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कांग्रेस ने आरोप लगाया, कटक में तीन पुलिस थानों ने 19 वर्षीय एक कॉलेज छात्रा की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया

भुवनेश्वर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ओडिशा के कटक में तीन पुलिस थानों ने 19 वर्षीय एक कॉलेज छात्रा की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया जिससे कथित तौर पर कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। कटक-बाराबती से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने महिला को शिकायत दर्ज कराने के लिए एक थाने से दूसरे थाने के कथित तौर पर चक्कर कटवाने के लिए पुलिस की भूमिका की जांच करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता पुरी घाट थाना गई, फिर सदर थाना और बारंग थाने गई तथा आखिरकार बादामबाड़ी थाने में उसकी प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि छात्रा से कई बार सामूहिक दुष्कर्म करने तथा इस कृत्य का वीडियो बनाने को लेकर पीड़िता के प्रेमी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लड़की ने दावा किया कि वह अपना जन्मदिन मनाने के लिए दशहरा पर्व के दौरान अपने प्रेमी के साथ पुरी घाट थाना इलाके में एक कैफे में गई थी। उसने कहा कि प्रेमी ने वहां कथित तौर पर कैफे मालिक की मदद से अपने फोन में उनके कुछ अंतरंग क्षणों का वीडियो बना लिया। पुलिस ने दर्ज मामले के आधार पर बताया कि उस वीडियो के सहारे प्रेमी तथा उसके दोस्तों ने लड़की को ब्लैकमेल किया और कई बार उससे दुष्कर्म किया। इसने कहा कि इस संबंध में शिकायत चार नवंबर को दर्ज की गई और आरोपियों को अगले दो दिन में गिरफ्तार कर लिया गया। फिरदौस ने इस घटना को लेकर शनिवार को पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस विधायक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब पीड़िता आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने गई तो कटक में तीन थानों ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। मैंने पुलिस महानिदेशक से यह जांच करने का अनुरोध किया है कि प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज करने में देरी चिंताजनक है और यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही के बारे में गंभीर चिंता पैदा करती है खासतौर से जब महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बात हो।’’ फिरदौस ने दावा किया कि पीड़िता से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले कटक में इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अब इस शहर में ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो यह चिंता की बात है।’’ कटक के पुलिस उपायुक्त जगमोहन मीना ने कहा कि विधायक द्वारा लगाए आरोपों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें मामला दर्ज न करने के आरोपों के बारे में सबसे पहले विधायक से पता चला है। पुलिस निश्चित तौर पर मामले की जांच करेगी। हालांकि, न तो पीड़िता और न ही उसके परिवार के किसी सदस्य ने ऐसा आरोप लगाया है। पीड़िता सुरक्षित है।’’ कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और ओडिशा को 2026 तक ऐसे अपराधों से मुक्त बनाने के प्रयास जारी हैं।  

प्रदेशवासियों को आंवला नवमी की बधाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंवला नवमी पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान श्रीहरि विष्णु जी से प्रार्थना है कि सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें, जीवन में सुख, समृद्धि, संपन्नता की वृद्धि हो, और सब पर कृपा बनाए रखें।  

