज की जगह पर जेएफ 17 फाइटर जेट को हवा के रास्‍ते परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा। पाकिस्‍तान के साल 2023 के पाकिस्‍तान डे परेड के दौरान जेएफ-17 की जो तस्‍वीर आई थी, उससे इसके परमाणु क्षमता से लैस होने का खुलासा हुआ था। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इसकी असली तस्‍वीर खरीदी और यह पाया कि जेएफ 17 को राड मिसाइल से लैस किया गया है जो परमाणु मिसाइल है। इस विश्‍लेषण से यह भी खुलासा हुआ कि राड मिसाइल में परमाणु क्षमता लाने के लिए उसके डिजाइन में बदलाव किया गया है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कहा, ‘इन विश्‍लेषणों से यह पता चलता है कि पाकिस्‍तान ने संभवत: जेएफ 17 को परमाणु क्षमता से लैस करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्रगति कर ली है। यह विमान मिराज से परमाणु हमले की भूमिका लेने जा रहा है। पाकिस्‍तान ने राड मिसाइल को फिर से डिजाइन किया है लेकिन उसके उद्देश्‍यों या क्षमता को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। अभी यह भी स्‍पष्‍ट नहीं है कि राड मिसाइल को तैनात किया गया है या नहीं।’ म्‍यांमार में फेल साबित हुए थे जेएफ-17 जेट जेएफ- 17 थंडर न केवल पाकिस्‍तानी वायुसेना का मुख्‍य फाइटर जेट है बल्कि जिन्‍ना का देश इसे निर्यात करने में जुटा है। जेएफ 17 फाइटर जेट को संयुक्‍त रूप से पाकिस्‍तान एयरोनॉटिकल कॉम्‍पलेक्‍स और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्‍ट्री ने बनाया है। इस विमान ने साल 2003 में पहली बार उड़ान भरी थी। शुरू में जेएफ 17 के एयरफ्रेम को चीन में ही बनाया गया था। अब इस विमान का करीब 58 फीसदी हिस्‍सा पाकिस्‍तान में ही बनाया जा रहा है। जेएफ-17 एक सिंगल इंजन वाला मल्‍टी रोल विमान है। म्‍यांमार ने इस विमान को खरीदा था लेकिन वह उड़ान ही नहीं भर पा रहा है। यही वजह है कि म्‍यांमार ने चीन और पाकिस्‍तान दोनों को जमकर सुनाया था।

नगर पालिका ने ASI Survey के लिए सीसीटीवी कैमरे, टेंट और कंप्यूटर की व्यवस्था की थी, कलेक्टर को लिखा था पत्र

धार  नगर पालिका की वित्तीय स्थिति पहले ही कमजोर है। इस पर भोजशाला का सर्वे का बोझ भी आन पड़ा है। भोजशाला सर्वे के लिए बैरिकेड्स लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, टेंट से लेकर कम्प्यूटर आदि का इंतजाम किया था। इस पर करीब सवा करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन इसका भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। बता दें कि नगर पालिका ने धार कलेक्टर को पांच जून को इस बारे में एक पत्र भी लिखा था। इसमें भुगतान करवाए जाने की मांग की गई थी। पत्र में कहा गया कि यह राशि उपलब्ध करवाई जाए, ताकि संबंधित ठेकेदारों का भुगतान किया जा सके। इस पत्र को लिखे जाने के करीब 25 दिन बाद भी नगर पालिका को लोक निर्माण विभाग से भुगतान नहीं मिला है। गौरतलब है कि भोजशाला का सर्वे कार्य 22 मार्च से शुरू हुआ था। ऐसे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर विभिन्न इंतजाम करने के लिए कहा था। इसी के चलते नगर पालिका द्वारा भोजशाला परिसर में और अन्य क्षेत्र में व्यवस्था की गई थी। बजट उपलब्ध कराने की मांग वर्तमान में निकाय की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इस कार्य में हुए व्यय का भुगतान करना संभव नहीं है। नगर पालिका ने एक पत्र का हवाला देकर कहा कि इसके लिए एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर को लिखे हुए पत्र में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग को जो पत्र लिखा गया था, उसके अनुसार आज तक बजट उपलब्ध नहीं हुआ। इधर, ठेकेदार द्वारा बार-बार भुगतान की मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि राशि का भुगतान नहीं होने पर टेंट उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा। पत्र में यह भी लिखा गया था कि सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। यह बात अलग है कि सर्वे कार्य हो गया है। वहीं नगर पालिका शासन के संबंधित विभाग से कोई राशि नहीं मिली है। ऐसे में 85 लाख की यह रकम अब बढ़कर करीब एक करोड़ 25 लाख तक पहुंच गई है। सर्वे पर और भी खर्च धार की ऐतिहासिक भोजशाला का सर्वे न सिर्फ नगर पालिका, बल्कि एएसआई के लिए भी महंगा पड़ा है। दरअसल, लगातार 100 दिनों तक अधिकारियों व कर्मचारियों के खाने, ठहरने व आने-जाने इंतजाम किया गया। वहीं, प्रतिदिन औसत 40 से अधिक मजदूरों द्वारा कार्य करवाया गया। इस तरह से तीन माह में करीब चार हजार मानव कार्य दिवस का भुगतान करना है। इसके अलावा अधिकारियों के दिल्ली व हैदराबाद के आने जाने के खर्चे भी हुए। देखा जाए तो भोजशाला की इस तरह की व्यवस्था बनाने पर एक बड़ी रकम खर्च हुई है।

