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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2023 के लिए साक्षात्कार 18 से 28 नवंबर तक आयोजित होगा

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2023 के लिए साक्षात्कार 18 से 28 नवंबर तक आयोजित किया गया है। साक्षात्कार दो पाली में होगा। जानकारी के लिए इस बार 242 पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 24, 25, 26 और 27 जून 2024 को किया गया। परीक्षा परिणाम 29 सितंबर 2024 जारी किया गया है। उक्त लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के उपलब्धता के आधार पर कुल 703 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया।पहले यह साक्षात्कार 15 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाला था।फिर विभिन्न कारणों से इसे स्थगित किया गया था। दो पाली में परीक्षा आयोजित पदों के लिए साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार तिथि के एक दिन पहले निर्धारित प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक साक्षात्कार लिया जाएगा। अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन, साक्षात्कार के लिए प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे और द्वितीय पाली दोपहर 1:30 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं है।   इन पदों के लिए हुई परीक्षा इसमें डिप्टी कलेक्टर, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला महिला एंव बाल विकास अधिकारी, जिला पंजीयक, राज्य कर सहायक आयुक्त, अधीक्षक जेल जिला, सहायक संचालक आदिम जाती तथा अनुसूचित जनजाति, सहायक पंजीयक, जिला सेनानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी, नायाब तहसीलदार, राज्य कर निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद शामिल है। साक्षात्कार को लेकर विस्तृत जानकारी सीजीपीएससी की वेबसाइट पर जारी की गई है। साक्षात्कार के लिए अंकों में बदलाव पीएससी 2023 के तहत साक्षात्कार 100 अंकों का होगा। इस बार साक्षात्कार के अंकों में बदलाव किया गया है।पहले इसके लिए 150 नंबर निर्धारित थे। 50 नंबर की कटौती होने से इस बार फाइनल मेरिट लिस्ट 1500 नंबर के अाधार पर बनेगी। क्योंकि मुख्य परीक्षा में सात पेपर हुए थे। प्रत्येक पेपर 200 अंक का था। इस तरह से मुख्य परीक्षा 1400 अंकों के लिए हुई थी। साक्षात्कार 100 अंक जोड़ने पर 1500 अंक हो जाएंगे।

रोजगार मेला: सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा

गुड़गांव हरियाणा के गुड़गांव में 11 नवंबर को रोजगार मेला लगने जा रहा है,जिसमें 12वीं पास अभ्यर्थी भाग लेकर नौकरी ले सकते हैं। रोजगार मेले में कैसे भाग ले सकते हैं । सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा। इसमें पिछले वर्षों में पास आउट छात्रों के साथ इस वर्ष के पासआउट छात्रों को भी मौका दिया जाएगा। नैशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत निजी और सरकारी स्कूलों में छात्रों को विभिन्न 14 कोर्स के तहत वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है। इनमें से कई छात्र 12वीं के बाद रोजगार की तलाश में जुट जाते हैं। ऐसे में 4 वर्षों के तहत वोकेशनल कोर्स में पढ़ाई पूरी कर चुके हुनरमंद छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कंपनियों में जॉब करने का मौका उपलब्ध करवाया जाएगा। 11 नवंबर को यह रोजगार मेला शहर में लगाया जाएगा। समग्र शिक्षा विभाग में एपीसी विजयपाल ने बताया कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि 12वीं पास कर चुके छात्रों को रोजगार मुहैया करवाया जा सके। सरकारी स्कूलों में रिटेल, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, आईटी, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थ केयर, सिक्योरिटी, मीडिया, ऑटोमोबाइल, फैशन डिजाइन, फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, ट्रेवल एंड टूरिज्म की पढ़ाई छात्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए कराई जाती है। अलग-अलग कंपनियों को इस फेयर में बुलाया जाएगा, जिसमें छात्र अपने रुझान के अनुसार साक्षात्कार दे सकेंगे। रोजगार मेले में जाने के इच्छुक युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधित सभी तरह के डॉक्यूमेंट्स साथ लेकर जाएं। इंटरव्यू के दौरान इनकी आवश्यक्ता पड़ सकती है।  

राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को भोपाल में

भोपाल राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को प्रात: 9 बजे भोपाल के 1100 क्वार्टर, अरेरा कॉलोनी स्थित कैम्पियन स्कूल में शुरू होगी। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता में प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं के 500 विद्यार्थियों की सहभागिता रहेगी। प्रतियोगिता के समापन समारोह में महापौर नगर निगम भोपाल श्रीमती मालती राय उपस्थित रहेंगी। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिये ब्रिज कोर्स शासकीय विद्यालयों के कक्षा-9 के विद्यार्थियों के दक्षता सुधार के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने ब्रिज कोर्स तैयार किया है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिये है, जिनकी दक्षता का स्तर कक्षा-9 में प्रवेश के समय हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषय में कमजोर होता है। ऐसे विद्यार्थियों के दक्षता अंतर को पाटने के लिये ब्रिज कोर्स चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इन विषयों से संबंधित कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी जा रही है। शिक्षकों के लिये शिक्षक कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी गयी है। कक्षा-10वीं के छात्रों के बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन को सुधारने के लिये विभिन्न विषयों के टिप्स एण्ड ट्रिक्स वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे हैं।  

शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा

रांची केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो करेंगे। साथ ही शाह पोटका विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की प्रत्याशी मीरा मुंडा के लिए चुनावी सभा को भी संबोधित करेंगे। शाह का रोड शो पूर्वी जमशेदपुर और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में होगा। शाह का रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा। रोड शो के दौरान पूर्वी जमशेदपुर से भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा साहु और जमशेदपुर पश्चिम से एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के उम्मीदवार सरयू राय के जीत के लिए अपील करेंगे। जमशेदपुर में भाजपा का चुनाव प्रचार तेज है। इस चुनाव प्रचार को धार देने और विजय संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह शनिवार को जमशेदपुर आएंगे। इनकी जनसभा और रोड शो की तैयारी को लेकर बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की महत्वपूर्ण बैठक साकची में हुई। भाजपा के जमशेदपुर जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने बताया कि भाजपा जमशेदपुर महानगर इस रोड शो और जनसभा की सफलतापूर्वक आयोजन के लिए व्यापक तैयारी में जुट गई है।  

सूर्यकुमार को भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज के दौरान कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं

नई दिल्ली भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार मैचों की टी20आई सीरीज के लिए तैयार है। इस सीरीज के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सूर्यकुमार ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टी20आई डेब्यू किया, उसके बाद उन्होंने 74 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 169.48 की स्ट्राइक रेट से 2544 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.40 है। 34 वर्षीय ने सबसे छोटे प्रारूप में चार शतक और 21 अर्द्धशतक लगाए हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने आखिरी बार बांग्लादेश के खिलाफ टी20आई सीरीज में मेन इन ब्लू का नेतृत्व किया था, जहां उन्होंने तीन पारियों में 37.33 की औसत से 112 रन बनाए थे। आगामी 20 ओवर की सीरीज में, सूर्यकुमार को भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20आई में अग्रणी रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के लिए 107 रनों की आवश्यकता है। वर्तमान में, भारतीय कप्तान ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात टी20I मैचों में 175.63 की स्ट्राइक रेट से 346 रन बनाए हैं। उन्होंने 20 ओवर के प्रारूप में प्रोटियाज के खिलाफ एक शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं। इस बीच, डेविड मिलर 21 मैचों में 156.94 की स्ट्राइक रेट से 452 रन बनाकर शीर्ष स्थान पर हैं। भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20आई में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के अलावा, 34 वर्षीय सूर्यकुमार को टी20आई में सबसे तेज़ 150 छक्के लगाने का मौक़ा भी मिलेगा। 74 टी20आई मैचों और 71 पारियों में सूर्यकुमार ने 44 छक्के लगाए हैं। उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने के लिए चार मैचों की टी20आई सीरीज़ में 6 छक्के लगाने होंगे। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज़ 8 नवंबर को डरबन के किंग्समीड क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगी। गकेबरहा में सेंट जॉर्ज पार्क 10 नवंबर को दूसरे टी20 मैच की मेजबानी करेगा, जबकि तीसरा मैच 13 नवंबर को सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में होगा। श्रृंखला 15 नवंबर को वांडरर्स स्टेडियम में चौथे टी20 मैच के साथ समाप्त होगी। भारत की टी20 टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार वैश्य, आवेश खान, यश दयाल।  

भोपाल aiims की बड़ी पहल, जगह-जगह लगेंगे पैनिक बटन, प्रदेश के समस्त अस्पतालों में लगेगा Pink alarm panic button

