LATEST NEWS

77 आश्रम शालाएं और 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी निर्माणाधीन

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय कार्य विभाग के अधीन सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये हैं। विभागीय निर्माण कार्यों की गत दिवस समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों के लिये मंजूर 94 सीएम राइज स्कूल शीघ्रतापूर्वक पूर्ण कर हेण्डओवर कराये जायें, ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आधुनिक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने का लाभ मिले। राज्य शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों में 94 सीएम राइज स्कूल खोलने के निर्णय पर तेजी से काम जारी है। मंजूर सीएम राइज स्कूलों में से लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) द्वारा 40 स्कूल, म.प्र. भवन विकास निगम के जरिये 40 स्कूल और शेष 14 स्कूल म.प्र. पुलिस हाउसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा निर्मित किये जा रहे हैं। बीते 9 वित्त वर्षों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, 77 आश्रम शालाओं, 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 84 कन्या शिक्षा परिसर, 8 क्रीडा परिसर, 4 गुरूकुलम, 43 जूनियर छात्रावास, 19 पीवीटीजी सीनियर छात्रावास, 23 संयुक्त छात्रावास, 3 सांस्कृतिक भवन, संग्रहालय एवं कम्युनिटी सेंटर, 206 सीनियर छात्रावास, 12 महाविद्यालयीन छात्रावास, पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 125 बहुउद्देशीय केन्द्र, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, इन्हीं विद्यालयों में सीबीएसई मापदंड के अनुसार 12 उन्नयन संबंधी निर्माण कार्य एवं 8 उन्नयन संबंधी अतिरिक्त निर्माण कार्य, 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑडिटोरियम भवन का निर्माण कार्य एवं वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न प्रकार के 163 नवीन कार्यों सहित कुल 1205 निर्माण कार्य मंजूर किये गये। इस कार्यों के लिये 86 करोड़ 60 लाख 46 हजार रूपये निर्माण राशि भी मंजूर की गई। मंजूर सभी निर्माण कार्यों पर काम जारी है और अब तक इन निर्माण कार्यों पर 39 करोड़ 14 लाख 78 हजार रूपये व्यय किये जा चुके हैं। इन सभी निर्माण कार्यों के लिये निर्माण एजेंसी भी नियुक्त हैं। लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), म.प्र. भवन विकास निगम, म.प्र. पुलिस हाऊसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के माध्यम से यह सभी निर्माण कार्य पूरे कराये जा रहे हैं। कुछ कार्य विभागीय टेक्निकल विंग द्वारा कराये जा रहे हैं। बताया गया कि नवम्बर 2024 माह के अन्त तक जनजातीय कार्य विभाग के लिये शासन द्वारा कुल स्वीकृत 1205 निर्माण कार्यों में से 387 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। विभिन्न श्रेणी के 606 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं और शेष अप्रारंभ निर्माण कार्यों को इसी वर्ष प्रारंभ करने की तैयारी अंतिम चरण में है।  

आजीविका मिशन के जुड़कर लखपति दीदी अनुसुईया ने रचे सफलता के नए आयाम

बुरहानपुर मध्यप्रदेश का बुरहानपुर केले की खेती के लिए प्रसिद्ध है, अब अपने नवाचारों के लिए भी जाना जा रहा है। यहां की महिलाओं ने अपने हुनर से न केवल अपने जीवन को संवारा, बल्कि जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इन महिलाओं में से एक हैं एकझिरा गांव की अनुसुईया चौहान, जिन्होंने केले के तने के रेशे से टोपी बनाकर लंदन तक अपनी पहचान बनाई है। बुरहानपुर में आयोजित बनाना फेस्टिवल ने अनुसुईया दीदी को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी। आजीविका मिशन ने दी नई दिशा अनुसुईया दीदी का जीवन बदलने की कहानी आजीविका मिशन से शुरू होती है। लव-कुश स्व- सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने केले की खेती के साथ-साथ केले के तने का भी उपयोग करना शुरू किया। मिशन के सहयोग से उन्होंने रेशा निकालने की मशीन खरीदी और तने से रेशा निकालकर टोपी बनाने का काम शुरू किया। केले के तने से रेशा निकालने, उसे सुखाने और बुनाई करने के बाद विभिन्न आकार और डिज़ाइन की टोपियाँ तैयार की जाती हैं। इन टोपियों की कीमत 1100 से 1200 रुपये तक होती है। अनुसुईया दीदी अपने परिवार के साथ मिलकर यह कार्य करती हैं। इस काम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। लंदन में बनाई पहचान अनुसुईया दीदी द्वारा बनाई गई टोपियाँ लंदन तक पहुँची हैं। लालबाग क्षेत्र के परिवार के सदस्यों ने यह टोपियाँ खरीदीं और विदेश तक पहुँचाया। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो स्थानीय उत्पाद अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सरकार के प्रयास और महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर बुरहानपुर जिले में सरकार की मंशा के अनुसार, स्व सहायता समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का प्रयास जारी है। अनुसुईया दीदी इस सपने को साकार करने वाली मिसाल बन चुकी हैं। उनका कहना है, “जब हुनर को सही मंच मिलता है, तो सपने भी साकार होते हैं।” आज वे महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि कैसे नवाचार और मेहनत से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।  

