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डिप्टी सीएम और कलेक्टर-एसपी सपरिवार शामिल, छत्तीसगढ़-मुंगेली के ‘व्यापार मेला’ का खूबसूरत यादों के साथ समापन

मुंगेली। क्या आम और क्या खास, हर वर्ग ने मुंगेली के व्यापार मेला में पहुंचकर आनंद लिया, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और विधायक से लेकर डिप्टी सीएम और केंद्रीय राज्य मंत्री जैसे दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने भी मुंगेली का त्यौहार बन चुके व्यापार मेले में शिरकत कर न सिर्फ आयोजन समिति स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोयायटी बल्कि मुंगेली की जनता का विश्वास बढ़ाते हुए मेले में चार चांद लगाया. वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का भी लगभग रोजाना उपस्थिति देखने को मिल रही थी, एसपी के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी दल बल के साथ रोजाना कार्यक्रम समाप्त होते तक उपस्थित रहते थे और लोगों को ये एहसास दिलाते थे कि पुलिस आपके साथ है, मेले का आप लोग आराम से आनंद ले सकें. वहीं आयोजन समिति के द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से मेला सम्पन्न हो सके इसलिए सीसीटीवी कैमरा से मेला परिसर को लैस किया गया था. आखिरी दिन सपत्नीक पहुंचे कलेक्टर – सीईओ व्यापार मेला यूं ही नही मुंगेली का त्यौहार कहलाता है, हर वर्ग इस मेले के रंग में रंग जाता है, यही वजह है कि मेले के आखिरी दिन कलेक्टर राहुल देव व जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सपत्नीक इस मेले में पहुँचकर आम नागरिक की भांति मेले में शामिल होकर, न सिर्फ खरीद दारी की, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ भी उठाया. इसके अलावा कलेक्टर-सीईओ ने सपत्नीक बच्चों के साथ झूले का भी आनंद उठाया. जिससे यह प्रतीत हो रहा था कि इसीलिए मुंगेली का व्यापार मेला, मुंगेली का त्यौहार बना हुआ है. एसपी ने मां के साथ झूला झूलकर लिया आनंद इधर मेले के आखिरी दिन पुलिस कप्तान भोजराम पटेल देर रात तक मेले में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए मेला परिसर में देर रात तक मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने आम नागरिक की तरह अपनी मां और पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के साथ परिवार की भांति व्यापार मेला में ड्रैगन झूला झूलकर आनंद लेते हुए बचपन की यादों को ताजा किया. तो वहीं हवाई झूला झूलने के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी संजय सिंह राजपूत को हवाई झूला झूलने में सर दर्द व चक्कर आने जैसी शिकायत रहती है, जिसके कारण वे हवाई झूला झूलने में हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, लेकिन पुलिस कप्तान ने हिम्मत बांधते हुए उन्हें झूला में बैठाकर अपने साथ झुला भी झुलाया. 6वें दिन रहा ये आयोजन मुंगेली व्यापार मेला 2024 का समापन शानदार भव्यता के साथ संपन्न हुआ. कोलकाता ब्लीज डांस टूप कोलकाता मुंबई की बैंड की टीम द्वारा शानदार प्रस्तुति हुई. बैंड द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे गीत और डांस पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे. बैंड का लोगों ने खूब आनंद उठाया. इसके पूर्व मुंगेली व्यापार मेला के समापन दिवस के आखिरी दिन के अतिथि के रूप में मुंगेली व्यापार मेला के संरक्षक गण रहे. मां सरस्वती, विघ्नहर्ता गणेश और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में दीप प्रज्वलन के साथ अंतिम दिवस का मंचीय कार्यक्रम आरंभ हुआ. आयोजन समिति ने जताया मुंगेलीवासियों का आभार स्टार्स ऑफ टुमारो के अध्यक्ष महावीर सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा मुंगेली व्यापार मेला केवल हमारा नहीं अपितु शहर और मुंगेली जिले का आयोजन है और आप सबकी सहभागिता से ही यह सफलता की ओर आगे बढ़ रहा है. मैं आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं. मुंगेली व्यापार मेला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए टीम के संयोजक रामपाल सिंह ने कहा मुंगेली व्यापार मेला, व्यापार के साथ-साथ बड़े शहरों के आयोजन को अपने नगर में उपलब्ध कराने का रहा है. साथ ही नई प्रतिभाओं को मंच देकर आगे बढ़ाने का उद्देश्य है और आप सबके सहयोग से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस अवसर स्टार्स ऑफ टुमारो टीम के सचिव विनोद यादव ने मुंगेली नगर के लोगो साथ-साथ शासन, प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में सहयोग की अपेक्षा की बात रखी. व्यंजन सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन छठवें और आखिरी दिन दोपहर के कार्यक्रम में व्यंजन सजाओ प्रतियोगिता संपन्न हुआ. व्यंजन प्रतियोगिता में अजीत कौर प्रथम, पूर्वी एवं भावना पोपटानी द्वितीय, कशिश एंड पूर्वी राजेश तृतीय रहीं. व्यंजन प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में एकता करतानी, विनया सिंह एवं कृति जैन रही. सायं 7:00 बजे से मुंगेली श्री (बॉडी बिल्डिंग) कार्यक्रम आरंभ हुआ. जिसमें 28 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता निभाई. मुंगेली श्री प्रतियोगिता में विजेंद्र नागरे, राजेंद्र पटेल एवं कमल साहू ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया. मुंगेली श्री प्रतियोगिता के निर्णायक तेजा सिंह साहू, प्रफुल्ल साहू , जितेंद्र सिंह राजपूत एवं आशीष तिवारी रहे.