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में किसी महिला से बदसलूकी या छेड़छाड़ की घटना पर तत्काल मदद पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। यह पैनिक बटन निकटतम पुलिस थाने से कनेक्ट होंगे। आपात स्थिति में बटन दबाने पर पुलिस का अमला थोड़ी ही देर में अस्पताल पहुंच जाएगा। इन पैनिक बटन को पिंक अलार्म नाम दिया गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद प्रदेश के अस्पतालों में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसके लिए सभी अस्पतालों में सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। अस्पताल में कई जगह लगाया जाएगा अलार्म कुछ संवेदनशील स्थानों पर कुछ दिनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, लेकिन इसे एक सिस्टम का रूप नहीं दिया जा सका, लेकिन अब पैनिक बटन के तौर पर एक अलार्म सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पिंक अलार्म को अस्पताल में ओपीडी, ड्यूटी रूम, पार्किंग, कॉरिडोर जैसी कई जगहों पर लगाया जाएगा। जेपी अस्पताल में जगह चिह्नित, 12 से 13 स्थानों पर लगेंगे पिंक अलार्म भोपाल के जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पैनिक बटन लगने से महिलाओं के साथ अन्य मरीजों की सुरक्षा भी हो सकेगी। अस्पताल में कई प्रकार के व्यक्ति आते हैं, इससे एक डर तो बना रहता है। जगह पहले से चिह्नित कर ली है। यहां करीब 12 से 13 स्थानों पर पिंक अलार्म यानी पैनिक बटन लगाए जाएंगे। एम्स भोपाल पहले ही लगा चुका है एम्स भोपाल में रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हुई थी। उसके बाद परिसर में कई स्थानों पर पैनिक बटन लगा दिए गए। एम्स में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम है। पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होता है, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही उस जगह पहुंच जाते हैं। अब ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगाने की तैयारी है। इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे।   दतिया अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘पिंक अलार्म’ की शुरुआत की मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार द्वारा संचालित दतिया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ‘पिंक अलार्म’ स्थापित किए गए हैं। यह पहल सार्वजनिक अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को संबोधित करती है, खासकर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुखद बलात्कार और हत्या की घटना के बाद इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान दिया गया है।     ‘पिंक अलार्म’ की स्थापना भारत के सार्वजनिक अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को हल करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।     हाल के दिनों में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।     ‘पिंक अलार्म’ की अवधारणा जिला कलेक्टर संदीप मकिन द्वारा पेश की गई है।     यह मध्य प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में स्थापित होने वाली अपनी तरह की पहली प्रणाली है। अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली     अलार्म को अस्पताल के प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में रणनीतिक रूप से लगाया गया है।     अलार्म सक्रिय होने पर एक सायरन बजता है, जिससे सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया जाता है।     सुरक्षा कर्मियों से उम्मीद की जाती है कि अलार्म बजने के पांच मिनट के भीतर संकट में पड़ी व्यक्ति तक पहुंच जाएं। पहल का महत्व     इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण बनाना है।     त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र प्रदान करके, यह अलार्म संभावित खतरों को रोकने और महिला कर्मचारियों की समग्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं. AIIMS भोपाल की में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लगाए जाएंगे. ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगेंगे. पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होगा, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही संबंधित कक्ष तक पहुंच पाएंगे. इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे. एम्स भोपाल में कई एक जगह पर पैनिक बटन लगे हुए हैं.