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.  

प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर शुरू होने की तैयारी की जा ही है. प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी की जा रही है. हालांकि राज्य सरकार बीते 4 माह में 19 पुलिस अधीक्षकों, 4 जोन के आईजी, डीआईजी को बदल चुकी है. कई जिलों के अधिकारी अभी और बदले जा सकते हैं. उधर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया बनने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना जिलावार रिव्यू करने जा रहे हैं. इसके बाद थाना स्तर तक बदलाव किए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय में भी दिखाई देंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना कार्यभार संभालने के बाद से ही काम में जुट गए हैं. जिलों के एसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ डीजीपी ने बैठक की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही डीजीपी जोन स्तर पर जिला बार कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद कानून व्यवस्था के आधार पर रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों को बदला जाएगा. बदलाव जिलों में थाना स्तर तक दिखाई देगा. हालांकि डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि काम को लेकर किसी को भी समय दिया जाना चाहिए, लेकिन बेहतर रिजल्ट न आने पर बदलाव जरूरी होता है. जाहिर है कानून व्यवस्था न संभाल पाने वाले अधिकारियों पर तबादले की तलवार चलेगी. भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर शिकायतों में मैदानी पुलिस अधिकारियों को हटाया जाएगा. पुलिस मुख्यालय में भी होंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना ने जिलों और रेंज के अलावा अब पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग ब्रांच की समीक्षा शुरू कर दी है. समीक्षा बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं होगी.     सरकारी कर्मचारियों का घर बैठे होगा ट्रांसफर, तबादले के लिए नहीं काटने होंगे भोपाल के चक्कर     एक्शन में नए DGP कैलाश मकवाना, SP-IG की बुलाई बैठक, बोले-अनुशासन में रहे पुलिस, न लगे कोई दाग पिछले चार माह में कौन-कौन बदला     18 नवंबर को राज्य सरकार ने शहडोल, सिंगरौली, छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर, नर्मदापुरम के आईजी को बदल दिया.     22 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी सहित 7 आईपीएस अधिकारियों को बदला. इनमें बड़वानी, देवास, जबलपुर के एसपी को बदल दिया गया.     13 अक्टूबर को विदिशा, सीहोर और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.     24 सितंबर को 15 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई. इसमें लोकायुक्त डीजी को बदल दिया गया.     10 सितंबर को राज्य सरकार ने रतलाम, नरसिंहपुर और भोपाल रेल एसपी को बदल दिया.     3 सितंबर को राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के विशेष पुलिस स्थापना में करीब 6 अधिकारियों के तबादले किए.     10 अगस्त को 21 आईपीएस के तबादले किए गए. इनमें शहडोल आईजी के अलावा, जबलपुर, ग्वालियर, खरगौन के डीआईजी और मऊगंज, बालाघाट, मुरैना, रायसेन, पांढुर्णा, मंदसौर, अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.

रेलवे का बड़ा फैसला! एक साथ9 ट्रेनें फिर हुई रद्द, सफर करने से पहले देख लें लिस्‍ट

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर-बिलासपुर और कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन के साथ कुल 9 लोकल ट्रेनों को किया रद्द कर दिया है. 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन को कैंसिल करने के पीछे वजह रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन का जारी विकास कार्य बताया जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन में चल रहे विकास कार्यो के चलते 9 लोकल ट्रेन के परिचालन को रद्द करने का निर्णय लिया है. सूचना के मुताबिक आगामी 6 दिसंबर से 9 दिसंबर तक सभी 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा. दो मेमू ट्रेन भी प्रभावित होगा. 4 दिन रद्द रहेगा रायपुर-बिलासपुर, कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन का परिचालन रिपोर्ट के मुताबिक आगामी 6, 7 और 9 दिसंबर को ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक होगा और 6, 7, 8 और 9 दिसंबर की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. इस दौरान रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और जूनागढ़ जाने वाली मेमू रद्द रहेंगी. जारी विकास कार्य के चलते अलग-अलग तारीखों में ट्रेन के परिचालन पर असर पड़ सकता है.

मध्यप्रदेश सरकार का एक वर्ष मनेगा जनकल्याण पर्व के रूप में, मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

इंदौर के 1037 सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जायेगी, मशीन की शीट देखकर ही सैलरी बनेगी

इंदौर  सरकारी स्कूलों को धर्मशाला समझने और मनमर्जी से स्कूल आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कुछ माह पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ इंदौर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक लगाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन शिक्षा विभाग में इसका पालन नहीं हुआ। दो दिन पहले जिला पंचायत कार्यालय में सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें सीईओ सिद्धार्थ जैन ने सभी सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा है। बता दे कि जिले के 1037 स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाना है। अधिकतर स्कूलों में रजिस्टर पर दर्ज होती है उपस्थिति अब तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में रजिस्टर में ही शिक्षक उपस्थिति दर्ज करते हैं। कई शिक्षक अपनी मनमर्जी के हिसाब से ही स्कूल आते और चले जाते हैं। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी कर्मचारी अपनी मर्जी के अनुसार ही कार्यालय आ रहे हैं। इसी महीने में लग जाएगी बायोमेट्रिक मशीन इंदौर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यालय और स्कूलों में अब बायोमेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज की जाना है। इसके लिए जिले के सभी सरकारी स्कूल परिसरस, पंचायत आदि में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तत्काल बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा गया है। इसी माह यह काम पूरा होना जाना चाहिए। 1037 स्कूलों में लगेगी मशीन जानकारी के अनुसार जिले में जो स्कूल पंचायत कार्यालय के करीब है, वहां पंचायत में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं अन्य स्कूल परिसर में ही लगाई जाएगी। इंदौर शहरी क्षेत्र में 182, इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में 230, महू में 186, सांवेर में 239 और देपालपुर में 200 परिसरों में बायोमेट्रिक मशीन लगना हैं। शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत के पास रहेगी। अफसरों के अनुसार इसी बायोमेट्रिक मशीन शुरू होने के बाद महीने के अंत में मशीन की शीट के आधार पर ही कोषालय से वेतन जारी होगा।

भारतीय टीम आज से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करने उतरेगा

एडिलेड पहले टेस्ट में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम आज से यहां शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए गुलाबी गेंद से अपने रिकॉर्ड में सुधार करने की कोशिश करेगी। इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा के बल्लेबाजी क्रम पर भी निगाह टिकी रहेगी और वह मध्यक्रम में उतर सकते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए निजी कारणों से पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलने वाले रोहित और चोट से उबर कर वापसी करने वाले शुभमन गिल के लिए बल्लेबाजी क्रम में जगह तय करना आसान नहीं होगा। भारतीय टीम ने पर्थ में पहले टेस्ट मैच में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए 295 रन की रिकॉर्ड जीत हासिल करके बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए खेली जा रही पांच मैच की श्रृंखला में शुरुआती बढ़त हासिल की। यह पहला अवसर नहीं है जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर अच्छा प्रदर्शन किया हो। इससे पहले वह पिछले दो अवसरों पर भी ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर श्रृंखला में हरा चुका है। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के अपने पिछले दौर में एडिलेड में खेले गए दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में अपनी पहली पारी में 36 रन पर आउट हो गया थी लेकिन इसके बाद उसने अच्छी वापसी करके श्रृंखला जीती थी। इस बार भारतीय टीम पहले मैच में जीत से उत्साह से लबरेज है। दिन-रात्रि टेस्ट मैच हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने अलग तरह की चुनौती पेश करेगा। गुलाबी गेंद से अतिरिक्त सीम मूवमेंट मिलता है और भारतीय बल्लेबाजों को इससे पार पाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। ऑस्ट्रेलिया का दिन रात्रि टेस्ट मैच में रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उसने अभी तक घरेलू धरती पर जो 12 दिन रात्रि टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से उसे केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन पहले टेस्ट मैच में करारी शिकस्त झेलने के कारण इस बार उसकी टीम पर दबाव रहेगा। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होना लगभग तय है। अगर कैनबरा में खेले गए अभ्यास मैच को संकेत माने तो फिर रोहित मध्य क्रम में उतर सकते हैं ताकि अच्छी फॉर्म में चल रहे यशस्वी जयसवाल और केएल राहुल पारी का आगाज कर सकें। रोहित ने 2019 से सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभानी शुरू की थी जिससे उनके टेस्ट करियर को नई दिशा मिली लेकिन वह टीम हित में यहां महत्वपूर्ण फैसला कर सकते हैं। रोहित का बल्लेबाजी क्रम कुछ भी हो, वह बड़ा स्कोर बनाने के लिए बेताब होंगे क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और वह इसमें सुधार करना चाहेंगे। रोहित और गिल अंतिम एकादश में देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल की जगह लेंगे। अंगूठे की चोट से उबर कर वापसी करने वाले गिल अभ्यास मैच में अच्छी लय में दिख रहे थे। ऑस्ट्रेलिया में उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है जिससे वह प्रेरणा लेना चाहेंगे। पहले टेस्ट मैच में भारत के लिए सबसे सकारात्मक पहलू जयसवाल और विराट कोहली के शतक रहे। यह दोनों बल्लेबाज अपनी उसी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। भारतीय गेंदबाजी विभाग में बदलाव की संभावना नहीं है। एडिलेड की पिच से हालांकि स्पिनरो को मदद मिलती रही है और विकेट का जायजा लेने के बाद उसकी स्थिति को देखकर रविचंद्रन अश्विन या रविंद्र जडेजा को टीम में शामिल किया जा सकता है। जहां तक ऑस्ट्रेलिया की बात है तो उसके लिए अपने प्रमुख बल्लेबाजों की फॉर्म बड़ी चिंता का विषय है। अगर उसे श्रृंखला बराबर करनी है तो फिर स्टीव स्मिथ, उस्मान ख्वाजा और मार्नस लाबुशेन जैसे बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। ऑस्ट्रेलिया की चिंता केवल बल्लेबाजी तक ही सीमित नहीं है। उसके तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटिल होने के कारण बाहर हो गए हैं। उनकी जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया गया है जो लगभग 18 महीने में अपना पहला टेस्ट मैच खेलेंगे। वह लगातार ऑफ स्टंप से बाहर गेंदबाजी करने में माहिर हैं और इससे वह भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं। टीम इस प्रकार हैं : ऑस्ट्रेलिया प्लेइंग 11 : पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ट्रैविस हेड, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मिच मार्श, नाथन मैकस्वीनी, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क। भारतीय टीम : रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, अभिमन्यु ईश्वरन, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप। प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर। समय : सुबह 9.30 बजे से। 

कोरिया के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया ‘ गेंदा ‘, प्रयोग सफल रहा तो किसान लाखों रुपये कमाएंगे

कोरिया छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गेंदा के फूलों की खेती करने का प्रयोग किया जा रहा है. पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 17 किसानों ने इस नई पहल को अपनाया और 10 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती की शुरुआत की. प्रति हेक्टेयर करीब 5,330 पौधे लगाए गए हैं, जो 65-70 दिनों में तैयार हो जाएंगे. अगर सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक़ रहा तो जिले के किसान लाखों रुपये कमाएंगे. कोरिया जिले में पहली बार गेंदा फूल की खेती का प्रयोग किया गया है, जो किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. गेंदा फूल की खेती में प्रति हेक्टेयर करीब 50,000 रुपए की लागत आई है. विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी पैदावार के बाद प्रति हेक्टेयर 2 से 2.5 लाख रुपए तक का मुनाफा होने की संभावना है. झरनापारा के किसान संजय पैकरा बताते हैं कि पहले धान और दलहन की खेती से मुश्किल से 25-30 हजार रुपए की आमदनी हो पाती थी. अब गेंदे की खेती और ड्रिप एरिगेशन तकनीक अपनाने के बाद 150-200 क्विंटल फूल उत्पादन की संभावना है, जिससे उनकी आय में काफी बढ़ोतरी होगी. फसल चक्र में बदलाव से बढ़ेगी आय ग्राम बुड़ार के किसान उदराज ने बताया कि पहले धान की खेती से मात्र 10-20 हजार रुपए तक का मुनाफा होता था. लेकिन अब ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल से वह 100-120 क्विंंटल फूल उत्पादन कर 50 हजार से 1.5 लाख रुपए तक कमा सकते हैं. इसी तरह, ग्राम रनई की आशा देवी ने कहा कि पहले धान, दलहन और तिलहन की खेती से 20 हजार रुपए से ज्यादा की आमदनी नहीं हो पाती थी. अब गेंदा फूल की खेती से उनकी आय में 2 से 2.5 लाख रुपए तक की वृद्धि होने की उम्मीद है. ड्रिप एरिगेशन से बेहतर उत्पादन ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल ने न केवल पानी की खपत को नियंत्रित किया है, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की है. यह तकनीक पानी की बचत के साथ-साथ मेहनत को भी सार्थक बना रही है. उद्यानिकी विशेषज्ञों का कहना है कि गेंदे की खेती का यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनेगा. किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद धान, दलहन और तिलहन जैसी पारंपरिक फसलों से सीमित आय प्राप्त करने वाले किसान अब गेंदा फूल की खेती को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. इस पहल ने फसल चक्र में बदलाव और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का एक सफल उदाहरण पेश किया है.    

चीन की जनता पैसा खर्च करने के बजाय बचत करने में लगी, देश में बेरोजगारी चरम पर है, लगातार पांच महीनों से डिफ्लेशन की स्थिति

बीजिंग करीब तीन दशक तक ग्लोबल इकॉनमी का इंजन रहे चीन की हवा अब निकलने लगी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी वाले इस देश की अर्थव्यवस्था इस समय कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। देश को इस स्थिति से उबारने के लिए चीन की सरकार ने हाल में भारी-भरकम स्टीम्युलस पैकेज जारी किया था लेकिन उसका बहुत असर होते नहीं दिख रहा है। चीन में 10 साल की मैज्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड का यील्ड 2% के नीचे आ गया है। चीन के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। पिछले चार साल में इसमें 130 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। चीन की इकॉनमी कई दशकों में सबसे बड़े स्लोडाउन से गुजर रही है। देश में मकानों की कीमत अपने पीक से 80 फीसदी गिर चुकी हैं। रियल एस्टेट संकट की शुरुआत 2021 में हुई थी और इसने दूसरे सेक्टर्स को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। चीन की जीडीपी में रियल एस्टेट सेक्टर की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई है। इस सेक्टर के डूबने के कारण अब बैंकों के भी डूबने का खतरा पैदा हो गया है। देश में उपभोक्ता मांग जोर नहीं पकड़ पा रही है और लोग खर्च करने के बजाय पैसे जमा करने में लगे हैं। पांच तिमाहियों से डिफ्लेशन पिछली पांच तिमाहियों से चीन में डिफ्लेशन की स्थिति बनी है जो 1990 के दशक के बाद इसका सबसे लंबा असर है। वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में गिरावट को डिफ्लेशन कहते हैं। यह महंगाई यानी इनफ्लेशन से उल्टी स्थिति है। आमतौर पर इकॉनमी में फंड की सप्लाई और क्रेडिट में गिरावट के कारण ऐसी स्थिति पैदा होती है। चीन में लोग खर्च करने के बचाय पैसा बचाने में लगे हैं। यही वजह है कि चीन की इकॉनमी में जापान की तरह ठहराव आने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच अमेरिका में हाल में हुए राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से चीन के साथ तनाव और बढ़ने की आशंका है। ट्रंप पहले ही चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स देशों पर भी 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है। अगर वह अपनी बात पर अमल करते हैं तो इससे चीन और अमेरिका के बीच चल रहा ट्रेड वॉर अगले दौर में पहुंच सकता है। दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमीज के बीच तनाव बढ़ने से दुनियाभर के देश प्रभावित हो सकते हैं।

एमपी गजब: प्रतिपक्ष विधायकों के हाल : सरकारी डॉक्टर कर रहे विधायक से बदसलूकी , व दे रहे अभद्र गालियां

Doctor ‘Do you know who I am’… Government doctor misbehaved with the MLA, abused the MLA indecently डॉक्टर‘तू जानता है मैं कौन हूं’… रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में विधायक के साथ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की बदसलूकी का मामला सामने आया है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार का आरोप है कि जब वे कुछ लोगों के लिए इलाज के लिए रतलाम जिला अस्पताल गए, तो वहां मौजूद डॉक्टर सीपीएम राठौर ने बदसलूकी की। खुद विधायक ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से पहले झोपड़ी में रहने के कारण ‘झोपड़ी वाले विधायक’ के नाम से चर्चित डोडियार का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती उनके कुछ लोगों का ठीक से इलाज नहीं हो रहा है। इसी विषय पर बात करने और अपने लोगों से मिलने वे जिला अस्पताल गए थे। यहां उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सीपीएम राठौर से बात की। इस पर डॉक्टर भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। डोडियार ने अपना परिचय सैलाना विधायक के रूप में दिया तो डॉक्टर ने कहा कि तू जानता है मैं कौन हूं। इसके दौरान अस्पताल में गहमागहमी का माहौल बन गया। बाद में विधायक ने स्टेशन रोड थाने में डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी डॉक्टर की सफाई नहीं आई है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet