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ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़े मैच विनर इस समय ट्रैविस हेड, उनका शतक देता है टीम को जीत की गारंटी

नई दिल्ली ट्रैविस हेड ने टीम इंडिया के पसीने छुड़ाए हुए हैं। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल की बात हो या फिर वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल की बात हो या अब एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच की बात हो। ट्रैविस हेड ने इन तीनों ही मैचों में दमदार शतक अपनी टीम के लिए जड़े और अपनी टीम को मैच जिताने में सफल रहे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़े मैच विनर इस समय ट्रैविस हेड ही हैं। ट्रैविस हेड का इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक जड़ना, ऑस्ट्रेलिया के लिए एक तरह से जीत की गारंटी होता है। दरअसल, बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में जितने भी शतक जड़े हैं, उनमें एक बार भी ऑस्ट्रेलिया की टीम को हार नहीं मिली है। ऐसे में कहा जा सकता है कि उनका शतक ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत की गारंटी होता है। टेस्ट क्रिकेट में वे 8 शतक और वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 6 शतक जड़ चुके हैं। इन सभी मैचों में ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली है। जिन मैचों में ट्रैविस हेड ने शतक जड़े हैं, वे खास मैच ही थे। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैच विनर इस समय ट्रैविस हेड ही हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजी के दम पर ज्यादा मैच जीतती है। ट्रैविस हेड ने टेस्ट क्रिकेट में 8 में से सात शतक ऑस्ट्रेलिया में जड़े हैं और इनमें से भी तीन शतक एडिलेड में आए हैं। एक शतक उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जड़ा था, जो इंग्लैंड में खेला गया था। वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में भी एक शतक वे एडिलेड के मैदान पर जड़ चुके हैं। एक और शतक वे मेलबर्न में जड़ने में सफल रहे हैं, जबकि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में अन्य चार शतक उन्होंने भारत (2), पाकिस्तान और इंग्लैंड की सरजमीं पर जड़े हैं। भारत के खिलाफ वे अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में चार शतक जड़ चुके हैं और चारों बार ऑस्ट्रेलिया की टीम को जीत मिली है।

ट्रैविस हेड ने सिरदर्द करके रखा हुआ, हरभजन सिंह ने बताया बॉलिंग में प्लान अच्छा करना है, गाबा फतह करेगा भारत

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पांच मैचों की टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा मैच शनिवार (14 दिसंबर) से ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में शुरू होगा। पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने गाबा फतह करने के लिए भारत को थ्री-इन-वन फॉर्मूला दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय टीम ने एक ही मैच में उनकी तीनों सलाह पर अमल किया तो जीत निश्चित है। उन्होंने भारत के सिरदर्द का इलाज भी बताया है। बता दें कि भारत ने पर्थ टेस्ट में 295 रनों से जीत हासिल की थी और एडिलेड में 10 विकेट से करारी हार का मुंह देखना पड़ा। ‘छोटी-छोटी पार्नटरशिप कीजिए और…’ हरभजन ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ”पहली और सबसे अहम बात यह है कि भारत को बैटिंग अच्छी करनी है। एडिलेड में बल्लेबाजी अच्छी नहीं हुई। पार्टनरशिप नहीं हुई। 30-40 रन की छोटी-छोटी पार्नटरशिप कीजिए, फिर उसके बाद मौका बनता है तो लंबी साझेदारी करें। हमने पर्थ में ऐसी पार्टनरशिप देखी थी। उस एक पार्टनरशिप ने मैच जिताया था। गाबा में पहली पारी में 300-350 जरूर लगाएं।” एडिलेड में कोई भी भारतीय खिलाड़ी अर्धशतक नहीं जड़ा सका था। नीतीश रेड्डी के बल्ले से सर्वाधिक 42 रन निकले। ‘ट्रैविस हेड ने सिरदर्द करके रखा हुआ है’ पूर्व स्पिनर ने कहा, ”दूसरी बात यह है कि बॉलिंग में प्लान अच्छा करना है। ट्रैविस हेड ने सिरदर्द करके रखा हुआ है। बहुत मैचों में हमने उन्हें देख लिया है। वह प्वाइंट और कवर की दिशा में रन बनाते हैं। आप एक काम करिए कि हेड को सीधा खिलाइए। थोड़ा बॉल आगे डालें। उन्हें लेग स्टंप की तरफ रन बनाने दें। थोड़ा बाउंसर भी डालिए। वह बाउंसर अच्छा नहीं खेलते। मुझे लगता है कि यह प्लान उनके खिलाफ काम कर सकता है।” हेड ने एडिलेड में 140 रन की तूफानी पारी खेली थी और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। ‘पेसर प्रसिद्ध गाबा में कामयाब हो सकते हैं’ भज्जी ने आगे कहा, ”तीसरी बात है कि एक चेंज होना चाहिए। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और आकाशदीप में से किसी एक को गाबा में खिलाना चाहिए। हर्षित राणा की जगह मौका देना चाहिए। मैं ऐसा नहीं कह रहा कि हर्षित का प्रदर्शन खराब रहा। लेकिन एक चेंज के तौर पर मुझे लगता है कि ऐसा करना बेहतर रहेगा। गाबा की पिच फास्ट है, उसमें बाउंस है, वहां फास्ट बॉलर काफी विकेट लेते हैं। मुझे लगता है कि प्रसिद्ध के पास वो बाउंस है और वह कामयाब हो सकते हैं। भारत अगर यह तीन चीजें करेगा तो जीत निश्चित है।”

