LATEST NEWS

धूमधाम से मनाया गया भुजारिया का पर्व, चंद्रभागा नदी में किया गया विसर्जन

Bhujariya festival celebrated with pomp, immersion in Chandrabhaga river.

Bhujariya festival celebrated with pomp, immersion in Chandrabhaga river. हरिप्रसाद गोहेआमला। प्राकृति के स्वागत उपासना से जुड़ा पारंपरिक पर्व भुजारिया आमला सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया वहीं आमला के इतवारी चौक स्थित श्री कृष्ण मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर भुजारिया का पर्व माना भुजारिया का विसर्जन स्थानीय चंद्रभागा नदी में किया गया इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही । भाजपा महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी सपना सोनी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी कृष्ण मंदिर में भुजरिया एकत्रित हुए और पूंजा की गयी!!सुबह से इस पर्व को लेकर उल्लास का माहोल था । इस दौरान भुजरियों को एक जगह एकत्रित कर पूरे परिवार के साथ बैठकर लोगों ने पूजा-अर्चना की । बाद भुजरियों को चंद्रभागा नदी पर जाकर विसर्जन कर प्रसाद का वितरण किया गया। साथ मे बचे भुजरिया को सर्व प्रथम भगवान को भेंट किया गया। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से भुजरियां बदलकर अपने गिले-सिकवे भुलाकर गले मिले । यह है भुजरियां पर्व भुजरियां का पर्व सौभाग्य और भाईचारे का प्रतीक भी माना जाता है। पारंपरिक त्योहार प्रकृति के स्वागत और उसकी उपासना से जुड़ा है। माना जाता है कि मैहर में विराजित मां शारदा देवी के वरदान से अमर हुए आल्हा-ऊदल की बहन से भी इस पर्व का गहरा संबंध है। आल्हा की मुंह बोली बहन चंदा के सुरक्षित बचने पर लोगों ने एक-दूसरे को हरित तृण देकर खुशियां मनाईं थीं। हालांकि, यह पर्व भारत की कृषि आधारित परंपरा से जुड़ा है । इसमें बारिश के बाद खेतों में लहलहाती खरीफ की फसल से आनंदित किसान एक-दूसरे को हरित तृण यानी कजलियां भेंट करके सुख और सौभाग्य की कामना करते हैं। यही कजलियां सबसे पहले कुलदेवता व अन्य देवताओं को अर्पित कर सुख-सौभाग्य की कामना की जाती है। एक-दूसरे का सुख-दुख बांटकर जीवन की खुशहाली की कामना करते है

बैतूल के मरीज श्री शेकलाल को उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस से भेजा भोपाल

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment.

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना में बैतूल के चकोला निवासी श्री शेकलाल हर्ले को बुधवार सुबह 11.44 बजे बैतूल जिले से एयरलिफ्ट कर हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रारंभ की गई है। श्री हर्ले प्रदेश में पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना से लाभान्वित होने वाले 13वें मरीज है। बैतूल के पट्टन तहसील के ग्राम चकोला निवासी 51 वर्षीय शेकलाल हर्ले एक दिन पूर्व छज्जे पर प्लास्टर करते हुए गिर गए थे। गिरने से श्री हर्ले को स्पाइनल फ्रैक्चर हो जाने के कारण ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए भोपाल हमीदिया चिकित्सालय में रेफर किया गया था। कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा श्री हर्ले को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी की गई। इससे समय रहते मरीज श्री शेकलाल को एयर लिफ्ट कर कम समय में उपचार के लिये भोपाल लाया गया। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में श्री शेकलाल का उपचार प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिजन ने माना आभार श्री हर्ले के परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि मरीजों के हित में चलाई गई एयर एम्बुलेंस योजना की सुविधा गरीबों की जिन्दगी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उईके ने बताया कि बैतूल से भोपाल सामान्य रूप से 4 से 5 घंटे का समय लगता है। परंतु एयर एम्बुलेंस से यह दूरी मात्र 35 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा इस सुविधा से एयर एम्बुलेंस अभी तक आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों को ही मिल पाती थी। एयर एम्बुलेंस पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा उठाया जाता है।

अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन : मंत्री श्री सिलावट

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat भोपाल : जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक के प्रयोग से हम हमारे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन कर सकते हैं और हमारा देश एवं प्रदेश अधिक सक्षम और समृद्धिशाली बन सकता है। अंतरिक्ष सूचनाओं के आधार पर आज हम प्रदेश के जल संसाधनों का योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं। जल संसाधनों के विकास, योजना निर्माण तथा निर्मित संरचनाओं की निगरानी एवं उनके प्रबंधन में यह विज्ञान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रांगण में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त के परिप्रेक्ष्य में “जल के क्षेत्र में अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का आयोजन जल संसाधन विभाग एवं मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में इसरो सहित अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वैज्ञानिक, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा जल एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले शोधार्थी शामिल हुए। मंत्री श्री सिलावट ने शोधार्थियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत ने 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में अपने चंद्रयान-तीन विक्रम लैंडर को सफलता पूरक उतारा था। भारत की इस महान उपलब्धि के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिवर्ष देश में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह पूर्वक मनाया जाने की घोषणा की गई। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पूरे प्रदेश के महाविद्यालय /विद्यालयों में अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वैज्ञानिक छात्र संवाद, अंतरिक्ष विज्ञान आधारित कथन, प्रश्नोत्तरी एवं फिल्मों का प्रदर्शन आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि आज भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों की निरंतर उपलब्धि के चलते समय-समय पर भेजे गए उपग्रहों के माध्यम से हमें कई महत्वपूर्ण सूचनाऐं एवं जानकारी प्राप्त हो रही हैं। नदियों के बहाव के साथ-साथ बाढ़ का प्रबंध करने में अंतरिक्ष सूचनाओं से पूर्व-सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है, जो बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिये अति महत्वपूर्ण निर्णय प्रणाली है। अल्प वर्षा की स्थिति में सूखे से निपटने के लिए भी इस तकनीकी से सूखे का आकलन एवं प्रबंधन किया जाना संभव हो पाता है। इस तकनीक से मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भी मौसम के सटीक पूर्व -अनुमान प्राप्त हो रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage भोपाल ! मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी। योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी। योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी। सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

भाजपाइयों के बाबा महाकाल…प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी, विधायक से लेकर तमाम भाजपा पदाधिकारी उड़ा रहे मंदिर नियम की धज्जियां

BJP's Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules

BJP’s Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules वैसे तो कालों के काल बाबा महाकाल सभी के हैं, लेकिन पिछले 44 दोनों की बात की जाए तो लगता है जैसे बाबा महाकाल अब सिर्फ भाजपाइयों के हो चुके हैं। मंदिर में हजारों किलोमीटर दूर से दर्शन करने आने वाले भक्तों को तो बेरिकेट से ही बाबा महाकाल के दर्शन करना पड़ते हैं, लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम उसे समय शिथिल हो जाते हैं, जब कोई भाजपा नेता भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचता है। सहारा समाचार समय-समय पर मंदिर में श्रद्धालुओं को हो रही अवस्था पर सवाल उठाता है, लेकिन आज बात मंदिर के नियमों की है, जिनकी पिछले 44 दिनों में चार बार धज्जियां उड़ाई गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी और विधायक कैसे मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे इसका जवाब देने वाला मंदिर में कोई नहीं है। कहने वाली बात तो यह भी है कि इन सत्ताधारियों ने खुद तो गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक तो किया ही, लेकिन इसके साथ ही यह अपने चहेतो को भी गर्भगृह में ले गए, जिन्हें गर्भ गर्भगृह में ले जाने का इन्हें कोई अधिकार नहीं था। 8 जुलाई से 19 अगस्त तक कई बार उड़ी नियमों की धज्जियांसबसे पहले बात की जाए तो 8 जुलाई 2024 को भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करने के लिए अपनी पत्नी के साथ गर्भगृह में पहुंचे थे। इन्होंने भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक किया था जिस पर जमकर बखेड़ा खड़ा हुआ था, लेकिन बाद में इस पूरे मामले में जिम्मेदार ने यह नहीं बता पाए कि आखिर भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी मंदिर के गर्भगृह में कैसे पहुंचे। 10 अगस्त 2024 को उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा अपने जन्मदिन पर बाबा महाकाल के गर्भगृह में भगवान महाकाल का पूजन अर्चन अभिषेक करते दिखाई दिए थे। जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने बाबा महाकाल के दर्शन तो किए थे, लेकिन इस दौरान वे अपने साथ भाजपा के सराफा मंडल अध्यक्ष अजय तिवारी को भी गर्भगृह में ले गए थे। इस मामले ने भी जमकर तूल पकड़ा था, लेकिन श्री महाकालेश्वर मंदिर के जिम्मेदार इस मामले पर भी चुप्पी साधे रहे, जबकि इस मामले में भी मंदिर के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। 19 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करवाना फिर भी मंदिर के नियमों के तहत आता है, लेकिन इस दौरान यह देखने को आया था कि मुख्यमंत्री अपने साथ लगभग आधा दर्जन अन्य लोगों को भी गर्भगृह में ले गए थे जो कि नियमों के विरुद्ध है। 19 अगस्त 2024 श्रावण के अंतिम सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा उज्जैन पहुंचे थे, जहां उन्होंने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन किया था। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला और दो अन्य लोग भी भगवान की पूजा अर्चना करते दिखाई दिए थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यही वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसको लेकर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही जिला अध्यक्ष और दो अन्य लोगों को किस प्रोटोकॉल के नियम के तहत मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करवाया गया। तो नियमों में भेदभाव क्यों….?वैसे तो यह किसी को बताने की बात नहीं है कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं से दर्शन व्यवस्था के नाम पर कितने नियमों का पालन करवाया जाता है। अगर कोई श्रद्धालु मंदिर के नियमों का थोड़ा भी उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ आम श्रद्धालुओं पर ही होती है वीआईपी श्रद्धालु चाहे जो भी करें उन पर लगता है श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम काम नहीं करते हैं। कोई नहीं बात पता किसकी परमिशन से हुआ गर्भगृह में प्रवेश पिछले 44 दिनों में भाजपा के कई पदाधिकारी ने गर्भगृह में पहुंचकर खुद तो दर्शन किए ही साथ ही वह अपने चहेतों को भी गर्भगृह में ले गए, जिसकी जानकारी वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया और प्रशासन तक जरूर पहुंची, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर के जिम्मेदार यह नहीं बता पाए कि आखिर किसकी परमिशन से गर्भगृह में इन लोगों को प्रवेश दिया गया था। आज भी जब महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि हमने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है। मैं दिखवाता हूं कि किसकी अनुमति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन करने गर्भगृह में पहुंचे थे। जबकि एडीएम अनुकूल जैन का कहना है कि प्रशासनिक प्रोटोकॉल से कोई परमिशन नहीं करवाई गई है इस बारे में प्रशासक ही बता पाएंगे।

पक्षियों को मौसम की मार से बचाने जबलपुर में वन विभाग घर-घर रखवाएगा ‘घरौंदा’

Forest Department will arrange 'Gharaunda' in every house in Jabalpur to protect the birds from the weather.