प्रदूषण में मामूली गिरावट, वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया, अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के वायु प्रदूषण में पिछले कुछ दिनों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद मामूली गिरावट देखने को मिली। रविवार को यहां पर औसत औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 335 दर्ज किया गया। हालांकि यह अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। केंद्रीय नियंत्रण एवं प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया। दीपावली से लगातार 350 के आस-पास या इससे ऊपर रहने के बाद एक्यूआई में पहली बार गिरावट देखने को मिला। दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 166, गुरुग्राम में 240, गाजियाबाद में 226, ग्रेटर नोएडा में 250, नोएडा में 206 एक्यूआई दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली के अधिकांश इलाके में एक्यूआई 300 से 400 के बीच में दर्ज किया, जिसमें अलीपुर में 356, आनंद विहार में 351, अशोक विहार में 353, आया नगर में 343, बवाना में 383, बुराड़ी क्रॉसिंग में 331, मथुरा रोड में 323, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 348, डीटीयू में 311, द्वारका सेक्टर 8 में 341, आईजीआई एयरपोर्ट में 326 और आईटीओ में 328 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 370, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 323, लोधी रोड में 307, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 357, मंदिर मार्ग में 387, मुंडका में 358,नजफगढ़ में 341, नरेला में 356, नेहरू नगर में 363, नॉर्थ कैंप में 328, एनएसआईटी द्वारका में 333, ओखला फेस टू में 339, पटपड़गंज में 345, पंजाबी बाग में 352, पुषा में 332, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 368, रोहिणी में 366, शादीपुर में 342, सिरी फोर्ट में 345, विवेक विहार में 354 और वजीरपुर में 366 एक्यूआई बना हुआ है। अगर एक दिन पहले दिल्ली के एक्यूआई की बात करें तो शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में सुबह 6:15 बजे तक औसत एक्यूआई 363 अंक बना हुआ था। वहीं, शुक्रवार को 383 दर्ज किया गया, जो बेहद की खराब श्रेणी में माना जाता है। बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक्यूआई के वर्गीकरण के अनुसार 0 से 50 को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब और 301 से 400 को बहुत खराब की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा 401 से 500 को गंभीर और 450 से अधिक एक्यूआई होने पर गंभीर प्लस की श्रेणी में रखा गया है।  

नौकरशाही में हुआ बड़ा उलटफेर, दस आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले

लखनऊ  प्रदेश के दस आईएएस अधिकारियों के रविवार को तबादले कर दिए गए। वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को रिटायरमेंट से डेढ़ महीने पहले प्रतीक्षारत कर दिया गया है। उनके विभाग की जिम्मेदारी श्रम एवं सेवायोजन व खनन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार तृतीय को दी गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजशेखर से नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के सचिव पद, पीएम कृषि सिंचाई योजना के स्टेट नोडल आफिसर और उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम का चार्ज ले लिया गया है। अब उनके पास उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक का पद रह गया है। उनसे लिए गए विभागों की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव सिंचाई एवं संसाधन अनिल गर्ग को सौंपी गई है। इसी तरह रवि रंजन से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी ले ली गई है। यूपी इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन के पद पर वह यथावत रहेंगे। राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी पर प्रतीक्षारत चल रहीं सान्या छाबड़ा को भेजा गया है। वहीं नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की विशेष सचिव व जल निगम की संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रणता ऐश्वर्या से ये विभाग लेकर यूपी एग्रो का एमडी बनाया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव और विधिक बांट-माप विज्ञान के नियंत्रक प्रभाष कुमार को नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग और संयुक्त प्रबंध निदेशक जल निगम (ग्रामीण) दिया गया है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में विशेष सचिव उदय भानु त्रिपाठी को नगर विकास विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आगरा मंडल में अपर आयुक्त डॉ. कंचन सरन को राज्य महिला आयोग का सचिव बनाया गया है। 

जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (ब्रिक) ने अपना पहला स्थापना दिवस मनाया

नई दिल्ली जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (ब्रिक) ने अपना पहला स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि अनुसंधान में सामंजस्य स्थापित करने, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की शक्ति को बढ़ाने में ब्रिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने पिछले साल 10 नवंबर को 14 स्वायत्त संस्थानों (एआई) को शामिल करके ब्रिक की स्थापना की थी। ब्रिक जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ब्रिक के पहले स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और ब्रिक के महानिदेशक राजेश एस गोखले ने कहा, ” बीआरआईसी अनुसंधान में सामंजस्य स्थापित करने, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की शक्ति को बढ़ाने और रूपांतरित करने के संदर्भ में मूल्य और प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” इस कार्यक्रम में 15 आईबीआरईसी संस्थानों के विभिन्न अधिकारियों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि अमिताभ कांत ने विभाग के प्रयासों को सराहा और कहा कि “बीआरआईसी देश के लिए एक ऐतिहासिक संस्थान होगा।” 9 नवंबर को, “विज्ञान से उद्यमिता की ओर दौड़ (आरएएसई)” नामक एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आईबीआरईसी प्लस संस्थानों में पोषित युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था, ताकि उन्हें जैव विज्ञान के व्यावसायीकरण से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति में उल्लेखित विषयगत क्षेत्रों से अवगत कराकर उनके उद्यमशीलता कौशल को विकसित किया जा सके। 10 नवंबर को, आईबीआरईसी प्लस संस्थानों और डीबीटी के लिए खेल मीट और एक मिलन समारोह की योजना बनाई गई थी, ताकि डीबीटी-आईबीआरईसी प्लस परिवारों के बीच सद्भाव, शारीरिक फिटनेस, टीमवर्क और बॉन्डिंग को बढ़ावा दिया जा सके। स्पोर्ट्स मीट में क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और शतरंज जैसी स्पर्धाएं शामिल की गई। मंत्रालय ने कहा, “ब्रिक विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उम्मीद है कि इससे भारतीय जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने में सराहनीय परिणाम प्राप्त होंगे।”  

विश्व पटल पर देश को गौरवान्वित कर रहे हैं हमारे वैज्ञानिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भविष्य को आकार देने में विज्ञान की अहम भूमिका है। भारत को विश्व पटल और अंतरिक्ष तक गौरवान्वित कर रहे, देश के वैज्ञानिक और विज्ञान प्रतिभाओं पर हम सभी को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व विज्ञान दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्व विज्ञान दिवस की जनसामान्य को शांति, मानव-कल्याण और अत्याधुनिक तकनीक से प्रगति के लिए विज्ञान की अनिवार्यता और स्वीकार्यता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।  

फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी, तीन लोगों की मौत

छत्रपति संभाजीनगर छत्रपति संभाजीनगर के फुलंबरी इलाके में देर रात एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना बीती रात करीब एक बजे की है, जब एक प्लास्टिक की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। जानकारी के अनुसार, फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से दुकान खोलने आए तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितिन नागरे, गजानन वाघ, और सलीम शेख के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं आमतौर पर तेज और अनियंत्रित होती हैं, खासकर जब दुकान में प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। इस घटना ने एक बार फिर से दुकानों और अन्य व्यावसायिक स्थानों में सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी तरह से कुछ दिन पहले गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में केमिकल फैक्ट्री में 4 नवंबर की रात को भीषण आग लग गई थी। जिसके बाद इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग काफी ज्यादा फैल चुकी थी। जिसको देखते हुए अलग अलग स्टेशन से फायर ब्रिगेड की और गाड़ियों को बुलाया गया। फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग पैराबोलिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक केमिकल फैक्ट्री में लगी हुई थी।  

हाथी शावक की इलाज के दौरान मृत्यु

भोपाल. उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर के बीट खारीबड़ी टोला के कक्ष क्रमांक-आर.एफ.-179 पटपरहा हार में 8 नवम्बर को एक हाथी शावक झुण्ड से बिछड़कर अकेला अस्वस्थ एवं अचेत अवस्था में मिला था। उपचार के दौरान 10 नवम्बर को प्रात: 6:06 बजे शावक की मृत्यु हो गयी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि वन्य-प्राणी चिकित्सा दल द्वारा मौके पर पहुँचकर शावक का उपचार किया गया। उपचार के बाद हाथी शावक को परिक्षेत्र ताला के रामा हाथी कैम्प लाया गया। चिकित्सीय दल द्वारा कैम्पिंग कर लगातार उपचार किया गया। उपचार के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गयी। एस.ओ.पी. के अनुसार पोस्टमार्टम कर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हाथी शावक के शव का निपटान किया गया।

नुसरत भरूचा ने खुद को दिया नया शॉर्ट नेम ‘कोल’, वजह भी बताई

मुंबई,  एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने खुद को नया नाम ‘कोल’ दिया है। ऐसा उन्होंने क्यों किया है ये भी समझाया है। नुसरत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह गोवा में एक परफॉरमेंस के लिए मेकअप करवा रही हैं। क्लिप में वह कहती हुई सुनाई दे रही हैं, “मैं रोना चाहती हूं.. मैं 48 घंटों से सोई नहीं हूं और मैं यहां गोवा में हूं और मुझे लगा कि मैं झपकी ले पाऊंगी और तैयार होने से पहले सो पाऊंगी, लेकिन नहीं, अब इवेंट को प्रीपोंड (तय समय से पहले) कर दिया गया है।” उन्होंने कहा, “मुझे अपने कॉल टाइम से 2 घंटे पहले परफॉर्म करना है। इसलिए मैंने खाना भी नहीं खाया है और मैं तैयार हो रही हूं…मैं यह नहीं कर सकती। मैं सोना चाहती हूं।” उन्होंने क्लिप को कैप्शन दिया, “मेरा नया पर्सनल शॉर्ट नेम ‘कोल क्राइंग ऑउट लाउड!!” पिछले सप्ताह, एक्ट्रेस ने दीपावली मनाते हुए एक हेल्थ अपडेट पोस्ट शेयर किया और कहा कि वह अस्वस्थ हैं क्योंकि उन्हें बुखार, शरीर में दर्द और “आंखों में संक्रमण है।” नुसरत ने इंस्टाग्राम पर एक कार सेल्फी शेयर की और बताया कि बीमार होने के बावजूद वह खुद को ‘घसीटकर’ मीटिंग में ले गईं। कैप्शन में लिखा था, “दीपावली के बाद की स्थिति, सर्दी, बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और.. कुछ आंखों का संक्रमण! फिर भी किसी तरह खुद को मीटिंग में ले जा रही हूं!” नुसरत के बारे में बात करें तो, 2002 के टेलीविजन शो ‘किट्टी पार्टी’ से एक्टिंग शुरू की। उन्हें 2006 में ‘जय संतोषी मां’ से बॉलीवुड में ब्रेक मिला। वह ‘कल किसने देखा’, ‘ताज महल’, ‘लव सेक्स और धोखा’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं। इसके बाद नुसरत लव रंजन द्वारा लिखित और निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी बडी फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ में दिखाई दीं। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन, दिव्येंदु शर्मा, रायो एस बखिरता, सोनाली सहगल और इशिता ने एक्टिंग की थी। उन्होंने ‘आकाश वाणी’, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘छलांग’, ‘अजीब दास्तां’, ‘छोरी’, ‘हुड़दंग’, ‘राम सेतु’, ‘सेल्फी’, ‘छत्रपति’ में काम किया है। 39 वर्षीय एक्ट्रेस को आखिरी बार प्रणय मेश्राम द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर ‘अकेली’ में देखा गया था। उनकी अगली फिल्म विशाल फुरिया की हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘छोरी 2’ है। फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है, जहां 2021 में रिलीज हुई पहली किस्त खत्म हुई थी। हॉरर सीक्वल की कास्ट में अभिनेत्री सोहा अली खान भी शामिल हो गई हैं। ‘छोरी’ मराठी भाषा की 2017 की फिल्म ‘लपाछपी’ की रीमेक थी। इसमें मीता वशिष्ठ, राजेश जैस और सौरभ गोयल भी हैं।  

उपचुनाव में मतदान केन्द्र और निर्वाचन प्रक्रिया होगी इको-फ्रेंडली, बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है

जयपुर राजस्थान में तेरह नवंबर को सात विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के दौरान पूरी मतदान प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) होगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत चुनाव के दौरान क्रियान्वित होने वाली विभिन्न गतिविधियों को पर्यावरणीय अनुकूलता के मापदंडों के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। इसमें मतदान दलों को दी जाने वाली चुनावी सामग्री की पैकेजिंग प्लास्टिक-फ्री मैटेरियल से की जाएगी। साथ ही खाने-नाश्ते के लिए कागज के पैकेट एवं दोने-पत्तल, पेयजल के लिए प्लास्टिक बोतल की जगह घड़े से पानी और चाय आदि के लिए केतली एवं कुल्हड़ का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग उपचुनाव के दौरान निष्पक्ष, निर्भीक एवं पारदर्शी चुनाव के लिए वेबकास्ट प्रक्रिया का अधिक विस्तार करेगा। इस क्रम में मतदान कक्ष से मतदान प्रक्रिया की सीसीटीवी फीड के साथ ही कक्ष के बाहर से भी लाइव कवरेज की मदद से मतदाताओं की कतार और क़ानून-व्यवस्था का प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही पूरी मतदान पक्रिया को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। श्री महाजन ने बताया कि इस नवाचार के लिए मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त कैमरा स्थापित किए जाएंगे और वेबकास्ट कवरेज के लाइव स्ट्रीमिंग पर निगरानी और विश्लेषण के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलों के अभय कमांड केसेंटर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और निर्वाचन आयोग के स्तर तक सतत निगरानी के लिए विशेष टीवी स्क्रीन लगाए जाएंगे। इन टीवी स्क्रीन पर लाइव वीडियो कवरेज में मतदान कक्ष के बाहर मतदाताओं की कतारों पर नजर रखी जाएगी। मतदाताओं की कम संख्या या अनुपस्तिथि वाले मतदान केन्द्रों की पहचान कर स्थानीय स्वीप टीम को सूचना भेजी जाएगी, जिससे हेला टोली के माध्यम से मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। कतार लम्बी होने, धीमी गति से मतदान होने, मतदान केन्द्र पर अधिक भीड़ जमा होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर बेहतर निगरानी कर उसका प्रबंधन भी अविलंब किया जा सकेगा। श्री महाजन ने कहा कि इको-फ्रेंडली चुनाव के तहत आवश्यकता होने पर पोस्टर-बैनर आदि की छपाई कागज पर की जाएगी। मतदान दलों के रवानगी केन्द्रों, मतदान और मतगणना केन्द्रों आदि को ‘क्लीन एवं ग्रीन’ तथा तम्बाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जिसके तहत यहां बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, पान-मसाला आदि के उपयोग पर प्रतिबन्ध रहेगा। इससे इन स्थानों पर खाली पाऊच आदि के कचरे से बचाव हो सकेगा. मतदान केन्द्र आदि को ‘क्लीन एवं ग्रीन’ रखने के लिए कचरा प्रबंधन पर फोकस करते हुए यहां गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग होगा. डाक मतपत्रों की गणना के लिए रियूजेबल ट्रे और कंटेनर का उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि मतदान दलों के पास वाहनों के नम्बर, लोकेशन, ड्राइवर एवं सेक्टर अधिकारी आदि का विवरण फोन पर उपलब्ध होगा, जिससे कागज के अनावश्यक उपयोग से बचा जा सकेगा. मतदान केन्द्रों पर प्लास्टिक-फ्री सेल्फी-पॉइंट तैयार किए जाएंगे और मतदान केन्द्र परिसर में विशेष मतदाताओं, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, नवमतदाता आदि से पौधारोपण करवाया जाएगा। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी बीएलओ की होगी। श्री महाजन ने बताया कि पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के तहत उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों के साथ भी प्लास्टिक-मुक्त प्रचार सामग्री के उपयोग के लिए समझाइश की जानी चाहिए। साथ ही, उम्मीदवारों के यहां जलपान, खाने अथवा पानी के लिए एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग अनुमत नहीं करने पर भी विचार किया जा सकता है. निर्वाचन विभाग द्वारा विभिन्न स्तर पर चुनावी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण सामग्री सॉफ्ट कॉपी में साझा किया जाए। सेक्टर अधिकारी एवं मतदान दल को प्रशिक्षण के दौरान ही ग्रीन एवं क्लीन पोलिंग बूथ की संकल्पना की जानकारी दी जाए तथा इसे साकार करने के लिए स्थानीय एनजीओ, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विधार्थियों के माध्यम से जागरूकता और इको-फ्रेंडली मतदान के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए। उपचुनाव के दौरान लाइव वेबकास्ट के विस्तार की योजना और पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के लिए सभी सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग को भी इस बारे में रिपोर्ट भेजी गई है। आयोग ने राजस्थान में की जा रही पहलों को अन्य राज्यों में अपनाने के क्रम में इन नवाचारों की कार्य योजनाएं साझा करने को कहा है। निर्वाचन विभाग ने इस विषय में आयोग के साथ विस्तृत जानकारी साझा कर दी है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन/लोकार्पण