केन्या में विवादास्पद कर वृद्धि विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में करीब 39 लोग मारे गए

A free camp for distribution of assistive devices was organized for the disabled.

नैरोबी  पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में विवादास्पद कर वृद्धि विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में करीब 39 लोग मारे गए हैं और 361 अन्य घायल हुए हैं। केन्या नेशनल कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स (केएनसीएचआर) ने मृतकों के बारे में जानकारी दी। इससे पहले केएनसीएचआर ने बताया था कि केन्या में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 30 लोग मारे गये थे। मानवाधिकार समूह ने केन्याई सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर सीधे गोलियां चलाने का भी आरोप लगाया है। आयोग ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारे रिकॉर्ड से पता चलता है कि देश भर में विरोध प्रदर्शनों में 39 लोग मारे गए हैं और 361 अन्य घायल हुए हैं।” इसके अलावा, विरोध प्रदर्शनों के दौरान देश में 32 लोगों के लापता होने का मामला सामने आया है और 627 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि जून के मध्य से केन्या में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है। जब सरकार ने ब्रेड, चीनी परिवहन, मोबाइल और वित्तीय सेवाओं तथा विदेशी मुद्रा लेनदेन पर 16 प्रतिशत वैट लगाने के साथ-साथ कारों और वनस्पति तेल पर 2.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने वाला विधेयक पेश किया था। विरोध प्रदर्शनों के भड़कने पर हालांकि राष्ट्रपति विलियम रुटो ने विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और इसे पुनर्विचार के लिए संसद में वापस भेज दिया। केन्या में सरकार द्वारा नए टैक्स लगाने से जनता काफी गुस्से में है और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को भीड़ संसद में प्रवेश कर गई और वहां आगजनी की। इसके बाद सांसदों को संसद भवन से सुरक्षित निकाला गया। प्रदर्शनकारी नए टैक्स का विरोध कर रहे हैं जिससे डायपर जैसी वस्तुओं की कीमत बढ़ जाएगी।  

एस जयशंकर अस्ताना में एससीओ शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस जयशंकर चार जुलाई को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों (एससीओ शिखर सम्मेलन) की 24वीं बैठक गुरुवार को कजाकिस्तान की अध्यक्षता में अस्ताना में हो रही है। शिखर सम्मेलन में, नेताओं को पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और बहुपक्षीय सहयोग की स्थिति और संभावनाओं पर चर्चा करने की उम्मीद है। एक बयान में कहा गया कि बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। एससीओ में भारत की प्राथमिकताएं प्रधानमंत्री के ‘एसईसीयूआरई’ एससीओ के दृष्टिकोण पर हैं। एसईसीयूआरई का मतलब सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से है। भारत ने एससीओ की अपनी पहली अध्यक्षता के तहत 04 जुलाई, 2023 को वर्चुअल प्रारूप में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 23वीं बैठक की मेजबानी की थी। एससीओ के सदस्य देश दुनिया की आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक तिहाई हिस्सा कवर करते हैं। वर्ष 2024 शिखर सम्मेलन में बेलारूस के दसवें सदस्य के रूप में शामिल होने के साथ नया विस्तार देखने की उम्मीद है। ईरान पिछले साल इस समूह में शामिल हुआ था। एससीओ एक राजनीतिक, आर्थिक, और सुरक्षा संगठन है जो 2001 में स्थापित हुआ था। संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत, पाकिस्तान के साथ, 2017 में पूर्ण सदस्य बन गए थे, जिससे संगठन की पहुंच और प्रभाव में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ।  

