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39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप: कृष्णा चंद्रा ने जीता रजत पदक

भोपाल : भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 7 से 11 दिसंबर 2024 तक आयोजित 39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के एथलीट कृष्णा चंद्रा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बालक अंडर-18 भाला फेंक स्पर्धा में 64.82 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक जीता। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कृष्णा चंद्रा को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि, “यह पदक मध्यप्रदेश के खेल क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं की मेहनत और लगन का प्रमाण है। कृष्णा ने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।” कृष्णा की इस सफलता में उनके प्रशिक्षक मोहम्मद हदीथ के मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका रही। मध्यप्रदेश खेल विभाग ने भी इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी है। यह सफलता न केवल कृष्णा के लिए बल्कि राज्य एथलेटिक्स अकादमी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।  

खो खो विश्वकप के लिए मंगलवार से शुरु होगा प्रशिक्षण शिविर

नई दिल्ली. भारत की मेजबानी में अगले महीने होने वाले खो खो विश्वकप के लिए भारतीय टीम का प्रशिक्षण शिविर 10 दिसंबर मंगलवार से प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम नई दिल्ली में शुरु होगा। शिविर में देश भर से चुने गए 60 लड़कियों और 60 लड़कों को टीम भावना विकसित करने, कौशल बढ़ाने, मानसिक मजबूती,अनुशासन और टीम बॉन्डिंग बढ़ाने के लिए गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इस शिविर में अनुभवी और नए युवा प्रतिभाशाली खिलाडियों को खेल विषेशज्ञों द्वारा पोल डाइविंग ,टैपिंग ,ज़िग ज़ैग रनिंग,डाजिंग टैपिंग आदि खो खो खेल की बारीकियां सिखाई जाएंगी। भारतीय खो खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने आज यहां बताया कि खो खो विश्वकप से पहले राष्ट्रीय टीम की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है तथा इस प्रशिक्षण शिविर के प्रदर्शन के आधार पर खो खो विश्व कप में भाग लेने के लिए 15 लड़कों और 15 लड़कियों की राष्ट्रीय टीम का चयन किया जाएगा जोकि विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह 13 से 19 जनवरी, 2025 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाले खो खो विश्व कप के लिए उनकी अंतिम तैयारियों की शुरुआत है। भारतीय राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच अश्विनी शर्मा की देखरेख में एक महीने तक यह फिटनेस और प्रशिक्षण शिविर चलेगा। इसमें खिलाड़ियों की चपलता और तकनीक पर फोकस होगा। इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर के पुरुष और महिला वर्ग दोनों के साठ-साठ प्रतिभाशाली खिलाड़ी, अनुभवी और नए प्रशिक्षण शिविर में भाग लेंगे। जहां खिलाड़ी बिजली की तरह तेज रिफ्लेक्स, सटीक मूवमेंट और सहज समन्वय की तकनीक सीखेंगे। यह शिविर खिलाड़ियों को एक टीम के रूप में एक-दूसरे के साथ मिलकर कैसे मुकाबला जीता जाता है यह सीखने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि विश्व कप के लिए अंतिम टीमों का चयन प्रशिक्षण शिविर के दौरान उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। लगभग 16 कोच और सहायक कर्मचारी खिलाड़ियों को इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारी में सहायता करेंगे। प्रशिक्षण शिविर में समन्वय, खेल अभ्यास, तकनीक, पोल डाइविंग और टैपिंग जैसे पीछा करने के कौशल, डोजिंग और जिग जैग रनिंग जैसे रनिंग कौशल आदि में विशेष प्रशिक्षण के साथ फिटनेस के स्तर को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों के लिए केकेएफआई ने खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए एक खेल मनोवैज्ञानिक को भी नियुक्त किया है। वह खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने, दबाव को रोकने और मानसिक थकान से निपटने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान, आहार विशेषज्ञ और फिजियोलॉजी जैसे विभिन्न विषयों के प्रसिद्ध विशेषज्ञ खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मानसिक दृढ़ता और स्वास्थ्य को अनुकूलित करने के लिए टीम भावना, सहयोग और आपसी समझ पैदा करने के लिए प्रशिक्षण शिविरों के दौरान विभिन्न विषयों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सुधांशु मित्तल ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर की औपचारिक शुरुआत से पहले दो दिनों के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा परीक्षण किए जाएंगे। खिलाड़ियों के रहने और खाने की व्यवस्था जवाहर लाल नेहरू साई छात्रावास में की जाएगी जो प्रशिक्षण शिविर स्थल से 100 मीटर की दूरी पर है। सभी खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास सुविधा तथा 20,000/-(बीस हजार रुपये) मूल्य की खेल किट उपलब्ध कराई जाएगी। खिलाड़ियों के पोषण का विशेष प्रबंध किया गया है तथा प्रशिक्षण शिविर में उन्हें आहार, सूखे मेवे, जूस, शाकाहारी तथा मांसाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की

बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कदम : उप मुख्यमंत्री देवड़ा ग्राम उजागरिया में हितग्राहियों को  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सिलाई मशीन वितरण की उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र का गांव उजागरिया में महिला हितग्राहियों को सिलाई मशीन वितरण की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सिलाई मशीन प्रदान करके बहनों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य में सभी गांव वालों को सहयोग करना चाहिए, जिससे महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो सके। उन्होंने सभी बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि, हम सभी को साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अगर आसपास कचरा हो तो उसकी साफ-सफाई करवाने की आदत डालनी चाहिए। अपने आसपास बिल्कुल गंदगी ना रहने दे। हमारा गांव प्लास्टिक मुक्त हो ऐसी हम सबको प्रयास करने चाहिए। इन सब व्यवस्था होने से हम सभी को अपने-अपने गांव को गर्व होगा।  

उज्जैन एवं खण्डवा में भी जनजातीय विद्यार्थियों को दी जायेगी फ्री-कोचिंग

जनजातीय विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ते कदम आकांक्षा योजना का होगा विस्तार, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दिलाई जायेगी उज्जैन एवं खण्डवा में भी जनजातीय विद्यार्थियों को दी जायेगी फ्री-कोचिंग भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर अपना भविष्य संवारें, इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने ‘आकांक्षा योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना में JEE, NEET एवं CLAT जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर संभागीय मुख्यालय में जनजातीय विद्यार्थियों को फ्री-कोचिंग दी जाती है। प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखडों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिलाने की मंशा से अब इस योजना का विस्तार किया जा रहा है। आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिये इस योजना के संदर्भ में तैयार की जा रही संशोधित कार्य योजना (डीपीआर) में इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर संभागीय मुख्यालय के अलावा उज्जैन संभागीय मुख्यालय एवं खण्डवा जिला मुख्यालय में भी जनजातीय विद्यार्थियों को भी तीनों राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दिलाई जायेगी। डॉ. शाह ने बताया कि आकांक्षा योजना में वर्तमान में कुल 800 जनजातीय विद्यार्थियों को तीन संभागीय मुख्यालय भोपाल, इन्दौर एवं जबलपुर में JEE, NEET एवं CLAT की कोचिंग दिलाई जाती है। वित्त वर्ष 2023-24 में 2 करोड़ 32 लाख 12 हजार रुपये व्यय कर 728 जनजातीय विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसमें 209 विद्यार्थी JEE, 132 , विद्यार्थी NEET एवं 130 विद्यार्थी CLAT की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। इस योजना में वित्त वर्ष 2024-25 में JEE परीक्षा की तैयारी के लिए तय संभागीय मुख्यालय भोपाल में स्वीकृत 400 सीटों में 260 जनजातीय विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। NEET परीक्षा की तैयारी के लिए तय संभागीय मुख्यालय इंदौर में स्वीकृत 200 सीटों में फुल स्ट्रेंथ में 200 जनजातीय विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। CLAT परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर तय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि आकांक्षा योजना की सफलता को देखते हुये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर की इन तीनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीटों और कोचिंग के लिये सेंटर्स की संख्या में भी विस्तार किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिये आकांक्षा योजना की प्रस्तावित संशोधित कार्ययोजना में JEE परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 100, भोपाल में 400, जबलपुर में 100, उज्जैन में 100 एवं खंडवा में 100, कुल 800 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। NEET परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 200, भोपाल में 100, जबलपुर में 100, उज्जैन में 100 एवं खंडवा में 100, कुल 600 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। इसी प्रकार CLAT परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर में 50, जबलपुर में 200 एवं खंडवा में 50, कुल 300 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। संशोधित आकांक्षा योजना में विद्यार्थियों को पृथक छात्रावास भवन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी है। इस संशोधित योजना की शासन से स्वीकृति ली जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं।  

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने की वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की समीक्षा

