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नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व -राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भगवान राम दानवों का वध कर विजयादशमी पर आए थे। उसी तरह नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि गुजराती समाज खूब प्रगति करे क्योंकि समाज की उन्नति से प्रदेश की और प्रदेश की उन्नति से देश की प्रगति होती है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को गुजराती समाज भोपाल के द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत छोटे बच्चों को पौधे वितरित किए। सरदार पटेल भवन के भूतल हॉल का उद्घाटन किया। माँ अम्बे के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले गरबे का अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजराती समाज के सदस्य और नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने इंदौर के गरबा उत्सव में शामिल होने और वहां पर 1100 गरबा आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल में भी माँ अम्बे की झाकियां, गरबे देखे है। पटेल ने कहा कि पिछले 3 साल से वह गुजराती समाज के गरबा महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजराती समुदाय को नवरात्रि के प्रथम दिवस पर राजभवन में गरबे के लिए आमंत्रित करते है। समुदाय के अष्टमी के आयोजन में आकर शामिल होते है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के बच्चों और युवाओं को माँ अम्बे की आराधना और जीवन के नैतिक मूल्यों के संस्कारों से संस्कारित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय पहल है। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल ने माँ अम्बे की आरती की गुजराती समाज भोपाल के अध्यक्ष संजय पटेल सहित समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत अभिनंदन किया।                   

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने माँ अंबे की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की मंगल कामना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुर्गा अष्टमी के अवसर पर उज्जैन के जयसिंहपुरा में देवी पंडाल पहुंचे। उन्होंने माँ अंबे की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती कर प्रदेशवासियों के कल्याण की मंगल कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसी प्रकार दशहरे पर्व पर भी आनंद बरसे। सभी त्यौहारों पर माँ अंबे का आशीर्वाद बना रहे। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विवेक जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।  

अटल पेंशन योजना 18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिकों के लिए लाई गई है, इस योजना से 10वें वर्ष में जुड़े 56 लाख लोग

नई दिल्ली भारत सरकार नागरिकों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक अटल पेंशन योजना है। यह योजना 18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिकों के लिए लाई गई है। अटल पेंशन योजना यानी एपीआई के 9 वर्ष पूरे हो चुके हैं। योजना के दसवें वर्ष में पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से मंगलवार को सकल पंजीकरण के आंकड़ों की जानकारी दी गई है। पीएफआरडीए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक,अटल पेंशन योजना से अब तक 7 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2024- 25 में अब तक 56 लाख से अधिक नामांकन हुए हैं। प्राधिकरण ने कहा, “यह योजना अपने 10वें वर्ष में है और इसने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।” अटल पेंशन योजना के तहत नागरिकों को 60 वर्ष की उम्र में पेंशन की सुविधा दी जाती है। यह भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित पेंशन योजना है, जिसे पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा रेगुलेट किया जाता है। योजना के तहत लाभार्थी को 1,000- 5000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। पेंशन की राशि लाभार्थी को उसके द्वारा योजना में दिए योगदान के आधार पर तय होती है। भारत का कोई भी नागरिक इस योजना में नामांकन करवा सकता है। योजना के लिए व्यक्ति का डाकघर या बैंक में एक बचत खाता होना अनिवार्य है। पीएफआरडीए ने कहा, “समाज के सबसे कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाने की यह उपलब्धि सभी बैंकों और एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के अथक प्रयासों से संभव हो पाई है।” हाल के दिनों में, नियामक प्राधिकरण ने योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर एपीवाई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना, जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रचार करना और नियमित निष्पादन समीक्षा करना जैसी पहल की है।  

भारत में एक मात्र जगह…जहां दशहरे पर रावण नहीं, महिषासुर का होता है दहन, इसके पीछे अनोखी कहानी