खेड़ावदा ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील का खेड़ावदा गाँव आज पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन चुका है। यहाँ की ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की हैं। स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़कर, खेड़ावदा को एक संपूर्ण ‘ओडीएफ प्लस’ मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया गया है। उज्जैन जिले में 726 ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम है। ओडीएफ प्लस ग्राम की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत में स्वच्छता के साथ अन्य घटकों को समाहित किया जा रहा है, जिससे एक स्वच्छ सुजल आत्मनिर्भर ग्राम निर्मित हो। गाँव में स्वच्छता का जन अभियान स्वच्छता को एक बार का काम मानने के बजाय, इसे ग्रामीणों की आदत में बदलने के लिए जन अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, बच्चों की टोलियाँ और महिलाओं के समूह गाँव के घर-घर जाकर कचरे के पृथक्करण (सूखा और गीला) की प्रक्रिया को समझाते है। लोगों को समझाया कि सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्र करने से उनका निष्पादन आसानी से किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पंचायत ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल का महत्व समझते हुए आर.ओ. प्लांट और पेयजल टंकी की व्यवस्था की। गाँव का कोई भी व्यक्ति मात्र 6 रुपए देकर पूरे महीने स्वच्छ पानी ले सकता है। इससे न केवल गाँव के लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ बल्कि पंचायत के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा। शिक्षा में स्वच्छता का समावेश ग्राम के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने नियमित रूप से बच्चों को स्वच्छता के पाठ पढ़ाए, जिससे स्वच्छता का संदेश नई पीढ़ी में गहराई से उतरा। कचरा प्रबंधन और रोजगार ग्राम पंचायत ने बैंक से ऋण लेकर एक कचरा वाहन खरीदा और हर घर से कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की। एकत्रित कचरे को पृथक कर गीले कचरे से खाद तैयार की गई, जिसे गाँव के किसान कृषि के लिए इस्तेमाल करते हैं। सूखे कचरे को कबाड़ में बेचकर सफाईकर्मियों के मानदेय की व्यवस्था की गई। गाँव के हर घर में डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया गया ताकि लोग कचरे को खुले में न फेंकें। स्वच्छता के ढाँचे का निर्माण ग्राम में सी.सी. रोड, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और आर.सी.सी. नालियों का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी की निकासी आसानी से हो सके। नालियों के अंतिम सिरे पर सामुदायिक सोक पिट बनाए गए जिससे पानी जमा न हो और सड़कों पर न फैले। सुरक्षा और सुंदरता का समावेश गाँव में सुरक्षा के लिए सभी चौराहों और शासकीय कार्यालयों में सी.सी.टीवी कैमरे लगाए गए हैं। विद्यालयों में भी सी.सी.टीवी, आर.ओ. वॉटर, और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण किया गया है। बच्चों को हाथ धुलाई और स्वच्छता की आदतों के प्रति जागरूक किया गया है। कला के माध्यम से स्वच्छता का संदेश गाँव में कचरे से कलात्मक वस्तुएँ बनाकर गाँव की सुंदरता को बढ़ाया गया। इससे गाँव में स्वच्छता के साथ कलात्मकता और सौंदर्य का भी समावेश हुआ, जो अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। इंटरनेट में भी आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ाते हुए, ग्राम पंचायत खेड़ावदा को पूर्ण रूप से वाईफाई जोन बनाकर इन्टरनेट से कनेक्ट किया गया है एवं सभी चौराहों व शासकीय कार्यालयों पर सी.सी.टी.वी. केमरे लगाये गये है। खेड़ावदा आज एक आदर्श गाँव का प्रतीक है। यह कहानी बताती है कि कैसे एक गाँव अपने प्रयासों से स्वच्छ, सुजल और आत्मनिर्भर बन सकता है। खेड़ावदा की यह पहल अन्य गाँवों के लिए एक मॉडल है और इसका ग्राम पंचायतों द्वारा भी अनुकरण किया जा रहा है।  

प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार मल्टी लैंगवेज एनाउनंसमेंट करने की व्यवस्था

प्रयागराज  महाकुंभ 2025 प्रयागराजवासियों के लिए नई-नई सौगात लेकर आ रहा है। राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर डबल इंजन की सरकार ने महाकुंभ को दिव्य-भव्य के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे ध्यान में रख कर प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा देने के सभी संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार मल्टी लैंगवेज एनाउनंसमेंट करने की व्यवस्था कर रहा है। इससे देश की विविध भाषा बोलने और समझने वाले लोगों को उनकी भाषा में ट्रेनों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। महाकुंभ 2025 को सुगम व सुरक्षित बनाने के डबल इंजन सरकार के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में प्रयागराज रेल मंडल कोई कसर बाकी नहीं रख रहा है। एक ओर तो रेल मंडल शहर के सभी रेलवे स्टेशनों के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य कर रहा है तो दूसरी ओर श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रयागराज रेल मंडल के वरिष्ठ पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि महाकुंभ 2025 में पहली बार रेल मंडल मल्टी लैंग्वेज एनाउंसमेंट करेगा। इसका लाभ देश के कोने-कोने से आने वाले अलग-अलग भाषा बोलने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिन्हें हिंदी या अंग्रेजी भाषा समझने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वरिष्ठ पीआरओ ने बताया कि रेल मंडल शहर के सभी मुख्य स्टेशनों पर ट्रेनों की मल्टी लैंग्वेज एनाउंसमेंट की व्यवस्था कर रहा है। भारत में भाषाओं की विविधता को देखते हुए हिंदी और अंग्रेजी भाषा के साथ 10 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में एनाउंसमेंट की जाएगी। इनमें गुजराती, मराठी, तमिल, तेलगू, मलायालम, कन्नड़, बंग्ला, असमिया, उड़िया और पंजाबी भाषाओं में एनाउंसामेंट किया जाएगा। इसके लिए रेल मंडल अलग-अलग डिवीजन से एनाउंसर बुला रहा है जो असानी से अपनी क्षेत्रीय भाषा में एनाउंसमेंट कर सकें। उन्होंने बताया कि एनाउंसमेंट के स्पीकर स्टेशन के प्लेटफार्मों के अलावा आश्रय स्थलों में भी लगाए जाएंगे। यात्रियों को उनके गंतव्य स्थल के हिसाब से आश्रय स्थलों में रोकने की योजना है, जिससे की श्रद्धालुओं को कम से कम समस्याओं का सामना करना पड़े और महाकुंभ स्नान के बाद आसानी से अपने घरों को लौट सकें।  

राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को eKYC कराना अनिवार्य

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपाय ऐप के जरिए भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 04 लाख 11 हजार 022 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 48 हजार 024, बैतूल ग्रामीण में 71 हजार 171, राजगढ़ ग्रामीण में 24 हजार 473, शहर वृत्त भोपाल में 30 हजार 732, भोपाल ग्रामीण में 32 हजार 187, गुना ग्रामीण में 28 हजार 257, विदिशा ग्रामीण में 34 हजार 198, सीहोर ग्रामीण में 17 हजार 598, ग्वालियर ग्रामीण में 13 हजार 627, शहर वृत्त ग्वालियर में 14 हजार 140, अशोकनगर ग्रामीण में 12 हजार 621, दतिया ग्रामीण में 14 हजार 685, रायसेन ग्रामीण में 18 हजार 141, शिवपुरी ग्रामीण में 15 हजार 491, हरदा ग्रामीण में 12 हजार 912, श्योपुर ग्रामीण में 05 हजार 921, मुरैना ग्रामीण में 10 हजार 889 एवं भिण्ड ग्रामीण में 05 हजार 955 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।  

सरकार ने जल-मल प्रबंधन नीति-2023 (मेन होल टू मशीन होल) लागू की

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की सीवर लाइनों और सेप्टिक टेंकों में मेन्युअल सफाई कार्य पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये लगातार कार्य कर रहा है। इसके लिये विभाग ने जल-मल प्रबंधन नीति-2023 (मेन होल टू मशीन होल) लागू की है। नीति के माध्यम से इन कार्यों में लगे सफाई कर्मियों के पुनर्वास के लिये विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ कार्य कर रहा है। नगरीय विकास विभाग ने एक कार्यक्रम बनाकर सफाई मित्रों और उनके आश्रितों का सर्वेक्षण कराया है। इसके साथ ही इन सफाई कर्मियों आर्थिक कल्याण के लिये स्वच्छता उद्यमी योजना संचालित की जा रही है। सर्वेक्षण के बाद चिन्हित किये गये सफाईकर्मियों को केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के प्रयास किये जा रहे है। इनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास, जन-धन, आयुष्मान और स्वावलंबन से जुड़ी योजना में जोड़े जाने का कार्य भी किया जा रहा है। वित्तीय मदद के लिये तैयार किये जा रहे है प्रकरण इस नीति के तहत सीवर लाइनों और सेप्टिक टेंकों की मेन्युअल से यांत्रिक सफाई में बदलाव के लिये वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के लिये भी योजना तैयार की गई है। इसमें स्वच्छता संबंधी उपकरणों, वाहनों और मशीनों की खरीदी के लिये चेनलाइजिंग एजेंसियों और बैंकों के साथ नगरीय निकायों से जुड़े ठेकेदारों को वित्तीय सहायता के रूप में रियायती ऋण भी उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। चयनित सफाई कर्मियों को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से मदद पहुंचाने के लिये उनके प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की मृत्यु दर कम करने के प्रयास जल-मल प्रबंधन नीति-2023 के माध्यम से प्रदेश में सीवर लाइन और सेप्टिक टेंक में मानव द्वारा सफाई पर रोक लगाकर इसे पूर्ण रूप से मशीनीकृत किया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले सफाई कर्मी मृत्यु दर को शून्य किया जा सकेगा। जल-मल प्रबंधन नीति 2023 नगरीय विकास एवं आवास विभाग की वेबसाइट mpurban.gov.in से डॉउनलोड की जा सकती है।  