वाटर स्पोर्ट्स को प्रोमोट करने प्रोग्राम बनाएं- मंत्री सारंग लेक व्यू पर सप्ताह में एक दिन वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां हो – मंत्री सारंग खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने की वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की समीक्षा भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों के प्रति युवाओं और नागरिकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से सप्ताह में एक दिन लेक व्यू पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों का प्रदर्शन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिये एक इवेंट प्रोग्राम भी बनाएं, जिसमें वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को पूरा शहर देखे। इसमें नगर निगम और पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाये। मंत्री सारंग सोमवार को वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। खेल से मिलता है अनुशासन, संस्कार और कॅरियर मंत्री सारंग ने कहा ‍कि पालकों को भी खेल के प्रति जागरूक करने के प्रयास किया जाना चाहिए। खेल से युवाओं को अनुशासन, संस्कार और कॅरियर मिलता है। इवेन्ट प्रोग्राम से बच्चों और युवाओं को खेल की गतिविधियां देखकर उनके प्रति आकर्षण और खेल की भावना जागृत होगी। उन्होंने वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में एलईडी के माध्यम से वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों की शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन करवाने को भी कहा। खिलाड़ियों की डाक्यूमेंट प्रोफाइल हो तैयार मंत्री सारंग ने कहा कि अकादमी के खिलाड़ियों की डायरी तैयार की जाये, इस डाक्यूमेंट प्रोफाइल में उसका विवरण सहित खेल में प्रदर्शन और अचीवमेंट दर्ज हो। साथ ही फिजीकल एक्टिविटी का समावेश भी हो। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये अपेक्षाएं एवं अनुदान के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जाये। खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां मंत्री सारंग ने कहा कि उत्कृष्ठ खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां भी तैयार की जाये। उसका सोशल मीडिया, प्रिन्ट और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रदर्शन हो इससे युवा खेल के प्रति आकर्षित होंगे और टेलेंट सर्च करने में आसानी होगी। स्कूली बच्चों में अकादमी के प्रति आकर्षित करने के प्रयास हों मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स, शूटिंग और हॉकी में अपार संभावनाएं है। इस दिशा में भरकस प्रयास किये जाने चाहिए। स्कूली बच्चों को अकादमी में आकर्षित करने के लिये इसकी जानकारी उन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिये विभिन्न तरह के प्रोग्राम के जरिए उन्हें अवगत करवाना होगा। वाटर स्पोर्ट्स के लिये उपकरणों की नहीं होगी कमी मंत्री सारंग ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स के लिये उपकरणों की कमी नहीं होना चाहिए। साथ ही कोच एवं ट्रेनर का आंकलन कर लिया जाये, उसी हिसाब से इसकी व्यवस्थाएं की जायेंगी। टेलेंट सर्च के जरिए जिनमें खेल के प्रति रूचि हो वहीं बच्चे चयनित किये जाये। इसके लिये “खेलो-बढ़ो” अभियान का समावेश किया जाये। खिलाड़ियों से किया संवाद मंत्री सारंग ने शुरूआत में अकादमी के बच्चों से भेंटकर उनकी समस्या और सुझाव जाने। साथ ही उनके खाने और ठहरने की व्यस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में संचालक रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एल. यादव, सहायक संचालक क्षिप्रा श्रीवास्तव सहित वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के कोच और ट्रेनर्स उपस्थित थे।  

मोक्षदा एकादशी पर मनाई जाती है गीता जयंती

हिन्दू धर्म में गीता जयंती का बहुत अधिक महत्व है. मोक्षदा एकादशी इस बार 11 दिंसबर को है. मोक्षदा एकादशी पर ही गीता जंयती भी मनाई जाती है. कथाओं के अनुसार, मोक्षदा एकादशी पर ही महाभारत काल के दौरान भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश दिया था. गीता में सभी वेद उपनिषद और पुराणों का सार समाया हुआ है. मोक्षदा एकादशी पर भगवान कृष्ण के अर्जुन को गीता का उपदेश देने के कारण ही इस दिन गीता जयंती मनाई जाती है. गीता जयंती का धार्मिक और अध्यातमिक दोनों महत्व है. हम आज बताने जा रहे हैं कि गीता जंयती के अवसर पर आपको घर में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, ताकि इस दिन आपसे किसी प्रकार की कोई भूल न हो और जीवन में किसी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े. गीता जयंती के दिन क्या करें     गीता जयंती के दिन आप मोक्षदा एकादशी का व्रत करें. ये व्रत करने से आपके पितरों को मोक्ष प्राप्त होगा. साथ ही घर में सुख-शांति का वास होगा.     गीता जयंती के दिन घर को साफ सुथरा रखें. साथ ही पूजा वाली जगह को साफ करके भगवान श्री कृष्ण का ध्यान लगाएं.     इस दिन गाय की सेवा करें. गरीबों को खाना खिलाएं और दान- पुण्य करें.     गीता जयंती पर घर में पूजा आयोजित करें. योग साधना करें इससे आपका मन शांत और आत्मा उन्नत होगी.     इस दिन गीता के किसी एक अध्याय को अवश्य पढ़ें. भगवान श्री कृष्ण की पूजा करें. गीता के श्लोकों का उच्चारण भी करें.     इस दिन घर में सभी लोगों को गीता का पाठ अवश्य करना है. अगर मुमकिन हो तो किसी मंदिर में जाकर भी सुन सकते हैं.     इस दिन आप गीता के तमाम उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प करें. न करें ये काम     अगर आपके घर में श्रीमद्भगवद्गीता है, तो उसे कभी भी जमीन पर नहीं रखाना चाहिए. गीता को हमेशा चौकी या स्टैंड पर रखें.     श्रीमद्भगवद्गीता को हमेशा लाल और स्वच्छ कपड़े में लपेटकर ही रखना चाहिए.     बिना स्नान किए गंदे हाथों, या मासिक धर्म में श्रीमद्भगवद्गीता को न छूएं. ऐसा करने से आप पाप के भागी बनेंगे.     श्रीमद्भगवद्गीता को पढ़ने के बाद हमेशा बंद करके ही रखें.     दिन में कभी भी श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें, लेकिन ध्यान रहे जो अध्याय पढ़ रहें है उसे बीच न छोड़ें. पूरा अध्याय पढ़ने के बाद ही उठें.     बिना भगवान गणेश और श्री कृष्ण को याद किए श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ शुरू न करें.  

मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज, अब भारी बारिश के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड का दौर शुरू होने लगा है। राज्य के शिवपुरी जिला के पिपरसमा में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। यहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में सर्द हवाएं चलने लगेंगीं, इससे धीरे-धीरे ठंड़ बढ़ने लगेगी और पारा गिरने लगेगा। आइए जानते हैं बीते 24 घंटे में राज्य में मौसम का क्या हाल रहा। भारी बारिश और झोंकेदार हवाओं के आसार आने वाले दिनों में राज्य में वज्रपात के साथ बिजली चमकने, झोंकेदार हवाओं और भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट का संकेत जारी किया है। 11, 12 और 13 दिसंबर को राज्य के धार, गुना और अशोकनगर में ऐसी स्थिति बन सकती है। जानिए सबसे ठंडीले इलाकों के तापमान मौमस विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई है। वहीं बाकी के इलाकों में मौसम शुष्क ही रहा है। भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली है। सबसे कम तापमान वाले इलाकों की बात करें तो पिपरसमा के बाद नीमच के मरुखेड़ा में 7.4, राजगढ़ में 7.6, शाजापुर के गिरवर में 8.6 और सीहोर में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान वहीं इसके उलट सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। यहां का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य चार इलाकों में भी तापमान में अधिकता देखी गई। खरगौन में 30.4, टीकमगढ़ में 29.7, मंडला में 29.6 और तालुन में 29.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यानी खंडवा और पिपरसमा के तापमान में करीब छह गुना तापमान का अंतर देखने को मिला। राजधानी भोपाल की स्थिति राजधानी भोपाल की बात करें तो कल सुबह शहर में आकाश साफ रहने की संभावना है। वहीं सुबह के समय धुंध भी छाए रहने का अनुमान लगाया गया है। तापमान 27 डिग्री से 8.5 डिग्री रहने का अनुमान लगाया गया है।

जबलपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई एक साथ 22 डिपार्टमेंट लाइन शामिल, अपराधी की कर रहे थे मदद

Big action by Jabalpur SP, 22 department lines involved simultaneously, were helping the criminal जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर ने एसपी संपत उपाध्याय ने क्राइम ब्रांच विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया है। बताया जा रहा है कि, इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। सूत्रों की माने तो, कई पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि वे कार्रवाई होने से पहले ही मुखबिरी कर दिया करते थे। जिससे पुलिस के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। इन पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपियों को पहले ही कार्रवाई के बारे में बता दिया जाता था। जिससे पुलिस के पहुंचने के पहले ही आरोपी फरार हो जाते थे। या फिर अलर्ट हो जाते थे। ऐसे में पुलिस के बड़े-बड़े ऑपरेशन फेल हो रहे थे। लिहाजा इस स्थिति को देखते हुए एसपी ने ये कड़ा कदम उठाया। बतादें कि, यह पहली बार नहीं है जब जबलपुर क्राइम ब्रांच में इतनी बड़ी संख्या में तबादले हुए हों। इससे पहले भी कई पुलिसकर्मियों को एक साथ क्राइम ब्रांच से हटाया जा चुका है। पुलिस विभाग इस प्रक्रिया को सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई बता रहा है।

परंपरा, खेल और संस्कृति का होगा महापर्व, सहभागिता और उल्लास का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा

भोपाल राज्य के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में 14 से 28 जनवरी के बीच ‘आनंद उत्सव-2025’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव परंपरा, खेल, और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सहभागिता और उल्लास का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आनंद विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए है। आनंद उत्सव में नागरिकों की सहभागिता एवं उत्साह बढ़ाने के लिए विभिन्न खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्थानीय स्तर के खेल जैसे कबड्डी, खो-खो, बोरा रेस, रस्साकसी, चम्मच दौड़, लोक संगीत, नृत्य, नाटक और भजन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की भागीदारी के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम आयोजन स्थल को “आनंद उत्सव स्थल” नाम दिया जाएगा। आनंद उत्सव का आयोजन 3 चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 14 से 24 जनवरी तक ग्रामीण और नगरीय स्तर पर, दूसरे चरण ने 14 से 24 जनवरी तक विकासखंड स्तर पर, तृतीय चरण में 24 से 28 जनवरी तक जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। विकासखंड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में गठित विकासखंडस्तरीय समिति करेगी और प्रत्येक “आनंद उत्सव स्थल” पर कार्यक्रम आयोजन समिति करेगी। सभी स्थलों का पंजीयन और विवरण https://www.anandsansthanmp.in/पर अपलोड किए जाएंगे । कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। प्रदेश की 23 हजार 11 ग्राम पंचायतों में 10 हजार क्लस्टरों पर उत्सव का आयोजन किया जाएगा। ‘आनंद उत्सव-2025’ का उद्देश्य हर वर्ग, उम्र और समुदाय के लोगों को एक साथ जोड़ते हुए परंपरागत खेल और संस्कृति का उत्सव मनाना है। यह केवल मनोरंजन का मंच नहीं बल्कि सामुदायिक जीवन में खुशी और जुड़ाव का माध्यम बनेगा। आयोजन उल्लास, समरसता और सहभागिता का जीवंत प्रमाण बनेगा।  

योजना में चयनित विद्यार्थियों में से लेवल-2 पर 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया

भोपाल प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग ने इस्कॉन के सहयोग से स्कूल के विद्यार्थियों की श्रीभगवत गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता 26 से 29 नवम्बर तक आयोजित की गयी। प्रतियोगिता में शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के 6 लाख विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यालयों में यह प्रतियोगिता ऑनलाइन हुई। शाला स्तर पर हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक जिले से 4-4 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर पर किया गया। योजना में चयनित विद्यार्थियों में से लेवल-2 पर 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया। प्रथम स्थान पर 2 विद्यार्थियों को एक-एक लाख रूपये, द्वितीय स्थान पर चयनित एक विद्यार्थी को 51 हजार रूपये और तृतीय स्थान पर चयनित 2 विद्यार्थियों को 21-21 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री करेंगे पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 दिसम्बर को गीता जंयती पर उज्जैन में गीता महोत्सव में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत करेंगे। समारोह में विजेता विद्यार्थी श्रीभगवत गीता के महत्वपूर्ण बिंदुओं और संदेशों पर विचार व्यक्त करेंगे। यह प्रतियोगिता छात्रों के शैक्षणिक पाठ्यक्रम और आवश्यक नैतिक मूल्यों जैसे सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, सम्मान और उत्तरदायित्व से समृद्ध बनाने के साथ ही उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के उद्देश्य से आयोजित की गयी थी। इस्कॉन के स्वयं सेवकों ने श्रीभगवत गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिये विद्यालयों का दौरा किया और छात्रों को श्रीभगवत गीता ग्रंथ के महत्व के बारे में बताया। इस्कॉन ने प्रतियोगिता से संबंधित पाठ्यक्रम को वेबसाइट www.gitacontest.in पर भी अपलोड भी किया था।  

