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आदिलाबाद गांव के लोगों ने सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की

हैदराबाद तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के एक गांव के लोगों ने कांग्रेस नेता सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की है। आदिलाबाद जिले के एचोडा मंडल के मुखरा गांव के ग्रामीणों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पोस्टकार्ड भेजकर उनसे पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के द्वारा दी गई गारंटियों को तत्काल लागू करने की अपील की है। मुखरा गांव की रहने वाली वैष्णवी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लिखे पत्र में बताया कि आपने चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में जो छह वादे किए थे, उनको आपने और आपकी पार्टी ने अब तक पूरा नहीं किया है। महालक्ष्मी योजना के तहत 2,500 रुपये महिलाओं को देने का जो वादा था वह भी पूरा नहीं किया है। मैं सोनिया गांधी मैडम से अनुरोध करती हूं, आपकी पार्टी ने चुनाव के समय जो 6 वादे किए गए थे। उन्हें जल्द लागू किया जाए। महिला ने सोनिया गांधी को भी पोस्टकार्ड भेजा है। उन्होंने उसमें लिखा, “सोनिया गांधी मैडम, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के दौरान तुक्कुगुडा में जनसभा में कहा था कि पहली गारंटी महालक्ष्मी योजना के तहत हर महिला को प्रति महीना 2,500 रुपये देने का है। 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कही गई थी। सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए लेकिन, अभी तक छह गारंटी को अमल में नहीं लाया गया है। अब तक महालक्ष्मी योजना के तहत किसी भी महिला को 2500 रुपये नहीं मिले हैं। आपसे अनुरोध है कि आप अपने वादे को तुरंत अमल में लाएं। इसके अलावा एक और पोस्टकार्ड में नवले प्रवमिका ने लिखा कि तेलंगाना में 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कांग्रेस के द्वारा बोली गई थी। लेकिन, आपकी सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए हैं, मगर अभी तक छह गारंटी अमल में नहीं लाई गई। आपसे अनुरोध है कि अपने वादे तुरंत लागू करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भी पोस्टकार्ड भेजकर छह गारंटियों के लागू करने में देरी पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने 100 दिनों में गारंटियों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन, सत्ता में 300 दिन पूरे होने के बाद भी वह ऐसा करने में विफल रही।

यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने कहा- आर्थिक विकास में चीन और अमेरिका से आगे निकल जाएगा भारत

नई दिल्ली अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स ने सोमवार को दावा किया कि भारत प्रमुख आर्थिक मापदंडों में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल जाएगा। नई दिल्ली में यूएसआईएसपीएफ द्वारा आयोजित वार्षिक ‘भारत नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2024’ में बोलते हुए, चैंबर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति की तेज गति की तारीफ की। चैंबर्स ने कहा, “महत्वपूर्ण क्षण वह था जब राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन में मुलाकात की और घोषणा की कि यह अब तक की सबसे रणनीतिक साझेदारी है।” यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने कहा, “जीडीपी प्रति व्यक्ति आय वृद्धि के मामले में भारत चीन से लगभग 100 प्रतिशत और अमेरिका से 33 प्रतिशत बड़ा होगा। यहां जीवन स्तर और समग्र विकास दुनिया के किसी भी अन्य देश से आगे निकल जाएगा।” चैंबर्स ने जोर देते हुए कहा, ‘यह भारत की सदी है।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर व्यापार, सरकार, शिक्षा जगत के लीडर्स के साथ काम करके भारत वैश्विक विकास के लिए एक मॉडल बन सकता है। यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष ने आगे भविष्यवाणी की कि मजबूत अमेरिकी-भारत साझेदारी के माध्यम से, ‘हम संभावित रूप से भारत की जीडीपी वृद्धि को दो प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ा सकते हैं और अमेरिकी जीडीपी वृद्धि को एक प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।” यूएसआईएसपीएफ शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की सफल यात्रा के बाद हो रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करना, सप्लाई चेन को बढ़ावा देना, सेमीकंडक्टर निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी सहयोग को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) 2024 का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के मानकीकरण कार्य के लिए शासी सम्मेलन है, जो संयुक्त राष्ट्र की डिजिटल प्रौद्योगिकी एजेंसी है। यह सम्मेलन हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इसमें 190 से ज्यादा देशों के तीन हजार से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दूरसंचार, डिजिटल और आईसीटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। डब्ल्यूटीएसए 2024 एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां देश को अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि के मानकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी करने से देश को वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक आवश्यक पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, जिसमें प्रमुख दूरसंचार कंपनियां और नवप्रवर्तनकर्ता क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, 6जी, 5जी, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति का प्रदर्शन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस, एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल तकनीकी मंच, दुनिया भर में उद्योग, सरकार, अकादमिक, स्टार्टअप और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए नवीनतम समाधान, सेवाएं और आधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने का एक जाना-माना प्लेटफॉर्म बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।