खुद भी घायल होने पर जिला अस्पताल में भर्ती, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में गनमैन ने महिला कांस्टेबल को मारी गोली

चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना इलाके में पुलिस उप अधीक्षक के गनमैन ने महिला कांस्टेबल को उसके घर के पास गोली मारकर घायल करने के बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों को गंभीर अवस्था में श्री सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां दोनों का उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। फिलहाल गोली मारने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बेगूं थाने में सोमवार शाम रोल कॉल के बाद महिला कांस्टेबल पूनम अपने किराए के मकान पर पहुंची तो यहां कांस्टेबल सियाराम ने उसे गोली मार दी। बाद में उसने खुद को भी गोली मारकर घायल कर लिया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी बेगूं पुलिस को दी और दोनों को बेगूं चिकित्सालय पहुंचाया। घटना के बारे में सूचना मिलने पर बेगूं डिप्टी अंजली सिंह, सीआई आदि भी बेगूं चिकित्सालय पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को चित्तौड़गढ़ रैफर कर दिया, जहां जिला चिकित्सालय में इनका इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने मय जाप्ता जिला चिकित्सालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली। फिलहाल गोली मारने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी गई है। प्रारंभिक रूप से मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि पुलिस के आला अधिकारियों ने नहीं की है।

मुरैना में रिटायर्ड फौजी ने पत्नी को गोली मार कर खुद को मारी गोली, 5 साल पहले लिया था रिटायरमेंट

मुरैना  शहर में रिटायर आर्मी जवान ने पहले पत्नी को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना शहर के एसपी ऑफिस के सामने स्थित विक्रम नगर की है। 45 वर्षीय देवेंद्र सिंह गुर्जर आर्मी से 5 साल पहले रिटायर हुए थे और वर्तमान में धौलपुर में वेयर हाउस पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। अब तक की जानकारी के मुताबिक, रात 3:30 के करीब किसी बात पर विवाद के दौरान पत्नी से हाथापाई हुई। इसके बाद लाइसेंसी पिस्टल से 43 साल की पत्नी माधुरी गुर्जर को गोली मार दी। जिस कमरे में पत्नी को गोली मारी, वहीं पास में देवेंद्र के दोनों बेटे, गौरव गुर्जर (16 साल) और सौरभ गुर्जर (14 साल) सोए हुए थे। देवेंद्र सिंह ने दोनों बेटों को भी गोली मारने की कोशिश की, तभी दोनों बेटे हाथापाई कर और धक्का देकर वहां से भाग निकले। इसके बाद देवेंद्र ने खुद को गोली मार ली। देवेंद्र की मौके पर ही मौत। माधुरी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान माधुरी ने दम तोड़ा। सीएसपी, सिविल लाइन थाने की पुलिस टीम मौके पर गई और मामले की जांच की।

‘मेरा नाम चलता है, ऐसी जगह फेंकवाऊंगा की पता नहीं चलेगा,’ भाजपा नेता की ट्रैफिक सूबेदार को धमकी, एफआईआर दर्ज

‘My name is famous, I will get it thrown at such a place that it will not be known’, BJP leader’s threat to traffic subedar, FIR registered विदिशा ! जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर लगातार मामला दर्ज होने के मामले सामने आ रहे हैं। इस बार भाजपा नेता व पूर्व जनपद अध्यक्ष पर पुलिसकर्मी को धमकाने व शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला आठ दिसंबर की रात कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माधवगंज में अपना दायित्व निभा रहे यातायात थाने के सूबेदार हृदय सिंह का है। जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है कि जब वे अपनी ड्यूटी निभाते हुए वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने एक स्पलेंडर वाहन को रोका, जिस पर तीन लोग सवार थे और उसका चालक नशे की हालत में था। कार्रवाई करने के लिए जैसे ही हम उसे थाने ले जाने लगे, उसी दौरान भाजपा नेता छत्रपाल शर्मा दो से तीन लोगों के साथ वहां आए और मेरे साथ अभद्रता करते हुए मुझे धमकी देने लगे। मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे जातिसूचक शब्द कहते हुए अपशब्द भी कहे गए। इस दौरान बाइक चालक मौका देखकर मौके से ही फरार हो गया। आपको बता दें कि उक्त घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता छत्रपाल यातयात पुलिस के सूबेदार और अन्य पुलिसकर्मियों से अभद्रता करते हुए नजर आ रहे हैं। सूबेदार की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी छत्रपाल के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। वहीं, एएसपी प्रशांत चौबे के मुताबिक, आठ दिसंबर को ट्रैफिक पुलिस के सूबेदार से कुछ लोगों के द्वारा अभद्रता की गई थी, जिस मामले में आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए मामला पंजीबद्ध किया गया है और विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य आगे सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