एयरटेल ने 8 अरब स्पैम कॉल और 800 मिलियन स्पैम एसएमएस की पहचान की

नई दिल्ली सरकार द्वारा दूरसंचार ऑपरेटरों को स्पैम कॉल और संदेशों के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए जाने के बाद, भारती एयरटेल नेकहा कि उसने अपने एआई-संचालित, स्पैम-फाइटिंग समाधान को लॉन्च करने के ढाई महीने के भीतर 8 बिलियन स्पैम कॉल और 800 मिलियन स्पैम एसएमएस की पहचान की।कंपनी ने एक बयान में कहा कि एआई-संचालित नेटवर्क ने हर दिन करीब 1 मिलियन स्पैमर्स की सफलतापूर्वक पहचान की है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार ऑपरेटरों से स्पैम कॉल और संदेशों को रोकने और यूआरएल, एपीके और ओटीटी लिंक की व्हाइट लिस्टिंग के संबंध में अपने निर्देश का पालन करने को कहा था। इस संबंध में, एयरटेल ने सितंबर में एक एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन समाधान लॉन्च किया जो ग्राहकों को संदिग्ध स्पैम कॉल और एसएमएस के बारे में रियल टाइम में जानकारी देता है। एयरटेल नेटवर्क पर सभी कॉलों में से छह प्रतिशत को स्पैम कॉल के रूप में पहचाना गया है, जबकि सभी एसएमएस में से 2 प्रतिशत को भी स्पैम के रूप में पहचाना गया है। एयरटेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “दिलचस्प बात यह देखी गई कि 35 प्रतिशत स्पैमर ने लैंडलाइन टेलीफोन का इस्तेमाल किया है।” इसके अलावा, दिल्ली के ग्राहकों को सबसे अधिक स्पैम कॉल प्राप्त हुए हैं, उसके बाद आंध्र प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों का स्थान रहा। इसी तरह दिल्ली से सबसे अधिक स्पैम कॉल आए हैं, उसके बाद मुंबई और कर्नाटक का स्थान है। एसएमएस के मामले में, सबसे अधिक संख्या गुजरात से आई है, उसके बाद कोलकाता और उत्तर प्रदेश का स्थान है और टारगेट किए गए ग्राहकों की अधिकतम संख्या मुंबई, चेन्नई और गुजरात से है। सभी स्पैम कॉलों में से 76 प्रतिशत में पुरुष ग्राहकों को टारगेट किया गया था। कंपनी ने कहा, “स्पैम कॉल सुबह 9 बजे से शुरू होती हैं और दिन चढ़ने के साथ-साथ इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। स्पैम एक्टिविटी दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे के बीच पीक टाइम पर होती है, जिस दौरान स्पैम कॉल की सबसे अधिक मात्रा होती है।” सरकार ने सेवा और लेन-देन संबंधी कॉल के लिए 160 प्रीफिक्स के साथ 10 अंकों के नंबर आवंटित किए हैं। इसके अतिरिक्त, जिन ग्राहकों ने डू-नॉट-डिस्टर्ब (डीएनडी) का विकल्प नहीं चुना है और प्रचार कॉल प्राप्त करने के लिए सदस्यता ली है, वे 140 प्रीफिक्स के साथ 10 अंकों के नंबर से कॉल प्राप्त करना जारी रखेंगे। सरकार के अनुसार, अनरजिस्टर्ड सेंडर और स्पैम कॉल/ एसएमएस की रजिस्टर्ड शिकायत अक्टूबर में घटकर 1.51 लाख रह गईं, जो कि अगस्त से 20 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार, पिछले 2.5 महीनों में, एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन समाधान ने करीब 252 मिलियन ग्राहकों को इन संदिग्ध कॉलों के बारे में सचेत किया। कंपनी ने पाया है कि इन कॉलों का जवाब देने वाले ग्राहकों की संख्या में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। एयरटेल नेटवर्क पर सभी कॉलों में से छह प्रतिशत को स्पैम कॉल के रूप में पहचाना गया है, जबकि सभी एसएमएस में से 2 प्रतिशत को भी स्पैम के रूप में पहचाना गया है। एयरटेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “दिलचस्प बात यह देखी गई कि 35 प्रतिशत स्पैमर ने लैंडलाइन टेलीफोन का इस्तेमाल किया है।” इसके अलावा, दिल्ली के ग्राहकों को सबसे अधिक स्पैम कॉल प्राप्त हुए हैं, उसके बाद आंध्र प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों का स्थान रहा।  

उप मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ में रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेला का किया शुभारंभ

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री ने सरस्वती पूजन एवं कन्या पूजन कर किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रोजगार मेले में 15 संस्थाओं एवं आठ विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। युवाओं को निराश और हताश कभी नहीं होना चाहिए। कभी हार नहीं माननी चाहिए, जो मेहनत करता है उसको सफलता जरूर मिलती है। पढ़ाई को पूरी गंभीरता के साथ लेना चाहिए। रोजगार मेले में उप मुख्यमंत्री ने युवाओं को जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 25 स्व सहायता समूह की महिलाओं को 50 लाख का ऋण वितरण चेक प्रदान किया। विभिन्न विभागों के हितग्राहियों को योजनाओं का हित वितरण प्रदान किया। सामाजिक न्याय विभाग अंतर्गत दिव्यांगजनों को स्व चालित ट्राई साईकिल एवं हाथ से चलने वाली ट्राई साइकिल प्रदान की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार मेलों का लाभ उठाना चाहिए। रोजगार मेलों में जिन विभागों को इंस्टॉल लगे हैं, सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनसे युवाओं को क्या लाभ प्राप्त हो सकता है, उसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले के साथ-साथ युवाओं को विभागों में जाकर भी अधिकारियों से योजनाओं के बारे में जानकारी लेना चाहिए। सभी युवा ध्यान से और मन लगाकर पढ़ाई करें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित भारत होगा। विकसित देशों में भारत नंबर वन होगा, उसके लिए सरकार लगातार संकल्पित है और यह कार्य हम सबको मिलकर करना होगा। आज भारत विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। सरकार ने विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आयुष्मान कार्ड बनाया है, जिसमें प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए प्रबंध किया है। अब तो 70 से अधिक उम्र वाले सभी व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड भी बन रहे हैं।

