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यूपी में धान खरीदी शुरू, बनाए गए 4000 केंद्र, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये

लखनऊ शुक्रवार से पूर्वी यूपी में धान खरीदी शुरू होगी. धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये और धान ग्रेड ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई की मद में 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रतिपूर्ति की जाएगी. दरअसल, सभी जनपदों में धान बिक्री के लिए खाद्य-रसद विभाग और अन्य क्रय एजेंसियों के 4 हजार क्रय केंद्र निर्धारित किए हैं. वहीं सीएम योगी ने किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान कराने का निर्देश दिया है. बता दें कि क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे. कृषि विभाग के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान से आच्छादित क्षेत्रफल 61.24 लाख हेक्टेयर है. इस साल धान का उत्पादन 265.54 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है. औसत उत्पादन लगभग 43.36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर अनुमानित है. गौरतरब है कि पश्चिमी यूपी यानी हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर में 1 अक्टूबर से शुरू हुई है, जो कि खरीद 31 जनवरी 2025 तक चलेगी. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान 1 नवंबर से 28 फरवरी 2025 तक चलेगी.

न्यूजीलैंड ने जीता टॉस, लिया बल्लेबाजी का फैसला

मुंबई मुंबई में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। इस मैच में भारतीय टीम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, और उनकी जगह मोहम्मद सिराज को वापस शामिल किया गया है। कीवी टीम पहले दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है, जिससे भारतीय टीम के लिए यह मैच जीतना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। टीम इंडिया प्लेइंग XI यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, रवींद्र जड़ेजा, वाशिंगटन सुंदर, रविचंद्रन अश्विन, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज न्यूजीलैंड प्लेइंग XI ओम लैथम (सी), डेवोन कॉनवे, विल यंग, ​​रचिन रवींद्र, डेरिल मिशेल, टॉम ब्लंडेल (डब्ल्यू), ग्लेन फिलिप्स, ईश सोढ़ी, मैट हेनरी, अजाज पटेल, विलियम ओ’रूर्के

धू-धू कर जलने लगी ग्रेटर नोएडा में बिल्डिंग, 3 फ्लोर पर लगी भीषण आग

नई दिल्ली. दिल्ली और आसपास के इलाकों में दीवाली धूमधाम से मनाई गई। हालांकि, राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर बैन होने के बावजूद इसका कहीं कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने प्रतिबंध की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। इसका एक जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला ग्रेटर नोएडा में। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज 1 की बिल्डिंग में आग लग गई। आग की वजह बने नीचे जलाए जा रहे पटाखे और उसकी चिंगारी। रात को जब बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में आग लगी तो वहां हड़कंप मच गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दीवाली पर दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आग की खबरें सामने आई हैं। इस दौरान लगभग सभी मामलों में आग पटाखों की वजह से लगने की बात सामने आई है। ऐसा ही हुआ है ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक ईको विलेज की बिल्डिंग में। दीवाली के जश्न के दौरान लोग नीचे पटाखों से आतिशबाजी कर रहे थे। इस दौरान पटाखे की चिंगारी ऊंचाई पर स्थित फ्लैट के किसी हिस्से तक पहुंच गई और वह धू-धूकर जलने लगी। देखते ही देखते आग बिल्डिंग के ऊपर स्थित तीन फ्लोर तक फैल गई। ऊंची लपटें देखकर बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फायर विभाग को फोन किया गया और आग को बुझाया। इस घटना में किसी तरह की हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिवाली के मौके पर दिल्ली में अभी तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है और 12 लोग जख्मी भी हुए हैं। दिल्ली फायर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दिवाली के मौके पर करीब 300 से ज्यादा जगहों से फोन आए, इसमें आग लगने की सूचना दी गई थी। दिल्ली फायर विभाग ने बताया कि पिछले 10 सालों में यह पहली बार है जब इतनी ज्यादा संख्या में आग को लेकर फोन कॉल्स आए हैं।

