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मंत्री पटेल युक्त-धारा पोर्टल पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे

मंत्री पटेल युक्त-धारा पोर्टल पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे वाल्मी में आयोजित होगा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल बुधवार को मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी), भोपाल में आयोजित मनरेगा अन्तर्गत “युक्त-धारा पोर्टल” के प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रातः 10 बजे शामिल होंगे। दो दिवसीय प्रशिक्षण 04 एवं 05 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यों मध्यप्रदेश, केरल, गुजरात, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, पंजाब और पांडिचेरी के प्रतिभागी भाग लेंगे। स्टेट लेवल जीआईएस नोडल अधिकारी, जिला स्तर एमआईएस समन्वयक, फील्ड लेवल टेक्निकल एक्सपर्ट, जीआईएस मैनेजर, जीआईएस टेक्निकल एक्सपर्ट/डीटीआरटी, सहायक यंत्री, राज्य स्तरीय जीआईएस नोडल अधिकारी, कम्प्यूटर सहायक जिला एमआईएस पर्सन, स्टेट प्रोजेक्ट ऑफिसर जीआईएस (सीएफपी), डिस्ट्रीक्ट इंजीनियर, डिस्ट्रीक्ट आईटी प्रोफेशनल, इंजीनियर, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी स्तर के अधिकारी प्रशिक्षण में शामिल होंगे। भारत सरकार द्वारा “युक्त-धारा” रिमोट सेंसिंग पोर्टल लांच किया गया है। यह पोर्टल रिमोट सेंसिंग के जरिए डेटा जुटाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र के विकास में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही मनरेगा की संपत्तियों को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा युक्त-धारा पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल की मदद से मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों और दर्ज संपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। यह पोर्टल ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को पूरा करने में मदद करेगा, साथ ही कृषि विकास के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा। इस पोर्टल के जरिए अलग-अलग प्रकार की थीमेटिक परतों, मल्टी-टेम्पोरल हाई रेजोल्यूशन अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा और एनालिटिकल उपकरणों को एक साथ एकत्रित किया जा सकता है।  

रेलवे यूनियनों के मान्यता चुनाव में वोटिंग शुरू, श्रमिक हितों की रक्षा के लिए रेलवे कर्मचारी साथी, नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन को मतदान करें – राजेश आर रावत

Voting begins in the recognition elections of railway unions, railway employees to protect workers’ interests, vote for National Railway Mazdoor Union – Rajesh R Rawat हरिप्रसाद गोहेआमला ! रेलवे में यूनियन मान्यता के लिए बुधवार से तीन दिवसीय मतदान की प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है । छह दिसंबर तक चलने वाली इस मतदान में हजारों रेलकर्मी मतदान करेंगे।मतदान के इस महायज्ञ में अपना वोट डालने के उपरांत नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन के नार्थ साइड चुनाव प्रभारी राजेश आर रावत ने रेलकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि रेल कर्मचारियों के सुख-दुख में हर संभव मददगार एन.आर.एम.यू. के महामंत्री कॉमरेड वेणु पी. नायर और संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए अपना बहुमूल्य वोट नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन को देकर, अपनी भागीदारी सुनिश्चित कीजिये।

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने किया पुण्य-स्मरण

भोपाल हर साल 4 दिसंबर को क्रांतिसूर्य टंट्या मामा का बलिदान दिवस मनाया जाता है। क्रांतिकारी टंट्या भील जनजातीय समुदाय में टंट्या मामा और “भारतीय रॉबिनहुड” के रूप में जाने जाते हैं। वे स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धा थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों की मुक्त हस्त से मदद की। क्रांतिकारी टंट्या मामा का जन्म 26 जनवरी 1842 को मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में हुआ था। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने टंट्या मामा के 135वें बलिदान दिवस पर उनका पुण्य-स्मरण किया। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के जनजातीय क्षेत्रों में ब्रिटिश शासन के खिलाफ जन आंदोलन के नायक थे। उन्होंने अपने समुदाय को संगठित किया और अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ उठाई। टंट्या मामा ने अमीरों से धन छीनकर गरीबों और वंचितों की मदद की। उनके इस कार्य ने उन्हें आमजन का नायक बना दिया। उन्होंने गुरिल्ला युद्धकला अपनाई, जिससे ब्रिटिश सेना उन्हें पकड़ने में लंबे समय तक असमर्थ रही। ब्रिटिश सरकार द्वारा 4 दिसंबर 1889 को टंट्या मामा को गिरफ्तार कर जबलपुर में फांसी दे दी गई थी। यह दिन उनके साहस, बलिदान और राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करने का है। उनका बलिदान सामाजिक जागरण से समानता लाने की दिशा में प्रेरणा का स्रोत है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा की समाधि पातालपानी में स्थापित है।  

पुलिस का कार्य, आचरण और व्‍यवहार ऐसा हो कि आमजन में विश्‍वसनीयता कायम हो

भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार 03 दिसंबर को पुलिस मुख्‍यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्‍यम से प्रदेश के समस्‍त जोनल अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक में डीजीपी ने कहा कि हमें प्रोफेशनल पुलिसिंग की ओर बढ़ना है। अकाउंटेबिलिटी, रिस्‍पोंसिवनेस और डिसिप्लिन, यूनिफार्म सर्विस होने के चलते अनिवार्यत: कायम रखना हैं। हमें रूल-ऑफ-लॉ अर्थात कानून सर्वोपरि है, को ध्‍यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्य करना हैं। हमारा आचरण निष्‍ठा और ईमानदारी युक्‍त हो तथा किसी भी तरह की नशाखोरी, भ्रष्‍ट्राचार आदि से दूर रहें। सिंहस्थ 2028 की तैयारी पूरी तत्‍परता से करें डीजीपी ने कहा कि सिंहस्‍थ-2028 मेगा इंवेंट है इसकी तैयारी में और गतिशीलता लाने की जरूरत है। उज्‍जैन के सराउंडिंग जिलों में भी पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करना है। समय पर प्‍लान बनाकर शासन को भेजना है ताकि सभी व्‍यवस्‍थाएं चाक-चौबंद हो सकें। साइबर क्राइम, अवैध नशा और यातायात सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताएं डीजीपी ने निर्देशित किया कि सायबर क्राइम, अवैध नशे के कारोबार और यातायात सुरक्षा पर तत्‍काल प्रभावशाली कार्य किया जाना सुनिश्चित करें। उन्‍होंने कहा कि हमारा कर्तव्‍य है कि हम युवा पी‍ढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से रोकें। इसलिए सभी स्‍कूल, कॉलेज में पुलिस अधिकारी पहुंचे और व्‍यापक जागरूकता अभियान चलाएं। इसके लिए मीडिया के सभी माध्‍यम, शार्ट वीडियो, पंपलेट, संगोष्‍ठी आदि का प्रयोग करें। आपके द्वारा की गई कार्यवही का समाज में प्रभाव दृष्टिगोचर होना भी सुनिश्चित करें। आसूचना तंत्र को मजबूत करें और अवैध नशे के कारोबार के पूरे नेटवर्क का पता लगाकर नेस्‍तनाबूद करें। पुलिस का कर्त्तव्य है कि आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात सुलभ कराएं। साथ ही हेलमेट पहनने को लेकर व्‍यापक जनजागरूकता निर्मित करें। थाना स्‍टॉफ आमजन से संवेदनशील सद्व्‍यवहार और बदमाशों पर सख्‍ती रखे- उन्‍होंने कहा कि सिटीजन सेंट्रिक सर्विसेज, जो पुलिस द्वारा दी जा रही हैं उनका रिव्‍यू करें और कौन सी सेवाएं दी जा सकती, उन्‍हें जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करें। पुलिस स्‍टेशन पर आमजन का सर्वाधिक साबका पड़ता है। अत: अपने अधीनस्‍थ स्‍टॉफ को अपडेटेड रखें और उन्‍हें इम्‍पॉवर्ड करें। थाना स्‍टॉफ आमजन से संवेदनशीलतापूर्ण सद्व्‍यवहार करें और बदमाशों से सख्‍ती से निपटें। बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है। परेड निर्धारित समय पर हो। अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सरप्राइज विजिट करें तथा सुपरविजन नोट भी देना सुनिश्चित करें। पुलिस की दृश्‍यता सड़कों पर विशेषकर सायंकाल में होना चाहिए। जनसुनवाई प्रत्‍येक मंगलवार अनिवार्यत: हो डीजीपी ने कहा कि हमें अपनी विश्‍वसनीयता आमजन के बीच स्‍थापित करना होगा। अच्‍छे पुलिसकर्मियों को रिवार्ड और बुरे को दंडित करना सुनिश्चित करें। आपकी कार्यप्रणाली से आमजनता को राहत मिले और कार्रवाई सही हो, इसका ध्‍यान रखें। सांप्रदायिक सद्भावना बरकरार रखें। वीवीआईपी विजिट के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। कोई भी अधिकारी अपना कार्यक्षेत्र नहीं छोड़े। शासन के निर्देशानुसार प्रत्‍येक मंगलवार को अनिवार्यत: जनसुनवाई करें और आवेदनों पर निष्‍पक्षता से त्‍वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।  

4800 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए, आपूर्ति क्षमता का व्यापक विस्तार

भोपाल रिवेम्प्ड ड़िस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत मालवा और निमाड़ क्षेत्र में बिजली वितरण क्षमता बढ़ाने, लाइन लॉस कम करने के लिए सतत कार्य किए जा रहे हैं। अब तक करीब 5500 किमी लंबी बिजली लाइन में केबल का कार्य किया गया है। कुल 4800 वितरण ट्रांसफार्मर भी स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि इस योजना से उपभोक्ता सेवाओं में बढ़ोत्तरी, आपूर्ति में गुणात्मक सुधार हो रहा है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक सुरजनी सिंह ने बताया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम में 565 ग्रिडों पर केपिसिटर बैंक लगा दिए गए हैं। इंदौर शहर के सिरपुर, मालवा मिल, सुखलिया इत्यादि में 20 किमी नई अंडरग्राउंड केबल स्थापित की गई है। मालवा और निमाड़ के इंदौर व उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों में 4800 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। इन ट्रांसफार्मरों से किसानों, घरेलू, व्यापारिक क्षेत्र के अलावा उद्योगों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार एवं बढ़ोत्तरी हुई है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि कुल 1136 किमी में घरेलू से पृथक कृषि लाइन स्थापित की गई हैं। दो हजार किमी की एलटी केबल स्थापित की गई है। इससे विद्युत अवरोध, ट्रिपिंग एवं अन्य शिकायतें घटी हैं। 1300 किमी के तार यानि कंडक्टर की क्षमता बढ़ाने के कार्य हुए हैं। करीब एक हजार किमी की लाइन फीडर विभक्तिकरण, एक दूसरे से जोड़ने के लिए स्थापित की गई हैं। अब तक आरडीएसएस में 33/11 केवी के नए 49 ग्रिड तैयार हो चुके हैं। इनसे बिजली वितरण जारी हैं। वहीं इस योजना में 70 पुराने ग्रिडों का रिनोवेशन किया गया है। लगभग 15 किमी की सर्विस केबल स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन कार्यों पर अब तक 600 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि व्यय हुई है।  

बुरहानपुर अपने समृद्ध इतिहास के साथ केले के लिए देशभर में जाना जाता

बुरहानपुर मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक जिला बुरहानपुर अपने समृद्ध इतिहास के साथ केले के लिए देशभर में जाना जाता है। केला जिले की प्रधान फसल है। जिले में करीबन 25 हजार 239 हैक्टेयर क्षेत्र में केला फसल का रकबा है। वहीं 18 हजार 625 कृषकों द्वारा केला फसल लगाई जाती है। केले में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते है। “एक जिला-एक उत्पाद” अंतर्गत शामिल केला फसल के तने के रेशे से, जिला प्रशासन द्वारा नवाचारों की श्रृंखला बनाकर उसे धरातल पर परोसने का कार्य जारी है। इस कार्य में आजीविका मिशन अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कहते हैं कि महिलाओं के हाथों में कमाल का हुनर होता है, जिसे निखारने के लिए अवसर चाहिए होता है। यही मौका राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिले की महिलाओं को उपलब्ध करा रहा है। सरकार की मंशानुसार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी है। जिले में केले के तने के रेशों से विभिन्न उत्पाद तैयार किये जा रहे है। स्व- सहायता समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए तकनीकी मार्गदर्शन के साथ प्रशिक्षित किया जाता है, जिससे वे पर्स, टोकरियां, झाडू़, फाईल फोल्डर, पेन स्टैण्ड, झूमर, तोरण, टोपियां, की-रिंग आदि उत्पाद तैयार करती है। इन उत्पादों के विक्रय से उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। सामुदायिक भवन दर्यापुर में महिलाएं केले के तने के रेशे से चटाई बनाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं चटाई की बुनाई के लिए विविंग मशीन का उपयोग कर, इस काम को आसानी से कर पा रही हैं। इस कार्य में जुटी महिलाएं बताती है कि, एक मीटर चटाई बनाने में 2 घंटे का समय लगता है और उससे 200 रूपये की आमदनी होती है। मांग के अनुसार चटाई की संख्या घटाई-बढ़ाई जाती है। विविंग मशीन से चटाई बनाने में समय की काफी बचत होती है और उसकी फिनिशिंग भी अच्छी आती है। विविंग मशीन तमिलनाडु़ राज्य से बुलाई गई है। इसके अलावा जिले में समूह की महिलाओं को केले के तने से फाईबर निकालने के लिए फाइबर एक्सट्रेक्टर मशीनें भी उपलब्ध कराई गई है। मशीन की सहायता से तने से रेशा बड़ी सरलता के साथ निकलता है।  

संबल योजना में कुल 10 हजार 236 श्रमिक परिवार होंगे लाभान्वित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 दिसम्बर को संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता के 10 हजार 236 प्रकरणों में श्रमिकों के परिवारों को सहायता राशि 225 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना में दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करवायी जाती है। प्रदेश के लाखों श्रमिक एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना में लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश सरकार ने संबल योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संबल योजना में सभी योजनाओं जैसे अंत्येष्टी सहायता, मृत्यु अथवा दिव्यांगता पर अनुग्रह सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत, राशन पर्ची आदि का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जाती हैं इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 73 लाख श्रमिकों का संबल 2.0 योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जा चुका है।  

लोक निर्माण मंत्री सिंह की अध्यक्षता में निर्माण क्षेत्र की नवीन तकनीकों पर कार्यशाला आज

लोक निर्माण से लोक कल्याण भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पहल पर 4 दिसंबर को प्रशासन अकादमी भोपाल में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और युवा इंजीनियर भाग लेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य विभागीय कार्यों में नवीनतम तकनीकी प्रगति को शामिल करना और विकास परियोजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। कार्यशाला के दौरान 19-20 अक्टूबर को भोपाल में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) के सेमिनार और रायपुर में हुए वार्षिक अधिवेशन में हुई चर्चाओं को साझा किया जाएगा। इन चर्चाओं से विभागीय कार्यों में तकनीकी प्रगति के महत्व और इसके उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। भवन विकास निगम और लोक निर्माण विभाग के भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) इंदौर से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 26 युवा इंजीनियर कार्यशाला में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इन रिपोर्ट्स में प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और उसे व्यावहारिक रूप से लागू करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा होगी। कार्यशाला को प्रभावी बनाने के लिए 4 समूहों का गठन किया गया है। प्रत्येक समूह, निर्माण क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों पर गहन चर्चा करेगा और निष्कर्ष आधारित ठोस कार्य योजना तैयार करेगा। कार्य योजना लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। कार्यशाला में भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर के डीन रोहित कपूर भी शामिल होंगे। वह अपने अनुभव और ज्ञान से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देंगे और नवीनतम तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग के महत्व को रेखांकित करेंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य निर्माण और भवन विकास क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को शामिल करना, युवा इंजीनियरों की क्षमताओं को बढ़ाना, और विभिन्न विकास परियोजनाओं की कार्य योजना को अधिक सटीक और प्रभावी बनाना है।  

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अन्तर्गत जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम हेत किया जागरूक

  डिंडोरी   25 नवम्बर 2024 से 10 दिसम्बर 2024 तक (महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस एवं मानवाधिकार दिवस) लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। बाल विवाह, मानव अधिकारों के उल्लंघन के साथ ही निर्धारित विकसित भारत के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय मंत्री, महिला और बाल विकास द्वारा आज मंगलवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान“ का शुभारंभ किया गया, ताकि बाल विवाह को समाप्त करने के मुद्दे पर जागरूकता लाई जा सके।     इसी क्रम में कलेक्टर  हर्ष सिंह के निर्देशन में हम होंगे कामयाब पखवाड़ा“ कार्यक्रम के अंतर्गत जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके परिपालन में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग  श्याम सिंगौर के मार्गदर्शन में आज वन स्टॉप सेंटर “सखी“ डिंडोरी द्वारा एकीकृत माध्यमिक शाला नेवसा एवं उच्चतर माध्यमिक शाला नेवसा में महिलाओं एवं बच्चियों को वन स्टॉप सेन्टर प्रशासक श्रीमती नीतू तिलगाम द्वारा जेंडर समानता, बाल विवाह, हम होंगे कामयाब पखवाड़ा, पॉक्सो एक्ट 2012, चाइल्ड लाइन (1098), वन स्टॉप सेंटर (सखी), महिला हेल्प लाइन (181) के विषय में विस्तृत  जानकारी प्रदान की गई।       कार्यक्रम में वन स्टॉप सेन्टर केस वर्कर श्रीमती रागिनी धुर्वे, विधिक सलाहकार श्रीमती स्मिता चौरसिया एवं क्षेत्र की कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

‘ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ने बांग्लादेशी पर्यटकों को अपनी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया

अगरतला बांग्लादेश में भारतीय ध्वज का अपमान किए जाने के मद्देनजर ‘ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (एटीएचआरओए)’ ने बांग्लादेशी पर्यटकों को अपनी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने यह जानकारी दी है। एटीएचआरओए के महासचिव सैकत बंद्योपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय सोमवार को हुई एक आपातकालीन बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हमारे राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया और बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का एक वर्ग अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न कर रहा है। पहले भी ऐसी घटनाएं होती थीं, लेकिन अब सभी हदें पार हो गई हैं।’’ बंद्योपाध्याय ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति वास्तव में चिंताजनक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे व्यवहार की निंदा करते हैं।’’ इससे पहले, निजी अस्पताल ‘आईएलएस हॉस्पिटल’ ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेश के किसी भी मरीज का इलाज नहीं करने की घोषणा की थी।  

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जारी, कल होगा शपथ ग्रहण

मुंबई महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। महायुति के प्रचंड बहुमत हासिल करने बाद भी सीएम के नाम को लेकर बीते कई दिनों से मंथन जारी है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पर जारी है। समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। मुंबई के आजाद मैदान में मंच बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) की ओर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यह कार्यक्रम इतना भव्य होगा कि इसमें 40 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने आशंका है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। महायुति के घटक दलों के नेता तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को आजाद मैदान जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस होंगे। हालांकि, अभी यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। औपचारिक घोषणा बुधवार को विधायक दल की बैठक के बाद होगी। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। महायुति की बात करें तो भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57, एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं महाविकास अघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी) ने 20, कांग्रेस ने 16, एनसीपी (शरद पवार) ने 10 सीट पर जीत दर्ज की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय रुपाणी मंगलवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंच जाएंगे। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को मुंबई पहुंचेगी। बुधवार को ही कि विधानसभा की विधि मंडल में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। विधायक दल का नेता चुनने के बाद महायुति के नेता राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।  

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी एक महत्वपूर्ण पर्व, भगवान कार्तिकेय की होती है पूजा

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी पर्व के मौके पर भगवान शिव और देवी पार्वती के बड़े पुत्र कार्तिकेय की पूजा की जाती है. यह पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को हरसाल बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है. इस दिन उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. कार्तिकेय बुद्धि के देवता भी हैं. इसलिए इस दिन छात्र और विद्वान उनकी पूजा करते हैं. नि:संतान दंपत्ति की संतान प्राप्ति के लिए यह पूजा लाभकारी मानी जाती है. माना जाता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य मिलता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की स्कंद षष्ठी की तिथि 06 दिसंबर दिन शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर शुरू होगी और 07 दिसंबर, दिन शनिवार को सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी.     ब्रह्म मुहूर्त – 04 बजकर 43 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट     प्रातः सन्ध्या – 05 बजकर 10 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट     अभिजित मुहूर्त – 11 बजकर 28 मिनट से 12 बजकर 10 मिनट     विजय मुहूर्त – 01 बजकर 35 मिनट से 02 बजकर 18 मिनट     गोधूलि मुहूर्त – 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 32 मिनट     सायाह्न सन्ध्या – 05 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट     अमृत काल – 06 बजकर 58 मिनट से 08 बजकर 33 मिनट     निशिता मुहूर्त – 11 बजकर 23 मिनट से अगले दिन 12 बजकर 16 मिनट शुभ योग योग     सर्वार्थ सिद्धि योग – 06 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 18 मिनट     रवि योग – 05 बजकर 18 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 31 मिनट ऐसे करें भगवान कार्तिकेय की पूजा     स्कंद षष्ठी के दिन पूजा करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.     पूजा के लिए एक साफ और शांत स्थान का चुनाव करें.     भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र को एक साफ आसन पर स्थापित करें.     पूजा के लिए रोली, चंदन, फूल (विशेषकर कमल का फूल), फल, मिठाई, धूप, दीपक, नैवेद्य, जल, अक्षत, माला, गंगाजल आदि अर्पित करें.     पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और धूप जलाएं.     भगवान को भोग लगाएं और आरती करके पूजा संपन्न करें. इन मंत्रों का करें जाप     ॐ स्कंदाय नमः     ॐ षडाननाय नमः     ॐ शरवणभवाय नमः     ॐ कुमाराय नमः स्कंद षष्ठी क्यों मनाते हैं? पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस तारकासुर ने देवताओं को बहुत सताया था. देवताओं ने भगवान शिव और पार्वती से प्रार्थना की. उनकी प्रार्थना के अनुसार कार्तिकेय का जन्म हुआ और उन्होंने तारकासुर का वध करके देवताओं को मुक्त कराया था. कहानी यह है कि देवताओं ने इस जीत की खुशी में स्कंद षष्ठी का उत्सव मनाया था. तभी से स्कंद षष्ठी पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है. स्कंद षष्ठी पूजा का महत्व स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान कार्तिकेय सभी संकटों से लोगों की रक्षा करते हैं. वे सभी प्रकार के विघ्नों को भी दूर करते हैं. भगवान कार्तिकेय बुद्धि के देवता भी माने जाते हैं. उनकी पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और उनकी कृपा से हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है. कई लोग स्कंद षष्ठी के दिन व्रत रखते हैं. व्रत रखने से मन को शांत किया जा सकता है और भगवान के प्रति भक्ति बढ़ती है.  

अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने भारतीय नौसेना दो महीने में फ्रांस से 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा

नई दिल्ली अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना दो महीने के अंदर फ्रांस के साथ 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा. इसकी पुष्टि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने खुद की है. 60 हजार करोड़ रुपए की इस डील से पूरे इंडो-पैसिफिक रीजन में शांति बहाल होगी. नेवी की ताकत बढ़ेगी. राफेल मरीन फाइटर जेट (Rafale Marine Fighter Jet/ Rafale M) को भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikrant और INS Vikramaditya पर तैनात किया जाएगा. ये जेट्स शॉर्ट टेकऑफ करने में सक्षम हैं. लेकिन लैंडिंग के लिए अरेस्टेड रिकवरी स्टोबार तकनीक का इस्तेमाल करेंगे. भारत इस डील में फ्रांस से 22 सिंगल सीटर फाइटर जेट और चार डबल सीटर फाइटर जेट खरीदेगा. डबल सीटर फाइटर जेट ट्रेनिंग के लिए काम आएंगे. Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. स्पीड 2205 km/hr, रेंज 3700 किलोमीटर राफेल-एम 50.1 फीट लंबा है. इसे 1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. राफेल का वजन सिर्फ 15 हजार kg है. यानी हल्का है. राफेल-एम की फ्यूल कैपेसिटी करीब 11,202 kg है. यानी ज्यादा देर तक फ्लाई कर सकता है. गति 2205 km/hrहै. राफेल-एम की रेंज 3700 km है. 52 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है.   14 हार्डप्वाइंट्स, हथियारों का जखीरा लग जाए राफेल-एम में 30 mm की ऑटोकैनन गन लगी है. इसके अलावा 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें तीन तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, हवा से सतह पर मार करने वाली सात तरह की मिसाइलें, एक परमाणु मिसाइल या फिर इनका मिश्रण लगा सकते हैं. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. राडार ऐसा कि दुश्मन बच न पाए, खुद रहे सुरक्षित इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. डील में मेंटेनेंस, ट्रेनिंग और कई चीजें शामिल इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. ये डील 60 हजार करोड़ रुपए की है. लेकिन इसमें सिर्फ खरीद की कीमत नहीं है. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. यह डील पूरी होते ही भारतीय नौसेना के पास एयरक्राफ्ट कैरियर पर नए और आधुनिक फाइटर जेट्स हो जाएंगे.  

हाईकोर्ट ने ओंकारेश्वर बांध के डूब प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने के मामले में सरकार को निर्देशित किया

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ओंकारेश्वर बांध के डूब प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने के मामले में सरकार को निर्देशित किया है। जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने इस पर विचार करने के लिए सरकार को दो माह का समय दिया है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दायर याचिका पर 7 जून 2013 को हाईकोर्ट ने सरकार को डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज प्रदान करने का आदेश दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ने विस्थापितों को पैकेज पर 15% का लाभ तो दिया, लेकिन इसे सभी पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंचाया गया। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को विशेष पैकेज का लाभ नहीं दिया गया, जबकि वे इसके पात्र थे। यह कार्रवाई न केवल अवैधानिक है, बल्कि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन भी है। न्यायालय का आदेश युगलपीठ ने सुनवाई के बाद पाया कि प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने में सरकार ने लापरवाही बरती है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह इन बालिग बेटों को भी विशेष पैकेज का लाभ प्रदान करने पर विचार करे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनोज शर्मा ने पैरवी की। कोर्ट ने इस मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार को दो माह की मोहलत दी है।

प्रदेश में अब मनमानी नहीं कर पाएंगे प्राइवेट अस्पताल, सरकार ने जारी किए ये जरूरी निर्देश

Now private hospitals will not be able to act arbitrarily in the state, the government has issued these important instructions मध्य प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज और जांच के नाम पर हमेशा मनमानी राशि लेने के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन, अब इन पर लगाम लगाने का मध्य प्रदेश सरकार ने मन बना लिया है. अब एमपी के निजी अस्पताल प्रबंधन अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि अब सरकार ने निजी प्राइवेट अस्पताल को ट्रीटमेंट और जांच की रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए हैं. प्राइवेट अस्पतालों में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त की ओर स दिए गए हैं. मरीजों के अधिकार और हितों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश स्वास्थ्य विभाग आयुक्त तरुण राठी ने आदेश जारी किया है. उन्होंने जारी किए गए आदेश में कहा कि सभी चिकित्सकीय सेवाओं की दर सूची रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करें. स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी ने साफ कहा है कि अस्पताल में काउंटर पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है. स्वास्थ्य आयुक्त के अनुसार रोगी या उनके परिजनों द्वारा मांगे जाने पर अस्पताल मैनेजमेंट को रेट सूची दिखाना होगा. किसी अस्पताल को यदि रेट लिस्ट में संशोधन करना हो, तो इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ को देना होगा. संशोधित रेट लिस्ट को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा. रेट लिस्ट नहीं तो होगी कार्रवाई आयुक्त की ओर से अपने निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि रेट लिस्ट के बिना अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन है. अस्पतालों की ओर से मनमाने रेट वसूलने की घटनाओं को रोकने के लिए आयुक्त ने सीएमएचओ को लगातार निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं. आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन प्राइवेट अस्पतालों में रेट लिस्ट नहीं होगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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