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सिंधू और सेन का फिनलैंड के वांता में हुए आर्कटिक ओपन में प्रदर्शन औसत रहा

ओडेन्से  भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू और लक्ष्य सेन मंगलवार से यहां शुरू हो रहे 850000 डॉलर ईनामी राशि के डेनमार्क ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के जरिये फॉर्म में वापसी की कोशिश करेंगे। दोनों खिलाड़ियों का पिछले सप्ताह फिनलैंड के वांता में हुए आर्कटिक ओपन में प्रदर्शन औसत रहा। पूर्व विश्व चैम्पियन सिंधू पहले ही दौर में बाहर हो गई जबकि 2021 विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता सेन दूसरे दौर में हार गए। पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे सेन को चीनी ताइपे के चोउ तियेन चेन ने हराया था। अब यहां उनका सामना पहले दौर में चीन के लू गुआंग झू से होगा जिनसे उनकी पहली ही टक्कर है। दूसरे दौर में वह इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से टकरा सकते हैं। विश्व चैम्पियन थाईलैंड के कुंलावुत वितिदसर्न से क्वार्टर फाइनल में टक्कर हो सकती है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा जो पहले दौर में कनाडा की मिशेले ली से हार गई थी। नये कोच अनूप श्रीधर और कोरिया के ली ह्यून इल के मार्गदर्शन में वह पहले दौर में चीनी ताइपै की पेइ यू पो से खेलेंगी। दूसरे दौर में उनका चीन की हान युइ से सामना हो सकता है। महिला वर्ग में फॉर्म में चल रही मालविका बंसोड़, आकर्षि कश्यप और उन्नति हुड्डा भी उतरेंगी। चीन ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची बंसोड का सामना पहले दौर में वियतनाम की एंगुयेन टी लिन्ह से होगा जबकि कश्यप की टक्कर थाईलैंड की सुपनिदा केटथोंग से होगी। ओडिशा ओपन 2022 विजेता हुड्डा का सामना अमेरिका की लौरेन लाम से होगा। पुरूष युगल में भारत की कोई टीम नहीं है जबकि महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद खेलेंगी। दोनों का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त मलेशिया की पीयर्ली तान और टी मुरलीधरन से होगा। स्वेतापर्णा और रितुपर्णा पांडा का सामना चीनी ताइपै की चांग चिंग हुइ और यांग चिंग तुंग से होगा। मिश्रित युगल में बी सुमित रेड्डी और सिक्की रेड्डी का सामना कनाडा के केविन ली और एलियाना झांग से होगा जबकि सतीश करूणाकरण और आद्या वरियाथ की टक्कर इंडोनेशिया के रेहान के और लीसा कुसुमवती से होगी।  

5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है : मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली  दूरसंचार क्षेत्र की 5जी तकनीक के कारण 2040 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 450 बिलियन डॉलर यानी करीब 37 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  यह दावा किया। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार कार्यक्रमों में से एक वैश्विक मानक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “अकेले भारत में, 5जी से 2040 तक अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का निवेश होने का अनुमान है।” मंत्री ने जोर देकर कहा कि 5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है। सिंधिया ने आगे कहा कि 5जी पहले ही सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केवल 22 महीनों में 98 प्रतिशत जिलों और 80 प्रतिशत आबादी को इसने कवर कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की तकनीकी शक्ति क्षमता के साथ वैश्विक मानकों के अनुसार नवाचार में हमारे बदलाव के प्रयासों को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा, “हम स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि व विनिर्माण के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं।” मंत्री ने 5जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी तकनीकों की पूरी क्षमता को अनलॉक करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मानक यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि ये तकनीकें सीमाओं के पार सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करें। उन्होंने कहा, “संवाद के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। 5जी का चमत्कार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चमक और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की उपयोगिता वैश्विक स्तर पर उद्योगों, समाजों और विनिर्माण प्रक्रियाओं और अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही हैं।” सिंधिया ने एआई और आईओटी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ने की स्थिति में गोपनीयता, पूर्वाग्रह और पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नैतिक विचारों और नियामक ढांचे के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचे का आह्वान किया कि भविष्य के नवाचार, जैसे कि आगामी 6G तकनीक, सभी को समान रूप से लाभान्वित करें और मौजूदा डिजिटल विभाजन को गहरा न करें। उन्होंने कहा, “आज हम एक नए तकनीकी युग के मुहाने पर खड़े हैं, मोबाइल नेटवर्क 6जी के दौर में प्रवेश करने वाला है, जहां संचार असीम हो जाएगा, जहां नवाचार की कोई सीमा नहीं होगी और मानवता द्वारा, परस्पर जुड़ाव हमारी साझा वैश्विक नियति की आधारशिला बन जाएगा।” सिंधिया ने वैश्विक समुदाय से भविष्य के तकनीकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाले मानकों को स्थापित करने और साझेदारी को बढ़ावा देने में एक साथ काम करने का भी आग्रह किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रौद्योगिकी का भलाई के लिए इस्तेमाल हो।

दिल्ली में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार शहर में पांच जगहों पर ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर खोलने जा रही है। ये सेंटर नॉर्थ, नॉर्थवेस्ट, वेस्ट, साउथ और साउथ-ईस्ट दिल्ली में खुलेंगे। इससे कमर्शियल गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड तरीके से हो सकेगा। अभी सिर्फ झुलझुली में एक ही ऑटोमेटेड सेंटर है। इससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। बुराड़ी में मैन्युअल टेस्टिंग होती है। नए सेंटर खुलने से लाइट और हैवी कमर्शियल गाड़ियों को फायदा होगा। अब इन गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड सेंटर पर ही कराना जरूरी कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए अहम कदम ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इन सेंटर्स को चलाने के लिए ऑपरेटर से एप्लीकेशन मांगे हैं। कोई भी व्यक्ति, कंपनी या संस्था इसके लिए आवेदन कर सकती है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ऑटोमेटेड सेंटर से फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए सिस्टम में हेरफेर की आशंका कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यह एक अहम कदम है क्योंकि सड़कों पर चलने वाले अनफिट वाहन हादसों का एक बड़ा कारण हैं। ज्यादा सख्त और पारदर्शी फिटनेस टेस्टिंग प्रक्रिया लागू करके सरकार सड़कों पर अनफिट वाहनों की संख्या कम करना चाहती है। हाल के दिनों में भारत में अनफिट कमर्शियल वाहनों से होने वाले हादसों में बढ़ोतरी हुई है और वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुए 1.9 लाख सड़क हादसों में से लगभग 40% ऐसे वाहनों की वजह से हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि कॉन्सेसनेयर को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को गाड़ियों के नंबरों के साथ किए गए टेस्ट की संख्या भी बतानी होगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेटर को सेंटर पर निरीक्षण के दौरान गाड़ी का 30 सेकंड का वीडियो भी देना होगा। कैसे होगा पूरा काम, हर एक बात जानिए डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) में लिखा है कि प्रत्येक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर परिवहन विभाग, GNCTD द्वारा एक मोटर वाहन निरीक्षक या समान योग्यता वाले सरकारी अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जा सकता है, जो पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार होंगे। हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण, ऑटोमेटेड उपकरणों के माध्यम से वाहनों की फिटनेस के परीक्षण और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रियाओं को अधिसूचित किया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चयनित आवेदक अनुबंध अवधि के दौरान केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार वाहन फिटनेस परीक्षण करने की निर्दिष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए नागरिक से वाहन निरीक्षण शुल्क वसूल करेगा, एकत्र करेगा और विनियोजित करेगा। अधिकारी ने आगाह किया कि विभाग को गलत सूचना देने या भारत सरकार और समय-समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित नीति, नियमों, दिशानिर्देशों में निर्देशों का पालन न करने का कोई भी प्रयास समाप्ति और अनुबंध या लाइसेंस को रद्द करने का आधार हो सकता है। किसी भी एकल आवेदक को अधिकतम दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन क्षेत्रों से सम्मानित किया जा सकता है।  

अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जो धूल खा रही

भोपाल मध्य प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऐसी सैकड़ों मशीनें हैं, जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। ये मशीनें कमरों में पड़ी धूल खा रही हैं। कई जगह वजह यह बताई जा रही है कि नया बजट मिलने के कारण नई मशीन खरीद ली गई है और अच्छी-भली मशीन को पुरानी बताकर उसे बंद कर दिया गया। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। यानी उद्देश्य यह कि जिन अस्पतालों में इनकी जरूरत है, वहां स्थानांतरित किया जाएगा। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से मांगी मशीनों की जानकारी भोपाल से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों को पत्र भेजकर अस्पतालों में उपलब्ध तथा काम नहीं आ रहीं सभी मशीनों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि किन मशीनों की कहां आवश्यकता है। छोटे शहरों के अस्पतालों में काम आ सकेंगी ये मशीनें यह जानकारी मिलने के बाद जहां मशीनें बेकार पड़ी हैं, उन्हें वहां भेजा जाएगा, जहां उसकी आवश्यकता है। इससे प्रदेश के बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में धूल खा रही मशीनें छोटे शहरों के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में काम आ सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मशीनों को संचालित करने के लिए जो भी उपकरण लगते हैं, उन्हें पहले से ही खरीद लें ताकि मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही डॉक्टरों के लिए निर्देश हैं कि सीटी स्कैन और एमआरआई के प्रिस्क्रिप्शन स्पष्ट लिखे जाएं। कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता मध्य प्रदेश के कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता है। खासतौर पर जो नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं, वह कम संसाधनों के बीच संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों को महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता है। बजट की कमी के कारण ग्रामीण अस्पताल नहीं खरीद पा रहे मशीन बजट की कमी के चलते ग्रामीण अस्पताल इन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बड़े शहरों के अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में काम नहीं आ रहीं मशीनों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे उन क्षेत्रों के मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी। अभी सुविधा के अभाव में कई जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों में आना पड़ता है।

जलवायु परिवर्तन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है : शोध

नई दिल्ली जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली अत्यधिक गर्मी और उमस अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैस मीथेन को सोखने की क्षमता में 70 फीसदी कमी ला सकती है। ब्राजील स्थित साओ पाउलो विश्वविद्यालय के हालिया शोध में यह दावा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्म जलवायु के कारण दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावन के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश होने, जबकि कुछ में सूखा पड़ने का अनुमान है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। “पृथ्वी के फेफड़े” कहलाने वाले अमेजन वर्षावन का अधिकांश भाग ब्राजील में है, जबकि कुछ हिस्सा पेरू, कोलंबिया, इक्वाडोर और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों में पड़ता है। इन वर्षावनों को हवा में मौजूद ग्रीनहाउस गैसों को सोखने के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। शोधकर्ता ने कहा कि हालांकि, अमेजन वर्षावन का 20 फीसदी हिस्सा साल के लगभग छह महीने बाढ़ग्रस्त रहने के कारण मीथेन का उत्सर्जन करता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों को सोखने की उसकी क्षमता प्रभावित होती है। अध्ययन के नतीजे एक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं। पूर्व में हुए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमि से होने वाले कुल मीथेन उत्सर्जन में अमेजन वर्षावन के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की लगभग 30 फीसदी हिस्सेदारी होती है। प्रमुख शोधकर्ता जूलिया गोंटिजो ने कहा, “भले ही यह पहले भी देखा चुका है कि वायु तापमान और मौसमी बाढ़ जैसे कारक ऐसे क्षेत्रों में मीथेन के प्रवाह पर असर डालने वाले सूक्ष्मजीव समुदायों की आबादी को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन और अनुमानित चरम मौसम परिस्थितियों के संदर्भ में हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए?” शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेजन के दो बाढ़ग्रस्त क्षेत्र और ऊंचाई वाले एक वन क्षेत्र से मिट्टी के नमूने लिए, जो मीथेन को अवशोषित करने के लिए जाने जाते हैं। इन नमूनों को अत्यधिक तापमान (27 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस) और तेज उमस के संपर्क में रखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऊंचाई वाले वन क्षेत्र से प्राप्त मिट्टी के नमूनों में गर्म और शुष्क परिस्थितियों में मीथेन सोखने की क्षमता में 70 फीसदी की कमी आई, जबकि भारी वर्षा की स्थिति में मीथेन उत्पादन में वृद्धि हुई, क्योंकि मिट्टी अत्यधिक उमस को झेलने में सक्षम नहीं थी। उन्होंने कहा, “ऊंचाई वाले वन क्षेत्र में शुष्क परिस्थितियों में तापमान में वृद्धि के साथ (मीथेन) अवशोषण की क्षमता में औसतन 70 प्रतिशत की कमी देखी गई।” गोंजिटो के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि बाढ़ क्षेत्र का माइक्रोबायोम (किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली सूक्ष्म जीवों की आबादी) खुद को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढाल सकता है, लेकिन ऊंचाई वाले वन क्षेत्रों का माइक्रोबायोम इसके प्रभावों के प्रति संवेदनशील है, जिससे भविष्य में अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की क्षमता प्रभावित हो सकती है।    

साल में तीसरी बार होगा Nursing exam, अब सत्र 2022-2023 के छात्रों को मौका

जबलपुर नर्सिंग के पिछड़े सत्र को पटरी पर लाने के लिए मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय इस वर्ष तीसरी बार संबंधित संकाय की मुख्य परीक्षा कराएगा। सत्र 2020-21 और 2021-22 के बाद अब सत्र 2022-23 की परीक्षा होगी। ये सभी परीक्षाएं नर्सिंग प्रथम वर्ष की हैं। नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े की जांच एवं कार्यवाही में यह परीक्षाएं अटकी हुई थीं। सत्र 2022-23 की परीक्षा वर्षांत तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने तैयारियां आरंभ कर दी है। संबंधित सत्र के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए शीघ्र ही नामांकन प्रक्रिया होगी। नामांकन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन कंपनी को व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया जा चुका है। संबंधित सत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में 25 हजार विद्यार्थी हैं। इसी सप्ताह खुलेगा पोर्टल मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने सत्र 2022-23 में प्रवेशित छात्रों के लिए इस वर्ष अगस्त माह में नामांकन प्रक्रिया करने की योजना बनाई थी। तभी सत्र 2021-22 की नामांकन प्रक्रिया भी संचालित थी। इस वर्ष की तीन परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थी सत्र     विद्यार्थी     विद्यार्थी 2020-21     मई     30 हजार 2021-22     सितंबर     10 हजार 2022-23     दिसंबर     25 हजार दो सत्र की प्रक्रिया एक साथ होने के कारण समस्या हो सकती थी। सुचारु नामांकन के लिए तब प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। सत्र 2021-22 की परीक्षा गत माह हो चुकी है। इससे सत्र 2022-23 के नामांकन की बाधा दूर हो गई है। संबंधित सत्र के नामांकन के लिए इसी सप्ताह पोर्टल खोलने की तैयारी है। करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन मध्य प्रदेश में नर्सिंग की अब तक तीन परीक्षा हो चुकी हैं। इसके पहले 2019-2020 के थर्ड ईयर की रुकी हुई परीक्षा मई महीने में हुई थी। इधर मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय एमएससी, पीबीएससी और बीएससी परीक्षाओं के मूल्यांकन में जुट गया है। इन परीक्षाओं की करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन किया जाना है। मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है     नर्सिंग की आयोजित परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित करने के प्रयास है। अभी मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है। सत्र 2022-23 की परीक्षा की योजना पर भी कार्य कर रहे है। – डॉ. सचिन कुचिया, परीक्षा नियंत्रक, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय  

20 अक्टूबर करवा चौथ 80 साल बाद गजकेसरी योग में मानेगा

 हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठोर व्रत में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर काफी दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमक सकती है। बता दें कि अबकी बार करवा चौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य, जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर बन रहे शुभ योगों से किन राशियों की चमक सकती है किस्मत… ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अबकी बार सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वृषभ राशि (Vrishabha Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन काफी खास जाने वाला है। इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशनुमा वक्त बीतेगा। इस राशि के जातकों के ऊपर बुध, शुक्र, शनि के साथ-साथ मंगल ग्रह की विशेष कृपा हो सकती है। ऐसे में इस राशि के जातकों द्वारा किए गए कामों की सराहना हो सकती है। वाहन, संपत्ति आदि खरीदने की चाह पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि (Kanya Zodiac) कन्या राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन लाभकारी सि्द्ध हो सकता है। इस राशि के जातकों हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से चली रही पैसों की तंगी से निजात मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। इसके साथ ही आपकी भी थोड़ी सी टेंशन कम होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इसके साथ ही अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। सरकारी नौकरी पाने के भी चांसेस तेजी से बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ही अच्छा रहने वाला है। तुला राशि (Tula Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए भी करवा चौथ काफी खुशियां लेकर आने वाला है। एकाग्रता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही बौद्धिक क्षमता अच्छे होने के कारण आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भविष्य के लिए लिया गया ये निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं।

16 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने की योजना, राजस्व में होगी वृद्धि

खंडवा टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह है पूरा प्रस्ताव अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए. दूसरे डैम भी होंगे विकसित इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं.

जबलपुर केंद्रीय जेल में हाथ धुलाई दिवस के मौके पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

Awareness program towards cleanliness completed on the occasion of Hand Washing Day in Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में 15 अक्टूबर 2024 को अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर जी के मार्गदर्शन में किया गया। पूर्वी खंड के सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों ने “अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस” के महत्व को समझाते हुए अस्वच्छ हाथों से होने वाले विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने स्वरचित निबंध, लेख, कविता और लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसके साथ ही, 101 बंदियों ने सही तरीके से हाथ धोकर “हाथों को स्वच्छ रखने” का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का संयोजन एवं मंच संचालन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि, “रोजमर्रा के जीवन में जाने-अनजाने हमारे हाथ कई वस्तुओं एवं व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं, जिससे वे अदृश्य रोगाणुओं से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए, विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव हेतु समय-समय पर सही तरीके से हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है।” इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर, उप जेल अधीक्षक श्री मदन कमलेश, सहायक जेल अधीक्षक श्री प्रशांत चौहान, और अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को हाथ धोने के महत्व के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल बंदियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास था, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी दी।

इंदौर शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा, राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े

 इंदौर  इंदौर शहर में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है और गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक कारिडोर बनाया जा चुका है। इसी बीच शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र को कवर कर सात रूट बनाए गए हैं। यह रूट 60.12 किमी क्षेत्र को कवर करेंगे। प्रत्येक किलोमीटर की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले फेस में 2.5 किमी हिस्से में निर्माण करने का प्रस्ताव है। इस हिस्से में केबल कार का रूट बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। शहर के केबल कार चलाने के लिए प्रारंभिक सर्वे में सात रूट बनाए गए हैं। इनमें से प्राथमिकता वाले रूट का चयन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में होगा। इसके बाद एजेंसी डिटेल रिपोर्ट तैयार करेंगी। शहर में केबल कार चलाने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करना होगी। आइडीए के सीईओ आरपी अहिरवार का कहना है कि अभी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हुई है। जल्द ही बैठक कर फाइनल रूट तय किया जाएगा। इसके बाद कंपनी कंपनी फाइनल रिपोर्ट बनाएगी। 1.3 किमी पर बनेगा स्टेशन मेट्रो की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रत्येक 1.3 किमी पर स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। 60 किमी लंबे सात रूट पर 41 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव कंपनी ने रखा है। प्रत्येक रूट के एक किमी हिस्से में बफर जोन रहेगा। फाइनल रूट तय होने के बाद अलग-अलग रूट में काम किया जाएगा। ताकि शहर में यातायात की परेशानी की समस्या उत्पन्न न हो। राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े प्रारंभिक सर्वे में जो रूट तय किए गए है, उसमें तीन रूट ही राजवाड़ा से जुड़े हैं। जबकि अन्य चार रूट बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए है। लाइन वन चंदशेखर चौराहा से शिवाजी वाटिका तक जा रही है। इसमें गुरुद्वारा पर स्टेशन प्रस्तावित है। जबकि लाइन-2 राजवाड़ा से सुपर कॉरिडोर तक बनेगी, इसमें राजवाड़ा पर स्टेशन प्रस्तावित है। लाइन-7 जो रामचंद्र नगर से पलासिया दरगाह तक बनेगी इसमें राजवाड़ा चौक पर स्टेशन प्रस्तावित है। यह हैं सात रूट     लाइन-1 – चंद्रशेखर आजाद चौराहा से मालगंज, जवाहर मार्ग गुरुद्वारा, सरवटे बस स्टेशन से शिवाजी वाटिका चौराहा तक।     लाइन-2 – जवाहर मार्ग गुरुद्वारा से राजवाड़ा चौक, मरीमाता, टिगरिया बादशाह से सुपर कारिडोर तक।     लाइन-3 – खालसा चौक से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, मरीमाता, किला मैदान होते हुए रामचंद्र नगर तक।     लाइन-4 – खालसा चौक से विजय नगर, शिवाजी वाटिका, टावर चौराहा, आइटी पार्क, पालदा होते हुए बायपास तक।     लाइन-5 – भीम नगर से चाणक्यपुरी, दशहरा मैदान, लुनियापुरा, सरवटे बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक।     लाइन-6 – रेलवे स्टेशन से मालवा मिल, पाटनीपुरा, बापट चौराहा से खालसा चौक निरंजनपुर तक।     लाइन-7 – रामचंद्र नगर से बड़ा गणपति, राजवाड़ा चौक, रेलवे स्टेशन से पलासिया दरगाह तक।  

देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जाएगी, मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी

भोपाल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे द्वारा पेश की गयी एक अल्ट्रामॉर्डन और कंफर्टेबल ट्रेन है जो लंबी दूरी की यात्रा को सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से जल्द शुरू होने वाली है। इसकी सौगात मध्यप्रदेश वासियों को भी मिल रही है। जानकारी के मुताबिक पहली वंदे भारत स्लीपर का कॉमर्शियल रन आने वाले समय यानि दिसंबर तक शुरू हो जाएगा। देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जा सकती है। स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। रेलवे बोर्ड ने इसका रूट भी लगभग फाइनल कर लिया है। कितना होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) पहले ही बता चुके है कि वंदे भारत स्लीपर का किराया देश में राजधानी एक्सप्रेस के किराए के बराबर होने वाला है। अर्थात् फर्स्ट एसी में लगभग 2100 रुपये , सेकंड एसी में लगभग 1695 रुपये, थर्ड एससी में लगभग 1270 रुपये किराया रहेगा। एमपी से चल रही है ये वंदे भारत एक्सप्रेस -रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामउद्दीन वंदे भारत ट्रेन (अप्रैल 2023 से शुरू) । इसमें 16 कोच हैं। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में 14 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच हैं। -हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (मार्च 2024 से)यह ट्रेन झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर में रुकती है। -रानी कमलापति स्टेशन से जबलपुर और इंदौर के लिए दो ट्रेनें (जून 2023 से शुरू)। नागपुर और रीवा तक एक्सटेंड किया गया।

जब सभी सामाजिक वानिकी वन वृत का प्रभार सीसीएफ-सीएफ को तो सागर का प्रभार डीएफओ को क्यों…?

When CCF-CF is in charge of all social forestry forests then why is DFO in charge of Sagar? भोपाल। वन विभाग में जंगल राज कायम है। शायद यही वजह है कि परंपरा और क्राइटेरिया को तोड़-मरोड़कर पोस्टिंग और तबादले किए जा रहे हैं। पिछले दिनों वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन एक के विवेक जैन ने परंपरा और प्रशासनिक मापदंड को दरकिनार करते हुए एक डीएफओ स्तर के WPO ( वर्किंग प्लान अफसर) को सामाजिक वानिकी वन वृत्त सागर को प्रभार सौंप दिया है। प्रशासनिक मापदंड के अनुसार कैडर में यह पद सीसीएफ अथवा सीएफ को दिया जा सकता है। जबकि सिवनी की तरह ही सागर सामाजिक वन वृत का सीसीएफ को दिया जा सकता था। चेहरा देखकर की गई पोस्टिंग को लेकर पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह का कहना है कि हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पोस्टिंग में हो रही नियमों की अनदेखी की और उनका ध्यान आकृष्ट कराएंगे। डब्बलूपीओ ( वर्किंग प्लान ऑफिसर) एवं डीएफओ देवांशु शेखर को कैडर के विरुद्ध सामाजिक वानिकी वन वृत्त का प्रभाव दिए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि देवांशु शेखर के अलावा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह को वर्किंग प्लान खंडवा, डीएफओ डॉ किरण बिसेन को वर्किंग प्लान उज्जैन, डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा वर्किंग प्लान शिवपुरी, डीएफओ अनुराग कुमार वर्किंग प्लान रीवा और डीएफओ सुश्री संध्या को वर्किंग प्लान बालाघाट के पद पर पदस्थ किया गया। इनमें से किसी को भी सामाजिक वन वृत्त का अतीक प्रभार नहीं दिया गया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक कैडर के अनुसार सामाजिक वन वृत्त खंडवा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, रीवा, सागर, जबलपुर, और सिवनी में सीसीएफ अथवा सीएफ के पद रिक्त है। सामाजिक वन वृत्त बैतूल में वर्किंग प्लान ऑफिसर वन संरक्षक पीएन मिश्रा और वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव को सामाजिक इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं डीएफओ देवांशु शेखर इकलौते ऐसे अफसर हैं, जिन्हें पीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन ने सागर सामाजिक वन वृत का प्रभार देकर उपकृत किया है। इन बिंदुओं पर जांच होनी चाहिए। सामाजिक वानिकी वन वृत में रिक्त पद रिक्त पद किसे प्रभाररीवा राजेश राय cfजबलपुर कमल अरोरा cfखंडवा रमेश गनावा cfइंदौर आदर्श श्रीवास्तव cfबैतूल पीएन मिश्रा cfसिवनी एसएस उद्दे ccfरतलाम एमएस बघेल cfसागर देवांशु शेखर DYCF

19 उपचुनाव सीटों की तारीखों की घोषणा: ECI आज 3:30 बजे कर सकता है

Announcement of dates of 19 by-election seats: ECI may announce today at 3:30 pm यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 19 सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. इसमें यूपी से 10, राजस्थान से सात और एमपी की 2 सीटें हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान की कुल 19 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी कर सकता है. निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी की घोषणा के लिए दिल्ली में दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने वाला है. यूपी में करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर समेत प्रदेश की कुल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. वहीं राजस्थान में खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटें खाली हैं. इसके अलावा एमपी में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने हैं. इन 19 सीटों के अलावा निर्वाचन आयोग तीन लोकसभा और कम से कम अन्य 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं. लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है. बात महाराष्ट्र विधानसभा की करें तो उसका कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है. दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन में प्रेस वार्तामहाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मंगलवार को चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान करेगा.भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बताया कि आज दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित की जाएगी.

राशिफल मंगलवार 15 अक्टूबर 2024

मेष राशि:आपके द्वारा लिए गए निर्णय बड़ा लाभ देंगे। पुराने रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। धन लाभ हो सकता है। लोगों का उधार भी चुकाएंगे। घर में खुशीनूमा माहौल रहेगा। आपके ऊपर मुकदमा थोपा जा सकता है, सोच समझकर चलें। कार्य की अधिकता रहेगी। जीवनसाथी के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य ही रहेगा। वृषभ राशि :आज वृषभ राशि वालों को संपत्ति के व्यापार आदि से लाभ होगा। यह सफलता का सप्ताह है, जो चाहेंगे वही कार्य पूरा होने के योग हैं। आपको साझेदार से फायदा होगा। रोजमर्रा के काम फायदा देने वाले होंगे। मन में उधेड़बुन चलती रहेगी। पारिवारिक समस्याओं के समाधान का मौका मिलेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्याओं का सहयोग मिलेगा। आपको आर्थिक लाभ होने की आशा है। आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। यह दिन आपके लिए शुभ रहेगा। बीमारी आदि का पता चलेगा लेकिन जल्द ही छुटकारा पा लेंगे। कोई नई योजना बनेगी, जो भविष्य में लाभप्रद रहेगी। जीवन के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहे हैं। निजी और व्यवसायिक जीवन में तरक्की करेंगे। बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय है। अपने प्रोफेशनल लाइफ के बारे में माता-पिता से बात करने का सही समय। कर्क राशि :कर्क राशि वालों को आज किसी चिंता से मुक्ति मिल सकती है। आपकी आर्थिक स्थिति में बदलाव हो सकते हैं। किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति वैसे तो ठीक रहेगी, लेकिन कोई भी कार्य बेहद संभल कर करें। आप भू-संपत्ति का सौदा कर सकते हैं। खरीद-बिक्री में आपको लाभ हो सकता है। जीवन में आने वाली किसी भी चुनौती को अच्छे से संभालेंगे। सिंह राशि: सिंह राशि वाले आज पैसों का लेन-देन सोच-समझकर ही करें। पैसा न फंसाएं तो ही आप फायदे में रहेंगे। सावधान रहने की सख्त जरूरत है। कोई नया काम शुरू करने से पहले सावधान रहें। परेशानियां सामने आ सकती हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है। विद्यार्थी हैं तो आपको खेलकूद में बड़ी सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। कन्या राशि :कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। कोई शुभ समाचार मिलेगा। प्रियजनों के साथ आपके संबंध सुधरेंगे। निजी जीवन में छोटे-मोटे बदलाव संभव हैं जो आपके करियर को प्रभावित कर सकते हैं। आप खुद को मोटिवेटेड रखें। कोई नई नौकरी खोजनी पड़ सकती है। जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। तुला राशि:तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। मेहनत पूरी होगी लेकिन फल उसके अनुसार नहीं मिलेगा। आज के दिन सभी कार्य शांति और धैर्य से करें। हालांकि कोई पुरान रुके हुए काम पूरे होंगे। व्यापार में लाभ होगा। कोई भी कार्य आप जल्दबाजी में न करें। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएं। अपने निजी जीवन पर ध्यान दें और जरूरत हो तो जीवनशैली में बदलाव करें। इससे आपको प्रोफेशनल लाइफ में भी तरक्की मिलेगी। मानसिक शांति पर ध्यान देना जरूरी है। वृश्चिक राशि:वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा कहा जा सकता है। आपके सपनों के पूरे होने का समय आ गया है। पारिवारिक मामलों में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी। भाई–बहन से सपोर्ट मिलेगा। अपने काम पर ध्यान देने की जरूरत है। नई नौकरी पाने के लिए शुभ समय। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। इस समय किया गया निवेश आपको भविष्य में अच्छा लाभ देगा। धनु राशि: धनु राशि वाले आज कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न करें, नुकसान हो सकता है। कहीं बाहर घूमने जाना हो सकता है। व्यापार में नए लोगों से मुलाकात होगी। कोई शुभ समाचार मिल सकते हैं। छात्र हैं तो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की संभावना है। जीवन के प्रति आशावादी बने रहें। कुछ निजी और व्यवसायिक मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मकर राशि: मकर राशि वालों को आज के दिन सावधान रहने की खास जरुरत है। नकरात्मक विचार परेशान कर सकते हैं। संचित धन में कमी आए सकती है और धन की समस्या भी हो सकती है। आपको अपने करियर और काम के बारे में एनालिसिस करने का समय है। यदि इसमें आपको मानसिक शांति नहीं मिलती तो इसे छोड़ देना चाहिए। प्रॉपर्टी से संबंधित किसी भी मसले पर परिवार के सदस्यों से बात करना जरूरी है। प्रियजनों के साथ अधिक समय बिताएं। कुंभ राशि:कुंभ राशि वालों को भूमि और प्रॉपर्टी के कामों से धन लाभ होगा। नई योजनाएं बनेंगी लेकिन पूर्ण नहीं हो पाएंगी। हालांकि यह दिन आपके लिए अच्छा है। अधिकारियों से संबंध बेहतर होंगे। आज का दिन कारोबार के लिहाज से अच्छा है लेकिन लेनदेन में सावधानी बरतने की जरूरत है। दापंत्य जीवन सुखमय रहेगा। संतान पक्ष से भी शुभ फल की प्राप्ति होगी। मीन राशि:मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य कहा जा सकता है। निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। सही मौके का इंतजार करना चाहिए। किसी भी विवादों और झगड़ों से बचने के लिए अपने निजी जीवन में शांत रहें। आज आप व्यस्त रहेंगे। करियर में पॉजिटिव दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे। परिवार के साथ समय व्यतीत करें। सकारात्मक बने रहें और अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत बनाए रखें। जल्द ही आपको पॉजिटिव रिजल्ट दिखेगा। अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का समय है।

राइजिंग राजस्थान शहरी क्षेत्र प्री-समिट में 76 हजार 400 करोड़ रुपये के नए निवेश एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

जयपुर निवेश के लिहाज से राजस्थान देश का सबसे मुफीद और संभावनाओं से लबरेज राज्य है। यह कहना है नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह का। राजस्थान ने आज जयपुर में ‘राइजिंग राजस्थान’ शहरी क्षेत्र प्री-समिट में 400 से अधिक निवेशकों के साथ 76 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश एमओयू पर हस्ताक्षर किए। शहरी विकास एवं आवास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत की गरिमामयी उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। रियल एस्टेट, डेटा सेंटर और आईटी पार्क, टाउनशिप और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण के क्षेत्रों में हस्ताक्षरित निवेश एमओयू राज्य में सतत शहरीकरण, किफायती और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे। आज निवेश करारों पर हस्ताक्षर करने वाली प्रमुख कंपनियों में हीरानंदानी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, के रहेजा कॉर्प, कस्तूरी ग्रुप और विराज ग्रुप शामिल हैं। राइजिंग राजस्थान से पहले आयोजित प्री इन्वेस्टमेंट समिट को संबोधित करते हुए शहरी विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा, “ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार अगले पांच वर्षों में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के आकार को मौजूदा 180 बिलियन डॉलर से दोगुना करके 350 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की लगभग 26% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है और राजस्थान के सभी जिले महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जा रहे हैं। इसलिए, शहरी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और सुदृढ़ीकरण, बसों और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और किफायती आवास में परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।” ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के महत्व के बारे में बात करते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा, “ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान सम्मेलन की मेजबानी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राइजिंग राजस्थान के तहत हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों को अगले 2-3 वर्षों में जमीन पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ईज़ आफ़ डूइंग बिज़नेस को प्रोत्साहित करने, फाइल-प्रोसेसिंग समय को कम करने और उद्योगों के विस्तार और स्थापना के लिए विकेन्द्रीकृत-स्तर के निर्णय लेने को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।” प्री-समिट इवेंट में निवेशकों के सामने प्रेजेंटेशन देते हुए शहरी विकास और आवास विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया ने कहा, “राजस्थान राज्य में देश में सबसे अधिक भूमि है, जो बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की घोषणा से राज्य की पानी की जरूरतों को भी कम किया जा रहा है। राज्य निवेशक-अनुकूल नीतियों जैसे कि किफायती आवास नीति और समान टाउनशिप नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सतत शहरीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री खर्रा ने इस अवसर पर शहरी विकास और आवास विभाग के नए विकास प्रोत्साहन और नियंत्रण विनियमों का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में ‘भविष्य के लिए तैयार शहरों के लिए स्मार्ट बुनियादी ढांचे का निर्माण’ पर एक पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया था, जिसमें आवास, स्मार्ट शहरों, शहरी नियोजन के लिए आईटी समाधान, सतत शहरों, शहरी गतिशीलता, सार्वजनिक परिवहन, औद्योगिक टाउनशिप जैसे क्षेत्रों पर समृद्ध चर्चा हुई। यूडीएच विभाग के प्री-समिट से पहले, राजस्थान सरकार ने 08 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति में अपने पर्यटन विभाग का प्री-समिट आयोजित किया। निवेशकों तक व्यापक पहुंच के परिणामस्वरूप राजस्थान सरकार को 12.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) प्राप्त हुए हैं (आज के प्री-समिट में हस्ताक्षरित एमओयू को छोड़कर), जो राज्य के प्रयासों में निवेशक और व्यापार समुदाय के दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों में राजेश यादव, प्रमुख सचिव, स्थानीय स्वशासन, राजस्थान सरकार, डीएलबी निदेशक कुमार पाल गौतम, आनंदी आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान सरकार, डॉ. रश्मि शर्मा, आयुक्त, आवास बोर्ड, राजस्थान सरकार और राजस्थान सरकार के अन्य अधिकारी शामिल थे।

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