Forest Department will arrange ‘Gharaunda’ in every house in Jabalpur to protect the birds from the weather. जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर । गर्मी, सर्दी और वर्षा, तूफान का मौसम बेजुबान पक्षियों के लिए खतरा बन जाते हैं। वर्तमान में वर्षा का मौसम है ऐसे में पक्षियों के घरौंदे सुरक्षित नहीं है। घरौंदा बनवाने जबलपुर आरा मिल एसोसिएशन का सहयोग लिया है, जो लकड़ी के ऐसे घरौंदे बनवा कर वन विभाग को मुहैया करवा रहा जो घरों में आसानी से वृक्षों में टांगे जा सके। वन मंडल अधिकारी की पहलजबलपुर वन मंडल अधिकारी की इस पहल को ‘घरौंदा’ अभियान का नाम दिया गया है। पहले चरण में तीन हजार घरौंदे घरों में रखवाएं जाएंगे और ये कारगार साबित हुआ तो अगले चरण में सभी घरों में रखवाए जाएंगे। फिलहाल वन विभाग ने ऐसे 200 घरौंदे नागरिकों को वितरित भी किए हैं। अक्सर उजड़ जाते हैं आशियानेपक्षियों के लिए घरौंदा बनाने और निश्शुल्क वितरण के इस नवाचार पर वन मंडल अधिकरी जबलपुर ऋषि मिश्रा बताते हैं कि अक्सर देखा गया है कि पक्षी बड़ी मेहनत से घरौंदे बनाते हैं जो ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते अक्सर उजड़ जाते है या उजाड़ दिए जाते हैं। लोग अज्ञानवता वश उन्हें हटा देते हैंपक्षी बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर, घरों में एयर कंडिशनर के बाहर लगे केबल व उपकरणों सहित अन्य जगहों पर घरौंदा बना लेते हैं, कई लोग अज्ञानवता वश उन्हें हटा देते हैं। कई बार घरौंदों में पक्षियों के अंडे और चूजे भी गिरकर नष्ट हो जाते हैं। पक्षी नहीं कर पाते अपना संरक्षरणइंसान तो हर मौसम परिस्थितियों में अपना संरक्षरण कर सकता है पर बेजुबान पक्षी नहीं कर पाते। इसे ध्यान में रखते हुए पक्षियों के लिए घरौंदा अभियान शुरू करने का विचार आया और कार्ययोजना तैयार कर आरामिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की गई। घरौंदा बनाकर उपलब्ध कराने का निर्णयकार्ययोजना का स्वीकार कर घरौंदा बनाकर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। अब तक 200 से ज्यादा घरौंदे बनाकर नागरिकों को निश्शुल्क वितरित किए जा चुके है। उद्देश्य तीन हजार घरौंदे वितरण का है। तो उन्होंने घरौंदों के निर्माण का प्रस्ताव मजबूत है लकड़ी के घरौंदेआरामिल एसोसिएशन द्वारा जो घरौंदे वन विभाग को तैयार कर दिए गए हैं वे प्लाइबोर्ड या प्लास्टिक के नहीं हैं, बल्कि ठोस लकड़ी से बने हैं और दो प्रकार की आकृतियों में हैं। पहली आकृति त्रिकोण है और दूसरी आकृति चौकोर। जो काफी मजबूत है। दाना-पानी देने किया जा रहा प्रेरितवन विभाग के कर्मचारियों द्वारा शहर व आस-पासके क्षेत्रों में पक्षियों के संरक्षण के लिए न सिर्फ घरौंदों का वितरण कर उन्हें घरों में सुरक्षित जगह रखवाया जा रहा बल्कि नागरिकों से घरौंदों में पक्षियों के लिए दाना-पानी भी उपलब्ध कराने के लिए जागरूक व प्रेरित किया जा रहा है। यदि प्रयास सफल रहा तो वन मंडल परिक्षेत्रों में अन्य संगठनों के सहयोग से ऐसे घरौंदे बनवाएं और रखवाएं जाएंगे।

भोपाल में भारत बंद का मिला-जुला असर, कुछ दुकानें खुलीं, पुलिस भी हाई अलर्ट पर

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert भोपाल ! सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी के आरक्षण में वर्गीकरण का आदेश दिया गया है. उसके विरोध में आज 21 अगस्त को भारत के सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति संगठनों द्वारा भारत बंद का अव्हान किया गया था. हालांकि एमपी के ज्यादातर शहरों में भारत बंद का मिला जुला असर ही देखा जा रहा है. ज्यादातर दुकानें खुली हैं तो कुछ दुकानें ही बंद हैं. इधर भारत बंद के आव्हान के बाद पुलिस भी अलर्ट है. पुलिस सोशल मीडिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं तो वहीं आमजनों से अफवाहों से बचने की अपील भी की गई. कांग्रेस विधायक बंद के समर्थन मेंग्वालियर में कलेक्टर ने मंगलवार की रात से ही धारा 144 लागू कर दी थी. वहीं ग्वालियर में कई स्कूलों ने आज छुट्टी घोषित कर दी थी. बता दें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के संगठनों का जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन भी समर्थन कर रहा है. कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया इस बंद के समर्थन में हैं. हालांकि कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही है. पुलिस की आमजनों से अपील

विरूद्व वन अपराध प्रकरण क्रमांक 31/12 दिनांक 24 फरवरी 24 के माध्यम से पंजीबद्ध किया गया,अनुमति के विरुद्ध 27.9 हेक्टेयर पर निर्माण किया

construction was done on 27.9 hectares against the permission.

Forest offence case number 31/12 dated 24 February 24 was registered against him, construction was done on 27.9 hectares against the permission. (विशेष संवाददाता ) भोपाल। कंपनी द्वारा स्थल पर कक्ष कमांक पी-546 में 182.00 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया है, जिसमें सीमेन्ट फैक्ट्री प्लांट, रिहायसी कॉलोनी, स्कूल, रेस्टहाउस आदि सम्मिलित हैं। कक्ष कमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर में निर्माण कार्य के अतिरिक्त कंपनी द्वारा कक्ष कमांक पी-555 में 27.9 हेक्टेयर में बैंक, लेबर कॉलोनी, कॉलेज, हॉस्पिटल, बाजार आदि का निर्माण किया गया है। अतएव फैक्ट्री प्रबंधन को कुल आवंटित 188.23 हेक्टेयर वनभूमि में से कन्वेयर बेल्ट हेतु आवंटित 5.855 हेक्टेयर वनभूमि को हटाकर कुल 182.375 हेक्टेयर में निर्माण कार्य करने की अनुमति प्राप्त थी किंतु कंपनी द्वारा आवंटित 182.375 हेक्टेयर वन भूमि के विरुद्ध बीट सगमनिया के कक्ष क्रमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर तथा बीट बम्हनी के कक्ष क्रमांक पी-555 मैं 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया। इस प्रकार कंपनी को निर्माण कार्य हेतु कुल आवंटित वन भूमि 182.375 हेक्टेयर के विरुद्ध कुल 209.9 हेक्टेयर वन भूमि में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा निर्माण कार्य किया गया। अतएव कंपनी द्वारा 27.9 हेक्टेयर वन भूमि अतिरिक्त अवैध निर्माण कार्य किया गया है।  वर्किंग प्लान में भी अतिक्रमण का था उल्लेख  वनमण्डल सतना की कार्य आयोजना में वर्ष 2008-09 से 2017-18 में 30 हेक्टेयर तथा वर्तमान कार्य आयोजना वर्ष 2019-20 से 2028-29 भाग-3 आलेख में 24.94 हेक्टेयर अतिक्रमण कक्ष कमांक पी-555 में लेख किया गया है। जो 2005 के पूर्व का है। कार्य आयोजना (वर्ष 2008-09 से 2017-18) एवं वर्तमान कार्य आयोजना (वर्ष 2019-20 से 2028-29) के अनुसार भी कक्ष कमांक पी-555 में कंपनी प्रबंधन द्वारा किये गये 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य अतिक्रमण के रूप में अंकित है एवं यह अतिक्रमण वर्ष 2005 से पूर्व का है।  गूगल इमेजरी में भी अतिक्रमण उजागर  गूगल अर्थ इमेजरी वर्ष 2002 तक ही उपलब्ध है एवं वर्ष 2002 के पूर्व की गूगल इमेजरी उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2002 की गूगल इमेजरी में यह अतिक्रमण देखा जा सकता है। अतएव यह अतिक्रमण वर्ष 2002 के पूर्व का है। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा इनके निर्माण वर्ष के सम्बन्ध में कोई भी दस्तावेज तथा कथन प्रदाय नहीं किये गये हैं। जांच के समय स्थानीय बुजुर्गों से पूछतांछ की गई, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि अस्पताल, कॉलोनी एवं ग्राउन्ड वर्ष 1981 से 1984 के मध्य में बना है तथा कॉलेज एवं बाजार 2000 से 2002 के मध्य प्रारंभ किया गया है तथा कॉलेज को वर्ष 2005 में मान्यता प्राप्त हुई है।  किसी राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं  अल्ट्राटेक सीमेण्ट फैक्ट्री द्वारा उक्त भूमि के संबंध में आज दिनांक तक केवल कलेक्टर, सतना द्वारा वर्ष 1993 में (1977 से 2078, 99 वर्ष की अवधि के लिए) दी गई लीज डीड की छायाप्रति प्रदाय की गई है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा वर्ष 1990 के एक नक्शे की छायाप्रति प्रदाय की गई है, जिसमें किसी भी राजस्व के अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसमें केवल एसएन नाचने तत्कालीन डीएफओ सतना के हस्ताक्षर है। यह कोई मानचित्र नहीं है, बल्कि कंपनी द्वारा स्थल पर किये गये निर्माण कार्य का लेआउट प्लान है, जो कि उन्होंने अतिक्रमण पश्चात् बनाया है, जिसकी कोई वैधता नहीं है। साथ ही लेख है कि इस क्षेत्र के राजस्व मानचित्र भू-अभिलेख कार्यालय जिला सतना एवं मैहर में उपलब्ध नहीं है। साथ ही कलेक्टर जिला सतना द्वारा वर्ष 1993 में प्रदाय की गई लीज डीज की मूल फाइल तथा संबंधित अन्य अभिलेख भी अद्यतन स्थिति में प्राप्त नहीं हुए है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live