पीवीटीजी समुदाय के सभी बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार देने के लिये 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा

सबका पोषण-सबका कल्याण भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) में आने वाले बैगा, भारिया एवं सहरिया समुदाय के सभी बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार देने के लिये 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी बहुल 20 जिलों में बनाये जा रहे इन 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों में से 108 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूर्णता की ओर हैं, शेष 109 आंगनवाड़ी भवन 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर लिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन के तहत ही पीवीटीजी परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में पोषण आहार अनुदान के रूप में राज्य सरकार द्वारा पहले 1000 रूपये प्रतिमाह दिये जाते थे। गत वर्ष अक्टूबर से यह राशि बढ़ाकर 1500 रूपये प्रतिमाह कर दी गई है। जारी वित्त वर्ष में सितम्बर 2024 तक 2 लाख 18 हजार 563 पीवीटीजी महिला मुखिया के बैंक खाते में 198 करोड़ रूपये से अधिक की आहार अनुदान राशि का वितरण किया जा चुका है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि इस महाअभियान में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 20 जिलों में 12 लाख रूपये प्रति आंगनवाड़ी केन्द्र भवन की दर से कुल 26 करोड़ 4 लाख रूपये लागत से 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा प्रदेश के शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड एवं रायसेन जिले में 1-1 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिये जरूरी राशि सीधे संबंधित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आंवटित की गई है। उल्लेखनीय हैकि केन्द्र एवं राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार एवं पोषण संवर्धन के प्रति बेहद गंभीर होकर प्रयासरत है। प्रदेश में नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन, पक्के आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण के साथ-साथ पोषण आहार के लिये विशेष अनुदान देकर सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाये हैं। राज्य सरकार द्वारा पीएम जन-मन के तहत केन्द्र सरकार को 529 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन तथा 1107 पुराने आंगनवाड़ी केन्द्रों के नवीन भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 में 194 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन तथा 217 आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण की मंजूरी दी गई थी। नये 194 आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन जनवरी 2024 से प्रारंभ कर दिया गया है। 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से 108 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2025 तक पूर्ण हो जायेगा। राज्य सरकार के पूर्व प्रस्ताव पर ही केन्द्र सरकार द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में 355 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन तथा 355 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है। जल्द ही इनपर भी काम प्रारंभ हो जायेगा।  

कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशानाः बोले- MP में निवेश तो दूर की बात, केंद्रीय योजनाओं की राशि भी आधी ही मिली

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं।

प्रयागराज कुंभ में प्रदेश से भेजेंगे 3.50 लाख थाली-थैले,संघ-विहिप के कार्यकर्त्ता श्रद्धालुओं के थैले से निकालेंगे पॉलीथिन