13 करोड़ भारतीय बेहद गरीब, तमाम दावों के बीच आई विश्व बैंक रिपोर्ट

मुंबई करीब 12.9 करोड़ भारतीय वर्ष 2024 में अत्यधिक गरीबी में जीवन बसर कर रहे हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, इन भारतीयों की प्रतिदिन की आमदनी 181 रुपये (2.15 डॉलर) से भी कम है। वर्ष 1990 में यह संख्या 43.1 करोड़ थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा रफ्तार से दुनिया में गरीबी खत्म करने में एक सदी से भी अधिक समय लग सकता है। विश्व बैंक की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च गरीबी मानक के साथ मध्य आय वाले देशों के लिए गरीबी की तय सीमा प्रतिदिन 576 रुपये (6.85 डॉलर) है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के चलते 1990 की तुलना में 2024 में अधिक भारतीय गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। इससे पहले विश्व बैंक ने कहा था कि भारत में अत्यधिक गरीबी पिछले दो वर्षों में बढ़ने के बाद 2021 में 3.8 करोड़ घटकर 16.74 करोड़ रह गई। भारत का योगदान वैश्विक चरम गरीबी में घटेगा विश्व बैंक के मुताबिक, अगले दशक में वैश्विक अत्यधिक गरीबी में भारत का योगदान काफी कम होने का अनुमान है। यह अनुमान अगले दशक में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के साथ-साथ ऐतिहासिक विकास दरों पर आधारित है। भारत में 2030 में चरम गरीबी दर शून्य करने पर भी इस अवधि में दुनियाभर में अत्यधिक गरीबी दर 7.31 फीसदी से गिरकर 6.72 फीसदी ही रहेगी जो अभी भी तीन फीसदी के लक्ष्य से काफी ऊपर है। दुनिया में 70 करोड़ लोग अत्यधिक गरीब गरीबी, समृद्धि और पृथ्वी : बहुसंकट से बाहर निकलने के रास्ते नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि आज भी दुनिया की 44 फीसदी आबादी प्रतिदिन 576 रुपये से कम पर जीवनयापन करती है। जनसंख्या वृद्धि के कारण 1990 के बाद से इस गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। 2020-2030 एक खोया हुआ दशक होने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रगति की मौजूदा रफ्तार के हिसाब से अत्यधिक गरीबी को मिटाने में दशकों लगेंगे और लोगों की प्रतिदिन की कमाई 576 रुपये से ऊपर लाने में एक सदी से अधिक समय लगेगा। वैश्विक आबादी का 8.5 फीसदी या 70 करोड़ लोग आज भी 181 रुपये से कम पर जीवनयापन कर रहे हैं। अनुमान है कि 2030 में 7.3 फीसदी आबादी अत्यधिक गरीबी में रह रही होगी। अफ्रीका में बढ़ेगी गरीबी: रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नए डाटासेट को हाल ही में जारी 2022-23 के घरेलू उपभोग और व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि आवश्यक विश्लेषण समय पर पूरे नहीं किए जा सके। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष मजबूत हैं जैसे उप-सहारा अफ्रीका और विकासशील देशों में अत्यधिक गरीबी का बढ़ना और 2030 तक अत्यधिक गरीबी के खात्मे का पहुंच से बाहर होना।

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिया सरकार को लिया आड़े-हाथ

Leader of Opposition Umang Singhar took the government to task over the death of elephants in Bandhavgarh. Umang Singhar News: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है. मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने निशाना साधा है. उन्होंने एमपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है, जबकि हम हाथियों की भगवान गणेश के रूप में पूजा करते हैं. सरकार को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए. उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ हम हाथियों की यानी गणेशजी की पूजा कर रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार हाथियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं और वहीं वन मंत्री वोट मांग रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि वन्य प्राणियों के साथ में आदिवासियों का गहरा नाता और ताना-बना है. इस घटना में आदिवासियों का कोई दोष नहीं है. जल जंगल जमीन आदिवासियों का अधिकार है और सरकार को आदिवासियों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्य प्राणियों की भी सुरक्षा करनी चाहिए. करीब 4 साल से हाथी झारखंड और कर्नाटक से आते रहे हैं. इस बीच में क्या सरकार ने उन वन समितियां से कोई चर्चा की या उन आदिवासियों से चर्चा की या उनके साथ कोई बैठक की या हाथियों के विस्थापन की बात कही. हाथियों का किस तरह से विस्थापन करना है. उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार ने किसी भी तरह की कोई प्लान नहीं बनाया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में संज्ञान लेते हुए वन्य समितियों के साथ और आदिवासियों के साथ चर्चा करनी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इल्जाम लगाते हुए कहा कि सरकार वन्य प्राणी और आदिवासी विरोधी सरकार है. सरकार को संज्ञान लेते हुए उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए फिर चाहे वह अधिकारी हो या उसका कुप्रबंध हो. इस मामले में आदिवासियों की कोई जिम्मेदार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने भी हाथियों की मौत पर सवाल खड़े किए हैं.उमरिया-बांधवगढ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र के सलखनियां के जंगल में 10 हाथियों की मौत हुई है. 10 हाथियों की मौत के बाद बांधवगढ पार्क प्रबंधन अपनी इस गलती को छिपाने में जुटा है. किसानों की कोदो की फसल को मौत का जिम्मेदार मानते हुए फसल को नष्ट कराया. NTCA दिल्ली की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. हाथियों के पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा.

केंटकी : अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित व्यक्ति की दिल निकालने से पहले ही शरीर में जान आ गई

केंटकी  अमेरिका के एक हॉस्पिटल में चौंकाने वाली घटना घटी है। ब्रेन डेड घोषित किए गए व्यक्ति का दिल निकाला जाना था। डॉक्टर इसकी तैयारी कर रहे थे तभी दिमागी रूप से मृत मरीज के शरीर में जान आ गई। डॉक्टर उसके दिल को निकालकर दूसरे मरीज के शरीर में लगाने वाले थे। घटना केंटकी के बैपटिस्ट हेल्थ रिचमंड हॉस्पिटल की है। मरीज का नाम थॉमस ‘टीजे’ हूवर द्वितीय है। उम्र 36 साल है। थॉमस को 2021 में अस्पताल में ड्रग ओवरडोज के चलते भर्ती कराया गया था। बाद में उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। बता दें कि ब्रेन डेड का मतलब मरीज की ऐसी स्थिति से है जब उसका दिमाग मर जाता है। ब्रेन को काफी नुकसान पहुंचता है और उसका ठीक होना लगभग असंभव होता है। ऐसी स्थिति में भी मृत व्यक्ति में जीवन के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उसकी त्वचा गर्म रहती है, दिल धड़कता है और वेंटिलेशन के साथ छाती ऊपर-नीचे होती है। अंग दान के लिए दिल ऐसे ही मरीज का लिया जाता है। पूरी तरह मरने के बाद दिल निकालकर किसी और के शरीर में नहीं लगाया जा सकता। इधर-उधर हाथ-पैर मार रहा था मरीज केंटकी ऑर्गन डोनर एफिलिएट्स (KODA) के पूर्व कर्मचारी निकोलेटा मार्टिन ने कहा, “वह मरीज मेज पर इधर-उधर हाथ-पैर मार रहा था। यह हर किसी का सबसे बुरा सपना होता है। सर्जरी के दौरान जिंदा रहना और यह जानना कि कोई आपको चीरकर आपके शरीर के अंग निकाल लेगा। यह भयानक है।” KODA की एक अन्य कार्यकर्ता नताशा मिलर ने बताया कि थॉमस को ICU से ऑपरेटिंग रूम में ले जाते समय भी उसमें जीवन के लक्षण दिखाई दे रहे थे। वह इधर-उधर घूम रहा था। कुछ हद तक लड़खड़ा रहा था। जब हम वहां गए तो उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। वह रो रहा था। थॉमस अब अपनी बहन डोना रोहरर के साथ रह रहा है। उसे याददाश्त, चलने और बात करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा है।

BJP का राज ठाकरे के बेटे को समर्थन, असमंजस में शिंदे की शिवसेना

मुंबई. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में अब केवल 20 दिन बचे हैं। माहिम विधानसभा सीट पर उम्मीदवारों को लेकर महायुति गठबंधन में असमंजस की स्थिति बन गई है। इस सीट पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे, शिवसेना के मौजूदा विधायक सदा सर्वणकर और शिवसेना (यूबीटी) के महेश सावंत के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है। यहां लड़ाई दिलचस्प तब हो गई जब भाजपा ने अमित ठाकरे को अपना समर्थन देने का वादा कर दिया। वहीं, सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने अपने मौजूदा विधायक को मैदान में उतारने का फैसला किया है और दोनों ही दल अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। भाजपा को इस बात उम्मीद थी कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना विधायक सर्वणकर को सीट से हटाकर अमित ठाकरे का समर्थन करेगी। हालांकि भाजपा नेताओं का दावा है कि इस मामले पर शिंदे के साथ समझौता हो गया है। वहीं, शिवसेना नेताओं का तर्क है कि अगर वे उम्मीदवार नहीं उतारते हैं तो उनके वोट उद्धव गुट को जा सकते हैं। सर्वणकर ने बुधवार को राज ठाकरे से अनुरोध किया कि वे अपने बेटे की माहिम सीट से उम्मीदवारी वापस लें और शिवसेना का समर्थन करें। विधायक ने ट्वीट कर शिवसेना के वफादार के रूप में अपने 40 साल के कार्यकाल और कड़ी मेहनत के दम पर तीन बार विधायक चुने जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे जीवित होते तो वे उनसे अपने रिश्तेदारों के लिए सीट छोड़ने के लिए नहीं कहते। शिवसेना एमएलए ने कहा, “दादर-माहिम में बाल ठाकरे के 50 रिश्तेदार रहते हैं, लेकिन उन्होंने मुझ जैसे आम कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया। वे कार्यकर्ता की भावना को संजोने वाले नेता थे। एकनाथ शिंदे साहब को देखिए। भले ही उनका बेटा तीन बार सांसद रहा हो, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को केंद्र में मंत्री नहीं बनाया, बल्कि एक वफादार शिवसैनिक को यह मौका दिया।” उन्होंने आगे कहा, “मैं राज साहब से अनुरोध करता हूं कि वे मेरे जैसे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय न करें। मुझे अपना समर्थन दें।” वहीं, इस पूरे मामले पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम अमित ठाकरे का समर्थन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भी यही विचार है। अगर शिवसेना का उम्मीदवार नहीं होता है, तो उनके वोट शिवसेना (यूबीटी) को जाएंगे, इसलिए उम्मीदवार दिया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति का समाधान खोजने के प्रयास किए जाएंगे। फडणवीस ने कहा कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने तर्क दिया कि अगर पार्टी चुनाव नहीं लड़ती है तो उसके समर्पित मतदाता उद्धव सेना में चले जाएंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा अमित का समर्थन करने के लिए तैयार थी और अभी भी अपने रुख पर कायम है।” इस बीच सरवणकर ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे माहिम से चुनाव लड़ेंगे। इस बीच, राज ठाकरे ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र में अगली सरकार महायुति गठबंधन के नेतृत्व में होगी, जिसमें मुख्यमंत्री का पद भाजपा को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार मनसे के समर्थन से बनेगी।