 ब्यावर राजस्थान में ब्यावर जिले के बिजयनगर के निकट शक्तीपीठ श्री बाड़ी माता मंदिर में आसोज नवरात्रि में रावण की जगह महिषासुर के दहन की परंपरा है। ये प्रदेश का ऐसा पहला स्थान है, जहां महिषासुर के पुतले का दहन होता है। दरअसल, ये सिलसिला आज से करीब 23 साल पहले शुरू हुआ था। वहीं, कल यानी 11 अक्टूबर को मंदिर परिसर में मां भगवती मर्दिनी 41 फीट के महिषासुर के पुतले का दहन करेंगी। एक और संपूर्ण देश व प्रदेश में बुराई के प्रतिक रावण का दहन किया जाता है। वहीं बिजयनगर के निकट स्थित बाड़ी माताजी में पिछले 23 वर्षों से महिषासुर के पुतले का दहन किया जा रहा है। इस बार 11 अक्टूबर को मंदिर परिसर में मां भगवती मर्दिनी द्वारा 41 फीट के महिषासुर के पुतले का दहन किया जाएगा। जानें-क्यों होता है महिषासुर का दहन बिजयनगर के निकट स्थित प्रमुख शक्तिपीठ श्री बाड़ी माता मंदिर ट्रस्ट प्रमुख कृष्णा टांक ने बताया की महिषासुर एक राक्षस था। जिसका वध करने के लिए ब्रह्नमा, विष्णु और महेश के तेज पुज से व देवी-देवताओं ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित कर मां भगवती को शक्ति प्रदान की। इसके बाद मां भगवती ने सिंह पर सवार हो अपना विकराल रूप धारण कर महिषासुर का वध किया। बाड़ी माता भी एक मां का ही रूप है। इसलिए यहां पर महिषासुर के पुतले का दहन किया जाता है। 23 सालों से महिषासुर का दहन कार्यक्रम बाड़ी माता तीर्थ धाम पर पिछले 23 सालों से महिषासुर का दहन का कार्यक्रम होता आया है। हर साल जगह-जगह पर दशहरे पर रावण दहन का कार्यक्रम होता है। लेकिन, प्रदेश व देश में शायद एक मात्र बिजयनगर शहर के निकट बाड़ी माता मंदिर है। जहां महिषासुर का दहन होता है। महिषासुर के दहन बाड़ी माताजी मंदिर में महिषासुर के दहन का कोई विशेष कारण नहीं बताया जा रहा है। बस वर्षों पहले माताजी के परमभक्त स्मृतिशेष चुन्नीलाल टांक ने ये परमंपरा शुरू की थी। जिसने अब एक विशाल रूप ले लिया है। हर साल दशहरे पर यहां मेला भरने सहित भव्य झांकिया का भी आयोजन होतो है। साथ ही शानदार आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाता है। बाड़ी माता मंदिर में विराजित माता की प्रतिमाएं मूल स्वरूप में बाड़ी माता मन्दिर के शिखर की ऊंचाई 185 फीट है मन्दिर में भगवान शिव, मां लक्ष्मी, धर्मराज, श्रीकृष्ण राधा, श्रीराम दरबार, चारभुजानाथ, गंगा मैया, चित्रगुप्त, सूर्यनारायण भगवान, रामदेव, गायत्री माता, शीतला माता सहित की अन्य देव प्रतिमाएं विराजित है। नवरात्र के दौरान यहां भक्तजनो का तांता लगा रहता है।

BJP विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने भावनाओं में आकर दिया इस्तीफा वापस लिया

BJP MLA Brijbihari Pateria withdrew his resignation out of emotion MP News: बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद कहा कि वह गुस्से में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है. सागर जिले के देवरी से BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. विधायक एक डॉक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने को लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे, लेकिन शिकायत न लिखे जाने पर उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया और धरने पर बैठ गए. देर रात तक चले धरने के बाद डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद विधायक ने अपना इस्तीफा वापस लिया. दरअसल, सागर के केसली थाना क्षेत्र के ग्राम मेड़की में सर्पदंश से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत लिखने की एवज जगह में 40 हजार रुपये मांगे. सबूत होने के बाद भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की. इसके बाद विधायक थाने पहुंचे, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. इसके बाद BJP MLA Brijbihari Pateria ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम अपना इस्तीफा लिखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और केसली पुलिस थाने में धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने कहा, “सबूत और सत्ता पक्ष के होने के बाद भी अगर एफआईआर नहीं हो रही है तो इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा, जब तक डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक धरने पर बैठे रहेंगे. इस्तीफा वापस लेने के बाद क्या बोले BJP विधायक?उन्होंने यह भी बताया कि “ऐसी जानकारी लग रही है कि शायद डॉक्टर की पत्नी भी पुलिस में है इसलिए पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही है.” वहीं देर रात जब केसली पुलिस ने डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, तो बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने कहा, “वह आक्रोश में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है, मुख्यमंत्री जी के आदेश का मैं पालन करूंगा.” वहीं अब इस मामले ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, “मैंने विधायक बृजबिहारी पटेरिया से बात की और पूरा मामला जाना. प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

कश्मीर चुनाव में लोगों ने बढ़-चढ़कर डाला वोट, कश्मीर अब पाक से बहुत दूर हो गया – शब्बर जैदी

