LATEST NEWS

पिकअप गाड़ी में जोरदार टक्कर, हादसे में 3 लोगों की मौत, 5 लोग घायल

झज्जर हरियाणा के झज्जर में दर्दनाक हादसा देखने को मिला जहां सांपला रोड पर ट्रैक्टर और पिकअप गाड़ी में टक्कर हो गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 5 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं शवों को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। जानकारी के अनुसार आज सुबह उत्तर प्रदेश की तरफ से आ रही पिकअप गाड़ी की ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। ट्रैक्टर ट्रॉली में लोहे के सरिए भरे हुए थे।टक्कर के बाद पिकअप पलट गई। पिकअप में 21 लोग सवार थे, जो यूपी से जहाजगढ़ माजरा जा रहे थे। इनमें से 3 की कुचलने से मौत हो गई। घायलों को इलाज के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है l

उद्योगों के साथ रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए लगातार जारी है प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल. खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 22 नवम्बर और धान की खरीदी 2 दिसम्बर से की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन मात्रा का निर्धारण विगत तीन वर्षों में धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन मात्रा में औसत वृद्धि तथा बोए गए रकबे के आधार पर किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। जबकि उपार्जित खाद्यान्न के भण्डारण एवं रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश वेअरहाऊसिंग एवं लाजिस्टिक कार्पोरेशन नोडल राज्य समन्वयक एजेन्सी होगी। किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण मंत्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। यह होंगी उपार्जन करने वाली संस्थाएँ उपार्जन कार्य सहकारी समितियां, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएँ, ब्लाक स्तरीय विपणन सहकारी संस्थाएँ, जिला थोक उपभोक्ता भण्डार, महिला स्व-सहायता समूह एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन, उपार्जन कार्य करने के लिए सहमति देने वाली अन्य संस्थाओं को दिया जा सकेगा। संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा। बारदाना व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा। गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये www.mpeuparjan.nic.in पर स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।  

वार्ड39 व जैतपुर उचित मूल्य दुकान से हितग्राही परेशान

सिंगरौली नगर निगम के वार्ड क्रमांक 39 तथा जैतपुर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन लाल बाबू शाह द्वारा किया जाता है। लम्बे समय से दो जगह दुकान संचालित करने के कारण राषन वितरण में घोर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। हितग्राहियों ने बताया कि कोटेदार द्वारा अंगुठा लगाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। जब राशन भी दिया जाता है तो वह पूरा नहीं दिया जाता है। कोटेदार की मनमानी का यह आलम है कि महीने में अधिकांष दिन राषन की दुकान नहीं खुलती है। महीने में एक दो दिन दुकान खुलती भी है तो भारी भीड़ के बीच मात्र कुछ लोगों का अंगुठा लगवा लिया जाता और राषन बाद में देने की बात कहकर उन्हें वहां से हटा दिया जाता है। हितग्राहियों ने बताया कि कई बार अंगुठा लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिल पाता। हितग्राहियों ने कोटेदार के  उक्त कृत्यों की जांच करने की मांग की है।

मजदूर देर शाम को वह अचानक वाटर टैंक में गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हुई, परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल

गोहाना गोहाना के गांव सैनीपुरा में कल देर शाम निर्माणाधीन मकान के वाटर टैंक में गिरने से मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित 20 वर्षीय निवासी गांव उरलाना कला के रूप में हुई है। अंकित अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। वह मजदूरी का काम कर रहा था, देर शाम को वह अचानक वाटर टैंक में गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अंकित की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने मकान मालिक पर लगाए लापरवाही के आरोप ठेकेदार ने बताया कि वह शाम को पेशाब करने की बात कह कर गया, मगर काफी देर नहीं लौटा तो उसने उसे वहां ढूंढा तो पाया वह मकान के वाटर टैंक में मृत हालात में गिरा हुआ मिला। उधर मृतक के परिजनों ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक की लापरवाही से चलते ही यह हादसा हुआ है। वहीं मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी संजय ने भी बताया कि हमें सूचना मिली थी कि एक मजदूर की मौत पानी के टैंक में गिरने से हुई है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाल कर गोहाना के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। जहां आज मृतक अंकित जो गांव उरलाना कला का रहने वाला उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। अभी जांच की जाएगी, उसी अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