आज ओम बिरला का लोकसभा में दिखा चुटीला अंदाज, टीआर बालू से पूछ लिया ऐसा सवाल

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला का चुटीला अंदाज देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं ने मजाकिया सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल हल्का-फुल्का नजर आया। ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक नेता टी आर बालू से चुटीले अंदाज में सवाल किया कि क्या वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं? उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब बालू ने मनरेगा से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछा। असल में टीआर बालू ने इस मुद्दे को उठाते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा का मानदेय कम होने का दावा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्या बालू जी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में पार्टी का विस्तार करना चाह रहे हो? गौरतलब है कि टीआर बालू द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी से सांसद हैं। बीते लोकसभा चुनाव में डीएमके ने तमिलनाडु में 39 में 22 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मनरेगा से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जाने के दौरान बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर भी व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी की। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने के लिए आसन से नाम पुकारे जाने पर जब बनर्जी खड़े नहीं हुए जो बिरला ने कहाकि थोड़ा कानों को ठीक रखो कल्याण बाबू। इससे पहले मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग दोहराई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), शिवसेना (उबाठा), द्रमुक और वाम दलों सहित अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप के संजय सिंह, राजद की मीसा भारती और शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया सम्मानित

रायपुर समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा विकसित राष्ट्र बनाने में दिव्यांगजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पुनर्वास एवं उनके हित के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। वे आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज में मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस समारोह को सम्बोधित कर रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने की। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आगे कहा कि राज्य में दिव्यांग जनों के कल्याणार्थ एवं पुनर्वास हेतु विभिन्न योजनाएं तथा कार्यक्रम संचालित हैं। जिसमें से सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाएं कृत्रिम अंग सहायक उपकरण प्रदाय, मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल वितरण, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजना का लाभ सभी दिव्यांगजनों को मिल रहा है। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण तथा हित में बेहतर कार्य कर रही है हम आगे भी आपके हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को समाज के लोगों का भरपुर प्यार और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन आज देश और प्रदेश में विभिन्न कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, सचिव समाज कल्याण विभाग श्री भुवनेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे। समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए 4 विभिन्न श्रेणियों में दिव्यांगजनों एवं संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए गए। जांजगीर-चांपा जिले के ही देव सेवा समिति संस्थान को तथा निःशक्तजन कल्याण संघ को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में 130 दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक बैटरी चलित ट्राइसाइकिल तथा अन्य उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सर्वाेत्तम दिव्यांग कर्मचारी के श्रवण बाधित श्रेणी में कोरबा जिले के श्री प्रकाश खाकसे को अस्थि बाधित श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिले के संतोष बंजारे को पुरस्कृत किया गया। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 05 दंपत्तियों को एक-एक लाख तथा 05 दंपत्तियों को 50-50 हजार का चेक तथा 10वीं और 12वीं में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।

सीएम साय के नेतृत्व में दिव्यांगों को मिल रहा योजनाओं का लाभ

विश्व दिव्यांग दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, उनके लिए अवसरों का विस्तार करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिव्यांग दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा समाज बनाना जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें, इस दिव्यांग दिवस का मुख्य लक्ष्य है। सन् 1981 में संयुक्त राष्ट्र ने ’’अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग वर्ष’’ मनाया। इसके बाद 1983 से 1992 के दशक को ’’दिव्यांग व्यक्तियों का दशक’’ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने के प्रयास किए गए। 2006 में संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of Persons with Disabilities) लागू किया। यह अभिसमय दिव्यांग व्यक्तियों को समाज के हर क्षेत्र में अधिकार और समावेश प्रदान करने के लिए कानूनी मान्यता देता है। भारत ने इसे 2007 में अंगीकृत किया और इसे अपनी नीतियों में सम्मिलित किया। भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर 1995 में ’’दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम’’ लागू हुआ। इस अधिनियम ने शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। 2016 में इस कानून को संशोधित कर दिव्यांगताओं की संख्या 21 कर दी गई और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’ प्रमुख है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भवनों, परिवहन और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाना है। ’’दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’’ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता है। वहीं ’’स्किल इंडिया’’ पहल के अंतर्गत दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष स्कूल और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  दिव्यांगजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ के माध्यम से सार्वजनिक भवनों और परिवहन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाया गया है। सरकार ने विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क उपकरण वितरण और दिव्यांग पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक और भौतिक सहायता प्रदान की है। फिर भी आज दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें समाज में भेदभाव, सुविधाओं की कमी और रोजगार और शिक्षा में सीमित अवसर प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्कूल खोलने और तकनीकी नवाचार का उपयोग करने की आवश्यकता है। आज दिव्यांगता को शारीरिक, मानसिक, संवेदी और बौद्धिक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। शारीरिक दिव्यांगता जैसे पोलियो या रीढ़ की हड्डी में चोट, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवण बाधित दिव्यांगता, मानसिक और बौद्धिक दिव्यांगता और न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता मुख्य प्रकार हैं। इनके प्रमुख कारणों में जन्मजात दोष, दुर्घटनाएं, संक्रमण, कुपोषण और मानसिक आघात शामिल हैं। इन समस्याओं का उपचार फिजियोथेरेपी, सर्जरी, काउंसलिंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है। दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज भी उन्हें कहीं-कहीं भेदभाव का शिकार बनाया जाता है, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसर सीमित होते हैं, और सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुंच नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं और उपकरणों की कमी भी उनकी चुनौतियों को बढ़ाती है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, सुलभता बढ़ाने, विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’, ’’दिव्यांगजन स्वरोजगार योजनाएं’’ और ’’कृत्रिम अंग योजनाएं’’ प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समावेशी शिक्षा, स्वरोजगार योजना और ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विश्व दिव्यांग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग दिवस हमें एक ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देता है जो समानता, अधिकार और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित हो। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन प्रयासों को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और समान अवसर मिले।

गुजरात के विकेटकीपर-बल्लेबाज उर्विल पटेल ने 11 छक्के और 36 गेंदों में शतक लगाया , IPL में अनसोल्ड है

इंदौर गुजरात के विकेटकीपर-बल्लेबाज उर्विल पटेल इन दिनों पूरे रंग में हैं. उनका बल्ला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2024 में जमकर गरज रहा है. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने 28 गेंदों में शतक जड़ा था.  आज (3 दिसंबर)  उर्विल ने उत्तराखंड के खिलाफ 36 गेंदों में शतक जड़ा. व‍िपक्षी टीम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बाएं हाथ के स्पिनर स्वप्निल सिंह शामिल थे. गुजरात के सलामी बल्लेबाज ने 41 गेंदों पर नाबाद 115 रन की पारी में 11 छक्के और आठ चौके लगाए. उन्होंने अपनी टीम को इंदौर के एमराल्ड हाई स्कूल ग्राउंड पर 183 रनों के लक्ष्य को आठ विकेट और 35 गेंद शेष रहते हासिल करने में मदद की.  इससे पूर्व उत्तराखंड ने इस मुकाबले में 20 ओवर्स में 182/7 का स्कोर खड़ा किया था.

पिंक बॉल टेस्ट से ऑस्ट्रेलिया को एक और बड़ा झटका स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ हुए चोंटिल

एडिलेड भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की सीरीज खेली जा रही है। भारतीय टीम इस दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच टेस्ट मुकाबले खेलने वाली है। वहीं पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रनों की करारी मात दी है। जिसके बाद अब 6 दिसंबर से दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। वहीं दूसरे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया को दो बड़े झटके लग गए हैं। कुछ समय पहले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोंट के चलते दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए थे। वहीं अब ऑस्ट्रेलिया को एक और बड़ा झटका लग गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टीम के स्टार बैट्समैन स्टीव स्मिथ चोंटिल होने के चलते दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी होती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि इसे लेकर अभी तक ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्टीव स्मिथ हुए प्रैक्टिस के दौरान चोंटिल जानकारी के मुताबिक स्टीव स्मिथ दूसरे टेस्ट मैच के लिए नेट में प्रैक्टिस कर रहे थे। वहीं इस दौरान उनकी उंगली में चोंट लग गई है। जिसके चलते दूसरे टेस्ट मैच में स्मिथ खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे। चोंट लग जाने के चलते स्टीव स्मिथ नेट सेशन में भी बल्लेबाजी करते हुए दिखाई नहीं दिए। हालांकि अभी तक इस बात को लेकर ऑफीशियली जानकारी सामने नहीं आई है कि स्मिथ दूसरे टेस्ट मैच में खेलते हुए दिखेंगे या नहीं। बता दें कि स्टीव स्मिथ के लिए 2024 का यह साल इतना अच्छा नहीं रहा है। स्मिथ ने 6 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें सिर्फ 25 की औसत से 230 ही रन बनाए हैं। इन 6 मुकाबले में स्टीव स्मिथ ने एक भी शतक नहीं लगाया है। ऑस्ट्रेलिया को यह सीरीज जीतना जरूरी इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्टार गेंदबाज जोश हेजलवुड भी चोंट के चलते बाहर हो गए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने तेज गेंदबाजी को लेकर समस्या खड़ी हो सकती है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया को भारत से यह सीरीज जीतना बेहद जरूरी है। दरअसल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया को भारत को पांच मैच हराना होंगे। ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में फिलहाल तीसरे स्थान पर मौजूद है। उसे दक्षिण अफ्रीका से आगे निकलने के लिए भारत को यह सीरीज हराना होगी।

संभल के भाईचारे को गोली मारी दी, लोकसभा में बोले अखिलेश-अफसरों पर दर्ज हो हत्‍या का मुकदमा

संभल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संभल हिंसा का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अचानक ये जो घटना हुई है। ये सोची समझी साजिश के तहत वहां के भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है। देश के कोने-कोने में भाजपा और उनके शुभचिंतक बार-बार खुदाई की जो बात कर रहे हैं, ये खुदाई, हमारे देश का सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को खो देगा। उन्‍होंने कहा कि यूपी में उपचुनाव की तारीख को 13 से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया गया। अखिलेश जब संभल पर बोल रहे थे तो लोकसभा में भाजपा सदस्‍यों की ओर से लगातार आपत्ति जताई गई। शोर शराबे के बीच अखिलेश ने अपनी बात जारी रखी। उन्‍होंने संभल हिंसा के लिए याचिका दायर करने वालों के साथ पुलिस-प्रशासन को जिम्‍मेदार ठहराते हुए संबंधित अफसरों को सस्‍पेंड करने और उनके खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सपा मुखिया ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्‍य लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्‍त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्‍ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्‍थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्‍यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्‍मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्‍या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्‍ली और लखनऊ की है। वे दिल्‍ली पहुंचे जिस रास्‍ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्‍ते दिल्‍ली पहुंचना चाहते हैं। कमेंट पर भड़के अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्‍त सत्‍ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं।’ इसके बाद वह फिर मुस्‍कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे। गिरिराज सिंह और पीयूष गोयल ने टोका अखिलेश ने संभल हिंसा पर बोलना शुरू किया तो सत्‍ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी होने लगी। बेगूसराय से भाजपा सांसद गिर‍िराज सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उन्‍हें टोकने लगे। अखिलेश ने इस टोका-टाकी पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया और संभल पर अपनी बात रखते रहे।

पुराने डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम में सपोर्ट करना कर देगा बंद

नई दिल्ली वाट्सऐप अक्सर पुराने डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम को एक समय के बाद सपोर्ट करना बंद कर देता है. ऐसा इसलिए ताकि नए फीचर्स, एडवांस आर्किटेक्चर और सिक्योरिटी फीचर के साथ प्लेटफॉर्म को डेवलप किया जा सके. वॉट्सऐप अपने कस्टमर्स की सुविधा के लिए हर किसी ना किसी अपडेट पर काम करता ही रहता है. एडवांस फीचर्स और सिक्योरिटी कंसर्न के चलते अब वाट्सऐप साल 2025 से कुछ पुराने आईफोन मॉडल में सपोर्ट बंद करने वाला है. वॉट्सऐप ने पुराने iOS वर्जन को यूज करने वाले यूजर्स को सपोर्ट बंद करने का नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया है. जिन आईफोन में पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है, उसमें आने वाले साल में वाट्सऐप का सपोर्ट बंद हो जाएगा. लिस्ट में ये फोन हैं शामिल अगर हम बात करें कि आखिर वो कौन से आईफोन मॉडल्स हैं जिनमें वॉट्सऐप सपोर्ट बंद हो जाएगा तो उस लिस्ट में ये फोन शामिल हैं. नोटिफिकेशन के हिसाब से, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप आईओएस 15 से पहले के वर्जन के लिए सपोर्ट बंद कर देगा. इसका मतलब है कि जिन लोगों के पास आईओएस 15 या उससे पुराने वर्जन के आईफोन मॉडल है तो वो वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. ध्यान दें कि ये लोग इस साल तो वॉट्सऐप को चला सकते हैं लेकिन आने वाले साल 5 मई, 2025 के बाद ये सपोर्ट बंद हो जाएगा. 5 मई से छिन जाएगा वॉट्सऐप वॉट्सऐप केवल आईओएस 12 या इससे नए वर्जन को सपोर्ट करता है. लेकिन अगले साल 5 मई से प्लेटफॉर्म केवल आईओएस 15.1 या इससे नए वर्जन वाले आईफोन को ही सपोर्ट करेगा. क्या कर सकते हैं? वैसे तो पुराने सॉफ्टवेयर वाले आईफोन मॉडल्स का कुछ नहीं किया जा सकता है, लेकिन अगर आपका फोन को सॉफ्टवेयर अपेडट मिली हुई है तो आप उसे अपडेट जरूर करें. इसे आप ऐसे समझें- अगर आपका फोन iOS 15.1 को सपोर्ट करता है और अब भी आप पुराने iOS 15 या उससे पुराने वर्जन को यूज कर रहे हैं, तो इसे तुरंत अपडेट कर लें. ये करने के बाद आप 5 मई 2025 के बाद भी वॉट्सऐप की सर्विसेज यूज कर सकेंगे.  

