LATEST NEWS

सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता-विष्णुदत्त शर्मा

– कार्यकर्ताओं की मेहनत, लगन और प्लानिंग से रचा सदस्यता का नया इतिहास – दूसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार किया डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य – सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता – सदस्यता में लक्ष्य प्राप्त करने वाला चौथा राज्य बना मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने दी बधाई – कांग्रेस को समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती – विष्णुदत्त शर्मा   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सदस्यता अभियान की पहली कार्यशाला में हमने यह कहा था कि मध्यप्रदेश में हम सभी कार्यकर्ता मिलकर इतिहास बनाएंगे। संगठन पर्व के पहले चरण में हमने 1 करोड़ का आंकड़ा पार किया था और अब मुझे यह बताते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि सदस्यता अभियान के दूसरे चरण के अंतिम दिन हमने सदस्यता का लक्ष्य पार कर लिया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत, लगन और माइक्रोप्लानिंग के बल पर डेढ़ करोड़ का लक्ष्य पार करते हुए 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाकर नया इतिहास रच दिया है। इसके लिए मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताता हूं, धन्यवाद देता हूं। अब सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो गया है, मध्यप्रदेश भाजपा सक्रिय सदस्यता में भी रिकॉर्ड बनाएगी। झूठ, छल-कपट की राजनीति करने वाले कांग्रेस नेताओं को यह समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए डेढ़ करोड़ से अधिक सदस्य बनाए हैं। डेढ करोड का लक्ष्य प्राप्त करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का पार्टी पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। ऑफलाइन का डाटा आने पर और बढ़ेगा सदस्यता का आंकडा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व, सदस्यता अभियान के दूसरे चरण की समाप्ति तक प्रदेश के सभी 64871 बूथों पर जो 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाए गए हैं, उनमें से 1 करोड़ 22 लाख, 74 हजार 300 सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन डिजिटल फार्म भरा है। डिजिटल फॉर्म भरने के मामले में मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों में अग्रणी रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश के कई अंचल ऐसे भी हैं, जहां सही तरीके से मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क नहीं मिल पाता। कई घरों में मोबाइल फोन ही नहीं है। कुछ घरों में एक मोबाइल है और सदस्यता ग्रहण करने वाले चार-पांच सदस्य हैं। ऐसे अंचलों व घरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर ऑफलाइन सदस्य बनाए हैं। अभी ऑफलाइन सदस्यता का आंकड़ा तैयार हो रहा है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। जब यह आंकड़ा आएगा, तो एक और इतिहास रचा जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि सदस्यता अभियान के पहले दिन देश भर में 40 हजार ऑफलाइन फॉर्म भरे गए थे और हमारे लिए गर्व का विषय है कि इनमें से 23 हजार फॉर्म मध्यप्रदेश के थे। उन्होंने कहा कि आज से सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो चुका है और सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना आवश्यक है। इसलिए सक्रिय सदस्यता के मामले में भी पार्टी कार्यकर्ता एक और इतिहास रचने में जुट गए हैं। भाजपा संविधान में सक्रिय सदस्यता के लिए 50 प्राथमिक सदस्य बनाना ही निर्धारित है, लेकिन मध्यप्रदेश में सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना निर्धारित किया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि 50 प्राथमिक सदस्य बनाने वालों को सक्रिय सदस्य बनने का अधिकार नहीं है। सिर्फ झूठ ही नहीं होता राजनीति का आधार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जो लोग लगातार झूठ बोलते हैं और झूठ की ही राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि सिर्फ झूठ ही राजनीति का आधार नहीं होता। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर माइक्रोप्लानिंग करके सदस्यता अभियान में दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करके दिखाया है। मध्यप्रदेश में वैसे तो हमारे 41 लाख कार्यकर्ता हैं, लेकिन इनमें से 3 लाख कार्यकर्ता पूरी तरह से सदस्यता अभियान में जुटे हुए हैं। इनमें बूथ के कार्यकर्ता से लेकर पन्ना समिति के लोग और पन्ना प्रमुख तक शामिल हैं। हमारा सदस्यता अभियान 2 सितंबर से शुरू हुआ था और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर को हमने 12 लाख से ऊपर सदस्यता करके रिकॉर्ड बनाया था। अभियान का दूसरा चरण 1 अक्टूबर से शुरू हुआ था और इस चरण के अंतिम दिन यानी 15 अक्टूबर को भी हमने 11 लाख से अधिक सदस्य बनाए हैं। शर्मा ने कहा कि इस अभियान के दौरान केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश की टोली और जिलों से लेकर शक्तिकेंद्र तथा बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे। हर दिन शाम 7.00 बजे से जिलों की बैठक होती थी और सदस्यता अभियान में जुटे कार्यकर्ता इस बैठक में रिपोर्ट देते थे। इसके बाद शाम 8.00 बजे से संभाग की बैठक होती थी संभाग प्रभारी के साथ सभी जिलाध्यक्ष तथा सदस्यता अभियान में लगे कार्यकर्ता इसमें शामिल होते थे। रात्रि 9.00 बजे से प्रदेश स्तर की बैठक होती थी और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, संगठन महामंत्री हितानंद जी तथा सदस्यता अभियान की टोली के सभी सदस्य बैठक करते थे और यह चर्चा होती थी कि किस विधानसभा में सदस्यता की क्या स्थिति रही। शर्मा ने कहा कि जो लोग झूठ की राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता परिश्रम और ईमानदारी से अपने संगठन तंत्र की मजबूती के लिए काम करते हैं और यही भाजपा की ताकत भी है। युवाओं, महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व के पहले चरण में एक करोड़ से अधिक सदस्य बनाए गए थे, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। मध्यप्रदेश में युवाओं के साथ महिलाएं, … Read more