इस्लामाबाद पाकिस्तान के शीर्ष अर्थशास्त्री और संघीय राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके सैयद शब्बर जैदी का कहना है कि कश्मीर अब उनके देश से बहुत दूर हो गया है। शब्बर जैदी ने कश्मीर में हुए विधानसभा के चुनाव और इसके नतीजों पर ये टिप्पणी की है। जैदी का मानना है कि भले ही कश्मीर के लोगों ने नरेंद्र मोदी की पार्टी भाजपा को वोट नहीं दिया है लेकिन पाकिस्तान के लिहाज से भी कोई अच्छी खबर नहीं है क्योंकि कश्मीरियों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को चुना है, जिसे शेख अब्दुल्ला ने बनाया था। शब्बर जैदी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘पाकिस्तान ने कश्मीर हमेशा के लिए खो दिया है। कश्मीर चुनाव नतीजे दिखाते हैं कि कश्मीरियों ने बीजेपी के खिलाफ वोट दिया लेकिन ये भी देखिए कि उन्होंने शेख अब्दुल्ला की बनाई पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस को जमकर समर्थन दिया है। मेरे विचार से उन्होंने हिंदुत्व और पाकिस्तान के साथ विलय दोनों को अस्वीकार कर दिया। हमने पाकिस्तान में अपने प्रदर्शन से कश्मीरियों को निराश कर दिया।’ कश्मीर में चुनाव ने किया पाकिस्तान को निराश! जम्मू कश्मीर की 90 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए हुए चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए हैं। चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 90 में से 42 पर जीत दर्ज की है। वहीं उसकी सहयोगी कांग्रेस के खाते में छह सीटें गई हैं। बीजेपी ने जम्मू रीजन की 29 सीटों पर जीत दर्ज की है। पीडीपी और दूसरी पार्टियां कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकीं। कश्मीर में चुनाव पर ना सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान और दुनियाभर की निगाह थीं। इसकी वजह ये थी कि जम्मू कश्मीर में यह चुनाव 10 साल के बाद हुआ है कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म किए जाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव था। एक्सपर्ट का मानना है कि कश्मीर के लोगों ने जिस तरह चुनाव जोश के साथ हिस्सा लिया, उसने कहीं ना कहीं पाकिस्तान की मीडिया और सरकार को परेशान किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में कश्मीर में 63.45 प्रतिशत मतदान हुआ। कश्मीर में लंबे समय बाद इस तरह का उत्साह चुनाव के लिए देखा गया। इस चुनाव में लोगों ने कहीं भी वोटिंग का बायकॉट नहीं किया, जैसा पहले कुछ इलाकों में देखा जाता रहा था। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तानियों को परेशान कर रखा है। उनको लगता है कि अब पाकिस्तान के लिए कश्मीर में समर्थन ढूंढ़ना मुश्किल होगा।

रंगीन आतिशबाजी के साथ बोडखी में होंगा 25 फिट रावण का दहन ।

25 feet Ravana will be burnt in Bodkhi with colorful fireworks. हरिप्रसाद गोहेआमला । आमला नगर के उपनगरीय बोड़खी क्षेत्र में दुर्गा उत्सव की धूम है वहीं विजयदशमी को लेकर भी यहां तैयारिया जोरो पर चल रही है। मिली जानकारी अनुसार इस वर्ष बोडखी राम राज्य उत्सव समिति के तत्वावधान में विजयदशमी का पर्व मनाया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा इस बार राम लक्ष्मण सीता की भव्य झांकी निकली जायगी साथ ही 25 फिट ऊँचाई वाले दशानंद का दहन रंगीन आतिशबाजी के साथ किया जाएगा । आयोजन के लिए बोडखी बाजार में विशेष साज सजा रोशनी व्यवस्था की गई है। साथ ही राम लक्ष्मण सीता वानर सेना की भी झांकी निकाली जाएगी इस विषय में जानकारी देते हुए राम राज्य उत्सव समिति के अध्यक्ष प्रमोद हरोड़े ने बताया कि राम राज्य उत्सव समिति के द्वारा दशहरा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक योगेश पन्डग्रे, शैलेंद्र बडोनिया एसडीएम आमला तहसीलदार पूनम साहू,थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे,नपाउपाध्यक्ष किशोर माथनकर, प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे, उन्होंने बताया कि,राम राज्य उत्सव समिति के तत्वावधान में इस वर्ष दशहरा कार्यक्रम मनाया जा रहा है जिसमें राम लक्ष्मण सीता की भव्य झांकी दुर्गा पंडाल से दशहरा मैदान तक निकली जाएगी जहा राम रावण का युद्ध होगा राम के द्वारा रावण के वद करने के बाद भव्य आतिशबाजी की जाएगी। इस वर्ष दशहरा मैदान में बहारी लोगो का प्रेवश निषेध होगा दशहरा मैदान में व्यापारीगण,वरिष्ठ नागरिकों के एव समिति के लोगो के लिए एक केम्पस बनाया जा रहा है उस केम्पस में ही सभी व्यवस्था की जायगी। प्रमोद हरोड़े ने बताया कि दशहरा कार्यक्रम शाम 6.30 से प्रारंभ किया जाएगा जो कि शाम 8 बजे तक होगा समिति ने सभी भक्तों से दशहरा कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील की है ।

हरियाणा में नायब सिंह सैनी समेत मंत्रिमंडल में 14 सदस्य होंगे, मंत्रिमंडल में किसकी लगेगी लॉटरी

