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दिल्ली-एनसीआर में 371 रहा औसत एक्यूआई, वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और कई इलाकों में हल्की धुंध भी देखने को मिली। दिल्ली में धुंध की परत बनी रही और सुबह 7:15 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 371 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। 200 से 300 तक का एक्यूआई “खराब”, 301 से 400 तक “बहुत खराब”, 401 से 450 तक “गंभीर” और 450 से ज्यादा “गंभीर प्लस” माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कई दिनों तक ‘गंभीर’ और ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में रहने के बाद गुरुवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता थोड़ा बेहतर होकर ‘बहुत खराब’ हो गई। हालांकि कुछ इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी गंभीर बना हुआ है। दिल्ली के सात इलाकों में एक्यूआई लेवल 400 से ऊपर और 450 के बीच रहा। आनंद विहार में 410, बवाना में 411, जहांगीरपुरी में 426, मुंडका में 402, नेहरू नगर में 410, शादीपुर में 402 और वजीरपुर में 413 रहा। दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। अलीपुर में 389, अशोक विहार में 395, आया नगर में 369, बुराड़ी क्रॉसिंग में 369, चांदनी चौक में 369, मथुरा रोड में 333, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 357, आईजीआई एयरपोर्ट पर 357, दिलशाद गार्डन में 320, आईटीओ और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 344 एक्यूआई रहा। इस बीच, केंद्र ने अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग काम के घंटे तय किए हैं। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कर्मचारियों से वाहन प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है। आदेश में कहा गया है कि कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक या सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुल सकते हैं। गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कड़े कदम उठाए हैं और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) में बदलाव किया है। संशोधित दिशानिर्देशों के तहत, एनसीआर राज्यों को ग्रैप चरण 3 में कक्षा 5 तक और ग्रैप चरण 4 में कक्षा 12 तक की स्कूलों की ऑफलाइन कक्षाएं बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। संशोधित जीआरएपी में स्टेज 3 के तहत एक नया निर्देश भी जोड़ा गया है, जिसमें राज्य सरकारों को सार्वजनिक कार्यालयों और नगर निकायों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने की जरूरत है, ताकि यातायात और प्रदूषण कम किया जा सके। जीआरएपी स्टेज 4 के तहत, लोगों को खतरनाक वायु गुणवत्ता के दौरान बाहर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।  

मुंबई लोकल ट्रेन में सीट को लेकर हुआ झगड़ा, लड़के ने चाकू से गोदकर मार डाला, मच गया हड़कंप

मुंबई मुंबई में घाटकोपर स्टेशन पर लोकल ट्रेन में सीट को लेकर हुए झगड़े में हत्या का मामला सामने आया है। टिटवाला निवासी 16 वर्षीय लड़के पर 35 साल के व्यक्ति पर चाकू से हमला करने का आरोप है, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना 15 नवंबर की है और मृतक की पहचान अंकुश भालेराव के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रेन में चढ़ने के बाद यात्रा के दौरान किशोर से उनकी तीखी बहस हुई। वह लड़का चाकू लिए हुआ था और उसी से हमला कर दिया। हाथापाई के दौरान मृतक ने एक तस्वीर खींची थी जिसके आधार पर पुलिस को आरोपी को पकड़ने में मदद मिली। सरकारी रेलवे पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। इस तरह आरोपी का पता लगाया गया और हत्या के 2 दिन बाद उसे टिटवाला से पकड़ लिया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के बड़े भाई 25 वर्षीय मोहम्मद सनाउल्लाह को भी गिरफ्तार किया है। उस पर अपने भाई का चाकू छिपाने और उसे पकड़ने से बचाने में मदद करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी और मृतक दोनों टिटवाला के रहने वाले हैं। 14 नवंबर को दोनों के बीच ट्रेन की सीट को लेकर झगड़ा हुआ था। पीछे से चाकू से कर दिया हमला रिपोर्ट के मुताबिक, अंकुश भालेराव और उसके 2 दोस्तों ने झगड़े के दौरान नाबालिग के साथ मारपीट की थी। इस दौरान लड़के ने भालेराव को जान से मारने की धमकी दी। इसके अगले दिन आरोपी टिटवाला से एक ट्रेन में चढ़ा और घाटकोपर स्टेशन पर उतर गया। यहां पहुंचकर वह भालेराव के आने का इंतजार करने लगा। करीब 10 बजे भालेराव वहां आया और उस शराब की दुकान की ओर जाने लगा, जहां वह काम करता था। इसी दौरान आरोपी ने छिपकर उसका पीछा किया और पीछे से चाकू मारकर भाग गया। भालेराव को घायल अवस्था में राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पता चला कि उसका लीवर काफी डैमेज हुआ है। आखिरकार इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

गुड गवर्नेंस कांफ्रेंस में सीएम साय बोले- नवाचारों से सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहे

रायपुर छत्तीसगढ़ में गुड गवर्नेंस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जहां देशभर से अधिकारी शामिल हुए. इस आयोजन को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, नवाचारों से सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहे. गुड गवर्नेंस कांफ्रेंस में देशभर से आए अधिकारियों ने अपना अनुभव साझा किए हैं. हमारे लिए यह बहुत खुशी की बात है कि कार्यक्रम के दूसरे दिन केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने भी इस सम्मेलन में अपनी भागीदारी से इसकी गरिमा बढ़ाई. सीएम साय ने कहा, यह सम्मेलन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार तथा सुशासन और अभिसरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित किया गया. सम्मेलन में देशभर में सुशासन की दिशा में हो रहे प्रयासों और नवाचारों के संबंध में विमर्श किया गया. सीएम ने कहा, यह आयोजन हमारे लिए भी सुशासन की दिशा में बीते 11 महीनों में राज्य में उठाए गए कदमों और हमें मिली उपलब्धियों को साझा करने का सुअवसर रहा. जीरो भ्रष्टाचार से सरकार की लोकप्रियता बढ़ेगी : केंद्रीय मंत्री केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा, राज्य सरकार के सहयोग के बिना आयोजन संभव नहीं था. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ये कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. हमारा देश बहुमुखी है. रूल टू रोल कानून में सभी बंधे रहें, पालन करें. रामराज ही सुशासन है. सरकार की योजनाओं को लोगों तक अच्छे तरीके से पहुंचाना ये गुड गवर्नेंस का लक्षण है. यही गुड गवर्नेंस है. सरकार गुड गवर्नेस लाकर अच्छा काम करती है. लोगों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाती है. ज़ीरो भ्रष्टाचार से सरकार की लोकप्रियता बढ़ेगी. देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे केंद्रीय मंत्री ने कहा, अभी तक 210 नक्सली मारे गए हैं. मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करना गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है. इसी दिशा में हमारी सरकार इस समय काम कर रही है. हमारे जवान जिस तरह से पूरी मुस्तैदी से लड़ रहे हैं इससे हमें पूरा विश्वास है कि समय पर लक्ष्य को हासिल कर लेंगे.

जम्मू में कश्मीरी पंडितों की दुकानों पर बुलडोजर ऐक्शन से उबाल, अब प्रशासन को भी झुकना पड़ा

जम्मू विस्थापित कश्मीरी पंडितों की दुकानों पर जम्मू में बुलडोजर चलाए जाने से स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया है। यह ऐक्शन उन कश्मीरी पंडितों पर हुआ है, जो तीन दशक पहले घाटी से विस्थापित होकर यहां आए थे और छोटे-मोटे कारोबार कर रहे थे। इन लोगों की दुकानें जमींदोज किए जाने से लोग भड़क गए हैं और अब प्रशासन को भी झुकना पड़ा है। लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन की मांग की है और ऐतराज के बाद वहां रिलीफ कमिश्नर अरविंद करवानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमने हालात का जायजा लिया है और पीड़ितों की मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्दी ही नई दुकानें कश्मीरी पंडित परिवारों को दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये दुकानें जम्मू विकास प्राधिकरण की जमीन पर बनी थीं। यहां पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया है और जल्दी ही यहां 10 दुकानें बनाई जाएंगी। इन दुकानों को कश्मीरी पंडित परिवारों को दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि दुकानें हटाए जाने पर हो रहा विरोध गलत है क्योंकि कश्मीरी पंडितों से इसे लेकर मंजूरी ली गई थी। रिलीफ कमिश्नर ने कहा कि इन लोगों को तीन महीने का समय दिया गया था। इन लोगों ने दुकानों को खुद नहीं हटाया तो फिर प्राधिकरण की ओर से ऐक्शन लिया गया। हालांकि इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा, पीडीपी, अपनी पार्टी समेत कई कश्मीरी पंडित संगठनों ने भी आलोचना की है। इन संगठनों का कहना है कि जल्दी ही नई दुकानें बनाकर दी जाएं ताकि कश्मीरी पंडित परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो सके। उमर अब्दुल्ला सरकार पर हमला बोलते हुए एक कश्मीरी पंडित दुकानदार कुलदीप किसरू ने कहा, ‘हमें बेहतर सुविधाएं या आर्थिक मदद देने की बजाय यह सरकार हमारी दुकानों पर बुलडोजर चलाकर आजीविका का सहारा भी छीन रही है।’ एक अन्य दुकानदार जव लाल भट्ट ने कहा कि हम तो इन दुकानों के ही भरोसे थे। अब कैसे हम अपने परिवारों का भरण-पोषण कर सकेंगे। महबूबा मुफ्ती ने भी की उमर अब्दुल्ला से ऐक्शन की मांग उन्होंने कहा कि हमारी एलजी और सीएम साहब से अपील है कि मामले में दखल दें। एक अन्य दुकानदार जवाहर लाल ने कहा कि यह तो गुंडागर्दी है। हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया और अचानक ही इस तरह दुकानें ढहा दी गईं। वहीं कश्मीरी पंडितों के एक नेता ने कहा कि रिलीफ डिपार्टमेंट दुकानें तैयार करा रहा है। इसलिए ऐक्शन करने में कुछ देरी करनी चाहिए थी ताकि नई दुकानों में शिफ्ट होने का वक्त मिल सके। अब सवाल है कि नई दुकानें मिलने तक ये लोग कैसे अपना बिजनेस कर सकेंगे। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने भी इस मामले में ट्वीट किया है और उमर अब्दुल्ला से ऐक्शन की अपील की है।