हरियाणा में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण, नायब सिंह सैनी लेंगे CM पद की शपथ…

चण्डीगढ़ नायब सिंह सैनी दूसरी बार आज हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सैनी के अलावा कई विधायकों को मंत्री पद की शपथ भी दिलाई जा सकती है। सैनी के सियासी सफर पर एक नजर डालें तो 2009 के विधानसभा चुनाव में नारायण गढ़ सीट पर उनका जमानत जब्त हो गया था। करीब 15 वर्षों के बाद वह हरियाणा की दूसरी बार कमान संभालने जा रहे हैं। नायब सिंह सैनी 54 साल के हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नारायणगढ़ सीट से ही 24,361 के अंतर से जीत हासिल की थी। वह अपने मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। किस्मत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बिठा दिया है। वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शिष्य भी हैं। सैनी भाजपा के लिए हरियाणा में एक ओबीसी चेहरा हैं। वह भाजपा के जाट-गैर जाट समीकरण में पूरी तरह से फिट बैठते हैं। इस चुनाव में भाजपा का यह दांव आखिरकार कामयाब रहा। उनके नेतृत्व में 90 में से 48 सीटें जीतकर अभूतपूर्व तीसरी बार सत्ता में वापसी की। खट्टर के करीबी होने के कारण उन्हें 2014-19 के खट्टर के कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में सैनी ने कुरुक्षेत्र सीट पर भारी अंतर से जीत हासिल कर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। सैनी को 27 अक्टूबर 2023 को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने भाजपा के जाट चेहरा ओम प्रकाश धनखड़ की जगह ली थी। हरियाणा के अंबाला के पास एक गांव मिजापुर माजरा में 25 जनवरी, 1970 को सैनी का जन्म हुआ था। उन्होंने 1996 में आरएसएस के प्रचारक से राजनेता बने खट्टर के नीचे अपनी राजनीति शुरू की। उन्हें 2002 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अंबाला जिला सचिव नियुक्त किया गया। बाद में उन्हें अंबाला जिला अध्यक् बनाया गया। आरएसएस से जुड़े नायब सिंह की संपत्ति करोड़ों में है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा चुनाव आयोग में जमा कराए गए हलफनामे में दिया था। मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी चल और अचल संपत्ति क्रमशः 72.68 लाख रुपये और 4.85 करोड़ रुपये घोषित की थी। नायब सिंह सैनी के नामांकन पत्र के अनुसार, सैनी के पास 1.75 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1.40 लाख रुपये हैं। सैनी के पास तीन टोयोटा कारें भी हैं, जिनमें दो इनोवा कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के पास अपने पैतृक गांव में कृषि भूमि का एक टुकड़ा और एक आवासीय भवन है, जबकि उनकी देनदारियां 74.82 लाख रुपये हैं। शपथ ग्रहण में शामिल होंगी पीएम बता दें कि नायब सिंह सैनी शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व के अलावा अन्य लोग भी शामिल होंगे। सैनी (54) ने बुधवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की और पंचकूला में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीजेपी ने 48 सीटें जीत लगाई हैट्रिक हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए चुनावों में भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर राज्य में ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया। वहीं कांग्रेस ने 37 सीट पर जीत दर्ज की। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने के साथ-साथ सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस बड़े कार्यक्रम में लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

