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CWG 2026: भारत को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बड़ा झटका, क्रिकेट-बैडमिंटन, हॉकी-शूटिंग इन खेलों से बाहर

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक संभावनाओं को करारा झटका देते हुए मेजबान शहर ग्लासगो ने क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेलों को 2026 संस्करण से हटा दिया है। ग्लासगो ने बजट के अनुकूल खेलों को 2026 में होने वाले खेलों के लिए चुना है और इसकी लिस्ट भी बनाई है। बजट को सीमित करने और लॉजिस्टिक्स को व्यवस्थित करने के लिए टेबल टेनिस, स्क्वैश और ट्रायथलॉन को भी हटा दिया गया है। ग्लासगोमें केवल चार स्थान ही पूरे खेलों की मेजबानी करेंगे। 2022 बर्मिंघम संस्करण की तुलना में खेलों में आयोजनों की कुल संख्या नौ कम होगी। 2026 में होना है ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल राष्ट्रमंडल खेलों के 23वें संस्करण की शुरुआत 2026 में 23 जुलाई से होगी और यह दो अगस्त तक चलेगा। 2014 में ग्लासगो में ही राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था। 12 साल बाद मेजबान के रूप में ग्लासगो की वापसी कई परेशानियां लेकर आई हैं। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने एक बयान में कहा- खेल कार्यक्रम में एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), तैराकी और पैरा तैराकी, कलात्मक जिमनास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और पैरा बाउल्स, और 3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल होंगे। खेल चार स्थानों पर होंगे – स्कॉट्सटाउन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर, एमिरेट्स एरेना- जिसमें सर क्रिस होय वेलोड्रोम और स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) शामिल हैं। एथलीटों और सहायक कर्मचारियों को होटल आवास में रखा जाएगा।’ भारत की पदक की संभावनाओं को झटका यह रोस्टर भारत की पदक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले संस्करण में देश के अधिकांश पदक हटाए गए खेलों से आए थे। चार साल पहले लॉजिस्टिक्स के कारण बर्मिंघम कार्यक्रम से हटा दिए जाने के बाद शूटिंग की वापसी की कभी उम्मीद नहीं थी। ग्लासगो कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने कहा, ‘ग्लासगो 2026 में आठ मील के गलियारे के भीतर चार स्थानों पर केंद्रित 10-खेल कार्यक्रम होगा।’ इसने शूटिंग को रोस्टर से बाहर कर दिया क्योंकि बैरी बुडन सेंटर (2014 सीडब्ल्यूजी के दौरान शूटिंग की मेजबानी) ग्लासगो से 100 किमी से ज्यादा दूर है। कुश्ती स्थल ग्लासगो ग्लासगो ग्रीन और स्कॉटिश प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र, जिसने 2014 में हॉकी और कुश्ती की मेजबानी की थी, को आयोजन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जबकि सर क्रिस होय वेलोड्रोम, जहां उस साल बैडमिंटन आयोजित किया गया था, इस बार केवल साइकिलिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। लागत के अलावा, हॉकी को बाहर करने का कारण यह भी हो सकता है कि खेलों का आयोजन विश्व कप के करीब किया जा रहा है जो दो सप्ताह बाद 15 से 30 अगस्त तक वावरे, बेल्जियम और अम्स्टेलवीन, नीदरलैंड में निर्धारित है। ऑस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया 2026 संस्करण का मूल मेजबान था, लेकिन बढ़ती लागत के कारण पिछले साल उसने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद स्कॉटलैंड ने खेलों को बचाने के लिए कदम बढ़ाया। हॉकी का बाहर होना झटका खेलों से हॉकी का बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका होगा। पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं, जबकि महिलाओं ने भी चमक बिखेरी है और 2002 के खेलों में एक ऐतिहासिक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने प्रभावशाली 31 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य शामिल हैं। खासतौर पर देश को 2026 संस्करण में पुरुष और महिला एकल के साथ-साथ पुरुष युगल में गत चैंपियन के रूप में प्रवेश करना था। निशानेबाजी भारत के लिए एक मजबूत पदक की उम्मीद थी, जिसके नाम पर चौंका देने वाले 135 पदक थे। गिनती में 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल थे। कुश्ती प्रतियोगिता में देश को 114 पदक मिले हैं, जिनमें 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं। 2022 में क्रिकेट को जोड़ा गया था 2022 में क्रिकेट की इन खेलों में दोबारा शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता था। पैरा-एथलीट 2002 मैनचेस्टर संस्करण से खेलों का हिस्सा रहे हैं और 2026 संस्करण में भी बने रहेंगे। सीजीएफ ने कहा, ‘पैरा खेल को एक बार फिर खेलों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता और अंतर के बिंदु के रूप में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिसमें छह पैरा खेलों को खेल कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।’ सीजीएफ ने कहा कि खेलों से शहर में 100 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश आएगा और इस क्षेत्र के लिए 150 मिलियन पाउंड से अधिक का आर्थिक मूल्य जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। संस्था ने दावा किया कि यह सब एक ऐसे मॉडल की बदौलत संभव होगा जिसे विशेष रूप से खेलों के आयोजन के लिए सार्वजनिक धन की आवश्यकता नहीं होने के लिए डिजाइन किया गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की सीईओ केटी सैडलेयर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा- 2026 के खेल कल के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक पुल होंगे। भविष्य के लिए खेलों को वास्तव में सहयोगी, लचीले और टिकाऊ मॉडल के रूप में रीसेट और फिर से परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक रोमांचक पहला कदम जो लागत को कम करता है। यह पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करता है और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है।’  

ग्वालियर में बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपहरण, पड़ोसी की नजर पड़ी तो दबोचा

ग्वालियर घटना लोहिया बाजार में देर रात की है। बताया गया कि लोहिया बाजार में पीपल वाली गली थोराट की गोठ में रहने वाले टैक्सी ऑपरेटर की तीन साल की बच्ची रात को दरवाजे पर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई। जब उसकी खोजबीन शुरू हुई तो बच्ची के घर के पड़ोस में स्थित दुकान पर बैठे कल्लू ने बताया कि उसने बच्ची को थोड़ी देर पहले पास में ही स्थित किराने की दुकान पर देखा था। कल्लू को सन्देह भी हुआ था तो उसने पूछताछ भी की थी। युवक बच्ची को किराना दुकान से टॉफी दिला रहा था। इस पर कल्लू ने उसे टोका तो युवक ने बच्ची को टॉफी दिलाकर घर छोड़ने की बात कही थी। उसके बाद युवक बच्ची को उसके घर की तरफ ले जाते हुए भी गया, लेकिन बाद में चकमा देकर पतली गली से बच्ची को लेकर निकल गया। जब बच्ची की तलाश शुरू हुई तो कल्लू ने युवक का हुलिया बताया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को भी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कल्लू को साथ लेकर युवक आरोपी की तलाश में जुट गए। सूचना जब अफसरों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में दो और टीमों ने सर्चिंग शुरू की। कल्लू और वेदराम की टीम ने आरोपी को बच्ची को ले जाते अस्पताल रोड पर अंधेरे में दबोच लिया। आरोपी ने अपना नाम राधे उर्फ सचिन पुत्र ओम प्रकाश निवासी नाका चंद्रवदनी बताया। आरोपी पल्लेदारी का काम करता है।

मास्टरमाइंड से पिस्टल बरामद, छत्तीसगढ़-सूरजपुर में तालिब शेख की पत्नी-बेटी की हत्या के आरोपियों को फांसी की मांग

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या के आरोपियों को मौत की सजा की मांग की जा रही है। रविवार को सूरजपुर में प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के पुतलों को फांसी दी गई। वहीं पुलिस ने मास्टरमाइंड कुलदीप साहू से पिस्टल बरामद कर लिया है। कुलदीप साहू ने डबल मर्डर से एक दिन पूर्व आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर जानलेवा हमला कर गर्म तेल डाल फरार हो रहा था इसी दौरान भागते वक्त पुलिस पर पिस्टल से 8 राउंड फायरिंग की थी। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इतना ही नही अफसरों की माने तो जल्द ही कुलदीप के द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए इमारत को बुलडोजर से गिरने की तैयारी भी कर रही है। उक्त घर को ढहाने के पश्चात उसमे पार्क बनाने की तैयारी नगर पालिका कर रही है। वही कुलदीप साहू की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। गुरुवार को पुलिस को तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मिली थी। पुलिस उसकी अतिरिक्त रिमांड नहीं मांगेगी। मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग तालिब शेख की मां मैमूना शमीम और बड़े भाई मोहम्मद आरिफ ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। मां ने कहा कि, इस घटना से हम लोग टूट गए हैं। 15 दिन के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं तालिब के बड़े भाई मोहम्मद आरिफ ने दोनों मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। चाकू से गोदकर की थी हत्या दरअसल 13 अक्टूबर की रात कुलदीप साहू ने दो साथियों NSUI जिलाध्यक्ष सीके चौधरी और रिंकू सिंह के साथ मिलकर हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की चाकुओं से हत्या कर दी थी। उनके शवों को आरोपियों ने कार में डालकर 5 किलोमीटर दूर खेत में फेंक दिया था। आरोपियों का पुतला फांसी पर लटकाया रविवार को संयुक्त पुलिस परिवार ने आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के पुतलों को फांसी दी गई। उक्त मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर 15 दिनों में आरोपियों को फांसी देने की मांग संयुक्त पुलिस परिवार ने की। संयुक्त पुलिस परिवार के संयोजक उज्जवल दीवान के आह्वान पर रविवार को कोतवाली के सामने स्थित पुराने बस स्टैंड परिसर में लोग जुटे थे। विरोध प्रदर्शन में सूरजपुर नगर पालिका अध्यक्ष केके अग्रवाल भी शामिल हुए। हालांकि प्रदर्शन में सूरजपुर पुलिस परिवार के सदस्य शामिल नहीं हुए। इस दौरान केके अग्रवाल ने कहा कि आरोपी कुलदीप के अवैध घर और बाउंड्रीवाल को गिराने नगर पालिका तैयार है। प्रशासन का साथ मिले तो प्रशासन और नगर पालिका उसके अवैध घर को ढहा देगी। उस जगह पर पार्क बनाया जाएगा। पिस्टल व कार की चाबी पुलिस ने की जब्त कुलदीप साहू को हत्या के बाद भागते हुए पुलिस ने रात में पकड़ने की कोशिश की थी। हालांकि तब तक पुलिस को दोहरे हत्याकांड की जानकारी ही नहीं थी। कुलदीप साहू ने विश्रामपुर टीआई अलरिक लकड़ा की टीम पर पिस्टल से फायरिंग की थी। अलरिक लकड़ा ने कुलदीप पर 8 राउंड फायर किया था। पुलिस ने कुलदीप साहू की निशानदेही पर करवां में सहयोगी सूरज साहू के घर के पीछे स्थित केले के पेड़ों में छिपाए गए पिस्टल को बरामद कर लिया है। करवां से ही कुलदीप साहू का मोबाइल और कार की चाबी भी बरामद की गई है। कुलदीप साहू की रिमांड आज समाप्त हो रही है। आरोपी का साला को पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप के साले ग्राम खड़गवां निवासी नीलकेश्वर साहू (26) को भी साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है।

जन्मदिन पर यादव ने दीं शाह को शुभकामनाएं

भोपाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। डॉ यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘मां भारती के परम वैभव के लिए समर्पित एवं संकल्पित, आदरणीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश के विकास, संगठन की सुदृढ़ता एवं जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणादायक है। बाबा महाकाल जी से प्रार्थना है कि आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता प्रदान करें।’  

19 वर्षों से नौकरी कर पाए प्रमोशन, छत्तीसगढ़-कोरिया में ग्रेजुएशन की फर्जी डिग्री से बनी शिक्षिका

कोरिया. कोरिया जिले में एक महिला शिक्षिका प्रमोशन पाने के लिए ऐसे अंकसूची का इस्तेमाल की जो फर्जी है। हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार करने वाली संस्था हिंदी साहित्य सम्मेलन से ग्रेजुएशन का प्रचारपहले शिक्षाकर्मी वर्ग 3 से वर्ग दो बनी महिला शिक्षिका का है जिसके द्वारा हिंदी साहित्य सम्मेलन नामक संस्था इलाहाबाद की फर्जी अंकसूची लगाकर आज दिनांक तक सरकारी खजाने को चूना लगा कर मजे से लाभ लिया जा रहा है। यहां हम बात कर रहे हैं वर्तमान में विकासखंड सोनहत के पूर्व माध्यमिक शाला कैलाशपुर की प्रधानपठिका रेशमा पांडे की जिनकी प्रथम नियुक्ति 30/09/1998 को मध्य प्रदेश शिक्षाकर्मी भर्ती तथा सेवा भर्ती नियम 1997 के वर्णित दिशा एवं निर्देशों के अनुसार हुई थी यहां तक तो सब ठीक था लेकिन लगभग 8 साल बाद शिक्षिका ने अपना दिमाग चलाते हुए हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद नामक संस्था फर्जी संस्था फर्जी हम इसलिए कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में अभी तक इस संस्था का कोई भी पंजीकरण नहीं है और गूगल से मिली जानकारी के अनुसार इस संस्था को सिर्फ हिंदी भाषा का प्रचार प्रचार करने का अधिकार था नाटक ना कि स्नातक की उपाधि देने का की अंक सूची बनवाकर इनके द्वारा शिक्षाकर्मी वर्ग 2 में पदोन्नति का लाभ दिनांक 30.7.2006 को ले लिया गया और आज दिनांक तक प्रधानपठिका बनकर शान से सेवा दे रही है लेकिन प्रशासन की नजर इन पर आज तक नहीं पड़ी ताज्जुब की बात है कि कैसे तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना उक्त अंक सूची की जांच किए, बिना उसके सत्यापित हुए उक्त अंक सूची के आधार पर शिक्षिका को पदोन्नति दे दी जाहिर सी बात है इसमें मोटी रकम खर्च हुई होगी और महोदिया शिक्षा कर्मी वर्ग 2 बन गई और आज प्रधानपठिका बनी बैठी है। अब देखना है कि प्रशासन ये मामला सामने आने के बाद  कोई कार्यवाही करता है अथवा इसी तरह मुकदर्शक बना रहता है और अपने सरकारी खजाने से ऐसे भ्रष्ट लोगों को लाभ देता रहता है हमें ये सारी जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत शिक्षा विभाग से ही प्राप्त हुई है। अब देखना है शिक्षा विभाग अपने ही कागजों को झूठलाता है अथवा कोई कड़ी कार्यवाही कर ऐसे भ्रष्ट लोगों को कड़ा संदेश देता है। हमारे पास मामला नहीं आया – अभी तक हमारे पास मामला नहीं आया है हमारे पास लिखित में शिकायत आने दीजिए हम इस पर जांच कर उचित और वैधानिक कार्रवाई जरूर करेंगे। – जितेंद्र गुप्ता, डीईओ कोरिया

आंधी और बारिश ने मचाई तबाही, राजस्थान-भरतपुर में जसवंत मेला प्रदर्शनी के टेंट और झूले उखड़े

भरतपुर. भरतपुर में सोमवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब 30 मिनट तक तेज आंधी और बारिश ने जसवंत मेला प्रदर्शनी में जमकर तबाही मचाई। मेले में एक बड़ा झूला दूसरे झूले के ऊपर गिर गया। करीब 50 दुकानों का टैंट और सामान उड़ गया। तेज हवा से जसवंत मेला प्रदर्शनी में काफी नुकसान हुआ है। व्यापारी अभी तक नुकसान का अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। बारिश करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई। सुबह से जिलेभर में धूप निकल रही थी। करीब एक बजे अचानक मौसम बदला और घने बादल छा गए। देखते-देखते तेज आंधी चलने लगी। उसके बाद बारिश शुरू हो गई। हवा के बाद बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई। बारिश के साथ चली तेज हवा ने जसवंत मेला प्रदर्शनी में जमकर तबाही मचाई। मेले में लगा गोल झूला नाव वाले झूले पर गिर गया। करीब 50 दुकानों का टेंट और खुले में रखा सामान हवा में उड़ गया। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। व्यापारी इस तबाही से काफी सदमे में हैं। व्यापारी नुकसान का हिसाब भी नहीं लगा पा रहे। मेले में सर्कस का टेंट उड़ गया। दुकानों की बल्लियां उखड़ गईं। मेले में लगे सीसीटीवी कैमरे टूट गए। इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खरीफ की फसल पूरी तरह से कट चुकी है। अब रवि की फसल बुवाई का समय है। जिन किसानों ने सरसों और गेहूं की फसल बो दी है। उन किसानों के खेतों में पानी भरने के कारण फसल खत्म हो सकती है और, जिन किसानों ने फसल नहीं बोई है। उन किसानों को पानी सूखने तक का इंतजार करना पड़ेगा।

खेत में पानी देते समय लगा करंट, छत्तीसगढ़-बलरामपुर रामानुजगंज में पंचायत सचिव संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की मौत

बलरामपुर रामानुजगंज. बलरामपुर रामानुजगंज पंचायत सचिव संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम रूप मरकाम कल अपने गृह ग्राम पशुपतिपुर में खेत में पानी पटाने के दौरान करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका आज इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके आकस्मिक निधन पर पंचायत सचिव संघ ने दुख व्यक्त किया। मिली जानकारी के अनुसार राम रूप मरकाम अपने गृह ग्राम पशुपति पूर्व में रविवार के दोपहर खेत मे पानी पटा रहे थे इसी दौरान करंट की चपेट में आ गया जिसके बाद उन्हें वाड्रफ नगर अस्पताल ले जाया गया जहां आज इलाज के दौरान आज उनकी सुबह 9 बजे के करीब मृत्यु हो गई। पंचायत सचिव राम रूप मरकाम पंचायत सचिव के हक के जनपद स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक लड़ाई लड़ी थी।सौम्य स्वभाव,मिलनसार एवं पंचायत सचिव के हक के लिए हमेशा आवाज बुलंद करने वाले राम रूप मरकाम के आकस्मिक निधन की खबर खेलते ही पूरे प्रदेश के पंचायत सचिवों में शोक की लहर दौड़ गई।

कार्यक्रम में टकराने पर केस दर्ज, राजस्थान-अलवर में विधायक के बेटे और पूर्व एमएलए के समर्थकों में झड़प

अलवर. बहरोड़ के मांडण क्षेत्र में बहरोड़ के विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव के बेटे मोहित यादव और पूर्व विधायक बलजीत यादव के समर्थकों में झड़प हो गई। मामले की सूचना लगते ही मांडण पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी में सामने आया है कि दोनों ही क्षेत्र में एक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। मांढन में दोनों की गाड़ियों का आमना-सामना हुआ। बलजीत यादव के चालक ने मोहित यादव की गाड़ी को टक्कर मार दी, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया। दोनों नेताओं के समर्थकों में मारपीट हो गई। उसके बाद मांडन पुलिस थाने में बीजेपी नेता मोहित यादव पहुंचे और मामला दर्ज कराने के लिए एफआईआर दर्ज कराई। बहरोड़ के वर्तमान विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव पर बलजीत यादव के विधायक रहने के दौरान अभद्र टिप्पणी और जसवंत सिंह यादव के बेटे पर जानलेवा हमला करवाने की रंजिश चली आ रही है। करीब तीन साल पहले बर्दोद के बाद बहरोड़ के पूर्व विद्यायक बलजीत यादव ने अपने समर्थकों से मोहित यादव पर जानलेवा हमला करवाया था, जिसके बाद बहरोड़ की राजनीति गरमा गई थी। रविवार की शाम को दोनों ही नेताओं के समर्थक आमने- सामने हो जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। मांडन थाना प्रभारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि रविवार शाम को बहरोड़ के भाजपा नेता मोहित यादव और पूर्व विधायक बलजीत के समर्थकों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी। मौके पहुंच कर मामले की जानकारी ली। साथ ही घटना के दौरान मारपीट करने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया है। पूरा मामला क्या है ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक, मयाली नेचर कैंप का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प

रायपुर प्रकृति की गोद से सरगुजा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित है, जिसमें शामिल होने खड़सा व्यू प्वाइंट पहुंचने पर मुख्यमंत्री साय एवं सभी अतिथियों का कर्मा नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढांक एवं नगाड़े की धुनों के बीच परम्परागत बांस की टोपी और डुंबर के फल और आम की पत्तियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मयाली डैम में बोट से सभी अतिथियों के साथ मयाली नेचर कैंप की खूबसूरती को निहारते हुए बैठक स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बैठक में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गोमती साय, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, राम प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, कमिश्नर जीआर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, एसपी शशिमोहन सिंह भी पहुंचे हैं. पर्यटन स्थल मयाली का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प नेचर कैंप से एक ओर डैम की खूबसूरती तो दूसरी ओर विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का विहंगम दृश्य और दिखाई पड़ता है। चारों ओर फैली हरियाली इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। मयाली नेचर कैंप को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। मयाली नेचर कैंप- प्रकृति का अनुपम उपहार जशपुर की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित है प्रकृति का अनुपम उपहार मयाली। यहां मयाली नेचर कैंप जिले के कुनकुरी ब्लॉक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे के करीब स्थित है। डेम के किनारे, हरियाली से भरे हुए प्राकृतिक स्थल पर परिवार के साथ भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। वीकेंड के दिनों में मयाली में लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। मयाली नेचर कैंप में बोटिंग की भी सुविधा है।

राजधानी के रिवेरा टाउन फेस-2 में पूर्व विधायक सविता दीवान के घर चोरी हो गई

 भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी के रिवेरा टाउन फेस-2 में पूर्व विधायक सविता दीवान के घर चोरी हो गई। वह अपने परिवार के साथ मनाली घूमने गई थीं। वापस लौटीं तो उन्हें घर में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये गायब मिले। उन्होंने घर की नौकरानी और उसके स्वजनों पर चोरी करने का संदेह जताया है। पूर्व विधायक की शिकायत पर कमला नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। खेती और मकान निर्माण के थे रुपये कमला नगर थाना पुलिस के अनुसार 58 वर्षीय पूर्व विधायक सविता दीवान अपने परिवार के साथ रिवेरा टाउन फेस-2 में रहती हैं। उनके पति आरडी शर्मा अपने काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। उनका भी निजी काम के चलते नर्मदापुरम जिले में आना-जाना रहता है। उन्होंने घर के काम के लिए कुछ समय पहले तनु शर्मा नामक महिला को रखा था। वह उनके घर खाना बनाने एवं वर्तन धोने का काम करती है। 11 अक्टूबर को वह अपने परिवार के साथ मनाली घूमने गई थीं। इस दौरान घर का ताला बंद करके एक चाबी खुद रखी और दूसरी घर में काम करने वाली तनु शर्मा को दे दी थी। जब वह वापस 19 अक्टूबर को पहुंचे तो उन्हें घर में ब्रीफकेस में रखे डेढ़ लाख रुपये गायब मिले। ये रुपये खेती के और नर्मदापुरम के मकान के निर्माण कार्य के थे। घर में नहीं लगे सीसीटीवी पुलिस का कहना है घर का ताला व कोई दरवाजा टूटा नहीं है। सिर्फ तनु ही घर में काम करने आती थी। ऐसे में संदेह के आधार पर तनु शर्मा, उसकी बहन पलक शर्मा और तनु के पति से पूछताछ की जा रही है है। सविता दीवान के घर में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। पुलिस टाउनशिप के अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। चोरों के निशाने पर पॉश इलाके इस घटना का गंभीर पहलू यह है कि चोरी की यह वारदात जिस सोसायटी में हुई है, वह शहर की सबसे सुरक्षित इलाकों में मानी जाती है। पिछले दिनों वीवीआईपी एरिया चार इमली में भी पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के सरकारी आवास पर चोरी की वारदात हुई थी। ऐसे में चोरों से न तो राजधानी के रिहायशी इलाके सुरक्षित हैं और न ही नेताओं-मंत्रियों के बंगले।

गेवरा खदान में डीजल चोर गिरोह के 11 सदस्य को किया गिरफ्तार, 2030 लीटर डीजल, दो बोलोरो वाहन जब्त

कोरबा गेवरा खदान में डीजल चोर सालिक और अजय के गिरोह पर शिकंजा कसा गया है। गिरोह के 11 लोगों को दीपका थाना पुलिस ने पकड़ा है। जिनके कब्जे से भारी मात्रा में डीजल बरामद किया गया है। एसईसीएल की गेवरा परियोजना खदान से डीजल चोरी की शिकायत पर देर रात मुखबिर की सूचना पर बड़ी डीजल चोरी पकड़ी है। खदान में चोरी करते हुए डीजल चोर सालिक राम और अजय के गिरोह के कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  11 व्यक्तियों ने खदान में खड़े वाहनों और मशीनों से 2659 लीटर डीजल चोरी कर भागने के फिराक में थे। जहां जहां दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू और पूरी टीम ने देर रात खदान में जान जोखिम में डाल छापा मारा। जिन्हें घेराबंदी कर धरदबोचा। जिनके कब्जे से बोलेरो वाहन और भारी मात्रा में डीजल बरामद किया गया है। जिसकी कीमत कुल कीमत 2,48,456 रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा कि दीपका पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग बोलेरो वाहनों में डीजल चोरी कर रहे हैं। जहां दीपका थाना मौके पर पहुंची और सूचना मिलते ही सुरक्षा प्रहरी राकेश कुमार सिंह और सुधीर कुमार के साथ वे मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि डोजर क्रमांक 906, 194, 145 और डम्पर क्रमांक 4137, 95225 के पास डीजल बिखरा हुआ था। पहले घेराबंदी की और फिर उसके बाद आरोपियों को पकड़ा।

दो साल की मासूम से दुष्कर्म पर आक्रोश, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में कैंडल मार्च निकालकर फांसी की मांग

जांजगीर चांपा. जांजगीर चांपा जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र में दो साल की मासूम बच्ची के साथ सौतेले पिता ने दुष्कर्म किया था। जिससे फांसी की सजा देने की मांग करते हुए शहर के नेता जी चौक से कचहरी चौक तक कैंडल मार्च निकाली गई। विधायक व्यास कश्यप भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए। सोमवार की शाम 6.30 बजे नेता जी चौक और कचहरी चौक तक कैंडल मार्च निकाला। गौरतलब है कि सिटी कोतवाली क्षेत्र में एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर झाड़ियों में फेक दिया था। परिजनों ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी और 12 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था। जोकि सौतेला पिता ही मासूम के साथ दुष्कर्म किया था। शहर के लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश था। जिससे लेकर विधायक व्यास कश्यप और बड़ी संख्या में शहर के लोगो ने कैंडल मार्च निकाली और वी फॉर जस्टिस के नारे के साथ पैदल चलकर कचहरी चौक में आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग रखी है।

जब बढ़ानी हो घर की रौनक तब लगाएं ये डिजाइनर पर्दे…

अगर आप अपने घर को खूबसूरत लुक देना चाहती हैं, तो डिजाइनर और कलर्ड पर्दे का इस्तेमाल करें। यह आपके स्टाइल के बारे में भी बहुत कुछ बताते हैं। अगर घर में पर्दे नहीं होंगे तो एक पल में ये बात आपका ध्यान खींच लेगी। इंटीरियर विशेषज्ञ कहते हैं घर की खूबसूरती उसके फोटोजेनिक होने में पर्दों की बड़ी भूमिका होती है। लेकिन पर्दे का यूज करने से पहले कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए, तभी घर को डिफरेंट लुक मिलता है। लेकिन घर के लिए पर्दे लेने से पहले अपनी पसंद और फैब्रिक के साथ डिजाइन का भी ख्याल रखें।   -हर मौसम में अपने घर को नए पर्दों से सजा दें। फिर देखें उसकी रंगत ही अलग नजर आती है। रंगों, टेक्सचर और स्टाइल से एक्सपेरिमेंट करें, ताकि एक ऐसा माहौल पैदा हो जाए जो कैजुअल, शानदार, ट्रेडिशनल  और कलरफुल हो। पर्दे का स्टाइल और कलर कैसा हो, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कमरा किस तरह का है और आपकी पसंद क्या है? आप अपने कमरे को क्या बैकग्राउंड देना चाहती हैं।   -पर्दे हर कलर और डिजाइन में आते हैं। साथ ही ये कई फैब्रिक्स में आते हैं, जैसे कॉटन, लिनेन, वेलवेट और टेप्स्ट्री। -पर्दों को टांगने के लिए भी बहुत सारे विकल्प हैं जैसे रॉड के साथ, सजावटी फिनियल, ऑर्नामेंटल ब्रैकेट, होल्डबैक, टाईबैक आदि। चुना गया विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि आप खिड़कियों को ढंकना चाहते हैं या उन्हें दिखाना भी चाहते हैं, क्योंकि वह आर्किटेक्ट के हिसाब से खिड़कियां खास होती हैं। आप प्राइवेसी चाहते हैं या छोटे कमरे को विजुअली बड़ा बनाना चाहते हैं। अगर आप कमरे के अंदर भी गार्डन को महसूस करना चाहती हैं तो फिर फूलदार छींट, हरी और लाल सिल्क, साटिन या कॉटन ब्लेंड की ओर देखें। मॉडर्न टच के लिए ठोस रंग के न्यूट्रल्स या प्लेन में ज्योमेट्रिक पैटर्न या टेक्सचर्ड शहनील, लिनेन, कॉटन या चमड़े पर फोकस करें। परंपरागत लुक के लिए ब्रोकेड, एंब्रोस, वेलवेट, दमस्क, तफेता आदि का इस्तेमाल करें। -फर्नीचर, खिड़कियों या दीवारों को भी पर्दे से बिल्कुल नयापन हासिल हो जाता है। -ऊर्जा भरे माहौल के लिए आपको चैड़े असमतल स्ट्राइप्स, बड़े अमूर्त पैटर्न या कॉटन में चमकदार ठोस रंग, कैनवस या डेनिम या जमीनी रंग की जरूरत होती है। शांत वातावरण के लिए आप ठोस रंगों या साधारण समतल पैटर्न जो प्लेन या हल्के टेक्सचर्ड फैब्रिक पर हों, का इस्तेमाल करें। धारियों वाली लिनेन, चैक या टेक्सचर्ड कॉटन, सिल्क या सफेद ब्लेंड पेस्टल्स या जमीनी टोन सभी इस बात की पूर्ति कर देंगे। -पर्दे हर कलर और डिजाइन में आते हैं। साथ ही ये कई फैब्रिक्स में आते हैं, जैसे कॉटन, लिनेन, वेलवेट और टेप्स्ट्री। -पर्दे में लाइन का इस्तेमाल ठीक से करें। जब पर्दे को इस तरह इस्तेमाल किया जाता है कि खिड़की का आकार बढ़ा हुआ प्रतीत हो, तो लाइनिंग के प्रयोग से यह नहीं मालूम होगा कि खिड़की कहां खत्म होती है और दीवार कहां शुरू होती है। लाइन के इस्तेमाल का एक बड़ा कारण यह है कि इससे सजावटी फैब्रिक फेड नहीं होते। घर की सभी खिड़कियों पर एक ही रंग का इस्तेमाल करें ताकि बाहर से देखने पर सारी खिड़कियां एक सी लगें। -अगर आप कमरे में अतिरिक्त रोशनी चाहती हैं, तो ट्रैंसोम खिड़की के पर्दों का इस्तेमाल करें। इन दो हिस्सों वाले पर्दों में शीर फैब्रिक ऊपर होता है और प्राइवेसी पैनल नीचे। टैप-टॉप पर्दों में फैब्रिक लूप ऊपर होता है, जिसमें से शेड निकाली जाती है। टैप-टॉप पर्दों में ऊपर टाई फैब्रिक पैनल होता है, जोकि रॉड से बंधे होते हैं। ग्रूमैट-टॉप पैनलों में धातु की आईलेट ऊपर होती है, जिन्हें पर्दों के रिंग के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। टैप-टॉप सबसे आधुनिक, साफ, स्टाइल भरे पर्दे हैं और आजकल के घरों में इन्हीं का इस्तेमाल हो रहा है। -पर्दे को रस्सी या ब्रैकेट या किसी अन्य चीज से बांधा जा सकता है। इसे टाई-बैक कहते हैं, यह पूर्णता का अहसास दिलाते हैं और पर्दे को अतिरिक्त आकार देते हैं। बो-टाई बनाने के लिए रिबन का इस्तेमाल करें। इसमें कुछ क्रिएटिव करने के लिए राफिया या स्ट्रिंग या लेदर या डोरनॉब का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारी पर्दा साधारण रस्सी की टाई-बैक से अच्छा लगने लगता है और पतली कमजोर फैब्रिक का पर्दा अच्छा लगेगा, जब उसे भारी चीज से बांधकर रखेंगी।  

मध्यप्रदेश में1 लाख लोगों को सरकारी नौकरी, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था…

भोपाल मोहन सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में एमपी सरकार ने दिवाली से पहले युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बैठक में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिसंबर 2024 तक प्रदेश में 1 लाख सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सिर्फ 999 रुपए में रीवा से भोपाल के लिए उड़ान भर सकेंगे। बता दें कि हाल ही में नरेंद्र मोदी ने रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है। दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने का फैसला उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आगे कहा कि कैबिनेट की बैठक में दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने के फैसले लिए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के सुझावों पर ही फैसले लिए जाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम ने कहा कि बैठक में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को लेकर भी चर्चा हुई। आयोग नवंबर से पूरे प्रदेश का दौरा करेगा। तहसील, विकासखंड, जिला, संभाग स्तर पर दौरे किए जाएंगे। आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। दूरस्थ क्षेत्रों को नजदीकी जिलों में शामिल करने के सुझाव लिए जाएंगे। फीडबैक लेने का काम चार से छह महीने तक जारी रहेगा। सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला डिप्टी सीएम ने बताया कि शस्त्र पूजन के बाद जिले के प्रभारी मंत्री गोवर्धन पूजा में भी शामिल होंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में निर्देश दिए हैं। सभी मंत्री गौशाला का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। सिंहस्थ अखाड़े और संतों के लिए प्लॉटिंग करके आश्रम बनाए जाएंगे। हर अखाड़े को 5 बीघा जमीन दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक काम पर रोक रहेगी। जमीन पर सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों के लिए काम होगा। कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के फैसले लिए गए। राज्य सरकार के इस फैसले से 12,670 आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 476 पर्यवेक्षक के पद भी भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी 7,900 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पीड़िता को 10 लाख रुपए की सहायता मोहन सरकार ने POCSO के लिए बड़ा फैसला लिया है। अगर 18 साल से कम उम्र की कोई पीड़िता गर्भवती होती है तो सरकार उसकी पहचान कर उसे 10 लाख रुपए की सहायता देगी। इसे राज्य के हर जिले में लागू किया जाएगा। वहीं मोहन कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रिटायरमेंट पर उन्हें सातवां वेतनमान देने का फैसला किया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि 2016 से अब तक रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। एक लाख पदों में स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद शामिल कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, एक लाख पदों को भरने के फैसले में स्वास्थ्य विभाग के भी 7900 पद शामिल हैं। ये पद तीन नए जिलों में जिला अस्पताल खोलने और 454 चिकित्सा संस्थाओं में रिक्त पदों की भर्ती के लिए तय किए गए हैं। डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री यादव के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किए गए फैसले का समर्थन किया गया है। सिंहस्थ के लिए भव्य तैयारियां हो रही हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण रोड, नाली बनाएगा। हर अखाड़े को पांच बीघा जमीन दी जाएगी। जिसमें तीन बीघा में ही निर्माण होगा। 12670 आंगनवाड़ी को मंजूरी, नए पद भी भरेंगे डिप्टी सीएम ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नयन को मंजूरी दी गई है। मिनी आंगनवाड़ी में सहायिका नहीं होती है। इसका उन्नयन होने के बाद अब इन आंगनवाड़ी केंद्रों में 12670 सहायक और 476 सुपरवाइजर के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस पर 213 करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। इसमें 179 करोड़ राज्य सरकार देगी और 34 करोड़ केंद्र सरकार देगी। नवंबर से तेज होगा पुनर्गठन आयोग का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। इसके लिए आम जन व जनप्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। पुनर्गठन आयोग द्वारा आवेदनों पर विचार के बाद राज्य शासन को अनुशंसा की जाएगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को आवेदन तथा अभ्यावेदन के माध्यम से दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभाग में दौरा प्रारंभ करेगा। आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि के आएंगे निवेश डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि रीवा में कल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रहा है। रीवा में सीमेंट, पावर, सोलर एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में वृहद संभावनाएं हैं। रीवा एयरपोर्ट के परिचालन को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। यहां से चलने वाले विमान का प्रति यात्री किराया रेलवे के एसी थ्री-टीयर के किराए से कम है। कॉन्क्लेव के लिए 4 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि, डालमिया ग्रुप समेत सीमेंट ग्रुप के अन्य बड़े उद्योगपति आ रहे हैं, जो यहां निवेश करेंगे। इसके पहले भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव का भी अच्छा रिस्पांस रहा है। यहां 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश आए। MSP पर सोयाबीन खरीदेगी सरकार हाल ही में मोहन सरकार ने MSP पर सोयाबीन खरीदने का फैसला किया था। राज्य में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से शुरू होना है। इसके लिए 3 लाख 44 हजार किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

आज मासुलपानी पंचायत को मिलेगा राष्ट्रीय ‘जल पुरस्कार’, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

रायपुर  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी। गौरतलब है कि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। इसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल हैं। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे। गांव में 90% फीसदी आबादी आदिवसियों की कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं। ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान गांव के लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। गांव में पर्याप्त पानी होने से पलायन रुका: जल संरक्षण का काम मासुलपानी और इसके आसपास के 5 ग्राम पंचायत देवगांव, धौराभांठा, बादल, दबेना और सुरही में भी हुआ है. इन गांव में पहले केवल मानसून में ही किसान एक बार धान की फसल लेते थे. इसके बाद गांव खाली हो जाता था, क्योंकि 75 प्रतिशत परिवार काम की तलाश में पलायन कर ईंट भट्ठा, बोर गाड़ी, राइस मिलों में काम करने चले जाते थे. अब गांव में पर्याप्त पानी होने से गांवों के लोग धान की डबल फसल के साथ सब्जी, दलहन तिलहन, मिलेट्स, मछली और झींगा पालन कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि इन गांव में पलायन तो थम ही गया है, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में इन गांवों से सब्जी और मछली बिकने जा रही है. मासुलपानी पंचायत को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवॉर्ड महिलाओं ने कैसे किया ये कमाल: साल 2014 में सबसे पहले मासुलपानी में जल संरक्षण का काम शुरू हुआ. यहां सफलता मिली तो इसी पैटर्न पर आसपास के भी गांव में जल संरक्षण की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. यहां भी बारिश का पानी गांव से लगी पहाड़ियों से तेजी से बहकर नदी नालों में मिल जाता था. मासुलपानी की तरह सुरही में भी 29 ब्रशवुड, 3 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर तो 2 सीपीटी बनाए गए हैं. देवगांव में पानी रोकने 8 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर, 3 गेबियन, 12 गुल्ली प्लग, एक सीपीटी बनाने के साथ 2 स्टॉपडैम की मरम्मत की गई है. 277 डबरियों के साथ मासुलपानी में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी काम शुरू हुए. मछली पकड़कर महिलाएं बन रही लखपति पानी बचाने गांव के लोगों को किया गया जागरूक: गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की समस्या ना हो इसे लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया. उन्हें पानी के सर्वोत्तम उपयोग के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए तरह तरह के कार्यक्रम चलाए गए. लोगों में जागरूकता आई. गांव में अब भरपूर पानी से ना सिर्फ खेती कर रहे हैं बल्कि मछली पालन कर लाखों रुपये कमा रहे हैं. मासुलपानी गांव को जल संरक्षण अवॉर्ड     गांव में समूह बनाने से पहले ही समूह बनाया. गांव में प्लानिंग की गई. जल संरक्षण के लिए गांव का दौरा कर चोटी से घाटी तक पानी संरक्षण के लिए फाइल बनाई गई. इस फाइल को जनपद में जमा किया गया.- हेमलता कश्वयप, स्थानीय, मासुलपानी जल संरक्षण से मछली पालन बना गांव का प्रमुख व्यवसाय: गांव की सुलोचना साहू बताती है कि साल में मछली पालन से एक घर से 80 से 85 हजार रुपये की कमाई हो जाती है. गांव में 167 तालाब है. लगभग 90 गांव के तालाब हैं और 50 से 60 सरकारी तालाब हैं. निजी और सरकारी तालाबों में मछली पालन कर हर परिवार के लोगों की लाखों रुपयों की कमाई हो रही है. गांव की अन्य महिलाएं बताती हैं कि जल संरक्षण से ना सिर्फ मछली पालन किया जा रहा है बल्कि धान के साथ ही दलहन तिलहन की फसल भी ली जा रही है. इसके अलावा बकरी पालन, सुअर पालन से भी लाभ कमा रहे हैं. प्रशासन के सहयोग से गांव बना आत्मनिर्भर: ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं. इसके अलावा साल 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी सिल्टिंग, 2 खोदे गए कुएं, 2 भूमिगत बांध, 3 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है. इन कार्यान्वयनों के कारण लोगों ने केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय, सुरक्षात्मक सिंचाई के माध्यम से सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है. कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि ग्राम देवगांव के पास ग्राम पंचायत मासुलपानी को जल संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को देंगी. यह कांकेर जिले के साथ साथ प्रदेश और देश के लिए बड़े गौरव की बात है. कलेक्टर ने कहा कि शासन की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होती, जब तक लोगों की उसमें सक्रिय सहभागिता न हो. मासुलपानी में सामुदायिक तालाब निर्माण, गहरीकरण, कुआं निर्माण, वॉटर शेड, कूप खनन, गेबियन निर्माण सहित विभिन्न जल संरक्षण के उपाय किए गए, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी भूमिका निभाई.  

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