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भाजपा-कांग्रेस के साथ अब सीपीआई भी विरोध में, छत्तीसगढ़-बीजापुर में वनरक्षक भर्ती में स्थानीयों को मिले प्राथमिकता

बीजापुर. देर रात तक भूखे-प्यासे वनरक्षक अभ्यार्थियों का फिजिकल टेस्ट मामला, स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार की मांग का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। नियम विरुद्ध भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए सत्त्तापक्ष भाजपा, कांग्रेस व सीपीआई ने सरकार से मांग की है। वनरक्षक भर्ती मामले को लेकर सत्ताधारी भाजपा के नेता स्थानीय बेरोजगारों की नियुक्ति करने के साथ भर्ती निरस्त करने की मांग की है। सोशल मीडिया में भाजपा नेता फूलचंद गागडा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य युवा मोर्चा ने सोशल मीडिया फेसबुक प्लेटफार्म पर पोस्ट करके अधिकारियों की मनमानी और नियम विरुद्ध देर रात तक कराये जा रहे फिजिकल टेस्ट को बंद करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग सरकार से की है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में सीसीआई का एक दल वनरक्षक भर्ती स्थल ज्ञानगुड़ी पहुंचा, जहां दल ने अधिकारियों पर लग रहे आरोपों पर बातचीत करनी चाही, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी नहीं मिला। सीपीआई नेताओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करके स्थानीय बेरोजगार युवाओ की भर्ती करने की मांग की है। इधर मुख्य  विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। बीजापुर से कांग्रेस विधायक ने बयान जारी कर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजापुर में हो रहे वनरक्षक भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही हैं। नियम विरुद्ध रात के अंधेरे में कराए जा रहे शारीरिक दक्षता परीक्षा की जांच की मांग विधायक ने की है।

चार आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान-सिरोही से गुजरात पहुंची 4.92 लाख रुपये की विदेशी शराब जब्त

सिरोही. समीपवर्ती गुजरात के धानेरा, बनासकांठा में पुलिस तथा पालनपुर एलएलसीबी द्वारा शनिवार को की गई अलग-अलग कारवाई में राजस्थान से गुजरात ले जाई गई 4.92 लाख रुपये की विदेशी शराब और दो वाहन जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। गुजरात पुलिस के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक, फ्रंटियर रेंज कच्छ-भुज चिराग कोर्डिया के निर्देशानुसार बनासकांठा पुलिस अधीक्षक अक्षयराज की अगुवाई में जिले में शराब एवं जुए जैसी गतिविधियों को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत थराद डिवीजन के पुलिस उपाधीक्षक एसएम वरोटारिया, थराद नाओ के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक धानेरा पोस्ट एटी पटेल की टीम द्वारा नेनावा पुलिस चौकी पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। उस दौरान वहां से गुजर रही पंजाब पासिंग महिंद्रा पीकप की तलाशी ली गई तो उसमें भारत में निर्मित विदेशी शराब की 70 बोतलें, टीन पाए गए। पूछताछ के दौरान कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाने पर शराब और वाहन को जब्त कर निवासी 150, सुंदरनगर गली नंबर 3, मुंडियाकला ता जिला लुधियाना, पंजाब निवासी समशेरसिंह पुत्र अंग्रेजसिंह, गुरदेवसिंह एवं समराला जिला लुधियाना पंजाब निवासी फुलवंतसिंह पुत्र स्वर्ण सिंह सुच्चा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त की गई शराब की कीमत 2.92 लाख 80 रुपये बताई गई है। कार्रवाई में धानेरा पुलिस निरीक्षक ए.टी.पटेल, हेड कांस्टेबल खुमाभाई, हेड कंसल्टेंट ईश्वरभाई, कांस्टेबल रमेशभाई एवं प्रकाशभाई सम्मिलित रहे। ट्रेवेल्स बस से 2 लाख रुपये की शराब पकड़ी दूसरी कारवाई में ट्रेवल्स बस से 2 लाख रुपये की शराब जब्त की गई है। इसमें एलसीबी, बनासकांठा नाओ के पुलिस निरीक्षक एवी.देसाई के मार्गदर्शन में एलसीबी पुलिस स्टाफ के जवान पालनपुर तालुका पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर खेमाना टोल प्लाजा हाईवे रोड पर बीकानेर पासिंग श्रीनाथ ट्रेवल्स पर नाकाबंदी की गई थी। बस में भारत में निर्मित विदेशी शराब एवं बीयर पाई गई। इसकी कीमत 2 लाख 205 रुपये है। यह शराब बस के ऊपर कैरियर में रखकर ले जाई जा रही थी। कार्रवाई में एलसीबी एसजे.परमार, हेड कंसल्टेंट्स राजेशकुमार, प्रमुख कंसल्टेंस अल्पेशकुमार, एलसीबी हेड कंसल्टेंसी चिराग सिंह, भरतजी, एलसीबी  संजय कुमार, थाना प्रभारी, एलसीबी प्रकाश कुमार एवं मुकेश कुमार सम्मिलित रहे। इस मामले में लग्जरी बस मालिक निवासी मनोजभाई पुत्र चेनाराम माली, सेडवा जिला बीकानेर निवासी मनोज भाई पुत्र पुनमाराम बिश्नोई, बीकानेर निवासी बस चालक जगमाल सिंह घने सिंह राजपूत, क्लीनर विक्रम सिंह भोम सिंह राजपूत ओसिया जिला जोधपुर को गिरफ्तार किया गया है।