लाड़ली बहनाओं को Ladli Behna Yojana की किस्त 9 नवंबर को खाते में किस्त आयेगी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत सरकार 17 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त जल्द ही पात्र महिलाओं के खाते में आएगी। सरकार हर महीने की 10 तारीख को और कभी इससे पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की किस्त जारी करती है। नवंबर की 9 तारीख को आ रही है, ऐसे में जल्द महिलाओं के खाते में योजना की किस्त आ सकती है। मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ उठा रही हैं। पिछले महीने दमोह जिले के सिंग्रामपुर से सीएम ने महिलाओं के खाते में 1574 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी थी। इस बार किस्त जल्दी आने के कयास थे राखी के समय में एमपी सरकार द्वारा लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की किस्त के साथ 250 रुपये अलग से दिए गए थे। इस बार लाड़ली बहना यह कयास लगाए हुई थी कि दीपावली और छट पूजा को देखते हुए किस्त जल्दी जारी की जा सकती है। मध्य प्रदेश मार्च 2023 में हुई थी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत विधानसभा से पहले 5 मार्च 2023 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके जरिए परिवार में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना भी एक उद्देश्य है। कब आएगी 18 वीं किस्त बता दें कि दिवाली का त्योहार 31 अक्टूबर को होने के कारण मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 18वीं किस्त धनतेरस तक आने की अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि 18वीं किस्त जारी करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए अब माना जा रहा है कि ये किस्त हर महीने की तरह इस बार नवंबर की 10 तारीख को ही आएगी। ये है बैलेंस चेक करने का तरीका -सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। -अब मेन पेज पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। -इसके बाद दूसरे पेज पर आ जाएंगे, यहां पर अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक नंबर दर्ज करें। -कैप्चा कोड को सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। -मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करके वेरीफाई कर लें। -ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद सर्च वाले ऑप्शन को क्लिक करते ही आपका पेमेंट स्टेटस ओपन हो जाएगा। ऐसे चेक करें किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं को www.cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति को देखना होगा। इसे देखने के लिए आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए, जिसे साइट पर डालना होगा। इसके बाद किस्त की जानकारी सामने आ जाएगी। महिलाओं को इस योजना से मिला बल लाड़ली बहना योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को मिला है। 1250 रुपये से वे अपनी जरूरत का सामान लेने के साथ, इन रुपयों की बचत भी कर रही हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस राशि से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं।

77 बरस पुराने इज्तिमे के आयोजन में पहली बार किसी महिला मंत्री की सक्रियता बनी

भोपाल प्रदेश में जारी महिला सशक्तिकरण के सरकारी प्रयासों में आलमी तबलीगी इज्तिमा के जरिए एक और तहरीर जुड़ती दिखाई दे रही है। करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन में पहली बार किसी महिला की सक्रियता बनी है। विभागीय मंत्री कृष्णा गौर के इज्तिमा प्रयासों को एक नई शुरुआत और इस आयोजन के बेहतर क्रियान्वयन से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने गुरुवार सुबह ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमगाह पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों को उन्होंने समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने देश दुनिया से आने वाली जमातों के लिए बेहतर इंतजाम करने के लिए कहा। ताकि यहां से लौटने वाले जमाती अच्छे अनुभव लेकर लौटें। इज्तिमा प्रबंधन कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज और अन्य जिम्मेदारों ने मंत्री कृष्णा गौर को तैयारियों की जानकारी देते हुए चार दिन के दौरान रहने वाली व्यवस्था से अवगत कराया। इस मौके पर शहर के उलेमा और नागरिक भी मौजूद थे। इज्तिमा और महिला : पहली बार आमतौर पर इज्तिमा आयोजन के दौरान महिलाओं की सहभागिता प्रतिबंधित होती है। इस्लाम की पर्दा प्रथा के लिहाज से यह व्यवस्था प्रचलित है। लेकिन इस समय मप्र कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी कृष्णा गौर के हाथों में है। इससे पहले तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान की सरकार में इस विभाग की जिम्मेदारी ललिता यादव के पास रही है। लेकिन उस समय मुख्यमंत्री स्वयं ही इज्तिमा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखा करते थे। इसके चलते ललिता यादव का इज्तिमा से सीधा ताल्लुक नहीं रहा। कहा जाता है कि चूंकि कृष्णा गौर का सीधा ताल्लुक भोपाल से है। उनके ससुर स्व बाबूलाल गौर भी ठेठ भोपाली कहे जाते थे। इसके चलते उनका मुस्लिम समुदाय और इज्तिमा आयोजन से लगाव और जुड़ाव रहा है। माना जा रहा है कि कृष्णा गौर की निगरानी में हो रहे इज्तिमा आयोजन में पहले से कुछ बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई दे सकती हैं। 107 साल रहा बेगमों का शासन भोपाल रियासत पर रहे नवाब शासनकाल में सर्वाधिक समय बागडोर महिलाओं के हाथ रहा है। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों को सहेजने वाली भोपाल रियासत में 107 साल तक नवाब शासन रहा है। इस बड़े कार्यकाल पर बेगमों की हुकूमत रही है। महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणीय रहीं बेगमों ने बरसों पहले 1910 में लेडिस क्लब की स्थापना कर दी थी। जिसकी पहली सेक्रेटरी मौलाना आजाद की बहन रही हैं। नवाब बेगमों ने महिला सशक्तिकरण की अवधारणा के साथ भोपाल में परी बाजार को भी आकार दिया था। जो महिलाओं की शॉपिंग के लिए मात्र महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाता था।