चंडीगढ़ हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार और कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं। हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। इसका मतलब है कि भाजपा को 11 नए चेहरों की तलाश करनी होगी, क्योंकि केवल अनिल विज ही वो सीनियर नेता हैं जिन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी है। अनिल विज को मंत्री पद मिल सकता है। बीजेपी जाटों, ब्राह्मणों, पंजाबी और दलितों सहित राज्य की विभिन्न जातियों को ध्यान में रखकर कैबिनेट का गठन करेगी। जातिगत समीकरणों और समुदायों की मांगों को संतुलित करते हुए सरकार बनाना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन बीजेपी ने हाल के दिनों में सफलतापूर्वक किया है। पिछले साल दिसंबर में, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव जीतने के बाद, पार्टी ने विधायकों और राज्य के नेताओं से परामर्श करने के बाद मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडलों की घोषणा करने में अपना समय लिया। हरियाणा में भी इसी तरह के कदम उठाने की संभावना है। बीजेपी के पास अब दलित समुदाय से नौ विधायक हैं, आठ पंजाबी मूल के, सात ब्राह्मण और जाटों और यादवों में से प्रत्येक के छह विधायक हैं। पार्टी के पास गुर्जर, राजपूत, वैश्य और एक ओबीसी नेता भी हैं। इन दो दलित नेताओं में से एक मिल सकती है कैबिनेट में जगह इस सरकार में भाजपा के पास नौ दलित विधायक हैं, जिनमें से दो सबसे आगे हैं। एक हैं छह बार के विधायक कृष्ण लाल पंवार और दूसरे हैं दो बार के विधायक कृष्णा बेदी। पंजाबी मूल के आठ लोगों में सात बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज हैं, जो मार्च में मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के बाद नाराज हो गए थे। यह तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद इस्तीफा देने के बाद हुआ था। पिछले महीने अपनी अम्बाला कैंट सीट जीतने वाले शविज ने तीसरी बार उस रिंग में अपनी टोपी फेंकी लेकिन उन्हें फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। और यह पार्टी के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कृष्ण मिड्ढा को क्या मिलेगी जगह जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा भी इस रेस में हैं, जिन्होंने लगातार तीसरी बार अपनी सीट जीती है। एक और अब तीन बार के विधायक यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति को छोड़ दिया जा सकता है क्योंकि उनकी सीट अम्बाला क्षेत्र के भीतर है। अरोड़ा को हांसी से तीन बार के विधायक विनोद भयाना के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। किस ब्राह्मण चेहरे को मिलेगा मौका फिर नंबर आता है ब्राह्मण को, इनमें बल्लभगढ़ से तीन बार के विधायक मूल चंद शर्मा शामिल हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखा जा सकता है। एक और संभावित दो बार के लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा हैं जिन्होंने गोहाना जीता। राम कुमार गौतम, जिन्होंने सफीदों को जीत दिलाई, जिसे भाजपा ने कभी नहीं जीता था। अहीरवाल बेल्ट से कौन होगा मंत्री भाजपा के लिए अहीरवाल बेल्ट के छह विधायक महत्वपूर्ण हैं जिन्होंने एक बार फिर पार्टी को भारी मतों से वोट दिया। कांग्रेस को हराने के लिए इस बार यह समर्थन महत्वपूर्ण था। इनमें बादशाहपुर से छह बार के विधायक राव नरबीर सिंह हैं। वह पहली सैनी सरकार में नहीं थे, लेकिन 2014 के चुनाव जीतने के बाद श खट्टर की अध्यक्षता वाली सरकार में थे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव ने पहली बार अटेली सीट जीती है, लेकिन उनका नाम शॉर्टलिस्ट में है। साथ ही दो बार के विधायक लक्ष्मण यादव का नाम भी है। इस जाट विधायक को मिल सकती है जगह जाट हरियाणा की सबसे बड़ी उप-आबादी में से एक है। जाट नेता महीपाल ढांडा अब पानीपत (ग्रामीण) से दो बार के विधायक हैं और उनके बरकरार रहने की संभावना है। राई से दूसरी बार चुने गए कृष्ण गहलोत भी इस दौड़ में शामिल हैं। एक संभावित बड़ा नया नाम पार्टी के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी का है। अन्य संभावित उम्मीदवारों में वैश्य समुदाय के पूर्व मंत्री विपुल गोयल शामिल हैं। हरियाणा में सबसे अमीर महिला और हिसार से निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने औपचारिक रूप से भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है। इससे उनके नए मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।

प्रसाद विवाद के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सतर्क, भोग-प्रसाद के लिए बनी SOP

 देहरादून  तिरुपति मंदिर प्रसाद में मिलावट का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति भी सतर्क हो गयी है। समिति ने बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम के अलावा बीकेटीसी के अधीन आने वाले मंदिरों में भोग और प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता के लिए एसओपी जारी कर दी है। जिसके बाद साल भर में कम से कम एक बार फूड सेफ्टी ऑडिट होगा। तिरुपति मंदिर प्रसाद विवाद का नाता उत्तराखंड से जुड़ने के बाद यहां के मंदिरों में प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य मंदिरों के प्रसाद को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश सरकार ने दिए थे। वहीं बद्री-केदार मंदिर समिति ने भी बद्रीनाथ, केदारनाथ धामों के साथ समिति के अधीन आने वाले मंदिरों में भोग और प्रसाद की गुणवत्ता-शुद्धता के लिए एसओपी जारी कर दी है। इस एसओपी के तहत मंदिरों के लिए बनने वाले भोग-प्रसाद को तैयार करने, उसमे इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री भंडारण के साथ ही निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि साल भर में एक बार भोग प्रसाद का फुल सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत प्रयोगशाला में खाद्य सामग्री की जांच कराई जाएगी। प्रसाद और भोग में इस्तेमाल होने वाले चावल, तेल, मसाले और केसर की जांच करने के साथ ही सभी सामग्री किसी भरोसेमंद व्यापारी से खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। भोग और प्रसाद बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले तेल को ज्यादा से ज्यादा तीन बार प्रयोग में लाये जाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि भोग और प्रसाद तैयार करने के लिए कर्मचारियों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना होगा। मंदिर समिति ने साफ किया है कि खाद्य सामग्री का स्टॉक लंबे समय तक ना रखा जाए। गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए।

इंडिगो फ्लाइट में महिला के साथ छेड़छाड़, चेन्नई एयरपोर्ट पर आरोपी की गिरफ्तारी

Woman molested in Indigo flight, accused arrested at Chennai airport Woman molested in Indigo flight दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना 9 अक्टूबर की है। आरोपी उड़ान के दौरान महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था। फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस ने कार्रवाई की। नई दिल्ली : दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि इस पूरे मामले में इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। आरोपी पेशे से संगमरमर और टाइल बिछाने का काम करता है। यह घटना 9 अक्टूबर की बताई जा रही है। महिला का आरोप है कि 45 वर्षीय राजेश शर्मा उसके साथ इंडिगो एयरलाइंस में साथ ही ट्रेवल कर रहा था। बुधवार को उड़ान के दौरान, राजेश एक महिला के बगल में बैठा था। महिला ने आरोप लगाया कि उस आदमी ने उसे गंदे तरीके से छूने की कोशिश की। जब महिला ने सभी को बताया कि लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने गंदी हरकत करना जारी रखा। इसके बाद पायलट ने खुद उस शख्स की शिकायत की जिसके बाद आरोपी को फ्लाइट लैंड होते ही गिरफ्तार कर लिया गया।जैसे ही फ्लाइट ने लैंड किया, सुरक्षाकर्मी, पहले से ही विमान के उतरने का इंतजार कर रहे थे, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, महिला को भी हवाई अड्डे पर इंडिगो कार्यालय ले जाया गया, जहां से उसने लिखित में शिकायत दी। इस बीच, आदमी को हवाई अड्डे की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आगे की जांच जारी है। Read more : https://saharasamachaar.com/manager-of-livelihood-mission/ महिला जयपुर और दिल्ली की यात्रा के बाद घर लौट रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि आरोपी, जो उसके पीछे बैठा था, ने उड़ान के दौरान कथित तौर पर महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश की थी। स्थानीय पुलिस ने महिला को लिखित शिकायत दर्ज कराने में मदद करने के बाद, जांच चल रही है। इंडिगो एयरलाइंस ने अभी तक इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कंगना रनौत ने ट्रंप ने पीएम मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताते हुए उन्हें ‘टोटल किलर’ करार दिया

नई दिल्ली  अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना रनौत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक पॉडकास्ट को अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इस पॉडकास्ट में ट्रंप ने पीएम मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताते हुए उन्हें ‘टोटल किलर’ करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पॉडकास्ट को शेयर करते हुए कंगना रनौत ने कैप्शन में लिखा, “पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लैग्रेंट पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताया, लेकिन साथ ही उन्हें ‘टोटल किलर’ (ऐसे शख्स जो सफल हैं, आक्रामक हैं और किसी भी स्थिति से निपटने में पारंगत) बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक जवाबी कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया, जब उन्होंने कहा कि हम उनसे निपट लेंगे, भारत ने सैकड़ों वर्षों से उन्हें हराया है। इसकी तुलना मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की बेरुखी से करें। भारत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आने से पहले भारत में हर साल पीएम बदला जाता था। वहां बहुत ज्यादा अस्थिरता थी। इसके बाद वह आए। वह महान हैं। वह मेरे मित्र हैं। बाहर से वह ऐसे दिखते हैं, जैसे वह आपके पिता हैं। वह सबसे अच्छे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कॉमेडियन एंड्रयू शुल्ट्ज और आकाश सिंह के साथ ‘फ्लैग्रैंट’ नामक पॉडकास्ट में ये बातें कही। 88 मिनट लंबे साक्षात्कार के लगभग 37 मिनट तक उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया। ट्रंप ने आगे कहा कि ‘हाउडी मोदी’ 2019 में टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय का एक कार्यक्रम था। एनआरजी स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी और दोनों देशों के बीच संबंधों को दर्शाया गया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग पागल हो रहे थे और हम घूम रहे थे..हम उनके बीच में थे, हर किसी को हाथ हिला रहे थे। आपको बताते चलें, ट्रंप इससे पहले भी कई मौके पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘शानदार व्यक्ति’ बता चुके हैं।    

भारत सरकार ने परमाणु पनडुब्बी बनाने के लिए ₹40 हजार करोड़ मंजूर किए

नई दिल्ली भारत सरकार की CCS यानी प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने दो स्वदेशी परमाणु पनडुब्बियों को बनाने की अनुमति दे दी है. इससे भारतीय नौसेना की सामरिक और आक्रामक क्षमता में बढ़ोतरी होगी. इन पनडुब्बियों के बनने से नौसेना की ताकत हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में अधिक हो जाएगी. इन पनडुब्बियों को विशाखापट्टनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बनाया जाएगा. इस बनाने में लार्सेन एंड टुब्रो जैसी निजी कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है. पनडुब्बियां 95 फीसदी तक स्वदेशी होंगी. ये पनडुब्बियां अरिहंत क्लास से अलग होंगी. इन्हें प्रोजेक्ट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल के तहत बनाया जाएगा. अभी दो पनडुब्बियां बनेंगी, इसके बाद चार और बनाई जा सकती है. जबकि भारत ने हाल ही में अपनी दूसरी SSBN यानी परमाणु पनडुब्बी INS Arighat कमीशन की है. अगले साल भर के अंदर भारतीय नौसेना में अलग-अलग तरह के कई युद्धपोत और सबमरीन मिलने वाले हैं. कौन-कौन से जंगी जहाज होंगे शामिल… इन 12 जंगी जहाजों में फ्रिगेट्स, कॉर्वेट्स, डेस्ट्रॉयर्स, सबमरीन और सर्वे वेसल भी हैं. नौसेना में इनके शामिल होने से इंडियन ओशन रीजन (IOR) में सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा.   आईएनएस विशाखापट्टनम (INS Vishakhapatnam)… विशाखापट्टनम क्लास में चार युद्धपोत शामिल हैं. विशाखपट्टनम अपने क्लास की प्रमुख जंगी जहाज है. ये इस साल दिसंबर में नौसेना में शामिल होगा. इसमें कुछ अपग्रेडेशन का काम चल रहा है. इसी साल दिसंबर में इसी क्लास का आईएनस सूरत भी शामिल होगा. इस क्लास के डेस्ट्रॉयर्स में 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. ये ऐसे युद्धपोत हैं, जिनसे लगातार ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया जा रहा है. आईएनएस वाघशीर (INS Vagsheer)… ये कलवारी क्लास यानी स्कॉर्पीन क्लास की डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बी है. यह पनडुब्बी इस साल दिसंबर में तैनात हो जाएगी. यह एंटी-सरफेस, एंटी-सबमरीन वारफेयर में माहिर है. आईएनएस वाघशीर कई मिशन कर सकती है. जैसे सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी जमा करना, समुद्री बारूदी सुरंग बिछाना, क्षेत्र की निगरानी आदि. पनडुब्बी को ऑपरेशन के समय हर परिस्थिति में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी लंबाई लगभग 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट होती है. पानी की सतह पर इसकी गति 20 KM प्रतिघंटा है. पानी के अंदर ये 37 KM प्रतिघंटा की स्पीड से चलती हैं. यह 50 दिनों तक पानी के अंदर बिता सकती है. अधिकतम 350 फीट की गहराई जा सकती है. इसमें 8 सैन्य अधिकारी और 35 सेलर तैनात किए जा सकते हैं. इनके अंदर एंटी-टॉरपीड काउंटरमेजर सिस्टम लगा है. इसके अलावा 533 मिमी के 6 टॉरपीडो ट्यूब्स होते हैं, जिनसे 18 एसयूटी टॉरपीडोस या एसएम.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं. इसके अलावा यह पानी के अंदर 30 समुद्री बारूदी सुरंग बिछा सकती है. आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak)… यह अगले साल जून में नेवी में शामिल होगी. यह संध्यक क्लास का सर्वे शिप है. इसकी मदद से नौसेना समंदर के नीचे और ऊपर किसी भी तरह का रिसर्च और सर्वे मिशन कर सकती है. आईएनएस निर्देशक (INS Nirdeshak)… ये भी संध्यक क्लास का सर्वे वेसल है. ये इस साल अगस्त में शामिल हो चुकी है. इसमें एडवांस हाइड्रोग्राफिक जांच करने की क्षमता है. साथ ही यह नौसेना के मेरिटाइम ऑपरेशन और सुरक्षित नेविगेशन में मदद करेगा. आईएनएस इक्छक (INS Iskshak)… संध्यक क्लास का यह सर्वे वेसल अगले साल मार्च में मिलेगा. इससे नौसेना हाइड्रोग्राफिक सर्वे कर पाएगी. और साथ ही मेरीटाइम डेटा जमा करने में मदद करेगा. आईएनएस अरनाला (INS Arnala)… यह इस साल नवंबर में नौसेना को मिलेगा. इसका डिस्प्लेसमेंट 900 टन होगा. यह करीब 255 फीट लंबा है. बीम 34 फीट ऊंची है. यह अधिकतम 46 km/hr  की रफ्तार से चलेगा. इसकी रेंज 3300 km है. इस युद्धपोत पर 7 अधिकारियों समेत 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें ASW कॉम्बैट सूइट लगा है, जो दुश्मन के हमलों से टकराने के लिए हथियारों को तैयार करेगा. उनपर नजर रखेगा. इसपर 4 तरह के मैनेजमेंट सिस्टम लगे हैं, जो जंग में युद्धपोत को सही-सलामत रखने में मदद करेंगे. RBU-6000 एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगा होगा. यह 213 mm की एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम है, जो दुश्मन की पनडुब्बियों के ऊपर ताबड़तोड़ रॉकेट फायरिंग करता है. इसके अलावा इस पर 6 हल्के वजन वाले ASW टॉरपीडो लगे हैं. साथ ही एंटी-सबमरीन समुद्री बारूदी सुरंगें रहेंगी. आईएनएस अरनाला पर 30 मिलिमीटर की एक CRN-91 नेवल गन होगी. यह एक ऑटोमैटिक गन होती है, जो हर मिनट 550 गोलियां दाग सकती है. यानी दुश्मन का जहाज छलनी हो जाएगा. इसकी रेंज 4 km है. इसके अलावा 2 ओएफटी 12.7 मिलिमीटर एम2 स्टेब्लाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन लगी होगी. यह भारतीय नौसेना का वाटर जेट प्रोपल्शन पावर्ड सिस्टम से लैस सबसे बड़ा युद्धपोत होगा.   आईएनएस माहे (INS Mahe)… यह अगल साल अगस्त में मिलने वाला ASW-SWC कॉर्वेट है. यह एक माइनस्वीपर है. इसके अलावा इसमें सबकुछ अरनाला जैसा ही होगा.   आईएनएस तमाला (INS Tamala)… तलवार क्लास का फ्रिगेट. इसे फरवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया जाएगा. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन होता है. लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है. ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 km/hr की रफ्तार से चलते हैं. यह जंगी जहाज 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में तैनात रह सकता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसके अलावा इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं.   8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है. इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 सीआईडब्लूएस और 2 काश्तान सीआईडब्लूएस गन लगी हैं. इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. और एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस … Read more