10 फ्री एंड्रॉएड एप्प जो बच्चों के साथ बड़ों को भी आएंगी पसंद

वो कहते हैं न बड़े मियां तो बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्ला आजकल के बच्चों को देखकर कभी-कभी हैरानी होती है। बड़ों की देखा देखी अब बच्चे खिलौनों की जगह गैजेटों से खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। फिर वो भले ही आपका स्मार्टफोन हो या फिर टैबलेट, ज्यादातर लोग अब एंड्रॉएड स्मार्टफोन की ओर अपना रुख कर रहंे है, अगर आप अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं या फिर खुद कभी बच्चा बनने का मन करता है तो अपने फोन में कुछ मजेदार एप्प डाउनलोड कर सकते हैं, वैसे तो ये एप्लीकेशन खासकर बच्चों के लिए हैं लेकिन आप भी इन एंड्रॉएड एप्लीकेशन को फुल इंज्वाय कर सकते हैं। पंचतंत्र: बचपन में हम सभी ने पंचतंत्र की कहानियां सुनी होंगी। पंचतंत्र की कहानियों में कुछ न कुछ सीख जरूर दी जाती है जो आपके बच्चों के लिए काफी जरूरी है गूगल प्ले स्टोर में पंचतंत्र कई वॉल्यूूम में फ्री डाउनलोडिंग के लिए उपलब्ध है जैसे द विनिंग ऑफ फ्रेंड क्रोज एंड आउल लॉस ऑफ गेन। किड्स नंबर और मैथ लाइट: ये एक फ्री एप्लीकेशन है जो प्री स्कूल में जाने वाले बच्चों की मैक स्किल को डेवल करने में काफी मदद करती है। एप्लीकेशन में कई नंबर और इंग्लिश के शब्द दिए गए हैं इसके साथ स्पेनिश, रशियन जर्मन जैसी भाषाओं की जानकारी भी एप्लीकेशन में मौजूद है। मैथ विद भीम: छोटा भीम भारत में बच्चों के सबसे पॉपुलर शो में से एक है, मैथ विद भीम एप्लीकेशन में छोटा भीम अपने दोस्तों के साथ कई तरह की चीजें बताता है तो 1 साल से लेकर 5 साल तक के बच्चों को पसंद आएंगी। एप्लीकेशन में हिन्दी और इंग्लिश दोनों तरह के लेंग्वेज ऑप्शन मौजूद है। हिन्दी फ्लैश कार्ड: हिन्दी वॉल फ्लैशकार्ड में आपका बच्चा कई तरह के शेप और साउंड के साथ साथ नई वॉक्यूबलरी सीख सकता है। एप्प में कई तरह के एनिमेशन भी दिए गए हैं तो बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करते हैं। नर्सरी राइम: नर्सरी राइमस एप्प में कई तरह की रिंगटोन दी गईं है जो बच्चों को पसंद आएगी। इसके अलावा कई शब्दों की रिकार्डिंग भी मौजूद है जो बच्चों के विकास में काफी मदद करेंगे। नर्सरी राइमंस (हिन्दी): पिछली एप्लीकेशन की तरह इसमें में आप कई तरह की राइमस डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन पिछली एप्पलीकेशन में अंग्रेजी भाषा का ऑप्शन था जबकि इसमें आप हिन्दी में राइमस डाउनलोड कर सकते हैं। किड्स स्टोरी थ्रस्टी क्रो: बचपन में क्रो की स्टोरी तो आप सबने सुनी होगी जिसमें कोवा पानी पीने के लिए घड़े में कंकड़ डालता है और पानी ऊपर आ जाता है। इसी तरह कई और स्टोर को आप किड्स स्टोरी थ्रस्टी क्रो एप्प की मदद से अपने फोन में डाउनलोड कर सकते हैं वो भी बिल्कुल फ्री। अर्थमेटिक फॉर किड: अर्थमेटिक का नाम का सुनकर भले ही हम सब के पसीने छूट जाते हो लेकिन अगर आप अपने बच्चों को अर्थमेटिक के कुछ तरीके फन के साथ सिखाना चाहते हैं तो अर्थमेटिक फॉर किड आपके बच्चों को पसंद आएगी, एप्प में कई तरह की बेसिक मैथ स्किसल दी गईं हैं। किड्स शेप प्री स्कूल: किड्स शेप प्री स्कूमल एप्लीकेशन में आपके बच्चे कई तरह के अलग-अलग शेप डिजाइन कर सकते हैं। फ्रूट शेप कलर वेज फॉर किड: फ्रूट शेप कलर वेज फॉर किड एक एजुकेशनल एप्लीकेशन है जिसमें फलों के रंग उनके आकार से जुड़ी सारी जानकारियां दी गई हैं एप्लीकेशन में कई सीरीज भी दी गई हैं।  

पैदल चलने पर दुबई में कई लोगों पर लगा हजारों का जुर्माना, पढ़िए आखिर गलती क्या थी?

दुबई दुबई एक ऐसा शहर है जो अपनी चकाचौंध, लग्जरी लाइफस्टाइल, ऊंची-ऊंची इमारतों और बेशुमार दौलत के लिए दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन इन सबके अलावा, यह शहर अपने सख्त कानूनों के लिए भी जाना जाता है. कई बार इसके कानून इतने सख्त होते हैं कि जब दूसरे देशों के लोग इसके बारे में सुनते हैं, तो वे हैरान रह जाते हैं. ऐसा ही एक मामला दुबई में ट्रैफिक कानून की सख्ती को लेकर सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि जहां आमतौर पर लोग गलत ड्राइविंग या ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर चालान और जुर्माने का सामना करते हैं, वहीं दुबई में पैदल चलने वालों पर भी ट्रैफिक नियमों का सख्त पालन करने का दबाव होता है. गल्फ न्यूज के मुताबिक, दुबई पुलिस स्टेशन ने 37 लोगों को खतरनाक तरीके से सड़क पार करने और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी करने पर जुर्माना लगाया है. उनके ऊपर 400 यूएई दिरहम का जुर्माना लगाया गया है. ध्यान रखें, नहीं तो लगेगा भारी जुर्माना! इस साल की शुरुआत से अब तक, दुबई के ट्रैफिक कानून के तहत, बिना अनुमति वाली जगह से सड़क पार करने या ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर 400 यूएई दिरहम का जुर्माना लगता है. दुबई का कानून जे-वॉकिंगपर सख्त है. जयवॉकिंग यानी बिना अनुमति या निर्धारित स्थान के सड़क पार करना. जब कोई शख्स ट्रैफिक सिग्नल या जेबरा क्रॉसिंग की अनदेखी करके सड़क के बीच से या ऐसी जगह से सड़क पार करता है जहां से क्रॉसिंग की अनुमति नहीं है, तो इसे जयवॉकिंग कहा जाता है. पिछले साल के आंकड़े डराने वाले! दुबई पुलिस ने बार-बार चेतावनी दी है कि जयवॉकिंग के घातक नतीजे हो सकते हैं. पिछले साल, जे-वॉकिंग की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई और 339 लोग घायल हुए. गल्फ न्यूज के मुताबिक, 2023 में 44,000 से ज्यादा लोगों पर जे-वॉकिंग का जुर्माना लगा है. दुबई पुलिस ने साफ कहा है कि सड़क पार करते समय यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है.उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो क्रॉसिंग का सही तरीका अपनाएं और सड़क पर गाड़ियां न होने पर ही सड़क पार करें. बता दें, दुबई ट्रैफिक कोर्ट ने अरब ड्राइवर को ट्रैफिक नियम न मानने पर 2000 यूएई दिरहम का जुर्माना लगाया, जबकि एशियाई पैदल चलने वालों पर बिना अनुमति वाली जगह से सड़क पार करने के लिए 400 यूएई दिरहम  का जुर्माना लगाया है.    

राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि ‘भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।’ बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह ‘अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं’, जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा ’60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं’, जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि ‘ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।’

रिलायंस के ब्रांड कैंपा कोला की धमक कोका-कोला को कीमत घटाने पर मजबूर होना पड़ा

नई दिल्ली भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी ने कोला मार्केट में उतरते ही तहलका मचा दिया है। रिलायंस के कैंपा ब्रांड ने अपने प्रॉडक्ट्स की कीमत कोका-कोला और पेप्सी की तुलना में काफी कम रखी है। इससे इन कंपनियों को कड़ी चुनौती की सामना करना पड़ा है। कई मार्केट्स में उनका हिस्सेदारी प्रभावित होने लगी है। कोका-कोला अब अपनी 400 मिली की बोतल की कीमत 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये करने की योजना बना रही है। डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। संशोधित कीमतें अगले एक हफ्ते में तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बाजारों में लागू होने की संभावना है। इस बारे में कोका-कोला ने सवालों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने कहा कि कोका-कोला 400 मिली की बोतल अभी 25 रुपये में बेच रही है। तत्काल उन्हीं बोतलों की पैकेजिंग बदलकर 20 रुपये नहीं की जा सकती है। कंपनी आने वाले दिनों में एक नई पैकेजिंग लॉन्च करेगी। इसमें बोतल पर 250 मिली और 150 मिली फ्री लिखा होगा। इसकी कीमत 20 रुपये होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के ब्रांड कैंपा कोला ने अपने पैक्स की कीमत कोका-कोला की तुलना में 5-20 रुपये कम है। इससे कोका-कोला जैसी वैश्विक कंपनियों को अपनी कीमतों में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कैसे निपटेगा पुराना स्टॉक? कैंपा कोला अपनी 500 मिली की बोतले 20 रुपये में बेचती है जबकि कोका-कोला की 400 मिली बोतल की कीमत 25 रुपये है। इसी तरह कैंपा की 600 मिली की बोतल की कीमत 30 रुपये है, जबकि कोका-कोला उसे 40 रुपये में बेचती है। कैंपा की 2 लीटर की बोतल और कोका-कोला के 2.25 लीटर की बोतल की कीमत में 20 रुपये का अंतर है। कोका-कोला जनरल ट्रेड चैनल से 250 मिली, 400 मिली, 600 मिली, 1 लीटर और 2.25 लीटर पैक आकार की कोल्ड ड्रिंक बोतलें बेचती है। कंपनी मॉडर्न ट्रेड चैनल के जरिए ज्यादातर 750 मिली और 1.25 लीटर की बोतलें बेचती है जबकि जनरल ट्रेड चैनल से 600 मिली और 1 लीटर की बोतलें अधिक बिकती हैं। हालांकि कोका-कोला के डिस्ट्रीब्यूटर्स को इस बात की चिंता है क्योंकि उनके पास 250 मिली की बोतलों का काफी स्टॉक है। इनकी कीमत 20 रुपये है। कम कीमत वाली 400 मिली की बोतलों के बाजार में आने से पहले उन्हें इस स्टॉक को खत्म करना होगा। अभी यह साफ नहीं है कि 250 मिली की बोतलों के लिए कोका-कोला की कीमत और मार्केटिंग स्ट्रैटजी क्या होगी? डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि 250 मिली के स्टॉक को खत्म करना होगा।

दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर पूरा सरकारी अमला दिन रात काम में जुटा

प्रयागराज दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में पूरा सरकारी अमला दिन रात काम में जुटा हुआ है। अधिकारी दिन भर जहां कार्यालयों में महाकुंभ की तैयारियों से संबंधित अपने जरूरी काम निपटा रहे हैं तो वहीं देर रात तक विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा भी ले रहे हैं। यही नहीं, कहीं पर भी कोई अव्यवस्था होने पर तुरंत अधीनस्थ कर्मचारियों को व्यवस्था सही करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। गतिविधियों में आई इस तेजी से स्पष्ट है कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप मेला प्रशासन और जिला प्रशासन समस्त कार्यों को डेडलाइन से पहले ही पूर्ण कर महाकुंभ को श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव बनाने के प्रति तत्परता से कार्य कर रहा है। विकास कार्यों में दिखाई दे रही तेजी महाकुंभ 2025 की शुरुआत को अभी दो महीने से भी ज्यादा का समय बचा हुआ है। पूरे प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए तमाम तरह की व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज से लेकर सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य जारी है। थीमेटिक गेट्स से लेकर वॉल पेंटिंग की जा रही है। पार्कों का सौंदर्यीकरण चल रहा है। मंदिरों के जीर्णोद्धार से लेकर घाटों पर भी निर्माण कार्य समेत महाकुंभ क्षेत्र में तमाम विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। मेला प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी, नगर निगम, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, सेतु निगम समेत तमाम विभाग आपसी समन्वय के साथ इन परियोजनाओं को पूर्ण करने में लगे हुए हैं। विकास कार्यों की भौतिक प्रगति को देखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी देर रात निरीक्षण में जुट गए हैं। आधी रात को अधिकारियों के औचक निरीक्षण से काम की रफ्तार में भी तेजी आई है। स्थायी कार्यों पर है जोर बीते कुछ दिनों में पीडीए के वीसी और सचिव ने हाई कोर्ट रोड, छोटा बघाड़ा रोड, अरैल, कीडगंज, हटिया, नूरुल्लाह, झूंसी बस स्टैंड और लेटे हनुमान मंदिर में चल रहे विकास कार्यों का देर रात निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक सुधार निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का आधी रात निरीक्षण करने पहुंच गए और पानी से लेकर बिजली सप्लाई को लेकर विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया। देर रात अधिकारियों की सक्रियता से विभागीय कार्यों में तेजी देखने को मिल रही है। फोकस उन कार्यों पर है, जो विगत काफी दिनों से पेंडिंग चल रहे हैं। इसके साथ ही गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लंबे समय तक प्रयागवासी महाकुंभ के दौरान हुए विकास कार्यों का लाभ उठा सकें। ज्यादातर कार्य टेंपरेरी की बजाए पर्मानेंट बेसिस पर किए जा रहे हैं।  

डॉ आंबेडकर मेधावी छात्र योजना के लिए आवेदन शुरू, स्कूल और कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए सरकारी स्कॉलरशिप स्कीम

आप चाहे स्कूल में पढ़ते हों या कॉलेज में, ग्रेजुएशन कर रहे हों या पोस्ट ग्रेजुएशन… आपके पास मौका है बढ़िया स्कॉलरशिप पाने का। इस सरकारी छात्रवृत्ति योजना के तहत आपको हर साल 12 हजार रुपये तक दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार राज्य के विद्यार्थियों को ये सुविधा दे रही है। जिस स्कॉलरशिप स्कीम के तहत आपको ये फायदा मिलेगा, उसका नाम है- डॉ आंबेडकर मेधावी छात्रवृति योजना। सत्र 2024-25 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। Dr Ambedkar Medhavi Chhatra Yojana: किसे मिलेगा लाभ? हरियाणा गवर्नमेंट द्वारा वंचित वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए ये योजना चलाई जा रही है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी मेधावी छात्र की आर्थिक कारणों से पढ़ाई प्रभावित न हो। खंड शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद ने बताया कि 2024-25 की अवधि के लिए डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के तहत सरल पोर्टल (https://saralharyana.gov.in/) पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। डॉ आंबेडकर मेधावी छात्र योजना के लिए योग्यता की शर्तें इस प्रकार हैं-     अनुसूचित वर्ग (एससी कैटेगरी) के जिन शहरी छात्रों के 10वीं में 70, 12वीं में 75 व स्नातक में 65 प्रतिशत अंक हैं, वे इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।     इसी प्रकार गांवों में अनुसूचित वर्ग (SC) के छात्र के 10वीं में 60, 12वीं में 70 व स्नातक में 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए।     इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग-ए (बीसी) के शहर में रहने वाले छात्र ने 10वीं में 70 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत अंक मिले हों।     पिछड़ा वर्ग-बी के शहरी छात्र या छात्रा के 10वीं में 80 व ग्रामीण छात्र के 75 प्रतिशत अंक होने चाहिए, तभी वह योजना के पात्र होंगे।     डॉ आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के लिए छात्र के परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम होनी चाहिए। डॉ आंबेडकर स्कॉलरशिप में कितने पैसे मिलेंगे? आवेदन करने वाले योग्य उम्मीदवारों को 10वीं पास होने पर आठ हजार रुपये सालाना, एससी आवेदक को 12वीं पास करने पर 8 से 10 हजार रुपये और स्नातक पास होने के बाद 9 से 12 हजार रुपये प्रति वर्ष आगे की पढ़ाई के लिए दिए जाएंगे। ये दस्तावेज जरूरी पारिवारिक आय का प्रमाण-पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र, बैंक पास बुक, वर्तमान अध्ययनरत कक्षा का आईडी कार्ड या प्रमाण, मार्कशीट, फैमिली आईडी आदि दस्तावेज आवेदन के साथ लगाने होंगे।

दिवाली के दूसरे दिन मानाने वाला पर्व भाई दूज, जानें तारीख और महत्व

भाई दूज का पर्व हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन बहने अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को रखती है। इस बार 2 या 3 नवंबर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि किस दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। यहां जानें भाई दूज की तारीख और धार्मिक महत्व। भाई दूज 2024 तिथि : भाई दूज का पर्व बहन और भाई के प्रति विश्वास और प्रेम का पर्व है। भाई दूज के साथ ही पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का भी समापन हो जाता है। भाई दूज के पर्व हर साल की कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रखा जाता है। देशभर में भाई दूज के पर्व को अलग अलग नामों से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के रिश्तों को मजबूत करता है। आइए जानते हैं इस बार भाई दूज कब मनाई जाएगी। कब है भाई दूज 2024 ? कार्तिक मास द्वितीया तिथि का आरंभ 2 नवंबर को रात में 8 बजकर 22 मिनट पर हो जाएगा और कार्तिक द्वितीया तिथि 3 नवंबर को रात में 10 बजकर 6 मिनट तर रहेगी। उदया तिथि में द्वितीया तिथि 3 नवंबर को होने के कारण भाई दूज का पर्व 3 तारीख को मनाया जाएगा। दरअसल, 3 तारीख को सुबह में 11 बजकर 39 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा। इसके बाद शोभन योग लग जाएगा। इसलिए भाई दूज के दिन पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। भाई दूज का महत्व भाई दूज का पर्व हिंदुओं में प्रमुख और प्रसिद्ध त्यौहार है। भाई दूज भाई बहन के बीच मान सम्मान और प्रेम प्रकट करने का शानदार अवसर है। भाई दूज का धार्मिक महत्व भी है। भाई दूज का धार्मिक महत्व भी है। शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि पर यम अपनी बहन के घर गए थे। वहां अपनी बहन द्वारा किए गए आदर सत्कार से प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई बहन इस दिन यमुना में स्नान करके यम पूजा करेंगे। उसे मृत्यु के बाद यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। भाई दूज को लेकर एक अन्य मान्यता यह भी है कि एक बाद भगवान कृष्ण जब नरकासुर राक्षस का वध करके द्वारका नगरी लौटे थे। इस अवसर पर भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा ने फूल, मिठाई और अनेकों दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। देवी सुभद्रा ने भगवान कृष्ण के मस्तक पर टीका लगाकर उनकी लंबी आयु की कामना की थी। तभी से भाई दूज का पर्व मनाया जाने लगा।

रोहित शर्मा के बल्ले पर कप्तानी के बोझ में लगी जंग, इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1

नई दिल्ली वनडे और टी20 में तो बतौर कप्तान रोहित शर्मा अपने बल्ले से धूम मचा रहे हैं, मगर जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो मानों उनके बल्ले पर जंग लग जाती है। जी हां, यह हम नहीं बल्कि रोहित शर्मा के आंकड़े कह रहे हैं। रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में अपने 20 मैच खेल लिए हैं। अगर पिछले 50 सालों में भारत के लिए कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों के पहले 20 मैचों की तुलना की जाए तो रोहित शर्मा टॉप-5 में भी नहीं है। वहीं इस दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में विराट कोहली टॉप पर हैं। जी हां, आईए एक नजर डालते हैं इस लिस्ट पर- रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान अपने पहले 20 मैचों में 35.11 की औसत से 1194 रन बनाए हैं। वह रन और औसत के मामले में इस लिस्ट में 7वें नंबर पर हैं। हालांकि बिना कप्तानी के रोहित शर्मा का टेस्ट में परफॉर्मेंस इससे अच्छा रहा है। रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेटर में बतौर बल्लेबाज 43 मैच खेले हैं, जिसमें 46.87 की औसत से उनके बल्ले से 3047 रन निकले हैं। इन आंकड़ों को देखकर साफ समझ आ रहा है कि हिटमैन टेस्ट में कप्तानी का बोझ नहीं झेल पा रहे हैं। वहीं पहले 20 टेस्ट मैचों में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की करें तो इस लिस्ट में विराट कोहली का नाम पहले नंबर पर है। कोहली ने अपने पहले 20 मैचों में 60 से अधिक की औसत के साथ 1861 रन बनाए थे। वहीं अगर पहले 20 टेस्ट मैचों में बेस्ट एवरेज की बात करें तो इस लिस्ट में सुनील गावस्कर विराट कोहली से आगे हैं। गावस्कर ने बतौर कप्तान अपने पहले 20 टेस्ट मैचों में 62.62 की औसत से 1816 रन बनाए थे। बतौर कप्तान पहले 20 टेस्ट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन (पिछले 50 सालों में) खिलाड़ी मैच रन  औसत विराट कोहली 20 1861 60.03 सुनील गावस्कर 20 1816 62.62 सचिन तेंदुलकर 20 1630 54.33 एमएस धोनी 20 1226 51.08 राहुल द्रविड़ 20 1418 45.74 मोहम्मद अजहरुद्दीन 20 1287 44.37 रोहित शर्मा 20 1194 35.11 सौरव गांगुली 20 949 33.89 कपिल देव 20 747 24.09 बिशन सिंह बेदी 20 285 15

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