आरोपी ने लगाए थे ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे, कोर्ट ने ने दी अनोखी सजा

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोपी को अनोखी शर्त पर जमानत दे दी है. अदालत ने आदेश कहा कि मुकदमे की समाप्ति तक हर महीने आरोपी को दो बार भोपाल पुलिस थाने में 21 बार राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देनी होगी और ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाना होगा. जस्टिस डीके पालीवाल ने आदेश में कहा कि आरोपी को कुछ शर्तें लगाकर जमानत पर रिहा किया जा सकता है ताकि उसमें उस देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना पैदा हो, जिसमें वह पैदा हुआ और रह रहा है. अदालत ने आरोपी को महीने के पहले और चौथे मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने और ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने का आदेश दिया. आरोपी ​​फैजान को 50 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई. आरोपी फैजल उर्फ ​​फैजान को इसी साल 17 मई के दिन भोपाल की मिसरोद थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था. ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘भारत मुर्दाबाद’ के नारे लगाने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153बी के तहत कार्रवाई की थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पाकिस्तान समर्थक नारा लगाया था, जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के बराबर था और उसका कृत्य सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक था, इसलिए उसे जमानत न मिले. बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि आवेदक को झूठा फंसाया गया है. वह इसी देश का नागरिक है. हालांकि, आवेदक के वकील ने निष्पक्ष रूप से  कहा है कि एक वीडियो में आवेदक पाकिस्तान की तारीफ करते हुए और भारत की निंदा करते हुए नारे लगाता हुआ दिखाई दे रहा है. राज्य सरकार के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आवेदक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाई कोर्ट ने सभी तर्कों पर विचार करते हुए शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी.  

सरकार देश के कई राज्यों के राज्यपाल बदलने की तैयारी में केन्‍द्र, राम माधव बन सकते हैं जम्मू और कश्मीर के नए एलजी