आतिशी सरकार का बजटीय अनुमान से घटकर 62,415 करोड़ रुपये रह सकता है

नई दिल्ली  दिल्ली में वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री आतिशी को सूचित किया है कि शहर का वित्त 2024-25 के अंत तक पहली बार घाटे में आ सकता है। साथ ही इसका खर्च इसकी प्राप्तियों से अधिक होने की संभावना है। दिल्ली की कमाई- टैक्स रेवेन्यू, नॉन-टैक्स रेवेन्यू, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्तियां और केंद्र से अनुदान के माध्यम से – वित्त वर्ष 25 के अंत तक 64,142 करोड़ रुपये के बजटीय अनुमान से घटकर 62,415 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 1993 के बाद घाटे का पहला मामला राजस्व व्यय 60,911 करोड़ रुपये से बढ़कर 63,911 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, शहर सरकार को विभिन्न पूंजी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 7,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसका बजट में प्रावधान नहीं किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली ऐतिहासिक रूप से रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य रहा है। 1993 में विधान सभा के पुनर्गठन के बाद से घाटे का यह पहला मामला होगा। 3000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जरूरत दिल्ली के वित्त विभाग के बजट डिविजन ने 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित अनुमान तैयार करते समय ये अनुमान लगाए। सूत्रों से पता चलता है कि वित्त विभाग ने हाल ही में मुख्यमंत्री आतिशी के साथ शहर की वित्तीय स्थिति पर एक नोट साझा किया है। सीएम के पास वित्त विभाग भी है। इसमें विभिन्न श्रेणियों के तहत टैक्स, नॉन-टैक्स रेवेन्यू और खर्च का विवरण दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग ने चालू वित्त वर्ष में विभिन्न राजस्व व्यय के लिए 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता की पहचान की है। ‘राजस्व घाटा तो निश्चित है’ इनका 2024-25 के बजट अनुमानों में हिसाब नहीं लगाया गया। इसमें राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग के अनुसार बढ़ी हुई पेंशन और भत्ते, बिजली सब्सिडी, इलेक्ट्रिक बसों के लिए व्यवहार्यता निधि, नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और कोविड के वर्षों के दौरान दिल्ली मेट्रो के परिचालन घाटे के हिस्से को कवर करने के लिए धन शामिल है। एक अधिकारी ने कहा कि राजस्व घाटे की प्रबल संभावना है, जो दिल्ली सरकार की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। पटरी पर रेवेन्यू कलेक्शन सूत्र ने कहा कि कर राजस्व संग्रह लगभग पटरी पर है, केंद्र दिल्ली के परिचालन घाटे और अन्य प्रतिबद्ध देनदारियों के खिलाफ 951 करोड़ रुपये समायोजित कर सकता है, जैसा कि पिछले वित्तीय वर्ष में किया गया था। इसका अर्थ है कि राशि जारी नहीं की जा सकती है। इसी तरह, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए निर्धारित 3,224 करोड़ रुपये में से केवल 1,000 करोड़ रुपये ही केंद्र से प्राप्त होने की उम्मीद है, क्योंकि दिल्ली सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रही है। 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान मांगे अधिकारियों ने कहा कि विभागों से 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान मांगे गए हैं और बढ़ती मांगों के कारण खर्च की गति तेज हो सकती है। हालांकि सरकार का कैश बैलेंस वर्तमान में लगभग 4,471 करोड़ रुपये है, लेकिन औसत मासिक खर्च 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है। वर्तमान उपलब्ध सरप्लस सिर्फ 2 महीने के वेतन को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

हाई कोर्ट ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव का निलंबन रद्द किया, गलत आदेश पर सरकार को फटकार

