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हरख मालू बोले- पूरे देश में हॉलमार्क जेवर की बिक्री अनिवार्य की जाए

रायपुर आज से तीन साल पहले भारत सरकार ने सोने के जेवरों के विक्रय के लिए हॉलमार्क की अनिवार्यता तय की थी। लेकिन विडंबना यह है कि हालमार्किंग ज्वेलरी की बिक्री देश में अनिवार्य रूप से नहीं हो रही है। एक देश एक व्यापार की तर्ज पर जब यह नियम बना है तो पालन कराने की जिम्मेदारी भी सरकार की है अत: संबंधित विभागों को दिशानिर्देश जारी किया जाए कि यह अनिवार्य रुप से पालन करें। इस संबंध में रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। संदर्भित विषय पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को भी इसी पत्र की कापी भेंजकर इसके क्रियान्वयन के लिए सहयोग की अपेक्षा जताई है। श्री मालू ने भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि देश की सभी जेवर निर्माण इकाइयों को यह निर्देश दिया जाना उचित प्रतीत होता है कि केवल हॉलमार्किंग ज्वेलरी का ही निर्माण करें। हमारा आपसे अनुरोध है कि भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारी सेम्पल जांच के लिए सराफा बाजार जाते हैं निश्चित तौर पर यह उचित कदम है किंतु अधिकारियों को यह स्पष्ट दिशा निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह व्यापारी पर अनावश्यक कार्रवाई या दबाव ना बनाएं इससे विभाग की छवि धूमिल होती है। व्यापारी भारतीय मानक ब्यूरो को पूर्ण सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमारी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे।

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का हुआ शुभारंभ, देश-विदेश के निवेशक हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है। निवेश के मुख्य आकर्षण आगामी 200 वर्ष के लिए कोयल का रिजर्व भंडार सरप्लस बिजली और पानी वाला राज्य बेहतर कनेक्टीविटी के लिए सड़कों का जाल ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में अग्रणी श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता निवेशकों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम उद्योगों में नो मैन डे लॉस ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम लोक सेवाओं की गारंटी के लिए अधिनियम लागू मैगनीज एवं कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम रॉक फॉस्फेट में देश में दूसरे स्थान पर चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर देश के मध्य में होने से यहाँ पहुँचना आसान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरूवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी श्री अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समावेशी राज्य है। यहां के लोग बहुत सरल और सहज है। मध्यप्रदेश में जो भी आकर बसता है, वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। मध्यप्रदेश वह राज्य है जहां उद्योगों में “नो मेन डे लॉस” है। यहां के श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली हैं। मध्यप्रदेश के सहज प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं की सोच सकरात्मक एवं सहयोगी है। यहां पर देश में सबसे पहले लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी के लिए अधिनियम लागू किया गया, जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज की अपार संपदा है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश मैंगनीज और कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर, रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में आगामी 200 वर्ष के लिये कोयले का रिजर्व भण्डार है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस बार देश में सर्वाधिक कोल-ब्लॉक्स मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। मध्यप्रदेश में ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम है। अगले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश काफी आगे होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में जल की प्रचुरता है। यहाँ पर नर्मदा नदी है जिसको प्रदेश की जीवनदायिनी कहते है। ऋगवेद में कहा गया है कि यमुना नदी में 7 बार स्नान करने से, गंगा नदी में एक बार स्नान करने से और नर्मदा नदी के केवल दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है। नर्मदा नदी में वर्ष भर पर्याप्त जल रहता है। मध्यप्रदेश नवाचारों में अग्रणी है। रीवा में स्थापित अल्ट्रा सोलर प्लांट अद्भुत है। यहाँ अन्य राज्यों से कम कीमत पर बिजली बनती है। मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस स्टेट है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। 

ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के विभिन्न गांवों का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नल जल योजना से पेयजल आपूर्ति की जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मुंगेली जिले के घोरबंधा, गोडखाम्ही और तेलीखाम्ही का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा कर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने तीनों गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, हितग्राहियों की संख्या, उपलब्ध कराए गए नल कनेक्शन, पानी टंकी की क्षमता इत्यादि की जानकारी ली और अधिकारियों को प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरपंचों से गांव की समस्याओं और उनके निराकरण के बारे में भी चर्चा की। मिशन संचालक डॉ. भुरे ने लोरमी रेस्ट हाउस में जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष बचे हुए कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी पूरी सक्रियता से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी के एसडीएम श्री अजीत पुजारी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री कुंदन राणा सहित विभागीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

किसानों से खेती पर गंभीरता से चर्चा हुई, कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि छोटे किसानों के लिए कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया जाएगा। श्री सिंह ने यहां किसान और किसान संगठनों से मुलाकात के अपनी साप्ताहिक कार्यक्रम के बाद कहा कि किसानों से खेती से संबंधित कई विषयों पर गंभीरता से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने एक-दो या ढाई एकड़ ज़मीन वाले किसानों को लाभकारी खेती के लिए मॉडल कृषि फार्मिंग के प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उनके समाधान का प्रयास किया जायेगा। इनमें से राज्यों को संबंधित विषय भेजेंगे और केंद्र सरकार के विषयों पर विभाग कार्रवाई करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों से संवाद बहुत उपयोगी‌ है और‌ इससे मूल समस्याओं की जानकारी मिल रही है। साथ ही सरकारी योजनाण्ं भी किसानों तक पहुंच रही हैं। संवाद में शामिल किसान अलग-अलग संगठनों और राज्यों से थे। श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये सभी प्रयासों सहित पिछले कल रबी की एमएसपी बढ़ाने की जानकारी किसानों को दी गयी। संवाद के दौरान किसानों ने एक एकड़ वाले खेत में ही लाभकारी खेती कर रहे किसानों के उदाहरण भी दिये। उन्होंने पानी पहुँचाने, उर्वरकों के प्रयोग, मिट्टी को स्वस्थ बनाना, प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान के कारण परेशानियां, चीनी मिलों के बंद होने और आवारा पशुओं की समस्याओं आदि को लेकर चर्चा की। किसानों ने श्रीअन्न को बढ़ावा देने को लेकर भी सुझाव दिये।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को प्राथमिकता के साथ जोड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान (पीएम कुसुम योजना) से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि “पीएम कुसुम” किसान हितैषी योजना है। इसमें किसान स्वयं की अनुपयोगी एवं बंजर कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर नियमित आय प्राप्त कर सकेंगे। योजना में शामिल किसानों द्वारा उत्पादित विद्युत को राज्य शासन द्वारा 3.25 रूपये प्रति यूनिट की दर से क्रय की जायेगी। इसके साथ ही किसानों को सिंचाई के लिये निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिये बनाये गये कृषि फीडरों को सौर ऊर्जीकृत भी किया जाना है। कृषि फीडरों के सौर ऊर्जीकृत हो जाने से सरकार की मंशानुसार किसानों को नियमित रूप से 10 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जाना संभव होगा। पीएम कुसुम योजना में किसानों को लाभांवित कर सिंचाई के लिये आवश्यक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही किसानों को आय का नवीन स्रोत भी उपलब्ध कराना है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम कुसुम योजना “A” में कृषकों द्वारा स्वयं की अनुपयोगी एवं बंजर कृषि भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जा सकेंगे। वर्तमान में परियेाजना से उत्पादित विद्युत को शासन द्वारा 25 वर्षों के अनुबंध पर किसानों से 3 रूपये 25 पैसे प्रति यूनिट पर विद्युत क्रय की जायेगी। यह किसानों की नियमित आय का स्रोत होगा। इस स्कीम का लाभ आवंटन पोर्टल से वॉक इन पद्धति द्वारा मिलेगा। पीएम कुसुम योजना “C” योजना का लक्ष्य कृषि फीडरों का सौर ऊर्जीकरण करना है। प्रदेश में सिंचाई के लिये सतत बिजली आपूर्ति के लिये 8 हजार समर्पित कृषि फीडर स्थापित किये गये हैं, जिनका निरंतर विस्तार प्रक्रियाधीन है। पीएम कुसुम “C” में सोलर संयंत्र की स्थापना के लिये 1.5 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश में इस योजना में 2000 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। योजना में प्रस्ताव देने वालों को निविदा से 500 मेगावाट क्षमता आवंटित भी की जा चुकी है। अभी भी 1500 मेगावाट की क्षमता की विद्युत उत्पादन का लाभ दिया जाना है। योजना का लाभ लेने के लिये प्रति मेगावाट ऊर्जा उत्पादन के लिये 2 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होती है। परियोजना पर 4 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट की अनुमानित राशि व्यय होती है। इसमें 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण उपलब्ध हो सकता है। इस ऋण राशि में 2 करोड़ रूपये की राशि तक एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में प्रचलित ब्याज पर 3 प्रतिशत की छूट का प्रावधान भी है।  

छत्‍तीसगढ़ में पांच IPS अधिकारियों का ट्रांसफर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में एक बार फिर फेरबदल किया है। गृह विभाग ने पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। ये तबादले राज्य के विभिन्न बटालियनों और पुलिस विभाग में प्रशासनिक सुधार और संचालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। गृह विभाग द्वारा गुरुवार को तबादला आदेश जारी कर दिया गया है। यहां देखिए किसको कहां की मिली जिम्मेदारी – अरविंद कुजूर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में भेजा गया है। इससे पहले अरविंद कुजूर तीसरी वाहिनी छसबल अमलेश्‍वर, दुर्ग पर कार्यरत थे। अब रायपुर मुख्यालय में उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और वे राज्य स्तर पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की देखरेख करेंगे। – धमेंद्र सिंह छवई छसबल की 15वीं बटालियन बीजापुर भेजा गया है। बीजापुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वहां की सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंधन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। धर्मेंद्र सिंह वहां की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे। इससे पहले वे सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्‍यालय रायपुर की जिम्‍मेदार संभाल रहे थे। – श्वेता राजमणि को छसबल की 19वीं बटालियन बस्तर भेजा गया है। बस्तर भी नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र है, और श्वेता राजमणि की नियुक्ति वहां की सुरक्षा और रणनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की गई है। इससे पहले श्‍वेता सेनानी 17वीं बटालियन छसबल कबीरधाम की जिम्‍मेदारी संभाल रही थी। – उदयकिरण को छसबल की 9वीं बटालियन दंतेवाड़ा भेजे गए हैं। दंतेवाड़ा में सुरक्षा की चुनौतियां हमेशा से रही हैं, और उदयकिरण की तैनाती से क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पहले उदयकिरण रायपुर पुलिस मुख्‍यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। – मनोज खिलारी को छसबल की दूसरी बटालियन बिलासपुर भेजा गया है। बिलासपुर क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मनोज खिलारी की नियुक्ति की गई है। इससे पहले मनोज खिलारी वीआईपी सुरक्षा वाहिनी माना की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश को विकास पथ की अमूल सौंगात देने पर उनका आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यपेदश सरकार बढ़ती रोड कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास का नया अध्याय लिख रही है। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 4-लेन में अपग्रेडेशन से इस क्षेत्र के आर्थिकक विकास को गति मिलेगी, यातायात सुगमता के साथ ही सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौंगात के लिये प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री का आभार माना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए भोपाल से विदिशा, विदिशा से ग्यारसपुर, सताईघाट से चौका और चौका से कैमाहा पैकेजों के लिए 3589.4 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी के साथ मंडला-नैनपुर मार्ग के लिए भी 592 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र के तहत बुंदेलखंड विकास पथ की घोषणा की थी, जो राज्य की राजधानी भोपाल को बुंदेलखंड के सागर और छतरपुर जिलों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण 4-लेन सड़क परियोजना है। इस परियोजना का उद्देश्य भोपाल से सागर होते हुए छतरपुर और उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और यातायात सुगमता में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इस मार्ग को 4-लेन में विस्तारित करने की प्रक्रिया पहले से जारी थी, लेकिन कुछ हिस्सों के लिए मंजूरी लंबित थी। आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में भोपाल से सागर और छतरपुर से उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक इस मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करने की अनुमति दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 3589.4 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस स्वीकृति से बुंदेलखंड विकास पथ के निर्माण में तेजी आएगी और सरकार के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जायेगी। यह पथ न केवल कनेक्टिविटी को सुधारने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इसी के साथ मंडला से नैनपुर तक 46 किलोमीटर लंबे मार्ग को अपग्रेड करने के लिए भी 592 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परियोजनाओं के पूरे होने पर न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊंचाई मिलेगी।  

50 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपित गिरफ्तार, इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया

इंदौर इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में सराफा पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से आधा किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है। इस ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के नाम पारस और रिंकू हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर पता चलाने की कोशिश कर रही है कि वे यह ड्रग्स कहा से लाए थे और किसे सप्लाई कर रहे थे। भोपाल और झाबुआ में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से प्रदेशभर में पुलिस जगह-जगह कार्रवाई कर ड्रग्स बेचने वालों को गिरफ्तार कर रही है।    

नारायणपुर-कस्तुरमेटा मार्ग का काम जल्द प्रारंभ करने कहा

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य में निमार्णाधीन और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के नवीन विश्राम भवन में हुई बैठक में निमार्णाधीन कार्यों में तेजी लाने तथा प्रस्तावित कार्यों की बाधाओं को दूर कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-130डी नारायणपुर से कस्तुरमेटा मार्ग का काम जल्दी प्रारंभ करने को कहा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी स्वीकृत एवं निमार्णाधीन कार्यों के भू-अर्जन के भुगतान और वन-व्यपवर्तन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव को बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केशकाल बायपास का प्राक्कलन स्वीकृति के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजा गया है। साव ने केंद्र सरकार से इसकी शीघ्र मंजूरी प्राप्त कर काम प्रारंभ करने के लिए यथाशीघ्र निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर से सारंगढ़ मार्ग के फोरलेन कार्य का डीपीआर जल्दी पूर्ण कर इस साल दिसम्बर माह तक केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को जारी होंगे नियुक्ति पत्र, मिली राहत

भोपाल उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल गई है। अब इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी में भी जुट गया है। इससे करीब प्रदेश के चार हजार पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। उच्च न्यायालय ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों के ईडब्ल्यूएस के पात्र अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके पक्ष में निर्णय सुनाया है। 12 नवंबर से विभाग नियुक्ति पत्र जारी करना शुरू कर देगा। अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। आठ हजार 720 पदों पर भर्ती होनी है। यह पद स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में हैं। ये है पूरा मामला स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए परीक्षा कराई थी। 29 सितंबर 2022 को नियुक्ति प्रक्रिया को नई भर्ती बताकर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी गई। इससे 848 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी, जबकि इस भर्ती को भी वर्ष 2018 के परीक्षा परिणाम के आधार पर ही की गई थी। इस पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। इस कारण नई भर्ती पर रोक लगा दी गई। उच्च न्यायालय ने 848 अभ्यर्थियों को 45 दिन में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। पदवृद्धि की भी उम्मीद स्कूल शिक्षा विभाग अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 भर्ती के लिए पहली काउंसलिंग ही कर रहा है। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, इसे लेकर विभाग ने विषयवार खाली पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से परामर्श भी ले लिया है। बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत करीब 300 अभ्यर्थी परेशान उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 पात्रता और चयन परीक्षा की नियमावली में स्कूल शिक्षा ने एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नियमों का पालन नहीं किया। इसमें बीएड के प्रथम वर्ष में प्रवेशित पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। भर्ती के समय यह उल्लेख किया गया था कि दस्तावेज सत्यापन या काउंसलिंग के समय डिग्री पूरी होनी चाहिए। पात्र अभ्यर्थी लक्ष्मण सिंह राठौर का कहना है कि अब बीएड कर चुके करीब 300 पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में नियमों में संशोधन करते हुए बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को वर्ग-1 में नियुक्ति के लिए पात्र माना गया है।  

रामविचार नेताम बोले- वन अधिकार अधिनियम के उचित अनुपालन में यह एमओयू मील का पत्थर होगा साबित

रायपुर छत्तीसगढ़ में वन अधिकार अधिनियम-2006 के बेहतर कियान्वयन हेतु आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग और स्वयं सेवी संस्था अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एण्ड एनवायरोमेंट (एटीआरईई) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। विभागीय मंत्री रामविचार नेताम एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की उपस्थिति में एटीआरईई के प्रतिनिधि डॉ. शरतचंद्र लेले एवं विभाग की ओर से सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का कार्यक्रम मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह समझौता वन अधिकार अधिनियम-2006 के उचित अनुपालन में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), सीएफआर प्रबंधन एवं वन अधिकार पत्रों के आनॅलाइन डिजिटाइजेशन के संबंध में जमीनी स्तर पर अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समझौते के माध्यम से एफआरए अधिनियम के उचित क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम केन्द्र एवं राज्य शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अत: इसके उचित कियान्वयन में सबका समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। इस समझौते के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) प्रकरणों में त्रुटियों की पहचान और समाधान करने के लिए विभाग को जमीनी स्तर के अनुभव के आधार पर सलाह प्रदाय करेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा विकसित किये जाने वाले एफआरए एटलस के लिए एटीआरईई के द्वारा जिला स्तरीय सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) संभावित ग्रामों का मानचित्र एवं डाटा भी प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा (सीएफआरआर) के अंतर्गत परंपरागत सीमा के संबंध में विकसित किये जा रहे भौगोलिक सूचना प्रणाली (वेबजीआईएस) के पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार तकनीकी सलाह भी प्रदाय करेगा। इसके अलावा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन और गौण वनोपज आधारित आजीविका वृद्धि की सुविधा के लिए नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार पर विभाग को सुझाव देगा। साथ ही अन्य राज्यों के क्षेत्रीय अनुभव और उत्तम पहल के आधार पर सीआरएफ प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उपायो के संबंध में भी विभाग को सुझाव प्रदान करेगा।

डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतरे, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

नई दिल्ली असम के डिबालोंग स्टेशन के पास एक ट्रेन डिरेल हो गई है। डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि ट्रेन डिरेल की वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह दुर्घटना लुमडिंग डिवीजन के लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस दुर्घटना की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल हैंडल एक्स पर दी। दुर्घटना दोपहर करीब 3:55 बजे हुई रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह अगरतला से रवाना हुई मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस असम के डिबालोंग स्टेशन पर दोपहर करीब 3:55 बजे पटरी से उतर गई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन के सीपीआरओ ने बताया, ‘ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।’ इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर सीपीआरओ, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि अगरतला से आज सुबह रवाना हुई 2520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस लुमडिंग डिवीजन के अंतर्गत डिबालोंग स्टेशन पर लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में लगभग 15-55 बजे पटरी से उतर गई। ट्रेन के पावर कार और इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। घटना स्थल पहुंची राहत टीम रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। हेल्पलाइन नंबर जारी सीपीआरओ ने बताया कि लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 03674 263120, 03674 263126 जारी कर दिया गया है।

यूपी में बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की, चुनाव आयोग पहुंची भाजपा

लखनऊ यूपी में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव को एक हफ्ते टालने के लिए बीजेपी चुनाव आयोग पहुंची है। बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की है। बीजेपी ने यूपी के मुख्य निर्वाचल अधिकारी इस बाबत पत्र लिखा है। पत्र में कई जिलों का जिक्र करते हुए बताया है कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिया का स्नान पर्व होने के कारण लोग दो तीन दिन पहले ही इसमें भागीदारी करने चले जाएंगे। ऐसे में बहुसंख्यक मतदाता वोट देने से वंचित रह जाएंगे। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही चुनाव आयोग ने यूपी की दस में से नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार 18 नवंबर को नामांकन के साथ चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। 13 नवंबर को वोटिंग और 23 नवंबर को मतगणना होगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में बीजेपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व और पूजन का धार्मिक महत्व है। 15 नवम्बर 2024 को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है और बड़ी संख्या में लोग कार्तिक पूर्णिमा के स्नान एवं पूजन करने के लिए जाते हैं। 13 नवंबर को चुनाव होने से उन्हें जाने में परेशानी हो सकती है। बीजेपी ने यह भी कहा कि इसके साथ कुन्दरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला में प्रतिभाग एवं पूजन के लिए लोग 3-4 दिन पहले ही चले जाते है। कार्तिक पूर्णिमा के कारण बहुसंख्यक मतदाता मतदान से वंचित हो जाएंगे। आयोग का भी मानना है कि प्रत्येक मतदाता का शत-प्रतिशत मतदान कराया जाये। ऐसी स्थिति में शत-प्रतिशत मतदान सम्भव नहीं है इसीलिए उपचुनाव की तारीख 13 नवम्बर 2024 के स्थान 20 नवम्बर 2024 करना बेहतर होगा। ऐसा करने से प्रत्येक मतदाता का मतदान सुनिश्चित हो सकेगा। गौरतलब है कि यूपी में की इस समय दस विधानसभा सीटें खाली हैं। इनमें से नौ सीटों मैनपुरी की करहल, अलीगढ़ की खैर, बिजनौर की मीरापुर, प्रयागराज की फूलपुर, गाजियाबाद की गाजियाबाद, मिर्जापुर की मझवां, अम्बेडकरनगर की कटेहरी, संभल की कुंदरकी और कानपुर की सीसामऊ पर चुनाव का एलान हो गया है। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण चुनाव नहीं हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर व्यक्त की प्रसन्नता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा (जिला निवाड़ी) को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय हर्ष और गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब विश्वभर में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर की गूंज सुनाई देगी। राम राजा सरकार की नगरी ‘ओरछा’ मध्यप्रदेश की नई ‘विश्व धरोहर’ बनने जा रही है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के पश्चात ओरछा नगरी विश्व धरोहर बन जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के ओरछा नगर के विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयन पर यूनेस्को पदाधिकारियों का आभार मानते हुए केंद्र सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन विभाग सहित संपूर्ण मध्य प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।  

भाजपा पार्टी अब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के साथ अपनी जीत का लक्ष्य रख रही है, महाराष्ट्र में क्या है रणनीति

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के तारीखों के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली सफलता ने भाजपा के अंदर अतिरिक्त उत्साह भर दिया है और पार्टी अब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के साथ अपनी जीत की कहानी को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। भाजपा के लिए यह चुनाव न केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल है, बल्कि राज्य में उसकी स्थायी पकड़ को बनाए रखने का भी अवसर है।   भाजपा कैसे साधेगी गठबंधन की बिसात भाजपा इस बार महाराष्ट्र में शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतर रही है। महायुति गठबंधन के रूप में ये तीनों दल एकजुट होकर 288 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का लक्ष्य साधेंगे। हालांकि, भाजपा की रणनीति गठबंधन के बावजूद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने की है और इस दिशा में वह 155 से 158 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की योजना बना रही है। सीटों के बंटवारे और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखना भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी लेकिन इसके लिए पार्टी ने गहन रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपेक्षित जातियों पर फोकस और माइक्रो मैनेजमेंट महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के लिए कई मुद्दे निर्णायक साबित हो सकते हैं। मौजूदा वक्त में मराठा आरक्षण राज्य में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा है, महायुति गठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। चूंकि भाजपा इस गठबंधन का हिस्सा है इसलिए मराठा आरक्षण का समाधान निकालने में उसकी भूमिका अहम होगी। इसके अलावा, महंगाई, किसान संकट, जल संकट, और रोजगार के अवसरों की कमी जैसे मुद्दे भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करेंगे। भाजपा इन समस्याओं का समाधान पेश कर मतदाताओं का समर्थन हासिल करना चाहेगी। क्या मिलेगा संगठनात्मक ताकत और संघ का सहयोग भाजपा के चुनावी अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हरियाणा चुनाव में संघ की बढ़ी हुई भूमिका ने भाजपा को सफलता दिलाई, और अब महाराष्ट्र में भी पार्टी संघ की जमीनी संगठनात्मक ताकत का भरपूर उपयोग करने जा रही है। संघ की राज्य में मजबूत पकड़ होने के कारण भाजपा को विश्वास है कि इसे विधानसभा चुनाव में लाभ मिलेगा। इसके अलावा चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव को कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने और उन्हें चुनावी तैयारी के लिए प्रेरित करने का जिम्मा सौंपा गया है। केंद्र की योजनाओं से भाजपा को उम्मीद भाजपा को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं से भी उम्मीदें हैं। पार्टी ने राज्य में अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को सुलझाने के लिए योजनाएं शुरू की हैं जिनमें किसानों के लिए सब्सिडी, जल प्रबंधन, और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। भाजपा की कोशिश होगी कि इन योजनाओं को लेकर वह जनता के बीच विश्वास बनाए रखे और मतदाताओं का समर्थन हासिल करे। कैसा रहा भाजपा का अबतक का चुनावी प्रदर्शन महाराष्ट्र में भाजपा का पिछले एक दशक का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिवसेना से अलग होकर 122 सीटें जीतीं और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके बाद शिवसेना और भाजपा ने मिलकर सरकार बनाई। हालांकि, 2019 के चुनाव के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली को लेकर भाजपा से अलग होकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के साथ गठबंधन किया। इसके बाद 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने एमवीए सरकार को गिरा दिया और शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। हरियाणा में मिली जीत से प्रेरित होकर पार्टी महाराष्ट्र में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करने की तैयारी में है। मराठा आरक्षण, महंगाई, किसान संकट जैसे मुद्दे चुनावी अभियान में प्रमुख होंगे और भाजपा का लक्ष्य होगा कि वह इन मुद्दों पर जनता का भरोसा जीत सके। इसके अलावा केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाते हुए भाजपा इस चुनाव को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि पार्टी अपनी रणनीति में कितना सही साबित हो पाती है।

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