रातपानी एमपी का 8वां टाइगर रिजर्व बन गया है. सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया

भोपाल मध्य प्रदेश के बड़ी खुशखबरी है. राज्य को एक और टाइगर रिजर्व मिल गया है. रातापानी प्रदेश का 8वां टाइगर रिजर्व होगा. सरकार ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इस टाइगर रिजर्व में 90 बाघ हैं. नेशनल टाइगर कंजर्वेशन ऑथोरिटी ने साल 2022 में रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने की मंजूरी दी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस साल जून में रातापानी को टाइगर रिजर्व के रूप में नोटिफाई करने के निर्देश दिए थे. सीएम यादव ने इसे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर कहा है. जानकारी के मुताबिक, रातापानी टाइगर रिजर्व का फोरेस्ट एरिया 1271.465 स्क्वेयर किमी है. इसमें से 763.812 स्क्वेयर किमी कोर और 507.653 स्क्वेयर किमी बफर एरिया होगा. इस टाइगर रिजर्व में 3 हजार से ज्यादा जानवर हैं. इसमें 90 बाघ, 70 तेंदुए, 500 से ज्यादा सांभर, 600 से ज्यादा चीतल, 8 भेड़िये हैं. इसका कोर एरिया भोपाल, रायसेन और सीहोर में होगा. बता दें, इस टाइगर रिजर्व में 9 गांव शामिल होंगे. इसके बनने से गांववालों के अधिकारों में सरकार कोई बदलाव नहीं करेगी. इससे टूरिज्म बढ़ेगा, रोजगार पैदा होंगे. इसके अलावा केंद्र सरकार से बजट मिलने से एनिमल मैनेजमेंट और बेहतर होगा. इसके अलावा यहां ईको सिस्टम डेवलप होगा. इससे भी गांववालों को लाभ मिलेगा. रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पहचान ही बदल जाएगी. लंबे समय से पेंडिंग था मामला यह फैसला काफी समय से लंबित था। 2008 में NTCA से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने टाइगर रिजर्व बनाने में देरी की थी। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से राज्य सरकार को अधिसूचना प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उन्होंने इंसानों और जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष और बाघों की आबादी की रक्षा की जरूरत का हवाला दिया था। इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अजय दुबे ने कहा कि मैं सरकार के फैसले से बहुत खुश हूं। इस अधिसूचना को खनन माफिया और क्षेत्र में निहित स्वार्थ रखने वाले लोग रोक रहे थे। रायसेन और सीहोर जिले में है स्थित रातपानी वन्यजीव अभ्यारण्य रायसेन और सीहोर जिलों में स्थित है। यह मध्य प्रदेश में बाघों के एक महत्वपूर्ण आवास का हिस्सा है। हाल के वर्षों में, सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से बाघ इस अभ्यारण्य और आसपास के वन क्षेत्रों में आने लगे हैं। बाघों के इन इलाकों में आने के बाद, 2007 में राज्य सरकार ने रतपानी और सिंघोरी अभ्यारण्यों को टाइगर रिजर्व घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। 2008 में मिल गई थी मंजूरी NTCA ने 2008 में रिजर्व के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी थी। राज्य वन विभाग को रिजर्व की सीमाओं और कोर क्षेत्रों के लिए विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद, अंतिम अधिसूचना प्रक्रिया में कई देरी हुई। 2012 में, NTCA ने राज्य सरकार को रिमाइंडर जारी किए, जिसमें तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया था। देरी की वजह से बढ़ रहे थे बाघ और इंसानों के संघर्ष PIL में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि रतपानी टाइगर रिजर्व को अंतिम रूप देने में देरी के कारण बाघ-मानव संघर्ष में वृद्धि हुई है। बाघ भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में भटक रहे हैं। अतिक्रमण और आवास क्षरण के कारण अभ्यारण्य के भीतर पर्याप्त शिकार की कमी ने इस स्थिति को और बदतर बना दिया है। 2011 में, स्थानीय रिपोर्टों ने भोपाल के बाहरी इलाके में बाघों और तेंदुओं की उपस्थिति पर प्रकाश डाला था। बढ़ती मांसाहारी आबादी का समर्थन करने के लिए ‘शिकार आधार’ की मांग की गई थी। संघर्ष तब एक दुखद मोड़ पर पहुंच गया जब 2012 में, एक बाघ भोजन की तलाश में मानव बस्तियों में भटक गया और ग्रामीणों द्वारा उसे बेरहमी से मार डाला गया। NTCA ने तुरंत इस स्थिति का संज्ञान लिया, लेकिन राज्य द्वारा रिजर्व अधिसूचना को पूरा करने में विफलता ने इस क्षेत्र को असुरक्षित छोड़ दिया। बफर जोन में कई बुनियादी परियोजनाओं को मंजूरी दी इस मुद्दे को और जटिल बनाते हुए, मध्य प्रदेश के राज्य वन्यजीव बोर्ड (SWB) ने रिजर्व के प्रस्तावित बफर ज़ोन में कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंज़ूरी दे दी। इनमें कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट, 765kV ट्रांसमिशन लाइन और एक रेलवे लाइन शामिल हैं। ये मंजूरियां बाघों के आवास पर संभावित प्रभाव पर विचार किए बिना दी गई थीं। उच्च न्यायालय में दायर PIL ने इन मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया। अदालत से राज्य सरकार को तुरंत रिजर्व को अधिसूचित करने का निर्देश देने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं ने SWB द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं को निलंबित करने की भी मांग की जो प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। याचिका के जवाब में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि NTCA की वैधानिक मंज़ूरी और संरक्षण की ज़रूरत के बावजूद, राज्य के अधिकारियों ने अभ्यारण्य के नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए पर्याप्त तेज़ी से काम नहीं किया। अदालत ने राज्य सरकार से टाइगर रिजर्व की अधिसूचना को अंतिम रूप देने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था। प्रबंधन एक चुनौती है उन्होंने कहा है कि अधिसूचना एक महत्वपूर्ण पहला कदम है, लेकिन अब असली चुनौती रिजर्व के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने में है। इसमें स्पष्ट सीमाएं स्थापित करना, शिकार को रोकना और वन्यजीव-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ना शामिल है। सीएम यादव ने कही ये बात इस टाइगर रिजर्व के बनने के बाद सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है. रायसेन जिले में स्थित रातापानी को अब प्रदेश का 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है. यह निर्णय न केवल बाघों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी नई दिशा देगा.

सिविल सर्जन निलंबित, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में महिला डॉक्टरों से दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना पर बड़ी कार्रवाई

गरियाबंद। महिला डॉक्टरों से मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के मामले में जिला अस्पताल गरियाबंद में पदस्थ सिविल सर्जन डॉ. मुकेश हेला को निलंबित कर दिया गया है. यह निलंबन आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव मुकेश चौहान ने जारी किया है. बता दें कि जिला अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सकों ने सिविल सर्जन पर मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था. जिसके बाद सिविल सर्जन के विरुद्ध विशाखा कमेटी की जांच बिठाई गई थी. कमेटी के प्रमुख जिला सीईओ रिता यादव ने जांच रिपोर्ट 11 नवंबर को सौंप दिया था, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई. नाराज थे कलेक्टर और विधायक कलेक्टर दीपक अग्रवाल और विधायक रोहित साहू द्वारा अलग-अलग समय में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था. सिविल सर्जन इस निरीक्षण में अस्पताल से अनुपस्थित मिले थे, जिसके चलते अफसर और जनप्रतिनिधि भी नाराज चल रहे थे.

विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनी

मुंबई महाराष्ट्र में सरकार के गठन में हो रही देरी में एकनाथ शिंदे की भूमिका होने से शिवसेना ने इनकार कर दिया है। साथ ही पार्टी ने यह भी कहा है कि शिंदे के सम्मान का ध्यान भारतीय जनता पार्टी को रखना होगा। विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनती दिख रही है। पूर्व राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने कहा ‘हमारे नेता ने पहले ही साबित कर दिया है कि शिवसेना का असली प्रतिनिधित्व कौन करता है। अब यह दिल्ली पर निर्भर करता है कि वह कैसे उनका कद बरकरार रखते हैं। हम उस निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।’ राज्य में सरकार गठन में हो रही देरी पर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘पांच दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह होना है, लेकिन कई बेबुनियाद अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे की सरकार गठन में हो रही देरी में कोई भूमिका नहीं है। भाजपा की आंतरिक चयन प्रक्रिया उनका मामला है। शिंदे पहले ही बता चुके हैं कि वे उनके द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे।’ केसरकार ने महायुति के भीतर असंतोष या मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष द्वारा फैलाई गई गलत सूचना बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केसरकर यह भी साफ कर चुके हैं कि मुंबई के आजाद मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण कार्यक्रम टाला नहीं जाएगा। इससे पहले भाजपा के महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने 5 दिसंबर को कार्यक्रम होने की बात कही थी। एनसीपी नेता अजित पवार भी जानकारी दे चुके हैं कि सीएम भाजपा से होगा और डिप्टी सीएम एनसीपी और शिवसेना को मिलेंगे। भाजपा ने बढ़ाई रफ्तार महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का नेतृत्व करने वाली भाजपा ने मुंबई में अपनी विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया, जहां विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे। रूपाणी ने राजकोट में अपने आवास पर कहा, ‘महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार या बुधवार को होगी। भाजपा विधायकों की उस बैठक में आम राय से एक नेता चुनने का प्रयास किया जाएगा। मैं और सीतारमण जी पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में भाग लेंगे और आलाकमान को एक नेता की घोषणा के लिए एक रिपोर्ट सौंपेंगे, जो मुख्यमंत्री बन सकता है बशर्ते इस तरह के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि महाराष्ट्र को इस बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा क्योंकि (निवर्तमान मुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी के उम्मीदवार (शीर्ष पद के लिए) का समर्थन करेंगे।’ आर्थिक राजधानी में पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार सुबह दक्षिण मुंबई के विधान भवन में होगी।