श्रीनगर केंद्र सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत कई प्रदेशों के राज्यपाल बदल सकती है। हालांकि, अब तक इस संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि ये फेरबद इस अक्टूबर में ही या नवंबर के अंत में हो सकते हैं। इस दौरान उन नामों पर विचार किया जा सकता है, जो पहले ही 3 से 5 साल की सेवाएं दे चुके हैं। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फेरबदल की चर्चा इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि कई राज्यपाल और उपराज्यपाल 3-5 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें खासतौर से उत्तर प्रदेश, केरल, जम्मू और कश्मीर, अंडमान एंड निकोबार आइलैंड, दादर और नगर हवेली और दमन एंड दियू शामिल हैं। जम्मू और कश्मीर में हाल ही में राज्य सरकार ने कमान संभाली है। ये हो सकते हैं नए नाम रिपोर्ट के अनुसार, अटकलें हैं कि जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की जगह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव राम माधव ले सकते हैं। वहीं, केरल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को भी नई भूमिका दिए जाने की चर्चाएं हैं। अंडमान और निकोबार आइलैंड के उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार को केरल या जम्मू और कश्मीर में नई जिम्मेदारी दी जा सती है। कुमार अक्टूबर 2017 से राज्यपाल हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर, हरियाणा में नई सरकार के बनने के बाद या झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद फेरबदल किए जा सकते हैं। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के मैदान से दूर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी राज्यपाल या एलजी बनाया जा सकता है। इनमें अश्विनी चौबे, वीके सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी जैसे नाम शामिल हो सकते हैं। 3-5 साल से सेवाएं दे रहे हैं ये राज्यपाल कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, गुजरातके आचार्य देवव्रत 3 साल से ज्यादा समय से पद पर हैं। गोवा राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय 15 जुलाई 2021 से पद पर हैं। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, उत्तराखंड के गुरमीत सिंह 3 साल से ज्यादा समय से राज्यपाल हैं। राज्य में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में बनी है नई सरकार जम्मू-कश्मीर में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं। बुधवार को वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता भी संभाल ली। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए राम माधव को महत्वपूर्ण भूमिका में रखा था। वह पार्टी के लिए कश्मीर में हमेशा से एक महत्वपूर्ण चेहरा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के मामलों में राम माधव की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। धारा 370 को हटाने की योजना भी उनके मार्गदर्शन में तैयार की गई थी, जो कश्मीर के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। उनका अनुभव और समझ कश्मीर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में 22 अगस्त 1964 को जन्म राम माधव ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वह पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े और पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने। संघ से ही वह भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किए और धीरे-धीरे बड़े राजनीतिक पदों पर काबिज हुए। उनका सियासी अनुभव कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला हुआ है। वह एक नेता, लेखक और विचारक के रूप में चर्चित रहे हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं, जो राजनीति और सामाजिक विषयों पर आधारित हैं। वह थिंक टैंक ‘इंडिया फाउंडेशन’ के अध्यक्ष भी हैं और कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने धर्म-20 फोरम में भी भाग लिया था, जो जी-20 का हिस्सा था। राम माधव का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी काफी विस्तृत है। उन्होंने रूस, सिंगापुर, इंडोनेशिया, कनाडा और चीन जैसे देशों में कई महत्वपूर्ण मंचों पर भारत का पक्ष रखा है। चाहे वह सुरक्षा के मुद्दे हों या फिर वैश्विक राजनीति के, राम माधव ने हर बार अपनी बेबाक राय रखी है।

संभल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट

 संभल यूपी के संभल जिले में पुलिस ने 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद उनको जेल भेज दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके भाई सहित तीन लोगों पर उनके ही गांव के रहने वाले शख्स ने फैक्ट्री लगाने के नाम 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी. दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज ने चार दिन पहले 11 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही रहने वाले कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष के भाई सुभाष शर्मा और सुधीर शर्मा के द्वारा प्लॉट निर्माण करने के नाम पर 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 308(5) ,351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.   मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए धरना देकर विरोध भी जताया था. उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और चौकी प्रभारी आशीष तोमर मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए थे. जिसके बाद सदर कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं. जिसके बाद सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को जेल भेज दिया. मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस को 11 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज नामक व्यक्ति के पास अपनी जमीन का बैनामा होने के बावजूद विजय शर्मा और उसके साथी देशराज को इंटरलॉकिंग की फैक्ट्री नहीं लगने दे रहे हैं. इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि वास्तव में 5 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश करने पर एक आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. इसके खिलाफ पहले से ही एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने के पांच मुकदमे दर्ज है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर दर्ज हैं कई मुकदमे संभल कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की आरोप में भले ही अब गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस अधिकारियों की माने तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने की पांच मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं. जिसमें कई मुकदमों का ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है. वहीं, जिला अध्यक्ष विजय शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज करा कर मेरे ऊपर रंगदारी मांगने के जो आरोप लगाए गए हैं वह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. पुलिस प्रशासन केवल सरकार की दबाव में ही काम कर रहा है और वैसे भी बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज की हमेशा से ही अनदेखी होती रही है.  