11 नवम्बर को मुख्यमंत्री से मांगेंगे – मोदी की गारंटी लागू करो

रायपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक ओमप्रकाश सोनकला,हेम कुमार साहू, भानुप्रताप डहरिया व चंद्रशेखर रात्रे ने कहा कि 11 नवम्बर को शिक्षक मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर मोदी की गारंटी लागू करने रायपुर जिले के सभी विकासखंड अभनपुर, आरंंग,तिल्दा व धरसीवा में सैकड़ों शिक्षक एल बी अपना अधिकार मांगेंगे तथा पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। जिन मांगो को लेकर एल बी संवर्ग ज्ञापन सौपेंगे उसमें मोदी जी के गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर कर समस्त एल बी संवर्ग को क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान प्रदान किया जावे। समतुल्य वेतनमान (पुनरीक्षित वेतनमान ) में सही वेतन का निर्धारण कर 1.86 के गुणांक पर वेतन निर्धारण किया जावे। पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के पुरानी पेंशन को निर्धारित करें एवं भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को जारी आदेश के समान 33 वर्ष में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया जावे। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षको के लिए क्रमोन्नति/समयमान का विभागीय आदेश किया जावे। शिक्षक व कर्मचारियों को केंद्र के समान 01 जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाये तथा जुलाई 2019 से देय तिथि पर महंगाई भत्ते के एरियर राशि का समायोजन जीपीएफ/सीजीपीएफ खाता में किया जाए। ज्ञात हो शिक्षक मोर्चा द्वारा आगामी 2 माह का चरणबद्ध आंदोलन “पूर्व सेवा गणना मिशन” अभियान में तय किया गया है, जिसके तहत अब 11 नवंबर को प्रदेश के 146 विकासखंड सहित रायपुर जिले के चारो विकासखंड में मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। व जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर द्वारा सहायक शिक्षक से  प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति के लिए अंतिम वरिष्ठता सूची व प्रस्ताव मंगवाये 15 दिन होने के पश्चात भी काउंसलिंग की तिथि घोषित नही होने पर शिक्षकों मे आक्रोश है,जिस कारण मोर्चा द्वारा शीघ्र काउंसलिंग तिथि घोषित कर शीघ्र पदोन्नति करते हुए प्रधान पाठक के पद पर पदस्थापना के लिए मुख्यमंत्री,कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। मोर्चा के योगेश सिंह ठाकुर, सुखनंदन साहू, आयुष पिल्ले,जीतेन्द्र मिश्रा,अब्दुल आसीफ खान,गंगा पासी,अंजुम शेख,टिकेश्वरी साहू,कन्हैया कंसारी, अतुल शर्मा,सीएल साहू, हरीश दीवान,गोपाल वर्मा,बुद्धेश्वर बघेल, रविंद्र सॉन्गसुरतान,मनोज मुछावड,रूद्रनारायण तिवारी,शिव साहू, मनोज साहू,विभा सिंह परिहार,विनोद साहनी, इन्द्रजीत वर्मा,अनिल वर्मा, मदन वर्मा, राजेंद्र शर्मा, छम्मन पाल,कॄपा माहेश्वरी,विजय गिलहरे,भुवन अवसरिया, प्रफुल्ल मांझी,दिनेश आडिल,जागृति साहू,अंजूलता  गिलहरे, सरस्वती राघव कल्याणी वर्मा,अलंकार परिहार ,मेघराज साहू,राधेश्याम बंजारे, चेतन साहू ,भोला वर्मा, संतोष सोनवानी, मोतीमाला साहू,,अरूणा तिवारी, सहित पदाधिकारियों ने कहा है कि मांगे पूरी नहीं होने पर 12 नवंबर से 24 नवंबर के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक को मांग पत्र सौपा जाएगा। 25 नवम्बर 2024 को इंद्रावती से महानदी भवन मुख्यालय तक पैदल मार्च कर मांग पत्र देंगे।