सुरक्षाबलों के लिए अब अबूझ पहेली नहीं बस्तर के जंगल, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर ऐसे हुआ सबसे बड़ा प्रहार

 बस्तर वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बस्तर के कोर इलाके में अब तक 32 नए कैंप खोले गए हैं नक्सल मोर्चे पर सरकार की बदली रणनीति से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन भी तेज हुए हैं। पुलिस अफसरों की मानें तो जनवरी से लेकर अब तक बस्तर के कोर इलाके में फोर्स की नक्सलियों से 72 मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिसमें 137 नक्सली मारे गए हैं। इन दिनों फोर्स का पूरा फोकस इस वक्त अबूझमाड़ पर है। यह नक्सलियों की अघोषित राजधानी कही जाती है। इसलिए फोर्स यहां नक्सलियों का प्रभाव कम करने में जुटी हुई है। नक्सलियों के ठिकाने पर लगातार फोर्स हमले बोल रही है। हर हमले के बाद नक्सलियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। बस्तर के नक्सल इतिहास में कभी इतनी बड़ी संख्या में नक्सली नहीं मारे गए थे जितने पिछले छह महीने के भीतर मारे गए हैं। इससे नक्सलियों और उनके कैडर में दहशत का माहौल है। यही कारण है कि अब तक 6 महीने में 400 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आमतौर पर एक साल में औसतन 500 समर्पण हुआ करते थे।   अबूझमाड़ इलाके में अब नहीं रहेगी नक्सलियों की दहशत नक्सलियों के खिलाफ किसी एक ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की यह सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। सुरक्षा बलों के लिए ये मुठभेड़ कई मायनों में अहम है। यह सफल ऑपरेशन जंगल के बीच अबूझमाड़ के अंदर सुरक्षा बलों के प्रवेश का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके को नक्सलियों का कोर इलाका माना जाता है। पिछले तीन दशकों से यह इलाका सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है। जंगलों और पहाड़ों के बीच का यह इलाका नक्सलियों के लिए अभेद्य गढ़ बन गया। इस मुठभेड़ ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि पिछले कई वारदातों में शामिल नक्सलियों का सफाया हो गया है। अपने पांच कोर इलाके में सिमटे नक्सली बस्तर में फोर्स की सक्रियता के चलते नक्सली अब अपने पांच कोर इलाके तक ही सिमटकर रह गए हैं, जिसमें प्रमुख अबूझमाड़, इंद्रावती नेशनल पार्क, बैलाडीला की पहाडिय़ों का तराई वाला इलाका, सुकमा जिले में बासागुड़ा-जगरगुंडा- भेज्जी ट्राएंगल व बीजापुर के पामेड़ इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 का इलाका शामिल है। अन्य इलाकों में फोर्स की मौजूदगी व कैंप स्थापना के बाद नक्सलियों का प्रभाव कम हुआ है। अबूझमाड़ व नेशनल पार्क इलाके को अब फोर्स ने जब से टारगेट किया है तब से इस इलाके में नक्सलियों के नई भर्ती शिविर और ट्रेनिंग कैंप आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। 2018 से 2023 तक घटनाओं और हताहतों की संख्या यहां पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में नक्सली आतंकी घटनाओं और हताहतों की संख्या को दर्शाने वाला डेटा चार्ट है, जिसे हिंदी में लेबल किया गया है। यह चार्ट 2018 से 2023 तक घटनाओं और हताहतों की संख्या में गिरावट का रुझान दर्शाता है।  गांवों में फैले मिलिशिया कैडर भी हुए कमजोर नक्सलियों के पीएलजीए के सशस्त्र लड़ाके अब बस्तर के गांवों में फैले मिलिशिया सदस्यों तक अपनी पहुंच नहीं बना पा रहे हैं। गांवों में फोर्स के कैंप स्थापित होने के बाद मिलिशिया सदस्यों की मीटिंग तक लड़ाके नहीं ले पा रहे हैं। अब मिलिशिया कैडर नक्सलियों के प्रभाव से बाहर निकलते दिख रहे हैं। बस्तर में नक्सलियों के लिए यह बड़ा नुकसान है।  अबूझमाड़ से शिफ्ट हो रहे नक्सलियों के टॉप लीडर अबूझमाड़ की सीमा पांच जिलों में फैली हुई हैं जिसमें कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिला शामिल है। फोर्स का दबाव जिस तरह से अबूझमाड़ में बढ़ा है उसके बाद से नक्सलियों के टॉप लीडर वहां से लगातार शिफ्ट हो रहे हैं। जिनमें नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के सचिव बसव राजू, एम वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू, पक्का हनुमंतलु उर्फ गणेश उइके और दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव केआरसी रेड्डी उर्फ गुड़सा उसेंडी आदि शामिल हैं। कैंपों की स्थापना के चलते नक्सली हुए कमजोर नक्सल मोर्चे पर पुलिस की इस बड़ी सफलता के पीछे नक्सलियों के अभेद इलाकों में नए कैंपों की स्थापना को बड़ी वजह बताया जा रहा है. जिससे नक्सल संगठन की पकड़ अपने आधार इलाकों में कमजोर पड़ती जा रही है. बीजापुर का गंगालूर इलाका जिसे कभी नक्सलियों की अघोषित उपराजधानी भी कहा जाता था, अब यहां मुतवेण्डी, कावड़गांव, डुमरीपालनार के अलावा बीजापुर-सुकमा जिले के सरहदी इलाके टेकुलगुड़म, गुंडेम के साथ दुर्दांत नक्सली हिंड़मा के गढ़ उसके गांव पुवर्ती में फोर्स कैंप बना चुकी है. बताया जा रहा है कि अब वहां पीएलजीए लड़ाके ही अपना गढ़ बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। अधिकांश नक्सली एमएमसी, एओबी व टीटीके जोन में शिफ्ट होने की जानकारी मिल रही है। दुर्दांत नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इसी साल कैंप स्थापित किया गया जो कि बस्तर में नक्सल मोर्चे पर मिली बड़ी कामयाबियों में से एक थी। हिड़मा अब अपना इलाका छोड़ बस्तर के अलग-अलग क्षेत्र में मूवमेंट कर रहा है। नक्सलियों की इन जंगलों में बसती है जान अबूझमाड़ की पहाड़ियां और जंगल दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लगभग 4,000 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैली हुई हैं, जो मुख्य रूप से कांकेर के ठीक दक्षिण में नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों को कवर करती हैं। पहाड़ी इलाका, जंगल, सड़क, बुनियादी सुविधाओं का न होना और सशस्त्र विद्रोहियों की उपस्थिति से इस इलाके का एक बड़ा हिस्सा अब तक सरकारी सर्वेक्षण के दायरे से बाहर रहा है। यदि इसके भूभाग की बात करें तो इस इलाके का क्षेत्रफल गोवा जैसे राज्य से बड़ा है। इन जंगलों का उपयोग नक्सलियों द्वारा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से ओडिशा (पूर्व में) आने- जाने के लिए एक गलियारे के रूप में किया जाता है। अब तक इतने नक्सली मारे गए 2018: 125 2019: 79 2020: 44 2021: 48 2022: 31 2023: 24 2024 में अब तक 137  नक्सल मुक्त बस्तर की ओर बढ़ रहे बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में हम तेजी से बढ़ रहे हैं। फोर्स को बीते छह महीने में कई बड़ी सफलताएं मिली हैं। नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र सिमटता जा रहा है। नक्सल प्रभाव वाले दो तिहाई क्षेत्र में अब नक्सलियों को जनता ने भी नकार दिया … Read more

3 जुलाई बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav

मेष राशि : मेष राशि वालों की आज आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की बाधाओं से छुटकारा मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। यात्रा के योग बनेंगे। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी संभव है। अपने डाइट पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। लव लाइफ में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। वृषभ राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुछ जातक जॉब स्विच करने का प्लान बना सकते हैं। परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आईटी या हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश में जॉब करने का ऑफर मिल सकता है। कुछ जातकों की नई प्रॉपर्टी खरीदने की इच्छा बढ़ेगी। पार्टनर के साथ कोई रोमांटिक प्लान बना सकते हैं। इससे लव लाइफ में खुशहाली आएगी। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। मिथुन राशि : आज का मिथुन राशि वालों के जीवन में कई बड़े बदलाव लाएगा। आय में वृद्दि के नए अवसर मिलेंगे। घर-परिवार में खुशियां आएंगी। आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़े फैसले लेते समय परिजनों से सलाह जरूर लें, ताकि कोई डिसीजन गलत साबित न हो। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातकों को पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। कर्क राशि : कर्क राशि वालों को आज पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। कुछ जातकों को आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। आज आप प्रॉपर्टी में निवेश करने का प्लान बना सकते हैं। जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। आज आप पार्टनर के साथ डिनर पर जा सकते हैं या उन्हें सरप्राइज गिफ्ट दे सकते हैं। इससे रिश्तों में प्यार और जुनून बरकरार रहेगा। सिंह राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी से फैसले लें। धन बचत करें। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। घर में मेहमानों के आगमन से खुशहाली का माहौल रहेगा। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। प्रॉपर्टी से जुड़े शुभ समाचार प्राप्त होंगे। ऑफिस में बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। समाज में सराहे जाएंगे। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। कन्या राशि : आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। अपने सेहत पर ध्यान दें। जंक फूड अवॉइड करें। प्रोफेशनल लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगा। करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी रहेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। दोस्तों या प्रियजन के साथ यात्रा के योग बनेंगे। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अपार सफलता मिलेगी। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। तुला राशि : तुला राशि वालों को आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। ऑफिस मैनेजमेंट में सकारात्मक छवि बरकरार रहेगी। घर में परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। लंबे समय से अटका हुआ कार्य सफल होगा। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। वृश्चिक राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। व्यापार में विस्तार होगा। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। घर-परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। आज आप सोच-समझकर प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कर सकते हैं। रोमांटिक लाइफ में मूड अच्छा रहेगा। पार्टनर के ज्यादा समय बिताएं। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर बनाने की कोशिश करें। धनु राशि : आर्थिक मामलों में होशियारी से फैसले लें। ऑफिस में महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। इससे करियर ग्रोथ के चांसेस बढ़ेंगे। छोटे भाई-बहन करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे। जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा। आपके सभी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। समाज में सराहे जाएंगे। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। साथी संग रिश्ता मजबूत और गहरा होगा। मकर राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। व्यापार में मुनाफा होगा। साथी से रिलेशनशिप की दिक्कतों को लेकर खुलकर बात करें। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। आज आपको यात्रा के कई अवसर मिलेंगे। नया घर या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली के साथ किसी पार्टी या फंक्शन में शामिल होंगे। शुभ कार्यों में भाग्य साथ देगा। हर कार्य के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। सिंगल जातकों की आज सच्चे जीवनसाथी की तलाश पूरी हो सकती है। कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों को आज प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। ऑफिस मींटिग में अपने आइडियाज को शेयर करने में संकोच न करें। आज आपको जीवनसाथी या फैमिली मेंबर्स की ओर से सरप्राइज मिल सकता है। नए वाहन की खरीदारी संभव है। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। मीन राशि : अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। अपने खर्चों पर नजर रखें। अपने बजट पर ध्यान दें। नया फाइनेंसशियल प्लान बनाएं। आज कुछ जातक नई प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना सकते हैं। वाहन सावधानी से चलाएं और ट्रैफिक के नियमों का कड़ाई से पालन करें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें।

IMD के मुताबिक जुलाई में औसत बारिश सामान्य से अधिक होगी, अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन

नई दिल्ली मौसम विभाग ने भारतीय किसानों के लिए एक अच्छी खबर दी है। इसके मुताबिक अगले तीन महीनों में जमकर बरसात होने वाली है। जुलाई के साथ-साथ अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। गौरतलब है कि मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट आई है। इसमें बताया गया है कि जून महीने में औसत से कम बारिश हुई है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में जून के महीने में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। उन्होंने बताया कि जून के अंत में सिर्फ एक कम दबाव वाला क्षेत्र बना। आम तौर पर महीने में तीन कम दबाव वाले क्षेत्र बनते हैं। मौसम परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण कम दबाव वाले क्षेत्र नहीं बन सके। अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन धनंजय महापात्र ने कहा कि हम जुलाई में मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। जून में कम बारिश की खबर के बाद जुलाई, अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की खबर किसानों को खुशखबरी देने वाली हो सकती है। अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की वजह बनेगा ला नीना। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि ला नीना के चलते इन दोनों महीनों में खूब बारिश होगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि अल नीनो और ला नीनो नाम के दो वेदर कंडीशंस बनती हैं। जहां अल नीनो के दौरान मॉनसून कमजोर पड़ जाता है और बारिश कम होती है। वहीं, ला नीना के दौरान खूब बारिश होती है। जून की होगी भरपाई जून में उम्मीद से कम बारिश होने के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में जुलाई में होने वाली अच्छी बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी की ग्रोथ के लिए यह बारिश काफी जरूरी है। इससे चावल, कॉटन, सोयाबीन और गन्ने की फसल को काफी फायदा मिलेगा। मॉनसून अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच चुका है। आईएमडी चीफ ने बताया कि बहुत जल्द ही यह राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक भी पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि भारत में जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। महापात्र ने जून में सामान्य से कम वर्षा के लिए मौसम प्रणालियों की कमी के कारण देश के उत्तरी और पूर्वी भागों में मानसून की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।

स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं , जाने क्या है कारण

मुंबई  स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं है। उनका कहना है कि वे आगामी त्योहारी सीजन के लिए पिछले साल की तुलना में 20% तक अधिक इन्वेंट्री का उत्पादन कर रही हैं। उन्हें अच्छे मानसून और महंगाई में स्थिरता के कारण इस फेस्टिव सीजन मांग में सुधार की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन के दौरान देश में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि वे इस महीने से 100% उत्पादन शुरू करने जा रही हैं। सितंबर में ओणम के लिए उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने जून-सितंबर में सामान्य से अधिक मॉनसून रहने का अनुमान लगाया है। गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि ग्रामीण भारत में पेंट-अप डिमांड है, जो मॉनसून से और बढ़ जाएगी। वहां के लोगों ने पिछले पांच साल में बहुत कुछ नहीं खरीदा है जबकि शहरों में प्रीमियमाइजेशन का चलन मजबूत बना हुआ है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस साल त्योहारी सीजन में बिक्री कोविड के बाद से सबसे अच्छी होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और दोपहिया वाहनों में कम से कम एंट्री लेवल पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इस दिवाली स्मार्टफोन की बिक्री 2021 के बराबर पहुंचने की उम्मीद है जब लॉकडाउन के कारण बढ़ी मांग से रिकॉर्ड बिक्री हुई थी। मॉनसून की चाल मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोपहिया वाहन निर्माताओं का कहना है कि अगर त्योहारी मांग उम्मीद के मुताबिक रही तो उद्योग वित्त वर्ष 2019 के 21 मिलियन यूनिट के रेकॉर्ड को पार कर सकता है। लेकिन हाई बेस के कारण जून तिमाही में कारों की बिक्री की ग्रोथ धीमी रही। लेकिन त्योहारी सीजन के दौरान इसमें तेजी की उम्मीद है। उद्योग का अनुमान है कि अप्रैल-जून की तुलना में सितंबर तिमाही में कारों, सेडान और यूटिलिटी गाड़ियों का उत्पादन 10% तक बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनियां पहले से ही 100% क्षमता पर संयंत्र चला रहे हैं। इस उद्योग को इस साल वॉल्यूम में 14-18% साल-दर-साल वृद्धि की उम्मीद है। त्योहारी सीजन सितंबर में ओणम से शुरू होता है और अक्टूबर-नवंबर में नवरात्रि से लेकर दिवाली तक चलता है। देश में अधिकांश बिक्री इसी दौरान होती है। कई कैटगरी में इस दौरान सालाना बिक्री का 30-35% हिस्सा होता है। पिछली कुछ तिमाहियों में एपेरल, स्मार्टफोन, टेलीविजन और कारों की बिक्री की रफ्तार धीमी रही है।  

भारत की ट्रेन ईरान में दौड़ेगी, रूस से अफगानिस्‍तान तक रास्‍ता होगा साफ, एशियाई और यूरेशियाई देशों को व्‍यापार का मुख्‍य रास्‍ता मुहैया कराएगा