CM यादव जर्मनी और इंग्लैंंड में निवेशकों से मुलाकात करेंगे, विदेश से एमपी में निवेश लाया जा सके

भोपाल  मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहली बार विदेश यात्रा पर जाएंगे। वे नवंबर के अंतिम सप्ताह में इंग्लैंड और जर्मनी के दौरे पर रहेंगे। मध्य प्रदेश की खासियत बता विदेश से निवेश लाने का प्रयास करेंगे। वे इंग्लैंड में लंदन, जर्मनी में म्यूनिख में उद्योग जगत की हस्तियों से मिलेंगे। सीएम का पूरा फोकस फार्मास्यूटिकल, आइटी, माइंस, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश लाने पर रहेगा। दोनों देशों में कला-संस्कृति पर चर्चा होगी। वे ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ समूहों से भी भेंट करेंगे। दो रीजनल कॉन्क्लेव शेष डॉ. मोहन यादव (Dr Mohan Yadav) ने सीएम बनने के बाद से रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव (Regional Industry Conclave) का सिलसिला शुरू किया है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अब नर्मदापुरम और शहडोल में कॉन्क्लेव होना शेष है। फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होगी। पूरी दुनिया को जानना चाहिए कि एमपी कितना समृद्ध हमारा प्रदेश संस्कृति के साथ ही संसाधनों में भी समृद्ध है। यह बात पूरी दुनिया को जानना चाहिए। मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लाना सरकार को लक्ष्य है और इसी क्रम में विदेश का रुख भी कर रहे हैं। -डॉ. मोहन यादव, सीएम

अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके

भोपाल राज्य सरकार द्वारा भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को आयुष्मान ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके तहत गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधीन संचालित 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में सभी प्रकार के उपचार एवं आवश्यकतानुसार सुविधाएँ निःशुल्क दी जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी अनुबंधित अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष प्रकरणों में इस योजना में निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त इलाज पर खर्च होने पर संबंधित अस्पताल को उसकी प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गैस पीड़ित मरीज एवं उनके बच्चों को किडनी, लीवर ट्रॉन्सप्लांट एवं अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये विशेष प्रकरण मानते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। भोपाल गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को कैंसर के उपचार के लिये गैस राहत विभाग द्वारा तीन निजी अस्पतालों एवं एम्स भोपाल के साथ अनुबंध भी किया गया है। यहाँ पीड़ितों को कैंसर के उपचार की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। गैस राहत विभाग के अधीन संचालित सभी अस्पतालों में गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के उपचार के लिये अत्याधुनिक इमरजेंसी यूनिट सातों दिन 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के किडनी रोग (सी.के.डी.- IV) व अतिगंभीर मरीजों के उपचार के लिये कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना भी की गई है। इसमें 13 डायलिसिस मशीनें लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणी), (जिनको राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती हैं), को इस पेंशन राशि के अलावा भोपाल गैस राहत विभाग द्वारा एक हजार रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन भी दी जा रही है। वर्तमान में करीब 4 हजार 406 गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणियों) को यह पेंशन दी जा रही है।  

वैज्ञानिकों ने बजाई खतरे की घंटी- 2024 दुनिया का सबसे गर्म साल होगा!