जग्गी हत्याकांड : पांच साल से अधिक समय काट चुके छह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

रायपुर बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में आरोपी पूर्व पुलिस अफसर एएस गिल, वीके पांडेय और आरसी त्रिवेदी समेत छह लोगों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. इन आरोपियों को छह माह पहले दोबारा जेल में दाखिल किया गया था. सभी आरोपी पांच साल से अधिक समय तक जेल में बीता चुके हैं. वकीलों ने बताया कि आरोपियों की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सुनवाई के बाद मंगलवार को छह आरोपियों की जमानत के आदेश दिए हैं. अब आदेश की मूल प्रति रायपुर की अदालत में जमा की जाएगी, जिसके बाद आरोपियों की जेल से रिहाई के आदेश होगा. बता दें कि जग्गी हत्याकांड में जमानत निरस्त होने के बाद पुलिसवालों समेत जग्गी हत्याकांड समेत सभी आरोपियों को वापस जेल दाखिल करने के आदेश दिए गए थे. इस आधार पर सभी ने इस साल जून महीने में कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था. क्र.सं. अभियुक्त का नाम धारा के तहत आरोप लगाया गया 1 चिमन सिंह 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 2 याह्या ढेबर 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 3 अभय गोयल 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 4 शिवेंद्र सिंह परिहार 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 5 फ़िरोज़ सिद्दीक़ी 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 6 विक्रम शर्मा (निधन) 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 7 विनोद सिंह राठौड़ 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 8 राकेश कुमार शर्मा बाबू 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 9 अशोक सिंह भदौरिया@पिंटू 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 10 संजय सिंह कुशवाह चुन्नू 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 11 राजू भदौरिया 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 12 रवीन्द्र सिंह@रवि 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 13 नरसी शर्मा 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 14 सत्येन्द्र सिंह 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 15 विवेक सिंह भदोरिया 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 16 लल्ला भदौरिया धर्मेन्द्र सिंह 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 17 सुनील गुप्ता 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 18 अनिल पचौरी 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 19 हरिश्चंद्र 120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC 20 बुल्ठू पाठक@महंत 120-बी एवं 193 IPC 21 सुरेश सिंह 120-बी एवं 193 IPC 22 सूर्यकान्त तिवारी 120-बी एवं 193 IPC 23 राकेश चंद्र त्रिवेदी 120-बी, 193 और 218 IPC 24 वी.के.पांडेय 120-बी, 193 और 218 IPC 25 अमरीक सिंह गिल 120-बी, 193 और 218 IPC 26 अविनाश@लल्लन सिंह 120-बी, 302/34, 427 IPC और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(ए) और विकल्प में धारा 120-बी, 193/34 IPC के तहत 27 जाम्बवंत@बाबू 120-बी, 302/34, 427 IPC और विकल्प में धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत. 28 श्याम सुंदर@आनंद शर्मा 120-बी, 302/34, 427 IPC और विकल्प में 120-बी और 193/34 IPC 29 विनोद सिंह@बादल 120-बी, 302/34 और 427 IPC और विकल्प में, धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत। 30 विश्वनाथ राजभर 120-बी, 302-34, 427 IPC और विकल्प में धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत.  

सफारी को डेली साइटिंग ने बनाया रोमांचक, राजस्थान-अलवर के सरिस्का में घूम रहे 42 बाघ

अलवर. सरिस्का में टाइगरों की संख्या बढ़ने से अब पर्यटकों को सफारी के दौरान टाइगर आराम से दिखाई दे रहा है। इससे न केवल सरिस्का में पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है, बल्कि यह के जंगल और अन्य जानवर भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। दिल्ली गुरुग्राम से आने वाले पर्यटक दीपांशु पराशर तो बेहद भग्यशाली हैं, जिनको सत्रह बार टाइगर और लेपर्ड के दीदार हो चके हैं। दीपांशु ने बताया कि वह 2018 से लगातार सरिस्का आ रहा है और उसे सत्रह बार टाइगर दिख चुका है। दीपांशु ने बताया कि उसे सबसे ज्यादा एसटी 21 और एसटी 15 की साइटिंग सबसे ज्यादा हुई है। हालांकि उसे एसटी 3, एसटी 9, और एसटी 6 की साइटिंग भी हुई है, लेकिन सबसे ज्यादा एसटी 21 और एसटी 15 की साइटिंग हुई है। दीपांशु ने बताया कि सरिस्का का जंगल अपने आप में यूनिक है। यहां जंगल भी गहन है और पहाड़ भी हैं। यहां टाइगर ओर लेपर्ड के अलावा अनेक तरह के जंगली जानवर है, जिनको देखकर आनंद मिलता है। गाइड अर्जुन मीणा और रामहेत ने बताया कि एसटी 21 की साइटिंग हमेशा आकर्षक रहती है। इसको देखकर ही आनंद मिलता है, क्योंकि इसे सरिस्का का युवराज भी कहा जाता है। सरिस्का वन विभाग का कहना है कि सरिस्का जैसे जंगलों से ही आमजन को शुद्ध हवा मिलती है। इन्हें बचाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। हम सबको वन्य जीवों का ख्याल रखना चाहिए, ताकि मानव जीवन बचा रह सके। ऐसे प्रयास सरकारों को भी आमजन को साथ लेकर करने चाहिए, जिससे मानव जीवन सुरक्षित रह सके। पर्यटकों को भी सरिस्का में आने के बाद एक अलग ही सुकून मिलता है। उनका कहना है कि शहरों में जीवन अस्तव्यस्त हो चुका है। यहां आते ही जीवन का असली आनंद मिल जाता है। वन विभाग का कहना है कि 42 टाइगरों के होने के बाद अब जंगल भी छोटा लगने लगा है और इसे फैलाने और बफर एरिया बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे है। पहले 43 टाइगर थे, लेकिन उनमें से एक बूंदी जिले में रामगढ़ के जंगलों में भेज दिया गया है।