तेहरान भारत और ईरान चाबहार बंदरगाह से जहेदान शहर के बीच नए रेल मार्ग को तेजी से बनाने की योजना बना रहे हैं। इस रेलमार्ग से रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण ईरानी बंदरगाह चाबहार अंतरराष्‍ट्रीय उत्‍तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के लिए प्रवेश द्वार बन जाएगा। यह कॉरिडोर मध्‍य एशियाई और यूरेशियाई देशों को व्‍यापार का मुख्‍य रास्‍ता मुहैया कराएगा जो कैस्पियन सागर के पूर्वी तरफ स्थित हैं। इसमें रूस भी शामिल हैं जो अभी पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए इस मार्ग से भारत संग व्‍यापार करने लगा है। इस कॉरिडोर के बनने से अफगानिस्‍तान का भी अरब महासागर से सीधा संपर्क हो जाएगा और उसकी पाकिस्‍तान के कराची पोर्ट पर से निर्भरता खत्‍म हो जाएगी। भारत और ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि नए रेल मार्ग को बनाने के लिए काम तब तेज किया जा रहा है जब चाबहार पोर्ट पर काम शुरू हो गया है। इससे भारत के लिए सामानों को भेजा जाना शुरू हो गया है। इस साल माना जा रहा है कि यह पोर्ट कई मिलियन टन कार्गो को हैंडल करेगा। साल के पहले दो महीने में ही चाबहार पोर्ट से कई टन सामान का आवागमन हुआ है। इन अधिकारियों ने कहा कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम भूराजनीतिक स्‍थान पर स्थित होने की वजह से चाबहार पोर्ट INSTC कॉरिडोर का प्रवेश द्वार बन सकता है। अभी यह ईरानी पोर्ट रोड के जरिए देश के बाकी हिस्‍सों से जुड़ा हुआ है। तालिबान भी कर रहा चाबहार पोर्ट में निवेश अधिकारियों ने कहा कि चाबहार और जाहेदान को जोड़ने के लिए वर्तमान रेलवे नेटवर्क की ईरान समीक्षा कर रहे हैं। चूंकि चाबहार पोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ रहा है, ऐसे में रेल और रोड से उसकी कनेक्‍ट‍िविटी बहुत जरूरी है ताकि सामान आसानी से और तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाएं। इसी वजह से इसे आगे बढ़ाने पर बात चल रही है। यह पूरी चाबहार- जाहेदान रेलवे लाइन 700 किमी लंबी होगी। भारतीय रेलवे के IRCON और ईरान रेलवे कंस्‍ट्रक्‍शन के बीच साल 2016 में समझौता होने के बाद भी इस रेल लाइन को लेकर कोई काम आगे नहीं बढ़ पाया है। भारत ने चाबहार पोर्ट के विकास में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है। भारत ने हाल ही में वहां पर क्रेन भी लगाई हैं ताकि कंटेनर को आसानी से उतारा और चढ़ाया जा सके। चीन और पाकिस्‍तान के ग्‍वादर पोर्ट को टक्‍कर देने के लिए भारत चाबहार को आगे बढ़ा रहा है। इससे भारत का सीधे अफगानिस्‍तान और रूस तक संपर्क हो गया है। भारत के बाद तालिबान सरकार ने भी ऐलान किया है कि वह चाबहार पोर्ट के पास निवेश करने जा रही है। इस रेलवे लाइन के बनने पर सामानों को तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।

नए लॉ में मॉब लिंचिंग पर अलग से कानून का प्रावधान, 7 साल की कैद से लेकर फांसी तक की हो सकती है सजा

नई दिल्ली आईपीसी का दौर जा चुका है, एक जुलाई यानी सोमवार से देश में नए क्रिमिनल लॉ लागू हो चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन से दंड की जगह न्याय होगा और देरी की जगह तुरंत सुनवाई होगी। इस दौरान उन्होंने मॉब लिंचिंग पर कानून का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग के अपराध को लेकर पहले के कानून में कोई प्रावधान नहीं था। अब नए कानूनों में पहली बार मॉब लिंचिंग को परिभाषित किया गया। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद यहां तक की फांसी की सजा का प्रावधान है। मॉब लिंचिंग पर अलग कानून, कितनी हो सकती है सजा अमित शाह ने कहा कि आजादी के 77 साल बाद आपराधिक न्याय प्रणाली स्वदेशी हो रही। नए कानूनों में मॉब लिंचिंग पर अलग से कानून बनाया गया है। इस कानून के तहत शरीर पर चोट पहुंचाने वाले क्राइम को धारा 100-146 तक का जिक्र है। मॉब लिंचिंग के मामले में न्यूनतम 7 साल की कैद हो सकती है। इसमें उम्रकैद या फांसी की सजा का भी प्रावधान है। इसके अलावा हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। ये हैं नए क्रिमिनल लॉ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 सोमवार से पूरे देश में प्रभावी हो गए। इन तीनों कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है। अमित शाह ने कहा कि देशभर के 99.9 फीसदी पुलिस थाने कंप्यूटराइज हो चुके हैं। ई-रिकॉर्ड जनरेट करने की प्रक्रिया भी 2019 से शुरू कर दी गई थी। जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट सभी डिजिटल होंगे। नए कानूनों में सात साल या इससे अधिक की सजा वाले अपराधों में फरेंसिक जांच अनिवार्य होगी। न्यायपालिका में भी 21 हजार सब-ऑर्डिनेट न्यायपालिका की ट्रेनिंग हो चुकी है। 20 हजार पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को ट्रेंड किया गया है। अमित शाह ने कहा कि एक ऐसा झूठ फैलाया जा रहा है कि संसद सदस्यों को बाहर निकालने के बाद यह कानून पारित किए गए। यह गलत है। उन्होंने बताया कि 2020 में सभी सांसदों, मुख्यमंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को पत्र लिखकर उनसे सुझाव मांगे गए। गृह सचिव ने देश के सभी आईपीएस और जिला अधिकारियों से इस संबंध में सुझाव मांगे। शाह ने बताया कि उन्होंने खुद 158 बार इन कानूनों की समीक्षा बैठक की। इसके बाद गृह मंत्रालय की समिति के पास इन्हें भेजा गया। फिर ढाई से तीन महीने तक इन पर गहन चर्चा के बाद कुछ राजनीतिक सुझावों को छोड़ते हुए 93 बदलावों के साथ इन बिलों को फिर से कैबिनेट ने पारित किया।

UPI से लेन-देन करने वालों की संख्या में मामूली गिरावट, जून में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन

मुंबई UPI Transactions: यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजेक्शन में जोरदार इजाफा हुआ है। जून 2024 में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 13.89 बिलियन तक पहुंच गया। साल दर साल आधार पर (YoY) पर इसमें 49 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने जारी आंकड़े में इस बात की जानकारी दी है। जून में लेन-देन का वौल्यूम 20.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई में 20.45 लाख करोड़ रुपये से 1.9 फीसदी कम है। साल-दर-साल आधार पर, लेन-देन के वौल्यूम में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एवरेज ट्रांजेक्शन रोजाना का एवरेज ट्रांजेक्शन राशि 66,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि जून में औसत रोजाना का लेन-देन की संख्य 463 मिलियन थी। जून में, तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) लेन-देन की मात्रा मई में 558 मिलियन की तुलना में 7 प्रतिशत घटकर 517 मिलियन रह गई। अप्रैल 2016 में UPI के शुरू होने के बाद मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे। आधार-इनेबल्ड पेमेंट आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी लेनदेन में बढ़ोतरी देखी गई। मार्च 2024 के बाद ट्रांजेक्शन का वौल्यूम एक बार फिर से 100 मिलियन तक पहुंच गया। हालांकि, FASTag की मात्रा में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि औसत दैनिक लेन-देन पिछले महीने के 11.21 मिलियन की तुलना में घटकर 11.15 मिलियन रह गया। जून में इसका वैल्यू पिछले महीने के 191 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 193 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने सोमवार को लेन-देन के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि जून महीने में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं। इसके जरिए 20.07 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई है। पिछले साल जून, 2023 में 934 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 14.75 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई। इस तरह पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन की संख्या 49 फीसदी ज्यादा है, जबकि ट्रांसफर की जाने वाली राशि में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, मई की तुलना में वॉल्यूम में एक फीसदी और वैल्यू में फीसदी फीसदी की गिरावट आई है। मई, 2024 में यूपीआई के जरिए 1,404 करोड़ ट्रांजैक्शन हुआ, जबकि इसके जरिए 20.45 लाख करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई थी। अप्रैल, 2016 में यूपीआई के शुरू होने के बाद से मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे।।

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