सुसाइड नोट लिखकर 55 वर्षीय ऑटो मैकेनिक फांसी लगाकर कर ली खुदकुशी

रायपुर राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में 55 वर्षीय ऑटो मैकेनिक शहजाद शेख ने खुदकुशी कर ली, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। संजय नगर निवासी शहजाद ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पूरे परिवार को झूठे केस में फंसाया था, जिसकी वजह से शहजाद ने यह कदम उठाया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जब्त कर हेंडराइटिंग जांच के लिए भेजा गया है। घटना के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय निवासियों ने आक्रोशित होकर शव को एंबुलेंस में रखकर टिकरापारा थाने का घेराव किया और घंटों प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, यह विवाद 6 नवंबर को टैगोर नगर में शुरू हुआ, जब शहजाद के बेटे सैफ और भतीजे हाशिम का साजिद अली, लक्की, विक्की और शदाब के साथ झगड़ा हुआ। साजिद और उसके साथियों ने सैफ और हाशिम के साथ मारपीट की। इसके बाद सैफ और हाशिम ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, एक हफ्ते बाद साजिद और उसके साथियों ने शहजाद, उनके बेटे सैफ और भतीजे हाशिम पर टिकरापारा थाने में पलटकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों को आरोपी बनाकर दो दिन तक थाने में पूछताछ के लिए बिठाए रखा। सुसाइड नोट ने किया गंभीर आरोपों का खुलासा शहजाद द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें पुलिसकर्मी के साथ साजिद अली, मोइन निजाम, लक्की, विक्की, शदाब और कलिम कुरैशी शामिल हैं। शहजाद ने इन सभी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का न्याय की मांग घटना से आहत शहजाद के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने न्याय की गुहार लगाई है। प्रदर्शन के दौरान उनका कहना था कि झूठे आरोप और पुलिस की पूछताछ ने शहजाद को मानसिक रूप से तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सुसाइड नोट में दर्ज सभी नामों के खिलाफ कार्रवाई हो। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने सुसाइड नोट की जांच शुरू कर दी है और संबंधित आरोपों की गहनता से जांच करने का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

इजरायल ने कहा- हिजबुल्ला को टारगेट करके ये हमले दक्षिण बेरूत और आसपास के इलाकों में किए गए, 52 की मौत

नई दिल्ली इजरायल ने लेबनान में भीषण हमले किए हैं। इन हमलों में गुरुवार को ही 52 लोगों की मौत हो गई। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला को टारगेट करके ये हमले दक्षिण बेरूत और आसपास के इलाकों में किए गए हैं। हिजबुल्ला का कहना है कि बीते कई सालों में ऐसा पहली बार है, जब इजरायल की सेना ने इतने अंदर तक घुसकर हमला किया है। गाजा में छिड़े संघर्ष के बाद हिजबुल्ला ने भी इजरायल को टारगेट किया था और तब से ही इजरायल लेबनान को भी निशाना बना रहा है। हिजबुल्ला और इजरायल के बीच करीब 11 महीनों से जंग जारी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है, ‘इजरायल की सेना ने बालबेक जिले को निशाना बनाया है, यह पूर्वी इलाके में स्थित है। इस हमले में 40 लोग मारे गए हैं, जबकि 52 बुरी तरह जख्मी हैं।’ इजरायल ने कुल 10 ठिकानों को टारगेट किया है। इन हमलों में एक परिवार बुरी तरह टारगेट हुआ है। कपल मारा गया है और उसके 4 बच्चे भी इजरायल के हमले में मारे गए हैं। इसके अलावा नाभा के पास एक इलाके में भी एक कपल की हमले में मौत हुई है और उनकी छोटी बेटी भी मारी गई है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को एक ही दिन में इजरायल ने लेबनान पर 12 स्ट्राइक कीं और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। इस बीच इजरायल को गाजा में नुकसान हुआ है। हमास की सैन्य शाखा अल-क़स्साम ब्रिगेड ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी गाजा के बेत लाहिया शहर में 15 इज़रायली सैनिकों को करीब से मार गिराया है। अल-क़स्साम ब्रिगेड गुरुवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने 15 सैनिकों की एक इज़रायली पैदल सेना इकाई से मुठभेड़ की और उन्हें करीब से मार गिराया। एक अलग बयान में, अल-क़स्साम ब्रिगेड ने घोषणा की कि उसने उत्तरी गाजा में जबालिया कैंप के पश्चिम में सफ़तवी क्षेत्र के पास एक इज़रायली मर्कवा टैंक को टेंडम शेल से निशाना बनाया है। इस बीच, इस्लामिक जिहाद आंदोलन की सशस्त्र शाखा अल-कुद्स ब्रिगेड ने कहा कि उसने मानक 60 मिमी मोर्टार शेल का उपयोग करके केंद्रीय जबालिया कैंप में जबालिया सर्विसेज क्लब के पास इज़रायली सैनिकों और वाहनों के जमावड़े को निशाना बनाया है। इज़रायली सेना ने इन हमलों के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। उधर, गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,07 अक्टूबर, 2023 से, इज़रायल ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़ा है, जिसके कारण 44,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है और घरों तथा बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।

भोपाल में मंत्रालय के पास 39 हेक्टेयर भूमि से हटाई जाएंगी झुग्गी बस्तियां, रहते हैं 28 हजार से ज्यादा लोग, बनेंगी 116 इमारतें

