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करंट लगने से लाइनमैन की मौत, छत्तीसगढ़-रायपुर में बिजली सब स्टेशन में बड़ा हादसा

रायपुर। राजधानी के मठपुरैना स्थित बिजली विभाग के सब स्टेशन में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां खंभे पर चढ़कर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो गई. यह ममला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है. मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 अक्टूबर दोपहर करीब 12 बजे की है. मठ पुरैना स्थित एसटीएम वन का लाइनमैन दिलीप जघेल जो ग्राम परसदा का निवासी था. वह 33/11 केवी सब स्टेशन में मरम्मत का काम कर रहा था. इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया. करंट लगने से उसके दोनों हाथ झुलस गए और नीचे गिरने से सिर में गंभीर चोट लग गई. आनन-फानन में बिजली सब स्टेशन के स्टाफ ने घायल कर्मी को कालड़ा नर्सिंग होम, पचपेड़ी नाका में भर्ती कराया. जहां इलाज के दौरान शाम करीब 7:30 बजे उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना टिकरापारा थाने में दी गई. बताया जा रहा है कि 11 केवी की एक वीसीबी को बैकफिट कर कंट्रोल रूम की बिजली आपूर्ति शुरू की गई थी. इसी दौरान लाइनमैन दिलीप जंघेल गलती से उसी वीसीबी डीसीबी पर काम करने चला गया, जिससे वह दुर्घटना का शिकार हो गया. सब स्टेशन में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई, जिसके कारण लाइनमैन की मौत हो गई. यह जांच का विषय है.

शिनाख्त में जुटी रेलवे पुलिस, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में ट्रेन की चपेट में आने से दो की मौत

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ट्रेन से कटकर दो लोगों की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। जहां पहली घटना में बीती रात कोतरलिया क्षेत्र में लाइन पार करते समय एक युवक की मौत हो गई तो दूसरी घटना में आज शाम की है। जिसमें मांड नदी के आगे एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। दोनों ही मामलों में रेलवे पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना जिले के कोतरलिया यार्ड अप लाइन की है। जहां बीती देर रात तकरीबन 3 बजे के आसपास एक अज्ञात युवक की रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक युवक की उम्र लगभग 24 साल के आसपास बताई जा रही है। वह सफेद शर्ट पहना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंचकर मृतक की शिनाख्त में जुट गई। इसी तरह दूसरी घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े जामपाली के पास मांड नदी के आगे की बताई जा रही है, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात शख्स की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक हल्की पिंक कलर का शर्ट, ग्रे कलर का पेंट और दाहिने हाथ में घड़ी पहना हुआ है। इस घटना में ट्रेन की चपेट में आने से युवक का सिर धड़ से कटकर अलग हो गया। दोनों ही मामलों में रेलवे पुलिस मर्ग कायम करते हुए दोनों मृतकों की शिनाख्त में जुटते हुए पूरे मामले को जांच में जुट गई है।

राजस्व अधिकारियों की मुराद पूरी, छत्तीसगढ़ में बिना विभागीय अनुमति के अब नहीं होगी एफआईआर

रायपुर। राजस्व अधिकारियों की मन की मुराद पूरी हो गई है. अब बिना विभागीय अनुमति के उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ इस संबंध में लंबे समय से मांग करता रहा है, जिस पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने तमाम संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर न्यायिक अधिकारी संरक्षण अधिनियम, 1850 और न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 के तहत राजस्व अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त होने की बात कही है. राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण उपरांत असंतुष्ट पक्षकारों द्वारा विधिवत अपील की कार्यवाही न कर सीधे पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है, और पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज कर पीठासीन अधिकारी को नोटिस दे रही है. इस प्रकार न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त नहीं हो पा रहा है. इसके साथ असंतुष्ट पक्षकारों के पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध सीधे सिविल न्यायालय में वाद दायर कर दिया जा रहा है, और सिविल न्यायाधीश स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में पुलिस को प्राप्त शिकायत की जांच के लिए भेज रहे हैं, और पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. सचिव ने अधिनियमों का हवाला देते हुए बताया कि न्यायायिक अधिकारियों की सद्भावना में किए गए न्यायालय के कार्य अथवा पारित आदेशों के विरूद्ध सिविल न्यायालय में मुकदमा चलाए जाने के संबंध में संरक्षण प्राप्त है. इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति जो न्यायालय के रूप में काम करता है, उसे उपरोक्तानुसार संरक्षण प्राप्त है. इस अधिनियम के अंतर्गत दिया गया संरक्षण इसी सिद्धांत पर दिया गया है कि जो व्यक्ति न्यायालय के रूप में कार्य करता है उसके कर्तव्यों के प्रभावी निष्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है कि वह व्यक्ति बिना किसी भय के कार्य कर सके. संघ ने सचिव का जताया आभार कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलमणि दुबे ने कहा कि हम विभागीय सचिव अविनाश चंपावत का आभार अभाव व्यक्त करते हैं कि उन्होंने हमारी पीड़ा को समझा है. हमने इस मांग को पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था.

भोपाल में16 साल तक बंधक बनाकर रखी गई महिला की मौत, पिता की शिकायत के बाद किया था रेस्क्यू

भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित बरखेड़ी इलाके में ससुराल में 16 साल से बंधक महिला ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के पिता के आवेदन पर पुलिस ने विगत 05 अक्टूबर को उसे बेहद कृशकाय अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा था। महिला के मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 40 साल की उम्र में महिला का वजन 25 किलो रह गया था। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थी और यहां तक कि बोल भी नहीं पा रही थी। महिला को रस्सी से बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा रेस्क्यू के दौरान महिला को गोदी में उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने महिला के पति पर प्रकरण दर्ज किया था। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला के मायके वाले लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर ने महिला को मानसिक रोगी बताया पति और ससुर का कहना है कि पीड़िता मानसिक रोगी थी, उसका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मिलने क्यों देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि सूचना मिली थी कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी का पता लगाने दो दिन पहले बहन रानू से मिलने गई। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजन मात्र 25 किलो रह गया था। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राजकीय सम्मान से गृहग्राम में अंतिम संस्कार, छत्तीसगढ़-धमतरी का जवान बालाघाट में नक्सली हमले में शहीद

धमतरी/बालाघाट. मध्यप्रदेश के बालाघाट में नक्सल मोर्चे पर तैनात धमतरी जिले के एक जवान का बलिदान हो गया। उनका पार्थिव शरीर गांव पहुँचने पर अंतिम दर्शन करने हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। वहीं पूरे राजकीय सम्मान के साथ जवान को उनके गृहग्राम जवरगांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सभी की आंखे नम थीं। जवरगांव निवासी टकेश्वर निषाद की सीआरपीएफ में भर्ती 2020 में हुई थी जो वर्तमान में बालाघाट में पदस्थ थे। वहीं 13 अक्टूबर रविवार को नक्सल मोर्चे पर सर्चिंग में बोलेरो वाहन से निकले थे, जिसमे 5 जवान सवार थे तभी रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। जिसमें चार अन्य जवान गंभीर भी रूप से घायल हो गए। जबकि हादसे में टकेश्वर निषाद की मौत हो गई।  रविवार की देर शाम जवान का पार्थिव शरीर धमतरी पहुँचा। शव को जिला अस्पताल के मॉर्चुरी में रखा गया था। आज सोमवार को गांव के युवाओं ने जिला अस्पताल से बाइक रैली निकाल कर पार्थिव देह को गांव लेकर गए। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जवान को श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद पार्थिव शरीर को पूरे गांव में भ्रमण कराया गया और शमशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी देने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सभी ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। बता दें कि इस मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रसाशन का कोई भी अधिकारी शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने नहीं पंहुच।

जिला प्रशासन ने खड़े किए थे हाथ, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में सड़क की मरम्मत करवा रहे ओडिशा के क्रेशर संचालक

गरियाबंद। उसरी पानी में पीएमजीएसवाय की जर्जर सड़क की मरम्मत ओडिशा के क्रेसर संचालक करवा रहे हैं. यह तब हो रहा है, जब भारी वाहनों की आवाजाही से जर्जर हुई सड़क की मरम्मत की मांग करते थक चुके ग्रामीणों ने हाइवा को रोककर प्रदर्शन किया था, वहीं दूसरी ओर फंड का अभाव बताकर प्रशासन ने मरम्मत से हाथ खड़े कर दिए थे. वर्ष 2015 मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत पीएमजीएसवाय विभाग द्वारा उसरीपानी से कालाहांडी पाइकपड़ा तक 2 किमी लंबी सड़क बनाई गई थी. भारी वाहन गुजरने के कारण सड़क में गढ्ढे हो गए थे, जिसकी ओडिशा के क्रेशर संचालक मरम्मत करवा रहे हैं. मिक्स डस्ट और गिट्टी डालकर पहले फोकलेन से गढ्ढे भरे जा रहे है, फिर उसे बराबर कर आवाजाही लायक बनाया जा रहा है. दिन भर में एक किमी सड़क की मरम्मत की गई है. पूरी सड़क की मरम्मत में 2 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च का अनुमान है. हाथ पर हाथ धरे बैठी रही प्रशासन उसरी पानी के उपसरपंच नारायण मांझी और पंच ललित नागेश ने बताया कि उक्त सड़क पर पहले तो भारी वाहन की आवाजाही रोकने प्रशासन के पास बार गुहार लगाते रहे. एसडीएम से लेकर अन्य अफसरों से बार-बार निवेदन करते रहे. प्रशासन के अफसर वाहन रोकने के बजाए सीधे सेट हो गए, मरम्मत के जवाब में फंड का रोना रोते रहे, इसलिए हम सभी ग्रामीणों को एकजुट होकर इसके समाधान के लिए सड़क पर उतरना पड़ा था. तब जाकर माने क्रेशर संचालक ग्रामीणों ने कहा कि 3 अक्टूबर को 6 हाइवा को रोक दिए थे, तब भी कार्रवाई के लिए कोई जिम्मेदार अफसर नहीं आए. 3 घंटे जाम के बाद हम लोगों ने वाहन मालिक व क्रेशर संचालक से सीधी बात कर सड़क मरम्मत पर वाहन छोड़ने की शर्त रखी थी. क्रेशर संचालक अपने वायदे के मुताबिक, अब सड़क मरम्मत करा रहे. दोनों राज्य के लिए अहम है सड़क कालाहांडी में पाइक पड़ा है, जहां से नवरंगपुर जिले के बड़े व्यापारिक सेंटर जाने के लिए उसरीपानी के रास्ते से प्रवेश करना पड़ता है. ओडिशा के दो जिलों के जोड़ने का यह शॉर्टकट है. कमर्शियल वाहन के अलावा बड़े शहरों को जाने वाली 5 से ज्यादा यात्री बस इसी रास्ते से गुजरती है. उसरी पानी के ग्रामीणों को उपचार के लिए नवरंगपुर हो या धर्मगढ़ जाने के लिए आसानी होती है. आलम यह है कि सड़क जर्जर होने के कारण यात्री बसें बंद हो गई थी. नवनीकरण का भेजा है प्रस्ताव मामले में पीएमजीएसवाय के एसडीओ कमलेश चंद्राकर ने कहा कि कार्य में 2018 तक संधारण अवधि खत्म हो गयी थी. सड़क के नवीनीकरण कार्य के लिए अप्रैल 2024 में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही नवीनीकरण किया जाएगा. आपसी सहमति व सुविधा के लिए अस्थाई मरम्मत अगर ग्रामीण करवा रहे हैं, तो वो उनके आपस का मसला है.

ईवीएम 100 प्रतिशत फुलप्रूफ हैं, अगर वे आज फिर सवाल उठाते हैं, तो हम उन्हें फिर से बताएंगे-राजीव कुमार

नई दिल्ली  महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव तिथियों की घोषणा से पहले विपक्षी दलों द्वारा एक बार फिर ईवीएम में हेराफेरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि जनता ने मतदान में हिस्सा लेकर सवालों के जवाब दिए हैं. कुमार ने कहा, “जनता मतदान में भाग लेकर सवालों के जवाब देती है. जहां तक ​​ईवीएम का सवाल है, वे 100 प्रतिशत फुलप्रूफ हैं. अगर वे आज फिर सवाल उठाते हैं, तो हम उन्हें फिर से बताएंगे.” कांग्रेस नेता ने पेजर हैक का उदाहरण देकर ईवीएम पर उठाया सवाल इससे पहले, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने दावा किया था कि ईवीएम में हेराफेरी की जा सकती है, उन्होंने इजरायल द्वारा आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के पेजर हैक करने का उदाहरण दिया. राशिद अल्वी ने कहा, “महाराष्ट्र में विपक्ष को ईवीएम के बजाय पेपर बैलेट से मतदान कराने पर जोर देना चाहिए. अन्यथा महाराष्ट्र में भाजपा सरकार और चुनाव आयोग कुछ भी कर सकते हैं. अगर इज़रायल पेजर और वॉकी-टॉकी के इस्तेमाल से लोगों को मार सकता है, तो ईवीएम कहां है? प्रधानमंत्री के इज़रायल के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं. इजरायल ऐसी चीजों में माहिर है. ईवीएम का बड़ा खेल कहीं भी हो सकता है और उसके लिए भाजपा चुनाव से पहले यह सब खेल कर लेती है.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने हरियामा चुनाव को लेकर दी है लिखित शिकायत पिछले हफ्ते कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निकाय इस मुद्दे का संज्ञान लेगा और उचित निर्देश देगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव ने लिखा, “9 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग को शिकायतों से भरा ज्ञापन सौंपा था. इसे आगे बढ़ाते हुए आज हमने हरियाणा के 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया में गंभीर और स्पष्ट अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक अपडेटेड ज्ञापन दिया है. हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसका संज्ञान लेगा और उचित निर्देश जारी करेगा.” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 20 सीटों पर गड़बड़ी की लिस्ट आयोग को सौंपी है कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी ने 20 सीटों की सूची भेजी है, जिन पर उम्मीदवारों ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ईवीएम की मतगणना को लेकर अपनी लिखित और मौखिक शिकायतें प्रस्तुत की हैं. खेड़ा ने कहा, “हमने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जिसके बारे में हमारे उम्मीदवारों ने 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने की लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं. यह मुद्दा मतगणना के दिन उठाया गया था… यह एक अजीब संयोग है कि जिन मशीनों में 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज दिखाई गई, वे वही मशीनें थीं जिन पर कांग्रेस को ज्यादातर हार का सामना करना पड़ा. 60-70 प्रतिशत बैटरी चार्ज वाली मशीनें वे थीं जिन पर कांग्रेस जीती. ऐसा क्यों हुआ?” चुनाव आयोग मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा.