बिलासपुर संभाग में 19 डिग्री तापमान दर्ज, 12 नवंबर के बाद से ठंड के आसार

बिलासपुर इस माह अब तक सबसे कम चार नवंबर को 19 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। फिलहाल आसमान में हल्के बादल छाए हुए है। जिसके छंटते ही ठंड का असर तेज हो जाएगा। मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा की मानें तो बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त मात्रा में नमी आ रही है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से आसमान में बादलों की उपस्थिति बनी हुई है। यह स्थिति 11 नवंबर तक बने रह सकता है। 12 नवंबर के बाद आसमान के खुलते ही ठंड का असर तेज होगा। वनाचंल क्षेत्र पेंड्रारोड में स्थिति थोड़ी अलग है। यहां रात में अच्छी ठंड है। कहीं-कहीं ग्रामीण अलाव का भी सहारा ले रहे हैं। यहां न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। पहाड़ी क्षेत्रों में अभी मौसम शानदार बना हुआ है। पर्यटक भी इस मौसम का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। खासकर पिकनिक के लिए इस बार खास प्लानिंग है। पर्यटकों की पसंद कोटा डेम, खुंटाघाट, लोरमी के अलावा जीपीएम और अमरकंटक प्राथमिकता में है। वहीं मदकू दीप, ताला और मस्तुरी भी पसंद है। आज पिकनिक स्पाट में भीड़ मौसम में बदलाव के साथ पिकनिक स्पाट पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। रविवार छूट्टी के कारण भीड़ रहेगी। बता दें कि जैसे ही सर्दियों की ठंडी हवाएं चलने लगती हैं, पिकनिक स्पाट्स पर लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगता है। परिवारों और दोस्तों के साथ पिकनिक का मजा लेने के लिए लोग पहाड़ियों, झीलों, और हरियाली से घिरे स्थलों का रुख करते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इस मौसम में खुले आसमान के नीचे घूमने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए उत्साहित रहते हैं। हर वीकेंड पर पिकनिक स्थलों की भीड़ बढ़ जाती है। 10 वर्षों में ऐसा रहा तापमा नवर्ष न्यूनतम तापमान तिथि 2023 15.6 26 2022 12.0 26 2021 12.4 29 2020 12.4 24 2019 15.5 26 2018 12.5 25 2017 11.4 26 2016 11.2 23 2015 15.4 27 2014 11.1 20 नोट: वर्ष 2009 में 30 नवंबर को न्यूनतम तापमान: 9.2 डिग्री सेल्सियस था     प्रमुख शहरों का तापमान     शहर अधिकतम न्यूनतम     बिलासपुर 31.6 20.5     पेंड्रारोड 29.6 16.8     अंबिकापुर 29.4 16.4     माना 31.6 19.7     जगदलपुर 31.7 19.8  

प्रिंस विलियम भी रहे साथ, ब्रिटेन की राजकुमार केट मिडलटन कैंसर का इलाज कराकर सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचीं

लंदन. ब्रिटेन की राजकुमारी केट मिडलटन ने इस साल कैंसर के इलाज के बाद शनिवार को लंदन में एक स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। वह रॉयल अल्बर्ट हॉल में लाल पोस्त से सजे काले कपड़े पहनकर पहुंचीं, जो उन लोगों के सम्मान का प्रतीक बन गया, जिन्होंने युद्ध में अपनी जान गंवाई है। इस कार्यक्रम में उनके साथ उनके पति प्रिंस विलियम और शाही परिवार के अन्य सदस्य भी थे। कुछ समय बाद किंग चार्ल्स भी शामिल हुए, जबकि उनकी पत्नी रानी कैमिला कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। कैमिला हाल ही में सीने में संक्रमण की बीमारी से उबरी हैं। वेल्स की राजकुमारी केट ने सितंबर में बताया था कि उनका कीमोथेरेपी का इलाज पूरा हो गया है, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने में समय लगेगा। उस समय, उन्होंने कहा था कि वह साल के अंत तक कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। अक्तूबर में उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति थी, जब उन्होंने तीन युवा लड़कियों के शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। इन लड़कियों की उत्तर पश्चिमी इंग्लैंड में एक नृत्य कक्षा में हत्या कर दी गई थी। बकिंघम पैलेस ने शुक्रवार को कहा कि स्मृति दिवस पर, केट ने सेनोटाफ युद्ध स्मारक पर होने वाले मुख्य समारोह में शामिल होने की उम्मीद जताई है, जहां प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के दिन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह समारोह 11 नवंबर को आयोजित किया जाता है। अगले सप्ताह अपने सार्वजनिक कर्तव्यों पर लौट सकती हैं रानी कैमिला इसके अलावा, पैलेस ने कहा कि कैमिला अगले सप्ताह की शुरुआत में अपने सार्वजनिक कर्तव्यों पर लौट सकती हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, जिसके चलते वह इस सप्ताह अपनी नियोजित गतिविधियों में शामिल नहीं हुईं। बकिंघम पैलेस के अनुसार, कैमिला स्मृति दिवस को निजी तौर पर घर पर मनाएंगी। पिछला साल जीवन का सबसे कठिन समय था: प्रिंस विलियम वहीं, प्रिंस विलियम ने बृहस्पतिवार (स्थानीय समयानुसार) को दक्षिण अफ्रीका में मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछला साल उनके जीवन का सबसे कठिन था, क्योंकि उनकी पत्नी केट और उनके पिता किंग चार्ल्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए प्रिंस ने किया दक्षिण अफ्रीका का दौरा प्रिंस विलियम ने अपने मल्टीमिलियन डॉलर के ‘अर्थशॉट पुरस्कार’ के तहत दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया, ताकि वह पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए नए उपायों को बढ़ावा दे सकें। यह यात्रा जलवायु से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी। ब्रिटिश मीडिया में शनिवार को प्रकाशित एक बयान में प्रिंस विलियम ने कहा कि जब वह दक्षिण अफ्रीका छोड़ने की तैयारी कर रहे थे, तो वह अपने सार्वजनिक कर्तव्यों को पिछले समय से अलग तरीके से निभाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं इसे शायद एक छोटे से ‘रॉयल’ तरीके से कर रहा हूं। यह अब केवल शाही कार्य नहीं है, बल्कि यह लोगों की मदद करने, सहयोग करने और सकारात्मक प्रभाव बनाने के बारे में है।’

प्रदेश में रैपिड मैट्रो 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, NCRTC ने इसका टीजर लॉन्च कर दिया

हरियाणा हरियाणा के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश में रैपिड मैट्रो 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। NCRTC ने इसका टीजर लॉन्च कर दिया है। जिसमें दावा किया गया है कि रैपिड मैट्रो दिल्ली से करनाल तक का सफर मात्र 45 मिनट में तय करेगी।   45 मिनट में तय किया जा सकेगा सफर अब दिल्ली के लोगों को करनाल से आना-जाना आसान हो जाएगा। अभी करनाल से दिल्ली का सफर तय करने में करीब ढाई घंटे का सफर तय करना पड़ता है। रैपिड मेट्रो के चलने के बाद यह सफर केवल 45 मिनट में तय किया जा सकेगा। हालांकि इस प्रोजेक्ट पर अभी सर्वे का काम चल रहा है। जिसे शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली से करनाल तक बनेंगे 17 स्टेशन दिल्‍ली से करनाल तक विस्‍तार के बाद रैपिड मैट्रो के स्‍टेशन भी तय हो गए है। कहा जा रहा है कि दिल्‍ली से करनाल तक 17 मेट्रो स्‍टेशन बनाए जाएंगे। इसमें करनाल में केवल 3 स्‍टेशन होंगे। दावा किया जा रहा है कि दिल्‍ली-करनाल रैपिड मेट्रो रेल लाइन का काम जल्‍द शुरू हो जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पहले दिल्ली से पानीपत तक रैपिड मेट्रो चलाने का प्लान था। हालांकि सीएम नायब सिंह सैनी ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बैठक की थी। जिसमें इस प्रोजक्ट को करनाल तक विस्तार करने की मांग की गई थी। जिस पर मनोहर लाल ने आश्वासन दिया था कि इस पर काम किया जाएगा और सर्वे कराया जाएगा।

डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भाग के रूप में पदयात्रा करेंगे

जशपुर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे। पदयात्रा कोमोडो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी। इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा। पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं: सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत। आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन। जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी। कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं। युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना। आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे। आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना। मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। युवा कार्यक्रम विभाग देश भर के युवाओं को www.mybharat.gov.in पर माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करके और आदिवासी विरासत की अपनी समझ को गहरा करने और अपनी आदिवासी विरासत का सम्मान करने के लिए इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है। संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक साल तक चलने वाले उत्सव में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को अपनाने और प्रदर्शित करने के लिए पूरे भारत में पदयात्राओं का आयोजन करेगा।