नई दिल्ली यूरोपीय जलवायु परिवर्तन एजेंसी ‘कॉपरनिकस’ ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह लगभग तय है कि साल 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष होगा और औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में कम से कम 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। यूरोपीय जलवायु एजेंसी ने बताया कि यह दूसरा वर्ष है जब इतिहास में सबसे गर्म अक्टूबर दर्ज किया गया है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन यह घोषणा संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले की गई है, जो 11 नवंबर को अजरबैजान के बाकू में शुरू हो रहा है। शिखर सम्मेलन में देशों से जलवायु संबंधी नए वित्तीय सहायता समझौते पर सहमत होने की उम्मीद है, जिसे विकसित देशों को 2025 से विकासशील देशों को प्रदान करना होगा ताकि उन्हें जलवायु परिवर्तन से निपटने और अनुकूलन में मदद मिल सके। दुनिया के लिए ‘खतरे की घंटी’ वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए. अगले हफ्ते, अजरबैजान में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु कॉन्फ्रेंस COP29 से पहले आए इस अनुमान ने चिंता बढ़ा दी है. BBC की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल मेट्रोलॉजिकल सोसायटी के चीफ एग्जीक्यूटिव, लिज बेंटले ने कहा, ‘यह लेटेस्ट रिकॉर्ड COP29 में सरकारों को एक और कड़ी चेतावनी देता है कि आगे तापमान में और अधिक इजाफे को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है.’ तापमान में लगातार हो रही वृद्धि कॉपरनिकस के निदेशक कार्लो बुओनटेंपो ने कहा कि मैं समझता हूं कि तापमान में निरंतर वृद्धि चिंताजनक है। बुओनटेंपो ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि अगर वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की निरंतर वृद्धि के कारण ग्लोबल वार्मिंग नहीं होती, तो धरती पर रिकॉर्ड तोड़ तापमान का इतना लंबा क्रम देखने को नहीं मिलता। बुओनटेंपो और अन्य वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में लंबे समय तक उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला एक बुरा संकेत है। कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) की उप निदेशक सामंथा बर्गेस ने कहा, ‘‘2024 के 10 महीने बीतने के बाद अब यह लगभग तय है कि 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष होगा। यह पूर्व-औद्योगिक काल के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला पहला वर्ष होगा। यह वैश्विक तापमान रिकॉर्ड में एक नया मील का पत्थर है, जो आगामी जलवायु परिवर्तन सम्मेलन ‘सीओपी29’ में जलवायु संबंधी लक्ष्य को पाने की महत्वाकांक्षा बढ़ाने के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करना चाहिए।’’ 2023 में गर्मी का रिकॉर्ड बना, 2024 में टूट जाएगा! 2024 के शुरुआती 10 महीनों में वैश्विक तापमान इतना ऊंचा रहा है कि अब बाकी दो महीनों में अप्रत्याशित गिरावट ही रिकॉर्ड बनने से रोक सकती है. यूरोपीय कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा का डेटा बताता है कि 2024 में तापमान पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में कम से कम 1.55 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा. ‘पूर्व-औद्योगिक’ का मतलब 1850-1900 के मानक काल से है, जो मोटे तौर पर उस समय के बराबर है जब मनुष्यों ने ग्रह को काफी गर्म करना शुरू किया था. हालिया अनुमानों का मतलब है कि 2024 में 1.48 सेल्सियस का वर्तमान रिकॉर्ड टूट सकता है जो पिछले साल ही बना था. यूरोपीय एजेंसी के वैज्ञानिकों ने ही पिछले महीने बताया था कि 2024 का अक्तूबर पूरी दुनिया में दूसरा सबसे गर्म अक्तूबर रहा। इससे पहले 2023 का अक्तूबर भी काफी गर्म था, तब सतह पर हवा का औसत तापमान 15.25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि 1991 से 2020 के अक्तूबर के औसत तापमान से 0.80 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इतना ही नहीं 2024 के पहले 10 महीनों (जनवरी से अक्तूबर) में औसत वैश्विक तापमान 1991-2020 के बीच इसी दौर के मुकाबले 0.71 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। वहीं, जनवरी-अक्तूबर 2023 के मुकाबले इस साल इसी दौर में तापमान 0.16 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा।  

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