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महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों के बाद राज ठाकरे को करारा झटका लगा, अब सिंबल और दर्जे पर तलवार

 मुंबई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे चुनाव नतीजों से पहले खुद को किंगमेकर के तौर पर देख रहे थे। उनका कहना था कि इलेक्शन के बाद भाजपा सरकार बनाएगी और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही हम भी राज्य की सरकार में किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे। इसे उनकी महत्वाकांक्षा के तौर पर देखा गया था, लेकिन नतीजे आए तो राज ठाकरे को करारा झटका लगा। उनकी पार्टी को राज्य के चुनाव में एक भी सीट नहीं मिल सकी है। यह उनके लिए करारे झटके की तरह है और यहां तक कि क्षेत्रीय दल की मान्यता और पार्टी का सिंबल भी उनके हाथ से जा सकता है। उनकी पार्टी का सिंबल रेल इंजन रहा है, जो बीते तीन चुनावों में फेल साबित हुआ है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जब नई बनी थी, तब उसने 2009 में हुए अपने पहले विधानसभा इलेक्शन में 13 सीटें हासिल की थीं। इसके बाद 2014 और 2019 में एक ही विधायक मनसे से चुना गया, लेकिन इस बार तो पार्टी का खाता भी नहीं खुला। राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे खुद माहिम विधानसभा सीट से बुरी तरह हार गए। वह तीसरे नंबर पर आए हैं। पहले ही चुनाव में अमित ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा। इस हार से राज ठाकरे भी सकते में हैं और नतीजों के बाद उन्होंने कहा भी यह मेरे लिए करारे झटके की तरह है। यही नहीं अब पार्टी के सामने वजूद का ही संकट खड़ा हो गया है। मनसे को राज्य के इलेक्शन में महज 1.55 फीसदी वोट ही मिल सका। नियम के जानकारों का कहना है कि अब मनसे का इलेक्शन सिंबल छिन जाएगा और उसे निर्दलियों को आवंटित होने वाले चिह्नों में से ही कोई चुनना होगा। नियम के अनुसार यदि किसी को दल को शून्य या एक सीट ही मिलती है और वोट 8 फीसदी रहता है तो उसे क्षेत्रीय दल का मिलता है। इसके साथ ही 2 सीट और 6 फीसदी वोट का नियम है। इसके अलावा तीन सीट पाने पर तीन फीसदी वोट को भी क्षेत्रीय दल की मान्यता के लिए आधार माना गया है। मनसे बीते तीन चुनावों में इनमें से किसी भी पैमाने पर खरी नहीं उतरी है।

अंगूठे पर तलवार से चीरा लगाकर किया राजतिलक, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में एकलिंगनाथ के 77वें दीवान बने विश्वराज सिंह मेवाड़

चित्तौड़गढ़. महाराणा मेवाड़ के रूप में विश्वराज सिंह का सोमवार को राजतिलक हुआ। चित्तौड़ दुर्ग स्थित फतह प्रकाश महल में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।  राजपरिवार की परंपरा को निभाते हुए पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके पुत्र का राजतिलक किया गया। गद्दी पर बैठने के बाद तलवार से अंगूठे पर चीरा लगाकर विश्वराज सिंह का तिलक किया गया। राजतिलक से पहले विश्वराज सिंह ने सुबह से चल रहे हवन में आहुति दी। बाद में कुम्भा महल में भगवान गणपति की पूजा की और यहां गद्दी पर बैठने के बाद उनका रक्त से तिलक किया गया। राजतिलक के साथ ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और तोप चलाकर सलामी दी गई। जानकारी के अनुसार उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्रसिंह मेवाड़ के निधन के बाद आज उनके पुत्र विश्वराज सिंह मेवाड़ गद्दी पर बिराजित हुए। दस्तूर कार्यक्रम चित्तौड़ दुर्ग के फतह प्रकाश महल में हुआ। इसमें देश भर के पूर्व राजघरानों के सदस्य, रिश्तेदार और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। राजगद्दी की पूजा के बाद सलूंबर रावत देवव्रत सिंह ने हाथ पकड़कर विश्वराज सिंह मेवाड़ को राजगद्दी पर बिठाया। साथ ही राजतिलक की परंपरा निभाई। यहां म्यान से तलवार निकाली और अंगूठे पर चीरा लगाकर रक्त से विश्वराज सिंह मेवाड़ के ललाट पर तिलक किया। इस दौरान पंडितों की ओर से वैदिक मंत्रों का उच्चारण होता रहा। राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह मेवाड़ ने सबसे अभिवादन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद महाराणा विश्वराज सिंह ने कुलदेवी बाण माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और उसके बाद उदयपुर के लिए रवाना हो गए।

वेंकटेश अय्यर भी मालामाल, KKR ने 23.75 करोड़ में कराई घर वापसी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर इस बार भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से खेलेंगे। इस खिलाड़ी पर कोलकाता की टीम ने जमकर पैसा लुटाया है। सऊदी अरब में आयोजित IPL 2025 के लिए मेगा ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर ने बोली लगाकर वेंकटेश अय्यर को 23.75 करोड़ में खरीदा। उनके लिए बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स और कोलकाता नाइट राइडर के बीच जमकर प्राइज वार चला और आखिर में केकेआर ने उन्हें खरीद लिया। अब अय्यर तीसरे सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इंदौर में वेंकटेश के माता-पिता ने बेटे के उपलब्धि पर खुशी जताई है। अब मध्य प्रदेश के इस खिलाड़ी जमकर चर्चा हो रही है। रिटेन खिलाड़ी में नहीं थे वेंकटेश अय्यर इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2025 के लिए सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती, और हर्षित राणा को रिटेन किया था, लेकिन वेंकटेश अय्यर रिटेन खिलाड़ी में नहीं थे। ऑलराउंडर अय्यर का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था, इसके बाद नीलामी में अय्यर के लिए केकेआर और आरसीबी के बीच 23.50 करोड़ तक जमकर बोली चलते रही, आखिर में कोलकाता ने 23.75 करोड़ रूपए देकर ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर की केकेआर में वापसी कराई। बता दें कि केकेआर ने 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार खिताब अपने नाम किया था। केकेआर आईपीएल के इतिहास में 4 बार फाइनल में पहुंची, जिसमें वह 3 बार चैंपियन बनी हैं। बेटे वेंकटेश की उपलब्धि पर घर में उत्साह वेंकटेश अय्यर की इस उपलब्धि पर पिता रामशेखरन अय्यर और मां उषा अय्यर बेहद खुश हैं। इंदौर के तिलक नगर रहने वाले वेंकटेश का परिवार रहता है। पिता रामशेखरन अय्यर एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। मां उषा प्राइवेट हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजी विभाग में कोऑर्डिनेटर हैं। मां ने बताया कि वेंकटेश पढ़ाई में टॉपर होने के साथ ही खेलकूद में भी अव्वल रहे। बेटे को TV देखना काफी पसंद है। रजनीकांत के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने वेंकटेश जब छटवीं क्लास में थे तब इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच में सौरभ गांगुली आउट हो गए थे और मैच में इंडिया की हार हुई थी। हार से वेंकटेश इतने दुखी हुए की उन्हें बुखार आ गया। वेंकटेश सौरभ गांगुली को अपना आदर्श मानते हैं। वेंकटेश अय्यर के बाद इंदौर के आवेश ख़ान पर हुई पैसों की बारिश, राजस्थान रॉयल्स ने 9 करोड़ 75 लाख देकर अपनी टीम में किया शामिल। सऊदी अरब के जेद्दाह में चल रहे मेगा ऑक्शन में 2 इंडियन क्रिकेटर्स IPL इतिहास के सबसे बड़े खिलाड़ी बन गए हैं। पहले नंबर पर हैं ऋषभ पंत जो अब तक के सबसे महंगे क्रिकेटर हैं। दिल्ली कैपिटल के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा। पिछले सीजन में कोलकाता को चैंपियन बनाने वाले कप्तान और बल्लेबाज श्रेयस अय्यर दूसरे नंबर पर हैं ।पंजाब किंग्स ने श्रेयस को 26.75 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा। सबसे चौंकाने वाली डील रही वेंकटेश अय्यर की, कोलकाता और बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के बीच ने उनके लिए 23.50 करोड़ तक बोली लगी। जिसके बाद कोलकाता ने उन्हें 23.75 करोड़ में खरीदा। पिछले IPL फाइनल में वेंकटेशन ने हैदराबाद के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी।     महिपाल लोमरोर को GT ने 1.70 करोड़ में खरीदा।     विजय शंकर अब होंगे CSK का हिस्सा, 1.2 करोड़ में खरीदा। पिछले साल वे गुजरात की टीम का हिस्सा थे।     हरप्रीत ब्रार को फिर पंजाब ने किया अपने साथ शामिल, 1.50 करोड़ में खरीदा     हरप्रीत ब्रार को फिर पंजाब ने फिर किया अपने साथ शामिल, 1.50 करोड़ में खरीदा। बता दें की हरप्रीत तेज़ गेंदबाज़ हैं और इससे पहले भी वे पंजाब किंग्स का ही हिस्सा थे।     अब्दुल समद को LSG ने 4.2 करोड़ में खरीदा     अब्दुल समद को LSG ने 4.2 करोड़ में खरीदा। इससे पहले वे हैदराबाद का हिस्सा थे।     अफ़ग़ानिस्तान के नूर अहमद को चेन्नई ने खरीदा, 10 करोड़ की लगी बोली     अफ़ग़ानिस्तान के नूर अहमद को चेन्नई ने 10 करोड़ में खरीद लिया है। बता दें की नूर इससे पहले गुजरात की टीम का हिस्सा थे।     हसारंगा को राजस्थान ने 5. 25 में खरीदा     हसारंगा को राजस्थान ने 5. 25 में खरीदा। श्रीलंका के वनिंदू हसारंगा को राजस्थान ने इस बार अपने खेमे में शामिल कर लिया है। राजस्थान ने उन्हें 5. 25 करोड़ में खरीद लिया है। पिछले साल वे SRH का हिस्सा था।     एडम ज़म्पा को SRH ने 2.40 करोड़ में खरीदा     एडम ज़म्पा को SRH ने 2.40 करोड़ में खरीदा। एडम ज़म्पा ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ हैं, जिन्हें हैदराबाद ने इस बार 2. 40 में खरीद लिया है। पिछले साल वे राजस्थान की टीम के तरफ़ से खेले थे।     राहुल चाहर गए हैदराबाद के खेमे में, 3.20 करोड़ में खरीदा     राहुल चाहर को SRH ने 3.20 करोड़ में खरीद लिया है। पिछले साल वो पंजाब की टीम का हिस्सा थे।     श्रीलंका के महीश तीक्ष्णा को राजस्थान ने 4.40 करोड़ में खरीदा     श्रीलंका के महीश तीक्ष्णा को राजस्थान ने 4.40 करोड़ में खरीदा। तीक्ष्णा पिछले सीजन में चेन्नई की तरफ से खेल चुके हैं।     ट्रेंट बोल्ट को MI ने 12.50 करोड़ में खरीदा     ट्रेंट बोल्ट को MI ने 12. 50 करोड़ में खरीदा। न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ को मुंबई इंडियंस ने 12.50 देकर अपने साथ शामिल कर लिया है। पिछले साल वे राजस्थान की टीम का हिस्सा थे।     टी नटराजन को दिल्ली ने 10.75 करोड़ में खरीदा     टी नटराजन को दिल्ली ने 10.75 करोड़ में खरीदा। नटराजन इससे पहले हैदराबाद की टीम का हिस्सा थे मगर इस बार दिल्ली कैपिटल्स ने 10.75 करोड़ में उन्हें खरीद लिया है।     खलील अहमद अब चेन्नई के खेमे में, 4.8 करोड़ में खरीदा     खलील अहमद अब चेन्नई के खेमे में जा चुके हैं। खलील को CSK ने 4.8 करोड़ में खरीदकर अपने साथ शामिल कर लिया है। बता दें की खलील एक तेज़ गेंदबाज़ हैं और पिछले साल वो दिल्ली की टीम से खेल चुके हैं।     जोफ्रा आर्चर को राजस्थान रॉयल्स ने 12. 50 करोड़ में खरीदा     जोफ्रा आर्चर को राजस्थान रॉयल्स ने … Read more

पर्थ टेस्ट: पहली गेंद मैकस्वीनी को खेलने देने के ख्वाजा के फैसले की क्लार्क ने की आलोचना

पर्थ. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट कप्तान माइकल क्लार्क ने भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में डेब्यू कर रहे सलामी बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी को पहली गेंद खेलने देने के उस्मान ख्वाजा के फैसले की आलोचना की। यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली के शतकों की बदौलत भारत ने अपनी दूसरी पारी 487/6 पर घोषित कर ऑस्ट्रेलिया को 534 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें और बढ़ गई। एक विशाल लक्ष्य के जवाब में मेजबान टीम की शुरुआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज मैकस्वीनी सिर्फ चार गेंद ही खेल सके और जसप्रीत बुमराह की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। चौथे दिन ख्वाजा भी सिराज का शिकार हुए। क्लार्क ने स्काई स्पोर्ट्स के बिग स्पोर्ट्स ब्रेकफास्ट शो में कहा, “बहुत से लोग पहली गेंद खेलना पसंद नहीं करते, इसलिए ओपनिंग बल्लेबाज रोटेट करते हैं। ख्वाजा ने पहली पारी में पहली गेंद खेली, जबकि दूसरी पारी में मैकस्वीनी ने यह जिम्मा उठाया। लेकिन मुझे लगता है कि ख्वाजा को ही दूसरी पारी में पहली गेंद खेलना चाहिए था। उन्हें कहना चाहिए था मैं एक सीनियर खिलाड़ी हूं। मैं जानता हूं कि तुम ऐसा करना चाहते हो लेकिन मुझे इसका लुत्फ उठाने दो।” उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की आलोचना भी की कि जब भारत ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी की और विशाल स्कोर बनाया तो गेंद और मैदान पर फील्डिंग में कोई संघर्ष नहीं दिखा। क्लार्क ने कहा, “ऐसा लग रहा था कि हम भारत को फिर से कम समय में हराने की उम्मीद कर रहे थे, कोई इरादा नहीं था। वे हमारे सामने थे, लेकिन मैंने हमारे किसी भी गेंदबाज को किसी भी भारतीय बल्लेबाज पर हावी होते नहीं देखा। हमारा इरादा, हमारी ऊर्जा… यह सब गर्मियों के पहले टेस्ट के लिए थोड़ा फीका लग रहा था।”

विधायकों के हस्तक्षेप से बस के रूट बदलने की खींचतान खत्म, राजस्थान-केकड़ी में ब्यावर-रावतभाटा तक नई बस शुरू

केकड़ी. जिले में ब्यावर-रावतभाटा वाया भिनाय होकर चलने वाली बस सेवा का शनिवार को रूट बदलकर वाया टांटोती कर दिए जाने के बाद दो क्षेत्रों के लोगों के बीच खींचतान की स्थिति बन गई थी, जो अब विधायकों के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गई है। इस बस का पुराना रूट यथावत कर दिया गया है, जबकि टांटोती के लोगों की मांग पर एक नई बस सेवा वाया टांटोती होकर शुरू कर दी गई है। दोनों बस सेवाओं का टाइम अलग-अलग किया गया है। बस का रूट भिनाय से बदलकर टांटोती कर देने से भिनाय क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने मसूदा विधायक वीरेंद्र कानावत को मामले की सूचना दी। इस पर विधायक कानावत ने ब्यावर डिपो के अधिकारियों को फटकार लगाई और रविवार को इस बस का रूट पहले जैसा यथावत कराया। उधर शनिवार को टांटोती होकर शुरू हुई बस सेवा अगले ही दिन रविवार को बंद हो जाने पर इस इलाके के लोगों ने केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम को मामले की जानकारी दी। इस पर विधायक गौतम ने रोडवेज विभाग से जवाब-तलब किया, जिस पर आखिरकार रोडवेज ने ब्यावर-रावतभाटा की एक नई बस सेवा वाया टांटोती होकर शुरू की है। इस मामले में रविवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद दोनों विधायकों व रोडवेज प्रशासन ने सकारात्मक निर्णय लेकर प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को राहत प्रदान की। डिपो के ट्रैफिक मैनेजर लोकेंद्र जांगिड़ ने बताया कि ब्यावर से रावतभाटा वाया भिनाय होकर जो बस चलती थी, उसे मसूदा विधायक वीरेंद्र कानावत के हस्तक्षेप पर फिर यथावत कर दिया गया है। रोडवेज डिपो प्रशासन के अनुसार यह बस ब्यावर से निर्धारित समय सुबह 8:50 बजे से प्रस्थान कर मसूदा, बांदनवाड़ा होते हुए वाया भिनाय, नागोला, कनेईकला, जालिया, केकड़ी होकर रावतभाटा पहुंचेगी व इसी रूट से होते हुए वापस आएगी। जांगिड़ ने बताया कि केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम के हस्तक्षेप पर टांटोती के लिए अलग से बस सेवा शुरू की गई है और इस बस का समय परिवर्तन किया है। यह बस सेवा नियमित रूप से ब्यावर से सुबह 11:20 बजे रवाना होकर वाया टांटोती होकर रावतभाटा पहुंचेगी। वहीं रावतभाटा से नियमित सुबह 6:30 बजे रवाना होकर वापस उसी रूट से ब्यावर पहुंचेगी। क्षेत्र के लोगों ने रोडवेज बस सेवा पुन: शुरू होने पर केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम का आभार जताया। उल्लेखनीय है कि ब्यावर से केकड़ी तक वाया भिनाय 95 किलोमीटर दूरी है, वहीं ब्यावर से केकड़ी वाया टांटोती तक की दूरी भी 95 किलोमीटर ही है। उक्त दोनों मार्गों पर बस का किराया भी एक तरफ का 95 रुपये ही है।

महाराष्ट्र विधानसभा में करारी हार के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी की हार के बाद नाना पटोले ने कथित तौर पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। मौजूदा महायुति ने महाराष्ट्र चुनावों में 235 सीटें और 49.6 फीसदी वोट शेयर हासिल करते हुए बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं महाविकास अघाड़ी 49 सीटों और 35.3 फीसदी वोटों के साथ बहुत पीछे रह गई। नाना पटोले सकोली विधानसभा सीट से महज 208 वोटों के अंतर से जीत पाए। इससे पहले नाना पटोले ने रविवार को कहा था कि वो यह सुनिश्चित करेंगे कि नवनिर्वाचित महायुति सरकार अपने चुनावी घोषणा-पत्र और भाषणों में राज्य की जनता से किए गए वादों को पूरा करे. कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि महायुति को मुख्यमंत्री मांझी लाडकी बहिन योजना के तहत महिलाओं के लिए मासिक भत्ता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का अपना वादा तुरंत पूरा करना चाहिए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हम हार पर मंथन करेंगे। इस बीच पटोले ने इस्तीफा ही दे दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी में अंतर्कलह भी जारी है। यहां तक कि चुनाव में हारे पृथ्वीराज चव्हाण ने तो शनिवार को ही कह दिया था कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को लड़की बहिन योजना, आरएसएस के साथ और नेताओं की मेहनत का फायदा मिला है। वहीं अपनी लीडरशिप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि हमारा नेतृत्व ही कमजोर रहा। वहीं नाना पटोले ने कहा कि भले ही हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, लेकिन हम पूरी मेहनत से काम करेंगे। पटोले ने कहा कि हम सरकार को उसके वादे याद दिलाते रहेंगे कि जनता को फायदा मिले। महायुति ने राज्य विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है.  महायुति में शामिल भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 41 सीट पर जीत मिली. दूसरी ओर, एमवीए को करारी हार मिली, जिसने कुल मिलाकर महज 46 सीट जीती हैं. एमवीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को 10, कांग्रेस को 16 और शिवसेना (यूबीटी) को 20 सीट पर जीत मिली. पटोले खुद भंडारा जिले के साकोली विधानसभा क्षेत्र से 208 मतों के अंतर से जीते. पटोले ने कहा था, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महायुति सरकार चुनाव के दौरान किसानों से किए गए अपने वादों को पूरा करे.”

Kuno National Park: कूनो में दिखेगी नन्हें शावकों की उछल-कूद, चीता ‘नीर्वा’ ने 4 को दिया जन्म

Kuno National Park: Little cubs will be seen jumping in Kuno, Cheetah ‘Nirva’ gives birth to 4 कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर से खुशखबरी आई है. यहां एक मादा चीता ने फिर से शावकों को जन्म दिया है. मध्य प्रदेश के वन विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट पर ये जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि 4 शावकों ने जन्म लिया है हालांकि आधिकारिक तौर पर नंबरों की पुष्टि नहीं की गई है. नामीबिया और साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों का परिवार धीरे-धीरे कूनो पार्क में बढ़ रहा है. वन विभाग ने अपने अधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है कि ‘कूनो से गुड न्यूज आई है, मादा चीता नीर्वा ने श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में शाकों को जन्म दिया है.’ पिछले महीने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने इस बात की ओर इशारा किया था कि मादा चीता नीर्वा गर्भवती है और जल्द ही शावकों को जन्म दे सकती है. सीएम मोहन यादव के इस इशारे के बाद से ही लोग कूनों खुशखबरी आने का इंतजार कर रहे थे. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अमीस श्रीवास्तम ने कहा है कि वह शावकों की संख्या पर फिलहाल कोई भी कमेंट नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें पार्क की ओर से अभी शावकों के बारे में कोई कन्फर्मेसन नहीं है. कूनो नेशनल पार्क में इससे पहले कुल 17 शावक जन्म ले चुके हैं जिनमें से 12 शावक सर्वाइव कर पाए हैं. अब नीरवा के शावकों के जन्म लेने के बाद कुनबा और बढ़ गया है. जल्द ही शावकों के बारे में पार्क से ज्यादा जानकारी जारी की जाएगी. 2022 में शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आए 8 चीतों को छोड़ा था. इसके बाद साउथ अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था और पार्क में छोड़ा गया था. हालांकि अलग-अलग कारणों के चलते कई चीतों की मौत हो गई है. हालांकि कूनों से समय-समय पर नन्हें शावकों के जन्म की खुशखबरी भी सामने आती रही हैं. कूनों में फिलहाल चीतों की संख्या करीब 24 है.

छत्तीसगढ़ सीएम साय को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए, अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए

रायपुर छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय रविवार को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए. अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए. इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने ट्रेन के सहयात्रियों से गर्मजोशी से मिले और सभी यात्रियों को कुशलक्षेम भी पूछा. इससे पहले, प्लेटफॉर्म पर सीएम को देखकर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री भी दंग रह गए. अमरकंटक एक्सप्रेस ट्रेन से बिलासपुर रवान हुआ सीएम विष्णु देव साय रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को बिलासपुर मे आयोजित कवि सम्मलेन में शिरकत करने के लिए सीएम विष्णु देव साय राजधानी रायपुर से बिलासपुर की यात्रा अमरकंटक एक्सप्रेस से तय की. सीएम ट्रेन से बिलासपुर की यात्रा का निर्णय अचानक लिया, लेकिन अब छत्तीसगढ़ सीएम किया है कि वो अब राज्य का दौरा भी ट्रेन के जरिए करेंगे. मुख्यमंत्री को ट्रेन में चढ़ता देखकर प्लेटफार्म पर दंग रह गए पैसेंजर सीएम साय रविवार शाम अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुए. वे मुख्यमंत्री निवास से कार द्वारा स्टेशन पहुंचे और बिना विशेष ताम झाम के प्लेटफार्म तक पहुंच गए. मुख्यमंत्री को अचानक प्लेटफार्म पर देखकर प्लेटफार्म पर मौजूद पैसेंजर ठिठक गए. मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी से सभी बातचीत की, जिससे लोग सहज हो पाए. ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे सीएम साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, रेल यात्राओं की आम भारतीय के जीवन में खास जगह है. अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर की ओर रवाना हुए सीएम साय ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे. ट्रेन में पहुंचकर सीएम मे बिल्कुल देशी अंदाज में बोले, मूंगफली के बिना रेल यात्रा पूरी नहीं हो सकती. हालांकि ट्रेन में स्वच्छता की हिदायत दी पीएम मोदी के कार्यकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा की छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री की रेल यात्रा के दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे. सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को भी इसका लाभ मिला है इस मौके पर विधायक अनुज शर्मा, भैयालाल राजवाड़े और गुरु खुशवंत साहेब भी यात्रा के दौरान उनके साथ उपस्थित थे.

औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन के पेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी,एवं फायदे

Detailed information and benefits related to Arjuna tree which is rich in medicinal properties. अर्जुन के पेड़ को औषधीय पेड़ माना जाता हैं क्यूंकि इसे बहुत सी दवाइयों के लिए उपयोगी माना जाता है। यह पेड़ ज्यादातर नदी और नालों के किनारे पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ सदाहरित रहता हैं। अर्जुन के पेड़ को अन्य कई नामो से जाना जाता हैं जैसे ,घवल और नदीसर्ज। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 60 -80 फ़ीट ऊँची रहती हैं। अर्जुन का पेड़ ज्यादातर उत्तर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,बिहार और अन्य कई राज्यों नदियों के किनारे या सुखी नदियों के तल के पास पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ की लम्बाई काफी ऊँची रहती है। अर्जुन का पेड़ बहुत ही शुष्क इलाकों में पाया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ को किसी भी मिटटी में उगाया जा सकता है। अर्जुन के पेड़ को अनुनारिष्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस पेड़ का उपयोग बहुत सालों से आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए किया जा रहा है। अर्जुन के पेड़ का फल कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ का फल शुरुआत हल्के सफ़ेद और पीले रंग का होता हैं ,कुछ समय पश्चात जब फल में बढ़ोत्तरी होती हैं तो ये फल हरे और पीले रंग का दिखाई पड़ता हैं ,साथ ही इसमें से हल्की हल्की सुगंध भी आने लगती है। पकने के बाद ये फल लाल रंग का दिखाई पड़ने लगता है। अर्जुन के पेड़ के पत्ते हैं लाभकारी अर्जुन के पेड़ के पत्ते खाने से ये शरीर में जमा गंदे कॉलेस्ट्रॉल को बाहर निकलता हैं। इसका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए। इन पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता हैं। अर्जुन की छाल से मिलने वाले फायदे अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से खून पतला होता हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित बनाये रखता है। इस छाल के काढ़े का उपयोग दो से तीन महीने लगातार करना चाहिए। इस काढ़े के उपयोग से रक्तश्राव कम होता है। यह ह्रदय के रक्तचाप जैसी गतिविधियों की क्षमता में सुधार लाता है। पाचन किर्या में सहायक अर्जुन का पेड़ पाचन किर्या में सहायक होता हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर लेने से ये पाचन तंत्र को संतुलित बनाये रखता है। यह बड़े हुए चर्बी को कम करने में मदद करता हैं ,अर्जुन की छाल का सेवन लिवर जैसी समस्याओं के लिए बेहतर माना जाता है। यह वजन घटाने में भी सहायता प्रदान करती है। सर्दी खांसी में है लाभकारी अर्जुन के पेड़ की छाल का कड़ा बनाकर पीने से या फिर अर्जुन के चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से सर्दी और खांसी दोनों में फायदा होता है। अर्जुन के पेड़ का रस औषिधि के रूप में सदियों से किया जा रहा हैं। हड्डियों के जोड़ने में मददगार अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग टूटी हुई हड्डियों या फिर मांसपेशियों में होने वाले दुखाव के लिए किया जाता हैं। इसमें छाल के चूर्ण को एक गिलास दूध में दो चम्मच चूर्ण मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती है। ये हड्डी में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता हैं। अल्सर बीमारी में है फायदेमंद अर्जुन का प्रयोग अल्सर जैसी बीमारी में भी किया जाता हैं। कई बार अल्सर का घाव जल्द ही नहीं भर पाता हैं। या फिर घाव सूखते ही दूसरे घाव निकल आते हैं ,इसमें अर्जुन के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर ,घाव को इससे धोये। ऐसा करने से घाव कम होने लगते हैं,साथ ही अल्सर जैसे रोग को भी नियंत्रित करता है। अर्जुन की छाल से होने वाले नुकसान अर्जुन के पेड़ को बहुत सी बीमारियों के लिए लाभकारी माना जाता हैं ,लेकिन इसके कुछ नुक्सान भी हैं जो शरीर पर गलत प्रभाव डालते है। सीने में जलन होना अर्जुन की छाल का सेवन बहुत से लोगो की सेहत के लिए ठीक नहीं रहता हैं, जिसकी वजह से उन्हें जी मचलना या घबराहट जैसी परेशानियां अक्सर हो जाती है। यदि आप छाल का सेवन कर रहे हैं और आपको ऐसा महसूस होता हैं की सीने में जलन या दर्द हो रहा हैं तो इसका उपयोग करना उसी वक्त छोड़ दे। पेट में दर्द या ऐठन का महसूस होना यदि छाल का उपयोग करने से आपको पेट में दर्द या और कोई परेशानी महसूस होती हैं तो छाल का सेवन करना बंद कर दे। हालाँकि अर्जुन एक आयुर्वेदिक जड़ीबूटी हैं लड़की कुछ लोगों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। एलेर्जी जैसो रोगों को जन्म देता हैं अर्जुन के पेड़ की छाल का घोल बनाकर शरीर पर लगाया जाता हैं, यह त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। लेकिन इसका लेप बहुत से लोगो के शरीर एलेर्जी से जुडी समस्याओं को भी खड़ा कर देता हैं। यदि इस लेप का उपयोग करने के बाद शरीर में खुजली जैसी परेशानिया हो तो इस लेप का उपयोग न करें। आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ को बहुत ही लाभकारी माना गया हैं। अर्जुन के पेड़ में सबसे ज्यादा उपयोग छाल का किया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ की छाल में मैग्नीशियम ,पोटेसियम और कैल्शियम पाया जाता है। इस पेड़ की छल का इस्तेमाल बहुत से रोगो में किया जाता हैं ,और ये लाभकारी भी है। अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग कैंसर सम्बंधित रोगो से निपटने के लिए भी किया जाता है। साथ ही इसके कुछ नुक्सान भी हैं। जो व्यक्ति पहले से किसी भी प्रकार की कोई दवाई ले रहा हैं ,उसे इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

पर्थ पहुंचते ही रोहित शर्मा पिंक बॉल टेस्ट की तैयारी में जुटे

पर्थ. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा सोमवार को पर्थ स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन टीम से जुड़ गए। रोहित रविवार को वहां पहुंचे और सोमवार को टीम के ड्रेसिंग रूम में कोच गौतम गंभीर के साथ नजर आए। अपने बेटे के जन्म के कारण पर्थ में पहला टेस्ट मैच मिस करने वाले रोहित भारत की टेस्ट टीम के नियमित कप्तान हैं। रोहित ने दूसरे टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी है। वह नेट्स पर जमकर प्रैक्टिस करते हुए दिखाई दिए। फॉक्स स्पोर्ट्स ने यह भी दिखाया कि रोहित लंच ब्रेक के दौरान पर्थ में नेट्स पर गुलाबी गेंद से अभ्यास कर रहे थे, जिसमें रिजर्व खिलाड़ी नवदीप सैनी, यश दयाल और मुकेश कुमार उन्हें गेंदबाजी कर रहे थे। भारत को 30 नवंबर और 1 दिसंबर को कैनबरा के मनुका ओवल में प्रधानमंत्री इलेवन के खिलाफ दो दिवसीय पिंक गेंद अभ्यास मैच खेलना है, जिसके बाद 6-10 दिसंबर तक एडिलेड ओवल में डे-नाइट टेस्ट मैच खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने कहा, “लंच ब्रेक के दौरान यहां नेट पर हमारे पास भारत के कप्तान रोहित शर्मा हैं, जो अभी-अभी यहां आए हैं। 6 दिसंबर को एडिलेड में शुरू होने वाले पिंक गेंद टेस्ट मैच से पहले हमारे पास कुछ भारतीय तेज गेंदबाज, अपने कप्तान के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे हैं। जैसा कि हमने अभी देखा कि मुकेश कुमार एक अच्छी गेंद फेंक रहे हैं। लेकिन कप्तान को यहां देखना बहुत अच्छा है। हम उन्हें अगले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर फिर से मैदान पर देखने के लिए उत्सुक हैं।” रोहित की अनुपस्थिति में केएल राहुल ने यशस्वी जायसवाल के साथ बल्लेबाजी की शुरुआत की थी। पर्थ में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 26 और 77 रनों की पारी खेलते हुए स्ट्रोक-प्ले और डिफेंस में ठोस प्रदर्शन किया। राहुल ने यशस्वी जायसवाल के साथ 201 रनों की ओपनिंग साझेदारी भी की, जिन्होंने शानदार 161 रन बनाए, जिससे भारत ने दूसरी पारी में 487/6 पर पारी घोषित की।

मध्य प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के आईपीएस अफसर कैलाश मकवाना को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया

भोपाल आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्य प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। वे प्रदेश के 32वें डीजीपी होंगे। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना प्रदेश के 32वें डीजीपी होंगे। 1 दिसंबर 2024 को वह यह पद ग्रहण करेंगे, जब वर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना अपने कार्यकाल के बाद रिटायर हो जाएंगे। रविवार को डीजीपी सुधीर सक्सेना कैलाश मकवाना को बधाई देने उनके निवास पहुंचे। सुधीर सक्सेना ने मार्च 2020 में डीजीपी के रूप में पदभार संभाला था। कैलाश मकवाना के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं, जिनमें मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन का पद भी शामिल है। कैलाश मकवाना 30 नवंबर 2026 तक डीजीपी रहेंगे। ऐसे में साफ है कि अब 1990 बैच तक के अफसर डीजीपी नहीं बन पाएंगे।  1988 बैच के अरविंद कुमार मई 2025 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वहीं, 1989 बैच के अधिकारी अजय कुमार शर्ता अगस्त 2026 और इसी बैच के जीपी सिंह जुलाई 2025 में रिटायर्ड होंगे।   लोकायुक्त में भ्रष्टाचार की कई फाइलें खोली कैलाश मकवाना को तेज़-तर्रार और मेहनती अफसर माना जाता है। उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। शिवराज सरकार के कार्यकाल में वह लोकायुक्त के डीजी के रूप में नियुक्त हुए थे, लेकिन महज छह महीने बाद उनका तबादला कर दिया गया। उनके कार्यकाल में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई ठंडे बस्ते में पड़ी फाइलें खोलीं और महत्वपूर्ण जांचों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा, महाकाल लोक कॉरिडोर के मामले में भी उन्होंने कार्रवाई की थी।     कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे मकवाना मकवाना का पुलिस विभाग में करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने साढ़े तीन साल के दौरान सात बार अपना स्थान बदला था, जिसमें कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनका ट्रांसफर हुआ था। उनके ट्रांसफर की सूची में एडीजी इंटेलिजेंस, एडीजी नारकोटिक्स, एडीजी सीआईडी, और एडीजी प्रशासन जैसी प्रमुख पदों पर कार्य करना शामिल है। 2021 में उन्हें पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन बनाया गया था, और फिर 2022 में उन्हें लोकायुक्त का महानिदेशक बनाया गया। हालांकि, लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण सरकार ने उन्हें हटाकर पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में भेज दिया। एसीआर खराब करने पर उठाए सवाल हालांकि, 2022 में उनकी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) को लेकर विवाद उठा था, क्योंकि लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उनकी एसीआर को खराब कर दिया गया था। उन्होंने शासन से अपनी एसीआर सुधारने की अपील की थी, और सरकार ने उनके पक्ष में निर्णय लिया। इस बार जब डीजीपी की नियुक्ति के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने तीन नामों का पैनल भेजा, तो कैलाश मकवाना का नाम पहले स्थान पर था। इसके बाद अरविंद कुमार, जो वर्तमान में डीजी होमगार्ड हैं, और अजय शर्मा, जो डीजी ईओडब्ल्यू हैं, के नाम पैनल में शामिल थे। कैलाश मकवाना की त्वरित निर्णय क्षमता, भ्रष्टाचार विरोधी कार्यवाही, और प्रशासन में दक्षता के चलते एक प्रभावशाली अफसर है। साफ सुथरी छवि का मिला फायदा कैलाश मकवाना को अपने करियर में साफ सुथरी छवि और उज्जैन का होने का फायदा मिला है। कैलाश मकवाना का अकादमिक बैकग्राउंड भी मजबूत है। उज्जैन के रहने वाले कैलाश मकवाना ने मैनिट भोपाल से बीई किया है और आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री प्राप्त की है।  उन्होंने कई प्रमुख पोस्टों पर कार्य किया है, जिनमें अति संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का अनुभव शामिल है। उन्होंने दुर्ग, मुरैना, जबलपुर, रायपुर, दंतेवाड़ा, मन्दसौर और सागर जैसे विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा, वह इंटेलिजेंस विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं।      एमपी के नए डीजीपी कैलाश मकवाना: तेज़-तर्रार अफसर, साढ़े तीन साल में हुए सात ट्रांसफर, 1 दिसंबर को संभालेंगे पद 1988 बैच के आईपीएस हैं मकवाना मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष हैं.  2019 से लेकर 2022 तक उनका 7 बार ट्रांसफर हो चुका है. अब अगर आईपीएस अधिकारी मकवाना के सर्विस रिकॉर्ड की बात करें तो भोपाल से बीई और दिल्ली आईआईटी से एमटेक करने वाले मकवाना दुर्ग और मुरैना में एएसपी के पद पर काम कर चुके हैं.  दंतेवाड़ा, बस्तर जैसे जिलों के रहे हैं एसपी वो दंतेवाड़ा, बस्तर, मंदसौर और बैतूल जैसे जिलों के एसपी भी रहे हैं जिसके बाद उन्हें डीआईजी इंटेलिजेंस के पद पर नियुक्त किया गया था.  इसके बाद सीआईडी इंटेलीजेंस में एडीजी के पद पर भी काम कर चुके हैं जिसके बाद उन्हें स्पेशल डीजी सीआईडी बनाया गया था.

उपचुनाव में जीत की गारंटी बन गए हैं योगी, कार्यकर्ता के रूप में दिखे सीएम

लखनऊ योगी आदित्यनाथ यानी जीत की गारंटी का नाम। विकास, रोजगार, सख्त कानून व्यवस्था, समृद्धि की बदौलत उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों के मन में धारणा बदलने वाले योगी आदित्यनाथ की स्वीकार्यता अपने प्रदेश के ‘मन-मन’ के साथ अन्य प्रदेशों के ‘जन-जन’ में बढ़ गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव, उपचुनाव, विधान परिषद उपचुनाव, नगर निकाय चुनावों में भाजपा व एनडीए को जीत दिलाई तो अन्य राज्यों में भी भाजपा कार्यकर्ता के रूप में खूब पसीना बहाया. लिहाजा पीएम मोदी के नेतृत्व में कई राज्यों में भाजपा सरकार बनी. इसमें योगी आदित्यनाथ ने भी काफी मेहनत की. कुंदरकी व कटेहरी में भी कमल खिलाकर भाजपा ने नेतृत्व को विश्वास दिला दिया कि यूपी को योगी का ही साथ पसंद है, लिहाजा जन-जन ने योगी आदित्यनाथ को जीत की गारंटी मान लिया है. योगी की रणनीति और संवाद का ही असर रहा कि इस बार निकाय चुनाव में भी भाजपा ने क्लीन स्वीप किया. इस बार यूपी की सभी 17 की 17 नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी के महापौर निर्वाचित हुए हैं, जबकि पिछली बार 2017 में यह आंकड़ा 16 में से 14 का था. पिछली बार यूपी में भाजपा के 596 पार्षद जीते थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 813 हो गया. शहरों में भाजपा की यह जीत योगी के विकास परक नीति पर आमजन की मुहर है. नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर 2017 में भाजपा को 60 सीटों पर जीत मिली थी. 199 सीटों में से यह आंकड़ा इस बार बढ़कर 88 पहुंच गया. पालिका परिषद सदस्यों में पिछली बार भाजपा को 923 सीट मिली थी, 2023 में यह बढ़कर 1353 हो गई. नगर पंचायतों में भी 191 सीटों में अध्यक्ष पद पर भाजपा के प्रतिनिधि काबिज हुए. 2017 में यह आंकड़ा 100 का था. योगी के नेतृत्व में 2023 में 91 सीटें और बढ़कर भाजपा की झोली में आई, वोट प्रतिशत में भी खूब इजाफा हुआ. भाजपा के नगर पंचायत सदस्यों की संख्या भी 664 से बढ़कर 1403 हो गई। वहीं नगर निगम, पंचायत और पालिका में भी सपा की साइकिल पंचर हो गई तो बसपा का हाथी भी गिर गया. निकाय चुनाव में भी सपा-बसपा का ग्राफ जबर्दस्त गिरा. अखिलेश की कुटिल चाल पर योगी की कुशल रणनीति पड़ी भारी लक्ष्मण आचार्य के महामहिम राज्यपाल और बनवारी लाल दोहरे के निधन के कारण मई में विधान परिषद की दो सीटों पर उपचुनाव हुए. 403 में से 396 वोट पड़े थे, जबकि एक अवैध हो गया. सीएम योगी की कुशल रणनीति से अखिलेश की कुटिल चाल यहां भी धरी की धरी रह गई. भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह 280 और पद्मसेन चौधरी 279 मत पाकर परिषद पहुंचे, जबकि सपा के रामकरण निर्मल को मज 116. रामजतन राजभर को 115 वोट से ही संतोष करना पड़ा था. जुलाई में हुए विधान परिषद उपचुनाव में भी सरकार के मुखिया के तौर पर सीएम योगी के नेतृत्व में बहोरन लाल मौर्य निर्विरोध सदन पहुंचे. कार्यकर्ता के रूप में योगी ने बहाया पसीना पीएम मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में भी महायुति गठबंधन ने फिर से सत्ता हासिल की. पीएम के निर्देशन में योगी आदित्यनाथ ने यहां जनसभा कर 24 प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की. इनमें से 22 पर महायुति गठबंधन ने जीत हासिल की. त्रिपुरा में योगी ने दो दिन में 6 रैलियां और रोड शो किया था. इन सबमें कमल खिला और पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा सरकार बनी. मई में ओडिशा में हुए चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ का जादू चला. यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी योगी का आह्वान जनता तक पहुंचा. ओडिशा में नवीन पटनायक सरकार गिरी और भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली. राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में भी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ता के रूप में चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया. इन राज्यों में भी कमल खिला. विधानसभा चुनाव में योगी के जादू का ही असर है कि दोबारा सत्ता में भाजपा की वापसी हुई. योगी निरंतर सभी जनपदों में संवाद, विकास के बलबूते लोगों से मिलते रहे. इसका परिणाम विधानसभा उपचुनावों में भी दिखा. 2024 में हुए उपचुनाव हों या इसके पहले के उपचुनाव, भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की. योगी ने विकास से रामपुर की कमान संभाली तो 10 बार के विधायक आजम खां का किला भी ढह गया. यहां योगी के नेतृत्व में कमल को पहली बार आकाश मिला. यहां सपा के आसिम रजा राजा नहीं बन पाए. इस चुनाव में 21वां अंक भाजपा के लिए लकी साबित हुआ. 21वें राउंड के बाद से ही भाजपा ने यहां बढ़त हासिल की, जो अंतिम तक बरकरार रही.

भारतीय टीम की पर्थ टेस्ट में ऐतिहासिक जीत, 238 पर सिमटी ऑस्ट्रेलिया

पर्थ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने जीत लिया है। भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच में 295 रन से जीत हासिल की हैं टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। पर्थ में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले भारत ने 6 विकेट पर 487 रन पर दूसरी पारी घोषित की थी। टीम इंडिया ने पहली पारी में 150 रन बनाए औरइ सके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रन पर सिमट गई थी।ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बुमराह और मोहम्मद सिराज ने 3-3 विकेट झटके है। इस मुकाबले में कप्तान बुमराह ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी चुनी. टीम इंड‍िया ने पहली पारी में 150 रन बनाए, लगा मैच में प‍िछड़ गए. पर इसके बाद भारतीय टीम ने कंगारू टीम को 104 रनों पर समेटा.. बुमराह ने पहली पारी में कंगारू  टीम के 5 व‍िकेट लेकर उनकी कमर तोड़ दी, उनको डेब्यूमैन हर्ष‍ित राणा और मोहम्मद स‍िराज का साथ म‍िला. दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और विराट कोहली ने ऐसा काउंटर अटैक किया फ‍िर तो भारत की जीत सुन‍िश्च‍ित हो गई. दूसरी पारी भारतीय टीम ने 487/6 के स्कोर पर घोष‍ित की. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया के सामने 534 रनों का टारगेट था, पर वह टारगेट से 295 रन पीछे रह गई. यह भारत की ऑस्ट्रेलि‍याई सरजमीं पर रनों के ल‍िहाज से सबसे बड़ी जीत है. ऑस्ट्रेल‍िया की टीम दूसरी पारी में 238 रनों पर स‍िमट गई. खास बात यह है कि पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में यह ऑस्ट्रेल‍ियाई टीम की 5 टेस्ट मैच में पहली हार है. वहीं इस मैदान में उस र‍िकॉर्ड की परंपरा भी कायम रही, ज‍िसके तहत यह कहा जाता है कि जो ऑप्टस में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करता है. वह मैच भी जीतता है. इससे पहले भारत ने ऑस्ट्रेल‍िया को उसके घर में 222 रनों से मात दी थी. 1977 में मेलबर्न टेस्ट में तब ऑस्ट्रेलियाई टीम 387 रनों के लक्ष्य के आगे 164 रनों पर ढेर हो गई थी. भारत के स्पिन दिग्गज भगवत चंद्रशेखर (6 विकेट) और बिशन सिंह बेदी (4 विकेट) ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को समेटा था. भारत ने अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 487 रन बनाकर घोषित कर दी. ऑस्ट्रेलिया में भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत 1. 295 रनों से, पर्थ ऑप्टस स्टेड‍ियम, 2024 2: 222 रनों से, मेलबर्न, 1977 3: 137 रनों से, मेलबर्न, 2018 4: 72 रनों से, वाका, 2008 5: 59 रनों से, मेलबर्न, 1981 ऑस्ट्रेल‍िया की टीम ने दूसरी पारी में कर दिया सरेंडर… इससे पूर्व ऑस्ट्रेल‍िया की टीम अपनी पहली पारी में 104 तो भारतीय टीम 150 रनों पर स‍िमट गई थी.  भारतीय टीम ने पिछले 2 दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया है. इस बार हैट्रिक का मौका है. इस ‘महासीरीज’ में कुल 5 मैच खेले जाने हैं. सीरीज का अगला टेस्ट अब 6 द‍िसंबर से एड‍िलेड में होगा. 534 रनों का टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत दूसरी पारी में बेहद खराब रही. डेब्यूटेंट नाथन मैकस्वीनी अपना खाता भी नहीं खोल सके और पारी के पहले ही ओवर में बुमराह का शिकार बने. फिर नाइटवाचमैन पैट कमिंस (2) को मोहम्मद सिराज ने पवेलियन लौटाया. तीसरे दिन का आखिरी विकेट मार्नस लाबुशेन (3) के रूप में गिरा, जो बुमराह का शिकार बने. चौथे द‍िन जब खेल ऑस्ट्रेल‍िया ने 12/3 से शुरू किया. इसके बाद मोहम्मद स‍िराज ने उस्मान ख्वाजा (4) को द‍िन के दूसरे ही ओवर में  चलता कर द‍िया. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को 17 रन के स्कोर पर चौथा झटका लगा. इसके बाद स्टीव स्म‍िथ (17) और ट्रेव‍िस हेड ने 67 रनों की चौथे व‍िकेट के ल‍िए पार्टनरश‍िप की. लेकिन जब यह जोड़ी खतरनाक लग रही थी, तभी स‍िराज ने 79 के स्कोर पर स्म‍िथ को ऋषभ पंत के हाथों को कैच आउट करवा द‍िया. आखिरकार ट्रेव‍िस हेड (89) का विकेट गिरा, उन्हें जसप्रीत बुमराह ने विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों लपकवाया. हेड का व‍िकेट 161/6 के स्कोर पर ग‍िरा. इसके कुछ देर बाद ही म‍िचेल मार्श (47) रन पर आउट हुए. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को सातवां झटका लगा. मार्श नीतीश रेड्डी का टेस्ट क्रिकेट में पहला व‍िकेट बने. 227 के स्कोर म‍िचेल स्टार्क (12) वॉश‍िंगटन सुंदर की फ‍िरकी में फंसकर आउट हुए. जो ऑस्ट्रेल‍िया टीम का आठवां झटका था. इसके बाद नाथन लायन भी इसी ओवर में 0 पर आउट हो गए. एलेक्स कैरी ऑस्ट्रेल‍ियन टीम की ओर से आउट होने वाले वाले आख‍िरी बल्लेबाज रहे. इस तरह भारत की जीत म‍िल गई. दूसरी पारी में भारत की ओर बुमराह, स‍िराज ने 3-3 और वॉश‍िंंगटन सुंदर ने 2 व‍िकेट लिए. वहीं हर्ष‍ित राणा और नीतीश रेड्डी को 1-1 सफलता म‍िली.   भारत की दूसरी पारी में जायसवाल-कोहली के शतक इस मुकाबले में भारत और ऑस्ट्रेल‍िया की पहली दो पार‍ियों में सभी 10 विकेट तेज गेंदबाजों ने निकाले. पहली पारी में नीतीश कुमार रेड्डी 41 रनों के साथ भारतीय टीम के सबसे बड़े स्कोरर रहे. जबक‍ि जोश हेजलवुड ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से 4 व‍िकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे. वहीं ऑस्ट्रेल‍िया टीम की पहली पारी जब 104 रनों पर आउट हुई तो म‍िचेल स्टार्क (26) हाइएस्ट स्कोरर थे. जसप्रीत बुमराह ने पहली पारी में ऑस्ट्रेल‍िया के सबसे ज्यादा 5 व‍िकेट झटके. यहीं से भारत की जीत की इबारत तय हुई, उन्हीं के कारण भारत को 46 रनों की अहम बढ़त म‍िली. पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल (161) विराट कोहली (171) ने शानदार शतकीय पारी खेलीं. कोहली के टेस्ट करियर का ये 30वां और इस साल इंटरनेशनल मैचों में पहला शतक रहा. केएल राहुल (77) ने ओपन‍िंग में जायसवाल के साथ 201 रनों की ऐत‍िहास‍िक पार्टनरश‍िप की. इसकी बदौलत भारतीय टीम ने 487/6 बनाकर पारी घोष‍ित की थी.   दूसरा मुकाबला 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम को दूसरी पारी में 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले … Read more

अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंची पुनेरी पल्टन

नोएडा. पुनेरी पल्टन ने नोएडा इंडोर स्टेडियम में रविवार को रिवेंज वीक के तहत खेले गए प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन के 73वें मैच में एकतरफा अंदाज में बंगाल वारियर्स को 51-34 से हराते हुए अंक तालिका में तीसरा स्थान हासिल कर लिया। पल्टन को दो हार और दो टाई के बाद जीत मिली है जबकि बंगाल को लगातार पांचवीं हार मिली है। पल्टन की जीत में आकाश शिंदे (9), मोहित गोयत (9) पंकज मोहिते (6) के अलावा डिफेंस से मोहित (5) औऱ गौरव (3) ने योगदान दिया। पल्टन ने रेड से 29 अंक लिए। बंगाल के लिए नितिन (13) के अलावा कोई खिलाड़ी चमक नहीं सका औऱ यही कारण है कि बंगाल 12 मैचों में सातवीं हार को मजबूर हुई। पल्टन को 12 मैचों में छठी जीत मिली। बहरहाल, बंगाल ने रेड दो और डिफेंस से एक अंक लेकर 3-0 की लीड के साथ अच्छी शुरुआत की थी लेकिन पुणे ने छठे मिनट स्कोर बराबर कर दिया। फिर पल्टन ने बंगाल को सुपर टैकल सिचुएशन में डाला और फिर उसे आलआउट कर 9-5 की लीड ले ली। पल्टन यही नहीं रुके और बंगाल को फिर सुपर टैकल सिचुएशन में डालते हुए 13-6 की लीड ले ली। मोहित के आने से पल्टन के रेडर्स अच्छा कर रहे थे। पल्टन ने रेड में 4 के मुकाबले सात अंक लिए जबकि डिफेंस में उसके नाम 2 के मुकाबले तीन अंक आए। ब्रेक के बाद सुशील ने डू ओर डाई रेड पर दो अंक ले आलआउट टाला और फजल को भी रिवाइव करा लिया। इसके बाद बंगाल ने लगातार दो अंक लेकर 10-14 स्कोर के साथ वापसी की राह पकड़ी। आकाश ने हालांकि इसके बाद मंजीत को आउट कर न सिर्फ फासला 7 का किया बल्कि बंगाल को सुपर टैकल सिचुएशन में ला दिया। फिर डिफेंस ने सुशील को भी लपक लिया। इस बीच मोहित ने दूसरी बार फजल का शिकार कर लिया औऱ फिर पल्टन ने बंगाल को आलआउट कर 22-11 की लीड ले ली। पल्टन ने आलइन के बाद भी दो अंक लिए औऱ 24-11 स्कोर के साथ पाला बदला। आलइन के बाद बंगाल ने 1 के मुकाबल दो अंक लिए लेकिन पंकज ने ,सुपर रेड के साथ स्कोर 28-13 कर दिया। बंगाल पर तीसरी बार आलआउट का खतरा था लेकिन नितिन ने नितेश को रिवाइव करा लिया। पल्टन के डिफेंस ने हालांकि नितेश को लपक तीसरी बार आलआउट लिया। इस बीच मोहित ने तीसरी बार फजल का शिकार किया और स्कोर 36-17 कर दिया। बंगाल का डिफेंस बिल्कुल नहीं चल रहे थे। उसने 22 फेल्ड टैकल किए और इसी कारण वह फिर से सुपर टैकल सिचुएशन में थी। ब्रेक के बाद प्रवीण ने मोहित को लपक बंगाल को दो अंक दिलाए लेकिन फिर पल्टन ने चौथी बार आलआउट लेते हुए 44-21 की लीड ले ली। अब चार मिनट बचे थे। बंगाल के लिए हार के फासले को कम करने के अलावा कुछ नहीं बचा था औऱ बंगाल ने इसे कर दिखाया। उसने पल्टन को पहली बार आलआउट कर स्कोर 31-48 कर दिया। इसके साथ नितिन ने अपना सुपर-10 भी पूरा किया। आलइन के बाद भी बंगाल ने दो अंक लिए लेकिन वापसी के दरवाजे उसके लिए बंद हो चुके थे।  

बीईओ ने थमाया कारण बताओ नोटिस, छत्तीसगढ़-मरवाही के 12 स्कूलों के 21 शिक्षक मिले नदारद

गौरेला पेंड्रा मरवाही. गौरेला पेंड्रा मरवाही के मरवाही ब्लॉक के दर्जनों स्कूलों में एक साथ छापामार कार्यवाही की गई। इस छापेमारी में 12 स्कूलों के 21 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इन सभी अनुपस्थित शिक्षकों को मरवाही के बीईओ दिलीप कुमार पटेल ने कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। बता दें कि शनिवार को सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक स्कूल लगते हैं। इस दिन बैगलेस डे होता है, जहां बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियां सिखाई जाती हैं। लेकिन बहुत से शिक्षक इस दिन समय पर स्कूल जाने में लापरवाही करते हैं। जिसकी शिकायत शिक्षा अधिकारी को मिली थी। इस शिकायत पर कार्यवाही करते हुए मरवाही के बीईओ दिलीप कुमार पटेल ने इस शनिवार 23 नवंबर को समय पर स्कूल नहीं आने वाले शिक्षकों को पकड़ने के लिए सुनियोजित तरीके से संकुल शैक्षिक समन्वयकों को निर्देशित कर सुबह-सुबह ब्लॉक के दर्जनों स्कूलों का निरीक्षण कराया। इस निरीक्षण में 12 स्कूलों के 21 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इन सभी अनुपस्थित 21 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर नोटिस में लिखा गया है कि इन शिक्षकों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के विपरीत है। क्यों न उक्त शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उच्च कार्यालय को पत्र प्रेषित किया जावे। यदि यह शिक्षक कारण बताओ नोटिस का संतोषप्रद जवाब नहीं देते हैं तो उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इन शिक्षकों को मिला कारण बताओ नोटिस – राजकुमार लहरे मिडिल स्कूल बंशीताल, संतोष प्रजापति, वेद प्रकाश शर्मा प्राइमरी स्कूल करहनी, सुखदेव सिंह श्याम मिडिल स्कूल देवरीडांड, दीपक दास कौशिक प्राइमरी स्कूल लिटिया सरई, समस्त स्टाफ प्राइमरी स्कूल धनपुर, अंजना जायसवाल प्राइमरी स्कूल गुल्लीडांड, रामाधार मांझी, वीर सिंह कंवर, लक्ष्मी प्रजापति प्राइमरी स्कूल भस्कुरा, कलावती अहिरवार, पंचराम यादव मिडिल स्कूल, राजपूत बैगा प्राइमरी स्कूल बेलझिरिया, अघनिया पाण्डव, सरोज चौधरी प्राइमरी स्कूल भर्रीडांड, ममता गुप्ता मिडिल स्कूल कटरा, जितेंद्र मरावी, अंगद कुमार पंत प्राइमरी स्कूल भैनानटोला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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