अब हरियाणा होगा पूरी तरह से नशा मुक्त, सरकार के आदेश पुलिस विभाग को मिले

कैथल सैनी सरकार अब प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए काम कर रही है, अब हरियाणा को पूरी तरह से नशा मुक्त करने लिए सरकार के आदेश पुलिस विभाग को मिले हैं। जिनमें 20 साल पुराने दर्ज मामलों में नशा तस्करों का रिकॉर्ड खंगाला जाए और जो लोग अभी नशा तस्करी में शामिल है उनके ऊपर कारवाई की जाए। इसको लेकर कैथल पुलिस भी जिले के हर थाने में 20 साल पहले के नशा तस्करों का रिकॉर्ड खंगाल रही है और उनकी सूची तैयार कर उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, ताकि दोबारा से कोई भी नशा तस्कर इस धंधे में एक्टिव ना रहे। करीब 100 नशा तस्करों के ठिकानों पर मारे छापे एसएचओ बीर सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों अनुसार आज सुबह शहर में पांच टीमों का गठन किया गया है, जिन्होंने लगभग 100 ऐसे नशा तस्करों के ठिकानों पर छापे मारे हैं जो पिछले 20 साल में नशा तस्करी में एक्टिव रहे है, परंतु पुलिस को कहीं भी कुछ नशे से संबंधित सामग्री नहीं मिली।   नशा तस्कर की सूचना देने वाले को किया जाएगा सम्मानित पुलिस का कहना है कि पुलिस की सख्ती के कारण ऐसा संभव हो पाया है कि लोग नशा तस्करी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कुछ ऐसे चिन्हित स्थानों पर लोगों को इकट्ठा किया और उनसे बातचीत की। उनको समझाया कि नशा तस्करी एक अपराध है जिसको दूर करने के लिए आमजन को भी सरकार का साथ देना होगा। प्रदेश में नशा तस्करों पर सरकार भी पूरी तरह से सख्त हैं, अगर कोई भी व्यक्ति नशा तस्करी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जो कोई व्यक्ति नशा तस्कर के खिलाफ पुलिस को इसकी सूचना देगा तो पुलिस द्वारा उसे सम्मानित भी करेगी और उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा।

जगदलपुर में पिकअप और अज्ञात वाहन की टक्कर, तीन महिला मजदूरों की मौत, 13 मजदूर घायल

जगदलपुर छत्‍तीसगढ़ के जगदलपुर के बकावंड थाना क्षेत्र में शनिवार को राजनगर-बस्तर मुख्यमार्ग पर राजनगर के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। पिकअप वाहन और एक अज्ञात वाहन के बीच आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में तीन महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 13 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी बकावंड से जिला अस्पताल जगदलपुर रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार, ओडिशा के नबरंगपुर जिले के कोटियारिगुड़ा की कमला पुजारी की पिकअप (ओडी 24 के 4729) के चालक शत्रुघ्न ने ओडिशा से महिला मजदूरों को बकावंड ब्लाक के पंडानार गांव स्थित रोहित चावड़ा कृषि फार्म पर काम पर लाकर शाम को उन्हें ओडिशा वापस लौटाया। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार जब पिकअप राजनगर के पास पुलिया के पास पहुंची, तो अज्ञात वाहन ने सामने से टक्कर मार दी। पिकअप चालक के अनुसार, सामने से आ रही वाहन की हेडलाइट से उसकी आंखें चकाचौंध हो गईं, जिससे वह यह नहीं देख सका कि वह ट्रक था या ट्रैक्टर। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। इस हादसे में सिरहागुड़ा निवासी तीन महिला मजदूर पुरनी भतरा (60), दयावती (38), और नंदाय (56) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। जबकि बिमला, मालती, नन्दनी, पासपरई, थवीरवती, उषा हरिजन, पदमा, बालमती, गुप्तेश्वरी, तुलसी, झरना, तुलावती, और सोनामनी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में कमी और आपातकालीन स्थिति सीएचसी बकावंड में इस हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। घायलों की चीख-पुकार से माहौल गहमा-गहमी से भर गया। बीएमओ को संपर्क करने पर उन्होंने अवकाश का हवाला दिया, जबकि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एमडी डॉक्टर ने मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज करते हुए ड्यूटी पर आने से इंकार कर दिया। केवल बीएचएमएस डॉक्टर पीताम्बर साहू ने तीन नर्स और अटेंडरों के साथ मिलकर प्राथमिक उपचार किया। घायलों को जिला अस्पताल भेजने के लिए 108 एंबुलेंस और अस्पताल के वाहन में डीजल की कमी थी, जिसकी व्यवस्था थानेदार छत्रपाल सिंह ने की। इसके बावजूद, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में समय की देरी हुई। 7 बजे 13 घायलों को अस्पताल लाया गया, जबकि अंतिम घायल को रात 11 बजे रेफर किया गया, जो गंभीर केस में काफी समय की देरी थी।

CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनाया अंतिम फैसला?, ‘बुलडोजर जस्टिस मंजूर नहीं’