UPPSC PCS 2024 प्रीलिम्स एग्जाम स्थगित , 27 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने PCS प्रारंभिक परीक्षा टाल दी है. यह परीक्षा इसी महीने 27 अक्टूबर को होनी थी. मगर, इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि यह परीक्षा अब दिसंबर के बीच में कराई जा सकती है. फिलहाल आयोग की ओर से नई तारीख को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. 18 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक प्रस्तावित है. इसमें परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर चर्चा की जाएगी. आयोग ने इस बैठक में पीसीएस परीक्षा के लिए केंद्र बनाने में आ रही समस्याओं को रखा है. इस बैठक में कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, जिससे परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द कराया जा सके. परीक्षा केंद्रों का चयन बना समस्या पीसीएस परीक्षा को दो दिन आयोजित करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया था. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में ज्ञापन देकर परीक्षा की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की अनिश्चितता के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है. अभ्यर्थियों को तैयारी करने का मिला मौका परीक्षा के लिए अब अभ्यर्थी नए सिरे से अपनी तैयारी कर सकते हैं. एग्जाम की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी. परीक्षा केंद्रों के चयन में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से मिलकर इस पर निर्णय लिया जाएगा. नए केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद आयोग परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा करेगा.

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।  

फेस्टिवल सेल: एप्पल मैकबुक एयर और अन्य लैपटॉप पर पाएं बेहतरीन डील्स

Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 का सिस्टम इन दिनों काफी हाई है। क्योंकि इस सेल में आपको कई शानदार डील्स मिल रही हैं, जिससे आप भारी बचत भी कर सकते हैं। अगर आप इन दिनों कोई शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो सेल के इस बेस्ट लैपटॉप ऑफर को चेक कर सकते हैं। इस ऑफर में आपको विंडोज के कई टॉप लैपटॉप के साथ ही Apple MacBook Air लैपटॉप पर भी काफी बेहतरीन डील मिल रही है। Amazon Big Sale में इन लैपटॉप पर 35% तक के डिस्काउंट के साथ ही कई अन्य सेविंग वाले ऑफर मिल रहे हैं। इस सेल में अगर आप आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, एयू बैंक या एक्सिस बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो आपको 10% तक अतिरिक्त बचत का लाभ भी मिल सकता है। इन लैपटॉप्स पर शानदार ऑफर हैं Acer Aspire Lite 12th Gen Intel Core i5-12450H Thin and Light Laptop: यह Acer Aspire Lite लैपटॉप 12वीं जनरेशन वाले हाई स्पीड सिस्टम के साथ आता है। यह लैपटॉप का पतला और हल्का डिजाइन काफी असालिटिव बना हुआ है। इस लैपटॉप का वजन सिर्फ 1.7Kg है, जिससे आप इसे आसानी से अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इसका उपयोग लैपटॉप वर्कशॉप के साथ-साथ अध्ययन और मनोरंजन के लिए भी किया जा सकता है। इस लैपटॉप का डिज़ाइन भी काफी शानदार है। Apple MacBook Air Laptop: Apple M1 चिप: यह Apple Apple M1 चिप के साथ आता है, जो काफी पसंद और हाई स्पीड ऑफर देता है। इस Apple MacBook Air लैपटॉप में 13.3 इंच की स्क्रीन साइज दी जा रही है। यह लैपटॉप वर्कशॉप के लिए बिल्कुल सही और सर्वोत्तम माना जाता है। इसे आप 2908 रुपये की नो कॉस्ट ईएमआई पर ले सकते हैं। इस लैपटॉप पर 35% तक की छूट मिल रही है, जिससे आप बड़ी बचत भी कर सकते हैं। HP 15s Core i5 12th Gen (16GB RAM): यदि आप काम और अध्ययन के लिए शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो HP 15s आपके लिए काफी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2021 का सपोर्ट मिल रहा है। यह लैपटॉप बैकलिट कीबोर्ड के साथ है, जिससे वर्कशॉप में आसानी से काम किया जा सकता है। इसकी फुल एचडी स्क्रीन भी काफी शानदार है। यह लैपटॉप सिल्वर कलर में आ रहा है। यह लैपटॉप का लुक भी काफी प्रीमियम है। लेनोवो V15 G2 15.6″ FHD एंटी-ग्लेयर बिजनेस लैपटॉप: बिजनेस प्रोफाइलर्स के लिए इस लेनोवो V15 G2 लैपटॉप को पोर्ट्रेट माना गया है। इस लैपटॉप में एचडी कैमरा और एचडी ऑडियो क्वालिटी है, जिससे आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी अच्छे से कर सकते हैं। यह लैपटॉप में फुल एचडी एंटी ग्लेयर स्क्रीन दी जा रही है। यह लाइवसेट के साथ ही Dell [Smartchoice] Core i3-1215U, 12th में आ रहा है Gen: इस Dell Smartchoice लैपटॉप के फीचर्स और फीचर्स काफी कमाल के हैं। इसमें लैपटॉप 8GB रैम और 512GB SSD के साथ आ रहा है। इसमें लैपटॉप 3 साइड नैरो बैजल्स भी शामिल है इसके साथ 2 ट्यून्ड स्पीकर भी काफी शानदार साउंड एक्सपीरियंस देते हैं। इस टॉप लैपटॉप की स्क्रीन क्वालिटी भी काफी शानदार है।

अमेरिका में साल 2024 में अब तक 512 बड़ी कंपनियां बंद हुई, भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा US

न्यूयॉर्क  दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में छोटी कंपनियों का बुरा हाल है। रसेल 2000 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से 43% घाटे में चल रही हैं। यह साल 2020 की महामारी के बाद सबसे अधिक है। यह 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है। तब 41 फीसदी छोटी कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इतना ही नहीं इन कंपनियों का ब्याज के भुगतान पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यह 2003 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों के कारण इन कंपनियों के लिए ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। अमेरिका में छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी मुश्किल में हैं। इस साल अब तक 512 बड़ी कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी हैं। यह 2020 की महामारी के दौरान से बस 6 कम है। महामारी के दौर को हटा दिया जाए तो यह 14 साल में सबसे बड़ी संख्या है। सितंबर में जहां 59 कंपनियां दिवालिया हुईं, वहीं अगस्त में 63 कंपनियों ने खुद को बैंकरप्ट घोषित किया। सबसे ज्यादा 81 कंपनियां कंज्यूमर सेक्टर में बैंकरप्ट हुई हैं। इंडस्ट्रियल में 60 और हेल्थकेयर में 48 कंपनियां इस साल बैंकरप्ट हुई हैं। अमेरिका पर कर्ज इस बीच अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह 35.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जो उसकी इकॉनम का करीब 125 फीसदी है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो साल 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं।

हाथ में है ये शंख योग तो जीवन में मिलती है शानो-शौकत

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, इंसान के हाथों की रेखाओं, नाखूनों, उंगलियों और हथेली के आकार के आधार पर उसके व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, भविष्य और भाग्य यहां तक की करियर के बारे में जाना जा सकता है। हस्तरेखा विज्ञान ज्योतिष का ही एक प्राचीन अंग है। माना जाता है कि हथेली की प्रमुख रेखाएं जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे विवाह, करियर और स्वास्थ्य के बारे में अहम जानकारी देती हैं। हथेली की रेखाओं के साथ पर्वत भी व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी देते हैं। यहां पर पर्वत का मतलब हथेली के अलग-अलग उभारे हुए हिस्सों से है। हमारी हथेली पर बने पर्वत को सूर्य, शुक्र, शनि, बुध, मंगल और चंद्रमा पर्वत के नाम से जाना जाता है। इनका अध्ययन करके व्यक्ति के भविष्य के बारे पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा हथेली पर कई तरह के निशान भी बने होते हैं, जिससे कई तरह के खास योगों का निर्माण होता है। जिस व्यक्ति की हथेली पर शुभ योग के निशान होते हैं, माना जाता है कि उनका जीवन बेहद सुखमय रहता है। आज हम आपको शंख योग के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन लोगों के हाथ पर शंख योग बनता है, उस व्यक्ति के जीवन में खूब और धन भरपूर होता है। हथेली पर शंख योग हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की हथेली पर शंख योग बनता है, उसे बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। दरअसल, हथेली में शुक्र पर्वत अच्छा हो और वहां से कोई रेखा निकलते हुए शनि पर्वत की ओर जाए वहीं दूसरी रेखा सूर्य पर्वत पर जाकर मिले तो इसे शंख योग कहा जाता है। शंख योग के लाभ हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिन व्यक्तियों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें जीवन में सभी तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। शंख योग से व्यक्ति के जीवन में कभी पैसों की कमी महसूस नहीं होती। ऐसे लोगों को बहुत ही कम प्रयासों में जल्दी सफलता मिल जाती है और समाज में इनको मान-सम्मान भी मिलता है। जीवनसाथी हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें सुंदर और समझदार जीवनसाथी भी मिलता है। इस तरह के लोग बहुत जल्द दूसरों के साथ घुल मिल जाते हैं और बेहद सरल स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोगों को भगवान पर अटूट विश्वास होता है और ये लोग पूरे जीवन में भौतिकता और अध्यात्म का अच्छा तालमेल रख कर चलते हैं।

आस्ट्रेलिया का पलड़ा दक्षिण अफ्रीका पर भारी, आज होगी महाभिड़ंत

दुबई आठवीं बार फाइनल में प्रवेश की कोशिश में जुटी आस्ट्रेलियाई टीम आईसीसी महिला टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरेगी तो उसका पलड़ा भारी रहेगा। आस्ट्रेलिया 2009 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में सभी नौ सत्रों में सेमीफाइनल खेल चुका है। छह बार की चैम्पियन टीम का सामना दक्ष्ज्ञिण अफ्रीका से होगा। दोनों के बीच 2023 सत्र का फाइनल खेला गया था जिसमें आस्ट्रेलिया ने 19 रन से जीत दर्ज की थी। आंकड़ों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका टीम आस्ट्रेलिया के आगे कहीं नहीं ठहरती। आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ दस महिला टी20 मैचों में से नौ जीते हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र जीत जनवरी में दर्ज की। महिला टी20 विश्व कप में आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ सातों मुकाबले जीते हैं। मौजूदा आस्ट्रेलियाई टीम का कोर ग्रुप बरसों से साथ खेल रहा है, सिर्फ मेग लानिंग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है। बाकी सभी दस खिलाड़ियों ने 2023 का फाइनल खेला था। एलिसा हीली, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, एशले गार्डनर के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी। दुबई के धीमे विकेट पर आस्ट्रेलिया की ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई साबित हुई है। फोबे लिचफील्ड और अनाबेल सदरलैंड आक्रामक बल्लेबाजी में माहिर हैं। दक्षिण अफ्रीका की ताकत उसकी स्पिनर नोंकुलुलेको एमलाबा है जो अभी तक चार ग्रुप लीग मैचों में दस विकेट ले चुकी है। कप्तान लौरा वोल्वार्ट, सलामी बल्लेबाज तजनीम ब्रिट्ज और अनुभवी मियानो काप सभी मैच विनर हैं। लेकिन इस बार सामना हीली एंड कंपनी से है और दक्षिण अफ्रीकी खेमा दुआ कर रहा होगा कि इस बार वे सारे मिथक तोड़कर जीत दर्ज करेंगे।  

17 अक्तूबर को चंद्रमा पृथ्वी से मात्र 3 लाख 57 हजार 3 सौ 64 किमी की दूरी पर रहेगा जोकि इस साल के लिये सबसे कम दूरी है

नई दिल्ली नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इसकी जानकारी देते हुये बताया कि चमकता चंद्रमा पृथ्वी से मात्र 3 लाख 57 हजार 3 सौ 64 किमी की दूरी पर रहेगा जोकि इस साल के लिये सबसे कम दूरी है। नजदीकियों के कारण यह अपेक्षाकृत बड़ा और चमकदार दिखेगा। पश्चिमी देशों में इसे हंटर्स मून के नाम दिया गया है। भारत के समयानुसार दोपहर बाद 4 बजकर 56 मिनट पर यह सबसे निकट बिंदु पर आयेगा और इसके लगभग 1 घंटे बाद ही यह पूर्व दिशा में शरदसुपरमून के रूप में उदित होकर रात भर आकाश में अपनी चांदनी बिखेरेगा। भले ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप बुधवार रात्रि ही खीर खाकर उत्सव मना रहे हों, लेकिन चमक के मामले में तो वैज्ञानिक रूप से गुरुवार को ही चंद्रमा की चमक अधिकतम होगी अगर बादल या धुंध बाधा न बने तो। क्या होता है सुपरमून सारिका ने बताया कि पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता चंद्रमा गोलाकार पथ में नहीं घूमता, बल्कि अंडाकार पथ में चक्कर लगाता है। इस कारण इसकी पृथ्वी से दूरी बढ़कर कभी 406,700 किमी हो जाती है तो कभी यह 356,500 किमी तक पास भी आ जाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के पास आया हो और उस समय पूर्णिमा आती है तो चंद्रमा लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार दिखाई देता है। इसे ही सुपरमून कहा जाता है। गुरूवार को साल का सबसे नजदीकी सुपरमून है। 