भोपाल  शहर के सबसे पॉश और हाई सिक्युरिटी जोन वल्लभ भवन (मंत्रालय) के पास बनी छह झुग्गी बस्तियों को विस्थापित करने के लिए नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय के पास स्थित करीब 40 एकड़ जमीन पर 1100 करोड़ से 116 इमारतें बनाई जाएंगी। इनमें यहां 28 हेक्टेयर भूमि पर बनी आठ हजार 214 झुग्गियों के वासियों को आवास आवंटित किए जाएंगे। इन झुग्गियों में लगभग 28 हजार 334 लोग निवास करते हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों संग की बैठक इस प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि पिछले गुरुवार वल्लभ भवन के पास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाए जाने को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश कलेक्टर ने निगमायुक्त को दिए थे। वहीं शहर में कुल 388 झुग्गी बस्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें लगभग एक लाख 56 हजार 560 झुग्गियां बनी हुई हैं। सुराज योजना के तहत बनाए जाएंगे आवास मंत्रालय के पास बनी झुग्गियों के लिए यहां स्थित शासकीय भूमि पर सुराज योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास बनवाए जाएंगे। यह मकान निजी डेवलपर से बनवाए जाएंगे, जिसके बदले में उसे यहां पर प्रतिपूरक भूमि पार्सल (सीएलपी) के तहत भूमि आवंटित की जाएगी। डेवलपर द्वारा इस भूमि पर रिडेंसीफिकेशन के तहत आवासीय परियोजनाओं में मॉल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलपमेंट के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्किंग क्षेत्र, कम्युनिटी हॉल, दुकानें आदि भी बनाई जाएंगी। जिससे आसपास के लोगों को यहां रोजगार भी मिल सकेंगे। नौमंजिला इमारत में होंगे 72 आवास झुग्गियों को विस्थापित करने के लिए बनाई जाने वाली 116 इमारतें नौ मंजिला होंगी। हर इमारत में 72 आवास बनाए जाएंगे, इस तरह एक फ्लोर पर आठ आवास रहेंगे। मंत्रालय के पास ही बनाने से यहां रहने वाले झुग्गिवासियों को अन्य दूसरी जगह जाना नहीं होगा। पहले क्लस्टर के लिए मंत्रालय के आसपास बसी वल्लभ नगर एक, दो, ओमनगर, एक, दो, भीमनगर, मालवीय नगर को चिह्नित किया गया है। ये बस्तियां करीब सवा सौ एकड़ क्षेत्र में बनी हुई हैं। जनवरी से काम शुरू करने का लक्ष्य नगर निगम द्वारा तैयार किए गए पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रिया पूरी की जानी है। मंत्रालय के आसपास बनी आठ हजार 214 झुग्गियों को हटाने के लिए तैयार इस डीपीआर को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद इसके तहत जनवरी 2025 से काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई झुग्गी रोकने बनेगी निगरानी समिति मंत्रालय सहित अन्य क्षेत्र में नई झुग्गियों के बनने से रोकने के लिए निगरानी समिति बनाई जाएगी। इस समिति में तहसीलदार, जोनल अधिकारी और एएचओ शामिल रहेंगे। यह अब तक चिह्नित की गईं झुग्गियों के अलावा जहां भी नई झुग्गी बनती है तो उसे चिह्नित कर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। इनका कहना है मंत्रालय के आसपास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाने के लिए नगर निगम ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इसके तहत पहले यहां खाली पड़ी शासकीय भूमि में ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाएंगे। इसके बाद परिवारों को दिए जाएंगे। दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी और सरकार से अनुमति मिलते ही जनवरी से काम शुरू कर दिया जाएगा। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करने वाले सामान्य यात्रियों को रेलवे ने दी बड़ी राहत

बिलासपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करने वाले सामान्य यात्रियों को रेलवे ने बड़ी राहत दी है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की 16 ट्रेनों में चार-चार जनरल कोच जोड़े गए हैं। पहले केवल दो कोच हुआ करते थे। जिसके चलते यात्रियों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था से प्रत्येक ट्रेन में अब 400 सीटें हो गईं है। इस लिहाज से जोन में 6400 सीटें बढ़ गईं है। इससे यात्रियों को राहत भी मिल रही है। बिलासपुर समेत जोन के किसी भी रेलवे स्टेशन की बात कर लीजिए, वहां से सबसे ज्यादा जनरल टिकट लेकर यात्री सफर करते हैं। लेकिन, कोच की कमी के कारण उन्हें या तो यात्रा रद करनी पड़ती थी या फिर अतिरिक्त किराया देकर स्लीपर कोच से मंजिल तक पहुंचना पड़ता है। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खासकर वह यात्री, जो परिवार के साथ यात्रा करते थे, उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की इसी समस्या को रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और इसे दूर करने करने का निर्णय लिया। अब जोन से छूटने वाली ट्रेनों में जनरल यात्रियों को परेशानी दूर हो गई है। रेलवे ने लगभग सभी ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाकर चार कर दी है। जब यह निर्णय लिया गया, उसी समय नवंबर तक सभी ट्रेनों में चार-चार जनरल कोच जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, जो अब पूरा कर लिया गया है। स्लीपर कोच के यात्रियों को आराम जब इस समस्या को दूर करने के विषय पर मंथन हुआ तो यह बात सामने आई कि जनरल कोच की संख्या बढ़ाने से न केवल सामान्य बल्कि स्लीपर के यात्रियों को भी राहत मिलेगी। दरअसल जनरल कोच में जगह नहीं मिलने पर यात्री स्लीपर कोच में जबरिया चढ़ते हैं। इसके कारण आए दिन विवाद भी होता था। जिसे ध्यान में रखते हुए एक- एक कोच बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन ट्रेनों में पहले से एक- एक जनरल कोच है, जो ट्रेन के आगे व पीछे जुड़ते हैं। अब दो आगे और दो पीछे की तरफ जनरल कोच जोड़े गए हैं। इन ट्रेनों में चार- चार कोच की सुविधा     बिलासपुर- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस     नेताजी सुभाष चंद्र बोस- कोरबा एक्सप्रेस     बिलासपुर- भगत की कोठी एक्सप्रेस     बिलासपुर- बीकानेर एक्सप्रेस     कोरबा- अमृतसर एक्सप्रेस     बिलासपुर- पटना एक्सप्रेस     बिलासपुर- एर्नाकुलम एक्सप्रेस     दुर्ग- निजामुद्दीन एक्सप्रेस     दुर्ग- एमसीटीएम उधमपुर एक्सप्रेस     दुर्ग- भोपाल एक्सप्रेस0 दुर्ग- नवतनवा एक्सप्रेस     दुर्ग- कानपुर एक्सप्रेस0 दुर्ग- अजमेर एक्सप्रेस     दुर्ग एसीटीएम उधमपुर एक्सप्रेस0 दुर्ग- नवतनवा एक्सप्रेस     दुर्ग- अजमेर एक्सप्रेस पांच 21 और 11 ट्रेन 22 कोच से चल रही जिन ट्रेनों में चार- चार जनरल कोच बढ़ाए गए हैं। उनमें से पांच 21 कोच के साथ चल रही है। वहीं 11 ट्रेनों में कोच की संख्या 22 हो गई है। इन ट्रेनों में इतनी गुंजाइश है कि दो- दो अतिरिक्त कोच बढ़ाए जा सकते हैं। ट्रेनों की अधिकतम कोच की संख्या 24 ही होती है। इसी के मुताबिक ही स्टेशनों के प्लेटफार्म का निर्माण किया जाता है।

पर्थ टेस्ट के पहले दिन गिरे 17 विकेट, भारतीय तेज गेंदबाज चमके, ऑस्ट्रेलिया 7 विकेट गंवाकर 67 रन पर

पर्थ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ स्टेडियम में पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का पहला मैच पर्थ स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 7 विकेट गंवाकर 67 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया अभी 83 रन से पीछे है। जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट अपने नाम किए जिसमें दोनों ओपनरों उस्मान ख्वाजा (8), नाथन मैकस्वीनी (10), चौथे नम्बर पर उतरे स्टीव स्मिथ (0) और पैट कमिंस (3) का का विकेट शामिल था। एक विकेट हर्षित राणा के नाम रहा जिन्होंने ट्रेविस हेड को 11 रन पर अपना शिकार बनाया। मोहम्मद सिराज ने 2 विकेट अपने नाम किए जिसमें मिशेल मार्श (6) और मार्नस लाबुशाने (2) शामिल थे। इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और जोश हेजलवुड के चार विकेटों की बदौलत भारतीय टीम पहली पारी में 150 रन पर ढेर हो गई। ऋषभ पंत और नीतिश कुमार रेड्डी ने क्रमशः 37 और 41 रन की पारियां खेली जो सबसे बड़ी थी जबकि ओपनिंग पूरी तरह से विफल रहा।   ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी मैच के तीसरे सत्र में चायकाल के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। बुमराह ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए ऑस्ट्रेलिया के तीन शीर्ष बल्लेबाजों को 19 के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। नेथन मैकस्वीनी (10), उस्मान ख्वाजा (आठ) और स्टीव स्मिथ (शून्य) बुमराह का शिकार बने। मार्नस लाबुशेन (दो) को मोहम्मद सिराज ने आउट किया। लाबुशेन ने टेस्ट इतिहास की सबसे धीमी पारी खेलते हुए 52 गेंदों में मात्र दो रन बनाए। ट्रैविस हेड (11) को हर्षित राणा ने बोल्ड आउट किया। मिचेल मार्श (छह) और पैट कमिंस (तीन) रन बनाकर आउट हुए। 25वें ओवर भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह ने कप्तान पैट कमिंस को पंत के हाथों कैच आउट करा कर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया। पहले दिन का खेल समाप्त होने के समय ऑस्ट्रेलिया ने 27 ओवर में सात विकेट पर 67 रन बना लिए है और एलेक्स कैरी (नाबाद 16) और मिचेल स्टार्क (नाबाद छह) क्रीज पर मौजद है। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह (चार विकेट), मोहम्मद सिराज (दो विकेट) और हर्षित राणा (एक विकेट) लिया। भारत की पहली पारी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले नीतिश रेड्डी (41 रन) और ऋषभ पंत (37)के अलावा कोई बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका और पहले टेस्ट के पहले दिन आस्ट्रेलिया ने चाय ब्रेक तक भारत को पहली पारी में 150 रन पर आउट कर दिया। कप्तान जसप्रीत बुमराह ने उछालभरी हरी भरी पिच पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का अजीब फैसला लिया। पंत (78 गेंद में 37 रन) और रेड्डी ने सातवें विकेट के लिये 48 रन की साझेदारी की। पंत ने आस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को बैकवर्ड स्क्वेयर लेग पर शानदार छक्का भी लगाया।

मौसम हुआ सुहाना पर्यटन स्थलों पर उमड़ रही लोगों की भीड़, लेकिन रहे सावधान

कोरबा सूर्योदय के समय बिखरती किरणे हो या फिर अस्त होने के समय झिलमिलाती लालिमा दोनो ही समय पर्यटन स्थल देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। इनकी खूबसूरती तथा आसपास के मनोरम दृश्य के लिए सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। पानी की धार से तराशे गए इन चट्टानों में सूरज निकलने से लेकर सूरज के डूबने तक चमक ही नहीं होती, नुकीले और धारदार चट्टान कई स्थानों पर किसी को काटने, खरोंच पहुंचाने से लेकर उन्हें अपनी गुफानुमा जगहों में कैद करने की क्षमता भी रखती है। पिकनिक मनाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। गहरी खाई, पथरीला फिसलन भरी जल प्रवाह इसकी परवाह किए बिना पानी में उतरना उनके लिए मस्ती या मनोरंजन नहीं बल्कि मौत साबित हो चुका है। जिले में ऐसी कुछ घटनाएं भी है, जिसमे आपस में मस्ती करते हुए और एक दूसरे को पानी में उतरने-कूदने के चौलेंज करते हुए छात्र सूझबूझ से काम नहीं लेते और जोखिमों के बीच पानी में उतर जाते हैं। इन स्थानों में छात्र पानी में बह चुके हैं। जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पिकनिक स्थलों पर सावधानी बरतने संबंधी बोर्ड भी लगाए हैं लेकिन मस्ती में चूर अनेक लोग ऐसे सूचनाओं का अनदेखी कर खतरनाक स्थानों पर चले जाते हैं। हादसे की सूचना पर अलर्ट प्रशासन और पुलिस, नगर सेना, एसडीआरएफ तथा ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर पूरी कोशिश करते हैं लेकिन मस्ती और लापरवाही की वजह से तत्काल किसी को मौत के मुंह से खीच लाना सम्भव नहीं हो पाता। देवपहरी का पिकनिक स्पाट जलप्रपात की वजह से सभी को आने के लिए मजबूर करती है। बड़े-बड़े चट्टानों से होकर पानी बहती तो है लेकिन यह खतरनाक भी है और यहां तेज गति से बहती पानी की धारा को छूना,बिना सतर्कता के साथ चट्टानों में चलना जोखिम भरा हो सकता हैँ। खतरनाक फिसलन भरी चट्टानें कभी भी हादसों का शिकार बना सकते हैं, इसलिए कोशिश करिए कि आपके बच्चे ऐसी जगहों में न जाए, उसके लिए सचेत रहे। ऐसी जगहों में कुछ सुरक्षा के इंतजाम व सावधानी और सतर्कता आपके खतरे को टालने में बहुत हद तक मददगार बन सकते हैं। घट चुकी है जानलेवा कई घटनाएं पर्यटन स्थलों में हर साल जान लेवा घटना होती हैं। कुछ साल पहले युवा मित्रों का दल बालको के गहनिया पिकनिक स्पाट में गए सूरज दास ने देखा देखी में पानी में छलांग लगा दी। पानी में नुकीले चट्टान से उसके सिर पर गहरा चोट लगा। अचानक बेसुध हुए सूरज को किसी तरह अस्पताल लाया गया। मस्तिष्क में चोट लगने से याददाश्त और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव की वजह से वह कई साल तक व्हीलचेयर में ही रहा। जुलाई 2023 में एक शिक्षक देवपहरी में डूब गया। अप्रैल और अक्टूबर 24 में परसखोला में नाबालिग छात्र पानी में छलांग लगाकर वापस जिंदा नहीं लौटे। निर्मला स्कूल का नाबालिग छात्र फुटहामुड़ा में पानी और सुरंगनुमा पत्थरो के बीच समा गया। नशे से रहें दूर, न उतरें पानी में देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा, केंदई, सतरेंगा, नकिया जैसे स्थानों पर पानी का भराव, पत्थरो की खतरनाक श्रृंखला है, यहां मुझे तैरना आता है यह सोच कर पानी में बिल्कुल भी न उतरे। सैर सपाटे के लिए पहुंचे। पानी में उतर कर नहाने का साहस न करें। शराब का सेवन न करे और पिकनिक मनाने आने पर यहां गंदगी न फैलाए। पिकनिक जाने के दौरान अपने साथ एहतियात के तौर पर रस्सी, टार्च और अन्य सुरक्षा उपकरण भी अवश्य रखे। कोशिश करें कि आप दिन के उजाले में घर से बाहर निकले और अंधेरा होने से पहले ही लौट आएं।

लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम का मंत्र, मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया

जॉर्जटाउन/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुयाना को मौजूदा विश्व में आगे बढ़ने के लिये “लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम” का मंत्र देते हुए कहा कि इससे सबको साथ लेकर सबका विकास करते हुए मानवता का हित करना संभव होता है। श्री मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया। इस मौके पर संसद के अध्यक्ष मंजूर नादिर, उप राष्ट्रपति भरत जगदेव, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, नेता प्रतिपक्ष, चांसलर ऑफ द ज्यूडिशियरी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच, हमें आज वैश्विक परिस्थितियों पर भी लगातार नजर ऱखनी है। जब भारत और गयाना आजाद हुए थे, तो दुनिया के सामने अलग तरह की चुनौतियां थीं। आज 21वीं सदी की दुनिया के सामने, अलग तरह की चुनौतियां हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्थाएं और संस्थाएं,ध्वस्त हो रही हैं, कोरोना के बाद जहां एक नई वैश्विक व्यवस्था की तरफ बढ़ना था, दुनिया दूसरी ही चीजों में उलझ गई, इन परिस्थितियों में,आज विश्व के सामने, आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है-“लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम”। “लोकतंत्र प्रथम” की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो,सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। “मानवता प्रथम” की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है, जब हम मानवता प्रथम को अपने निर्णयों का आधार बनाते हैं, तो नतीजे भी मानवता का हित करने वाले होते हैं। श्री मोदी ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक मूल्य इतने मजबूत हैं कि विकास के रास्ते पर चलते हुए हर उतार-चढ़ाव में हमारा संबल बनती हैं। एक समावेशी समाज के निर्माण में लोकतंत्र से बड़ा कोई माध्यम नहीं। नागरिकों का कोई भी मत-पंथ हो, उसका कोई भी बैकग्राउंड हो, लोकतंत्र हर नागरिक को उसके अधिकारों की रक्षा की,उसके उज्जवल भविष्य की गारंटी देती है। और हम दोनों देशों ने मिलकर दिखाया है कि लोकतंत्र सिर्फ एक कानून नहीं है,सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, हमने दिखाया है कि लोकतंत्र हमारे डीएनए में है, हमारे विजन में है, हमारे आचार-व्यवहार में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी मानव केन्द्रित कार्यशैली,हमें सिखाती है कि हर देश के नागरिक उतने ही अहम हैं, इसलिए, जब विश्व को एकजुट करने की बात आई, तब भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का मंत्र दिया। जब कोरोना का संकट आया, पूरी मानवता के सामने चुनौती आई, तब भारत ने ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य’ का संदेश दिया। जब जलवायु से जुड़ी चुनौतियों में हर देश के प्रयासों को जोड़ना था, तब भारत ने वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड का विजन रखा, जब दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हुए, तब भारत ने सीडीआरआई यानि कोएलिशन फॉर डिज़ास्टर रेज़ीलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की पहल शुरू की। जब दुनिया में पृथ्वी प्रेमी लोगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करना था, तब भारत ने मिशन लाइफ जैसा एक वैश्विक आंदोलन शुरु किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम” की इसी भावना पर चलते हुए, आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनकर वहां पहुंचे। आपने कोरोना का वो दौर देखा है, जब हर देश अपने-अपने बचाव में ही जुटा था। तब भारत ने दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देशों के साथ दवाएं और वैक्सीन्स शेयर कीं। मुझे संतोष है कि भारत, उस मुश्किल दौर में गयाना की जनता को भी मदद पहुंचा सका।” श्री मोदी ने कहा कि दुनिया में जहां-जहां युद्ध की स्थिति आई,भारत राहत और बचाव के लिए आगे आया। श्रीलंका हो, मालदीव हो, जिन भी देशों में संकट आया, भारत ने आगे बढ़कर बिना स्वार्थ के मदद की, नेपाल से लेकर तुर्की और सीरिया तक, जहां-जहां भूकंप आए, भारत सबसे पहले पहुंचा है। यही तो हमारे संस्कार हैं, हम कभी भी स्वार्थ के साथ आगे नहीं बढ़े, हम कभी भी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम संसाधनों पर कब्जे की, संसाधनों को हड़पने की भावना से हमेशा दूर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं, अंतरिक्ष हो, समुद्र हो, ये सार्वभौमिक टकराव के नहीं बल्कि सार्वभौमिक सहयोग के विषय होने चाहिए। दुनिया के लिए भी ये समय, टकराव का नहीं है, ये समय, टकराव पैदा करने वाले कारणों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर अपराध, ऐसी कितनी ही चुनौतियां हैं, जिनसे मुकाबला करके ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार पाएंगे। और ये तभी संभव है, जब हम लोकतंत्र प्रथम मानवता प्रथम को केन्द्रीय स्थान देंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा सिद्धांतों के आधार पर, भरोसे और पारदर्शिता के आधार पर ही अपनी बात की है। एक भी देश, एक भी क्षेत्र पीछे रह गया, तो हमारे वैश्विक लक्ष्य कभी हासिल नहीं हो पाएंगे। तभी भारत कहता है – हर देश महत्वपूर्ण है! इसलिए भारत, द्वीपीय देशों को छोटे द्वीपीय देश नहीं बल्कि बड़े महासागरीय देश मानता है। इसी भाव के तहत हमने हिन्द महासागर से जुड़े द्वीपीय देशों के लिए सागर प्लेटफॉर्म बनाया। हमने प्रशांत महासागर के देशों को जोड़ने के लिए भी विशेष फोरम बनाया है। इसी नेक नीयत से भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल कराकर अपना कर्तव्य निभाया।

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखी, तेजी के साथ हुआ बंद

नई दिल्ली अडानी समूह के स्टॉक्स में निचले लेवल से लौटी खरीदारी, आईटी स्टॉक्स और रिलायंस के शेयर में जोरदार तेजी के चलते भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखी गई। सेंसेक्स 1961 अंक की तेजी के साथ 79,117 और निफ्टी में भी 557 अंक की तेजी रही, ये 23,907 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2000 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 79,160 और निफ्टी में भी 600 अंक की तेजी रही, ये 23,950 के स्तर पर था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में तेजी और 2 में गिरावट रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 47 में तेजी और 3 में गिरावट है। NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अडानी ग्रुप के शेयर्स में लौटी तेजी अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद केन्या सरकार ने गुरुवार को अडानी ग्रुप के साथ की गईं सभी डील रद्द करने की घोषणा की। इसका असर अडानी ग्रुप के शेयर्स में देखने में भी देखने को मिला। हालांकि, अब अडानी ग्रुप के शेयर्स में रिकवरी देखने को मिली।  

सुप्रीम कोर्ट ने काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में नोटिस जारी किया

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी किया गया है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा, “हिंदू पक्ष द्वारा यह मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। वजू खाना में शिवलिंग का अभी-भी पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण नहीं हुआ है। इससे यह साफ हो सके कि यह शिवलिंग है या फव्वारा। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है। एएसआई का सर्वे हुआ, जिसमें ज्ञानवापी के 12 तहखानों में से 8 तहखानों की एएसआई सर्वे नहीं हो पाया। इसके साथ ही मुख्य गुंबद के नीचे जो ज्योतिर्लिंग है, उसका भी सर्वे नहीं हो पाया है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी। इसमें मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। मुस्लिम पक्ष को स्पष्ट कहा गया है कि वो दो सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करें। हम आशा करते हैं कि वो जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेंगे।” अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा, “हमने 16 मई 2022 को दावा किया था कि तथाकथित वजू खाना में एक शिवलिंग पाया गया है। हालांकि, अंजुमन इंतजामिया ने इसका खंडन किया और कहा कि यह एक फव्वारा है। इसी को देखते हुए हमने इसका एएसआई सर्वेक्षण कराने की मांग की थी। हमने अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, मुस्लिम पक्ष को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। ऐसे में देखना होगा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाब में क्या कुछ कहा जाता है।” दावा किया जा रहा है कि वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग पाया गया था। इसी को देखते हुए यह मामला कोर्ट में पहुंचा। अदालत ने वजू खाना सीलबंद क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण के लिए नोटिस दिया है।  

मामा ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि खेल-खेल में दुर्घटनावश बच्ची की मौत, लगा आरोप

ठाणे महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक मामा पर अपनी तीन साल की भांजी की हत्या का आरोप है। मामा ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि खेल-खेल में दुर्घटनावश बच्ची की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, 18 नवंबर को बच्ची अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद 20 नवंबर को उसका अधजला शव घर से दूर एक सुनसान जगह पर मिला। शव की पहचान करने पर पता चला कि यह बच्ची वही लापता लड़की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मामा का कहना है कि उसने जानबूझकर हत्या नहीं की थी। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच से यह संकेत मिलता है कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। मामा ने अपनी भांजी के शव को जलाने के बाद उसे एक सुनसान जगह पर फेंक दिया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। आरोपी मामा के बयान के मुताबिक वह बच्ची  के साथ रसोई में खेल रहा था। खेल-खेल में उसने बच्ची  को थप्पड़ मारा था। थप्पड़ मारने से बच्चीे का संतुलन बिगड़ गया, जिससे उसका सिर स्लैीब से टकरा गया। सिर स्लैाब से टकराने के कारण बच्चीक की मौत हो गई। इसके बाद वह काफी डर गया था और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। जिसके बाद उसने बच्चीक के शव को ठिकाने लगाने के लिए जलाकर दफना दिया। मामा का कहना है कि भांजी की हत्या उसने जानबूझकर नहीं की है। पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच करने में जुट गई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। घटना ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है।  

नाबालिग के साथ ताऊ ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट में आरोपित को किया गिरफ्तार

सागर जिले के खुरई (देहात) थाना क्षेत्र में रिश्तों को कलंकित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके 58 वर्षीय ताऊ ने दुष्कर्म कर दिया। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता गर्भवती हो गई। इसके बाद स्वजन पीड़िता को साथ लेकर थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। डरी-सहमी रहती थी पीड़िता पीड़िता की मां ने बताया कि पिछले कुछ समय से बच्ची डरी-सहमी सी रहती थी। तीन माह से उसका पीरियड भी नहीं आ रहा था। उसके हावभाव से गड़बड़ी की आशंका हुई। जब बच्ची से प्यार से पूछा, तो उसने बताया कि करीब ढाई महीने पहले वह अपने ताऊ के घर खेलने के लिए गई थी। उस समय घर पर कोई नहीं था। इस दौरान ताऊ ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित ने धमकी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया तो तुम्हारे पिता को जान से खत्म कर दूंगा। इस कारण नाबालिग ने किसी को कुछ नहीं बताया था। इन धाराओं में दर्ज किया प्रकरण खुरई देहात थाना प्रभारी धनेंद्र यादव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ धारा 64(2) एफ, 64 (2) (आइ), 65 (1), 351(3) सहित पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। छोटे भाई ने बड़े भाई के साथ की मारपीट उधर, कैंट थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम खजुरिया गुरु में मामूली विवाद के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई से मारपीट कर दी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि फरियादी करण सिंह उर्फ कमलेश पिता नब्बू अहिरवार ग्राम खजुरिया गुरु ने रिपोर्ट लिखवाई। जिसमें उसने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे वह घर के बाहर बैठा था। तभी बाइक को लेकर छोटा भाई रामविशाल अहिरवार उसे गालियां देने लगा। विरोध करने पर छोटे भाई ने उसके साथ मारपीट कर दी। परिवार के अन्य सदस्यों ने आकर बीच-बचाव किया।

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