नई दिल्ली। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद से रिटायर हो गए। अब सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के आखिरी फैसले में CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने ‘बुलडोजर जस्टिस’ की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘बुलडोजर न्याय’ कानून के शासन के तहत अस्वीकार्य है। अदालत ने कहा कि बुलडोजर न्याय न केवल कानून के शासन के विरुद्ध है, बल्कि यह मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। अगर इसे अनुमति दी गई तो अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार की संवैधानिक मान्यता एक डेड लेटर बनकर रह जाएगी।’ कोर्ट ने कहा, बुलडोजर के माध्यम से न्याय न्यायशास्त्र की किसी भी सभ्य प्रणाली के लिए अज्ञात है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘एक गंभीर खतरा है कि यदि राज्य के किसी भी विंग या अधिकारी द्वारा उच्चस्तरीय और गैरकानूनी व्यवहार की अनुमति दी जाती है, तो नागरिकों की संपत्तियों का विध्वंस बाहरी कारणों से चुनिंदा प्रतिशोध के रूप में होगा।’ अदालत ने किसी भी संपत्ति को ढहाने से पहले छह आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया है – 0- अदालत ने कहा,अधिकारियों को पहले मौजूदा भूमि रिकॉर्ड और मानचित्रों को सत्यापित करना होगा। 0- दो, वास्तविक अतिक्रमणों की पहचान करने के लिए उचित सर्वे किया जाना चाहिए। 0- कथित अतिक्रमणकारियों को तीन लिखित नोटिस जारी किए जाने चाहिए। 0- आपत्तियों पर विचार किया जाना चाहिए और स्पष्ट आदेश पारित किया जाना चाहिए 0- स्वैच्छिक हटाने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए । 0- यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त भूमि कानूनी रूप से अधिग्रहित की जानी चाहिए। बता दें कि ये दिशानिर्देश सितंबर 2019 में यूपी के महाराजगंज जिले में पत्रकार मनोज टिबरेवाल आकाश के घर को ध्वस्त करने के मामले में सुनाए गए हैं, यह मानते हुए कि राज्य द्वारा अपनाई गई पूरी प्रक्रिया ‘क्रूर’ थी। अधिकारियों ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के लिए विध्वंस आवश्यक था, वहीं जब इस मामले की जांच की गई तो जांच में उल्लंघन का एक पैटर्न सामने आया जिसे अदालत ने राज्य शक्ति के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। यूपी सरकार को 25 लाख का मुआवजा अदालत ने राज्य को याचिकाकर्ता को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया और यूपी के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने और घर को ध्वस्त करने के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

मंदिर के बाहर महिला को कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

पंजाब जालंधर के प्रसिद्ध मंदिर के बाहर महिला को कुचलने के मामले में पुलिस को कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान बबलू के रूप में हुई है जो कोट बाबा दीप सिंह नगर का रहने वाला है। बता दें कि आरोपी हादसे के बाद से फरार चल रहा था और आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। थाना नं. 8 की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। वहीं जानकारी के अनुसार XUV कार PB 08DU 4559 के मालिक गुरनाम सिंह की मौत हो चुकी है। अब वह कार उनका भतीजा बबलू व कर्ण चलाते थे। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि XUV कार की इंश्योरेस भी अगस्त, 2018 की हो रखी है। गौरतलब है कि गत दिनों जालंधर के प्रसिद्ध मंदिर के बाहर एक महिला हादसे का शिकार हो गई थी जिसकी मौके पर मौत हो गई थी। बता दें कि मृतक प्रिया निवासी गोपाल नगर अपने पति के जन्मदिन पर मंदिर में माथा टेकने आई थी इस दौरान वह एक गरीब को पैसे देने के लिए बेटे रुद्र के साथ सड़क पार कर रही थी तो XUV कार ने प्रिया को अपनी चपेट में ले लिया था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 

पंजाब में हुसरकारी अस्पताल घरियाला के पास हुआ भीषण सड़क हादसा, बुझे 2 घरों के चिराग

तरनतारन सरकारी अस्पताल घरियाला के पास देर रात दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो जाने के कारण 2 की मौत और 2 के घायल होने का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान तरलोक सिंह पुत्र अरूड़ सिंह निवासी गांव ढोटियां और दूसरे की पहचान जगजीत सिंह पुत्र तरसेम सिंह निवासी गांव तूत के रूप में हुई है। घायलों की पहचान बलजिंदर कौर पत्नी तरलोक सिंह निवासी गांव ढोटियां और दूसरे की पहचान बख्शीश सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी गांव पुनिया के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल बख्शीश सिंह पुत्र भजन निवासी पुनिया लड़की का शगुन लगा कर फिरोजपुर से वापिस गांव पुनिया आ रहे थे। इस दौरान सरकारी अस्पताल घरियाला के पास दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गई। इसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना सदर पट्टी की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पट्टी लाया गया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet