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जबलपुर में स्कॉर्पियों ने स्कूटी को मारी टक्कर, ढाई साल के मासूम को रौंदा

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर से हिट एंड रन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियों ने स्कूटी को टक्कर मार दी। जिससे स्कूटी पर बैठा मासूम 15 फीट उछलकर जमीन पर गिर गया। टक्कर मारने के बाद गाड़ी बैक कर बच्चे को रौंद दिया और स्कूटी पर स्कॉर्पियो चढ़ा दी। यह पूरी घटना उखरी तिराहे के पास की है। स्कूटी को टक्कर मारने के बाद मासूम को कुचला जबलपुर में सामने आए हिट एंड रन के एक सनसनीखेज मामले ने हर किसी को दहला दिया है। दरअसल शहर के उखरी तिराहे पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार पति-पत्नी एक तरफ तो पति की गोद में बैठा ढाई साल का मासूम 15 फीट दूर उछल कर जा गिरा। स्कॉर्पियो चला रहे बिगड़ैल रईसजादे ने हादसे को अंजाम देने के बाद मौके पर रुकना भी मुनासिब नहीं समझा बल्कि गाड़ी को बैक करते हुए मासूम को कुचल दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता को भी रौंदा मासूम की जिंदगी छीनने के बाद स्कार्पियो सवार कुछ ही दूरी पर सड़क पर गिरे पति-पत्नी और उनकी गाड़ी को भी बेरहमी से रौंदते हुए आगे बढ़ गया। इस सनसनीखेज हादसे का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ तौर पर स्कार्पियो सवार मासूम को कुचलते हुए और उसके बाद गाड़ी को बैक कर दोबारा रौंदते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि जबलपुर के तमरहाई इलाके में रहने वाले सौरभ अग्रवाल अपनी पत्नी सुरभि और ढाई साल के बेटे प्रणीत के साथ दीनदयाल चौक के रास्ते से उखरी तिराहे की ओर जा रहे थे। पति पत्नी को आई चोट मंगलवार की रात करीब 2 बजे जैसे ही तीनों उखरी तिराहे पर पहुंचे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार काले कलर की स्कॉर्पियो कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के वक्त स्कूटी गाड़ी सौरभ अग्रवाल की पत्नी सुरभि चल रही थी। हादसे के बाद अंधेरे में मासूम को ढूंढ कर माता-पिता अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि सौरभ और उनकी पत्नी सुरभि को भी शरीर के कई हिस्सों में चोटें पहुंची है। शव रखकर किया प्रदर्शन इस हादसे से स्थानीय लोग काफी गुस्से में है। उन्होंने शव को कोतवाली थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। मासूम के शव को थाने के सामने रखकर काफी देर तक स्थानीय लोग प्रदर्शन करते रहे। लोगों के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैकड़ो की तादाद में कोतवाली थाने के सामने जमा हुए लोग पुलिस को भेंट करने के लिए “चूड़ियां” भी लेकर आए। फिलहाल पुलिस ने हिट एंड रन हादसे को अंजाम देने वाली स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर लिया है और दावा किया जा रहा है कि आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।

मोहन भागवत ने कराया समाज में समरसता लाने का दायित्व बोध, आरोग्य धाम में करवाई पंचकर्म चिकित्सा

सतना  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस सामाजिक समरसता के लिए काम करता है और इस अवधारणा से बाहर निकलना होगा कि संगठन केवल हिंदुओं और मनुवादियों के लिए है। अपने दो दिवसीय प्रवास के तहत  मध्यप्रदेश के सतना जिले के पवित्र नगर चित्रकूट पहुंचे भागवत प्रांत के संघ चालक वर्ग सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि संघ संचालकों का दायित्व है कि वे समाज में व्याप्त विषमताओं को दूर करें और सामाजिक समरसता कायम करने के लिये कार्य करें। भागवत ने संघ चालकों को दायित्व बोध कराते हुये कहा कि चूंकि समाज में संघ चालक ही संघटन के प्रतिनिधि के तौर पर कार्य करते है, इसलिये समाज उन्हें आशा भरी नजरों से देखता है। उन्होंने कहा कि इस अवधारणा से बाहर निकलना होगा कि संघ केवल हिन्दुओं और मनुवादियों के लिये है।  संघ चालक समाज में संघ के प्रतिनिधि संघ प्रमुख डॉ भागवत ने संघ चालकों के दायित्व पर कहा कि संघ चालक समाज में संघ के प्रतिनिधि होते हैं। समाज में लोग उनकी ओर आशा भरी दृष्टि से देखते हैं। समाज में उनकी स्वीकार्यता हो इसके लिए संघ चालक को दृष्टिकोण रखना पड़ेगा। समाज के हित में ऐसे कार्यों में अग्रणी भूमिका में रहना होगा जो समाज को प्रेरणा देते हैं। संघ चालकों को दिए गए इस उद्बोधन को संघ के विस्तार की कड़ी के रूप में लिया गया है, जो संघ का समरसता के भाव में सभी वर्गों के साथ हिन्दुत्व को एकजुट कर आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास है। सामाजिक विषमता पर समरसता उद्बोधन सत्र के बाद अगले सत्र में सामाजिक समरसता पर गंभीर मंथन किया गया। इसमें रमेश पतंगे की किताब मैं, मनु और संघ पर चर्चा हुई। समाज की विषमता को दूर करते हुए सामाजिक समरसता पर आगे बढ़ने और समाज को जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास करने पर बल दिया गया। इसके लिए जिला स्तर पर गोष्ठियां कर वैचारिक विस्तार की दिशा पर काम करने की बात सामने आई। यह कहा गया कि संघ में जाति भाव और अश्पृश्यता की जगह नहीं है। हमें बंटना नहीं है। इस बात पर बल दिया गया कि समाज में इस भ्रांति को दूर किया जाए कि संघ सवर्णों और मनुवादियो का है। बंटेंगे तो नुकसान होगा लिहाजा इक्कठे रहने के भाव को समाज में लाया जाए। इस दौरान बनारस और दरभंगा दंगों पर भी चर्चा हुई। जिसमें बताया गया कि संघ ने अपने लोगों की किस तरह से मदद की। तय किया गया कि हिन्दुत्व को एकजुट करने जिला स्तर पर तेजी से पहल की जाए। इस दौरान अपेक्षितों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की भी जानकारी ली गई। लगभग 10 लोग अनुपस्थित रहे जिनकी जानकारी प्राप्त की गई। परिवार के साथ पहुंचे कई संघ चालक इस बार के वर्ग में एक नया प्रयोग देखने को मिला। पंच परिवर्तन से जुड़ेबिन्दुओं को लेकर कई संघ चालक अपने परिवार के साथ चित्रकूट पहुंचे। हालांकि परिवार जन वर्ग की बैठकों में शामिल नहीं हुए लेकिन महिलाओं को आस-पास के गांवों का भ्रमण करवाया गया। बताया गया कि इसके पीछे महिलाओं को संघ के वर्ग की व्यवस्था से अवगत करवाना है। संघ प्रमुख ने करवाया पंचकर्म संघ प्रमुख डॉ भागवत प्रात: साढे तीन बजे कर्वी धाम रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से वे आरोग्यधाम परिसर के वैदेही भवन पहुंचे। यहां विश्राम के बाद वे 5 बजे से 8 बजे तक तीन घंटे आरोग्यधाम के आयुर्वेद भवन में पंचकर्म चिकित्सा करवाई। पहले दिन उन्होंने एक सत्र में ही सहभागिता निभाई।

जाट बेल्ट बढ़ाएगा बीजेपी की चिंता, राजस्थान-झुंझुनू के उपचुनाव में झांझडिया पट्टी दिलाएगी जीत?

झुंझुनू. जाट वर्चस्व वाली झुंझुनू सीट विधानसभा में किसे एंट्री देगी यह देखना बेहद रोचक होगा। यहां मुकाबला कांग्रेस के अमित ओला, भाजपा के राजेंद्र भांभू और निर्दलीय राजेंद्र गुढ़ा के बीच है। इनमें ओला और भांभू जाट और गुढ़ा राजपूत जाति से हैं। सीट के जातिगत समीकरण ऐसे हैं कि यहां जाटों का एक छत्र राज रहा है। सन 1990 के चुनाव को छोड़ दें तो 1977 से अब तक यहां जाट प्रत्याशी ही चुनाव जीतते आए हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी यहां जाट हैं, ऐसे में जातिगत फैक्टर से आगे निकलकर इन दोनों के बीच यह मुकाबला उपजाति और गौत्र तक चला गया है। झुंझुनू सीट से 2023 में  बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके बबलू चौधरी, जाटों के झांझडिया गौत्र से आते हैं। इस बार टिकट कटा तो उन्होंने निर्दलीय नामांकन भर दिया। हालांकि, बीजेपी नेताओं की मनुहार के बाद उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। लेकिन, बागी होकर चुनाव न लड़ना और अपने वोट ट्रांसफर करवाने में बड़ा फर्क है। 12 गांवों की पंचायतें क्यों अहम? झुंझुनू में कुल वोटर 2 लाख से उपर हैं। इनमें करीब 75 से 80 हजार वोट जाट हैं। जाटों में भी करीब 25 हजार वोट झांझडिया जाटों के हैं। झुंझुनू में चिड़ावा रोड से गुड़ा रोड के बीच यह झांझडिया जाटों के बाहुल्या वाली 12 पंचायतें आती हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर इसे झांझडिया पट्टी कहा जाता है। साल 2023 के चुनाव में बबलू चौधरी को यहां से करीब 70 प्रतिशत वोट मिले थे। इसलिए बबलू किस तरफ इशारा करते हैं यह सबसे अहम होगा। यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि 2023 के विधान सभा चुनाव में जब बबलू चौधरी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे तब भांभू बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे थे।

बालाघाट के अस्पताल में 72 घंटे के अंदर ही अस्पताल में हुए 6 जुड़वा बच्चों के जन्म, डॉक्टर्स ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं

बालाघाट मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के सरकारी अस्पताल में एक हफ्ते में नौ महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। ये घटना 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच हुई। सभी जुड़वा बच्चों में एक लड़का और एक लड़की थी। इसे लोग कुदरत का करिश्मा ही मान रहे हैं। इससे पहले अस्पताल में कभी ऐसा नहीं हुआ है। वहीं, जन्म के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं। 30 साल के करियर में पहली बार हो रहा ऐसा अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर निलेश जैन ने बताया कि उनके 30 साल के करियर में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे अपने जीवनकाल की अनोखी घटना बताया है। डॉक्टर जैन ने कहा कि मैंने अपने करियर में इतने सारे जुड़वा बच्चों को एक साथ कभी नहीं देखा। ऐसा लग रहा था मानो वार्ड में जुड़वा बच्चों की बारिश हो रही हो। छह जुड़वा बच्चे तो 72 घंटे में पैदा हुए छह जुड़वाबच्चे तो 72 घंटे के भीतर ही पैदा हुए थे। बाकी के तीन जोड़े उस हफ्ते के अंत तक पैदा हुए। एक बच्ची की मौत कम वजन होने के कारण हो गई लेकिन बाकी सभी बच्चे स्वस्थ हैं। यह दुर्लभ घटना डॉक्टर जैन ने कहा कि ये वाकई एक दुर्लभ घटना है और इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। यह कुदरत का करिश्मा है। उन्होंने कहा कि मैं SNCU यूनिट में सभी बेड पर जुड़वा बच्चों को देखना कभी नहीं भूलूंगा। अलग-अलग गांवों की हैं महिलाएं सभी महिलाएं जिन्होंने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, जिले के अलग-अलग गांवों से हैं। जिस बच्ची की मौत हुई उसके माता-पिता अपने बेटे को लेकर अपने गांव चले गए हैं। बाकी सभी बच्चों और उनकी माताओं को अस्पताल में ही रखा गया है, जहां डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह खबर नक्सल प्रभावित बालाघाट के लिए बेहद खुशी की बात है। हालांकि किसी भी महिला ने IVF ट्रीटमेंट नहीं करवाई थी।

मंत्री दयालदास बघेल ने किया राज्योत्सव कार्यक्रम का किया आगाज

महासमुन्द छत्तीसगढ़ राज्य के 24वें स्थापना दिवस के अवसर पर महासमुंद जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में एक दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार की देर शाम मुख्य अतिथि व खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल ने दीप प्रज्वलित कर राज्योत्सव का आगाज किया। इस अवसर पर विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना संपत अग्रवाल, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान मंत्री दयालदास बघेल सहित जनप्रतिनिधियों ने सभी विभागों द्वारा लगाए गए शासकीय योजनाओ पर आधारित स्टाल का अवलोकन किया। मंत्री ने नवजात बच्चों का अन्नप्रासन्न कार्यक्रम भी कराया साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्री का वितरण किया। मंत्री दयालदास बघेल ने इस दौरान कहा कि, छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया विष्णुदेव साय के सुशासन में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने  का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश ‘‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’’ की परिकल्पना को साकार करने में लगी है। वहीं कलेक्टर विनय कुमार ने राज्योत्सव में लगे शासकीय विभागों के स्टाल और राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। राज्योत्सव में महतारी लोक कला मंच खरोरा के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुति दी। स्थानीय स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी राज्योत्सव के अवसर पर अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास छात्रावास के छात्रों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि फॉर्चून नेत्रहीन फाउंडेशन के बच्चों ने अपनी गायन प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इसी क्रम में आस्था पटनायक ने अपने कत्थक नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री सुरेंद्र दुबे का कवि सम्मेलन और अलंकार ब्रास बैंड की प्रस्तुति ने देर रात तक कार्यक्रम में समा बांधे रखा।

मैहर में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट, चले लाठी डंडे और धारदार हथियार, एक की मौत

मैहर मध्य प्रदेश के मैहर में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। जिसमें 6 लोग घायल हो गए । जिन्हे इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इधर मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला मैहर के बेरमा गांव का है। जहां दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई की दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों और हथियार से मारपीट होना शुरू हो गई। घटना में 6 लोग घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल मैहर लाया गया। हालत गंभीर होने के कारण घायलों को जबलपुर रिफर किया गया। जहां उपचार के दौरान एक की मौत हो गई। बताया जा रहा है की आपसी रंजिश के चलते युवक पर लाठी डंडो से हमला किया गया था। जिससे उसकी जान चली गई। फिलहाल इस पुरे मामले में पुलिस जांच में जुट गई है।

सुराग हाथ लगने की उम्मीद, राजस्थान-जोधपुर के अनीता चौधरी हत्याकांड में होटल व्यवसायी तैयब के घर सर्च ऑपरेशन

जोधपुर. अनीता चौधरी हत्याकांड से जुड़े मामले को लेकर पुलिस पिछले छ: दिनों से लगातार कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है। ऐसे में कुछ दिन पहले आए 18 मिनट के ऑडियो में जिस तैयब अंसारी के नाम की चर्चा हुई थी, पुलिस ने आज उसके घर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। 4 घंटे चले ऑपरेशन के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने होटल व्यवसायी तैयब अंसारी के घर से तीन मोबाइल, एक लैपटॉप, एक कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की पड़ताल की और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अपने कब्जे में ले लिया। जानकारी के अनुसार अनीता चौधरी के पति और अनीता की सहेली के 18 मिनट के ऑडियो में बार-बार अंसारी का जिक्र आया था। जिस पर पुलिस को संदेह हुआ और घटना सामने आने के बाद पुलिस ने अंसारी को हिरासत में ले लिया। 48 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस आज उसे लेकर उसके निवास प्रताप नगर पहुंची और चार घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। जाते-जाते पुलिस अपने साथ तैयब अंसारी का कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी साथ लेकर गई है। पुलिस को संदेह है कि इन सारी चीजों से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग सकते हैं। गौरतलब है कि अनीता चौधरी की हत्या के बाद उसके शव को 6 टुकड़ों में काटकर जमीन में गाड़ दिया गया था, उसके बाद से ही मुख्य आरोपी गुलामुद्दीन फरार है। गुलामुद्दीन को पकड़ने के लिए पुलिस की 8 टीमें राज्य के बाहर निकली हुई हैं लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी गुलामुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दूसरी ओर हत्याकांड के बाद से आज तक सर्वसमाज के लोग धरने पर बैठे हैं और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन इसकी जांच के लिए राज्य सरकार अनुशंसा करती है और उसके बाद ही मामला सीबीआई को सौंपा जाता है। बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब तक मुख्य आरोपी पकड़ में नहीं आ जाता तब तक संशय की स्थिति बरकरार रहेगी।

बच्चो में बचपन से ही डालें, दान देने की आदत

एक संत ने एक द्वार पर दस्तक दी और आवाज लगाई भिक्षां देहि एक छोटी बच्ची बाहर आई और बोली, बाबा, हम तो बहुत ही गरीब हैं, हमारे पास देने को कुछ नहीं है। संत बोले, बेटी, संत को मना मत कर, कुछ नहीं तो अपने आंगन की धूल ही दे दे। उस लड़की ने एक मुट्ठी धूल उठाई और उन संत महात्मा के भिक्षा पात्र में डाल दी। उनके शिष्य ने पूछा, गुरु जी, धूल भी कोई भिक्षा है? आपने उस लड़की से धूल देने को क्यों कहा? संत बोले, बेटे, अगर वह आज कुछ ना देती तो फिर कभी नहीं दे पाती। आज धूल दी हे तो क्या हुआ, उसमे देने का संस्कार तो पड़ गया। आज धूल दी है, उसमें देने की भावना तो जागी, जब कल वह सामर्थवान होगी तो फल-फूल, धन-धान्य इत्यादि भी देगी। यह जितनी छोटी कथा है निहितार्थ उतना ही विशाल है, साथ में आग्रह भी, इसलिए दान करते समय दान हमेशा अपने परिवार के छोटे बच्चों के हाथों से दिलवाये। जिससे उनमें देने की भावना बचपन से बनेगी और जब उनमे कुछ देने की भावना बनेगी तो उनकी विचार धारा भी अच्छी बनेगी और जब विचारधारा अच्छी बनेगी तो वो स्वयं एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।  

राज्य कर्मचारी दल के नेताओं के साथ बैठक, विस्तार से चर्चा की गई, बड़ा कदम उठाने जा रही है पंजाब सरकार!

पंजाब पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वैल्फेयर एसोसिएशन के से प्रतिनिधियों को वं भरोसा दिया कि विभिन्न बैंकों के साथ परामर्श के बाद सोसायटी के कर्मचारियों को आवश्यक जीवन बीमा कवरेज दिया जाएगा। यह आश्वासन उन्होंने अपने कार्यालय में पंजाब राज्य कर्मचारी दल, कम्प्यूटर अध्यापक यूनियन और पंजाब पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वैल्फेयर एसोसिएशन के साथ बैठक में दिया।  चीमा ने एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनकी अन्य मांगों पर भी विचार किया जाएगा। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री का धन्यवाद किया और राज्य में एच.आई.वी. के प्रसार को रोकने के लिए अपनी 4 प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले किसी भी कार्यक्रम को समर्पित भावना से पूरा करने का वायदा भी किया। इससे पहले पंजाब राज्य कर्मचारी * दल के नेताओं के साथ बैठक के दौरान उनकी ओर से प्रस्तुत मांग पत्र पर  विस्तार से चर्चा की गई।

जातिगत समीकरणों से तय होगी जीत या बदलेगी परंपरा?, राजस्थान की सातों सीटों के उपचुनावों में लग रहे कयास

अलवर/नागौर. इस बार प्रदेश की सातों सीटों पर चुनाव अलग-अलग दिशाओं में हैं। शायद यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय दल भी परिवारवाद और सहानुभूति कार्ड जैसे दांव आजमा रहे हैं। प्रदेश की जिन सात सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है, उनमें से दो दक्षिणी राजस्थान में, दो पूर्वी राजस्थान में और एक-एक उत्तरी, मध्य और पश्चिमी राजस्थान में है। अलवर जिले की यह सीट सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वाली सीट रही है। यहां के कुल वोटरों में मुस्लिम वोटर्स की संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा है और कांग्रेस को इसी बडे़ वोट बैंक के सहारे जीत की उम्मीद है। पार्टी के प्रत्याशी आर्यन जुबैर यहां से कांग्रेस के परंपरागत उम्मीदवार और दिवगंत विधायक जुबैर खान के पुत्र हैं। बीजेपी के सुखवंत सिंह की छवि यहां सॉफ्ट मानी जाती है। इसलिए बीजेपी के खिलाफ मेवों का ध्रुवीकरण कम रह सकता है। दौसा में चुनाव की दिशा सामान्य वर्ग करेगा तय इस सीट के उपचुनाव पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। इसका एक बड़ा कारण तो यह है कि सरकार से इस्तीफा देकर बैठे मंत्री किरोड़ीलाल मीणा यहां से अपने भाई जगमोहन मीणा को टिकट दिलाने में सफल रहे हैं, वहीं दूसरा बड़ा कारण है कि एक सामान्य वर्ग की सीट पर भाजपा ने जगमोहन मीणा के रूप में जहां अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार को टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस डीडी बैरवा के रूप में अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इस सीट के कुल वोटों में से करीब पचास प्रतिशत एससी-एसटी के वोट हैं और शेष पचास प्रतिशत में सामान्य, मुस्लिम और ओबीसी के वोटर आते हैं। अब चूंकि दोनों ही प्रमुख दलों ने सामान्य या ओबीसी वर्ग से किसी को टिकट नहीं दिया है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि ये वोट कांग्रेस या भाजपा में से किसे चुनते हैं। हालांकि भाजपा को उम्मीद है कि सामान्य और मूल ओबीसी वोट परंपरागत रूप से भाजपा के साथ रहे हैं, इसलिए मीणा वोटों के साथ इन वोटों का जुड़ाव उसकी जीत को आसान बना देगा। देवली-उनियारा में कांग्रेस को मीणा वोट कटने का डर टोंक जिले की इस सीट पर मीणा, गुर्जर और मुस्लिम वोटों का बाहुल्य है। कांग्रेस ने मीणा और मुस्लिम वोटों की गोलबंदी की उम्मीद में यहां से कस्तूरचंद मीणा को टिकट दिया है। चूंकि सचिन पायलट टोंक से विधायक हैं और यह उन्हीं के खेमे के हरीश मीणा की सीट रही है, इसलिए पार्टी को गुर्जर वोटों की उम्मीद भी है, लेकिन कांग्रेस के इन दोनों ही वोट बैंकों में सेंध पड़ गई है। कांग्रेस के बागी के रूप में पूर्व छात्र नेता नरेश मीणा मैदान में हैं, जो मीणा वोटों को बंटवारा कर सकते हैं, वहीं भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता राजेन्द्र गुर्जर को टिकट देकर कांग्रेस की एकमुश्त गुर्जर वोट मिलने की उम्मीद को भी झटका दिया है। ऐसे में कांग्रेस की बड़ी उम्मीद यहां मुस्लिम वोट हैं, वहीं भाजपा सामान्य और मूल ओबीसी वोटों के सहारे दिखाई दे रही है। राजेंद्र गुढ़ा हैं झुंझुनू में एक्स फैक्टर शेखावटी क्षेत्र की इस सीट पर कांग्रेस के ओला परिवार का वर्चस्व रहा है और इस बार भी पार्टी ने इसी परिवार के अमित ओला को टिकट देकर जाट और मुस्लिम वोटों के सहारे जीत की उम्मीद की है, क्योंकि इस सीट पर यही दो वोट सबसे ज्यादा हैं। भाजपा ने भी हालांकि राजेन्द्र भांभू के रूप में जाट उम्मीदवार को ही टिकट दिया है, ऐसे में जाट वोटों के बंटवारे के साथ ही पार्टी को सामान्य और मूल ओबीसी के वोटों की उम्मीद भी है, लेकिन इस सीट के एक्स फैक्टर राजेन्द्र गुढ़ा माने जा रहे हैं जो कांग्रेस के एससी और मुस्लिम वोटों में सेंधमारी करते दिख रहे हैं और ऐसा होता है तो इसका सीधा फायदा भाजपा के उम्मीदवार हो सकता है। खींवसर के त्रिकोणीय संघर्ष में बटेंगे जाट वोट नागौर जिले की खींवसर सीट पर जाट मुस्लिम और एससी मतदाता सबसे ज्यादा हैं। यहां हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है और चूंकि तीनों के उम्मीदवार जाट हैं, इसलिए जाट वोट तीन जगह बंटेंगे। किसी भी प्रत्याशी का जीत का दारोमदार एससी और मुस्लिम वोटों पर रहेगा, जो वैसे तो कांग्रेस के वोट बैंक माने जाते हैं, लेकिन इस सीट पर आरएलपी के साथ जाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव में आरएलपी से भाजपा में गए रेवतराम डांगा ने आरएलपी के वोट बैंक में अच्छी सेंधमारी की थी और हनुमान बेनीवाल सिर्फ दो हजार वोटों से जीत पाए थे। इस बार भी भाजपा ने फिर से डांगा पर दांव खेला है। वहीं हनुमान बेनीवाल ने अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को और कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे सवाईसिंह की पत्नी रतन चौधरी को टिकट दिया है। चौरासी आरक्षित सीट पर सब कुछ एसटी वोटों के हाथ बांसवाड़ा जिले की इस आदिवासी बहुल सीट पर करीब 85 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। ऐसे में यहां अन्य जातियों या सामान्य वर्ग के लिए बहुत गुंजाइश बचती नहीं है। आदिवासियों की बीच सक्रिय भारतीय आदिवासी पार्टी और भाजपा व कांग्रेस के बीच यहां त्रिकोणीय मुकाबला है तो सही, लेकिन जातिगत समीकरण आदिवासियों की ही उपजातियों के बीच के हैं। सलूंबर में आदिवासियों के साथ ही अन्य वोट बैंक भी प्रभावी अब तक उदयपुर का हिस्सा रही सलूंबर सीट अब खुद अपने आप में जिला हो गई है। आदिवासियों की संख्या अधिक होने के कारण यह भी आरक्षित सीट है, लेकिन यहां सामान्य वर्ग की अन्य जातियां जैसे जैन, ब्राह्मण, राजपूत और मूल ओबीसी की जातियां भी ठीकठाक संख्या में हैं। यही कारण है कि इस सीट पर आदिवासी पार्टियों के बजाए कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला होता आया है। दिवंगत विधायक अमृतलाल  मीणा यहां से लगातार तीसरी बार विधायक बने थे। इस बार भाजपा ने उनकी पत्नी शांतादेवी को टिकट देकर अनूसूचित जनजाति के साथ ही सामान्य वर्ग के अपने परंपरागत वोट बैंक के सहारे जीत की उम्मीद की है। उनके सामने कांग्रेस की रेशम मीणा हैं, वहीं बीएपी ने भी रमेशचंद मीणा को मैदान में उतारा है।

गर्लफ्रेंडवश में रहेगी, आर्थिक तंगी भी होगी दूर… तांत्रिक के जाल में उलझकर इवेंट मैनेजर ने गवाई जान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने एक इवेंट मैनेजर ने खुदकुशी की थी। वह रिटायर्ड डीएसपी का नाती था। इस मामले में पुलिस ने एक ढोंगी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तांत्रिक के संपर्क में इवेंट मैनेजर लगातार था। तांत्रिक ने इवेंट मैनेजर की परेशानी का फायदा उठाया है। साथ ही उससे तंत्र क्रिया के नाम पर रुपए भी हड़पे हैं। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। समस्या का समाधान करने का किया दावा दरअसल, 20 वर्षीय समर प्रताप सिंह भोपाल में रहकर इवेंट मैनेजर का काम करता था। गर्लफ्रेंड से युवक का ब्रेकअप हो गया था। इसकी वजह से वह परेशान रहने लगा। कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात एक कथित तांत्रिक आशुतोष शुक्ला से हुई थी। उसने समर से दावा किया था कि हम बड़ी-बड़ी समस्याओं का समाधान कर देते हैं। समर ने तांत्रिक का नंबर लिया। कुछ दिनों बाद उसने अपने ब्रेकअप और समस्याओं का जिक्र किया। वश में रहेगी गर्लफ्रेंड इस पर तांत्रिक ने कहा कि चिंता करने की बात नहीं है। बस कुछ तंत्र क्रिया करना होगा। इससे तुम्हारी गर्लफ्रेंड वश में रहेगी। साथ ही सारी समस्याओं का समाधान भी हो जाएगा। इवेंट मैनेजर तांत्रिक के झांसे में आ गया। तांत्रिक ने श्मशान में तंत्र क्रिया करने के लिए उससे रुपए लिए। बताया जा रहा है कि हजारों रुपए तांत्रिक ने उससे हड़प लिए लेकिन समर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद उसने तांत्रिक से पैसे की मांग करने लगा। इसी बात को लेकर तांत्रिक ने मृतक को समर को परेशान करने लगा। समर से भी उसने तंत्र क्रियाएं करवाई थीं। परेशान समर ने तांत्रिक आशुतोष को मैसेज भी किया था कि तुमने मुझे परेशान कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने तांत्रिक आशुतोष के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं, गिरफ्तार तांत्रिक आशुतोष महज 12वीं तक पढ़ा है। उसे तंत्र मंत्र नहीं आता है। रीवा से भोपाल वह रोजगार की तलाश में आया था। यहां आकर कुछ मंत्र सीखा और तंत्र-मंत्र की प्रक्रियाएं शुरू कर दी।

अगर पसंद हैं फिट रहना तो बनाये इसे ही बनाये करियर ऑप्शन

आज के समय में हर कोई फिट रहना चाहता हैं जिसकी वजह से फिटनेस ट्रेनर की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं। जिसके आप खुद फीट रहकर पैसे भी कम सकते हैं। आज के समय में जिम, बडे होटल, हैल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर, स्पा, टूरिस्ट रिसोर्ट आदि जगहों पर भी फिटनेस ट्रेनर की मांग बढ़ती जा रही हैं। इसके अलावा आप एक्सपीरियंस के बाद खुद का फिटनेस सेंटर भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आज के समय में कई मल्टीनेशनल कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर वर्कप्लेस वेलनैस तथा फिटनेस प्रोग्राम ऑर्गनाइज करती हैं। जिससे फिटनेस ट्रेनर की मांग में और भी वृद्धि होती जा रही हैं। जॉब का मौका: आज के समय में देश भर में करीबन 2, 000 करोड रूपए फिटनेस पर खर्च किये जाते है। हाई टेक जिम और हैल्थ क्लब अधिक से अधिक युवाओ को अपनी और अट्रैक्ट करते हैं। इसके अलावा आप एथलीट ट्रेनर, डाइटिशियन, स्पोर्ट्स कोच, फिजिकल थेरेपिस्ट को भी अपना करियर ऑप्शन बना सकते हैं। फिटनेस के कोर्स के तुरंत बाद आय कम होती हैं पर अनुभव के साथ इसमें इजाफा हो जाता हैं। कार्य का दायरा: एक फिटनेस ट्रेनर को एरोबिक्स, फैलेक्सीबिल्टी ट्रेनिंग, बीएमआई, पोषण तथा ट्रेनिंग से जुड़े समस्त उपकरणों आदि का ज्ञान होना बेहद जरूरी होता हैं। ताकि वह लोगो को सही गाइडेंस दे सके। आपको शरीर के अनुसार अच्छी डाइट निर्धारित करते हुए आना चाहिए।   बतौर ट्रेनर रखे इन बातों पर ध्यान: फिटनेस ट्रेनर के लिए मेनलीफिटनेस, न्यूट्रिशियन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैस रिडियूशन, हेल्थ रिस्क मैनेजमेंट आदि सभी विषयो की जानकारी होना जरूरी हैं। यदि आप एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर हैं तो आपको वर्कआउट के समय एरोबिक्स, स्टेचिंग तथा मसल्स एक्सरसाइस पर ध्यान देना जरूरी होता हैं। आप एथलीट का स्टेमिना बढ़ाने के लिए जॉगिंग, वेट लिफ्टिंग, पुशअप कर सकते हैं। व्यवहारिकता बनाये रखें: फिटनेस ट्रेनर को दिन भर में कई लोगो से बातचित करनी होती हैं इसलिए फिटनेस ट्रेनर को सही ढंग से कम्युनिकेशन करना आना चाहिए। के रूप में आपको अच्छी बातचीत और व्यावहारिक कला भी आनी चाहिए क्योंकि आप कई प्रकार के लोगों के संपर्क में आते हैं।  

प्रदेश के 6 बड़े CA फर्म पर ED की Raid, मचा हड़कंप, भोपाल में आधा दर्जन ठिकानों पर कार्रवाई जारी

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट बीसी जैन के ठिकानों पर छापा मारा है। ईडी की टीम बुधवार सुबह 6 बजे उनके अरेरा कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंची और छानबीन शुरू की। बीसी जैन का नाम प्रदेश के बड़े उद्योगपतियों और व्यवसायियों से जुड़ा हुआ है। ईडी की टीम ने सुबह-सुबह अरेरा कॉलोनी में स्थित बीसी जैन की चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म BCP जैन एंड CO. के कार्यालय और निवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर की गई है। सुबह 6 बजे ईडी के अधिकारियों की टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू की। सुबह 6 बजे से कार्रवाई जारी ED के अधिकारी आज सुबह लगभग 6 बजे बीसी जैन के घर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा राज्य के बड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म्स के कुल 6 स्थानों पर भी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं और अन्य संभावित अपराधों की जांच के हिस्से के रूप में की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने बीसी जैन के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है। हालांकि, फिलहाल ईडी की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बीसी जैन की फर्म कई प्रमुख उद्योगपतियों और व्यवसायियों के वित्तीय मामलों का प्रबंधन करती है, जिसके चलते यह छापेमारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीसी जैन मध्य प्रदेश के प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट में से एक हैं और उनकी फर्म BCP जैन एंड CO. बड़े कारोबारियों और उद्योगपतियों के लिए वित्तीय सेवाएँ प्रदान करती है। जैन की फर्म द्वारा प्रबंधित किए जाने वाले मामलों में बड़े वित्तीय लेनदेन और उद्योगों से जुड़ी फाइलें शामिल हैं, जो इस कार्रवाई को गंभीर बनाती हैं। बीसी जैन चार्टर्ड अकाउंट फर्म चलाते हैं। उनके खिलाफ लगातार वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिली थी। जिसके बाद टीम ने छापेमारी की है। ED के अधिकारी बुधवार सुबह करीब 6 बजे बीसी जैन के घर पहुंचे। इसके अलावा प्रदेश के बड़े CA फर्म के कुल 6 ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई जारी है।  

सभी जनजातीय विकासखंडों में ई-लाइब्रेरी प्रारंभ की तैयारी, डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये विभाग द्वारा ठोस कार्यवाही शुरू

भोपाल जनजातीय कार्य विभाग के अधीन विशिष्ट श्रेणी की शिक्षण संस्थाओं की कक्षाओं में डिजीटल बोर्ड लगाये जायेंगे। इसके लिये विभाग द्वारा तेजी से कार्यवाही की जा रही है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये विभाग द्वारा ठोस कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन संचालित सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में डिजीटल बोर्ड लगाने के लिये ‘केपिटल मद’ से बोर्ड क्रय एवं स्थापन की कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार सभी विभागीय कन्या शिक्षा परिसरों एवं आदर्श आवासीय विद्यालयों में भी डिजीटल बोर्ड लगाये जायेंगे। इसके लिये ‘आकस्मिक मद’ से धनराशि का प्रावधान बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित किया गया है। सभी जनजातीय विकासखंडों में ई-लाइब्रेरी प्रारंभ की भी तैयारी जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि प्रदेश के सभी 89 जनजातीय विकासखंड़ मुख्यालयों में ई-लाइब्रेरी भी प्रारंभ की जायेंगी। इसके लिये ई-लाइब्रेरी की क्रियान्वयन रूपरेखा एवं उपकरण स्थापना के लिये आवश्यकतानुसार धनराशि का मांग प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। राज्य शासन से प्रस्ताव अनुमति एवं बजट आवंटन प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। पीवीटीजी छात्रावास भवन भी बनाये जायेंगे जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि प्रदेश में बैगा, भारिया, सहरिया तीन विशेष रूप से कमजोर एवं पिछड़ी जनजातियां (पीवीटीजी) निवास करती हैं। इन जनजातियों के विद्यार्थियों को संभागीय मुख्यालय में रहकर पढ़ने की सुविधा प्रदान करने के लिये विभाग द्वारा पीवीटीजी छात्रावास भवन बनाने की कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रथमत: जबलपुर एवं ग्वालियर में यह पीवीटीजी छात्रावास भवन बनाये जायेंगे। इसके बाद ऐसा ही एक पीवीटीजी छात्रावास भवन शहडोल संभागीय मुख्यालय में भी बनाने पर विचार किया जा रहा है।  

सफेद घोड़े ने जीता अश्व पालकों का दिल, राजस्थान-केकड़ी के पुष्कर पशु मेले में ‘बादल’ का जलवा

केकड़ी. देश के सुप्रसिद्ध पुष्कर मेले में देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के बीच पशुओं की खरीद-फरोख्त भी मेले के मुख्य आयोजनों में से एक है। इसमें सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहते हैं विभिन्न प्रजातियों के घोड़े, जिन्हें हासिल करने के लिए कई बड़े आसामी पुष्कर पहुंचते हैं। कई अश्वपालक भी अपने शौक व जुनून के चलते घोड़ों को तैयार करते हैं, इनमें कई तो ऐसे भी होते हैं, जो अपने अश्वों को पुष्कर मेले में केवल प्रदर्शनी के लिए लाते हैं। प्रदर्शनी के लिए मेले में लाया गया ऐसा ही एक घोड़ा है बादल, जिसे देखकर हर कोई उसे खरीदने के लिए मचल रहा है। केकड़ी के अश्वपालक राहुल जेतवाल का यह घोड़ा पुष्कर में आए मेलार्थियों, खासतौर पर अन्य अश्वपालकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चार साल का बादल पुष्कर मेले में दूसरी बार आया है। नुकरा नस्ल व अबोर लाइन के इस घोड़े की खासियत यह है कि इसकी ऊंचाई 66 इंच प्लस है तथा इसका रंग बिल्कुल सफेद है। अश्व मालिक राहुल ने बताया कि उसने यह घोड़ा पंजाब से खरीदा था। मेले में वे इसे बेचने के लिए नहीं बल्कि प्रदर्शित करने के लिए लेकर आए हैं। बताया गया है कि यह घोड़ा काफी सुंदर है तथा इसके बच्चे भी खूबसूरत होते हैं। इस अश्व का 15 दिन का बच्चा 3 से 5 लाख रुपये में बिकता है। उल्लेखनीय है कि पुष्कर मेले में इस बार भी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों से आकर्षक कद-काठी के कई पशु शामिल हो रहे हैं। सोमवार तक मेले में 700 अश्वों की आवक दर्ज की गई है और इनके आने का सिलसिला अब भी जारी है।

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