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस देकर मांगा जवाब, छत्तीसगढ़ में स्कूलों के पास बिक रहे तंबाकू उत्पाद

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश में स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार की तरफ से मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की बेंच ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे ड्रग एडिक्ट हो जाएंगे तो क्या होगा..? उन्होंने कहा की कोटपा कानून है तो उसका पालन होना चाहिए कि नहीं? दरअसल 15 नवंबर 2024 को शुक्रवार को छुट्टी के दिन भी उच्च न्यायालय की बैठक हुई। मुख्य न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार जनरल को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया था। मीडिया में आई रिपोर्टों से पता चला है कि बिलासपुर में सरकारी और निजी स्कूलों के पास सड़क के स्टॉल पर तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इन रिपोर्टों ने बताया कि कैसे इस तरह की गतिविधियाँ स्कूलों के आसपास के वातावरण को खराब कर रही हैं और छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव हो है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिसका उद्देश्य स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और छात्रों तथा सार्वजनिक व्यवस्था पर इसके प्रभाव का समाधान करना है। महाधिवक्ता ने सोमवार की सुनवाई में शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि 15 नवंबर 2024 के आदेश का परिपालन करते हुए  बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी और अन्य कार्रवाई की गई है और गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है। चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने इस पूरे मामले में मुख्य सचिव और बिलासपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई आगामी पांच दिसंबर को तय की गई है।

पुलिस को सीबीआई और कोर्ट के दस्तावेज सौंपे, राजस्थान-केकड़ी में डॉक्टर ने की 6 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग

केकड़ी. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण का अधिकारी बनकर केकड़ी में एक चिकित्सक से लाखों रुपये ऐंठने की कोशिश किये जाने का मामला सामने आया है। राजकीय जिला अस्पताल के पूर्व पीएमओ डॉ. जे एल मेघवाल एक साइबर फ्रॉड का शिकार होते होते बच गए। चिकित्सक जे एल मेघवाल ने इस सम्बंध में केकड़ी सिटी पुलिस को जानकारी दी है। इस संबंध में राजकीय जिला अस्पताल के पूर्व पीएमओ डॉ. जे. एल. मेघवाल ने केकड़ी सीटी थानाधिकारी को बताया कि उनके पास एक फोन आया, जिसमें कॉलर ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से मुम्बई में एक बैंक खाता खुला हुआ है, जिसमें मनीलॉन्ड्रिंग का पैसा ट्रांसफर हुआ है। राशि ट्रांसफर करो, नहीं तो फंस जाओगे इसके बाद कॉलर ने डॉ. मेघवाल से उनके बैंक खातों की जानकारी ली। फिर कथित तौर पर एक सीबीआई ऑफिसर को कॉल ट्रांसफर कर उनकी बात कराई। यह भी कहा कि आपके बैंक खातों की सारी राशि आरबीआई को ट्रांसफर करवाई जाएगी। कथित अधिकारी ने उन्हें एक खाता नंबर दिया और उन पर दबाव बनाते हुए उनके खाते में जितनी भी राशि जमा है वह दिए गए खाता नंबर में ट्रांसफर करने की बात कही। दबाव बनाने के लिए चिकित्सक को कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज भी भेजे गए। आरबीआई के नाम पर रुपये जमा करवाने के लिए डाला गया खाता नंबर चिकित्सक द्वारा गौर करने पर आरबीआई का ना होकर किसी अन्य प्राइवेट बैंक का नजर आया। डॉ. मेघवाल को शंका हुई और उन्होंने राशि ट्रांसफर नहीं की। इस पर कॉलर ने उन पर दबाव डाला कि राशि ट्रांसफर करो, नहीं तो फंस जाओगे। अकाउंट से 6 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन जब डॉ. मेघवाल ने उनसे कहा कि मुंबई में उनका कोई खाता ही नहीं है। इस पर कॉलर ने कहा कि आपके आधार कार्ड से सिम अलॉट हुई है, जिसका इस्तेमाल करने वाले ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में भूमिका निभाई है। उसने कहा कि इस संबंध में मुंबई के अंधेरी थाने में केस भी दर्ज हुआ है। कॉलर ने फोन पर उन्हें अंधेरी पुलिस थाने आने की बात कही और कहा कि आपकी वीडियो रिकार्डिंग कर केस सीबीआई को भेजा जाएगा। आधार कार्ड के बेस पर मुंबई में खाता खुला हुआ है। इस अकाउंट से 6 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। उसने कहा कि मनीलॉन्ड्रिंग केस में उनके समेत 53 आरोपी हैं। मुख्य आरोपी ने उन्हें 10 प्रतिशत कमीशन दिया है। कॉलर ने यह भी कहा गया कि मुख्य आरोपी आपके बच्चे को किडनैप कर सकता है। डॉक्टर ने दिखाई सजगता डॉ. मेघवाल ने बताया कि शंका होने पर उन्होंने राशि ट्रांसफर नहीं की और फोन काट दिया। उसके बाद उन्होंने सिटी थाने पहुंचकर थाना प्रभारी कुसुमलता मीणा को जानकारी दी और जिस नम्बर से कॉल आया था, उस नंबर की जांच करने का अनुरोध किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

खिलाड़ी मनवा रहे प्रतिभा का लोहा, छत्तीसगढ़-बीजापुर में बस्तर ओलंपिक में जुटे अंदरूनी क्षेत्रों के युवा

बीजापुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सपनों को साकार करते हुए बीजापुर के सुदूर अंचलों के खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने मैदानों में जुटे हुए हैं। विकास की सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा के साथ बढ़ते हुए विकसित बीजापुर के युवा खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में अपने जोश और जूनून का भलीभांति परिचय करा रहे है। बस्तर ओलंपिक का ब्लॉक स्तरीय आयोजन का आगाज बीजापुर और भैरमगढ़ ब्लॉक में हो गया है। अंदरूनी क्षेत्रों के हजारों खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लिए सुशासन का सूर्योदय के साक्षी बने। ब्लॉक स्तरीय आयोजन बीजापुर के मिनी स्टैडियम एवं भैरमगढ़ में 18 से 21 नवंबर तक चलेगा जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। बस्तर ओलंपिक में दो वर्गों के खिलाड़ी 14 से 17 वर्ष एवं 17 वर्ष से अधिक गोला फेक, तवा फेक, लंबी कूद, लंबी दौड़, रिलेरेस, बैडमिंटन, फुटबाल, कबड्डी, तीरंदाजी, कराते, वालीबॉल, रस्साकसी जैसे विविध खेलों में प्रतिभागी बने हैं। बीजापुर के मिनी स्टेडियम में हुए शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बी पुष्पा राव, नगरपालिका अध्यक्ष बेनहुर रावतिया, जनपद अध्यक्ष बोधी ताती,  जनपद उपाध्यक्ष सोनू पोटाम, श्रीनिवास मुदलियार सहित अन्य प्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, जीत और हार खेल का हिस्सा होता है जीतने पर अति आत्मविश्वास न हो, न ही हारने पर निराश होने की बात कही। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी नारायण प्रसाद गवेल, एसडीएम बीजापुर उत्तम सिंह पंचारी सहित अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

CGPSC घोटाला: मेधावी जोड़ी का खुला राज, अन्य कथित मेधावियों पर भी जल्द कसेगा सीबीआई का शिकंजा

रायपुर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सीजीपीएससी 2021 की भर्ती परीक्षा घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड रायपुर के निदेशक को श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार कर घोटाले की पुष्टि कर दी है। पहली ही गिरफ्तारी में पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश सरकार की भर्ती परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार का राज खुल गया है। गिरफ्तार किए गए उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल पर अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका का डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन के लिए रिश्वत देने का आरोप है। भर्ती परीक्षा के परिणाम जिस समय आए थे तब पति-पत्नी की जोड़ी ने खूब वाहवाही भी लूटी थी। इस परीक्षा में कई ऐसी जोड़ियां सामने आई थीं, जिसके कारण ये मामला संदेह के दायरे में आ गया था। सीजीपीएससी घोटाले में बुरी तरह से फंसी भूपेश सरकार मामले में भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल से शिकायत की थी। बाद में भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश सरकार सीजीपीएससी घोटाले में बुरी तरह से फंसी और भूपेश सरकार की कुर्सी हिल गई। पूर्व गृह मंत्री व भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट बिलासपुर में आरोप पत्र दाखिल करके कई भाई-बहन, बेटी-दामाद और रिश्तेदारों को लेकर सवाल उठाया था। इसको लेकर हाई कोर्ट ने भी राज्य सरकार से पूछा था कि अधिकारियों और नेताओं के बेटा-बेटियों का चयन कैसे हो गया। कोर्ट ने 18 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए शासन को जांच करने कहा था। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद सात फरवरी 2024 को ईओडब्ल्यू और एसीबी ने अपराध दर्ज किया था। बाद में मामला सीबीआई को दे दिया गया है। इसमें पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक के साथ ही अफसरों और कांग्रेसी नेताओं को आरोपी बनाया गया है। टामन सोनवानी के पांच रिश्तेदारों की जोड़ी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में पीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के पांच रिश्तेदारों की नियुक्ति की सूची सौंपी गई थी। इसमें उनके करीबी रिश्तेदार नितेश की नियुक्ति डिप्टी कलेक्टर के पद पर की गई है और उनके सरनेम को छिपाया गया है। बहू निशा कोशले का भी चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। बड़े भाई के बेटे साहिल का चयन डीएसपी के पद पर हुआ है। इसमें भी सरनेम नहीं लिखा गया है। उनके भाई की बहू दीपा अजगले आदिल की नियुक्ति जिला आबकारी अधिकारी और बहन की बेटी सुनीता जोशी को श्रम अधिकारी बनाया गया है। पीएससी सचिव व नियंत्रक के रिश्तेदार आयोग के सचिव व सेवानिवृत्त आइएएस जीवन किशोर ध्रुव के रिश्तेदार सुमित ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बने थे। मामले में जीवन किशोर ध्रुव के खिलाफ भी जांच चल रही है। पीएससी के सहायक नियंत्रक ललित गनवीर की बहू का भी पीएससी में चयन हुआ है। राज्यपाल के सचिव रहे खलको के बेटा-बेटी की जोड़ी राज्यपाल के सचिव रहे अमृत खलको की बेटी नेहा खलको और उनके बेटे निखिल खलको के डिप्टी कलेक्टर बनने पर जांच के दायरे में रखा गया है। भाई-बहन के चयन ने सबको चौकाया दीनदयाल उपाध्याय नगर सेक्टर-2 निवासी, रायपुर की प्रज्ञा नायक ने सीजीपीएससी 2021 में पहली रैंक प्राप्त की थी। प्रज्ञा के भाई प्रखर नायक ने भी सीजीपीएससी में 20वां रैंक हासिल की थी। कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में लिखा गया था कि कांग्रेस नेता के ओएसडी के रिश्तेदार की बेटी प्रज्ञा नायक और बेटा प्रखर नायक का चयन हुआ है। इनके चयन ने सबको चौका दिया था। कांग्रेस नेता सुधीर कटियार के बेटी-दामाद कांग्रेस नेता रहे सुधीर कटियार के बेटी-दामाद के चयन को लेकर सवाल उठाए गए थे। उनके दामाद शशांक गोयल को पीएससी में तीसरा और उनकी बेटी भूमिका कटियार को चौथा रैंक मिला था। डीआईजी-नेताओं की बेटियां आरोप पत्र के मुताबिक बस्तर नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी ध्रुव की बेटी साक्षी ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बनीं थी। इसी तरह कांग्रेस नेता के ओएसडी के साढू भाई की बेटी खुशबू बिजौरा डिप्टी कलेक्टर, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की बेटी स्वर्णिम शुक्ला के डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद प्रश्न खड़े हुए थे। आरोप पत्र के अनुसार कांग्रेस नेता की बेटी अनन्या अग्रवाल का चयन भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। जांच के घेरे में सहायक प्राध्यापक भर्ती भी भूपेश सरकार में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2019 में भी जमकर्र भर्राशाही हुई। इसमें भी एक कांग्रेस नेता के बेटी-दामाद का चयन हुआ है। नौ जुलाई को दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार 2019 में की गई 1,384 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में भी गड़बड़ी की गई है। पहले तो इस परीक्षा में अनुपस्थित अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया। वहीं, एक ही परीक्षा केंद्र में बैठे 50 अभ्यर्थियों में 36 लोगों को भी असिस्टेंट प्रोफेसर बना दिया गया। इसमें सीजीपीएससी में तत्कालीन अध्यक्ष रहे टामन सिंह सोनवानी, कुछ अधिकारियों और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हैं।  

भोपाल: भूमाफियाओं की धोखाधड़ी पर पुलिस शिकंजा, तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप

भोपाल भोपाल के थाना रातीबड़ क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भूमाफिया और सहकारी संस्था के कुछ अधिकारियों ने कृषि भूमि का बार-बार विक्रय करके करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में अनिल अग्रवाल ने थाना रातीबड़ पुलिस को विस्तृत शिकायत दी है, जिसमें भूमि की फर्जी रजिस्ट्री, संपत्ति को अलग-अलग व्यक्तियों को बार-बार बेचने, और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत का दावा किया गया है। इस प्रकरण को लेकर भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा ने भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  क्या है मामला? अनिल अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने पंचसेवा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल के अध्यक्ष अशोक गोयल से कृषि भूमि खरीदी थी। लेकिन इस भूमि को गोयल, यावर अली, रजिया खान और उनके सहयोगियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी के साथ कई अन्य लोगों को भी बेचा गया। जमीन की रजिस्ट्री बार-बार करवाकर भोपाल के नवजोत सिंह ढिल्लन सहित अन्य लोगों के नाम पर फिर से इस भूमि को रजिस्टर्ड किया गया। यह आरोप भी है कि भूमि के विक्रय में नियमों की अनदेखी करते हुए एक ही संपत्ति को बार-बार बेचकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी गई। नवजोत सिंह ढिल्लन ने रजिस्ट्री के दौरान अग्रिम चेक दिए, लेकिन उन्हें नकद नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी धोखाधड़ी तहसील और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है।  सांसद आलोक शर्मा का हस्तक्षेप इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा ने पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि इस प्रकार के मामलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के लिए भी बड़ा खतरा है। सांसद ने पुलिस से जांच में तेजी लाने और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाने की अपील की है।  बार-बार विक्रय और प्रशासनिक मिलीभगत शिकायत में बताया गया है कि यावर अली और रजिया खान ने पहले इसी संपत्ति को विनोद शर्मा को बेचा, फिर पंचसेवा गृह निर्माण सहकारी संस्था और अंततः नवजोत सिंह ढिल्लन को विक्रय कर दिया। यह आरोप लगाया गया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भूमाफियाओं को पूरा सहयोग दिया, जिसके चलते यह फर्जीवाड़ा संभव हो पाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि 2001 से इस भूमि पर सहकारी संस्था के सदस्यों का कब्जा है, लेकिन हाल ही में भूमाफियाओं ने गुंडों की मदद से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।  भूमाफियाओं की गिरोहबंदी यह मामला एक संगठित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है, जिसमें भूमाफिया एक ही संपत्ति को कई बार विक्रय कर निर्दोष नागरिकों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायतकर्ता और अन्य पीड़ितों ने इस प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन थाना रातीबड़ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांसद आलोक शर्मा के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि प्रशासन इस प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। अनिल अग्रवाल और अन्य पीड़ितों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

आसपास खून के धब्बे और जेब में मिले डेढ़ लाख रुपये, छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार के तालाब में उतराता मिला महिला का शव

बलौदा बाजार. बलौदा बाजार जिले के ढाबाडीह गांव में एक संदेहास्पद स्थिति में महिला की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि बंद पड़े पत्थर खदान के तालाब में महिला का शव तैरता पाया गया है। महिला का शव खदान के तालाब के अंदर पाया गया, लेकिन इसके आसपास खून के धब्बे और घसीटने के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदेहास्पद बन गया है। बलौदाबाजार पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और शव को बाहर निकाला। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला के कुर्ते से तीन गड्डियां बरामद की गईं, जिनमें हर गड्डी में 500-500 रुपये के नोट थे। पुलिस के अनुसार, डेढ़ लाख रुपये बताया जा रहे हैं। यह बरामदगी पूरे मामले को और अधिक जटिल बना रही है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत एक हादसा था या फिर किसी साजिश का हिस्सा। फोरेंसिक टीम और पुलिस की जांच जारी पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएसएल (Forensic Science Laboratory) टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। बलौदाबाजार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के एसडीओपी निधि नाग ने पुष्टि करते हुए बताया कि महिला के शव के पास खून के धब्बे भी मिले हैं, जो घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। क्या हो सकती है घटना की वजह महिला की लाश के पास से मिले नोटों की गड्डियों ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मामला केवल हत्या का नहीं हो सकता। महिला का शव खदान के पानी में मिलने से यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि उसे जानबूझकर इस स्थान पर डाला गया हो सकता है। फिलहाल, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि ये नोट किसके थे और क्या महिला के साथ किसी प्रकार का अपराध हुआ है। इस रहस्यमय घटना ने इलाके के लोगों में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। पुलिस ने आम जनता से किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।

‘एसडीएम को तीन-चार थप्पड़ और धरने चाहिए थे’, राजस्थान-नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल उतरे नरेश के समर्थन में

जोधपुर. आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल देवली-उनियारा से निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के समर्थन में उतर आए हैं। समरावता एसडीएम थप्पड़ कांड को लेकर बेनीवाल ने नरेश मीणा का समर्थन करते हुए कहा- नरेश ने सही किया, उसे तो तीन-चार थप्पड़ मारने चाहिए थे। सोमवार को बेनीवाल जोधपुर में अनीता चौधरी हत्याकांड के विरोध सभा में बोल रहे थे। इस दौरान बेनीवाल ने अपने समर्थकों से कहा- ये अमित (एसडीएम) मेरे नागौर में रहा हुआ है। इसने मेरे लोगों को कितना तंग किया, तुम्हें पता है? किस तरह माइनिंग पर रेड पड़ी थी, बंद किया था। बेनीवाल बोले कि इस घटना को जाट वर्सेज मीणा बनाने की क्या आवश्यकता है? अच्छा हुआ इसके एक झापड़ (थप्पड़) मारा, उसके तीन-चार झापड़ धरने चाहिए थे। अच्छा रहा। मैं मार नहीं पाया। मेरे वाला काम नरेश ने कर दिया। ठीक किया। अब हर जगह मैं ही थोड़े मारता घूमूंगा। बोले जबरदस्ती जाट-मीणा क्यों बना रहे हो बेनीवाल ने कहा- आप सोशल मीडिया पर क्यों समाज की बात कर रहे हो? आप जानते हो, उसके बारे में कौन है? कहां का रहने वाला है? उसकी क्या हिस्ट्री है? जबरदस्ती जाट मीणा बना रहे हो। जिसने थप्पड़ खाया और जिसने थप्पड़ मारा, वो कैसा है। उन दोनों के बारे में पता तो होना चाहिए। जोधपुर में हनुमान बेनीवाल की सभा में पहुंचे लोग। अनीता चौधरी हत्याकांड को कमजोर करने की कोशिश हो रही बेनीवाल ने कहा अनीता चौधरी हत्याकांड में समाज के धरने को खत्म करवाने के लिए सरकार समाज के ही थानेदार, सीआई को भेजकर टास्क दे रही है। उन्हें भी अच्छी पोस्टिंग की चाहत है। हमारे ही समाज के अफसर अच्छी पोस्टिंग के प्रलोभन में इसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे समाज के ही अफसरों को भेजकर धरना समाप्त कराया जा रहा है। यह बहुत बड़ी कमी है। यही दुर्भाग्य है। अफसर सस्पेंड होते हैं, तब समाज याद आता है सांसद बेनीवाल ने कहा- आज जो अफसर सरकार को खुश करने के लिए धरना समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। इन्हें नंबर बढ़ाने हैं। अच्छी पोस्टिंग का लालच है। ये ही अफसर जब फंसते हैं तो लाखों देते हैं। जब ये सस्पेंड होते हैं, तब इन्हें समाज याद आता है। यही तो दुर्गति है।

आश्रम अधीक्षक की मौत, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में कार-पिकअप की जोरदार टक्कर

बलरामपुर रामानुजगंज. बलरामपुर रामानुजगंज बीती रात आठ बजे के करीब पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षक अजीत कुमार नेताम की कार की टक्कर लाइवलीहुड कॉलेज के समीप विपरीत दिशा से आ रही पिकअप से हो गई। जिससे मौके पर ही अजीत कुमार नेताम की मौत हो गई। वहीं पिकअप ड्राइवर के पैर में गंभीर चोट लगी है। घटना की सूचना पर तत्काल मौके पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम और कोतवाली पुलिस पहुंची। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षक अजीत कुमार नेताम बलरामपुर बाजार करके वापस रात्रि आठ बजे के करीब वापस अपने कार से जा रहे थे। इसी दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव के घर के सामने खड़ी पल्सर में कार ने टक्कर मार दी। जिसके बाद कार  तेजी से चांदो रोड की ओर जाने लगी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजीत कुमार नेताम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पिकअप ड्राइवर के पैर में गंभीर चोट लगी। घटना की सूचना मिलने पर हाईवे पेट्रोलिंग की टीम पहुंची। घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। मिलनसार, व्यवहारिक एवं सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले अजीत कुमार नेताम की आकस्मिक मृत्यु से ग्राम देवगई एवं ग्राम सिंदूर में शोक की लहर है। अजीत के माता-पिता सिंदूर गांव में रहते हैं। वहीं अजीत ने अपना घर देवगई में बनाए था। जहां वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था।

मुख्यमंत्री साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की  पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

पिता के ढाबे में ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस, राजस्थान-जोधपुर से रीट पेपर लीक की आरोपी इमरती गिरफ्तार

जोधपुर. जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने 2021 के बहुचर्चित रीट पेपर लीक घोटाले में तीन साल से फरार चल रही इमरती बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। इमरती अपने पिता के ढाबे पर छिपकर रह रही थी। पुलिस के लिए ये एक बड़ी गिरफ्तारी है, क्योंकि इमरती तीन बार पुलिस को चकमा देकर भाग चुकी है। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। इमरती को पकड़ने के लिए पुलिस ने इस बार बड़ी चालाकी से काम लिया। इस बार पुलिस ने दो-दो सदस्यीय टीमों को ग्राहक बनाकर ढाबे पर भेजा। ढाबे के पीछे रहने के लिए इमरती ने एक छिपा हुआ ठिकाना बना रखा था। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर इमरती को दबोच लिया। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि उमरलाई निवासी इमरती बिश्नोई के खिलाफ 2021 की रीट परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला दर्ज हुआ था। मौके से पुलिस ने उसके दस्तावेज और परीक्षा प्रवेश पत्र बरामद किए थे, जिसमें कंप्यूटर की मदद से छेड़छाड़ की गई थी। जांच में सामने आया कि इमरती से पहले परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने का ठेका छमी बिश्नोई ने लिया था। छमी को पुलिस ने तीन महीने पहले वृंदावन से गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्व में संगीता, किरण और भंवरी सहित कई अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस इमरती बिश्नोई से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि इससे रीट पेपर लीक घोटाले के अन्य पहलुओं पर प्रकाश पड़ेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दोषियों को भी गिरफ्तार किया जा सकेगा।

मोहन सरकार के प्लान से झूम उठेंगे बेरोजगार युवा, पांच साल में मिलेंगी ढाई लाख नौकरियां,कैडर वार भरे जाएंगे पद