एयर होस्टेस ने खोला फ्लाइट इंडस्ट्री का काला सच, अनसुने अनुभवों से किया पर्दाफाश

नई दिल्ली आसमान में उड़ान भरना हमेशा से एक आकर्षक और ग्लैमरस अनुभव माना जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इस चमक-दमक के पीछे क्या-क्या चुनौतियां छिपी होती हैं? हाल ही में, लंदन में रहने वाली एक पूर्व एयर होस्टेस, स्काई टेलर, ने अपनी 17 साल की करियर यात्रा के दौरान सामने आए कई गंभीर और चौंकाने वाले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें कई यात्रियों के अजीब व्यवहार और तनावपूर्ण हालात का सामना करना पड़ा। शराब के नशे में यात्रियों का बेकाबू होना स्काई ने लॉस वेगास की फ्लाइट के बारे में एक दिलचस्प कहानी साझा की। उनके मुताबिक, “लॉस वेगास का नाम सुनते ही मुझे सिहरन होने लगती है। यहां के यात्रियों का शराब पीने का स्तर बहुत अधिक होता है, खासकर वीकेंड के दौरान।” इस फ्लाइट में, यात्रियों की बदतमीजी और गैर-जिम्मेदाराना हरकतें आम होती हैं। वह बताती हैं, “लोग टॉयलेट में वाइप्स का धुआं करते हैं, कैबिन क्रू से बदतमीजी करते हैं, चिल्लाते हैं, गाली-गलौज करते हैं, और कभी-कभी तो हाथापाई की कोशिश भी करते हैं। यह सब देखकर मुझे हर बार अंदर तक हिल जाती हूँ।” स्काई ने बताया कि कुछ सेलेब्स और इंफ्लूएंसर्स विशेष रूप से सिरदर्द साबित होते हैं। “कुछ लोग खुद को बहुत बड़ा स्टार समझते हैं और क्रू से VIP ट्रीटमेंट की उम्मीद करते हैं,” उन्होंने कहा। कई बार, ये इंफ्लूएंसर्स क्रू मेंबर से यह उम्मीद करते हैं कि उन्हें पहचाना जाए या उनके फैंस बनें। “एक बार, किसी ने मुझे कहा, ‘मेरे एक लाख फॉलोअर्स हैं,’ लेकिन फिर भी मेरी यहां कोई अहमियत नहीं थी,” उन्होंने मजाक में कहा। इससे स्पष्ट होता है कि स्टारडम के पीछे भी वास्तविकता का एक कड़वा सच होता है। केबिन क्रू की ‘हॉट’ पार्टियां स्काई ने यह भी बताया कि जोहान्सबर्ग में केबिन क्रू के स्टॉपओवर्स पर अक्सर ‘हॉट’ पार्टियां होती थीं। उन्होंने कहा, “जोहान्सबर्ग में हर बार कुछ न कुछ गड़बड़ होती थी। शराब और ऑक्सीजन की कमी का असर वहां के माहौल में देखने को मिलता था।” इन पार्टियों में कई बार चीजें इतनी आगे बढ़ जाती थीं कि उन्हें वहां से निकलना पड़ता था। स्काई ने कहा, “मैंने कई बार देखा कि एयरहोस्टेस और पायलट के बीच कितनी करीबी हो जाती है। यह स्थिति कभी-कभी बहुत असहज हो जाती थी।”  ‘ऑर्गी’ का माहौल एक और चौंकाने वाला अनुभव शेयर करते हुए, स्काई ने कहा कि स्टॉपओवर्स के माहौल को ‘ऑर्गी’ जैसा नहीं कह सकते, लेकिन यह उससे कम भी नहीं होता। “इन पार्टियों में एक अजीब किस्म का माहौल होता है, जहां लोग बिना किसी रोक-टोक के एक-दूसरे के साथ यौन संबंध बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि फ्लाइट का मैनेजर भी इस माहौल को और खराब करने में योगदान देता है। “ये सब देखकर मुझे हमेशा असहजता महसूस होती थी,” उन्होंने कहा। मानसिक स्वास्थ्य और दबाव स्काई ने अपने करियर के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी ध्यान दिया। “इन परिस्थितियों का मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है,” उन्होंने कहा। लगातार तनाव और असुरक्षा का सामना करना एक एयर होस्टेस के लिए आसान नहीं होता। “कई बार, जब मैं फ्लाइट के बाद अकेली होती थी, तो मुझे उन अनुभवों के बारे में सोचकर बहुत दुख होता था,” उन्होंने कहा। इस तरह की कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि एयर होस्टेस का काम जितना आसान और ग्लैमरस नजर आता है, असल में वह कई प्रकार की चुनौतियों से भरा होता है। यात्रियों के व्यवहार, पेशेवर संबंधों की जटिलताएं, और व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना—ये सब चीजें एयर होस्टेस के जीवन का हिस्सा हैं। स्काई की यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि फ्लाइट इंडस्ट्री के पीछे क्या-क्या सच्चाइयाँ छिपी होती हैं। इस प्रकार, एयर होस्टेस की जिंदगी केवल यात्रा करने या लोगों की सेवा करने तक सीमित नहीं होती; यह एक संघर्ष है, जो कई बार मानसिक और शारीरिक तनाव के साथ-साथ असुरक्षा भी लाता है। इस अनुभव ने यह साबित कर दिया है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती।  

छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी, बेटे पर लेटी मां, हाथ जोड़ते रहे पिता

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। यहा कुछ लोगों ने एक छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक, विवाद गाड़ी को ओवरटेक को लेकर हुआ था। जिसमें कुछ लोगों ने युवक को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाश माइन के रूप में हुई है। इस घटना को लेकर वायरल हो रहा वीडियो दिल को झकझोर देने वाला है। दिंडोशी पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताय कि मृतक का नाम आकाश है। आकाश का रास्ते में गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इसी बीच लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मारपीट होते देख मौके पर काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भी मृतक पर हाथ साफ किया। बेटे के ऊपर लेटी मां, फिर भी पीटते रहे लोग आकाश की जब लोगों द्वारा पिटाई की जा रही थी, तब उसकी मां और उसके पिता बचाने के लिए आए। पिता जहां हाथ जोड़कर रहम की भीख मांग रहा था तो वहीं बेटे को बचाने के लिए मां उसके ऊपर लेट गई, ताकि उसके बेटे को मार न लगे, लेकिन इस दौरान उग्र भीड़ ने फिर भी उसे मारना नहीं छोड़ा। बुजुर्ग पिता को भी लोगों ने पीटा वीडियो में ये भी देखा जा सकता है कि हाथ-पैर जोड़ रहे बुजुर्ग पिता पर भी लोगों ने हाथ साफ किया। वह लोगों से काफी मिन्नत कर रहा था, लेकिन लोग उसके बेटे को पीटे जा रहे थे और अंत में आकाश की मौत हो गई। फिलहाल दिंडोशी पुलिस ने इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर नौ आरोपियों को किया गिरफ्तार किया है। वहीं मामले की जांच जारी है। लोग कितने बेरहम होते जा रहे हैं। किसी की जिंदगी की अब कोई कीमत नहीं रही। आए दिन लड़ाई-झगड़ों में लोग अपना धैर्य खो दे रहे हैं। एक समाज के रूप में हम कहां आकर खड़े हो गए हैं। भीड़ युवक को पीटती रही, फिर भी नहीं दिखी पुलिस वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई तरह के सवाल खेड़ हो रहे हैं। अगर इतनी देर तक भीड़ युवक को पीटती रही तो पुलिस कहां पर थी, क्या दिंडोशी इलाके में उस समय एक भी गश्त की टीम नहीं घूम रही थी। अगर पुलिस समय से पहुंचती तो शायद युवक को जान बच जाती। भीड़ ने जिस तरह से युवक की पीट-पीटकर हत्या की, उससे राजधानी मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। युवक का मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

विजयादशमी के पर्व पर एक महिला ने अपने पति, सास, ससुर और ननद की तस्वीरों को चस्पा कर पुतलों का दहन किया

हमीरपुर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहां विजयादशमी के पर्व पर एक महिला ने अपने पति, सास, ससुर और ननद की तस्वीरों को चस्पा कर पुतलों का दहन किया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह अनोखा दहन अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानें महिला ने क्यों किया ऐसा बीते शनिवार को पूरे भारत में विजयादशमी का पर्व मनाया गया। इसी दिन हमीरपुर जिले के मुस्करा कस्बे में रहने वाली प्रियंका दीक्षित ने अपने पति, सास, ससुर और ननद की तस्वीरों को चस्पा कर पुतलों का दहन किया। दरअसल, प्रियंका दीक्षित की शादी करीब 14 साल पहले संजीव दीक्षित के साथ हुई। शादी के बाद ही प्रियंका के पति का अफेयर उसकी बहन की सहेली पुष्पांजलि के साथ शुरू हो गया। जिसके चलते वह प्रियंका को छोड़कर पुष्पांजलि के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लग गया। सास-ससुर और ननद ने भी नहीं दिया साथ वहीं, जब प्रियंका ने इसका विरोध किया, तो सास-ससुर और ननद ने उसका साथ नहीं दिया, जिससे वह 14 सालों से परेशान है। इसी के चलते प्रियंका ने विजयादशमी के दिन अपने पति के घर के बाहर पुतलों को जलाकर समाज को संदेश देने की कोशिश की कि रावण रूपी लोगों का बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी शादी को 14 साल हो गए हैं, लेकिन उनका वनवास खत्म नहीं हुआ है। प्रियंका ने CM योगी से लगाई न्याय की गुहार बता दें कि प्रियंका ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान के तहत एक पढ़ी-लिखी महिला की मदद नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  

कल से WTSA की बैठक : अब 6G की रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत, 190 देशों के प्रतिनिधि करेंगे चर्चा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कल से वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (WTSA) की बैठक शुरू हो रही है, जो 24 अक्टूबर तक चलेगी। इस सम्मेलन में 190 देशों के प्रतिनिधि 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। यह पहली बार है जब भारत में इतने देशों के प्रतिनिधि एक साथ आकर टेक्नोलॉजी पर बात करेंगे। एशिया में भी इससे पहले ऐसा आयोजन नहीं हुआ है। आजकल हाई स्पीड इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग और तेज स्पीड चाहते हैं। भारत में फिलहाल 4G और 5G इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं, और अब देश 6G इंटरनेट सर्विस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत जल्द से जल्द 6G हाई स्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। भारत ने ग्लोबल पेटेंट फाइलिंग में शीर्ष-6 देशों में अपनी जगह बना ली है, जो दिखाता है कि देश तकनीक के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है। कई कंपनियां 5G इंटरनेट सेवाएं शुरू कर चुकी हैं, जबकि अन्य कंपनियां 4G सेवाएं दे रही हैं और जल्द ही 5G में प्रवेश करेंगी। दिल्ली में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के सहयोग से WTSA का यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। भारत के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश को अन्य देशों के साथ सहयोग करने का मौका मिलेगा और अपने तकनीकी मानकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। 6G मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी भविष्य की नई पीढ़ी है, जो 5G से कई गुना तेज और अधिक सुरक्षित होगी, जिससे काम करना और भी आसान हो जाएगा।  

दुर्गा मंदिर में भंडार खा कर घर वापस जा रही थी किशोरी, तभी 4 लोगों ने किया गैंगरेप, 4 लोगों पर मुकदमा दर्ज

कौशांबी ज़िले में दुर्गा मंदिर में भंडारा खाने गई नाबालिग लड़की से 4 लोगों ने गैंगरेप किया। आरोपियों के चंगुल से छूटी किशोरी घर पहुंची और माता-पिता को आपबीती बताई तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। पीड़ित पिता ने थाने में तहरीर दी। तहरीर मिलने पर पुलिस गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। जहां पर बृहस्पतिवार रात लगभग 8 बजे दुर्गा मंदिर में भंडार खा कर घर वापस जा रही थी। रास्ते मे गांव के ही चार युवक पहले से घात लगाए बैठे थे, किशोरी को आते देख युवकों ने उसको पकड़ लिया और सुनसान इलाके में ले जाकर गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। चीखने-चिल्लाने पर युवकों ने जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। युवकों के चंगुल से छूटी किशोरी किसी तरह घर पहुंची। किशोरी की हालत देख कर माँ-बाप के होश उड़ गए। किशोरी ने रो रो कर आपबीती बताई। इस पर पीड़ित पिता किशोरी को लेकर आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचा। जहां पर आरोप है कि उसके साथ मार-पीट की गई। इसके बाद किशोरी को साथ लेकर पिता पश्चिम शरीरा थाने पहुंचा और लिखित शिकायत किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।  

प्रदेश के 53 ई.एफ.ए. स्कूलों में कम्प्यूटर प्रयोग शालाएं, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पाठ्यक्रम

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के 53 एजुकेशन फॉर ऑल (ई.एफ.ए.) स्कूलों में कम्प्यूटर प्रयोग शालाएं आधुनिकतम एवं इंटरनेट फेसिलिटि सहित स्थापित की गई हैं। विद्यार्थियों को इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से कम्प्यूटर से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। कम्प्यूटर प्रयोग शालाओं में न्यूनतम 40 से लेकर 100 कम्प्यूटर तक लगाये गये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में डिजिटल प्रौद्योगिकी के जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑनलाइन शिक्षण मंच और उपकरणों की उपलब्धता की सिफारिश की गई है। इन प्रयोगशालाओं का उपयोग विद्यार्थी स्कूल के समय के दौरान इस तकनीक को सीखने का प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयोगशालाओं का लाभ जन-सामान्य को भी सशुल्क सुविधा के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। कम्प्यूटर प्रयोगशालाओं के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाएं एवं प्रशिक्षणों का आयोजन भी किया जा रहा है। इन प्रयोगशालाओं में शिक्षकों को डिजिटल तरीके से पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन देने का प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। अध्ययन सामग्री छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अध्ययन सामग्री, जिसमें विगत वर्षों के प्रश्न-पत्र और अन्य जानकारी ओपन बोर्ड की वेबसाइट https://www.mpsos.nic.in/ पर अपलोड की गई है। ओपन स्कूल की कक्षा 10वीं में 11 और कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम में 18 विषय शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा के संबंध में एमओयू किया है। माइक्रोसॉफ्ट प्रशिक्षण मॉडयूल्य उपलब्ध कराते हुए ई.एफ.ए. स्कूलों में प्रशिक्षण की व्यवस्था कर रहा है। प्रदेश के 53 चयनित शासकीय ईएफए स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी सिखाने में सहायक हो रहा है। यह पाठ्यक्रम एक विषय के रूप में 8वीं से 12वीं तक की कक्षाओं में प्रारंभ किया गया है। इसकी कुल अवधि 240 घंटे है। पिछले वर्ष कक्षा 8वीं में 619, कक्षा 9वीं में 1303 और कक्षा 10वीं में 995 विद्यार्थियों ने इस विषय में अध्ययन प्राप्त किया है।  

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में ऊर्जा विभाग नबंर-1

भोपाल लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति के आधार पर जारी ग्रेडिंग में ऊर्जा विभाग लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। ऊर्जा विभाग 52 विभागों की जारी ग्रेडिंग में जून 2023 से अगस्त 2024 तक लगातार प्रथम स्थान पर है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निराकरण में तत्परता से की गई कार्यवाही पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि अधिकारी आगे भी बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का इसी तरह से त्वरित निराकरण करते रहेंगे। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऊर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये एल-1 अधिकारी के रूप में कनिष्ठ अभियंता/सहायक अभियंता, एल-2 अधिकारी के रूप में कार्यपालन अभियंता, एल-3 अधिकारी के रूप में अधीक्षण अभियंता एवं एल-4 अधिकारी के रूप में मुख्य अभियंता सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज हैं। प्रत्येक स्तर पर शिकायत के निराकरण के लिये 7 दिन का समय निर्धारित किया गया है। शिकायतों के निराकरण के बाद सीएम हेल्पलाइन कॉल-सेंटर द्वारा शिकायतकर्ता से दूरभाष पर निराकरण के संबंध में संतोषजनक जवाब प्राप्त करने के बाद ही शिकायतों को बंद किया जाता है। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा नागरिकों को दी जा रही विभिन्न सेवाओं के संबंध में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की पुख्ता व्यवस्था के लिये लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का निर्माण वर्ष 2014 में किया गया है। इस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को विभाग के संबंधित अधिकारियों को अग्रेषित किया जाता है।  

अब सोलर पॉवर से जगमगाएंगे जनजातीय विभाग के छात्रावास और आश्रम शालाएं

भोपाल जनजातीय कार्य विभाग के अधीन सभी छात्रावास, आश्रम शालाएं, कन्या शिक्षा परिसर, क्रीड़ा परिसर सहित अन्य विशिष्ट श्रेणी की संस्थायें अब सोलर पॉवर से जगमगाएंगी। इन सभी संस्थाओं में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति एवं मासिक बिजली बिल में कमी लाने के लिये यहां सोलर पॉवर सिस्टम लगाये जायेंगे। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अधीनस्थ 2,378 संस्थाओं में सोलर पॉवर सिस्टम की स्थापना करने के लिये 156 करोड़ 88 लाख रूपये से अधिक का व्यय प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिये भेजा जा रहा है। सोलर पॉवर सिस्टम लगने से इन सभी संस्थाओं में ई-कक्षाएं (स्मार्ट क्लासेस, स्मार्ट लैब) लगाने तथा नई तकनीकों से विद्यार्थियों को स्कूली परीक्षा सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की स्मार्ट तैयारी से जोड़ने में भी सुविधा होगी। विभागीय कार्ययोजना को अनुमोदन मिलते ही इन सभी संस्थाओं में सोलर पॉवर सिस्टम लगाने की कार्यवाही शुरू की जायेगी। छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये लगेंगे सीसीटीवी कैमरे छात्रावासों, आश्रम शालाओं एवं अन्य विशिष्ट श्रेणी की संस्थाओं में रहकर अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग ने इन सभी विभागीय संस्थाओं में आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा की रेग्यूलर मॉनिटरिंग के लिये सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लेकर ठोस प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग के अधीन ऐसी कुल 2,810 संस्थायें हैं। इनमें से 1,305 संस्थाओं में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। शेष सभी विभागीय संस्थाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिये विभाग ने करीब 10 करोड़ 54 लाख रूपये का अनुमानित व्यय प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इससे छात्रावासों/आश्रम शालाओं एवं अन्य विशिष्ट संस्थाओं में छात्रावासी विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य गतिविधियों की भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने श्री राजकुमार हिरानी को दिया राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने 13 अक्टूबर को सुप्रसिद्ध पटकथा लेखक और निर्माता-निर्देशक श्री राजकुमार हिरानी को ‘राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान’ (वर्ष 2023) से अलंकृत किया। प्रथम राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान वर्ष 1997 में फिल्म निर्देशक श्री हृषिकेश मुखर्जी को दिया गया था। 27वां किशोर सम्मान पटकथा लेखक श्री राजकुमार हिरानी को दिया गया है। समारोह में स्व. किशोर कुमार के यादगार गीतों की प्रस्तुति मुम्बई से आये मशहूर गायक श्री नीरज श्रीधर एवं उनकी टीम द्वारा दी गई।    कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि स्व. किशोर कुमार एक होनहार व कुशल गायक थे। उनके गीतों से फिल्म संगीत को एक नई दिशा, एक नया आयाम मिला। वे हमेशा कहते थे कि दूध जलेबी खायेंगे, खण्डवा में बस जायेंगे। पटकथा लेखक श्री राजकुमार हिरानी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए मध्यप्रदेश सरकार को साधुवाद दिया। बचपन से ही स्व. किशोर कुमार उनके पसंदीदा गायक रहे है, आज उनके नाम का राष्ट्रीय सम्मान पाकर वे खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। संस्कृति संचालक श्री एन.पी. नामदेव ने श्री हिरानी के लिए प्रशस्ति-पत्र का वाचन किया और बताया कि श्री हिरानी को प्रमुख रूप से मुन्ना भाई एमबीबीएस (2003), लगे रहो मुन्ना भाई (2006) और थ्री इडियट्स (2009) जैसी मनोरंजक फिल्मों के लिए जाना जाता है। खंडवा के पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुए राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान कार्यक्रम में खण्डवा की विधायिका श्रीमती कंचन तनवे, महापौर श्रीमती अमृता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि व अधिकारी एवं संगीतप्रेमी उपस्थित थे।

बीएचईएल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का संचालन करेगा खेल विभाग : मंत्री श्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को बीएचईएल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बीएचईएल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का संचालन खेल विभाग के माध्यम से हो, इसकी प्राथमिक रूप रेखा तैयार की गई है। इसके लिये केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिये गये हैं। कॉम्पलेक्स में लगभग सभी गेम्स मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, बालीवॉल, बास्केटबॉल, टेनिस टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स, कब्बड़ी सहित लगभग सभी खेल हैं। कॉम्प्लेक्स और खेल सुविधाओं के उन्नयन से इसको और बेहतर बनाया जायेगा। यह शहर के बीचों बीच मध्यप्रदेश सहित भोपाल के रहवासियों और खेल प्रेमियों के लिये बड़ी सौगात होगी। इससे बीएचईएल टॉउनशिप के लोगों को तो फायदा मिलेगा ही साथ ही भोपाल के नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। क्रिकेट मैदान के मापदण्ड पूरे मंत्री श्री सारंग ने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम का उन्नयन बीएचईएल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में होगा, तो क्रिकेट प्रतिभाओं को इसका लाभ मिलेगा। क्रिकेट के लिये मैदान के मापदण्ड पूरे हैं, बाकी स्टैण्ड आदि सुविधाओं का विस्तार करने के लिये फण्ड की व्यवस्था की जायेगी। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का उन्नयन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का संचालन बीएचईएल के साथ खेल विभाग मिलकर करेगा। इससे कम खर्च में उन्नयन होगा और लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स खेल विभाग के अंतर्गत आ जाये, इसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इसके लिये सभी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है। अच्छा खेल परिसर बने, यही प्रयास मंत्री श्री सारंग ने कहा कि लगभग पौने 200 एकड़ जमीन पर यह कॉम्पलेक्स बना है, इसके रख-रखाव का अभाव है। गोल्फ के लिये भी 33 एकड़ स्थान है। प्राथमिक रूप से लोकल मैनेजमेंट ने इसकी सहमति दी है। इसे जल्द ही खेल विभाग के अंतर्गत लाकर एक अच्छा खेल परिसर बनाया जायेगा, यही प्रयास है। यह अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती स्मिता भारद्वाज घाटे, ईडी बीएचईएल श्री एस.एम. रामनाथन, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित जिला प्रशासन और खेल के अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

अर्थशास्त्र पुरस्कार को पहले बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता था, हुई नोबेल पुरस्कार की घोषणा

नई दिल्‍ली डैरोन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स रॉबिन्सन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार इस बात पर रिसर्च के लिए मिला है कि संस्थान कैसे बनते हैं और लोगों की खुशहाली को कैसे प्रभावित करते हैं। उनकी रिसर्च बताती है कि मजबूत और निष्पक्ष संस्थान जैसे-अच्छी सरकारें और कानून व्यवस्था लोगों की जिंदगी पर सकारात्मक असर डालते हैं। नोबेल पुरस्कार समिति ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में बताया कि संस्थाओं के गठन और परिवर्तन की परिस्थितियों को समझाने के लिए पुरस्कार विजेताओं का मॉडल तीन फैक्‍टरों पर आधारित है। पहला है संसाधनों के बंटवारे और समाज में निर्णय लेने की शक्ति (अभिजात वर्ग या जनता) को लेकर संघर्ष। और क्‍या कहती है र‍िसर्च? सम‍ित‍ि ने आगे बताया, ‘दूसरा यह है कि जनता को कभी-कभी सत्ता का इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। वे संगठित होकर और शासक वर्ग को धमकी देकर ऐसा कर सकते हैं। इसलिए समाज में सत्ता केवल निर्णय लेने की शक्ति से कहीं अधिक है। तीसरा है प्रतिबद्धता की समस्या, जिसका मतलब है कि अभिजात वर्ग के पास जनता को निर्णय लेने की शक्ति सौंपने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’ क्‍या है नोबेल पुरस्‍कार का इतिहास? ऐसमोग्लू और जॉनसन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में काम करते हैं और रॉबिन्सन शिकॉगो विश्वविद्यालय में अपना शोध करते हैं। अर्थशास्त्र पुरस्कार को पहले बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता था। आर्थिक विज्ञान का यह पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति दिया जाता है। बैंक ऑफ स्वीडन ने 1968 में नोबेल की स्मृति में इसकी शुरुआत की थी। नोबेल 19वीं सदी के व्यवसायी और रसायनज्ञ थे, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था और पांच नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी। हालांकि, कुछ लोग इस बात पर जोर देते हैं कि अर्थशास्त्र का पुरस्कार तकनीकी रूप से नोबेल पुरस्कार नहीं है। लेकिन, इसे हमेशा 10 दिसंबर को अन्य पुरस्कारों के साथ प्रदान किया जाता है। इस दिन नोबेल की पुण्यतिथि है। पिछले सप्ताह चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई थी।

पहले एयर इंडिया की फ्लाइट को धमकी, इसके बाद मुंबई-हावड़ा मेल को मिली बम से उड़ाने की धमकी

नई दिल्ली एयर इंडिया की फ्लाइट के बाद अब मुंबई-हावड़ा मेल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह संदेश आज सुबह करीब चार बजे ऑफ-कंट्रोल को मिला। इसके बाद ट्रेन अधिकारियों ने तुरंत ट्रेन नंबर 12809 को जलगांव स्टेशन पर रोककर इसकी जांच की। करीब दो घंटे तक ट्रेन की बारीकी से जांच की गई, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन को उसके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। धमकी का संदेश सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दिया गया था।  फजलुद्दीन नाम के एक अकाउंट के माध्यम से ट्रेन को उड़ाने की धमकी दी गई। पोस्ट में लिखा था कि “क्या रे हिंदुस्तानी रेलवे, आज सुबह खून के आंसू रोओगे तुम लोग। आज फ्लाइट में भी बम रखा गया है और 12809 ट्रेन में भी। नासिक आने से पहले बड़ा धमाका होगा।” आज सुबह मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके चलते विमान को तुरंत दिल्ली की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। इसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और मामले की जांच जारी है। सभी यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन को पलटाने की साजिश, पायलट ने बचाई जान इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन को पलटाने की एक गंभीर साजिश का खुलासा हुआ है। मंगलवार की देर रात मखदुमपुर और बेला स्टेशन के बीच नेयामतपुर हाल्ट के पास पटरी पर एक बड़ा पत्थर रखा गया था। ट्रेन के पायलट ने समय रहते पत्थर पर नजर डालकर इमरजेंसी ब्रेक लगाई, जिससे ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) के थाना प्रभारी दीपनारायण यादव ने बताया कि यह काम किसी असामाजिक तत्व का था, जिसने जानबूझकर पटरी पर पत्थर रखा था। पायलट की सजगता के कारण बड़ा हादसा टल गया। एयर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी इसके अलावा रात करीब 2 बजे एयर इंडिया का एक विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से न्यूयॉर्क जा रहा था, जिसको बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी के तुरंत बाद फ्लाइट को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया। इन घटनाओं ने यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियां इन साजिशों के पीछे के लोगों की पहचान के लिए जांच कर रही हैं। सभी यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।  

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