प्रयागराज/ नीमच प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महा कुंभ को इस बार ग्रीन महा कुंभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार महा कुंभ को स्वच्छ महा कुंभ, ग्रीन महा कुंभ बनाने के लिए मेला प्राधिकरण ने मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं वहीं नगर निगम प्रयागराज भी पूरे शहर को प्लास्टिक फ्री रखने को लेकर अभियान चला रहा है, इसमें अब मध्य प्रदेश भी भागीदार बन रहा है। प्रयागराज महा कुंभ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के लिए मध्य प्रदेश का नीमच जिला भी सहभागी बन रहा है। जिले में सामाजिक संगठनों ने एक थाली, एक थैला अभियान चलाया। इसके अंतर्गत जिले से 4100 स्टील थाली व 4100 थैला संग्रहित किए। इनकी पूजा-अर्चना कर पैकिंग की गई। अब ट्रांसपोर्ट से प्रयागराज पहुंचाया जा रहा है। अभियान में सभी संगठनों का अमूल्य योगदान रहा है। इन सभी ने दिया अहम् योगदान   नीमच के सीए एसोसिएशन संगठन द्वारा 101, भारत विकास परिषद 251, नीमच सिटी जैन मंदिर समाज 50, जैन स्थानक समाज 50, भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा 89, मुक्तिधाम सर्वसमाज नीमच सिटी (रावण रूंडी), सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय 300, विवेकानंद बाल कल्याण समिति (शिशु मंदिर एसएसवीएम) 200 एवं नगर की व्यवसायी शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा 150 थाली और थैले जुटाने में अहम् योगदान दिया है। मालवा प्रांत केंद्र से प्रयागराज पहुंचाया जायेगा 4100 थाली 4100 थैले को राम मंदिर जाजू बिल्डिंग में पुजारी जीवन तिवारी ने विधि-विधान से भगवान की आरती कर इनकी पूजा-अर्चना की। इसके बाद नीमच से मालवा प्रांत के केंद्र इंदौर ट्रांसपोर्ट द्वारा पहुंचाई। मालवा प्रांत केंद्र से सभी को प्रयागराज पहुंचाया जायेगा। कार्यक्रम में कई समाजजन ने सहयोग किया। 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने का अनुमान कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार प्रयागराज में जो महा कुंभ होने जा रहा है इसमें 45 दिनों में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने वाले हैं। हम कल्पना करें कि एक तीर्थ यात्री तीन दिन भी वहां रुकता है, तीन दिन में 6 बार भोजन, दो से तीन बार चाय नाश्ता करेगा। ऐसे में 40 करोड़ तीर्थ यात्रियों के भोजन आदि में कितना पॉलिथिन, डिस्पोजल, कागज लग जाएगा। जो कचरा बनकर तीर्थ नगरी प्रयागराज को प्रदूषित कर सकता है। महाकुंभ में 40 हजार टन कचरा उत्सर्जित होने का अनुमान है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए ये पहल की जा रही है। अब तक भेजे जा चुके हैं 40 हजार थैले     मध्यभारत प्रांत में शामिल जिले- मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर (डबरा), भिंड (लहार), शिवपुरी (पिछोर), गुना (राघौगढ़), अशोकनगर, विदिशा (बासौदा), रायसेन (भोजपुर), रायसेन (बरेली), नर्मदापुरम (पिपरिया), हरदा, बैतूल (मुल्ताई) (जिले के साथ लिखे कस्बे को भी संघ की संरचना में जिला माना गया है।     मध्यभारत प्रांत से करीब 1 लाख 25 हजार थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज भेजने का लक्ष्य है। अब तक करीब 40 हजार भेजे जा चुके हैं।     महाकौशल प्रांत में शामिल जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर।     महाकौशल प्रांत से करीब सवा लाख थैले और थाली भेजने का टारगेट रखा है।     मालवा प्रांत में शामिल जिले- नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, उज्जैन, शाजापुर, देवास, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर। मालवा प्रांत से करीब एक लाख थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज कुंभ में भेजे जाएंगे। थाली और थैले का आकार     15 इंच लंबाई और 12 इंच चौड़ाई होना चाहिए, थैला कपड़े का ही होना चाहिए। थैले पर प्रायोजक, दानदाता, संस्था का नाम प्रिंट करवा सकते हैं।     थाली स्टील की होनी चाहिए। थाली का साइज लगभग 11 ⅹ 14 इंच चौकोर या गोल जैसी भी उपलब्ध हो, भेज सकते हैं। अब जानिए क्या है हरित कुंभ अभियान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ईकाईयों ने 45 दिन तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ के लिए हरित कुंभ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य महाकुंभ को पॉलीथिन मुक्त रखना है। इसी के तहत देशभर में संघ से जुड़े संगठन थाली और थैले एकत्रित कर रहे हैं। इन थाली और थैलों को महाकुंभ के दौरान वितरित किया जाएगा। 75 देशों से 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। 75 देशों से पहुंचने वाले लोगों के लिए यहां टेंट सिटी बनाई जा रही है। जिसमें 2 हजार से अधिक स्विस कॉटेज होंगे। इन कॉटेज में फाइव स्टार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। टेंट सिटी 1 जनवरी 2025 से 5 मार्च 2025 तक संचालित होगी। प्रयागराज कुंभ में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025, बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025, माघी पूर्णिमा 12 फरवरी 2025, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को शाही स्नान होंगे। प्रयागराज के बाद 2028 उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ होगा। इससे पहले 2016 में उज्जैन में कुंभ का आयोजन हुआ था। उज्जैन में 2016 में हुए सिंहस्थ कुम्भ में एक महीने के दौरान शहर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 करोड़ आंकी गई थी। सिंहस्थ 2016 के प्रतिवेदन की मानें तो सिंहस्थ 2028 में यह आंकड़ा बढ़कर 15 करोड़ होने की संभावना है।

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