इन्फिनिक्स ज़ीरो फ्लिप लॉन्च अक्टूबर 2024 में: जानें संभावित कीमत और फीचर्स

पुराने टेक्नोलॉजी की दुनिया में Infinix की एंट्री हो गई है। Infinix का नया पोर्टेबल टेक्नोलॉजी Infinix Zero Flip ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया गया है। भारत में इनफिनिक्स जीरो फ्लिपटेक के जल्द लॉन्चिंग की तैयारी है। लाइक रिपोर्ट की स्केटिंग, तो Infinix के डायनामिक्स मॉडल को भारत में अक्टूबर महीने में लॉन्च किया जाएगा। खास है इनफिनिक्स फोल्डेबल इनफिनिक्स का रोबोटिक उपकरण बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इनफिनिक्स जीरो फ्लिप बेहद कम कीमत में आता है। जैसा कि असफल है कि Infinix को बजट इक्विपमेंट लॉन्च करने के लिए जाना जाता है। ऐसे में Infinix के स्टॉकहोम मोनोटेक्नोलॉजी में मसाले काफी बढ़ाए गए हैं। भारत में इनफिनिक्स के ऑस्ट्रियाई फोन की टक्कर सैमसंग के मोबाइल फोन से होगी। कितनी होगी कीमतफिनिक्स जीरो जीरो फोन को भारत में कितनी कीमत में लॉन्च किया गया है, इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन जैसा कि यह बताया गया है कि यह फोन ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया गया है। ऐसे में फोन करके भारत में 50 हजार रुपये के प्रॉस्पेक्टिव प्वाइंट को लॉन्च किया जा सकता है। फोन की 8GB रैम और 512GB स्टोरेज की कीमत 600 डॉलर यानी करीब 50,183 रुपये है। हालाँकि भारत में इस फ़ोन की कीमत वैश्विक रूप से भिन्न-भिन्न हो सकती है। फोन ब्लॉसम ग्लो और रॉक ब्लैक कलर में आएगा। इनफिनिक्स जीरो फ्लिप के 6.9 इंच की फुल एचडी रेंज दी गई है। फ़ोन एलटी प्रोटोटाइप प्रोटोटाइप में आएं। फ़ोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया गया है। फ़ोन 1400 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ उपलब्ध है। फोल्डेबल 3.64 इंच एमोलेड डिस्प्ले सपोर्ट मौजूद है। फ़ोनरि गोला ग्लास विक्टस 2 रिवोल्यूशन के साथ आता है। फोन में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8020 चिपसेट दिया गया है। फ़ोन में 50MP कैमरा सेंसर सपोर्ट दिया गया है। साथ में दिया गया है 50MP अल्ट्रा वाइड कैमरा सेंसर। इसके लिए 50MP कैमरा सेंसर दिया गया है। 70W फ़ास्ट वॉरॉइड को सपोर्ट के लिए फ़ोन करें। फोन में 4720mAh की बैटरी दी गई है। साथ ही 10W रिवर्स रिवर्स सपोर्ट दिया गया है। फ़ोन पर माउंटेड माउंटेड टेक्निकल सेंसर का सहयोग दिया गया है।