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार युवाओं को सौगात देने जा रही है। नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए सरकारी खुशखबरी है। अगले पांच सालों में सरकार ने सभी विभागों में रिक्त पड़े ढाई लाख पदों पर भर्ती का फैसला किया है। ये भर्तियां सरकार सीधी भर्ती प्रक्रिया से करेगी। अपने संकल्प को दोहराते हुए मोहन सरकार ने यह घोषणा की है। इसके लिए सरकार हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करेगी, जिसमें अलग-अलग पदों पर भर्ती की समय-सीमा तय होगी। बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिली वहीं, सरकार के इस फैसले से उन युवाओं को फायदा होगा जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला 22 नवंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए उस आदेश को वित्त विभाग द्वारा 31 अक्टूबर 2024 से रद्द करने के बाद लिया गया है, जिसमें विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। चल रहीं नियुक्तियां प्रभावित नहीं हालांकि, वित्त विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या नियुक्तियां हो चुकी हैं, वे इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी। जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में जिन पदों पर 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन्हें भी रद्द नहीं माना जाएगा। आने वाले सालों में होने वाली भर्ती को लेकर वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2022 को जारी आदेश में 31 अक्टूबर 2024 से प्रभाव शून्य घोषित कर दिया है। जिसमें पदों की भर्ती के लिए आदेश जारी किए गए थे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। ये भर्तियां नहीं होंगी निरस्त वित्त विभाग ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि, 16 नवंबर 2022 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में निकाली गई भर्तियों में से ऐसे रिक्त पदों पर जिन विभागों ने 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां कर दी हैं, वह निरस्त नहीं मानी जाएंगी। इसके साथ ही सीधी भर्ती के जिन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कार्यवाही संबंधी पत्र कर्मचारी चयन मंडल और एमपी पीएससी या अन्य भर्ती संस्था को भेजे गए हैं या नियुक्ति की जा चुकी है पर कार्यभार ग्रहण करना शेष है तथा परीक्षा परिणाम के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शेष है। ऐसी भर्ती भी निरस्त नहीं मानी जाएगी। 5 प्रतिशत पद ही सीधी भर्ती से भरने का आदेश स्थगित वित्त विभाग के निर्देशों में कहा है कि 3 जनवरी 2013 और 13 अगस्त 2021 को जारी निर्देशों में संवर्ग में स्वीकृत पदों के आधार पर 5 प्रतिशत पदों को ही सीधी भर्ती से भरने के लिए निर्णय लिया है। 18 नवंबर को जारी सर्कुलर में पूर्व में तय लिमिट की प्रभावशीलता को वर्ष 2028-29 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। MPPSC के भर्ती के लिए भेजे पत्र इसके अलावा, जिन पदों पर कर्मचारी चयन मंडल या MPPSC को भर्ती के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं या नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, पर उम्मीदवारों ने अभी तक जॉइन नहीं किया है, उन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। ’50 पद रिक्त तो यह फॉर्मूला लागू होगा’ वहीं, जिन संवर्गों में 51 से 200 पद रिक्त हैं, वहां रिक्त पदों की संख्या के आधार पर भर्ती की जाएगी। अगर 33% से कम पद रिक्त हैं, तो उन्हें एक ही बार में भरा जाएगा। अगर 33% से ज्यादा लेकिन 66% से कम पद रिक्त हैं, तो 8% पदों को 2024-25 में, 46% पदों को 2025-26 में और 46% पदों को 2026-27 में भरा जाएगा। ऐसे भरे जाएंगे पद ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनमें पदों की पूर्ति तीन चरणों में की जाएगी। यानी सीधी भर्ती के यदि कुल पदों में से रिक्त पद 33 प्रतिशत से कम है तो एक बार में भरे जाएंगे। यदि 33 प्रतिशत से अधिक अथवा 66 प्रतिशत से कम हैं तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 66 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद रिक्त पद 66 प्रतिशत से अधिक हैं तो वर्षवार चार वर्ष में प्रथम वर्ष आठ प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 30 प्रतिशत भरे जाएंगे। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है, वहां गणना के अनुसार रिक्त पद 25 प्रतिशत से कम होने पर एक बार में भरे जाएंगे। 25 प्रतिशत से अधिक व 50 प्रतिशत से कम है तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 50 प्रतिशत से अधिक व 75 प्रतिशत से कम होने पर प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। 75 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वर्षवार पांच वर्ष में 2024-25 में 8 प्रतिशत, 2025-26 में 23 प्रतिशत, 2026-27 में 23 प्रतिशत, 2027-28 में 23 प्रतिशत और पांचवें वर्ष 2028-29 में 23 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। – वाहन चालकों की नहीं होगी सीधी भर्ती, आउटसोर्स पर रखे जाएंगे मप्र में वाहनों चालकों की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इसकी जगह वाहन चालक आउटसोर्स पर रखे जाएंगे। विशिष्ट विभाग जहां वाहन चालकों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अति आवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत कर भर्ती की स्वीकृति ले सकेंगे। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इनकी जगह आउटसोर्स पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखें जाएंगे।

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