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा !!! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे।

निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी : मंत्री गोयल

नई दिल्ली  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से कहा कि वह वैश्विक बाजारों का दोहन करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के विनिर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है, क्योंकि उद्योग जगत को यह स्वीकार कराना एक ‘‘कठिन’’ काम है कि उन्हें गुणवत्ता वाला सामान बनाना चाहिए। सरकार को शुरुआत में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर उद्योग से भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सब्सिडी या सरकारी समर्थन से नहीं आने वाली है। यह दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए हमारे दरवाजे बंद करने से नहीं आने वाली है। अगर हम आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो यह तभी हो सकता है जब भारत आत्मविश्वासी होगा और यह आत्मविश्वास तभी आएगा जब हम सभी यह तय करेंगे कि गुणवत्ता हमारा काम नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है।’’ उन्होंने कहा कि यदि भारतीय उद्योग किसी ऐसे उत्पाद में प्रतिस्पर्धी नहीं है, जिसे आयात किया जा सकता है, तो उद्योग को प्रतिस्पर्धा की दिशा में काम करना होगा जहां उसे अन्य देशों के साथ तुलनात्मक लाभ हो। सरकार देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) जैसे कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 2014 तक 106 उत्पादों को ‘कवर’ करने वाले केवल 14 क्यूसीओ जारी किए गए थे, लेकिन पिछले 10 वर्षों में सरकार ने 732 उत्पादों को ‘कवर’ करते हुए 174 ऐसे आदेश जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक लोग बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ जुड़ सकें। ये आदेश घटिया उत्पादों के आयात पर अंकुश लगाने, अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने तथा उपभोक्ताओं के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। आदेश के अनुसार, किसी वस्तु का उत्पादन, बिक्री, व्यापार, आयात व भंडारण तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का चिह्न न लगा हो। बीआईएस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार में दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार और उसके बाद के अपराधों के मामले में जुर्माना न्यूनतम पांच लाख रुपये तक बढ़ जाएगा और माल या वस्तुओं के मूल्य का 10 गुना तक हो सकता है। क्यूसीओ, व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर विश्व व्यापार संगठन समझौते के अनुसार जारी किए जाते हैं। मंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले सामान के विनिर्माण से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। रोजगार सृजन होता है और निर्यात बढ़ता है। गोयल ने कहा, ‘‘भारत को उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं व सेवाओं का विनिर्माता बनने की आकांक्षा रखनी होगी और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।’’ औषधि उद्योग का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बड़े उद्योगपतियों से इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का सहयोग करने को कहा। मंत्री ने उद्योग से बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) समितियों में हिस्सा लेने का भी आग्रह किया।  

साउथ इंडियन बैंक का वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया

नई दिल्ली  साउथ इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया। निजी क्षेत्र के बैंक का गत वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मुनाफा 275 करोड़ रुपये रहा था। साउथ इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 2,804 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,485 करोड़ रुपये थी। दूसरी तिमाही में बैंक ने 2,355 करोड़ रुपये की ब्याज आय अर्जित की, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह 2,129 करोड़ रुपये थी। बैंक सितंबर 2024 के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को सकल ऋण के 4.40 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम रहा, जो सितंबर 2023 के अंत में 4.96 प्रतिशत था। इसी तरह, शुद्ध एनपीए या डूबा कर्ज पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में 1.70 प्रतिशत से घटकर 1.31 प्रतिशत हो गया।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live