प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व क्षेत्र बना रातापानी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रातापानी सैंक्चुअरी टाइगर रिजर्व बफर एरिया घोषित होने से मध्यप्रदेश अब वास्तविक रूप में टाइगर स्टेट बन गया है। मध्यप्रदेश के लिये यह बहुत बड़ी सौगात है। केन्द्र सरकार के अनुमोदन के बाद रातापानी, मध्यप्रदेश का 8वां टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने वन्य जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मध्यप्रदेश को हमेशा प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप श्योपुर के कूनो में चीते और उसके बाद रातापानी को टाइगर बफर क्षेत्र का अनुमोदन मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी सैंक्चुअरी टाइगर रिजर्व बफर जोन की विशेष बात यह है कि यह देश का एकमात्र ऐसा टाइगर रिजर्व है जो राजधानी (भोपाल) के बेहद नजदीक है। इससे यह माना जा सकता है कि राजधानी इस अभयारण्य का हिस्सा है। इस अभयारण्य के दायरे में रायसेन, भोपाल और सीहोर जिले का क्षेत्र भी आएगा। यहां लगभग 90 से ज्यादा बाघ और अन्य वन्य जीव भी हैं। उन्होंने कहा कि रातापानी को टाइगर रिजर्व घोषित करने से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। टाइगर रिजर्व का संपूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी अभयारण्य की सीमा के भीतर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और उन्हें आर्थिक रूप से लाभ भी मिलेगा। मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा टाइगर भी हैं और टाइगर पार्क भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित होने से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, केंद्र सरकार एवं राज्य द्वारा आवंटित बजट से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी तथा राजधानी भोपाल की पहचान टाईगर कैपिटल के रूप में होगी।  

दवा दुकान संचालकों में हड़कंप, छत्तीसगढ़-रायपुर में 30 मेडिकल स्टोर्स पर खाद्य एवं औषधि विभाग का छापा

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. खाद्य एवं औषधि विभाग और रायपुर पुलिस की संयुक्त 11 टीमों ने रायपुर जिले के विभिन्न इलाकों के 30 मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में 4 मेडिकल स्टोर्स से नारकोटिक्स दवाओं का विक्रय करना पाया गया, जिसपर विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया विभागीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देशानुसार नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में औषधि विभाग एवं रायपुर पुलिस विभाग के लगभग 50 अधिकारियों के कुल 11 संयुक्त टीमों ने आज रायपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों माना, खरोरा, बिरगांव, हीरापुर, संतोषी नगर, रायपुरा, कबीरनगर, टिकरापारा, अवंतिविहार, लाभांडी, शंकरनगर, गुढियारी, चंगोराभाटा आदि में संचालित कुल 30 मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर नियंत्रण के छापामार कार्रवाई की गई. छापामार कार्रवाई में टेस्ट परचेस किया गया. रायपुरा स्थित जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स में बिना प्रिस्किपशन के नारकोटिक्स दवाओं का विक्रय पाया गया जिसमें विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है और 04 दुकानों दिनेश मेडिकल स्टोर्स, चंगोराभांटा, श्री मेडिकल स्टोर्स खरोरा, गुजरात मेडिकल स्टोर्स खरोरा और जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स रायपुरा में नारकोटिक्स दवाएं बरामद किया गया है, जिनका कय-विक्रय अभिलेख फर्म द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका और इन मेडिकल स्टोर्स के विरूद्ध औषधि से संबंधित प्रचलित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है. औषधि विभाग द्वारा नशीली दवाओं के विक्रय के संबंध में विगत 6 माह में रायपुर जिला के विभिन्न 52 औषधि प्रतिष्ठानों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया, जिसमें से 33 मेडिकल दुकानों की लाइसेंस को निलंबित और 05 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस को निरस्त किया गया है. राज्य के समस्त जिलों के मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण के लिए आगामी समय में इसी प्रकार औषधि विभाग एवं रायपुर पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चरणबद्ध तरीकों से कार्रवाई की जाएगी.

वार्ड क्रमांक 43 में 1 करोड़ की लागत से होने वाले निर्माण का विधायक, महापौर एवं निगम अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन

 सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 43 में 1 करोड़ 2 लाख की लागत से निर्मित होने वाली पीसीसी नाली, पीसीसी सड़क, एवं सामुदायिक भवन के कार्य का सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह मुख्य अतिथि एवं नगर पालिक निगम सिंगरौली की महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पाण्डेंय , मेयर इंन काउसिल के सदस्य राम गोपाल पाल के विशिष्ट अतिथि में विधवत पूजा अर्चन कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष वार्ड पार्षद एवं मेयर इंन काउसिल के सदस्य श्री खुर्शिद आलम ने की। इस अवसर पर सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निगम शाह ने कहा कि  नगर  विकास के लिए नगर  सरकार और हम सब मिलकर नगर के चौमुखी विकास के लिए काम कर रहे हैं। नगर का कोई भी हिस्सा नगर से अलग नहीं है।नगर का विकास व्यवस्थित विकास योजना बनाकर काम करेंगे। निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा‌। उन्होने कहा कि नगर के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नही होने दी जायेगी। हमारी सरकार का संकल्प है कि सिंगरौली का सिंगापुर बनाना है इसी उद्देश्य को लेकर हमे कार्य करना होगा। इस अवसर पर नगर निगम की महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने कहा कि हमे नगर का समुचित विकास हो इसकी सदैव चिंता हर समय रहती है। उन्होंने कहा निगम के क्षेत्र के सभी वार्डो का चहुमुखी विकास हो इसके लिए कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। आज वार्ड क्रमांक 43 में 1 करोड़ 2 लाख की लागत से निर्मित होने वाली पीसीसी नाली, सड़क एवं सामुदायिक भवन के निर्माण की सौगत वार्डवासियों को मिली है। इसी प्रकार निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में विकास के कार्य कराये जायेगे।  नगर निगम के अध्यक्ष ने वार्डवासियों को संबोधित करते हुये कि आज आप लोगो को नाली, सड़क एवं सामुदायिक भवन की सौगात मिली है इसके लिए मै आप सब का अभिनंदन करता हू। उन्होंने कहा कि कहा कि शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से करवाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली, पानी, शिक्षा सहित सभी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए तेजी से विकास कार्य करवाएं जाएंगे।इस असवर पर नगर निगम के सहायक यंत्री प्रवीण गोस्वामी, उपयंत्री विष्णुपाल सिंह, अक्षत उपाध्याय सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।

नवजोत सिद्धु के बयान से कैंसर के मरीजों में भ्रम, दिनों के भीतर इलाज के प्रमाणित डॉक्यूमेंट पेश करें : सीजी सिविल सोसाइटी

रायपुर कांग्रेस नेता पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने हाल ही में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के 4 थे स्टेज के कैंसर से बिलकुल ठीक होने को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था, जिसमें उन्होंने ने दावा किया था कि उनकी पत्नी केवल 40 दिनों में बिना किसी मेडिकल ट्रीटमेंट या दवाई के ठीक हो गईं. सिर्फ अपने खान-पान में कुछ बदलाव करके स्वस्थ हुई है. इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने अब नवजोत सिंह सिद्धू शो-कॉज नोटिस जारी किया है. 7 दिनों में प्रमाणित डाॅक्यूमेंट नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. नोटिस में लिखा है कि STAGE 2 Breast Cancer को स्टेज 4 क्यों बता रहे हैं. नवंबर 2023 में डॉ. सिद्धू कैंसर फ्री हो गई थी तो नवजोत सिद्धू नवंबर 2024 में ठीक होने का दावा क्यों कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने कहा है कि नवजोत सिंह झूठ बोलना और मरीजों की जान से खिलवाड़ करना बंद करें. 7 दिनों के भीतर इलाज के प्रमाणित डॉक्यूमेंट पेश करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इससे पहले भी सोसाइटी ने सिद्धू दम्पत्ति को लीगल नोटिस जारी किया था और 7 दिन के भीतर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के स्वास्थ्य दस्तावेज मंगाए गए हैं, जिससे उनके (नवजोत सिंह सिद्धू) की तरफ से किए गए दावों को वे साबित कर सकें. ऐसा नहीं करने पर उन पर 850 करोड़ की क्षतिपूर्ति का दावा करने की चेतावनी दी है. सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के असाध्य कैंसर रोग के संबंध में अमृतसर स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. उन्होंने मीडिया में बोलते हुए खुलासा किया था कि उनकी पत्नी का स्टेज 4 कैंसर को लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर मात दे दी है. सिर्फ डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके उनकी पत्नी ने 40 दिन में कैंसर को मात दे दी है. इसे सुनकर देश विदेश के कैंसर ग्रसित मरीजों में भ्रम व एलोपेथी मेडिसिन के विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है इसलिए हम इस लीगल नोटिस के जरिए सिद्धू परिवार से स्पष्टीकरण व दस्तावेज की मांग कर रहे हैं. अब शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है.

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