PM मोदी ने एस.एम. कृष्णा के निधन पर जताया दुख

बेंगलुरु एस.एम. कृष्णा का राजनीतिक सफर लगभग 60 साल लंबा रहा। 1962 में अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा। उनकी सेवाओं के लिए 2020 में उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। कृष्णा ने 2017 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद वह राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। उन्हें खास तौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के लिए याद किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने एस.एम. कृष्णा के निधन पर जताया दुख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें एक उल्लेखनीय नेता बताया जो कर्नाटक में ढांचागत विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जाने जाते हैं। पूर्व विदेश मंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सोमनहल्ली मल्लैया कृष्णा का मंगलवार तड़के बेंगलुरू स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे और उनका उम्र संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था। अपनी बौद्धिक क्षमता और प्रशासनिक कौशल के लिए जाने जाने वाले एस एम कृष्णा का राजनीतिक करियर पांच दशक से भी ज्यादा समय तक शानदार रहा। वह एक पाठक और विचारक भी थे एक एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “एस.एम. कृष्णा एक असाधारण नेता थे, जिनकी प्रशंसा हर वर्ग के लोग करते थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल खासकर बुनियादी ढांचे के विकास पर उनके ध्यान के लिए उन्हें याद किया जाता है। वह एक पाठक और विचारक भी थे।” पीएम मोदी ने कहा-उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ उन्होंने एक्स पर आगे लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में मुझे एसएम कृष्णा जी के साथ बातचीत करने के कई अवसर मिले हैं, और मैं उन बातचीत को हमेशा याद रखूंगा। उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति। कृष्णा अपने समय के सबसे सफल नेताओं में से एक थे 1 मई, 1932 को कर्नाटक के मद्दुर में जन्मे कृष्णा ने मैसूर के महाराजा कॉलेज और बेंगलुरु के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, उसके बाद टेक्सास के सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन डीसी के जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एडवांस डिग्री हासिल की। ​​प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्कॉलरशिप प्राप्तकर्ता कृष्णा अपने समय के सबसे सफल नेताओं में से एक थे। उन्होंने 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, जिसके दौरान उन्होंने बेंगलुरू को वैश्विक आईटी हब में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपीए सरकार के तहत 2009 से 2012 तक विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने एक प्रतिष्ठित राजनेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल (2004-2008) और कर्नाटक विधानसभा का अध्यक्ष (1989-1993) पद भी संभाला। 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन की थी कांग्रेस के दिग्गज रहे कृष्णा ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन कर ली। अपनी सेवानिवृत्ति तक कर्नाटक की राजनीति में मार्गदर्शक बने रहे। उनके योगदान के सम्मान में, उन्हें 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। कृष्णा की सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और कर्नाटक के लिए उनके दृष्टिकोण ने राज्य के शासन और विकास पर एक अमिट छाप छोड़ी। सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद भी, कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत के साथ उनका जुड़ाव मजबूत रहा। मुख्यमंत्री के रूप में कृष्णा ने कर्नाटक, खासतौर पर बेंगलुरु, को आईटी सेक्टर का बड़ा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से बेंगलुरु को एक वैश्विक आईटी हब के रूप में पहचान मिली। उनके कार्यकाल में कई चुनौतियां भी आईं, जैसे वीरप्पन द्वारा डॉ. राजकुमार का अपहरण और कावेरी जल विवाद के कारण राज्य में हिंसक प्रदर्शन। एस.एम. कृष्णा को उनकी दूरदर्शिता और विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाएगा, खासकर बेंगलुरु और कर्नाटक में आईटी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए।

सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही नूरी जामा मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने अवैध निर्माण पर ऐक्शन लिया है। सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही ललौली स्थित 180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद पर मंगलवार सुबह प्रशासन बुलडोजर चल गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अतिक्रमण के दायरे में आने वाले हिस्से को जमींदोज किया जा रहा है। एएसपी, एडीएम, आरएएफ, पीएसी समेत कई थानो का फोर्स मौके पर मौजूद हैं। बता दें कि बीते 24 सितम्बर को पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अतिक्रमण अभियान चलाया था। उस दौरान मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगो ने स्वयं से अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह का समय मांगा था। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस बीच मस्जिद कमेटी का पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर को सुनवाई की डेट तय की थी लेकिन इसके पहले ही प्रशासन ने मस्जिद के अतिक्रमण वाले हिस्से को जमीदोंज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमण के जद में हिस्से को हटाया जा रहा है। मस्जिद के हिस्से को ध्वस्त करने के लिए दो बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शांतिपूर्वक चली।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया, कहा- ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे

नई दिल्ली संसद में अडानी, जॉर्ज सोरोस से सोनिय गांधी के लिंक जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा जारी है। राहुल गांधी ने तो सोमवार को नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के मुखौटा लाए दो सांसदों का मॉक इंटरव्यू भी लिया था। लेकिन अंदर लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा जारी रहा और दोनों सदनों को कई बार स्थगित करना पड़ा। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस टीशर्ट पहनकर तमाशा क्यों करती है। इस बीच मंगलवार को एक बार संसद की कार्य़वाही शुरू होते ही स्थगित हो गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को समझाने की जरूरत है। हमारे पास बिल पास कराने के लिए जरूरी संख्या है। कांग्रेस को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। वहीं अडानी के मसले पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी मंत्री ने सवाल उठाया। किरेन रिजिजू ने कहा कि अमेरिकी अदालत के मामले को लेकर यहां तमाशा करने से क्या फायदा होगा। राज्यसभा में तो सभी दलों के सांसद चाहते हैं कि सदन चले। हमसे सपा, कांग्रेस, टीएमसी समेत कई दलों के सांसद मिले हैं और बोले कि सदन चलना चाहिए। इस पर मैंने कहा कि राहुल गांधी को समझाओ। उन्हें आम लोगों से तो कोई लेना-देना नहीं है। उनका अपना स्टाइल है और तमाशा करते रहते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि जनता के हित के लिए जो भी बिल लाने होंगे, हम लेकर आएंगे। लेकिन हम चाहते हैं कि बिलों पर चर्चा हो। इसलिए एकतरफा पास नहीं करना चाहते। चर्चा होने से संसद की गरिमा बढ़ेगी। इस बीच कांग्रेस की नई सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम तो चर्चा चाहते हैं। सरकार ही सदन में परेशानी खड़ी कर रही है और संसद नहीं चलने दे रही। बता दें कि राज्यसभा में भी सोमवार को हंगामा हुआ और खरगे ने तो सीधे स्पीकर जगदीप धनखड़ पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि आप तय करके आए हैं कि विपक्ष को बोलने ही नहीं दिया जाएगा। ऐसा करके आप लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। आपने मंत्री को बोलने दिया, पर हमें मौका नहीं मिला।

कॉन्सर्ट के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे दिलजीत दोसांझ

उज्जैन देशभर में कॉन्सर्ट कर रहे सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने अपने बाबा महाकाल के दर्शन दिए. इतना ही नहीं, दिलजीत दोसांझ बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में भी शामिल हुए. जहां वह शिव भक्ति में डूबे नजर आए. दिलजीत दोसांझ का रविवार को इंदौर मे एक कॉन्सर्ट था. जहां बवाल भी देखने को मिला था. अब वह इन हंगामों के बीच दिलजीत कड़ी सुरक्षा में महाकाल मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए. सफेद धोती-कुर्ता पहने सिंगर ने ओम नाम को चोला ओढ़ा तो शिव नाम का तिलक भी लगाया. साथ ही आरती भी करते दिखे. दिलजीत दोसांझ ने किए दर्शन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह चांदी दुवार से बाबा के समक्ष मथा टेकते दिखे. वह कुछ देर मंदिर में रुके और बाबा का ध्यान लगाया. सिंगर ने खुद भी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जहां उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘जय श्री महाकाल.’ बजरंग दल ने की थी कॉन्सर्ट रोकने की मांग दिलजीत दोसांझ इस वक्त Dil-Luminati Tour के तहत देशभर के शहरों में कॉन्सर्ट कर रहे हैं. 8 दिसंबर को उन्होंने इंदौर में परफॉर्म किया. इससे पहले बजरंग दल ने सिंगर के कॉन्सर्ट कैंसिल करने की मांग की थी. संगठन ने दावा किया था कि सिंगर के कॉन्सर्ट में शराब के स्टॉल्स लगे होते हैं और साथ ही ड्रग्स का सेवन भी होता है.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने संबंध तोड़ने की कही थी बात, फिर आज दी सफाई

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण भाई सौरव गर्ग उर्फ शालिग्राम शास्त्री का एक वीडियो सोमवार की रात वायरल हुए था, जिसमें वे धीरेंद्र शास्त्री से अपना रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए नजर आ रहे थे, उन्होंने वीडियो में कहा था कि उनसे संबंधित किसी भी विषय को धीरेंद्र शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उन्होंने इसकी जानकारी कोर्ट में भी दे दी है. लेकिन अब शालिग्राम गर्ग का एक और वीडियो आया है, जिसमें वह धीरेंद्र शास्त्री से संबंध तोड़ने के मुद्दे पर सफाई देते नजर आ रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने डाला वीडियो मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने दूसरा वीडियो डाला, जिसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं ‘उनका कोई उद्देश्य ऐसा नहीं है, हमारा उद्देश्य हमेशा सही करने का रहा है, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. अपनी हरकतो से बागेश्वर धाम और सनातन की छवि खराब न हो इसलिए वह वीडियो जारी किया था. बागेश्वर बालाजी सरकार और बागेश्वर महाराज जी के प्रति आस्था है. इसलिए उन्हें बिल्कुल भी ठेस न पहुंचाए. हमने केवल वह वीडियो माफी और सभी सनातनी हिंदू और साधु संतों से झमा मांगने के लिए जारी किया था. लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया है. आप लोग उस वीडियो पर यकीन न कर और न ही उसे फैलाएं. महाराजजी हिंदू एकता के कार्य में लगे हैं.’ शालिग्राम गर्ग ने क्या कहा? शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट 6 सेकंड का वीडियो जारी कर कहा, “उनकी ओर से किए जाने वाले कामों से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम की छवि धूमिल होती है, इसलिए उनका नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर नहीं लिया जाए.” उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, “भविष्य में उनकी ओर से किए गए किसी भी कार्य को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उनके सभी संबंध समाप्त हो चुके हैं.” पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का कई बार मारपीट और अन्य ऐसे मामलों में नाम सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है. इनमें टोल टैक्स पर मारपीट का एक प्रकरण भी शामिल है.  इसके अलावा कई बार अन्य विवादों की वजह से भी शालिग्राम गर्ग सुर्खियां बटोर चुके हैं. इन मामलों की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि पर प्रभाव पड़ता है. शायद यही वजह है कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से औपचारिक रूप से नाता तोड़ दिया है. छतरपुर में पर्चियां के माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं. उन्होंने हिंदुत्व को आगे बढ़ते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की भी मांग उठाई. उन्होंने हाल ही में बागेश्वर धाम से ओरछा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हिंदू सनातनी एकता यात्रा भी निकाली. इस माध्यम से हिंदुओं को जागरूक करने के साथ-साथ एकजुट करने की कवायद की गई है. बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी     बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी किया गया है कि सोमवार शाम से एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है कि पूज्य सरकार के अनुज शालिग्राम गर्ग जी ने संबंध विच्छेद कर लिए।     यहां लिखा गया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उनके भाव थे कि उनकी किसी गलती का जिम्मेदार पूज्य सरकार या बागेश्वर धाम पीठ ना माना जाए। कुछ मीडिया के बंधु इसे लगातार चला रहे हैं। उनसे अनुरोध है ऐसे किसी गलतफहमी से बचें।     इस वीडियो के माध्यम से शालिग्राम ने सभी कुछ स्पष्ट कर दिया है। बता दें शालिग्राम अक्सर मारपीट जैसे मामलों से विवादित रहे हैं। इससे पहले भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोपों से घिरे रहे हैं। भागवत कथा के समापन के बाद रविवार की रात्रि को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री टीकमगढ कोतवाली टीआई पंकज शर्मा के करैरा स्थित निवास पर पहुंचे। उनके निवास पर पहुंचकर सभी परिवार जनों से शास्त्री जी ने मुलाकात कर सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। जैसे ही करैरा वासियों को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के पंकज शर्मा के निवास पर पहुंचने की जानकारी मिली, तो हजारों श्रद्धालुओं का उनके निवास पर तांता लग गया।

वाहनों की थमी रफ्तार, छत्तीसगढ़-गौरेला पेंड्रा मरवाही में घने कोहरे के कारण घटी विजिबिलिटी

गौरेला पेंड्रा मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में सोमवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। इलाके में घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के चलते मौसम काफी खुशनुमा बना हुआ था। हालांकि घने कोहरे के चलते सड़कों पर विजिबिलिटी लगभग पांच मीटर के आसपास रह गई। कोहरे के चलते सड़कों पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार पर भी असर देखने को मिला। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में आज मौसम का बदला अंदाज देखने को मिला है। सुबह से पूरा जिला घने कोहरे की चादर से लिपटा रहा और इलाके में कोहरा इतना घना था कि विजिबिलिटी महज पांच मी ही रह गई थी। हालांकि, कल हल्का बूंदाबांदी भी कुछ जगहों में हुई थी। वहीं आने वाले दिनों में मौसम एक-दो दिनों ऐसा ही बने रहने की संभावना है। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को खूब रास आ रहा है। शानदार मौसम के लिए एक अलग पहचान रखने वाला गौरेला पेंड्रा मरवाही इलाके में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आज सुबह जब लोग घर से बाहर निकले तो मौसम देखकर ऐसा एहसास होने लगा। जैसे कि वह किसी हिल स्टेशन में हो पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था। कोहरा इतना घना था, वहीं कोहरे की वजह से सड़कों में वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। जिससे दिन के वक्त भी वाहन लाइट जलाकर चलने को विवश रहे। घने कोहरे की वजह से सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंच पा रही है। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को खूब रास आ रहा है। स्थानीय लोग बता रहे हैं। वहीं कोहरे के चलते सड़कों पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और लोग दिन में भी अपने वाहनों के लाइट जलाकर चला रहे है। वहीं मौसम जानकारों की मानें तो मौसम साफ होने के बाद एक बार फिर ठंड बढ़ेगी।

गीता जयंती विशेष: भगवद गीता का क्या महत्व है?

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर गीता शास्त्रों का सार है, इसलिए इसे उपनिषद भी कहा गया है। उपनिषद का अर्थ है वह जो पास बैठकर सुनाया जाए। जब तक कहने वाला और सुनने वाला दिल से पास नहीं आते, तब तक उनके बीच बहुत दूरी रहती है। कहने वाला कुछ कहता है, और सुनने वाला उसमें से अपने ही मतलब की बात निकाल लेता है। पहले पास आकर बैठें – अर्जुन बनें। अर्जुन का मतलब है – जिसमें ज्ञान की पिपासा हो, जो कुछ सीखना चाहता हो, जानना चाहता हो और मुक्त होना चाहता हो। जब आप अर्जुन बनेंगे, तभी कृष्ण मिलेंगे।   हम सभी का जीवन प्रश्न से शुरू होता है। तीन साल की आयु से बच्चे प्रश्न पूछना शुरू कर देते हैं। कहते हैं कि बिना पूछे जाने पर कुछ बोलना बुद्धिमत्ता का लक्षण नहीं है। इसी तरह, महाभारत की अभिन्न अंग भगवद गीता भी प्रश्न से शुरू होती है। युद्धभूमि में जब अर्जुन पूरी तरह से विषादग्रस्त हो चुका था और चारों ओर से अंधकार में घिरा हुआ था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उसे गीता का ज्ञान दिया। इसीलिए आज के समय में, जब चारों ओर दुःख, पीड़ा और संघर्ष है, तब भगवद गीता और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। एक बार महाभारत के युद्ध के बाद अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा, “हे कृष्ण! युद्ध के समय बहुत शोर-गुल था, मैं दुखी था और उस युद्ध के माहौल में आपने गीता सुनाई, लेकिन उस समय मुझे नहीं पता था कि मैं कितना समझ पाया। अब सब कुछ शांत है, सब लोग प्रसन्न हैं, और मुझे गीता सुनने का मन है। तो हे कृष्ण! आप अभी गीता सुनाइये।” भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया, “महाभारत के समय मुझसे गीता का जन्म हुआ था। उस समय मैंने जो भी कहा, मैं अब उसकी पुनरुक्ति नहीं कर सकता।” गीता को इतना महत्व दिया गया है; जैसे किसी संत का जन्म होता है, वैसे ही गीता का भी जन्म हुआ। यही कारण है कि गीता जयंती मनाई जाती है। गीता परमात्मा की वाणी है, पूर्णब्रह्म की वाणी है। गीता को योग की विद्या भी कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद गीता में योग के तीनों मार्गों – भक्ति, कर्म और ज्ञान – को मुक्ति का साधन बताया है। आजकल हम योग को केवल शारीरिक व्यायाम समझते हैं, लेकिन योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है। इसी तरह, प्राणायाम भी केवल सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है। व्यायाम और प्राणायाम दोनों जीवन के परम उद्देश्य की ओर जाने के मार्ग हैं। ये मानसिक तनाव को दूर करने और एकाग्रता बढ़ाने के साधन हैं। भगवान की वाणी – गीता – पाँच हजार साल से हमारे देश में है। यदि आप अमेरिका या अन्य देशों में जाएं और बाइबिल के बारे में पूछें, तो लोग कहेंगे कि वे उसे पढ़ चुके हैं। लेकिन हमारे देश में जब हम लोगों से पूछते हैं, “क्या आपने गीता पढ़ी है?” तो बहुत से लोग चुप हो जाते हैं। जीवन से दुःख को मिटाने के लिए ज्ञान से बढ़कर कुछ भी नहीं। इसलिए गीता पढ़ें और इसे सिर्फ एक बार पढ़ना काफी नहीं है, बार-बार इसका अध्ययन करें।

अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थी दौड़ के बाद मैदान में गिरकर हुआ बेहोश, तत्काल मुहैय्या कराया गया समुचित उपचार, लेकिन इलाज के दौरान हुई मृत्यु

डॉक्टरों और परिजनों ने बताया अभ्यर्थी सिकल सेल से था ग्रसित पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के साथ शव भेजा गया गृहग्राम, जिला प्रशासन के अधिकारी भी गए हैं साथ अंतिम संस्कार के लिए दी गई सहायता राशि, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रदान किया जाएगा 10 लाख रायगढ़, बोईरदादर स्टेडियम में जारी अग्निवीर भर्ती रैली के संबंध में, सेना के आयोजको के माध्यम से प्राप्त प्राथमिक जानकारी अनुसार, 09 दिसंबर 2024 सोमवार को मनोज कुमार साहू, पिता श्री अनिल कुमार साहू, उम्र 20 वर्ष, पता-ग्राम-खोरपा, ब्लॉक / तहसील – अभनपुर, जिला-रायपुर (छ.ग.) द्वारा, आर्मी भर्ती केन्द्र स्टेडियम रायगढ़ में प्रथम स्टेज 1600 मी. की दौड़ सफलता पूर्वक पूर्ण किया। प्रथम चरण पूर्ण करने के तत्काल पश्चात् अगले चरण में बायोमेट्रिक लगाने से पहले अचानक, मैदान में गिर गया।      अभ्यर्थी को तत्काल स्टेडियम में मौजूद जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल टीम के द्वारा मौके पर ही जांच किया गया। जिसमें मौके पर मौजुद चिकित्सको द्वारा प्रारंभिक जांच पश्चात् पाया गया कि अभ्यर्थी को सांस लेने में काफी दिक्क्त हो रही थी। अभ्यर्थी का SPO2 ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल लगातार कम हो रहा था, जिसके कारण अभ्यर्थी सचेत परंतु डिसओरीयेंटेड पाया गया। उसे तत्काल मेडिकल ऑक्सीजन प्रदाय के साथ प्राथमिक चिकित्सा प्रदाय करते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय, रायगढ़ रिफर किया गया। जहां अभ्यर्थी बेहोश अवस्था में लाया गया जिसे इन्ट्यूबेट एवं स्टेबल करते हुए हायर सेंटर मेडिकल कॉलेज, रायगढ़ भेजा गया। जहाँ रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के विशषज्ञो की टीम के द्वारा समुचित ईलाज किया गया। परंतु अभ्यर्थी की स्थिति अति गंभीर होने के कारण दिनांक 09 दिसंबर 2024 को रात्रि 11:35 बजे मृत्यु हो गई। परिजनो के कथनानुसार एवं चिकित्सको के जांच अनुसार यह पाया गया कि, अभ्यर्थी मनोज कुमाार साहू पूर्व से सिकलसेल बीमारी से ग्रसित था।      दिनांक 10 दिसंबर 2024 को प्रातःकाल में परिजनो की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सको की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके पश्चात् परिजन को शव सुपुर्द करके तहसीलदार एवं सीईओ जनपद के साथ गृह ग्राम खोरपा, तह-अभनपुर जिला रायपुर भेजा गया। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी 10 लाख रूपयें के आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।

गीता जयंती विशेष: सनातन संस्कृति की ध्वजा विश्व में फहरा रही गीता प्रेस

विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन है गीता प्रेस हितानंद  शर्मा धर्म स्थापना के लिए मानव इतिहास में हुए सबसे भीषण महायुद्ध के बीच भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है। श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, सनातन समाज के लिए नहीं बल्कि विश्व मानवता के शुभ के लिए ईश्वरीय संदेश है। गीता के माध्यम से व्‍यक्‍त‍ि स्‍वयं को जान सकता है और ईश्वरीय सत्ता का अनुभव भी कर सकता है। गीता जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह वही दिन है जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। गीता के ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य ‘गीता प्रेस गोरखपुर’ द्वारा पिछले 102 वर्षो से बिना रुके पूरे श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। भारत के घर-घर में श्रीमद्भगवत गीता और रामायण की प्रति पहुंचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। गीता प्रेस अब तक श्रीमद्भगवत गीता की 16 करोड़ 21 लाख प्रतियां प्रकाशित कर श्रद्धालु पाठकों तक पहुंचा चुका है। अब तक  41 करोड़ 71 लाख पुस्तकें छापकर विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान होने के बाद भी आश्चर्य की बात यह है कि गीता प्रेस न तो किसी से चंदा लेता है और न ही अपने प्रकाशनों में विज्ञापन ही स्वीकार करता है। जब वर्ष 2021 में गीता प्रेस को उसके उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार का गरिमामय ‘महात्मा गांधी शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया तो संस्थान ने पुरस्कार को पूरे सम्मान के साथ ग्रहण किया, पर इसके साथ प्रदान की जाने वाली एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी इस संस्थान के दर्शन के लिए आए थे। लागत मूल्य से 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर बहुमूल्य  पुस्तकें पाठकों तक पहुंचाने वाला गीता प्रेस वास्तव में सामाजिक-धार्मिक जागरण का एक आंदोलन ही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन धरा उत्तरप्रदेश का प्रवास तो पूर्व में भी होता ही रहा है किन्तु इसी वर्ष संयोग से संगठन के कार्य से मुझे गोरक्ष प्रांत यानी गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया। ऐसे में गोरखपुर में गोरक्ष पीठ सहित एक महत्वतपूर्ण तीर्थ गीता प्रेस के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। प्रकाशन का केंद्रीय कार्यालय गोरखपुर में ही है। हिन्दू  धर्म, अध्यात्म, दर्शन सहित मानव कल्याण के अनेक विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित कर चुका गीता प्रेस आधुनिक समय का तीर्थ ही है। राजा भागीरथ के महान तप से पुण्य प्रवाहिनी मां गंगा का धरती पर अवतरण संभव हो सका था। इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का प्रण पूर्ण किया था। इसी प्रकार गीता प्रेस के संस्थापक, ब्रह्मलीन श्री जयदयालजी गोयंदका के ऐसे ही महान तप का सुफल यह प्रकाशन है। वैसे तप तुलना का विषय नहीं है किन्तु  धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, भक्ति एवं मानवता के उद्धार के लिए गोयंदका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस आज भी पुण्य प्रवाहमयी ज्ञान सरिता है। गीता प्रेस के आदि संपादक श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ के उल्लेख के बिना गीता प्रेस की चर्चा पूर्ण नहीं होगी।  भाईजी वीर सावरकर के निकट के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अपने मौसेरे भाई जयदयालजी के अगाध गीता प्रेम एवं ज्ञान को देखते हुए भाईजी ने श्रीमद्भगवत गीता को लागत मूल्य से भी कम में जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस संकल्प की पूर्ति के लिए अपने एक प्रकाशन की आवश्यकता थी जो गोरखपुर में प्रारंभ हुआ। प्रचार-प्रसार से दूर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने सनातन संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो अतुलनीय योगदान दिया है, इतिहास में इसका उदाहरण मिलना कठिन है।   गीता  प्रेस  का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के सिद्धांतों को गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों, प्रख्यात संतों के प्रवचन एवं चरित्र-निर्माण की अन्य पुस्तकें-पत्रिकाएं प्रकाशित कर इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत में समाज में पहुंचाना है। गीता प्रेस मानव जीवन के उत्थायन और सभी की भलाई के लिए प्रयासरत है। इसका उद्देश्य शांति, आनंद और  मानव जाति के अंतिम उत्थान के लिए गीता में प्रतिपादित जीवन जीने की कला को बढ़ावा देना है। संस्थान का संचालन कोलकाता के गोविंद भवन द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन एक गवर्निंग काउंसिल (ट्रस्ट बोर्ड) करती है। गीता प्रेस में दिन की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होती है। एक व्यक्ति दिनभर घूम-घूम कर प्रत्येक कार्यकर्ता को कई बार भगवान का नाम स्‍मरण कराता है। गीता प्रेस के अभिलेखागार में भगवद् गीता की 100 से अधिक व्याख्याओं सहित 3,500 से अधिक पांडुलिपियां रखी हैं। गीता प्रेस के मासिक पत्रिका ग्रंथ ‘कल्याण’ के नए संस्करण के साथ 3000 से अधिक ऑनलाइन संग्रह उपलब्ध हैं। 4 मई 1923 को गीता प्रेस की स्थापना की गई थी तब पुस्तकें छापने का काम बोस्टन कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू किया गया था। पैरों से चलाई जाने वाली यह मशीन 500 रुपए में अमेरिका से मंगवाई गई थी। अब संस्थान आधुनिक संसाधनों का सदुपयोग करता है इसीलिए मैनुअल और मशीन दोनों माध्यमो से प्रकाशन का काम होता है। गीता प्रेस इन अर्थों में भी विश्व का अनूठा प्रकाशन है क्योंकि यह अपनी पुस्तकों में मात्रात्मक, व्याकरणिक, शाब्दिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि बताने वाले को पुरस्कृत करता है हालाँकि पुस्तकों में ऐसी त्रुटियां मिलती नहीं हैं। बीते वर्षों में मीडिया में इस प्रकार के समाचार आए थे कि गीता प्रेस आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बंद होने की कगार पर है किन्तु संस्थान के भ्रमण में यह भी जानने मिला कि स्थिति ऐसी नहीं है। समाज के सहयोग से गीता प्रेस 300 करोड़ रुपए वार्षिक टर्न ओवर वाला समृद्ध संस्थान है और प्रति वर्ष 17 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है। संस्थान ने अपनी पुस्तकें इंटरनेट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई हैं जहां से कोई भी इन्हें  डाउनलोड कर सकता है और यह पूरी तरह निशुल्क है। संस्थान का कार्यालय भी दर्शनीय है। इसके भव्य प्रवेश द्वार के स्तंभ एलोरा के प्राचीन गुफा-मंदिर के स्तंभों की शैली में निर्मित हैं। वहीं अर्जुन के रथ के सारथी बन श्रीकृष्ण गीता का उपदेश … Read more

प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा

महाकुंभ में भक्तों को ट्रेन बिलासपुर से मिले,पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से मिलकर रखी माँग बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेल महाप्रबंधक ने शीघ्र करेंगे दिया आश्वासन कुलियों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से की चर्चा,कुलियों की स्वास्थ्य सेवा,रोजी और बच्चों की पढ़ाई और यूनिफार्म की समस्या प्रमुख थी बिलासपुर बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी । आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे की मांग पर रेलवे जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने कहां है कि प्रयागराज में जो महाकुंभ होने वाला है उसमें बिलासपुर रेलवे जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, इसके लिए जल्द ही रेलवे बोर्ड से नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। जनवरी माह से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है उसके पहले ही छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए महाकुंभ में स्नान करने तथा यात्री सुविधा को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे जोन महा प्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की और महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग रखी । अब बिलासपुर जून के अंतर्गत बिलासपुर मुख्य स्टेशन,  सहित रायपुर, दुर्ग ,छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों से महाकुंभ स्पेशल ट्रेन की सुविधा लोगों कोमिलेगी। इससे कटनी मार्ग में गौरेला पेंड्रा मरवाही के भी श्रद्धालुओं को महाकुंभ जाने के लिए सीधे यात्री सुविधा मिलेगी।  पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक के प्रति आभार जताया और कहा है कि  प्रयागराज में महाकुंभ जो जनवरी माह में शुरू होने जा रहा है यहां के लोगों की आस्था है और यात्री सुविधा का लाभ यहां के लोगों को मिले इसके लिए ज़ोन महाप्रबंधक के द्वारा रेलवे बोर्ड के माध्यम से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर अच्छी पहल की जा रही है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल में बिलासपुर जोन में यात्री सुविधा का विस्तार हो रहा है और आने वाले समय में यात्री सुविधा का लाभ बिलासपुर के लोगों को मिलेगा ।पूर्व विधायक ने भरोसा दिलाया है कि नए साल में बिलासपुर के लोग जो महाकुंभ में स्नान करने जाएंगे स्पेशल ट्रेन चलने से उन्हें लाभ मिलेगा। वे खुद महाकुंभ में जाने की तैयारी कर रहे हैं। आज जोन महाप्रबंधक से पूर्व विधायक ने यात्री सुविधा विस्तार को लेकर,कई मुद्दों पर चर्चा की। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज कुलियों की समस्याओं को लेकर ज़ोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की। शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक को बताया कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर रेलवे स्टेशन में काम करने वाली कुलियों को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। रेलवे स्कूल में उनके बच्चों को  प्रवेश नहीं मिल रहा है ‌ । यहां के लगभग 200  कुलियों को वर्दी भी प्राप्त नहीं हो रही है। कुलियो के लिए कॉमन रूम भी उपलब्ध कराया जाए। बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर में 200 कुली  काम कर रहे हैं यह सभी गरीब परिवार से हैं।  रेलवे महाप्रबंधक मीनू इटियारा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे के द्वारा कुलियों के संदर्भ में लाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया है। और जल्द ही कुलियों की समस्याओं का समाधान जो महाप्रबंधक के द्वारा किया जाएगा। । पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक को बताया किबिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय के स्टेशन का सौंदरीकरण किया जा रहा है जिसमें कुलियों के लिए एक रूम की सुविधा दी जाये। कुलियों को साल में तीन बार वर्दी उपलब्ध कराई जाए। उनके परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा तथा रेलवे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध रेलवे के द्वारा किए जाने की मांग पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक के समक्ष रखी है। जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे से कहा है कि   कुलियों की समस्याओं को लेकर जल्द में वे निर्णयक लेगी ‌ कुलियों को समय पर वर्दी मिलनी चाहिए और कुलियों के बच्चों के लिए रेलवे स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए हुए पहल करेंगे।  साथ ही कुलियों के परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहल करेंगे। रेलवे कुली कल्याण समिति के सदस्यों से जल्द ही बातचीत होगी। महाप्रबंधक नहीं अभी कहां है कि कुली हमारे रेलवे परिवार के सदस्यहैं। उनके बच्चों को चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए।  दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति के  अध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ,अनिल कश्यप, अनुपा यादव,  जितेंद्र भारद्वाज, राजकुमार मनहर, नवरंगी जयकुमार, मुकेश कुमार बंजारे,विक्रम ध्रुव,रामचरण वस्त्रकर,  रामा राव, पूर्व विधायक शैलेश पांडे से मिलकर समस्या रखी थी और आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात कर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर के 200 से अधिक कार्यरतकुलियों की समस्या रखी।

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