क्या आपका बच्चा भी नही बैठ पाता डीप स्क्वाट- उकड़ू पोजिशन में

बढ़ती हुई पश्चात (वेस्टर्न) जीवन शैली बड़ो के साथ साथ बच्चों के लिए भी शरीरिक समस्याओं को पैदा कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देखा जा रहा है 3 साल की उम्र से 17 वर्ष के बच्चों को ऐड़ी, घुटने, क़मर, गर्दन के दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है। फिजियोथैरेपिस्ट की माने तो कही न कहीं वेस्टर्न टॉयलेट (कमोड) का इस्तेमाल बड़ा कारण दिख रहा है, बच्चों को इंडियन स्टाइल टॉयलेट (सीट)  का इस्तेमाल कम हो रहा है। बच्चों की कुर्सियों पर बहुत ज़्यादा निर्भरता और आउट डोर एक्टिविटी (खेलना-कूदना) की कमी व लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने के कारण ऐड़ी (ऐंकल) के आस पास के टेंडन व मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं। जिससे उपयुक्त लचीलापन कम हो जाता है, और शरीर के अन्य जोड़ों को भी प्रभावित करता है। जमीन पर उकड़ू न बैठने के कारण शरीर की मोवेलिटी-फ्लेक्सिबिलिटी को कम हो रही है, जब बच्चा मलासन (डीप स्क्वाट) पोजिशन में बैठता है, तो शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव, स्ट्रेचिंग होती है जो शरीर को अति आवश्यक है। “चूँकि मानव शरीर में पैरों (पंजो) का महत्वपूर्ण योगदान होता है शरीर को मोवेलिटी व संतुलन बनाए रखने में” डीप स्क्वाट पॉस्चर सबसे आवश्यक और मौलिक मानवीय मुद्राओं (पॉस्चर) में से एक है। 2 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को इन पाँच कामों (एक्टिविटी) पर ध्यान देना चाहिए। 1 क्या आपका बच्चा वेस्टर्न (कमोड) टॉयलेट उपयोग करता है ? 2 क्या आपका बच्चा इंडियन (सीट) टॉयलेट जाने से मना करता है ? 3 क्या आपका बच्चा फुल स्क्वाट (मलासन) पर बैठ सकता 2 से 5 मिनिट तक ? 4 आपके बच्चे की डिजिटल स्क्रीन (मोबाइल-लेपटॉप) टाइम स्पेंड कितना है रोज़ ? 5 आपके बच्चे का आउटडोर (खेल-कुंद) एक्टिविटी समय कितना है ? फुल या डीप स्क्वाट को इस तरीक़े से किया जाता है घुटने पूरी तरह से मुड़े हुए होते हैं, और जांघ का पिछला हिस्सा पिंडली की मांसपेशियों के सहारे टिका होता है, जबकि एड़ियाँ ज़मीन पर सपाट रहती हैं। डीप स्क्वाट एक ऐसी स्थिति है जिसका उपयोग कई बच्चे खेलते समय भी करते हैं। डीप स्क्वाट (उंखड़ू) बैठना कई कारणों से बहुत बढ़िया है जैसे- 1. कूल्हे, घुटने और टखने की पूरी गतिशीलता बनाए रखने में मदद करता है। 2. डीप स्क्वाट पोजीशन मेंटेन करने से कोर (मसल्स) का संतुलन बना रहता है। 3. ग्राउण्ड में खेलने, कूदने,दौड़ने में मदद मिलती है। 4. शौच में बैठने के लिए सबसे अच्छी स्थिति (मुद्रा) माना जाता है, न केवल बच्चों के लिए बल्कि वयस्कों के लिए भी। 5. ऐसा माना जाता है कि इस पोजीशन को करने से मांसपेशियों पर सही मात्रा में दबाव डालता है जिससे शौच आसानी से हो सके। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, वे इस पोजीशन में उतना नहीं बैठते न ही खेलते हैं, अपने बच्चों को फिर से डीप स्क्वाट करने के लिए प्रोत्साहित करें, और आप खुद को भी इसे आजमाने के लिए प्रयास करें। अपने बच्चे के खेलने और रोज़मर्रा की गतिविधियों के दौरान उसकी दिनचर्या में शुरुआत में ही डीप स्क्वैट्स को शामिल करना काफी आसान है। बच्चे आमतौर पर 10 से 12 महीने की उम्र में चलना आरम्भ करते हैं, जो उनके पहले जन्मदिन के आसपास होता है। अपने चलने के अभियान की शुरुआत में, उनके पैर काफी लड़खड़ाते हैं, इसलिए इस दौरान बैठना नहीं होगा। जैसे-जैसे बच्चा बेहतर संतुलन के साथ चलना सीखता है, वह संभवतः 13 से 18 महीने की उम्र के आसपास बैठना आरंभ कर देता है। कूल्हों को मोड़कर बैठना एवं शौचालय का उपयोग करने के लिए उकड़ू बैठना बेहतर है, हालांकि कुछ शोध बताते हैं कि यह केवल 3 से 5 मिनिट उकड़ू बैठने से भी बेहतर हो सकता है। आजकल बच्चों को अनेक प्रकार की समस्या हो रहीं हैं जैसे- बच्चों में फ्लैट फुट, नॉक नी, टेंडम वॉक, क़मर दर्द, रनिंग-दौड़ने आदि की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों के डीप स्क्वाट (उकड़ू) न बैठ पाने से शरीर के ज्वाइंट्स पर बुरा प्रभाव पड़ता है, पैरों के पंजों 52 हड्डियां, 66 जोड़ और लगभग 200 से भी ज्यादा मांसपेशियां, टेंडन एवं लिगामेंट होते हैं, जो कि हमें किसी भी प्रकार की सतह पर सन्तुलन बनाने एवं एक्टिविटी (गति) प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डीप स्क्वाट पॉस्चर से पाचन में सुधार डाइजेशन (मेटाबॉलिज्म) अच्छा होता है, उकड़ू बैठने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप के काम करता है। डीप स्क्वाट बैठने का तरीका समतल जगह पर खड़े हो जाएं, और अपनी टांगों को एक दूसरे से दूर करें अब डीप स्क्वाट की पोजीशन में आए जिसके लिए अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें और अपने हिप्स को जमीन की ओर लेकर जाएं। अब अपने हाथों को घुटनों के नीचे से ऊपर की ओर निकालने और दोनों हाथों को जोड़ें और नमस्ते पोज़ बनाएं अपनी बाजुओं को जांघों की तरफ प्रेस करते रहें ध्यान रहे रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, अपने हिप्स को जमीन की ओर ही रखें और अपने कंधों को अपने कानों से दूर रखें लंबी-लंबी सांसे लें और अपने आप को इस पोजीशन में रखें अब 2 से 3 मिनट इस तरह पोजिशन को मेंटेन करें इसके के बाद अपनी सामान्य पोजिशन में आ जाएं।  

भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की फिर रौनक लौटाने की तैयारी, मप्र खेल विभाग करेगा भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का संचालन

भोपाल  खेलों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के खेल मंत्री, विश्वास सारंग ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि खेल विभाग BHEL द्वारा संचालित 125 एकड़ में फैले मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन अपने हाथ में लेगा। इसके लिए जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री सारंग ने  खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉम्प्लेक्स का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया। खेल विभाग के अंदर में आ जाएगा भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स मंत्री विश्वास सारंग के साथ अधिकारियों की टीम भी थी। सारंग ने कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के माध्यम से संचालित करने के लिए प्राथमिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। ठप हैं खेल गतिविधियां उन्होंने बताया कि यह कॉम्प्लेक्स लंबे समय से उपेक्षित पड़ा हुआ है, जिससे खेल गतिविधियां ठप हैं। प्रबंधन हस्तांतरण से खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने और एथलेटिक गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इन खेलों की सुविधाएं कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि कॉम्प्लेक्स और खेल सुविधाओं के अपग्रेडेशन से इसे और बेहतर बनाया जाएगा। यह शहर के बीचों-बीच भोपाल और मध्य प्रदेश के निवासियों और खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा। इससे न केवल BHEL टाउनशिप के लोगों को, बल्कि भोपाल के नागरिकों को भी लाभ होगा। नए क्रिकेटरों को लाभ मिलेगा उन्होंने यह भी कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भीतर क्रिकेट स्टेडियम के उन्नयन से नए क्रिकेटरों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के लिए मैदान के मानक पूरे हो रहे हैं, बाकी सुविधाओं जैसे स्टैंड के विस्तार के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। भेल के सहयोग से खेल विभाग करेगा संचालन खेल विभाग, BHEL के सहयोग से इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का संचालन करेगा। इससे उन्नयन कार्य किफायती तरीके से हो सकेंगे और जनता को इसका पूरा लाभ मिलेगा। गोल्फ के लिए भी है जगह खेल मंत्री ने बताया कि लगभग 125 एकड़ भूमि पर बने इस परिसर में रखरखाव का अभाव है। यहां गोल्फ के लिए 33 एकड़ जगह भी है। स्थानीय प्रबंधन ने शुरुआती सहमति दे दी है और इस कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के अधीन लाकर इसे एक अच्छी खेल सुविधा के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। क्रिकेट, वॉलीबाल सहित सभी खेल इस मौके पर खेल मंत्री सारंग ने कहा कि भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबाल, बास्केटबाल, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स, कबड्डी सहित लगभग सभी खेल हैं। कांप्लेक्स और खेल सुविधाओं के उन्नयन से इसको और बेहतर बनाया जाएगा। जिससे भोपाल और प्रदेश के खेल प्रेमियों को बड़ी सौगात मिलेगी। साथ ही भेल टाउनशिप के रहवासियों सहित भोपालवासियों को भी लाभ मिलेगा। क्रिकेट मैदान भी बनेगा खेल कांप्लेक्स में क्रिकेट मैदान का उन्नयन होगा, तो क्रिकेट प्रतिभाओं को लाभ मिलेगा। यहां क्रिकेट मैदान के लिए सभी मापदंड हैं। बाकी स्टैंड आदि सुविधाओं का विस्तार करने के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसका संचालन भेल और खेल विभाग मिलकर करेगा तो कम बजट खर्च होगा। भेल खेल कांप्लेक्स खेल विभाग के अंतर्गत आ जाए, इसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इसके लिए सभी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है। प्राथमिक रूप से स्थानीय प्रबंधन ने इसकी सहमति दी है। इसे जल्द ही एक अच्छा खेल परिसर बनाया जाएगा, यही प्रयास है। – विश्वास कैलाश सारंग, मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मप्र शासन

कर्मचारीयों का प्रदेश आंदोलन 17 से, पदाधिकारीयो ने की बैठक

रायसेन मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के द्वितीय चरण प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन 17 अक्टूबर को अंबेडकर पार्क सेकंड बस स्टॉप तुलसी नगर भोपाल में आयोजित किया है जिसमें संपूर्ण प्रदेश से कार्यकर्ता पदाधिकारी सोई हुई सरकार से अपने हितों की मांग के लिए एकत्रित हो रहे हैं इस विशाल एक दिवसीय धरना प्रदर्शन हेतु रायसेन जिले के सांची, देहगांव, रायसेन, बेगमगंज में अलग-अलग बैठकर आयोजित धरना प्रदर्शन में एकता के साथ अधिक संख्या में सक्रिय होकर भाग लेंगे  इस पर गहन, विचार विमर्श और चिंतन हुआ डॉ अनिल भार्गव (वायु)  प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि रायसेन जिले से लगभग 400 कार्यकर्ता आंदोलन में भाग लेंगे इस निमित्त प्रदेश पदाधिकारी ने सभी को एक साथ आने और सोई हुई सरकार को जगाने के लिए भोपाल चलो भोपाल चलो की अपील करी जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री श्री जितेंद्र सिंह प्रदेश कोषाध्यक्ष केवी मेवाड़ा प्रदेश प्रवक्ता डॉ अनिल भार्गव (वायु), प्रदेश मंत्री हेमंत सराठे, जिला अध्यक्ष भोपाल श्री जितेंद्र शाक्य ने उपस्थित होकर सभी का मार्गदर्शन किया। सांची बैठक में महाराज सिंह मीणा देहगांव बैठक श्री शैलेंद्र याग्निक बेगमगंज बैठक श्रीमान सिंह लोधी कोषाध्यक्ष श्री शरद द्विवेदी, रायसेन बैठक श्री रामबाबू लोधी के साथ अन्य संभाग, जिला, ब्लॉक, तहसील के  पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।

एम्बुलेंस के चालक को नशे के हालत में वाहन चलाते पाये जाने पर कोतवाली पुलिस द्वारा कार्यवाही

कोतमा    रात्रि कोतवाली पुलिस द्वारा कोतमा रोड पर चेकिंग के दौरान आर.डी.एस. हास्पिटल कोतमा की एम्बुलेंस MP18 CA 4589 ( मारूती ईको गाड़ी )  के चालक धर्मेन्द्र प्रजापति पिता आर. के. प्रजापति उम्र 32 साल निवासी ग्राम कटकोना थाना बिजुरी जिला अनूपपुर को शराब के नशे में वाहन चलाते पाये जाने पर ब्रीथ एनालाईजर मशीन से जांच की जाकर धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट में वाहन को जप्त किया जाकर उक्त चालक के विरूद्ध प्रकरण माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा एम्बुलेंस के चालक का ड्रायविंग लायसेंस आर.टी.ओ. अनूपपुर से निरस्त कराये जाने एवं एम्बुलेंस से संबंधित आर.डी. एस. हास्पिटल के प्रबंधन को भी इस संबंध में नोटिस दिया जाकर कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

अक्टूबर में आधा प्रदेश तरबतर, इंदौर-उज्जैन समेत 13 जिलों में आज भी असर; भोपाल में धूप निकली

भोपाल मध्यप्रदेश के 6 जिले- बुरहानपुर, धार, खंडवा, मंडला, छिंदवाड़ा और बैतूल को छोड़कर बाकी जिलों से मानसून लौट चुका है। हालांकि बंगाल की खाडी़ में मानसून सक्रिय है। एक के बाद एक कम दबाव के क्षेत्र विकसित हो रहे हैं, जिसकी वजह से हवा का रुख नहीं बदल पा रहा है और लगातार नमी आ रही है।  नमी के कारण मौसम में बदलाव नहीं आ पा रहा है। इस हफ्ते भी रात में ठंडक नहीं बढ़ेगी। क्योंकि नमी की वजह से बादल छाएंगे। तापमान स्थिर रहेगा। 13 जिलों में होगी झमाझम बारिश मानसून विदाई के बाद 15 अक्टूबर से रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है। इस गिरावट की वजह से गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाती थी। दीपावली पर रात में ठंडक बढ़ जाती थी। अंचल सहित प्रदेश अधिकतर हिस्से से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन बंगाल की खाडी़ में अभी मानसून सक्रिय है। मध्य हिस्से में कम दबाव के क्षेत्र बन रहे हैं, जिससे दक्षिण भारत में बारिश हो रही है। उत्तर भारत में नमी आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, उज्जैन समेत 13 जिलों में सिस्टम का असर रहेगा। विभाग का कहना है कि लो प्रेशर एरिया डिप्रेशन के रूप में बदलकर आगे बढ़ गया है। इसकी वजह से अगले 24 घंटे में बारिश, गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। 16 अक्टूबर से मौसम खुल जाएगा। भोपाल में आज मंगलवार को सुबह से धूप निकली है। कैसा रहा तापमान इधर जमू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ नहीं आ रहे हैं, जिससे बर्फबारी शुरू हो सके। इन सभी कारणों से मौसम में दबाव नहीं आ पा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बादलों की वजह से लोगों को हल्की राहत रही है। रात का तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात में उमस रही। सेंधवा में तेज बारिश, 12 जिलों में पानी गिरा मध्यप्रदेश में सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। बैतूल में करीब डेढ़ इंच बारिश हो गई। भोपाल, सागर और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। दमोह, जबलपुर, उमरिया, धार, इंदौर, रायसेन, डिंडौरी, बड़वानी में भी बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में सुबह के समय हल्का कोहरा रहा। इस दौरान बूंदाबांदी होती रही। डिंडौरी में 20 मिनट तक तेज बारिश हुई। उमरिया में आधे घंटे तक पानी गिरा। शहडोल और धार जिले के पीथमपुर में भी तेज बरसात हुई। सेंधवा में मूसलधार बारिश हुई।

मेट्रो रेल लाइन में बाधा बन रहे 30 से अधिक अतिक्रमण हटाने के बाद सिविल वर्क होगा

 भोपाल  मेट्रो रेल लाइन में बाधा बन रहे 30 से अधिक दुकानों व घरों को हटाने के लिए लोगों को दिया गया समय मंगलवार को खत्म हो जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा बुधवार से इन्हें तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मेट्रो के दूसरे चरण में सुभाष नगर डिपो से करोंद तक कुल आठ किलोमीटर तक काम होना है। यह दो हिस्सों में होगा और इसमें एक हजार 540 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह पुल बोगदा और आजाद नगर में कुछ अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन पक्की दुकानों को हटाने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था। लोगों ने खुद अपनी दुकानें हटाने की सहमति दी थी, पर उन्होंने सोमवार तक नहीं हटाया, इसलिए अब प्रशासन कार्रवाई करेगा। आरा मशीनें भी हटेंगी वहीं, पुल बोगदा के पास से 108 आरा मशीनें और फर्नीचार कारोबारी हैं। इन्हें रातीबड़ में शिफ्ट किया जाएगा। मेट्रो ने वहां पानी, बिजली, सड़क जैसी अन्य सुविधाओं के लिए छह करोड़ रुपये दिए हैं। बता दें कि यहां पर मेट्रो के द्वारा मिट्टी का परीक्षण, डिजाइन समेत अन्य काम पूरे किए जा चुके हैं। अतिक्रमण हटने के बाद सिविल का काम शुरू किया जाएगा। दो चरणों में पूरा होगा काम चरण एक : सुभाष नगर डिपो से करोंद तक कुल आठ किलोमीटर में से पांच किलोमीटर तक के हिस्से में छह एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसमें 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुराने शहर में बैरिकेडिंग की गई है। कुछ दिन पहले मंत्री विश्वास सारंग ने रूट का निरीक्षण कर जल्द काम करने को कहा था। वहीं, मेट्रो कॉर्पोरेशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने भी निरीक्षण किया था। इस काम को पूरा करने के लिए साढ़े तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। इस अवधि में पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद में स्टेशन बनाने के साथ ही ट्रैक बिछाया जाना है। दूसरा चरण : आठ किलोमीटर के मार्ग में तीन किलोमीटर भूमिगत मार्ग होगा। इसमें दो मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम करीब 890 करोड़ रुपये से होगा। इस मार्ग में आरा मशीनों सहित अतिक्रमण है। इन्हें हटाने के लिए कई महीनों से प्रयास किए जा रहे हैं। भूमिगत लाइन सिंधी कॉलोनी, ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेंगी। अभी यहां चल रहा काम सुभाष नगर से एम्स के बीच दो स्टील ब्रिज का काम पूरा हो गया है। चार सितंबर को तीन घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक पर पिलर के ऊपर 65 मीटर लंबा और 400 टन वजनी ब्रिज का स्ट्रक्चर रख दिया गया था। वहीं, हाल ही में दूसरे कंपोजिट ब्रिज का काम भी पूरा हो गया है। बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके से डीआरएम स्टेशन के बीच दो स्टील ब्रिज से मेट्रो गुजरेगी। इसके लिए पिछले आठ महीने से काम चल रहा है।

भारत ने कनाडा के 6 राजनायिकों को किया निष्कासित, 19 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश

नई दिल्ली  भारत-कनाडा के रिश्तों को एक और बड़ा झटका लगा है। कनाडा से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले के बाद अब भारत सरकार ने देश से कनाडा के 6 राजनयिकों को निष्कासित करने का फैसला किया है। भारत ने कनाडा के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और उन्हें शनिवार 19 अक्टूबर को रात 12 बजे से पहले भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. भारत ने ये फैसला खालीस्तानी आतंकी निज्जर हत्याकांड की जांच में भारतीय हाई कमिश्नर और डिप्लोमेट्स को पर्सन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में जोड़ने के बाद लिया है. हालांकि, MEA से चर्चा के बाद कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि हमारे नेशनल टास्कफोर्स और अन्य जांच के जरिए RCMP ने कई सबूत प्राप्त किए हैं. भारत ने कनाडा के जिन राजनयिकों को निष्कासित किया है. इसमें एक्टिंग उच्चायुक्त स्टीवर्ट रॉस व्हीलर, डिप्टी उच्चायुक्त पैट्रिक हेबर्ट, फर्स्ट सेक्रेटरी मैरी कैथरीन जोली, फर्स्ट सेक्रेटरी लैन रॉस डेविड ट्राइट्स, फर्स्ट सेक्रेटरी एडम जेम्स, फर्स्ट सेक्रेटरी पाउल ओरजुएला का नाम शामिल है. इन सभी राजनयिकों को पांच दिनों में शनिवार, 19 अक्टूबर को रात 11:59 बजे तक भारत छोड़ने को कहा गया है.   ‘कनाडा ने पेश किए हैं सबूत’ MEA कार्यालय से बाहर निकलते हुए व्हीलर ने कहा कि भारत को अपने दावों का पालन करना चाहिए जो उसने ओटावा में आरोपों के संबंध में लिया था. व्हीलर ने दावा किया कि कनाडा ने यह प्रमाणित और अप्रमाणिक सबूत पेश किए हैं कि भारतीय सरकार के एजेंटों का कनाडाई नागरिक की हत्या में हाथ हो सकता है.उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के हित में है कि वे इस मामले की तह तक जाएं. कनाडा इस मामले में भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है. कनाडा ने सोमवार को भारतीय हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा को निज्जर हत्याकांड में ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ के रूप में नामित किया था. इसपर भारत ने कड़ा विरोध जताते हुए इन आरोपों को बेतुका बताया था. विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडाई सरकार ने भारत की संलिप्तता का एक भी ठोस प्रमाण नहीं दिया है, जबकि बार-बार अनुरोध किया गया था और प्रधानमंत्री ट्रूडो पर वोट बैंक की राजनीति करने और कनाडाई जमीन पर अलगाववादी एलिमेंट्स से निपटने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. MEA  ने कनाडाई डिप्लोमेट को किया था तलब इस मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार शाम को कनाडाई कार्यवाहक डिप्लोमेट को तलब किया था और उन्हें सूचित किया कि भारतीय हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स के खिलाफ बिना किसी सबूत के आरोप लगाया जाना अस्वीकार्य है. भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोपों की वजह से उग्रवाद और हिंसा का माहौल पैदा हुआ है, जिससे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा खतरे में है.” खतरे में है राजनयिकों की सुरक्षा: MEA इससे पहले कनाडा में भारत के उच्चायुक्त को वापस लेने की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाई से राजनयिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. भारत सरकार ने एक बयान में कहा, “हमें मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई विश्वास नहीं है कि वे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा करेंगे. इसलिए, भारत सरकार ने हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है.” बता दें कि पिछले साल कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर बिना सबूत के निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि भारत ने ही निज्जर को मरवाया है. भारत लगातार इसके सबूत मांग रहा है, लेकिन ट्रूडो शासन ने अब तक भारत को कोई सबूत पेश नहीं किए हैं. वहीं, एमईए ने कनाडाई डिप्लोमेट्स के साथ मीटिंग के बाद बयान में कहा था कि कनाडा से बार-बार सबूत मांगने के बाद भी सबूत पेश नहीं किए गए. हालांकि, कनाडाई डिप्लोमेट ने इसे खारिज किया था.  

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