High Court cancels suspension of Patwari Anita Srivastava, reprimands government on wrong order ग्वालियर – 23 सितंबर 2024 को मध्यप्रदेश High Court cancels suspension ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव के निलंबन को अवैध ठहराते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की पीठ ने न केवल अनीता के पक्ष में फैसला सुनाया, बल्कि सरकार को आदेशों का गलत इस्तेमाल करने पर सख्त चेतावनी भी दी। क्या है मामला? अनीता श्रीवास्तव, जो कि 2006 से पटवारी पद पर कार्यरत हैं, को भितरवार के एसडीओ ने 29 अगस्त 2024 को निलंबित कर दिया था। अनीता ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दलील दी कि एसडीओ को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 104(2) के अनुसार, केवल कलेक्टर ही पटवारी को निलंबित कर सकता है। कोर्ट ने क्या कहा? High Court cancels suspension कोर्ट ने इस मामले में सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बिना अधिकार क्षेत्र के एसडीओ द्वारा जारी निलंबन आदेश न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग भी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में, जहां आदेश बिना कानूनी आधार के जारी किए जाते हैं, हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना जरूरी है। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने स्पष्ट किया कि “पटवारी का निलंबन या नियुक्ति का अधिकार केवल कलेक्टर के पास है, न कि एसडीओ के पास।” कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी अधिकारी के पास आदेश जारी करने का अधिकार नहीं होता, तो ऐसे आदेशों को अवैध घोषित करना जरूरी है। पटवारी अनीता श्रीवास्तव के पक्ष में फैसला: कोर्ट ने अनीता श्रीवास्तव का निलंबन आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया और राज्य सरकार को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार कानून के तहत कोई कार्रवाई करना चाहती है, तो वह सही प्रक्रिया का पालन करते हुए कर सकती है। अनीता का बयान: फैसले के बाद अनीता ने खुशी जताई और कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों की है जो अनुचित तरीके से निलंबित किए जाते हैं। कोर्ट ने मेरे साथ न्याय किया है और मैं इसके लिए आभारी हूं।” सरकार के लिए सख्त संदेश: इस फैसले ने न केवल अनीता श्रीवास्तव को न्याय दिलाया, बल्कि राज्य सरकार और उसके अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि बिना अधिकार और कानूनी आधार के आदेश जारी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्कर्ष: यह फैसला पटवारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बाहर जाकर आदेश जारी करना प्रशासन के लिए महंगा साबित हो सकता है

प्रियंक कानूनगो ने कहा NCPCR आयोग ने बाल विवाह के मुद्दे को प्राथमिकता दी

नई दिल्ली राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के नाम एक पत्र लिखा। इस पत्र में 2023-2024 के दौरान भारत में बाल विवाह के प्रतिबंध के संबंध में एक समग्र रिपोर्ट तैयार करने का उल्लेख किया गया है। प्रियंक कानूनगो ने अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) देश में बाल अधिकारों और अन्य संबंधित मामलों की सुरक्षा के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा 3 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है। आयोग के पास यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012; किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के उचित और प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करने का भी अधिकार है। प्रियंक कानूनगो ने बताया कि आयोग ने अपने कार्यों के तहत, बाल विवाह के रोकथाम के लिए 2006 के बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम के तहत प्रमुख हितधारकों के साथ एक महीने में कई वर्चुअल समीक्षा बैठकें की। इन बैठकों का उद्देश्य बाल विवाह को रोकना, सामाजिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और बच्चों के कल्याण नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में योगदान देना था। उन्होंने कहा कि आयोग ने बाल विवाह के मुद्दे को प्राथमिकता दी है और जिलों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों को संकलित करने के लिए एक प्रारूप विकसित किया है। पिछले तीन वर्षों से बाल विवाह की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने वाली समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बाल विवाह की रिपोर्टिंग में वृद्धि हुई है, जबकि मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रियंक कानूनगो ने आगे कहा कि इन समीक्षा बैठकों के निष्कर्षों और एनसीपीसीआर के बाल विवाह पोर्टल के माध्यम से संबंधित हितधारकों द्वारा प्रस्तुत डेटा के आधार पर, आयोग ने बाल विवाह के प्रतिबंध अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा किए गए प्रयासों का विवरण देने वाली एक समग्र रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि इस रिपोर्ट में जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों और बाल विवाह की प्रथा को रोकने के लिए लागू की गई निवारक उपायों का विस्तृत उल्लेख है। इसके अलावा, आयोग नियमित रूप से राज्य और जिला अधिकारियों के साथ संवाद करता है ताकि 2006 के बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम (पीसीएमए) के तहत उपायों को प्रभावी रूप से लागू और प्रवर्तन किया जा सके। रिपोर्ट में 27 राज्यों और 7 संघ शासित प्रदेशों के 596 जिलों से प्राप्त डेटा को ध्यानपूर्वक संकलित किया गया है। यह रिपोर्ट राज्य स्तर पर बाल विवाह को रोकने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए उपायों को मजबूत करने के लिए एक संसाधन के रूप में कार्य करेगी। कानूनगो के मुताबिक रिपोर्ट में पिछले एक वर्ष में किए गए कार्यों और उपायों का विस्तृत विवरण शामिल है, जो जिला अधिकारियों, बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारियों, और अन्य हितधारकों की मेहनत को दर्शाता है।    

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