भोपाल. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ आसानी से मिल सकें, इसके लिये राज्य सरकार ने अधोसंरचना से जुड़े कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिजली सुधार के लिये क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों में तेजी लायी जायेगी। मंत्री सिंह आज नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र में विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने ग्राम पंचायत बम्होरीकला में 38.54 लाख रुपये लागत के सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन और ग्राम पंचायत कजरौटा में 7.80 लाख रुपये लागत के आँगनवाड़ी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली सुधार के लिये 3 सब-स्टेशन बनाने के प्रस्ताव दिये गये हैं। मंत्री सिंह ने कहाकि क्षेत्र के प्रत्येक बड़े गाँव में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने एकीकृत माध्यमिक शाला में फर्नीचर के लिये 2 लाख रुपये, पेयजल व्यवस्था के लिये 50 हजार रुपये और सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिये 50 हजार रुपये राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

रीवा में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए सरलता से मिलेगी पराली : उप मुख्यमंत्री

भोपाल कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा, सतना और मऊगंज जिलों में बाणसागर बाध की नहरों से सिंचाई के बाद धान और गेंहू का विपुल उत्पादन हो रहा है। ग्रीन एनर्जी प्लांट में धान के पैरे (पराली) से बिजली और जैविक खाद बनायी जायेगी। रीवा जिले में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए पराली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गुढ़ में प्रस्तावित ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य तत्काल शुरू करें। इस प्लांट के लिए कच्चा माल पराली और कम उपजाऊ क्षेत्र में नेवियर घास उगाकर आसानी से उपलब्ध हो जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित होने से किसानों की कम उपजाऊ और परती जमीनों से भी लाखों की आय होगी। कंपनी सर्वे का कार्य शीघ्र पूरा करके वास्तविक निर्माण कार्य शुरू करायें। इस प्लांट की स्थापना से जिले में नरवाई जलाने और पराली के समस्या का भी समाधान होगा। किसान के लिए अब धान के साथ-साथ उसका पैरा भी आमदनी देगा। मऊगंज जिले में प्लांट के लिए एक हजार हेक्टेयर की जमीन उपलब्ध है। जमीन प्राप्त करने तथा प्लांट के लिए 7 दिन में आवेदन करें। गुढ़ में दो और सिरमौर में एक प्लांट लगाने की कार्य योजना को मूर्त रूप दें। बैठक में कलेक्टर मऊगंज ने बताया कि ग्रीन एनर्जी प्लांट के लिए बदवार सीतापुर रोड में एक हजार हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। इसमें से 95 प्रतिशत जमीन निजी भूमि है। किसान अच्छी आय प्राप्त होने पर सरलता से दे देगें। किसानों से अनुबंध के आधार पर जमीनें मिल जायेगी। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि तीन प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त पराली उपलब्ध है। गेंहू के फसल अवशेष तथा वनों से प्राप्त अनुपयोगी पौधों का भी ग्रीन एनर्जी प्लांट में उपयोग किया जा सकता है। गुढ़ प्लांट को सीधी जिले के धान उत्पादक चुरहट और रामपुर नैकिन क्षेत्र के रीवा से जुड़े हुए गांव से भी पराली मिल जायेगी। कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा ने बताया कि नगौद में ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य जारी है। बैठक में रिलायंस ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के प्रतिनिधि अशोक खरे तथा विजित झा ने बताया कि हमारी कंपनी रीवा और सतना जिले में दस ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित करना चाहती है इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। इस प्लांट में कच्चे माल के रूप में गेंहू और धान के फसल अवशेष पराली का उपयोग किया जायेगा। एक प्लांट के लिए 22 हजार मैट्रिक टन पराली की आवश्यकता होगी। पराली के साथ परती तथा अनुपयोगी जमीन पर आसानी से उगने वाली नेपियर घास का भी कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट से कम्प्रेस, बायोगैस, हाइड्रोजन तथा मैथेलान का उत्पादन होगा। साथ ही इससे जैविक खाद का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। किसानों की पराली को कम्प्रेस करके कच्चा माल के रूप में बनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी। इससे रोजगार का सृजन होगा। किसानों की परती और कम उपजाऊ जमीन भी अच्छा लाभ देगी। किसानों से अनुबंध के आधार पर नेपियर घास की खेती करायी जायेगी। ग्रीन एनर्जी प्लांट ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों की तकदीर भी बदल देगा। बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद, डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गोखले, उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत संजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सतत एवं निर्वाध विद्युत आपूर्ति ही हमारा ध्येय: प्रद्युम्न सिंह तोमर

भोपाल. प्रदेश के हर बिजली उपभोक्ता को सतत एवं निर्वाध विद्युत आपूर्ति ही हमारी सरकार का ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में हमारा विभाग लगातार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी कर रहा है। इसी का परिणाम है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में ऊर्जा विभाग अव्वल है। प्रदेश के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विगत वर्षों की तरह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये लागू टैरिफ दरों में राहत देने के लिये बिजली कंपनियों को अनुमानित 24 हजार 420 करोड़ 8 लाख रूपये की सब्सिडी देने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। यह सब्सिडी अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में दी जायेगी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक का सर्वाधिक 28627 मिलि‍यन यूनिट विद्युत उत्पादन कर नया रिकार्ड बनाया गया है। यह पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास का सर्वाधि‍क ताप विद्युत उत्पादन है। ताप विद्युत गृहों द्वारा विभिन्न मापदंडों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। ताप विद्युत गृहों का इस दौरान प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) 60.3 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2019-20 के पश्चात् सर्वाधिक है। वित्तीय वर्ष 23-24 के दौरान 13 थर्मल इकाइयों ने लगातार 100 दिनों एवं अधिक सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन किया, जिनमें से दो इकाइयों ने 200 दिनों से अधिक समय तक विद्युत उत्पादन किया। राज्य शासन के निर्णयानुसार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अब उपभोक्ताओं को एक ही परिसर में पृथक-पृथक रहने पर एक से अधिक बिजली कनेक्शन प्रदान करने की सुविधा कुछ शर्तों के आधार पर कराई जा रही है। ऐसे आवेदक जो एक ही परिसर में निवास कर रहे हैं लेकिन अलग-अलग रहते हैं, तो उनके द्वारा अलग बिजली कनेक्शन का आवेदन करने पर उन्हें नवीन कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रदेश में बिजली अधोसंरचना का लगातार विकास हो रहा है। वर्तमान में 33 के. वी. लाइंस 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। 33 के.वी. लाइंस वर्ष 2003 में 29 हजार 70 किलोमीटर, वर्ष 2008 में 33 हजार 913 , वर्ष 2011 में 38 हजार 867, वर्ष 2013 में 41 हजार 528, वर्ष 2014 में 43 हजार 910 और वर्ष 2024 में 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मार्च 2024 तक 3165 किलोमीटर 11 केव्ही लाइन का विस्तार किया गया है। यह क्रम लगातार जारी है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता ने 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट को लगातार 300 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। यह विद्युत यूनिट की स्थापना के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसी तरह सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (एसएसटीपीपी खंडवा) के अभियंताओं व कार्मिकों ने एक बार फिर कमाल दिखाते हुए 660 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट नंबर 3 को 200 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिये अधोसंरचना निर्माण के उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। ट्रांसमिशन व्यवस्था मजबूत करने के लिये वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 अति उच्चदाब उप केन्द्रों की स्थापना की गई है। साथ ही 26 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किये गये हैं। कुल 818.170 सर्किट किलोमीटर अति उच्चदाब लाइन का निर्माण भी किया गया है। यही नहीं 25 अतिरिक्त अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना एवं 40 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कर अति उच्चदाब उप केन्द्रों की क्षमता में 4630 एमव्हीए की वृद्धि भी की गई है। किसानों को शीघ्र स्थायी सिंचाई पंप कनेक्शन दिये जाने के उद्देश्य से स्वयं का ट्रांसफार्मर लगाये जाने की योजना लागू की गई है। योजना में किसान स्वयं अथवा समूह में निर्धारित मापदंड के अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित कर सकते हैं। योजना में वर्ष 2023-24 में एक लाख 30 हजार 303 ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा चुके हैं। ऊर्जा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना अटल गृह ज्योति योजना में एक करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को और 26 लाख 59 हजार उपभोक्ताओं को अटल कृषि ज्योति योजना में लाभान्वित किया जा रहा है। अटल गृह ज्योति योजना में प्रदेश के ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है। अटल कृषि ज्योति योजना में 10 हार्स पॉवर तक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से बिजली दी जा रही है। साथ ही 10 हार्स पॉवर तक के मीटरयुक्त स्थाई कृषि पंप कनेक्शन एवं अस्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को भी ऊर्जा प्रभार में रियायत दी गई है। विद्युत संबंधी विषयों के त्वरित निराकरण के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय के लिये राज्य स्तरीय विद्युत अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है। समिति उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत उपभोग की प्रवृत्ति में सकारात्मक परिवर्तन करने और प्रभावी राजस्व प्रबंधन में सहयोग करेगी। इसके अतिरिक्त समिति विद्युत उपभोक्ताओं के संबंध में पृथक-पृथक शासकीय विभागों द्वारा संधारित जानकारी एकत्रित करेगी, जिसमें डाटा एनालिसिस के आधार पर सक्षम व समर्थ उपभोक्ताओं की पहचान की जा सकेगी। जिनके द्वारा जानबूझकर विद्युत बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है अथवा अन्य पद्धतियों से विद्युत बिल अनियमित तरीके से कम किया जा रहा है, की पहचान करेगी। विद्युत चोरी पकडने एवं बकाया राशि की वसूली के दौरान विद्युत कार्मिकों के साथ अभद्र व्यवहार की स्थिति में त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर सुरक्षा प्रदान करने में सहयोग करेगी। समिति शासकीय विभागों व शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर विद्युत कंपनी की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करेगी। समिति अवैध कॉलोनियों सहित अन्य रहवासी क्षेत्रों में विद्युत चोरी की रोकथाम के लिये जागरूकता अभियान तथा विद्युत अधोसंरचना के विकास के लिये प्रभावी कार्रवाई भी करेगी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई संबंधी, जले/खराब ट्रांसफार्मरों व विद्युत लाइन अवरोधों एवं गलत देयकों की शिकायतों को दर्ज कर समय-सीमा में निराकरण किया गया। जबलपुर, भोपाल एवं इन्दौर में स्थापित केन्द्रीयकृत 1912 कॉल सेंटर सेवा को सुदृढ़ किया गया है। जनवरी 2019 से मार्च 2024 तक विद्युत प्रदाय संबंधी 1 … Read more

‘आर्थिक राष्ट्रवाद’ का सिद्धांत कुछ व्यक्तियों के वित्तीय लाभ से अधिक महत्वपूर्ण: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि वाणिज्य और व्यवसाय से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि वे ही नौकरी और संपत्ति के सृजनकर्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘आर्थिक राष्ट्रवाद’ का सिद्धांत कुछ व्यक्तियों के वित्तीय लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है। धनखड़ ने यहां एक निजी शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ”उन्होंने हमेशा इस बात की वकालत की है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए। उन्हें समाज में सम्मान मिलना चाहिए।” उपराष्ट्रपति का मानना है कि यह वर्ग नौकरी और संपत्ति का सृजन करता है और सामाजिक सद्भाव में योगदान देता है। उन्होंने कहा, ”वे अर्थव्यवस्था के चालक हैं… उन्होंने इस देश में समाज को कुछ वापस देने की कला सीखी है।” उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी उद्यमियों का योगदान रहा है। उपराष्ट्रपति ने आर्थिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया, और कहा कि अनावश्यक आयात पर अंकुश लगाना चाहिए।  

राष्ट्रवादी ठेंगड़ी के श्रमिक-कृषक वर्ग के उत्थान के प्रयास अनुकरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच एवं भारतीय किसान संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी की जयंती पर नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा है कि राष्ट्र पुनर्निर्माण में ठेंगड़ी का क्रांतिकारी योगदान अविस्मरणीय हैं। देश के वंचित, श्रमिक-कृषक वर्ग के उत्थान और कल्याण के उनके प्रयास अनुकरणीय हैं।

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